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केबीपी माइनिंग मजदूरों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी

KHABAR 365 NEWS · 1,874 words · 9 min read

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0:00केबीपी माइनिंग के मजदूरों का सात दिनों

0:02से हड़ताल जारी। मजदूर अपने विभिन्न

0:05मांगों को लेकर निकाला पैदल मार्च। जताया

0:08विरोध प्रदर्शन। रामगढ़ जिले के वेस्ट

0:10बोकारो ओपी अंतर्गत बसंतपुर स्थित केपीपी

0:13माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत

0:15मजदूर अपनी मांगों को लेकर लगातार सात

0:18दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। आज मजदूर

0:20अपनी विभिन्न मांगों को पैदल मार्च जुलूस

0:23निकाला और अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाया।

0:26जुलूस में बसंतपुर के मुखिया सरिता देवी,

0:29समाजसेवी राजलाल महतो सहित काफी संख्या

0:32में रयत स्थापित मजदूर शामिल थे। जुलूस

0:36धरना स्थल से क्षेत्र का भ्रमण करते हुए

0:39केबीपी प्रोजेक्ट के मुख्य द्वार तक

0:41पहुंचा। जहां जुलूस एक सभा में तब्दील हो

0:44गई। मजदूरों ने कंपनी के मनमानी रवैया के

0:46विरोध में जमकर नारेबाजी की। बता दें कि

0:50केबीपी प्रोजेक्ट में कार्यरत 450 मजदूर

0:53अपनी सुरक्षा व्यवस्था, न्यूनतम मजदूरी,

0:56पीएफ सहित विभिन्न मांगों को लेकर सात

0:59दिनों से काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं।

1:02आज मजदूरों के समर्थन में बसंतपुर पंचायत

1:05मुखिया सरिता देवी, मुखिया प्रतिनिधि

1:07राजलाल महतो, मांडू विधानसभा के पूर्व

1:10प्रत्याशी बिहारी महतो का समर्थन प्राप्त

1:12है। बसंतपुर की मुखिया सरिता देवी ने कहा

1:16कि पिछले सात दिनों से मजदूर धरना स्थल पर

1:19हड़ताल पर बैठे हैं। लेकिन अभी तक ना

1:21सीसीएल महाप्रबंधक चरी एरिया और ना ही

1:24केबीपी कंपनी द्वारा किसी भी तरह का सकार

1:27सकारात्मक पहल किया गया है। दूसरी ओर

1:30कंपनी समस्या का समाधान करने के जगह

1:33ग्रामीणों को दो गुटों में बांटने का

1:35षड्यंत्र कर रही है। मजदूर अपनी हक अधिकार

1:38की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ कंपनी कुछ

1:40ग्रामीणों के षड्यंत्र से नई मजदूर बहाली

1:43प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। जिससे

1:46मजदूर और भी आक्रोशित हो गए हैं। मजदूर

1:48अपनी सुरक्षा उपकरण, पहचान पत्र, आईडी

1:51कार्ड, सामान काम का समान वेतन की मांग कर

1:54रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी में

1:57स्थानीय और बाहरी मजदूर एक पद पर और बराबर

2:00काम करने के बावजूद वेतन में भेदभाव,

2:03न्यूनतम मजदूरी नहीं दिया जाता है। बाहरी

2:06मजदूरों को प्रतिदिन ₹1350 बनता है।

2:10स्थानीय मजदूरों को ₹550 दिया जाता है।

2:13कंपनी के इसी मनमानी को लेकर आज मजदूरों

2:16द्वारा सात दिनों से विरोध प्रदर्शन किया

2:18जा रहा है और आज मजदूर जुलूस के माध्यम से

