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Basic Concepts of Macroeconomics Class 12 One Shot | 12th Economics Full Chapter-2 Revision

Next Toppers - 12th Commerce · 18,938 words · 87 min read

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0:00हेलो एंड वेलकम एवरीवन टू नेक्स्ट टॉपस

0:01कॉमर्स। मैं हूं सानिध्य सर आपका

0:03इकोनॉमिक्स हैकर। और हम यहां पर देश का

0:05भविष्य बनाते हैं। ढेर सारा स्वागत है आप

0:08सब लोगों का इस वन शॉट के अंदर बेसिक

0:11कंसेप्ट्स ऑफ मैक्रो इकोनॉमिक्स। ये हमारा

0:13मैकोनॉमिक्स का सेकंड चैप्टर है। ये

0:16चैप्टर ना सिर्फ आपके इंडिविजुअली

0:18इंपॉर्टेंट है पर ये आपको बहुत सारी

0:21इंसाइट देगा मैकोनॉमिक्स के कंसेप्ट के

0:23रिलेटेड। जैसे कि आप जब नेशनल इनकम को

0:26मेजर करोगे या जब उसके रिलेटेड एग्रीगेट्स

0:29को पढ़ोगे उनको पढ़ने के लिए इस चैप्टर को

0:32पहले पढ़ना जरूरी है। इसलिए मैंने ये बोला

0:34ये इंडिविजुअली जितना इंपॉर्टेंट है उतना

0:36सीक्वेंस में भी इंपॉर्टेंट है। मैंने

0:38आपको पिछले वीडियो में बताया था सर्कुलर

0:40फ्लो ऑफ इनकम के अंदर कि जो भी ये

0:42लेक्चर्स आपके आ रहे हैं वन शॉट्स आ रहे

0:44हैं इनको इसी सीक्वेंस में देखिएगा। अगर

0:47आपने सीधा मेजरमेंट ऑफ नेशनल इनकम देख

0:49लिया बिना इस लेक्चर को देखे तो आपको

0:52चीजें उतनी समझ नहीं आएगी और आपको लगेगा

0:54भैया नेशनल इनकम तो बहुत डिफिकल्ट होता

0:55है। वरना, आप अगर इस वीडियो को इस

0:58सीक्वेंस में देखते हो, इसको देखा,

1:00रिलेटेड एग्रीगेट्स देखे, फिर मेजरमेंट ऑफ़

1:02नेशनल इनकम देखा, तो आपको यह मक्खन की तरह

1:04हर चीज़ क्लियर हो जाएगी और नेशनल इनकम जो

1:07बहुत-बहुत सारे बच्चों का डर होता है ना,

1:09वह सब छूमंतर हो जाएगा एक ही बारी में।

1:11ठीक है जी? तो, बिना किसी टाइम वेस्ट किए

1:13चलते हैं और बड़ी इकोनॉमिक लेवल पर चीज़ों

1:17को समझते हैं कि बड़े लेवल पर इकोनॉमी में

1:19हम कैसे कांसेप्ट्स को पढ़ते हैं। क्या

1:22होते हैं? मैक इकोनॉमिक्स के कांसेप्ट।

1:24वही चैप्टर बेस्ड है। यह आपको कुछ बेसिक

1:26जनरल बातें बताएगा। कुछ चीजें आपको ऑलरेडी

1:28पता होंगी। कुछ चीजें नहीं सीखने को

1:29मिलेंगी। चलो जी। तो सबसे पहले देखते हैं

1:32व्हाट इज अ डोमेस्टिक टेरिटरी? बेटा नाम

1:35से समझ आ रहा होगा टेरिटरी मतलब अपना

1:37एरिया है। इस एरिया में एंटर नहीं करने

1:39का। तो जैसे शेरों का इलाका होता है,

1:42कुत्तों का इलाका होता है, जंगली जानवरों

1:45का इलाका होता है। वैसे ही भैया हमारे देश

1:47का भी एक इलाका होता है। जिसे हम एक

1:49डोमेस्टिक टेरिटरी कहते हैं। डोमेस्टिक

1:51टेरिटरी यानी कि ये जो बाउंड्री आप देख पा

1:54रहे हो ये हमारे देश भारतीयों का एक एरिया

1:58है जहां पर हम हमारा सामान का आदान-प्रदान

2:01कर सकते हैं। कुछ खरीद सकते हैं, कुछ बेच

2:03सकते हैं। किसी भी जगह मैं फ्रीली मूव कर

2:06सकता हूं। और यहां की गवर्नमेंट मतलब

2:08इंडियन गवर्नमेंट इस एरिया के अंदर कोई भी

2:11पॉलिटिकल डिसीजन ले सकती है। इसे हम एक

2:14डोमेस्टिक टेरिटरी कहते हैं। क्या है जी?

2:17ध्यान से देखिएगा। इट इज़ अ टेरिटरी

2:19एडमिनिस्टर्ड बाय दी गवर्नमेंट विद इन

2:22व्हिच पर्संस गुड्स कैपिटल सर्कुलेट

2:26फ्रीली। भाई आदमी हो चाहे सामान हो इस

2:29एरिया के अंदर फ्रीली घूम सकता है बिना

2:32किसी की परमिशन के। भई आपको अगर कश्मीर

2:34घूमने जाना है तो आप किसी की परमिशन थोड़ी

2:36लोगे। टिकट कट रहा हो चले जाओ घूमने।

2:38तमिलनाडु जाना हो, केरला जाना हो, आप आराम

2:40से चले जाओ। आपको वेस्ट बंगाल जाना हो या

2:42गुजरात राजस्थान जाना हो। किसी से पूछने

2:44की जरूरत नहीं है। हां, अगर आप देश के

2:46बाहर जाते हो, वीजा लेना पड़ता है,

2:48अप्रूवल लेना पड़ता है। ठीक है? ये आपके

2:50डोमेस्टिक टेरिटरी में ऐसा नहीं होता। इन

2:52लेमैन लैंग्वेज, डोमेस्टिक टेरिटरी मींस द

2:54पॉलिटिकल फ्रंटियर ऑफ़ अ कंट्री। माने कि

2:57अगर किसी सरकार को पॉलिटिकल डिसीजन लेना

3:00है तो जिस एरिया के अंदर ले सकते हो उसे

3:03हम एक डोमेस्टिक टेरिटरी मानते हैं। सर

3:06क्या ये पानी के बाद एकदम मतलब डोमेस्टिक

3:08टेरिटरी खत्म हो जाती है? नहीं बच्चे आप

3:10डोमेस्टिक टेरिटरी को 12 नॉटिकल माइल्स तक

3:13कंसीडर करते हो। मतलब 12 नॉटिकल माइल्स तक

3:16हमारी ये डोमेस्टिक टेरिटरी मानी जाती है।

3:18परंतु

3:19सर क्या हर एक हिस्सा इस देश के अंदर जो

3:23है वो एक डोमेस्टिक टेरिटरी होता है? मान

3:26लीजिए हमारे यहां से एक एयर इंडिया का या

3:30इंडिगो का प्लेन उड़कर गया और किसी दूसरे

3:33देश की बाउंड्री के ऊपर से उड़ रहा है

3:36यानी कि जापान के ऊपर से उड़कर जा रहा है।

3:38तो बताइए क्या होगा फिर? देश तो मतलब

3:41इंडिया का प्लेन है लेकिन कंट्री की जो

3:44लैंड है मतलब जापान है उसके ऊपर से उड़

3:46रहा है। तो वो किसकी डोमेस्टिक टेरिटरी

3:48होगी? तो कुछ चीजें बेटा इस बाउंड्री के

3:51अलावा भी डोमेस्टिक टेरिटरी मानी जाती

3:53हैं। क्या-क्या होती है उसके बारे में

3:55समझिएगा। देखो कुछ क्वेश्चंस भी करवाऊंगा

3:57तो भैया ध्यान से सुनते जाना ये चीजें।

4:00कोई शिप हो या कोई एयरक्राफ्ट हो जो कि ओन

4:04किया जाता है किसी नॉर्मल रेजिडेंट

4:06द्वारा। यानी कि किसी इंडियन इंडिया के

4:10नॉर्मल रेजिडेंट द्वारा। इंडिया का नॉर्मल

4:13रेजिडेंट। अब नॉर्मल रेजिडेंट क्या होता

4:14है? मैं अगली वाली स्लाइड में बताऊंगा। तो

4:175 मिनट के लिए रुक जाओ। पर इतना समझ लो

4:19कोई इंडिया का नॉर्मल रेजिडेंट है उसके

4:22द्वारा अगर कोई शिप ओन किया जाता है या

4:25कोई एयरक्राफ्ट ओन किया जाता है और वो

4:27किसी भी कंट्री के ऊपर से उड़ रहा हो या

4:31किसी भी इंटरनेशनलॉटर्स में तैर रहा हो

4:34जैसे कि भाई पेसिफिक ओशियन में तैर रहा

4:35है। वो तो किसी का बाउंड्री नहीं है। किसी

4:37का देश नहीं है। अगर ऐसी जगह पे उड़ रहा

4:40है या ऐसी जगह पर तैर रहा है तो वो इंडिया

4:43की ही डोमेस्टिक टेरिटरी माना जाएगा। यानी

4:46कि जो प्लेन जब जापान के एयरपोर्ट पे लैंड

4:49करता है ना तो वो प्लेन जो है ना वो

4:51इंडिया की डोमेस्टिक टेरिटरी है। इंडिया

4:53की संपत्ति है किसी और की नहीं। तभी आपने

4:55देखा होगा जब बहुत सारे बाहर के अ फाइटर

4:58जेट्स वगैरह आते हैं तो आप छू नहीं सकते

5:01उनको। वो आपकी प्रॉपर्टी नहीं है। वो उनकी

5:03प्रॉपर्टी है। सेम गोज़ विद इंडिया। इंडिया

5:05की कोई भी प्रॉपर्टी अगर बाहर जा रही है

5:07तो आप ऐसे ही नहीं छू सकते। उसको कुछ

5:08हैंपर नहीं कर सकते। वो आपका नहीं उस देश

5:11का ये टेरिटरी है। क्लियर है बेटा? अब

5:14इसके अलावा सर क्या कुछ और भी होता है?

5:16जैसे आपने देखा होगा बेटा ये बहुत

5:17बड़े-बड़े ऑयल नेचुरल गैस रिग्स होते हैं।

5:20ये नेचुरल गैस रिग्स क्या होते हैं सर?

5:22ऑयल रिग्स क्या होते हैं? ये बेटा समुद्र

5:24के अंदर ना ऐसे फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म्स

5:27होते हैं। ऐसे ये क्या करते हैं बेटा?

5:29समुद्र समुद्र के अंदर ना पाइपलाइंस डालते

5:31हैं और समुद्र के अंदर जो बेल्ट होती है

5:34उससे ऑयल निकालते हैं। जिस ऑयल को हम

5:36इस्तेमाल करते हैं भैया हमारे काम के लिए।

5:38ठीक है? तो जो नेचुरल ऑयल होता है। ठीक

5:41है? ये सब ऐसी जगहों से निकलता है। अब

5:44भैया इंटरनेशनल वॉटर्स तो किसी का नहीं

5:46है। इंडियन ओशन तो बहुत बड़ा है। हमारी जो

5:49टेरिटरी है वो तो 12 नॉटिकल माइल्स तक ही

5:51है। मान लीजिए यहां तक होगी हमारी

5:53बाउंड्री। जैसे मान लीजिए अगर मेरी

5:55बाउंड्री कुछ इस तरीके से यहां तक है। ठीक

5:58है? अगर ये नेचुरल गैस रिग्स जो हैं यहां

6:01बने हुए हैं। तो बेटा ये जगह तो किसी का

6:03भी नहीं है ना? ये तो किसी का भी देश नहीं

6:05है। ये तो इंटरनेशनल बाउंड्री है।

6:07इंटरनेशनल बाउंड्री के अंदर आप बना के रखे

6:09हो। पर क्या होता है बेटा? ये नेचुरल

6:11रिस्क जो होते हैं ना ये परमिशन लेते हैं

6:13पहले कि हम इस जगह पर ऑपरेट करेंगे। यहां

6:16पे हमें ऑइल मिला है। हम इसका पैसा देने

6:19के लिए रेडी हैं। हम यहां पर काम करेंगे।

6:21तो जिस भी कंट्री द्वारा ये ओन किया जाता

6:24है। ये उसी कंट्री की डोमेस्टिक टेरिटरी

6:27बन जाता है। जैसे कि Reliance के कुछ जो

6:30हैं Reliance नाम की कंपनी है ना बच्चे?

6:32मुकेश अंबानी जी की। तो Reliance की कंपनी

6:34के ऑयल रिग्स जो हैं जहां पे इंटरनेशनल

6:38वाटर में होंगे। जिस जगह ये बना हुआ है ये

6:40इंडिया की डोमेस्टिक टेरिटरी माना जाता

6:42है। कोई बोट हो जो फिशिंग करने जाती है

6:44इंटरनेशनल वाटर में वो भी डोमेस्टिक

6:46टेरिटरी इंडिया की ही मानी जाती है। ठीक

6:48है बेटा? ये भी आपने सीख लिया। ठीक है

6:50बेटा? अब दूसरी बात समझो। एंबसीज

6:54कंसोलेट्स या मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट।

6:57इंडियन एंबसी इंडिया में नहीं बाकी दूसरे

7:01देशों के अंदर होती है। जैसे यूएसए के

7:04अंदर एक इंडियन एंबेसी है। जापान के अंदर

7:07एक इंडियन एंबेसी है। रशिया के अंदर

7:09इंडियन एंबेसी है। ये बेटा रशिया के अंदर

7:11इंडियन एंबेसी है। रशिया के अंदर क्या है

7:14बेटा? ये इंडियन एंबेसी।

7:18ठीक है? अब मेरी बात को ध्यान से सुनिएगा।

7:21रशिया एक अलग कंट्री है। वो एक अलग

7:24टेरिटरी है। उस देश के अंदर हमने हमारा

7:28इंडियंस का एक ऑफिस डाल रखा है। क्यों डाल

7:31रखा है? जो इंडियंस रशिया में रहते हैं

7:34उनको कोई भी प्रॉब्लम आएगी तो वो अपने

7:36देशवासियों के साथ कुछ कम्युनिकेट कर सके।

7:38अपने देशवासियों को अपनी प्रॉब्लम बता सके

7:40और वो अपने देशवासी, अपनी सरकार के लोग

7:44हमारी मदद कर सकें। तो एक ऑफिस खोला जाता

7:46है और ये हर देश में हर कंट्री का होता

7:49है। जैसे इंडिया के अंदर ऑस्ट्रेलिया की

7:51एंबेसी है, रशिया की है, यूएस की है,

7:53यूरोप के हर कंट्री की है। तो आप ये बोल

7:56सकते हो कि हर देश में सारे देश की एंबसीज

7:58होती हैं। ये अपन जानते हैं कहीं ना कहीं।

8:01रशिया के अंदर जो इंडियन एंबसी होगी वो

8:04रशिया की नहीं इंडिया की डोमेस्टिक

8:07टेरिटरी इंडिया की संपत्ति है। यानी कि

8:10इंडियन एंबसी भले यूएस में हो, रशिया में

8:13हो, जापान में हो, थाईलैंड में हो, स्पेन

8:16में हो, यूके में हो, कहीं भी हो। अगर वो

8:19इंडियन एंबसी है, वो हमारे देश का हिस्सा

8:22है। सेम गोज़ टू वाइसवरसा हो जाएगा। अगर

8:26हमारे देश में यूएस एंबसी है तो वो हमारी

8:29संपत्ति नहीं वो यूएस की संपत्ति है। यही

8:31चीज इंक्लूड होती है हमारी डोमेस्टिक

8:34टेरिटरी के अंदर कि जो भी इंडियन एंबसी

8:36पूरी दुनिया में होंगी अलग-अलग देशों में

8:38होंगी वो हमारे देश का हिस्सा है। ठीक है?

