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0:00केबीपी माइनिंग के मजदूरों का सात दिनों
0:02से हड़ताल जारी। मजदूर अपने विभिन्न
0:05मांगों को लेकर निकाला पैदल मार्च। जताया
0:08विरोध प्रदर्शन। रामगढ़ जिले के वेस्ट
0:10बोकारो ओपी अंतर्गत बसंतपुर स्थित केपीपी
0:13माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत
0:15मजदूर अपनी मांगों को लेकर लगातार सात
0:18दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। आज मजदूर
0:20अपनी विभिन्न मांगों को पैदल मार्च जुलूस
0:23निकाला और अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाया।
0:26जुलूस में बसंतपुर के मुखिया सरिता देवी,
0:29समाजसेवी राजलाल महतो सहित काफी संख्या
0:32में रयत स्थापित मजदूर शामिल थे। जुलूस
0:36धरना स्थल से क्षेत्र का भ्रमण करते हुए
0:39केबीपी प्रोजेक्ट के मुख्य द्वार तक
0:41पहुंचा। जहां जुलूस एक सभा में तब्दील हो
0:44गई। मजदूरों ने कंपनी के मनमानी रवैया के
0:46विरोध में जमकर नारेबाजी की। बता दें कि
0:50केबीपी प्रोजेक्ट में कार्यरत 450 मजदूर
0:53अपनी सुरक्षा व्यवस्था, न्यूनतम मजदूरी,
0:56पीएफ सहित विभिन्न मांगों को लेकर सात
0:59दिनों से काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं।
1:02आज मजदूरों के समर्थन में बसंतपुर पंचायत
1:05मुखिया सरिता देवी, मुखिया प्रतिनिधि
1:07राजलाल महतो, मांडू विधानसभा के पूर्व
1:10प्रत्याशी बिहारी महतो का समर्थन प्राप्त
1:12है। बसंतपुर की मुखिया सरिता देवी ने कहा
1:16कि पिछले सात दिनों से मजदूर धरना स्थल पर
1:19हड़ताल पर बैठे हैं। लेकिन अभी तक ना
1:21सीसीएल महाप्रबंधक चरी एरिया और ना ही
1:24केबीपी कंपनी द्वारा किसी भी तरह का सकार
1:27सकारात्मक पहल किया गया है। दूसरी ओर
1:30कंपनी समस्या का समाधान करने के जगह
1:33ग्रामीणों को दो गुटों में बांटने का
1:35षड्यंत्र कर रही है। मजदूर अपनी हक अधिकार
1:38की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ कंपनी कुछ
1:40ग्रामीणों के षड्यंत्र से नई मजदूर बहाली
1:43प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। जिससे
1:46मजदूर और भी आक्रोशित हो गए हैं। मजदूर
1:48अपनी सुरक्षा उपकरण, पहचान पत्र, आईडी
1:51कार्ड, सामान काम का समान वेतन की मांग कर
1:54रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी में
1:57स्थानीय और बाहरी मजदूर एक पद पर और बराबर
2:00काम करने के बावजूद वेतन में भेदभाव,
2:03न्यूनतम मजदूरी नहीं दिया जाता है। बाहरी
2:06मजदूरों को प्रतिदिन ₹1350 बनता है।
2:10स्थानीय मजदूरों को ₹550 दिया जाता है।
2:13कंपनी के इसी मनमानी को लेकर आज मजदूरों
2:16द्वारा सात दिनों से विरोध प्रदर्शन किया
2:18जा रहा है और आज मजदूर जुलूस के माध्यम से
2:22कंपनी को साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा
2:24है कि समय सीमा के अंदर मजदूरों की हक