2:22कंपनी को साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा

2:24है कि समय सीमा के अंदर मजदूरों की हक

2:27अधिकार को देने का काम करें अन्यथा आंदोलन

2:30को और भी उग्र रूप ले लेगा। वहीं पूरे

2:32मामले पर विधि व्यवस्था बनाए रखने को लेकर

2:35वेस्ट बोकारो ओपी प्रभारी दीपक कुमार अपने

2:38पुलिस दलबल के साथ धरना स्थल पर मौजूद

2:40हैं। मांडू बसंतपुर से मोहम्मद साबिर की

2:43रिपोर्ट।

2:45आज यहां मुख्य रूप से जो कहिए जो मांग है

2:49आपका यहां का जो सही सबसे पहले कि जिन लोग

2:52का जॉइनिंग लेटर नहीं दिया गया है आईडी

2:54कार्ड नहीं दिया गया है मेडिकल का सुविधा

2:57नहीं है

2:58और हाई पावर कमेट का जो सीसीएल में जो

3:02डिसाइडेड है जो माइनिंग क्षेत्र में जो

3:04सही मजदूरी नहीं दिया जा रहा है स्किल

3:06अनस्किल सेमी स्किल का किसी भी का इस तरह

3:10का नहीं ना पे शिल्प दिया जा रहा है

3:12डायरेक्ट कंपनी क्या कर रही है कि Reli

3:15कंपनी के नाम से अकाउंट में पैसा भेज रही

3:17है वह भी 1920 करके और आपका यहां कंपनी का

3:21नाम से जो काम चल रहा है वो केबीपी

3:22माइनिंग है।

3:26अभी वार्ता हुआ

3:28वार्ता अभी तक नहीं है हुआ है। इसमें हम

3:30लोग वार्ता के लिए बोला गया है। डीसी साहब

3:32से भी रिक्वेस्ट किया गया है। जीएम साहब

3:34से भी रिक्वेस्ट किया गया है। वो लोग

3:36वार्ता के लिए अभी तक ध्यान नहीं दे रहे

3:37हैं। और मजदूरों में इस बीच रोश आ रहा है

3:40और आए दिन अगर प्रबंधन और प्रशासन अगर

3:44वार्ता नहीं कराती है तो आए दिन अपरिय

3:47घटना घटने और यहां जो है कंपनी के बीच में

3:49घुस के भी बंद कराने का कार्य करेंगे

3:51मजदूर जो कि उनका कोई भी जिम्मेवारी होगा

3:54तो प्रशासन और प्रबंधन का होगा नाम

3:57मेरा नाम हुआ राजाल महतो पूर्व मुखिया

3:59मुखिया प्रतिनिधि और झारखंड कोलेरी मजदूर

4:01यूनियन का है सदस्य

4:04जैसा कि देख रहे हैं कि हम लोग यहां धरना

4:06सात दिन से चल रहा है और इन लोग का जो

4:10मांग है वह मांग को लेके है लेकिन लेकिन

4:12अभी तक कंपनी तरफ से कोई पहल नहीं किया

4:15गया है और जहां तक कि ये लोग का मांग पत्र

4:18हमारे डीसी और उसके ऊपर तक भी चला गया है।

4:21लेकिन अभी तक उधर से कोई किसी तरह का कोई

4:24वार्ता के लिए किसी तरह कुछ अभी तक नहीं

4:27आया है। तो हम लोग अगर जैसे कि ये लोग चाह

4:30रहे हैं कि हम लोग आज अगर रैली निकालते

4:32हैं कल अगर ये चीज और उग्र हो जाता और

4:35यहां पे क्या हो रहा है ना कि कंपनी दो

4:37गुट में बांट दी है। गांव को दो गुट में

4:39भी बांट दिए। कुछ ग्रामीण लोग हैं जो रयत

4:42कुछ-कुछ है उन लोग को बहका के क्या बोलते

4:46हैं वो लोग को अपने तरफ करके और दो गुट

4:50करके यहां पे दो गुट बांध दिए तो ये चीज

4:53हम लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे क्योंकि

4:54गांव गांव हमारा शुरू से एक रहा एक साथ

4:57लड़े हैं और एक साथ सारा चीज हुआ है लेकिन