8:41हमारी डोमेस्टिक टेरिटरी है। अब आपको लग

8:43रहा होगा सर ये कंसुलेट वर्ड क्या होता

8:45है? बेटा कंसुलेट्स एक ऑफिस होते हैं,

8:48बिल्डिंग होती है जहां पे देश के लिए काम

8:51किया जाता है और काउंसिल वो ऑफिसर्स होते

8:54हैं जो कि सरकार द्वारा अपॉइंट किए जाते

8:58हैं किसी और देश में काम करते हैं अपनी

9:01सरकार के लिए। जैसे कि मान लीजिए ये

9:03इंडियन एंबेसी है रशिया में। तो इंडियन

9:06गवर्नमेंट ने कुछ इंडियन लोगों को रशिया

9:08की इस इंडियन एंबेसी में भेजा होगा काम

9:11करने के लिए जो कि भारत सरकार के लिए काम

9:13करते हैं। तो आप समझ पाए कि इंडियन

9:15गवर्नमेंट ने कुछ लोगों को यहां पर भेजा

9:18इंडियन एंबेसी के अंदर रशिया के अंदर और

9:21वो इंडिया के लिए काम करते हैं। तो

9:22बेसिकली इन्हें हम काउंसिल्स कहते हैं।

9:24क्लियर बच्चे? समझ आया? ऐसे लोगों को हम

9:26काउंसिल कहते हैं। जो हमारे देश के लिए

9:28काम करते हैं पर किसी फॉरेन कंट्री में।

9:30क्लियर? चलो जी। अब आता है पर ये ये समझ

9:33जाना हमारे देश के लिए काम करते हैं इन द

9:35सेंस हमारी गवर्नमेंट के लिए काम करते हैं

9:37और गवर्नमेंट द्वारा भेजे जाते हैं। सर अब

9:40कौन से जगह हैं जिनको हम डोमेस्टिक

9:42टेरिटरी नहीं मानेंगे। देखो कोई भी एंबसी

9:45जो बाहर के देश की है उसको नहीं मानेंगे।

9:47मैंने अभी बताया जैसे कि इंडिया के अंदर

9:49यूके की अगर एंबेसी है तो वो हमारा देश का

9:51हिस्सा नहीं वो उनके देश का हिस्सा है। वो

9:53उनकी डोमेस्टिक टेरिटरी है। और हमारी

9:55इंडियन एंबेसी अगर यूके में है तो हमारी

9:57हमारी टेरिटरी हो गई। ठीक है? कंसोलेट्स

10:00अगर कोई बाहर के हैं तो वो हमारा नहीं है।

10:02कोई मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट सर ये

10:04मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट का मतलब क्या

10:05होता है? जैसे मैं आपको एक चीज बताता हूं।

10:08क्या होता है बेटा? हमारे देश में तो कोई

10:10बाहर की मिलिट्री नहीं है। हमारे देश में

10:12तो हमारी ही मिलिट्री है। इंडियन

10:14मिलिट्री। हम किसी और की मिलिट्री को आने

10:16नहीं देते। लेकिन आपने एक चीज सुनी होगी।

10:18अफगानिस्तान में बहुत साल तक अमेरिका की

10:21आर्मी रहा करती थी। है ना? तो क्या होता

10:25है? बहुत बार जब एक देश अपने आप में सक्षम

10:28नहीं होता कि वो फाइट कर सके तो किसी और

10:31देश की आर्मी को प्रोटेक्शन करने के लिए

10:34अपने देश में जगह देता है। जैसे कि इंडिया

10:36जो है बहुत सारे देशों में अपनी आर्मी को

10:40भेजता है। जैसे भूटान, नेपाल या ऐसे बहुत

10:42सारे देश हैं जहां पे इंडियन आर्मी जाकर

10:46रहती है और अपने बेसकैंप बनाती है। तो जिस

10:48जगह पर वो बेस कैंप होता है ना इंडियन

10:50आर्मी का दूसरे देश में वो भी हमारी

10:53डोमेस्टिक टेरिटरी है। समझ आया? कि इंडियन

10:56आर्मी अगर एक बेस कैंप बनाकर बैठी है

10:58भूटान में, तो भूटान के जिस एरिया में

11:01उन्होंने बेस कैंप बनाया होगा वो इंडिया

11:03की डोमेस्टिक टेरिटरी भूटान की नहीं। समझ

11:05आया? तो किसी भी देश के अंदर कोई बाहर की

11:08मिलिट्री आकर रहती है तो जिस जगह पे रहती

11:10है वो उस देश की डोमेस्टिक टेरिटरी बन

11:12जाती है। ठीक है बच्चे? अब इसके अलावा और

11:15क्या होता है? ध्यान से देखो।

11:18इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन जैसे कि यू एनओ

11:20डब्ल्यूho बेटा यूएनओ हो या डब्ल्यूho हो

11:23वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ये किसी देश का

11:26नहीं है। ये पूरी दुनिया का ऑर्गेनाइजेशन

11:28है। ये एक इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन है। ये

11:31किसी यूएस का यूके का ऑर्गेनाइजेशन थोड़ी

11:33है। भाई माइक्रोसॉफ्ट नाम की कंपनी थोड़ी

11:35है कि यूएस की कंपनी है। ये तो सब देशों

11:38के लिए बनाया गया है। वर्ल्ड लेवल पे

11:39बनाया गया है। इसलिए वर्ल्ड हेल्थ

11:41ऑर्गेनाइजेशन WHO, यूएओ जैसी ऑर्गेनाइजेशन

11:44जो होती हैं। ये कुछ एक ऐसे इंस्टीट्यूट्स

11:46हैं जो कि किसी के भी डोमेस्टिक टेरिटरी

11:50नहीं होते हैं। मतलब जैसे कि अगर यू

11:52डब्ल्यूho का ऑफिस अगर इंडिया में है ना

11:55तो वो हमारी डोमेस्टिक टेरिटरी का पार्ट

11:57नहीं होगा। इनफैक्ट वो किसी भी डोमेस्टिक

11:59टेरिटरी का पार्ट नहीं होगा। क्यों? वो

12:00किसी के देश का नहीं है। तो सर फिर किसका

12:02डोमेस्टिक टेरिटरी होगा? वो इंटरनेशनल

12:05एजेंसी का डोमेस्टिक टेरिटरी होगा। ठीक

12:07है? इंटरनेशनल एजेंसी मतलब जहां पे पूरी

12:09दुनिया के लोग इकट्ठे हो जाते हैं। उसका

12:11डोमेस्टिक टेरिटरी होगा। ना इंडिया का

12:13होगा, ना यूएस का होगा, ना जापान का होगा।

12:15क्योंकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन किसी

12:16कंट्री का नहीं है। पूरी दुनिया का है। तो

12:18वो किसका है बेटा? वो एक इंटरनेशनल एजेंसी

12:21का डोमेस्टिक टेरिटरी होगा। ठीक है? समझ

12:24आया? तो ये किसी भी देश का डोमेस्टिक

12:26टेरिटरी नहीं होता। आई होप कि डोमेस्टिक

12:28टेरिटरी तुम काफी अच्छे से समझ गए होंगे।

12:31अब कुछ एग्जांपल करो, टेस्ट करो अपने आप

12:33को। जैसा मैंने तुम्हें बोला था। एक

12:35इंडियन कंपनी अगर लंदन में है। लंदन क्या

12:38मेरा डोमेस्टिक टेरिटरी है? नहीं। तो

12:41इंडियन कंपनी भले ही लंदन में काम कर रही

12:43है। मेरी जमीन पे तो नहीं काम कर रही ना।

12:45तो भैया ये डोमेस्टिक टेरिटरी नहीं माना

12:47जाएगा। क्यों? लंदन की जमीन पे काम कर रहे

12:50हो आप इसलिए नहीं माना जाएगा। एंबेसी को

12:52कंसीडर करते हैं। किसी कंपनी को नहीं

12:54करते। समझ आया? Microsoft का ऑफिस इंडिया

12:57में खुला हुआ है। इंडिया में खुला है।

13:00इंडिया की डोमेस्टिक टेरिटरी पे खुला है।

13:02भले ही Microsoft बाहर की कंपनी है। पर

13:04काम तो मेरे यहां कर रहे हो ना? मेरी जमीन

13:06पे कर रहे हो ना? भैया बिल्कुल हमारा ही

13:08डोमेस्टिक टेरिटरी हो तुम। ठीक है? समझ

13:11आया? अब देखो, इसी लॉजिक से आगे बढ़ते

13:13जाना। कुछ एग्जांपल्स करोगे अपने आप चीजें

13:15समझ आती जाएंगी। कंपनी इन इंडिया ओनड बाय

13:19जापानीज। इंडियन कंपनी है। किसके द्वारा

13:22ओन करी जाती है? जापानीज के द्वारा ओन करी

13:25जाती है। जापान के लोगों द्वारा ओन करी

13:27जाती है। तो क्या बोलोगे भैया? इंडियन

13:29कंपनी कंपनी इन इंडिया सॉरी नॉट इंडियन

13:32कंपनी। इंडिया के अंदर एक कंपनी है जो

13:33जापान के द्वारा ओन करी जाती है। बिल्कुल

13:35डोमेस्टिक टेरिटरी है। बिल्कुल डोमेस्टिक

13:37टेरिटरी है। कैसे? भाई जापानीज लोग ओन

13:40करते हैं पर देश में तो हमारी जमीन पे

13:43खोला हुआ है ना। बिल्कुल हमारी डोमेस्टिक

13:45टेरिटरी है बेटा। ठीक है? फिर आता है जी

13:47ऑफिस ऑफ Reliance Industries न्यूयॉर्क।

13:50न्यूयॉर्क मतलब दूसरा देश है। यूएस के

13:52अंदर है। Reliance ने खोला हुआ है। हमारा

13:55डोमेस्टिक टेरिटरी नहीं है। वो उनकी जमीन

13:58है। उनकी जमीन पे हम बस रहकर काम कर रहे

14:00हैं। हमारा उन पे कोई हक नहीं है। भैया

14:02नहीं तो एक बात सोचो। इस लॉजिक से मैं

14:03आपको एक चीज़ बताऊं। मान लो आपको लग रहा

14:07होगा सर ये कैसे होगा? है तो इंडियन कंपनी

14:09ना, है तो इंडियन कंपनी ना। चलो एक लॉजिक

14:10सोचो। Reliance ने न्यूयॉर्क में एक जमीन

14:13ली और वहां पर अपना ऑफिस खोल लिया। और

14:16आपने अगर उसको कंसीडर कर लिया कि वो

14:17इंडिया की जमीन है तो बेटा जितने भी

14:20वेल्थी लोग होंगे ना वो तो पूरा का पूरा

14:23देश खरीद लेंगे। न्यूयॉर्क में सारे

14:26इंडियंस ने अगर ऐसे जमीन खरीद ली और एक

14:28बार जाके ये बोल दिया कि भाई जिसने खरीदी

14:32जिस देश के आदमी ने खरीदी वो उस देश की

14:34जमीन हो जाएगी। तो सारे इंडियंस फिर यूएस

14:36की जमीन नहीं खरीद लेंगे तो यूएस भी तो

14:38इंडिया बन जाएगा फिर ऐसे। तो इसीलिए आप

14:41जमीन पे काम कर सकते हो। आप उसको अपने देश

14:44का हिस्सा नहीं मान सकते। ये लॉजिक से आप

14:46बात समझ जाओगे शायद। ठीक है बेटा? तो

14:48Reliance का ऑफिस भले ही न्यूयॉर्क में है

14:50लेकिन हमारे देश का पार्ट नहीं होगा।

14:52ब्रांच ऑफ फॉरेन बैंक इन इंडिया। अच्छा

14:55फॉरेन का कोई बैंक है। इंडिया में उसकी

14:57ब्रांच है। इंडियन जमीन पे है ना तो भैया

14:59हमारी डोमेस्टिक टेरिटरी। सिंपल। इंडियन

15:01एंबसी जापान में है। हमारा है। भैया जापान

15:05के टेरिटरी में हो लेकिन इंडियन एंबसी है।

15:08हमारा है। हमारा है जी। ब्रांच ऑफ स्टेट

15:11बैंक ऑफ इंडिया एंड कनाडा या सॉरी चाइना

15:14चाइना के अंदर एसबीआई की ब्रांच है भाई

15:16चाइना के अंदर है हमारे देश में थोड़ी है

15:18तो बैंक की हो या कोई कंपनी हो कोई भी

15:21कंपनी बैंक या कोई भी ऐसी ऑर्गेनाइजेशन

15:24इंडियन एंबेसी नहीं कोई भी ऐसी

15:25ऑर्गेनाइजेशन जो प्राइवेट बॉडी द्वारा की

15:27जाती है अगर वो किसी भी देश में है तो वो

15:29डोमेस्टिक टेरिटरी नहीं होती है। इंडिया

15:31में है तो ही मानी जाएगी। क्लियर? रशियन

15:33एंबेसी इन इंडिया। बेटा रशिया की एंबेसी

15:36इंडिया में हमारा हिस्सा नहीं है भैया।

15:38उसमें रशिया का हिस्सा है। ये भी हमारा

15:39हिस्सा नहीं है। जी भाई साहब। Tata रेंटेड

15:42इट्स बिल्डिंग टू Google इन अमेरिका। मतलब

15:45Tata की एक बिल्डिंग थी अमेरिका में और

15:47उसने रेंट पे दे दिया Google को। तो भैया

15:49ऑब्वियस सी बात है अमेरिका में है वो चीज।

15:52हमारे यहां नहीं है तो ये भी हमारा

15:54डोमेस्टिक टेरिटरी नहीं माना जाएगा। आई

15:56होप कि आपको इस क्वेश्चन से काफी सारी

15:58क्लेरिटी आई होगी। ठीक है? वी आर डन विद

16:01हमारा डोमेस्टिक टेरिटरी। नाउ लेट्स मूव

16:04ऑन टू नॉर्मल रेजिडेंट्स। व्हाट इज़ अ

16:06नॉर्मल रेजिडेंट? मैंने अभी आपको बोला था

16:08कि 510 मिनट बाद मैं समझाऊंगा। अब

16:10समझिएगा। मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं।

16:12ये है हमारे मोहनलाल।

16:15मोहन लाल जी। मोहन लाल जो कि पैदा इस देश

16:20में हुए और बचपन से लेके चाय बना रहे हैं।

16:23मतलब जब से इन्हने होश संभाला है अपना। ये

16:25तब से चाय बना रहे हैं। इंडिया के अंदर ही

16:26रहते हैं। ये है जी भैया बर्ट। इसका नाम

16:30है जी बर्ट। बर्ट मिलर। बर्ट मिलर करके एक

16:33बंदा है। एक्चुअली में ये बंदा है। इसको

16:35मैं जानता हूं। मतलब पर्सनल ही नहीं बट

16:38इसको जानते हैं। काफी अच्छा बिजनेसमैन है।

16:41ये है जी मेक्सिको का आदमी। मेक्सिको का

16:44है। इसके मतलब नेटिव्स जो हैं वो मेक्सिको

16:46के हैं पर है यूएसए का। है यूएसए का। है

16:50यूएसए का। लेकिन इसके जो पूर्वज आते हैं

16:52वो मेक्सिको से आते हैं। इसने क्या सोचा

16:54कि मेक्सिको के बड़ी एक फेमस डिश होती है

16:56जिसको कहते हैं बरीटोज़ या टाको। टाकोस

16:59होते हैं ना मेक्सिकन डिश है। बरीटोज़ या

17:01टाको। तो इसने सोचा कि मैं क्या करता हूं?

17:05मैं जो है बरीटोज़ बेचता हूं इंडिया में।

17:08तो बोर में इसने क्या किया बेटा? एक अपनी

17:11बरीटो की दुकान खोली और Bटो की दुकान

17:14खोलकर चला रहा है काफी टाइम से। मतलब

17:16कितने टाइम से कम से मान लो 5 साल से चला

17:18रहा है। फाइव इयर्स तक चला रहा है। या

17:20फाइव ईयर नहीं छोड़ो। एक बेटर एग्जांपल

17:24देता हूं। 1 साल से ज्यादा हो गया है। मोर

17:27देन वन ईयर। ठीक है? वन ईयर मोर दैन मोर

17:29दैन वन ईयर। 1 साल से ज्यादा हो गया है और

17:32यहीं पर पैसा कमाता है। यहीं पर अपना

17:35बिजनेस करता है और यहीं पर ही रहता है।

17:37बताइए इसमें से नॉर्मल रेजिडेंट कौन होगा?

17:41आपके मन में आया होगा सर मोहन लाल जी ही

17:43नॉर्मल रेजिडेंट है। ये तो फॉरेन का

17:45रेजिडेंट होगा ना। बेटा यही सीखना है अपने

17:48को आज। क्या सीखना है? ये दोनों ही नॉर्मल

17:51रेजिडेंट्स हैं। सर क्या? पर ये तो आपने

17:54बोला ना यूएस का आदमी है। ये तो आके बस

17:56यहां पर काम कर रहा है। लेकिन कुछ कंडीशन

17:58होती है नॉर्मल रेजिडेंट की। नॉर्मल

18:00रेजिडेंट की कंडीशन ये होती है कि अगर

18:03आपको किसी भी देश का नॉर्मल रेजिडेंट बनना

18:06है तो आपको 1 साल से ज्यादा उस देश में

18:11रुकना पड़ेगा। तो मैंने क्या लिखा? मोर

18:13देन वन ईयर। ये एक साल से ज्यादा रुक चुका

18:16है। सिर्फ एक कंडीशन नहीं। दूसरी कंडीशन

18:18क्या होती है? उसका

18:22इकोनॉमिक इंटरेस्ट।

18:24इकोनॉमिक

18:26इंटरेस्ट भी इंडिया के अंदर ही होना

18:29चाहिए। इकोनॉमिक इंटरेस्ट मतलब इकोनॉमिक

18:32इंटरेस्ट माने कि अपना जो इनकम कमाता है

18:35जीवन जीने के लिए वो भी इंडिया से ही

18:38कमाएगा तभी जाके इसको नॉर्मल रेजिडेंस

18:40कंसीडर किया जाएगा। यानी कि एक आदमी जो कि

18:441 साल से ज्यादा रुक रहा है और इंडिया में

18:47ही पैसा कमा रहा है और इंडिया में ही पैसा

18:49खर्चा कर रहा है। मतलब इकोनॉमिक इंटरेस्ट

18:52उसका इंडिया में ही लाई करता है। भले ही

18:53बाहर का आदमी है तो उसे हम नॉर्मल

18:56रेजिडेंट मानते हैं। लेकिन आपको लग रहा

18:59होगा सर यार पर रेजिडेंटशिप के लिए तो हम

19:01लोग 5 साल के लिए नहीं बेटा वो

19:03रेजिडेंटशिप नहीं होता। वो सिटीजनशिप होता

19:05है। तो सिटीजन और रेजिडेंट दोनों में फर्क

19:08होता है। ठीक है? समझ आया? अब मेरी बात को

19:11ध्यान से सुनिएगा। इसको पढ़ो। नॉर्मल

19:13रेजिडेंट ऑफ़ अ कंट्री रेफर्स टू एन

19:16इंडिविजुअल। या तो एक इंडिविजुअल भी हो

19:18सकता है या फिर कोई एक इंस्टीट्यूट भी हो

19:20सकता है। जरूरी नहीं है कि आदमी होता है।

19:22कोई इंस्टीट्यूट भी नॉर्मल रेजिडेंट हो

19:24सकता है। यानी कि कोई ऑफिस। जैसे Reliance

19:26Reliance भी एक नॉर्मल रेजिडेंट बन सकता

19:28है। हु ऑर्डिनरी रिसाइड्स इन दी कंट्री जो

19:33कि कंट्री में रह रहे हैं। कंट्री की

19:34स्पेलिंग गलत है। ध्यान से करेक्ट कर

19:36लेना। एंड हुूज सेंटर ऑफ इकोनॉमिक

19:40इंटरेस्ट। सेंटर ऑफ इकोनॉमिक इंटरेस्ट

19:42यानी कि देश जिसमें रह रहा है उसी देश में

19:45कमाता है। उसी देश में खर्चा करता है।

19:47आल्सो लाइज़ इन दैट कंट्री कि इसी देश में

19:50ल करता है। नॉर्मल रेजिडेंट इंक्लूड बोथ

19:53इंडिविजुअल एंड इंस्टट्यूट। समझ गए? जो

19:56आदमी पैदा हुआ कमा रहा है इस देश के अंदर

19:59ये तो नॉर्मल रेजिडेंट है ही। जो आदमी एक

20:02साल से ज्यादा अपना समय बिता चुका है इस

20:03देश में इंडिया के अंदर और पैसा भी यहीं

20:06कमाता है, खर्चा भी यहीं करता है। ये भी

20:08नॉर्मल रेजिडेंट माना जाएगा। ठीक है बेटा?

20:10समझ आया? आगे बढ़ते हैं। अब कौन-कौन

20:13नॉर्मल रेजिडेंट नहीं होता सर? वो बताओ

20:15फिर। कुछ एग्जांपल तो दो जिससे कि थोड़ी

20:17और क्लेरिटी आए। बेटा फॉरेन टूरिस्ट जो

20:20आते हैं विजिटर्स आते हैं जैसे आपके कोई

20:24यूएस के कोई फ्रेंड हैं वो आपके घर पे आए

20:27खाना खाने के लिए या इंडिया घूमने के लिए

20:30एक महीने तक उन्होंने इंडिया घूमा है ना

20:32ताजमहल देखा गोवा में पार्टी पार्टी कर ली

20:35कश्मीर वाश्मीर घूम के आ गए है ना

20:37राजस्थान में वो भैया जो है वो फोक डांस

20:40वगैरह देख लिया 1 महीने बाद वापस चले गए

20:42ठीक है 1 महीने बाद वापस चले गए तो मुझे

20:45बताइए क्या एक साल का टाइम कंप्लीट हुआ

20:48नहीं। दूसरी चीज़ क्या वो इंडिया में पैसा

20:50कमा रहे हैं? इंडिया में ही खर्चा कर रहे

20:52हैं? नहीं। तो भैया नॉर्मल रेजिडेंट नहीं

20:53होंगे। वो तो हॉलिडे पे आए हैं ना यार। या

20:56तो अपना इलाज कराने आए हैं। कुछ लोग बेटा

20:58इंडिया में आते हैं अपना इलाज कराने या

20:59हॉलिडे कर हॉलिडज़ करने। तो ऐसे लोगों को

21:02हम नॉर्मल रेजिडेंट नहीं मानते। ठीक है?

21:04वो सिर्फ घूमने आए, ट्रैवल करने आए हैं।

21:05जैसे कि ये देख लो जब टोनी स्टार्क आया,

21:07लनाडो डीकप्रियो हो या विल स्मिथ आए घूमने

21:10फिरने अपनी मूवी का प्रमोशन करने तो भैया

21:13नॉर्मल रेजिडेंट नहीं माने जाएंगे। मतलब

21:14इंडिया के नॉर्मल रेजिडेंट नहीं है। नहीं

21:16तो पता चला ये भी जय श्री राम और जय हो जय

21:18हिंद जय भारत करने लग जाएंगे। नॉर्मल

21:20रेजिडेंट बन गए। ऐसे ही एक बार लैंड होने

21:22के बाद फॉरेन स्टाफ ऑफ एंबसीज ऑफिशियलल्स

21:26डिप्लोमेट्स एंड मेंबर्स ऑफ दी आर्म्ड

21:28फोर्सेस। अभी मैंने क्या बोला था? एंबसी

21:32अगर है कोई जैसे कि यूएस की एंबसी इंडिया

21:35में जो है यूएसए की कोई एंबसी है वो

21:38इंडिया में है। ये देखो यूएसए की यूएस

21:41एंबसी न्यू दिल्ली इंडिया। ये देखो इंडिया

21:43के अंदर यूएस की एंबेसी खुली। तो यहां पर

21:46जो लोग काम कर रहे होंगे वो यूएस के लोग

21:47काम कर रहे होंगे। तो पहली बात तो ये

21:51इंडिया के डोमेस्टिक टेरिटरी ही नहीं है।

21:54मैं आपको एक छोटी सी चीज बताता हूं। देखो

21:56ये अपना इंडिया रहा। ठीक है? थोड़ा सा रफ

21:59डायग्राम बनाना समझ जाना। मान लो ये छोटा

22:01सा एरिया है जिसको हम क्या कह रहे हैं

22:04बेटा? यूएस एंबसी। मेरी बात को थोड़ा

22:08ध्यान से समझना। ठीक है? क्या ये हमारी

22:10डोमेस्टिक टेरिटरी है? आप बोलोगे नहीं सर

22:12नहीं है। सर नहीं है। ठीक है? जब ये मेरी

22:16जमीन ही नहीं है तो इस पे 1 साल तक आप रह

22:20भी रहे हो तो आप नॉर्मल रेजिडेंट कैसे

22:24होगे? आपको तो मेरी जमीन पर रहकर कमाना

22:28पड़ेगा ना। मेरी जमीन पर रहकर ही आपको

22:31खर्चा करना पड़ेगा ना। पर आप तो यूएस

22:33एंबसी में बैठे हुए हो। यानी कि हमारी

22:36जमीन पर बैठे ही नहीं हो। तो आप कहां से

22:38नॉर्मल रेजिडेंट बन जाओगे? यानी कि जो

22:42यूएस एंबसी या फॉरेन एंबसी के लोग स्टाफ

22:45या जो आर्मी जो बेस कैंप बना कर बैठी किसी

22:48देश में वो एरियाज डोमेस्टिक टेरिटरी तो

22:51है नहीं और उस पे आप साल भर क्या 5 साल तक

22:54रह रहे हो तो भी आप उसके नॉर्मल रेजिडेंट

22:57नहीं माने जाओगे क्योंकि वो हमारी देश की

22:59जमीन ही नहीं है तो आपको क्यों नॉर्मल

23:01रेजिडेंट मानेंगे हम लोग इसीलिए इनको

23:04नॉर्मल रेजिडेंट नहीं माना जाता आई होप कि

23:06आपको ये बात भी समझ आई होगी एंड सो ऑन भाई

23:09यू एनओ और डब्ल्यूho ये तो वैसे भी

23:11डोमेस्टिक टेरिटरी नहीं होती किसी भी देश

23:13की। तो इसमें काम करने वाले लोग भी इनमें

23:16काम करने वाले लोग भी ना नॉर्मल रेजिडेंट

23:19है ना ये खुद नॉर्मल रेजिडेंट है। मैंने

23:21क्या बोला था? कोई ऑर्गेनाइजेशन या

23:23इंस्टट्यूट भी नॉर्मल रेजिडेंट हो सकता

23:25है। तो डब्ल्यूho और यूएनओ खुद और इसके

23:28अंदर जो स्टाफ काम कर रहा है वो खुद

23:32नॉर्मल रेजिडेंट नहीं माना जाएगा। जैसे कि

23:34अमेरिकन है कोई वो यू एनओ में काम कर रहा

23:37है। इंडिया के अंदर जो ऑफिस है ना यूएनओ

23:40का उसमें काम कर रहा है। तो वो किसका

23:42नॉर्मल रेसिडेंट होगा? क्या बोला मैंने?

23:44डब्ल्यूho या यूएनओ का ऑफिस में एक

23:47अमेरिकन काम कर रहा है। इंडिया के अंदर है

23:50वो WHO या यू एनओ का ऑफिस। तो मुझे बताओ

23:53वो अमेरिकन कहां का रेसिडेंट हुआ? आप

23:55बोलोगे जी यूएस का होगा। क्यों? वो यूएस

23:57का सिटीजन है। यूएस का रेजिडेंट है। और

23:59डोमेस्टिक टेरिटरी पे काम नहीं कर रहा।

24:01इंडियन कोई अगर यू एनओ में काम कर रहा है

24:04भले ही कहीं भी हो वो इंडिया का ही नॉर्मल

24:07रेजिडेंट कहलाएगा। ठीक है? अब कुछ

24:09क्वेश्चन करेंगे ना तो तुम्हें और बेहतर

24:11समझ आएगा। तो टेंशन मत लो। नाउ क्रू

24:14मेंबर्स, फॉरेन वेसल्स, कमर्शियल

24:17ट्रैवलर्स एंड सीजनल वर्कर्स प्रोवाइड देर

24:19स्टे लेस देन वन ईयर। जैसे कि बेटा आईपीएल

24:23के प्लेयर्स आते हैं आपके देश में फॉरेन

24:24के। वो आते हैं 3 महीना खेलते हैं, रहते

24:27हैं, कमाते भी हैं। कमाते भी हैं, रहते भी

24:30हैं और खर्चा भी यहीं करते हैं। हां या

24:32ना? करोड़ों लेकर जाते हैं इंडिया से पर 3

24:35महीने तक ही रहते हैं ना? पूरे साल भर तो

24:37रहते नहीं है। तो क्या होगा? नॉर्मल

24:38रेजिस्टेंट नहीं होंगे। नहीं माने जाएंगे

24:40नॉर्मल रेजिस्टेंट। समझ आया? क्लियर है?

24:42अब मैं आपको ये बताता हूं ये कौन है। आपने

24:45शायद एक मूवी का नाम सुना होगा सरपजीत।

24:47सरपजीत नाम की मूवी उसमें एक ये फार्मर

24:50होता है। मैंने मूवी देखी नहीं है। पर

24:51मुझे थोड़ा बहुत आईडिया है क्या था इसमें।

24:53तो पाडन भी अगर मैं कुछ उल्टा सीधा बोल

24:55दूं लेकिन मुझे जितना याद है वो ऐसे ही

24:57करता था कि भैया उसकी जमीन जो थी वो

24:58पाकिस्तान में हुआ करती थी और वो रहता

25:01इंडिया में था और इंडिया का ही सिटीजन था

25:03वो इंडियन आदमी फार्मर पाकिस्तान अपने खेत

25:07में खेती करने जाया करता था पार्टीशन के

25:09टाइम पे क्या उनकी जमीन उधर रह गई तो

25:11लोगों को पास मिलता है डेली पास आप जाओ

25:13अपनी खेती करके वापस आ जाओ ठीक है ये

25:16मिलता है पर आपका खेत वहां है तो आप वहां

25:20के नॉर्मल रेजिडेंट नहीं हुए आप सिर्फ काम

25:23करने वहां जाते हो। रहते तो आप इंडिया में

25:25ही हो। इंडियन टेरिटरी पे ही रह रहे हो।

25:27डोमेस्टिक टेरिटरी इंडिया पे ही रह रहे

25:28हो। तो आप इंडिया के नॉर्मल रेजिडेंट होगे

25:31पाकिस्तान के नहीं। तो क्या बोल रहा है?

