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0:00सिर्फ एक बार बनाओ और बार-बार बेचो। यही
0:03है डिजिटल प्रोडक्ट्स का असली गेम। सोचो
0:05आपने एक कोर्स बनाया है या फिर टेंपलेट
0:07बनाया या फिर एक ई-बुक बनाई है। आपने उस
0:09पे बस एक बारी मेहनत की। आपने उसका कंटेंट
0:12अच्छे से लिखा। उसकी पैकेजिंग अच्छे से की
0:14और उसका एक प्राइस सेट किया। अब वही सेम
0:16चीज आप 10 लोगों को बेचते हो, 100 लोगों
0:18को बेचते हो और हजार लोगों को बेचते हो।
0:20इसे आपको बार-बार बनाना नहीं पड़ता। उसकी
0:22डिलीवरी नहीं करनी पड़ती और उसका सपोर्ट
0:24भी मिनिमल होता है। लेकिन उस एक बार बनाए
0:26हुए प्रोडक्ट के हर सेल पे आपको पैसा जरूर
0:28आता है। और इसी के रिलेटेड एक बिजनेस
0:30प्लान मैं आज आपको बताने वाला हूं जिसे
0:31कहते हैं डिजिटल प्रोडक्ट्स। इनफैक्ट जब
0:34आपने यह वीडियो प्ले किया तो हो सकता है
0:35आपने भी किसी ना किसी कोर सेलर, टेंपलेट
0:38सेलर या फिर किसी कोच की ऐड जरूर देखी
0:40होगी। स्टेप बाय स्टेप इस वीडियो में मैं
0:41आपको आगे जाके बताने वाला हूं। लेकिन उससे
0:43पहले समझते हैं कि एक डिजिटल प्रोडक्ट
0:45होता क्या है? उसकी आखिर टाइप्स क्या-क्या
0:47होती है? आप सबसे पहले फंडा समझो कि
0:48डिजिटल प्रोडक्ट मतलब कोई भी ऐसी चीज जो
0:51ऑनलाइन डिलीवर हो सके बिना किसी फिजिकल
0:53शिपिंग के। आपको किसी भी टाइप की पैकेजिंग
0:55नहीं करनी, किसी भी टाइप का कूरियर नहीं
0:56करना, किसी भी टाइप की इन्वेंटरी नहीं
0:58रखनी। डायरेक्टली जब कस्टमर बाय करता है
1:00तो उसे इंस्टेंट एक्सेस मिल जाता है। और
1:02इसमें कई सारे अलग-अलग टाइप्स होते हैं
1:04जिसमें सबसे पहला टाइप है ऑनलाइन कोर्सेज।
1:06अगर आपके पास कोई भी ऐसी स्किल है जैसे
1:07वीडियो एडिटिंग, मार्केटिंग, कुकिंग,
1:09फाइनेंस, फिटनेस चाहे कोई भी स्किल आपको
1:11आती हो उसके आप स्ट्रक्चरर्ड वीडियोस को
1:14एक पैकेज में कन्वर्ट कर सकते हो और जिससे
1:16आपका बनता है कोर्स। उसके बाद दूसरा टाइप
1:18आता है टेंप्लेट्स एंड डिजिटल डाउनलोड्स
1:20जिसमें आप नोशन टेंपल्लेट्स, कैनवा
1:22टेंपल्लेट्स, एक्सेल शीट्स, रे्यूेस,
1:23फॉर्मेट्स, प्रेजेंटेशन डेक्स कुछ भी बेच
1:26सकते हो। उसके बाद तीसरा टाइप आता है
1:28ई-बुक्स एंड गाइड्स। अगर आपके पास किसी भी
1:30टॉपिक के ऊपर एकदम डीप नॉलेज है तो उसे
1:32लिख दो। उसका एक पीडीएफ बनाओ। उस पे एक
1:35प्राइस लगाओ और इंस्टेंटली सेल करना शुरू
1:37कर दो। एंड चौथा टाइप आता है सॉफ्टवेयर्स
1:39एंड टूल्स। अगर आप कोड कर सकते हो या फिर
1:40किसी डेवलपर से बनवा सकते हो तो आप अपना
1:43खुद का एक सैस प्रोडक्ट यानी सॉफ्टवेयर एज
1:45अ सर्विस प्रोडक्ट भी बना सकते हो। या फिर
1:47चाहे तो आप एक प्लगइन क्रिएट कर सकते हो
1:49Google Chrome के लिए या फिर एक ऐप भी बना
1:51सकते हो। और फिर आता है इसका पांचवा टाइप
1:52व्हिच इज़ मेंबरशिप एंड पेड कम्युनिटी। फॉर
1:54एग्जांपल मान लो आप यहां पे एक वीडियो
1:56एडिटर्स की कम्युनिटी क्रिएट कर सकते हो।
1:58जहां पे सारे के सारे वीडियो एडिटर्स हैं
2:00और अगर आपको कोई भी क्लाइंट वर्क आता है
2:02तो आप उस कम्युनिटी में शेयर करते हो और
2:04अपना खुद का एक कमीशन चार्ज करते हो। और
2:06फिर आता है डिजिटल प्रोडक्ट्स का सिक्स
2:07टाइप व्हिच इज कोचिंग एंड कंसल्टिंग। जहां
2:09पे आप वन ऑन वन कोचिंग या फिर ग्रुप कॉल्स
2:11भी कर सकते हो। जनरली जितने भी सारे लोग
2:12फिटनेस में है वो अभी इस चीज को कर रहे
2:14हैं। यानी ऑल इन ऑल फंडा यह है कि अगर
2:16आपके पास किसी भी टाइप का नॉलेज है, स्किल
2:19है या फिर कोई भी स्यूशन है जो लोगों की
2:21प्रॉब्लम सॉल्व कर सकता है तो आप उसका एक
2:23डिजिटल प्रोडक्ट बना सकते हो। अब सवाल
2:26सबसे बड़ा यह आता है कि इसे बनाए कैसे? और
2:29यहीं पर बहुत सारे लोग कंफ्यूज हो जाते
2:31हैं कि क्या बनाऊं? कैसे बनाऊं? कितना
2:32डिटेल्ड होना चाहिए? प्लेटफार्म कैसा होना
2:34चाहिए? रिलैक्स। मैं आपको ना एक सिंपल
2:36फ्रेमवर्क देने वाला हूं। इस फ्रेमवर्क को
2:37अगर आप फॉलो करोगे तो इस वीडियो के एंड तक
2:40आपका डिजिटल प्रोडक्ट बन के रेडी हो जाएगा
2:42और इन फैक्ट आप इसे डायरेक्टली सेल भी कर
2:44पाओगे। अब शुरू से शुरू करते हैं। सबसे
2:46पहले समझते हैं कि एक डिजिटल प्रोडक्ट
2:48बनाना कैसे है। तो यहां पे स्टेप नंबर वन
2:50आती है किसी भी प्रॉब्लम को पिक करो। देखो
2:52आपको इस माइंडसेट में घुसना पड़ेगा कि लोग
2:54प्रोडक्ट्स नहीं खरीदते। लोग एक्चुअली में
2:56सॉलशंस खरीदते हैं। तो सबसे पहले सोचो कि
2:58आपकी जो ऑडियंस है या फिर जिस भी एज ग्रुप
3:00को आप टारगेट कर रहे हो वो किस चीज से
3:03स्ट्रगल कर रहे होंगे। जैसे फॉर एग्जांपल
3:05मुझे वीडियो एडिटिंग नहीं आती। शायद यह
3:06उनकी प्रॉब्लम हो सकती है या फिर
3:08रेज्यूुमे बनाना नहीं आता या फिर इंटरव्यू
3:10पे बात कैसे करनी है वो नहीं पता। ये उनकी
3:12प्रॉब्लम हो सकती है। या फिर किसी की
3:13प्रॉब्लम हो सकती है कि मेरे Instagram या
3:15फिर YouTube पर फॉलोवर्स नहीं बढ़ रहे। तो
3:16यहां पे आपका काम आता है किसी भी एक
