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0:00सो हेलो बच्चा क्या हालचाल
0:03एक नंबर सर और आपके सामने हाजिर हैं आपके
0:09गब्बर सर कैसे हो गब्बर आर्मी उम्मीद है
0:13आप लोग सभी मस्त बेहतरीन सुपर्ब और मक्खन
0:15मलाई होंगे जैसे कि आप हमेशा रहते हैं तो
0:18बेटस कैसन बा मस्त बा सुपर्ब बा बेहतरीन
0:21बा और मक्खन मलाई बा तो हमारा जो वन शॉट
0:25सीरीज आपके लिए चल रही थी सीएस डबल ईटी
0:28वाले प्यारेप्यारे बच्चों के लिए जो हमारी
0:29ये बूस्टर सीरीज चल रही है। उसमें मैं
0:33लेके आ चुका हूं आज आपका एक और चैप्टर
0:35जिसका नाम है प्रिपरेशन ऑफ फाइनल अकाउंट्स
0:38फॉर सोल प्रोपराइटर्स। इस चैप्टर में आप
0:42ट्रेडिंग अकाउंट कैसे बनाना है, प्रॉफिट
0:44एंड लॉस कैसे बनाना है, बैलेंस शीट कैसे
0:46बनानी है, अगर आपका ट्रेडिंग कंसर्न है,
0:49अगर आपका मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स है, ये
0:51सारी चीजें हम बहुत अच्छे से आराम से
0:53समझने वाले हैं। तो बस आप आराम से बैठ
0:55जाइए और इस सेशन का लुफ्त उठाइए। चलिए
0:59बेटा स्टार्ट करते हैं इस सेशन को।
1:03सबसे पहले मैं आपको बता दूं कि ये जो
1:05हमारा ये जो बैच है ये जो आपको नोट्स हैं
1:08जो मैं आपको पढ़ा रहा हूं ये चीजें इसके
1:10सारे नोट्स वगैरह ये सब आपको मिलेंगे
1:12हमारे अभियान बैच में अभियान अक्टूबर
1:152026। यह नोट्स आपके फ्री ऑफ कॉस्ट है और
1:19यह वाला बैच भी आपका फ्री ऑफ कॉस्ट है।
1:21यहां पर आपको जाना है। इसमें अपने आपको
1:23एनरोल करना है और हमारे जो वन शॉट के
1:25नोट्स हैं वो यहां पर आपको इली अवेलेबल हो
1:27जाएंगे। ठीक है? यस सर। तो शुरू करते हैं
1:31बेटा जी क्या होता है? फाइनल अकाउंट्स।
1:36देखो मेरे प्यारे बच्चों
1:38फाइनल अकाउंट्स और फाइनशियल स्टेटमेंट आर
1:42द एंड प्रोडक्ट्स ऑफ द फाइनशियल अकाउंटिंग
1:46प्रोसेस व्हिच इनवॉल्व्स द प्रिपरेशन ऑफ
1:49समरी ऑफ द अकाउंट्स विद द व्यू टू
1:51डिटरमाइन फाइनल अकाउंट का या फाइनेंशियल
1:55स्टेटमेंट का मतलब होता है कि हमारे
1:58अकाउंट्स यहां पर क्लोज हो रहे हैं। हमने
2:00जो भी जनरल एंट्री पास करी थी, ट्रायल
2:03बैलेंस बनाया था, लेजर बनाया था। इसके बाद
2:05हम धीरे-धीरे धीरे धीरे-धीरे आ रहे हैं
2:07एंड पॉइंट पर और वहां पर हम कुछ चीजों का
2:10पता करना चाहते हैं। एक होती है हमारी
2:13फाइनेंशियल पोजीशन और एक होती है हमारा
2:16प्रॉफिट एंड लॉस। हम पता करना चाह रहे हैं
2:18कि मैं प्रॉफिट में हूं या लॉस में हूं और
2:21हम पता करना चाह रहे हैं कि मेरे बिजनेस
2:23की फाइनेंसियल पोजीशन कैसी है। तो अगर मैं
2:25पता करना चाह रहा हूं कि मुझे प्रॉफिट हुआ
2:27या लॉस हुआ। उसके लिए मैं बनाता हूं
2:29ट्रेडिंग अकाउंट और प्रॉफिट एंड लॉस
2:31अकाउंट। और अगर मुझे मालूम करनी है कि
2:34मेरे बिजनेस की फाइनेंशियल पोजीशन कैसी चल
2:36रही है। उसके लिए मैं बनाता हूं बेटा
2:38हमारा बैलेंस शीट। यानी कि अगर आपसे कोई
2:42पूछे कि भाई हमें यह बताओ कि हमें प्रॉफिट
2:45हुआ है या लॉस। ये जानकारी हमें कहां
2:47मिलेगी? ये जानकारी मिलेगी आपको प्रॉफिट
2:49एंड लॉस अकाउंट में। ये जानकारी मिलेगी
2:51आपको ट्रेडिंग और प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
2:54में जिसको आप इनकम स्टेटमेंट भी बोलते
2:56हैं। और अगर मैं आपसे कहूं कि आपसे पूछा
2:58जा रहा है कि मेरे बिजनेस की फाइनेंशियल
3:00पोजीशन कैसी है? मेरे बिजनेस की आर्थिक
3:02स्थिति कैसी है? तो उसके लिए हम क्या
3:04बनाते हैं बेटा? बैलेंस शीट। तो तीन
3:07अकाउंट बनते हैं आपके। ट्रेडिंग अकाउंट,
3:09प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट, बैलेंस शीट।
3:12बैलेंस शीट किसके लिए? फाइनेंशियल पोजीशन
3:14के लिए। ट्रेडिंग अकाउंट क्यों बनता है
3:16सर? जब हम ट्रेड कर रहे हैं। सामान को
3:19खरीद रहे हैं, बेच रहे हैं। सामान को खरीद
3:21रहे हैं, बेचने के पर्पस से, तो हम बनाते
3:24हैं ट्रेडिंग अकाउंट। इस अकाउंट में हमें
3:26या तो ग्रॉस प्रॉफिट मिलता है या मिलता है
3:28ग्रॉस लॉस। फिर ट्रेडिंग के बाद बनाते हैं
3:31आपका प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट और इसमें
3:34हमें मिलता है या तो नेट प्रॉफिट या फिर
3:36नेट लॉस और लास्ट में हम बनाते हैं बैलेंस
3:39शीट। लास्ट में आप बनाते हैं बैलेंस शीट।
3:42ठीक है? यस सर।
3:44तो स्टार्ट करते हैं बेटा।
3:48हां जी। ये देखिए। अगर आपका नॉन
3:51मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस एंटिटी है। यानी
3:53कि आप सामान खुद मैन्युफैक्चर नहीं कर रहे
3:56हो। आप सामान को खुद नहीं बना रहे हो।
3:59कहीं से खरीद रहे हो फिर बेच रहे हो तो
4:02आपके जो फाइनल अकाउंट है वो तीन होंगे। एक
4:04होगा आपका ट्रेडिंग अकाउंट, एक होगा आपका
4:07प्रॉफिट एंड लॉस और एक होगा आपका बैलेंस
4:09शीट। लेकिन अगर आपका मैन्युफैक्चरिंग हो
4:12जाएगा अगर आपका नॉन मैन्युफैक्चरिंग नहीं
4:15होगा। मैन्युफैक्चरिंग एंटिटीज हो जाएगा।
4:17यानी आप खुद ही सामान को बना रहे हो। तो
4:20आप बनाओगे पहले मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट।
4:22फिर बनाओगे ट्रेडिंग अकाउंट। फिर बनाओगे
4:25प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। फिर बनाओगे आप
4:27बैलेंस शीट। इस तरीके से तो देखो
4:29फाइनेंशियल स्टेटमेंट दो तरह से बटे हुए
4:32हैं। एक होता है हमारा इनकम स्टेटमेंट और
4:34एक होता है हमारा पोजीशन स्टेटमेंट। इनकम
4:37स्टेटमेंट और पोजीशन स्टेटमेंट। इनकम
4:40स्टेटमेंट में दो अकाउंट बनते हैं।
4:41ट्रेडिंग अकाउंट और प्रॉफिट एंड लॉस
4:43अकाउंट और आपका पोजीशन स्टेटमेंट यानी कि
4:46आप कह सकते हो फाइनेंसियल पोजीशन। इसमें
4:48आपका सिर्फ और सिर्फ बैलेंस शीट बनता है।
4:52ट्रेडिंग अकाउंट से आपका या तो ग्रॉस
4:54प्रॉफिट निकल के आता है या ग्रॉस लॉस निकल
4:56के आता है। प्रॉफ़िट एंड लॉस अकाउंट से या
4:58तो नेट प्रॉफ़िट आ जाता है या नेट लॉस आता
5:00है और बैलेंस शीट से आपको मालूम पड़ता है
5:03कि आपके पास आपके बिज़नेस में कितनी एसेट्स
5:06हैं और कितनी लायबिलिटीज़। ठीक है? यस सर।
5:12चलिए।
5:16अब यहां पर कुछ चीजों का आपको ध्यान रखना
5:19है। सबसे पहला है मैचिंग प्रिंसिपल्स इन
5:22अकाउंटिंग। अगर मेरे को इस साल कोई
5:25रेवेन्यू हुआ है तो उस रेवेन्यू को अर्न
5:28करने के लिए जो मैंने खर्चा किया ना वो भी
5:31मुझे इस साल ही शो करना पड़ेगा। ये आपसे
5:34बताया था मैचिंग प्रिंसिपल में और जब हम
5:36ये स्टेटमेंट बनाते हैं तो हम इस
5:38प्रिंसिपल का विशेष ध्यान रखते हैं। द
5:41मैचिंग प्रिंसिपल इज़ अ फंडामेंटल
5:43अकाउंटिंग कांसेप्ट दैट गवर्न्स हाउ एंड
5:46व्हेन एक्सपेंस एंड रेवेन्यू आर
5:48रिकॉग्नाइज्ड। कैसे आप एक्सपेंस को
5:50रिकॉग्नाइज़ करोगे? कैसे आप एक्सपेंस का
5:53ट्रीटमेंट करोगे? कैसे आप रेवेन्यू का
5:55ट्रीटमेंट करोगे? मैं कुछ भी चीजों को बेच
5:58रहा हूं। मैं कुछ भी चीज को सेल कर रहा
6:00हूं। उसको बेचकर जो मेरे पास आ रहा है वो
6:02मेरा रेवेन्यू कहलाता है। और उस पर जो
6:05मेरा खर्चा हो रहा है वो मेरा एक्सपेंस
6:07कहलाता है। ठीक है बच्चा?
6:11अब यहां पर डेफिनेशन दे रखी है। क्या होता
6:14है मैचिंग प्रिंसिपल? द मैचिंग
6:16प्रिंसिपल्स रिक्वायर दैट एक्सपेंस इंक
6:18कर्ल टू अर्न रेवेन्यू मस्ट बी मैच विद द
6:22रिलेटेड रेवेन्यू। जो आपका इस साल
6:26रेवेन्यू आपने अर्न किया इस रेवेन्यू को
6:29अर्न करने के लिए जो खर्चा आपका हुआ जो
6:32एक्सपेंस आपका हुआ वो खर्चा भी आपको इसी
6:34साल शो करना पड़ेगा। वो खर्चा भी आपको इसी
6:37साल रिकॉर्ड करना पड़ेगा। डिस एंश्योर दैट
6:41इनकम स्टेटमेंट रिफ्लेक्ट अ ट्रू एंड फेयर
6:44व्यू ऑफ अ बिजनेस परफॉर्मेंस ताकि जो
6:47हमारा इनकम स्टेटमेंट है ताकि जो हमारा
6:50ट्रेडिंग अकाउंट है ताकि जो हमारा प्रॉफिट
6:53एंड लॉस अकाउंट है वो आपको एकदम बिल्कुल
6:55सही और एक्यूरेट वैल्यू दे पाए। ठीक है
6:59बच्चा? यस सर।
7:06अब देखिए
7:09सबसे पहले मैं आपको बताता हूं अपने पहले
7:12अकाउंट के बारे में जिसको हम बोलते हैं
7:15ट्रेडिंग अकाउंट।
7:17सबसे पहले मैं आपको समझाने वाला हूं आपके
7:20पहले अकाउंट के बारे में जिसको बोलते हैं
7:23ट्रेडिंग अकाउंट।
7:35क्या होता है सर? ट्रेन अकाउंट।
7:40ट्रेन अकाउंट का मतलब होता है बेटा
7:43आप ट्रेड कर रहे हो। ट्रेड अकाउंट का मतलब
7:46होता है आप ट्रेड कर रहे हो। मतलब आप
7:49गुड्स को खरीद रहे हो बेचने के पर्पस से।
7:53ट्रेड अकाउंट का मतलब होता है आप गुड्स को
7:55खरीद रहे हो बेचने के पर्पस से। उसे बोलते
7:58हैं हम ट्रेडिंग अकाउंट। आप गुड्स को
8:01बेचने के पर्पस से खरीद रहे हो। उसे हम
8:04बोलते हैं ट्रेडिंग अकाउंट। आपने गुड्स
8:06खरीदा और बेचा। इसके दौरान जो भी चीजें हो
8:10रही हैं उन चीजों को हम यहां पर रिकॉर्ड
8:12करते हैं ट्रेडिंग अकाउंट में। और ये आपके
8:14सामने ट्रेडिंग अकाउंट का फॉर्मेट है।
8:16लेफ्ट हैंड साइड है हमारी डेबिट साइड
8:20और राइट हैंड साइड है हमारी क्रेडिट साइड।
8:25लेफ्ट हैंड साइड है हमारी डेबिट साइड और
8:28राइट हैंड साइड है हमारी क्रेडिट साइड।
8:30लेफ्ट हैंड साइड स्टैंड्स फॉर डेबिट साइड
8:32एंड राइट हैंड साइड स्टैंड्स फॉर क्रेडिट
8:35साइड। राइट? यस सर। अब मेरे प्यारे-प्यारे
8:38बच्चों यहां पर आपको ये ध्यान रखना है कि
8:40ये जो हमारा ट्रेडिंग अकाउंट होता है, ये
8:43नॉमिनल नेचर का अकाउंट होता है। ये जो
8:46हमारा ट्रेडिंग अकाउंट होता है, यह नॉमिनल
8:48नेचर का अकाउंट होता है। जिसका रूल होता
8:51है डेबिट ऑल एक्सपेंसेस एंड लॉसेस,
8:54क्रेडिट ऑल इनकम एंड गेन। डेबिट ऑल
8:56एक्सपेंसेस एंड लॉसेस क्रेडिट ऑल इनकम एंड
8:59गेट। बट यहां पर ऑल एक्सपेंस नहीं आते।
9:03यहां पर ऑल इनकम नहीं आती। यहां पर सिर्फ
9:06और सिर्फ डायरेक्ट एक्सपेंसेस आते हैं।
9:09यहां पर सिर्फ और सिर्फ डायरेक्ट
9:11एक्सपेंसेस आते हैं। यानी ट्रेडिंग अकाउंट
9:13को अच्छे से समझने के लिए आपको मालूम होना
9:16चाहिए कि क्या होते हैं डायरेक्ट
9:18एक्सपेंसेस और क्या होते हैं इनडायरेक्ट
9:20एक्सपेंसेस। जो एक्सपेंस ट्रेडिंग में आ
9:23रहे हैं, उसके अलावा जो भी आपके एक्सपेंस
9:26हैं, वह आप डाल दो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
9:28में। यानी कि ट्रेडिंग अकाउंट में आते हैं
9:30आपके डायरेक्ट एक्सपेंसेस और इनडायरेक्ट
9:33एक्सपेंस आते हैं आपके प्रॉफिट एंड लॉस
9:35अकाउंट में। अब सर क्या होते हैं डायरेक्ट
9:38एक्सपेंसेस? बेटा डायरेक्ट एक्सपेंस का
9:40मतलब होता है जब आपने सामान को कहीं से
9:43खरीदा। खरीदने के बाद उस सामान को आप
9:47गोडाउन में ले आए और आपने उस सामान को
9:50प्रोड्यूस किया, बनाया या बेचा जो भी इसके
9:54दौरान जो भी आपके खर्चे हो रहे हैं वो
9:56सारे के सारे क्या होते हैं? डायरेक्ट
9:58एक्सपेंसेस। बट मैं वन बाय वन आपको
10:00एक्सप्लेन करूंगा ताकि आपको चीजें समझ में
10:03आए। डायरेक्ट एक्सपेंस का मतलब ही यह है
10:05वो सीधा खर्चा प्रोडक्शन पर ही हो रहा है।
10:08वो गुड्स पर ही खर्चा हो रहा है। वो
10:10साफ-साफ दिख रहा है कि यह खर्चा सीधा
10:12रिलेट कर रहा है। इनडायरेक्टली नहीं
10:14डायरेक्टली रिलेट कर रहा है मेरी गुड्स
10:16से। सबसे पहले हम शुरुआत करते हैं ओपनिंग
10:19स्टॉक से। देखो मेरे प्यारे बच्चों, एक
10:22होता है ओपनिंग स्टॉक और एक होता है
10:24क्लोजिंग स्टॉक। हमारी साल कब शुरू होती
10:27है बेटा? 1 अप्रैल से। और खत्म कब होती
10:31है? 31st मार्च को 1 अप्रैल को ऐसा स्टॉक
10:35जो पिछली साल बिका नहीं वो इस साल का क्या
10:38हो गया? ओपनिंग स्टॉक। तो साल की शुरुआत
10:41का स्टॉक होता है ओपनिंग स्टॉक और साल के
10:43लास्ट का होता है क्लोजिंग स्टॉक। तो
10:45ट्रेडिंग में ये स्टॉक आप क्यों लेके आ
10:48रहे हो? बेचने के पर्पस से। भाई ये स्टॉक
10:51आपके पास क्यों है? बेचने के पर्पस से। इस
10:53साल आपको यह स्टॉक बेचना है। तो आपने
10:57डेबिट साइड में
10:59टू
11:02ओपनिंग
11:05स्टॉक
11:07ट्रेन अकाउंट में डेबिट साइड में आपने
11:10डाला टू ओपनिंग स्टॉक और जो सामान इस साल
11:14नहीं बिका साल के लास्ट का कुछ ऐसा स्टॉक
11:17जो इस साल नहीं बिक पाया वो हमारा है
11:19क्लोजिंग स्टॉक उसको हमने डाला बाय
11:25क्लोजिंग
11:28स्टॉक
11:30बाय
11:34क्लोजिंग
11:37स्टॉक। बाय क्लोजिंग स्टॉक। ठीक है बच्चा?
11:42क्लियर सभी को? क्लियर सभी को? यस सर। अब
11:46मैंने सामान को खरीदा। बेचने के पर्पस से।
11:51तो सामान को खरीदा यानी कि परचेस। गुड्स
11:54को खरीदा यानी कि परचेस। यह कहां आएगा
11:56बेटा? ट्रेडिंग के डेबिट साइड में। यह
12:00कहां आएगा?
12:03ट्रेडिंग के डेबिट साइड में। और जब ये
12:06सामान जो मैंने खरीदा है, इसको मैंने बेच
12:08दिया। जब ये सामान जो मैंने खरीदा है,
12:11इसको मैंने सेल कर दिया। इसको मैंने बेच
12:14दिया तो ये कहां आएगा? सेल्स यानी फायदा
12:17है हमारे लिए। बाय सेल्स इनकम है। तो ये
12:20हमारा आ गया क्रेडिट साइड में। अब यहां पर
12:24आप इसको डायरेक्ट फॉर्मेट में नहीं
12:26डालेंगे। यहां पर आप इसको डायरेक्ट
12:29फॉर्मेट में नहीं डालेंगे। बेटा आप क्या
12:32करेंगे? आप देखेंगे क्या हमें क्वेश्चन
12:35में कोई भी परचेस रिटर्न दे रखा है।
12:40अगर हां तो उसे परचेस में से माइनस कर
12:43दोगे।
12:47या फिर आप देखोगे क्या हमें क्वेश्चन में
12:50रिटर्न आउटवर्ड दे रखा है?
12:55क्या हमें क्वेश्चन में रिटर्न आउटवर्ड दे
12:58रखा है? अगर दे रखा है तो उसे भी क्वेश्चन
13:01में से माइनस कर दो। परचेज रिटर्न दे रखा
13:04है तो वो माइनस हो जाएगा या फिर रिटर्न
13:06आउटवर्ड। रिटर्न आउटवर्ड का मतलब है
13:08रिटर्न आउटवर्ड। सामान आपके पास से वापस
13:12जा रहा है। रिटर्न आउटवर्ड का मतलब होता
13:14है आउटवर्ड। सामान आपके पास से वापस जा
13:17रहा है। ठीक है? तो परचेस में से आपने
13:19परचेस रिटर्न को माइनस किया और रिटर्न
13:22आउटवर्ड को माइनस किया और फिर आपके पास
13:25परचेस का एक्चुअल अमाउंट आ गया। फिर आपके
13:29पास परचेस का एक्चुअल अमाउंट आ गया। ऐसे
13:32ही सेल्स में से
13:35सेल्स में से आपने माइनस किया सेल्स
13:38रिटर्न
13:42या फिर आपने माइनस किया रिटर्न इनवर्ड।
13:48या फिर आपने माइनस किया रिटर्न इनवार्ड और
13:51फिर हमारा सेल्स का एक्चुअल अमाउंट बाहर
13:55डाल दिया। फिर हमारे सेल्स का एक्चुअल
13:57अमाउंट आपने बाहर डाल दिया। अब बारी आती
14:00है आपके डायरेक्ट एक्सपेंसेस की। अब लॉजिक
14:03से समझते हैं। आप कहीं पर सामान खरीदने गए
14:08जिस सामान को आप बेचोगे। आपने सामान को
14:11खरीदा तो सामान को जब आपने खरीदा होगा तो
14:15उसको वहां से लेकर आपको अपने जो भी आपकी
14:18शॉप है, शोरूम है, गोडाउन है वहां तक लाने
14:22के लिए आपने भाड़ा दिया होगा। वो भाड़ा
14:25कैरज की फॉर्म में भी हो सकता है। वो
14:27भाड़ा फ्रेट की फॉर्म में भी हो सकता है।
14:29वो भाड़ा कार्टेज की फॉर्म में भी हो सकता
14:31है। वो भाड़ा कैरज ऑन परचेस की फॉर्म में
14:34भी हो सकता है। वो भाड़ा आपके ऑक्टोई
14:36फॉर्म में भी हो सकता है। तो ये सभी क्या
14:38है? डायरेक्ट एक्सपेंसेस। ये सभी क्या है?