5:00आज अगर बाहर का कोई कंपनी आके इस चीज को

5:02कर रहा है दो गुट में बांट रहा है तो ये

5:04हम लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर

5:06कल कुछ होता है तो उसके जिम्मेवार खुद

5:08कंपनी होंगी और अह आप यहां अगर काम करने

5:12आए हैं तो गांव के साथ सहमति के साथ ही

5:14काम होगा। विरोध और आक्रोश से काम कभी

5:17नहीं होगा। तो इसलिए आप इस चीज को वार्ता

5:20के वार्ता करके आप इसको सुलझाइए सुलझाने

5:22का काम कीजिए ताकि आगे ये लोग को परेशानी

5:24ना हो और आपके तरफ से जो सुविधा है वो

5:27देने का काम कीजिए। तभी ये लोग अपना धरना

5:30तोड़ेंगे। बाकी इतने का और मैं इस ग्राम

5:34पंचायत की मुखिया हूं। मुखिया होने के

5:36नाते मैं आई हूं। आज आई हूं फर्स्ट टाइम।

5:38ऐसे मैंने देखा कि हर दिन ये लोग धरना पे

5:40है। 7 तारीख से लगा हुआ है। तो मैं आई हुई

5:44हूं और मैं ये लोग को कह रही हूं कि हम

5:46लोग का सपोर्ट पूरी तरह है आप लोग के ऊपर।

5:48आप लोग अपना जारी रखिए आंदोलन क्योंकि जीत

5:52हमेशा हमेशा जीत होती है सच्चाई की तो आप

5:54लोग सच्चे में है। जरूर आप लोग के साथ कुछ

5:56ना कुछ न्याय होगा ही होगा।

6:00देखिए आपके दर्शकों के आपके माध्यम से

6:02आपके दर्शकों को यही कहना चाहूंगा कि यहां

6:05पे लगातार छ से सात दिनों से लगातार

6:08मजदूरों को आंदोलन चल रहा है। तो इसका

6:11मुख्य कारण यह है कि यहां एचपीसी जो रेट

6:14है कंपनी जो नियम में बना के लाई है वो

6:16नियम के तहत भी पेमेंट मजदूरों को नहीं

6:19किया जा रहा है। इन लोग को 8 घंटा के जगह

6:21पे 12 घंटा हटाया जा रहा है। और किसी तरह

6:23का भी सेफ्टी के नाम से कुछ भी नहीं है।

6:26मतलब एक कोल माइनिंग एरिया में यदि हम काम

6:29कर रहे हैं तो और किसी भी तरह का कोई

6:31सेफ्टी नहीं है। साथ ही साथ इन लोग को यह

6:33भी पता नहीं है कि हम किस कंपनी में काम

6:36कर रहे हैं। इन लोग का ना आईडी है।

6:38जॉइनिंग लेटर जो इन लोग को दिया गया है

6:39दूसरे कंपनी से दिया गया है। और जब अभी ये

6:42लोग जब आंदोलन कर रहे थे जब निष्कासित

6:44किया गया तब इन लोग को पता चला कि हम

6:46दूसरे कंपनी में हैं। मतलब दो तरह का लेटर

6:48एक कंपनी चला रहा है। तो सीधा-सीधी है कि

6:51कंपनी अवैध रूप से अपने काम को कार्यों को

6:53करा रही है। डराधमका के करा रही है। तो इस

6:56पे यदि आंदोल ये लोग आंदोलन कर रहे हैं

6:59अपने मांग कर रहे हैं अपने अधिकार का मांग

7:00कर रहे हैं तो इस पे सरकार को और जो

7:04रामगढ़ जो प्रशासनिक विभाग है उस पे पहल

7:06करना चाहिए और ये लोगों का जो भी बात है

7:09वार्ता करके इन लोग को दिलाना चाहिए यही

7:11हम भी मांग कर रहे हैं कि इन लोग को मिले

7:13और यदि ऐसा नहीं होता है यदि हम लोग को

7:16मांगे पूरी नहीं होती है मजदूरों को मांगे

7:19पूरी नहीं होती है तो हम लोग कलवरी से

7:21लेकर सड़क तक रोकने का काम करेंगे और यदि

7:23हम लोग आपका

7:27भीमराव अंबेडकर को हम लोग मान के चलते