3:18स्पेसिफिक प्रॉब्लम को पिक करना जो आप
3:20सॉल्व कर सकते हो। उसके बाद आता है हमारा
3:22स्टेप नंबर टू व्हिच इज पैकेज द सॉल्यूशन।
3:24अब यह जो आपका सलूशन है ना उसे आपको एक
3:26स्पेसिफिक फॉर्मेट में देना पड़ेगा। अगर
3:28आपका सलूशन स्टेप बाय स्टेप सिखाना
3:30रिक्वायर करता है तो आपको एक कोर्स बनाना
3:32पड़ेगा। अब उसके बाद अगर आपका सलूशन बस एक
3:34बार समझ के उसे बार-बार यूज़ करना है तो
3:36उसका एक टेंपलेट या फिर टूल बनाओ। या फिर
3:38अगर आपका स्यूशन रीडिंग से सिखाया जा सकता
3:41है तो उसका एक ई-बुक गाइड बनाओ। याद रखना
3:43आपको फॉर्मेट वही चूज़ करना है जो प्रॉब्लम
3:45के साथ मैच करे। उसके बाद आती है हमारी
3:47स्टेप नंबर थ्री आउटकम को क्रिस्टल क्लियर
3:49रखो। अब यहां पे ना बहुत सारे लोग गलती कर
3:51देते हैं। फॉर एग्जांपल मान लो वो कोई ऐसे
3:53कोर्स बेच रहे हैं जिसमें है कि गेट सिक्स
3:56पैक एब्स विद इन सिक्स मंथ्स। मस्त
3:58प्लानिंग। अब यहां पे होता क्या है ना लोग
4:00जनरली प्रोडक्ट्स के फीचर बता देते हैं कि
4:02इसमें 10 वीडियोस आपको मिलेंगी, पांच
4:04टेंपलेट्स मिलेंगे, दो बोनसेस मिलेंगे।
4:07लेकिन अगर आप एक कस्टमर के पॉइंट ऑफ व्यू
4:08से देखोगे तो कस्टमर को फीचर से कोई मतलब
4:10ही नहीं होता। कस्टमर को बस आउटकम चाहिए
4:13होता है कि यह कोर्स करने के बाद मेरे
4:15लाइफ में क्या होगा? तो जो आपका मेन पॉइंट
4:17था कि गेट सिक्स पैक एब्स इन सिक्स मंथ्स
4:20वो कस्टमर का एक आउटकम है। क्लियर
4:22क्रिस्टल क्लियर आउटकम है। इसी तरह आपको
4:24आपके कोर्स के लिए एक क्रिस्टल क्लियर
4:26आउटकम सोचना पड़ेगा। फॉर एग्जांपल इस
4:28कोर्स को करने के बाद आप अपना पहला
4:30फ्रीलांस क्लाइंट ढूंढ पाओगे। या फिर इस
4:32टेंपलेट को यूज़ करके आप बस 1 घंटे में
4:34अपना खुद का एक प्रोफेशनल रे्यूमे बना
4:36लोगे। आपका आउटकम जितना क्लियर होगा उतनी
4:38ही ईजीली आप इस प्रोडक्ट को सेल कर पाओगे।
4:41उसके बाद आती है स्टेप नंबर फोर सिंपल
4:43टूल्स को यूज करो। बहुत ज्यादा लोग ना इसे
4:45कॉम्प्लिकेट कर देते हैं। मान लो आपको
4:46अपना कोर्स बनाना है तो उसे अपने फोन से
4:48रिकॉर्ड करो। कोई हाई एंड कैमरा की कोई
4:50जरूरत नहीं होती और एक सिंपल पीपीटी के
4:52साथ अपने पॉइंट्स को एक्सप्लेन करो। और
4:54अगर आपको टेंपलेट बनाना है तो कैनवा,
4:56नोशन, Google शीट्स जैसे फ्री टूल्स यूज़
4:58करो। देखो बहुत बार ना हम लोग शोशाबाजी और
5:00तामझाम में बहुत फंस जाते हैं कि मैं एक
5:02अच्छा कैमरा लूंगा, अच्छी लाइट्स लूंगा।
5:04तभी जाके मैं अपना कोर्स बनाऊंगा। मैं
5:06आपको एक एग्जांपल देता हूं। इंडिया के वन
5:07ऑफ द बिगेस्ट कोर्स सेलर अंकुर वारी को यह
5:10अपने फोन के कैमरा से शूट करते हैं और एक
5:12सिंपल Google शीट में एक्सप्लेन करते हैं।
5:14मैंने खुद ने भी उनके कई सारे कोर्सर्सेस
5:16पहले भी लिए हुए हैं और अगर आप फॉर्मेट
5:17देखोगे तो बहुत सिंपल फॉर्मेट होता है। वो
5:19कोई भी हाई एंड सिस्टम यूज़ नहीं करते। लोग
5:22अक्सर इसी चीज में फंस जाते हैं कि वो
5:24पहले ही कोर्स से परफेक्शन ढूंढने की
5:25शुरुआत करते हैं। पहले कोर से परफेक्शन
5:27ढूंढना शुरू कर दोगे तो कभी आप अपने कोर्स
5:30को कंप्लीट ही नहीं कर पाओगे या फिर इवन
5:32शुरू भी नहीं कर पाओगे। तो अपने दिमाग में
5:33ना इस चीज को फिक्स कर लो कि पहले वर्जन
5:36का काम परफेक्ट होना नहीं है। उसका काम बस
5:38है एकिस्ट करना। आपको बस एक कोर्स बनाने
5:41की आदत डालना। बाद में जैसे-जैसे आपको
5:43यूज़र्स का फीडबैक मिले वैसे आप इंप्रूव कर
5:45सकते हो। अब इसके बाद आती है फिफ्थ स्टेप
5:47और सबसेेंट स्टेप व्हिच इज प्राइस डिसाइड
5:50करो। मेजॉरिटी केसेस में जितने भी सारे
5:51लोगों से मैंने बात की है उनका यही
5:53प्रॉब्लम हुआ है कि या तो वो प्राइस बहुत
5:56ज्यादा कम सेट कर देते हैं या फिर बहुत
5:57ज्यादा सेट कर देते हैं। अपनी प्राइस सेट
5:59करने का ना एक बड़ा सिंपल फार्मूला होता
6:01है। अपने प्रोडक्ट की वैल्यू देखो मार्केट
6:03को देखो [संगीत] और एक ऐसा प्राइस सेट करो
6:05जो तुम्हें भी सही लगे और एक बायर को भी
6:07जस्टिफाइड लगे। 299 से लेकर ₹29,000 तक आप
6:10कुछ भी यूज कर सकते हो। लेकिन यह प्राइस
6:12डिपेंड करती है आपके प्रोडक्ट के डेप्थ और
6:15उसके आउटकम पे। इस चीज को ना ऐसे देखो कि
6:17अगर आप ₹300 किसी से मांग रहे हो तो क्या
6:19आप उसके लाइफ में ₹3000 की वैल्यू दे रहे
6:22हो? अगर जवाब हां आता है तो मूव अहेड विथ
6:24दैट प्राइसिंग। और जितने भी सारे बिगिनर्स
6:26इस वीडियो को देख रहे हैं उनको मैं बस एक
6:28छोटा सजेशन देना चाहता हूं कि 499 से 299
6:31के बीच से ही शुरू करो। जैसे-जैसे आपको
6:33ट्रैक्शन आएगा, जैसे-जैसे यह सेल्स
6:35बढ़ेगी, वैसे-वैसे प्राइस धीरे-धीरे
6:36बढ़ाओ। अब एक बार आपका प्रोडक्ट बन गया,
6:38तो आपके दिमाग में और एक क्वेश्चन आएगा कि
6:40इसकी सेल्स कहां से करनी है? देखो
6:42प्रोडक्ट बनाना ना बहुत इजी पार्ट है
6:44लेकिन असली गेम तब शुरू होता है जब उसे
6:46बेचना पड़ता है। जनरली लोग क्या करते हैं?
