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0:00[संगीत]
0:10हमारा चैनल ड्रग्स, अल्कोहल या किसी अन्य
0:13नशीले पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा,
0:16समर्थन या प्रोत्साहित नहीं करता है। इस
0:19प्लेटफार्म पर साझा की गई सामग्री केवल
0:22जानकारी और शिक्षा के उद्देश्यों के लिए
0:24है। हम एक सकारात्मक और जिम्मेदार वातावरण
0:27बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सामुदायिक
0:30दिशा निर्देशों का पालन करते हैं। दर्शकों
0:33से सावधानी पूर्वक सामग्री देखने का
0:35अनुरोध किया जाता है।
0:36नमस्कार जी बहुत-बहुत स्वागत आप सबका आने
0:39और आप सबका जुड़ने के लिए धन्यवाद।
0:43बड़ा सुंदर शब्द कहा जाता है भाई। सुख में
0:46सुमिरन सब करे। दुख में करे ना कोई। जो
0:49दुख में सुमिरन करे तो
0:53सुख काहे को होए?
0:56तो मजे की बात है भाई। अगर आप अपने दुख
0:59में सुमिरन करते हैं तो ये कोई नई बात
1:02नहीं है यार। दुख में तो सारे सुमिरन करते
1:04हैं। यानी कि हमारी जिंदगी का जो दुश्मन
1:07है वो सुख है। क्योंकि सुख में पट्ठे
1:11सुमिरन नहीं करते। भाई सुख कहता है भूल जा
1:14भूल जा अपने भी भूल जा। पराए तो साले हैं
1:16ही सारे। सुख में परायों की लिस्ट बहुत
1:19लंबी बन जाती है। इसलिए कोई कहता है सुख
1:22में सबको भूल गए। अरे तो सुख होता है
1:24इसीलिए कि भूल जाओ
1:27तो दुख आता क्यों है पट्ठा ये दुख देता
1:30कौन है ओ हेलो अपने को याद कर ले बंदा
1:33परमात्मा को याद ना करे उसको भी ठुंड मार
1:36के बाहर
1:37जरा सा सुख मिला नहीं और हम भुलक्कड़ हो
1:40जाते हैं अपनी जिंदगी में दुख आने के लिए
1:44बहुत जरूरी है कि परमात्मा यह न्याय करें
1:47तो परम आत्मा
1:50जो हमारा परम आत्मा है
1:54परम आत्मा
1:57यह हमारा सूर्य है।
2:00शक्ति देता है, जीवन देता है के भैया
2:04जिंदगी रखनी है सब में। रोशनी चाहिए सबके
2:06जीवन में। कितना सुख है? सूरजमुखी के फूल
2:09उग जाते हैं। सारा वेजिटेशन ऑन होता है।
2:11हमारे ढक्कन खुल जाते हैं। हम कहते हैं
2:14काम करो यार। चलो कुछ बनाए कमाए। आ ताजी
2:17हवा में सांस ले। मजा आ गया यार। हवा ताजी
2:19हो गई सुबह-सुबह। तो परमात्मा हो गए सूरज
2:22देवता। अब कहते हैं यार ये पट्ठा जो है ना
2:24ये इसको सुख मिल गया। अब ये सुख में
2:27सुमिरन तो करेगा नहीं। फिर ये दोहा बनाना
2:30पड़ेगा कि सुख में सुमिरन कर करे तो दुख
2:33काहे को हो? लेकिन इसका लफड़ा ये साला
2:35करेगा ही दुख में। तो इसको ऐसा करो भाई।
2:37इसको न्याय संगत हमें तर्क संगत एक सिस्टम
2:40बना के देना पड़ेगा। तो इसको पीटो। तो
2:43अपने पुत्र को ड्यूटी लगाता है। पुत्र
2:44परमात्मा का पुत्र नेगेटिव साइड। नेगेटिव
2:48साइड शनि महाराज
2:53यह रोशनी है। यह अंधकार है। शाम को
2:55बैक्टीरिया आ जाते हैं सारे। जैन धर्म
2:58बहुत रिच धर्म है। बहुत रिच धर्म। उसमें
3:00यहां तक स्टडी कर ली गई कि सूरज अस्त होने
3:02के बाद इंफ्रारेड लाइट्स इनफ एक
3:05अल्ट्रावायलेट लाइट लाइट होती है।
3:06स्टार्टिंग में यूवी लाइट्स। वहां से
3:08हमारा नीचे की ओर विपियर चलता है और नीचे
3:12आर के बाद इंफ्रारेड स्टार्ट होता है।
3:14माइक्रोवेव एनर्जी आती है कत्ल और उस
3:17नेगेटिव एनर्जी के टाइम भाई भोजन मत खाओ
3:19कीड़े जाएंगे मकोड़े जाएंगे। बड़ी डेप्थ
3:21है साइंस में। इसीलिए सतयुग कलयुग तक की
3:24यात्रा है। छोटी उम्र हो गई है। छोटे कद
3:26हो गए हमारे। जिंदगी छोटी हो गई। अब ये
3:29नेगेटिव में क्या होता है? शनि महाराज का
3:31टाइम शुरू होता है। शाम का समय रात का
3:32समय। शनि न्याय कराता है। भाई सुबह-सुबह
3:35से तुम काम कर रहे हो। थक रहे हो सो जाओ।
3:38अब तुमने जिंदगी भर के लिए जो काम दिन भर
3:40में करना है फसल उगाई कुछ किया तो रात को
3:43भाई उसे आराम से लहलाने दो सुबह काटेंगे।
3:45इस प्रकार एक न्याय का देवता तो सूर्य ने
3:48जो किया सुख अब उसका न्याय करने के लिए आ
3:50गया शनि इसलिए शनि को कहते हैं बड़ा क्रूर
3:52है। असल में कोई न्याय के लिए जाए किसी के
3:56पास तो क्रूरता की पूरी उम्मीद रखें कि
3:59भैया अब हम न्याय करेंगे और तुम्हारी
4:01पिटाई होगी। न्याय में एक के साथ न्याय
4:03होगा तो दूसरे के साथ अन्याय होगा ही
4:05क्योंकि दोनों के साथ तो हां का फैसला हो
4:07नहीं सकता। तो यह शनि महाराज अंधकार का
4:10देवता आ जाता है कि भैया न्याय करो। ये
4:12पट्ठों को नो सालों को ये मजा नहीं आता।
4:14अब शनि कहता है यार न्याय करना है मैंने
4:16सिर्फ कर्म अनुसार जो प्लस है तुम्हारा वो
4:18मैं लिख लेता हूं। जो माइनस है तुम्हारा
4:20लिख लेता हूं। और उसके अनुसार तुम्हारी
4:22आत्मा के संचित कर्म अगले जन्म में
4:24तुम्हें प्रस्तुत करके दूंगा। यह बनेगा
4:26तुम्हारा प्रारब्ध। तो मुन्ना महाराज अपने
4:29सारे कर्मों का लेखाजोखा यहां रखते हैं।
4:32अब शनि महाराज कहते हैं काम तो मुझे कराना
4:34है लेकिन मैं अंधकार छोड़ के जाऊं कैसे?
4:38अब रोशनी के उजाले में अंधकार आ नहीं
4:41सकता। यह साथ कोई एक्सिस्ट कर नहीं सकते।
4:44तो इसने अपने लिए एक एजेंट नियुक्त कर
4:46दिया। चोरी का चोरी का। चोरी कौन करेगा?
4:50छाया ग्रह। एक छाया ग्रह इसने बना दिया जो
4:53है ही नहीं। यह कहानी है कि सूर्य भी जब
4:57छाया के साथ मिलन हुआ उसका तो शनि पैदा हो
5:00गया। तो सूर्य शनि का इस प्रकार का पुत्र
5:02है कि उसकी माता छाया है। वो कभी है ही
5:04नहीं। तो सूर्य के पीछे पीछे चलती है। साथ
5:06होती ही नहीं। तो ऐसी स्थिति में छाया
5:10ग्रह राहु है ही नहीं। लेकिन ये शनि के
5:12पीछे पीछे चलता है। तो शनि क्या कहता है?
5:15हां भाई चलो वहां जाकर के जरा इसका अटैक
5:17मार के आओ। कूट के आओ पट्ठे को साले को
5:19न्याय कराना है। इसकी ऐसी की तैसी। इसको
5:22दुख दो ताकि ये ऊपर वाले को याद करे। ये
5:26कहता हां यार दुख दिए बिना तो याद करेगा
5:27नहीं पट्ठा क्योंकि यह बहुत बड़ी समस्या
5:29है मनुष्य की। सारे टाइम वो जिससे भीख
5:31मांगता है हे भगवान नौकरी लगाते हैं।
5:33नौकरी लगाते ही कहता है ऐ पार्टी आ जाओ
5:35दारू पार्टी पिएंगे। भगवान के ऐसी की तैसी
5:37में उसको कहता है टन टन टन घंटी बजा दी ना
5:39दो मिनट तेरे लिए और कितनी जान मारू?
5:41भगवान भी कहता है यार तेरा बनता तो है
5:43राहु। तो ऐसी स्थिति में राहु महाराज शनि
5:47के एजेंट सूर्य की शुद्धि के लिए परमात्मा
5:50को याद करने के लिए आपको ठोक दिए जाते
5:52हैं। तो राहु प्रसिद्ध है इस मामले में
5:54भैया क्रूर क्रूर सुपर क्रूर मतलब शनि भी
5:58क्या नाश करेगा करता तो शनि की आज्ञा से
6:00है इसलिए उसका एजेंट है लेकिन वो क्रूरता
6:02क्या खाक करेगा वो रुला देता है आंसू आंसू
6:05एक्चुअली राहु जो है ये संत बनाने में लगा
6:07रहता है कि भाई तेरे को तो साधु बना दूंगा
6:10संत बना दूंगा इतना कूटूंगा इतना कूटूंगा
6:12कि तू पछताए मनुष्य पछताता क्यों है?
6:16बेगुनाह को सजा दिला देता है राहु। अब वो
6:19बेगुनाह अभी तो इस जन्म का बेगुनाह है।
6:22लेकिन भाई तेरा कोई तो गुनाह है। तेरे को
6:24सजा देके परमात्मा याद कब कराऊं? तो राहु
6:27महाराज उसकी कुटाई करते हैं। तो ये राहु
6:29हमारे आत्म अवलोकन का देवता है। यह हमारा
6:32ऐसा देवता है जो हमें कूट-कूट के इंसान से
6:35साधु सिद्ध ज्योतिषी तक बना देता है। तो
6:39इसका हक बनता है कि आपको पीटे। तो यह मान
6:41लें राहु जो बुरा ग्रह आया है बहुत बुरा
6:43करता है ये इससे खतरनाक कोई नहीं करता जो
6:46हम ज्योतिष की श्रंखला में देख के चलें तो
6:50हमारे पास सबसे ज्यादा बिनोत्तरी 120 साल
6:53की दशा में 20 साल का शुक्र चलता है ऐश का
6:57देवता इतनी देर का है 19 साल का शनि चलता
7:00है
7:02इससे कम न्याय होती है इसमें से 19 साल
7:05फिर 18 साल का आता है राहु
7:09सूरज देव तक कितनी देर के लिए आते
7:13सबसे छोटे सबसे छोटा बालक सूर्य है वो
7:17कहता है छ साल में बहुत गर्मी दे दूंगा
7:19जिंदगी में बहुत है भाई फिर ठंडक देंगे
7:21हमारे को मंगल फिर मंगल आता है पराक्रम का
7:24देवता सात वर्ष के लिए चंद्रमा आता है 10
7:27साल के लिए
7:29मंगल की छाया केतु है हनुमान जी और उनकी
7:33पूछ ये अलग है होगा इस प्रकार से ये
7:36कार्यक्रम चलता है बृहस्पति 16 के लिए आता
7:38है ज्ञान तो राहु का इतना इतना जबरदस्त
7:40ताकत है कि दैत्यों के गुरु और दैत्यों का
7:44कार्यक्रम करने वाले की छाया का नंबर एकदम
7:48साथों साथ है। तो जिंदगी में 18 साल कूट
7:51कूट के कूट कूट के अल्टीमेटली यह पीट-पीट
7:55के सोने की धातु का गहना बनाता है। चांदी
7:59की धातु का गहना, लोहे की धातु का औजार।
8:02यह सब कुछ बनवा के देता है आपको। यानी
8:05आपके जीवन में जब पिटाई हो रही है किसी भी
8:07क्षण किसी भी समय राहु का चक्कर है और वह
8:10कुछ न्याय कर रहा है। यह मुन्ना का एक
8:12स्वभाव है कि वो पहले तो शैतानी करेगा। अब
8:15एक छोटा बच्चा घर में आएगा। वो क्या
8:17करेगा? पहले तो उधम मचाएगा। ये अंकल आंटी
8:21के घर में मां-बाप की भी कोई औकात नहीं।
8:22पट्ठे कुछ कह नहीं पाएंगे। यहां तोड़फोड़
8:24मचाऊंगा। मां-बाप शर्मोशर्मी कहते रहते
8:27हैं। देख ले तूने छोरे को क्या समझा। आपका
8:29बिगाड़ा हुआ है। नहीं तू यहां मुझसे मत
8:31लड़। तू मैं अच्छा नहीं लगता। हां भाई
8:33साहब बैठिए। लड़के ने बेइज्जती कर करके
8:35जिंदगी खराब कर रखी है और लड़का क्या चौड़
8:37में है क्योंकि वहां पर खुले दर्शन है नई
8:39जगह है घर जाकर पिट लूंगा यहां तो शैतानी
8:42उसको शैतानी करनी है इसलिए बच्चों को
8:45शैतानी आवश्यक है हम बड़ों को शैतानी
8:48आवश्यक है हमारे अंदर का मुन्ना जब शांत
8:50हो जाता है फिर वो कहता है अच्छा चल ले ले
8:52टॉफी तो सबसे पहले लाइफ में आए हुए दुख
8:57आपको कार्य हो रहा है रुकावट आ रही है
9:00प्रेम हो रहा है रुकावट हो रही है जीवन चल
9:02रहा है झंझट आ आ रहा है बिज़नेस में रुकावट
9:04उसको फटाफट एक्सेप्ट करो। भोग लो। हां
9:06राहु महाराज आपने हमें कूटना पीटना है।
9:08हमने मान लिया सुमिरन कर लिया। ईश्वर तुझे
9:11कैसे भूल गए? हे भगवान सुमिरन करना है।
9:14भीख नहीं मांगनी। हे भगवान बचा ले बचा ले।
9:16राहु कहेगा चबा ले चबा ले। यह नहीं चलेगा।
9:20सुमिरन का मतलब समझे। ग्रेटट्यूड।
9:22ग्रेटट्यूड का मतलब थैंक यू। नहीं होता
9:24है। ग्रेटट्यूड का मतलब है सदैव उस अनंत
9:28ईश्वर में अंतर्मन डाल के रखना। यानी वी
9:30ऑलवेज रिमेंबर द गॉड। वो कहते हैं कृष्ण
9:33तुम मुझे कभी याद ही नहीं आए क्योंकि कभी
9:35भूले ही नहीं। ये कथा बनी हुई है तो
9:37तुम्हें याद क्या खाक करूं? ऐसे कृष्ण को
9:40परमात्मा को कभी भूलना ही नहीं है। वो है
9:42किसी भी रूप में। तो जब वो साक्षात
9:45परमात्मा याद आने लगता है राहु ठंडा हो
9:47जाता है। यानी आपके जीवन के हर कष्ट कैसा
9:50भी कष्ट कैसी भी तकलीफ ऑटोमेटिकली
9:52डिक्लाइन पे चली जाएगी। जैसे ही आप उस
9:54परमात्मा का सुमिरन करोगे। मांगोगे नहीं
9:57भिखारी बन गए वो फिर पिटेगा। क्योंकि एक
10:00टाइम के लिए क्या कहता है राहु? सूरज
10:02महाराज तुम तो साइड ही हो लो। तुम तो फिर
10:04आ जाओगे रोशनी देने। क्योंकि तुम तो
10:05भिखारियों की लाइन से त्रस्त हो। सब जगह
10:08भगवान से भिखारी भीख मांग रहे हैं हर धर्म
10:10में। पर राहु सूर्य को ग्रहण लगा देता है।
10:13कहता है साइड में टपक ले ऐसी की तैसी। मैं
10:15किसी की नहीं सुनूंगा। शनि की सुनूंगा।
10:17सूरज कहता है यार छाया का मैं मुकाबला
10:19क्या करूं? यहां तो मैं हूं ही नहीं। तो
10:22बड़ा अजीब फिनोमिनन है अंतरिक्ष के अंदर,
10:24सोलर सिस्टम के अंदर कि राहु बनता कैसे
10:26है? यह सूर्य को ग्रहण लगा देता है यार।
10:29बड़ी विचित्र कहानी है। यह धरती है हमारी।
10:32यह सूरज देवता है। यह छोटे से बनाए हैं तो
10:34बहुत ज्यादा बड़े हजार गुना। अब यहां चंदा
10:38मामा हमारे बीच रास्ते में गोला गोला गोला
10:40घूम रहे हैं। सूरज अपनी जगह बैठा हुआ है।
10:44धरती गोले गोले में घूम रही है और गोले
10:46गोले के साथ रिवॉल्व भी कर रही है, रोटेट
10:48भी कर रही है। जब यह हिस्सा इधर आ गया, तो
10:51रात हो गई। जब यह हिस्सा इधर आ गया, तो
10:53उजाला हो गया। अब चंदा मामा घूमते फिरते
10:56सैर सपाटे में मजे-मजे बीच रास्ते में आ
11:00ही जाते हैं। वो तो आना ही है। अब जब ये
11:02गोला गोला घूम के ऐसा बना हुआ कुछ अजीब सा
11:05कि चंदा मामा खास एक ऐसे डिस्टेंस पर हैं
11:07कि जब इतना बड़ा सूरज धरती पे किरणें फेंक
11:10रहा है तो खास बीच में आके पूरा काला हो
11:12जाता है सूरज एक खास टाइम पे। इसे हम कहते
11:14हैं सूर्य ग्रहण। ग्रहण मतलब आइए ब्राह्मण
11:18देता है कुछ ग्रहण करें। बोले तुम्हें भी
11:20खा जाऊंगा दक्षिणा टाइम से देना। तो ग्रहण
11:23मतलब खाया पिया और हजम स्वाहा। तो चंदा
11:26मामा बीच में आने से सूर्य की रोशनी
11:28समाप्त। चंदा मामा पर कौन रहते हैं? जब
11:32पितर याद आते हैं तो चंदा मामा याद आते
11:34हैं। हे भगवान चंदा मामा कौन है? शिवजी
11:37चंद्रमा की क्लास की है हमने और चंदा
11:40चंद्रमा शिवजी ने चंदा मामा यहां लगा रखे
11:42हैं तो चंद्रमा जब यहां आ जाते हैं तो
11:45चंद्रमा के आने से इस प्रकार का बीच में
11:48कहानी बनती है कि बीच में काले धब्बे बनते
11:50हैं तो जब जब ऐसे-ऐसे धरती भी घूम रही है
11:52ये भी घूम रहा है तो कुछ खास जगहों पे
11:54विश्व में सूरज दिखना बंद हो जाता है कुछ
11:57पल के लिए बेसिकली तो ये 8 मिनट का खेला
11:59है क्योंकि 8 मिनट में रोशनी सूर्य की
12:02धरती पर पहुंचती है जितनी देर चंद्रमा
12:04रहेगा उतना समय तो यह चंद्रमा गोल घूमता
12:07रहता है। वहां वहां सूर्य ग्रहण लगता रहता
12:08है। उतनी देर के लिए सूर्य की किरणों से
12:10वंचित हो जाती है धरती। यानी कि वो राहु
12:13का समय राहु काल रोज राहु काल होता है।
12:16राहु का ऐसा समय होता है जब चंदा मामा
12:18कहीं बीच में आ गए हैं। तो कौन आ गया बीच
12:20में? अरे भाई कोई भी आ गया है। आपके जीवन
12:23ऊर्जा के बीच में कोई भी आ गया तो आपको
12:25क्या हुआ? मौत ही पड़ गई ना। हमारे जीवन
12:28में कष्ट आए, क्लेश आए, क्या चलेगा? यह भी
12:30शायद ढंग से ना चले। यह तो चलेगा ही नहीं।
12:33तो यह खोपड़ी तो जाम ही हो गई। जब यह जाम
12:35है तो यह तो जाम ही है। खत्म ही है। इसके
12:37बिना शरीर क्या चलेगा? तो आपका ये भी जाम
12:40कर देने वाला ग्रह एक डेवेलप हो गया। एक
12:42नई किरणें डिवेलप हो गई। इसको राहु कहते
12:44हैं। चंदा मामा का ऐसा गोला है कि 18 साल
12:47लगता है इस प्रकार गोला घूमने में। जो
12:49इनकी एलिप्टिकल ऑर्बिट डिफरेंट किस्म के
12:52ऑर्बिट पे चलता है। तो ये 18 साल के लिए
12:54ऐसा सीक्वेंस सेम दोबारा से वही आता है जब
12:5718 साल बीतते हैं। उसे कहते हैं राहु का
12:59फेज। यानी एक बार ये आता है ना तो 18 साल
13:02जैसे कि कहते हैं हड्डी टूट गई। डॉक्टर
13:04साहब कितने दिन लगेंगे? 45 दिन का
13:06प्लास्टर है। डॉक्टर साहब क्या ढाई दिन की
13:08कोई स्कीम नहीं है? ले दे के। नहीं बेटा
13:1045 ही लगेंगे। ऐसे राहु की कोई स्कीम नहीं
13:13है। ये 18 ही चलेगा। यानी कि इसने उतने
13:16टाइम के लिए सूर्य को खा लिया। तो कहानी
13:18बनी हुई है। ये राहु आया। ऐसे शर्त सर
13:20दिखाते हैं सूर्य को खा गया। तो वो
13:22कहानियां बड़ी सुंदर है। बनाई हुई है।
13:23सूचक है। तो सूरज देवता की रोशनी बंद।
13:27इतनी देर में बंदे की ऐसी की तैसी। सोचिए
13:29अंधेरा है और टेंपरेरी अंधेरा है तो आपको
13:33दिखेगा कुछ दिख ही नहीं रहा क्लेरिटी नहीं
13:35है लाइफ की यानी राहु जब आएगा ये तो पक्की
13:38गारंटी है कि लाइफ की क्लेरिटी खत्म आपको
13:41शक होंगे वहम होंगे सारे शक के ड्रामे के
13:44इसका चरित्र खराब है उसकी जिंदगी खराब है
13:46ये धोखेबाज वर्कर है मेरे को बॉस ने ऐसा
13:48कर रखा है मेरे पैसे इसने चुरा लिए काम
13:50वाली ठीक नहीं है सारे शक सारे वहम पीछे
13:54कोई खड़ा है चोर तो नहीं आ गया रात को
13:57कुंडी तो नहीं खुली छोड़ गए बेफालतू की
14:00चीजें जो बेफालतू की तंग करने वाली चीजें
14:03खुचू खुचू कोई खुजाए जा रहा है खुजाए जा
14:06रहा है कान में भोंपू बजा रहा है आपको तंग
14:08होना है तंग होते ही आपको हे भगवान इसे
14:10चुप करा दे भगवान आ गया भगवान क्या है
14:13बिना वो काम बनेगा नहीं ये कार्यक्रम राहु
14:16महाराज का तो राहु की स्थिति को ये समझ ले
14:19कि ये देवता जैसा दानव है कथा बड़ी सुंदर
14:23है कथाएं बड़ी प्यारी है पुराणों में भैया
14:25सूचक है ये
14:28कि इंद्र महाराज जो स्वर्ग के देवता है
14:30यानी देवता उस देवता को बड़े मदमस्त अपने
14:34अरावत हाथी के ऊपर घूम रहा है और दुर्वासा
14:37ऋषि क्रोध के देवता क्रोध कहां रहता है?
14:39लिवर में। और लिवर में रहने वाला क्रोध
14:42कार्य कहां से करता है? स्वाधिष्ठान से।
14:44अब दुर्वासा ऋषि घूमते फिरते आए। किसी
14:47अप्सरा ने उनको एक बड़ी सुंदर पुष्प माला
14:49दी थी। तो दुर्वासा ऋषि ने कहा यार ये मैं
14:52क्या करूंगा इसका? अप्सरा का मैंने अचार
14:54डालना है। बच्चे भी पेंसिल के तौर पर यूज़
14:56करते हैं। बचपन में फिर तो कभी मिलती
14:58नहीं। फिर तो स्वर्ग में मिलती है जब
15:00मिलती है बड़े होके। तो उन्होंने कहा इंद्र
15:03तू जा रहा है तू ले ले। तो उन्होंने इंद्र
15:05की ओर उछाल दी। इंद्र ने ली और कहा बड़ी
15:07बढ़िया है ये। बहुत बढ़िया है। हम तो
15:08मधुमस्त हैं। इस समय हाथी पे बैठे हैं।
15:10दुर्वासा ऋषि ने ये भी दे दिया। हमें वाह
15:12वाह क्या कमाल मजा आ गया। उसने हाथी के
15:14मस्तक पे रख दी। दुर्वासा ने कहा यार दी
15:16तुझे मैं तो गुस्से के लिए प्रसिद्ध हूं।
15:19आने वाला है। आने वाला है। अब हाथी ने जब
15:21सिर पर देखा उस माला को सुगंध इतनी भयंकर
15:24दी के एरावत मदमस्त हो गया। उतने में वो
15:29खुशबू के कारण और पुष्प थे तो बहुत सारी
15:32मधुमक्खियां आ गई जो स्वभाव है। कहानी है
15:35बड़ी सुंदर। हाथी ने सिर को झटका
15:37मधुमक्खियों को हटाने के लिए। वो माला गिर
15:39गई। बस दुर्वासा ऋषि ने कहा तूने हमारे दी
15:41हुई चीज का अपमान कैसे कर दिया। जब भी हम
15:44अपमान करते हैं या करवाते हैं किसी से तो
15:46हमारे अंदर दुर्वासा ऑन हो जाता है।
15:49और बुरी भाषा के साथ श्राप देते हैं हम
15:52बैठकर के तूने यह किया तेरा नाश हो तेरा
15:54फलाना हो ढिमकाना हो तो हमारा लिवर पंप
15:57करता है शक्ति अगर तो बाहर दे दिया तो
16:00दूसरे के लिवर का नाश पीट दिया हमने अगर
16:02अंदर रख ली तो हमारे लिवर का नाश पीट दिया
16:04लीवर की खासियत है बृहस्पति ग्रह के अधीन
16:06है ये और स्वाधिष्ठान के पास बृहस्पति का
16:08स्थान है ये रीजेनरेट होता है क्योंकि
16:10गुरु है ये दोबारा जिंदा करता है हार्ट है
16:13ये भी दोबारा जिंदा होती है इसीलिए यहां
16:15मृत संजीवनी है और वहां पर बृहस्पति
16:17महाराज हैं जो गुरु हैं देवताओं के तो
16:20उन्होंने क्रोध में जब ले लिया तो इंद्र
16:22ने कहा मारेमारे फिरेंगे अब तो मर गए मैं
16:24श्राप ही लेता रहता हूं मेरा कोई काम नहीं
16:26है यार क्या पागलपन है अच्छा महाराज क्षमा
16:28क्षमा क्षमा बोले ऐसी की तैसी साले तेरे
16:30को और श्राप दूंगा तेरा स्वर्ग छूट जाए
16:32तेरी अप्सराएं छूट जाए तेरा पैसा छूट जाए
16:34ऐश्वर्य उसने कहा भागो
16:36भाग के विष्णु जी के पास गया विष्णु जी
16:38कहां है क्षीर सागर क्षीर सागर किसका
16:40केंद्र है लक्ष्मी और विष्णु चार हाथ
16:43विष्णु के हैं दो हाथ लक्ष्मी के हैं छह
16:46छह का चक्र कहां है हमारा? दूसरे
16:50स्वाधिष्ठान पे। क्षीर सागर क्या है? अनंत
16:52सागर। अनंत सागर है वो। अनंत सागर कहां
16:55है? यह भी स्वाधिष्ठान वाटर चक्र। वहां
16:57विष्णु जी विराजते हैं। सबसे नीचे ब्रह्मा
16:59है। उनके चार है। चार मुख होते हैं ना।
17:01चार सर दिखाते हैं ब्रह्मा के। तो चार
17:03पैडल का जो हमारा चक्र है, चार लोटस
17:06पैडल्स है। वो हमारी मूलाधार है। जहां शनि
17:09की बात हो रही है। वहां से राहु का उद्गम
17:11होता है। तो उन्होंने बोला भैया बचाओ।
17:13विष्णु जी। अब क्या करें? इंद्र भीख
17:16मांगने आए हैं आपके पास। हमें श्राप मिल
17:18गया है। बोले ठीक है फिर ऐसा करते हैं हम
17:21अब इतने बड़े श्राप के लिए दोबारा से
17:23स्वर्ग को प्रकट करते हैं क्योंकि
17:25राक्षसों का राज हो जाएगा। तुम पराजित हो
17:27गए हो उनसे कट श स्टोरी। तो ऐसा करो भाई
17:30अब हम युद्ध के लिए हम सबको मनाएंगे और
17:33धरती में से जो समुद्र है वहां से
17:36निकालेंगे हम चीजें और अमृत निकालेंगे
17:39ताकि आगे से ऐसा ना हो नाश ना पिटे। तो
17:41बड़ा प्यारा समुद्र मंथन, सागर मंथन,
17:44क्षीर सागर मंथन, अमृत मंथन ये अलग-अलग
17:47किस्म के शब्द हैं। यह कार्यक्रम शुरू हुआ
17:49तो एक तरफ दैत्य रख लिए गए दानव और एक तरफ
17:52देवता। उन्होंने कहा भाई हम वासु की नाग
17:54को लपेटेंगे मंदार पर्वत पर और उसको
17:56गोल-गोल घुमाएंगे। तो ये कहां चर्निंग है?
