Full transcript
0:02[संगीत]
0:10जय श्री कृष्णा एवरीवन स्वागत है आपका आज
0:12के देश एस्ट्रोलॉजी में। कृष्ण इज़
0:13हैप्पीनेस। कृष्ण ही खुशी है जैसे मैं
0:15हमेशा कहता हूं। हम लोग दोस्तों आज बात
0:18करेंगे एक इंपॉर्टेंट
0:20इंटरेस्टिंग और इनेटिव वीडियो पे टॉपिक पे
0:24जिसका संबंध है हमारे पास्ट लाइफ कनेक्शंस
0:29से रिलेटेड और उसमें केतु क्या भूमिका
0:32निभाता है हम लोग उसके बारे में बात
0:34करेंगे। वीडियो स्टार्ट करने से पहले चैनल
0:36को सब्सक्राइब अवश्य कर दीजिए, लाइक करिए,
0:38कमेंट करिए, सपोर्ट करते रहिए। जैसे आप
0:41लोग कर रहे हैं। उसके लिए अति आभार है आप
0:43लोगों का। नोटिफिकेशन बेल अवश्य पुश कर
0:45दीजिएगा ताकि मेरे द्वारा पोस्ट किए गए
0:47वीडियोस आपको समय-समय पे मिलते रह। डबल
0:50रिक्वेस्ट है नोटिफिकेशन बेल अवश्य पुश कर
0:53दीजिएगा। जिनको पर्सनल कंसल्टेशंस लेनी है
0:55अपने जीवन के बारे में, प्रोफेशन के बारे
0:58में, किसी प्रकार की हेल्थ प्रॉब्लम्स के
1:00बारे में जो कभी भगवान किसी के ऊपर ना
1:02लेके आए। संतान के बारे में, अपने
1:05फाइनेंससेस के बारे में अवश्य मुझे संपर्क
1:07कर सकते हैं। बहुत आसान है। मेरे नंबर्स
1:10वीडियो में फ्लैश होते रहते हैं। वीडियो
1:12के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में नीचे दिए रहते
1:14हैं। आप मुझे ईमेल के थ्रू संपर्क कर सकते
1:16हैं। इतना ध्यान रखिएगा बंधुओं, पर्सनल
1:19कंसल्टेशंस पेड होती हैं। जिनको ज्योतिष
1:23विद्या सीखनी हो, जिनको न्यूमरोलॉजी सीखनी
1:25हो, वास्तु शास्त्र सीखना है, स्वागत है।
1:28अवश्य सीख सकते हैं। इन्हीं नंबरों पर
1:30कांटेक्ट करके फीस के बारे में, ड्यूरेशन
1:33के बारे में, कोर्सर्सेस के बारे में पता
1:35कर सकते हैं बहुत आसानी से। दोस्तों, हम
1:38सब लोगों को यह पता है कि हम लोगों की जो
1:41लाइफ होती है, इन जनरल भी अगर हम लोग बात
1:43करें, कई बार ऐसा लगता है कि हम लोगों का
1:46किसी के साथ कनेक्शन बहुत ज्यादा होता है।
1:49और कभी-कभी ऐसा भी होता है लाइफ में हमारे
1:51कोई लोग आते हैं कुछ पीरियड के लिए। वो
1:54हमारी मदद करते हैं और विलुप्त हो जाते
1:58हैं गोपाल कृष्ण की कृपा से जैसे कोई उसी
2:00प्रकार के लोग आए हो देवीय हमारे जीवन में
2:04बड़ा एक पॉजिटिविटी देके जीवन में हम
2:06लोगों को कष्टों से उबार के निकल जाते
2:08हैं। और कई बार छोटे पीरियड के लिए ही अगर
2:12कहा जाए कुछ ऐसे लोग जीवन में आ जाते हैं
2:15तो जो जीवन में हमारा जो है वो तहस-नहस कर
2:18देते हैं या हमको बिल्कुल विपरीत
2:20स्थितियां अपने जीवन में दिखा देते हैं।
2:23जिसको कहा जाए कि दिन में तारे हम लोगों
2:25को नज़र आ जाते हैं। तो कुछ इस तरीके के
2:27लोग भी आते हैं। तो हमेशा इन जनरल भी अगर
2:30आप देखेंगे तो ये पाएंगे कि ये एक सिलसिला
2:33हमारी पूरी लाइफ में चलता रहता है। कुछ एक
2:36लोग हमारे लाइफ के इंपॉर्टेंट वो हमेशा
2:39बने रहते हैं। कुछ हमारे लाइफ के
2:42इंपॉर्टेंट लोग ही जो बाय हम लोगों को
2:45जन्म मिलते हैं। जैसे माता हैं, पिता हैं,
2:47भाई हैं, बंधु हैं, बहनें हैं। यह सारे
2:50चाहे वह हमारे अपने रिश्ते हैं, लेकिन आप
2:52देखेंगे उनसे हमारा डिस्टेंस हो जाता है।
2:55हम उनसे दूर हो जाते हैं किसी कारणवश। अब
2:58इसीलिए इस बात को और यूं कह लीजिए बल
3:02मिलता है कि हम लोग सब लोग जो है पास्ट
3:04लाइफ के कनेक्शन से या रिश्तों से बंधे
3:08हुए हैं। और देखिए जब पास्ट लाइफ की बात
3:10आती है, रिश्तों की बात आती है,
3:12कनेक्टिविटी की बात आती है। इसमें हम लोग
3:14अगर विवाह का भी देखते हैं किसी भी, किसी
3:17के चार्ट में, तो ये बहुत इंपॉर्टेंट चीज
3:20है। इस चीज़ों को मार्क करना और देखना इससे
