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0:00आज मैं आपको ऐसे आठ बिजनेस आइडियाज
0:02बताऊंगा जिन्हें लोग अक्सर कम समझते हैं।
0:05लेकिन इनमें मुस्तकिल आमदनी की बहुत
0:07सलाहियत है और खासतौर पर नंबर चार, नंबर
0:10छह और नंबर आठ ऐसे बिजनेस [संगीत] हैं
0:12जिन्हें लोग बहुत ज्यादा नजरअंदाज करते
0:15हैं। सबसे पहले एक बात समझ लें। लोग किसी
0:18बिजनेस को छोटा क्यों समझते हैं? इसकी दो
0:20बड़ी वजूहात है। पहली वजह यह कि वो बिजनेस
0:23देखने में ज्यादा शानदार नहीं होता। और
0:25दूसरी वजह यह कि उसे करने से कोई खास
0:27रुतबा या शोहरत नहीं मिलती। लेकिन याद
0:29रखें पैसा रुतबे से नहीं डिमांड से आता है
0:32और जिन बिजनेसेस को लोग छोटा समझते हैं
0:34उनमें अक्सर डिमांड बहुत ज्यादा होती है।
0:37मुकाबला निस्बतन कम होता है और मुनाफे की
0:39गुंजाइश भी अच्छी होती है और यही तीन
0:42चीजें मिलकर एक अच्छा बिजनेस बनाती है।
0:44बिजनेस नंबर एक स्त्री और ल्ड्री सर्विस।
0:47यह सुनकर बहुत से लोग कहेंगे यह भी कोई
0:49बिजनेस है? जी हां, यह एक बहुत अच्छा
0:52बिजनेस है। पाकिस्तान के हर बड़े शहर में
0:54हजारों ऐसे मिलाजमत पेशा लोग हैं जिनके
0:56पास कपड़े धोने, स्त्री करने और ड्राई
0:59क्लीन करवाने का वक्त नहीं होता। यही मसला
1:02आपके लिए कारोबार का मौका बन सकता है। आप
1:04घर से भी इस काम का आगाज कर सकते हैं। एक
1:07अच्छी स्त्री, बुनियादी वाशिंग मशीन और
1:09जरूरी सामान से शुरुआत की जा सकती है। आप
1:12कपड़ों की स्त्री के फी कपड़ा चार्ज ले
1:14सकते हैं। ल्ड्री की सर्विस दे सकते हैं
1:16और मुस्तकिल ग्राहकों के लिए महाना पैकेज
1:19भी बना सकते हैं। मसलन अगर आपके पास 50
1:21मुस्तकिल ग्राहक हो और हर ग्राहक से महाना
1:24700 से ₹1000 लिए जाएं तो सिर्फ महाना
1:27पैकेट से 35 से ₹50 की आमदनी बन सकती है
1:31और सबसे अच्छी बात यह है कि यह बार-बार
1:33आने वाला कारोबार है। जब तक लोग कपड़े
1:36पहनते रहेंगे उन्हें ढलवाने और स्त्री
1:38करवाने की जरूरत भी रहेगी। बिजनेस नंबर दो
1:41कूरियर और पार्सल कलेक्शन पॉइंट।
1:43पाकिस्तान में ऑनलाइन खरीदारी का रुझान
1:46तेजी से बढ़ रहा है। रोजाना हजारों पार्सल
1:48मुख्तलिफ शहरों में पहुंचते हैं। लेकिन
1:50मसला यह है कि कई मर्तबा ग्राहक घर पर
1:53मौजूद नहीं होता। नतीजा पार्सल वापस चला
1:56जाता है या दोबारा डिलीवरी की जरूरत पड़ती
1:58है। आप एक छोटा सा पार्सल कलेक्शन पॉइंट
2:00बना सकते हैं। जहां लोग अपना पार्सल
2:03महफूज़ तरीके से वसूल कर सके। इसके लिए एक
2:06छोटी दुकान या मुनासिब जगह काफी हो सकती
2:08है। आप मुख्तलिफ कूरियर कंपनियों और
2:10ऑनलाइन कारोबार करने वालों के साथ काम कर
2:13सकते हैं। फी पार्सल मामूली फेस भी रखी
2:15जाए तो बड़ी तादाद में पार्सल आने की सूरत
2:18में अच्छी आमदनी बन सकती है। और एक इजाफी