25:33बॉर्डर वर्कर्स हु लिव नियर दी इंटरनेशनल

25:36बॉर्डर्स अक्रॉस दी बॉर्डर्स और रेगुलर

25:38बेसिस टू वर्क इन अदर कंट्री। दे आर

25:42ट्रीटेड एज नॉर्मल रेजिडेंट ऑफ दी कंट्री

25:44वेयर दे लिव नॉट वेयर दे वर्क। जहां काम

25:48करने जाते हैं वो वहां के नॉर्मल रेजिडेंट

25:49नहीं है। जहां रहते हैं वो वहां के नॉर्मल

25:51रेजिडेंट हैं। इंडियन आदमी जो रह रहा है

25:53इंडिया में वो इंडिया का नॉर्मल रेजिडेंट

25:55होगा। जैसे कि सरजीत इंडियन रेजिडेंट था।

25:57इंडियन नॉर्मल रेजिडेंट है। पाकिस्तान

25:59सिर्फ काम करने जाया करता था। ठीक है

26:01बेटा? समझ आया? कुछ एग्जांपल देख लो। देखो

26:04इंडियन ऑफिशियल्स वर्किंग इन इंडियन

26:07एंबेसी इन यूएस। यूएस की एंबेसी में काम

26:10कर रहे हैं। यूएस नहीं इंडियन एंबेसी के

26:12अंदर काम कर रहे हैं यूएस के अंदर। वो

26:14हमारी टेरिटरी है। हमारी टेरिटरी पे काम

26:16कर रहे हैं। बिल्कुल हमारे नॉर्मल

26:18रेजिडेंट माने जाएंगे। हमारी जमीन पे काम

26:20कर रहा है। नॉर्मल रेजिडेंट है। अ जापानीज़

26:23टूरिस्ट हु स्टेज़ इन इंडिया फॉर 2 मंथ्स।

26:252 महीने के लिए घूमने आया जापानीज़। क्या

26:27है भैया? हमारा नॉर्मल रेजिडेंट नहीं है।

26:30सिंपल सी बात है। एक साल से ज्यादा रहना

26:31चाहिए उसको। इंडियंस गोइंग टू वर्क

26:35इंडियंस गोइंग टू पाकिस्तान फॉर वाचिंग

26:37क्रिकेट मैच। भाई इंडियन आदमी पाकिस्तान

26:39अगर मैच देखने चला गया है तो वो पाकिस्तान

26:42का रेजिडेंट हो जाएगा। बिल्कुल भी नहीं।

26:44बिल्कुल भी नहीं। एक साल से ज्यादा रहा

26:45नहीं। काम आ रहा है वहां पे। खर्चा कर रहा

26:47है वहां पे। नहीं। बस मैच देखने गया है।

26:49दूसरी चीज इंडियंस वर्किंग इन यूएनओ ऑफिस।

26:52मैंने क्या बोला? इंडियन यूएनओ में अगर

26:54काम कर रहा है लोकेटेड इन अमेरिका फॉर लेस

26:56देन वन ईयर। 1 साल से कम हुए लेकिन अभी

27:00यूएनओ में काम कर रहा है। तो क्या होगा?

27:02बताइए। बताइए क्या होगा? सिंपल सा लॉजिक

27:05है जी। ये क्या होगा? ये एक नॉर्मल

27:07रेजिडेंट कंसीडर किया जाएगा। ठीक है? फिर

27:09देखो। इंडियन एंप्लई वर्किंग इन यूएओ WHO

27:12इंडियन एंप्लई जो WHO में काम कर रहा है

27:16लोकेटेड इन इंडिया इंडिया के अंदर लोकेटेड

27:20है इंडियन जमीन पे ही है। WHO का काम कर

27:22रहा है। तो क्या बोला जाएगा बेटा? ये जो

27:25है आपका नॉर्मल रेजिडेंट माना जाएगा

27:27इंडिया का। बिल्कुल ठीक है। ठीक है?

27:29बिल्कुल माना जाएगा। फॉरेन टूरिस्ट

27:31विजिटिंग इंडिया फॉर अ मंथ टू सी ताजमल।

27:34ताजमहल देखने आ रहा है। बिल्कुल भी नॉर्मल

27:36रेजिडेंट नहीं है। ठीक है? बिल्कुल भी

27:37नॉर्मल रेजिडेंट नहीं है। और इंडियन

27:39मुस्लिम्स गोइंग टू हज। बेटा इंडियन

27:42मुस्लिम हज करने जा रहे हैं सऊदी। तो क्या

27:45ये इंडिया के रेजिडेंट है कि सऊदी के?

27:47इंडिया के रेजिडेंट है। लो भैया अपना ये

27:49पॉइंट भी यहां पर क्लियर होता है। क्लियर

27:52है बच्चे? कोई दिक्कत, कोई परेशानी? चलो

27:54जी। बहुत बढ़िया। आई होप कि आपको अच्छी

27:56खासी क्लेरिटी आ गई होगी। क्या-क्या हमने

27:58यहां पर पढ़ा है। क्लियर है बच्चे? कोई

28:00दिक्कत, कोई परेशानी? अब चलो जी आगे बढ़ते

28:02हैं। अब जरा देख लो डिफरेंस बिटवीन

28:05सिटीजनशिप और रेसिडेंटशिप। सिटीजन कौन

28:07होता है जी? सिटीजन वो व्यक्ति है जो इसी

28:10देश में पैदा हुआ हो या पांच साल से

28:13ज्यादा रह चुका है। सिटीजनशिप रहने मिलने

28:17के लिए आपको सिटीजनशिप के लिए अप्लाई करना

28:19पड़ता है। तो दो चीजों से अप्लाई कर सकते

28:21हो। या तो आप पैदा हो जाओ उस देश में तो

28:24आप ऑलरेडी सिटीजन बन जाओगे। जैसे बहुत

28:26सारे लोग क्या करते हैं? अपना जब बच्चा हो

28:27रहा होता है ना तो किसी दूसरे देश में

28:29जाकर डिलीवरी दे देते हैं कि पैदा जहां

28:32होगा वो वहां का सिटीजन ऑटोमेटिकली बन

28:34जाएगा। जैसे कि बहुत सारे लोग जो हैं क्या

28:37करते हैं बच्चे यूएस में जाके अपने बच्चों

28:40की डिलीवरी दे देते हैं तो यूएस की

28:41सिटीजनशिप मिल जाएगी उनको। ऐसा होता है।

28:44ठीक है? तो आप अगर 5 साल तक किसी देश में

28:46रहते हो तो आप उस देश की सिटीजनशिप के लिए

28:49अप्लाई कर सकते हो। या तो आप उधर पैदा हो

28:51जाओ। अ पर्सन बोर्न आउटसाइड इंडिया अप्लाई

28:54फॉर सिटीजनशिप। ठीक है? जो भी उनका लॉ

28:57होगा, कानून होगा उसके अनुसार आपको क्या

28:59करना पड़ेगा? अप्लाई करना पड़ेगा।

29:02रेजिडेंशिप क्या है? आप वहां पर काम करो

29:05और एक साल से ज्यादा रहो। यही इसका बेसिक

29:07रूल है। बेसिक इकोनॉमिक एक्टिविटीज

29:10परफॉर्म्ड बाय अ पर्सन वो वहीं की होनी

29:12चाहिए और एक साल से ज्यादा रहना चाहिए। तो

29:14ये बेसिक डिफरेंस है सिटीजनशिप और

29:17रेजिडेंशिप में। आई होप कि आपको ये क्लियर

29:19होगा। फटाक से इसका स्क्रीनशॉट ले लो। ठीक

29:21है बेटा जी? आई होप कि तुमने स्क्रीनशॉट

29:23ले लिया है। अब आगे बढ़ते हैं और अच्छे

29:26कांसेप्ट्स के ऊपर। कुछ शायद तुमने पढ़े

29:28होंगे, कुछ नहीं पढ़े होंगे लेकिन ध्यान

29:29से सुनिएगा। हर एक चीज का बहुत बड़ा

29:32इंपॉर्टेंस है। मैं बहुत स्लोली स्लोली भी

29:34करवा रहा हूं। तुम भले ही इसको स्पीड बढ़ा

29:36कर देख लेना क्योंकि आराम से कराने के

29:38पीछे उद्देश्य ये है कि तुम्हें हर एक चीज

29:40समझ आए। और जब तुम नेशनल इनकम करो तो

29:42तुम्हें याद रहेगा कि सारिं सर ने जो

29:44बताया था ना वो भैया अभी तक याद है हमें

29:46कि ये चीजें ऐड होती है। ये चीजें ऐड नहीं

29:49होती हैं। कह रहे हैं नेशनल इनकम का

29:50फार्मूला याद करना बड़ी बात नहीं है। पर

29:52उसमें क्या आता है? क्या इंक्लूड होता है?

29:54क्या इंक्लूड नहीं होता। यही गणित लगाना

29:57बड़ा दिमागदार वाली चीज है। और वो आप यहां

29:59सीखते हो इस लेवल पर। ठीक है? तो हर एक

30:01चीज को बारीकी से सिखा रहा हूं। ध्यान से

30:03सुनते जाना। भले ही तुम इसको स्पीड में

30:05देख लो कोई दिक्कत नहीं है। चलो जी। अब

30:07समझो फैक्टर इनकम क्या होती है? सिंपल सी

30:10चीज है। फैक्टर सर्विज क्या होती है बेटा?

30:13प्रोडक्शन करने के लिए जो भी आपके पास

30:15फैक्टर्स ऑफ प्रोडक्शन होते हैं उसमें

30:17कमाया हुआ पैसा आपकी फैक्टर इनकम होती है।

30:20जैसे फैक्टर ऑफ प्रोडक्शन क्या होते हैं

30:21बेटा आपके? फैक्टर फैक्टर्स ऑफ प्रोडक्शन

30:24क्या होते हैं बेटा वो? आपने बचपन में

30:27सीखा होगा। लैंड,

30:29लेबर,

30:31लेबर, अरे लेबर की स्पेलिंग क्या लिख दी

30:34भैया? लेबर, कैपिटल और ह्यूमन कैपिटल।

30:38ह्यूमन कैपिटल कह लो, एंटरप्रेन्योर कह

30:40लो, जो भी कहना है कह लो। ठीक है? ये चार

30:42आपके पास होते हैं जिनको हम क्या बोलते

30:44हैं बेटा? फैक्टर फैक्टर सर्विज या फिर

30:46फैक्टर ऑफ प्रोडक्शनंस कह सकते हैं। अब

30:48बेटा लैंड के बदले क्या मिलता है? रेंट।

30:50तो भैया रेंट आपने दे दिया। भाई जमीन के

30:52बदले आप रेंट दोगे। लेबर को क्या दोगे?

30:54वेजेस दोगे। आपने जब भी प्रोडक्शन कर लिया

30:57होगा और पैसा कमाया होगा तो आपने

30:59इन्वेस्टमेंट के बदले क्या दोगे? ब्याज

31:00दोगे। और जिस इंसान ने बिजनेस किया है,

31:03मेहनत करी है, उसको क्या मिलेगा? प्रॉफिट

31:04मिलेगा। मतलब जो भी आपने प्रोडक्शन करने

31:08के लिए फैक्टर्स का इस्तेमाल किया और बदले

31:10में उससे पैसा कमाया उसे हम क्या कहते हैं

31:12बेटा? फैक्टर इनकम कहते हैं। यानी कि

31:15फैक्टर सर्विसेज देने के बाद जो पैसा

31:16मिलता है उसे हम फैक्टर इनकम कहते हैं।

31:19इसको कमाया जाता है। इट इज अर्नड। क्या

31:22होता है बेटा ये? इट इज अर्नड। इसे कमाया

31:25जाता है। इसको अर्निंग कांसेप्ट भी कहा

31:27जाता है। ठीक है? अर्निंग कांसेप्ट यानी

31:29कि कमाए जाने वाला कांसेप्ट। ठीक है?

31:31फैक्टर इनकम रेफर्स टू इनकम रिसीव्ड बाय

31:34फैक्टर ऑफ प्रोडक्शन फॉर रेंडरिंग फैक्टर

31:37सर्विसेस इन द प्रोडक्शन प्रोसेस। कुछ भी

31:40बनाने के लिए मुझे इन चीजों की जरूरत

31:41पड़ती है। आप पहले से जानते हो इसके बनाने

31:44के बाद जब प्रोडक्ट बिकता है जो पैसा हमें

31:45मिलता है बदले में। भाई लेबर आया उसने

31:47वेजेस ली। लैंड ली थी उसके बगैर में रेंट

31:50ले लिया। पैसा लगाया था इंटरेस्ट मिल गया।

31:52आपने मेहनत लगाई अपनी तो प्रॉफिट मिला। ये

31:55सब चीजों के बदले जो इनकम आती है उसे हम

31:57क्या कहते हैं बेटा? फैक्टर इनकम कहते

31:59हैं। ठीक है सर। दूसरी चीज क्या होती है

32:01फिर? अच्छा आल्सो एक इंपॉर्टेंट चीज इसे

32:04हम नेशनल इनकम में इंक्लूड करते हैं। कहां

32:08गया जी? ये रहा। हम इसे नेशनल इनकम में

32:11इंक्लूड होते हैं। करते हैं। सर नेशनल

32:13इनकम क्या होती है? एक छोटी सी इनसाइड दो

32:15ना। नेशनल इनकम यानी कि आपके देश के

32:19द्वारा कमाया गया पैसा। कितना पैसा आपके

32:22देश ने बनाया है एक साल के अंदर या एक

32:24पीरियड के अंदर उसे हम कहते हैं नेशनल

32:26इनकम। तो जब हम वो निकालते हैं ना तो ये

32:29वाला पैसा भी इंक्लूड करते हैं कि जो आपको

32:31रेंट मिला होगा, जो आपको वेजेस मिली

32:33होंगी, इंटरेस्ट मिला होगा, जो आपको

32:35प्रॉफिट कमाया होगा आपने ये सब नेशनल इनकम

32:38निकालते टाइम हम इसको जोड़ते हैं। ठीक है?

32:40कमाया हुआ पैसा जोड़ते हैं ना कि ऐसा ही

32:43मिल जाने वाला पैसा। तो सर, ऐसा ही मिल

32:45जाने वाला पैसा क्या होता है? ट्रांसफरेंस

32:48इनकम। सर, ट्रांसफर इनकम क्या है?

32:50ट्रांसफर इनकम एक वन साइडेड इनकम होती है।

32:52वन साइडेड इनकम मतलब एक तरफ़ा प्यार वाली

32:54मोहब्बत। वह वाली चीज। अरे, यह क्या होता

32:57है कि होता है ना कि 20 लोग हैं क्लास

32:59में। 19 को पता है कि मुझे वह पसंद है, पर

33:01वह 20 इकलौती उसको नहीं पता कि मैं उसको

33:03पसंद करता हूं। है ना? यह वह वाली बात

33:05होती है कि मेरी तरफ से है। उसकी तरफ से

33:08ना हो चलेगा। मुझे पता है ना मेरी तरफ से

33:10है। तो, यह ट्रांसफर इनकम वही होता है

33:12बेटा। क्या? कि अगर मेरे को किसी को पैसा

33:15देना है, बदले में मैं उससे कुछ नहीं ले

33:17रहा। जैसे कि पापा आपको जो पॉकेट मनी देते

33:19हैं। बदले में आपको पैसा देते हैं वो।

33:22बदले में कुछ मांगते हैं। कुछ नहीं

33:24मांगते। ठीक है? जैसे बूढ़े लोगों को

33:26पेंशन आती है। जैसे बच्चों को स्कॉलरशिप

33:29मिल जाती है। आप बोलोगे सर स्कॉलरशिप के

33:31लिए तो मार्क्स लाने पड़ते हैं। अरे तो

33:33मार्क्स खुद के लिए लाते हो। जो स्कॉलरशिप

33:35दे रहा होता है उसको उससे क्या फायदा? समझ

33:37आया कि भाई मैंने 95% प्लस लेके आया और

33:40मुझे ₹50,000 की स्कॉलरशिप मिल गई। अरे तो

33:43लेकिन मार्क्स तो मेरे हैं। उससे मेरा

33:45फायदा उनका क्या फायदा है। ठीक है? तो ये

33:47वन साइडेड आपकी इनकम मानी जाती है। जैसे

33:50कि ट्रांसफर इनकम रेफर्स टू इनकम रिसीव्ड

33:53विदाउट रेंडरिंग एनी प्रोडक्टिव सर्विसेस।

33:57आपके बिना काम करे अगर आपको बदले में पैसा

34:00मिल जाता है उसे हम ट्रांसफर इनकम कहते

34:03हैं। जैसे कि पेंशन। पेंशन में आदमी क्या

34:05करता है? रिटायर होने के बाद भी पैसा आता

34:07रहता है। क्या हुआ? काम नहीं किया, पैसा आ

34:09गया। ये क्या होता है बेटा? इसे हम एक

34:11ट्रांसफर इनकम कहते हैं। इसको हम नेशनल

34:14इनकम के अंदर इंक्लूड नहीं करते। क्यों?

34:17आपने कुछ काम नहीं किया, ना आपने प्रोडक्ट

34:20बनाए, ना आपने सर्विज दी। जब आपने कोई भी

34:23वैल्यू एडिशन नहीं किया ना इकॉनमी में,

34:25फिर भी आपके पास पैसा आया है। यानी कि

34:28किसी और ने कमाया और उसने अपनी कमाई का

34:30हिस्सा आपको दे दिया। लेकिन आपने कोई

34:33कंट्रीब्यूशन नहीं दिया। इसलिए आपके

34:35हिस्से को नहीं हम इंक्लूड करते। सर थोड़ा

34:38सा एक और डीप अंडरस्टैंडिंग दो ना। जैसे

34:40कि बेटा आपके पापा ने ₹1 लाख सैलरी कमाई

34:43हर महीना। उनकी इनकम इंक्लूड होगी नेशनल

34:46इनकम में। पर ₹1 लाख में से अगर वो आपको

34:49₹1000 पॉकेट मनी देते हैं ना तो आपने वो

34:52₹1000 नहीं कमाया। आपके पापा ने कमाया था

34:55वो ऑलरेडी मैंने इंक्लूड कर दिया।

34:57ट्रांसफर इनकम जो आपके आपके पास आई है वो

35:00₹1 लाख तो मैंने देश की इनकम में ऑलरेडी

35:02इंक्लूड कर दिया। वो 1 लाख में से जो 1

35:04हजार आपको मिला है। आपने कमाया थोड़ी था

35:06तो आपको क्यों इंक्लूड करेंगे? ऑलरेडी वो

35:081 हजार में इंक्लूड कर चुका हूं पहले ही

35:10पापा की इनकम में। तो इसलिए वो नेशनल इनकम

35:13में इंक्लूड नहीं होता है। ठीक है बेटा?

35:14समझ आया? तो ये यूनिलैटरल होता है। वन

35:17साइडेड कांसेप्ट होता है बेटा। ये नेशनल

35:19इंक्लूड नेशनल इनकम में बिल्कुल भी

35:21रिफ्लेक्ट नहीं होता है। क्योंकि कोई भी

35:23सर्विज नहीं दी गई है। कोई भी चीजें आपने

35:25नहीं दी यहां पे तो नॉट इंक्लूडेड। ठीक है

35:27बेटा? ये कहीं से भी किया जा सकता है। देश

35:30के अंदर भी कमाया जा सकता है। देश के बाहर

35:31से भी पैसा आ सकता है। सर देश के बाहर

35:33पैसा कैसे आता है? कि किसी के बच्चे अगर

35:36बाहर पढ़ रहे हैं तो अपने मां-बाप को क्या

35:38कहते हैं बेटा? थोड़ा सा पैसा ट्रांसफर

35:39करते हैं। तो ये क्या होता में ट्रांसफर

35:40इनकम होती है। क्लियर? एग्जांपल क्या है?

35:43ओल्ड एज पेंशन, स्कॉलरशिप, अनइंप्लॉयमेंट

35:45अलाउंस, पॉकेट मनी। ये सब चीजें बेटा

35:48ट्रांसफर इनकम होती है। सर ये

35:49अनइंप्लॉयमेंट अलाउंस क्या होता है? सरकार

35:51ऐसे जो लोग बेरोजगार होते हैं वो अपना

35:54जीवन कैसे चलाएंगे? खाएंगे पिएंगे कैसे?

35:56जिंदा कैसे रहेंगे? तो सरकार कई बार कुछ

35:58पैसा बांटती है लोगों को जो कि अनइंप्लॉयड

36:00होते हैं उनको। ठीक है? समझ आया? ये बेसिक

36:03डिफरेंस है। आई वुड सजेस्ट कि आप इसको खुद

36:06एक बार रीड करिएगा। बिकॉज़ मैंने कांसेप्ट

36:08बता दिया तो रीड करने पे आपको और अच्छा

36:10कांसेप्ट क्लियर हो जाएगा। ठीक है? इसको

36:12एक बार जरूर रीड करिएगा। मस्ट रीड है ये।

36:15आपको क्लैरिटी ज्यादा होगी। लिख देता हूं

36:17मस्ट रीड। ठीक है? ये आप खुद देख लीजिएगा।

36:19बहुत ईजी चीज़ है। आप आराम से देख के समझ

36:21सकते हो क्योंकि मैंने आपको कांसेप्ट तो

36:22समझा ही दिया है। क्लियर बेटा? समझ आ गया?

36:24स्क्रीनशॉट ले लो। अब आगे बढ़ते हैं। फाइनल

36:28गुड और हमारा इंटरमीडिएट गुड। सर फाइनल

36:32गुड क्या होता है? और इंटरमीडिएट गुड क्या

36:34होता है? पहले तो ये समझो गुड्स क्या होते

36:36हैं? गुड्स यानी कि कोई एक ऐसा सामान जो

36:40कि किसी चीज के लिए इस्तेमाल किया जा सके

36:42और वो क्या इस्तेमाल हो सकता है? कुछ भी

36:44हो सकता है। या तो आप बेचने के लिए

36:47इस्तेमाल करोगे उसको कंज्यूम करोगे कुछ

36:50आपके इस्तेमाल होगा। तो ऐसे कई तरह के

36:52उसके यूजज़ होते हैं। ठीक है बेटा? ऑल

36:54थिंग्स दैट सेटिस्फाई ह्यूमन वांट्स आर

36:57कॉल्ड गुड्स। जो भी इंसान की इच्छाएं पूरी

36:59करती है उसे हम गुड्स कहते हैं। ऑन द

37:00बेसिस ऑफ़ यूज़ ऑफ़ गुड्स दे कैन बी मेनली

37:03क्लासिफाइड इंटू टू हेड्स। अच्छा अब क्या

37:05होता है ना आप किस तरीके से उसको यूज़ करते

37:08हो वो ये बताता है कि वो एक फाइनल गुड है

37:10या वो एक इंटरमीडिएट गुड है। मतलब सर यूेज

37:13बताएगा कि आप उसका इस्तेमाल कैसे कर रहे

37:16हो तब हम बताएंगे ये फाइनल गुड है या ये

37:18इंटरमीडिएट गुड है थोड़ा ब्रीफ मैं आपको

37:21समझाता हूं टेंशन मत लो फाइनल गुड और

37:23इंटरमीडिएट गुड सबसे पहले आते हैं जी

37:25फाइनल गुड के ऊपर फाइनल गुड क्या होता है

37:27फाइनल गुड यानी कि रेडी टू यूज़

37:31रेडी टू यूज़ रेडी टू यूज़ का मतलब है जब

37:35सामान यूज़ करने के लिए एकदम रेडी है जैसे

37:39कि भैया दूध का पैकेट आप दुकान से गए

37:42दुकान से दूध का पैकेट लाए आपने पी लिया

37:45सर गरम भी तो करते हैं वो गरम क्या है ना

37:47अपन करते हैं जनरली वैसे ये पेस्चराइज्ड

37:49मिल्क होते हैं पैकेट वाले इनको गर्म करने

37:51की जरूरत नहीं है वो तो अपन करते हैं अलग

37:53बात है चिप्स का पैकेट ले लो चिप्स का

37:55पैकेट ले लो दूध ले लो कुछ भी चीज ले लो

37:57आप उसको घर लाओगे और घर में ये इस्तेमाल

37:59हो जाएगा सीधा रेडी टू यूज़ है चेयर लेके

38:02आए घर पे लेकर आए बैठ गए उसका इस्तेमाल

38:05चालू हो चुका है रेडी टू यूज़ है फाइनल गुड

38:08है अब फाइनल गुड भी दो प्रकार के होते हैं

38:10बेटा ठीक ठीक है? या तो आप उसको इस्तेमाल

38:14करते हो या आप उसको इन्वेस्ट करते हो अपने

38:17बिजनेस के अंदर जो कि आपको फायदा दे। तो

38:19देखो क्या बोल रहा है। फाइनल गुड्स रेफर्ड

38:21टू दोज़ गुड्स व्हिच आर यूज्ड आइदर फॉर

38:24कंजम्पशन। या तो इस्तेमाल करने के लिए

38:27खरीदे जाएंगे या इन्वेस्टमेंट करने के लिए

38:30खरीदे जाएंगे। और बेटर एक्सप्लेन करता

38:32हूं। ध्यान से सुनिएगा। पहले कंजमशन समझो।

38:35सबसे पहले गुड्स परचेस्ड बाय कंज्यूमर

38:37हाउसहोल्ड एज दे आर मेंट फॉर फाइनल

38:39कंसमशन। जैसे कि दूध, जैसे कि बिस्किट,

38:42जैसे कि आपके कोई आपकी मिठाई। मिठाई घर

38:46में आई खरीद के आप सीधा खाओगे ही खाओगे।

38:49बिस्किट आया आप सीधा खाओगे ही खाओगे। उसको

38:51और कुछ नहीं करोगे। तो जब सीधा सामान

38:53खरीदा जाता है इस्तेमाल करने के लिए,

38:55कंज्यूम करने के लिए, खाने के लिए उसे हम

38:58फाइनल गुड कहते हैं। लेकिन सर अगर

39:00इस्तेमाल ना करें मतलब ऐसे कंज्यूम ना कर

39:03लें, उसको इन्वेस्ट कर दें तो क्या होगा?