14:42डायरेक्ट एक्सपेंसेस हैं। क्योंकि ये सीधा
14:44उस पर हमारा जो सामान है उसके प्रोडक्शन
14:46से रिलेट कर रहे हैं। तो आपका टू फ्रेट या
14:50टू कैरज
14:52या टू हमारा कार्टेज
14:55या फिर कैरज ऑन परचेस
14:59या फिर आपसे बोलता है कैरज इन वार्ड। तो
15:02यह सब हमारा वो खर्चा है जो हम परचेस करते
15:05समय भाड़ा दे रहे हैं वो खर्चा है और ये
15:08सारा का सारा खर्चा जो है वो डायरेक्ट
15:10एक्सपेंसेस है। अगर आपसे बोलता है कैरिज
15:13आउटवर्ड अगर आपसे बोलता है कैरिज ऑन सेल्स
15:17तो बेटा ये इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस है। ये
15:19वो खर्चा है जो सेल्स करने के बाद हो रहा
15:21है आपका। तो ये आपका ट्रेडिंग में नहीं
15:24आएगा। वो तो हमारा सीधा-सीधा कहां आता? वो
15:26सीधा-सीधा प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट का
15:28पार्ट बन जाता है। अब आपका सामान आ गया
15:30है। अब आपका सामान बाहर रखा हुआ है। आपको
15:35उस सामान को उठाकर अंदर ले जाना है अपने
15:37शोरूम में, अपनी फैक्ट्री में या जहां भी
15:40उसके लिए आपने लेबर लगा रखी है। लेबर लेबर
15:43आपका सामान उठा रही है। बेचारी उठा रही है
15:46और आपके सामान को रखवा रही है। यानी आपके
15:49सामान को लोड अनलोड करवा रही है। और लेबर
15:52को हम क्या देते हैं? मजदूर को क्या देते
15:54हैं बेटा? मजदूर को देते हैं वेजेस।
15:59मजदूर को देते हैं वेजेस। तो वेजेस भी
16:03हमारा किसका पार्ट है बेटा? वेजेस भी
16:05हमारा डायरेक्ट एक्सपेंसेस का पार्ट है।
16:08वेजेस भी हमारा काहे का पार्ट है?
16:10डायरेक्ट एक्सपेंसेस का पार्ट है। कभी-कभी
16:12क्वेश्चन में आपसे ऐसा बोला जा सकता है कि
16:15वेजेस एंड सैलरी और सैलरी एंड वेजेस।
16:18सैलरी एक इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस है तो
16:21सैलरी तो प्रॉफिट एंड लॉस में जाएगा। और
16:23वेजेस एक डायरेक्ट एक्सपेंसेस है। तो
16:25वेजेस आपका ट्रेड अकाउंट में जाएगा। बट
16:28कभी-कभी क्वेश्चन में आपको दे रखा है
16:29सैलरी एंड वेजेस और वेजेस एंड सैलरी। तो
16:32जो पहले दे रखा है ना उसका ट्रीटमेंट जहां
16:35पर होता है वो पूरा अमाउंट वहीं जाएगा।
16:37अगर दे रखा है वेजेस एंड सैलरी तो वो
16:40ट्रेडिंग में जाएगा और अगर आपको दे रखा है
16:42सैलरी एंड वेजेस तो वो आपका प्रॉफिट एंड
16:44लॉस अकाउंट का पार्ट बनेगा। उसके बाद बेटा
16:48जी हम सामान को कहां लेके जाते हैं?
16:50फैक्ट्री में। हम सामान को कहां ले जाते
16:53हैं? फैक्ट्री में। तो फैक्ट्री का जो भी
16:56रेंट है,
16:59फैक्ट्री का जो भी रेंट है या फैक्ट्री की
17:04जो भी लाइटिंग है,
17:08ये सब भी आपका क्या है बेटा? डायरेक्ट
17:11एक्सपेंसेस। फैक्ट्री का जो भी रेंट है,
17:14फैक्ट्री का जो भी लाइटिंग वगैरह है, ये
17:16सब भी क्या है? आपका डायरेक्ट एक्सपेंसेस
17:18है। ये भी आपका क्या है बेटा? डायरेक्ट
17:20एक्सपेंसेस होता है। राइट? यस सर। इसके
17:23अलावा जब हम सामान को मैन्युफैक्चर करते
17:26हैं तो कुछ ऐसे खर्चे होते हैं जो
17:29मैन्युफैक्चरिंग होते हैं। जैसे कि पावर
17:31हो गया, फ्यूल हो गया, गैस हो गया, वाटर
17:35हो गया। तो फ्यूल, पावर, गैस, वाटर ये सब
17:38कहां आता है बेटा? ये सब आपके ट्रेडिंग के
17:41डेबिट साइड में आता है। यह सब आपके
17:43ट्रेडिंग के डेबिट साइड में आता है। ऐसा
17:45टू फ्यूल
17:48पावर
17:51गैस
17:53वाटर है ना और अगर कोई
17:58सामान आपने स्टोर में रखा हुआ है स्टोर
18:01में जैसे कॉटन है, ग्रीस ऑयल है या फिर
18:05ऐसी कोई चीजें जो आपने स्टोर में रखी हुई
18:07है जिससे आप अपनी मशीन को ठीक करोगे तो वो
18:10भी हमारा किसका पार्ट हो जाएगा? डायरेक्ट
18:12एक्सपेंसेस का पार्ट हो जाएगा। कभी-कभी
18:14आपको ना सामान जो होता है वह शिप से आता
18:17है और शिप पर
18:20डॉक चार्जेस हो जाते हैं। वो भी आपका
18:23किसका पार्ट है बेटा? ट्रेडिंग अकाउंट का
18:26पार्ट है। ऑक्टोई भी आपका क्या है?
18:28ट्रेडिंग अकाउंट का पार्ट है। है ना?
18:30रॉयल्टी भी क्या है? आपका ट्रेड अकाउंट का
18:32पार्ट है। सर रॉयल्टी क्या होता है? जब भी
18:35आप अपनी एसेट का इस्तेमाल करने का हक किसी
18:38दूसरे पर्सन को देते हो। है ना? और उस पर
18:41प्रोडक्शन पर आपको कुछ ना कुछ मिल रहा है।
18:44उसको हम बोलते हैं रॉयल्टी। फॉर एग्जांपल
18:46आपने बुक्स देखी हो। बुक्स का जो राइटर
18:49होता है वो कोई और होता है। पब्लिशर जो
18:50होता है वो कोई और होता है। तो पब्लिशर जब
18:53वो उस गुड्स को प्रोड्यूस करेगा तो पर
18:55प्रोडक्शन पर कुछ ना कुछ पैसा किसको देगा?
18:58उस ओनर को देगा जिसने उस बुक को लिखा है
19:00जिसको हम बोलते हैं रॉयल्टी। तो ये सब
19:02हमारे क्या होते हैं? डायरेक्ट
19:04एक्सपेंसेस। आपके लिए समझना, आपके लिए
19:07जानना बहुत ज्यादा जरूरी है बेटा कि
19:10डायरेक्ट एक्सपेंसेस कौन-कौन से होते हैं।
19:13अगर आपको ये लिस्ट अच्छे से समझ में आ गई
19:16तो आपको प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट समझने की
19:19जरूरत नहीं है। रीजन ये है बेटा कि जो चीज
19:22हमारी ट्रेडिंग में जा रही है, उसके अलावा
19:24जो भी हमारे एक्सपेंसेस हैं, जो भी हमारी
19:27इनकम है, वो कहां जाती है? प्रॉफिट एंड
19:29लॉस अकाउंट में। सीआर में बस दो तीन चीजें
19:32ही जाती हैं। अब मैंने यहां का टोटल किया
19:35और यहां का टोटल किया। मैंने सीआर साइड का
19:38टोटल किया और मैंने डीआर साइड का टोटल
19:40किया। अब बेटा जी अगर सीआर साइड का टोटल
19:44डीआर से ज्यादा है तो डेबिट में मैं
19:46लिखूंगा
19:49टू
19:51ग्रॉस प्रॉफिट। अगर सीआर साइड का टोटल
19:54डीआर साइड के टोटल से ज्यादा है तो मैं
19:57डेबिट में लिखूंगा टू ग्रॉस प्रॉफिट। और
19:59ये ग्रॉस प्रॉफिट प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
20:02के क्रेडिट साइड में ट्रांसफर करूंगा। और
20:04अगर मेरा डीआर ज्यादा है तो मैं सीआर में
20:07लिखूंगा बाय ग्रॉस लॉस।
20:11बाय
20:14ग्रॉस
20:16लॉस। और मैं इस लॉस को प्रॉफिट एंड लॉस
20:20अकाउंट के डेबिट साइड में डाल दूंगा। अगर
20:22मेरा सीआर ज्यादा है तो डीआर में लिखूंगा
20:25ग्रॉस प्रॉफिट। और अगर मेरा डीआर ज्यादा
20:27है तो सीआर में लिखूंगा ग्रॉस लॉस। ग्रॉस
20:30प्रॉफिट प्रॉफिट एंड लॉस के सीआर साइड में
20:32जाएगा और ग्रॉस लॉस प्रॉफिट एंड लॉस के
20:35डेबिट साइड में जाएगा। ठीक है? तो ये तो
20:38हो गया आपका ट्रेडिंग अकाउंट। ये आपका हो
20:41गया ट्रेडिंग अकाउंट। एक बार मैं फॉर्मेट
20:43देख लेता हूं अगर आपको अच्छे से और समझा
20:46पाऊं। देखो यहां पर यहां पर बहुत ही छोटे
20:49फॉर्म में दे रखा है। यहां पर बहुत ही
20:51छोटे फॉर्म में आपको दे रखा है। ओपनिंग
20:54स्टॉक आपका ट्रेडिंग में जाता है। परचेस
20:56आपका ट्रेडिंग में जाता है। डायरेक्ट
20:58एक्सपेंस आपका ट्रेडिंग में जाता है।
21:00सेल्स ये सारी चीजें दे रखी हैं। अब यहां
21:01पर कुछ आपको बातें दे रखी हैं। है ना?
21:04यहां पर कुछ आपको बातें दे रखी हैं। इन
21:06केस डेबिट साइड एग्सीड द क्रेडिट साइड द
21:10बैलेंस विल बी ग्रॉस लॉस। डेबिट साइड
21:12ज्यादा है तो क्रेडिट साइड में ग्रॉस लॉस
21:14आएगा। और क्रेडिट साइड ज्यादा है तो डेबिट
21:16साइड में ग्रॉस प्रॉफिट आएगा। ये मैंने
21:18आपको बता दिया। ठीक है? इन ट्रेडिंग
21:20अकाउंट क्लोजिंग स्टॉक इज शोन एट कॉस्ट
21:23प्राइस और नेट लाजबल मार्केट वैल्यू व्हिच
21:25एवर इज लोअर। मान लीजिए सबसे पहली बात
21:28ध्यान रखना कि अगर क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल
21:30बैलेंस के बाहर दे रखा है। अगर क्लोजिंग
21:33स्टॉक ट्रायल बैलेंस के बाहर दे रखा है
21:35बेटा तो वो तभी इसका पार्ट बनेगा। अगर
21:38क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के बाहर दे
21:40रखा है तो वो तभी इसका पार्ट बनेगा। तो
21:43तभी इसका पार्ट बनेगा। अगर वो क्लोजिंग
21:45स्टॉक ट्रायल बैलेंस के बाहर दे रखा है और
21:47अगर आपको क्लोजिंग स्टॉक की दो वैल्यू दे
21:49रखी हैं। एक आपको दे रखी है उसकी कॉस्ट
21:52प्राइस और एक आपको दे रखी है उसकी मार्केट
21:54वैल्यू। तो दोनों में से जो कम होगा ना
21:57दोनों में से जो कम होगा हम उसको ले
21:59लेंगे। दोनों में से जो कम होगा हम उसको
22:02ले लेंगे। ये सारी एडजस्टमेंट है। वो जब
22:05हम जैसे-जैसे हमारा क्वेश्चंस आएगा
22:06वैसे-वैसे हम उसको आगे बढ़ाएंगे। ठीक है?
22:09ये आपको मैंने बताया ही है कि ग्रॉस
22:11प्रॉफिट और ग्रॉस लॉस कहां चला जाता है
22:14बेटा? प्रॉफिट एंड लॉस में ट्रांसफर हो
22:16जाता है। तो आई होप आपको
22:19ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है? ट्रेडिंग
22:21अकाउंट में कौन-कौन सी चीजें आती हैं? ये
22:23आपके अच्छे से क्लियर हो गया होगा। अब हम
22:26अपने नेक्स्ट अकाउंट पर चलते हैं। व्हिच
22:29इज़ प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। अब हम चलते
22:32हैं प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। हमने अपने
22:35सारे खर्चे ट्रेडिंग अकाउंट में नहीं
22:37डाले। हमने अपनी सारी इनकम ट्रेड अकाउंट
22:40में नहीं डाली। बहुत सारे खर्चे ऐसे रह गए
22:43हैं जो हमारे इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस में
22:45आते हैं। जिसके लिए हम क्या बना रहे हैं?
22:47प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। यानी यही वो
22:49अकाउंट है जो आपको एक्चुअल में बताएगा कि
22:51वाकई में आपको फायदा हो रहा है या नुकसान
22:54हो रहा है। एक्चुअल में आप फायदे में हो
22:56या नुकसान में हो। ये आपको बताएगा आपका
22:59प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। यही आपको बताएगा
23:02आपका प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। तो इसमें
23:04क्या होगा बेटा? सेम है। जैसे आपका
23:06ट्रेडिंग अकाउंट होता है, वैसे ही प्रॉफिट
23:08एंड लॉस अकाउंट होता है। ट्रेडिंग अकाउंट
23:10भी आपका नॉमिनल नेचर का है। तो प्रॉफिट
23:11एंड लॉस अकाउंट भी आपका नॉमिनल नेचर का
23:13है। इसमें भी आपको रूल लगेगा डेबिट ऑल
23:16एक्सपेंसेस एंड लॉसेस, क्रेडिट ऑल इनकम
23:18एंड गेन। तो अगर आपको ट्रेड अकाउंट में
23:20ग्रॉस प्रॉफिट हुआ था तो प्रॉफिट एंड लॉस
23:22में क्रेडिट साइड में डाल दो। और अगर आपको
23:25ट्रेड अकाउंट में ग्रॉस लॉस हुआ था तो
23:26प्रॉफिट एंड लॉस में डेबिट साइड में डाल
23:28दो। ठीक? यस सर। इससे हमें मालूम पड़ता है
23:31बेटा कि हमको फायदा हुआ है या नुकसान हुआ
23:34है। अगर आपका प्रॉफिट एंड लॉस का क्रेडिट
23:37साइड ज्यादा है तो हमें हुआ है नेट
23:38प्रॉफिट और अगर आपका डेबिट साइड ज्यादा है
23:41तो हमें हुआ है नेट लॉस। नेट प्रॉफिट हुआ
23:43है तो बेटा जब हम बैलेंस शीट बनाएंगे तो
23:46उस नेट प्रॉफिट को कैपिटल में ऐड कर
23:48देंगे। नेट लॉस हुआ है तो जब हम बैलेंस
23:50शीट बनाएंगे लायबिलिटीज में कैपिटल में
23:52नेट लॉस को माइनस कर देंगे। ठीक है? देखो
23:56वही चीज आपको दे रखी है कि प्रॉफिट एंड
23:58लॉस अकाउंट इज प्रिपेयर टू कैलकुलेट द नेट
24:02प्रॉफिट और लॉस ऑफ द बिजनेस फॉर अ गिवन
24:04अकाउंटिंग पीरियड। द बैलेंस ऑफ ट्रेडिंग
24:06अकाउंट ग्रॉस प्रॉफिट ग्रॉस लॉस इज़
24:09ट्रांसफरर्ड टू द प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
24:12व्हिच इज़ द स्टार्टिंग पॉइंट ऑफ द
24:14प्रिपरेशन ऑफ दिस अकाउंट। ठीक है? देयर
24:17आफ्टर ऑल दोज एक्सपेंसेस एंड लॉसेस वि हैव
24:20नॉट बीन डेबिटेड ऑलरेडी टू द ट्रेड अकाउंट
24:23आर डेबिटेड टू द प्रॉफिट एंड लॉस। ऐसे
24:25सारे खर्चे जो ट्रेडिंग में डेबिट नहीं
24:28हुए वो कहां जाएंगे? प्रॉफिट एंड लॉस में।
24:31ऐसी सारी इनकम जो ट्रेडिंग में क्रेडिट
24:33नहीं हुई वो कहां जाएंगे? प्रॉफिट एंड लॉस
24:36में। जैसे कि यहां पर आपको कुछ एग्जांपल
24:38दे रखा है। जैसे इंटरेस्ट अर्न या कमीशन
24:41रिसीव्ड। यह कुछ छोटे-छोटे एग्जांपल दे
24:43रखे हैं आपको। ठीक है?