6:48उनका प्रोडक्ट बनाते हैं। उसकी लिंक रेडी
6:50करते हैं। उसकी एक प्राइस सेट करते हैं और
6:52फिर कहते हैं कि चलो Instagram स्टोरी पे
6:54पोस्ट कर देता हूं और कह देता हूं कि लिंक
6:55इन बायो इसे जाके यहां से परचेस कर लेना।
6:57स्टोरी पे थोड़े बहुत लाइक्स आते हैं।
6:59अपने ही दोस्तों से दो-चार डीएम आ जाते
7:00हैं। एक आधी सेल भी आ जाती है लेकिन उसके
7:03बाद आगे कुछ कंटिन्यू नहीं होता। आप सोचते
7:05हो शायद रोज स्टोरी डालूंगा, रोज पोस्ट
7:07करूंगा तो ट्रैक्शन आएगा। लेकिन इससे कुछ
7:10भी नहीं होने वाला। उसके बाद आएगा तो बस
7:12फ्रस्ट्रेशन और यह फ्रस्ट्रेशन ऑलमोस्ट हर
7:14एक इंसान को आता है जो ऑनलाइन डिजिटली सेल
7:16करना चाहता है क्योंकि लोगों के पास
7:18जेनुइनली बहुत ज्यादा वैल्यूुएबल प्रोडक्ट
7:20है लेकिन मार्केटिंग का सिस्टम ही नहीं है
7:21और देखा जाए तो इसकी मार्केटिंग करना भी
7:23उतना इजी नहीं है क्योंकि कंटेंट बनाना
7:25पड़ता है रील्स बनाने पड़ते हैं शॉट्स
7:27क्राउज़र्स थ्रेड्स हर जगह पे आपको
7:29प्रेजेंट रहना पड़ता है। एक टाइप से एक
7:30ऑडियंस बिल्ड करनी पड़ती है जिसमें महीनों
7:32लग जाते हैं और मान लो आपने इन सारी चीजों
7:34को बायपास करके एक ऐड चलाने का सोचा तो
7:37भाई ऐड के लिए चाहिए होता है जेब में पैसे
7:40यानी बजट ऊपर से सिर्फ पैसे और बजट होने
7:42से कुछ नहीं होता वहां पे स्किल्स भी लगती
7:43है टेस्टिंग भी करना पड़ता है आगे का
7:46सेटअप भी करना पड़ता है और यह सारी चीजें
7:47ना खुद से करना पॉसिबल नहीं है कि
7:49प्रोडक्ट भी तुम कर रहे हो मार्केटिंग भी
7:50तुम कर रहे हो सेल्स भी तुम कर रहे हो और
7:52सपोर्ट भी तुम कर रहे हो और इस स्टेज पे
7:54ना या तो क्रिएटर्स थक जाते हैं या फिर
7:56इसे छोड़ देते हैं या फिर मंथली सेल्स
7:58इतनी ज्यादा स्लो हो जाती है कि यार पूरा
8:00का पूरा मोटिवेशन ही खत्म हो जाता है।
8:01लेकिन यहीं पे असली गेम शुरू होता है
8:03डिस्ट्रीब्यूशन इस वर्ड का। आपका प्रोडक्ट
8:05ना सिर्फ 20% ऑफ द गेम होता है। बाकी 80%
8:08होता है उसका डिस्ट्रीब्यूशन। और
8:10डिस्ट्रीब्यूशन अगर आपको क्रैक करना है तो
8:11इस सिंपल सी लाइन को आपको समझना पड़ेगा कि
8:13खुद कमी मत बेचो। लोगों से बुलवाओ और उनसे
8:16बिकवाओ। और इसी चीज को कहते हैं एक
8:18एफिलिएट मॉडल। मैंने इस एफिलिएट मॉडल वाले
8:20पार्ट को आपको एक सिंपल वे में समझाता
8:22हूं। सोचो आपने एक चाय की दुकान खोली है।
8:24अब [संगीत] आपको चाय बेचनी है तो आपके पास
8:27दो ऑप्शंस हैं। ऑप्शन नंबर वन, आप खुद
8:29बाहर खड़े होते हो और चिल्लाते हो कि चाय
8:31ले लो, चाय ले लो। मेरी चाय सबसे ज्यादा
8:33बेस्ट है। आप वहां पर बैठे-बैठे थक जाओगे,
8:35गला बैठ जाएगा और कितने लोगों तक पहुंच
8:38पाओगे? लिमिटेड नंबर ऑफ पीपल। लेकिन वहीं
8:40पे आता है हमारा ऑप्शन नंबर टू, व्हिच इज
8:42एन एफिलिएट मॉडल। आप 10 लोगों को बोलते हो
8:44कि भाई मेरी दुकान से ना चाय दिलवा दे
8:47किसी को भी। और जितना बिकेगा उसका 20%
8:49तेरा। अब इससे क्या होगा? आपकी जगह पर 10
8:52लोग प्रमोट करेंगे। उनका अपना खुद का
8:54नेटवर्क होता है। उनके अपने खुद के दोस्त
8:56होते हैं। उनकी अपनी खुद की एक रीच होती
8:58है। आपको बस दुकान पर बैठे-बैठे चाय बनाना
9:01है और सेल्स ऑटोमेटिकली आती रहेगी। इसे
9:03कहते हैं एक एफिलिएट मॉडल जहां पे आप
9:05सिर्फ एक प्रोडक्ट बनाते हो और दूसरे
9:07लोगों को कहते हो कि इसे प्रमोट करें
9:08जिसके बदले में उन्हें कमीशन मिलता है। अब
9:11इसी सिंपल प्रोसेस को आप डिजिटल
9:12प्रोडक्ट्स पे अप्लाई करके देखो। मान लो
9:14आपने कोर्स बनाया ₹29 का। [संगीत] अब आपने
9:1750 एफिलिएट्स को बोला कि यह कोर्स को
9:19प्रमोट करो और हर सेल पर आपको ₹900
9:21मिलेंगे। अब वो 50 लोग मिलके अपनी ऑडियंस
9:23को बता रहे हैं, रील्स बना रहे [संगीत]
9:24हैं। सबको डीएम्स कर करके बता रहे हैं कि
9:26भाई देखो यह एक नया प्रोडक्ट आया है
9:28मार्केट में इसे ट्राई करके देखो। हो सकता
9:29है वो अपने खुद के WhatsApp ग्रुप्स में
9:31भी उस प्रोडक्ट को शेयर कर रहे हैं। यानी
9:33अभी आपके पास 50
9:34[संगीत]
9:34लोगों की मार्केटिंग टीम हो गई। अब जितना
9:36भी सेल यह 50 लोग आपके लिए लेके आएंगे
9:38उसके बाद ही आपको इन्हें एफिलिएट पेमेंट
9:40देना है। पहले आपको कोई भी कॉस्ट इन्हें
9:42नहीं देनी। जनरल केसेस में एड्स में क्या
9:44होता है? आपको पहले पैसे डालने पड़ते हैं।
9:45फिर आपको बस उम्मीद लगाए रखनी होती है कि
9:48भाई सेल आ जाए। एफिलिएट में उल्टा होता
9:50है। एफिलिएट में पहले सेल आती है। फिर
9:51उसका कमीशन आपको देना होता है। अगर कोई भी
9:54सेल नहीं आई तो आप जीरो कमीशन देते हो।
9:56इसीलिए यह जो एफिलिएट मॉडल है ना वो
9:58क्रिएटर्स के लिए बेस्ट है। पहली चीज तो
9:59आपको कोई मार्केटिंग एक्सपर्ट बनने की कोई
10:01जरूरत नहीं होती। दूसरी चीज आपके पास एक
10:03आर्मी होती है जो उस प्रोडक्ट को बेच रही
10:05है। और तीसरी चीज आप सिर्फ और सिर्फ
10:06प्रोडक्ट की क्वालिटी पे फोकस कर सकते हो।
10:08क्योंकि डिस्ट्रीब्यूशन का पार्ट जो है जो
10:10सबसे मेजर पार्ट होता है वो कोई और हैंडल
10:12कर रहा है। आपकी सेल बढ़ती रहेगी लेकिन
10:14आपका काम बस यही होगा कि आपको बेस्ट ऑफ द
10:16बेस्ट प्रोडक्ट बनाना है। अब आपके दिमाग
10:18में ना यह सवाल आ रहा होगा कि भाई ये
10:19एफिलिएट्स मिलेंगे कहां से? इसका सिस्टम
10:21कैसे सेट होगा? ट्रैकिंग कौन करेगा कि
10:23किसने कितना बेचा? इसका पेआउट कैसे मैनेज
10:26करेंगे? अब जब मैंने अपनी ई-बुक ल्च की
10:28थी, तब मेरे भी दिमाग में आईडिया आया था
10:29कि क्यों ना मैं इसे एफिलिएट्स थ्रू