3:22हमको एक जिसको कहा जाए आपस में रिश्ते
3:25निभाने में या किस प्रकार की हमको
3:27प्रॉब्लम्स आ सकती है या किस लेवल का वो
3:30रिश्ता हो सकता है किसी भी व्यक्ति के साथ
3:34हम लोगों को देखिए ये पता चलता है और सबसे
3:37इंपॉर्टेंट प्लेनेट हम सब जानते हैं कि जो
3:40हमारे पास्ट लाइफ से कनेक्टेड है। हमारे
3:42पास्ट हिस्ट्री से कनेक्टेड है। हमारे ऐसे
3:45विचारों से कनेक्टेड है जो पुराने समय से
3:48चले आ रहे हैं। चाहे हमारे ट्रेडिशन हैं,
3:51चाहे हमारे घर के संस्कार हैं। ये सारे जो
3:53हैं वो देखिए केतु महाराज के अंडर हैं। तो
3:56केतु महाराज एक पास्ट का प्लनेट माने जाते
3:59हैं और दीर्घ भी है, दीर्घायु भी है। सबसे
4:03प्लनेट्स में ग्रहों में सबसे उम्र जो है
4:06ज्यादा केतु महाराज की ही है। इसीलिए केतु
4:08महाराज को सब पता होता है। यूं कहा जा
4:11सकता है। केतु महाराज और राहु महाराज का
4:15एक बहुत इंटरेस्टिंग टॉपिक और है। इसके
4:18ऊपर एक और अवश्य बाद में एक वीडियो अवश्य
4:21बनाऊंगा जो यह कहता हुआ नजर आता है कि
4:26केतु जानता है कि सब क्या हो चुका है और
4:30राहु क्या कर रहा है। कहने का मतलब है
4:32केतु को यह पता होता है कि राहु इस समय
4:36कौन सी पोजीशंस क्रिएट कर रहा है जीवन में
4:39क्योंकि वही राहु कल को एक इतिहास बनाने
4:42वाला है। एक पास्ट बनाने वाला है और वो
4:45पास्ट केतु है तो केतु उस चीज को जानता है
4:48कि राहु किस प्रकार से फंक्शन कर रहा है
4:51और राहु महाराज जानते हैं के जो वो काम कर
4:55रहे हैं उसका नतीजा क्या होने वाला है
4:58क्योंकि वही पास्ट बनता है जिसको कहा जाए
5:01तो एक तरीके से केतु महाराज जानते हैं कि
5:04राहु या फ्यूचर में क्या होने वाला है
5:06क्योंकि उनको पास्ट के एक्सपीरियंसेस हैं।
5:09तो, हम लोग यहां पे बात कर रहे हैं पास्ट
5:11लाइफ़ के कनेक्शंस की, हमारे रिश्तों की।
5:14उसमें हम लोगों को कौन-कौन से चैलेंजज़ आते
5:16हैं या हम लोग कैसे समझ सकते हैं बेटर
5:19तरीके से? तो देखिए, एक बात यह याद
5:21रखिएगा। किसी की भी जातक की पत्रिका में
5:24मान लीजिए एक हम लोग अगर बात करें लाइफ़
5:27पार्टनर्स की। अगर किसी एक लाइफ़ पार्टनर
5:30की पत्रिका में मालूम पड़ा केतु बैठा हुआ
5:32है मिथुन राशि में। और दूसरे की पत्रिका
5:35में मिथुन राशि में मान लीजिए चंद्र देव
5:38बैठे हुए हैं। तो ऐसे संबंध में केतु और
5:43मून दोनों का अब ये मान लीजिए कि पास्ट
5:46लाइफ कनेक्शन हो जाता है। अब इसको हम लोग
5:49देखेंगे कैसे या हम लोग इसको इंटरप्रेट
5:52कैसे करेंगे? देखिए बहुत सारे पॉइंट्स हैं
5:54इसमें। लेकिन इंपॉर्टेंट चीज़ मैं यहां पे
5:56यह बताना चाहता हूं। जब इस तरीके से
5:59ओवरलैपिंग होती है। जैसे किसी की पत्रिका
6:02में केतु बैठे हुए हैं कर्क राशि में और
6:04मान लीजिए किसी दूसरे के लाइफ पार्टनर की
6:07पत्रिका में सूर्य बैठे हुए हैं कर्क राशि
6:10में उनकी पत्रिका में। अब यहां पे जो केतु
6:13का कॉम्बिनेशन पास्ट लाइफ का बन के आ रहा
6:16है, वह सूर्य से बनके आ रहा है। तो पहला
6:18पॉइंट क्या है? कि केतु जिस भी राशि में
6:22बैठे होंगे किसी की पत्रिका में उस राशि
6:25में कौन सा प्लनेट बैठा हुआ है दूसरे
6:28व्यक्ति की राशि में वो आपको उन दोनों के
6:32बीच का पास्ट लाइफ का कनेक्शन बताएगा। यह
6:36हस्बैंड वाइफ के लिए ही नहीं लाइफ
6:38पार्टनर्स के लिए नहीं सबके साथ आप देख
6:41सकते हैं। क्योंकि हम सब लोग किसी ना किसी
6:44ऋण अनुबंधन रिश्तों से जुड़े हुए हो। चाहे
6:46पिता हो, चाहे हमारी मां हो, ब्रदर्स हो,
6:49कोई जने हो। हम लोग अगर उनका चार्ट उठाके
6:51देखेंगे तो देखेंगे कि हां हमारा केतु
6:53यहां बैठा है। उनकी पत्रिका में उस साइन