2:27अधिकार को देने का काम करें अन्यथा आंदोलन
2:30को और भी उग्र रूप ले लेगा। वहीं पूरे
2:32मामले पर विधि व्यवस्था बनाए रखने को लेकर
2:35वेस्ट बोकारो ओपी प्रभारी दीपक कुमार अपने
2:38पुलिस दलबल के साथ धरना स्थल पर मौजूद
2:40हैं। मांडू बसंतपुर से मोहम्मद साबिर की
2:43रिपोर्ट।
2:45आज यहां मुख्य रूप से जो कहिए जो मांग है
2:49आपका यहां का जो सही सबसे पहले कि जिन लोग
2:52का जॉइनिंग लेटर नहीं दिया गया है आईडी
2:54कार्ड नहीं दिया गया है मेडिकल का सुविधा
2:57नहीं है
2:58और हाई पावर कमेट का जो सीसीएल में जो
3:02डिसाइडेड है जो माइनिंग क्षेत्र में जो
3:04सही मजदूरी नहीं दिया जा रहा है स्किल
3:06अनस्किल सेमी स्किल का किसी भी का इस तरह
3:10का नहीं ना पे शिल्प दिया जा रहा है
3:12डायरेक्ट कंपनी क्या कर रही है कि Reli
3:15कंपनी के नाम से अकाउंट में पैसा भेज रही
3:17है वह भी 1920 करके और आपका यहां कंपनी का
3:21नाम से जो काम चल रहा है वो केबीपी
3:22माइनिंग है।
3:26अभी वार्ता हुआ
3:28वार्ता अभी तक नहीं है हुआ है। इसमें हम
3:30लोग वार्ता के लिए बोला गया है। डीसी साहब
3:32से भी रिक्वेस्ट किया गया है। जीएम साहब
3:34से भी रिक्वेस्ट किया गया है। वो लोग
3:36वार्ता के लिए अभी तक ध्यान नहीं दे रहे
3:37हैं। और मजदूरों में इस बीच रोश आ रहा है
3:40और आए दिन अगर प्रबंधन और प्रशासन अगर
3:44वार्ता नहीं कराती है तो आए दिन अपरिय
3:47घटना घटने और यहां जो है कंपनी के बीच में
3:49घुस के भी बंद कराने का कार्य करेंगे
3:51मजदूर जो कि उनका कोई भी जिम्मेवारी होगा
3:54तो प्रशासन और प्रबंधन का होगा नाम
3:57मेरा नाम हुआ राजाल महतो पूर्व मुखिया
3:59मुखिया प्रतिनिधि और झारखंड कोलेरी मजदूर
4:01यूनियन का है सदस्य
4:04जैसा कि देख रहे हैं कि हम लोग यहां धरना
4:06सात दिन से चल रहा है और इन लोग का जो
4:10मांग है वह मांग को लेके है लेकिन लेकिन
4:12अभी तक कंपनी तरफ से कोई पहल नहीं किया
4:15गया है और जहां तक कि ये लोग का मांग पत्र
4:18हमारे डीसी और उसके ऊपर तक भी चला गया है।
4:21लेकिन अभी तक उधर से कोई किसी तरह का कोई
4:24वार्ता के लिए किसी तरह कुछ अभी तक नहीं
4:27आया है। तो हम लोग अगर जैसे कि ये लोग चाह
4:30रहे हैं कि हम लोग आज अगर रैली निकालते
4:32हैं कल अगर ये चीज और उग्र हो जाता और
4:35यहां पे क्या हो रहा है ना कि कंपनी दो
4:37गुट में बांट दी है। गांव को दो गुट में
4:39भी बांट दिए। कुछ ग्रामीण लोग हैं जो रयत
4:42कुछ-कुछ है उन लोग को बहका के क्या बोलते
4:46हैं वो लोग को अपने तरफ करके और दो गुट
4:50करके यहां पे दो गुट बांध दिए तो ये चीज
4:53हम लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे क्योंकि
4:54गांव गांव हमारा शुरू से एक रहा एक साथ
4:57लड़े हैं और एक साथ सारा चीज हुआ है लेकिन
5:00आज अगर बाहर का कोई कंपनी आके इस चीज को
5:02कर रहा है दो गुट में बांट रहा है तो ये