10:30बेचूं? और उस टाइम पे मेरे भी दिमाग में
10:33यही सेम क्वेश्चंस बार-बार आ रहे थे। फिर
10:35जो सब करते हैं, मैंने वही किया। मैं
10:36इंटरनेट पे गया। मैंने कई सारे अलग-अलग
10:38प्लेटफॉर्म्स ट्राई करके देखे। लेकिन किसी
10:40भी प्लेटफार्म से मैं सेटिस्फाइड नहीं था।
10:42कोई बहुत ज्यादा चार्ज कर रहा था तो कोई
10:44प्लेटफार्म उतना ज्यादा फीचर्स प्रोवाइड
10:46ही नहीं कर रहा था। तभी मुझे मिला एक
10:47प्लेटफार्म जिसका नाम है सेलियो आईक्यू।
10:49अब सेलियो आक्यू बेसिकली एक स्मार्ट
10:51एफिलिएट प्लेटफार्म है जो स्पेसिफिकली
10:53आपकी और मेरे जैसे डिजिटल क्रिएटर्स के
10:55लिए बनाया गया है। इसमें बस आप अपने
10:57प्रोडक्ट को लिस्ट करते हो जैसे आप Amazon
10:59पे लिस्ट करते हो। उसके बाद यह जो
11:00एफिलिएट्स हैं वो आपके प्रोडक्ट को प्रमोट
11:02करते हैं। उसकी सेल होने पर जो कमीशन आता
11:05है वह ऑटोमेटिकली एफिलिएट्स को जाता है और
11:07बाकी बची हुई अमाउंट आपको आ जाती है। यानी
11:09आपको किसी भी चीज का ट्रैक रखने की कोई
11:11जरूरत नहीं पड़ती। अब बाकी सारी बातें
11:14साइड में रखो। मैं आपको बस सेल यू आईक्यू
11:15के कुछ की फीचर्स समझाता हूं जो एक्चुअली
11:18आपकी और मेरे जैसे सेलर के पर्पस्पेक्टिव
11:20से बहुत इंपॉर्टेंट है। पहला फीचर है
11:22इंस्टेंट मार्केट प्लेस एक्सपोज़र। जब भी
11:24आप अपने प्रोडक्ट को सेल यू आईक्यू पे
11:26लिस्ट करते हो तो ऑटोमेटिकली उनके एफिलिएट
11:28मार्केट प्लेस पर आप आ जाते हो। मतलब आपको
11:30ना एफिलिएट्स को ढूंढने नहीं जाना पड़ता
11:32कि भाई मेरे प्रोडक्ट को प्रमोट करवा दे।
11:34[संगीत] एफिलिएट्स खुद आपका प्रोडक्ट
11:36देखते हैं। पसंद आए तो उसे प्रमोट भी करते
11:38हैं। यानी आपका काम सिर्फ प्रोडक्ट बनाना
11:40है और उसे सेल यो आईक्यू पे लिस्ट करना
11:42है। जो [संगीत] भी डिस्ट्रीब्यूशन में
11:43लगने वाली चीजें हैं, जितना भी नेटवर्क
11:45लगने वाला है, वह ऑलरेडी वहां पर रेडी है।
11:47उसके बाद दूसरा फीचर आता है एi पावर्ड
11:49एफिलिएट मैचिंग। यह बड़ा एक [संगीत]
11:51इंटरेस्टिंग फीचर है क्योंकि सेलियो
11:52आईक्यू रैंडमली एफिलिएट्स नहीं भेजता आपके
11:54प्रोडक्ट पे। उनका यह जो स्मार्ट मैचिंग
11:56सिस्टम है वो परफॉर्मेंस और ट्रैफिक
11:58क्वालिटी का डाटा यूज करके एफिलिएट्स को
12:00मैच करता है। मतलब मान लो अगर आपका
12:02प्रोडक्ट फाइनेंस नीश में है तो वो
12:04फाइनेंस ऑडियंस वाले एफिलिएट्स को आपके
12:06प्रोडक्ट दिखाएगा। यह देखने [संगीत] में
12:08बहुत छोटा फीचर लगता है लेकिन यह आपके
12:09कन्वर्जन रेट को बहुत ज्यादा बढ़ा देता
12:11है। उसके बाद तीसरा फीचर आता है ट्रस्ट
12:13स्कोर सिस्टम। [संगीत] एक टाइप से इसे आप
12:15समझ लो कि यह फ्रॉड रोकने का एक सिस्टम
12:17है। हर यूजर का ना एक डायनामिक ट्रस्ट
12:19स्कोर होता है। बेस्ड ऑन डिस्प्यूट्स,
12:20रिफंड्स, बिहेवियर्स। अब अगर कोई भी
12:22एफिलिएट या फिर बायर थोड़ा सा शेडी है या
12:24फिर फ्लैग्ड है तो सिस्टम उसे ऑटोमेटिकली
12:27हटा देता है। जितने भी सारे ये लो
12:28क्वालिटी ट्रैफिक वाले एफिलिएट्स होते हैं
12:30ना वो रिस्ट्रिक्ट हो जाते हैं। इस छोटे
12:32से फीचर से आपका जो रिफंड का हेडक है ना
12:34वह भी कम हो जाएगा। क्योंकि जब भी कोई
12:36बायर अगर ऐसा स्पॉट हो जाता है कि जो
12:37बार-बार रिफंड मांग रहा है तो सिस्टम उसे
12:39फ्लैग कर देगा और उसे प्लेटफार्म से हटा
12:41देगा। उसके बाद चौथा फीचर है सेवन [संगीत]
12:43डे फास्ट पे आउट्स। यह फीचर आपके लिए और
12:46आपके एफिलिएट्स के लिए बहुत ज्यादाेंट है
12:48क्योंकि [संगीत] बहुत सारे प्लेटफॉर्म्स
12:49मंथली या फिर बाय मंथली प्लान करते हैं।
12:51यानी आपको पैसा मिलता है 30 या फिर 15 दिन
12:53बाद। लेकिन सेलू आईक्यू हर सात दिनों में
12:56पेमेंट प्रोसेस करता है। यानी मंडे से
12:57संडे की सेल्स ट्यूसडे को प्रोसेस हो जाती
12:59है और थर्सडे तक आपके अकाउंट में आ जाती
13:01है। अब इससे होता क्या है कि इमीडिएटली
13:02पैसे अकाउंट में आने के बाद आपके
13:03एफिलिएट्स भी मोटिवेटेड रहते हैं और आप भी
13:05मोटिवेटेड रहते हो। तो जो आपकी पूरी सेल
13:07साइकिल [संगीत] होती है वह बहुत ज्यादा
13:08फास्ट हो जाती है। उसके बाद पांचवा फीचर
13:10है मल्टी करेंसी वॉलेट। सेल आईक्यू में
13:12आपको आईएआर और यूएसजी दोनों का सपोर्ट
13:14मिलता है। इंडिया में आप ray से डायरेक्ट
13:16पेमेंट करवा सकते हो और अगर आप इंटरनेशनल
13:18पेमेंट्स एक्सेप्ट कर रहे हो तो उसके लिए
13:20PayPal है। तो बेसिकली अगर आपका प्रोडक्ट
13:22ग्लोबल ऑडियंस के लिए है तो आपके दोनों
13:23मार्केट कवर हो जाते हैं सिर्फ एक ही
13:25डैशबोर्ड से। उसके बाद सिक्स्थ फीचर आता
13:27है डन फॉर यू फननेल्स एंड प्रोमो एसेट्स।
13:30यह फीचर ना एफिलिएट्स के लिए लेकिन यह
13:32तुम्हें इनडायरेक्टली एक [संगीत] टाइप से
13:33बेनिफिट करता है। देखो जब भी आप किसी भी
13:36प्रोडक्ट को सेलिंग के लिए लिस्ट करते हो
13:37तो उसके साथ-साथ आप प्रमोशनल मटेरियल भी
13:39वहां पर अपलोड कर सकते हो। जैसे क्रिएटिव,
13:41[संगीत] स्वाइप फाइल, ईमेल टेंपल्लेट्स,
13:42लैंडिंग पेज की कॉपी कुछ भी। और जो
13:44एफिलिएट्स होते हैं जो आपके प्रोडक्ट को
13:46बेचने वाले हैं उनको एक रेडी एसेट मिल
13:48जाती है। उनको कुछ ज्यादा बनाना नहीं
13:49पड़ता। वो सीधा प्रमोट करना शुरू कर सकते
13:52हैं। उसके बाद सेवंथ फीचर है ए कन्वर्जन
13:54इंसाइट्स। सेलियो आक्यू का एi इंजन
13:56पैटर्न्स भी एनालाइज करता है। देखो कौन सा
13:58ट्रैफिक सोर्स बेस्ट कन्वर्ट हो रहा है,
14:00कौन से टाइम पे ज्यादा सेल आ रही है,
14:02प्राइिंग कैसे [संगीत] एडजस्ट करनी चाहिए?