6:56में कौन सा प्लनेट बैठा हुआ है और हम
6:59लोगों के बीच में किस प्रकार का रिश्ता
7:01है। इससे हम लोगों को यह समझ में आता है।
7:03अब जैसे किसी की पत्रिका में मान लीजिए
7:05केतु बैठा हुआ है किसी भी राशि में और उसी
7:08ही राशि में मान लीजिए चंद्रमा बैठा हुआ
7:12है। किसी दूसरे की पत्रिका में। अब यहां
7:15पे क्या रिलेशन है? एक कहीं ना कहीं
7:17इमोशनल जिसको कहा जाए मन से जुड़ने वाला
7:21रिश्ता होता है। अगर सुंदर तरीके से हम
7:24लोग उसको इंटरप्रेट कर रहे हैं। पत्रिका
7:26में चंद्रमा अच्छी पोजीशन में बैठा हुआ
7:28है। केतु अच्छी पोजीशन में बैठा हुआ है।
7:31तो यह आप कह सकते हैं एक मन का रिश्ता है।
7:34एक इमोशनल रिश्ता है। एक नचरिंग है। एक
7:38मदरली जिसको कहा जाए अफेक्शन का रिश्ता
7:41यहां पे आता है। यहां पे एक दूसरे के साथ
7:44क्लोज बॉन्ड होता है कि हम दूसरे को एक
7:47प्रकार से इजी फील कराएं। उसकी देखभाल
7:51करें। उसका नरिशमेंट नर्चरिंग इस तरीके का
7:54भाव रहता है कि उसको हम सुख प्रदान कर
7:57पाएं। यह एक्चुअल रिश्ता है। जब किसी की
8:00पत्रिका में केतु बैठा होगा किसी राशि में
8:02मान लीजिए और चंद्रमा उसी राशि में दूसरे
8:05पार्टनर का बैठा होगा। तो देखिए यह रिश्ता
8:08बनके आता है यहां पे। यहां पे बात फर्क
8:11कैसे हो जाती है या हम यह कैसे जान सकते
8:14हैं कि ये रिश्ता अच्छे से रहेगा या किसी
8:17प्रकार का फ्रिक्शन हो सकता है। देखिए यह
8:20बहुत सरल है। पत्रिका में दूसरे पार्टनर
8:23की पत्रिका में मान लीजिए चंद्रमा जो है
8:26शुभ प्लेनेट है। वह राशि शुभ है। उसके लिए
8:30शुभ स्थानों में बैठा हुआ है। वह अगर अपनी
8:33पत्रिका में तो यह एक सपोर्टिव रिश्ता
8:36होगा। या जिसको कहा जाए कि पास्ट लाइफ से
8:39चला आ रहा है और एक प्रकार का इमोशनल
8:42सपोर्ट हमको प्रदान करने के लिए आया है।
8:45अब उदाहरण के तौर पे किसी की पत्रिका में
8:47केतु बैठा हुआ है मान लीजिए मिथुन राशि
8:50में और चंद्र देव मिथुन राशि में किसी के
8:52बैठे हुए हैं। लग्न है वृश्चिक। अब मालूम
8:55पड़ा चंद्र देव अष्टम स्थान में बैठे हुए
8:58हैं। मिथुन राशि में। अब आप यहां पे समझ
9:02सकते हैं कि रिश्ता किस प्रकार का हो सकता
9:05है दोनों के बीच में। क्यों? क्योंकि
9:08आठवां स्थान आ गया। वहां पे हर प्रकार का
9:11आप ये समझ लीजिए परेशानी, कष्ट, इमोशनल
9:14टर्बुलेंस, ट्रांसफ़ेशंस कई चीजों को लेके।
9:17तो एक प्रकार से ये गलत हो जाता है।
9:20जिसमें कहा जाए टफ हो जाता है। तो पता
9:22चलता है पास्ट लाइफ से ही एक दूसरों के जो
9:26मनस है या मन है जिसको अब एक तरीके से
9:30पेबैक पीरियड है। दूसरों को कष्ट होगा।
9:32मनों को कष्ट हो सकता है जिसको कहा जाए।
9:35तो इस तरीके से देखिए हम आ सकते हैं। किसी
9:38की पत्रिका में अगर केतु किसी भी राशि में
9:40बैठा हुआ है और दूसरे पार्टनर की यहां पे
9:43दूसरे पार्टनर का मतलब लाइफ़ पार्टनर तो है
9:46ही। लेकिन हम किसी के साथ भी यह
9:48कॉम्बिनेशन अपना देख सकते हैं। किसी की
9:51दूसरे की पत्रिका में मान लीजिए सूर्य
9:53महाराज बैठे हुए हैं उसी राशि में जिस
9:55राशि में केतु बैठा हुआ है। अब यहां पे
9:58क्या हो जाता है? एक पास्ट लाइफ का
10:01कनेक्शन होता है कि किसी प्रकार का कोई
10:03फादरली एक तरीके से प्रोटेक्शन आ जाता है।
10:07कहीं एक अथॉरिटी कहीं एक डोमिनेंस वाली
10:11पॉइंट इन चीजों में आ जाता है। वह एक
10:14प्रोटेक्टिव वे में बहुत अच्छा है जिसको
10:16कहा जाए। जैसे मैंने कहा है ये बताएगा इस
10:19तरीके का पास्ट लाइफ कनेक्शन कि हां ये
10:22खराब घरों में अगर बन रहा है दूसरे
10:25पार्टनर की पत्रिका में जैसे मैंने आपको
10:26अभी उदाहरण दिया कि चंद्रमा मान लीजिए
