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0:00अस्सलाम वालेकुम।
0:02वालेकुम अस्सलाम।
0:03मैं सुबह से तुम्हारे फोन का इंतजार कर
0:05रही थी। कल से फ़ करे नहीं तुमने।
0:07मैं समझी तू काम में होंगी। मेरे बच्चे के
0:10नसीबों में बहुत काम है ना मां। क्या चल
0:12रहा है? खाना खाई क्या तूने?
0:13मां काहे का खाना ना पीना। सुबह-स कामत चल
0:16रहे। नहला आए थे। पानी भरी, बर्तन धोई।
0:19बच्चों को स्कूल भेजी, घर की झाड़ू मारी,
0:21फर्सी पोछी। इतना काम है ना मां खत्म ही
0:24नहीं होता।
0:24वो महारानी क्या कर रही तेरे जेठानी
0:26सुल्ताना? वो काम नहीं करती क्या? तेरा
0:29हाथ नहीं बैठाती क्या?
0:30अरे मां क्या बोलूं? वो दरवाजा बंद करके
0:32पाकिस्तानी सीरियल में इतनी बेटी है कि बस
0:35नहीं। मैं पूछने गई तो वो बोलती मेरा बहुत
0:37दुख रहा। हफ्ते में चार दिन तो बीमारी
0:39रहती। अनंत जब मेरा जेड आता तो इसके सामने
0:42काम करती और गिनगिन के बताती। बोलती इसने
0:46झाड़ू मारी, खाना पकाई, मैंने गोदड़ियां
0:48धोई, मैंने बर्तन धोई, मैंने यह करी,
0:51मैंने वो करी। दो दिन काम करती और सात दिन
0:53बीमार पड़ती और ऐसी बीमार पड़ती कि इसको सब
0:56खाने को पलंग पे होना महारानी की जैसा फिर
0:59इतनी बात तो वो मेरे शौहर और रेड के
1:01साथ-साथ पूरी गली में फिरते फिरती फिर मैं
1:04सब कुछ करके बदनाम और वो पलंग को पसर के
1:07बेचारी अम्मा मैं फ़ोन रखती वो किडनी आ गई
1:10लगता।
1:12हाय हाय कहके के तो लगा रही के फोन पे।
1:14अनस को लगा रही। मेरे को भारी समझी क्या
1:16तूने? तब सुन ली ना मैंने। जैसे कि मैं
1:19कुछ काम ही नहीं करती। बलदबरी का इल्जाम
1:21लगा रही। इतने भी झूठे वाता नहीं चलते ना।
1:23सबको मेरा ही दिखता है। तू क्या-क्या करती
1:26बताओगे फिर अब मैं?
1:28क्यों झगड़ रहे हो एक दूसरे को? पूरी गली
1:30में आवाज जा रही ना। सब कान लगा के सुन
1:32रहे। तुम्हारे को कुछ शर्म आया है क्या
1:34नहीं? ऐसा क्या हो गया जो पूरे घर को सर
1:37पर उठा लिया।
1:38अम्मा पहले इसने शुरू करी। इसकी मां को
1:40फोन पे बोल रही मैं ऐडी है। मेरे शौहर को
1:43एक के तो लगाती और बोल रही मैं चोटी है।
1:46मैंने इसके मुंह को लगाने का क्रीम पाउडर
1:48चुराई। और मैं ससुराल से मेरे मायके को
1:50खाने का सामान मिस्टी कहते मुक्तिगे खुद
1:53झूठिया बातें करने वालों के मुंह पे मट्टी
1:55पड़ो आने दे ना इनको बोलती ना सब [हंसी]
1:59ओ भाभी कितने बातें करते तुम मैंने कब
2:01बोले तुमको तुम्हारे मुंह पे मिट्टी
2:03पड़ेंगी इतने भी झूठे बातें नहीं करते ना
2:05तौबा तौबा
2:07अरे बस करो तुमको खुदा रसूल का वास्ता बस
2:11करो बच्चों पे क्या असर पड़ेगा और सुल्ताना
2:14तू तो ज्यादा बातें कर ले रही
2:15आो तुम भी मैं कुछ बोला अम्मा तुम ना
2:18हमेशा रुसाना की साइड लेते बोलती ना मैं
2:20मेरे शौहर को तुम दोनों ने मेरे को मिलके
2:22मारे ना [हंसी]
2:26अजी सुनते क्या तुम पहले घर पे आओ भला अब
2:29मैं यहां नहीं रहती मेरे को तो अलग लेके
2:32रहो या तुम्हारे अम्मा और अब्बा भाई को घर
2:34से निकालो बहुत हो गया अब नुकसान ने मेरे
2:37को मारी पूरा कल्ला सजा दी तुम्हारी अम्मा
2:39ने तो मेरे को खुद खुंदल के मारी मेरे ऊपर
2:42देवरात छल्ला अंगोटियां चुराने का इल्जाम
2:44लगाई तुमको मेरे जान की कसम तुम मेरे को
2:47अलग लेकर रह रहे अरे हुए तो ठीक नहीं तो
2:49मैं चली मेरे घर
2:51क्या उधम मचा रहे रे बाबा दोनों हाथ में
2:53पत्थर है मेरे को भी पिछले मैं अपना आलिमा
2:56जी को फ़ लगाती हूं वो जिस मसले का
2:58निकालेंगे अब आमा जी अस्सलाम वालेकुम
3:01हेलो
3:02वालेकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाह बरकातहू
3:04काला कैसे याद किया सब खैरियत से तो है ना