14:03इस सारे डाटा के लिए आपको एक्चुअल
14:05एक्शननेबल इनसाइट्स मिलते रहते हैं। उसके
14:07बाद एथ फीचर आता है कंप्लीट फ्रॉड
14:09प्रोटेक्शन। तो बेसिकली सेल यू आईक्यू पे
14:11आप सेलर के तौर पे क्या कर रहे हो? बस
14:14[संगीत] प्रोडक्ट लिस्ट कर रहे हो और
14:15कमीशन सेट कर रहे हो। उसके बाद अपनी
14:17एसेट्स अपलोड कर रहे हो। बाकी जितना भी
14:19सारा काम है जैसे एफिलिएट मैचिंग,
14:20ट्रैकिंग, पे आउट्स, फ्रॉड प्रोटेक्शन सब
14:23कुछ आपका प्लेटफार्म आपके लिए हैंडल करता
14:25है। आपका फोकस ना बस दो चीजों पे होना
14:27चाहिए। प्रोडक्ट की क्वालिटी और एफिलिएट
14:29के साथ रिलेशनशिप। अब मैं आपको एग्जैक्टली
14:31एक डेमो करके दिखाता हूं कि अपने प्रोडक्ट
14:33को यहां पे लिस्ट कैसे करना है। तो जैसे
14:35[संगीत] ही आप डिस्क्रिप्शन में जो सेलू
14:36आईक्यू की लिंक है उस पे क्लिक करोगे तो
14:38आप सीधा इस वाले पेज पे आ जाओगे। यहां पे
14:40आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस यहां पे
14:42गेट स्टार्टेड फॉर फ्री पे क्लिक कर देना।
14:43उसके बाद आपको यहां पे नीचे बस साइन अप पे
14:45क्लिक कर देना है। अब यहां पे बस आपको
14:47यहां पे कुछ बेसिक डिटेल्स पूछी जाएगी।
14:49जैसे मेरा नाम क्या है? मैं यहां पे नाम
14:51ऐड कर देता हूं। मेरा ईमेल एड्रेस ऐड कर
14:53देता हूं। उसके बाद मेरा फोन नंबर एंड देन
14:56आपको एक पासवर्ड सेट करना है उसके लिए।
14:59ठीक है? ये करने के बाद मैं इस पे बस
15:01क्लिक कर देता हूं और साइन अप कर देता
15:02हूं। उसके बाद आपके ईमेल आईडी पे एक ओटीपी
15:04आ जाएगा जिसे आपको बस यहां पे डालना है।
15:06ठीक है? उसके बाद वेरीफाई ओटीपी पे क्लिक
15:08कर दो। एंड देन आप यहां पे आ जाओगे। अब इस
15:10डैशबोर्ड को देख के ज्यादा डरना मत। यहां
15:12पे प्रोडक्ट लिस्ट करना बहुत ज्यादा सिंपल
15:14है। आपको बस यहां पे माय आपको बस यहां पे
15:16लेफ्ट साइड में माय प्रोडक्ट पे क्लिक कर
15:18[संगीत] देना है और उसके बाद इधर राइट
15:20साइड में ऐड न्यू प्रोडक्ट पे क्लिक करना
15:21है। उसके बाद आपको प्रोडक्ट को नाम देना
15:23है। जैसे मैं [संगीत] देता हूं 100K हसल
15:26जो मेरी ई-बुक का नाम है। उसके बाद
15:28कैटेगरी सेलेक्ट करता हूं। यह है अफिलिएट
15:32मार्केटिंग में। उसके बाद सब कैटेगरी
15:34सेलेक्ट करता हूं। इसके लिए अवेलेबल नहीं
15:35है। तो मैं आगे बढ़ जाऊंगा और वहां पे
15:37सेलेक्ट करूंगा कंटेंट की टाइप को व्हिच
15:38इज़ एन ई-बुक। तो मैंने ई-बुक यहां पे एंटर
15:41कर दिया। और यहां पे मैंने लिखा Instagram
15:43और उसके बाद राइट साइड में आपको कीवर्ड
15:45मिलेगा जहां पे आपको वो बुक किस चीज के
15:47रिलेटेड है वो लिखना है या फिर आपका जो भी
15:50कंटेंट है वो किस चीज के रिलेटेड है वो
15:52लिखना है जैसे मेरी बुक है Instagram
15:55ग्रोथ
15:56हैक और उसके बाद आपको नीचे ये
15:58डिस्क्रिप्शन वाले बॉक्स में एक छोटा सा
16:00डिस्क्रिप्शन लिख देना है आपके बुक के
16:02रिलेटेड [संगीत] तो मैं फटाफट उसे भी लिख
16:04देता हूं। अब इसे लिखवाने के लिए आप सीधा
16:05चार्ट जीपीटी का यूज़ कर सकते हो। ज्यादा
16:07दिमाग मत लगाना। आप बस अपना प्रोडक्ट
16:09चार्ज जीपीटी [संगीत] को बता दो और वो
16:10आपको एक क्लियर डिस्क्रिप्शन लिख के देगा।
16:12या फिर इनफैक्ट अगर आपने कोई ई-बुक बनाई
16:14है तो वो भी आप सीधा चैट जीपीटी को दे
16:16दोगे और उसको बोलोगे कि [संगीत] इस बुक
16:18में जो कंटेंट है उसके लिए मुझे एक
16:19डिस्क्रिप्शन बना के दो तो वो भी
16:20इमीडिएटली बना के दे देगा। उसके बाद नीचे
16:23एक औरेंट चीज आती है व्हिच इज़ लाइसेंस
16:25टाइप। अगर आप पर्सनल यूज़ सेलेक्ट करते हो
16:27तो आप इससे एफिलिएट प्रोग्राम रन नहीं कर
16:29पाओगे। अगर आपको एफिलिएट प्रोग्राम रन
16:31करना है तो नीचे एक्सटेंडेड वाला ऑप्शन
16:33सेलेक्ट करना पड़ेगा। उसके बाद नीचे आओ और
16:35प्राइिंग सेलेक्ट करो। अब सेल टाइप पे आप
16:37सेलेक्ट कर सकते हो पेड सब्सक्रिप्शन
16:38बेस्ड [संगीत] है क्या है मैं यहां पे पेड
16:40सेलेक्ट कर रहा हूं उसके बाद करेंसी सेट
16:42करना बहुत इंपॉर्टेंट चीज है क्योंकि एक
16:44बार आपने अपनी करेंसी सेट कर दी तो आप उसे
16:46चेंज नहीं कर पाओगे तो क्लियरली इसे पहले
16:49ही चेक करना कि आप आईएआर में बेचना चाहते
16:51हो या फिर यूएस डॉलर में बेचना चाहते हो
16:53मैं यहां पे आईएआर में बेचना चाहते हो तो
16:54मैंने यहां पे यह ऐड कर दिया उसके बाद
16:56मेरी बुक की रेगुलर प्राइस मान लो ₹499
16:59होती है मैंने वो डाल दी और अभी जो सेल चल
17:02रहा है उसकी प्राइस मान लो मैंने ₹299 कर
17:04देते उसके बाद नीचे प्राइस इंक्लूड्स
17:07टैक्सेस का ऑप्शन आता है। जहां पर आपको यह
17:10मेंशन करना है कि इंक्लूडिंग टैक्स देनी
17:12है प्राइस या फिर एक्सक्लूडिंग टैक्स देनी
17:14है। अगर आप इंक्लूडिंग टैक्स दे रहे हो
17:16मैं तो हमेशा कहता हूं कि इंक्लूडिंग
17:18टैक्स दिया करो क्योंकि [संगीत] इससे क्या
17:19होता है कि बयर को एंड पेज पे जाने के बाद
17:22झटका नहीं लगता है कि भाई ₹30-40 ₹50 जो
17:25भी आपकी टैक्स के हिसाब से प्राइस होती है
17:27वो एक्स्ट्रा लग रही है। तो मैं हमेशा
17:28सजेस्ट करता हूं कि इंक्लूडिंग टैक्स दे
17:30दो। कोई ना वो [संगीत] 18% 15% जो भी आपका
17:33टैक्स ब्रैकेट होगा वो थोड़ा सा बियर कर
17:35लो। देयर इज़ नो प्रॉब्लम विथ दैट। बट इस
17:37छोटे से मूव की वजह से आपका कन्वर्जन बहुत
17:39ज्यादा बढ़ेगा। उसके बाद अगर आपको सेल्स
17:41लिमिट करनी है तो आप कर सकते हो। मुझे कुछ
17:43नहीं कराना है। तो मैंने जीरो लिमिट रख
17:45दिया है [संगीत] यहां पे। एंड फिर आता है
17:47आपका रिफंड पीरियड। रिफंड पीरियड सेट कर
17:49दो। मैं तो कहता हूं 15 से 20 दिन के
17:52आसपास आप रिफंड पीरियड रख सकते हो ताकि
17:54इंसान अगर टेस्ट आउट करके देखना चाहता है
17:57आपका टेंपलेट या फिर प्रोडक्ट तो वो देख
17:59सकता है। अगर आप यह रिफंड पीरियड बहुत कम
18:01रखोगे तो इससे भी आपका कन्वर्शन रेट बहुत
18:03कम हो सकता है। सो मेक श्योर आप एक डिसेंट
18:05अमाउंट ऑफ रिफंड पीरियड या फिर रिफंड डज़
18:08रखो। देन कमिंग डाउन टू द डिलीवरी सेटिंग।