10:29अष्टम स्थान में बैठा हुआ है तो ऐसी
10:31स्थिति में जो इमोशनल स्ट्रेस है वो बहुत
10:33ज्यादा होने वाला है फिर दोनों के बीच में
10:36ऐसे लोगों के बीच में और अगर जैसे मैंने
10:39आपको बताया कि अब जैसे केतु और सूर्य है
10:42कि किसी की पत्रिका में मान लीजिए केतु
10:44बैठा हुआ है मिथुन राशि में ही बै बैठा
10:46हुआ है और सूर्य महाराज भी मिथुन राशि में
10:49बैठे हुए हैं। लग्न है कन्या दूसरे
10:52व्यक्ति का। सूर्य महाराज 10वें स्थान में
10:54बैठे हुए हैं। ये एक बहुत सुंदर पोजीशन हो
10:57जाती है कि एक प्रकार का जो दोनों आपस में
11:00हैं। एक प्रकार का सोल लेवल से जुड़े हुए
11:03हैं। एक दूसरे को प्रोटेक्ट करने के लिए।
11:06एक दूसरे को एक तरीके से सुरक्षा प्रदान
11:09करने के लिए। एक दूसरे की
11:11रिस्पांसिबिलिटीज लेने के लिए। अब यहां पे
11:14काम में एक दूसरे की मदद करेंगे। पास्ट
11:16लाइफ के कनेक्शन की वजह से काम में एक
11:19दूसरे का जो मत है वह भी एक होगा। तो कहने
11:23का मतलब है फिर फिर ये कॉम्बिनेशन सुंदर
11:25बन जाता है। जैसे कहा जाता है कि एक तरीके
11:28का मान के चलिए कि सेम तरीके का सोल एक
11:31रूप में काम कर रहा है। केतु अगर किसी की
11:34पत्रिका में मिथुन राशि में बैठा हुआ है
11:36और किसी की पत्रिका में सूर्य मिथुन राशि
11:38में बैठे हुए हैं। इस तरीके से बली पोजीशन
11:40में 10थ हाउस में मालूम पड़ा बैठे हुए
11:43हैं। तो एक तरीके का एक सोच, एक
11:46प्रोटेक्शन, एक सपोर्ट यह शो करते हैं। अब
11:49किसी की पत्रिका में केतु किसी भी राशि
11:51में जैसे बैठा हुआ है। अब आप समझ गए होंगे
11:53जो मैं कहना चाह रहा हूं। और दूसरे की
11:55पत्रिका में मान लीजिए मंगल महाराज बैठे
11:57हुए हैं उसी राशि में। अब देखिए मंगल और
11:59केतु
12:01दोनों प्लनेट जब मिल जाते हैं तो कहीं ना
12:04कहीं ये कनेक्शन जुड़ जाता है आपस में एक
12:07ब्रदर्ली
12:09प्यार का भी एक तरीके से। एक तरीके से
12:12सपोर्ट का भी जुड़ जाता है। एक तरीके से
12:14पैशन का भी जुड़ जाता है कि सेम पैशंस
12:17हैं। एक तरीके का जो हमारी डिजायर्स हैं
12:21सोचने की प्रवृत्ति है जिस तरीके से काम
12:24करने की वो एक हो जाती है। और फिर दूसरी
12:27तरफ यही चीज शो करती है कि कहीं आपस में
12:30एक दूसरे के साथ कोई पेंडिंग कर्मा है।
12:33लड़ाई, झगड़ा, कॉन्फ्लिक्ट, परेशानी इन
12:36सारी चीजों में जिसमें कि कई प्रकार का
12:38आपस में बंद भी है। माराकटाई यह सारी
12:42चीज़ें भी हैं। अभद्रता भी है कई प्रकार
12:44की। तो देखिए, हमको यह पता चल गया कि
12:46हमारा केतु पत्रिका में बैठा हुआ है। मान
12:49लीजिए मिथुन राशि में और दूसरी पत्रिका
12:52में भी मंगल महाराज बैठे हुए हैं मिथुन
12:54राशि में। अब इन दोनों के बीच में पास्ट
12:57लाइफ़ का क्या कनेक्शन आ रहा है? वो यह आ
13:00रहा है। कहीं लड़ाई झगड़े होंगे। मारा
13:03कुटाई होगी, अभद्रता होगी, परेशानी होगी।
13:06कई प्रकार की प्रॉब्लम्स उसकी वजह से जन्म
13:08लेंगी। पुराने हो सकता है आपस में किसी
13:11प्रकार के दुश्मन हो, वेरी हो आपस में। और
13:14अबकी बार उस चीज़ की वजह से काफ़ी टेंशन
13:18क्रिएट हो। और अगर सुंदर तरीके से चल रहा
13:21होगा, तो यह मान के चलिए कि एक तरीके से
13:25पैशनेट बनाते हैं किसी भी काम को करने के
13:27लिए। किसी भी काम को करने के लिए हमेशा
13:30चार्ज्ड रहते हैं इस तरीके के। और अपने
13:32गोल्स तक पहुंचते हैं। क्योंकि ऐसे लोगों
13:35को यूं कह लीजिए जो एनर्जी है फिर वह
13:38गाइडेड होती है। ऐसे लोगों को साथ में पता
13:41होता है कि हम जो काम कर रहे हैं जो भी
13:45काम हम कर रहे हैं उसका उसका रिजल्ट क्या