3:07क्या बताऊं आलीमा बाजी मुझे मेरे बच्चे सब
3:09बराबर है मैं मेरा घर ढूंढते हुए नहीं
3:12देखना चाहती तुम आकर कुछ करो वरना मैं
3:14टेंशन से ही मर जाऊंगी मेरे घर हर बात पर
3:17झगड़ा कब से एक घर में होने के बावजूद
3:20अलग-अलग है। मेरे बच्चों में इंतलाक हो
3:22गया है। एक दूसरे की शिकायतें कर रहे हैं।
3:26मैं क्या करूं आलिमा बाजी कुछ समझ में
3:28नहीं आ रहा। तुम अल्लाह के वास्ते आओ मेरे
3:30टूटते हुए घर को बचाओ।
3:31अरे खाला जान अगर आप अपनी बहुओं को हफ्ते
3:34वादी इज्तिमा में भेजती और घर में रोजाना
3:37किताब तालीम करती तो आज ये नौबत नहीं आती।
3:39खैर तुम अपनी घर की बहुओं को जमा करो। मैं
3:42अभी आती हूं।
3:43अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह व बरकातहू।
3:46वालेकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाह व बरकातहू।
3:49मुझे खाला जान ने तुम्हारे ताल्लुक से
3:51तमाम बातें बताई। आप दोनों में कौन सही और
3:53कौन गलत? मैं यह फैसला करने नहीं आई हूं।
3:56बल्कि अल्लाह और उसके रसूल सल्लल्लाहु
3:58अलैहि वसल्लम के बताए हुए तरीकों पर चलने
4:00के लिए दरख्वास्त लेकर आई हूं। हमारे घर
4:03में झगड़े की सबसे बड़ी वजह मोबाइल है।
4:05हमारी खवातीन घरों में मोबाइल पर सीरियल
4:08देख रही है। जिसे अपनी जिंदगी में ला रही
4:10है। सीरियल में सास, बहू, ननंद, देवरानी,
4:13जेठानी के झगड़े बताए जा रहे हैं। इससे
4:16सीखकर हमारी खवातीन जन्नत जैसे घर को
4:18जहन्नुम बना रही है। मोबाइल पर एक घर की
4:21बातें दूसरी घर जा रही है। बेटी सुबह से
4:24लेकर शाम तक अपने ससुराल की कारगुजारी
4:27अपनी मां को मोबाइल पर बता रही है। जिससे
4:30तलाक तक की नौबत आ रही है। लोग एक दूसरे
4:32से नफरत कर रहे हैं और दो खानदान आपस में
4:35टूट रहे हैं। गबत अल्लाह ताला ने सूर
4:37हिजरत में इरशाद फरमाया ऐ ईमान वालों बहुत
4:40से गुमानों से बचो। बाज़ गुमान गुनाह होते
4:43हैं और किसी की टोंब में ना लगो और एक
4:45दूसरे की गबत ना करो और हमारे घर की
4:48खवातीन अगर घर के कामों को नेकी समझ कर
4:50करेंगी तो अल्लाह उसे जरूर रजो देगा। जैसे
4:53आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया पाक
4:55ही आधा ईमान है। अब आपकी ये जिम्मेदारी
4:58बनती है कि बर्तन साफ करते वक्त, झाड़ू
5:00मारते वक्त, कपड़े धोते वक्त इस हदीस को
5:03ज़हन में रखें और ये नियत करें कि पाक और
5:05साफ सुथराई अल्लाह का हुक्म है। और अल्लाह
5:08के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमें
5:10हुक्म दे रहे हैं। हमें हुक्म दे रहे हैं।
5:12आप घर बैठे अपना आधा ईमान महफूज़ कर सकती
5:16कर सकती है। घर की एक बेतरतीब चीज को
5:19उठाकर रखने में एक नेकी मिलती है। आपकी ये
5:21गलतफहमी है कि नेकी सिर्फ जय नमाज बिछाकर
5:24जिक्र तिलावत करने का ही नाम नहीं बल्कि
5:27ननंद का भाव से मोहब्बत से बात करना भी
5:29नहीं की है। देवरानी और जेठानी का आपस में
5:32मोहब्बत से पेश आना भी नहीं की है। एक
5:35दूसरे की जरूरतों का ख्याल रखना भी नहीं
5:37की है। किसी कड़वी कड़ी सी भी बात सुनकर
5:40सब्र करना बुराई का अच्छाई से जवाब देना
5:43भी नहीं की है। किसी से बदगुमानी ना करना
5:46भी नहीं की है। किसी का ऐब छुपाना भी नेकी
5:48है। किसी की सरपशी करना भी नेकी है। और
5:52हमारे घर में मुंतखब अहदीस, फ़ज़ाइल, आमाल
5:55की किताब भी तालीम करें। तिलावत और नमाज़
5:58का एहतमाम करें। हर हफ्ते इ्तिमा का
6:00एहतमाम करें। और अल्लाह ताला से दुआ करें
6:04हमें मोबाइल पर सीरियल देखने से हमारी
6:06हिफाजत फरमाए। मोबाइल पर हमें चुगली करने
6:09से हमारी हिफाजत फरमाए। मोबाइल पर गबत
6:12करने से हमारी हिफाजत फरमाए।
6:16अस्सलाम वालेकुम