24:46चलिए
24:49तो अब यहां पर एक
24:52फॉर्मेट आपको दे रखा है। इससे आपको और समझ
24:54में आएगा कि कौन-कौन सी चीजें आती हैं।
24:56कौन-कौन सी चीजें नहीं आती। यहां पर हमने
24:59ग्रॉस लॉस को ट्रांसफर किया। यहां पर हमने
25:02ग्रॉस प्रॉफिट को ट्रांसफर किया। अब पहली
25:04हेडिंग है मैनेजमेंट एक्सपेंसेस। ऐसे
25:08खर्चे जो आपके मैनेजमेंट कर रहे हैं और ये
25:10सारे खर्चे डायरेक्टली रिलेट नहीं करते
25:13प्रोडक्शन से। सबसे पहला सैलरी। सैलरी आप
25:17किसे देते हो? एडमिनिस्ट्रेशन के खर्चे
25:19होते हैं। जो आपके ऑफिस में लोग काम कर
25:21रहे हैं। सैलरी हो गया, ऑफिस का रेंट हो
25:24गया, रेट एंड टैक्सेस हो गया, प्रिंटिंग
25:26एंड स्टेशनरी हो गया, टेलीफोन का खर्चा हो
25:29गया, पोस्टेज एंड टेलीग्राम हो गया,
25:31इंश्योरेंस हो गया। है ना? ये हमारा पार्ट
25:33है एक्सपेंस का। यही जब रिसीव हो रहा है
25:36जैसे कि डिस्काउंट रिसीव हो गया, कमीशन
25:38रिसीव्ड हो गया,
25:42रिजर्व फॉर डिस्काउंट ऑन क्रेडिटर्स हो
25:44गया। कोई ऐसी इनकम है जो नन ट्रेड जो
25:46हमारे बिजनेस से भी रिलेट नहीं कर रही। बट
25:48है तो इनकम जैसे कि आपका बैंक का इंटरेस्ट
25:51हो गया। रेंट ऑफ प्रॉपर्टी लेट आउट। आपने
25:54अपनी प्रॉपर्टी को किराए पर उठाया हुआ है।
25:56उसका रेंट आपको मिल गया। यह आपकी इनकम का
25:59पार्ट है।
26:01ऑडिट फीस, लीगल चार्जेस, इलेक्ट्रिसिटी,
26:04रिपेयर एंड रिन्यूल, डेप्रिसिएशन ये सब आप
26:07देख सकते हैं। ये सारा का सारा हमारा क्या
26:09है? प्रॉफिट एंड लॉस में अच्छे से आता है।
26:11तो इसको आपको बड़ा सिंपल सा लॉजिक है।
26:14इसका आपका बहुत सिंपल सा लॉजिक है। जो
26:17चीजें आपके ट्रेडिंग में जा रही हैं,
26:19अच्छी बात है। जो चीजें आपके ट्रेडिंग में
26:22नहीं जा रही, वो आप सीधा-सीधा कहां डाल
26:24दो? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट का पार्ट आप
26:26उसको बना दो। ठीक है? चलो।
26:31तो ये तो बात हो गई आपके प्रॉफिट एंड लॉस
26:34की। ये तो बात हो गई आपके प्रॉफिट एंड लॉस
26:36की। तो देखो आपने ट्रेड अकाउंट समझ लिया
26:39कि ट्रेड अकाउंट कैसे बनता है, क्या बनता
26:41है। आपने प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट देख लिया
26:44कि प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट कैसे होता है,
26:46क्या होता है। अब प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
26:48से या तो हमें मिलेगा नेट प्रॉफिट या फिर
26:51मिलेगा हमें नेट लॉस। अगर नेट प्रॉफिट मिल
26:54रहा है बेटा तो वह कैपिटल में लायबिलिटी
26:56साइड में ऐड हो जाएगा और अगर हमें नेट लॉस
26:59मिल रहा है तो वह कैपिटल में लायबिलिटी
27:01साइड में माइनस हो जाएगा। अब आता है हमारा
27:04बैलेंस शीट। याद रखिएगा हमारे तीन तरह के
27:07अकाउंट होते हैं। एक होता है हमारा
27:08पर्सनल, एक होता है हमारा रियल और एक होता
27:11है आपका नॉमिनल। हमारे तीन तरह के अकाउंट
27:14होते हैं। एक हमारा होता है पर्सनल, एक
27:16होता है हमारा रियल और एक होता है हमारा
27:17नॉमिनल। ट्रेडिंग में और प्रॉफिट एंड लॉस
27:20में आपने नॉमिनल अकाउंट को क्लोज कर दिया।
27:24यानी कि आपकी बैलेंस शीट में सिर्फ रियल
27:26अकाउंट और पर्सनल अकाउंट ही आएगा। आपकी
27:29बैलेंस शीट में सिर्फ रियल अकाउंट और
27:32पर्सनल अकाउंट ही आएगा। उसके अलावा कुछ
27:34नहीं आएगा। तो बैलेंस शीट एक स्टेटमेंट है
27:37जो आपको बताता है कि आपकी कंपनी की
27:39फाइनेंसियल पोजीशन कैसी है। यहां पर आपकी
27:42एसेट्स का बैलेंस होता है, लायबिलिटीज का
27:45बैलेंस होता है, कैपिटल का बैलेंस होता
27:47है। इट इज प्रिपेयर फ्रॉम द रियल अकाउंट
27:50एंड पर्सनल अकाउंट ऑफ ट्रायल बैलेंस।
27:52हमारे जो ट्रायल बैलेंस में रियल अकाउंट
27:55है या पर्सनल अकाउंट है उनकी मदद से यह
27:58बनाया जाता है। ठीक है? अ डेबिट बैलेंस इन
28:01अ रियल अकाउंट और पर्सनल अकाउंट
28:03रिप्रेजेंट एन एसेट ऑफ द कंसर्न। अगर आपकी
28:07जो रियल अकाउंट है उसका डेबिट बैलेंस दे
28:09रखा है या किसी पर्सनल अकाउंट का डेबिट
28:12बैलेंस दे रखा है तो वह हमारी एसेट है और
28:15अगर उसका क्रेडिट बैलेंस दे रखा है तो वो
28:17हमारे लिए कोई लायबिलिटी है। हो सकता है
28:20ट्रायल बैलेंस को बनाने के बाद आपने कुछ
28:23एडजस्टमेंट्स देखी हो या आपने कुछ
28:25एडजस्टमेंट पढ़ी हो तो वो एडजस्टमेंट का
28:27भी हम ट्रीटमेंट करते हैं। बैलेंस शीट में
28:30आपकी दो साइड होती हैं। एक लायबिलिटी साइड
28:32और एक आपकी एसेट साइड। दोनों साइड का
28:34बैलेंस दोनों साइड का टोटल बराबर आना
28:37चाहिए। तभी मालूम पड़ता है कि आपकी बैलेंस
28:39शीट मैच हो गई। आपकी बैलेंस शीट मैच हो गई
28:42है। मुबारक हो। चलो भाई
28:46तो अब मैं आपको
28:49कुछ चीजें दिखाता हूं। ये रही आपकी बैलेंस
28:52शीट। ये रही आपकी बैलेंस शीट। इस तरीके से
28:55आपकी बैलेंस शीट होती है और जरूरी नहीं है
28:58सिर्फ ये है। ये तो आपको कुछ सिलेक्टेड
29:00बताया गया है। सबसे पहले हम देखते हैं
29:02एसेट में। एसेट में हमारी जो एसेट होती है
29:05वो करंट एसेट्स भी होती है, नॉन करंट भी
29:08होती है, टेंजिबल भी होती है, इनटेंजिबल
29:10भी होती है। टेंजिबल एसेट्स आपकी वो
29:12एसेट्स होती है जिसे आप छू सकते हो, देख
29:16सकते हो। और इनटेंजिबल एसेट्स आपकी वो
29:19एसेट्स होती है जिसे आप छू नहीं सकते, देख
29:22नहीं सकते। टेंजिबल जैसे कार, बिल्डिंग,
29:24मशीन, फर्नीचर, इनटेंजिबल जैसे गुडविल,
29:27पेटेंट, कॉपीराइट है ना? तो देखो ये आपकी
29:30एसेट है। जैसे गुडविल आपकी क्या है? एसेट
29:33है। लैंड एंड बिल्डिंग, प्लांट एंड
29:35मशीनरी, फर्नीचर एंड फिक्स्चर, स्टॉक,
29:38डेटर, इन्वेस्टमेंट, बिल्स रिसीवल, कैश एट
29:41बैंक, कैश इन हैंड। ये सब क्या है? हमारी
29:43एसेट है। अब लायबिलिटी सबसे पहला कैपिटल।
29:47मालिक ने बिजनेस में जो पैसा लगाया उस
29:50पैसे को हम क्या बोलते हैं? कैपिटल। और उस
29:52पैसे को हमारे लिए वो क्या है? एक
29:54लायबिलिटी है। कौन सी लायबिलिटी है?
29:56इंटरनल लायबिलिटी। मालिक के द्वारा लगाया
29:59गया पैसा वो भी बिजनेस में हम उसे क्या
30:02बोलते हैं? इंटरनल लायबिलिटी। आपको
30:05प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में अगर नेट
30:07प्रॉफिट हुआ तो यह आपकी कैपिटल में ऐड हो
30:09जाता है और अगर नेट लॉस हुआ तो यह आपकी
30:12कैपिटल में से माइनस हो जाता है। अगर
30:14क्वेश्चन में आपको ड्रॉइंग्स दे रखी है।
30:17मालिक ने अपने पर्सनल यूज़ के लिए मालिक
30:20ने अपने निजी खर्चे के लिए ड्रॉइंग्स करी
30:22है। अब ड्रॉइंग्स में क्या-क्या आ सकता है
30:24सर? ड्रॉइंग्स में मान लो डायरेक्ट आपको
30:27ड्रॉइंग्स दे रखा है या इनकम टैक्स पेड दे
30:29रखा है या लाइफ इंश्योरेंस का पेमेंट किया
30:32है या अपने घर का प्रोपराइटर ने रेंट दिया
30:35है या प्रोपराइटर ने किसी को गिफ्ट दिया
30:38है तो ये सब क्या है ड्रॉइंग्स है कुछ
30:40गिरवी रख के लोन लिया है लोन ऑन मॉर्गेज
30:44आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस कोई एक्सपेंस का
30:47आपने पेमेंट नहीं किया है बैंक ओवरड्राफ्ट
30:50बैंक वालों ने आपका पेमेंट किया है आपके
30:52खाते में पैसा नहीं था बैंक वालों ने आपके
30:54खाते से पेमेंट कर दिया। स्टडी
30:56क्रेडिटर्स, बिल्स पेएबल यह सारी चीजें
30:59आपकी बैलेंस शीट का पार्ट बनती। तो अभी आई
31:02होप आपको ट्रेडिंग भी क्लियर है। अभी आई
31:04होप आपको प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट भी
31:06क्लियर है। अभी आपको बैलेंस शीट भी क्लियर
31:08है। लेकिन बेटा जी आपके जो चैप्टर है
31:11इसमें कोई भी क्वेश्चन डायरेक्ट नहीं है।
31:14इसमें भर-भर के एडजस्टमेंट्स हैं और बहुत
31:17सारी एडजस्टमेंट्स हैं। तो सभी एडजस्टमेंट
31:19को आपको डिटेल में समझना पड़ेगा। तभी आपको
31:22और क्रिस्टल क्लेरिटी आएगी चीजों में। तो
31:25सारी एडजस्टमेंट को वन बाय वन अच्छे से
31:27देखते हैं। ठीक है? अभी आई होप मैंने आपको
31:30ये तो समझा दिया। अभी आई होप मैंने आपको
31:33ये तो समझा दिया कि क्या चीज क्या होता
31:35है। चलो मेरे प्यारे बच्चों हम चलते हैं
31:39आपकी एडजस्टमेंट्स पर। चलो भाई
31:44एडजस्टमेंट एंट्री।
31:46चलो एडजस्टमेंट एंट्री।
31:49यूजली फाइनल अकाउंट्स आर प्रिपयर्ड फ्रॉम
31:52द बैलेंस गिवन इन द ट्रायल बैलेंस। हाउएवर
31:55एट टाइम सम अकाउंट बैलेंस इन द ट्रायल
31:58बैलेंस डू नॉट रिफ्लेक्ट द करेक्ट अमाउंट
32:01व्हेन कंसीडर्ड इन रिलेशन टू अकाउंटिंग
32:03पीरियड। देखिए ज्यादातर जो आपका फाइनल
32:06अकाउंट होता है ना वह ट्रायल बैलेंस से ही
32:09बनाया जाता है। जो बैलेंस ट्रायल बैलेंस
32:11में दिया हुआ है उसी बैलेंस से हम अपना
32:14फाइनल अकाउंट बनाते हैं। बट कभी-कभी कुछ
32:16चीजें आपको दे रखी होती हैं जो ट्रायल
32:18बैलेंस के बाहर होती हैं। क्योंकि आपका जो
32:21बैलेंस है वो करेक्ट अमाउंट नहीं होता है।
32:24तो उस अमाउंट को करेक्ट किया जाता है।
32:26जैसे यहां पर आपको एग्जांपल में दे रखा है
32:29पेमेंट ऑन अकाउंट ऑफ एक्सपेंस से रेंट मे
32:32बी लेस और मोर। जो आपका एक्सपेंस का
32:34बैलेंस दे रखा है शायद हो सकता है वह
32:36एक्चुअल में कम हो या ज्यादा हो। है ना?
32:39तो उसी हिसाब से आपके यहां पर एडजस्टमेंट
32:42एंट्री अराइज़ होती है। इन ऑर्डर टू
32:45एनश्योर दैट द फाइनल अकाउंट डिस्क्लोज़ द
32:47ट्रू ट्रेडिंग रिजल्ट एंड करेक्ट बैलेंस
32:49इट इज़ नेसेसरी देन ऑल एक्सपेंसेस इंकर्ड
32:52वेदर पेड ऑ नॉट एंड द होल अमाउंट ऑफ़ लॉस
32:55सस्टेन वेदर असर्टेन और एस्टीिमेटेड शुड
32:58बी टेकन इंटू कंसीडरेशन। अगर आप चाहते हैं
33:01कि आपका ट्रेडिंग अकाउंट बिल्कुल सही
33:02बताएं। आप चाहते हैं आपका प्रॉफिट एंड लॉस
33:05अकाउंट बिल्कुल सही चीज बताएं तो जो भी
33:07आपकी एडजस्टमेंट है चाहे वो पैसा आ गया हो
33:10या आना हो चाहे वो पैसा चला गया हो या
33:12जाना हो आप उसको रिकॉर्ड करोगे। ठीक है?
33:16यस सर। चलिए अब वन बाय वन हम देखते हैं।
33:21सबसे पहला है क्लोजिंग स्टॉक। सबसे पहला
33:24है बेटा क्लोजिंग स्टॉक। क्लोजिंग स्टॉक
33:26का मतलब होता है वो स्टॉक जो आपका इस साल
33:30के लास्ट में सेल नहीं हुआ। ऐसा स्टॉक जो
33:33इस साल के लास्ट में अनसोल्ड है। द
33:36अनसोल्ड स्टॉक एट द एंड ऑफ द काउंटिंग
33:38पीरियड उसको हम बोलते हैं क्लोजिंग स्टॉक।
33:41अब यह क्लोजिंग स्टॉक आपको ट्रायल बैलेंस
33:43के अगर बाहर दिया हुआ है। अगर यह ट्रायल
33:46बैलेंस के आपको बाहर दिया हुआ है तो पहले
33:49तो आपको ये देखना है कि दो वैल्यू है या
33:51एक वैल्यू है। अगर एक वैल्यू है तो कोई
33:54दिक्कत वाली बात नहीं है। और अगर दो
33:56वैल्यू है तो दोनों में से जिसकी वैल्यू
33:58कम होगी आप उसको लोगे। क्या समझे? अगर
34:01आपको ट्रायल बैलेंस के बाहर क्लोजिंग
34:03स्टॉक दे रखा है तो सबसे पहले आपको यह
34:05देखना है कि दो वैल्यू है या एक वैल्यू
34:08है। एक वैल्यू है तो कोई दिक्कत वाली बात
34:10नहीं है। दो वैल्यू है तो दोनों में से
34:12जिसकी वैल्यू कम होगी आप उस वैल्यू को
34:15इसमें ले लोगे। तो मेरे प्यारे बच्चों
34:17क्लोजिंग स्टॉक कहां-कहां जाता है?
34:19क्लोजिंग स्टॉक आपके ट्रेडिंग अकाउंट के
34:24क्रेडिट साइड जाता है और बैलेंस शीट में
34:28एसेट साइड जाता है। अगर ट्रायल बैलेंस के
34:31बाहर दिया है तो जितनी भी हमारी
34:33एडजस्टमेंट है वो कम से कम दो जगह जाएगी।
34:36या तो ट्रेडिंग में या प्रॉफिट एंड लॉस
34:38में या फिर प्रॉफिट एंड लॉस में या बैलेंस
34:40शीट में या फिर ट्रेडिंग में या बैलेंस
34:42शीट में या प्रॉफिट एंड लॉस में या बैलेंस
34:44शीट। कहीं ना कहीं तो जाएगी। व्हेन दिस
34:47एंट्री पास द क्लोजिंग स्टॉक एट द एंड
34:50अपीयरर्स इन ट्रेडिंग अकाउंट एंड ऑन द
34:52एसेट साइड ऑफ बैलेंस शीट इट बिकम्स द
34:55ओपनिंग स्टॉक फॉर द नेक्स्ट ईयर। क्या कहा
34:59गया? जब आपको ट्रायल बैलेंस के बाहर
35:01क्लोजिंग स्टॉक दे रखा है तो ट्रेडिंग के
35:03तो सीआर में जाएगा। अब क्योंकि ये इस साल
35:06का क्लोजिंग स्टॉक है। अगली साल का क्या
35:08हो गया? ओपनिंग स्टॉक। तो बेटा जी वो
35:11ट्रेडिंग के सीआर में भी जाएगा और बैलेंस
35:13शीट में एसेट में भी जाएगा। यह हमारी
35:16क्लोजिंग स्टॉक की पहली एडजस्टमेंट होती
35:18है। यह हमारी क्लोजिंग स्टॉक की पहली
35:21एडजस्टमेंट होती है। अब ऐसा कब होगा बेटा?
35:24ऐसा कब होगा? अगर आपका जो क्लोजिंग स्टॉक
35:28है वो ट्रायल बैलेंस के अंदर ही दे रखा
35:30है। अगर आपका जो क्लोजिंग स्टॉक है वो
35:33ट्रायल बैलेंस के अंदर ही दे रखा है। इसका
35:36मतलब हम उसका ट्रेडिंग में ऑलरेडी
35:38एडजस्टमेंट कर चुके हैं। हमें ट्रेडिंग
35:41अकाउंट में अब उसका एडजस्टमेंट नहीं करना।
35:44इन दिस केस क्लोजिंग स्टॉक विल अपीयर इन द
35:47ट्रायल बैलेंस। जब आपका क्लोजिंग स्टॉक
35:50ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा हो। इट मींस
35:52दैट डबल एंट्री हैज़ बीन कंप्लीटेड इन द
35:55अकाउंटिंग पीरियड इटसेल्फ बाय रिड्यूसिंग
35:57द परचेस देयर फॉर इट विल अपीयर ओनली
36:01बैलेंस शीट। इसका मतलब है अगर ट्रायल
36:03बैलेंस के अंदर आपको क्लोजिंग स्टॉक दे
36:06रखा है तो बेटा वो ट्रेडिंग में नहीं
36:09जाएगा। क्यों नहीं जाएगा सर? क्योंकि आपने
36:11ऑलरेडी उसकी यह एडजस्टमेंट एंट्री पास कर
36:14ली होगी। ऑलरेडी आपने अपने परचेस को कम कर
36:17लिया होगा। ऑलरेडी आपने परचेस को कम कर
36:20लिया होगा। तो वो सिर्फ एक जगह जाएगा
36:22बैलेंस शीट में। जो भी चीज ट्रायल बैलेंस
36:25के बाहर है दो जगह जाएगा। ट्रायल बैलेंस
36:28के अंदर है एक जगह जाएगा। ठीक है? चलिए
36:32नेक्स्ट है बेटा आपका एक्रूड एक्सपेंसेस
36:36या आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस। दोनों का ही
36:38मतलब है रुका हुआ या अभी आपने दिया नहीं
36:41है। क्या होता है? आउटस्टैंडिंग
36:44कोई खर्चा आपको देना था लेकिन आपने दिया
36:48नहीं। फॉर एन एग्जांपल अगर मैं बात करूं
36:51ईयर की
36:54तो ईयर में कितने महीने होते हैं? 12
36:56महीने होते हैं। ईयर में कितने महीने होते
36:59हैं? 12 महीने होते हैं। पूरी साल हो गई।
37:02आपने किसी खर्चे का पेमेंट सिर्फ 9 महीने
37:05का किया है। किसी खर्चे का पेमेंट आपने
37:07सिर्फ 10 महीने का किया है। किसी खर्चे का
37:09पेमेंट आपने सिर्फ 11 महीने का किया है।
37:11तो मेरे प्यारे बच्चों ये जो 1 महीना बचा
37:14है, ये जो 3 महीने बच रहे हैं, ये जो 2
37:16महीने बच रहे हैं, इसको हम बोलते हैं
37:18आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस। इन महीनों का
37:21पेमेंट आपने किया नहीं है। बट आपको करना
37:24तो था ना। आपको पे तो करना था ना। तो इसको
37:27बोलते हैं आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस या फिर
37:29एक्रूड एक्सपेंसेस।
37:31एक्सपेंसेस वि हैव बीन इंकर्ड ड्यूरिंग द
37:34ईयर। ऐसे खर्चे जो इस साल आए थे और आपने
37:39उसका बेनिफिट भी ले लिया लेकिन पेमेंट
37:42नहीं करा उसको हम बोलते हैं आउटस्टैंडिंग
37:46और एक्रूट एक्सपेंसेस। ऐसे खर्चों को आपको
37:50शो करना होता है। कैसे शो करते हैं बेटा?
37:53सबसे पहले आप देखो
37:56कि जो आपका एक्सपेंस है वो कौन सा
37:59एक्सपेंस है? डायरेक्ट है
38:03या फिर
38:06इनडायरेक्ट है?
38:09सबसे पहले तो आप यह देखो कि जो आपका
38:12एक्सपेंस है वो कौन सा एक्सपेंस है?
38:14डायरेक्ट एक्सपेंस है या फिर इनडायरेक्ट
38:17एक्सपेंस है? अगर डायरेक्ट एक्सपेंसेस है
38:20तो ट्रेडिंग में उस एक्सपेंस में
38:22आउटस्टैंडिंग ऐड हो जाएगा और अगर
38:25इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस है तो प्रॉफिट एंड
38:27लॉस में उस एक्सपेंस में आउटस्टैंडिंग ऐड
38:29हो जाएगा और यही आउटस्टैंडिंग अमाउंट आपका
38:33बैलेंस शीट में भी जाएगा।
38:36यही आउटस्टैंडिंग अमाउंट आपका
38:41बैलेंस शीट में भी जाएगा। आपकी बैलेंस शीट
38:44का भी पार्ट बनेगा। तो सबसे पहले देखो
38:46एक्सपेंस कौन सा आउटस्टैंडिंग है?