7:29हैं। गांधी जी को मान के चलते हैं और तमाम

7:33शहीदों को हम लोग उनके विचारों को मान के

7:36चलते हैं। हम लोग भैया भगत सिंह भी बनने

7:38के लिए तैयार हैं। और हम लोग सुभाष चंद्र

7:42बोस भी बनने के लिए तैयार हैं। चंद्रशेखर

7:43आजाद भी बनने के लिए तैयार हैं। पर हम लोग

7:46ऐसा शोषण नहीं सहेंगे क्योंकि अंग्रेजों

7:48से भी खतरनाक शोषण किया जा रहा है। अरे

7:51अंग्रेज के समय में भी हमसे पूछा जाता था

7:53कि आपका इच्छा क्या है? पर इन लोगों का

7:56कोई इच्छा नहीं पूछा जा रहा है। मतलब

7:58अंग्रेज से भी बुरा हाल यदि देश का आजाद

8:01होने से 80 साल हो गया और अभी भी हमारे

8:04साथ शोषण हो रहा है तो हम इसको नहीं बोलते

8:06हैं कि ये स्वतंत्रता हम लोग को मिला हुआ

8:08है। स्वतंत्रता कॉर्पोरेट लोगों को मिला

8:10हुआ है। स्वतंत्रता बड़े लोगों को मिला

8:13हुआ है। मजदूरों को नहीं मिला हुआ है। यदि

8:15मजदूर अपने हक अधिकार के लिए भी इतना

8:17त्रस्त है। इतना परेशान है तो कहीं ना

8:20कहीं हम लोग लोकतंत्र में नहीं जी रहे

8:22हैं। हम लोग राजतंत्र में जी रहे हैं।

8:24यहां राजा का शासन कंपनी चला रहा है। यह

8:26एकदम हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे और इन

8:29लोग के साथ हम लोग कंधे से कंधे मिला के

8:31खड़े हैं। जहां भी हम लोग को जरूरत

8:33पड़ेगा, लड़ना पड़ेगा, भिड़ना पड़ेगा,

8:36मारना पड़ेगा तो हम लोग उसके लिए भी तैयार

8:38हैं। पर हम लोग बर्दाश्त अब नहीं करेंगे।

8:40यहां का वर्कर कुछ दिनों के लिए हड़ताल के

8:42लिए काम बंद कर दिए थे। लेकिन दोबारा फिर

8:45चालू कर दिया गया कंपनी के द्वारा। तो

8:47इसमें आंदोलन क्या सफल आप

8:50एकदम जो मजदूर को अपना हक अधिकार मांग रहे

8:53हैं वो मजदूर आज भी यहां पे डटे हुए हैं

8:55और उन लोगों को बरगला के बाहर से लाया जा

8:58रहा है कि चलो वहां काम करेंगे वहां नौकरी

9:00देंगे पर वो मजदूरों को मालूम नहीं है कि

9:03कैसा मेरा हालात होने वाला है ना उसका

9:06आईडी रहेगा ना उसका किसी तरह का पीएफ

9:08कटेगा ना उसका इंश्योरेंस रहेगा मरेगा

9:11कंपनी वहीं वहीं दबा देगा वहीं दफन कर

9:13देगा तो मांग क्या कर रहे हैं आप यदि एक

9:16मजदूर को हटा के दूसरे मजदूर को ला रहे

9:18हैं तो वह भी मजदूर कल के डेट में यह शोषण

9:20होंगे और यहीं पे बैठेंगे। इसलिए वह यह मत

9:23सोचे कि हम लोग होशियार हैं और ये लोग

9:26बुरबक हैं सो और यदि वैसा बात है तो कंपनी

9:29कोयला तो ट्रांसपोर्टिंग करेगी ना। कोयला

9:31रखेगी नहीं पर हम लोग संविधानिक तरीके से

9:34मांग करेंगे और रोड को रोक देंगे।

9:35इस इस आंदोलन कर रहे हैं वर्कर लोग के लिए

9:38कि आप क्या संदेश दे रहे हैं?

9:41हम मजदूरों को यही कहेंगे कि अभी आप धैर्य

9:44और शांति बना के रखिए। अभी आप अपने खून को

9:47ठंडक बना के रखिए। जिस दिन हम लोग को खून

9:49गर्मी खून देख कंपनी देखेगा कंपनी उठा के

9:52भागेगा।

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