2:21फायदा यह है कि जो लोग पार्सल लेने आएंगे
2:23वो आपकी दुकान से दूसरी चीजें भी खरीद
2:26सकते हैं। मसलन मोबाइल एक्सेसरीज, पैकिंग
2:28का सामान, स्टेशनरी या रोजमर्रा इस्तेमाल
2:31की चीजें यानी एक छोटा सा पार्सल पॉइंट
2:34आगे चलकर मुकम्मल कारोबारी मरकज बन सकता
2:37है। बिजनेस नंबर तीन, चाकू और कैंची तेज
2:40करने की सर्विस। यह पाकिस्तान के इंतहाई
2:43नजरअंदाज किए जाने वाले सर्विस बिजनेसेस
2:46में से एक है। हर घर में चाकू और कैंची
2:48होती है। रेस्टोरेंट, हज्जाम की दुकानों,
2:51दर्ियों और मुख्तलिफ वर्कशॉप्स में भी
2:54काटने वाले औजार इस्तेमाल होते हैं और
2:56वक्त के साथ यह सब कुंद हो जाते हैं। अगर
2:58आप अच्छी क्वालिटी का काम करते हैं और
3:01वक्त पर सर्विस फराहम करते हैं, तो
3:03मुस्तकिल ग्राहक बनाए जा सकते हैं। आप
3:05इब्तदाई तौर पर ₹000 के औजार लेकर इस काम
3:08का आगाज कर सकते हैं। घर-घर जाकर सर्विस
3:11देने का मॉडल भी बनाया जा सकता है। मसलन
3:13एक चाकू तेज करने के 30 से ₹50 और कैंची
3:17के 50 से ₹100 तक चार्ज किए जा सकते हैं।
3:20रेस्टोरेंट और हजम की दुकानों के साथ
3:22महाना मुआयदे भी किए जा सकते हैं। यह
3:24कारोबार इसलिए खास है क्योंकि औजार एक
3:27मर्तबा कुंद होने के बाद दोबारा तेज
3:30करवाने पड़ते हैं। बिजनेस नंबर चार
3:32बुजुर्ग अफराद के लिए घर का खाना। यह वह
3:34कारोबार है जिसे लोग शायद सबसे ज्यादा
3:37नजरअंदाज करते हैं। लेकिन पाकिस्तान में
3:39भी बहुत से बुजुर्ग अफराद ऐसे हैं जो
3:42अकेले रहते हैं या रोजाना खाना बनाने में
3:44मुश्किल महसूस करते हैं। खासतौर पर वह
3:46खानदान जिनके बच्चे दूसरे शहरों या बैरून
3:49मुल्क रहते हैं उनके लिए एक काबिल एतमाद
3:52खाने की सर्विस बहुत कीमती हो सकती है। आप
3:54घर से साफ सुथरा, सादा और फिजाइयत से
3:57भरपूर खाना तैयार करके बुजुर्ग अफराद तक
4:00पहुंचा सकते हैं। मसलन दाल, सब्जी, चावल,
4:03[संगीत] रोटी, सालन और दूसरी घरेलू
4:05फिजाएं। आप महाना पैकेज बना सकते हैं।
4:08मसलन एक ग्राहक से 3000 से ₹5,000 महाना।
4:11अगर आपके 20 मुस्तकिल ग्राहक बन जाए तो 60
4:14से ₹10000 तक महाना आमदनी की गुंजाइश पैदा
4:18हो सकती है। पौधों की नर्सरी और इनडोर
4:21प्लांट्स आजकल घरों, दफातिर, दुकानों और
4:24बालकोनियों में पौधे रखने का रुझान बढ़
4:27रहा है। लेकिन लोगों को अच्छी क्वालिटी के
4:29पौधे, खूबसूरत गमले और सही रहनुमाई हमेशा
4:32आसानी से नहीं मिलती। यही आपका कारोबारी
4:35मौका है। आप ₹4000 से छोटे पैमाने पर
4:38पौधों का स्टॉक लेकर शुरुआत कर सकते हैं।
4:41गमले, मिट्टी, खाद और बुनियादी सामान
4:44रखें। फिर WhatsApp, Facebook और
4:46Instagram के जरिए अपने इलाके में फरोख्त
4:48शुरू करें। आप आम पौधों के साथ खूबसूरत
4:51[संगीत] गिफ्ट प्लांट्स और घर या दफ्तर के
4:53लिए पौधों की सजावट भी फराहम कर सकते हैं।
