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0:00अगर आपकी तनख्वाह हर साल बढ़ रही है लेकिन
0:02आपकी बचत नहीं बढ़ रही तो शायद मसला आपकी
0:05कमाई में नहीं बल्कि इस बात में है कि
0:07[संगीत] आपके पास सिर्फ एक ही आमदनी का
0:09जरिया है क्योंकि हकीकत यह है कि आज
0:11हजारों लोग नौकरी के [संगीत] साथ-साथ ऐसे
0:13छोटे कारोबार भी चला रहे हैं जो उन्हें हर
0:15माह इजाफी आमदनी फराहम करते हैं और हैरानक
0:18बात यह है कि उनमें से कुछ कारोबार शुरू
0:20करने के लिए लाखों [संगीत] रुपए नहीं
0:22बल्कि सिर्फ सही सोच और थोड़ी सी मेहनत की
0:24जरूरत होती है। आज मैं आपको चार ऐसे अमली
0:27बिजनेस आईडियाज बताने वाला हूं। जिनमें से
0:29एक तो तकरीबन ज़ीरो इन्वेस्टमेंट से भी
0:31शुरू किया जा सकता है। लेकिन वीडियो आखिर
0:33तक जरूर देखिएगा क्योंकि आखिर में मैं
0:35आपको वह गलती भी बताऊंगा जिसकी वजह से
0:37ज्यादातर लोग कारोबार तो शुरू कर लेते हैं
0:39लेकिन उसे कभी बड़ा नहीं बना पाते। चलिए
0:41शुरू करते हैं। पहला बिजनेस आईडिया कार
0:43वाशिंग और डिटेलिंग बिज़नेस। यह कारोबार
0:45बहुत सादा लेकिन इंतहाई फायदेमंद है। आज
0:48के दौर में गाड़ियों की तादाद तेजी से बढ़
0:50रही है। कार हो, मोटरसाइकिल हो या स्कूटर
0:52लोग रोजाना उनका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन
0:54उनको साफ करने के लिए हर किसी के पास वक्त
0:57नहीं होता। दफ्तर जाने वाले अफराद,
0:58कारोबारी लोग और मशरूफ जिंदगी गुजारने
1:01वाले लोग अक्सर अपनी गाड़ी साफ करने के
1:03लिए वक्त नहीं निकाल पाते। यही वह जगह है
1:05जहां आपका कारोबार काम आता है। आप
1:07गाड़ियां धोने, साफ करने और चमकाने की
1:09सर्विस शुरू कर सकते हैं। इसे बड़े पैमाने
1:11पर शुरू करने की जरूरत नहीं। एक छोटी सी
1:13जगह, चंद जरूरी सामान, पानी और मेहनत ही
1:16काफी है। अब जरा सोचें अगर एक गाड़ी से
1:19मुनासिब मुनाफा हो और रोज 8 से 10
1:21गाड़ियां आ जाए तो महाना कितनी अच्छी
1:23आमदनी बन सकती है। इस कारोबार की सबसे
1:26अच्छी बात यह है कि अगर कोई ग्राहक आपकी
1:28सर्विस पसंद कर ले तो वो बार-बार वापस आता
1:30है। यह एक ऐसा कारोबार है जो एतमाद पर
1:33चलता है। अगर आपका काम साफ सुथरा वक्त पर
1:35और आपका रवैया अच्छा है तो लोग आपको तवील
1:38अरसे तक याद रखते हैं। फिर आप सिर्फ
1:40गाड़ियां धोने वाले नहीं रहते बल्कि एतमाद
1:42का एक ब्रांड बन जाते हैं। दूसरा बिजनेस
1:44आईडिया थैला मैनेजमेंट बिजनेस। यह आईडिया
1:46बजाहिर आम लग सकता है लेकिन यही [संगीत]
1:48इसकी असल ताकत है। बहुत से लोग थैले के
1:50कारोबार को छोटा समझते हैं। लेकिन हकीकत
1:53यह है कि अगर जगह मुनासिब हो, सामान अच्छा
1:55हो और निजाम दुरुस्त हो तो इससे बहुत