13:47हो सकता है? क्योंकि केतु पास्ट में का
13:50साथ में मंगल को मदद कर रहा है। तो उसके
13:53एक्शंस को ज्यादा स्पेसिफिक बनाता है।
13:56ज्यादा गोल ओरिएंटेड बनाता है। अगर सुंदर
13:59तरीके से यह चीज़ हो रही हो। अब वही पे
14:01दूसरे पार्टनर की पत्रिका में मालूम पड़ा
14:04मंगल तो बैठे हुए हैं मिथुन राशि में
14:06जिसमें किसी की पत्रिका में केतु मिथुन
14:08राशि में जैसे बैठे हुए थे लेकिन वो बैठे
14:10हुए हैं अष्टम में द्वादश में अब यहां पे
14:13मालूम पड़ रहा है आपस में लड़ाई झगड़े
14:16प्रॉब्लम्स आइसोलेशंस दूर होना सेपरेशंस
14:19ये सारी चीजें उस व्यक्ति के साथ शो हो
14:23रही हैं। यह बात ध्यान रखिएगा। जब किसी की
14:25पत्रिका में केतु किसी भी राशि में बैठे
14:28हो और उसी राशि में दूसरे पार्टनर की
14:31पत्रिका में बुध महाराज बैठे हो सुंदर
14:34कॉम्बिनेशन है ये भी देखिए शो करता है
14:36पास्ट लाइफ के किसी प्रकार के कोई मित्र
14:39हैं किसी प्रकार से और वो मित्रता बड़ी
14:42बचपने की होती है जिसको कहा जाए या यूं कह
14:45लीजिए कि बचपनी सरीखी होती है उसमें हमेशा
14:47एक लाइवलीस रहती है एक यंगनेस रहती है एक
14:51तरीके का न्यूनेस रहती है नया कुछ करने का
14:54एक उसमें वो रहता है ऑलवेज ऑन द मूव जिसको
14:58कहा जाए वो रिलेशनशिप एक दूसरे के साथ
15:00फ्रेंडली अप्रोच इंटेलेक्चुअल लोग जिसको
15:03कहा जाए फिर इस प्रकार की रिलेशनशिप बन के
15:06आती है और हम इसको मैंने आपको पहले भी
15:09बताया है वीडियो में कि हम यह लाइफ
15:11पार्टनर तक सीमित नहीं रख सकते हैं। हमारे
15:14मित्र हैं, पिता हैं, मां हैं, बहन हैं,
15:16भाई हैं। हम उनके साथ भी मैच करके देख
15:19सकते हैं कि हमारी पत्रिका में केतु जिस
15:21भी राशि में बैठा हुआ है, उस राशि में
15:23किसी भी दूसरे पार्टनर की पत्रिका में कौन
15:26सा प्लनेट बैठा है। अब अगर बुध बैठा है,
15:28तो यहां पे देखिए जो सिनेरियो है उस तरीके
15:31से निकल के आएगा। यहां पे
15:34फर्क क्या आ जाएगा? फर्क यहां आ जाएगा कि
15:37दूसरे की पत्रिका में जो बुध बैठा हुआ है
15:40उसी राशि में जिस जिस राशि में केतु बैठा
15:43हुआ है किसी दूसरे की पत्रिका में तो फर्क
15:46ये आ जाएगा कि बुध वहां पे कौन सा प्लेनेट
15:48है बुध जो है कौन से हाउस में बैठा हुआ है
15:52इस तरीके की चीजें हम लोगों को उसके
15:55पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट्स के बारे में
15:57बताएगी। अगर किसी की पत्रिका में केतु
16:00किसी भी राशि में बैठा हुआ है और दूसरे की
16:03पत्रिका में उसी राशि में जुपिटर महाराज
16:06बैठे हुए हैं। बृहस्पति महाराज बैठे हैं।
16:08तो ये याद रखिए ये पुराना रिलेशनशिप चला आ
16:11रहा है ज्ञान का। किसी प्रकार के टीचर का,
16:15फॉलोअर्स का, आपस में हर प्रकार के विज़डम
16:18का, समझदारी का, स्पिरिचुअलिटी का आपस में
16:22संबंध है। यह नाता बहुत पुराने समय से चला
16:25आ रहा है। ज्ञान के आदान प्रदान को लेके
16:28एक दूसरे को समझ देके एक दूसरे को सपोर्ट
16:31देके एलिवेट करके जो असली ज्ञान है उस चीज़
16:36की प्राप्ति के लिए एक दूसरे को मदद करने
16:39के लिए यहां पे इस तरीके का आप आपको हमेशा
16:42इस तरीके का देखिए यह रिलेशन बताता है कि
16:45अगर किसी की पत्रिका में केतु बैठे हुए
16:47हैं मेष राशि में और दूसरे पार्टनर की
16:50पत्रिका में मेष राशि में जुपिटर बैठे हुए
16:53हैं तब देखिए इस प्रकार का संबंध आएगा और
16:56देखिए हर हम एक चीज़ का कारक तत्व भी ले
17:00सकते हैं। बृहस्पति देखिए जैसे हम लोग
17:02कहते हैं कि संतान का भी देखिए हम लोग
17:05कारक लेते हैं। तो हम लोग यह भी देखेंगे।
17:07ऐसी स्थिति में फिर दोनों पार्टनर्स अपनी