17:58ये चर्निंग कुंडलिनी की चर्निंग है। जो
18:00नीचे बेस क्या है हमारा? मंधार। बेस है
18:03हमारा रूप चक्र। मूलाधार शनि महाराज जो कि
18:06हमारा आता है भाई कछुए के अवतार पर विष्णु
18:09जी आए। उन्होंने पर्वत को संभाला और उसके
18:11ऊपर फिर खूब चर्निंग हुई। तो यह सांप कौन
18:14है? यह सांप है हमारी कुंडलिनी शक्ति।
18:16कैसे दिखाते हैं इसको? एक तरफ इदा दौड़
18:18रही है। एक तरफ पिंगला दौड़ रही है। ये
18:20दोनों के दोनों में क्या हो रहा है? घर्षण
18:21हो रहा है। तो हमारे जो मंथन हो रहा है
18:24नीचे कुंडलिनी में वो मंथन है उसका सांप
18:26ऊपर की ओर उठता है। ये सांप शिवजी यहां रख
18:30लेते हैं। ये सांप ऊपर की ओर उठता है। जब
18:31सांप ऊपर की ओर उठता है तो क्या होता
18:33कुंडलिनी ऊपर जाती है नहीं तो कुंडलिनी
18:35नीचे पड़ी रहती है। यानी कई लोग पूरे जन्म
18:37इस कुंडलिनी को खाने पीने बच्चे पैदा करने
18:40सोने में इस्तेमाल करके मर जाते हैं।
18:42ज्ञान आता ही नहीं और ज्ञान कौन देगा?
18:44दुख। दुख कौन देगा? राहु। राहु क्या
18:48करेगा? सूरज को खाएगा ताकि पिट और
18:50परमात्मा को क्रिएट कर। तो ज्ञान के लिए
18:52बहुत जरूरी है कि मंथन हो। इसलिए जब लोग
18:54परेशान होते हैं क्या करते हैं? बॉडी
18:56स्टिल बैठ जाती है। सिर्फ सिर हिलता है।
18:58ऐसे ऐसे क्या करूं? क्या करूं? राइट साइड
19:00क्या करूं? लेफ्ट साइड। फिर जाके कहीं कुछ
19:02सोचता है कुछ कर यह सुझाता है राहु तो
19:06आपके कुटाई के लिए वासुकी नाक को रगड़गड़
19:09के गोलगोल खींच खींच के जब कार्यक्रम शुरू
19:11होता है तो सबसे पहले निकलता है जहर 14
19:14रत्न जो निकले उसमें सर्वप्रथम निकला जहर
19:16हलाहल विष कहते हैं इसको अब जब विष निकला
19:20तो इसका सूचक क्या है कि जब भी आप कोई
19:23मंथन करते हैं सबसे पहले गाली निकलती है
19:25अंदर से इस कमीने ने उस बंदे ने इस हालात
19:29ने मेरे दादा ने मेरे मेरी जिंदगी में
19:31मेरे बॉस ने ये कर डाला। इसको तो मैं गोली
19:34मार दूं। अब गोली मारना नॉट अलाउड एस पर
19:37सुप्रीम कोर्ट तो गाली मार देते हैं हम।
19:39तो काम चला लेते हैं। अब ये क्या हुआ?
19:42हलाहल विष। अब ये विष कहां है? आपने जाके
19:45अपने बॉस को गाली बक दी। तो विष ने काम कर
19:48दिया और समुद्र मंथन की टय। आपने जाके
19:51मामा जी को कुछ कह दिया। दादे को शिकायत
19:54लगा दी। तो जायदाद की हो गई ट। पत्नी को
19:56तो खैर कुछ कह ही नहीं सकते। सास को नहीं
19:59कह सकते, दो लोगों को नहीं कह सकते। बहू
20:01सास को नहीं कह सकती, पति पत्नी को नहीं
20:03कह सकता। यह लाइसेंस्ड है। बदला लेने के
20:05लिए वो त्रिकोण बना हुआ है। तो उसमें आप
20:08कह नहीं सकते हो। तो क्या होगा? ये हलाहल
20:09विष बाहर नहीं जाना चाहिए। तो कहां रोको
20:11इस हलाहल विष को यहां तो सूचक क्या है?
20:14भाई शिव जी को बुलाया गया। यार बड़ी
20:16समस्या है। ओ यार नहीं सॉरी भगवान ने सॉरी
20:18लव यू गॉड। भाई बहुत समस्या है। बहुत विष
20:21निकल आया है। ये तो देवता भी मर जाएंगे।
20:23इदा भी खत्म और पिंगला भी खत्म। तो शरीर
20:25कहां से खत्म होता है? यहां से सारे
20:26ऑर्गन्स कहां है? जटिलता कहां है बॉडी की?
20:29यहां स्प्लीन यहां है। पनक्रियाज यहां है।
20:31आपके अंदर जबरदस्त हलाहल विष है। और ये
20:34विष आपके शरीर को खाता है तो आप बीमार
20:36पड़ते हो। अगर ये विष आपका यहां रोक लिया
20:39गया है तो तो नहीं मरते हो। नीचे का एक भी
20:42अंग डिस्ट्रॉय नहीं होता। तो यहां कौन है?
20:44यहां राहु है। अब यहां का जो विष है उसका
20:48पान करने के लिए शिवजी को बुला लिया गया।
20:50भाई ऑलमाइटी सुप्रीम शिवजी कौन है? चंदा
20:52मामा। चंदा मामा का ही लफड़ा है सारा। के
20:55भाई आओ शिवजी भाई इतने विष का क्या
20:57करेंगे? बोले आई विल टेक ऑल द विश एंड
20:59ग्रांट विशेस टू पीपल। तो उन्होंने कहा इस
21:03विष को हिंदी इंग्लिश मिक्स हो गई है।
21:04इसके लिए थैंक्स। तो उन्होंने विष को यहां
21:07रख लिया। बड़ा सुंदर कथा है। तो क्या कलर
21:10निकाला गया यहां का? भाई विष है। भाई
21:12नीलकंठ हो गए। क्योंकि इस जहर से नीले पड़
21:15गए। नीले का बड़ा भारी महत्व है। हमारे
21:17धागों के उपाय में सबसे ज्यादा नीला रंग
21:19आता है। टैटू के उपाय में ब्लैक के बाद
21:21ब्लू कलर आता है। तो नीला कलर कंठ का हो
21:25गया। इसलिए शिव जी को नीलकंठ कहा गया। अब
21:27शिवजी का नीला कंठ कैसे कल्पना किया गया?
21:30शरीर भी नीला कर देते हैं कई बार कि शिवजी
21:32का पूरा शरीर ही नीला है। बड़ी-बड़ी सुंदर
21:34प्रतिमाएं और फोटोग्राफ्स है। वो इसलिए है
21:36क्योंकि उनके अंदर विष है। विष का मतलब
21:38जिसने अपना विष यहां रोक लिया ना ऊपर जाने
21:41दिया ना नीचे। उसने स्पेस में टांग दिया।
21:44यह हमारे शरीर का वो इलाका है जहां कुछ
21:46नहीं रुकता। खाली एरिया है। यह स्पेस है।
21:49ईथर जो है यहीं से इंप्लांट होता है बॉडी
21:51के अंदर ऊपर और नीचे का कनेक्शन। जो यहां
21:54गया वो यहीं से बाहर आ सकता है। जो यहां
21:56खाया वो यहीं से नीचे जाएगा। लेकिन क्रॉस
21:58इसे जरूर करना पड़ेगा। तो इस हलाहल विष को
22:01यहां रोक करके शिव जी ने कहा ओके प्रोसीड।
22:04नेक्स्ट मैन्युफैक्चरिंग फिर कल्पवृक्ष
22:07उच्चशवा
22:09घोड़ा एरावत हाथी इत्यादि इत्यादि लक्ष्मी
22:12रंभा एक्सक्ट्रा एक्सेक्ट्रा निकलते गए और
22:14अंत में निकल गए जी समुद्र में से धनवंतरी
22:17ऋषि धनवंतरी कौन है हीलर जिनके पास अमृत
22:20कलश था अब उसी के लिए सारा मंथन तो आप जब
22:23जीवन में अपना मंथन शुरू करते हैं खूब
22:26राहु रगड़ता है आपको और अत्यधिक सोच आती
22:28है तो सबसे पहले आपका विष निकलता है इस
22:31विष के लिए आपको कोई ना कोई शिव चाहिए अगर
22:33अगर उस शिव ने वो शिव आपकी माता हो सकती
22:35है आपका मित्र हो सकता है जो उस विश को
22:38सुन ले यार बहुत गंदा किया मेरे दादा ने
22:40अच्छा यार चल कोई बात नहीं ना दफा कर दफा
22:44स्पेस में फेंक देना दफा कर यार क्या तूने
22:47रखना है कॉस्मोस को दे दे ओके डन उसके बाद
22:50कल्पवृक्ष निकलता है हां अब यार तेरी
22:52विशेस ग्रांट होंगी पर हम लालची होते हैं।
22:55उसके बाद फिर आगे-आगे घोड़ा निकलता है।
22:57घोड़ा हो गया। घोड़ा कौन है? मोटरसाइकिल
23:00वन बैडरूम फ्लैट अह फ्लोर फिर निकलता है
23:04हाथी। हाथी कौन है? हाथी है फोर वही
23:06व्हीलर एरावत। ये ये सूचक है ये पहले की
23:09कथाओं के हैं। आज ये मटेरियलिस्टिक लाइफ
23:11में इस प्रकार आते हैं। फिर रंभा निकलती
23:13है। सॉरी इस बारे में हम बात नहीं करेंगे।
23:15नहीं तो बहुत सुख मिलेगा कई लोगों को। ये
23:18मैं बताऊंगा नहीं। तो ऐसे-ऐसे करके जब ये
23:20वन टू थ्री क्लाइम होता है। अंततो गत्वा
23:23सारी चर्निंग के बाद निकलता है।
23:26अमृत। अमृत कौन है? एलेक्जर ये क्या है?
23:29नेक्टर आपका वो अमृत जिसके द्वारा आपका
23:32जीवन चलता है। क्या वाकई अमृत होता है? इस
23:36अमृत की हमें क्या आवश्यकता है? ये
23:38संजीवनी हमारे अंदर कैसे आती है? हमारे
23:40अंदर संजीवनी होती तो होगी। हम मर के फिर
23:43जी जाते हैं। तो हमारे अंदर एक अमृत चक्र
23:46होता है। बड़ा मजेदार। ये अमृत चक्र किधर
23:49होता है? हमारे शरीर के अंदर विभिन्न
23:51पोर्टल्स बने हुए हैं। अलग-अलग पोर्टल्स
23:53जिन पोर्टल से कॉस्मोस में हम कनेक्ट होते
23:55हैं। अगर हम स्ट्रिंग थ्योरी की बात करें
23:57तो 10थ डायमेंशन, 11थ डायमेंशन, 14
24:00डायमेंशन उसके बाद कोई रह नहीं जाता कण।
24:03बस जो भी रह जाता है वो सिर्फ एक स्ट्रिंग
24:05है जिसको वाइब्रेशन स्ट्रिंग कहते हैं।
24:07वाइब्रेशन स्ट्रिंग। उसके उसके अंदर क्या
24:09रह जाता है? कण। तो कण-कण हर जगह कण है।
24:12तो एक जैसी स्ट्रिंग है हर जगह पूरे
24:13यूनिवर्स में। ईथर हर जगह है। उसका स्वरूप
24:16बदल जाता है। अगर क्वांटम लेवल पर बात
24:19करें तो वो अल्टीमेट इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन
24:21फिर इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन नई-ई शक्लें नई-नई
24:23चीजें बना लेते हैं। अब अल्टीमेटली सब जगह
24:26कण है और कहा जाता है कण-कण में ईश्वर
24:28विद्यमान है। तो ये जो कण है ये कण
24:31ब्रह्मा ने हर जगह बना के रखे हैं। हर
24:34ग्रह पर अब ऊपर जो ग्रहों में कण वाइब्रेट
24:36करते हैं वैसे ही हमारे अंदर करते हैं। तत
24:38ब्रह्मांडे यत पिंडे। तो जैसा इधर है
24:41माइक्रोकाज्म में वैसा मैकाज्म में है। तो
24:43यह पोर्टल्स हमारे बने होते हैं जो कि पंप
24:46करते हैं और वैसा ही चलते हैं जैसे ग्रह
24:48चल रहे हैं। अगर हम इनको अंदर से खुद
24:50चलाना सीख जाएं जो राहु सिखाता है तो हम
24:53उसको चला लेते हैं। यार ऐसे भी लोग हैं
24:55दुनिया चला रहे हैं। और ऐसे भी लोग हैं
24:58जिनको दुनिया ही चला रही है। कुत्ते की
25:00औकात बनी हुई है भाई। कुत्ता केतु होता
25:02है। केतु के पास सिर नहीं होता। उसे पता
25:04ही नहीं क्या करना है। जीभ लटकाई बाहर और
25:06है करके चलते रहे। अब बड़ी अजीब बात है।
25:09आपको राहु बनना है, मालिक बनना है कि
25:10नहीं? तो, यह पोर्टल्स हैं। यह क्राउन
25:12चक्र है आपका। यह सहस्त्रार है। इस
25:15सहस्त्रार चक्र से ऊपर से डम डम करके
25:18चीजें आती हैं और मैसेजेस आते हैं अपने
25:20आप। फिर अलग-अलग पोर्टल पे टिंगटों डिंग
25:22बजती रहती है हमारी कहानी। अब ये हमारे
25:24सिर के इलाके में यहां हमारा ये आंखें
25:27हैं। ये हमारी नेत्र है। ये रोता हुआ आंसू
25:29बना दिया मैंने इसके अंदर। अब ये आंख है
25:31हमारी यहां पर। इस आंख के ठीक ऊपर हमारे
25:34पाइनियल ग्लैंड है यहां। यहां तीसरा नेत्र
25:37है। यह शिव है। थर्ड आई। यह थर्ड आई है।
25:40इस थर्ड आई से हमें सूझता है। परेशान
25:43व्यक्ति दिमाग अपसेट क्या करेगा? कहता है
25:47यार क्या करूं? हम ये नहीं कहते उफ समझ
25:50नहीं आ रहा। घुटने में नहीं करते। हम यहां
25:52करते हैं। यार क्यों नहीं ऐसे ये बॉडी
25:55अपने आप कर रही है। ये हृदय चक्र है। इसकी
25:58जो एक्सटेंशन है ये अपने आप यहां चली गई
26:00और कह रही है उफ। ये रगड़ रगड़ के क्या होता
26:02है? कैल्सिफिकेशन हटती है, गर्माइश आती
26:04है। थोड़ी देर बाद कुछ रास्ता आता है।
26:06क्राउन चक्र से ऊपर से आपको सूझता है। ये
26:09बहुत महत्वपूर्ण है। यहां के सीधे टक्कर
26:12में सीधा यहां पर पीछे ये यहां हमारा अमृत
26:16चक्र। इसे बिंदु चक्र कहते हैं। अमृत। अब
26:21सागर मंथन हुआ। अमृत मंथन क्षीर सागर मंथन
26:24हुआ। विष्णु जी ने सब कराया। मोहिनी रूप
26:27में उसके पश्चात जब समुद्र में से अमृत
26:30निकला तो उन्होंने कहा यार दैत्यों को दे
26:32देंगे यानी इदा नाड़ी वालों को दे देंगे
26:34तो पिंगला का पंगा कर देंगे ये क्योंकि एक
26:37हमारा सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम है या कभी
26:40यहां दिखाते हैं कभी यहां ये बॉडी के
26:42अनुसार है इसके अंदर ऊपर का एरिया ज्यादा
26:44यूज़ होता है। इसमें नीचे का ज्यादा यूज़
26:46होता है। ये राहु के पास है। ये केतु के
26:48पास है। पर दोनों के पास हिस्से हैं। ये
26:50सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम फाइट एंड फ्लाइट
26:52मोड है। डर के मारे जब बैंड बजती है तो
26:54तोते उड़ जाते हैं। यह हमारा रिलैक्स अंडा
26:56जैसा आराम से यार मजे-मजे चलेंगे हम तो
26:59जिंदगी में हमें चाहिए क्या मजे-मजे अब एक
27:01है ममारी वाला एक है मजे-मजे वाला एक है
27:04दैत्य एक है देवता एक है इदा एक है पिंगला
27:08इदा कहती है नो नो नो नो पिंगला कहती है
27:10यो यो यो यो सुषुमला कहती है तुम बोलो जो
27:13जो जो
27:15जीत गया वो वाला मैसेज अंतरिक्ष में जाता
27:18है वो काम हमारे जीवन में मैनिफेस्ट हो
27:20जाता है अक्सर नो जल्दी मैनिफेस्ट होता है
27:23क्योंकि हमें आता ही नहीं इसी चीज की
27:25करेक्शन के लिए ऊपर एक अमृत चक्र बना हुआ
27:28है। बिंदु चक्र जो कॉस्मोस से जैसे ही
27:30मैसेज आता है यह यहां से कॉस्मिक कनेक्शन
27:33ये मैसेज आया बिंदु चक्र अमृत स्टिमुलेट
27:36हुआ और यह हमारे शरीर में नीचे जाता है।
27:38जब ये नीचे जाता है तो हमारे शरीर में
27:40अमृत की बूंद गिरती है। कब? जो हमारी जन्म
27:44पत्रिका में
27:46सूर्य हमारा जिस राशि में है जन्मत्री में
27:49सूर्य हर महीने में एक राशि बदलता है। उस
27:52राशि में जब इस महीने चंद्रमा आता है।
27:54तो उस दिन ढाई दिन में ऊपर से अमृत की
27:58बूंद गिरती है। अमृत की बूंद क्या है? यह
28:02पूरे शरीर को ऊर्जा देने वाली अमृत की
28:04बूंद है। यह जब नीचे जाती है तो हमें अकल
28:07आती है। हमारे शरीर में ऊर्जा आती है और
28:10हमारे जीवन में कुछ परिवर्तन होता है।
28:13लोगों का जीवन हर महीने भी बदल सकता है।
28:15किसी क्षण भी बदल सकता है। एनलाइटनमेंट
28:17कहते हैं इसको। जैसे ही वो अमृत की बूंद
28:21हमारे शरीर में नीचे को जाकर सेटल होकर
28:23ट्रैप हो जाती है तो हमारे ऊर्जा शरीर
28:25एथरिक बॉडी एक एनर्जी बॉडी है दूसरी चिजी
28:28बॉडी है जो शरीर है फिजिकल बॉडी हमारे
28:32एनर्जी बॉडी में इतनी जान आती है कि
28:34फिजिकल बॉडी और फिजिकल चीजों के लिए हम
28:35मैनिफेस्ट करें। हम इतने बावले हैं कि हम
28:38सब जिंदगी के अंदर चीजों को मैनिफेस्ट
28:40करने में लगे रहते हैं। इस मैनिफेस्टेशन
28:43पर कोई रेयरली ध्यान देता है। ज्ञान आ
28:45जाए, शांति आ जाए, प्रेम आ जाए, वशीकरण आ
28:49जाए। नहीं छोड़ो इसको छोड़ देते हैं।
28:51वशीकरण नॉट गुड। वैसे इसके लिए अलग-अलग
28:53स्कीम है हमारी। तो ये ज्ञान लेके कोई
28:55राजी नहीं। सब अपने आप को कह रहे हैं मैं
28:57शीशे में और सुंदर लगूं। मेरे पे नोट और
28:59होए। अच्छा नोट दे दे, नोट दे दे। भगवान
29:02ने और छीन लिए। राहु भेज दिया। बोले ये
29:04ज्यादा नोट नोट कर रहा है इसे छीन इसको
29:07मैं याद नहीं आ रहा इसे नोट याद आ रहे हैं
29:09इसकी गहराई समझे आप पीटता है और पीटता हे
29:13प्रेमी दिला दे भगवान प्रेमी दिला दे बोले
29:15यार मुझसे मिलने भी आया करो कोई सालो
29:17मुझसे भी प्रेम कर लो अपना प्रेमी चाहिए
29:19तुम्हें उससे लड़ते रहना मुझसे कोई मिलने
29:22नहीं आता अरे भगवान की लाइब्रेरी में घुस
29:24जाऊं और दो के बजाय तीन प्रेमी मिलेंगे
29:26एंजॉय मुद्दा क्या है दो नोटों का ढेर
29:28लगाया है भगवान से मिलता कोई नहीं भगवान
29:31कहां है यहां क्राउन चक्र पे जो कॉस्मिक
29:33एनर्जी आती है। वो बिंदु चक्र को
29:35स्टिमुलेट अगर करती है तो एनर्जी गिरती है
29:37तो आपके जीवन में बदलाव आता है। नहीं तो
29:39ऐसे लोग हैं जो पूरी जिंदगी सेम ही चल रहे
29:41हैं। यह बिंदु चक्र स्टिमुलेट होता है तो
29:43हमारा ढाई दिन के लिए चंद्रमा के द्वारा
29:45ये गिरता है नीचे जब ये गिरता है तो ये
29:48हमारे शरीर के अंदर जाता है तो शरीर के
29:50अंदर कहां जाएगा? यहां से गिरा यहां यहां
29:52राहु का स्थान है। यहां तो विष अटकाया हुआ
29:54है ढेर सारा। ये बड़ी अजीबोगरीब समस्या हो
29:57गई यार। यहां वो बर्न कर जाता है और ये
29:59ऊपर फेंक देता है। तो राहु महाराज कहते
30:02हैं इसे ज्ञान नहीं आने दूंगा कूटूंगा
30:04पट्ठे को। पहले तू अमृत चखने लायक अकल
30:06बना। तो राहु क्या करता है? सूर्य को
30:09ग्रहण लगा देता है। सूरज ने अभी-अभी भेजा
30:12बिंदु चक्र के द्वारा। अच्छा चल बेटा कोई
30:14नहीं तेरे पे दया भेजी, कृपा भेजी। साली
30:16कृपा लेनी नहीं आ रही। अब कृपा इसलिए नहीं
30:19आ रही कि जो अभी-अभी भी अकल आई ऊपर से
30:21पोर्टल से कुछ गिरा वो या राहु ने फिर
30:23भस्म कर दिया जहर में। एक हमारे यहां
30:26ज्वालामुखी फूंक रहा है जो हमारे जठराग्नि
30:29है। एक राहु महाराज ने विष के स्थान के
30:31अंदर यहां नाश पीटा हुआ है। अब यहां तो
30:33शिव जी ने पकड़ा था ये लेकिन नीला कर
30:36दिया। नील जब शरीर पर पड़ता है तो वो
30:38एक्चुअली होता नहीं है। वो पिटाई होती है
30:41कहीं की। जब जब पुरुषार्थ की पिटाई होती
30:43है यानी मंगल की पिटाई होती है तो भी राहु
30:46आ जाता है। नील का निशान। जबजब जहर कहीं
30:49अटक जाता है तो नील का निशान आता है। यानी
30:52राहु का निशान। आपके जीवन में इसको करना
30:55क्या है? फिर अब शिव जी ने कहा यार तो
30:57बहुत बड़ा लफड़ा है। राहु तो अंदर जाने
30:59नहीं देगा कुछ भी। यहां जहर है मुझे अटका
31:01के भी रखना है। मुझे बाहर भी नहीं फेंकना,
31:03लड़ाई भी नहीं करनी। तो ऐसा करता हूं मैं।
31:05मैं चंद्रमा धारण कर लेता हूं ऊपर। तो ऊपर
31:08की छतरी से जो नीचे आ रहा है उसके लिए
31:10चंद्रमा का धारण किया शिव जी ने। ये
31:14चंद्रमा यहां धारण कर लिया गया। यहां
31:17चंद्रमा की एक छतरी लगा दी।
31:20इसलिए शंकर जी के मस्तक पर यहां चंद्रमा
31:22है। यह सूचक है। कहानी है। बड़ी सुंदर है।
31:24टोटल साइंस। यहां चंद्रमा लगा दिया। जब
31:27चंदा मामा की छतरी लगी और चंदा मामा ने ही
31:30तो राहु पैदा किया था। धत्तेरे की और चंदा
31:33ही ऑन कर दिया। तो जब चंदा मामा यहां ऑन
31:36हो गया तो राहु का पोर्टल ओपन हो जाता है
31:40और यह अमृत चक्र नीचे
31:43गिरने देता है और नीचे गिर के वो अमृत
31:47हमारे शरीर में जाता है। हमारे जीवन में
31:48नयापन आता है। लोग हील कर जाते हैं। बहुत
31:51कम लोग करते हैं हीलिंग। यह राहु की कृपा
31:53है
31:55जो हीलर हीलिंग होती है। चमत्कार जादूगर
31:58लीडर तंत्र का ज्ञाता आंखों के द्वारा
32:01व्यक्ति को वशीभूत कर देने वाला ज्योतिष
32:03का विज्ञान का दाता स्तंभन की क्रिया
32:05जानने वाला सब राहु है।
32:08तंत्र के द्वारा तांत्रिक सेक्स की क्रिया
32:10यह राहु के पास है। अन्यथा ये सेक्स लाइफ
32:13का सत्यानाश करके बर्बाद करता है। सेक्स
32:15को केवल संभोग ना समझे। आपके पास कोई चीज
32:17आती है उसका भोग भी सेक्स है। आप भोजन का
32:20आनंद लेते हैं। आप अपने बिस्तर पर लेटने
32:23का आनंद आ यार मजा आ गया भाई। ये खा जाता
32:26है सारे आनंद। ये सूर्य को ग्रास करके खा
32:29जाता है। अब चंदा मामा का यहां होने मात्र
32:32से। इसलिए शिवजी ने चंद्रमा का सूचक बनाया
32:35कि ये रखो। तुम्हारा ये वाल्व खुलेगा। तो
32:37भाई अमृत अंदर जाएगा। मैं तो सप्लाई दे
32:39रहा हूं। लोगों की 20ियों साल सेम जिंदगी