1:58अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। मसला यह
2:00है कि हर शख्स खुद ठेला चलाना नहीं चाहता।
2:02कुछ लोग काम करना जानते हैं लेकिन उनके
2:04पास अपना थैला, अपना निजाम या इंतजाम नहीं
2:07होता। यही आपके लिए मौका है। आप खुद ठेला
2:09चलाने के बजाय इसकी मैनेजमेंट कर सकते
2:12हैं। यानी आप जगह का इंतखाब करें। सामान
2:14का इंतजाम करें और किसी दूसरे शख्स से काम
2:16करवाएं। फिर आमदनी में अपना हिस्सा रखें।
2:18सादा अल्फाज में आप मेहनत करने वाले नहीं
2:21बल्कि एक सिस्टम चलाने वाले बन जाते हैं
2:23और यही असल फर्क है क्योंकि मेहनत तो बहुत
2:25लोग करते हैं लेकिन मजबूत निजाम बहुत कम
2:28लोग बना पाते हैं। अगर तीन या चार थैले भी
2:30अच्छी जगहों पर कामयाबी से चल जाए तो एक
2:32अच्छी आमदनी बन सकती है और सबसे बड़ी बात
2:34यह है कि इस कारोबार में रोज नए ग्राहक
2:36मिलते रहते हैं क्योंकि खाने-पीने का
2:39कारोबार कभी मुकम्मल तौर पर बंद नहीं
2:41होता। जहां रोज जरूरत हो वहां रोज मौका भी
2:44होता है। तीसरा बिजनेस आईडिया डेड स्टॉक
2:46[संगीत] बिजनेस। शायद बहुत से लोग यह नाम
2:48पहली बार सुन रहे होंगे, लेकिन इसका मतलब
2:50बहुत आसान है। किसी भी दुकान, फैक्ट्री या
2:53होलसेलर के पास कुछ ऐसा सामान मौजूद होता
2:56है जो तवील अरसे से फरोख्त नहीं हो पाता।
2:58ऐसा सामान जगह भी घेरता है और दुकानदार के
3:01लिए बोझ बन [संगीत] जाता है। इसी सामान को
3:03डेड स्टॉक कहा जाता है। अब सोचें जो चीज
3:06किसी दुकानदार के लिए मसला है वही आपके
3:08लिए एक बेहतरीन मौका बन सकती है क्योंकि
3:10दुकानदार या फैक्ट्री मालिक अक्सर इस
3:12सामान से जल्द जान छुड़ाना चाहते हैं।
3:14इसीलिए वह इसे कम कीमत पर फरोख्त करने पर
3:17भी तैयार हो जाते हैं। यहीं से आपका काम
3:19शुरू होता है। आप ऐसे दुकानदारों,
3:21फैक्ट्रियों और होलसेलर से राब्ता करें
3:23जिनके पास पुराना या गैर फरोख्तशुदा सामान
3:26मौजूद हो। इस सामान को कम कीमत पर खरीदें
3:28और फिर मुख्तलिफ जराय से फरोख्त करें।
3:30मसलन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, मकामी [संगीत]
3:32मार्केट, Facebook, Instagram या छोटे
3:34दुकानदारों के जरिए इस कारोबार की सबसे
3:37अच्छी बात यह है कि [संगीत] आप इब्तदा में
3:39बहुत कम स्टॉक खरीद कर भी इसे आजमा सकते
3:41हैं। जरूरी नहीं कि पहले दिन ही बड़ा
3:43सरमाया लगाया जाए। पहले सीखें, समझे और
3:46फिर आहिस्ता-आहिस्ता कारोबार को बढ़ाएं।
3:48चौथा बिजनेस आईडिया कंटेंट बिजनेस। यह
3:51सबसे खास आईडिया है क्योंकि इसमें पैसा कम
3:53लगता है लेकिन दिमाग, सब्र और मुस्तकिल
3:56मिजाजी ज्यादा दरकार होती है। आज के दौर
3:58में लोग सिर्फ चीजें नहीं खरीदते। लोग
4:00तवज्जा खरीदते हैं, लोग ख्यालात खरीदते