17:10संतान के लिए इसी प्रकार का भाव रखेंगे कि
17:14दोनों एक तरीके से मिलके उनको अच्छी तरीके
17:17से समझदारी ज्ञान समझाना एक एज अ टीचर
17:21गुरु हमेशा वहां पे रिस्पांसिबिलिटी लेना
17:24एक तरीके से ज्ञान की वृद्धि के लिए जिसको
17:26कहा जाए तो यह पास्ट लाइफ कनेक्शन चला आ
17:29रहा है ज्ञान को लेके अब ऐसे में मैंने
17:31आपको फिर बता दिया बृहस्पति की क्या
17:33पोजीशन है कौन से घर में बैठा है कितना
17:36उसके उसके ऊपर खराब असर पड़ रहा है या वह
17:39पत्रिका के लिए खराब प्लनेट है तो वह जो
17:42संबंध हैं वह कई प्रकार से कठिनाई वाले भी
17:45बन सकते हैं। अब केतु और बृहस्पति में
17:47देखिए आपस में क्या गलत तरीके की सीख गलत
17:51तरीके की पैरेंटिंग गलत तरीके की एडवाइस
17:55गलत तरीके की एक प्रकार से आदमी को जीवन
17:57में गाइडेंस दे देना जिसकी वजह से कई
18:00प्रकार का अनर्थ यूं कह दीजिए कि हो जाए।
18:03तो अगर खराब स्थिति में बैठा होगा तो ये
18:06ब्लेसिंग्स जो है कई प्रकार की श्राप में
18:09बदल जाएंगी। कई प्रकार की कष्ट में बदल
18:12जाएंगी। तो यह हम लोगों को पता चलता है कि
18:14यह ब्लेसिंग्स प्राप्त होने वाली है या एक
18:17प्रकार से एक दूसरे से इस रिश्ते से जो है
18:19हमको कर्स प्रदान होने जा रहा है। अब अगर
18:22किसी की पत्रिका में केतु किसी राशि में
18:25बैठे हैं और उसी राशि में दूसरे पार्टनर
18:28के मान लीजिए कि शुक्र महाराज बैठे हैं तो
18:31मान लीजिए कि यह पास्ट लाइफ कनेक्शन है।
18:33देखिए यह विवाह के लिए भी बहुत अच्छी चीज़
18:36हैं मैच करने के लिए। तो अगर केतु किसी की
18:39पत्रिका में मान लीजिए मेष राशि में बैठे
18:41हैं और किसी दूसरे की पत्रिका में शुक्र
18:43मेष राशि में बैठे हैं तो ये एक सोल लेवल
18:46का कनेक्शन हो सकता है पास्ट लाइफ को लेके
18:49पहले से चला आ रहा है। अब कंटिन्यूटी में
18:52आगे बढ़ रहा है। यहां से यह भी देखा जा
18:54सकता है। और जैसे मैंने बताया है कि एक
18:57दूसरे की अगर पोजीशंस पत्रिका में बहुत
18:59सुंदर है, तो एक जिसको कहा जाता है कि एक
19:02बहुत ही अह स्पिरिचुअल लेवल का एक प्रेम
19:06होगा। जिसको लोग दुनिया देखेगी उसमें बहुत
19:09सात्विक होगा, बहुत सपोर्ट होगा। एक जिसको
19:12कहते हैं ना प्योर लव जैसे हम लोग प्रभु
19:14के साथ करते हैं। तब देखिए वह इस प्रकार
19:17का लव होगा। लेकिन अगर किसी दूसरे की
19:19पत्रिका में शुक्र उसी राशि में बैठे हैं
19:22जिस राशि में लाइफ किसी दूसरे पार्टनर की
19:25पत्रिका में केतु बैठा हुआ है उस राशि में
19:27तो कभी कबभार क्या होता है हमारे जो लव
19:30रिलेशनशिप्स होते हैं पास्ट लाइफ से तो
19:32कंटिन्यू होते हैं लेकिन वो बदला बदले के
19:36रूप में आते हैं। वहां से बहुत कुछ अपना
19:38रिटर्न लेने आते हैं। कष्ट होता है।
19:40कनेक्शंस टूट जाते हैं। तो हम यहां से ये
19:43भी जान सकते हैं कि हमको प्रेम में सुख
19:46मिलेगा या हमको दुख मिलेगा यहां पे। लेकिन
19:49इस तरीके का कनेक्शन बताते हैं कि एक
19:52दूसरे के पार्टनर्स ये रहे होंगे। आपस में
19:54प्रेम संबंध रहा होगा और कहीं ना कहीं अगर
19:57वो सुंदर स्थिति में बैठे हुए हैं। इस हम
20:00लोग अगर देखेंगे जन्म में तो वो बहुत एक
20:03जिसको जैसे मैंने कहा है कि बहुत हाई लेवल
20:06का जिसको कहा जाए प्रेम बहुत सुंदर काफी
20:09कष्ट आई परेशानियां आए। लेकिन फिर भी एक
20:12दूसरे के साथ चल रहे हैं। कितने कष्टों के
20:15बाद भी और उसमें आनंद है। मुस्कुरा रहे
20:17हैं। एक दूसरे को सपोर्ट कर रहे हैं। एक
20:19दूसरे के साथ इंस्टेंट कनेक्शन भी हो जाता
20:21है ऐसी स्थिति में। कि किसी की पत्रिका
20:23में केतु बैठे हुए हैं किसी राशि में और
20:26दूसरे पार्टनर की पत्रिका में उसी राशि