32:41अकल नहीं आ रही। पैसा रिकवर नहीं हो रहा।
32:43दिमाग खराब हो रहा है। कुछ नया ही नहीं हो
32:45रहा लाइफ में। क्योंकि वो अमृत कभी भी
32:48बॉडी के अंदर नहीं जाता। सेकंड फाइट जब ये
32:50नीचे चला जाता है तो नीचे जाने के बाद
32:53नीचे के वाल्व है वो नीचे नष्ट भी हो सकता
32:55है। वहां केतु महाराज की स्थापना है। ये
32:57दोनों दैत्य कितने काम के हैं।
33:00ये देवता बन गए भाई। अमृत चखा इन्होंने।
33:03विष्णु जी ने धोखे से जब कहा कि मैं
33:06देवताओं को अमृत दे दूंगा। दैत्यों को
33:08मरने दो। तो दैत्य लाइन में बैठ गए। अब
33:11वही शुक्र भाई राग रंग अप्सरा मोहिनी इसके
33:15आगे बड़े-बड़ों के सॉरी सबके दिमाग खराब
33:18हो जाते हैं। तो बड़ी समस्या है स्त्री
33:20उसकी चंचलता उसकी कोमलता उसने नृत्य किया।
33:24विष्णु जी को भी स्त्री बनना पड़ा मतलब
33:25कहने का समझ लो। उनकी भी ताकत की टो नाचे
33:29तो घड़ा ले घूमते रहे कि हां भैया ये
33:32मैंने अमृत दिया। जैसे ही वो दैत्यों की
33:34तरफ जाते पानी बदल देते। बड़ी सुंदर कथाएं
33:37हैं। ना सिर ना पैर बड़ी अजीबोगरीब लेकिन
33:39सूचक है साइंस है पूरी। अब उनको पानी पिला
33:41देते हैं। अब देते बड़े खुश वो मोहिनी को
33:44देखने में लगे हुए इसीलिए हमारे अंदर
33:47इल्लुजन क्रिएट होती है। तो इल्लुजन का
33:49देवता ये राहु है। धोखे का देवता राहु है।
33:53अब राहु और केतु स्वरभानु नाम का राक्षस
33:56था। उसने कहा यार ये कुछ लफड़ा चल रहा है
33:57मुझे। भाई मैं समझदार राक्षस हूं। अपने से
34:00नहीं चलेगा। तो उसने कहा लफड़ा उधर की ओर
34:03जाते हुए लगता है घड़ा बदल जाता है। कुछ
34:05बस ये मोहिनी को देखने में लगे हुए हैं।
34:07ठोंकों में ये दैत्य पागल है। समझा मैं
34:09सकता नहीं हूं। भागो वो गया लाइन में
34:11चुपचाप उसने वेश बदल लिया यानी वेशधारी
34:14राहु है पहली बात यह देवताओं का दुश्मन है
34:18क्योंकि दैत्य है दूसरी बात अमर है यानी
34:21इल्यूजन खत्म नहीं होगी तीसरी बात ये
34:23वेशधारी है तो जिंदगी में वेश बदल के लोग
34:26आएंगे ठगेंगे ये राहु है राहु के तरीके
34:28हैं ये तो इसने वेश बदला और घुस गया दैत्य
34:31बन हो के देवताओं की लाइन में वहां जाके
34:34इसने अमृत भी ले लिया जैसे ही अमृत लिया
34:36चमक दमक के कारण सूरज और चंद्रमा उनके पास
34:39ही चम चमक है। उन्होंने देख लिया और
34:41विष्णु जी वो देखो ये तो दैत्य है।
34:43इन्होंने कहा सूरज चांद तुझे नहीं
34:46छोडूंगा।
34:48तुझे झुका के रहूंगा। इसलिए ये सूरज और
34:50चांद के दुश्मन है। कहानियां देखो कितनी
34:53सुंदर है। तो ये पक्की गारंटी जब राहु और
34:56केतु का लफड़ा होगा जीवन में कुंडली में
34:58तो सूरज और चांद की जान निकलेगी। सूरज
35:00शरीर को चलाने वाला, ऊर्जा देने वाला,
35:02चंद्रमा जीवन में शीतलता, शांति, आनंद
35:04देने वाला इन दोनों का नाश पिट जाएगा।
35:07इसलिए अगर आपने राहु को नहीं समझा, केतु
35:09को नहीं संभाला तो आपकी जिंदगी पूरा जन्म
35:13ही ऐसा रहेगा कि यार एक कुटिया में पैदा
35:16हुए एक कुटिया में ही मर गए। 10,000 की
35:18नौकरी करी, 10,000 की नौकरी में मर गए।
35:21भाई वो दो जोड़ी कपड़े थे। दो जोड़ी
35:22कपड़ों में मर गए। कुछ नया नहीं होने
35:25देगा। कुछ भी हो जाए। और इसके सुधार के
35:30लिए अगर आपने प्रक्रिया जान ली तो चंदा
35:32मामा की छतरी लगेगी ऊपर से नीचे सूरज की
35:35लगेगी। और वह दोनों के दोनों इस अमृत को
35:38ट्रैप करेंगे बीच में। जैसे ही यह अमृत
35:40कृपा ट्रैप हो गई। कृपा ट्रैप हुई पैसे तो
35:43आए हाथ में जाते हैं भैया देने किसी को
35:45पड़ जाते हैं। ऐसे बहुत लोग हैं। भाई
35:47जुगाड़ पे चल रही है जिंदगी। दुनिया
35:49जिंदगी जुगाड़ पे चल रही है। हस्बैंड वाइफ
35:51जी रहे हैं। साथ में प्रेम है ही नहीं।
35:53जुगाड़ पे जिंदगी चल रही है। बस रह रहे
35:54हैं। जुगाड़ क्या है? दो बच्चे हो गए।
35:56भैया उन्होंने बांध रखा है। आपस में प्रेम
35:58नहीं। ऐसे ऐसे बंधन यह आपके इस अमृत ट्रैप
36:02ना होने से है। इसकी वजह से आपका
36:04सिंपैथेटिक पैरासिंथेटिक नर्वस सिस्टम
36:06डिस्टर्ब होता है और आप रोगी हो जाते हैं।
36:10अगर आपके शरीर में रोग है नो प्रॉब्लम।
36:12दशा ही रोग हो गया। ठीक नहीं हो रहा भाई
36:15राहु केतु है। यह राहु केतु का लफड़ा है।
36:18अब वो राहु शनि का एजेंट है। शनि न्याय
36:20करवाता है। केतु मंगल का एजेंट है। मंगल
36:23हनुमान जी है। जो सबसे मतलब मान के चलो
36:26नाभि केंद्र पे ताकतवर है। कि ऐसी की तैसी
36:28वो सूरज को भी खा सकते हैं। और राहु
36:31महाराज की भी मंगल के आगे पूरी चलती नहीं
36:33है। लेकिन युद्ध चलता है जम के लेकिन मंगल
36:35हारता नहीं। क्योंकि हनुमान जी अमर है। तो
36:38मकसद कहने का आपको इस अमृत को ट्रैप करने
36:41के लिए राहु सेट करना जरूरी है। आपके पास
36:44ज्ञान चल के आएगा।
36:46कहां से आता है ज्ञान? कहां से आती है
36:48बातें? कहां से आपको समझ आ रही है ये सब
36:51बातें? आपका दिमाग इस समय इतनी भयंकर
36:53फोर्स, इतनी स्पीड से सब बातों को प्रोसेस
36:55कर रहा है। अच्छा यह अमृत चक्र होता है।
36:57यह एक नया चक्कर है। अच्छा भाई साहब राहु
37:00होता है। अच्छा यह नीला होता है। यह पीला
37:01होता है। गुलाबी। यह सब खोपड़ी में घूम
37:03रहा है। फटफट कौन समझा रहा है? यह कोई
37:05पोर्टल खुला हुआ है जो ऊपर से समझा रहा है
37:07और कुछ ऐसे भी लोग होंगे जो फंसे होंगे वो
37:10तो ठीक है पर मेरे मेरे मामा के ताई के
37:12लड़के की बेची की बहन की शादी नहीं हो रही
37:14उसका तो बता दे राहु साले तेरी पत्ररिया
37:17दिखाने को तरस गए तेरे से कई लोग इसमें
37:20घुसे होंगे तो उनके पोर्टल क्लोज्ड है तो
37:23ये चंदा मामा ऊपर रखने का क्या मतलब है
37:26चंद्रमा मां ऐसे ऐसे लोग हैं मम्मी के
37:29मरते ही बीमार पड़ जाते हैं घरों में
37:32देखना अब आसपास घर जाकर स्टडी करना कि मां
37:34मरी भरी गुजरी पूरी हुई और आपके जीवन में
37:38झंझट शुरू मम्मी की छतरी है
37:42और अगर मम्मी आपकी ऐसी है जो कलह चाय बिना
37:45खाना भी नहीं खाती सांस नहीं लेती तो उनके
37:47मरने के बाद ये जो खराब छतरी थी वो ठीक हो
37:49गई अब आपकी लाइफ में कृपा शुरू हो गई तो
37:53ये इसलिए कहते हैं मां की सेवा करो अपनी
37:56बढ़िया नहीं तो दूसरी बनाओ लेकिन मां तो
37:58चाहिए
37:59पत्नी ना बनाए दूसरी मतलब कहने का अगर
38:02पहली थी तो वही काफी है। इसके बारे में
38:05मां और पत्नी में कंफ्यूजन ना ले। एक
38:07चंद्रमा है, एक शुक्र है। दोनों अलग-अलग
38:08होते हैं। यह चंद्रमा की छतरी के लिए ही
38:11शिवलिंग पे दूध चढ़ाया जाता है। आमिर खान
38:14का एक सीरियल आया था बड़ा प्यारा। सत्यमेव
38:16जयते दूध वेस्ट कर रहे हैं। दूध वेस्ट कर
38:18रहे हैं। अबे यार साइंस बताने वाला कोई है
38:20नहीं। भाई कारण है इसके पीछे। बा के पीछे
38:23कारण से पानी चढ़ाओ, जल चढ़ाओ। ये चंद्रमा
38:26है। जिसके जीवन में राहु चल रहा है। किसको
38:29पता किसके चल रहा है। आपका दिमाग खराब है।
38:31टेंशन में हो। आप मंदिर जाओ शिव जी के
38:34शिवलिंग पर जल चढ़ाओ। अगर आपकी कुंडली शिव
38:37पूजा अलव करती है। अगर शिव नहीं करती
38:39दूसरे उपाय हैं। लेकिन ये यूनिवर्सल उपाय
38:42है कि आपने शिव के लिए मस्तक सिर के ऊपर
38:44छतरी दूध डाला। आपका राहु सेट आपको रास्ता
38:47सूझेगा। सूझेगा ही सूझेगा। इसके नियम बहुत
38:51सारे हैं। आप शिवलिंग घर में नहीं रख
38:53सकते। लोगों ने पौधे में ठोक के रखा होता
38:55है शिव जी को। बड़े विचित्र ड्रामे कर रखे
38:57हैं। फिर शिवलिंग के किस साइड से पूजा
39:00करनी है। जलधरी को नहीं फेस करना। फिर लोग
39:02उसी का चरणामृत पी रहे हैं। वो शिव का
39:04शिवलिंग माता की योनि और शिव का लिंग भग
39:07और वान का संगम है। वो शिवलिंग का सूचक
39:10क्यों है? वो न्यूक्लियर रिएक्टर का है।
39:11ये बड़ी अजीबोगरीब बात अलग चली जाएगी। वो
39:14शिव के ऊपर जल की धारा सब सर्वप्रिय शिव
39:17को दूध चढ़ाने वाले इसलिए चढ़ाते हैं।
39:19उनके पास पैसे हैं। दूध खरीद लिया। है वो
39:22भी चंद्रमा। दही लगाते हैं। दही क्या है?
39:24शुक्र। आपको शुक्र धातु के जितने रोग हैं,
39:27शुक्र धातु का रोग का मतलब है आप संतान
39:30जन्म नहीं कर पा रहे। आपके शरीर के अंदर
39:33हर समय गुप्तांग में परेशानी रहती है।
39:35आपका मलमूत्र त्यागने में समस्या है तो आप
39:38घी चढ़ाते हैं। पंचगव्य कहते हैं इसको।
39:41दूध चढ़ाते हैं, गोबर इस्तेमाल किया जाता
39:43है। बहुत कुछ होता है। पंचामृत किया जाता
39:45है। मिश्री ली जाती है। ये सब शुक्र
39:48इत्यादि होते हैं। शुक्र का सामान है। वो
39:50चढ़ाकर फिर जलधारा से साफ करते हैं। शिव
39:53के लिंग का जो जल होता है उसको पिया नहीं
39:55जाता। ग्रहण नहीं करते। शिव पर चढ़ाया हुआ
39:57केला प्रसाद इत्यादि ग्रहण नहीं होता। वो
39:59अपवित्र माना जाता है एक प्रकार से
40:01क्योंकि वो आपने शिव को दिया है तो वह
40:03छोड़ दिया जाता है। इसीलिए शिवलिंग को
40:05कंवारी कन्या छूती भी नहीं है। लेकिन
40:07शिवलिंग पर जल चढ़ाने का मतलब है आपने
40:09अपनी छतरी स्थापित की है तो आपके जीवन में
40:11कुछ नया होएगा। नया ही नहीं होता लोगों की
40:14लाइफ में। नया ही नहीं होता। यहां बैठे
40:17हैं। अभी ये चार दिन से मेरे से चार या छ
40:19दिन से मांग रहे हैं। मेरे को मकान चालू
40:21करना है। मुझे बता दो मुहूर्त। मैं तीन
40:23दिन से कसवी बात है। पंचांग ले बैठा हूं
40:26कि बताऊं। इनका नंबर नहीं आने दे रहा
40:27ग्रह।
40:28कौन रोक रहा है? यह एग्जांपल की बात है।
40:31मात्र यह ग्रह है। यह किस्मत है। बदल के
40:33राजी नहीं। आपको कोई करना चाहता है। आप ले
40:36ही नहीं रहे। आपके प्लेट में जगह नहीं है।
40:38आपको कोई हलवा तो दे। प्लेट प्लेट ही टूट
40:40गई आपकी। काम नहीं होने देता ग्रह। यह
40:43आपका राहु है। इसलिए शिव पूजा माता की
40:46पूजा आपको शिव मंदिर शिवालय के अंदर आपको
40:48यह देवता इसलिए चाहिए। ना दूध वेस्ट होता
40:51है ना पानी वेस्ट होता है। आप जो भी दे
40:53रहे हैं वेस्ट तो कुछ होता ही नहीं। अगर
40:55वह जमीन में चला गया तो उद्भिज है। उद्भिज
40:58वो जीव है जो अंडज नहीं है। पिंडज नहीं
40:59है। अंडे से पैदा हुए ना पिंड से। अच्छा
41:01यह बातें हैं। यह बातें कहां से समझ आई?
41:03भाई राहु ही तो दे रहा है अपने को। ये जो
41:06इतनी बकबक चल रही है हमारी ये राहु ने
41:08बताया पोर्टल खोल के ऐसे ऐसे ऐसे पिरो के
41:11दे। ये कोई हमने कोई कोर्स किया हुआ है जो
41:13पहले से हम पिरो रहे हैं। अभी पिरोवा रहा
41:15है ये।
41:16कैसे मजेदार चीज है? तो कितनी चीजें बता
41:18रहा है ये? क्योंकि इसने इल्लुजन
41:21के अंदर देखना सिखा दिया। और यह साथ में
41:24घमंड की बात बुलवा दी कि मुझे डल्यूजन में
41:26देखना सिखा दिया और साथ में ऑब्जर्व करा
41:28के ये बुलवा भी दिया कि यह घमंड भी आ रहा
41:30है। सोचो कहां तक दिखवा रहा है ये ऐसे
41:33देखना है। अगर ये आ जाएगा तो आपको ही पता
41:36चल जाएगा। आप ही को दे देगा ज्ञान क्योंकि
41:39राहु सिर्फ एक मुंडी है। और ये देखता है।
41:43कहां तक देखता है? अनंत। यह राहु क्रिएट
41:46होने के पश्चात सूरज को भी देखने ना दे
41:49ऐसी शक्ति रखता है और यह हटने के पश्चात
41:52सूरज की ही रोशनी वापस दे देता है। आपके
41:55पितर भी समझ आ जाते हैं। भगवान भी समझ आ
41:58जाता है। आपकी एप्लीकेशन कहां लगानी है ये
42:00समझ आ जाता है और आपके जीवन में बदलाव
42:03होता है। आप औरों को बदल देते हो। यह कौन
42:06कर रहा है? यह राहु कर रहा है। राहु
42:08ज्योतिषी बनाता है। क्योंकि इतना पीटता
42:10है। हम अपनी पीठ पे पड़े हुए हंटर नहीं
42:12दिखा सकते। अशोभनीय होगा। लेकिन ये इतना
42:15पीटता है कि जोशी बना देता है। ऐसे ही
42:17फालतू में ज्ञान नहीं देता है। क्योंकि
42:20राहु बेफालतू में बदनाम करता है। इंसान की
42:23खोपड़ी और तेज चलती है। रास्ता क्या
42:25निकालूं? 99% लोग क्या कहते हैं? भीख भीग
42:29भीख भीग।
42:32बहुत रेयर केस में राहु ज्ञान देता है। जब
42:34वो कहता है अच्छा ये भीख नहीं मांग रहा।
42:37ये परमात्मा से जुड़ा हुआ है। इसे ज्ञान
42:38दो। रास्ता दो। को निकल जाता है। यह बड़ी
42:41विचित्र चीज है। यानी आपके जीवन के अंदर
42:44जितनी भी कलाकारी आनी है वो कृपा से आनी
42:46है और वो कृपा देने वाला कौन है? राहु। अब
42:49राहु महाराज ने तो जब ये विष इत्यादि
42:52वगैरह यहां कलेक्ट हो गया तो राहु ने ऊपर
42:54का एरिया पकड़ लिया। केतु ने नीचे का
42:56एरिया पकड़ लिया। यहां मंदार पर्वत था।
42:58यहां पर आपके समुद्र मंथन हो रहा है और
43:01यही विष्णु जी का स्थान स्थापित है। नौ
43:02नंबर यही बृहस्पति का होता है। यह विष्णु
43:04स्वरूप होते हैं या केतु महाराज है जो
43:08नीचे का वाल्व सेट करके रखते हैं ताकि
43:10नीचे वेस्ट हो के बाहर ना निकल जाए। अपान
43:13वायु के द्वारा आपका अमृत ये इस दोनों के
43:17बीच में सारी हरकत होती है। आप देख के
43:19चलेंगे तो यह गगन तत्व है। यह वायु तत्व
43:22है। ये अग्नि तत्व है। ये जल और ये भूमि
43:25तत्व है। पांच एलिमेंट्स ढंग से काम
43:28करेंगे तो इस वजह से करेंगे कि राहु ठीक
43:30है। अब राहु महाराज की हो गई दृष्टि का
43:32काम कि भैया इन्होंने तो देखना है और कुछ
43:34है नहीं। क्योंकि कर तो ये कुछ सकते नहीं।
43:36तो राहु की दशा में फिक्स हो गया कि किसी
43:39भी हालत में राहु वाला व्यक्ति बेबस है।
43:42वो कर कुछ नहीं सकता। अब उसको करना क्या
43:45है? उसको राजा बनना है ताकि वह करवाए
43:47क्योंकि हाथ पांव तो चाहिए। हाथ पांव राहु
43:49के है नहीं। तो जब जब आपकी लाइफ में आपको
43:51कोई पीट रहा है, भाई लड़ रहा है, बहन लड़
43:53रही है, पति लड़ रहा है, पत्नी लड़ रही
43:54है, बच्चे तंग कर रहे हैं। आप बेबस हो। आप
43:57कहते हो क्या करें इसका? इसको कैसे ठीक
44:00करें? हे भगवान इसको कैसे ठीक करें? भगवान
44:03कहता है आया मैं याद आया? आया। शनि कहता
44:05है यस तीन बार इसने याद किया है। 3 लाख
44:08बार करना है। कोई बात नहीं थोड़ा ही रह
44:09गया। फिर कुटाई शुरू होती है। फिर वो
44:11व्यक्ति कहता है हे माता चलो माता भी याद
44:14आ गई। ढाई बार माता भी याद कर ली इसने
44:16थोड़ी सी। हां ठीक हो गया। फिर मंदिर जा
44:17रहा है। बड़े लंबा खींचता है। इसलिए आपको
44:20लगातार क्या करना है? राहु के लिए आपको
44:22गुरु की शरण में जाना है। बृहस्पति महाराज
44:24भैया हमारी एप्लीकेशन को जरा मल्टीप्लाई
44:27कर दो। तो बृहस्पति मल्टीप्लायर इफेक्ट
44:29देता है क्योंकि बहुत बिग साइज है। अब
44:30राहु एक्चुअली एक्सिस्ट तो करता ही नहीं
44:32है। तो यहां कुछ एक्सिस्ट तो करता ही नहीं
44:34है। राहु क्या है? सांप
44:39एजेंट है यह। एक सांप है यह। मैं सांप
44:41लिखूंगा बनाऊंगा नहीं क्योंकि बनाने के
44:44बाद समझ नहीं आएगा। अब यह सांप जो है इसके
44:46सिर पर मणि होती है। यह जो मणि है यह राहु
44:49है। यह सांप जो है यह शनि है। यह केतु है।
44:53बीच का जगह जो है वो बुध है। यह आकाश
44:56मानते हैं। यही सूर्य स्थापित होता है। इस
44:58प्रकार से इसकी परिभाषा बनी हुई है। तो जो
45:00सांप की जो मणि है जब ये सांप के साथ मणि
45:03होती है तो ये कल्पवृक्ष जैसी है। यानी
45:07शनि जब न्याय कराने पर आता है और राहु का
45:10साथ होता है उसके तो लाजवाब काम करता है।
45:13आप जीवन के अंदर जितने भी काम में पिटाई
45:16खा रहे हैं और नीला रंग मिल रहा है वह सब
45:20राहु है। तो राहु एक्सिस्ट तो करता नहीं।
45:23आपने आकाश देखा है यहां आकाश तत्व है। ऊपर
45:26देखा आसमान में क्या वो नीला है? नो। पर
45:30कोई कलर ही नहीं ब्रेन रीड कर पा रहा तो
45:32क्या हो गया? नीला। अच्छा पानी देख रहा है
45:34समुद्र। क्या वो नीला है? नहीं। पानी उठाओ
45:37हाथ में वो नीला नहीं है। पर वो नीला
45:39दिखता क्यों है? क्योंकि जहां हमारे विजन
45:41इल्लुजन क्रिएट हो गया यानी जो भी झूठ
45:44होगा वो ब्लू होगा। यानी आपको समझ नहीं
45:47आएगा के क्या देखें इसमें ये वो नील रंग
45:51है। ये आपका वायलेट इंडिगो ब्लू ग्रीन
45:56येलो ऑरेंज रेड ये विबगोर रेनबो है। तो
46:00सूर्य की तीसरी जो रश्मियां आती है विगोर
46:02में उसके पास राहु है। तो इसके ठीक ऊपर
46:06कौन रह सकता है? सिर्फ चंद्रमा और सूर्य।
46:09सूर्य को यह खा जाता है। इसलिए एक ही
46:11एक्सिस्टेंस है चंद्रमा। आपके जीवन में
46:14जितना वाटर कंटेंट होगा, आपको कुछ नहीं
46:16सूझ रहा, तनाव है, परेशानी है, पानी पियो।
46:19अपने आसपास पानी रखो। शिव को जल की धारा
46:22दो। मां को पानी पिलाओ। लोगों को पिलाओ।
46:25डिपेंड्स चंद्रमा के ऊपर। वो नहीं चलेगा।
46:27पयु खोल के आप बर्बाद भी हो सकते हैं।
46:29लेकिन आपका चंद्रमा वाटर कंटेंट पूरा होना
46:32चाहिए। अगर आपके ऊपर इसकी कृपा है, चावल,
46:35दूध, पानी यह तीन चीज तो आप समझ लें कि आप
46:39पर राहु की कृपा है। ऐसे लोग होते हैं
46:41जिनका चंद्रमा दूषित होता है। उनको फूड से
46:43एलर्जी होती है। खासतौर से वाइट चीजों की,
46:45लैक्टोज़ की, उन सबको राहु तंग करता है।
46:49इसलिए उनको माता की कृपा चाहिए और शिव की
46:51कृपा चाहिए ही चाहिए। लेनी ही पड़ेगी। अगर
46:53नहीं ली तो मारे गए।
46:56और चंद्रमा की राशि में बृहस्पति सबसे
46:58अच्छा होता है। इसलिए बृहस्पति की कृपा
46:59लेनी ही पड़ेगी। अब यह जो चक्र है नील
47:03नीला चक्र इसको हम नाम बोलते हैं
47:05विशुद्धि।
47:07विशुद्धि का मतलब शुद्ध जो हो गया शुद्ध
47:09हो गया भाई यहां और यहां से हम सबसे
47:11ज्यादा अशुद्धि बोलते हैं। सबसे ज्यादा
47:14गाली बकते हैं। कलह मचाते हैं। गंदगी बकबक
47:17करके लोगों को कुर्ते कोसते हैं। तो जो
47:19हमने यहां बोला वो सारा का सारा अगर तो
47:21हमारा अमृत चक्र ठीक है और हमारे नीचे आ
47:25गया तो बोला हुआ हमारा वरदान या शाप बन
47:27गया। अन्यथा वो नीचे गिर के हमारे शरीर को
47:29नष्ट कर देता है। हमारी बॉडी में
47:32रिजुमिनेशन चाहिए। दोबारा से रोज रोटी
47:34चाहिए। ऐसे महीने में एक बार हमें भी रोटी
47:36चाहिए अमृत की ताकि दोबारा से रिजुमिनेट
47:38हो जाए अंग। ऐसे ऐसे बूढ़े लोग देखेंगे आप
47:40जिनके शरीर में हड्डियां नहीं चल रही।
47:42लिवर किडनी शानदार चल रहे हैं।