18:10अब यहां पे आपको एक्सेस यूआरएल देना है।
18:12यानी वो यूआरएल जहां पे आपका प्रोडक्ट है।
18:15अब मेरी ई-बुक मैंने ड्राइव पे अपलोड करके
18:18रखी है। तो मैं एक ड्राइव की लिंक डाल
18:19दूंगा यहां पे। तो ये यहां पे मैंने अपने
18:21ड्राइव की लिंक डाल दी। अगर आप चाहो तो
18:24फाइल भी यहां से सेलेक्ट कर सकते हो अगर
18:26आपको अपलोड करनी है तो। ये यहां से मैंने
18:28अपनी फाइल भी सेलेक्ट कर ली। अब अगर आपके
18:31ड्राइव लिंक पे कोई पासवर्ड आपने सेट किया
18:33हुआ है तो वो आपको यहां पे एडमिन एक्सेस
18:35में डालना पड़ेगा। क्योंकि सेल्यू आईक्यू
18:38एक बार आपका प्रोडक्ट भी चेक करता है
18:39वेरीफाई करने के लिए कि क्या वो लेजिटमेट
18:41प्रोडक्ट है या फिर नहीं। तो अगर आपके कोई
18:43पासवर्ड सेट होगा तो मेक श्योर आप उसे
18:45यहां पे ऐड कर दो वरना आपका प्रोडक्ट
18:47अप्रूव नहीं होगा। फिर उसके बाद आपको एक
18:50सपोर्ट का ईमेल देना है। फॉर एग्जांपल
18:51सपोर्ट का ईमेल मैं अपना खुद का ईमेल आईडी
18:53दूंगा। तो यह मैंने ऐड कर दिया। सपोर्ट
18:55यूआरएल आपको डालना है तो आप डाल सकते हो
18:57अगर आपकी वेबसाइट है। वरना सपोर्ट ईमेल से
18:59भी काम चल जाता है। फिर नीचे आने के बाद
19:01आपको एक ऑप्शन मिलता है ईमेल एंड वेबिनार
19:03इंटीग्रेशन का। यह अभी के लिए अपने काम का
19:05नहीं है क्योंकि हम लोग ई-बुक सेल कर रहे
19:07हैं। अगर आप कोई वन ऑन वन कंसल्टेशन कर
19:09रहे हो या फिर किसी बड़े ग्रुप ऑफ पीपल को
19:11एड्रेस कर रहे हो तो उस टाइम पे आपके लिए
19:13ये बहुत इंपॉर्टेंट [संगीत] चीज होगी। आप
19:15बस यहां पे न्यू कनेक्शन पे सेट करके एक
19:17नया इंटीग्रेशन यहां पे कर सकते हो। एंड
19:19लास्ट में आता है लीगल एंड एडिशनल इनेशन।
19:21ये सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट है। अभी यहां पे
19:23आपको एक ओनरशिप [संगीत]
19:24टाइप सेलेक्ट करनी है कि आप खुद उसके
19:26क्रिएटर हो। आपने खुद ने वो ई-बुक बनाई है
19:29या फिर आपने कहीं से वो बनवा के ली है और
19:31उसके राइट्स हैं आपके पास। तो मैं यहां पे
19:33क्रिएटर हूं खुद तो मैं यहां पे क्रिएटर
19:35या फिर ओनर लिख दूंगा। उसके बाद एआई
19:37डिस्क्लोज़र आता है कि [संगीत] क्या इस बुक
19:39को बनाने में किसी भी टाइप का एआई यूज़
19:41किया गया था या फिर आपके प्रोडक्ट को
19:42बनाने में किसी भी टाइप का एआई यूज़ किया
19:44गया था तो मैं यहां पे नो लिख दूंगा। फिर
19:47आते हैं हमारे टर्म्स एंड कंडीशंस। अभी
19:49टर्म्स एंड कंडीशन जनरेट करवाने के लिए भी
19:51आप फटाफट जाके चैट [संगीत] जीपीटी से ये
19:53टर्म्स एंड कंडीशंस बनवा सकते हो। तो
19:55टर्म्स एंड कंडीशंस में मान लो अगर आपको
19:57चीजें डालनी है तो मैंने यहां पे जैसे
19:58डाला हुआ है कि दिस प्रोडक्ट इज अ डिजिटल
20:01कॉपी। तो आप फिजिकल कॉपी एक्सपेक्ट ना
20:04करो। [संगीत] तो ऐसी वाली चीज आप यहां पर
20:06ऐड कर सकते हो। उसके बाद अगर आपको पर्सनल
20:08यूज़ का भी कोई टर्म्स एंड कंडीशन डालनी है
20:10कि इसे आप वापस इस ई-बुक को आप आगे चलके
20:13वापस किसी को बेच नहीं सकते तो वो भी आप
20:15डाल सकते हो यहां पे। उसके बाद अगर आपके
20:17पास कोई इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स है
20:19तो उसे भी आप यहां पे ऐड कर सकते हो। एंड
20:21लास्ट में आता है कस्टम रिफंड पॉलिसीज एंड
20:23टर्म्स एंड कंडीशंस। तो मैंने ऊपर ऑलरेडी
20:25मेंशन कर दिया था कि 15 डेज का मैं रिफंड
20:28पॉलिसी एक्सेप्ट करता हूं। तो वो आप अगर
20:30चाहो तो वापस यहां पे रिपीट कर सकते हो
20:32वरना उसकी कोई जरूरत नहीं [संगीत] है।
20:33उसके बाद बस इस चेक लिस्ट पे क्लिक मारना
20:36है आपको और फिर क्रिएट प्रोडक्ट पे क्लिक
20:38कर देना है। ओके एक चीज रह गई थी मुझे ऐड
20:40करना व्हिच वाज़ द इमेज ऑफ द प्रोडक्ट। वो
20:42फटाफट ऐड कर देते हैं। एंड प्रोडक्ट का
20:44स्टेटस मैं यहां पे क्लिक करके अवेलेबल कर
20:47देता हूं। उसके बाद आपको नीचे दो [संगीत]
20:49चार ऑप्शंस मिल जाते हैं। जैसे कि आपको
20:51कस्टमर का फोन नंबर चाहिए, कस्टमर का
20:52एड्रेस चाहिए। अगर आपको वो चीजें
20:54रिक्वायर्ड है तो आप यहां पे क्लिक कर
20:56सकते हो। अगर नहीं तो [संगीत] मत क्लिक
20:57करना। डायरेक्टली क्रिएट प्रोडक्ट पे
20:59क्लिक कर देना।
21:02ठीक है? तो यह मेरा प्रोडक्ट क्रिएट हो
21:04चुका है। तो यह आपने अपने प्रोडक्ट को
21:06लिस्ट कर दिया। उसके बाद माय एफिलिएट्स पे
21:08चले जाओ।
21:10यहां पे आपको जितने भी सारे लोग आपके
21:12एफिलिएट बनने के लिए अप्लाई करने वाले
21:14रहेंगे वो यहां पे दिख जाएंगे। उन्हें आप
21:16यहीं से अप्रूव कर सकते हो। उसके बाद
21:18लेफ्ट साइड में जो कस्टमर्स टैब है उसमें
21:20आपको जिन-जिन [संगीत] लोगों ने आपकी बुक
21:22खरीदी है वो उनका भी डाटा मिल जाएगा। ऐसे
21:24करके आप मल्टीपल प्रोडक्ट्स भी यहां पर
21:26लिस्ट डाउन कर सकते हो। उसी के साथ-साथ
21:28यहां पर आपके प्रोडक्ट को बेचने के आपके
21:30पास दो रास्ते मिलते हैं। अब या तो आप इस
21:32प्रोडक्ट की एक लिंक जनरेट करवा के खुद
21:34एफिलिएट्स को दे सकते हो [संगीत] या फिर
21:36एक बार आपका प्रोडक्ट अप्रूव हो जाए तो
21:38वही कुछ इस तरीके से यहां पे दिखेगा। जैसे
21:40फॉर एग्जांपल पूर्वेश का यह सिक्स [संगीत]
21:42फिगर इंटरनेट एंपायर वाला जो प्रोडक्ट है
21:44मैं उसकी व्यू डिटेल्स पे क्लिक करूंगा।
21:46अगर मान लो मैं एक एफिलिएट हूं तो और उसके
21:48बाद मैं यहां पे प्रमोट दिस ऑफर पे क्लिक
21:50कर दूंगा। और उसके बाद मुझे वहां पर एक
21:52लिंक मिल जाएगी एज एन एफिलिएट मैं उस ऑफर
21:54को कॉपी कर सकता हूं और बाकी लोगों को सेल
21:56कर सकता हूं। अब आपको जनरेट करनी है
21:58एफिलिएट्स के लिए एक ऑफर। तो आप ऑफर के
22:00टैब पे क्लिक करोगे लेफ्ट साइड में और
22:01उसके बाद ऐड अ न्यू ऑफर पे क्लिक कर दोगे।
22:04उसके बाद मैं बोलूंगा एक ऑफर जनरेट करता
22:06हूं [संगीत] ईकst्री।
22:10ऐसे करके एक और ऑफर मैंने बना दी। अगर
22:12आपको कोई इमेज सेलेक्ट करनी है तो वो इमेज
22:14सेलेक्ट कर लो। यहां पे मैं इसको कोई और
22:18इमेज [संगीत] दे देता हूं। चलो ये मेरे
