Full transcript
0:02जय श्री कृष्णा दोस्तों कृष्णा हैप्पीनेस
0:04बहुत इंपॉर्टेंट एक सैटर्न और केतु का
0:07कंजक्शन होता है हमारे चार्ट में और यह जो
0:11सैटर्न और केतु का कंजक्शन होता है वह
0:13बहुत फ्रस्ट्रेटिंग हो सकता है मेनली
0:17हमारे काम या करियर को लेके बार-बार चीजें
0:21हमारे जीवन में जो है डिसरप्ट होती हैं
0:23टूटती हैं। सैटर्न और केतु मोस्टली हमारे
0:27फाइनेंससेस को और करियर को सबसे ज़्यादा
0:31हिट करता है। ऐसा भी कहा जाता है कि पास्ट
0:35लाइफ से रिलेटेड कोई हमारे कर्मा अधूरे
0:37हैं। अब जिस घर में भी वह बन रहा होता है
0:40सैटर्न और केतु का कंजक्शन उस घर से
0:44रिलेटेड कोई पास्ट लाइफ का कर्मा हमको ह्ट
0:47करता है। बार-बार हमारे सामने आता है।
0:50हमको उसको कंप्लीट करना होता है। कई बार
0:53व्यक्ति के कार्य ही पूरे नहीं हो पाते
0:56हैं। कई बार व्यक्ति का मन ही नहीं लगता
0:59है किसी काम में। जो काम शुरू होता है वह
1:02बंद हो जाता है। सैटर्न और केतु साथ में
1:05बैठे हुए होते हैं और अगर अच्छी पोजीशन
1:08में बैठे हुए हैं यानी कि सैटर्न अगर अपनी
1:10राशि का है और केतु साथ में बैठा हुआ है
1:13तब कई बार व्यक्ति के अंदर स्वाभाविक गुण
1:16आ जाते हैं। धीरज के पेशेंस के लॉन्ग विज़न
1:22के जिसको कहते हैं ना दूरदर्शिता। यह सब
1:25वो पहले से ही सोच समझ के करता है। उसको
1:27मालूम है उसे क्या करना है, क्या नहीं
1:30करना है। हंबल होता है। बहुत ग्राउंडेड
1:32होता है। वहीं पे सैटर्न और केतु जो है कई
1:36बार स्पिरिचुअलिटी, धर्म, मोक्ष इस तरफ का
1:40भी इशारा करते हैं। अच्छा सैटर्न और केतु
1:43साथ में बैठे हुए हो और चंद्रमा ऐसी
1:46पोजीशन में वीक हो छठे में आठवें में
1:5012वें में हो या नीच का हो तब प्रॉब्लम्स
1:54और बढ़ जाती हैं। तो सैटर्न और केतु का
1:57कंजक्शन आपस में एक सरल कंजक्शन नहीं माना
2:01जाता है। बट यह लॉन्ग लास्टिंग इफेक्ट
2:03देता है। अगर हम कोई काम कर रहे हैं तो
2:07बहुत जरूरी है कि हमको पता होना चाहिए कि
2:10क्या वो काम हमारे लिए बना हुआ है और फिर
2:13हम उसमें टिके रह। हम बार-बार काम
2:15छोड़ेंगे, बार-बार काम चेंज करेंगे।
2:18बार-बार अपने कर्मा को रिप्रेजेंट करेंगे
2:20तो उतनी ही बार हमारे जीवन में जो है वह
2:23खराबी या हम गिरते रहेंगे। यह बात याद
2:26रखिएगा। सैटर्न और केतु व्यक्ति को
2:30स्पिरिचुअल, मोक्षा, धर्म इन सारी चीजों
2:33की तरफ भी ले जाते हैं। जब भी सैटर्न और
2:35केतु साथ में बैठे हो तो केतु से रिलेटेड
2:38काम जो हैं वह हमको बहुत फायदा देते हैं।
2:41या जो बहुत लंबे चलने वाले काम होते हैं
2:43ना रिसर्च, पीएचडी, गुरु या कोई भी बारीक
2:46काम, स्पेसिफिकेशंस का काम, कोई
2:49इंडस्ट्रीज यह सब बहुत अच्छी तरीके से
2:52चलती हैं। किसी भी पुराने मंदिर की सेवा
2:55करना या पुराने साधु की सेवा करना
2:58अनिवार्य है।