47:45लाजवाब चल रहे हैं। यह गांठ बांध लो। अगर
47:48ऑर्गन आपके 80 साल की ऐज में ऐसे हैं जो
47:5020 साल के बच्चों के जैसी रिपोर्ट नहीं है
47:52तो आपने राहु जेब में रखा हुआ है। ऐसीऐसी
47:55माताएं या पिता जिनके जीवन में शरीर के
47:58अंग सारे ठीक है। इसका मतलब उनके बच्चे
48:00उनके पैर छूते हैं।
48:03इसीलिए बच्चों को कहा जाता है माता-पिता
48:05के पैर छू लो। बेटा तुम्हारा राहु ठीक
48:07होएगा और तुम छू रहे हो तो इससे उनका भी
48:09शरीर में लाभ मिलेगा। इसीलिए पैर छूने का
48:12काम है। अब ये पैर छूना क्या है? घमंड टूट
48:14गया। ये सब बातें मजा आ रहा है। हां मैंने
48:16इसे झुका दिया। ये तो बेकार बातें हैं
48:18मजाक मस्ती की अन्यथा यह आपके जीवन के
48:21अंदर आपका यह ऊपर चंद्रमा की छतरी और यहां
48:25सूर्य की कृपा ये दोनों चीजें दे के चलता
48:28है। यह कृपा मिल जाने से आपका राहु
48:30विशुद्धि चक्र पे पूर्ण रूप से काम करता
48:32है। विशुद्धि चक्र का देखो सिंबल है हाथी।
48:35इंद्र हाथी की सवारी करता है। राहु की
48:38सवारी इसलिए इंद्र स्वर्ग का देवता है।
48:40स्वर्ग का राजा है। भगवान मानते हैं उसे
48:41स्वर्ग का। आपको स्वर्ग जैसा सुख होगा अगर
48:44आपने राहु को टेम कर लिया।
48:47अगर आपके घर में हाथी की मूर्ति और टूटी
48:49हुई है। आपका राहु डिस्टर्ब है। आप इंद्र
48:51जैसा सुख नहीं भोग सकते।
48:54आप सोच के चले हाथी हमारा प्रमुख देवता
48:57कौन है? गणेश। कौन है वो? केतु
49:01हाथी इतना बुद्धिमान होता है कि अगर कोई
49:05शिकारी मारने आ जाए तो मरे हुए समान लेट
49:08जाता है कि मैं भाग नहीं पाऊंगा। कैलकुलेट
49:09कर लेता है माइंड में कि मर जा मार देगा
49:11मुझे। मैं भाग नहीं पाऊंगा तो सो जाता है
49:13छुप के। सारे जानवरों में अकेला हाथी है
49:16जो संभोग छुप के करता है। मनुष्य भी छुप
49:18के करता है। ऐसा बेशर्मी शक्ल है। नहीं
49:21अच्छी बात नहीं है। सबके सामने नहीं होना
49:22चाहिए। कितनी कमाल की बुद्धिमता है। तो
49:25हाथी बुद्धिमान है। क्यों? उसका माथा बहुत
49:27बड़ा है। यह राहु है। तो हाथी ही राहु है
49:31और आपकी कोई भी चीज को फ़्टर करने की शक्ति
49:34जो है यह राहु के पास है। तो आप सही गलत
49:36का फैसला करते हैं वो राहु कराता है। जब
49:38भी राहु की पिटाई का समय आता है आपके घर
49:40में कोई लड़ रहा है। आपसे आपका शत्रु बन
49:42के लड़ रहा है। आपको देखना है शांति से कि
49:45हमने शरीर की हरकत किए बिना क्या उसके लिए
49:47रास्ता निकाला। आपका राहु मजबूत है। और
49:50राहु मजबूत मजबूत है तो क्या करेंगे? कुछ
49:53नहीं करेंगे और नोट छापेंगे। आपने अमीर
49:56लोग देखे हैं क्या करते हैं आपको? वैसे
49:58मैं जानकारी के लिए बता दूं। अमीर लोगों
50:00का एक दिन ढाई ढाई लाख घंटे का होता है।
50:03क्योंकि 24 घंटे के दिन के अंदर तो सिर्फ
50:05रिक्शे वाला रिक्शा चला के दिन की दहाड़ी
50:07कमाता है। और वो ढाई लाख घंटे का दिन होता
50:10है उनका। तो कैसे हो सकता है इतना बड़ा
50:13दिन? क्योंकि उनकी ब्रेन की स्पीड लाखों
50:16गुना स्पीड स्पीड से जाती है। वह दो ही
50:18घंटे काम करते हैं। बाकी पार्टी करते हैं।
50:20हवाई जहाज में घूमते हैं। ऐसी तैसी करते
50:22हैं। मौज मस्ती बड़े भयंकर फैसले लेते हैं
50:25और राहु की कृपा से उनके जबरदस्त स्पीड से
50:28क्लेरिटी होती है। वो इधर-उधर धक्के नहीं
50:30खाते। वो सीधा डेस्टिनेशन पे पहुंचते हैं
50:32पहली बार में। वो टाइम ट्रैप कर लेते हैं।
50:35तो राहु टाइम ट्रैप कर लेता है। आपको समय
50:38से आगे की स्पीड, समय से आगे का देखना,
50:40इंट्यूशन की पावर यह सब राहु के पास है।
50:43समुद्र में जो लोग खो गए वो कौन है? वरुण
50:45के यहां गए और देख नहीं पा रहे। समझ नहीं
50:47आ रहा। वरुण खा गया, नशा हो गया, चढ़ गया।
50:49इल्ल्यूजन का देवता है वरुण भी। और राहु
50:51कौन है? रास्ता निकाल लिया। जो समुद्र का
50:53भी रास्ता निकाल ले। बड़ी-बड़ी
50:55परिस्थितियों की परेशानियों के रास्ते
50:57निकाल ले वो राहु है। एरावत के दम पे
51:00इंद्र को जो स्वर्ग दिला दे वो राहु है।
51:02तो अगर आपके जीवन में भयंकर परेशानियां है
51:05तो यह मत सोचिए कि मेरे ही है। जिसके नहीं
51:07है इसका मतलब उसका राहु बहुत स्ट्रांग है।
51:10उसने परेशानियों पे झाड़ू फेरना सीख लिया
51:11है। वो यूं टैकल करता है। और उसके पास
51:14क्या होता है? उसको 2 घंटे में ही 2ाई लाख
51:17घंटे जितनी कमाई हो जाती है। तो काम कहां
51:19करता है वो? उसको कृपा मिलती है। वह सीधा
51:21एंड प्रोडक्ट पर पहुंच जाता है। बाकी लोग
51:2310 साल में जहां पहुंचते हैं वह हाथों
51:25हाथ। यह राहु की कृपा है। और इसके लिए
51:28जरूरी है कि आप चंद्रमा को पकड़ के रखें।
51:31इसलिए मां की सेवा, मां का प्रेम, मां के
51:34प्रति श्रद्धा अपनी ठीक नहीं लगती गोद लो।
51:38नहीं तो शिव। अगर कुंडली अलव करती है शिव
51:40को पकड़ो। आपका राहु सेट है। आपके जीवन के
51:44अंदर बरकत, स्पीड, लाजवाब, मौज, मस्ती सब
51:46हो जाएगी। किसी किस्म का रुकावट नहीं और
51:48विशुद्धि चक्र आपके जीवन में यहां से सब
51:51शुद्ध करके देगा। आपकी वाणी खराब नहीं
51:54होगी। जितने लोगों का राहु अपसेट है वो
51:56स्टैमर कर जाते हैं। बोलने में अटक जाते
51:58हैं। बोलना कुछ होता है कह कुछ देते हैं।
52:0090% लोग ऐसे हैं जो कहते हैं मेरे को बोल
52:03के चले गए वो। तो बंदा कहता है अरे तो उस
52:06टाइम बोला क्यों नहीं? तू या बोली क्यों
52:07नहीं? मेरे से उस टाइम बोला नहीं गया।
52:10ब्लॉक हो गया। उस समय नहीं पता चला क्या
52:12बोलना है। 15 मिनट बाद सब पता है। ओ उस
52:15समय मम्मी मैं मेरा आंसर नहीं निकला। मैं
52:17पेपर में लिख नहीं पाया। बेटा तू घर पे
52:19बता के गया था। मम्मी बोले रघु अंकल आ गए
52:22थे। मैं लिख नहीं पाया। ये ब्लॉक कर देता
52:26है। आपका ब्रेन ब्लॉक, जबान ब्लॉक, बात
52:28ब्लॉक कह नहीं पाए, फैसला नहीं ले पाए।
52:31घटाक मार के फेंकने वाली शक्ति राहु की
52:33है। ढीठ, बदतमीज और अडिय सडियल बनाता है।
52:35यह आप में यदि गुण आएगा तो आप हर चीज़
52:38प्राकट्य पे चलोगे। खोल के चलोगे। बता बोल
52:40के। आपकी लाइफ ठीक है। तो इससे सबसे बड़ा
52:43फायदा क्या होगा? उड़ना बंद, सड़ना बंद,
52:46लड़ना बंद, पिटना, रोना, अपने लिवर,
52:50पैंकक्रियाज का नाश पीटना बंद।
52:53आप जबरदस्त क्लेरिटी के साथ जीवन जीते हैं
52:56और मजे की स्पीड से आपकी लाइफ में बरकत और
52:58स्पीड आती है। यह राहु जो प्लेसमेंट है,
53:01क्रिएट होती है इसकी छह नंबर राशि के ऊपर।
53:04हमारे सारे ग्रहों के प्लेसमेंट को यदि हम
53:07देखें तो यह हमारा मंगल महाराज है। देखो
53:10राहु कितनी पास है इसके
53:14यहां पर राहु सावन के महीने में सूर्य
53:17चंद्रमा चार नंबर राशि में होता है। इसलिए
53:19सावन के महीने में सब कहते शिव जी में
53:21पानी डाल पानी डाल चल चल के जाओ कावड़ चल
53:23रही है। लोग कहते हैं पागल है लोग। पता
53:26नहीं क्या कावड़ में चले पानी लेके। भाई
53:28साइंस ही नहीं पता। यह साइंस पता होनी
53:31कितनी जरूरी है कि बंदे देश से राहु सेट
53:34करने में लगे हैं। यह ज्ञानी लोग इतने
53:36क्यों होते हैं सनातन धर्म में?
53:39ऐसा क्यों है? कई दोष जो सुई कई देश जो
53:41सुई भी नहीं बना सके।
53:43क्या है ये कहानी? बहुत से लोग पक्के धर्म
53:46के अनुसार चलते हैं। ज्ञान कहीं का कहीं
53:48आता है। ये वरुण देवता है। अब यहां पर
53:51हमारे
53:53राहु देव को ये स्थान दिया गया है
53:55विशुद्धि चक्र का। और इस स्थान के ठीक ऊपर
54:00शिव का तीसरा नेत्र है। यानी शिव के तीसरे
54:03नेत्र की जो जानकारी आपके मुंह के रास्ते
54:06आएगी वो तभी आएगी जब राहु अलऊ करेगा और
54:08राहु ब्लॉक करने वाला है। बुध बोलने वाला
54:11है। बुद्ध वाणी है। ये दोनों साथ-साथ रहते
54:14हैं। एक्सप्रेशन तब है अगर बुध ठीक है।
54:17विशुद्धि चक्र ठीक है। झूठ बोलने वालों
54:20लोग जो होते हैं। अंदर मन में घुटने वाले
54:23लोग जो होते हैं। बुदबुदा के जाकर अपने
54:25कमरे में बोलने वाले लोग होते हैं या अंदर
54:28ही कुड़ रहे हैं बोलूं क्या कहूं क्या
54:29बोले उनको थायराइड हो जाता है घर का
54:32वेस्टर्न बेल्ट जो होती है वेस्ट नॉर्थ
54:34वेस्ट विशेष तौर पर वो खराब हो जाती है
54:36उसके दोष के कारण ये होता है और वो एक
54:38अजीब नशे में होते हैं या वो धर्म के नशे
54:41में होते हैं शराब के नशे में होते हैं
54:43लड़ने के नशे में होते हैं रोने के नशे या
54:46रुलाने के नशे कैसा भी एक नशा रहेगा वो
54:49उनका परम स्वभाव हो जाता है परमानेंट और
54:51यह तभी है अगर उनके राहु में गड़बड़
54:54राहु का दोष आपका होगा तो ऐसा अक्सर
54:56बैठेगा कि आप हर समय बेबसी महसूस करेंगे।
54:59आप बहुत कुछ जानना चाहते हैं लेकिन लफड़ा
55:01वही फिर भीख मांग रहे हैं भगवान से। ये
55:03मजाक में कई कहानियों में कहा जाता है
55:05भगवान से भगवान को ही मांग लो ना। फिर
55:07क्या रह गया मांगने को? लोग कहते हैं
55:09भगवान का हम अचार डालेंगे। खाया भी नहीं
55:12जाएगा। अरे जब तुम उसको मांग लोगे वो भाव
55:15समझोगे तभी तो सब कुछ मिल गया। लक्ष्मी
55:18अपने आप आई लोग समझ नहीं पाते हैं। यह समझ
55:21जो है यह राहु है। पेशेंस राहु के पास है।
55:24यह सारा पेशेंस तो राहु तो गुस्सा दिलाता
55:28है। राहु पेशेंस कैसे?
55:29राहु ही तो गुस्सा दिलाता है। क्योंकि
55:31राहु काम कर रहा है अपना कि इसका नाश पीट
55:33दो। इसे ज्ञान नहीं आ रहा। आपको गुस्सा
55:35आता है?
55:36ठीक हो गया। इनको गुस्सा आता है। मान लो
55:382015 में गुस्सा इनको एक बात पे आए। एक
55:40बात गर्लफ्रेंड के ऊपर आ गया। मान लेते
55:42हैं। गर्लफ्रेंड इज़ अ गुड एक्सक्यूज।
55:44लास्ट तक चलेगी। अभी चल रही है कि अभी बंद
55:46चल
55:47अच्छा चल गुड वेरी आई लव यू टू तो
55:52ओ माय गॉड गिनती भी है पढ़े लिखे लोग तो
55:54अब 2015 में इनको गर्लफ्रेंड पे गुस्सा
55:56आया फिर ये 16 में भी आया 17 में आया फिर
55:59ये बेबस हो गए तीन ही काफी है फिर ये बेबस
56:02हो गए उस पे गुस्सा करके चार डालेंगे फिर
56:04उसने तैसी फेरनी शुरू कर दी फिर ये 18 19
56:0720 में उन्होंने कहा बड़ा व्यर्थ है
56:09गुस्सा करना यार क्या रखा है ध्यान हो रहा
56:12है राहु सेट हो रहा है पहले राहु गुस्सा
56:14करता था कुर्ता सड़ता था। फिर ये सड़ सड़ के
56:17कुड़-कुड़ के फिर ज्ञानी हो गए। क्या रखा है
56:19बोलने में? फिर 212 में और ज्ञानी हो गए।
56:21फिर उन्होंने कहा वैसे इसमें भी क्या रखा
56:23है यार? मैं सोच रहा हूं कि क्या रखा है
56:25गुस्सा करने ना करने में? ये भी व्यर्थ की
56:27चीज है। जियो यार ठीक है ऐसे ही है। 24-25
56:30में आते-आते खुद ज्ञानी हो गए। 26 में हो
56:32सकता है क्लास लेने के लिए तैयार ये हो
56:33जाए।
56:35ये राहु क्या कर रहा है? ये महा गुस्सा
56:36दिलाता है। महक उड़ाता सड़ाता है। तब तक दुख
56:39देता है जब तक आप पछताए ना।
56:42फिर पछताते क्या है? हमारी 90% समस्या तो
56:44ये रहती है यार ये क्राइम तो हमने किया ही
56:46नहीं जज साहब ये गलती तो मैंने की ही नहीं
56:49बोले बेटा वो तो मुझे भी लग रहा है नहीं
56:51की लेकिन पता नहीं किस जन्म में की है पता
56:53करके आओ नहीं तो तुम यहां क्या धक्के खा
56:55रहे हो तो जो आपको सूझ नहीं रहा पता ही
56:58नहीं चल रहा विज़न ही नहीं जा रही क्योंकि
57:00ये ब्लॉक करता है ये बेबसी का स्टार है जब
57:03तक आपने पछता नहीं लिया और आपने कहा आपने
57:05ये नहीं कहा कि बेकार है किन चक्करों में
57:07लगाओ ना तब तक आप पछता के छोड़ेगा पीटेगा
57:11मारेगा इसलिए आप फटाफट पछताओ और पछताना भी
57:14छोड़ दो। आपका राहु सेट राहु का ठीक हो
57:17गया यार मेरा काम हो गया भाई। शनि महाराज
57:18बोलो बोले हां ठीक हो गया। आ गया नेक्स्ट
57:21तो आपके जीवन में शिक्षा देने का ग्रह है।
57:23ये बहुत अच्छा ग्रह है। क्रूरता से देता
57:25है। ये एक समस्या है इसकी। जिंदगी में हर
57:27काम ना आराम से करो। ब्रेन की स्पीड स्लो
57:29रखो। देखो सही होगा। ब्रेन की स्पीड फास्ट
57:32नहीं होने दो। आप ना जरा सी बात से बोर हो
57:35गए हो। क्या यार एक घंटे से बैठे हैं।
57:38ब्रेन को हरकत नहीं मिल रही। हरकत क्यों
57:41चाहिए ब्रेन को? ब्रेन को बिना हरकत शांत
57:43आप खाली मेडिटेशन के लिए एक घंटा बैठ
57:45जाओगे के नहीं मेडिटेशन मेडिटेशन ही तो कर
57:47रहे हो सारा दिन में आराम से हो रहा है
57:49काम खुले हो जाएगा नहीं होएगा कोई नहीं
57:52अगली बार हो जाएगा अगले जन्म में हो जाएगा
57:53हो ही जाएगा यार अब राहु की देखिए कैसी
57:55बड़ी सुंदर सुंदर चीजें बना रखी है कि
57:57राहु महाराज जो है एक सिर है और नीला शरीर
57:59है क्योंकि नील वर्ण विगोर ब्लू ब्लू कलर
58:03बीच में आता है नील डालता है नील कब पड़ते
58:05है पिटने से यानी राहु शुरुआत ही पिटाई से
58:09करेगा इसलिए ये ग्रह बड़ा डेंजरस माना
58:11जाता है। इसलिए आप प्रेम में पिट रहे हैं।
58:13यानी अकल नहीं है बाबा तुझे। तुझे भगवान
58:16नहीं मिला। तुझे काला शनि मिला है। दूसरा
58:19बंदा चुन जब तक नील पड़ रहे हैं तब तक
58:22चेंज करते रहो। अपना बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड
58:24हस्बैंड को हम नहीं कहेंगे। वाइफ को नहीं
58:26कहेंगे। वो बस अब फिक्स हो चुके हो। फंस
58:29चुके हो अब आप। वो मोना फंस चुकी है। ये
58:31आपके राहु महाराज है। एक सिर को लेकर के
58:33चल रहे हैं। बिल्ली। बिल्ली राहु होती है।
58:36हाथी भी राहु होता है। एक हाथी होता है जो
58:38चौड़ में आता है। ज्ञान हो गया मुझे अकल
58:40है। बिल्ली होती है छुप के आती है। दिखावा
58:43शेर जैसा है। बिल्ली का चेहरा देखा आपने।
58:45100% शेर की तरह मुंह बनाती है जब वो
58:47गुर्राती है। म्याऊं करती है। सॉरी उस
58:50टाइम वो गुर्राना जो है वो म्याऊ है।
58:52दूसरा राहु वो है जो घर के शेर हां मम्मी
58:56ये कर दूंगा वो कर दूंगा बाहर जाके। जी
58:58आंटी जी अंकल थैंक यू। यह वह डरा हुआ राहु
59:01है। यह राहु का डिफरेंशियल है और चंदा
59:03मामा से ठीक होगा। सिर्फ यह ठीक है। मम्मी
59:06से ही होता है। उसके बिना असंभव है। तो
59:08मम्मीियों से लड़ने वालों समझ लो फालतू
59:10में मत लड़ो। एक मम्मी तो ऐसे रखो जिससे
59:12ना लड़े। ये सिर्फ सिर बना रखा है। लेकिन
59:14ये केतु है। इसका सिर नहीं है। ये पूरक है
59:17एक दूसरे के। जब तक ये ना हो तब तक नहीं।
59:19यह राहु खोज रहा है। ढूंढ रहा है कुछ। और
59:22केतु जो है वो उलझन है लाइफ की। समझ नहीं
59:24आ रहा कहां जाए, क्या करें। खोजते खोजते
59:26उलझने ऐसे सुलझ जाए अगर यह मिल गया इसको
59:28धड़ मिल गया काम हो गया कैसे होता है केतु
59:30की क्लास राहु शांति का प्रतीक मानते हैं
59:33के सरस्वती माता भी नहीं है यहां
59:37है सरस्वती माता है यहां सरस्वती माता
59:39वीणा बजा रही है साथ में हंस है हंस को
59:42बहुत सुंदर माना जाता है और ये इतना लंबी
59:45फ्लाइट करता है इसको इतने रास्ते पता है
59:48साइबेरिया से 2000 किलोमीटर की यात्रा
59:51करके हंस आता है और इसे राहु से एसोसिएट
59:54किया गया यानी आपको इतनी दूर का पता होता
59:58है। यानी इंट्यूटिव पावर्स राहु के पास
1:00:01है। उसके पास खोजने की प्रवृत्ति है और
1:00:04खुद को जिंदा रखने की। अगर आपका राहु सेट
1:00:08है कैसे सब उपाय होंगे बात होगी। तो आपको
1:00:10मरने नहीं देगा ये। यह शत्रु को ढूंढ के
1:00:14जान से मार देता है। ये इतना खतरनाक है।
1:00:17राहु वाले से पंगा लोगे। आपको खुद ही
1:00:19बर्बाद कर देगा वो। स्तंभन जानता है ये।
1:00:21स्तंभन मीनं जिसके सामने जाते ही आपकी
1:00:23मुंह बोली बंद बोलती बंद हो जाती है। पता
1:00:25नहीं क्या हो जाती। यह राहु स्ट्रांग वाले
1:00:27लोगों का संकेत है। और स्वयं शांति का
1:00:30प्रतीक है। जोड़े में रहता है हमेशा। अकेला
1:00:32नहीं रह सकता। अगर पॉजिटिव हो गया तो ये
1:00:35इसका कहानी है इसकी। ये होती तो कहानी है।
1:00:37झूठी है। सच नहीं है। कि स्वयं इतना
1:00:39ज्यादा समझदार होता है। हंस कि वो पानी और
1:00:42दूध को मिक्स कर लो तो दूध पी जाता है।
1:00:44पानी छोड़ देता है। ऐसा होता नहीं है। पर
1:00:46ये कहानियां बड़ी सुंदर कहानियां बना रखी
1:00:48हैं। यह बिल्ली के ऊपर बैठा हुआ है इसकी
1:00:50मुंडी। यह मछली केतु मछली होता है। प्रथम
1:00:55अवतार मानते हैं। यह मिथुन राशि तीन नंबर
1:00:57में उच्च होता है। यहां पर जो है मिथुन
1:01:00राशि इसके नक्षत्र दिए गए हैं। द्विस राशि
1:01:03होती है। चर स्थिर द्विसभाव तीन तरह के
1:01:06मृगरा आर्द्रा पुनर्वसु ये इसके नक्षत्र
1:01:08है। आर्द्रा इसका पूर्ण नक्षत्र है। सबसे
1:01:10पावरफुल सर्प शान मारजार बिल्ली
1:01:14कुत्ता और सांप शिवजी ने गले में सांप
1:01:17लपेट के रखा हुआ है। कुत्ता जो है यह
1:01:19कुत्ते की सेवा करने से राहु ठीक होता है।
1:01:21इसीलिए कहते हैं गाय, कुत्ता, कौवा गाय
1:01:25शुक्र है। वह कौन है? दैत्यों के गुरु।
1:01:28इसलिए गाय की सेवा करोगे राहु सेट केतु भी
1:01:31और ग्रह भी जितने दैत्य हैं। उसके बाद
1:01:34आपका कौवे कुत्ते की सेवा करते हैं।
1:01:36कुत्ता कौन है? केतु। केतु दूसरे द्वार
1:01:40दूसरे द्वार का स्वामी है। पितरों की कृपा
1:01:42दिलाता है। कौवा कौवा है शनि। सांप गले
1:01:45में लपेटा है शिव जी ने। क्यों? क्योंकि
1:01:47राहु को यहीं लपेट के सेट कर दिया है।
1:01:49इसलिए शिव को कहते हैं त्रिकालदर्शी। तो
1:01:52जो व्यक्ति पास्ट फ्यूचर प्रेजेंट जानता
1:01:54है राहु सेट जितने लोग हिप्नोथेरेपी में
1:01:56लगे हुए हैं। जितने लोग इस तरह की जो
1:01:59फिलॉसोफीस के अंदर है कि हम आपको कहानी
1:02:02सुनसुन के आपको ठीक कर देंगे। जो
1:02:04एक्सपर्ट्स आपकी बातें सुन सुन के आपको
1:02:06ठीक करते हैं। किसी किस्म की भी थेरेपी कई
1:02:08थेरेपी चली हुई है आजकल रेडिकल इत्यादि
1:02:10बहुत सारी चीजें वो सारी की सारी राहु के
1:02:12पास है। इसकी जो योनि है शेप यही सर्प मार
1:02:15शान और मारजार है। राशि मिथुन। मिथुन क्या
1:02:17है? मिथुन में दो होते हैं। जेमिनाई कहते
1:02:20हैं। मिथुन शब्द मैथुन से बना है। मैथुन
1:02:24मींस सेक्स। सेक्स का मतलब क्या होता है?