22:19वीडियो का एक थंबनेल था वो मैं ओके ये
22:21काफी बड़ा थंबनेल हो गया
22:24अगर लगे तो मैं 100 के हसल वाली एक
22:28हसल वाली एक [संगीत] पुरानी मेरी इमेज ये
22:30डाल देता हूं यहां पे। ठीक है? ये मैंने
22:32यहां पे डाल दिया। अब उसके बाद डिटेल में
22:35आपको लिखना है कि आपकी ऑफर क्या होने वाली
22:37है। यह मैंने यहां पे अपनी ऑफर पेस्ट कर
22:39दी। और उसके बाद यहां पे कैटेगरी में
22:42मैंने एफिलिएट [संगीत] मार्केटिंग सेलेक्ट
22:44कर लिया। कीवर्ड में मैंने Instagram
22:47ग्रोथ कर दिया वापस।
22:50और सेल्स पेज का यूएल यूआरएल मैंने वापस
22:53से यहां पर [संगीत] डाल दिया। ये लो मेरे
22:54सेल्स पेज का यूआरएल
23:01और उसके बाद करेंसी मैंने आईएआर सेलेक्ट
23:03कर ली। अवेलेबल स्टेटस अवेलेबल कर दिया।
23:06स्टार्ट टाइम और एंड टाइम आप यहां पे
23:07सेलेक्ट कर सकते हो। एंड टाइम मैंने इतना
23:10सेलेक्ट कर लिया। अब मैंने कंटिन्यू टू
23:12स्टेप टू कर दिया।
23:14ओके। स्टार्ट डेट इज़ [संगीत] दिस।
23:17उसके बाद मैंने कंटिन्यू पे क्लिक कर दिया
23:19और फिर मैं आ गया इस वाले पेज पे। यहां पे
23:21कोई भी [संगीत] चीज आपको चेक करने की
23:22जरूरत नहीं है। अफिलिएट प्रोग्रामिंग
23:25सेटअप डिसेबल्ड है। अभी उसे मैं इनेबल कर
23:27दूंगा। जैसे अभी मैंने जस्ट बनाई थी वो
23:29सारी इनफेशन मैं यहां [संगीत] पे ऐड कर
23:30देता हूं। एंड क्रिएट ऑफर पेज एंड सेटअप
23:33कर दिया। यह मेरी एक एफिलिएट ऑफर अभी
23:36जनरेट हो चुकी है। व्हिच इज़ नोन एस
23:37ई-बुकst [संगीत]
23:38करके। अब यहां पे मैंने कोई प्रोडक्ट ऐड
23:41नहीं किया। मैं बस प्रोडक्ट पे क्लिक
23:42करूंगा और एक प्रोडक्ट ऐड करूंगा। जो मेरा
23:44100 के हसल है वो मैंने प्रोडक्ट यहां पे
23:45ऐड कर दिया। अपसेल का अगर आपको पेज बनाना
23:48है तो वो भी क्रिएट कर सकते हो। और ये
23:50एफिलिएट प्रोग्राम [संगीत] कमीशन रेट
23:51परसेंटेज आप यहीं से डिसाइड कर सकते हो कि
23:53आपको कितना परसेंटेज में देना [संगीत] है।
23:55मैं यहां पे नया शुरू कर रहा हूं इसलिए
23:57मैं 50% दे रहा हूं कमीशन और मैंने यहां
23:59पे सेव पे क्लिक कर दिया। तो ये मेरा
24:02प्रोडक्ट यहां पे बन चुका है अभी। [संगीत]
24:04ठीक है? अब मैं इसकी डायरेक्ट प्रमोशनल
24:07लिंक को यहीं से डायरेक्ट कॉपी कर सकता
24:09हूं। अब इस कॉपी की गई लिंक को मैं या तो
24:12[संगीत] अपने जो नेटवर्क है या मेरे कोई
24:14दोस्त यार रहेंगे मैं उनको भेज सकता हूं
24:16और बोल सकता हूं कि भाई इसका 50% तुझे
24:18मिलेगा किसी को सेल करवा दे या फिर आपकी
24:21जो ऑफर है वो यहां पे टॉप ऑफर [संगीत]
24:23वाले सेलियो आईक्यू के पूरे एक सेक्शन में
24:26भी आपको मिल जाएगी या फिर आपकी जो ऑफर है
24:28वो सेलियो आईक्यू के मार्केट प्लेस में भी
24:30आपको मिल जाएगी तो देखा कितना ज्यादा
24:32सिंपल है इसे क्रिएट करना आपको बस ऐसे ही
24:34करके एक-एक प्रोडक्ट को अपने लाइव करना है
24:36यहां पे और आप एफिलिएट्स थ्रू बहुत ज्यादा
24:39ज्यादा इनकम जनरेट कर [संगीत] सकते हो। तो
24:41बस इतना सिंपल है इसे क्रिएट करना और एक
24:43चीज याद रखना कि पहले हफ्ते में शायद दो
24:45सेल आए या फिर जीरो भी हो सकती है। लेकिन
24:47अगर आप सिस्टम पे ट्रस्ट करते हो और
24:49एफिलिएट्स को सपोर्ट करते रहते हो और अपने
24:52प्रोडक्ट को धीरे-धीरे इंप्रूव करते रहते
24:53हो तो रिजल्ट जरूर आएंगे। एफिलिएट मॉडल
24:56बेसिकली कंपाउंडिंग पे काम करता है। यानी
24:58स्लो स्टार्ट होता है लेकिन जब मोमेंट
25:00बनता है तब सेल्स कंसिस्टेंटली आती है। तो
25:02अब यहां पे डिसीजन आपका है। अगर आपका
25:04प्रोडक्ट आईडिया रेडी है उसे फटाफट बना
25:06दो। अगर आपका प्रोडक्ट रेडी है तो उसे
25:08फटाफट लिस्ट कर दो। सेलू आईक्यू की लिंक
25:10मैंने नीचे डिस्क्रिप्शन में ऑलरेडी दे दी
25:11है। आज ही साइन अप करो और अपना एफिलिएट
25:13प्रोग्राम ल्च करो क्योंकि सोचने से पैसा
25:15नहीं बनता। एक्चुअली में कुछ करने से पैसा
25:18बनता है। अब अपने इमोशंस ना साइड में रखो
25:19और सीधा मैथ्स पे आ जाओ। क्योंकि अब हम
25:21लोग खुद के लिए एक टारगेट सेट करने वाले
25:23हैं व्हिच इज ₹1 लाख। अब ₹1 लाख बनाने के
25:25लिए आपकी सेल्स कितनी होनी चाहिए? क्या
25:27प्राइस पे सेट होना चाहिए? कितना कमीशन
25:29देना पड़ेगा? ये सारी चीजें स्टेप बाय
25:31स्टेप डिस्कस करते हैं। अब इसका बड़ा
25:33सिंपल फार्मूला है। सेल्स * प्रोडक्ट
25:35प्राइस माइनस कमीशन इक्वल्स योर
25:37अर्निंग्स। मतलब अगर आपका प्रोडक्ट ₹29 का
25:39है और आप एफिलिएट को ₹900 कमीशन दे रहे हो
25:42तो हर सेल पे आपके पास ₹2099 बचते हैं। अब
25:46इससे अगर आपको ₹1 लाख बनाने हैं तो आपको
25:48कितनी सेल्स करनी पड़ेगी? तो ₹1 लाखे बाय
25:512099 इक्वल्स लगभग अराउंड 48 सेल्स। देखा
25:54सिर्फ 48 सेल वो भी पूरे महीने में। मतलब
25:57रफली दिन के डेढ़ सेल आपको करने हैं। अब
25:59आप लोग सोचोगे कि भाई 48 सेल कुछ कम नहीं
26:01होता। यह आएंगे कहां से? अब मान लो आपके
26:03पास 20 एफिलिएट्स हैं और हर एक एफिलिएट
26:05सिर्फ महीने के दो से तीन सेल ही लाता हो
26:08फिर भी आप ₹1 लाख ईजीली क्रॉस कर जाओगे।
26:11यह एक बहुत ही ज्यादा रियलिस्टिक आउटकम
26:12है। सिर्फ 20 लोग हैं और उनसे दो से तीन
26:15सेल ईच आप मांग रहे हो। अब इसका ना एक और
26:17डिफरेंट सिनेरियो देखते हैं ताकि आप अपने
26:18प्रोडक्ट के हिसाब से उसे कैलकुलेट करना
26:20सीख जाओ। सबसे पहला सिनेरियो देखते हैं लो
26:22टिकट प्रोडक्ट का जिसकी प्राइस हम लोग सेट
26:24करते हैं ₹499। अब इसमें मान लो आप कमीशन
26:27देते हो ₹150 का तो आपका मार्जिन बचता है
26:29₹349. अब ₹349 से ₹1 लाख बनाने के लिए
26:33आपको लगेगी ऑलमोस्ट 287 सेल्स। अब मैं
26:36आपको ना कोई भी फॉर्स एक्सपेक्टेशन नहीं
26:37देना चाहता। 287 सेल्स मतलब बहुत ज्यादा
26:40हाई वॉल्यूम लगता है। और अगर आप अभी शुरू
26:42कर रहे हो तो इतने ज्यादा एफिलिएट्स से
26:44सेल ढूंढ पाना बहुत ज्यादा टफ होगा आपके
26:46लिए। अब इसके बाद आता है हमारा सिनेरियो
26:48नंबर टू व्हिच इज अ मिड टिकट प्रोडक्ट। अब
26:50इसकी प्राइस आप सेट कर सकते हो ₹19 टू