5:04हम लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर
5:06कल कुछ होता है तो उसके जिम्मेवार खुद
5:08कंपनी होंगी और अह आप यहां अगर काम करने
5:12आए हैं तो गांव के साथ सहमति के साथ ही
5:14काम होगा। विरोध और आक्रोश से काम कभी
5:17नहीं होगा। तो इसलिए आप इस चीज को वार्ता
5:20के वार्ता करके आप इसको सुलझाइए सुलझाने
5:22का काम कीजिए ताकि आगे ये लोग को परेशानी
5:24ना हो और आपके तरफ से जो सुविधा है वो
5:27देने का काम कीजिए। तभी ये लोग अपना धरना
5:30तोड़ेंगे। बाकी इतने का और मैं इस ग्राम
5:34पंचायत की मुखिया हूं। मुखिया होने के
5:36नाते मैं आई हूं। आज आई हूं फर्स्ट टाइम।
5:38ऐसे मैंने देखा कि हर दिन ये लोग धरना पे
5:40है। 7 तारीख से लगा हुआ है। तो मैं आई हुई
5:44हूं और मैं ये लोग को कह रही हूं कि हम
5:46लोग का सपोर्ट पूरी तरह है आप लोग के ऊपर।
5:48आप लोग अपना जारी रखिए आंदोलन क्योंकि जीत
5:52हमेशा हमेशा जीत होती है सच्चाई की तो आप
5:54लोग सच्चे में है। जरूर आप लोग के साथ कुछ
5:56ना कुछ न्याय होगा ही होगा।
6:00देखिए आपके दर्शकों के आपके माध्यम से
6:02आपके दर्शकों को यही कहना चाहूंगा कि यहां
6:05पे लगातार छ से सात दिनों से लगातार
6:08मजदूरों को आंदोलन चल रहा है। तो इसका
6:11मुख्य कारण यह है कि यहां एचपीसी जो रेट
6:14है कंपनी जो नियम में बना के लाई है वो
6:16नियम के तहत भी पेमेंट मजदूरों को नहीं
6:19किया जा रहा है। इन लोग को 8 घंटा के जगह
6:21पे 12 घंटा हटाया जा रहा है। और किसी तरह
6:23का भी सेफ्टी के नाम से कुछ भी नहीं है।
6:26मतलब एक कोल माइनिंग एरिया में यदि हम काम
6:29कर रहे हैं तो और किसी भी तरह का कोई
6:31सेफ्टी नहीं है। साथ ही साथ इन लोग को यह
6:33भी पता नहीं है कि हम किस कंपनी में काम
6:36कर रहे हैं। इन लोग का ना आईडी है।
6:38जॉइनिंग लेटर जो इन लोग को दिया गया है
6:39दूसरे कंपनी से दिया गया है। और जब अभी ये
6:42लोग जब आंदोलन कर रहे थे जब निष्कासित
6:44किया गया तब इन लोग को पता चला कि हम
6:46दूसरे कंपनी में हैं। मतलब दो तरह का लेटर
6:48एक कंपनी चला रहा है। तो सीधा-सीधी है कि
6:51कंपनी अवैध रूप से अपने काम को कार्यों को
6:53करा रही है। डराधमका के करा रही है। तो इस
6:56पे यदि आंदोल ये लोग आंदोलन कर रहे हैं
6:59अपने मांग कर रहे हैं अपने अधिकार का मांग
7:00कर रहे हैं तो इस पे सरकार को और जो
7:04रामगढ़ जो प्रशासनिक विभाग है उस पे पहल
7:06करना चाहिए और ये लोगों का जो भी बात है
7:09वार्ता करके इन लोग को दिलाना चाहिए यही
7:11हम भी मांग कर रहे हैं कि इन लोग को मिले
7:13और यदि ऐसा नहीं होता है यदि हम लोग को
7:16मांगे पूरी नहीं होती है मजदूरों को मांगे
7:19पूरी नहीं होती है तो हम लोग कलवरी से
7:21लेकर सड़क तक रोकने का काम करेंगे और यदि
7:23हम लोग आपका
7:27भीमराव अंबेडकर को हम लोग मान के चलते