20:28में शुक्र महाराज बैठे हो तो देखिएगा कि
20:30कई बार कनेक्शन एकदम से हो जाता है। जैसे
20:33पुराना कनेक्शन चला आ रहा था और वह
20:35कंटिन्यू हो गया। वह कोई मित्र भी हो सकता
20:37है। देखिए यह मैं आपको बता दूं। तो ये
20:39कनेक्शन बहुत अच्छी तरीके से ग्रो भी कर
20:41सकते हैं जैसा पत्रिका बताती है। अब इसी
20:44तरीके से किसी की पत्रिका में केतु महाराज
20:46किसी भी राशि में बैठे हुए हैं और दूसरे
20:49की पत्रिका में उसी राशि में शनि महाराज
20:52बैठे हुए हैं। यह बहुत हैवी पेंडिंग कर्मा
20:54शो करता है। कई प्रकार की मिजरी, परेशानी,
20:57दरिद्रता, डिसीज, कष्ट, पेबैक पीरियड यह
21:02सारी चीज़ें भी शो करता है। तो, यह पास्ट
21:04लाइफ़ कनेक्शन होता है। बहुत बड़ा कार्मिक
21:07पैटर्न जहां आप कभी भी वो प्रोफेशनलली हो
21:10सकता है हर्ट कर दे। हमारे जो नीचे काम
21:12करने वाले हैं उनके साथ प्रॉब्लम्स क्रिएट
21:15कर दे। हमारे डिसीज का कारक हो सकता है इस
21:18तरीके का कनेक्शन। यह कनेक्शन थोड़ा सा टफ
21:21होता है। और अगर पत्रिका में केतु और
21:24सैटर्न सही तरीके से नहीं बैठे हैं दोनों
21:27की पत्रिका में। तब आप यह मान के चलिए कि
21:30यह पास्ट लाइफ के कर्मा का एग्जॉशन है।
21:33इसको कहते हैं ना कि भाई कुछ जीवन में
21:35हमने कभी कर्म किए होंगे। अब हमको उसका
21:38आपस में मिलके पेबैक करना है। एक का लाइफ
21:41तो खराब होता ही होता है। दूसरे का भी साथ
21:44में खराब होता है। और ये पीरियड्स ज्यादा
21:46असर करते हैं। चाहे केतु का होगा और चाहे
21:49सैटर्न का होगा। फिर दोनों पार्टनर्स के
21:51बीच में इन्हीं दशाओं में इन्हीं के
21:54पीरियड्स में सबसे ज्यादा क्षति होती है।
21:57अगर किसी की पत्रिका में केतु किसी
21:59पार्टनर की बैठा हुआ है किसी राशि में और
22:02दूसरे पार्टनर की पत्रिका में केतु ही
22:05बैठा हुआ है उसी राशि में तो यह कहा जाए
22:08कि दोनों एक तरफ से पास्ट लाइफ से एक
22:11दूसरे को जानते हैं। जो गोल्स हैं जो
22:15दोनों के एम्स हैं जो एक दूसरे की सोच है
22:18वह एक जैसी होती है। अब वह दोबारा आए हैं
22:22उस पैटर्न को पूरा करने के लिए तो बहुत
22:25कुछ एक दूसरे को समझते हैं। बहुत कुछ एक
22:28दूसरे को पहले से ही जानते हैं। जिसको आप
22:31ऐसी केमिस्ट्री कह सकते हैं कि हां हमने
22:34कुछ कहा भी नहीं और दूसरे के मन में वो
22:36बात जो है वो चल रही है। इस प्रकार की
22:39केमिस्ट्री रहती है। तो एक प्रकार का ये
22:41बेटर पोजीशन होती है कि अगर केतु किसी की
22:44पत्रिका में किसी राशि में बैठे हैं और
22:46दूसरे लाइफ पार्टनर की पत्रिका में भी
22:48केतु उसी राशि में अगर बैठे होते हैं तो
22:51बहुत कुछ म्यूचुअल होता है। बहुत कुछ आपस
22:54में सपोर्ट अटैच्ड होता है। दोनों के
22:57प्रॉफिट्स अटैच होते हैं। दोनों की लाइफ्स
22:59अटैच होती हैं। एक दूसरों के साथ मिलके
23:02चलने वाले होते हैं। लेकिन यहां पे यह
23:04संदर्भ अवश्य देखने वाला होता है कि दोनों
23:07की पत्रिकाओं में केतु कौन-कौन से घरों
23:10में बैठे हैं? कौन-कौन सी राशियों में
23:12बैठे हैं? सुंदर राशियों में बैठे हैं जो
23:15उनके लिए शुभ है। अच्छे घरों में बैठे हैं
23:17जहां पे वो अच्छा रिजल्ट्स प्रोड्यूस कर
23:19सकते हैं दोनों के लिए। तब तो आप मान के
23:22चलिए ये बहुत बेस्ट कॉम्बिनेशन होता एक
23:25तरीके से कहा जाए कि पुराने समय के कोई
23:28लाइफ पार्टनर्स हैं जो अब साथ में आ गए
23:30हैं और उसी रास्ते पे फिर चल पड़े हैं जिस
23:33रास्ते पे वो पहले चलते आए तो ये सोल
23:36कनेक्शन बहुत एक तरीके से स्ट्रांग होता
23:39है जिसको कहा जाए जो बहुत समय से चलता चला