39:05तो भी वो फाइनल गुड है। कैसे? गुड्स

39:08परचेस्ड बाय फर्म फॉर कैपिटल फॉर्मेशन और

39:11इन्वेस्टमेंट। आप जब पैसा कमाने के लिए एक

39:15प्रोडक्ट को खरीदते हो तो भी वो फाइनल गुड

39:18ही माना जाता है। कैसे? जैसे कि आपने एक

39:21प्रिंटिंग मशीन खरीद ली क्योंकि आपकी

39:23प्रिंटिंग की दुकान थी। तो जब आपने

39:26प्रिंटिंग मशीन खरीदी, यह क्या करेगा?

39:29आपकी मदद करेगा सालों साल पैसा कमाने के

39:32लिए। ये भी एक फाइनल गुड ही है। ये फाइनली

39:35आपको पैसा कमाने में मदद कर रहा है। इट इज

39:37अ फाइनल गुड। क्लियर? अब दो चीजें

39:40समझिएगा। ये है तो खर्चे ही ना दोनों। आप

39:43दूध खरीद रहे हो वो भी खर्चा है। आप अगर

39:45प्रिंटिंग मशीन खरीद रहे हो तो दोनों

39:47खर्चे हैं। इसे जो कि हम कंज्यूम कर लेते

39:50हैं तो इसे हम कंसमशन एक्सपेंडिचर कहते

39:52हैं। ठीक है? जिनको हम कंज्यूम कर लेते

39:56हैं तो उसे हम कंजम्पशन एक्सपेंडिचर कहते

39:59हैं बच्चे।

40:01ठीक है? और जिनको हम इन्वेस्ट कर देते

40:05हैं, जो पैसा हम इन्वेस्टमेंट के लिए

40:06खरीदते हैं, इन्वेस्टमेंट के लिए खर्चा

40:08करते हैं, उसे हम इन्वेस्टमेंट

40:11एक्सपेंडिचर कहते हैं।

40:15और जब ऐसे खर्चों को आप जोड़ देते हो तो

40:19बनता है

40:21फाइनल

40:23गुड्स। अच्छा सर जी। ऐसा है क्या? यानी कि

40:28जो भी खर्चे आपने कंजम्पशन के लिए किए

40:31जैसे कि दूध, बिस्किट, चाय, पानी वगैरह जो

40:33कि सीधा इस्तेमाल करने के लिए थे और जो

40:35खर्चे आपने किए अपनी दुकान या बिजनेस को

40:38इन्वेस्ट करने के लिए उसे कहते हैं उन

40:40दोनों को अगर मिला दोगे तो वो फाइनल गुड्स

40:42बन जाएंगे। क्या ये बात क्लियर है? तो ये

40:44हाईलाइटेड पॉइंट जो है ना वो यही लिखा हुआ

40:46है जो मैंने आपको यहां पर समझाया। ठीक है

40:48बेटा? इसको याद रखिएगा क्योंकि ये लाइनें

40:51कई बार क्या होता है आपको? फाइनल गुड

40:53डायरेक्टली नहीं लिखा होगा। आपको लिखा

40:55रहेगा एक कंजम्पशन एक्सपेंडिचर या

40:57इन्वेस्टमेंट एक्सपेंडिचर। बताओ क्या होता

40:59है? फिर आप इंडिविजुअली समझाओ और बताओ

41:01दोनों मिलाकर फाइनल गुड बन जाते हैं। ठीक

41:03है बेटा? अब फाइनल गुड समझ गए? अब आप देखो

41:06भाई साहब इंटरमीडिएट गुड क्या होता है?

41:08इंटरमीडिएट गुड बहुत सिंपल है। आप अगर

41:12रिसेल करने के लिए अगर प्रोडक्ट्स को

41:15खरीदते हो मतलब खर्चा कर रहे हो लेकिन

41:18दोबारा बेचने के लिए जैसे कि वो होता है

41:20ना कि दूध मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से मैंने

41:22दूध का पैकेट उठाया और मैंने दूध की डेरी

41:25खोल रखी है। मतलब होता है ना सांची की दूध

41:28की डेरी होती है। अमूल के पार्लर होते

41:29हैं। ये क्या होता है बेटा? फैक्ट्री से

41:32लाते हैं सामान और आपके आसपास की कॉलोनी

41:34के लोगों को बेचते हैं। तो ये क्या करता

41:36है? खरीदता है और बेचता है। ऐज़ अ रिटेलर

41:38करता है ना? तो जब आप रिसेल करने के लिए

41:40अगर खरीदते हो सामान को तो वो एक

41:43इंटरमीडिएट गुड माना जाता है। या अगर आप

41:47फर्दर

41:49फर्दर उसको प्रोड्यूस करने के लिए खर्चा

41:52कर रहे हो। फर्दर प्रोडक्शन यानी कि मान

41:54लीजिए जैसे मिल्क है। मिल्क को ही लेकर

41:56चलते हैं। मिल्क है जी। अब मिल्क बेटा अगर

42:00घर में अगर इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर

42:01ये कोई दूध का पैकेट खरीद कर लेकर गया घर

42:04में तो उसको डायरेक्टली कंज्यूम कर लेगा।

42:06तो वो क्या हो गया? फाइनल गुड हो गया।

42:08लेकिन अगर आप दूध खरीद कर लेकर गए और कौन

42:11खरीद कर लेकर गया? एक स्वीट शॉप। भाई

42:14मिठाई की दुकान पर भी तो दूध लगता है। हां

42:17या ना? मिठाई की दुकान पर भी दूध लगता है।

42:19क्यों? क्योंकि मिठाइयां दूध से बनती है।

42:22समझ आया? अब क्या किया? इस दूध को

42:25इस्तेमाल करके स्वीट शॉप ने क्या बना दिया

42:27बेटा? स्वीट्स बना दिया। मतलब फर्दर

42:31प्रोड्यूस कर दिया। यानी कि दूध की मदद से

42:35हमने मिठाई बना दी। ये क्या रहा था हमारा

42:38एक तरह का? रॉ मटेरियल। ये एक तरह का

42:43हमारा रॉ मटेरियल था। समझ आया? तो ये रॉ

42:46मटेरियल जो था ना ये हमारा एक इंटरमीडिएट

42:49गुड है। यानी कि अगर मैं एक स्टील का

42:55स्केल ले आऊं और उसका इस्तेमाल करने लग

42:57जाऊं। वो फाइनल गुड है। लेकिन अगर स्टील

43:00की रोड लेकर आऊं और उसको मैं घर बनाने में

43:03लगाऊं तो वो क्या हो गया? वो एक

43:05इंटरमीडिएट गुड हो गया। समझ आया? क्लियर

43:08है? तो रॉ मटेरियल की तरह जब चीजें लगती

43:10हैं तो हम उसे इंटरमीडिएट गुड कहते हैं।

43:13या दोबारा बेचने के लिए अगर कोई चीज खरीदी

43:15जाती है तो हम उसे इंटरमीडिएट गुड कहते

43:17हैं। ध्यान से देखिएगा। इंटरमीडिएट गुड्स

43:19रेफर्ड टू दोज़ गुड्स व्हिच आर यूज्ड आइदर

43:22फॉर रिसेल। या तो दोबारा बेचने के लिए

43:25खरीदे गए हैं या फर्दर प्रोड्यूस करने के

43:28लिए खरीदे गए हैं। उसी सेम ईयर में इस

43:30लाइन को याद रखना। अगर आपने सेम साल में

43:34ही बेच दिया या इसका इस्तेमाल कर लिया तो

43:37ही आप इंटरमीडिएट गुड करोगे। एक साल

43:40एक्स्ट्रा हो गया तो इंटरमीडिएट गुड नहीं

43:42रहेगा। समझाऊंगा अभी आगे। टेंशन मत लो।

43:44ठीक है? गुड्स परचेस्ड फॉर रीसेल, मिल्क

43:47परचेस्ड फॉर बाय अ डेरी। डेयरी शॉप के

43:49द्वारा अगर ये खरीदा गया दूध तो वो एक

43:51इंटरमीडिएट गुड है। और अगर आपने फर्दर

43:54प्रोडक्शन मिल्क का इस्तेमाल किया है

43:55मिठाइयां बनाने के लिए तो भी आपने उसको

43:57फर्दर प्रोड्यूस कर लिया और कुछ प्रोडक्शन

43:59कर दिया तो भी ये इंटरमीडिएट गुड माना

44:01जाएगा। ठीक है बेटा? मैं बहुत विस्तार से

44:03समझा रहा हूं। तो भैया इस बात को ध्यान से

44:05सुनिएगा। नाउ व्हाट इज अ प्रोडक्शन

44:08बाउंड्री? ये देखो एक बाउंड्री दिख रही है

44:10तुम्हें लाल कलर की। समझ आया? लाल कलर की

44:12बाउंड्री दिख रही है? जब भी प्रोडक्शन हो

44:15रहा होता है मतलब प्रोडक्ट अभी रेडी नहीं

44:18है बेचने के लिए। पहले एक खेत के आदमी ने

44:21मतलब जो फार्मर था उसने क्या किया? ₹2000

44:24की अ जो आइटम था ₹2000 का जो कॉटन था उसने

44:28उगाया और बेच दिया किसको? बी को। बी कोई

44:32था एक प्रोड्यूसर था। बी ने क्या किया

44:34बेटा? उसका कॉटन का धागा बनाया। यह जो रॉ

44:37मटेरियल था कॉटन इसका धागा बनाया और ₹3000

44:40में उसने किसको बेच दिया? C को बेच दिया।

44:43ठीक है? C क्या थी बेटा? एक

44:45मैन्युफैक्चरिंग कंपनी थी जो कि स्टिचिंग

44:47करती है। धागों से क्या? कपड़े बनाती है।

44:50तो सी ने क्या किया? कपड़े बनाए और ₹4500

44:53के कपड़े बनाए और कस्टमर को बेच दिए। मतलब

44:56यहां भी प्रोडक्शन हो रहा है। यहां भी

44:59प्रोडक्शन हो रहा है और यहां भी प्रोडक्शन

45:02हो रहा है। यानी कि ये भी इंटरमीडिएट गुड

45:05है। IG लिख देता हूं। ये भी इंटरमीडिएट

45:08गुड है। IG जी लिख देता हूं। अभी फर्दर

45:09प्रोडक्शन हो रहा है ना इसमें। ये भी

45:11इंटरमीडिएट गुड है आपका। अभी भी क्या हो

45:14रहा है बेटा? प्रोडक्शन हो रहा है। यहां

45:16भी प्रोडक्शन हो रहा है। यहां भी

45:17प्रोडक्शन हो रहा है। यहां भी प्रोडक्शन

45:18हो रहा है। लेकिन जैसे ही कपड़ा बन जाता

45:21है फिर वो मार्केट में जाता है और कस्टमर

45:24उसको फाइनली क्या करता है बेटा? खरीद लेता

45:27है। अब ये जो शर्ट इस कस्टमर ने खरीदी

45:29इसका फर्दर ये कुछ काट पीट के रुमाल-वामाल

45:32नहीं बनाएगा। अब यह सीधा इसको पहनेगा।

45:34मतलब इस्तेमाल करेगा। अब जब इसने सीधा

45:37इस्तेमाल कर लिया तो यह क्या बन गया?

45:41फाइनल गुड बन गया। क्या बन गया बेटा?

45:43फाइनल गुड। अभी जब तक प्रोडक्शन हो रहा

45:46था, फर्दर प्रोडक्शन हो रहा था।

45:48इंटरमीडिएट गुड था। प्रोडक्शन चल रहा था।

45:52प्रोडक्शन की बाउंड्री अगर क्रॉस कर दी तो

45:54ये फाइनल गुड बन गया। मतलब सीधा इस्तेमाल

45:58करने के लिए तैयार हो चुका है। तो

45:59प्रोडक्शन बाउंड्री क्या होती है? वो

46:01बाउंड्री जिसके ऊपर अभी तक प्रोडक्शन चल

46:05रहा है। जब प्रोडक्ट इस बाउंड्री को क्रॉस

46:08कर देता है तो प्रोडक्शन खत्म हो जाता है।

46:11मतलब अब इसमें प्रोडक्शन की कोई गुंजाइश

46:13नहीं है। अब सीधा बेचने या इस्तेमाल करने

46:15के लिए रखा गया है। समझ आया? ये एक

46:17बाउंड्री होती है। इसके ऊपर प्रोडक्शन

46:21चलता रहेगा। जैसे ही प्रोडक्ट इस बाउंड्री

46:24को क्रॉस करता है तो वो प्रोडक्शन

46:27प्रोडक्शन की प्रोसेस से मुक्त हो जाता है

46:30कि अब इसको प्रोडक्शन करने की जरूरत नहीं

46:31है अब ये बन चुका है प्रोडक्ट रेडी है अब

46:33इसको कुछ बनाने की जरूरत नहीं है जैसे कि

46:35अगर आप Creta गाड़ी खरीदने गए शोरूम में

46:38उसको आप क्या प्रोड्यूस करोगे उसका क्या

46:40हवाई जहाज जहाज बना सकते हो नहीं अब सीधा

46:42इस्तेमाल करने के लिए रेडी बैठी हुई है

46:44लेकिन जब स्टीयरिंग व्हील अलग से रखा था

46:46सीट अलग से रखी थी इंजन अलग पड़ा हुआ था

46:49अभी फरदर प्रोडक्शन बचा था ना तो रेडी टू

46:51यूज नहीं था। जब रेडी टू यूज़ होता है ना

46:53तो प्रोडक्शन बाउंड्री को क्रॉस कर चुका

46:55होता है। अब पढ़ोगे तो समझ आएगा तुम्हें।

46:58प्रोडक्शन बाउंड्री इज़ अ लाइन। एक ऐसी

47:00लाइन है अराउंड दी प्रोडक्शन सेक्टर।

47:03प्रोडक्शन सेक्टर के पास एक ऐसी लाइन है

47:06एज लॉन्ग एज गुड्स रिमेन विद इन द

47:09प्रोडक्शन बाउंड्री। जब तक इस प्रोडक्शन

47:11बाउंड्री के अंदर रहते हैं दे आर

47:15इंटरमीडिएट गुड्स। वो क्या कहलाते हैं

47:17बेटा? इंटरमीडिएट गुड्स कहलाते हैं।

47:19क्यों? उनका फर्दर प्रोडक्शन होना बचा है।

47:22एंड व्हेन गुड्स कम आउट ऑफ दिस बाउंड्री

47:25जब प्रोडक्ट्स इस बाउंड्री के बाहर आ जाते

47:27हैं, इट बिकम्स फाइनल गुड। इट बिकम्स

47:32फाइनल गुड। समझ आया? एक-एक चीज़ ऐसी बारीकी

47:35से समझा रहा हूं बेटा। तुम्हें कहीं टेंशन

47:37लेने की जरूरत नहीं है। कुछ करने की जरूरत

47:38नहीं। बस तुम इस वन शॉट को देख लो। मैं

47:40बार-बार कह रहा हूं। और ये देखना जरूरी

47:42है। तभी जाके तुम नेशनल इनकम कर पाओगे।

47:44वरना नहीं कर पाओगे। ये बात भी याद रखना।

47:46ठीक है बेटा? समझ आया? अब ध्यान से देखो।

47:48दो-तीन पॉइंट समझो। क्या होता है इसके

47:50अंदर? हम कैसे क्लासिफाई करें कि एक

47:53प्रोडक्ट इंटरमीडिएट गुड है और एक

47:56प्रोडक्ट फाइनल गुड है। तुम्हें मैंने

47:58जस्ट बताया। बेटा अगर मैंने दूध खरीदा

48:02घर पे इस्तेमाल करने के लिए तो बताओ क्या

48:06होगा? ये रेडी टू यूज़ है। सीधा इस्तेमाल

48:09हो जाएगा। क्या हुआ भैया ये? फाइनल गुड।

48:12मतलब घर के लोग सीधा इसका इस्तेमाल कर रहे

48:15हैं। क्या है जी? फाइनल गुड है। मैंने

48:18मिल्क खरीदा

48:20क्योंकि मेरी एक डेयरी शॉप है।

48:24फर्दर मेरे को सेल करना था। क्या करना था

48:26इसको? रिसेल करना है। दोबारा बेचने के लिए

48:29खरीदा हुआ है मैंने। रिसेल है ना? रिसेल

48:33रिसेल करना है मुझे। है ना? रिसेल करना

48:36है। सॉरी सॉरी सॉरी। रिसेल करना है। तो

48:39मैं क्या करूंगा बेटा? मैंने दूध खरीदा

48:41दोबारा बेचने के लिए प्रॉफिट कमाने के

48:44लिए। तो क्या हुआ बेटा ये? इंटरमीडिएट गुड

48:46कहलाएगा। है तो दूध ही लेकिन मेरा जो यूज

48:50है ना यूज ये यूज ये डिफाइन करवाता है कि

48:55एक प्रोडक्ट क्या होता है बेटा? एक

48:57प्रोडक्ट इंटरमीडिएट है या एक प्रोडक्ट

48:59फाइनल है। वो उसका इस्तेमाल बताता है।

49:02जैसे कि मैं दो-तीन एग्जांपल और देता हूं।

49:04ए सी मेरे कमरे में लग गया। क्या हुआ?

49:08फाइनल गुड है। फाइनली मैं उसका इस्तेमाल

49:10कर रहा हूं। एसी ऑफिस में लगा दिया जहां

49:14पर वो एक इन्वेस्टमेंट बन जाता है वो क्या

49:16हो गया बेटा वो भी एक क्या हो गया फाइनल

49:18गुड हो गया लेकिन मान लो मैंने एक एसी

49:22खरीदा बेचने के लिए तो वो क्या हुआ वो एक

49:24इंटरमीडिएट गुड हो गया तो आपका जो यूज़ है

49:27ना यूज़ वो ये बताता है क्या आपका ये गुड

49:30जो है इंटरमीडिएट है या ये फाइनल गुड है

49:33ठीक है बेटा समझ आया अब मेरी बात को एक और

49:36ध्यान से सुनना नेशनल इनकम इंक्लूड्स ओनली

49:39फाइनल गुड क्या बोला ये इस बात से क्या

49:42समझे ध्यान से सुनना बेटा एक प्रोड्यूसर

49:45ने गेहूं उगाया ठीक है गेहूं उगाया मान

49:49लीजिए ₹20 किलो के हिसाब से पर केजी पर

49:54केजी इसने पर केजी इसने क्या किया बेटा

49:58₹20 किलो के हिसाब से उगाया ठीक है इसका

50:01हमने क्या बना दिया बेटा एक एक प्रोड्यूसर

50:03के पास गया यह इसने इसका आटा बना दिया आटा

50:06बन गया जी ₹35 का पर केजी

50:10अपना भी तो प्रॉफिट जोड़ेगा इसमें। ये है

50:12ना? और फिर किसी ने इस आटे का क्या बना

50:15दिया बेटा? कुकीज़ बना दी। इस आटे की किसी

50:18ने यहां पर कुकीज़ बना दी। ठीक है? कुकीज़

50:21बना दी। तो कुकीज़ जो है वो क्या हुआ बेटा?

50:23कुकीज़ जो थी बेटा वो थी मान लीजिए ₹60 की।

50:27कितने की थी? ₹60 की थी। क्लियर? समझ आया?

50:31अब मुझे एक बात बताइए।

50:34प्रोडक्ट क्या है? प्रोडक्ट तो गेहूं ही

50:36है। भले उसको ट्रांसफॉर्म करके मैंने इस

50:39चीज में बना दिया। मुझे एक बात बताइए मैं

50:43नेशनल इनकम जब कैलकुलेट करूंगा तो मैं कौन

50:46सा पैसा इंक्लूड करूंगा? भाई पैसा तो इसने

50:49भी कमाया गेहूं उगाकर बेचा इसको। पैसा तो

50:53इसने भी कमाया। आटा बनाकर बेचा इसको।

50:56कुकीज़ तो यह भी बना रहा है। इसने भी पैसा

50:58कमाया। यह बेच रहा है आगे। पैसा तो सभी

51:01बना रहे हैं। हां या ना? तो एक काम करता

51:03हूं। ₹20 इसके जोड़ देता हूं। ₹35 इसके

51:06जोड़ देता हूं और ₹60 इसके जोड़ देता हूं।

51:09सही है ना यार? सही है ना? मस्त एकदम? सही

51:12है ना? कोई दिक्कत कोई परेशानी? नहीं ना?

51:15नहीं ना? कितना हुआ जी? ये हो गया 95। 95

51:18और कितना हो गया जी? ₹15। तो ₹115 आपके

51:21देश ने कमाए। नेशनल इनकम 115 हो गई। गलत।

51:25गलत। क्यों? एक बात ध्यान से सुनो। यह जो

51:28₹60 हैं ना बेटा, ₹60 इस ₹60 में यह ₹35

51:34और यह ₹20 कौन से बेटा? अरे रे भैया, ये

51:37क्या हो गया? अरे ये क्या हो गया जी? ये

51:40क्या हो गया जी? अरे भैया इतनी सारी

51:42स्लाइड्स कैसे खुल गई? चलो कोई बात नहीं।

51:45रुक जाओ। हां, इधर देखो। ध्यान से देखो।

51:49यह ₹60 में यह 35 और यह 20 जो यह फर्दर

51:54प्रोडक्शन था ना इसने ₹15 और कमाए। इसने

51:58कुछ ₹25 सॉरी हां ₹25 और कमाए। तो आप समझ

52:01रहे हो इनके अंदर ही सेम प्रोडक्ट लाई

52:04करता है। सीधा मैं ये वाली वैल्यू लूंगा

52:08क्योंकि इस वैल्यू में ये भी इंक्लूडेड है

52:10और ये भी इंक्लूडेड है। बेटा एक्चुअली में

52:14तो ₹60 ही देश ने कमाए हैं। आप सेम

52:17प्रोडक्ट को बार-बार बेचते रहोगे तो थोड़ी

52:19उसकी वैल्यू बढ़ जाएगी। जैसे कि मैं आपको

52:21एक और एग्जांपल बताता हूं। जैसे मान लीजिए

52:23किसी ने ₹10 लाख की गाड़ी खरीदी। ठीक है?