7:29हैं। गांधी जी को मान के चलते हैं और तमाम
7:33शहीदों को हम लोग उनके विचारों को मान के
7:36चलते हैं। हम लोग भैया भगत सिंह भी बनने
7:38के लिए तैयार हैं। और हम लोग सुभाष चंद्र
7:42बोस भी बनने के लिए तैयार हैं। चंद्रशेखर
7:43आजाद भी बनने के लिए तैयार हैं। पर हम लोग
7:46ऐसा शोषण नहीं सहेंगे क्योंकि अंग्रेजों
7:48से भी खतरनाक शोषण किया जा रहा है। अरे
7:51अंग्रेज के समय में भी हमसे पूछा जाता था
7:53कि आपका इच्छा क्या है? पर इन लोगों का
7:56कोई इच्छा नहीं पूछा जा रहा है। मतलब
7:58अंग्रेज से भी बुरा हाल यदि देश का आजाद
8:01होने से 80 साल हो गया और अभी भी हमारे
8:04साथ शोषण हो रहा है तो हम इसको नहीं बोलते
8:06हैं कि ये स्वतंत्रता हम लोग को मिला हुआ
8:08है। स्वतंत्रता कॉर्पोरेट लोगों को मिला
8:10हुआ है। स्वतंत्रता बड़े लोगों को मिला
8:13हुआ है। मजदूरों को नहीं मिला हुआ है। यदि
8:15मजदूर अपने हक अधिकार के लिए भी इतना
8:17त्रस्त है। इतना परेशान है तो कहीं ना
8:20कहीं हम लोग लोकतंत्र में नहीं जी रहे
8:22हैं। हम लोग राजतंत्र में जी रहे हैं।
8:24यहां राजा का शासन कंपनी चला रहा है। यह
8:26एकदम हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे और इन
8:29लोग के साथ हम लोग कंधे से कंधे मिला के
8:31खड़े हैं। जहां भी हम लोग को जरूरत
8:33पड़ेगा, लड़ना पड़ेगा, भिड़ना पड़ेगा,
8:36मारना पड़ेगा तो हम लोग उसके लिए भी तैयार
8:38हैं। पर हम लोग बर्दाश्त अब नहीं करेंगे।
8:40यहां का वर्कर कुछ दिनों के लिए हड़ताल के
8:42लिए काम बंद कर दिए थे। लेकिन दोबारा फिर
8:45चालू कर दिया गया कंपनी के द्वारा। तो
8:47इसमें आंदोलन क्या सफल आप
8:50एकदम जो मजदूर को अपना हक अधिकार मांग रहे
8:53हैं वो मजदूर आज भी यहां पे डटे हुए हैं
8:55और उन लोगों को बरगला के बाहर से लाया जा
8:58रहा है कि चलो वहां काम करेंगे वहां नौकरी
9:00देंगे पर वो मजदूरों को मालूम नहीं है कि
9:03कैसा मेरा हालात होने वाला है ना उसका
9:06आईडी रहेगा ना उसका किसी तरह का पीएफ
9:08कटेगा ना उसका इंश्योरेंस रहेगा मरेगा
9:11कंपनी वहीं वहीं दबा देगा वहीं दफन कर
9:13देगा तो मांग क्या कर रहे हैं आप यदि एक
9:16मजदूर को हटा के दूसरे मजदूर को ला रहे
9:18हैं तो वह भी मजदूर कल के डेट में यह शोषण
9:20होंगे और यहीं पे बैठेंगे। इसलिए वह यह मत
9:23सोचे कि हम लोग होशियार हैं और ये लोग
9:26बुरबक हैं सो और यदि वैसा बात है तो कंपनी
9:29कोयला तो ट्रांसपोर्टिंग करेगी ना। कोयला
9:31रखेगी नहीं पर हम लोग संविधानिक तरीके से
9:34मांग करेंगे और रोड को रोक देंगे।
9:35इस इस आंदोलन कर रहे हैं वर्कर लोग के लिए
9:38कि आप क्या संदेश दे रहे हैं?
9:41हम मजदूरों को यही कहेंगे कि अभी आप धैर्य
9:44और शांति बना के रखिए। अभी आप अपने खून को
9:47ठंडक बना के रखिए। जिस दिन हम लोग को खून
9:49गर्मी खून देख कंपनी देखेगा कंपनी उठा के
9:52भागेगा।