1:02:27भोग। संभोग। या तो यह अच्छा है तो भोग
1:02:30देगा और नहीं है तो ऐसी की तैसी फेल देगा।
1:02:33कितने ही हस्बैंड और वाइफें इनके बीच में
1:02:35राहु जब स्थापित होता है तो पतिप के बीच
1:02:38क्रिया समाप्त हो जाती है प्रेम की किसी
1:02:41हालत में समाप्त और वहीं से जीवन का नाश
1:02:43शुरू और वो हो सकता है मरते दम तक चले और
1:02:47उसके पश्चात लोग जबरदस्ती के साधु बन जाते
1:02:49हैं। जबरदस्ती घर में कुड़-कुड़ के रोते
1:02:51हैं। जैसे ये शुरू होता है नीचे का मृत
1:02:53ट्रैप नहीं होता और शरीर बीमारी से ही
1:02:56मरता है। इसलिए मिथुन राशि का सूचक है। यह
1:03:00छोटा सा एक फोटोग्राफ है मात्र।
1:03:03जिसमें यह है कि यह सूरज है। यहां केतु
1:03:06राहु यह थोड़ा सा नॉर्थ नोड और साउथ नोड
1:03:10के हिसाब से किया है। जब बीच में चंदा
1:03:12मामा आ जाए तो राहु हो जाता है और बीच में
1:03:15केतुर्थ
1:03:17हां नॉर्थ नोड राहु है तो डिसेंडिंग है वो
1:03:19और असेंडिंग जो है वो केतु है। इसकी जरूरत
1:03:22नहीं है हमें वैसे बट ये राहु और वो केतु
1:03:24थोड़ा लगा लिखा उलट है लेकिन केतु के वजह
1:03:27से आपका चंद्र ग्रहण लगता है। राहु की वजह
1:03:28से आपका सूर्य ग्रहण लगता है। राहु काल
1:03:32दिन भर सारा दिन आता है। इसका हमने ईज़
1:03:34बनाया है। च शशु बुग्गू मर च शशु बुग्गू
1:03:39मर तो चंद्रमा शनि शुक्र बुध गुरु मर मर
1:03:43नहीं जिंदा रहे मंगल और उसके बाद रवि रवि
1:03:47रवि रवि सूर्य तो यहां से शुरू होता है जब
1:03:52सूरज उदय होता है और सूरज अस्त होता है।
1:03:54उसके बीच के समय को जितने भी घंटे मिनट है
1:03:57भाई 12 घंटे हैं 11 घंटे हैं 13 घंटे हैं
1:04:00उसको आठ हिस्सों में डिवाइड कर लिया जाता
1:04:02है। ये राहु काल की बात है। आठ हिस्सों
1:04:04में डिवाइड करने के पश्चात उन बराबर आठ
1:04:08हिस्सों का जो पहला हिस्सा है उसको फ्री
1:04:10कर देते हैं क्योंकि वो सूर्य की प्रथम
1:04:11रश्मियों में है। वो अभी नई-नई
1:04:14अल्ट्रावायलेट रेज आई हैं। तो सूरज पूरा
1:04:16आया नहीं है सुबह-सुबह आकाश में। उसको
1:04:18राहु काल के लिए कैलकुलेट नहीं किया जाता।
1:04:21अब रह गए 1 2 3 4 5 6 7 आठ में से सात
1:04:25हिस्सों में पहला हिस्सा चंद्रमा का है।
1:04:27दूसरा वाला जो मान लो दो-द घंटे का है।
1:04:31डेढ़ घंटे का होता है। वैसे अंदाजा दो
1:04:32नहीं होते। डेढ़-डेढ़ घंटे का है। तो पहला
1:04:34डेढ़ घंटा चंद्रमा का है। फिर आपका शनि का
1:04:36अगला डेढ़ घंटा। फिर शुक्र का डेढ़ डेढ़
1:04:39घंटा। इस प्रकार चलता है इसमें। तो सोमवार
1:04:42को अलग टाइम आता है। चंद्र मंगल अलग बुध
1:04:44से। लेकिन इस सीक्वेंस में आता है। आखिर
1:04:46में सूर्य का है। तो संडे को शाम को हो
1:04:49जाता है। मंडे को मॉर्निंग। इस प्रकार आता
1:04:51है। यह हमने एक छोटा सा चार्ट बनाया था।
1:04:53पता नहीं कहां चला गया समझने के लिए। बट
1:04:56कोई बात नहीं। ये राहु काल रोज होता है।
1:04:58ये कहा जाता है राहु काल में कोई शुभ काम
1:05:01मत करो। नया मकान नहीं बनाना। शादी नहीं
1:05:03करनी, डोली नहीं उठानी, लड़की को ब्याने
1:05:05के लिए नहीं ले जाना। आपको किसी को पैसे
1:05:07देने के काम करने नहीं करने। नई यात्रा पे
1:05:09जा रहे हैं। बच्चे का जन्म मुंडन संस्कार
1:05:11कुछ नहीं करना। चाहे राहु आपके छतरी में
1:05:14वेल प्लेस है
1:05:15और राहु यदि आपकी छतरी में है बैठा हुआ
1:05:17जेब में रखा हुआ है आप जो मर्जी करो ऐसी
1:05:19की तैसी राहु काल की
1:05:22इसीलिए बहुत से लोग मुहूर्त ही नहीं चाहिए
1:05:24बोले यार इनका कुछ ना बिगड़ता बोले ये
1:05:28बिगाड़ देंगे भाई तेरा तुझे पता नहीं राहु
1:05:30सेट है अगले की क्लेरिटी बहुत है इसको
1:05:32क्लियर पॉइंट बनाता है ज्ञानी बनाता है
1:05:35भविष्य देखने की शक्ति देता है क्योंकि यह
1:05:37है ही देखने सुनने सोचने समझने वाला देवता
1:05:39इसके पास यह है
1:05:43यह पांच इंद्रियां इसकी झटक काम करती हैं।
1:05:47अगर ये पांचों गुमराह है तो राहु खा रहा
1:05:49है और ये पांचों के पांचों जिंदा है तो
1:05:51राहु आपको दे रहा है। यह आपको प्रबल प्रबल
1:05:54धनवान बनाता है। अंधा पैसा देता है और
1:05:57अंधा पैसा देके इनकम टैक्स की रेट भी डलवा
1:06:00देता है। नजर हटी दुर्घटना घटी। ये हमारे
1:06:03लिए क्लास इसकी बनती है ऊर्जा का गार्ड।
1:06:06जिसने ऊर्जा का गार्ड लगाना सीख लिया उसका
1:06:09राहु सेट है। हमारे जीवन में जितनी
1:06:11मेडिटेशन की जाती है, जितना हम ज्ञान की
1:06:15बातें करते हैं, जितना हम ईश्वर को
1:06:18प्राप्त करने के चक्कर में रहते हैं, यह
1:06:20सारे के सारे झंझट और हिप्नोसिस का देवता
1:06:25राहु है। अक्सर लोग प्रश्न पूछते हैं कि
1:06:29जी मैं कौन से भगवान की पूजा करूं? क्या
1:06:32मैं राम नाम ले लूं? मुझे लगता है कि मैं
1:06:36टीले वाले बाबा के पास जाता हूं तो ऐसे कर
1:06:38लूं। मैं रोज दो माला ये जाप करता हूं।
1:06:41क्या मेरा वो ठीक हो जाएगा? ये सब
1:06:43हिप्नोसिस यानी सत्य को ना जानना और इस
1:06:46हिप्नोसिस में रहना यह सब राहु है। लोग
1:06:49जीवन का लक्ष्य बना लेते हैं। मैंने अपने
1:06:51बच्चे को आज यह बना देना है। गृहस्थ ही
1:06:53नहीं बसी तो कोई बात नहीं। सब राहु है। आप
1:06:56जीवन के सत्य को कभी नहीं जान पाते और कभी
1:06:59भी मुन्ना को सेट नहीं कर पाते। लोग कहते
1:07:02हैं गुस्सा कैसे काबू करें? यह राहु है।
1:07:06गुस्सा काबू नहीं हो सकता। मन को कैसे
1:07:09कंट्रोल करें? मन कंट्रोल नहीं हो सकता।
1:07:11यह जितनी गलतफहमियां हैं, यह सारी राहु
1:07:14है। और यह सब ठीक कब होती है? जब हमारे
1:07:17अंदर साक्षी भाव ऑन होता है। यह साक्षी
1:07:21भाव जो है यही राहु है। यानी ईश्वर तक को
1:07:25पहुंचने और जानने की यात्रा राहु है। जब
1:07:28यह राहु कृपा कर देता है तो सूर्य सामने आ
1:07:32जाता है। अगर यह कृपा ना करे तो सूर्य
1:07:35लुप्त हो जाता है। आपका साक्षी भाव का
1:07:37मतलब है कि आप जीवन के अंदर जो हो रहा है
1:07:40उसे जान रहे हैं। आपकी खोपड़ी में जो चल
1:07:42रहा है या तो वही आपकी जिंदगी चला रहा है
1:07:45या आपकी खोपड़ी में क्या चल रहा है यह
1:07:47आपको पता है। अगर आपने यह सीख लिया तो
1:07:50दृष्टा भाव यही राहु है। राहु इतना ज्ञानी
1:07:54बनाता है यह संत बनाता है और केतु जो है
1:07:57वो साधु बनाता है। इसलिए अंततो गत्वा ये
1:08:01ज्ञानियों की जो टोली बनती है ये राहु
1:08:03केतु ही है। झूठे साधु झूठे ढोंगी बाबा यह
1:08:07सब नेप्च्यून का काम है। अगर इसमें भी
1:08:10आपको कोई धोखेबाज मिल रहा है, तो यह कोई
1:08:12ना कोई धोखेबाज प्लेनेट है। इसमें प्लूटो
1:08:15भी काम कर सकता है। इंद्र भी धोखा दे सकता
1:08:17है। वह लोग इनकी छवि ख़राब करते हैं। लेकिन
1:08:20आपका साक्षी भाव जो आपके जीवन में ईश्वर
1:08:23समकक्ष आपको बना देता है। जिसमें आप किसी
1:08:25का भी आवाहन करके उस देवता के द्वारा काम
1:08:28करा लेते हैं। यह सब राहु है। इसलिए
1:08:31हिप्नोसिस यह राहु है। हिप्नोथेरेपी का
1:08:34देवता राहु है। जिंदगी की सारी इल्लुजंस
1:08:37जो हम झूठ को सच मान लेते हैं। जो
1:08:39बेवकूफना बेवकूफाना बातों के ऊपर मान लेते
1:08:42हैं सही है। हम ये कह लेते हैं ऐ तू मेरा
1:08:44बच्चा है। तुझ पे मेरा हक है। राहु है।
1:08:46आपको साक्षी भाव नहीं है। आपको क्लेरिटी
1:08:48नहीं है कि आप क्या सोच रहे हो? आप क्या
1:08:49कर रहे हो? क्या ये आपके अधिकार क्षेत्र
1:08:51में है? एग्जैक्टनेस पक्कापन यह राहु
1:08:55प्रसन्न होता है तो आपको पल्ले पड़ता है।
1:08:57तो राहु डिवास्टेटिंग भी है। नाश भी पीट
1:09:00देता है। झूठे बिलीव कराता है। यह मेरा
1:09:02सच्चा प्यार है और राहु यह भी जन्मा जाता
1:09:04है। सच्चा प्यार जैसी कोई चीज नहीं होती।
1:09:06ये बेवकूफी है। यह मूर्ति के लिए इतना
1:09:08पागल कर देता है कि इसी मूर्ति में विलीन
1:09:10होके नष्ट हो जाए और यही ऐसा हिप्नोसिस
1:09:12क्रिएट कर देता है कि भैया यही ये काम
1:09:14करने से ही होगा जो होगा। तो ये बिलीफ
1:09:16सिस्टम सही गलत सारे के सारे क्रिएट करता
1:09:19है। यह साक्षी भाव क्योंकि ये सिर्फ सिर्फ
1:09:21सिर्फ गर्दन है। ये सिर्फ एक गर्दन है।
1:09:25इतना काम है इसका। इसीलिए शिव के हाथ में
1:09:29जो त्रिशूल है वो त्रिगुणात्मक सतोगुण
1:09:32तमोगुण रजोगुण इदा पिंगला सुषुमना को
1:09:36दर्शाता है। तीसरा नेत्र जो है वो ज्ञान
1:09:38को दिखाता है। जो साक्षी भाव का तीसरा
1:09:39नेत्र है और चंदा मामा ऊपर की छतरी है जो
1:09:42आपके अमृत चक्र से गिरी हुई बूंदों को
1:09:44आपके अंदर रखता है।
1:09:46सर त्रिफूल के साथ डमरू बना रहे हैं।
1:09:49डमरू नाद है। ये नाद के लिए क्योंकि साउंड
1:09:52से पैदा होता है सब कुछ। ये स्ट्रिंग
1:09:53थ्योरी है। स्ट्रिंग स्ट्रिंग से ना दो
1:09:56स्ट्रिंग बंधी हुई है। ये सब जाएगा साइंस
1:09:59में ही जाएगा बाद की डेट में। अभी ये
1:10:01धीरे-धीरे यही खुलेगी कहानी।
1:10:02मान सकते हैं।
1:10:03हां जी।
1:10:06है इनफिनिटिव? तो
1:10:07जो शिव के डमरू से जो सूत्र जो निकला था
1:10:11जो आप जो कह रहे हो वही चीज
1:10:13ये तो निकाले गए निकला था नहीं निकला था
1:10:15देखो जी मेरे तो सामने निकाला नहीं था उस
1:10:17टाइम उन्होंने मैं अपने बिजी था तो जहां
1:10:20लिखा हो वो बात वो जाने पर ये जो भी निकला
1:10:23नहीं निकला जैसे निकला हमें इतना पता है
1:10:25कि ये सारा साइंस है डिकोड नहीं हुआ है ये
1:10:28डिकोड हो जाएगा तो काम हो जाएगा
1:10:30हो ही रहा है भैया डिकोड भी
1:10:31ये डिकोडिंग यही है शिवजी के किसी सूत्र
1:10:34के द्वारा कुछ होता है नहीं होता है ये तो
1:10:36शब्दों का खेल है। यही वाइब्रेशन है। यही
1:10:38स्ट्रिंग्स है। और वो जाती है अपने एक
1:10:40डेटी तक। यह मंत्र के ऊपर कभी क्लास होगी
1:10:43तो देखेंगे इस पे क्या-क्या निकल सकता है
1:10:45ऊपर से। ये तब पता चलेगा हमें। लेकिन ये
1:10:47सब बातें बनाई गई है कि ऐसा करने से ऐसा
1:10:50होता है। ये हिप्नोसिस है। बेस्ट खाना
1:10:52खाने से भी आपके लिवर बोल सकता है।
1:10:54हिप्नोसिस टूट गया। ऐसे लोग हैं जो डिफाई
1:10:57करते हैं लॉजिक को। आप शुद्ध भोजन लेते
1:11:00हो। आपका लिवर का फेल है। आप दारू सिगरेट
1:11:03मारे जा रहे हो। आपकी बॉडी को कुछ हो ही
1:11:05नहीं रहा। और आप कुछ नहीं खाते पीते आपकी
1:11:07ट हो गई पहले यंग एज में ही हो गई या कोई
1:11:09सिर पैर नहीं आया एंगर स्वामी 86 की एज
1:11:11में चले गए उनसे बड़ा सिद्ध कौन होगा पूरा
1:11:14का पूरा योग शास्त्र दिया उन्होंने नया और
1:11:16खुशवंत सिंह 89 में
1:11:19पार्टी भी पूरी पूरी करी उन्होंने यूरो
1:11:21नेप्च्यून प्लूटो पूरे भोगे सर
1:11:24आप सोच के चलो ना
1:11:25सर इस हिप्नोसिस में रहना चाहिए फॉलो करना
1:11:27चाहिए
1:11:27ये हिप्नोसिस जिसने तोड़ना सीख लिया उसको
1:11:29राहु कमाल कर देगा वो नया धर्म बना देगा
1:11:32नया सिस्टम नई थॉट प्रोसेस बना के दे देगा
1:11:34क्योंकि वो क्लेरिटी दे देगा यार कितना
1:11:36क्लियर होगा यार हर चीज ये राहु है केतु
1:11:40इसका भी बाप है अभी राहु पे चलेंगे हम
1:11:43सर एक क्वेश्चन आया है कि कलयुग में खाटू
1:11:46श्याम जी को राहु से संबंधित मानते
1:11:48खाटू श्याम राहु है
1:11:49क्योंकि वही हारे का सहारा बेबसी वाली
1:11:51स्थिति है बेबसी वाली स्थिति में खाटू
1:11:55शश्याम जी राहु है
1:12:00राहु का ये पहला पॉइंट साक्षी भाग दूसरा
1:12:02पॉइंट जो ब्रेक में हमारा उठा वो ये कि घर
1:12:04के अंतर घर के अंदर वास्तु में उत्तर
1:12:08पश्चिम पूरब दक्षिण इसमें एक दक्षिण
1:12:10पश्चिम का एरिया बनता है साउथ वेस्ट इसमें
1:12:13दो छोटे एरियाज हैं। एक साउथ है और एक
1:12:16वेस्ट है। ये एस एट होता है। आठवां द्वार
1:12:18है। डब्लू वन होता है वेस्ट। ये राहु का
1:12:21स्थान है घर के अंदर।
1:12:23इसके ठीक आगे डब्ल्यू एस डब्ल्यू में केतु
1:12:26का स्थान भी आता है। पर यह राहु का स्थान
1:12:28है। डब्ल्यू वन आपके जितने भी पितर हैं वो
1:12:32बाय डिफॉल्ट यहां पर बैठे हुए हैं। साउथ
1:12:34वेस्ट में बाय डिफॉल्ट इन पितरों को हम
1:12:37वेस्ट में नॉर्थ में प्लेसमेंट दे सकते
1:12:40हैं। उनसे कृपा लेने के लिए डिपेंडिंग कि
1:12:42क्या चीज व्यक्ति के जीवन में कमी है या
1:12:44क्या चाहिए। जैसे कि भयंकर ही कोई
1:12:45सक्सेसफुल आपका पितर था। भयंकर कामकाज,
1:12:49पैसा उसको नॉर्थ में प्लेस कर देने से
1:12:51आपको उसकी विशेष कृपा मिलनी शुरू होती है।
1:12:53ऐसा इस प्रकार से कार्य होता है। नॉर्थ
1:12:55ईस्ट में पितर कभी नहीं जाते क्योंकि वो
1:12:57भगवान का स्थान है। देवता का स्थान है। ये
1:12:58पितरों का है। ये पितरों का है। ये राहु
1:13:01डब्ल्यू वन है। आपके घर के अंदर डब्ल्यू
1:13:03वन खराब नहीं होना चाहिए। जैसे आपका साउथ
1:13:06नॉर्थ ईस्ट अच्छा ढूंढते हैं वैसे साउथ
1:13:08वेस्ट। साउथ वेस्ट के अंदर आप पितरों की
1:13:11जितनी भी खटी फटी खराब सही गलत पुरानी
1:13:14सड़ी गली फोटोग्राफ्स हैं उसका फ्रेम बहुत
1:13:17सुंदर चाहे ऑफ वाइट कर लें गोल्डन कलर कर
1:13:21लें उसमें लगा करके रख सकते हैं तो उन
1:13:23पितरों को स्थान मिलेगा और वो कृपा देंगे
1:13:26वहां पर उनके होने मात्र से आपको उनका
1:13:28आशीर्वाद मिलता है। यहां कीचड़ कबाड़ नहीं
1:13:30रखना है और घर के अंदर इस हिस्से में कभी
1:13:33भी गलती से एंट्री नहीं होगी। अगर इस
1:13:36एरिया में घर से गेट बन जाता है तो पति
1:13:38पत्नी तो खत्म। ये खत्म का द्वार है।
1:13:40खत्म।
1:13:42यहां खत्म हुए लोगों का स्थान है तो पति
1:13:44पत्नी खत्म। रिश्ता खत्म। यानी जैसे ही
1:13:47उनके घर में डीएनए अगला आएगा संतान पति और
1:13:49पत्नी अलग हो जाएंगे। पति बाहर चला जाएगा।
1:13:51रिश्ते में पत्नी चाहे बेचारी रोती पीटती
1:13:53रहे। पति बाहर जाएगा ही जाएगा। ये खराब हो
1:13:55जाएगा। धन भी चला जाएगा। मान सम्मान फलाना
1:13:57ढिमकाना बीमारियां आएंगी। नेगेटिव है। हां
1:13:59जी।
1:14:00सब पितों में हम सिर्फ जो एक लोग थे उनको
1:14:03माने या जो घर के बच्चे थे उनको भी मानी
1:14:06क्योंकि अब तो कन्वर्ट हो गए वो
1:14:08पितर भाई बच्चों को माने छोटे बच्चों को
1:14:10जो गुजरे या बड़े लोग पितर सारे के सारे
1:14:13वो है जो गुजर गए
1:14:15आपका सारा डीएनए रेजिडुअल बचा खुचा जो
1:14:18डीएनए तो पिछला जो मर मरा गए शरीर लेके
1:14:21छोड़ गए जल्दी गए लेट गए डिपेंड्स कोई
1:14:24फर्क नहीं है तो राहु का मकसद क्या है
1:14:27सारे पितर क्योंकि राहु क्या कर रहा है
1:14:28देख रहा है राहु के पास देखने गया ना
1:14:31मुंडी देख सुन सोच बोल सकता है कर कुछ
1:14:33नहीं सकता तो ये बैठ के स्थान बिठा रखो कि
1:14:36तुम देखो सुनो बोलो कुछ करो मत
1:14:38सर ये क्वेश्चन मैंने पूछा आपने कहा जवाब
1:14:40के सक्सेसफुल होते हैं बट कई बार क्या
1:14:42अनसक्सेसफुल को रख दोगे तो वो नाश पीट
1:14:44देगा
1:14:44नहीं सर मैंने क्वेश्चन इसलिए पूछा जैसे
1:14:46कई बार क्या होता है कई फैमिली में जैसे
1:14:47कोई भक्त होता है बच्चे का वो जल्दी चलेगा
1:14:50अलग बात है जो की ड्यूरेशन और उसमें बहुत
1:14:53प्रोस्पेरिटी आई उस फैमिली में
1:14:54तो उतनी ऐज तक आएगी ना इसलिए उनसे खतरा मत
1:14:57लो आयु तो चाहिए आयु से पुष्ट नहीं है
1:15:00पितर तो वो ठीक नहीं है ना छोटी लाइफ देगा
1:15:03थोड़े टाइम के दे देगा वो
1:15:06सर अगर
1:15:08उधर दरवाजा नहीं आपने बताया जैसे दरवाजा
1:15:11है और बंद रहे
1:15:12वो नाश ही पीटेगा वो
1:15:15हां द्वार है जी वो द्वार है वो सूचक है
1:15:17आपको आपके क्या बात कर दी इन्होंने जो
1:15:20हमारा राहु है वो चित्रगुप्त है
1:15:23तो सर ऐसे भी तो आपकी
1:15:27YouTube पे
1:15:29नीली टेप लगा लो तो पीली लगा लो
1:15:32इर्दगिर्द ये लगा लो
1:15:34भाई हमने तो हमने हमने तो उनका ये करते
1:15:37हैं लोग। हमने उसका कोई प्रयोग सफल होते
1:15:40देखा नहीं है। इतना सफल होते हैं। इसलिए
1:15:42उस चीज को मैं रिलाई करके नहीं चलता। मेरा
1:15:44तो हां और कट यस और नो होता है। सीधा
1:15:47वो व्यर्थ है। उसमें गोलमोल करके देख लो।
1:15:50कर लिया। मैं कहता हूं देखो मत यार। किसी
1:15:52को पितृ शांति करनी हुई। हम कहते हैं
1:15:54छोड़ो क्या करना है। पेवा जाओगे फिर
1:15:57हरिद्वार। यार सीधा गया जाओ। काम खत्म करो
1:15:59यार। सीधा एमआरआई कराओ। कभी एक्सरे कराओ
1:16:02ही मत। एक तो डॉक्टर का चढ़ावा चला गया
1:16:05इकट्ठा। ग्रह कट गया और दूसरा एमआरआई से
1:16:07ऊपर अभी कुछ है नहीं। पता लग जाएगा काम
1:16:08खत्म। नहीं तो न्यूक्लियर टेस्ट कराना वो
1:16:10तो बाद की बात। वेले पैसे फूंको। नहीं तो
1:16:13वो ग्रह ले लेता है। जितने धन आपके हिसाब
1:16:15किताब के अंदर होते हैं वो केतु करता है
1:16:17साथ में सम्मिलित हो के। क्या आपने पैसे
1:16:19नहीं दिए या तन नहीं दिया, मन नहीं दिया
1:16:22तो फालतू दे दो। वो कहता है हां भाई कोटा
1:16:24आ गया इसका। पट्ठे का इसे छोड़ दो। तंग मत
1:16:26करो।
1:16:27सही पिक किसको माने?