38:48डायरेक्ट या इनडायरेक्ट? अगर डायरेक्ट
38:50एक्सपेंस आउटस्टैंडिंग है तो ट्रेडिंग में
38:52उस एक्सपेंस में से ऐड कर दो। और अगर आपका
38:55इनडायरेक्ट एक्सपेंस आउटस्टैंडिंग है तो
38:57प्रॉफिट एंड लॉस में उस एक्सपेंस में ऐड
38:59कर दो। और जितना आउटस्टैंडिंग है बैलेंस
39:02शीट में जाएगा लायबिलिटीज में।
39:06बैलेंस शीट में जाएगा लायबिलिटीज में।
39:09बैलेंस शीट में जाएगा लायबिलिटीज में। ठीक
39:12है बच्चा? यस सर।
39:15अब यहां पर आपको दिया हुआ है बेटा जो भी
39:17हमारा एक्सपेंस आपका है जो भी हमारा
39:20एक्सपेंस है उसकी यह तो एंट्री पास होती
39:22है। सपोज आपका सैलरी आउटस्टैंडिंग है तो
39:24एंट्री हो जाएगी सैलरी अकाउंट डेबिट टू
39:26आउटस्टैंडिंग सैलरी। सपोज़ आपका वेजेस
39:29आउटस्टैंडिंग है तो एंट्री हो जाएगी वेजेस
39:30अकाउंट डेबिट टू आउटस्टैंडिंग वेजेस। इस
39:32तरीके से एंट्री हो जाएगी। ठीक है? यस सर।
39:35अब यहां पर देखो क्या कहा? द आउटस्टैंडिंग
39:38एक्सपेंसेस आर शोन ऑन द डेबिट साइड ऑफ द
39:42ट्रेड अकाउंट और प्रॉफिट एंड लॉस। क्योंकि
39:44हो सकता है वो खर्चा डायरेक्ट एक्सपेंसेस
39:46हो या हो सकता है वो खर्चा इनडायरेक्ट
39:48एक्सपेंस हो। ठीक है? एज द केस मे बी बाय
39:51वे ऑफ एडिशन टू द रेस्पेक्टेड एक्सपेंसेस।
39:54इसको हम लायबिलिटी साइड में भी शो करते
39:58हैं। इन द बिगिनिंग ऑफ द नेक्स्ट ईयर अ
40:01रिवर्स एंट्री विल बी पास्ड। जब अगली साल
40:04अगली साल की शुरुआत होगी तो रिवर्स एंट्री
40:07पास कर दी जाएगी। ठीक है? यस सर। अब यहां
40:11पर देखो। यहां पर देखो सैलरी फॉर मार्च
40:152024 7000 हैज़ नॉट बीन पेड। तो हमने यह
40:18एंट्री पास करी। द एंट्री विल इंक्रीस द
40:21बैलेंस इन सैलरी अकाउंट। इससे हमारी सैलरी
40:24अकाउंट का बैलेंस इनक्रीस हो जाएगा। और
40:26हमारा जो आउटस्टैंडिंग सैलरी हमारा कहां
40:29जाएगा? लायबिलिटी साइड में भी जाएगा।
40:31बैलेंस शीट का पार्ट बनेगा। लायबिलिटी
40:34साइड में भी जाएगा और बैलेंस शीट का भी
40:36पार्ट बनेगा। बट बट बट सर अगर कोई
40:41आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस
40:44हमें बैलेंस शीट सॉरी ट्रायल बैलेंस के
40:46अंदर दे रखा है तब क्या होगा? तब उसको
40:49सिर्फ और सिर्फ बैलेंस शीट में डालोगे। तब
40:52उसको सिर्फ और सिर्फ बैलेंस शीट में
40:55डालोगे। ठीक है? यस सर। तीसरा है आपका
40:58अनएक्सपायर्ड एक्सपेंसेस या फिर प्रीपेड
41:01एक्सपेंसेस। अनएक्पायर्ड एक्सपेंसेस या
41:04फिर प्रीपेड एक्सपेंसेस। फॉर एन एग्जांपल
41:09आज मैं मान के चलता हूं एक डेट लेते हैं
41:1320 जुलाई वैसे आज 20 जुलाई है नहीं
41:16आज मैं मान के चलता हूं 20 जुलाई डेट है
41:19ठीक 20 जुलाई 2026
41:23मैंने किसी का रेंट पे किया पूरे 1 साल का
41:27या मैंने किसी का वेजेस पेड कर दिया या
41:30मैंने किसी का इंश्योरेंस पेड कर दिया
41:31पूरे 1 साल का तो मैंने जब इसको पे किया
41:34तो 20 जुलाई 2026 26 से 20 जुलाई
41:402027 तक का पे किया।
41:4420 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2027 तक का पे
41:49किया। यस सर। बट मेरा जो अकाउंटिंग पीरियड
41:52है मेरा जो अकाउंटिंग पीरियड है वो कब से
41:55शुरू होता है बेटा? 1 अप्रैल से लेकर 31
41:59मार्च तक। यानी कि यह 20 जुलाई 2026 से
42:02लेकर 31 मार्च
42:072027 तक रहेगा। बाकी 1 अप्रैल से लेकर
42:112027 से लेकर 20 जुलाई 2027 का जो खर्चे
42:14का पार्ट है वो अगली साल का है तो इस साल
42:17तो आएगा नहीं। प्रीपेड हो जाएगा। सपोज
42:20मैंने इस साल ₹10,000 इंश्योरेंस के दिए
42:24हैं। जिसमें से 4,000 का जो पार्ट है वह
42:27अगली साल का है। तो मेरे इस साल के
42:29एक्चुअल खर्चे कितने आ जाएंगे? ₹6,000। तो
42:32ये जो आपका प्रीपेड एक्सपेंस होता है
42:34बेटा, यह प्रीपेड एक्सपेंस सबसे पहले आपको
42:37यह देखना है कि एक्सपेंस प्रीपेड किया कौन
42:40सा है? डायरेक्ट या इनडायरेक्ट। अगर आपने
42:43डायरेक्ट एक्सपेंस को प्रीपेड किया है तो
42:45उसमें से माइनस हो जाएगा। अगर आपने
42:48इनडायरेक्ट एक्सपेंस को प्रीपेड किया है
42:49तो प्रॉफिट एंड लॉस में से माइनस हो
42:51जाएगा। और प्रीपेड एक्सपेंसेस इज अ पार्ट
42:53ऑफ एसेट। अनएक्सपायर्ड एक्सपेंस इज अ
42:56पार्ट ऑफ एसेट। तो कहां जाएगा बेटा? एसेट
42:59में जाएगा। तो देखो दोज़ एक्सपेंसेस व्हिच
43:03हैव बीन पेड इन एडवांस एंड हूस बेनिफिट
43:06विल बी अवेलेबल इन फ्यूचर। ऐसे एक्सपेंसेस
43:10जो आपने अभी एडवांस में पे कर दिए, उसका
43:12बेनिफिट आपको फ्यूचर में मिलेगा। उसको
43:15बोलते हैं प्रीपेड एक्सपेंसेस या फिर
43:16अनएक्पायर्ड एक्सपेंसेस। जैसे यहां पर
43:19एग्जांपल दे रखा है इंश्योरेंस प्रीमियम
43:22या फिर रेंट पेड एडवांस। अब इसका
43:24एडजस्टमेंट क्या होगा? जो भी खर्चा है
43:27डायरेक्ट है तो ट्रेडिंग में एक्सपेंस में
43:29से माइनस। इनडायरेक्ट है प्रॉफिट एंड लॉस
43:31में से, एक्सपेंस में से माइनस। बट
43:33प्रीपेड एक्सपेंसेस इज़ अ पार्ट ऑफ़ एसेट।
43:36तो बैलेंस शीट में कहां जाएगा? एसेट में
43:38जाएगा। बैलेंस शीट में कहां जाएगा बेटा?
43:40एसेट में जाएगा। ठीक है?
43:43यहां आपको एंट्री दे रखी है। ठीक है? द
43:47अमाउंट ऑफ प्रीपेड एक्सपेंसेस इज शोन इन द
43:50प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बाय वे ऑफ़ डिडक्शन
43:52फ्रॉम द कंसर्न एक्सपेंसेस। कोई भी
43:54एक्सपेंस हो सकता है उसमें से माइनस हो
43:56जाएगा। और यही आपका कहां जाएगा बेटा?
43:58बैलेंस शीट में जाएगा। यही आपका कहां
44:00जाएगा? बैलेंस शीट में। एसेट्स में जाएगा।
44:02एसेट्स का पार्ट बनेगा। ठीक है?
44:07चलो।
44:12अब है आपका जिस तरीके से आउटस्टैंडिंग
44:14एक्सपेंस था उसी तरीके से आउटस्टैंडिंग
44:17इनकम भी होता है। जिस तरीके से
44:19आउटस्टैंडिंग एक्सपेंस था उसी तरीके से
44:22आउटस्टैंडिंग या एक्रूड इनकम भी होता है।
44:24अब सर ये क्या होता है? इसका मतलब है कोई
44:27पैसा आपको मिलना था। मिलने का हक भी है
44:30आपको लेकिन वह पैसा आपको मिला नहीं है।
44:33अभी कोई इनकम आपने अर्न तो कर ली है लेकिन
44:36अभी तक आपने मिली नहीं है। आपने किसी के
44:39यहां पूरे एक साल जॉब कर ली। पैसा अभी
44:42सिर्फ 8 महीने का मिला है। 4 महीने का
44:44एक्रूड इनकम है आपके लिए। 4 महीने का
44:47आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस है उस सामने वाले
44:50बंदे के लिए जिसने आपको पैसा नहीं दिया
44:53है। तो बेटा क्या होता है एक्रूड इनकम?
44:55क्या होता है आपका एक्रूड इनकम?
44:58आउटस्टैंडिंग इनकम जो भी आपकी इनकम एक्रूड
45:01है उस इनकम में ये एक्रूड इनकम प्लस हो
45:04जाती है और ये एक्रूड इनकम हमारी एसेट
45:07होती है बैलेंस शीट में एसेट साइड में
45:10जाती है। देखो एक्रूड इनकम मींस इनकम
45:14व्हिच हैज़ बीन अर्न बाय द बिनेस ड्यूरिंग
45:17द अकाउंटिंग ईयर बट व्हिच हैज़ नॉट बिकम
45:20ड्यू एंड हेंस हैज़ नॉट बीन रिसीव्ड। आपने
45:23पैसा कमा तो लिया लेकिन पैसा भी आपको मिला
45:26नहीं है। बट आउटस्टैंडिंग इनकम मींस एनी
45:29इनकम व्हिच हैज़ बिकम ड्यू ड्यूरिंग द
45:31अकाउंटिंग ईयर बट हैज़ नॉट बीन पेड सो फार
45:34रिसीव्ड बाय द फर्म। तो देयर इज़ अ
45:37डिस्टिंग्विश बिटवीन द टू फॉर एडजस्टमेंट
45:39एंट्री। नो सच डिस्टिंग। कोई भी आपस में
45:42डिफरेंस की आपको जरूरत नहीं है। कोई भी
45:44आपस में डिफरेंस समझने की आपको जरूरत नहीं
45:46है। जो भी आपका एक्रूड इनकम है या फिर
45:48आउटस्टैंडिंग इनकम है उस इनकम में ऐड हो
45:50जाएगा जिसका ये आउटस्टैंडिंग है। और
45:52बैलेंस शीट में कहां जाएगा? एसेट में। तो
45:56ये आपको एडजस्टमेंट एंट्री है। ठीक है?
45:59चलिए
46:02अगला है बेटा
46:05अर्न अर्न इनकम या फिर इनकम रिसीव्ड इन
46:08एडवांस। अगर कोई पैसा मेरे लिए प्रीपेड
46:13एक्सपेंसेस है। कोई खर्चा मैंने पहले से
46:15ही कर दिया जिसका बेनिफिट मुझे फ्यूचर में
46:18मिलेगा तो सामने वाली पार्टी के लिए वो है
46:20अर्न अर्न इनकम। मेरे लिए जो प्रीपेड
46:23एक्सपेंसेस है वो सामने वाली पार्टी के
46:25लिए क्या है? अर्न अर्न इनकम। जिसको हम
46:28बोलते हैं इनकम रिसीव्ड इन एडवांस। इनकम
46:32रिसीव्ड इन एडवांस। एडवांस में हमें इनकम
46:35रिसीव्ड हुआ। तो जाहिर सी बात है ये साफ
46:37मालूम पड़ रहा है कि ये हमारे लिए
46:39लायबिलिटी है। एडवांस में हमें कोई इनकम
46:42रिसीव हुआ है तो जाहिर सी बात है हमें
46:44मालूम पड़ रहा है साफ-साफ कि ये हमारे लिए
46:46क्या है बेटा? लायबिलिटी है। इनकम रिसीव्ड
46:49इन एडवांस हमारे लिए क्या है? लायबिलिटी
46:52है। और जो भी इनकम हमें एडवांस में रिसीव
46:54हुआ है, चाहे वो ट्रेडिंग की इनकम हो या
46:57वो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की इनकम हो, उस
46:59इनकम में से ये वाला पार्ट माइनस हो
47:02जाएगा। क्योंकि बेटा ये अभी हमने अर्न
47:04नहीं करा है। इसको अभी हमने अर्न नहीं करा
47:07है।
47:08दैट पोर्शन ऑफ द रेवेन्यू व्हिच रिमेंस
47:12रिसीव्ड इन एडवांस एट द एंड ऑफ द काउंटिंग
47:15पीरियड। आपकी इनकम का आपके रेवेन्यू का वो
47:18पार्ट जो पूरी साल एडवांस ही रहा उसको आप
47:22कमा नहीं पाए तो उसे बोलते हैं अर्न अर्न
47:24इनकम या फिर इनकम रिसीव एडवांस। फॉर
47:27एग्जांपल सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड इन एडवांस
47:30बाय अ क्लब। इंश्योरेंस प्रीमियम रिसीव्ड
47:32एडवांस बाय एन इंश्योरेंस कंपनी रेंट
47:35रिसीव ये सब आपको एग्जांपल दे रखा है। एनी
47:37इनकम एंड एडवांस इज नॉट एक्चुअली अर्न इट
47:40इज रेदर क्रिएट्स एन ऑब्लिगेशन। जब आपको
47:44कोई एडवांस में इनकम मिलती है ना तो आपके
47:46ऊपर वो एक ऑब्लिगेशन है। आपके ऊपर एक वो
47:49जिम्मेदारी है। आपके ऊपर वो एक लायबिलिटी
47:52है बेटा। है ना? तो वो आपकी जो इनकम है
47:55उसमें से भी माइनस हो जाएगी। वो जो आपकी
47:57इनकम है उसमें से भी माइनस हो जाएगी। और
48:00जो आपकी बैलेंस शीट है उसकी लायबिलिटी का
48:02भी पार्ट बनेगी। ठीक है बेटा? यस सर।
48:10तो देखो बेटा यहां पर आपसे बोला गया है
48:14दिस आइटम इज शोन ऑन द क्रेडिट साइड ऑफ द
48:18प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। ये आइटम कहां शो
48:20होगा? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के क्रेडिट
48:23साइड में जो भी आपकी इनकम होगी उसमें से
48:25माइनस हो जाएगा। और आपकी बैलेंस शीट में
48:28लायबिलिटीज में हम इसको शो करेंगे इनकम
48:30रिसीव्ड इन एडवांस। ये सारी एडजस्टमेंट वन
48:34बाय वन चाहे वो क्लोजिंग स्टॉक हो, चाहे
48:36वो आपका आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस हो, चाहे
48:38वो आपका प्रीपेड एक्सपेंसेस हो, चाहे वो
48:40आपका इनकम रिसीव्ड एडवांस हो, चाहे वो कोई
48:42भी इनको हो। उन सबको आप अपने आप लिख-लिख
48:45के जब तक नहीं करोगे कि इसको यहां प्लस
48:48करते हैं यहां माइनस करते हैं। यहां प्लस
48:50करते हैं या माइनस करते हैं। तब तक आपको
48:51अच्छे से चीजें क्रिस्टल क्लेरिटी से नहीं
48:53आए। ठीक है? लिखना बहुत जरूरी है बेटा
48:56आपके लिए।
48:59लिखना बहुत जरूरी है। लिखना बहुत नीड है।
49:01अगला है बेटा आपका डेप्रिसिएशन। अगला है
49:04आपका डेप्रिसिएशन। डेप्रिसिएशन का मतलब
49:07क्या होता है बेटा? डेप्रिसिएशन का मतलब
49:10होता है कि जो भी हमारी टेंजिबल एसेट्स
49:12होती हैं। ऐसी एसेट जिसे आप छू सकते हो,
49:15देख सकते हो। जैसे-जैसे हम उसका यूज़ करते
49:17हैं, तो धीरे-धीरे जैसे हम उसका यूज़ करते
49:20जाते हैं, उसकी वैल्यू क्या होती जाती है?
49:22कम होती जाती है। उसकी वैल्यू रिड्यूस
49:25होती जाती है। तो जो धीरे-धीरे उसकी
49:27वैल्यू रिड्यूस हो रही है, इसको हम बोलते
49:30हैं डेप्रिसिएशन। हम उसको नॉर्मल वियर एंड
49:33टियर की वजह से या अन्य किसी रीजन की वजह
49:36से हमारी वैल्यू जो कम हो रही है, हम उसको
49:38बोलते हैं डेप्रिसिशिएशन। अब सर इसका
49:41ट्रीटमेंट क्या होगा? डेप्रिसिएशन एक नॉन
49:44कैश एक्सपेंस है। प्रॉफिट एंड लॉस में
49:47डेबिट साइड जाएगा। और जिस भी एसेट पर डेप
49:51लग रहा है, बैलेंस शीट में जब आप उस
49:53एसेट्स को डालोगे तो उस एसेट में से डेप
49:56वाली वैल्यू को माइनस करने के बाद डालो।
49:59उस एसेट में से डेप की वैल्यू को माइनस
50:02करने के बाद डालो। ठीक है? तो देखो क्या
50:05लिखा हुआ है? डेप्रिसिएशन इज द रिडक्शन इन
50:10द वैल्यू ऑफ फिक्स्ड एसेट्स। क्या है
50:12डेप्रिसिएशन? फिक्स्ड एसेट्स की वैल्यू
50:15में कमी आना। कैसे कमी आना? आप उसका यूज़
50:18कर रहे हो या वियर एंड टियर की वजह से या
50:20और किसी रीज़न की वजह से व्हेन एन एसेट इज़
50:24यूज्ड फॉर अर्निंग पर्पस। इट इज़ नेसेसरी
50:27दैट रिडक्शन ड्यू टू इट्स यूज़ मस्ट बी
50:30चार्ज। जब भी कोई एसेट आप यूज करते हो
50:33अर्निंग के पर्पस से तो उसमें कमी आने
50:37लगती है और उस कमी को हम कहां डालते हैं?
50:39डेप्रिसिएशन अकाउंट में। और डेप्रिसिएशन
50:41कहां डालते हैं? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट।
50:44एंट्री क्या होती है? डेप्रिसिएशन अकाउंट
50:46डेबिट टू एसेट्स अकाउंट।
50:49डेप्रिसिएशन अकाउंट डेबिट टू एसेट्स
50:52अकाउंट या फिर फिक्स्ड एसेट्स अकाउंट। ठीक
50:55है? यस सर। अब यहां पर आपको दे रखा है कि
50:58जो आपका डेप्रिसिएशन है द अमाउंट ऑफ
51:01डेप्रिसिएशन इज डेबिटेड टू द प्रॉफिट एंड
51:04लॉस अकाउंट। अगेन इट इज़ शोन ऑन द एसेट
51:07साइड ऑफ़ द बैलेंस शीट बाय वे ऑफ़ डिडक्शन
51:10फ्रॉम द कंसर्न एसेट। जो भी आपकी एसेट
51:13होती है उसमें से माइनस हो के डलता है। और
51:15जो भी आपका प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट होता
51:17है उसके डेबिट साइड में जाता है आपका
51:19डेप्रिसिसिएशन।
51:20ठीक है बच्चा?
51:23चलो।
51:34चलो अब आपको एक अलग से चीज दे रखी है।
51:37व्हेन डेप्रिसिएशन इज़ गिवेन इन द ट्रायल
51:40बैलेंस। अगर डेप्रिसिएशन ट्रायल बैलेंस के
51:43अंदर दे रखा है। डेप्रिसिएशन ट्रायल
51:45बैलेंस के बाहर नहीं दे रखा। डेप्रिसिएशन
51:48ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा है। इसका
51:50मतलब है कि उस एसेट में जो डेप्रिसिएशन का
51:54ट्रीटमेंट है वो ऑलरेडी हो चुका है। उस
51:57एसेट में जो डेप्रिसिएशन का ट्रीटमेंट है
52:00वो ऑलरेडी हो चुका है। हमें ट्रीटमेंट
52:03करने की जरूरत नहीं है। हमें सिर्फ क्या
52:06करना है? द ओनली एंट्री देन वुड बी टू
52:10ट्रांसफर द डेप्रिसिएशन अकाउंट टू प्रॉफिट
52:12एंड लॉस अकाउंट। सिर्फ एक एंट्री होगी जो
52:15आपका डेप्रिसिएशन अकाउंट है उसको प्रॉफिट
52:18एंड लॉस अकाउंट में ट्रांसफर करेंगे।
52:19प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के डेबिट साइड में
52:21हम उसको डालेंगे। प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
52:24के डेबिट साइड में हम उसको डालेंगे। इज
52:26दैट क्लियर टू ऑल ऑफ यू? इज दैट क्लियर टू
52:29ऑल ऑफ यू मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों, मेरे
52:31प्यारे-प्यारे शेरों, मेरे प्यारे-प्यारे
52:33चीतों। क्लियर है? ठीक है?
52:42अब यहां पर कुछ मेथड्स आपको दे रखे हैं जो
52:45कि आपके जब आप डेप्रिसिएशन वाला चैप्टर
52:48करते हो तब काम आते हैं। आई होप ये आपने
52:50ये जो वन शॉट है इससे पहले मैंने
52:52डेप्रिसिएशन का वन शॉट बनाया था। तो आई
52:54होप वहां पर आपको क्लियर हो गया होगा। अब
52:57आता है बेटा बैड डेप्ट। अब आता है आपका
53:00बैड डेप्ट। बैड डेप्ट का मतलब क्या होता
53:03है? देखो बेटा बड़ा ही प्यारा सा लॉजिक
53:06है। ध्यान से समझना।
53:11बड़ा ही प्यारा सा लॉजिक है। ध्यान से
53:13समझना।
53:15एक होता है बैड डेप्ट।
53:20एक होता है प्रोविजन फॉर बैड डेप्ट।
53:29एक होता है प्रोविजन फॉर डिस्काउंट ऑन
53:33डेटर्स।
53:42ठीक?