52:26उसने किसी को बेचा और उसने बेच दिया उसको

52:295 साल बाद ₹5 लाख में। 5 साल इस्तेमाल

52:32किया और ₹5 लाख में बेच दिया। तो गाड़ी की

52:35वैल्यू ₹15 लाख हो जाएगी क्या बताइए? क्या

52:38गाड़ी की वैल्यू ₹15 लाख हो जाएगी? अबे

52:40गाड़ी 10 लाख की है। 15 की कैसे हो जाएगी?

52:43समझ आया? ऑलरेडी ₹1 लाख वो दे चुका है। वो

52:47इंक्लूड हो गई है। ये फर्दर जो 5 लाख मिले

52:50हैं इसको इंक्लूड नहीं करेंगे क्योंकि ये

52:515 लाख इसी के हैं। इसी के अंदर की वैल्यू

52:55के हैं। जैसे ये गाड़ी की वैल्यू 5 साल बाद

52:595 ही लाख बची। ये 10 लाख की वैल्यू थी

53:01इसकी। 5 साल बाद 5 साल बाद उसकी वैल्यू ही

53:045 लाख है। तो 5 लाख एक्स्ट्रा इनकम थोड़ी

53:08हुई। ये तो इसी की तो इनकम है। इसी का ही

53:10तो इसका हिस्सा है। समझ आया मेरी बात?

53:13क्या बोलना चाह रहा हूं मैं? ठीक है? 10

53:15लाख की गाड़ी ₹15 लाख की नहीं हो जाती

53:17दोबारा बेचने पर। यह माना जाता है कि जिस

53:20आदमी ने पहली खरीदी होगी, उसने 5 लाख का

53:24यूज़ कर लिया गाड़ी को। बची उसकी 5 लाख की

53:27वैल्यू। उसने किसी और को ट्रांसफर कर दी।

53:29तो ट्रांसफर हुई है। नया पैसा नहीं कमाया

53:32देश ने। इसीलिए इस कंसेप्ट को बोला जाता

53:36है कंसेप्ट ऑफ डबल काउंटिंग। मैं बार-बार

53:40किसी और को बेचता रहूंगा। चलो छोड़ो एक और

53:42कांसेप्ट देख लो। अगर एक बिस्किट को मैं

53:45पांच लोगों को बेचता हूं। मतलब मैंने किसी

53:47को बेचा, उसने किसी को बेचा, उसने किसी को

53:49बेचा, उसने किसी को बेचा। बिस्किट का

53:51पैकेट तो एक ही है ना? बिस्किट का पैकेट

53:54तो एक तो एक ही है ना। एक बिस्किट का

53:56पैकेट है। मैंने उसको ₹30 में बेचा। सामने

53:58वाले ने भी उसको ₹30 में बेचा। सामने वाले

54:00ने भी उसको ₹30 का बेचा। सामने वाले ने भी

54:01₹30 ₹30 में बेचा। सामने वाले का ₹ ₹30 का

54:04बेचा। तो क्या बिस्किट के पैकेट ने ₹150

54:06कमाए? क्या बिस्किट के पैकेट ने बेटा ₹150

54:09कमाए? एब्सोलुटली नॉट। बिल्कुल भी नहीं।

54:12क्यों? है तो सेम ही चीज़ ना। एक ही

54:14प्रोडक्ट है। एक प्रोडक्ट पे आप एक ही बार

54:17उसको काउंट कर सकते हो। पांच बार नहीं

54:18करोगे ना वरना आपकी इनकम दिखेगी बहुत

54:21ज्यादा और जेब में पैसे दिखेंगे 10 अह ₹30

54:24इनकम दिख रही है 150 जेब में कैश ₹30 पड़े

54:27हुए हैं तो ये तो कहीं ना कहीं मैच नहीं

54:29होगा ना इसीलिए कि आप क्या ना कर दो गलती

54:32से आप गलती से इसको क्या ना कर दो बच्चे

54:36आप गलती से इसको दोबारा काउंट ना कर लो

54:39इसलिए इसको डबल काउंटिंग का पॉइंट बोला

54:41जाता है कि ये डबल काउंटिंग का कांसेप्ट

54:43है। ठीक है? ओनली फ़ाइनल गुड्स आर

54:46इंक्लूडेड इन नेशनल इनकम? द इंटरमीडिएट

54:49गुड्स आर नॉट इंक्लूडेड इन नेशनल इनकम।

54:52व्हाई? एज़ दे आर ऑलरेडी इंक्लूडेड इन दी

54:56फाइनल गुड्स। इफ़ देयर वैल्यू इज़ ऐडेड

54:59अगेन, इट विल लीड टू डबल काउंटिंग। मैं

55:01आपको एक और अगर लास्ट ऑप्शन बताऊं ना, तो

55:03आप ये समझ जाओगे कि अगर आप एक मोबाइल

55:05खरीदने जाते हो तो आपको मोबाइल ₹60,000 का

55:08अगर पड़ रहा है, तो आपसे ₹60 ₹60,000 के

55:12अलावा उसकी बैटरी के अलग से पैसे, उसके

55:14कैमरे के अलग से पैसे, उसके अलग से

55:17चार्जिंग पोर्ट के अलग से पैसे नहीं मांगे

55:19जाते। वो 60 में इंक्लूडेड होते हैं। रॉ

55:23मटेरियल ऑलरेडी इंक्लूडेड होता है।

55:25इंटरमीडिएट गुड्स रॉ मटेरियल होते हैं।

55:28ऑलरेडी इंक्लूडेड है। अगर उसको अलग से फिर

55:30इंक्लूड करूंगा तो ₹60,000 का फोन

55:32₹1,20,000 का दिखेगा। पर मेरी इनकम तो

55:35₹60,000 की होगी। ये कांसेप्ट होता है डबल

55:37काउंटिंग का। ठीक है बच्चे? चलो भैया आगे

55:40बढ़ो। आगे बढ़ के देखते हैं। भैया ये पता

55:42नहीं कितनी स्लाइडें खुल गई। पता नहीं

55:44क्या ही हो गया ये। चलो कोई बात नहीं।

55:47देखो ध्यान से। अब देखो मैंने तुम्हें

55:49क्या बोला था? इंटरमीडिएट गुड्स सेम ईयर

55:52में इस्तेमाल हो जाने चाहिए। जैसे कि मान

55:54लीजिए यहां पे 10 टन कोयला था। ठीक है?

55:57कितना था बेटा? ये देखो 10 टन कोयला था।

56:01अब 10 टन कोयले को एक बिजनेस ने इस्तेमाल

56:04किया। एक साल के अंदर वन ईयर के अंदर वो

56:07पूरा नहीं इस्तेमाल कर पाया। सिर्फ 7 टन

56:09ही इस्तेमाल कर पाया। थोड़ा रॉ मटेरियल बच

56:12गया। वैसे रॉ मटेरियल क्या होता है? वैसे

56:14रॉ मटेरियल तो भैया इंटरमीडिएट गुड होता

56:16है। है ना? रॉ मटेरियल क्या होता है भैया?

56:18आप इसका इस्तेमाल कर रहे हो प्रोडक्शन

56:19करने के लिए। एक साल तक के अंदर कर रहे

56:21हो। सात सात टन क्या हो गया बेटा? ये

56:23इंटरमीडिएट गुड हो गया। आपने कुछ बनाने के

56:26लिए इसका इस्तेमाल किया। फर्दर प्रोडक्शन

56:28के लिए इस्तेमाल किया। इंटरमीडिएट गुड है।

56:31तीन टन

56:33कोयला

56:34बच गया। और वो 1 साल से ज्यादा हो गया उस

56:38चीज को। कितना हो गया? मोर देन

56:42वन ईयर। 1 साल से ज्यादा हो गया। सेम ईयर

56:46से ज्यादा हो गया। मतलब मैंने इस साल

56:48खरीदा था यह सामान पर वो साल भर में

56:51इस्तेमाल नहीं हो पाया। अगले साल को शिफ्ट

56:53हो गया। तो ये मेरा फाइनल गुड बन जाता है।

56:57क्या बात कर रहे हो सर? हां बच्चे। क्यों?

57:00बेटा ये रॉ मटेरियल था तो इस्तेमाल हो

57:04जाना चाहिए था। ये मानकर ही हमने इस

57:06प्रोडक्ट को लिया था कि ये रॉ मटेरियल है।

57:09फर्दर इसको प्रोडक्शन करने के लिए

57:10इस्तेमाल किया जाएगा। ठीक है? अब आपने

57:13प्रोड प्रोड्यूस कर दिया तो इंटरमीडिएट

57:15गुड है। कोई दिक्कत नहीं है। पर अब तो 1

57:17साल से ज्यादा रुक गया है। रॉ मटेरियल

57:20नहीं रहा। अब ये इन्वेस्टमेंट हो गया है

57:21आपका। ये रॉ मटेरियल नहीं बचा। अब ये

57:24इन्वेस्टमेंट कंसीडर हो गया। एक साल से

57:25ज्यादा रुक गया ना ये। 1 साल से ज्यादा

57:28रुक गया तो आपने इन्वेस्ट कर लिया। ऐसा

57:30मान लिया जाता है। इसीलिए इसको हम फाइनल

57:32गुड कहते हैं। इसलिए इसको हम फाइनल गुड

57:34में कंसीडर करते हैं। समझ आया? कि अगर सेम

57:37ईयर में आपने इंटरमीडिएट गुड को इस्तेमाल

57:40कर लिया तो तो ठीक है। अगर उस सेम ईयर के

57:42बाद अगर ये रॉ मटेरियल बच जाता है या

57:44गुड्स बच जाते हैं तो वो फाइनल गुड बन

57:47जाते हैं। उनको इन्वेस्टमेंट मान लिया

57:48जाता है। ठीक है बेटा? इट शुड ऑलवेज बी

57:51रिमेंबर्ड दैट इंटरमीडिएट गुड्स आर यूज्ड

57:53अप इन द सेम ईयर। इफ दे रिमेन फॉर मोर देन

57:57वन ईयर दे आर ट्रीटेड ऐज़ फाइनल गुड। वो

58:01फाइनल गुड बन जाते हैं। ठीक है बच्चे? कोई

58:03दिक्कत, कोई परेशानी? दोनों के बीच में

58:05डिफरेंस है। इसको देख लीजिएगा बेटा। ये

58:07इंपॉर्टेंट है। चलो स्क्रीनशॉट ले लो भले

58:09ही आप लोग। ये डिफरेंसेस मैंने डाले हुए

58:11हैं आप लोगों के लिए कि मैं बहुत अच्छे से

58:13एक्सप्लेन कर रहा हूं। तो आप पढ़कर इसको

58:15समझ लो। ठीक है? कि किसी भी सेंस में आपको

58:18कोई परेशानी ना हो। क्लियर है बच्चे? चलो

58:20जी। एक छोटा सा एग्जांपल कर लेते हैं। इस

58:22एग्जांपल से तुम्हें काफी क्लैरिटी आएगी।

58:25देखो पेपर परचेस्ड बाय पब्लिशर। पब्लिशर

58:28ने पेपर को परचेस किया। तो वो क्या कर रहा

58:30होगा? उसप कुछ प्रिंट करेगा बाद में

58:32बेचेगा। मतलब रॉ मटेरियल की तरह क्या है

58:34बेटा? इंटरमीडिएट गुड। इंटरमीडिएट गुड।

58:37ठीक है? फर्नीचर परचेस्ड बाय अ स्कूल।

58:40फर्नीचर परचेस किया गया है स्कूल द्वारा।

58:43ठीक है? फर्नीचर स्कूल के द्वारा परचेस

58:45किया। मतलब स्कूल तो उसका वापस कुछ नहीं

58:47करेगा। वो तो इस्तेमाल करने के लिए खरीद

58:49रहा है। फाइनल गुड। ठीक है? मिल्क परचेस

58:53बाय हाउसहोल्ड। दूध खरीदा जा रहा है घर के

58:55द्वारा। क्या होगा भाई? सिंपल सी बात है।

58:57रेडी टू यूज़ है। फाइनल गुड होगा। इस्तेमाल

59:00करने के लिए खरीदा गया है। परचेस ऑफ राइस

59:02बाय ग्रोसरी शॉप। चावल खरीदा है किसी

59:05किराने की दुकान ने। बेचने के लिए खरीदा

59:07होगा। इंटरमीडिएट गुड। रिसेल के लिए खरीदा

59:09है। ठीक है? कोल यूज्ड बाय

59:11मैन्युफैक्चरिंग फर्म। कोयला खरीदा गया

59:14मैन्युफैक्चरिंग फर्म द्वारा। मतलब कुछ

59:16प्रोडक्शन करना होगा इन्हें। इंटरमीडिएट

59:18गुड।

59:19कंप्यूटर इंस्टॉल्ड इन ऑफिस। ऑफिस के अंदर

59:22इंस्टॉल क्या है? कंप्यूटर क्या होगा

59:24बेटा? इन्वेस्टमेंट है। फाइनल गुड। ठीक

59:27है? कोल कोल यूज्ड बाय कंज्यूमर हाउसहोल्ड

59:31कोयला घर में इस्तेमाल हो रहा है। जैसे

59:32होता है ना कई बार पनीर टिक्का विक्का

59:34बनाना है आपको कुछ या अलाउ में आग ते आग

59:37वो तापनी है ऐसे ठंड ठंड के टाइम पे होता

59:40है। तो कोयला इस्तेमाल किया है घर में

59:42मतलब रेडी टू यूज़ है। कंज्यूम किया गया

59:44है। क्या होगा बेटा? फाइनल गुड बन जाएगा।

59:47फिर देखो मोबाइल सेट्स परचेस्ड बाय मोबाइल

59:50डीलर। मोबाइल डीलर ने मोबाइल खरीदा। स्टॉक

59:53है उसके लिए एक इन्वेस्टमेंट है। क्या

59:54होगा जी? क्या होगा बेटा? नहीं सॉरी

59:56इन्वेस्टमेंट नहीं है। रिसेल करने के लिए

59:58खरीद रहा है। क्या होगा जी? इंटरमीडिएट

1:00:00गुड होगा। ठीक है? और परचेस ऑफ़ पल्ससेस

1:00:03बाय कंज्यूमर क्या है भाई जी? फाइनल गुड

1:00:05है। कस्टमर द्वारा दालें खरीदे गई। फाइनल

1:00:07गुड है। आई होप कि आपको ये क्लियर होगा।

1:00:09क्या ये बात समझ आई बच्चे? चलो जी फटाक से

1:00:11इसका स्क्रीन स्क्रीनशॉट ले लो। ठीक है

1:00:14बेटा जी? आई होप कि आपने स्क्रीनशॉट ले

1:00:16लिया है। चलो जी। अब नेक्स्ट पॉइंट देखते

1:00:17हैं। कंजम्पशन गुड्स एंड कैपिटल गुड्स। ये

1:00:20दो चीजें क्या होती है? ध्यान से सुनिएगा।

1:00:22फाइनल गुड्स बेटा दो तरीके से डिवाइडेड

1:00:24होते हैं। एक होता है कंजम्पशन गुड और

1:00:26दूसरा होता है कैपिटल गुड। मैंने बताया था

1:00:28ना या तो आप खुद इस्तेमाल करते हो या फिर

1:00:30आप इन्वेस्टमेंट करते हो। तो इन्वेस्टमेंट

1:00:32करे जाने वाले गुड्स हैं ना उन्हें हम

1:00:34कैपिटल गुड्स कहते हैं। जिनको आप इन्वेस्ट

1:00:36करते हो। जो आप खुद कंज्यूम कर लेते हो

1:00:38उसे हम कंसम्पशन गुड्स कहते हैं। ठीक है?

1:00:40अब दोनों में कुछ मेजर डिफरेंस है और कुछ

1:00:42की पॉइंट्स हैं जिनको अपन को समझना है।

1:00:43बाकी आप पढ़ चुके हो ये चीज। तो आपको

1:00:45इजीली समझ आ जाएगी। अब कंसम्पशन गुड्स

1:00:48क्या होता है बेटा? वो गुड्स जो कि एक

1:00:49इंसान की इच्छाओं को डायरेक्टली सेटिस्फाई

1:00:51करते हैं। जैसे कि ब्रेड, बटर, शर्ट, पेन,

1:00:54टीवी, फर्नीचर ये सब चीजें। आपको चाहिए था

1:00:57भूख लगी थी भैया बटर और ब्रेड लिया, बटर

1:00:59ब्रेड खा लिया। ब्रेड बटर खा लिया। आपको

1:01:01कपड़े पहनने थे, शर्ट ली, कुछ लिखना था,

1:01:03पेन ले लिया, मूवी देखनी थी, टीवी ले

1:01:05लिया। ये क्या है? कंजम्पशन गुड्स हैं।

1:01:07आपको कंज्यूम करना था, डिमांड थी

1:01:08सेटिस्फाई करने के लिए सामान ले लिया। अब

1:01:11इसमें क्या होता है ना, मेन मुद्दे की बात

1:01:13ये है। ये हो सकता है आपको एग्जाम में आए।

1:01:15काफी अच्छे तरीके से पूछा जा सकता है।

1:01:18क्या होता है बेटा? कंजम्पशन गुड्स चार

1:01:19तरीके से डिवाइडेड है। चार तरीके से सब

1:01:21डिवाइडेड हैं। एक होते हैं ड्यूरेबल, एक

1:01:23होता है सेमी ड्यूरेबल, एक होता है नॉन

1:01:25ड्यूरेबल और एक होता है सर्विसेज।

1:01:27ड्यूरेबल गुड्स वो गुड्स होते हैं जो कि 5

1:01:29साल तक आप इस्तेमाल कर सकते हो खरीदने के

1:01:32बाद। जैसे कि फ्रिज, टीवी। जनरली इसकी

1:01:35लाइफ कैसी होती है? 5 साल तक आपको कोई

1:01:37दिक्कत नहीं होगी। फ्रिज खरीदा, टीवी

1:01:39खरीदा, 5 साल तक दिक्कत नहीं है। आराम से

1:01:40चलेगा। ठीक है? वो क्या क्या है? जी हमारा

1:01:43ड्यूरेबल गुड होता है। इट रेफर्स टू गुड्स

1:01:45व्हिच कैन बी यूज़्ड अगेन एंड अगेन फॉर ओवर

1:01:47अ कंसीडरेबल पीरियड ऑफ़ टाइम। 5 साल मैंने

1:01:50एग्जांपल दिया तो कंसीडरेबल अमाउंट मतलब 5

1:01:52साल मान सकते हो आप लोग। ठीक है? सेमी

1:01:54ड्यूरेबल गुड्स। ये कौन से गुड्स होते हैं

1:01:57बेटा? गुड्स व्हिच आर यूज्ड फॉर लिमिटेड

1:01:59पीरियड ऑफ़ टाइम आर टर्म्ड एज सेमी

1:02:02ड्यूरेबल गुड्स। यानी कि ऐसे सामान जो कि

1:02:05साल भर के अंदर ही आपको बदलने पड़ जाएंगे।

1:02:07जैसे कि क्रॉकरीज। क्रॉकरी एक ऐसी चीज

1:02:10होती है। चाय के कप पिए पिए पिए पिए पिए 6

1:02:12महीने बाद एक ऐसा टाइम आया कि चाय के कप

1:02:14गिर गए या माजते-माचते हाथ से गिरे स्लिप

1:02:17हुआ टूट गए आपको फिर से नह लाने पड़ेंगे।

1:02:19तो ये सेमी ड्यूरेबल यानी कि जो थोड़ा

1:02:22बहुत आप उसको यूज़ कर पाओगे। फिर उसके बाद

1:02:24या तो वो फट जाएंगे, खराब हो जाएंगे या

1:02:26फिर टूट जाएंगे। ऐसा ही होगा। ठीक है?

1:02:27जैसे रिमोट कंट्रोल वाली कार वो क्या होता

1:02:29है बेटा? सेमी ड्यूरेबल वाली चीज़ है। चल

1:02:32गई, चल गई, नहीं चली, नहीं चली। ठीक है?

1:02:33थोड़ी अच्छी क्वालिटी की अगर ले रहे हो

1:02:35तो। ठीक है? नहीं तो वो तो नॉन ड्यूरेबल

1:02:37है। घर आती खराब हो जाती है। नहीं तो वो

1:02:38मेड इन चाइना वाली 60 70 40 वाली जो रिमोट

1:02:42कंट्रोल कार आती है उसका तो नाम ही मत

1:02:44पूछना। नॉन ड्यूरेबल गुड्स यानी कि ऐसे

1:02:46गुड्स जो कि सिंगल एक्ट ऑफ कंसमशन में

1:02:49कंज्यूम हो जाए नोन ऐज़ ड्यूरेबल नोन ऐज़

1:02:52नॉन ड्यूरेबल गुड्स। गुड्स व्हिच आर यूज़्ड

1:02:54अप इन अ सिंगल एक्ट ऑफ़ कंसमशन आर नोन ऐज़

1:02:57ड्यूरेबल गुड्स। दोज़ गुड्स कैन नॉट बी नॉन

1:02:59ड्यूरेबल लिखना चाहिए यहां पे। दीज़ गुड्स

1:03:01कैन नॉट बी यूज्ड मोर देन वंस अ दे लूज़

1:03:05देयर आइडेंटिटी इन अ सिंगल एक्ट ऑफ

1:03:08कंसमशन। इधर मैं लिख दूं नॉन समझ जाना

1:03:10नहीं लिखा है तो भाई कंफ्यूज मत होना। ठीक

1:03:12है? नॉन ड्यूरेबल गुड्स का मतलब होता है

1:03:14जो कि लंबे समय तक इस्तेमाल ना किया ना कि

1:03:17किया जा सके। जैसे कि दूध आज इस्तेमाल हुआ

1:03:20ठीक है। कल तक मैक्सिमम कर सकते हो। परसों

1:03:23तक वेट करोगे फट जाएगा। आपका केला, सब्जी,

1:03:26फ्रूट्स वगैरह आप एकद तीन-चार दिन में

1:03:29खत्म कर दो उसको वरना वो सड़ जाएंगे। कोई

1:03:31काम के नहीं रहेंगे। इन्हें कहा जाता है

1:03:33नॉन ड्यूरेबल गुड्स जिनकी शेलफ लाइफ बहुत

1:03:35कम होती है। ठीक है? और फिर आती है

1:03:37सर्विसेज जैसे कि हम आपको दे रहे हैं। ये

1:03:40क्या होता है बेटा? किसी इंसान की कोई

1:03:42सर्विस की रिक्वायरमेंट होती है। जैसे कि

1:03:44अगर आपको पढ़ना है तो हम पढ़ाने वाले

1:03:46चाहिए। डॉक्टर के पास जाना है क्योंकि

1:03:48बीमार हो। तो सर्विज जो होती है ना वो भी

1:03:50कंसमशन के लिए होती है। आप ये देख रहे हो

1:03:52कंज्यूम ही तो कर रहे हो जो मैं बता रहा

1:03:53हूं। है ना? तो ये कंस्पशन गुड है। ये गुड

1:03:56है जो आप कंज्यूम कर रहे हो। सेम वे नॉलेज

1:03:58एक तरह से वही स्प्रेड करी जाती है। ठीक

1:04:00है? तो दीज़ आर सर्विसेस। आप जानते हो

1:04:02अच्छे से व्हाट आर सर्विसेस? क्लियर बेटा?