4:02हैं, लोग एतमाद खरीदते हैं। और यही काम
4:04कंटेंट [संगीत] बिजनेस करता है। अगर आप
4:06YouTube, Facebook, Instagram या किसी भी
4:09प्लेटफार्म पर लोगों के लिए मुफीद और
4:11दिलचस्प कंटेंट बनाते हैं तो
4:13आहिस्ता-आहिस्ता आपकी पहचान बनना शुरू हो
4:15जाती है। और जब पहचान बन जाती है तो आमदनी
4:17के कई रास्ते खुद ब खुद खुल जाते हैं। आप
4:19वीडियोस से कमा सकते हैं। ब्रांड डील से
4:22कमा सकते हैं। अपनी सर्विस फरोख्त कर सकते
4:24हैं। अपनी मसनूआत फरोख्त कर सकते हैं। और
4:26सबसे बड़ी बात यह कि एक बार अगर आपका
4:28कंटेंट चल जाए तो वो बरसों तक आपको फायदा
4:31दे सकता है। बहुत से लोग समझते हैं कि
4:33कंटेंट बनाना सिर्फ बोलने का काम है।
4:35लेकिन हकीकत यह है कि इस कारोबार में
4:37समझदारी, सब्र, सच्चाई और मुस्तकिल मिजाजी
4:40की जरूरत होती है। जो शख्स रोज थोड़ा
4:42बेहतर होता जाता है, वही आगे चलकर बड़ा
4:45बनता है और अगर इब्तदा में व्यूज कम आए तो
4:47परेशान ना हो क्योंकि हर बड़ा क्रिएटर कभी
4:49ना कभी छोटा ही था। फर्क सिर्फ यह होता है
4:52कि कुछ लोग रास्ते में रुक जाते हैं और
4:54कुछ लोग मुसलसल आगे बढ़ते रहते हैं। सबसे
4:56अहम बात जैसा कि मैंने शुरू में कहा था इन
4:59चार आईडियाज से भी ज्यादा अहम एक बात है
5:02कारोबार में पैसा कमाने वाले और दौलत
5:04बनाने वाले लोग एक जैसे नहीं होते। पैसा
5:07तो बहुत लोग कमा लेते हैं लेकिन [संगीत]
5:08दौलत सिर्फ वो लोग बनाते हैं जो मुस्तकबिल
5:10के बारे में सोचते हैं। याद रखिए कोई भी
5:13कारोबार छोटा नहीं होता। सोच छोटी होती
5:15है। इसलिए सही वक्त का इंतजार मत कीजिए।
5:18दुनिया के ज्यादातर कामयाब लोगों ने
5:20परफेक्ट वक्त आने का इंतजार नहीं किया था।
5:22उन्होंने जो कुछ था, जहां थे और जितना था
5:24उसी से आगाज किया था। शुरुआत छोटी हो सकती
5:27है। लेकिन अगर आप मुसलसल सीखते रहे, मेहनत
5:30करते रहे और मैदान नहीं छोड़ा तो एक दिन
5:32यही छोटा सा कारोबार आपकी आजादी का सबब बन
5:35सकता है। क्योंकि आखिर में अमीर वो नहीं
5:37बनता जो सबसे ज्यादा जानता है। अमीर वो
5:40बनता है जो जानने के बाद अमल करता है। अब
5:42फैसला आपके हाथ में है। आप सिर्फ नौकरी के
5:45सहारे बैठे रहेंगे या अपने लिए आमदनी का
5:47दूसरा रास्ता भी बनाएंगे क्योंकि कमाई
5:49सिर्फ तनख्वाह से नहीं होती। कमाई मौका
5:51पहचानने से होती है। कमाई सही वक्त पर कदम
5:54उठाने से होती है। और कमाई इसी शख्स को
5:56मिलती है जो खौफ के बावजूद आगाज करता है।
5:58तो आज से सिर्फ देखने वाले मत बनिए। सोचने
6:01वाले बनिए, सीखने [संगीत] वाले बनिए और
6:02आहिस्ता-आहिस्ता अपना सिस्टम बनाना शुरू
6:05कीजिए। क्योंकि हो सकता है जिस चीज को लोग
6:07आज छोटा समझ रहे हो वही कल आपकी सबसे बड़ी
6:10कमाई बन