53:45अच्छे से देखो बेटा।
53:50अच्छे से देखेंगे।
53:53एक होता है आपका बैड डेप्थ।
53:56एक होता है आपका प्रोविजन फॉर बैड डेप्ट
53:59और एक होता है आपका प्रोविजन फॉर
54:01डिस्काउंट ऑन डेटर्स। तीनों का मतलब क्या
54:04होता है बेटा? बैड डेप्ट का मतलब होता है
54:06बेटा कि आपके पास जो पैसा आपने जो सामान
54:09आपने उधार बेचा है डेटर को हो सकता है
54:12आपके पास पूरा पैसा नहीं आएगा। जो सामान
54:16आपने डेटर को बेचा है आपके पास पूरा पैसे
54:19आने के चांसेस नहीं है। कुछ पैसा यह
54:22कंफर्म हो गया कि यह पैसा तो आना ही नहीं
54:24है। क्योंकि हमारा जो डेटर है वो दिवालिया
54:26घोषित हो गया। हमारा जो डेटर है वो
54:29इनसॉल्वेंट घोषित हो गया। हमारा जो डेटर
54:32है वो दिवालिया घोषित हो गया। हमारा जो
54:34डेटर है वो इनसॉल्वेंट घोषित हो गया। ऐसे
54:37केस में क्या होगा? ऐसे केस में आपको यह
54:40देखना है कि ये ट्रायल बैलेंस के अंदर है
54:43या बाहर है। ट्रायल बैलेंस के अंदर है तो
54:46सिर्फ एक ही ट्रीटमेंट होगा प्रॉफिट एंड
54:49लॉस के डेबिट साइड में।
54:53प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट साइड में। राइट?
54:56यस सर। अब सर प्रोविजन फॉर बैड डेप्ट क्या
54:59होता है? या प्रोविजन फॉर डाउटफुल डेप्ट
55:02क्या होता है? हमें लग रहा है कि हमारे जो
55:04डेटर्स हैं हो सकता है वो पूरा पैसा नहीं
55:07देंगे। हमारे जो डेटर्स हैं, वह हमें पूरा
55:10पैसा नहीं देंगे। आपको यह शंका है। आपको
55:13यह डाउट है। अब इस डाउट पर आपने प्रोविजन
55:16बना रखे हैं कि हो सकता है ₹4,000,
55:18₹5,000, ₹6,000, ₹10,000 शायद आपको नहीं
55:22मिलेंगे। कंफर्म नहीं है। शायद नहीं
55:24मिलेंगे। तो, यह भी अगर आपको ट्रायल
55:26बैलेंस के अंदर दे रखा है। यह ट्रायल
55:28बैलेंस बनाया मैंने। ये भी अगर ट्रायल
55:30बैलेंस के अंदर दे रखा है तो सिर्फ और
55:32सिर्फ एक ही जगह जाएगा प्रॉफिट एंड लॉस के
55:36डेबिट साइड। एक ही जगह जाएगा प्रॉफिट एंड
55:40लॉस के डेबिट साइड में। राइट? यस सर।
55:43तीसरा है प्रोविजन फॉर डिस्काउंट ऑन
55:45डेटर्स। सर ये क्या होता है? प्रोविजन फॉर
55:47डिस्काउंट ऑन डेटर्स का मतलब होता है मेरे
55:49प्यारे बच्चों कि अगर आपको लग रहा है कि
55:52डेटर मुझे पैसा तो देगा। लेकिन जब वो मुझे
55:55पैसा दे रहा होगा तब वो कहेगा मैं क्या
55:57लाडले।
55:59थोड़े पैसे कम कर दे भाई। जब वह मुझे पैसा
56:02दे रहा होगा, जब वह मुझे पेमेंट कर रहा
56:04होगा, तो हो सकता है वह मुझे कुछ
56:06डिस्काउंट मांग ले। वो कहे कि यार देखो
56:09₹00 देने हैं, 15 दे दे रहा हूं या 16 दे
56:13रहा हूं। बात खत्म करो। तो मुझे ऐसा हो
56:17सकता है, ऐसा लग सकता है कि डेटर जब मुझे
56:19पैसा देने को आए तो जितना पैसा देना है,
56:22शायद उतना पैसा वो मेरे को नहीं दे।
56:25प्रोविजन फॉर डिस्काउंट ऑन डेटर। प्रोविजन
56:28फॉर डिस्काउंट ऑन डेटर। राइट? यस सर। अगर
56:32यह भी ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा है तो
56:34कहां जाएगा?
56:37प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट में। क्योंकि एक
56:39ही ट्रीटमेंट कर रहा है। अब अगर आपको
56:44बैलेंस शीट के बाहर सॉरी ट्रायल बैलेंस के
56:47बाहर बैड डेप्ट दिया हुआ है। ट्रायल
56:51बैलेंस के बाहर प्रोविजन भी दिया हुआ है।
56:55और ट्रायल बैलेंस के बाहर ये डिस्काउंट
56:57वाला भी दिया हुआ है। अब क्या करेंगे सर?
57:00अब क्या करेंगे सर? अब हर किसी की दोद
57:05एडजस्टमेंट होंगी। अब हर किसी की दो-द
57:08एडजस्टमेंट होंगी। यह तीनों प्रॉफिट एंड
57:12लॉस में भी जाएंगे और ये तीनों एसेट में
57:15डेटर की वैल्यू को इफेक्ट भी करेंगे। ये
57:19तीनों प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट में भी
57:21जाएंगे। और ये तीनों एसेट की वैल्यू में
57:24डेटर की वैल्यू को इफेक्ट भी करेंगे। तो
57:26देखो यहां बनेगा प्रॉपर फार्मूला। क्या
57:28बनेगा फार्मूला बेटा? फार्मूला बनेगा बैड
57:31डेप्ट
57:33यानी कि ओल्ड बैड डेप्ट।
57:36प्लस न्यू बैड डेप्ट
57:42प्लस न्यू प्रोविजन
57:48माइनस ओल्ड प्रोविज़ प्रोविज़ कौन सा है? ये
57:51वाला माइनस ओल्ड प्रोविज़
57:55ये फार्मूला लगेगा बेटा। ध्यान से देखो।
57:57यह फार्मूला लगेगा बैड डेप्ट प्लस न्यू
58:01बैड डेप्ट प्लस न्यू प्रोविजन माइनस ओल्ड
58:04प्रोविजन। बैड डेप्ट प्लस न्यू बैड डेप्ट
58:08प्लस न्यू प्रोविजन माइनस ओल्ड प्रोविज़।
58:11ये फार्मूला लगाने के बाद अगर आंसर प्लस
58:14में आ रहा है तो वो अमाउंट आपका प्रॉफिट
58:16एंड लॉस के डेबिट साइड में डाल देंगे। और
58:18अगर यह फार्मूला लगाने के बाद आंसर माइनस
58:21में आ रहा है यानी कि यह ओल्ड प्रोविजन
58:23ज्यादा है। इन तीनों को जोड़ने के बाद भी
58:25ओल्ड प्रोविजन ज्यादा है तो प्रॉफिट एंड
58:27लॉस के क्रेडिट साइड में हम इसको डाल
58:29देंगे। ये तो बात हो गई। अब सर ये कहां
58:32जाएगा? ये अलग से आप डाल देंगे प्रॉफिट
58:35एंड लॉस के डेबिट साइड में। अब सर एसेट्स
58:39में ट्रीटमेंट क्या होगा? एसेट में जो
58:41डेटर होंगे ना डेटर में से इस वाले बैड
58:44डेप्ट को माइनस करेंगे और जो डेटर बचेगा
58:47उस पर नया प्रोविजन निकालेंगे। वो नया
58:50प्रोविजन यहां भी जाएगा सॉरी यहां भी
58:52जाएगा और डेटर में से माइनस भी होगा और उस
58:55प्रोविजन को माइनस करने के बाद आप इस
58:58डिस्काउंट वाले को निकालेंगे। दोबारा समझो
59:01पहले डेटर डेटर में से नया बैड डेप्ट
59:04माइनस जो वैल्यू बचेगी उस पर नया प्रोविजन
59:07बनेगा। नया प्रोविजन माइनस जो वैल्यू
59:10बचेगी उस पर डिस्काउंट वाला बनेगा और वो
59:13वैल्यू यहां भी जाएगी वो वैल्यू एसेट में
59:15से माइनस भी होगी। ठीक है? बहुत
59:17इंपॉर्टेंट एडजस्टमेंट है। आपके क्वेश्चन
59:20जब करवाऊंगा तो वहां पे आएगा भी तो टेंशन
59:21की कोई बात नहीं है। मैं आपको समझाता
59:23जाऊंगा। ठीक है? चलिए तो मैंने आपको बैड
59:27डेप्ट बता दिया।
59:29मैंने आपको प्रोविजन फॉर बैड डेप्ट बता
59:31दिया।
59:35ठीक है? मैंने आपको प्रोविजन फॉर
59:37डिस्काउंट ऑन डेट भी बता दिया। यह तीनों
59:41मैंने आपको अच्छे से करा दिया।
59:44चलो मेरे पे मैंने आपको सारे प्रोविजन एक
59:47साथ करा दिया। बैड डे बता दिया, न्यू बैड
59:49डे बता दिया। ये सारा बता दिया। अब आता है
59:52रिजर्व फॉर डिस्काउंट ऑन क्रेडिटर्स।
59:54रिजर्व फॉर डिस्काउंट ऑन क्रेडिटर्स। ये
59:57अपने तरफ से एक फायदा क्रिएट किया जा रहा
59:58है। यह हम अपनी तरफ से एक फायदे को क्या
1:00:01कर रहे हैं बेटा? अब यहां पर हम आगे
1:00:03देखेंगे कि अगला जो आपका एडजस्टमेंट है वो
1:00:06है बेटा आपका रिजर्व फॉर डिस्काउंट ऑन
1:00:09क्रेडिटर्स।
1:00:11इसका मतलब है कि कभी-कभी जब हम सामान किसी
1:00:14से उधार खरीदते हैं तो हम ये एक्सपेक्ट
1:00:17करते हैं कि शायद हमें पेमेंट जो है वो
1:00:20थोड़ा कम करना पड़े। अ फर्म मे लाइक टू
1:00:23क्रिएट रिजर्व फॉर डिस्काउंट ऑन इट्स
1:00:26क्रेडिटर टू रिकॉर्ड डिस्काउंट
1:00:28एक्सपेक्टेड टू बी रिसीव्ड फ्रॉम देम।
1:00:30यानी कभी-कभी जो हमारी फर्म है वह सोचती
1:00:33है यार हो सकता है हमें ₹4000 कम देने
1:00:35पड़े या सोचती है कि यार हो सकता है हमें
1:00:37₹5000 कम देने पड़े तो वो उस पैसे का एक
1:00:41रिजर्व बनाती है जो कि एक तरीके से उनके
1:00:43लिए फायदा वो एक्सपेक्ट कर रही है और ये
1:00:45जो आपका रिजर्व फॉर डिस्काउंट ऑन
1:00:48क्रेडिटर्स होता है जो आपका रिजर्व फॉर
1:00:52डिस्काउंट ऑन क्रेडिटर्स होता है ये आपका
1:00:54पार्ट होता है प्रॉफिट एंड लॉस के क्रेडिट
1:00:57साइड का यह आपका पार्ट होता प्रॉफिट एंड
1:01:00लॉस के क्रेडिट साइड का। ठीक है? यस सर।
1:01:04उसके बाद दे रखा है आपको इंटरेस्ट ऑन
1:01:06कैपिटल। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। जब भी मालिक
1:01:10बिजनेस में पैसा लगाता है तो हम उसको
1:01:12कैपिटल बोलते हैं और अपने बिजनेस की
1:01:15एफिशिएंसी चेक करने के लिए वो उस कैपिटल
1:01:18पर इंटरेस्ट भी लेता है। तो बिजनेस के
1:01:20पॉइंट ऑफ व्यू से ये जो इंटरेस्ट ऑन
1:01:22कैपिटल है ये एक एक्सपेंस है। प्रॉफिट एंड
1:01:25लॉस में डेबिट जाता है। और जब हम बैलेंस
1:01:28शीट बनाते हैं वहां पर कैपिटल में ऐड हो
1:01:31जाता है। ठीक है? यस सर। और इसी के साथ
1:01:34चलता है हमारा इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स।
1:01:38इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स। अब इंटरेस्ट ऑन
1:01:40ड्र क्या है? अगर मालिक ने अपने निजी
1:01:43खर्चे के लिए, अगर मालिक ने अपने पर्सनल
1:01:45यूज़ के लिए पैसा निकाला है, तो मालिक को
1:01:48उस पैसे पर इंटरेस्ट भी देनी पड़ती है
1:01:51जिसको हम इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स कहते हैं।
1:01:54जिसको हम इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स कहते हैं।
1:01:57अब यह हमारी फर्म के लिए क्या है? यह
1:02:00हमारे बिजनेस के लिए क्या है? फायदा है।
1:02:02इंटरेस्ट कहां जाएगा बेटा? इंटरेस्ट ऑन
1:02:04ड्रॉइंग। प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के
1:02:06क्रेडिट साइड में जाएगा और यही इंटरेस्ट
1:02:08ऑन ड्रॉइंग या तो आप कैपिटल में से माइनस
1:02:10कर दो या ड्रॉइंग में प्लस कर दो जैसा भी
1:02:13आपको ठीक लगे जैसा भी आप करना चाहे
1:02:15एडजस्टमेंट
1:02:17ठीक है
1:02:18चलिए
1:02:20तो ये हो गया आपका इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स
1:02:22का। अब आते हैं कुछ आपके एक्सीडेंटल
1:02:25लॉसेस। वह गुड्स में भी हो सकते हैं। जैसे
1:02:28फॉर एन एग्जांपल आपसे कहा कि आपने गुड्स
1:02:31को चैरिटी में दिया या आपने गुड्स को एज अ
1:02:34सैंपल दिया या गुड्स लॉस बाय थफ्ट हो गया
1:02:37या गुड्स लॉस बाय फायर हो गया। ऐसे केस
1:02:41में क्या होगा बेटा? ऐसे केस में वो
1:02:43अमाउंट परचेस में से माइनस हो जाएगा। ऐसे
1:02:46केस में वो अमाउंट आपका परचेस में से
1:02:49माइनस हो जाएगा और वही अमाउंट आपका
1:02:51प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट हो
1:02:53जाएगा। फॉर एग्जांपल आपका लॉस बाय फायर है
1:02:56या जो भी अमाउंट है तो वो आपका परचेस में
1:02:58से माइनस हो जाएगा और वही प्रॉफिट एंड लॉस
1:03:01में डेबिट हो जाएगा। लेकिन अगर आपकी कोई
1:03:04एसेट का लॉस हो जाता है। एसेट में कोई
1:03:06दिक्कत आ जाती है तो जो आपका जितना घाटा
1:03:09हुआ एसेट में वो एसेट्स का वैल्यू में से
1:03:12माइनस हो जाएगा बैलेंस शीट में और प्रॉफिट
1:03:14एंड लॉस में आपका डेबिट हो जाएगा। ठीक है?
1:03:18चलिए बेटा जी।
1:03:22ये मैंने आपको स्टॉक के बारे में बताया।
1:03:26ठीक है?
1:03:27चलिए अब मेरे प्यारे बच्चों आपके कोर्स
1:03:31में मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट भी है। मतलब
1:03:35सर मतलब कि ये दो तरह की एंटिटीज हो सकती
1:03:38हैं। एक नॉन मैन्युफैक्चरिंग एंटिटीज और
1:03:41एक मैन्युफैक्चरिंग एंटिटीज। या तो सामान
1:03:44आप खरीद रहे हो फिर बेच रहे हो या फिर आप
1:03:47सामान को खुद बना रहे हो। जब आप सामान को
1:03:50खुद बनाओगे तो आप अपना मैन्युफैक्चरिंग
1:03:53अकाउंट बनाओगे। देन ट्रेडिंग अकाउंट
1:03:55बनाओगे। देन प्रॉफिट एंड लॉस बनाओगे देन
1:03:58बैलेंस शीट बनाओगे। तो क्या है आपका
1:04:00मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट? अ
1:04:02मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न मे लाइक टू
1:04:04असर्टेन द कॉस्ट ऑफ गुड्स ड्यूरिंग द
1:04:07अकाउंटिंग पीरियड। आपने जो सामान को बनाया
1:04:11उसको बनाने में आपका कितना खर्चा लग गया
1:04:14वो आपको पता चलेगा मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट
1:04:17में। और उसके लिए आपको मैन्युफैक्चरिंग
1:04:19अकाउंट बनाना पड़ता है। ट्रेडिंग अकाउंट
1:04:21इज नॉट कैपेबल ऑफ शोइंग द कॉस्ट ऑफ गुड्स
1:04:24मैन्युफैक्चरर्स। जो आपका ट्रेडर अकाउंट
1:04:26है वो आपको नहीं बता सकता कि जो आपका
1:04:29गुड्स मैन्युफैक्चर हुआ है उसकी कॉस्ट
1:04:31क्या है। क्यों सर? बिकॉज़ इट डील्स विद
1:04:35स्टॉक ऑफ फिनिश गुड्स आल्सो एंड बिकॉज़ सम
1:04:38ऑफ द एक्सपेंसेस कनेक्टेड विद
1:04:41मैन्युफैक्चरर्स ऑफ गुड्स। क्योंकि जो
1:04:43आपका ट्रेडिंग अकाउंट है वह सिर्फ उस
1:04:46खर्चे में डील करता है जो सामान बनके
1:04:49तैयार है। वह स्टॉक में डील करता है जो
1:04:52आपका फिनिश्ड है। बनके तैयार है। यानी कि
1:04:54वो रॉ मटेरियल में डील नहीं करता। यानी कि
1:04:57वो सेमी फिनिश में डील नहीं करता। ये सारी
1:04:59चीज कहां जाएगी? मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट
1:05:02में। और कुछ ऐसे खर्चे भी होते हैं जो
1:05:04आपके सीधे-सीधे मैन्युफैक्चरिंग से रिलेट
1:05:07कर रहे हैं। जैसे कि जैसे कि आपका
1:05:09डेप्रिसिएशन। डेप्रिसिएशन कब लगता है? जब
1:05:12हम एसेट को यूज़ करते हैं, मशीन को यूज़
1:05:14करते हैं और मशीन को क्यों यूज़ कर रहे हो?
1:05:17सामान को मैन्युफैक्चर करने में। इसीलिए
1:05:19आपका ये जो डेप्रिसिएशन है वो कहां जाता
1:05:21है? अगर मैन्युफैक्चरिंग दे रखा है तो
1:05:23उसके डेबिट साइड में या फिर मशीनरी का
1:05:26रिपेयर्स हो या फिर फैक्ट्रीज हो ये सारी
1:05:29चीज आर डेबिटेड टू प्रॉफिट एंड लॉस
1:05:31अकाउंट। लेकिन अगर आप मैन्युफैक्चर अकाउंट
1:05:34बना रहे हो तो ये खर्चा मैन्युफैक्चर
1:05:36अकाउंट के डेबिट साइड में आएगा। मतलब
1:05:40डेप्रिशन एंड रिपेयर्स टू प्लांट एंड
1:05:42मशीनरी एंड फैक्ट्री बिल्डिंग सैलरी टू
1:05:45वर्क्स मैनेजर ये सब कहां जाएंगे बेटा?
1:05:47मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में। जो इसका टोटल
1:05:50होता है द टोटल ऑफ सच एक्सपेंसेस प्लस
1:05:53कॉस्ट ऑफ र मटेरियल जितना आपने यूज़ किया
1:05:56सबको आप यूज़ करते हो। और फिर जो अमाउंट
1:05:59आता है वो अमाउंट आप ट्रेडिंग अकाउंट में
1:06:01क्या कर देते हो? ट्रांसफर कर देते हो।
1:06:05देखो बेटा इनफैक्ट देयर इज नो
1:06:08प्रिस्राइब्ड फॉर्मेट फॉर द प्रेजेंटेशन
1:06:10ऑफ मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट।
1:06:12मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट को प्रिपेयर करने
1:06:14का कोई भी एक प्रिस्राइब फॉर्मेट नहीं है।
1:06:17हाउएवर अ फॉर्मेट कवरिंग वेरियस एलिमेंट
1:06:20इज गिवन बिलो। यहां पर देखो आपको एक
1:06:22प्यारा सा फॉर्मेट दे रखा है कि कौन-कौन
1:06:24सी चीजें मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में आती
1:06:27हैं। सबसे पहले ओपनिंग बैलेंस और क्लोजिंग
1:06:30बैलेंस। ओपनिंग बैलेंस और क्लोजिंग
1:06:33बैलेंस। ओपनिंग बैलेंस किसका? रॉ मटेरियल
1:06:36का। ओपनिंग बैलेंस किसका? रॉ मटेरियल का।
1:06:39और आपका जो वर्क इन प्रोग्रेस है उसका भी
1:06:42ओपनिंग। क्योंकि हमारे ट्रेडिंग में क्या
1:06:45आता है? फिनिश्ड आता है। तो ओपनिंग किसका
1:06:48बेटा? रॉ मटेरियल का। सेमी फिनिश का
1:06:51ओपनिंग बैलेंस और क्लोजिंग बैलेंस रॉ
1:06:53मटेरियल का। क्लोजिंग बैलेंस सेमीफिनिश्ड
1:06:56गुड्स का। वो आपका क्रेडिट साइड आएगा। तो
1:06:58जो भी आपका सामान वर्क इन प्रोग्रेस है
1:07:01उसका ओपनिंग बैलेंस जो भी आपका रॉ मटेरियल
1:07:05है उसका ओपनिंग बैलेंस और अगर आपने और
1:07:08परचेस किया परचेस ऑफ रॉ मटेरियल तो यहां
1:07:10वो ऐड हो जाएगा और कोई क्लोजिंग स्टॉक आप
1:07:13लेस करना चाहो तो यहां पर लेस कर दोगे
1:07:15उसके बाद आपके डायरेक्ट वेजेस डायरेक्ट
1:07:18एक्सपेंसेस फैक्ट्री एक्सपेंसेस वो सब
1:07:21यहां आएंगे अगर आप मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट
1:07:24बना रहे हैं तो यहां पर क्या आएगा आपने
1:07:27आपने सेल ऑफ स्क्रैप आ जाएगा। कॉस्ट ऑफ
1:07:30प्रोडक्शन यानी कि आप डेबिट का टोटल करोगे
1:07:33और क्रेडिट के टोटल से माइनस करोगे और फिर
1:07:35आपका आ जाएगा कि आपका कितना कॉस्ट ऑफ
1:07:38प्रोडक्शन पड़ा है सामान को बनाने में और
1:07:40इसको हम ट्रांसफर कर देंगे ट्रेडिंग
1:07:43अकाउंट के डेबिट साइड में। इसीलिए हम
1:07:45बनाते हैं मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट। ठीक
1:07:47है?