1:04:04नाउ व्हाट इज़ कैपिटल गुड? कैपिटल गुड्स वो

1:04:06गुड्स होते हैं जो कि प्रोडक्शन करने में

1:04:08मदद करते हैं आपकी। सर्विस देनी हो, गुड्स

1:04:11बनाने हो उसमें आपकी हेल्प करते हैं। उसे

1:04:13हम कैपिटल गुड्स कहते हैं। जैसे कि प्लांट

1:04:15मशीनरी इक्विपमेंट। आप कोई भी मशीन खरीद

1:04:18लो, कोई भी प्लांट खरीद लो, कोई भी आप टूल

1:04:20खरीद लो जो कि आपको प्रोडक्ट प्रोडक्शन

1:04:22करने में मदद करे उसे हम क्या कहते हैं

1:04:24बेटा? एक इन्वेस्टमेंट मानते हैं। जैसे कि

1:04:26ट्रक खरीद लिया, जेसीबी खरीद ली। क्या

1:04:28करेगा? इन्वेस्टमेंट था। आपको फर्दर कुछ

1:04:31बनाने या सर्विस देने में हेल्प करने वाला

1:04:32है। अब इसके बेसिक चीजें क्या है? फर्दर

1:04:35अगर प्रोडक्शन करने में आपकी मदद कर रहा

1:04:37है। जिसकी एक्सपेक्टेड लाइफ अच्छी खासी

1:04:39हो। टाइम ऑफ़ सेवरल इयर्स। जैसे कि एक आपने

1:04:43मशीन खरीद ली। अब 15 20 साल की छुट्टी है।

1:04:45आपको दिक्कत नहीं है। इसके अगर छोटी-मोटी

1:04:47दिक्कत आएगी तो आप रिपेयर और रिप्लेसमेंट

1:04:49करवा देना। जैसे कि यहां पे होता है दे

1:04:50नीड रिपेयर एंड रिप्लेसमेंट ओवर टाइम टू

1:04:52टाइम। क्योंकि वो डेप्रिशिएट भी होती है

1:04:55समय के साथ। तो आपको समय के साथ इसको ठीक

1:04:57भी करवाना पड़ता है। पर आप 15 20 साल के

1:05:00लिए छुट्टी पा लो। कोई दिक्कत नहीं है।

1:05:02कोई दिक्कत नहीं है। आप इस्तेमाल कर सकते

1:05:04हो। एक बार खरीदना है। इसे हम कैपिटल गुड

1:05:06कहते हैं। इन्वेस्टमेंट किया है ना आपने।

1:05:08ठीक है? दे डू नॉट लूज देयर आइडेंटिटी इन

1:05:11दी प्रोडक्शन प्रोसेस। जैसे कि दूध को जब

1:05:14हम प्रोड्यूस करते हैं तो मिठाई में बन

1:05:17जाता है आप देखते हो कि मिठाई दिख रही है

1:05:19लेकिन दूध नहीं दिख रहा क्योंकि दूध मिला

1:05:20हुआ होता है उसके अंदर। ठीक है? जब आप घर

1:05:23बनाते हो तो जेसीबी घर के अंदर मिल नहीं

1:05:26जाती। जेसीबी बाहरी घड़ी मिलेगी आपको। ठीक

1:05:28है? तो ये जो कैपिटल गुड्स होते हैं ना वो

1:05:30प्रोडक्ट के अंदर मिक्स नहीं हो जाते।

1:05:32प्रोडक्ट को बनाने में जरूर मदद करते हैं।

1:05:35क्लियर है बेटा? समझ आया? दे हैव डिराइव्ड

1:05:38डिमांड ऐज़ देयर डिमांड इज़ डिराइव्ड फ्रॉम

1:05:41डिमांड फॉर दी अदर गुड्स। अच्छा ये थोड़े

1:05:43से बेचारे हैं। कैसे बेचारे हैं? इनको

1:05:46डायरेक्टली नहीं मांगा जाता कि मुझे

1:05:47जेसीबी दे दो। ना ऐसे डिमांड नहीं होती।

1:05:50ये होता है भाई साहब कि मुझे रोड रोलर दे

1:05:53दो। ऐसे इनकी डिमांड नहीं आती। इनकी

1:05:55डिमांड कैसे आती है? डिमांड है जी रोड

1:05:56बनानी है। तो फिर बोलोगे कि हां भैया

1:05:59जेसीबी खरीद लेते हैं या फिर आप रोड रोलर

1:06:02खरीद लो। तो बेसिकली समझ क्या आया? इनकी

1:06:04डिमांड जो है ना वो डिराइव होती है किसी

1:06:06और चीज की डिमांड से कि किसी ने बोला था

1:06:09कि भैया वो रोड बनानी है फटाक से। अ आप

1:06:12लोग जो है काम चालू कर दो तो फिर याद

1:06:14आएगा। अच्छा रोड रोलर खरीदते हैं। मतलब

1:06:16किसी की याद से इनकी याद आती है हमें। ये

1:06:17देखो कितनी बुरी हालत है इनकी। ये है

1:06:19कैपिटल गुड्स। समझ आया? और लास्ट लाइन वही

1:06:22बोली है। एक रेफ्रिज रेफ्रिजरेटर अगर घर

1:06:24के लिए खरीदा जाए तो वो क्या होता है? वो

1:06:26आपका कंस्प्शन गुड बन जाता है। अगर दुकान

1:06:29के लिए खरीदा जाए जैसे कि आइसक्रीम रखने

1:06:31के लिए खरीदा जाए। तो आप बोल सकते हो भाई

1:06:33साहब, ये क्या है बेटा? एक तरह का कैपिटल

1:06:35गुड बन जाता है। क्लियर है? कोई दिक्कत

1:06:37कोई परेशानी? इसके कुछ आपके डिफरेंसेस

1:06:40हैं। इनको पढ़ लीजिएगा। ये आपको काफी

1:06:42ज्यादा हेल्प करेंगे। फटाक से इसका

1:06:44स्क्रीनशॉट ले लो। चलो बेटा जी ले लिया

1:06:46स्क्रीनशॉट। अब चलते हैं हम लोग हमारे

1:06:48नेक्स्ट पॉइंट पर जो कि है ग्रॉस

1:06:50इन्वेस्टमेंट, नेट इन्वेस्टमेंट और

1:06:52डेप्रिसिएशन। बेटा ये टॉपिक को ध्यान से

1:06:54सुनना क्योंकि इस टॉपिक में जो तुम

1:06:56कांसेप्ट सीखोगे ना वो तुम्हें नेशनल इनकम

1:06:59को मेज़रमेंट करने में भी हेल्प करेगा और

1:07:01रिलेटेड एग्रीगेट्स को समझने में भी हेल्प

1:07:04करेगा। तो ग्रॉस क्या होता है? नेट क्या

1:07:06होता है? डेप्रिसिएशन क्या होता है? इसका

1:07:08रिलेशन क्या है? अभी मैं समझाऊंगा। ध्यान

1:07:10से सुनना। तो देखो, अब बात आ रही है

1:07:12इन्वेस्टमेंट की। इन्वेस्टमेंट और कैपिटल

1:07:15फॉर्मेशन। इसका मतलब क्या होता है? एडिशन

1:07:19टू कैपिटल स्टॉक ऑफ एन इकॉनमी। फॉर

1:07:21एग्जांपल कंस्ट्रक्शन ऑफ बिल्डिंग,

1:07:24परचेसिंग ऑफ मशीनरी, एडिशन टू इन्वेंटरीज,

1:07:27ऑफ गुड्स, एटसेट्रा। देखो क्या बोल रहा

1:07:29है? इन्वेस्टमेंट्स क्या होता है बेटा? आप

1:07:32इन्वेस्टमेंट कैसे करते हो? ध्यान से

1:07:34देखो। इन्वेस्टमेंट आप दो ही तरीके से कर

1:07:36पाओगे जी। क्या? या तो आपने कोई फिक्स्ड

1:07:39एसेट खरीद लिया जैसे कि क्या बेटा?

1:07:42फिक्स्ड एसेट यानी कि आपने बिल्डिंग खरीद

1:07:45ली। है ना? आपने कोई मशीन खरीद ली। ये

1:07:48फिक्स्ड एसेट्स हो गए। हां या ना? या फिर

1:07:51आप क्या कर सकते हो भैया? आप जो है

1:07:53स्टॉक्स खरीद सकते हो। स्टॉक्स मतलब

1:07:55कैपिटल स्टॉक। कोई आपने बेटा कोई आपका जो

1:07:58माल होता है ना माल जैसे अपन कहते हैं

1:08:00माल। मेरी दुकान है फोनों की। फोन की

1:08:02दुकान है तो मैं स्टॉक भी तो खरीदूंगा ना।

1:08:04वो भी तो मेरा इन्वेस्टमेंट ही है। समझ

1:08:06आया? तो मैं या तो माल खरीद लूंगा या फिर

1:08:09मैं क्या करूंगा बेटा? फिक्स्ड एसेट खरीद

1:08:11लूंगा। जब मैं इन दोनों को मिला लेता हूं

1:08:13तो ये क्या बन जाता है? ये बन जाता है जी

1:08:16ग्रॉस इन्वेस्टमेंट। क्या हो जाता है ये?

1:08:18ग्रॉस इन्वेस्टमेंट। सर व्हाट इज ग्रॉस

1:08:21इन्वेस्टमेंट्स? ग्रॉस इन्वेस्टमेंट्स

1:08:23यानी कि टोटल इन्वेस्टमेंट जो आपने करे

1:08:25हैं फिक्स्ड एसेट खरीद कर और कैपिटल स्टॉक

1:08:28के साथ। यानी कि समझो मेरी बात। ग्रॉस

1:08:32इन्वेस्टमेंट्स

1:08:34ग्रॉस जो वैल्यू होती है ग्रॉस

1:08:36इन्वेस्टमेंट ये वो वैल्यू है कि मैंने

1:08:38टोटल कितना पैसा लगाया किसी फिक्स्ड एसेट

1:08:41को खरीदने में और कितने पैसे का मैंने

1:08:43स्टॉक खरीद लिया ये पूरा टोटल अमाउंट मेरे

1:08:46को यहां पर दिखता है। पर ग्रॉस

1:08:48इन्वेस्टमेंट की एक खास बात पता है क्या

1:08:50है? इसमें से मैं डेप्रिसिएशन हटा हुआ

1:08:53नहीं है। यानी कि इसमें अभी डेप्रिसिएशन

1:08:57हटाया नहीं गया है। क्या होता है? जब मुझे

1:09:01ग्रॉस वैल्यू को नेट वैल्यू पे लेकर जाना

1:09:04पड़ता है ना। नेट इन्वेस्टमेंट्स

1:09:08नेट इन्वेस्टमेंट्स यानी कि इन्वेस्टमेंट

1:09:11तो सेम है। पर ग्रॉस वैल्यू को नेट वैल्यू

1:09:14में लेकर जाना है। तो मान लो ग्रॉस मतलब

1:09:17टोटल वैल्यू। ठीक है? और नेट वैल्यू माने

1:09:20नेट माने कि कटने पिटने के बाद जो वैल्यू

1:09:22बचती है उसे हम नेट वैल्यू कहते हैं। इसको

1:09:24हम एक्चुअल वैल्यू भी कहते हैं। बाय द वे।

1:09:25ये एक्चुअल इन्वेस्टमेंट्स को बताता है।

1:09:27कैसे बताता है? उसके पीछे का रीज़न बताता

1:09:29हूं। इसके अंदर डेप्रिसिएशन हटाए नहीं गए

1:09:31हैं। तो मुझे कैसे पता चलेगा कि ग्रॉस

1:09:34इन्वेस्टमेंट्स कैसे निकलेंगे? मैं जब

1:09:37ग्रॉस इन्वेस्टमेंट्स में से डेप्रिसिएशन

1:09:39माइनस करता हूं ना, जब ग्रॉस में से

1:09:43डेप्रिसिएशन की वैल्यू को माइनस करता हूं,

1:09:45तो मुझे नेट इन्वेस्टमेंट्स मिलते हैं।

1:09:48यानी कि मेरे पास ग्रॉस इन्वेस्टमेंट्स का

1:09:50अमाउंट है। मेरे पास डेप्रिसिएशन का

1:09:53वैल्यू है। दोनों को माइनस करो। मुझे नेट

1:09:55वैल्यू मिल जाएगा। अब उल्टा करके देखते

1:09:58हैं। नेट वैल्यू से मुझे अगर ग्रॉस वैल्यू

1:10:02पर जाना है तो क्या करूंगा? इसका उल्टा कर

1:10:05दो। ग्रॉस वैल्यू में डेप्रिसिएशन मिला

1:10:07हुआ होता है तो मैं क्या करूंगा?

1:10:10डेप्रिसिएशन को यहां पर ऐड कर दूंगा। मुझे

1:10:13ग्रॉस वैल्यू मिल जाएगी। यानी कि ग्रॉस

1:10:16वैल्यू में डेप्रिसिएशन ऐडेड होता है।

1:10:18इसमें सब्ट्रैक्टेड होता है। इसमें

1:10:20डेप्रिसिएशन ऐडेड होगा। इसमें डेप्रिसिएशन

1:10:24सब्सट्रैक्टेड होगा। ठीक है? नेट वैल्यू

1:10:27माने कि कटने पिटने वाली वैल्यू। जो कट

1:10:29पिटकर वैल्यू आती है वो। अह ग्रॉस वैल्यू

1:10:31माने कि जिसमें कुछ भी नहीं। टोटल वैल्यू

1:10:34है ये। समझ आया बेटा? अब सर ऐसा क्यों

1:10:36होता है? इसको हम एक्चुअल वैल्यू क्या

1:10:37कहते हैं? बेटा मान लीजिए मैंने बोला कि

1:10:40भाई वैसे तो Creta जो है वो ₹20 लाख की

1:10:43गाड़ी है। मैंने फिक्स्ड एसेट के नाम पे

1:10:45Crea को खरीद लिया। ₹20 लाख का मैंने

1:10:48इसमें डाल दिया। लेकिन वो Creta 2 साल

1:10:50पुरानी थी। किसी की यूज़ थी। सेकंड हैंड

1:10:52व्हीकल था। वो मुझे पड़ी कितने में? ₹16

1:10:56लाख में पड़ी। तो एक्चुअली में वैल्यू क्या

1:10:58है उसकी? ₹4 लाख डेप्रिसिएशन का कट गया

1:11:01उसमें से। तो एक्चुअल वैल्यू तो भैया

1:11:03कितनी है उसकी? ₹16 लाख। तो ये तो टोटल

1:11:07वैल्यू बता रहा है पर डेप्रिसिएशन इसमें

1:11:09से हटा नहीं है इसलिए इसमें 20 लाख दिख

1:11:10रहा है। इसमें डेप्रिसिएशन हो गया तो यहां

1:11:13पर ₹1 लाख दिख रहा है। एक्चुअल वैल्यू तो

1:11:15ये दिखा रहा है ना। ये तो बस ऐसे ही दिखा

1:11:17रहा है वैल्यू। इसलिए ग्रॉस और नेट के बीच

1:11:19में डिफरेंस होता है। अब ध्यान से देखना

1:11:21इसको। ग्रॉस इन्वेस्टमेंट्स क्या होता है?

1:11:23ग्रॉस इन्वेस्टमेंट इज़ एडिशन टू स्टॉक ऑफ़

1:11:26कैपिटल बिफोर मेकिंग अलाउंस फॉर

1:11:29डेप्रिसिएशन। पहले डेप्रिसिएशन काटे बिना

1:11:32जो वैल्यू बचती है उसे हम ग्रॉस वैल्यू

1:11:34कहते हैं। कैपिटल स्टॉक कंसिस्ट ऑफ

1:11:36फिक्स्ड एसेट एंड अनसोल्ड स्टॉक। क्या बोल

1:11:39रहा है बेटा? ये स्टॉक जो मैंने बोला ना

1:11:41अभी आपको यहां पे जो स्टॉक मैंने खर्चा

1:11:44किया जो बिका नहीं है। ठीक है? कैपिटल

1:11:46स्टॉक या मैं बोलूं अनसोल्ड स्टॉक

1:11:48बेसिकली। ये लिख देता हूं अनसोल्ड स्टॉक।

1:11:51जो स्टॉक नहीं बिका वो और जो फिक्स्ड एसेट

1:11:54है उनको जब मैं ऐड करता हूं तो ग्रॉस

1:11:57वैल्यू आती है मेरे पास। ठीक है बेटा? समझ

1:11:59आया? कोई दिक्कत, कोई परेशानी? सो, ग्रॉस

1:12:02इन्वेस्टमेंट इज दी एक्सपेंडिचर ऑन परचेस

1:12:05ऑफ फिक्स्ड एसेट एंड अनसोल्ड स्टॉक

1:12:08ड्यूरिंग दी अकाउंटिंग ईयर। कि वो स्टॉक

1:12:10जो बिका नहीं है भाई? खरीद खरीदा तो था

1:12:12हमने स्टॉक हां या ना माल खरीदा था पर

1:12:14बिका नहीं। वो एक इन्वेस्टमेंट माना जाता

1:12:17है। ठीक है? समझ आया बच्चे? क्लियर? अब

1:12:20ध्यान से देखो। नेट इन्वेस्टमेंट्स में

1:12:22क्या हो रहा है? द एक्चुअल एडिशन मेड टू

1:12:24कैपिटल स्टॉक। जो एक्चुअली एडिशन हुआ है

1:12:27कैपिटल स्टॉक में ऑफ एन इकॉनमी इन गिवन

1:12:30पीरियड इज टर्म्ड एज नेट इन्वेस्टमेंट।

1:12:32सिंपल सी बात है। नेट इन्वेस्टमेंट में

1:12:34क्या किया मैंने? ग्रॉस में से

1:12:35डेप्रिसिएशन को माइनस किया नेट वैल्यू आ

1:12:37गई। ग्रॉस में से जब डेप्रिसिएशन को माइनस

1:12:40किया नेट वैल्यू आ गई। ये मैंने आपको

1:12:42सिखाया था अभी। नेट में डेप्रिसिएशन हटा

1:12:45हुआ होता है। ग्रॉस में डेप्रिसिएशन मिला

1:12:47हुआ होता है। सिंपल सर यही बता दो। अब

1:12:50डेप्रिसिएशन क्या होता है? बहुत बच्चों को

1:12:51पता होगा। जिनको नहीं पता मैं बता देता

1:12:53हूं। बेटा नई नवेली जब गाड़ी खरीदते हो तो

1:12:55उसकी वैल्यू कितनी होती है? ₹1 लाख है ना?

1:12:597 आठ साल बाद जब उसके टायर पंचर हो जाते

1:13:01हैं, डेंट पेंट आ जाता है कहीं से टूट-फूट

1:13:03जाती है 7 8 इयर्स बाद तब भी इसकी वैल्यू

1:13:0710 लाख होती है या इसकी वैल्यू गिर जाती

1:13:09है? इसकी वैल्यू गिर जाती है। इसकी वैल्यू

1:13:11गिर कर मान लो जैसे ₹ लाख हो गई। तो ये

1:13:13क्यों गिरी? ₹ लाख क्यों गिर गए? हो सकता

1:13:16है हर साल ₹1 एक लाख इसकी वैल्यू गिरी।

1:13:19इसलिए इसकी वैल्यू आज ₹3 लाख बची हुई है।

1:13:21ये क्या बता रहा है? डेप्रिसिएशन रेफर्स

1:13:24टू फॉल इन दी वैल्यू ऑफ एन फिक्स्ड एसेट

1:13:27ड्यू टू नॉर्मल वेयर एंटायर पैसेज ऑफ टाइम

1:13:31और एक्सपेक्टेड एब्सोलेंस चेंज इन

1:13:34टेक्नोलॉजी द कंसेप्ट ऑफ़ डेप्रिसिएशन इज़

1:13:36वेरीेंट टू डिफरेंशिएट बिटवीन ग्रॉस एंड

1:13:40नेट। ग्रॉस इज़ इंक्लूसिव। मतलब ग्रॉस के

1:13:43अंदर इंक्लूडेड होता है डेप्रिसिएशन। वेयर

1:13:45एज़ नेट एक्सक्लूड्स इट। नेट के अंदर नहीं

1:13:48होता। समझ आया? यहां पर तुम देख सकते हो।

1:13:50इसको और दूसरी भाषा में क्या बोलते हैं?

1:13:52डेप्रिसिएशन को दूसरे नाम से बोलते हैं

1:13:54कंजम्पशन ऑफ फिक्स्ड एसेट। इसको याद रख

1:13:57लेना। आपको डेप्रिसिएशन नाम बहुत कम देखने

1:14:00को मिलेगा। लेकिन आपको यही नाम देखने को

1:14:03मिलेगा मोस्ट ऑफ दी टाइम। ये बात याद

1:14:05रखना। आपको जब नेशनल इनकम निकालाने को

1:14:08बोला जाएगा ना तो आपको डेप्रिसिएशन नाम

1:14:10नहीं दिखने वाला है। ये बात समझ लो। आपको

1:14:12अगर कोई नाम दिखने वाला है तो यही नाम

1:14:14दिखने वाला है। कंसम्पशन ऑफ़ फिक्स्ड एसेट

1:14:16फिक्स्ड फिक्स्ड कैपिटल। ठीक है? यही आपका

1:14:19जो नाम है ना इसी नाम से ये लोग क्या है

1:14:22आपको डेप्रिसिएशन डेप्रिसिएशन देंगे तो

1:14:25आपको कंफ्यूज करने के लिए देंगे क्यों

1:14:26डेप्रिसिएशन लिख दोगे तो ईजीली समझ जाओगे

1:14:29दूसरे नाम से दे देंगे तो थोड़ा कंफ्यूज

1:14:30हो जाएंगे बच्चे कि डेप्रिसिएशन तो दिया

1:14:32ही नहीं है यही दिखेगा पांच स्टार मार्क

1:14:34किए हैं याद रखना क्या है डेप्रिसिएशन

1:14:37डेप्रिसिएशन कुछ नहीं है कुछ टूट फूट जाने

1:14:39से वैल्यू कम हो जाती है या ज्यादा

1:14:41इस्तेमाल कर ले तो वैल्यू कम हो जाती है

1:14:43या टेक्नोलॉजी बदल जाए तो वैल्यू कम हो

1:14:46जाती है देखो क्या लिखा है। यही तो लिखा

1:14:48है। नॉर्मल वेयर एंड टायर का मतलब क्या

1:14:50है? कुछ टूट-फूट गया। जैसे टायर पंचर हो

1:14:52गया। टायर की वैल्यू खत्म हो गई। बंपर टूट

1:14:55गया। तो अब जब नया बंपर लगाओगे आपने चीजों

1:14:57को बहुत ज्यादा तोड़फोड़ दिया तो उसकी

1:14:59वैल्यू कम हो जाती है। कंटीन्यूअस यूज़ ऑफ़

1:15:01फिक्स्ड एसेट के बाद जो आप जो छोटा-मोटा

1:15:03डिक्रीज हो जाता है वैल्यू का वो उसे कहते

1:15:05हैं नॉर्मल वेरिएंट एयर। पैसेज ऑफ़ टाइम।

1:15:08बेटा आज से पहले जो वो कंप्यूटर आते थे ये

1:15:10वाले अपने पास। अब उस टाइम पे मान लो ये

1:15:13₹80,000 के बिकते होंगे। तो आज क्या इसके

1:15:15₹80,000 देने के लिए कोई रेडी है? कोई

1:15:17नहीं है। क्यों? क्यों? उसके पीछे का

1:15:19सिंपल रीज़न है। टेक्नोलॉजी पुरानी हो गई।

1:15:21डेप्रिस डेप्रिशिएट हो गई चीजें। नई

1:15:24टेक्नोलॉजी इतनी आ गई कि इसकी वैल्यू कुछ

1:15:26नहीं बची। समझ आया? और चौ तीसरी चीज़ आती

1:15:28है एक्सपेक्टेड एब्सोलेंस। यानी कि कि

1:15:31एक्चुअली में टेक्नोलॉजी का क्या हुआ

1:15:34बेटा? कुछ ना कुछ पुरानी हो गई या जंग पड़

1:15:36गई, कुछ ना कुछ हो गया। देखो अगर जंग पड़

1:15:38गया है या कुछ ऐसा हो गया है तो आप समझ

1:15:41जाओगे भैया ये पता था मुझे कि अगर मैं

1:15:45इसको इस्तेमाल करूंगा लोहे की चीजें कुछ

1:15:47टाइम बाद लोहा जो है जंग खाता है तो जंग

1:15:50खाने से इसकी वैल्यू कम होगी मुझे पता है

1:15:52एक्सपेक्टेड है तो एक चीज सीखो आज

1:15:56एक्सपेक्टेड एब्सोलेंस या मतलब एक्सेप्ट

1:15:59एक्सपेक्टेड नुकसान जो होते हैं वो

1:16:00डेप्रिसिएट डेप्रिसिएशन होते हैं। जो

1:16:03अनएक्सेक्टेड लॉसेस होते हैं उन्हें हम

1:16:05कैपिटल लॉस कहते हैं। यानी के गाड़ी खरीदी

1:16:09है। 10 साल बाद उसकी वैल्यू कम होनी ही

1:16:11है। मुझे ऑलरेडी पता है। ये डेप्रिसिएशन

1:16:14कहलाता है। घर है मेरा। किसी का घर है

1:16:19जैसे वो हिमाचल में हुआ था मान लीजिए।

1:16:20हिमाचल में सबके गांव में घर थे। ऊपर से

1:16:23बादल फटा। सारे घरों पर मिट्टी आ गई। पानी

1:16:26आ गया। सबके घर टूट-फूट गए। किसी ने

1:16:29एक्सपेक्ट किया था? किसी ने एक्सपेक्ट

1:16:30नहीं किया था। इसे हम कैपिटल लॉस कहते

1:16:33हैं। ठीक है? तो यहां पर देखो क्या है?

