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0:00आंखों पर चश्मा, दमदार, आवाज। कौन है यह
0:02लड़की जिसने उड़ा रखी है बीजेपी की नींद।
0:05जब खामोश रहता है पूरा देश तब इस लड़की की
0:07दहाड़ से हिल जाती है सरकार। जानिए कौन है
0:10नेहा बोरा। आज देश के कोने-कोने में सोशल
0:12मीडिया के रील से लेकर संसद के गलियारों
0:14तक इसी एक नाम की गूंज है। एक ऐसी लड़की
0:17जिसकी उम्र अभी बहुत ज्यादा नहीं है।
0:20लेकिन उसकी आंखों की चमक और उसकी आवाज की
0:22खनक ने देश की सियासत में एक नया तूफान
0:25खड़ा कर दिया है। जब बड़े-बड़े सुरमा चुप
0:27बैठ जाते हैं। जब नामी गिरामी चेहरे किसी
0:30मुद्दे पर बोलने से कतराते हैं। तब यह
0:32लड़की जंतरम-मंतर की तपती सड़क पर बैठकर
0:35सत्ता के सबसे ऊंचे सिंहासनों को चुनौती
0:37दे रही होती है। मूल रूप से उत्तराखंड की
0:40वादियों से ताल्लुक रखने वाली नेहा बोरा
0:42ने अपनी स्कूली पढ़ाई और बचपन का एक
0:44हिस्सा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी
0:47बिताया। वो कोई पारंपरिक नेता नहीं है।
0:49नहीं उनके पीछे किसी बड़े राजनीतिक घराने
0:51का हाथ है। वह एक आम छात्रा हैं जिन्होंने
0:54थिएटर की दुनिया से अपनी बात को कहने की
0:56कला सीखी। दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई
0:58करने के बाद उन्होंने बी आर अंबेडकर
1:00यूनिवर्सिटी से अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की
1:02और फिलहाल वो देश की सबसे चर्चित
1:05यूनिवर्सिटीज में से एक जेएनयू यानी कि
1:07जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ
1:10आर्ट एंड एस्थेटिक्स से अपनी पीएचडी पूरी
1:12कर रही हैं। लेकिन उनकी पहचान सिर्फ
1:15किताबों और रिसर्च पेपर तक सीमित नहीं
1:17रही। वह ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन यानी
1:20आयशा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी और देखते
1:22ही देखते देश के छात्र आंदोलन का सबसे
1:25बड़ा चेहरा बन गई। नेहा बोरा की यह दहाड़
1:28तब और ज्यादा बुलंद हुई जब साल 2026 में
1:30देश के भीतर मेडिकल की सबसे बड़ी परीक्षा
1:33नीट और नेट के पेपर लीक का मामला सामने
1:35आया। लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग
1:38गया। चारों तरफ मायूसी और गुस्सा था। इसी
1:40दौरान सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी
1:43यानी सीजेपी नाम से एक बड़ा नेटवर्क तैयार
1:46हुआ जिसका मकसद छात्रों के हक के लिए
1:48लड़ना था। नेहा बोरा ने इस आंदोलन की कमान
1:50अपने हाथों में ली और दिल्ली के जंतरमंतर
1:53को अपना घर बना लिया। उन्होंने सिर्फ भाषण
1:55नहीं दिए बल्कि सत्ता की नींद उड़ाने के
1:58लिए एक ऐसा रास्ता चुना जिस पर चलने की
2:00हिम्मत हर किसी में नहीं होती। उन्होंने
2:02लद्दाख के मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम
2:05वांगचुक के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन भूख
2:08हड़ताल शुरू कर दी। 1 दिन 2 दिन 5 दिन
2:11करते-करते अनसन पूरे 23 दिनों तक चला। इन
2:1423 दिनों में नेहा ने अन्न का एक दाना तक
2:16नहीं चखा। दिन पर दिन उनका शरीर कमजोर
2:19होता गया। डॉक्टरों की टीम हर रोज बुलेटिन