1:07:49चलिए बेटा।
1:07:52तो अब कुछ प्यारे क्वेश्चंस पर चलते हैं।
1:07:56बैलेंस शीट मैंने आपको बता ही दी। यह
1:07:58रिपीट हो रही है आपकी। अच्छा। अच्छा ये
1:08:01यहां से रिपीट हो रही है। ठीक है। ठीक। ये
1:08:04मैंने आपको बैलेंस शीट बता दी है। बट ये
1:08:06रिपीट हो रही है। आई थिंक यहां से। इसको
1:08:08हटा देते हैं।
1:08:11यह ऊपर वाली फाइल रिपीट हो गई है। यह आपकी
1:08:13एडजस्टमेंट एंट्रीज हैं जो मैंने आपको बता
1:08:15दी है। बट ठीक है।
1:09:04चलो
1:09:08ये आ गया आपका पहला क्वेश्चन। बड़ा ही
1:09:11प्यारा क्वेश्चन। ये आपके सामने आ गया
1:09:13पहला क्वेश्चन और बड़ा ही प्यारा क्वेश्चन।
1:09:15और इसमें हम क्या करेंगे बेटा? इसमें हम
1:09:17बना रहे हैं ट्रेडिंग अकाउंट, प्रॉफिट एंड
1:09:19लॉस अकाउंट और आपकी बैलेंस शीट। ठीक है?
1:09:22तो चलिए देखो वैसे आपको जो आपका ट्रेडिंग
1:09:26अकाउंट है, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट है वो
1:09:28एक में ही बनाना है। बट आपको अच्छे से
1:09:30समझाने के लिए, चीजों में क्रिस्टल
1:09:33क्लेरिटी लाने के लिए मैं आपको अलग-अलग
1:09:35बताऊंगा ताकि आपको चीजें समझ में आए।
1:09:37एग्जाम में आप साथ ही बनाना। ठीक है? तो
1:09:41चलो हम यहां पर फॉर्मेट बना लेते हैं।
1:10:09तो कॉपी कर लेते हैं।
1:10:16यह हमारा ट्रेडिंग अकाउंट है बेटा।
1:10:21यह हमारा ट्रेडिंग अकाउंट है
1:10:27और ये ट्रेडिंग का आपका डेबिट साइड है। और
1:10:31ये ट्रेडिंग का आपका क्रेडिट साइड।
1:10:34उसके बाद नहीं। अच्छा नीचे लिख गया ये।
1:10:38अच्छा ये ऊपर आ गया।
1:10:41उसके बाद यह हमारा प्रॉफिट एंड लॉस है।
1:10:48यह आपका डेबिट साइड
1:10:51और ये आपका क्रेडिट साइड। उसके बाद आपका
1:10:55बैलेंस शीट है।
1:11:02उसके बाद आपका
1:11:04बैलेंस शीट है। यह आपकी
1:11:08लायबिलिटीज
1:11:11अमाउंट
1:11:14एसेट्स
1:11:16अमाउंट देखो आपके कोर्स में जो भी
1:11:20क्वेश्चंस दे रखे हैं वो डायरेक्ट
1:11:22एडजस्टमेंट से ही दे रखे हैं। आपके कोर्स
1:11:25में जो भी क्वेश्चंस हैं वो डायरेक्ट आपको
1:11:27एडजस्टमेंट से ही दे रखे हैं कि डायरेक्ट
1:11:29आप आओ एडजस्टमेंट करो और फिर मौज लो। ठीक
1:11:33है? तो चलिए हम देखते हैं इसको।
1:11:36क्वेश्चन पर चलते हैं।
1:11:39देखो सबसे पहला आपसे कह रहा है स्टॉक ऑन
1:11:4231 मार्च 2025 वाज़ वैल्यूड एट 530,000
1:11:48यानी कि आपको क्लोजिंग स्टॉक दे रखा है
1:11:50ट्रायल बैलेंस के बाहर। तो जब हमें
1:11:52क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के बाहर
1:11:54दिया होता है तो बेटा हम उसका ट्रीटमेंट
1:11:56क्या करते हैं? वह हमारा ट्रेडर अकाउंट
1:11:58में जाता है सीआर साइड में। यहां पर जाएगा
1:12:00बाय
1:12:03क्लोजिंग स्टॉक।
1:12:0750000
1:12:12और आपका बैलेंस शीट में जाएगा क्लोजिंग
1:12:16स्टॉक
1:12:2250000
1:12:26ठीक हम ये करेंगे आपका ठीक है हम आपका इस
1:12:30तरीके से करेंगे आपका क्लोजिंग स्टॉक
1:12:33दोनों साइड जाएगा ट्रेडिंग के सीआर में और
1:12:35यहां पर यह हमारा हो गया। उसके बाद आपसे
1:12:38कह रहा है सैलरी हैव बीन पेड ओनली फॉर 11
1:12:42मंथ। सैलरी कहां जाती है? प्रॉफिट एंड लॉस
1:12:44के डेबिट साइड में। सैलरी हमें पूरे साल
1:12:47की देनी पड़ती है। सैलरी हमें पूरे 12
1:12:49महीने की देनी पड़ती है। यहां पर आपसे कह
1:12:51रहा है कि आपने सैलरी दी है 11 महीने की।
1:12:54यानी 1 महीने की सैलरी आपने नहीं दी
1:12:57लाडले। 1 महीने की सैलरी आपने नहीं दी। तो
1:13:00आप यहां पर पहले यह पता करेंगे कि सैलरी
1:13:03है कहां? सैलरी है कहां?
1:13:07सैलरी है कहां? कहां है भाई? सैलरी।
1:13:12यह रही सैलरी।
1:13:14सैलरी दे रखी है आपको 55,000
1:13:18और ये 11 महीने की दे रखी है। तो 1 महीने
1:13:22की सैलरी कितनी आ गई? 5,000 * 12 करूंगा
1:13:26तो पूरे साल की जो सैलरी है वो कितनी है
1:13:29बेटा? 60000
1:13:31पूरे साल की जो सैलरी है वह 60000 है।
1:13:33यानी 5000 हमारा क्या है? आउटस्टैंडिंग
1:13:36है। तो कैसे करेंगे बेटा? यहां पर हमने
1:13:39डाला टू सैलरीज
1:13:4455,000 दिए हैं।
1:13:485000 हमारा क्या है?
1:13:50आउटस्टैंडिंग है।
1:13:545000 हमारा क्या है? आउटस्टैंडिंग है। तो
1:13:59टोटल हो गया हमारा 60.
1:14:02टोटल हो गया हमारा 60। अब यही
1:14:04आउटस्टैंडिंग सैलरी हमारी लायबिलिटीज़ में
1:14:06भी जाएगी। यही आउटस्टैंडिंग सैलरी हमारी
1:14:10लायबिलिटीज़ में भी जाएगी। आउटस्टैंडिंग
1:14:12सैलरी
1:14:15कितना बेटा?
1:14:185000 कितना बच्चा? ₹5,000 ठीक है। यस सर।
1:14:24उसके बाद आपसे कह रहा है अनएक्सपायर्ड
1:14:27इंश्योरेंस इंक्लूड इन द फिगर ऑफ 4000
1:14:30अपीयरिंग इन ट्रायल बैलेंस इज 1000
1:14:33अनएक्पायर्ड इंश्योरेंस का मतलब होता है
1:14:35प्रीपेड इंश्योरेंस आपने जो इंश्योरेंस का
1:14:38पेमेंट किया है ₹4000 का उसमें ₹1000
1:14:42अनएक्पायर्ड इंश्योरेंस है। प्रीपेड
1:14:44इंश्योरेंस है। बेटा प्रीपेड इंश्योरेंस
1:14:46का ट्रीटमेंट क्या होगा? इंश्योरेंस के
1:14:49अमाउंट में से माइनस हो जाएगा और बैलेंस
1:14:51शीट में एसेट साइड में जाएगा। ठीक है? तो
1:14:54एक बार हम इंश्योरेंस का अमाउंट दोबारा
1:14:56कंफर्म करते हैं
1:14:59₹4,000।
1:15:00ठीक है? तो हम यहां पर
1:15:03यहां पर हमने लिखा टू इंश्योरेंस
1:15:11₹4000
1:15:14लेस
1:15:17प्रीपेड
1:15:20कितना ₹1000
1:15:23तो यह आ गया आपका यहां पर ₹3000 और यही
1:15:26प्रीपेड इंश्योरेंस आपका बैलेंस शीट में
1:15:29एसेट्स में जाएगा।
1:15:31यही आपका प्रीपेड इंश्योरेंस
1:15:35बैलेंस शीट में
1:15:38एसेट्स में जाएगा।
1:15:41ठीक बैलेंस शीट में यही आपका प्रीपेड
1:15:45इंश्योरेंस
1:15:47बैलेंस शीट में एसेट्स का पार्ट बनेगा।
1:15:50ठीक बाबू? यस सर। यह हो गया। अब आपसे कह
1:15:54रहा है कमीशन अर्न बट नॉट येट रिसीव्ड
1:15:58अमाउंटेड 1220 इज टू बी रिकॉर्डेड इन
1:16:01बुक्स ऑफ अकाउंट। आपने कोई कमीशन कमा तो
1:16:04ली है लेकिन आपको कमीशन अभी तक मिली नहीं
1:16:07है। आपने कोई कमीशन अर्न तो कर ली है। कमा
1:16:11तो ली है लेकिन आपको अभी तक वो कमीशन मिली
1:16:14नहीं है। यानी कि यह एक्रूड इनकम है। ये
1:16:17आउटस्टैंडिंग इनकम है। क्या होगा बेटा?
1:16:19इनकम में ऐड हो जाएगा। कमीशन कितना है
1:16:22हमारे पास? कमीशन है हमारे पास
1:16:2613,000
1:16:28कमीशन कहां जाएगा? प्रॉफिट एंड लॉस के
1:16:31क्रेडिट साइड में बाय कमीशन
1:16:35कितना है? 13,000।
1:16:38अब यहां पर हम ऐड कर देंगे
1:16:42एक्रूड इनकम या एक्रूड कमीशन कितना? 1220
1:16:48तो ये हो जाएगा आपका 1422
1:16:52यह आपका हो जाएगा 1422
1:16:55यही अमाउंट बैलेंस शीट में डाल देंगे
1:16:58एक्रूड
1:17:00कमीशन
1:17:01एसेट में क्योंकि ये हमारी एसेट होती है।
1:17:05ये हमारी एसेट होती है। तो इसीलिए हम उसको
1:17:07एसेट में डाल देंगे। ये भी हो गया।
1:17:10प्रोविजन फॉर बैड डेप्ट इज टू बी ब्रॉट अप
1:17:13टू 3% ऑफ सेंडरी डेटर्स। देखो मेरे प्यारे
1:17:17बच्चों, यहां पर हम फार्मूले से चलेंगे।
1:17:21यहां पर हम लॉजिक से चलेंगे। मैंने आपको
1:17:23एक फार्मूला बताया था। क्या था फार्मूला?
1:17:26बैड डेप्ट यानी कि ओल्ड बैड डेप्ट प्लस
1:17:28न्यू बैड डेप्ट प्लस न्यू प्रोविजन माइनस
1:17:33ओल्ड प्रोविज़। अब जब भी कभी ऐसा क्वेश्चन
1:17:35हो तो पहले आप यहां देखो क्या आपको कहीं
1:17:39भी कोई नया बैड डेप्ट दिख रहा है? क्या
1:17:42आपको यहां पर कहीं भी कोई भी आपको नया बैड
1:17:45डेप्ट दिख रहा है? द आंसर इज़ नो। क्या
1:17:47आपको यहां कोई भी नया बैड डेप्ट दिख रहा
1:17:49है? द आंसर इज़ नो। यानी नया बैड डेप्ट
1:17:52नहीं है। सिर्फ नया प्रोविज़ है। नया बैड
1:17:55डेप्ट नहीं है। सिर्फ नया प्रोविज़न है। अब
1:17:58हम चलते हैं पीछे।
1:18:00ट्रायल बैलेंस के अंदर। अब हम ट्रायल
1:18:02बैलेंस के अंदर देखेंगे क्या हमें कोई
1:18:04पुराना बैड डेप्ट या पुराना प्रोविजन
1:18:06गिवेन है। जरा देखते हैं। क्या हमें कोई
1:18:09पुराना बैड डेप्ट या फिर पुराना प्रोविजन
1:18:13गिवेन है? गिवन है सर। पुराना बैड डेप्ट
1:18:16भी है और पुराना प्रोविजन भी है। पुराना
1:18:19बैड डेप्ट भी है, पुराना प्रोविजन भी है।
1:18:22नया बैड डेप्ट नहीं है। तो नया बैड डेप्ट
1:18:25नहीं है। तो नया प्रोविजन किस पर बनेगा
1:18:27बेटा? डेटर्स पर। डेटर्स पर। डेटर्स कितने
1:18:31के हैं बेटा? ₹4 लाख के। डेटर्स कितने के
1:18:34हैं? ₹4 लाख के। तो देखो बेटा पुराना बैड
1:18:37डेप्ट कितना है? पुराना बैड डेप्ट है
1:18:40₹1,000 का और प्रोविजन है 9,000 का। चलिए
1:18:43फार्मूला लगाते हैं। फार्मूला लगाते हैं।
1:18:47टू
1:18:49बैड डेप्ट
1:18:5316,000 का है।
1:18:56प्लस न्यू बैड डेप्ट। कोई है नहीं। प्लस
1:18:59न्यू प्रोविजन।
1:19:01अब सर न्यू प्रोविजन कैसे निकलेगा? डेटर्स
1:19:04का 3%। अगर कोई नया बैड डेप्ट होता तो
1:19:08पहले डेटर में से प्रोविजन सॉरी पहले डेटर
1:19:11में से बैड डेप्ट को माइनस किया जाता। फिर
1:19:13हम प्रोविजन बनाते। बट क्योंकि कोई नया
1:19:15बैड डेप्ट नहीं दे रखा है। तो जो भी हमारा
1:19:18डेटर्स है उससे नया प्रोविजन बन जाएगा। तो
1:19:204 लाख का डेटर्स था और 3% का नया प्रोविजन
1:19:24है। तो 4 लाख का 3% आई थिंक 12,000 हो
1:19:26जाएगा।
1:19:284 लाख का 3% 12,000 हो जाएगा। माइनस ओल्ड
1:19:32प्रोविजन
1:19:35ओल्ड प्रोविजन शायद ₹9,000 का है।
1:19:40आई थिंक ये आपका आ जाएगा ₹1,000
1:19:44एक बार बैड डेप्ट का अमाउंट चेक कर लेते
1:19:46हैं। 16,000 ही था ना?
1:19:49हां बेटा 16,000 ही था। अब बैलेंस शीट में
1:19:51इसका ट्रीटमेंट क्या होगा? जो हमारे
1:19:53डेटर्स हैं
1:19:57₹4 लाख के
1:20:00उसमें से सिर्फ नया प्रोविज़न माइनस होगा
1:20:0612,000
1:20:09तो ये आपका आ गया 3
1:20:1388000
1:20:15यह आपका यहां पर आ गया 388000
1:20:19ठीक है बच्चा चलो
1:20:23यह भी हो गया। अब आपसे कह रहा है मैनेजर
1:20:26इज टू बी अलाउड अ कमीशन ऑफ 10% ऑन नॉट
1:20:29प्रॉफिट आफ्टर चार्जिंग सच कमीशन। तो ये
1:20:31तो आपका बाद में करेंगे क्योंकि ये आपके
1:20:33प्रॉफिट एंड लॉस में जब प्रॉफिट आ जाएगा
1:20:36तब ट्रीटमेंट होगा इसका। फर्नीचर पर 10%
1:20:39से डेप लग रहा है। ठीक है? तो फर्नीचर
1:20:42कहां है? फर्नीचर कहां है?
1:20:47फर्नीचर यह रहा। फर्नीचर की वैल्यू है ₹1
1:20:50लाख। ₹1 लाख का 10% ₹10,000 हो गया तो
1:20:54कहां जाएगा? प्रॉफिट एंड लॉस में डेबिट
1:20:57होगा। टू डेप ऑन
1:21:01फर्नीचर
1:21:02₹10,000
1:21:05टू डेप ऑन फर्नीचर ₹10,000 और बैलेंस शीट
1:21:10में जाएगा एसेट में फर्नीचर
1:21:16₹1 लाख
1:21:20माइनस
1:21:22डेप
1:21:24₹1,000
1:21:30कितना हो गया? ₹0000
1:21:34कितना हो गया? ₹0000 ठीक है। यस सर। कितना
1:21:38हो गया? 90,000
1:21:41चलो।
1:21:43अब है ओनली 1/4 ऑफ एडवर्टाइजमेंट
1:21:46एक्सपेंसेस इज टू बी राइट ऑफ। देखो इसमें
1:21:49क्या होता है। हमारे कुछ खर्चे होते हैं।
1:21:52उन खर्चों में से एक खर्चा आपको ये दे रखा
1:21:54है एडवरटाइजिंग एक्सपेंसेस। हम ये सारा
1:21:57खर्चा इस साल शो नहीं कर रहे। हम इसमें से
1:22:00सिर्फ 1/4 शो कर रहे हैं। बाकी जो बच गया
1:22:04बाकी जो बच गया वो हम डालेंगे कहां पर?
