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0:00जय श दोस्तों कृष्ण हैप्पीनेस बहुत
0:02इंपॉर्टेंट सूत्र आपको केतु के बारे में
0:05मैं एक बात बताऊं केतु महाराज नवमांश
0:08कुंडली में जहां पर बैठे हुए होते हैं जिस
0:13प्लेनेट के साथ बैठे हुए होते हैं जिस
0:16राशि में बैठे हुए होते हैं वहां पर बड़ा
0:19एक सूत्र छुपा होता है हमारे मोक्ष का
0:23हमारी फ्रीडम का हमारी मुक्ति का तो
0:27व्यक्ति की इच्छा हो कि भाई जीवन में उसको
0:29मुक्त होना फ्री होना है कंटेंडेड होना है
0:32संतोष पाना है तो नवमांश में स्थिति देखे
0:37अब केतु वहां पर जिस प्लेनेट के साथ भी
0:40बैठा होगा मान लीजिए सूर्य के साथ सन के
0:43साथ बैठा हो तो पहली बात तो यह है कि
0:46सूर्य देवता आपको मोक्ष दिलाने में सहायक
0:49होंगे पहला पॉइंट तो यह है सूर्य देवता के
0:54जो देवता है वह है शिव तो शिव जी की
0:57आराधना से भी आपको मुक्ति मिल गी तीसरा
1:01पॉइंट यह है कि सूर्य है नाम का अथॉरिटी
1:05का फेम का पोजीशन का इन सब चीजों का
1:08प्लानेट तो यह सारी चीजें शायद हमको हमारे
1:12जीवन में ना मिले या हमको त्याग नहीं हो
1:16उसके बाद हमको मोक्ष का रास्ता क्लियर हो
1:21तो कई बार व्यक्ति को लग सकता है कि हमारा
1:24मान हुआ हमारा अपमान हुआ हमें सम्मान नहीं
1:26मिला हमें वो पोजीशन नहीं मिली तो केतु तू
1:30नवमांश कुंडली में बैठा हुआ है सूर्य के
1:33साथ वो वहां पर डाउनिंग कर रहा है ताकि
1:35व्यक्ति अपनी जो साधन है बना पाए आगे का
1:39रास्ता बना पाए और देखा जाए तो व्यक्ति
1:42समझ नहीं पाता उसको लगता है कि जी हमको तो
1:46नाम ही कहीं पर नहीं मिलर हमारी कहीं कोई
1:48पूछ नहीं हो रही है दूसरी बात कि ईगो है
1:52किसी के अंदर वो डाउन करनी पड़ेगी वो
1:55छोड़नी पड़ेगी अपनापन वो प्रभुता छोड़नी
1:58पड़ेगी तब आदमी जो है वो ऊपर की तरफ जाएगा
2:02उसी तरीके से मान लीजिए केतु बैठा हुआ है
2:05किसी भी साइन में अगर वो किसी प्लानेट के
2:07साथ नहीं बैठा है मान लीजिए किसी राशि में
2:10बैठा है मान लीजिए नवमांश में वह बैठा है
2:13तुला राशि का अब तुला राशि रिलेशंस को
2:18मैरिज को रिप्रेजेंट करती है तो हो सकता
2:20है कि व्यक्ति की ऐसी मैरिज हो कि उसको वह
2:24मुक्ति प्रदान कर दे भाई कंटेंडेड हो जाता
2:27है ना कि हां अच्छी मैरिज हुई ला पार्टनर
2:30अच्छा मिला हमको तो अच्छा गृहस्थ जीवन भी
2:34जो है एक मुक्ति का साधन बनता है पहली बात
2:38दूसरा हो सकता है मैरिज इतनी ज्यादा खराब
2:40हो रिलेशंस इतने खराब हो हर जगह कोई
2:44बैलेंस ना हो जिसकी वजह से आदमी तंग आके
2:47तब मुक्ति की ओर अपना जो है रास्ता करता
2:50है तो केतु नव मास में बताता है हमारे
2:53फ्रीडम या मुक्ति का साधन जय श्री कृष्णा