26:53₹399। अब मान लो इस एग्जांपल के लिए मैंने
26:56सेट कर दी उसकी प्राइस ₹299 जिसमें से
26:58कमीशन मैं देता हूं ₹700 तो आपका मार्जिन
27:00हुआ ₹299।
27:02अब इससे ₹1 लाख बनाने के लिए आपको लगेंगे
27:0544 सेल्स। 44 सेल्स 15 से 20 एक्टिव
27:08एफिलिएट्स के साथ बहुत ज्यादा ईजीली
27:10अचीवेबल है। और यही वो स्वीट स्पॉट हो
27:12सकता है आप में से बहुत सारे क्रिएटर्स के
27:14लिए। एंड फिर आता है हमारा आखिरी सिनेरियो
27:16व्हिच इज अ हाई टिकट प्रोडक्ट। यानी जिसकी
27:18प्राइस रफली अराउंड ₹10,000 से ऊपर ही है।
27:20तो मान लो आपके प्रोडक्ट का प्राइस
27:21₹10,000 है जिसमें से आप ₹2500 कमीशन जैसे
27:24दे रहे हो। तो यहां पे आपका मार्जिन बचेगा
27:26₹7,500 और इस ₹7,500 से ₹1 लाख बनाने के
27:30लिए आपको लगेंगे 14 सेल्स। अब आपको शायद
27:32लग रहा होगा कि सिर्फ 14 सेल ही तो चाहिए।
27:34मैं तो यूं करके दिखा दूंगा। लेकिन भाई एक
27:36चीज याद रखना अगर आप हाई टिकट में खेल रहे
27:38हो तो यहां पे सेल लाना इतना इजी नहीं
27:41होता। क्योंकि बायर को ट्रस्ट चाहिए होता
27:43है। बायर को प्रूफ चाहिए होता है। कभी-कभी
27:45बायर को एक कॉल भी चाहिए होता है। और यह
27:47जो अफिलिएट्स होते हैं ना वो भी वही
27:48प्रमोट करते हैं जहां पे सबसे ज्यादा
27:50कन्वर्जन हो। यानी एक ऐसा प्रोडक्ट जो
27:52एकदम फटाफट बिक जाए और उनको मैक्सिमम
27:53कमीशन मिले। और इसमें भी अगर आपका
27:55प्रोडक्ट स्ट्रांग नहीं है तो आपको हाई
27:57टिकट में बहुत ज्यादा स्ट्रगल होगी। तो यह
27:59ऑप्शन तो मैं किसी को भी रेकमेंड नहीं
28:01करूंगा अंटिल एंड अनलेस यू आर एन
28:02एक्सपर्ट। अब उसके बाद थोड़ा सा कमीशन का
28:04स्ट्रक्चर देख लेते हैं कि कितना होना
28:06चाहिए। यह जो डिजिटल प्रोडक्ट्स है उनमें
28:07जनरली 20 टू 50% तक आप कमीशन दे सकते हो।
28:10और अगर आपका प्रोडक्ट नया है तो उसके लिए
28:12आपको पहले ट्रैक्शन लाना पड़ेगा। आपको
28:14एफिलिएट्स को बेसिकली गाजर दिखाना पड़ेगा।
28:16तो इसीलिए आप थोड़ा सा कमीशन ज्यादा रख
28:18सकते हो जैसे 40 टू 50% ताकि एफिलिएट्स और
28:21ज्यादा इंटरेस्टेड रहे इस प्रोडक्ट में और
28:23धीरे-धीरे जैसे आपका प्रोडक्ट थोड़ा सा जम
28:24जाए मार्केट में या फिर उसकी सेल्स आना
28:26शुरू हो जाए तो आप उसे कम पे लेके आ सकते
28:29हो टू 25 टू 30%। इस चीज को याद रखना कि
28:32जितना आप कमीशन दोगे उतना ही एफिलिएट्स
28:34इंटरेस्टेड रहेंगे आपके प्रोडक्ट में।
28:36लेकिन जितना ज्यादा कमीशन आप दोगे उतना
28:38आपका मार्जिन कम होगा। तो यहां पे ना आपको
28:40एक बैलेंस बना के चलना होगा। और यहां पे
28:41एक और चीज समझो कि जो एफिलिएट मार्केटिंग
28:43होता है ना उसमें क्वालिटी एफिलिएट्स
28:46ज्यादा मैटर करते हैं रादर दैन क्वांटिटी।
28:48ऐसे 10 एफिलिएट्स जो सीरियसली पूरी शिद्दत
28:50से आपके प्रोडक्ट को प्रमोट कर रहे हैं वो
28:52कभी भी बेटर है देन 100्स ऑफ एफिलिएट्स जो
28:55बस आपके प्रोडक्ट की लिंक लेके बैठे हैं।
28:57तो जब भी आप अपने एफिलिएट्स को रिक्रूट
28:59करो। उनसे कम्युनिकेट करो। [संगीत] उन्हें
29:00सपोर्ट करो अपनी एसेट्स देके और उनके
29:02परफॉर्मेंस में उन्हें कोई भी मदद लग रही
29:04है तो उन्हें वो प्रोवाइड करो। तो यही था
29:06इस वीडियो के वीडियो के एंड में मैं बस
29:07आपको एक ही सिंपल चीज बोलना चाहता हूं कि
29:09आपके पास [संगीत] ऑलरेडी नॉलेज है। आपके
29:11पास स्किल है। आपके पास एक प्रूवन
29:14एक्सपीरियंस है। लेकिन वो अभी सिर्फ आपके
29:16दिमाग के अंदर बंद है। जब तक आप इसे अच्छे
29:18से ऑर्गेनाइज नहीं करोगे। इसे अच्छे से
29:20पैकेज नहीं करोगे। इसकी अच्छे से प्राइस
29:22लगा के इसे लोगों तक नहीं पहुंचाओगे तब तक
29:24वो नॉलेज वो स्किल किसी काम की नहीं है
29:27आपके। और अब तो आपके पास कोई भी एक्सक्यूज
29:29नहीं रहा है। मैंने प्रोडक्ट कैसे बनाते
29:30हैं वो बता दिया है। सेल्स कैसे लानी है
29:33वो भी बता दिया है। कहां पर बेचना है वो
29:35भी बता दिया है। उसके बाद मैथ्स को भी
29:36क्लियर कर दिया है। यानी आपका सिस्टम,
29:38आपका प्लेटफार्म, आपका मैथ्स सब कुछ
29:40क्लियर है। अब बस मैं आपको एक ही सवाल
29:42पूछना चाहूंगा कि आप कब शुरू करोगे। अब
29:45मैं जानता हूं आप में से बहुत सारे लोगों
29:47का यह रिप्लाई आया कि मैं कल करूंगा या
29:49फिर पहला प्रोडक्ट परफेक्ट कर लेता हूं
29:51भाई। उसके बाद नहीं तो थोड़ा टाइम लेके
29:52मैं सीख लूंगा उसके बाद कर लूंगा। यह जो
29:54बहाने आप बना के मुझे दे रहे हो ना उससे
29:56मेरा कुछ ज्यादा होगा नहीं लेकिन आपका
29:58बहुत कुछ चेंज हो सकता है। बहाने देते
30:00देते एक महीना, 2 महीना, 6 महीने या फिर
30:02साल भर निकल जाएगा और आप वही के वही
30:04रहोगे। जबकि दूसरी तरफ आपसे कोई और लेस
30:07स्मार्ट इंसान अपने प्रोडक्ट लॉन्च भी कर
30:09देगा और एफिलिएट से उससे पैसे भी जनरेट
30:12करना शुरू कर देगा। बस डिफरेंस यह था कि
30:14उसने शुरू किया और आप बस सोचते रह गए। तो
30:16ज्यादा सोचो मत। फटाफट से डिस्क्रिप्शन
30:18में जाके सेलियो आईक्यू ओपन करो और अपना
30:21पहला अकाउंट बनाओ। इसका साइनअप बिल्कुल
30:23फ्री है और आपको बस 2 मिनट लगेंगे। उसके
30:25बाद फटाफट अपना प्रोडक्ट ऐड करो। कोर्स,
30:27टेंपलेट, ई-बुक, कोचिंग [संगीत] कुछ भी
30:29लिस्ट कर दो और कमीशन सेट कर दो। याद रखना
30:31आपको बस अपना प्रोडक्ट लिस्ट करना है।
30:33बाकी सब कुछ प्लेटफार्म आपके लिए हैंडल
30:36करेगा। और अगर आपको सेलियो आईक्यू को और
30:38भी अच्छे से और भी डिटेल में समझना है।
30:40इसकी बारीकियां समझनी है तो ब्लू कैप
30:42मार्केटर a के पूर्वेश महाजन के चैनल को
30:45जरूर चेक करना। यह मेरे काफी अच्छे दोस्त
30:46हैं जो ऑलमोस्ट रेगुलरली बहुत सारे
30:49वीडियोस बना रहे हैं सेल यू आईक्यू पे।
30:50मैं उनके भी चैनल की लिंक नीचे
30:51डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा। तो वहां पे
30:53जाके एक बार इसे जरूर चेक करना। मैं
30:55मिलूंगा आपको ऐसी और एक इंटरेस्टिंग
30:56वीडियो के साथ। तब तक के लिए कीप हज़लिंग,
30:58कीप लर्निंग एंड एज ऑलवेज कीप
31:00इंस्पायरिंग।
31:02[संगीत]
31:07[संगीत]
31:08बिहाइंड माय बैग