4:56सबसे बेहतरीन मौका महाना प्लांट केयर
4:59सर्विस में है। मसलन दफातिर, क्लीनिक्स,
5:01होटलों और दुकानों में पौधे लगाएं और हर
5:04माह उनकी देखभाल के पैसे लें। इस तरह एक
5:07ग्राहक से एक मर्तबा पैसा लेने के बजाय हर
5:10माह आमदनी हासिल की जा सकती है। बिजनेस
5:12नंबर छह। कार और मोटरसाइकिल डिटेलिंग
5:15सिर्फ कार धोना और कार की मुकम्मल सफाई
5:17करना एक जैसी चीज नहीं है। डिटेलिंग में
5:20गाड़ी की गहरी सफाई, अंदरूनी सफाई, पॉलिश,
5:23सीटों की सफाई और गाड़ी की जाहिरी हालत
5:25बेहतर करना शामिल होता है। आप घर से या
5:28मोबाइल सर्विस के तौर पर भी इस काम का
5:30आगाज कर सकते हैं। इब्तदाई तौर पर सफाई का
5:32सामान, वैक्यूम क्लीनर, पॉलिश मशीन और
5:35दूसरी जरूरी चीजें दरकार होंगी। आप
5:37बुनियादी डिटेलिंग के ₹1500 से ₹3000 तक
5:40चार्ज कर सकते हैं। जब आपका काम मशहूर हो
5:42जाए तो मुकम्मल डिटेलिंग के 3000 से ₹8000
5:46या इससे भी ज्यादा चार्ज किए जा सकते हैं।
5:48अगर रोजाना सिर्फ दो या तीन गाड़ियों का
5:51काम मिल जाए तो अच्छी महाना आमदनी बन सकती
5:54है और ग्राहक चंद महीनों के बाद दोबारा भी
5:57आता है। बिजनेस नंबर सात घर के बने अचार,
6:00चटनियां और मरब्बे। यह ऐसा कारोबार है
6:03जिसकी डिमांड पाकिस्तान में हमेशा रहने की
6:05सलाहियत रखती है। आम का अचार, मिक्स अचार,
6:08लहसुन का अचार, चटनियां, मरब्बे और घर की
6:11दूसरी रवायती चीजें। बहुत से लोग घर के
6:14बने हुए खालिस और रवायती जायके को तरजीह
6:16देते हैं। आप अपनी किचन से छोटे पैमाने पर
6:19आगाज कर सकते हैं। चंद000 में खाम माल,
6:22जार और पैकिंग का सामान लेकर छोटी मिकदार
6:25में प्रोडक्शन शुरू करें। फिर अपने
6:27इर्द-गिर्द के लोगो, WhatsApp ग्रुप्स,
6:29Facebook और Instagram के जरिए फरोख्त
6:31करें। अगर आपकी क्वालिटी अच्छी हो, पैकिंग
6:34साफ सुथरी हो और जायका मुस्तकिल रहे तो
6:37लोग दोबारा आर्डर करेंगे। जूस और सेहतमंद
6:40मशरूबात का स्टॉल। यह सादा नजर आने वाला
6:42लेकिन बहुत अच्छा कारोबार हो सकता है।
6:44ताजा जूस, गने का रस, लींबू पानी,
6:47मिल्कशेक और दूसरे ताजा मशरूबात की डिमांड
6:50हमेशा मौजूद रहती है। लेकिन इस कारोबार
6:53में सबसे अहम चीज जगह है। अगर आपका स्टॉल
6:56किसी मशरूफ मार्केट, कॉलेज, [संगीत]
6:58स्कूल, दफ्तर, हस्पताल या मेन रोड के करीब
7:01हो तो ग्राहकों की तादाद बहुत ज्यादा हो
7:03सकती है। आप एक छोटे जूस स्टॉल से शुरुआत
7:06कर सकते हैं। अगर एक गिलास की कीमत औसतन
7:09₹100 हो और रोजाना 100 गिलास फरोख्त हो तो
7:12रोजाना की फरोख्त ₹10,000 तक पहुंच सकती
7:15है। अलबत्ता असल मुनाफे निकालते वक्त फल,
7:18बर्फ, बिजली, किराया, मुलाजिम और दूसरे
7:20अखराजात भी जरूर शामिल करें। आखिर में एक
7:23बहुत अहम बात पैसा कारोबार के साइज से
7:26नहीं आता। पैसा अच्छे अमल, मुस्तकिल
7:28मिजाजी और डिमांड से आता