23:42आ रहा है। इट इज़ वेरी गुड। और अगर कहीं
23:44खराब पोजीशन में होगा, तो एक साथ याद
23:47रखिएगा कि कुछ जो पुराना तरीके का
23:50उन्होंने कोई काम शुरू किया, कोई सोच थी,
23:53कोई डिजायर थी जो पूरी नहीं हुई और उसको
23:56लेके आज भी उसी काम में एक दोनों जने साथ
23:59में लग गए और उसकी वजह से आपस में एक
24:01दूसरे के ही पतन हो गया। दोनों का एक साथ
24:04पतन हो जा रहा है। यह भी चीज़ देखिए हो
24:07सकती है। अब लास्ट में किसी की पत्रिका
24:10में केतु जिस भी राशि में बैठा हुआ है और
24:13दूसरे की पत्रिका में उसी राशि में राहु
24:16महाराज बैठे हुए हैं। मालूम पड़ा किसी
24:18पार्टनर की पत्रिका में केतु बैठा हुआ है
24:20मेष राशि में और दूसरे पार्टनर की पत्रिका
24:23में उसी मेष राशि में राहु महाराज बैठे
24:26हुए हैं। तो यह भी एक अच्छी पोजीशन है।
24:30यूं कहा जाता है कि एक दूसरे को
24:32कॉम्प्लीमेंट करती है। एक दूसरे की
24:34वीकनेसेस को जानती है। एक दूसरों के
24:36कमियों को पूरा करती है। एक दूसरे को ग्रो
24:40करने में मदद करती है। किसी चीज में जो
24:42कमी होगी एक पार्टनर में दूसरा उसकी
24:45क्षतिपूर्ति कर देगा। एक तरीके से
24:48सपोर्टिंग हैंड इन हैंड होता है। एक अगर
24:51आप मान के चलिए एक नॉर्थ है तो दूसरा साउथ
24:54होगा। बट दोनों के जो इंटरेस्ट होते हैं
24:57वो म्यूचुअल होते हैं। एक अट्रैक्शन बनी
25:00रहती है। पोल्स अपार्ट होने के बावजूद भी
25:02आप कहिए कि एक दूसरे को एक दूसरे जानते
25:05हैं कि इनका क्या थॉट प्रोसेस चल रहा है।
25:08ये क्या काम करेगा तो उसका क्या रिजल्ट
25:10निकलेगा। तो इस तरीके की सिचुएशनंस एक
25:13दूसरे के बारे में जानते हैं तो बहुत
25:15अच्छा रहता है कि अगर किसी की पत्रिका में
25:17केतु जिस राशि में बैठा हुआ है और दूसरे
25:20की पत्रिका में राहु अगर बैठा हुआ है तो
25:22इसका मतलब भी यह है कि पास्ट लाइफ से एक
25:25दूसरे को सपोर्ट और पुश करते रहने वाले
25:28लोग हैं। दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा
25:30अट्रैक्टेड थे। दोनों हर लेवल पे ये ऐसे
25:34लोग होते हैं जहां पे अट्रैक्शन कम नहीं
25:36होता है या यूं कह लीजिए जहां पे कर्मा
25:39फिनिश नहीं होता है। एवरी टाइम एवरीवेयर
25:42दे आर डूइंग समथिंग कि जहां पे नया क्रिएट
25:45हो रहा है, नई चीजें हो रही हैं, नया चाप,
25:48नया कुछ सीखना, नया ज्ञान एक दूसरे में
25:51लगे हुए हैं। दोनों को धीरे-धीरे गहराई से
25:54और ज्यादा जानते जा रहे हैं। ज्यादा जानते
25:56जा रहे हैं। एक दूसरे को एक्सपोज हो रहे
25:59हैं। कमियों के साथ भी एक्सपोज हो रहे
26:01हैं। अच्छाइयों के साथ भी एक्स एक्सपोज हो
26:04रहे हैं। तो दोनों के इन और आउट दोनों
26:07व्यक्ति जानते हैं एक दूसरे को। एक कह
26:09सकते हैं बहुत सुंदर पास्ट लाइफ कनेक्शंस
26:12है। हां किस घर में बन रहा है वो और इन
26:14चीजों के बारे में बताएगा। कौन सी राशि
26:17में बन रहा है दोनों और इन चीजों को डिटेल
26:20में देखिए बताती हैं। तो केतु महाराज
26:22पास्ट लाइफ के हिसाब से बहुत सुंदर हम
26:25लोगों को एक टेक्निक बताते हैं कि कैसे हम
26:28अपने ऑपोजिट पार्टनर का अपना कॉम्बिनेशन
26:32देख सकते हैं कि भाई हां हमारी पत्रिका
26:34में केतु बैठा हुआ है जिस राशि में और अगर
26:36हमारे लाइफ पार्टनर के या हमारे कोई भी
26:39संबंध है उनके उस राशि में कौन सा प्लनेट
26:42बैठा हुआ है या उस राशि का वो उस राशि का
26:46जो स्वामी है वह कौन है अगर हम कह रहे हैं
26:48प्लनेट कोई नहीं भी बैठा हुआ है तो उस
26:50राशि का स्वामी कौन है? वो एक दूसरे के
26:52बीच का कॉम्बिनेशन होती है। आशा करता हूं
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27:08कृष्णा।