1:22:07बैलेंस शीट में। उसे हम फिक्टीशियस एसेट्स
1:22:09की तरह देखेंगे। तो देखो बेटा आपका
1:22:12एडवरटाइजिंग एक्सपेंसेस कितना है? ये दे
1:22:15रखा है 500। आपका एडवरटाइजिंग एक्सपेंस दे
1:22:18रखा है 500। अगर मैं 500 का 1/4 करूंगा तो
1:22:23आई थिंक आएगा 12500।
1:22:26तो ₹00 में से ₹12,500 तो मैं प्रॉफिट एंड
1:22:29लॉस में डेबिट में डाल दूंगा। बाकी का जो
1:22:31पैसा बच गया है वह बैलेंस शीट में जाएगा
1:22:34₹37,500।
1:22:36ठीक है? तो देखो
1:22:39यह आपका ऐसे करेंगे।
1:22:41टू
1:22:43एडवर्टाइजिंग
1:22:46एक्सपेंसेस
1:22:4812,500
1:22:51ठीक टू एडवरटाइजिंग एक्सपेंसेस 12,500
1:22:55और
1:22:57बैलेंस शीट में एडवरटाइजिंग एक्सपेंसेस
1:23:03या सिर्फ एडवर्टाइजमेंट डाल सकते हो
1:23:0537,500
1:23:08तो बेटा एडजस्टमेंट तो सारी हो सिर्फ एक
1:23:11मैनेजर कमीशन को छोड़कर एडजस्टमेंट सारी
1:23:13हो गई। ठीक है? अब हम चलते हैं शुरुआत से।
1:23:16कैपिटल अकाउंट और ड्रॉइंग अकाउंट को अभी
1:23:18नहीं छेड़ेंगे क्योंकि वो बाद का पार्ट
1:23:20है। उसे बाद में समझेंगे। स्टॉक दे रखा है
1:23:221 तारीख का यानी कि ओपनिंग स्टॉक है।
1:23:24परचेस दे रखा है तो स्टॉक और परचेस दोनों
1:23:27ही ट्रेडिंग के डेबिट साइड में जाएगा। तो
1:23:29स्टॉक है 450000
1:23:33तो यहां पर टू
1:23:36ओपनिंग स्टॉक
1:23:404 लाख 50000
1:23:44और यहां पर टू परचेस
1:23:4926 लाख
1:23:5226 लाख है या 260000
1:23:5726 लाख है अब अब आप क्वेश्चन में देखो
1:23:59कहीं रिटर्न तो नहीं दे रखा। कहीं रिटर्न
1:24:02तो नहीं दे रखा नहीं दे रखा। तो अमाउंट
1:24:05सीधा बाहर डाल देंगे। सेल्स आपको दे रखा
1:24:07है 31 लाख। तो ये आपका ट्रेडिंग के सीआर
1:24:09में जाएगा। बाय सेल्स
1:24:13बाय सेल्स
1:24:1531 लाख।
1:24:19और ये आपका अमाउंट बाहर आएगा क्योंकि
1:24:21रिटर्न कुछ दे नहीं रखा। तो ये आपका आ गया
1:24:2626 लाख। यह आपका आ गया 26
1:24:31यह हो गया यह हो गया सेल्स हो गया फर्नीचर
1:24:34का हो गया डेटर्स का हो गया फ्रेट एंड
1:24:36ऑक्टोई 46000 कहां जाएगा बेटा ट्रेडिंग
1:24:40में फ्रेट एंड ऑक्टोई तो टू फ्रेट
1:24:45ऑक्टोई
1:24:4840 6000
1:24:52फ्रेट एंड ऑक्टोई 46000
1:24:55कहां जाएगा बेटा ट्रेडिंग के डेबिट साइड
1:24:58में कहां जाएगा? ट्रेडिंग के डेबिट साइड
1:25:01में फ्रिक एंड ऑक्टोई। ठीक है? यस सर।
1:25:06उसके बाद है ट्रेड एक्सपेंसेस। ट्रेड
1:25:08एक्सपेंसेस इज़ अ पार्ट ऑफ प्रॉफिट एंड लॉस
1:25:11अकाउंट ₹5,000।
1:25:14तो टू
1:25:16ट्रेड एक्सपेंस
1:25:215,000
1:25:27यहां का सब हो चुका है बेटा। यस सर। अब
1:25:30आगे चलते हैं। रेंट कहां जाएगा? प्रॉफिट
1:25:33एंड लॉस के डेबिट में। 24,000
1:25:38और टू रेंट
1:25:4224,000
1:25:46उसके बाद
1:25:48एडवरटाइजिंग हो चुका है, इंश्योरेंस
1:25:50प्रीमियम हो चुका है, कमीशन हो चुका है।
1:25:52डिस्काउंट देखो बेटा हमें कैसे मालूम
1:25:54पड़ेगा कि डिस्काउंट सर डेबिट में डालना
1:25:57है या क्रेडिट में डालना है। अगर
1:25:58डिस्काउंट आपको डेबिट साइड में दे रखा है
1:26:00तो आप डेबिट में डालोगे और डिस्काउंट अगर
1:26:02आपको क्रेडिट साइड में दे रखा है तो आप
1:26:04उसे क्रेडिट साइड में डालोगे। यहां पर
1:26:06डिस्काउंट हमें दे रखा है डेबिट साइड में
1:26:08₹2,000 तो प्रॉफिट एंड लॉस में डेबिट में
1:26:11डालेंगे टू डिस्काउंट
1:26:13टू डिस्काउंट
1:26:16₹2000।
1:26:19टू डिस्काउंट ₹2000 ठीक है। यस सर।
1:26:25उसके बाद ये हो गया। यह हो गया क्रेडिटर्स
1:26:29लायबिलिटीज़ में जाएंगे बैलेंस शीट में ₹
1:26:31लाख। क्रेडिटर्स लायबिलिटी में ₹ लाख।
1:26:41ठीक।
1:26:44उसके बाद
1:26:48कैश इन एंड एसेट में जाएगा। बैंक भी एसेट
1:26:50में जाएगा। गुडविल भी एसेट में जाएगा।
1:26:5252,000 कैश इन एंड
1:26:5852,000
1:27:01बैंक 58,000
1:27:09और गुडविल
1:27:12कितनी है?
1:27:182 लाख
1:27:20गुडविल है आपकी 2 लाख।
1:27:25अब हम जरा टोटलिंग करते हैं।
1:27:29अब हम टोटलिंग टोटलिंग खेलते हैं आपस में।
1:27:34चलो
1:27:41यहां पर 530000
1:27:43प्लस 31 लाख तो ये हमारा हो गया 3630000
1:27:533630000
1:27:54माइनस करेंगे 450000
1:27:57माइनस करेंगे 26 लाख और माइनस करेंगे
1:28:0146000 तो ये आ रहा है मेरा 534000
1:28:07और ये आ रहा है मेरा ग्रॉस प्रॉफिट
1:28:11534000
1:28:13और ये आ रहा है मेरा ग्रॉस प्रॉफिट 363000
1:28:2136300
1:28:23ठीक है यस सर अब इस ग्रॉस प्रॉफिट को मैं
1:28:25यहां लेके आया बाय
1:28:28ग्रॉस प्रॉफिट
1:28:305 लाख 34000
1:28:34अब इसको प्लस करेंगे
1:28:38तो ये हो गया मेरा
1:28:415 लाख
1:28:43ये हो गया मेरा
1:28:47548220
1:28:51ये हो गया मेरा 548220
1:28:54अब इसमें से माइनस करेंगे - 60000
1:28:59- 3000 - 19000 - 10000
1:29:06- 12500
1:29:09- 5000 - 24000
1:29:15- 2000 तो ये आ रहा है 412720
1:29:22ये मेरा नेट प्रॉफिट आ रहा है 412720
1:29:26लेकिन आपसे क्वेश्चन में कहा गया था कि
1:29:28आपका जो नेट प्रॉफिट आएगा उसमें में से आप
1:29:3110% मैनेजर कमीशन का देंगे और आफ्टर वाला
1:29:34केस है तो आफ्टर वाले केस में क्या होगा
1:29:37बेटा? आफ्टर वाले में इसका हम 10%
1:29:39निकालेंगे और नीचे 100 में रेट को ऐड कर
1:29:42देंगे। तो ये हो जाएगा 10 / 110 वि इज
1:29:473752
1:29:51तो ये आ गया हमारा मैनेजर कमीशन टू मैनेजर
1:29:56कमीशन 3752
1:30:00और यही मैनेजर कमीशन आउटस्टैंडिंग आ जाएगा
1:30:03बैलेंस शीट में आउटस्टैंडिंग मैनेजर कमीशन
1:30:083752
1:30:133752
1:30:16अब यह जो आपका प्रॉफिट है 412
1:30:20720 इसमें से माइनस कर देंगे 37520
1:30:25तो ये हमारा आ जाएगा नेट प्रॉफिट
1:30:30ये हमारा आ जाएगा नेट प्रॉफिट 3752
1:30:36ये हमारा नेट प्रॉफिट आ गया 375200
1:30:41ठीक ठीक है? अब इसी को हम यहां लेके आते
1:30:42हैं। सबसे पहले यहां पर डालते हैं हम
1:30:44कैपिटल।
1:30:46सबसे हम यहां पर डालते हैं पहले कैपिटल।
1:30:50अब कैपिटल कितना दे रखा है बेटा? कैपिटल
1:30:52दे रखा है 8 लाख। 8 लाख की कैपिटल है और
1:30:56ड्रॉइंग्स है 60,000। तो देखो कैपिटल 8
1:30:59लाख।
1:31:02प्लस नेट प्रॉफिट
1:31:06नेट प्रॉफिट हुआ था कितना? 375200
1:31:14को ऐड कर दें
1:31:20तो ये हो गया 11 75200
1:31:26माइनस ड्रॉइंग्स
1:31:2960000
1:31:32माइनस ड्रॉइ्स 60000 माइनस 60000
1:31:3711152
1:31:39200
1:31:41115200
1:31:42अब यहां का एक बार टोटल कर लेते हैं। यह
1:31:44आपका 5000 + 2 लाख
1:31:48+ 37520
1:31:51+ 1115200
1:31:55ठीक है।
1:31:57ये आ रहा है 132395
1:32:02इधर का करते हैं। 530000 + 1000 + 1220
1:32:08+ 38800
1:32:11+ 90000
1:32:14+
1:32:1637500
1:32:18+ 52000 + 58000
1:32:22+ 2 लाख + 2 लाख ठीक है। ओके
1:32:29कुछ रह गया क्या? एक बार दोबारा देखते
1:32:32हैं। आउटस्टैंडिंग सैलरी आपकी 5000 प्लस
1:32:35क्रेडिटर आपके 2 लाख के प्लस 37520
1:32:41ठीक है। + 115200
1:32:495000 लाख
1:32:5311 अच्छा वन एक और है।
1:32:57हां तो यह हमारा आ रहा है बेटा
1:33:011357720
1:33:05एक बार दोबारा कर लेता हूं। 5000 + 2 लाख
1:33:10+ 37520
1:33:13+ 11152000
1:33:16हां अब इधर का एक बार करते हैं। 530000 +
1:33:211000 + 1220 + 38800
1:33:26+ 90000
1:33:29+
1:33:3037500
1:33:32+ 52000 + 58000
1:33:37+ 2 लाख
1:33:40चलिए भाई तो आपकी बैलेंस शीट मैच हो गई
1:33:44135772
1:33:48बैलेंस शीट मैच हो गई। ठीक है? चलो
1:33:53तो एक एक बार से दिल नहीं भरेगा। तो एक और
1:33:57क्वेश्चन लेते हैं प्यारा सा। एक और
1:33:59क्वेश्चन लेते हैं प्यारा सा और यह आपके
1:34:03बुक का ही क्वेश्चन है। यह आपके मॉड्यूल
1:34:07का ही क्वेश्चन है। और मेरे प्यारे बच्चों
1:34:09अगर आपके पास ये मॉड्यूल है तो आप इस
1:34:12मॉड्यूल में बस एक चीज को ठीक कर लेना कि
1:34:15ये जो प्रोविजन है वो 52.5
1:34:19है। ये 52.5 है। सर आपको कैसे मालूम पड़ा?
1:34:24आप जब इन सबको जोड़ोगे ना और इस वैल्यू को
1:34:27रख के आंसर यह नहीं आएगा। या फिर अगर आप
1:34:30स्टडी मटेरियल को ऑनलाइन निकालोगे जो
1:34:32आईसीएसआई का स्टडी मटेरियल है उसको ऑनलाइन
1:34:35निकालोगे तो वहां पर आपको वैल्यू ठीक दे
1:34:37रखना चाहिए। इस वजह से मैंने आपको ऐसा कहा
1:34:39है। ठीक है? और एक चीज और बेटा यहां पर
1:34:43सारी वैल्यू जो है वो 1000 में है। यानी
1:34:46कि सब में तीन जीरो कम दिख रहे हैं। तो
1:34:48कंफ्यूज मत होना। सब में तीन जीरो कम लिए
1:34:51गए हैं। ये जो वैल्यूस हैं वो सब में तीन
1:34:54जीरो कम लिए गए हैं। ठीक है? चलो तो करते
1:34:57हैं इस क्वेश्चन को बना। अच्छा फॉर्मेट तो
1:35:01ऊपर है उसी को ले आ रहे हैं। इसको ले
1:35:05बस ये कॉपी कर ले। चलो
1:35:09ये हमारा
1:35:12ट्रेडिंग अकाउंट।
1:35:19यह आपका डेबिट साइड
1:35:21और यह आपका क्रेडिट साइड।
1:35:25उसके बाद यह हमारा प्रॉफिट एंड लॉस
1:35:27अकाउंट।
1:35:31यह आपका डेबिट साइड
1:35:35और यह आपका क्रेडिट साइड।
1:35:38इसके बाद ये आपका बैलेंस शीट।
1:35:42ये आपका
1:35:44बैलेंस शीट।
1:35:49यह आपकी
1:35:51लायबिलिटीज
1:35:53अमाउंट
1:35:55एसेट्स
1:35:58अमाउंट
1:36:00लायबिलिटीज अमाउंट एसेट्स अमाउंट ठीक ये
1:36:04आपकी लायबिलिटीज अमाउंट एसेट अमाउंट ठीक
1:36:07है यस सर जब भी आप कभी क्वेश्चन करो
1:36:10क्वेश्चन को आप एडजस्टमेंट से ही करना
1:36:13एडजस्टमेंट से ही क्वेश्चंस को स्टार्ट
1:36:15करना ठीक है यहां पर सबसे पहला कह रखा है
1:36:18क्लोजिंग स्टॉक 35000
1:36:20तो 1000 को नहीं लेना 3500 कहां-कहां
1:36:23जाएगा बेटा ट्रेडिंग के सीआर में बाय
1:36:28क्लोजिंग स्टॉक
1:36:323500
1:36:35और यही बैलेंस शीट में जाएगा एसेट में
1:36:38क्लोजिंग स्टॉक
1:36:443000
1:36:465 ठीक
1:36:49यस सर उसके बाद
1:36:53डेप्रिसिएशन ऑन प्लांट एंड मशीनरी 15% और
1:36:56फर्नीचर एंड फिटिंग्स 10% तो पहले चलते
1:37:00हैं प्लांट एंड मशीनरी पर। ये रहा आपका
1:37:03प्लांट एंड मशीनरी। 8000 का 15% 1200 हो
1:37:07जाएगा। तो प्रॉफिट एंड लॉस में टू
1:37:12डेप ऑन
1:37:14प्लांट एंड मशीनरी
1:37:171200
1:37:19और
1:37:22बैलेंस शीट में
1:37:24प्लांट
1:37:27एंड मशीनरी
1:37:308000
1:37:33माइनस डेप
1:37:361200
1:37:38तो यह हो गया
1:37:416800
1:37:42यह आपका हो गया 6800
1:37:45अब मेरे प्यारे बच्चों हम वापस से पीछे गए
1:37:48फर्नीचर एंड फिटिंग्स पर भी 10% का डेप लग
1:37:51रहा था तो फर्नीचर एंड फिटिंग्स कहां है
1:37:54फर्नीचर एंड फिटिंग्स
1:37:58ये रहा 2000 तो 2000 का 10% हो जाएगा 200
1:38:05तो 2 कैप
1:38:08ऑन फर्नीचर एंड फिटिंग
1:38:13टू डेप ऑन फर्नीचर एंड फिटिंग्स कितना हो
1:38:17गया बेटा? 200 हो गया। और यही बैलेंस शीट
1:38:20में फर्नीचर
1:38:24एंड फिटिंग्स
1:38:262000
1:38:28माइनस
1:38:30कैप
1:38:32200
1:38:35यह हो गया।
1:38:371800
1:38:39ठीक यह हो गया आपका
1:38:431800
1:38:44दैट डे प्रोविजन टू बी एडजस्टेड टू 50000
1:38:48तो 1000 नहीं 50 जो नया प्रोविजन है वो
1:38:52क्या है 50 है अब आप क्वेश्चन में चेक करो
1:38:55क्या कोई पुराना बैड डेप्ट या पुराना
1:38:57प्रोविजन गिवेन है क्या कोई पुराना बैड
1:39:00डेप्ट या पुराना प्रोविजन गिवेन है यस सर
1:39:04पुराना बैड डेप्ट का प्रोविजन गिवेन है।
1:39:07कोई पुराना बैड डेप्ट गिवेन नहीं है। कोई
1:39:09नया बैड डेप्ट गिवन नहीं है। तो मेरे
1:39:11प्यारे बच्चों हम क्या करेंगे? फार्मूला
1:39:13क्या होता है? बैड डेप्ट प्लस न्यू बैड
1:39:16डेप्ट प्लस न्यू प्रोविजन माइनस ओल्ड
1:39:19प्रोविजन। न्यू प्रोविजन माइनस ओल्ड
1:39:22प्रोविजन। तो देखो मेरे प्यारे बच्चों अगर
1:39:24आप न्यू प्रोविजन माइनस ओल्ड प्रोविजन
1:39:27करोगे न्यू प्रोविजन माइनस ओल्ड प्रोविजन
1:39:30करोगे तो आंसर माइनस में आ रहा है और
1:39:34मैंने आपको बताया था कि अगर आंसर माइनस
1:39:37में आता है तो वो प्रॉफिट एंड लॉस के
1:39:39क्रेडिट साइड में आएगा क्योंकि वो आपके
1:39:41लिए एक फायदा हो गया। तो अब हम उसको यहां
1:39:44शो करेंगे बाय
1:39:47ओल्ड प्रोविजन
1:39:50सॉरी
1:39:51बाय न्यू प्रोविजन
1:39:57माइनस ओल्ड प्रोविजन
1:40:01व्हिच इज़ न्यू प्रोविज़न 50 ओल्ड प्रोविज़
1:40:0452.5
1:40:06आंसर आ गया 2
1:40:09ठीक यस अब देखो
1:40:13यह वाला भी हो गया।
1:40:15इंटरेस्ट ऑन कैपिटल टू बी अलाउड एट 10% पर
1:40:19एनम। आपको इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 10% पर एनम
1:40:22से देना है। कैपिटल है ₹9,000 तो ₹9,000
1:40:26का 10% कितना हो जाएगा? 900। तो बेटा ये
1:40:30जाएगा आपका पहले प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट
1:40:33साइड में टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 900। यह
1:40:38आपका जाएगा पहले प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट
1:40:41साइड में टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 900 ठीक
1:40:44है और यही आपका जुड़ जाएगा
1:40:47कैपिटल में
1:40:51यही आपका जुड़ जाएगा कैपिटल में
1:40:579000
1:41:00एट इंटरेस्ट
1:41:07900 00 यह हो जाएगा
1:41:119900
1:41:15900
1:41:17ये आपका हो जाएगा 9900
1:41:20ठीक है यस सर
1:41:23चलो
1:41:32अब बेटा जी 15% ऑफ़ द प्रॉफिट रिमेनिंग
1:41:35आफ्टर प्रोवाइडिंग इंटरेस्ट ऑन ऑन कैपिटल
1:41:37इज टू बी टू जनरल रिजर्व। यानी कि हमारे
1:41:40पास जो नेट प्रॉफिट आएगा, उसका 15% हमें
1:41:43कहां डालना है? जनरल रिजर्व में। तो, यह
1:41:45बाद की बात है। अब हम शुरुआत से चलते हैं।
1:41:49कैपिटल अकाउंट का हमने ट्रीटमेंट कर दिया
1:41:51है। प्लांट एंड मशीनरी का ट्रीटमेंट कर
1:41:53दिया है। सेल्स आपका कहां जाएगा बेटा?
1:41:55सेल्स जाएगा आपका ट्रेडिंग में। बट क्या
1:41:58कोई रिटर्न दे रखा है? दे रखा है बट
1:42:00रिटर्न आपको डेबिट और क्रेडिट दे रखा है।
1:42:04सर हम कैसे पहचानेंगे कि कौन सा परचेस
1:42:06रिटर्न है और कौन सा सेल्स रिटर्न है?