1:16:36एक्सपेक्टेड एब्सोलेंस और अनएक्सेक्टेड

1:16:40एब्सोलेंस। क्या बोल रहा है? जी

1:16:42एक्सपेक्टेड का मतलब होता है जी कि आपको

1:16:45पता है कि जो चीजें होनी है जैसे कि

1:16:47एक्सपेक्टेड अ एब्सोलेंसेस अकर ड्यू टू

1:16:51चेंज इन द टेक्नोलॉजी चें टेक्नोलॉजी के

1:16:54चेंज की वजह से हो जाएगा। डिमांड बदल गई

1:16:56कुछ भी हो गया। ये सब एक्सपेक्टेड होता

1:16:59है। ये आप डेप्रिसिएशन रिजर्व फंड से

1:17:01मैनेज कर सकते हो। ऑलरेडी आपको पता है

1:17:04डेप्रिसिएशन होगा तो आप अलग से एक फंड्स

1:17:05मेंटेन करके चलते हो कि जो भी नुकसान होगा

1:17:07उसकी भरपाई कर लेंगे। ठीक है?

1:17:09अनएक्सेक्टेड एब्सोलेंस का मतलब होता है

1:17:12जैसे कि नेचुरल डिजास्टर। चोरी हो गई,

1:17:15एक्सीडेंट हो गया, क्लाइमेट चेंज आ गया।

1:17:18कोई भी ऐसी चीज होती है उसे हम कैपिटल लॉस

1:17:21कहते हैं। कैपिटल लॉस यानी कि वो नुकसान

1:17:24जो कि हमारे एक्सपेक्टेशन में नहीं था। और

1:17:27डेप्रिसिएशन वो नुकसान जो कि हमें पता था

1:17:30होगा। ठीक है? समझ आया बेटा? जैसे कि जूते

1:17:33हैं, पहनोगे तो रगड़ेंगे, खराब होंगे। आपको

1:17:35पता है थोड़े टाइम में वापस खरीदने पड़

1:17:37जाएंगे। यही होते हैं एक्सपेक्टेड और

1:17:39अनएक्सेक्टेड लॉसेस। इनको फटाक से एक बार

1:17:42स्क्रीनशॉट ले लो जल्दी से बेटा। ठीक है

1:17:44बेटा? स्क्रीनशॉट ले लिया? अब बात को जरा

1:17:46ध्यान से सुनिएगा। नेक्स्ट पॉइंट आता है

1:17:48अपने पास नेट इनडायरेक्ट टैक्सेस। लेकिन

1:17:50इससे पहले ना मैं आपको एक कहानी समझाता

1:17:52हूं। थोड़ा ध्यान से सुनिएगा। ये मान लीजिए

1:17:55एक स्पीकर है। क्या है बेटा? ये एक

1:17:57स्पीकर्स है। ठीक है? स्पीकर्स से आप

1:17:59गाना-वाना सुनते हो ना? अब बेटा क्या हुआ?

1:18:02ये स्पीकर की जो प्राइस थी जो लागत थी नॉट

1:18:06प्राइस लागत वो थी ₹500। इसको हम क्या

1:18:09कहते हैं बेटा? लागत को फैक्टर कॉस्ट। कि

1:18:13बनाने में कितना पैसा लगा इस स्पीकर को?

1:18:16₹500 लगा। जी। ठीक है? अब क्या मार्केट

1:18:18में ₹500 में बिकता है? नहीं सर। ₹500 में

1:18:21तो नहीं बिकता। कितने में बिकता है? इसके

1:18:24अंदर लगते हैं पहले टैक्सेस। क्या लगते

1:18:26हैं बच्चे? टैक्स लगाते हैं। तो सरकार का

1:18:29एक नियम है कि मान लीजिए इनडायरेक्ट टैक्स

1:18:32होता है। एक इनडायरेक्ट टैक्स कि कोई भी

1:18:35सामान आप खरीदते बेचते हो उस पे

1:18:37इनडायरेक्ट टैक्स लगता है। जैसे जीएसटी

1:18:40होता है वो लगता है और उसका कुछ पैसा

1:18:42इसमें ऐड किया जाता है। मान लीजिए 10%

1:18:45इसका टैक्स था तो 500 का 10% कितना होता

1:18:48है? ₹50 ठीक है? तो आपने इनडायरेक्ट टैक्स

1:18:51कितना दे दिया बेटा? ₹50 तो आपने ₹50 क्या

1:18:54दे दिया बच्चे? यहां पर इनडायरेक्ट टैक्स

1:18:57का ऐड कर दिया। कितने का हो गया ये? ये हो

1:19:00गया जी ₹550 का। मार्केट में बेच देते

1:19:04हैं। अब ये मार्केट के ऊपर आ गया है।

1:19:06मार्केट पे प्राइस चढ़ चुकी है। जब भी आप

1:19:07मार्केट में कोई प्रोडक्ट देखते हो उसमें

1:19:09टैक्स लगा हुआ होता है। है ना? तो ये हो

1:19:11गया। पर सरकार ने एक चीज नोटिस करी कि यार

1:19:14₹550 का जो स्पीकर है ना ये मेरे को लग

1:19:17रहा है यार बहुत महंगा है लोगों के लिए।

1:19:19है ना? तो जनरली क्या करती है सरकार? जो

1:19:22भी ऐसी नेसेसिटी वाली चीजें होती हैं

1:19:24स्पीकर तो एक नॉर्मल एग्जांपल है। जो भी

1:19:26जरूरत की चीजें होती है जैसे कि एलपीजी

1:19:28गैस सिलेंडर वो सबकी जरूरत है। तो सरकार

1:19:31क्या करती है? अगर जरूरत की चीज हद से

1:19:33ज्यादा महंगी हो जाती है ना तो क्या करते

1:19:35हैं बेटा? हद से ज्यादा अगर महंगी हो जाती

1:19:38है तो सरकार उस पे कुछ सब्सिडी देती है।

1:19:40क्या देती है बेटा? थोड़ी सी सब्सिडीज दे

1:19:42देती है। क्लियर? अब मान लीजिए सरकार ने

1:19:45क्या किया बच्चे? सरकार ने ₹10 की मान लो

1:19:49सब्सिडी दे दी। यानी कि छूट दे दी। ठीक

1:19:52है? क्या दे दी बेटा? सब्सिडी दे दी।

1:19:55इसमें क्या किया बेटा? माइनस कर दिया

1:19:56मैंने। सब्सिडीज़।

1:19:59सब्सिडीज़। मैंने क्या किया बेटा? सरकार ने

1:20:01ना वो ऐड क्यों किया भई? ऐड क्यों किया?

1:20:03माइनस करो इधर। माइनस। हां। सरकार ने बोला

1:20:07कि यार ₹550 बहुत ज्यादा है। ₹10 की छूट

1:20:10दे दो। जिससे कि लोगों ना कम से कम इसको

1:20:13खरीद पाए। ठीक है? कम से कम लोगों के लिए

1:20:16थोड़ी सी अफोर्डेबल हो जाए। और वो

1:20:17नेसेसिटी वाली जो चीजें होती है ना उस पे

1:20:19सब्सिडीज जनरली होती हैं। स्पीकर तो जैसे

1:20:22एक नॉर्मल एग्जांपल है जैसे एलपीजी गैस

1:20:24सिलेंडर उस पे सब्सिडी दी जाती हैं। ये

1:20:26₹10 की छूट पता है इसको क्या कर रही है?

1:20:28हल्का सा अफोर्डेबल बना रही है। आपको लग

1:20:31रहा होगा सर ₹550 में ₹540 हो जाएगा। क्या

1:20:33अफोर्डेबल है इसमें? ये एक एग्जांपल है।

1:20:35इसलिए शायद आपको नहीं लग रहा होगा। पर

1:20:37सब्सिडीज जो है ना थोड़ा सा अफोर्डेबल

1:20:40बनाती है चीजों को। 30-40 की छूट मिल

1:20:42जाएगी। ₹100 की छूट मिल जाएगी। ₹50 की छूट

1:20:44मिल जाएगी। ₹800 ₹9000 की चीज पे तो वो

1:20:47काफी फायदा करती है लोगों को। है ना? बेटा

1:20:50₹10 ₹20 भी बचते हैं ना तो बचत हमेशा

1:20:52अच्छी लगती है लोगों को। तो ₹50 टैक्स

1:20:55लगाकर ₹10 की छूट देकर जो इसकी फाइनल

1:20:59वैल्यू आती है जिसे हम कह रहे हैं भाई

1:21:01साहब इसको अगर मैं गणित लगाऊं तो कितना

1:21:03आएगा? ₹540

1:21:06यह प्राइस क्या कहलाती है? यह प्राइस

1:21:08कहलाती है मार्केट

1:21:12प्राइस। जिसको मैं शॉर्ट में एमपी भी कहता

1:21:16हूं और ये क्या होती है? फैक्टर कॉस्ट

1:21:19जिसको मैं शॉर्ट में एफसी भी कहता हूं। अब

1:21:23एक बात क्या सीखने को मिली? एक बात ये

1:21:25सीखने को मिली फैक्टर कॉस्ट और मार्केट

1:21:29प्राइस में डिफरेंस क्या है? डिफरेंस बस

1:21:32इसका है। इसका ये तो लागत है। और ये

1:21:36मार्केट पे बिकने वाली प्राइस है। हां या

1:21:38ना? लागत और मार्केट में बिकने वाली

1:21:40प्राइस में क्या डिफरेंस है? इनडायरेक्ट

1:21:42टैक्सेस को ऐड कर दिया जाता है और

1:21:45सब्सिडीज को माइनस कर दिया जाता है। क्या

1:21:47बोला मैंने? इनडायरेक्ट टैक्स को

1:21:53ऐड कर दिया जाता है और माइनस किस चीज को

1:21:56कर दिया जाता है? सब्सिडीज को।

1:22:01ठीक है? सब्सिडीज को माइनस कर दिया जाता

1:22:03है। जो भी इसका बैलेंस आता है ना, जैसे 50

1:22:06- 10 कितना हुआ? 40। 40 आया ना? तभी तो

1:22:10500 में 40 ऐड हुआ और 540 भाग गया प्राइस।

1:22:13ये जो ₹40 है ना इस वैल्यू को कहते हैं

1:22:17नेट

1:22:18इनडायरेक्ट

1:22:22टैक्सेस।

1:22:24समझ आया? तो नेट इनडायरेक्ट टैक्सेस कैसे

1:22:28निकलते हैं? इनडायरेक्ट टैक्स माइनस

1:22:31सब्सिडीज लगाकर। जो भी वैल्यू आएगी उसको

1:22:34आप फैक्टर कॉस्ट में जोड़ दो। मार्केट

1:22:36प्राइस बन जाती है। यानी कि ₹500 में जब

1:22:39नेट इनडायरेक्ट टैक्स ₹40 जोड़ दो मतलब

1:22:42इनडायरेक्ट टैक्स और सब्सिडी माइनस करने

1:22:44के बाद जब आप ₹40 इसमें ऐड करते हो तो ये

1:22:47मार्केट प्राइस बन जाती है जिसमें मार्केट

1:22:50में इनडायरेक्ट टैक्स इंक्लूड होते हैं और

1:22:52सब्सिडीज माइनस होती हैं। समझ आया? क्या

1:22:55समझ आया बच्चे? मार्केट पे हमेशा प्राइस

1:22:57जो दिखती है वो टैक्स मिली हुई दिखती है।

1:22:59तो इसलिए वो थोड़ी सी बढ़ी हुई दिखती है।

1:23:01तो देखो नेट इनडायरेक्ट टैक्सेस क्या है?

1:23:03इसका फार्मूला क्या है? इट इज द डिफरेंस

1:23:06बिटवीन इनडायरेक्ट टैक्स एंड सब्सिडीज।

1:23:08देखो क्या लिखा है? नेट इनडायरेक्ट टैक्स

1:23:09इज इक्वल टू इनडायरेक्ट टैक्स माइनस

1:23:12सब्सिडीज। अब देखो एक-एक चीज समझ लो।

1:23:15इनडायरेक्ट टैक्स क्या होता है? भाई जो भी

1:23:17टैक्स लगाया जाता है सरकार द्वारा जो भी

1:23:19प्रोडक्शन करने पर होता है जैसे सेल कर

1:23:22करना हो या प्रोड्यूस करना हो गुड्स या

1:23:24सर्विस को तो आपके ऊपर कई सारे इनडायरेक्ट

1:23:26टैक्सेस लाए जाते हैं। जैसे कि गुड्स एंड

1:23:28सर्विस टैक्स जीएसटी जिसको कहते हैं कस्टम

1:23:30ड्यूटीज सेंट्रल एक्साइज वट पेट्रोलियम

1:23:34प्रोडक्ट्स एक्साइज ऑन लिकर आपका ये

1:23:37इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी स्टैंप ड्यूटीज

1:23:39सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स एंट्री

1:23:42टैक्स टोल फलाना डम का खूब सारे टैक्सेस

1:23:44होते हैं। अब टैक्सेस क्या करते हैं ना?

1:23:47टैक्सेस क्या है? किसी भी प्रोडक्ट की

1:23:49प्राइस को जनरली बहुत बढ़ा देते हैं।

1:23:50एग्जांपल के तौर पे इस चीज़ को देखो।

1:23:53पेट्रोल बहुत महंगा होता है ना बेटा। आपने

1:23:55देखा होगा बहुत महंगा है पेट्रोल। इसकी

1:23:56प्राइस कैसी होती है? बेस प्राइस इसकी 57

1:23:59ही है। इसमें फिर फ्रेट चार्जेस लगते हैं।

1:24:02फ्रेट क्या है भैया? आवन जावन का जो कैरी

1:24:04का जो खर्चा है वो 0.2 फिर इसमें एक्साइज

1:24:08ड्यूटी लगती है। टैक्स लगता है

1:24:09इनडायरेक्ट। क्या हो गया? कम से कम ₹20 का

1:24:12टैक्स लगता है। फिर देखो डीलर अपना कमीशन

1:24:15निकालता है हर लीटर पे तीन तीन ₹3.5 फिर

1:24:18वट लगता है इस पे एक और इनडायरेक्ट टैक्स

1:24:21वो कितना हो गया? 15 1/2 के आसपास हो गया।

1:24:23जब टोटल करते हो तो इसकी प्राइस आपको

1:24:24दिखती है ₹96।

1:24:27है कितने का? कितने का हो जाता है? यह

1:24:30डिफरेंस आता है। इसीलिए यह आपको महंगा

1:24:33दिखता है और महंगा पड़ता भी है क्योंकि

1:24:35इसमें बहुत सारे टैक्सेस इंक्लूड होते

1:24:37हैं। तो जनरली इनडायरेक्ट टैक्सेस किसी भी

1:24:40चीज की प्राइसेस को बहुत महंगा कर देते

1:24:43हैं। इसी से बचाने के लिए सरकार लाती है

1:24:46सब्सिडीज जो कि एलपीजी सिलेंडर पे होती

1:24:49है। आपके यहां पे देखा होगा आपने एलपीजी

1:24:51एलपीजी सिलेंडर जो है वो ₹900 ₹800 का कुछ

1:24:54आता होगा। है ना? जबकि एक्चुअली में उसकी

1:24:57प्राइस कितनी होती है? ₹1100 ₹1200 ₹200

1:25:00₹300 की छूट दे देते हैं आपको तो

1:25:02अफोर्डेबल हो जाता है ना लोगों के लिए। घर

1:25:03में सबके खाना बनने लग जाएगा फिर। नहीं तो

1:25:06वही लोग लकड़ी जला जला के पॉलशन भी करेंगे

1:25:08और खाना बनाएंगे। इसीलिए सरकार छूट देती

1:25:11है बेसिक चीजों पर। सब्सिडीज आर अ

1:25:14फाइनेंशियल असिस्टेंस। फाइनेंसियल

1:25:15असिस्टेंस मतलब एक मदद होती है। पैसा ना

1:25:18देकर पैसे की छूट देकर मदद करी जाती है।

1:25:21किसके द्वारा करी जाती है बेटा? गवर्नमेंट

1:25:23द्वारा करी जाती है। किसको? वो प्रोड्यूसर

1:25:25को मिलता है टू फुलफिल ह सोशल वेलफेयर

1:25:27ऑब्जेक्टिव। इन इंडिया एलपीजी सिलेंडर इज़

1:25:30सोल्ड एट सब्सिडाइज्ड रेट। इंडिया में

1:25:33एलपीजी सिलेंडर को सब्सिडाइज रेट पर बेचा

1:25:35जाता है। वही एग्जांपल जो मैंने बताया ₹10

1:25:37की आपने सब्सिडी की छूट दे दी है। इसको

1:25:39बेटा हम इकोनॉमिक असिस्टेंस या फाइनेंशियल

1:25:42असिस्टेंस भी कहते हैं। अब आपको एक मन में

1:25:45आई होगी बात। सर

1:25:47यहां पर आपने बोला सब्सिडी को माइनस करते

1:25:50हैं। माइनस क्यों करते हैं? टैक्स तो ऐड

1:25:52करते हैं वो पता है हमें कि सरकार को पैसा

1:25:54चाहिए होता है देश चलाने के लिए। तो उनको

1:25:56रेवेन्यू जनरेट करना है। वो टैक्स लेंगे

1:25:58आपसे। पर सरकार छूट क्यों देती है? और हम

1:26:01इसको नेशनल इनकम में क्यों इंक्लूड नहीं

1:26:03करते? उसके पीछे का रीज़न ये है भाई नेशनल

1:26:06इनकम में इसलिए इसको इंक्लूड नहीं करते।

1:26:08सब्सिडीज जो है ना ट्रांसफर तरह की चीजें

1:26:12होती है। ट्रांसफर इनकम होती है। क्या

1:26:13होती है बेटा? ट्रांसफर पेमेंट होता है।

1:26:14सॉरी नॉट इनकम। ट्रांसफर पेमेंट है। यानी

1:26:17कि एक तरफ़ा पेमेंट हुआ है। एक तरफ़ा

1:26:20पेमेंट हुआ है। इसके लिए कोई काम नहीं

1:26:22किया गया। तो इसीलिए हम इसको जनरली हटा

1:26:24देते हैं। सब्सिडीज इज़ अ ट्रांसफर पेमेंट

1:26:27एज इट इज़ अ फाइनेंशियल असिस्टेंस

1:26:30प्रोवाइडेड बाय दी गवर्नमेंट। बदले में

1:26:32आपने कुछ नहीं किया। उन्होंने ही आपका भला

1:26:34करने के लिए किया है। जैसे पॉकेट मनी

1:26:35मिलती थी ना वैसे ही सेम। ठीक है बेटा?

1:26:38समझ आया? चलो जी। नेक्स्ट पॉइंट देख लो।

1:26:40फैक्टर कॉस्ट और मार्केट प्राइस क्या है?

1:26:42मैंने तुम्हें बताया था। अगर तुम्हारी

1:26:44फैक्टर कॉस्ट है और तुम्हें किस पर जाना

1:26:47है? तुम्हें मार्केट प्राइस पर जाना है

1:26:49एनआईटी को ऐड कर दो। तुम लोग मार्केट

1:26:53प्राइस पर आ जाओगे। जैसे कि फैक्टर कॉस्ट

1:26:56दिया हुआ है और तुम्हें मार्केट प्राइस पर

1:26:58जाना है। तो तुम क्या करोगे? प्लस कर दो

1:27:01एनआईटी का वैल्यू। एनआईटी कैसे निकलता है?

1:27:03इनडायरेक्ट टैक्स की वैल्यू माइनस सब्सिडी

1:27:06की वैल्यू दी होंगी। माइनस कर देना।

1:27:07डिफरेंस वैल्यू निकाल लेना। जो भी आएगा

1:27:09फैक्टर कॉस्ट में ऐड करना। मार्केट प्राइस

1:27:11पे आ जाएगी। अगर मार्केट प्राइस से जाना

1:27:15है कहां पर? फैक्टर कॉस्ट पे। वापस जितनी

1:27:18लागत थी उस पर जाना है तो क्या करोगे?

