Free YouTube Transcribe

Video transcript

Mobile Aur Gharelu jhagde | Mazahia Darama |

SHAIKH ALI MASJID · 1,184 words · 6 min read

Want to search this transcript, jump the video from any line, or download it as TXT, SRT, or VTT?

Open in the transcript tool

Full transcript

0:00अस्सलाम वालेकुम।

0:02वालेकुम अस्सलाम।

0:03मैं सुबह से तुम्हारे फोन का इंतजार कर

0:05रही थी। कल से फ़ करे नहीं तुमने।

0:07मैं समझी तू काम में होंगी। मेरे बच्चे के

0:10नसीबों में बहुत काम है ना मां। क्या चल

0:12रहा है? खाना खाई क्या तूने?

0:13मां काहे का खाना ना पीना। सुबह-स कामत चल

0:16रहे। नहला आए थे। पानी भरी, बर्तन धोई।

0:19बच्चों को स्कूल भेजी, घर की झाड़ू मारी,

0:21फर्सी पोछी। इतना काम है ना मां खत्म ही

0:24नहीं होता।

0:24वो महारानी क्या कर रही तेरे जेठानी

0:26सुल्ताना? वो काम नहीं करती क्या? तेरा

0:29हाथ नहीं बैठाती क्या?

0:30अरे मां क्या बोलूं? वो दरवाजा बंद करके

0:32पाकिस्तानी सीरियल में इतनी बेटी है कि बस

0:35नहीं। मैं पूछने गई तो वो बोलती मेरा बहुत

0:37दुख रहा। हफ्ते में चार दिन तो बीमारी

0:39रहती। अनंत जब मेरा जेड आता तो इसके सामने

0:42काम करती और गिनगिन के बताती। बोलती इसने

0:46झाड़ू मारी, खाना पकाई, मैंने गोदड़ियां

0:48धोई, मैंने बर्तन धोई, मैंने यह करी,

0:51मैंने वो करी। दो दिन काम करती और सात दिन

0:53बीमार पड़ती और ऐसी बीमार पड़ती कि इसको सब

0:56खाने को पलंग पे होना महारानी की जैसा फिर

0:59इतनी बात तो वो मेरे शौहर और रेड के

1:01साथ-साथ पूरी गली में फिरते फिरती फिर मैं

1:04सब कुछ करके बदनाम और वो पलंग को पसर के

1:07बेचारी अम्मा मैं फ़ोन रखती वो किडनी आ गई

1:10लगता।

1:12हाय हाय कहके के तो लगा रही के फोन पे।

1:14अनस को लगा रही। मेरे को भारी समझी क्या

1:16तूने? तब सुन ली ना मैंने। जैसे कि मैं

1:19कुछ काम ही नहीं करती। बलदबरी का इल्जाम

1:21लगा रही। इतने भी झूठे वाता नहीं चलते ना।

1:23सबको मेरा ही दिखता है। तू क्या-क्या करती

1:26बताओगे फिर अब मैं?

1:28क्यों झगड़ रहे हो एक दूसरे को? पूरी गली

1:30में आवाज जा रही ना। सब कान लगा के सुन

1:32रहे। तुम्हारे को कुछ शर्म आया है क्या

1:34नहीं? ऐसा क्या हो गया जो पूरे घर को सर

1:37पर उठा लिया।

1:38अम्मा पहले इसने शुरू करी। इसकी मां को

1:40फोन पे बोल रही मैं ऐडी है। मेरे शौहर को

1:43एक के तो लगाती और बोल रही मैं चोटी है।

1:46मैंने इसके मुंह को लगाने का क्रीम पाउडर

1:48चुराई। और मैं ससुराल से मेरे मायके को

1:50खाने का सामान मिस्टी कहते मुक्तिगे खुद

1:53झूठिया बातें करने वालों के मुंह पे मट्टी

1:55पड़ो आने दे ना इनको बोलती ना सब [हंसी]

1:59ओ भाभी कितने बातें करते तुम मैंने कब

2:01बोले तुमको तुम्हारे मुंह पे मिट्टी

2:03पड़ेंगी इतने भी झूठे बातें नहीं करते ना

2:05तौबा तौबा

2:07अरे बस करो तुमको खुदा रसूल का वास्ता बस

2:11करो बच्चों पे क्या असर पड़ेगा और सुल्ताना

2:14तू तो ज्यादा बातें कर ले रही

2:15आो तुम भी मैं कुछ बोला अम्मा तुम ना

2:18हमेशा रुसाना की साइड लेते बोलती ना मैं

2:20मेरे शौहर को तुम दोनों ने मेरे को मिलके

2:22मारे ना [हंसी]