1:42:08बेटा जो रिटर्न आपके डेबिट बैलेंस दे रखा
1:42:11होता है वो सेल्स रिटर्न होता है और जो
1:42:14बैलेंस आपका क्रेडिट दे रखा होता है वो
1:42:16परचेस रिटर्न होता है। तो सेल्स आपको दे
1:42:18रखा है 40,700
1:42:20और रिटर्न दे रखा है 600
1:42:24तो बाय सेल्स
1:42:294700
1:42:32माइनस
1:42:34रिटर्न
1:42:37600
1:42:39तो ये आ गया आपका
1:42:414100
1:42:44अब परचेस परचेस कितना दे रखा है 26000
1:42:48कहां आएगा ट्रेडिंग के डेबिट में टू परचेस
1:42:5626000
1:42:59माइनस
1:43:01रिटर्न वि इज 575
1:43:07तो इसको जरा करते हैं 26000 - 575
1:43:13तो ये आ गया आपका 25000
1:43:17425
1:43:1925425
1:43:23ठीक है यस सर
1:43:27ठीक है। चलो अब आपका है ओपनिंग स्टॉक।
1:43:30कहां जाएगा बेटा? 3000 ट्रेडिंग के डेबिट
1:43:33में टू ओपनिंग स्टॉक 3000
1:43:37टू
1:43:40ओपनिंग स्टॉक
1:43:433000
1:43:46टू ओपनिंग स्टॉक
1:43:483000 ठीक है। यस सर।
1:43:56अब आपको डिस्काउंट दे रखा है। डिस्काउंट
1:43:58डेबिट में भी है, डिस्काउंट क्रेडिट में
1:44:00भी है। तो प्रॉफिट एंड लॉस में डेबिट भी
1:44:02जाएगा और प्रॉफिट एंड लॉस में क्रेडिट भी
1:44:04जाएगा।
1:44:05टू डिस्काउंट
1:44:0935
1:44:12बाय डिस्काउंट
1:44:1690
1:44:19टू डिस्काउंट 35 बाय डिस्काउंट 90
1:44:2480 है सॉरी 80 है
1:44:35चलो
1:44:37उसके बाद बैंक चार्जेस 7.5 प्रॉफिट एंड
1:44:40लॉस में जाएगा। बैंक चार्जेस 7.5 प्रॉफिट
1:44:44एंड लॉस में टू
1:44:47बैंक चार्जेस
1:44:527.5
1:44:55टू बैंक चार्जेस 7.5
1:44:58ठीक है। यस सर।
1:45:01उसके बाद सेंडरी डेटर्स
1:45:054500
1:45:08सेंडरी डेटर्स
1:45:124500
1:45:15और आपको 50 का क्या दे रखा है बेटा? नया
1:45:18प्रोविज़
1:45:20न्यू प्रोविज़न
1:45:2250 का दे रखा है। तो, यह हो गया आपका 45।
1:45:28यह आपका हो गया 4450
1:45:30ठीक है। यस सर। उसके बाद
1:45:35सेंडरी क्रेडिटर्स इज़ अ पार्ट ऑफ बैलेंस
1:45:38शीट लायबिलिटीज़।
1:45:42सेंडरी क्रेडिटर्स
1:45:472500
1:45:50सेंडरी क्रेडिटर्स 2500
1:45:54ठीक।
1:45:58उसके बाद सैलरी कहां जाएगा बेटा? प्रॉफिट
1:46:01एंड लॉस में डेबिट में 2680
1:46:04तो टू सैलरी
1:46:092680
1:46:12ठीक है? टू सैलरी 2680
1:46:15उसके बाद मैन्युफैक्चरिंग वेजेस कहां
1:46:18जाएगा बेटा? ट्रेडिंग में 4000
1:46:22टू
1:46:25मैन्युफैक्चरिंग वेजेस
1:46:294000 है ना
1:46:35हां कैरज इनवार्ड ट्रेडिंग के डेबिट में
1:46:39कैरज आउटवर्ड प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट
1:46:41में तो कैरज इनवर्ड 75
1:46:47टू
1:46:50कैरज इनवर्ड
1:46:5275
1:46:55और
1:46:57टू कैरज
1:47:01आउटवर्ड
1:47:02120
1:47:06ठीक है। यस सर
1:47:11इनवर्ड भी हो गया, आउटवर्ड भी हो गया। बैड
1:47:13डेप्ट का प्रोविजन भी हो गया। रेंट रेट
1:47:15एंड टैक्सेस 1000 एडवर्टाइजमेंट 200 दोनों
1:47:18प्रॉफिट एंड लॉस में तो टू
1:47:22रेंट रेट एंड टैक्सेस 1000
1:47:26टू एडवर्टाइजमेंट
1:47:31200
1:47:37उसके बाद कैश इन हैंड एसेट में कैश इन
1:47:40बैंक एसेट में तो कैश इन हैंड 90 कैश इन
1:47:43बैंक 600
1:47:47कैश इन बैंक
1:47:5390
1:47:55कैश इन हैंड
1:48:01600
1:48:03ठीक है।
1:48:05कैश इन हैंड 90 कैश एट बैंक 600
1:48:09चलिए मोस्टली सब हो गया। अब पहले ट्रेडिंग
1:48:12का करते हैं बेटा। पहले हम ट्रेडिंग का
1:48:14करते हैं।
1:48:24यह आ रहा है हमारा
1:48:2743600
1:48:29यह आ रहा है हमारा 43600
1:48:32- 25425
1:48:36- 3000
1:48:38- 4000
1:48:41- 75 तो ये हमारा ग्रॉस प्रॉफिट आ रहा है
1:48:45बेटा ये हमारा ग्रॉस प्रॉफिट आ रहा है 111
1:48:52ये हमारा ग्रॉस प्रॉफिट आ रहा है 111
1:48:560 ठीक है यस सर उसके बाद ये ग्रॉस प्रॉफिट
1:49:00यहां आ गया बाय ग्रॉस प्रॉफिट
1:49:041110
1:49:06अब इसका टोटल करते हैं 1100 + 80 + 2.5
1:49:13तो ये हमारा आ रहा है 11182.5
1:49:17ठीक है अब माइनस करते हैं - 1200 - 200 -
1:49:23900 - 35 - 7.5 - 2680 - 120 - 1000 - 200
1:49:36तो ये आ रहा है बेटा नेट प्रॉफिट 4840
1:49:41ये आ रहा है नेट प्रॉफिट 4840
1:49:44अब इसका 15%
1:49:4715 ही है ना
1:49:50हां 15% डालना है तो इसका 15% आएगा 726
1:49:57इसका 15% आएगा 726 तो यह कहां-कहां जाएगा
1:50:01प्रॉफिट एंड लॉस में डेबिट होगा जनरल
1:50:03रिजर्व
1:50:05726
1:50:07और यही बैलेंस शीट में लायबिलिटीज में
1:50:10जाएगा जनरल रिजर्व
1:50:13स्पेस देना पड़ेगा हमें
1:50:27726
1:50:29अब जो हमारा नेट प्रॉफिट है 4840 उसमें से
1:50:32माइनस कर दो 726 तो हमारा जो नेट प्रॉफिट
1:50:35आया वो आया 4114
1:50:38हमारा जो नेट प्रॉफिट आया है वो आ गया
1:50:41बेटा 4
1:50:4411
1:50:47यह 11182.5
1:50:50अब यह नेट प्रॉफ़िट हम यहां ले जाएंगे। ऐड
1:50:53नेट प्रॉफ़िट
1:50:584114
1:51:03एक बार देखते हैं। ड्रॉइंग्स तो नहीं दे
1:51:04रखी है हमें इस क्वेश्चन में।
1:51:07इस क्वेश्चन में चेक करो। ड्र्स तो नहीं
1:51:08दे रखी बेट। ड्राइंग्स तो नहीं दे रखी है।
1:51:14नहीं दे रखी है।
1:51:17चलो तो यह आपका 9000 + 900 + 4114 तो ये
1:51:23हो गया 14
1:51:260014 अब सबका टोटल करते हैं। यहां
1:51:28लायबिलिटीज बड़ी कम दिख रही है। कुछ
1:51:29मिसिंग तो नहीं है। चलो देख लेंगे पहले
1:51:32इसका टोटल करते हैं। 2500 + 726 इधर का आ
1:51:37रहा है आपका
1:51:3917240
1:51:42इधर का आ रहा है आपका 17240
1:51:45इधर का मैं देखता हूं 3500 + 6800
1:51:50+ 1800 + 4450 + 90 + 600 भैया बैलेंस शीट
1:51:59मैच है 17240
1:52:03बैलेंस शीट मैच है आपकी। बैलेंस शीट मैच
1:52:05है। बैलेंस शीट मैच है। ठीक है? यस सर। और
1:52:09भी कुछ क्वेश्चंस हैं इसमें मैंने लगाए
1:52:11आपके लिए जिससे आप प्रैक्टिस कर सकते हैं।
1:52:14वैसे तो मैं आपको कुछ क्वेश्चंस की ये
1:52:17आपका दोबारा से मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट आ
1:52:19गया। जबकि मैंने अभी आपको समझा दिया है।
1:52:21वही चीज रिपीट हो रही है पायल में।
1:52:30यह क्वेश्चन हां जैसे देखो एक यह क्वेश्चन
1:52:32है आपके लिए एक यह क्वेश्चन है आपके लिए
1:52:35तो मैं सीधा क्वेश्चन आपको समझाता हूं
1:52:37देखो यहां पर आपको क्लोजिंग स्टॉक दे रखा
1:52:39है तो ये क्लोजिंग स्टॉक ट्रेडिंग के सीआर
1:52:41में और आपका बैलेंस शीट के एसेट में चला
1:52:44जाएगा राइट ऑफ 1/ ऑफ द एडवरटाइजिंग
1:52:47एक्सपेंसेस तो बेटा एडवरटाइजिंग
1:52:49एक्सपेंसेस कितने हैं आपके
1:52:546000 के तो 6000 का 1 करोगे तो 1200 आएगा।
1:52:59तो 1200 प्रॉफिट एंड लॉस में डेबिट हो
1:53:01जाएगा और 4800 बैलेंस शीट में एसेट्स में
1:53:04डाल देंगे। ठीक है?
1:53:06ये भी हो गया। उसके बाद आपसे कह रहा है
1:53:09सेंडरी डेटर्स इंक्लूड एन आइटम ऑफ़ 2000
1:53:12ड्यू फ्रॉम एन कस्टमर हु हैज़ बिकम
1:53:14इनसॉल्वेंट एंड नथिंग इज़ रिकवरेबल फ्रॉम
1:53:18हज़ स्टेट। यानी कि ये नया बैड डेप्ट है।
1:53:20फार्मूला क्या है बेटा? बैड डेप्ट प्लस
1:53:23न्यू बैड डेप्ट प्लस न्यू प्रोविजन माइनस
1:53:26ओल्ड प्रोविजन। तो देखो मेरे प्यारे
1:53:28बच्चों क्या इस क्वेश्चन में कोई भी
1:53:30पुराना बैड डेप्ट दे रखा है?
1:53:33क्या इस क्वेश्चन में कोई पुराना बैड
1:53:35डेप्ट दे रखा है? द आंसर इज़ नो। या कोई
1:53:38पुराना प्रोविजन दे रखा है? द आंसर इज़
1:53:40आल्सो नो। दोनों ही चीज नहीं है। नया बैड
1:53:43डेप्ट है, नया प्रोविज़न है। तो डेटर्स
1:53:45कितना दे रखा है बेटा? इस क्वेश्चन में
1:53:48डेटर्स कितना दे रखा है? डेटर्स दे रखा है
1:53:5154200
1:53:53तो देखो बेटा डेटर्स है 54200
1:53:582000 का बैड डेप्ट और हो गया तो अब जो
1:54:01डेटर्स हैं वो बचे हैं 52200
1:54:05ठीक अब इस 52200 पर आपको एक नया प्रोविजन
1:54:10बनाना है 5% का नया प्रोविजन बनाना है 5%
1:54:16का तो बेटा इसका 5% आप निकालोगे
1:54:20तो आएगा
1:54:252610
1:54:27इसका 5% प्रोविजन निकालोगे तो आएगा आपका
1:54:312610 अब सर इसकी एडजस्टमेंट क्या होगी जो
1:54:33आपका प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट है वहां पर
1:54:36ये 2000 का बैड डेप्ट जाएगा और वहीं पर ये
1:54:392610 का प्रोविजन जाएगा और जब आप बैलेंस
1:54:42शीट बनाओगे तो वहां पर जो आपके डेटर्स हैं
1:54:45पहले इसमें से 2000 माइनस करोगे फिर इसमें
1:54:47से यह आपका
1:54:492610
1:54:51यानी कि डेटर्स आपकी जाएंगे ₹49590
1:54:56ये आपके डेटर्स बैलेंस शीट में एसेट्स में
1:54:58मेंशन होंगे ऐसे और क्या एडजस्टमेंट है
1:55:02आपसे कह रहा है इंटरेस्ट ऑन इन्वेस्टमेंट
1:55:0415% इज रिसीवेबल फॉर द फुल ईयर। हमने कहीं
1:55:08पर इन्वेस्टमेंट किया है और उस
1:55:10इन्वेस्टमेंट पर 15% की हमें ब्याज मिलनी
1:55:13है जो कि हमें मिली नहीं है। तो बेटा देखो
1:55:15इन्वेस्टमेंट कितना है आपका?
1:55:18300 का
1:55:2030000 का इन्वेस्टमेंट है। 30000 का अगर
1:55:23मैं 15% बात करूं तो आएगा 4500 क्योंकि ये
1:55:27हमारी एक्रूड इनकम है। मिली नहीं है।
1:55:29मिलनी है लेकिन मिली नहीं है। तो बेटा ये
1:55:31आपका प्रॉफिट एंड लॉस के क्रेडिट साइड में
1:55:33आएगा और यही अमाउंट बैलेंस शीट में एसेट्स
1:55:35में आएगा। ठीक है?
1:55:38उसके बाद आपको सैलरी का अमाउंट दे रखा है
1:55:40इतना और रेंट का अमाउंट दे रखा है इतना।
1:55:43यानी सैलरी आपको पूरे साल में इतनी देनी
1:55:45थी और रेंट आपको पूरे साल में इतना दे रखा
1:55:47था। अब क्योंकि सैलरी और रेंट दोनों ही
1:55:50प्रॉफिट एंड लॉस का पार्ट है। तो हम चेक
1:55:52करेंगे सैलरी आपको कितनी दे रखी है? सैलरी
1:55:55आपको दे रखी है।
1:55:59सैलरी दे रखी है 36,000 देनी थी 43,200
1:56:05यानी 7,200 आउटस्टैंडिंग है तो सैलरी को
1:56:08प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट डालोगे
1:56:1036,000 और इसमें ये 7200 प्लस करोगे और
1:56:14यही 7200 बैलेंस शीट में लायबिलिटीज़ में
1:56:17डाल दोगे आउटस्टैंडिंग सैलरी। रेंट की बात
1:56:19करूं तो रेंट आपको ₹200 दे रखा है। जबकि
1:56:23आपको रेंट पे करना था ₹2400।
1:56:26₹200 का यहां भी क्या है? आउटस्टैंडिंग
1:56:28है। तो आप पहले प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
1:56:30में रेंट को डेबिट करोगे। इसमें 200 का
1:56:32आउटस्टैंडिंग ऐड कर दोगे तो ₹2400 आ
1:56:35जाएगा। और यही 200 बैलेंस शीट में
1:56:37लायबिलिटीज़ में डेबिट साइड में डाल दोगे।
1:56:40ठीक है?
1:56:42तो ये तो सारी एडजस्टमेंट हो गई आपकी। अब
1:56:44आप यहां देखिए कैपिटल को बैलेंस शीट में
1:56:47लायबिलिटीज़ में डालेंगे। इसमें जो भी आपका
1:56:49नेट प्रॉफिट अगर होता है तो प्लस करेंगे,
1:56:51नेट लॉस होता है तो माइनस करेंगे। उसके
1:56:53बाद ड्रॉइंग्स को आप माइनस करेंगे कैपिटल
1:56:55में से। गुडविल इज अ पार्ट ऑफ एसेट। कहां
1:56:57जाएगा? बैलेंस शीट में। प्लांट एंड मशीनरी
1:57:00एसेट है बैलेंस शीट में जाएगा। परचेस
1:57:02ट्रेडिंग के डेबिट में और इसमें से ये
1:57:05आपका माइनस होगा। परचेस रिटर्न। सेल्स
1:57:08ट्रेडिंग के सीआर में और इसमें से भी ये
1:57:10जो आपका सेल्स रिटर्न दे रखा है वो क्या
1:57:12होगा? माइनस होगा। सेंडरी डेटर्स वाला मैं
1:57:14आपको बता चुका हूं। क्रेडिटर्स बैलेंस शीट
1:57:17में लायबिलिटीज़ में जाएगा। लायबिलिटीज़ का
1:57:18पार्ट बनेगा।
1:57:21उसके बाद ओपनिंग स्टॉक ट्रेडिंग के डेबिट
1:57:23साइड में जाएगा। कैश इन हैंड बैलेंस शीट
1:57:26के एसेट्स में जाएगा। पेजेस ट्रेडिंग के
1:57:28डेबिट में जाएगा। टेलीफोन चार्जेस प्रॉफिट
1:57:31एंड लॉस के डेबिट में जाएगा। सैलरीज का
1:57:33मैं आपको बता चुका हूं। प्रिंटिंग एंड
1:57:35स्टेशनरी कहां जाएगा बेटा? प्रॉफिट एंड
1:57:37लॉस के डेबिट में जाएगा। सेंडरी इनकम
1:57:39प्रॉफिट एंड लॉस से क्रेडिट में जाएगा।
1:57:41रेंट आपको मैं बता चुका हूं। इन्वेस्टमेंट
1:57:44एसेट है बैलेंस शीट में जाएगा। जनरल
1:57:46एक्सपेंसेस प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट में
1:57:48जाएगा और बिल्स पेएबल लायबिलिटी है बैलेंस
1:57:50शीट में जाएगा। ठीक? तो ये आपका तीसरा
1:57:54क्वेश्चन भी यहां पर एकदम सेट हो गया।
1:57:56मैंने आपको समझा दिया है। आपको कोई दिक्कत
1:57:58यहां नहीं आनी चाहिए। चलो एक और क्वेश्चन
1:58:00है प्यारा सा। इसे भी मैं समझा देता हूं।
1:58:02और इसकी मैं आपको एडजस्टमेंट बता देता हूं
1:58:04ताकि आपको दिक्कत ना हो। सबसे पहले वही
1:58:07क्लोजिंग स्टॉक आपको दे रखा है। क्लोजिंग
1:58:09स्टॉक कहां-कहां जाता है? क्लोजिंग स्टॉक
1:58:11ट्रेडिंग के क्रेडिट साइड में जाता है और
1:58:13बैलेंस शीट के एसेट साइड में जाता है।
1:58:15उसके बाद वेजेस आउटस्टैंडिंग 2400 आप पहले
1:58:19क्वेश्चन में वेजेस को ढूंढोगे। वेजेस में
1:58:21या आउटस्टैंडिंग वेजेस को ऐड करोगे। वेजेस
1:58:24में या आउटस्टैंडिंग वेजेस को ऐड करोगे।
1:58:27उसके बाद मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों
1:58:28बैलेंस शीट में लायबिलिटीज में वेजेस को
1:58:31आउटस्टैंडिंग साइड में डाल दो। लायबिलिटी
1:58:33साइड बैड डेप्ट 600 एंड प्रोविजन फॉर बैड
1:58:37डेप्ट्स टू बी 5% ऑन डेटर्स। ऐसे केस में
1:58:40आप चेक करोगे क्या कोई नया बैड डेप्ट सॉरी
1:58:42पुराना बैड डेप्ट या पुराना प्रोविजन कोई
1:58:45दे रखा है? क्या कोई पुराना बैड डेप्ट या
1:58:48पुराना प्रोविजन कोई दे रखा है? द आंसर इज़
1:58:50नो। दोनों ही नए हैं। तो डेटर्स हैं आपके
1:58:53₹600 के। डेटर्स हैं आपके ₹600 के। तो
1:58:58बेटा ₹600
1:59:00और नया बैड डेप्ट है 600 का। तो डेटर बचे
1:59:04₹000 के। [खांसने की आवाज़]
1:59:06अब आपको 5% यानी कि 1000
1:59:10तो यह बचा आपका 19,000।
1:59:12अब जब आप प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाओगे
1:59:15तो यह 600 का बैड डेप और 1000 का नया
1:59:18प्रोविजन दोनों ही प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
1:59:19में डेबिट करोगे। और जब आप बैलेंस शीट
1:59:22बनाओगे तो डेटर्स की वैल्यू इस तरीके से
1:59:24शो करोगे 19,000। रेंट इज पेड फॉर 11 मंथ।
1:59:28रेंट आपको कितने महीने का देना पड़ता है?
1:59:3012 महीने का। दिया कितने महीने का है? 11
1:59:33महीने का। जो भी रेंट का अमाउंट दे रखा
1:59:35होगा उससे 11 को डिवाइड करोगे और जो आंसर
1:59:38आएगा उससे 12 का मल्टीप्लाई करोगे। फिर
1:59:40देखो कितना नहीं दिया वो हो गया
1:59:41आउटस्टैंडिंग। रेंट प्रॉफिट एंड लॉस के
1:59:43डेबिट का पार्ट बनता है। वहां पर वो
1:59:45आउटस्टैंडिंग रेंट प्लस हो जाएगा और
1:59:47बैलेंस शीट में लायबिलिटी साइड में
1:59:48आउटस्टैंडिंग रेंट आप डाल दो। लोन फ्रॉम द
1:59:51बैंक वाज़ टेकन ऑन 1 जुलाई 2022। देखो बेटा
1:59:56यहां पर यह जो साल आपका चल रहा है वह
1:59:58कैलेंडर ईयर चल रहा है और आपसे कह रहा है
2:00:00कि आपने जो लोन लिया है इस पर 8% की ब्याज
2:00:03है। लोन कितना है? 25,000 का। तो 25,000
2:00:06का 8% और 6 महीने की इंटरेस्ट ये आपकी
2:00:10प्रॉफिट एंड लॉस के डेबिट में जाएगी और
2:00:12यही आपका बैलेंस शीट में लायबिलिटी साइड
2:00:14में जाएगी। डेप्रिसिएशन देना है आपको 10%
2:00:16मशीन पर। मशीन का 10% निकाल के प्रॉफिट
2:00:19एंड लॉस के डेबिट साइड में और वही 10%
2:00:21बैलेंस शीट में मशीन के अमाउंट में से
2:00:23माइनस। मैनेजर कमीशन आपको देना है 10% ऑन
2:00:26नेट प्रॉफिट। जब आप प्रॉफिट एंड लॉस
2:00:28अकाउंट बनाओगे वहां पर आप नेट प्रॉफिट को
2:00:30निकालोगे तो उसका 10% आप मैनेजर कमीशन में
2:00:33डालोगे। आफ्टर वाला केस है तो 10/ 110
2:00:36करेंगे। जो आएगा वो प्रॉफिट एंड लॉस के
2:00:38डेबिट में जाएगा और वही बैलेंस शीट में
2:00:40लायबिलिटी में आउटस्टैंडिंग कमीशन के नाम
2:00:42से जाएगा। ठीक है बेट?
2:00:47तो यही है। बाकी यह वही क्वेश्चन है जो
2:00:51अभी मैंने कराया। रिपीट हो रहा है। यह
2:00:54वाला भी सेम अभी मैंने कराया है।
2:01:00चलो भाई बाकी आपके
2:01:04कुछ प्यारे-प्यारे एमसीक्यूस हैं।
2:01:12चलो भाई।
2:01:15सो यहां पर यह प्यारा सा आपका यह जो वनशॉट
2:01:18है जिसे मैं कहता हूं गन शॉट वो खत्म होता
2:01:20है प्रिपरेशन ऑफ फाइनल अकाउंट फॉर सोल
2:01:23प्रोपराइटरशिप। आई होप सो आपको अब चीजें
2:01:26समझ में आई होंगी। चैप्टर अगर आप पहली बार
2:01:28देख रहे हो तो भी आपको अच्छे से आ गया
2:01:30होगा। रिवाइज कर रहे हो तो भी आपको अच्छे
2:01:32से आ गया होगा। मिलते हैं अगली वनशॉट में
2:01:34एक और प्यार भरे वनशॉट के साथ। तब तक के
2:01:37लिए अपना ध्यान रखिएगा। खाना पीना खाते
2:01:39रहिएगा। मां-बाप का ध्यान रखिएगा। टाटा
2:01:42बाय-बाय। सी यू। गब्बर सर गब्बर आर्मी
2:01:45हैटग रोला ऑन द टॉप बाय बेटस क्या है ऐ
2:01:51पलट देंगे गेम बाय बेस