1:27:20टैक्सेस हटा दो। क्या करोगे? माइनस एनआईटी

1:27:22कर दो। माइनस एनआईटी कर दो। देखो मार्केट

1:27:25प्राइस से अगर वापस फैक्टर कॉस्ट पे जाना

1:27:27है। माइनस कर दो। एनआईटी आपका आंसर आ

1:27:30जाएगा। सिंपल। सिंपल। फैक्टर कॉस्ट कौन सी

1:27:33कॉस्ट है? वो कॉस्ट जो कि बताता है एक

1:27:36प्रोडक्ट को बनाने में कितनी लागत लगी।

1:27:38मार्केट प्राइस वो प्राइस है जो बताता है

1:27:40कि एक प्रोडक्ट कितने में बिकता है

1:27:42एक्चुअली मार्केट में। ठीक है बेटा? समझ

1:27:44आया? कोई दिक्कत, कोई परेशानी? चलो भाई

1:27:47इसका फटाक से स्क्रीनशॉट ले लो। और ये कुछ

1:27:49क्वेश्चन है जिसको एक बार सॉल्व करके देख

1:27:51लो। देखो मैं इनफैक्ट बता ही देता हूं।

1:27:53नेट इनडायरेक्ट टैक्सेस और सब्सिडी। नेट

1:27:56इनडायरेक्ट टैक्सेस ज़ीरो हैं। सब्सिडी 100

1:27:57की है। तो क्या किया? 0 - 100 कितना हो

1:28:00गया जी? कितना हो गया जी? - 100 - 100 हो

1:28:03गया। ये देखो आपका क्या आया जी? ये देखो

1:28:05-00 आ गया। अब देखो इनडायरेक्ट टैक्स

1:28:08कितना था? 250 सब्सिडी कितनी थी आपकी जीरो

1:28:11तो 250 - 0 कितना हो गया जी? 250 तो ₹250

1:28:15का टैक्स लगेगा। ठीक है? अब इनडायरेक्ट

1:28:17टैक्सेस मान लीजिए 200 है। सब्सिडी कितनी

1:28:19है? 120 तो 200 - 120 विल गिव अस व्हाट?

1:28:24₹80 का एनआईटी है। एनआईटी कितना है? 80

1:28:28है। तो आपको दिख गया भैया लिखो। एनआईटी

1:28:30इधर है 80। समझ आ गया? कोई दिक्कत? कोई

1:28:33परेशानी? क्लियर है सबको? कोई दिक्कत

1:28:35परेशानी? चलो जी। जी, बहुत बढ़िया। तो ये

1:28:37हम यहां पर ये सीख चुके हैं। आई होप कि

1:28:39आपको क्लियर है। स्क्रीनशॉट ले लो फटाक से

1:28:41इसका। चलिए जी बेटा। अब आता है अपना लास्ट

1:28:44कांसेप्ट इस चैप्टर का और वो लास्ट

1:28:46कांसेप्ट क्या है वो सीख लो। आपका चैप्टर

1:28:48खत्म हो जाएगा और ये सारे कांसेप्ट को एक

1:28:50बार ढंग से याद कर लेना क्योंकि आपको ये

1:28:52काफी ज्यादा कैरी फॉरवर्ड होगा अगले

1:28:55चैप्टर्स में। तो नेशनल इनकम जब सीखोगे ना

1:28:57तो ये सारे कांसेप्ट आपको काफी ज्यादा

1:28:59फायदा देंगे। ये बात याद रखना। ये

1:29:01चैप्टर्स कंटीन्यूएशन में ही देखना है।

1:29:04मैं बार-बार बोल रहा हूं। आप बीच में

1:29:06देखोगे आपको चीज नहीं समझ आएंगी।

1:29:08कंटीन्यूएशन में देखना तभी आपको बेहतर समझ

1:29:10आएगा। चलो लास्ट कांसेप्ट फॉर दिस चैप्टर

1:29:13इज नेट फैक्टर इनकम फ्रॉम अब्रॉड। देसी

1:29:17भाषा में समझो। ये नेट फैक्टर इनकम फ्रॉम

1:29:19अब्रॉड जिसको हम शॉर्ट फॉर्म में

1:29:21एनएफआईएबी कहते हैं। ये एनएफआईए क्या होता

1:29:25है? ध्यान से देखिएगा। एक होती है

1:29:27डोमेस्टिक इनकम। डोमेस्टिक इनकम का मतलब

1:29:30होता है जो हमारी डोमेस्टिक टेरिटरी पर

1:29:33रहकर एक सिटी नॉर्मल रेजिडेंट या नॉन

1:29:37रेजिडेंट ने कमाया हो। मतलब भले ही हमारा

1:29:39आदमी हो या ना हो पर हमारी जमीन पर अगर

1:29:42पैसा कमाया है तो उसे हम डोमेस्टिक इनकम

1:29:44मानते हैं। क्या मानते हैं जी? अगर हमारे

1:29:47जमीन पर किसी नॉर्मल रेजिडेंट ने कमाया हो

1:29:51या नॉन रेजिडेंट जो हमारा रेजिडेंट है भी

1:29:54नहीं उसने कमाया लेकिन हमारी जमीन पर

1:29:56कमाया है तो वो एक डोमेस्टिक इनकम मानी

1:29:58जाती है। पर नेशनल इनकम क्या होता है

1:30:02उसमें थोड़ा सा डिफरेंस है। देखो अब देश

1:30:05बेटा अकेला तो काम नहीं करता। कुछ पैसा हम

1:30:09यूएस से कमाते हैं। ठीक है? और कुछ

1:30:13पेमेंट्स हम यूएस को या बाकी सारे देशों

1:30:16को भी देते हैं। कुछ पैसा हम बाहर के

1:30:19देशों से कमाते हैं और कुछ पैसा हम बाहर

1:30:22के देशों को देते भी हैं। कुछ खर्चे भी

1:30:24करते हैं जो बाहर के देशों की इनकम होती

1:30:25है। है ना? कुछ हमने बिजनेस किया यूएस से

1:30:28उसका पैसा इंडिया में कमा लिया। इंडिया

1:30:30में लेकर आ गए। कुछ हमने यूएस की कंपनी

1:30:32इंडिया में आई। उन्होंने पैसा कमा कर बाहर

1:30:34लेकर चले गए। ऐसा भी होता है। हां या ना?

1:30:36तो इन दोनों का जो डिफरेंस होता है ना

1:30:40इन दोनों का जो डिफरेंस होता है ना उसे हम

1:30:42एनएफआईए कहते हैं। यानी कि जो पैसा आपने

1:30:46बाहर से कमाया माइनस जो पैसा आपने बाहर को

1:30:50पे कर दिया उसके बाद जो वैल्यू बचती है

1:30:53उसे हम एनएफआईआई कहते हैं। ठीक है? ध्यान

1:30:55से देखो। इट इज़ इट रेफर्स द डिफरेंस

1:30:58बिटवीन फैक्टर इनकम रिसीव्ड फ्रॉम द रेस्ट

1:31:03ऑफ द वर्ल्ड। कि जो पैसा हमने कमाया अपने

1:31:06देश को छोड़कर बाहर के सारे देशों से एंड

1:31:11फैक्टर इनकम पेड इनकम तो अभी रिसीव करी थी

1:31:15हां या ना अब पे कर रहे हैं टू दी रेस्ट

1:31:17ऑफ द वर्ल्ड कि भैया जो पूरी दुनिया से

1:31:20हमने हमारे देश में पैसा कमाया इंडिया में

1:31:22पैसा लेकर आए वो माइनस जो पेमेंट्स जो

1:31:26पैसा हमने दे दिया दुनिया के बाकी सारे

1:31:28लोगों को हमने उनसे कुछ सर्विज ली या

1:31:30गुड्स खरीदे उनको हमने पैसा दे दिया तो

1:31:32उसके दोनों के डिफरेंस को हम एनएफआईए कहते

1:31:35हैं। जैसे कि एनएफआईए का फुल फार्मूला

1:31:38क्या है? नेट नेट सॉरी फैक्टर इनकम अर्नड

1:31:43फ्रॉम अब्रॉड जो पैसा हमने कमाया बाहर के

1:31:48देशों से माइनस फैक्टर इनकम पेड टू

1:31:53अब्रॉड। कि जो भी पैसा हमने पे कर दिया

1:31:57अब्रॉड उसको माइनस कर दो जो कमाया उससे।

1:32:00ठीक है बेटा? जो बचेगा उसे हम एनएफआईए

1:32:02कहते हैं। सर ये एनएफआईए इतना ज्यादा

1:32:05इंपॉर्टेंट क्यों है? दोनों के बीच में एक

1:32:07आपको रिलेशन समझाता हूं। डोमेस्टिक इनकम

1:32:12वो इनकम है बेटा जिसमें बाहर की जमीन पे

1:32:17कमाया हुआ पैसा इंक्लूड नहीं होता। हमारी

1:32:20जमीन पे जो हमने पैसा कमाया होगा भले ही

1:32:22कोई भी कमाए। अगर आपने हमारी जमीन इंडियन

1:32:25टेरिटरी डोमेस्टिक टेरिटरी पे अगर पैसा

1:32:27कमाया है तो ही आप बोल सकते हो कि हां ये

1:32:29एक डोमेस्टिक इनकम है। लेकिन जब आप नेशनल

1:32:34इनकम की बात करते हो तो इससे फर्क नहीं

1:32:37पड़ता कि आपने हमारी जमीन पर कमाया कि

1:32:41आपने किन की जमीन पे कमाया। लेकिन अगर

1:32:44हमारे बंदे ने कमाया किसने कमाया? अगर

1:32:47नॉर्मल रेसिडेंट

1:32:50नॉर्मल

1:32:52नॉर्मल

1:32:54नॉर्मल रेसिडेंट द्वारा अगर कमाया गया है

1:33:00नॉर्मल रेजिडेंट द्वारा अगर अर्न किया गया

1:33:03है तो वो नेशनल इनकम में आएगा। ये नॉर्मल

1:33:06रेजिडेंट हो या नॉन रेजिडेंट हो। अगर आपने

1:33:09डोमेस्टिक टेरिटरी पे कमाया तो आप

1:33:11डोमेस्टिक इनकम बोलोगे।

1:33:13डोमेस्टिक

1:33:15टेरिटरी पर कमाना है बस आपको।

1:33:18डोमेस्टिक टेरिटरी पर कमाना है। भले ही आप

1:33:20नॉन रेजिडेंट हो या नॉर्मल रेजिडेंट हो।

1:33:22ये दुनिया में कहीं भी कमाओ लेकिन आपका

1:33:24आदमी कमाए। ठीक है? अब निकलता कैसे है? इन

1:33:26दोनों के बीच का डिफरेंस पता है क्या है?

1:33:28जब आप डोमेस्टिक इनकम यानी कि देश की इनकम

1:33:32देश में कमाई गई इनकम में जब आप फॉरेन

1:33:34वाली इनकम ऐड कर देते हो यानी कि एनएफआईए

1:33:38ऐड कर देते हो तो वो नेशनल इनकम बन जाता

1:33:42है। अच्छा सर ये तो हमारी जमीन पे कमाया

1:33:45हुआ पैसा था। जब हमने बाहर से जो पैसा

1:33:48कमाया और बाहर से जो पैसा पे कर दिया के

1:33:51बाद जो वैल्यू बचती है एनएफआईए जब हम इसको

1:33:54ऐड कर देते हैं तो ये बन जाता है नेशनल

1:33:57इनकम। मतलब यहां पर फॉरेन की इनकम भी

1:33:59इंक्लूड होती है। यहां पे तो सिर्फ हमारे

1:34:01देश की इनकम इंक्लूड होती है। हमारी जमीन

1:34:03पे जो पैसा कमाया उसकी। ठीक है? उल्टा

1:34:05करना है क्या कर सकते हो? नेशनल इनकम

1:34:09आपको दी गई हो और आपको डोमेस्टिक इनकम पर

1:34:13जाना हो तो क्या करोगे जी? सिंपल कांसेप्ट

1:34:17है। क्या करोगे जी? फॉरेन की इनकम हटा दो।

1:34:20माइनस एनएफआईए।

1:34:23आपका आंसर आ जाएगा। एनएफआईए जो है ना वो

1:34:26डिफरेंस है किसके बीच में? नेशनल इनकम और

1:34:30डोमेस्टिक इनकम के बीच में। डोमेस्टिक

1:34:32इनकम में एनएफआईए नहीं होता। नेशनल इनकम

1:34:35में एनएफआईए होता है। तो क्या बोलोगे?

1:34:37नेशनल इनकम निकालने के लिए फार्मूला क्या

1:34:39बन जाता है? डोमेस्टिक इनकम प्लस एनएफआईए

1:34:43= नेशनल इनकम। और डोमेस्टिक इनकम के लिए

1:34:46क्या फार्मूला होता है? नेशनल इनकम माइनस

1:34:50एनएफआईए = डोमेस्टिक इनकम। सिंपल कांसेप्ट

1:34:54समझ आया? अब आगे देख लो क्या बोल रहा है।

1:34:56देखो यहां पे लिखा हुआ है। डोमेस्टिक इनकम

1:34:58में एनएफआईए ऐड किया नेशनल इनकम बन गई।

1:35:01नेशनल इनकम में एनएफआईए माइनस किया

1:35:03डोमेस्टिक इनकम बन गई। सिंपल एज दैट। ठीक

1:35:06है? एनएफआई इज़ दी सिग्निफिकेंट डिफरेंस

1:35:09बिटवीन डोमेस्टिक इनकम एंड नेशनल इनकम।

1:35:12वही तो मैं बोल रहा हूं कितनी देर से

1:35:14डोमेस्टिक इनकम और नेशनल इनकम के बीच का

1:35:16डिफरेंस क्या है? एनएफआई तो है। क्या है

1:35:18उसके अंदर? और कुछ नहीं है। समझ आया?

1:35:21नेशनल इनकम कैसे निकालोगे? जी? ये देखो

1:35:23डोमेस्टिक इनकम में क्या ऐड किया? एनएफआई

1:35:26ऐड कर दिया। एनएफआई को आपने बस यहां पे

1:35:28इबोरेट तरीके से लिख दिया। फैक्टर इनकम

1:35:30फ्रॉम अब्रॉड माइनस कहां गया? माइनस

1:35:34फैक्टर इनकम टू टू अब्रॉड। मतलब पैसा पे

1:35:37कर दिया। दोनों को लिख दिया। इसको शॉर्ट

1:35:39में ऐसे भी लिख सकते हो। नेशनल इनकम इक्वल

1:35:41टू डोमेस्टिक इनकम प्लस एनएफआईए। जो यहां

1:35:45पे मैंने इलेबोरेट करके लिखा है वो यहां

1:35:47पे मैंने शॉर्ट में लिख दिया। एनएफआईए को

1:35:49यहां पर खोल कर लिख दिया मैंने। समझ आया

1:35:51क्लियर है कोई दिक्कत कोई परेशानी ये

1:35:54हमारा नेशनल इनकम का कांसेप्ट था बेटा

1:35:56क्लियर है चलो अब आगे देखो नेशनल एनएफआईए

1:36:00जो है बेटा ज़ीरो भी हो सकता है नेगेटिव भी

1:36:03हो सकता है और पॉजिटिव भी हो सकता है देखो

1:36:04ज़ीरो नेगेटिव पॉजिटिव कैसे होगा एग्जांपल

1:36:06से देख लो ना सिंपल है एग्जांपल से देख लो

1:36:09कैसे देखो ये रहा देखो बच्चे

1:36:14पैसा जो मैंने अब्रॉड से कमाया वो ₹500 था

1:36:17और जो अब्रॉड को पैसा पे कर दिया वो ₹300

1:36:19था तो कितना हुआ बेटा बेटा एनएफआई एनएफआई

1:36:21मेरा आएगा सिंपल सा 500 - 300 विल गिव मी

1:36:26200 तो ये क्या हुआ पॉजिटिव वैल्यू हो गया

1:36:29पॉजिटिव वैल्यू हो गया भाई ₹500 कमाए ₹300

1:36:32खर्च कर दिए ₹200 बचे क्या है भैया एनएफआई

1:36:35मेरा 200 आ गया ये देखो यहां पे लिखा हुआ

1:36:36है ₹200 फैक्टर इनकम फ्रॉम अब्रॉड जो पैसा

1:36:40मैंने बाहर से कमाया वो ₹250 था और जो

1:36:43फैक्टर इनकम मैंने पे कर दिया वो ₹620 था

1:36:45तो क्या हुआ देखो एनएफआईए को मैं सिंपल सा

1:36:47कम करूंगा जो मैंने पैसा कमाया वो कितना

1:36:50था? ₹250 250 और जो मैंने पैसा पे कर दिया

1:36:53वो था ₹620. कितना बचा जी? यह हो गया 200

1:36:56250 और 120 कितना हो गया? 370 है ना? तो

1:37:00ये क्या हुआ? 370 नेगेटिव का हो गया। मतलब

1:37:03खर्चा ज्यादा कर दिया। तो एनएफआई क्या हुआ

1:37:05बेटा? एनएफआई ये नेगेटिव हो गया। देखो

1:37:07नेगेटिव वैल्यू आ गई। पॉजिटिव भी है,

1:37:09नेगेटिव भी है। और जितना कमाया उतना ही

1:37:13खर्च कर दिया। कितना बचेगा भैया? ज़ीरो ही

1:37:15बचेगा। आपके पास और क्या बचेगा? है ना?

1:37:17कितना है? सॉरी, सॉरी फैक्टर इनकम टू

1:37:20अब्रॉड। 150 फैक्टर इनकम सिर्फ पैसा ही

1:37:22कमाया, खर्चा कुछ नहीं किया तो आपका

1:37:24एनएफआईए भी आपका सॉरी सिर्फ खर्चा किया,

1:37:26कमाया कुछ भी नहीं, तो आपका एनएफआई

1:37:28नेगेटिव आ गया। सिर्फ कमाया, खर्चा कुछ

1:37:31नहीं किया तो क्या होगा बेटा? आपका फिर से

1:37:33क्या होगा बेटा? ये पॉजिटिव आ जाएगा।

1:37:34सिर्फ कमाया, खर्चा नहीं किया तो क्या आ

1:37:36गया आपका? 150 हो गया। अब जैसे मान लो

1:37:38कमाया 150, खर्चा भी 150 किया, तो कितना

1:37:42बचेगा? एनएफआई ज़ीरो आ जाएगा। nfi ज़ीरो आ

1:37:46जाएगा। nfi ज़ीरो आ जाएगा। कमाया भी 150,

1:37:49खर्चा भी 150। क्या कितना हुआ? ज़ीरो आ

1:37:50जाएगा। जी। तो लो भैया, इट इज़ हेंस

1:37:53प्रूव्ड इट कैन बी पॉजिटिव,

1:37:56इट कैन बी नेगेटिव एंड इट कैन बी ज़ीरो।

1:37:59एनीथिंग कैन बी पॉसिबल। ठीक है? एंड द

1:38:01लास्ट थिंग यू नीड टू लर्न इज़ एनएफआई के

1:38:03अंदर क्या-क्या इंक्लूड होता है? एनएफआई

1:38:06के अंदर ये सारे बेटा वैल्यू नेट बेसिस पे

1:38:08हैं। नेट बेसिस मतलब इनमें कुछ ना कुछ

1:38:10काटापीटी गई है। काटापीटी करी गई है। देखो

1:38:12जब भी नेट आता है ना वर्ड तो उसमें कुछ

1:38:14काटा पीटी करी जाती है। देखो यहां लिखा है

1:38:16ना नेट फैक्टर इनकम टू इनकम फ्रॉम अब्रॉड।

1:38:19नेट वैल्यू था तो जो कमाया और जो खर्चा

1:38:22किया उसका डिफरेंस वैल्यू आया है। मतलब

1:38:24दोनों में से काटा पीटा करा है आपने। ठीक

1:38:26है? तो ये क्या होता है? यहां पर भी देखो।

1:38:28कंपनसेशन ऑफ़ एंप्लाइजज़ कुछ हमारे

1:38:30एंप्लाइजज़ ने बाहर से पैसा कमाया होगा।

1:38:32कुछ हमने एंप्लाइजज़ को बाहर पैसा पे किया

1:38:35होगा। उसका नेट वैल्यू कुछ सैलरीज हमने

1:38:37बाहर से कमाई। कुछ सैलरीज हमने बाहर को पे

1:38:40कर दी। नेट वैल्यू देनी पड़ेगी यहां पर।

1:38:42प्लस और कौन सी चीज़ है? कुछ रेंट हमें

1:38:45बाहर से मिलता है। कुछ रेंट हम बाहर को दे

1:38:48देते हैं। दोनों का नेट वैल्यू यहां पे

1:38:50लिख दो। ठीक है? कुछ रिटेन अर्निंग्स बाहर

1:38:53की होती हैं। रिटेंड अर्निंग मतलब आपने जो

1:38:55पैसा बनाया उसमें से कुछ पैसा आपने रख

1:38:57लिया अलग से फ्यूचर पर्पज़ के लिए। उसे हम

1:38:59रिटेंड अर्निंग कहते हैं। तो कुछ पैसा

1:39:01आपने बाहर की कंट्रीज से बनाया साइड में

1:39:03रख लिया। कुछ पैसा हमने बाहर को दे दिया।

1:39:06तो क्या हुआ बेटा ये? ये भी नेट वैल्यू आ

1:39:08गई। जब तीनों को ऐड कर दोगे तो इससे भी

1:39:10एनएफआईए निकलता है। ये इसके कॉम्पोनेंट्स

1:39:12होते हैं। ठीक है बेटा? ये हमारा चैप्टर

1:39:15की थी पूरी की पूरी समाप्ति। आई होप कि

1:39:20आपको ये चैप्टर लगा होगा बहुत ही शानदार।

1:39:22आई नो काफी सारे ऐसे टर्म्स थे। थोड़ा

1:39:25मैंने इसको इलेबोरेटिव तरीके से जानबूझकर

1:39:27इसलिए पढ़ाया कि जब तक आपको बारीकी नहीं

1:39:30फील होगी तब तक आप मास्टर नहीं कर सकते

1:39:34नेशनल इनकम को और मेरा उद्देश्य वीडियो के

1:39:37टाइमिंग को कम करके पढ़ाना नहीं है। मेरा

1:39:40उद्देश्य है तुम्हें एंड तक हर चीज को

1:39:43बेसिक रूट लेवल तक समझाना जो कि आई होप कि

1:39:46इस वीडियो के बाद तुम्हें जरूर समझ आया

1:39:48होगा। इसके बाद वाला चैप्टर जरूर देखो। जो

1:39:51नेशनल इनकम एंड रिलेटेड एग्रीगेट्स हैं

1:39:53वहां पर सीखो। कैसे हम नेशनल इनकम के

1:39:56स्टेप को सीखते हैं। कैसे हम नेशनल इनकम

1:39:59निकालते हैं जीडीपी से। कैसे हम चीजों को

1:40:01कन्वर्ट करते हैं? यहां तक गेम खत्म नहीं

1:40:04हुआ है। अब आप इसको सीखो कि एग्रीगेट्स

1:40:06कैसे हम निकालते हैं और उसके बाद आप मेथड

1:40:09सीखो कि नेशनल इनकम कैसे निकालते हैं। आगे

1:40:12दोनों चैप्टर जब देखोगे इस चैप्टर को

1:40:14देखने के बाद तो आपको पूरा नेशनल इनकम

1:40:16कंठस्थ याद हो जाएगा और आपको किसी भी

1:40:19तरीके से डरने की नेशनल इनकम में कोई

1:40:21जरूरत नहीं पड़ेगी। आई होप यू लाइक दिस

1:40:24वीडियो। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा

1:40:25लोगों तक शेयर करना क्योंकि ये बेसिक

1:40:27चीजें हैं बच्चों कि इनको नहीं पता होता

1:40:29है और एग्जाम में सबको 80 में से 80 लानी

1:40:33है एंड मार्क माय वर्ड्स। इफ यू आर वाचिंग

1:40:35दिस वीडियोस यू विल गेट 80 आउट ऑफ 80। इफ

1:40:38यू आर एमिंग फॉर इट कमेंट डाउन बिलो कि 80

1:40:41में से 80 आएंगे और सोच लिया है ना तो आ

1:40:43भी जाएंगे। आई होप यू लाइक दिस वीडियो

1:40:45गाइस। शेयर करना, लाइक करना और सब्सक्राइब

1:40:48जरूर करके जाना। बाय-ब टेक केयर। सी यू।

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