1:16:29जो बड़ा सही लग रहा हो
1:16:33पहले जो गलत काम की
1:16:36जिन्होंने शराब पी पितर सबसे काम किया वो
1:16:38और जब मरने के बाद क्या
1:16:39अब पता करो वो मरते टाइम उनके शराब पीने
1:16:41के बाद भी लिवर फेल नहीं हुए वो सबसे
1:16:43कीमती पितर है उनको साउथ वेस्ट में रखो
1:16:45आपका किडनी लिवर फेल ही नहीं होगा
1:16:48उनकी कृपा लो
1:16:49पर जो घर में बैलेंस करते हैं मरने के बाद
1:16:51क्या पितर मांगे
1:16:53हां हां क्यों नहीं है तो वो पितर ही
1:16:55है तो पितर लेकिन उन पितरों का स्थान बदलो
1:17:00उनका स्थान बदलो। है तो पितर ही सारे।
1:17:02आपके घर में जो क्लेश करते हैं वो भी पितर
1:17:04हैं। यस। मरने के बाद सब पितर हैं। पितर
1:17:08लोक के अंदर जितने गए सारे पितर हैं।
1:17:11माता-पिता जो छोड़ गए वो अपना है। चाहे
1:17:13कर्जा है। कर्जे वाले मांगने आएंगे। तेरे
1:17:16बाप ने मां ने फलाना ढिमकाना खाया पिया था
1:17:18दे। वो तो आप लड़ो मरो ना दो। वो आपकी
1:17:21मर्जी पर वो मिलेगा। वो पितर ही है। अच्छे
1:17:24और बुरे हर किस्म के पितर जिनकी किडनी
1:17:27लेवर फेल है। अगर वह है तो फिर दारू मत
1:17:29पीना नहीं तो उनकी कृपा मिलेगी और आप भी
1:17:31फेल होगे। यह चित्रगुप्त है आपका राहु। यह
1:17:33फोटो खींच लेता है सारी की सारी और आपके
1:17:35कर्मों का हिसाब शनि की इच्छा से बोल के
1:17:37आपको फल देता है। यह चित्रगुप्त है। जितने
1:17:40फोटो खींचते हैं फोटोग्राफिक मेमोरी राहु
1:17:42की है। अगर आपका राहु ठीक है आप सिंगल डे
1:17:45पढ़ते हैं और पास हो जाते हैं। आप एक बार
1:17:48सुनते हैं आकाश मार्ग और एक बार में काम
1:17:50समझ आता है। आप देख करके बताते सही है।
1:17:53आपकी जीभ ऐसी होगी आपको खाना अच्छा ही
1:17:54मिलेगा हमेशा। आपको जिंदगी भर गिफ्टें
1:17:56मिलेंगी। आपको खरीदना नहीं पड़ेगा। यह
1:17:58राहु की कृपा है। अगर यह हो जाता है सेट।
1:18:00यह चित्रगुप्त है और साउथ वेस्ट का एरिया
1:18:02है इसका घर में और कोई पॉइंट रह गया था जी
1:18:04हमारा राहु का काम है तब राहु का काम है
1:18:08तब तक मैं आपको दुख दूंगा जब तक आप पछताओ
1:18:11ना और पछताते नहीं हमारी लड़ाई रहती है
1:18:14हमने तो कुछ किया ही नहीं
1:18:17किया तो है हमें पता नहीं है ये सब
1:18:21तो मान लो कि कुछ गलती हुई है जो हमें
1:18:24मालूम नहीं राहु संतुष्ट हो जाएगा आपने
1:18:27छोटा बच्चा है कुछ चोरी हो गया आपको
1:18:30गुस्सा आ आपने उसको कूट दिया और वो कह रहा
1:18:33है मैंने नहीं की पापा चोरी या कह रहा है
1:18:34अंकल मैंने नहीं चुराया या बाऊजी मैंने
1:18:36नहीं चुराया आपने कूट-पीट भी दिया फिर सब
1:18:38कुछ करा कर करा लिया अब उस बेचारे को किसी
1:18:40की सजा मिली गलतफहमी की और आपने बाद में
1:18:43क्या किया पता लगा अरे यार ये पैसे तो मैं
1:18:46खर्च चुका था मैंने सोचा चोरी हो गई फिर
1:18:48आप पछताए तो आपको पछताना है इसीलिए आपसे
1:18:51गलत कर्म कराएगा तभी तो आप रियलाइज करेंगे
1:18:54अगली बार भाई एक बार मैं कर चुका हूं
1:18:56बेवकूफी अगली बार नहीं कूटूंगा किसी को
1:18:58यार हो सकता है मैं भूल रहा हूं आप ज्ञानी
1:19:00हो गए ना
1:19:00मतलब प्रायश्चित और स्वीकारक्ति
1:19:03प्रायश्चित के लिए स्वीकारोक्ति तक की वेट
1:19:05करेगा ये और तब तक पीटता रहेगा अगर आपने
1:19:08अपना गुनाह नहीं माना ये मारता रहेगा
1:19:11पीटता रहेगा ये
1:19:12तो सर ये लूप खत्म हो जाता है
1:19:13लूप खत्म हो जाएगा इसीलिए कहते हैं
1:19:16प्रायश्चित करने हम जा रहे हैं लोगों को
1:19:18पता है नहीं लोग कहते थे प्रायश्चित करने
1:19:20गंगा स्नान करके आओ तो यहां है गंगा ये
1:19:24तीसरा नेत्र जो है हमारा यहां पर हमारा
1:19:26पाइनियल ग्लैंड है इसी के ठीक पीछे
1:19:28पिट्यूटरी ग्लैंड है इसलिए इसलिए वहां शहद
1:19:30है, दूध है। ये साइंस कहीं और नहीं जाना।
1:19:35यस यही गोलोक धाम है। जो गौ के सारे साजो
1:19:39सामान निकलता है वो गोलोक धाम यहां बनता
1:19:41है बॉडी में नेचुरली।
1:19:42फिजिकली तो चाहिए गंगा स्नान के लिए। अगर
1:19:45अपनी कोई गलती महसूस हो जाए कि हां मैंने
1:19:47गलती की है तो गंगा स्नान के लिए जा सकते
1:19:50हैं।
1:19:51आपको गंगा स्नान के लिए अगर फिजिकली जाना
1:19:53है। जैसे ये सारी सुंदर बातें ये राहु का
1:19:55इल्लुजन है कि हम फिर फिजिकली गंगा स्नान
1:19:58कराएं। जी हमारा बिलीफ है उससे कुछ होएगा
1:20:00तो गंगा स्नान करने से अगर सबका ठीक हो
1:20:03जाता है तो फिर तो लाइसेंस है हां भाई
1:20:05पांच बार गंगा स्नान कराने के लिए हमारा
1:20:07बंदा आपके बदले चला जाएगा पैसे दे दो और
1:20:09पांच पाप आपको अलाउड है अब आपकी नजर में
1:20:12पाप क्या है भाई आज तो मुर्गा खाऊंगा मैं
1:20:14आपके लिए पाप है हो सकता है कईयों के लिए
1:20:16ना भी हो तो आपने एक मुर्गा खाने का
1:20:18लाइसेंस ले लिया फिर आप फंस गए किसी बाबा
1:20:20के चक्कर में तुमने मांस खाया है तुम्हारी
1:20:23जिंदगी नर्क हो जाएगी यहीं अब तुम्हारे को
1:20:25यहीं पितर भी याद आ गया और यमराज भी दिख
1:20:27गया ये एक लूप पागल हो जाएगा आदमी। गंगा
1:20:30स्नान जाने का मतलब हमारे पास लाइसेंस है
1:20:32पाप करने का। हमारे पास लाइसेंस है
1:20:34एक्चुअली। हमारे धर्म में लाइसेंस है
1:20:36गंगा।
1:20:38अभी नाश पीट के आओ गंगाजल छिड़क लो।
1:20:41ऐसे-ऐसे लोग हैं मैं बात बोल रहा हूं अजीब
1:20:43सी। शराब के अंदर गंगाजल की एक बूंद डाल
1:20:45ले। नाश नहीं करेगी। ऐसी बुद्धि है लोगों
1:20:48की। यह इल्लुजंस हैं। ये धोखा है जो खुद
1:20:51को देख के हम जी रहे हैं। ऐसे ऐसे पति और
1:20:54पत्नी है जो कह रहे हैं हमने तो अपने सारे
1:20:55कर्तव्य पूरे किए। अरे भाई तुमने ही किताब
1:20:57लिखी। तुमने कह दिए सारे टिक। ओके। हम तो
1:21:00पाप किए नहीं दूसरे ने किए पार्टनर ने।
1:21:02इसको नर्क मिलेगा। और भगवान पागल बैठा है
1:21:04जो कह रहा हां यार तुम ही फैसला लो। मेरी
1:21:06तो जरूरत क्या है? मैं ही गंगा स्नान चला
1:21:08जाऊं। तुम ही कह रहे हो सही। तुम ही कह
1:21:10रहे हो गलत। वो चित्रगुप्त अपने आप फैसले
1:21:12लेगा। तभी तो हमारा दिमाग ये बचकानी हरकत
1:21:15करता है। हमारी तो कोई गलती भी नहीं थी।
1:21:17कैसे हो सकता है? आपकी गलती नहीं थी। आप
1:21:20देखना ही नहीं चाहते। हमारा दिमाग ट्रेंड
1:21:22है। यही राहु है जो यह आत्म मंथन कर लेता
1:21:24है और जान जाता है। भाई तब गलती की थी
1:21:27मैंने। यह जानता है मैंने कमांड दी थी
1:21:29पीछे गलत। ये जानता है उस कमांड को कैसे
1:21:31ठीक करें। जो लोग रोते रहते हैं
1:21:33प्रीलिविंग हो गई। कैसे ठीक करें। ये है
1:21:35जो जानता है प्रीलिविंग कैसे नहीं करें।
1:21:38ये स्टॉप करता है इलेक्ट्रॉन को के बाउंस
1:21:41बैक करके वापस आ जा। डबल स्लिट
1:21:43एक्सपेरिमेंट में होता है। प्रोटॉन
1:21:45इलेक्ट्रॉन दोबारा ट्रेवल करके नई स्लिट
1:21:47से निकल जाता है। ये डिफरेंट तरफ चली
1:21:50जाएगी। हां जी।
1:21:51इसकी बेस्ट रेमेडी क्या है?
1:21:52इसकी बेस्ट रेमेडी मैं भी 15 मिनट में याद
1:21:55आ जाएगी मुझे। पहले बचा खुचा कर लूं। मैं
1:21:57खुचा बचा
1:21:58फ्यूचर।
1:22:00आपको की सेवा करनी है इसके लिए।
1:22:03भृंगराज देवता होता है हमारे यहां। उस
1:22:06देवता की सेवा करो। तो कभी भी
1:22:09और इसको हनुमान जी देने हैं लाल मसूर की
1:22:12दाल अगर आपने को रेगुलर देते रहे यह
1:22:15यूनिवर्सल रेमेडी है यूनिवर्सल
1:22:19अरे ये दान ये तो देते रहना है और दान
1:22:21नहीं है प्रणाम करना है उसे भाई तेरी कृपा
1:22:23है
1:22:25वो देवता है कलयुग में लिखा है तुम बस नाम
1:22:29ले लो भगवान का हो गया फल मिल गया कितनी
1:22:30बढ़िया ब्लेसिंग है देखो मतलब पूजा पाठ
1:22:33में टाइम वेस्ट मत करो ये लिखा है
1:22:36कलयुग केवल नाम आधारा अब बताओ क्यों पूजा
1:22:39पाठ कर रहे हो क्यों घंटी बजा रहे हो टाइम
1:22:41वेस्ट कर रहे हो वेट करो मरो कुछ साल और
1:22:43सतयुग में जाओ वहां करना नाम पूजा पाठ
1:22:47कितना आसान तरीका दिया हुआ है अगर मानना
1:22:49है तो ऐसे मानो ना नहीं वो नहीं मानेंगे
1:22:51सब अपनी-अपनी खोपड़ी लगा रहे हैं इसलिए ये
1:22:53सब छोड़ दो सब इल्लुजंस हैं क्लेरिटी पे
1:22:55आओ कि भैया साइंस है ये और ये साइंस ही
1:22:58रिलीजन के तौर पे पेश की गई है उसको जानो
1:23:01समझो लाइफ सेट है आपकी
1:23:03ये ये कर लेते हैं एक बार सुसाइड थोड़े से
1:23:04डिस्कस करके फिर थो
1:23:06सर एक सवाल सर को जो लाल पे
1:23:11उपायों पे आ जाएंगे चिंता नहीं करो बहुत
1:23:12सारे उपाय करेंगे
1:23:14एक उपाय किसी भी दिन दो कभी भी दो कोई
1:23:16दिक्कत नहीं उपाय ढेर सारे पहले ये करते
1:23:17हैं उपाय पर आएंगे क्लास रह जाएगी कहीं-क
1:23:20राहु के लिए वैसे शब्द है ये अगर इसकी बात
1:23:23करेंगे तो भी बहुत बात बची हुई बची हुई है
1:23:25हमारी राहु जो है ये सरस्वती माता है
1:23:29कच्चा कोयला है ननिहाल है ससुराल है
1:23:34नाला गंदा पानी, गटर, नारियल, बिजली का
1:23:37सामान, हाथी, सीढ़ियां, पेंट वगैरह आपके
1:23:40बोलने की शक्ति, स्मरण शक्ति, गुरु तत्व
1:23:43यह सारा का सारा राहु है। जौ से उपाय किए
1:23:45जाते हैं इसके दुनिया भर के। गोमेद इसका
1:23:48स्टोन है, नीला रंग है, पखाना है। यस। ये
1:23:51ये राहु के मोटे तौर पे चीज़ है। इन सबको
1:23:53हम उपायों के टाइम छेड़ेंगे। और राहु
1:23:56नेगेटिव होता है तो आपके घर की छत खराब हो
1:23:58जाती है। चलते हुए बनते हुए मकान बिगड़
1:24:00जाते हैं आपके। आपके रास्ते खो जाते हैं।
1:24:03आपका सड़क पे टायर पंचर हो जाता है। आपको
1:24:05पंचर वाला नहीं मिलता। आसानी से आप धक्के
1:24:08खाते हो। घर में बिजली का सामान खराब होने
1:24:10लग जाता है आपका। बैठे-बठाए आपके घर में
1:24:12जंग लगने लग जाता है। पीतल को भी जंग लगता
1:24:15है और आपके घर के अंदर या आपके शरीर पर
1:24:17पहने हुए तांबे के अंदर नीला रंग आ जाता
1:24:20है। हरा रंग आता है। एक्चुअली नीला टाइप
1:24:22कहने को हो गया। झूठ बोल के धन कमाना, झूठ
1:24:24गवाही देना, झूठ, इल्यूजन, इल्लुजनरी काम
1:24:28करना, गलत साइन, गलत दस्तखत, झूठी गारंटी
1:24:30इस सब से राहु आपका खराब होता है। इसलिए
1:24:33कहते हैं अच्छे कर्म, गंदे कर्म ये होते
1:24:35हैं वो झूठ वाले। मुफ्त की शराब, सिगरेट
1:24:37पीना, मुफ्त का खाना खाना, मुफ्त का दान
1:24:40लेना। मुफ्त में किसी व्यक्ति के साथ किसी
1:24:42की जो बुराई कर रहा है, खड़े हो जाना। ये
1:24:44सब राहु का सत्यानाश करता है आपके।
1:24:48और यह सिर के बाल होता है राहु चोटी बियर
1:24:51तंबाकू खोटे सिक्के यह मोटी बात पहले
1:24:53हम स्थान ले लें यह हम अगली बार में इसको
1:24:56पूरा करेंगे देखते हैं समय नहीं निकलेगा
1:24:58ये हमारे 12 भाव है प्रथम दूसरा तीन चार
1:25:01ऐसे ऐसे भाव है कुंडली के अंदर अब यहां पर
1:25:04काल पुरुष की कुंडली के अंदर जो हम लेते
1:25:06हैं राशियां वो एक से 12 चलती है एक नंबर
1:25:09दो तीन ऐसे ऐसे स्थान है एक नंबर राशि जो
1:25:12है यह आपका चेहरा है दो नंबर और 12 नंबर
1:25:15आपकी आंखें हो गई तीन और 11 कंधे हो गए।
1:25:18यह सेंटर के चार 10 आपके छाती हो गए। यह
1:25:21दोनों घुटने हैं पांच और नौ। यह पांव के
1:25:23पंजे हो गए। छ आठ और जो सातवां है ये आपका
1:25:26प्राइवेट पार्ट हो गया और स्टमक का एरिया
1:25:28हो गया। यह आपका शरीर एक प्रकार से बन
1:25:30जाता है। यहां पर एक नंबर है मंगल का। दो
1:25:33नंबर राशि की बात हो रही है। काल पुरुष की
1:25:36कुंडली यानी जो स्थान यह स्थान फिक्स है।
1:25:38जैसे दूसरा घर बृहस्पति उसका कारक है।
1:25:40मालिक उसका एक प्रकार से वो है। लेकिन दो
1:25:42नंबर स्थान है। इसलिए शुक्र का बन जाता
1:25:45है। तो यह मंगल का शुक्र का बुध का ये
1:25:49आपका चंद्रमा सूर्य राहु का ये घर है छठा।
1:25:53यह नेचुरल खाना है। छठा राहु का। सातवां
1:25:55वरुण का। आठ नंबर राशि का स्थान किसका है
1:25:58जो आप वो याद करें?
1:26:00यूरेनस
1:26:01इंद्र का है यूरेनस का है या आठवां उसका
1:26:04है नौ नंबर बृहस्पति 10 नंबर शनि 11
1:26:07प्लूटो 12वा
1:26:09केतु का ये आपके उसी प्रकार जो यहां हमारे
1:26:12पोर्टल्स हैं यानी हमारे यहां के पोर्टल्स
1:26:15जो ऊपर शरीर पे घूमते हैं वो पोर्टल्स
1:26:17आपके कुंडली में इस प्रकार से अरेंज किए
1:26:20गए हैं। अब उन पोर्टल पे हो सकता है कोई
1:26:22दूसरा देवता काम कर रहा हो तो हो सकता है
1:26:24राशियां घूमी हुई हो। हो सकता है राशि का
1:26:26मालिक कहीं और कोई और हो। लेकिन पहले भाव
1:26:29में राशि कोई सी भी हो कोई लेनदेन नहीं।
1:26:32यहां जब राहु होता है तो ऐसा व्यक्ति आपके
1:26:35सूर्य को ग्रहण लगाता है। यानी उसके जीवन
1:26:38के अंदर उसके कोई भी बात कर लो ज्ञान की
1:26:42बात करते ही लपट के पलट के जवाब देता है।
1:26:44बहस करता है। फालतू की बकवास करता है।
1:26:46उल्टा लड़ने मरने को तैयार हो जाता है।
1:26:49इसको हम भाव को कहते हैं गुड किडनैप। गुड
1:26:52किडनैपर। मतलब ऐसा व्यक्ति अपनी बात सही
1:26:55करने के लिए और अच्छे के लिए और धर्म के
1:26:57लिए किडनैप भी कर लेगा आपको। योद्धा होता
1:27:01है। यहां का बैड किडनैपर होता है। यह गुड
1:27:04किडनैपर है। आपको किडनैप कर लेगा। मतलब
1:27:06उससे पंगा लेने का मतलब वह आपको घर से उठा
1:27:08के ले जाएगा। कूटेगा, मारेगा, खोद देगा।
1:27:12योद्धा होता है। हाथी आपका जो है वो राहु
1:27:16है और साथ में बिल्ली। तो हाथी का
1:27:18एग्जांपल हम ले रहे हैं। ताकतवर राहु के
1:27:20लिए बिल्ली का ले रहे हैं। कमजोर या
1:27:22नेगेटिव राहु के लिए। वो एग्जांपल्स ले
1:27:24लें आप। तो यह बंदर होता है पहले नंबर का
1:27:27मालिक एक प्रकार ये मंगल का होता है वानर
1:27:30तो बंदर और हाथी एक प्रकार से हैं तो यहां
1:27:32ये हाल ऐसा हाथी है जिस जो बंदर उसे नचा
1:27:34रहा है फुदक रहा है चैन से बैठने नहीं
1:27:36देगा खचरपचर मचाए रखेगा तो यहां अगर ऐसा
1:27:39हाथी होगा तो क्या उपद्रव मचाएगा
1:27:43यानी कि ऐसी की तैसी फेर देगा तो वो
1:27:45लड़ेगा लड़ाकू जरूर होगा अगर खराब हुआ तो
1:27:48क्या बनेगा उग्रवादी बना देगा अच्छा होगा
1:27:51तो क्या करेगा आपको किडनैप करेगा अच्छे
1:27:54कॉज के भले काम के लिए है आपका साथी है यह
1:27:56वो पहलवान भाई होगा ओए हां चल खड़ा होते
1:27:59तो सब और चलियो भाई मेरा भाई है तू यह वो
1:28:02वाला भाई है सरकार से समस्या बैठेगी ऐसे
1:28:04व्यक्ति को बहुत ज्यादा बिगड़ैल होगा तो
1:28:06नशा करेगा बहुत ज्यादा चोरी करेगा लेकिन
1:28:09इतना चालाक और इतना चुस्त दिमाग होगा इसका
1:28:11कि चोरी करके पकड़ा नहीं जा सकता क्योंकि
1:28:14लग्न में बैठा है बहुत ज्यादा स्ट्रांग
1:28:16दूसरे घर का जो होगा यह धनी बनाता है बहुत
1:28:19ज्यादा दो नंबर यह कहां है यह शुक्र का
1:28:21स्थान है अब शुक्र महाराज कौन है
1:28:24दैत्य गुरु है। राहु कौन है? दैत्य। अब
1:28:27दैत्य के घर दैत्य गुरु के घर पर राहु
1:28:29महाराज जाएंगे। क्या होगा? आजा आजा मेरे
1:28:31बच्चे बैठ राहु तेरे तो मजे हैं यार। तेरे
1:28:33दम पे तो हम साम्राज्य फैलाते हैं। शुक्र
1:28:36का सबसे बड़ा सहयोगी राहु है जो ये कहता
1:28:40है बस ये मान ले और इस पे कोई इफेंट बट ना
1:28:43करे। क्यों ना करे बस भूल जाए। सारी
1:28:44दुनिया को ये कहना है यही सही है। अब वो
1:28:47चाहे गलत है। लेकिन अब वो कह दिया सही है
1:28:49तो वो सही ही है। तो अंधभक्ति कराता है
1:28:52ये। यानी जो कह दिया कह दिया तो यह स्वागत
1:28:55करता है इसको बहुत बढ़िया से शुक्र के घर
1:28:57में राहु आता है स्वागत है उसका बड़ा ही
1:28:59मजे पार्टी ऐश खाओ उड़ाओ ऐसा व्यक्ति बिना
1:29:03गाली बके बात नहीं करता नोट बहुत होंगे
1:29:06टशन बहुत होगी यहां पर बड़ी सी महंगी घड़ी
1:29:09होगी ब्रेसलेट डाल रखा होगा महंगी गाड़ी
1:29:12महंगे शौकीन बहुत मौज मस्ती वाला परिवार
1:29:16में सबको कहेगा तुम मुझसे नीचे हो मैं
1:29:17तुमसे ऊंचा हूं और देगा लेकिन क्योंकि
1:29:20उसके पास होगा बहुत अगर ऑोजिट स्थिति में
1:29:22हम ले लें तो देगा और छीनेगा। अगर नेगेटिव
1:29:25है तो ऐसे व्यक्ति क्या है? टैक्स की रेट
1:29:27भी डलवाएगा। ईडी के बंदे भी पीछे भेज
1:29:29देगा। लेकिन उस होगा बहुत। तो राहु का
1:29:32मकसद क्या है? पछताना। पछताएगा कब? जब
1:29:34होगा और लूटेगा तो दे के लूटता है। अगर
1:29:38आपने राहु सेट नहीं किया अभिमान कर लिया।
1:29:41नीव कौन है? याद रखो नीवा देवता कौन है?
1:29:43सबसे नीवा देवता हनुमान।
1:29:47भाई सारे राम काज करबे को आतुर। आतुर है
1:29:50राम। मेरे को काम बताओ। मैं तुम्हारे काम
1:29:53करके आऊंगा और फिर नीमा है। यानी घमंड का
1:29:56देवता आ ही नहीं सकता। तो राहु कभी दिमाग
1:29:58खराब नहीं कर सकता। अगर आप में घमंड आ गया
1:30:01हनुमान जी साइड हो गए आपको पीटेगा।
1:30:04देगा खूब और पीटेगा। ये वो बंदा है जो
1:30:07तगड़ी तगड़ी रिश्वत दे सकता है। कैसे
1:30:10मर्जी दिलाए? तो ये इसके प्लस माइनस है।
1:30:12मरने मारने को तैयार। अच्छा ये है गाय और
1:30:14हाथी। गौ माता गाय को हार नहीं करता हाथी
1:30:18क्योंकि गाय उससे लड़ती भी नहीं। गाय उसे
1:30:20पूरा स्थान दे देती है। तो यह शुक्र जो है
1:30:22गाय है और हाथी जो है यह पागलपन तभी करेगा
1:30:26अगर कोई लड़े और हाथी का एक विशेष स्वभाव
1:30:28होता है। वो किसी से लड़ता ही नहीं जब तक
1:30:29कोई पंगा ना करो। और अधिकतर को तो कहता है
1:30:31भौक लो कर लो क्लेश निकल जाओ। कोई कहता है
1:30:35मैं तेरे रास्ते में हूं। कहता है कोई
1:30:36नहीं मैं पेड़ तोड़ के निकल जाऊंगा। मैं
1:30:38अपना रास्ता बनाऊंगा क्योंकि शार्प विज़न
1:30:40है, शक्तिशाली है। तीसरा जो है यह तीन
1:30:44नंबर की राशि है। बुध की राशि में यह उच्च
1:30:46का होता है। मिथुन राशि में यही आपका
1:30:49विशुद्धि चक्र है। यानी इतना जबरदस्त
1:30:51कम्युनिकेटर होता है। हीलर होता है। आपको
1:30:53बातों से ही ठीक कर देगा। इतनी गजब की
1:30:56इसकी शक्ति होती है राहु की यहां पर। यह
1:30:58भी धनवान बनाता है। कम्युनिकेटर बनाता है।
1:31:00सोशल मीडिया में सफल बनाता है। शेयर
1:31:03मार्केट में डालता है। स्टॉक स्टॉक
1:31:04मार्केट में डालता है। आपको जुए के अंदर
1:31:07तुक्के की राय देने वाला बादशाह होता है।
1:31:09जुआ खेल नहीं सकता। उसके अंदर हनुमान जी
1:31:13की मंगल की कृपा के बिना लॉटरी गेंस कभी
1:31:15नहीं होंगे। लेकिन राहु यहां पर होगा तो
1:31:17ये सब बुद्धि रहेगी। हीरे को काटने की
1:31:20क्षमता रखने वाला ये एक विशेष ताकत है।
1:31:22मतलब हीरा तो कट ही नहीं सकता। हीरे से तो
1:31:24सब कटते हैं तो हीरे को भी काट देगा। तो
1:31:28ऐसे व्यक्ति से बात बात संवाद में बातचीत
1:31:30में आ जाओ तो आपकी आप बात आप बात नहीं काट
1:31:33सकोगे उसकी। वो आपको काट देगा खत्म कर
1:31:35देगा। अब अगर बुरा होगा तो क्या करेगा?
1:31:37लड़ेगा मारेगा खून कर देगा। वहीं
1:31:40बैठे-बठाए पागल कर देगा लेकिन अपनी बात
1:31:42रखेगा ऊपर कि मैं तो काट दूंगा तुझे। तो
1:31:44वो पागलपन के दौरे में करेगा। अच्छा और
1:31:46बुरा गुण और अवगुण स्थिति यही रहेगी। यह
1:31:49है बकरी और हाथी।
1:31:51तीन नंबर यह बकरी का स्थान है। तो बकरी और
1:31:53हाथी का क्या होगा? कोई लड़ाई नहीं है।
1:31:56हाथी की सबसे बड़ी खासियत है बिना फालतू
1:31:58पंगा ही नहीं लूंगा। हाथी राहु का एक
1:32:01विशेष गुण समझ लीजिए। राहु राहु चुंबक है।
1:32:05जितना मैग्नेट होता है ना ये राहु है।
1:32:07राहु के दोष के लिए चुंबक का इस्तेमाल
1:32:09किया जाता है। जो जो हमारे दिल के पुराने
1:32:11गड़े मुर्दे होते हैं, कष्ट होते हैं, वो
1:32:13हार्ट वॉल क्रिएट होती है उससे। अगर याद
1:32:15रखेंगे तो अगली क्लास में याद दिलाइएगा।
1:32:17आज समय नहीं पहुंचेगा मुझे पता है उस पे।
1:32:18तो हार्ट वॉल की करेक्शन चुंबक से होती
1:32:20है। मैग्नेट आपके शरीर से वो गंदगी को
1:32:22सक्षम कर लेता है। सक्षम कर लेता है और
1:32:25ठीक कर देता है। अगर आपकी जीवन के अंदर
1:32:27आपको कमर के अंदर दर्द है तो आपका शनि
1:32:30खराब है। यानी आप इतने पीड़ित हो चुके
1:32:32हैं। न्याय अन्याय से सही करते, गलत करते
1:32:35कि आपकी कमर तोड़ दी है उसने। और लोग कमर
1:32:37से बहुत पीड़ित है। उन सबको एक बेल्ट
1:32:39बांधी जाती है यहां पे। अगर उस बेल्ट में
1:32:41चुंबक होगा तो राहु उसको वापस ठीक कर लेता
1:32:43है। राहु चुंबक है। क्या करता है? जिसके
1:32:45साथ बैठ गया उसकी शक्ति खींच लेता है।
1:32:48और अपने गुणों से दे देता है। तो चुंबक
1:32:51क्या है? आकर्षण प्रेम। यह एक शब्द बैठता
1:32:54है। बहुत सुंदर युवक देखा। स्त्री चुंबक
1:32:57की तरह खींचती चली गई। सुंदर स्त्री देखी।
1:32:59लड़का पागलों की तरह चुंबक की तरह खींचता
1:33:01चला गया। क्या हुआ? शुद्ध बुध खो दी।
1:33:04शुद्ध और बुध क्या होते हैं? सूर्य और
1:33:05बुध।
1:33:07सूर्य खो दिया। बुध दिखना साफ नहीं दिख
1:33:09रहा। बस हाय अप्सरा है। हाय ये राजकुमार
1:33:12है। घोड़े पे आया है। भले लड़का ठग
1:33:14लड़कियां कितनी बर्बाद हो रही हैं। कितनी
1:33:16किडनैप हो जाती हैं। कितनी जिंदगियां खराब
1:33:18हो जाती है। फिल्म्स बन जाती है उनकी।
1:33:20लड़के उनको क्या करते हैं? बेवकूफ बनाते
1:33:22हैं। लड़कियां बेवकूफ क्यों है फिर वो?