2:26अजी सुनते क्या तुम पहले घर पे आओ भला अब

2:29मैं यहां नहीं रहती मेरे को तो अलग लेके

2:32रहो या तुम्हारे अम्मा और अब्बा भाई को घर

2:34से निकालो बहुत हो गया अब नुकसान ने मेरे

2:37को मारी पूरा कल्ला सजा दी तुम्हारी अम्मा

2:39ने तो मेरे को खुद खुंदल के मारी मेरे ऊपर

2:42देवरात छल्ला अंगोटियां चुराने का इल्जाम

2:44लगाई तुमको मेरे जान की कसम तुम मेरे को

2:47अलग लेकर रह रहे अरे हुए तो ठीक नहीं तो

2:49मैं चली मेरे घर

2:51क्या उधम मचा रहे रे बाबा दोनों हाथ में

2:53पत्थर है मेरे को भी पिछले मैं अपना आलिमा

2:56जी को फ़ लगाती हूं वो जिस मसले का

2:58निकालेंगे अब आमा जी अस्सलाम वालेकुम

3:01हेलो

3:02वालेकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाह बरकातहू

3:04काला कैसे याद किया सब खैरियत से तो है ना

3:07क्या बताऊं आलीमा बाजी मुझे मेरे बच्चे सब

3:09बराबर है मैं मेरा घर ढूंढते हुए नहीं

3:12देखना चाहती तुम आकर कुछ करो वरना मैं

3:14टेंशन से ही मर जाऊंगी मेरे घर हर बात पर

3:17झगड़ा कब से एक घर में होने के बावजूद

3:20अलग-अलग है। मेरे बच्चों में इंतलाक हो

3:22गया है। एक दूसरे की शिकायतें कर रहे हैं।

3:26मैं क्या करूं आलिमा बाजी कुछ समझ में

3:28नहीं आ रहा। तुम अल्लाह के वास्ते आओ मेरे

3:30टूटते हुए घर को बचाओ।

3:31अरे खाला जान अगर आप अपनी बहुओं को हफ्ते

3:34वादी इज्तिमा में भेजती और घर में रोजाना

3:37किताब तालीम करती तो आज ये नौबत नहीं आती।

3:39खैर तुम अपनी घर की बहुओं को जमा करो। मैं

3:42अभी आती हूं।

3:43अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह व बरकातहू।

3:46वालेकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाह व बरकातहू।

3:49मुझे खाला जान ने तुम्हारे ताल्लुक से

3:51तमाम बातें बताई। आप दोनों में कौन सही और

3:53कौन गलत? मैं यह फैसला करने नहीं आई हूं।

3:56बल्कि अल्लाह और उसके रसूल सल्लल्लाहु

3:58अलैहि वसल्लम के बताए हुए तरीकों पर चलने

4:00के लिए दरख्वास्त लेकर आई हूं। हमारे घर

4:03में झगड़े की सबसे बड़ी वजह मोबाइल है।

4:05हमारी खवातीन घरों में मोबाइल पर सीरियल

4:08देख रही है। जिसे अपनी जिंदगी में ला रही

4:10है। सीरियल में सास, बहू, ननंद, देवरानी,

4:13जेठानी के झगड़े बताए जा रहे हैं। इससे

4:16सीखकर हमारी खवातीन जन्नत जैसे घर को

4:18जहन्नुम बना रही है। मोबाइल पर एक घर की

4:21बातें दूसरी घर जा रही है। बेटी सुबह से

4:24लेकर शाम तक अपने ससुराल की कारगुजारी

4:27अपनी मां को मोबाइल पर बता रही है। जिससे

4:30तलाक तक की नौबत आ रही है। लोग एक दूसरे

4:32से नफरत कर रहे हैं और दो खानदान आपस में

4:35टूट रहे हैं। गबत अल्लाह ताला ने सूर

4:37हिजरत में इरशाद फरमाया ऐ ईमान वालों बहुत

4:40से गुमानों से बचो। बाज़ गुमान गुनाह होते

4:43हैं और किसी की टोंब में ना लगो और एक

4:45दूसरे की गबत ना करो और हमारे घर की

4:48खवातीन अगर घर के कामों को नेकी समझ कर

4:50करेंगी तो अल्लाह उसे जरूर रजो देगा। जैसे

4:53आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया पाक

4:55ही आधा ईमान है। अब आपकी ये जिम्मेदारी

4:58बनती है कि बर्तन साफ करते वक्त, झाड़ू

5:00मारते वक्त, कपड़े धोते वक्त इस हदीस को

5:03ज़हन में रखें और ये नियत करें कि पाक और

5:05साफ सुथराई अल्लाह का हुक्म है। और अल्लाह

5:08के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमें

5:10हुक्म दे रहे हैं। हमें हुक्म दे रहे हैं।

5:12आप घर बैठे अपना आधा ईमान महफूज़ कर सकती

5:16कर सकती है। घर की एक बेतरतीब चीज को

5:19उठाकर रखने में एक नेकी मिलती है। आपकी ये

5:21गलतफहमी है कि नेकी सिर्फ जय नमाज बिछाकर

5:24जिक्र तिलावत करने का ही नाम नहीं बल्कि

5:27ननंद का भाव से मोहब्बत से बात करना भी

5:29नहीं की है। देवरानी और जेठानी का आपस में

5:32मोहब्बत से पेश आना भी नहीं की है। एक

5:35दूसरे की जरूरतों का ख्याल रखना भी नहीं

5:37की है। किसी कड़वी कड़ी सी भी बात सुनकर

5:40सब्र करना बुराई का अच्छाई से जवाब देना

5:43भी नहीं की है। किसी से बदगुमानी ना करना

5:46भी नहीं की है। किसी का ऐब छुपाना भी नेकी

5:48है। किसी की सरपशी करना भी नेकी है। और

5:52हमारे घर में मुंतखब अहदीस, फ़ज़ाइल, आमाल

5:55की किताब भी तालीम करें। तिलावत और नमाज़

5:58का एहतमाम करें। हर हफ्ते इ्तिमा का

6:00एहतमाम करें। और अल्लाह ताला से दुआ करें

6:04हमें मोबाइल पर सीरियल देखने से हमारी

6:06हिफाजत फरमाए। मोबाइल पर हमें चुगली करने

6:09से हमारी हिफाजत फरमाए। मोबाइल पर गबत

6:12करने से हमारी हिफाजत फरमाए।

6:16अस्सलाम वालेकुम

Recently added transcripts

Browse the whole transcript library

This transcript was generated from the captions YouTube publishes for this video. Get the transcript of any YouTube video atfreeyoutubetranscribe.com, free, unlimited, no sign-up.