2:21जारी करती रही कि नेहा का वजन करीब 7.5
2:24किलो कम हो चुका है। उनका ब्लड प्रेशर
2:26लगातार गिर रहा है और उनकी जान को गंभीर
2:29खतरा है। प्रशासन ने कई बार उन्हें जबरन
2:31उठाने की कोशिश की लेकिन नेहा के इरादे
2:34फौलादी थे। उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक
2:36शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और जब तक
2:38छात्रों को इंसाफ नहीं मिलता वह अपनी जगह
2:40से 1 इंच भी नहीं हिलेंगे। इस 23 दिनों के
2:42अनशन ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया।
2:44जंतरमंतर पर नेताओं और मशहूर हस्तियों का
2:47तांता लग गया। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद
2:49केजरीवाल से लेकर चंद्रशेखर आजाद तक हर
2:52कोई नेहा के जज्बे को सलाम करने पहुंचा।
2:54बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी
2:57खुद जंतरमंतर पर आई और नेहा की बिगड़ती
2:59हालात को देखते हुए उन्होंने अपने हाथों
3:01से जूस पिलाकर इस ऐतिहासिक अनशन को खत्म
3:05करवाया। नेहा की इस जिद ने सरकार को
3:07रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया।
3:09नेहा की सबसे बड़ी ताकत उनका बात करने का
3:12अंदाज है। वह आज के युवाओं यानी झंझट की
3:15भाषा बोलती हैं। जहां पुराने जमाने के
3:17नेता लंबे चौड़े और उबाऊ भाषण देते हैं।
3:19वहीं नेहा बोरा अपनी बातें रखने के लिए
3:22Instagram रील्स, मीम्स और डार्क ह्यूमर
3:24का सहारा लेती हैं। वह गंभीर से गंभीर
3:26राजनीति और सामाजिक मुद्दों को इतने
3:28मजेदार और चुटले अंदाज में सोशल मीडिया पर
3:31पेश करती हैं कि युवा उनकी तरफ खींचे चले
3:33आते हैं। अनशन के दौरान भी जब उनके हाथ
3:36में ड्रिप लगी हुई थी। तब भी वह वीडियो
3:38बनाकर सरकार की नीतियों पर तंज कस रही थी।
3:41जब पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज
3:43किया तो नेहा ने घबराने या पीछे हटने के
3:46बजाय मंच संभाला और एक ऐसा ओजस्वी भाषण
3:48दिया जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो
3:51गया। उन्होंने भरी महफिल में कहा कि हमारी
3:53चोटें इस बात की गवाही देंगी कि हुकूमत ने
3:56छात्रों के साथ क्या सुलक किया है। उनके
3:58इस एक भाषण ने पूरे देश के युवाओं में जोश
4:00भर दिया। विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल
4:03गांधी ने भी उनके इस हौसले को सराहा और
4:05उनके साथ मिलकर एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
4:08की जिससे साफ हो गया कि नेहा बोरा अब
4:10सिर्फ एक छात्र नेता नहीं रही बल्कि
4:13राष्ट्रीय राजनीति का एक अहम केंद्र बन
4:15चुकी हैं। आंखों पर चश्मा लगाए हाथ में
4:17माइक थामे और चेहरे पर बिना किसी खौफ के
4:20जब नेहा बोरा बोलती हैं तो ऐसा लगता है कि
4:22देश की सोई हुई चेतना जाग उठी है।
4:24उन्होंने साबित कर दिया कि अगर आपके इरादे
4:26सच्चे हो और आपकी आवाज में दम हो तो बिना
4:29किसी सत्ता या पैसे के बल पर भी सरकार की
4:32नींव को हिलाया जा सकता है। नेहा बोरा आज
4:34के दौर की वो आवाज है जिसे
4:36[गला साफ़ करने की आवाज़] सत्ता चाहकर भी
4:37दबा नहीं सकती और यही वजह है कि आज की हर
4:39तरफ बस इसी लड़की के हौसले की चर्चा