1:33:25क्योंकि राहु ने लीजन क्रिएट कर दिया। अरे
1:33:27ये तो राजकुमार है। घोड़े पे आया है सफेद
1:33:29घोड़े पे। ये तो मेरे को सपने पूरे कर
1:33:32देगा। तो सुध बुध गई।
1:33:35सूर्य भी गया, बुध भी गया, बुद्धि भी गई,
1:33:37इंटेलिजेंस खत्म, सूर्य रोशनी खत्म, दिखना
1:33:39बंद, इल्ल्यूजन। यह राहु कराता है सारे
1:33:41काम। तो, यह सुधब खत्म करने की ताकत है
1:33:44इसके पास। क्योंकि चुंबक है। तो जो चीज
1:33:46आपको एंटाइस कर रही है। ओ गाड़ी देखो
1:33:49इनकी। भाई गॉड साक्षी बाबा अनुवा क्या
1:33:52गाड़ी देखो उसकी। परमात्मा ने दिया। पता
1:33:54नहीं किसके नसीब की आई है। चुंबक खत्म।
1:33:58गाड़ी खुद चल के आपके पास आएगी। आपको
1:34:00गिफ्ट मिलती है चीज। अगर आपने साथ साक्षी
1:34:02भाव पकड़ लिया। जितने बड़े-बड़े ज्ञानी
1:34:05लोग हैं ओशो हुए बहुत फेमस जिन्होंने यह
1:34:08फेमस कर दिया भाई 100 रस रyस आ गई भाई
1:34:12गाड़ियां खुद खींच के कैसे आ गई और वो
1:34:15बंदा ड्रामेबाज कितना बड़ा था आ मैं गाड़ी
1:34:18आई मजा आएगा यार गाड़ी चल के आई है कितनी
1:34:22बड़ी चीजें उस बंदे ने अट्रैक्ट कर ली ये
1:34:24होता है मैनिफेस्टेशन कैसे भोगूंगा हां
1:34:27भोग लूंगा नहीं मिलेगी कोई बात नहीं
1:34:31एक बच्चा भी पैदा नहीं संसार में के बाद
1:34:34में कहे मेरी इतनी संपत्ति है अरबों की
1:34:36संपत्ति है उस जमाने में सरकारें हिला दी
1:34:39और बोले बच्चा ही पैदा कर दे उसको मिले
1:34:41कोई मोह माया ही नहीं ऐसे लोग होते हैं जो
1:34:44ये मैनिफेस्ट कर लेते हैं हम क्या करते
1:34:46हैं हाय हाय भीख भीग भीख वो दाता बन गया
1:34:49संसार को ज्ञान दे गया नया आज मृत्यु के
1:34:52पश्चात भी जिंदा है ये राहु है ये है
1:34:54क्लियर वॉइंस क्या आपको स्पष्ट नजर आ रहा
1:34:57है क्लियर ये चुंबक है लोग खींचे चले आते
1:35:00हैं तो अगर ये इसके साथ बैठ गए बकरी के
1:35:03साथ बैठ गया क्या बनेगा? हाथी बकरी बन
1:35:05जाएगा। गाय के साथ बैठ जाएगा गाय बन
1:35:07जाएगा। बंदर के साथ बैठ जाएगा बंदर बन
1:35:09जाएगा। ये इसका खेला है। राहु चुंबक है।
1:35:13जहां होगा दूसरे से खींचेगा। अगर आप
1:35:16एंटाइस हो गए तो आप खींच के चले गए।
1:35:18एंटाइस नहीं हुए तो वो खींच के आ गया। है
1:35:20ये चुंबक ही। आप 5 किलो का चुंबक हो। 4
1:35:24किलो का लोहा खींच लोगे। आप 100 ग्राम का
1:35:27हो हर लोहा आपको खींच लेगा। यह चुंबक है।
1:35:30चौथा भाव।
1:35:32यह बड़ा मजेदार है। ये स्पेसिफिक है। यहां
1:35:35राहु और यहां केतु होगा ही।
1:35:39यहां केतु तो यहां राहु होगा ही। अब ये
1:35:42चंदा मामा है जिसकी हमने छतरी की बात की
1:35:44है शुरू में। यह वो हमारे शिव शंकर
1:35:45भोलेनाथ हैं जिनके तीसरे नेत्र की वजह से
1:35:48इसको साक्षी भाव मिला है। जिसमें हमारे
1:35:50पास रियलाइजेशन है सेल्फ रियलाइजेशन और
1:35:52संसार की रियलाइजेशन और जानकारी के संसार
1:35:56कॉस्मोस काम कैसे करता है। ये चौथे घर में
1:35:58जब चंद्रमा की छाया में राहु महाराज होते
1:36:02हैं तो ये नीच का भी होगा। अच्छा फल देगा।
1:36:04बड़े-बड़े बड़े करोड़पति लोग नीच का राहु
1:36:07लिए बैठे होंगे। अब वो सीक्रेट क्या है?
1:36:11उनको मां का प्रेम मिला है। राहु सेट है।
1:36:15क्योंकि मां का प्रेम ना मिले तो बंदा
1:36:17बर्बाद है। तो ऐसे व्यक्ति को ये इतना
1:36:20भोला होता है। मम्मी है ना मम्मी बैठी है
1:36:23हाथी के साथ मानो तो चुंबक है। खींच लेगा।
1:36:25क्या करेगा? ममता खींचेगा। प्यार खींचेगा।
1:36:28इसको यहां लिखा जाता है बंधा हुआ हाथी।
1:36:31यानी हाथी बंधा हुआ है। कुछ नहीं करेगा।
1:36:33तो क्या करेगा? गन्ना वन्ना खाएगा अपना
1:36:35कुछ कुछ आराम से बैठा सवारी कराएगा। हाथी
1:36:38है। राजसी ठाट होंगे। गाड़ियों का स्वामी
1:36:41हाथी गाड़ी होता है। मोटरसाइकिल घोड़ा
1:36:43होता है। साइकिल ट्राई साइकिल क्या होता
1:36:46है? ये मुझे नहीं पता।
1:36:50आपका हाथी आपको सवारी कराएगा। तो ये
1:36:52ऐश्वर्य देता है। भोग देता है। शांति देता
1:36:55है। ये बंधा हुआ हाथी है। आपको धोखेबाजी
1:36:58दिलाएगा यार दोस्तों से। ये इसका विशेष
1:37:00काम होगा। यारी दोस्ती में धोखा।
1:37:01प्रॉपर्टी में धोखा। ऐसे व्यक्ति ने जैसे
1:37:04ही घर पे छत डाली उसी टाइम दूसरे मकान का
1:37:06सौदा खराब हो जाएगा इस व्यक्ति का।
1:37:08ऑटोमेटिकली ऐसे व्यक्ति के ऐसे दोस्त
1:37:10मिलेंगे जो राय देंगे और यह भरोसा करेगा
1:37:12लूटेगा ऐसा इंसान कभी भरोसा किसी का ना
1:37:14करे अगर वो भरोसा करेगा तो उसको डंडे
1:37:17पड़ेंगे ये गांठ बांध के चलो उसको अपने आप
1:37:20ही डिसीजन लेना है अपनी नजर से देखना है
1:37:22ऐसे व्यक्ति गलती से भी शेयर मार्केट में
1:37:24ना जाए शेयर मार्केट में कहते हैं भरोसा
1:37:26करो क्रिप्टो में ना जाए भरोसा करो आप
1:37:30जितने भी सोशल मीडिया का काम कर रहे हैं
1:37:32सोशल मीडिया का काम यहां से होगा तीसरे घर
1:37:35से उस सोशल मीडिया के काम में यदि पैसा
1:37:37लगा रहे हैं तो आपका आपका पैसा आना बंद हो
1:37:39जाएगा। पैसा नहीं लगा रहे हैं पैसा आना
1:37:41शुरू हो जाएगा। आपके पास वो काम आएगा
1:37:43जिसके लिए आपने बॉडी किया कुछ नहीं है।
1:37:46ऐसा व्यक्ति कैसा मालिक बनता है जो अपने
1:37:49लिए बॉडीज बाहर से रखता है। डेड बॉडी नहीं
1:37:51जिंदा बॉडी। यानी ये खोपड़ी चला सकता है
1:37:54तो ऐश करेगा। अगर उसने शरीर चलाना शुरू कर
1:37:57दिया तो ऐश नहीं करेगा। तो ऐसे व्यक्ति को
1:37:59मालिक ही बनना ही है। यह विचित्र सी शर्त
1:38:03है कि अगर तुम्हें जीवन के भोग, ऐश्वर्य,
1:38:05विलासिता मजे करने है ना तो भैया किसी भी
1:38:08हालत में काम मत करना। अब सोच के चलिए ये
1:38:12वो लोग हैं जो जीवन में काम किए बिना ऐश
1:38:15करते हैं। अब लोग कहते हैं या अरे बंदा
1:38:17काम तो इतना करता नहीं। नोट कैसे आता है?
1:38:19अब वो जरा सा काम करता है जिसमें खोपड़ी
1:38:21यूज़ करता है। ऐसे लोग ब्रेन के बड़े
1:38:23शार्प होते हैं। आइडियाज बनाते हैं। थोड़े
1:38:26बहुत काम करते हैं। फिर उस आईडिया के
1:38:27हिसाब से काम करते हैं। वो काम कराते हैं
1:38:29लोगों से थोड़ा बहुत खुद करते हैं। राजा
1:38:31की तरह जिंदगी लेते हैं। वो वो टॉफियां
1:38:34गिफ्ट नहीं करते। वो गाड़ियां गिफ्ट करते
1:38:36हैं। इतना ज्यादा ये भोग ऐश्वर्य और
1:38:39विलासिता देता है। लेकिन रखता नहीं वाह।
1:38:42बिल्कुल नरम दिल स्वभाव रहम दिल दयावान।
1:38:46यह पंचम भाव है। पांचव भाव के अंदर राहु
1:38:49का क्या खेल है? यह सूर्य के घर में चला
1:38:50गया है। यह बड़ा डेंजरस घर है। अब सूर्य
1:38:53के साथ राहु बैठेगा तो सूर्य को ग्रहण
1:38:55लगाएगा। तो सूर्य की चीजें यहां क्या-क्या
1:38:57है? इंट्यूशन, फ्री गिफ्ट्स, लॉटरी गेंस।
1:39:00आपकी हैबिट्स, पार्टी, मस्ती, पांचवें घर
1:39:04में हैबिट डालता है तो क्या करेगा? व्यसन
1:39:05की हैबिट डाल देगा। ऐशाशी के हैबिट डाल
1:39:08देगा। फालतू की राय देने सबको चौधरी मैं
1:39:10ही राय दूंगा। चुप नहीं रह सकता ऐसा
1:39:12व्यक्ति। संतान पैदा नहीं होने देगा। शरीर
1:39:14इसके पास है नहीं निचला तो राहु यहां तक
1:39:17करता है कि स्पर्म काउंट पुरुष का डाउन कर
1:39:18देगा स्त्री के फिलोपियन ट्यूब में
1:39:20ब्लॉकेज दे सकता है यानी संतान में रुकावट
1:39:22दे देगा हर हालत के अंदर स्त्री को किसी
1:39:24ना किसी तरह के शरीर के रोग दे सकता है
1:39:26गायनी और प्रॉब्लम यह होगी कि पता चलेगा
1:39:29नहीं क्योंकि लोकेशन के लिए हमारे पास
1:39:31केतु की मदद है नहीं शरीर है नहीं निचला
1:39:33पुरुष के शरीर में संतान पैदा होने के बाद
1:39:36उस संतान के द्वारा भयंकर कष्ट देता है तो
1:39:38ऐसे बच्चे जो शरीर से कहीं कष्ट में अधूरे
1:39:41होते हैं मानसिकता में दिक्कत में होते
1:39:43हैं एडीएचडी होती है अटेंशन डेफिसिट
1:39:45डिसऑर्डर किसी किस्म का शरीर में दोष वो
1:39:48राहु इसको एक्टिवेट कर देता है और ऐसी
1:39:51स्थिति में बुद्धि के विकास शरीर के विकास
1:39:53को केतु रोकेगा बुद्धि के विकास को राहु
1:39:56रोकता है ऐसी स्थिति में राहु इसके विकास
1:39:58को रोक सकता है अत्यंत ज़हरीला बन जाता है
1:40:00अगर यह पॉजिटिव है यानी बृहस्पति वगैरह की
1:40:03दृष्टि आ गई मंगल महाराज ने कृपा कर दी तो
1:40:06राहु ऑन चेक हो जाता है ऑन चेचक होने से
1:40:08यह क्या करेगा यह आपको नाम बहुत देगा फेम
1:40:12बहुत देगा गाना गाने का शौकीन गाने लिखने
1:40:14का शौकीन अपना YouTube चैनल चलवा देगा।
1:40:17आपको ऑटोमेटिकली प्रसिद्ध बना देगा। और यह
1:40:20दो ढाई नंबर के काम से भी प्रसिद्धि दे
1:40:22देगा। आप इतना बढ़िया अकाउंट्स रखने वाले
1:40:25व्यक्ति हो जाएंगे। इतने बढ़िया डिसीजन
1:40:27मेकर बन जाएंगे कि आपके डिसीजन से लोग कमा
1:40:29जाएंगे। ये चीज इसके अंदर खासतौर से विशेष
1:40:32पॉजिटिविटी बन जाएगी। छठे घर में राहु आता
1:40:36है तो जितने भी रोग, ऋण और शत्रु हैं यह
1:40:40किलर राहु है। किलर राहु है रोग, ऋण और
1:40:45शत्रु ये तीन का खाना है ये। और चौथा है
1:40:48काम।
1:40:49आपका कामकाज की ग्रह दशा भी यहीं से देखी
1:40:52जाती है। वर्क क्योंकि आपके दसवें घर का
1:40:55भाग्य स्थान है ये कि आपके कामकाज का नसीब
1:40:59है कैसा? आपके शत्रु कितने ऋण कितना लेना
1:41:01पड़ेगा? अगर यहां ऋणात्मक ग्रह है तो ऋण
1:41:03लेने के बाद काम और अच्छा चलेगा। आपके दो
1:41:06तीन शत्रु होंगे कंपैटिटर्स तो जो काम
1:41:09बंदा करता है जहां मान लो एक पंखे की
1:41:11फैक्ट्री है उसके बिल्कुल पड़ोस में पंखे
1:41:12की फैक्ट्री लगा दो। शत्रु के साथ काम करो
1:41:14और उठोगे। ये टोटका है बड़ा विचित्र सा।
1:41:17तो ये तीनों को पकड़ के चलता राहु। ये
1:41:20इतना क्लियर पॉइंट है कि ये चलते फिरते
1:41:21शत्रु बनाएगा और कहेगा बना शत्रु क्या?
1:41:23बोले हां और गला साफ। शत्रु को मार देता
1:41:27है। यह ऐसे व्यक्ति राहु जिसका प्रबल हो
1:41:30उस व्यक्ति को धरती पर मरता मर जाएगा। कोई
1:41:32जेल नहीं भेज सकता और वो खुद ही डॉक्टर बन
1:41:35जाएगा। हॉस्पिटल भी घूमने फिरने जाया
1:41:37करेगा। लेकिन प्रॉब्लम क्या रहेगी? उसको
1:41:40रोग भी मिलेंगे, ऋण भी मिलेगा और शत्रु
1:41:42भी। तो वो क्या करे? एक झूठा शत्रु पाल के
1:41:44रखे।
1:41:46वो क्या करे? एक झूठा शत्रु पाल के रखे।
1:41:48रोग के लिए हॉस्पिटल जरूर जाए और किसी ना
1:41:52किसी को ब्याज देता रहे। तो राहु महाराज
1:41:55यहां कहेंगे संतुष्ट है अपन बचे खुचे तो
1:41:56शत्रु बनाओ और कूटो तो क्या करो किसी से
1:41:59लोन लो उसको महीने का ब्याज दो आप
1:42:02हॉस्पिटल जाओ हॉस्पिटल में जाकर के वहां
1:42:04की चाय पी के आओ वहां पर या लघु शंका जरूर
1:42:07करो यूरिनल जरूर यूज़ करो हर हालत में और
1:42:11चायवा पियो अन्न खा लो ऐसा ही काम आप थाने
1:42:13का करो जब जेल यात्रा के डर का मामला हो
1:42:16के जी जेल होने का खतरा है आपको शत्रु तंग
1:42:18कर रहे हैं जेल की रोटी मंगाओ
1:42:2143 डेज जेल की रोटी खाओ
1:42:24अगर कुछ भी नहीं बैठता यह विचित्र सी बात
1:42:26होगी। चार दीवारी बनवाओ लोहे लोहे की
1:42:28सरियों की उसके अंदर एक चूल्हा क्रिएट
1:42:31करो। उस चूल्हे के अंदर एक रोटी बनवाओ और
1:42:34वो रोटी या आटा अपने आटे और रोटी के अंदर
1:42:37साथ मिलाकर के खाओ। जेल की रोटी तो खानी
1:42:39पड़ेगी आपको। आपका बाहर का जेल खत्म। इस
1:42:42टोटके मात्र से ही समाप्त हो जाएगा। जो ऋण
1:42:45लिया हुआ है आपने बैंक का उसका ऋण कभी
1:42:47देना ही मत। कभी मत पूरा करना। आप लाइफ
1:42:50में मौज करोगे। इतने बड़े-बड़े
1:42:52इंडस्ट्रियलिस्ट हैं। इन्होंने क्या किया?
1:42:54ऋण ले ले शत्रु पैदा कर रखे हैं। अरबों
1:42:57रुपए का ऋण ले रखा है। और काम कैसा चल रहा
1:42:59है? दुनिया में नाम है। पूरी दुनिया में
1:43:02नाम है। कितनी बर्थ है इनकी? अरबों, खरबों
1:43:06और लोन। इसलिए लोन जिंदाबाद। अगर लोन नहीं
1:43:10दूंगा, यह बदनियती आएगी तो राहु जेल
1:43:12कराएगा। मैं हॉस्पिटल जाऊंगा और कुछ गलत
1:43:15कर्म करूंगा। किसी की पत्नी छेड़ता हूं।
1:43:17किसी के भाई बहन का पैसा उठा लेता हूं। तो
1:43:19राहु आपको हॉस्पिटल में एडमिट कराएगा। यह
1:43:22न्याय कराएगा। याद रखें शनि का न्याय का
1:43:24देवता है। और कब तक पीटेगा? जब तक आप
1:43:26पश्चाताप ना कर लो। जितनी जल्दी जिसने
1:43:30गलती मान ली उतनी जल्दी पुलिस के डंडे
1:43:33बंद।
1:43:34आपने जाकर सरेंडर ही कर दिया कि ठीक है
1:43:36यार गलत हूं। होऊंगा। नहीं भी हूं तो भी
1:43:40होऊंगा। अगर परमात्मा ने मुझे आज यहां
1:43:42कोर्ट, कचहरी, थाना, हॉस्पिटल पहुंचाया है
1:43:45तो मैं यह नहीं लडूंगा। मैंने तो कभी दारू
1:43:47नहीं। मैंने तो सिगरेट मैंने किसी का दिल
1:43:49नहीं दुखाया। अरे भाई दुखाया होगा। पता
1:43:53नहीं किसने पी होगी दारू जो मेरे अंदर चला
1:43:55गया लिवर पे लफड़ा। मैं क्यों करूं झगड़ा
1:43:58मैं क्यों क्यों बनाऊं जो हो गया परमात्मा
1:44:00की इच्छा। आपका ग्रह उसी टाइम से रास्ते
1:44:03निकाल देगा। राहु रास्ता निकालता है। ये
1:44:06खोजिए। यह आपको नित नए रास्ते बना के देगा
1:44:09कि आपका जेल, थाना, कोर्ट, कचहरी बचे
1:44:11कैसे। अभी हम इसके उपाय की बात करेंगे कि
1:44:13इससे बचाव के लिए करना क्या है?
1:44:15ऑटोमेटिकली आपके ऋणों का हिसाब किताब यह
1:44:18चुकवाएगा। इसकी एक खास बात होगी। आपको
1:44:20जितने पैसे किस्त के चाहिए वह तो आएंगे।
1:44:25उतने ही आएंगे। यह भी मजे की बात लगा लो।
1:44:27आप ₹100 का काम करते हो और आपको ₹200 की
1:44:30किश्त देनी है हर महीने की तो ₹300 आ
1:44:32जाएंगे। 100 में रोटी चल जाएगी। 200 में
1:44:34किश्त आप हो कंगले के कंगले। लेकिन ये
1:44:37जिंदगी भर देगा। तो आप 200 नहीं अब 2000
1:44:39की किश्त बना लो। आपके ₹100 को ऑटोमेटिकली
1:44:42ये 2000 बना देगा। तो 2000 उड़ाओगे और वह
1:44:462000 जरूरत के होंगे। पहले एक कमरे का
1:44:48फ्लैट था, एक पंखा था। अब चार कमरे का
1:44:50होगा। उसमें चार में एसी लगे होंगे। खर्चा
1:44:52उसी स्पीड से कराएगा। उस धन की वृद्धि के
1:44:55लिए आपको बुध ठीक करना पड़ेगा। शुक्र
1:44:57बढ़िया, नेप्च्यून बढ़िया करना पड़ेगा। वो
1:44:59अलग प्लनेट्स का खेल है।
1:45:05पूरे उस भाव के कारक तत्वों का
1:45:07यूटिलाइजेशन करने की बात है। अगर आप ये कर
1:45:09लेते हैं लाजवाब। छठा घर राहु का अपना है।
1:45:11ये अपने घर में है इस टाइम शहंशाह है।
1:45:13यहां पर कोई छेड़ के दिखाए
1:45:15यहां पे किसी भी राशि में हो।
1:45:16किसी भी राशि में हो तो भी बढ़िया ही फल
1:45:18देगा। लेकिन नेगेटिव होगा तो नुकसान तब
1:45:21देगा जब आपके
1:45:24कर्म के अंदर आपके अन्याय हो गया।
1:45:26नेगेटिविटी किसी दूसरे के द्वारा। आप तो
1:45:29जो मर्जी कर रहे हो सब ओके।
1:45:31शेर आती है। पंचम में इसमें कौन?
1:45:33इसमें पांचवे में शेर आती है। हमने बताया
1:45:35नहीं। पांचवे घर के अंदर ऐसा स्वभाव है
1:45:37जैसे शेर और हाथी है। छठे में अकेला हाथी
1:45:39है। सर शेर और हाथी में क्या होता है?
1:45:42शेर और हाथी कहते हैं मैं राजा। मैं राजा
1:45:45नहीं हाथी तो लड़ता ही नहीं वो बुद्धि से
1:45:47ही हरा देगा उसे। शेर को ग्रहण लगा देता
1:45:50है हाथी। शेर को भी सोचना पड़ता है इसमें
1:45:52हमला करूं ना करूं। एक बार आ गया तो पटक
1:45:55के।
1:45:55हां। सूंड में पटक के मार देता है हाथी
1:45:57को। हाथी मार दिया शेर को। और जब पढ़ाई का
1:46:01होता है तो पढ़ाई के साथ
1:46:02पढ़ाई का भी यही पटक-पटक करता है। तभी तो
1:46:04मैं खा गया। उसे भी विदेश यात्रा के सारे
1:46:05काम यहीं थे। फिर करेंगे इसको आगे देखते
1:46:07हैं। टाइम मिला तो
1:46:10लव अफेयर इस बच्ची को लव अफेयर भी जानना
1:46:12था। मम्मी को कितना अत्याचार हो गया।
1:46:13पांचवें नहीं लव अफेयर की बात हमें जरूर
1:46:16करनी है। भाई पिछली अगली बार याद दिलाना।
1:46:19पांचवे से
1:46:19तुम्हारे लव अफेयर से शुरू करेंगे। ठीक
1:46:21है।
1:46:23अफेयर भी दिलाता है सर। ये
1:46:24हैं जी।
1:46:25अफेयर भी दिलाता है। ये
1:46:26अच्छा ये बड़े मजेदार अफेयर कराता है यार।
1:46:28ये क्या कर रहे हो यार आने दो
1:46:33ओके बैक इन बिनेस ये वाला अकेला अफेयर
1:46:36करेंगे बच्ची के अफेयर के बारे में जानना
1:46:38प्यारी गुड़िया हैं प्यार में पागल दीवानी
1:46:41हो रखी दो अफेयर छूट चुके हैं वैसे ही हां
1:46:43पांचव घर में राहु अफेयर कैसे कराता है
1:46:45राहु का अफेयर होता है पूरा का पूरा
1:46:47नॉनसेक्सुअल
1:46:48अफेयर करवा रहे
1:46:49अफेयर करवा रहे हैं अफेयर करवा
1:46:53पांचव घर का राहु जो होता है ये सूखे
1:46:55अफेयर कराता है ये कहता है बातें बातें
1:46:58करो बस करो करो कुछ नहीं करना खबरदार कुछ
1:47:01नहीं है लागू होता है
1:47:03शादीशुदा पे ही लागू होता है कि शादी के
1:47:06बाद पत्नी से भी करो कुछ मत सिर्फ बातें
1:47:08करो तो क्या करता है आजकल तो सोशल मीडिया
1:47:11का देवता है क्योंकि ये फोन है फोन को
1:47:13उठाएगा और बातें बातें एंडलेस बातें हे
1:47:16भगवान इतनी बातें पागल कर दो और इसके पास
1:47:19कोई काम नहीं होगा जहां ही आप यह सोच
1:47:22बैठोगे कि शारीरिक रूप से मिलना है संपर्क
1:47:24करना है लड़ाई कराएगा यह विशेष लड़ाई यह
1:47:28वो लोग हस्बैंड बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड या
1:47:30हस्बैंड वाइफ है जिनको लड़ना ही पड़ता है
1:47:33समीप आते ही तो जहां उनके बीच एक बार
1:47:35संबंध होता है उसके बाद उनकी हमेशा लड़ाई
1:47:37होगी क्योंकि राहु कहता है भाई मुझे जिंदा
1:47:39रहना है ये क्या हो रहा है हमें बातें
1:47:41करनी है सुनना है समझना है देखना है करना
1:47:44कुछ नहीं है ऐसे व्यक्ति की पुस्तक लिखी
1:47:47जाती है प्रकाशित नहीं हो पाती ऐसे
1:47:49व्यक्ति के बच्चे होते हैं जो उसको भी
1:47:50शायद पापा कहे ना कहे मारे कूटे गाली बके
1:47:54क्योंकि वो यूटिलाइजेशन नहीं देगा राहु
1:47:56तभी ठीक ठीक होगा जब आप यह कहेंगे अच्छा
1:47:59कोई बात नहीं मेरी गलती होगी मुझे मालूम
1:48:02नहीं मैं पछता लेता हूं मैं मान लेता हूं
1:48:05अगर आप जिद में आ गए तो ये कूटता रहेगा
1:48:07कूटता रहेगा और तब तक मारेगा जब तक गलती
1:48:10नहीं मानी ऐसे सारे बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड
1:48:12का यह हाल होता है लड़ने प्यार की बात
1:48:15करनी नहीं पहले लड़ लड़ लिए अच्छा ओके आई
1:48:18एम सॉरी ओके आई एम सॉरी आई लव यू आई लव यू
1:48:21आई लव यू करेंगे ये सॉरी के बाद तो लड़ाई
1:48:23कराता है ऐसे जीवन में हमारे व्यर्थ के
1:48:26शत्रु बनते हैं। यह हैबिट बनती है जिनसे
1:48:29हम लड़े बिना प्यार ही नहीं कर सकते। और
1:48:31यह सबसे पहले शत्रु पतिपत्नी इसलिए
1:48:33पतिप्नी के बाद जितनी भी लड़ाई होती है
1:48:35पांचव घर में राहु की इनफ्लेक्शन से होती
1:48:37है। झगड़े कराता है। कुंडली में कहीं पर
1:48:40भी सूर्य के ऊपर राहु पकड़ अगर रख लेता है
1:48:43तो हर हालत में लड़ने के बाद ही प्यार
1:48:46होगा। इसलिए बिना लड़े प्यार नहीं हो
1:48:48सकता। तो लड़ना शुरू करो। ठीक है? शाबाश।
1:48:52अच्छा जी क्वेश्चन आंसर ले लेते हैं। फिर
1:48:54अगले हफ्ते लेंगे हम। राहु महादशा अगर
1:48:56किसी बच्चे की जन्म से ही हो तो ऐसे में
1:48:59जातक की पढ़ाई में अरुचि होती है या और
1:49:02क्या-क्या चैलेंजेस आते हैं और उनको कैसे
1:49:04ठीक कर सकते हैं? बहुत बढ़िया है। राहु की
1:49:06महादशा पैदाइशी में हो जाए तो उस व्यक्ति
1:49:08ने अपने जीवन में पश्चाताप के, झगड़े के,
1:49:10रोने के, पिटने के कर्म उस उम्र में भोग
1:49:12लिए जिस उम्र में उसको इतना ज्ञान ही नहीं
1:49:14था। और वो अभी तक वो पढ़ा लिखा नहीं है।
1:49:16यानी कि ब्रेन अभी संस्कार से ट्रेंड नहीं
1:49:18है। तो पिट-पिटा के उसका संस्कार गजब का
1:49:21बन जाएगा।
1:49:22जो यंग एज में राहु से पिटे हुए हैं, वह
1:49:25बैठ के बड़े होकर ऐसे कुर्सी पर बैठ के
1:49:26लेक्चर देते हैं।
1:49:29क्योंकि इतना पीटा होता है राहु ने कि
1:49:30उनको अकल आ जाती है। अच्छा अच्छा बेटे
1:49:33अगली पिटाई से लगता है दिस इज नो मोरा
1:49:35पिटाई। दिस इज फाइन। आई एम यूज्ड टू इट।
1:49:38तो ये छोटी ऐज का जो राहु पिटाई कर रहा
1:49:40है। ये बहुत सुंदर है। ये बच्चे को ज्ञानी
1:49:42बना देगा। क्योंकि टैकलर्स होते हैं ऐसे
1:49:44लोग। बुद्धिजीवी ब्रेन दूर तक देखना सीख
1:49:48जाता है। जितने टेढ़े-मेढ़े सरकमस्टेंस
1:49:50जिओगे उतना ज्यादा आपके लाइफ में अकल
1:49:51आएगी। ऐसे में पढ़ाई में अरुचि शार्प भयंकर
1:49:54होगा। लिखने में नंबर कम आएंगे। भयंकर
1:49:58शार्प होगा और उसका यही हाल होगा कि भैया
1:50:01मैं तो अटक अटक के करूंगा जो करना है।
1:50:03अपनी मर्जी से करूंगा। मर्जी के मालिक
1:50:04होते हैं। जिद्दी होते हैं। पिटेंगे कैसे?
1:50:08सर। सर नेक्स्ट क्वेश्चन है जो फीमेल्स
1:50:10में नॉर्मली वकोस वेन की प्रॉब्लम आती है
1:50:12उसमें भी ब्लू स्पॉट्स होते हैं
1:50:14हम
1:50:14तो क्या वो भी राहु की वजह से होते हैं
1:50:16101% है जहां ब्लू स्पॉट आया पिटाई का
1:50:18सारा का सारा राहु का खेल है और राहु के
1:50:20खेल के अंदर इसमें मंगल साथ में डिस्टर्ब
1:50:22होता है मंगल के डिस्टरबेंस से होता है ये
1:50:25बंदर को गुड़ चने खिलाने चाहिए इसके लिए
1:50:28विककोस वेंस के लिए
1:50:30ये जेनेरिक है
1:50:31ये जेनेरिक वाला है लेकिन कुंडली बताएगी
1:50:33एग्जैक्ट क्या है
1:50:34सर उसका उपाय उसके घर वाला भी कर सकता है
1:50:37जिसको विकको वेन
1:50:40हां ये चीज के लिए उनके हाथ लगा पैसा मिल
1:50:43जाए तो लिया जाए अन्यथा चीज लेकर के दिया
1:50:45जा सकता है क्योंकि ऐसे कई उपाय हैं लाचार
1:50:47व्यक्ति कर नहीं पाएगा तो उसके हाथ से धन
1:50:49छुआ करके दे दिया जाता है तो ऊर्जा काम
1:50:51करती है
1:50:53बिना हाथ छुआए करोगे कोई फायदा नहीं है
1:50:55फ्रीक्वेंटली करना
1:50:56दान का तो मुद्दा ऐसा होता है अगर दान के
1:50:58लिए हमें भोग में मतलब मानसिक रूप से लालच
1:51:01या भोग आ जाए कि मैंने किया तो बेकार हो
1:51:03गया फ्रीक्वेंट करो एक करो यह श्रद्धा का
1:51:06खेल है फीलिंग का खेल है आपने जो दिया है
1:51:08वह ऊर्जा दी है। एनर्जी दी है। बेसिकली
1:51:10दान भी एक एनर्जी है। ऊर्जा है। और आप दान
1:51:13देने वाले होते कौन हो? यह परमानेंट ध्यान
1:51:14रखो।
1:51:15उसका और उपाय
1:51:18कुंडली बताएगी ये तो कह नहीं सकते। तो पता
1:51:20ही नहीं क्या कहानी है
1:51:22सर? जो राहु है
1:51:24राहु के पास सारी नसें ही होती है हमारी।
1:51:25सारे जो ब्रेन की नसें हैं। जो ब्लड वेसल
1:51:28की नसे वो राहु की नहीं है।
1:51:30हां जी। हां जी।
1:51:30सर क्या की है? केतु का रोल है। उसमें
1:51:34मंगल तो है ही। हां जी। क्या राहु सर
1:51:36फ्यूचर प्रेडिक्शन देता है?
1:51:38100% कॉम्बिनेशन होते हैं जो चार्ट में
1:51:40जिससे
1:51:41100% फ्यूचर प्रेडिक्शन जो है राहु के पास
1:51:43है। बोलने की शक्ति जो है इसमें बुध है।
1:51:45ज्ञान कितना है वो बृहस्पति है। किस
1:51:47लक्ष्य से बोला ये नेप्च्यून है। बोलने
1:51:49में अथॉरिटी कितनी है? ये इंद्र है। ठक
1:51:52मार के पत्थर किया। यह प्लूटो है। ऐसे
1:51:54एक्सप्रेशनंस है बीच में। लेकिन जो राहु
1:51:56है वही दे रहा है फ्यूचर इंट्यूशन।
1:51:58राहु ज्योतिषी नहीं बनाता। राहु इंट्यूशन
1:52:00पावर्स देता है। नेप्च्यून जो है वो
1:52:02इंट्यूशन पावर्स देता है। ज्योतिषी बनाने
1:52:04के लिए आपका बृहस्पति बहुत रिसोंसिबल है।
1:52:06बुध रिस्पोंसिबल है।
1:52:08पांचव और नौव घर के घर के मालिक का
1:52:10कॉम्बिनेशन रिस्पांसिबल है। स्पिरिचुअली
1:52:12या आठवें घर का क्योंकि ज्योतिष में
1:52:14स्पिरिचुअल पुट अगर आपके हैं कई किस्म के
1:52:16ज्योतिषी होते हैं ना।
1:52:17सर अभी आपने कहा कि नसे सारी राहु के पास
1:52:19है। अगर नसें नीली पड़ रही है
1:52:21नसे ब्रेन की।
1:52:24हां जी। सर यह क्वेश्चन जेम स्टोंस एंड
1:52:27पेंडेंट से रिलेटेड है कि क्या जेम स्टोंस
1:52:30पेंडेंट्स में भी उतना ही इफेक्टिव है
1:52:32जितना रिंग्स में नहीं पेंडेंट पे अलग फल
1:52:35मिलेगा रिंग में अलग पेंडेंट थोड़ा बड़ा
1:52:37होना चाहिए और उसके लिए अगर आपकी कुंडली
1:52:40उंगली में अलव नहीं करती तो पेंडेंट
1:52:41मजबूरी का सौदा है अभी पेंडेंट राहु का
1:52:44गुमेद की बात ही नहीं की हमने स्टोन की
1:52:47बात तो हम एक्वामरीन की भी नहीं कर पाए
1:52:48पिछली बार लंबी वो छूट जाती है क्या करें
1:52:51क्लास लंबी चली जाती है
1:52:53सर हमने शिव जी के बारे में बात की थी
1:52:54क्लास में तो क्या शिवलिंग को घर में रख
1:52:57सकते हैं जो मरकरी के बने हुए शिवलिंग
1:52:59होते हैं?
1:53:00भगवान मंदिर में होना चाहिए।
1:53:02मंदिर घर में नहीं होना चाहिए।
1:53:03मंदिर घर में नहीं होना चाहिए। आपको एक
1:53:06चीज समझनी है जी मंदिर है घर में। नहीं जी
1:53:08शिवलिंग है घर में। नहीं जी फलाना है नहीं
1:53:09जी ढिमकाना है। क्या आप सुखी हो?
1:53:13अगर आप सुखी हो आपके घर में क्या रखा है?
1:53:16ऐसी की तैसी में जाए। कहां रखा है? ऐसी की
1:53:18तैसी में जाए। अगर आपके जीवन में सुख नहीं
1:53:20है तो तो भैया खोद खोद के मारो। साला कुछ
1:53:23तो लफड़ा है।
1:53:25अगर आपके शरीर में आपने खाना डाला और पच
1:53:27गया लक्कड़ जजम पत्थर हजम तो क्या फर्क
1:53:30पड़ता? मछली का कांटा भी निकल गए तो क्या
1:53:32फर्क पड़ता है? ज्यादा मिर्चे पेल दी बॉडी
1:53:35कर चुकी ना सेट आप नहीं बने उस माटी के
1:53:38आपके लिए ठीक है और आपकी बॉडी के अंदर
1:53:40गड़बड़ है और आप शराब भी नहीं पीते,
1:53:42सिगरेट भी नहीं पीते, मुर्गा भी नहीं
1:53:44खाते, कुछ नहीं करते तो पता करो कोई खाने
1:53:46से तो ठीक नहीं होंगे।
1:53:51क्योंकि आपके रिजल्ट बताएगा कि मंदिर रखना
1:53:54ठीक है कि नहीं है। मंदिर रखा है पीस के
1:53:56लिए। क्या पीस है?
1:53:59जितनी कृपा है ग्रेस वो देने वाला देवता
1:54:02वरुण है और वरुण से ठीक पहले W5 से पहले
1:54:05W1 में यह देवता बैठा हुआ है। पितरों की
1:54:08कृपा खास भगवान की कृपा इसकी कृपा यह
1:54:11पितरों की कृपा वाला एरिया है ये तभी तो
1:54:14वह ग्रेस का देवता जो मानते हैं वो हंस
1:54:16मानते हैं ना इकट्ठा रहता है तो जोड़े में
1:54:19डलिटी का देवता है ये सब बातें हमने करी
1:54:22नहीं है अभी टाइम ही नहीं है ये तो खा गए
1:54:23हम क्या करें
1:54:24सर पिछली क्लास में वरुण का बताया था
1:54:28वेस्ट में समुद्र की कुछ भी लगा
1:54:31नहीं वो जरूरी नहीं है वो एक जनरिक उपाय
1:54:33नहीं क्या पता उससे जरूरत ही ना हो
1:54:35समुद्र का सूरज के साथ चंद्रमा के साथ
1:54:40नहीं नहीं ऐसे नहीं होता जी सूर्य के साथ
1:54:42रखो पता नहीं आपने कहां लगा दिया वेस्ट
1:54:44में तो गड़बड़ कर देगा नुकसान भी कर सकता
1:54:45है वो
1:54:46डूबते उगते नहीं जी नीला रंगी अपने आप में
1:54:48वेस्ट में नीला रंगी अपने आप में वेस्ट
1:54:50में ज्यादा डालोगे तो घटा देगा उसे
1:54:52ऐसे नहीं डलता नहीं वो कोई नक्शा बताएगा
1:54:55जी ये बहुत कॉम्प्लिकेटेड है
1:54:58वक्री
1:54:59मोस्टली नहीं रहते इनके टशन ही वक्री है
1:55:04तो जब वक्री होगा तभी लागू
1:55:07वक्री ही रहेंगे। यह परमानेंटली वक्री
1:55:09हैं।
1:55:10यह अगली बार बात याद दिलाना वक्री रहना
1:55:12इनका यह बात ही नहीं रहे हमारी। करेंगे
1:55:14इसकी बात।
1:55:14डिग्री पे
1:55:16कोई डिग्री नहीं परमानेंट वक्री रहते हैं।
1:55:17मार्गी नहीं होते कभी। इनका वक्री ही
1:55:19मार्गी है। छाया उल्टी चलती है।
1:55:21हां जी।
1:55:22सर नेक्स्ट क्वेश्चन है। कुछ लोगों को
1:55:23सपने में नॉर्मली सांप दिखते हैं। नॉर्मली
1:55:27अमावस या पूर्णिमा के आसपास। तो क्या ये
1:55:30राहु से लिंक्ड सांप दिखते हैं बहुत
1:55:32बढ़िया है लेकिन बेकार है अगर काट नहीं
1:55:33रहा
1:55:36पैसे नहीं मिलेंगे अगर सांप दिख रहे हैं
1:55:38तो ठीक है बाधा आएगी लेकिन रास्ता निकल
1:55:40गया अगर काट रहा है तो पैसे मिलेंगे सांप
1:55:42को बोलो काट के जाइयो भैया ऐसा हम जान
1:55:43देंगे हम जो तरीका ठीक ना है
1:55:48सपने में सपने में
1:55:50सपने में
1:55:51क्योंकि ये राहु सांप अगर काट रहा है आपके
1:55:53ब्लड निकला खून से तो धन लाभ होगा अन्यथा
1:55:56सांप दिखना बेकार है ये इग्नोर करो मुन्ना
1:55:58रात को सांप दिखा रहा है डरा रहा है अगले
1:56:00दिन सोच रहे हैं सांप मैनिफेस्ट हो जाएगा
1:56:02गलती से। सांप का मतलब डर।
1:56:05सांप का मतलब शिव नहीं है हमारे लिए
1:56:07अधिकतर। सांप का मतलब डर है। हम डरे रहते
1:56:08हैं।
1:56:09सर
1:56:09जी।
1:56:10एक एक रिक्वेस्ट है।
1:56:12सांप सर आपके आगे से होकर उतरे रियलिटी
1:56:15में देन
1:56:16तो बहुत बढ़िया। शुक्र है पीछे से नहीं
1:56:17आके मारा। डरे ही हम पीछे से मार ही देता।
1:56:19कटवा लो।
1:56:20निकल गए उसे थैंक्स बोलो।
1:56:23कहीं?
1:56:24हां जी। बोलो बताओ।
1:56:26जी हमारे पिता श्री दोपहर के भी सपने में
1:56:29आ जाते हैं।
1:56:31आ सकते हैं।
1:56:32बहुत जेंटलमैन बने हुए हैं।
1:56:33हां अगर
1:56:34बुलावा तो नहीं है।
1:56:35ये बहुत सुंदर है। अगर पितर आ रहे हैं और
1:56:37उनको चाहिए कुछ नहीं तो कोई टेंशन नहीं।
1:56:39बुलावे की कोई टेंशन नहीं है। सपनों को
1:56:4299% क्या 100% इग्नोर करो। आपका मुन्ना
1:56:45आपके माइंड पे अटैक करना बंद कर देगा।
1:56:48मुन्ना अगर देखता है मुझे अटेंशन मिल रही
1:56:50है तो पकड़ लेता है। चित्रगुप्त ये है।
1:56:52अभी चित्रगुप्त की बात हमने डिटेल नहीं कर
1:56:54पाए। यह सारी फोटो खींच के रखता है राहु।
1:56:56तभी तो अगले जन्म में फिल्म मिलते हैं और
1:56:58हम कहते हैं पता नहीं हमने क्या किया था?
1:56:59इसको पता है क्या किया था? सर नेक्स्ट
1:57:02नेक्स्ट क्वेश्चन है पितृदष राहु से
1:57:05कनेक्टेड है तो हम कैसे अपने पितृदष को
1:57:08ठीक करें? क्या राहु के लिए किसी मंदिर
1:57:10में जाए या कोई रेमेडीज करें इन पर्टिकुलर
1:57:13या कोई राहु की स्पेसिफिक पूजा करने से
1:57:15पितृदष ठीक होगा? मंदिर में जाते हैं तो
1:57:17बॉडी को लेकर जाना पड़ेगा। बहुत सुंदर
1:57:20प्रश्न है। मंदिर जाते हैं तो बॉडी को
1:57:22लेकर जाना पड़ेगा। इसके लिए गया। जो अंतिम
1:57:24स्थल है। अगर आपको किसी किस्म से पितरों
1:57:27की तर्पण इत्यादि की क्रिया की अगर जरूरत
1:57:29है तो आपको जाना पड़ेगा हरिद्वार। अगर
1:57:31आपको नारायण बलि करनी है तो इसके लिए आप
1:57:33जाओ पेवा अब सारे चीजों का स्यापा खत्म
1:57:37करा के सिर्फ सीधा गया जाओ और सारा कुछ
1:57:39वहीं कर दो। काम खत्म। सिंगल डे की पूजा
1:57:41कर लो। चार घंटे का काम कर लो। प्रेत पूजा
1:57:43कर लो। त्रिपिंडी श्राद्ध कर लो।
1:57:46त्रिपिंडी का मतलब आप पितरों को विशेष कुछ
1:57:48पितरों को विशेष मांग करने गए हैं। पितृ
1:57:51शांति का मतलब मांग मंग कुछ नहीं। हाजरी
1:57:53और साथ में प्रेत पूजा ऐसा कोई पितर जो जल
1:57:55के मरा कट के मरा अननेचुरल सी डेथ हुई
1:57:58किसी को काट दिया लाश ही नहीं पता पता
1:57:59नहीं कहां गया उनके लिए आप प्रेत पूजा
1:58:01करते हैं कुआं होता है उसमें नारियल डालते
1:58:03हैं नारियल राहु होता है वो राहु की ही
1:58:05बलि होती है नारियलों से पटा पड़ा होता है
1:58:07वो कुआं हमेशा तो वो राहु के लिए किया
1:58:10जाता है ये सब बातें अभी नारियल वगैरह के
1:58:11उपाय आएंगे उसमें आएगा और प्रेत पूजा के
1:58:13लिए आपको बॉडी नहीं ले जानी है तो घर में
1:58:16ही आप घर में साउथ डायरेक्शन की ओर फेस
1:58:18करके साउथ वेस्ट तो स्थानीय वहां पर
1:58:20पितरों को रख करके उनको मानसिक सम्मान दें
1:58:23और कुछ नहीं होता है तो अग्नि हाथ में
1:58:25लेकर के कैसे भी एक दिया बत्ती माचिस दिया
1:58:28सलाई जला करके ही आप प्रणाम कर सकते हो
1:58:31धूप ले सकते हो अगरबत्ती हम अवॉयड कराते
1:58:34हैं लेकिन धूप ले सकते हैं वो लेकर के
1:58:37हाथों में प्रणाम करें दोनों हाथ टच होने
1:58:39चाहिए आपस में अगरबत्ती यहां पर भी हो
1:58:41चाहिए टच ऐसे होंगे 10 उंगलियों का पोर्टल
1:58:43बंद होगा ये और सिर्फ प्रार्थना कर सकते
1:58:45हैं हे पितरों जितने भी पितर हैं
1:58:49हे माता पिता नाना परना पितामह माताम भाई
1:58:54बहन पित इत्यादि जितने जो हैं मेरे जीवन
1:58:57में रक्षा करो विजय शांति इत्यादि जो आपको
1:58:59जैसे जो मन करता है वो दीजिए वन टाइम
1:59:03साल में एक बार भी करोगे तो बहुत है
1:59:07रोज एक बार करोगे तो बहुत ज्यादा है इससे
1:59:10ज्यादा नहीं करना और करना क्या है याद फिर
1:59:14क्या किया कुछ नहीं इसके अलावा कुछ नहीं
1:59:17करना
1:59:19कुछ भी नहीं करना आवाहन करना वो अपने आप
1:59:21आपके सिर पे विंडो लगा देंगे।
1:59:26सारे पितर होते हैं। नान के दाद के बुआ
1:59:28ताए चाचे सारे
1:59:30है ना डीएनए इनका नानी का डीएनए होता है
1:59:32उनमें
1:59:33सर नारायण वगैरह के लोग त्रंबकेश्वर भी
1:59:35जाते हैं।
1:59:36त्रंबकेश्वर भी जा सकते हो।
1:59:38इक्वल है। इक्वल है।
1:59:39हां जी।
1:59:40सर नेक्स्ट क्वेश्चन है जैसे हमने कहा था
1:59:42साउथ वेस्ट में एंट्री नहीं होती। अगर
1:59:44आपके फ्लैट की एंट्री साउथ वेस्ट में नहीं
1:59:46है लेकिन आपके पूरी बिल्डिंग है तो होती
1:59:48रहे। साउथ वेस्ट
1:59:50अपनी वाली ठीक रखो बस
1:59:52अपना सामान नीचे मत रखना कभी कुछ
1:59:54एक्सटेंशन मत लेना घर के सामान के वहां पर
1:59:57ओके सर अगर हमने कहा था कि कौन से पितरों
2:00:00की फोटो लगानी है साउथ वेस्ट में तो
2:00:03उनसे टशन में हो उनके
2:00:04अगर हमारे सारे पितर गरीब रहे हैं तो क्या
2:00:07क्या हमारी उनकी फोटो साउथ वेस्ट में
2:00:09साउथ वेस्ट में कैसा भी पितर लगा दो अब
2:00:11गरीब पितर की फोटोग्राफ वेस्ट में लगा
2:00:13दोगे तो गरीब करा देगा
2:00:17झगड़ालू पितर सर की फोटो ईस्ट में लगा
2:00:19दोगे तो दे झगड़े दे झगड़े दे झगड़े आप भी
2:00:21लड़ोगे
2:00:22अच्छा
2:00:22साउथ वेस्ट में सारे रख दो उनका स्थान है
2:00:27सर अगर राहु पीटता है तो क्या जो हीलर्स
2:00:29हैं वो भी राहु ही हैं
2:00:30राहु है 100%
2:00:32तो ये
2:00:3310 नंबर राशि का राहु डॉक्टर होता है बिना
2:00:36पढ़ा लिखा डॉक्टर 10 और 11 नंबर राशि
2:00:38जिनकी कुंडली में है और राहु 10 और 11 का
2:00:40है कहीं भी बैठा है उनको डॉक्टरी आती है
2:00:42बिना पढ़े लिखे
2:00:43वो आपको डॉक्टरी इलाज बताएंगे बैठे-बैठे
2:00:46वो खुद ही बताएंगे अजवाइन के पानी में ना
2:00:48जहर घोल के पी जा।
2:00:53मैंने डॉक्टरी इलाज के तौर पे बताया है।
2:00:55मेरा भी राहु ऐसा ही है कुछ डॉक्टर वाला।
2:00:57यू नो हां जी। हां जी। सॉरी सर। नेक्स्ट
2:01:00क्वेश्चन उससे रिलेटेड है कि आपने नाइंथ
2:01:03हाउस में पुरानी क्लासेस में 10थ एंड 11थ
2:01:06राशि अगर है तो आपने बताया था कि इसमें
2:01:09पूजा नहीं करनी चाहिए। अवॉयड करनी चाहिए।
2:01:1110 और 11 नंबर राशि यदि नौवें घर में है
2:01:13तो बृहस्पति होता है पूजा। इसलिए बृहस्पति
2:01:16को डिग्नाइट करोगे। 10 और 11 नंबर में तो
2:01:18नॉट गुड।
2:01:19तो इन्होंने क्वेश्चन पूछा है कि इनका ऐसा
2:01:21कॉम्बिनेशन है तो क्या यह नेक में किसी
2:01:24भगवान की लॉकेट पहन सकते हैं?
2:01:25हां नेक में हनुमान जी की लगा सकते हैं
2:01:27लॉकेट। 10 नंबर में हनुमान को स्थापित
2:01:29करो। महाकाली को स्थापित करो। दुर्गा को
2:01:32कर लो। स्थापित चलेगा। भैरव को कर लो और
2:01:35ये किसी को गुरु बना सकते हैं।
2:01:36नहीं गुरु इन गुरु तो बना सकते हैं। गुरु
2:01:38पूजन ना करें। ये मित्र गुरु बनाए। ये
2:01:41फ्रेंडशिप क्लास है। हमारी वो सुनेंगे तो
2:01:43समझ आएगा। इनको गुरु बनाना भी नुकसानदायक
2:01:46है। ज्यादा गुरु के शिष्य बन जाओगे तो
2:01:48पिटोगे सर 10 11 नो लेकिन वो शरीर से
2:01:53होता रहे बहुत बढ़िया कोई फर्क नहीं। हमें
2:01:55तो बृहस्पति को एक्टिवेट नहीं करना वहां
2:01:57वो डेंजरस है। बृहस्पति बहुत ज्यादा
2:02:01खतरनाक देवता है क्योंकि बृहस्पति सुनता
2:02:03नहीं किसी की। किसी के बाप की नहीं सुनता
2:02:06वो। सबसे डेंजरस। सर नेक्स्ट क्वेश्चन है
2:02:09जैसे शादी के बाद हम बात करते हैं लड़की
2:02:12का अगर नाम चेंज करना हो तो वो लड़की की
2:02:15कुंडली देख के चेक करना होता है या लड़के
2:02:17की कुंडली देख के
2:02:18नहीं वो तो लड़के लड़की की कुंडली से होगा
2:02:20दोनों से
2:02:20दोनों की कुंडली से
2:02:21हां पहले तो लड़की का जो नाम की राशि है
2:02:23वो 6 8 12 में ना हो फिर लड़के की कुंडली
2:02:25की राशि जो है उससे 6 8 12 में ना हो
2:02:27बल्कि तीसरे में भी ना हो तो जाकर के सब
2:02:30योग ठीक बैठेंगे नहीं तो लड़ते भिड़ते
2:02:32रहेंगे दोनों जिनके गुण 10 मिलते हैं पांच
2:02:34मिलते हैं उनकी भी शादी सफल हो जाती है
2:02:35सिर्फ नाम चैन से गुण गुण मिलाने की जरूरत
2:02:38ही नहीं है। गुण मिलाना भी फेल। अब वो लोग
2:02:40तभी तो सही क्वेश्चन करते हैं। क्या है?
2:02:42उनके तो पांच 10 गुण मिलते हैं। वहां तो
2:02:44शादी सही चल रही है। हां तो 25 मिलवाए थे।
2:02:47तलाक हो गया। ये खिचड़ी बहुत लंबी है भाई।
2:02:50बहुत लंबी खिचड़ी। अगर इस पे हम बात करें
2:02:52तो ये पूरा ग्रंथ लिखा जा सकता है कि
2:02:54कैसे-कैसे कॉम्बिनेशंस होते हैं। तो
2:02:56कंफ्यूजन क्लियर हो जाएगी। ये कन्फ्यूजन
2:02:58क्लियर। आ राहु ऑन पॉजिटिव राहु शुरू हो
2:03:01गया यार। कन्फ्यूजन ही क्लियर हो रही है
2:03:03साला।
2:03:04मां-बाप लड़ परसों में चार दिन पहले मेरे
2:03:07पास एक व्यक्ति आया मेरे पापा ऐसे मेरे
2:03:09पापा गंदे मेरे पापा वैसे ऐसे खसे फसे फ
2:03:11ऐसे मैंने उसे समझाया बेटा तेरे पैदा होने
2:03:14की वजह से तेरी कुंडली में लिखा है तेरे
2:03:15मां-बाप इकट्ठा रह ही नहीं सकते तूने नाश
2:03:17किया अपने मां-बाप की गृहस्ती का
2:03:21अब सोचो उसको जब 15 मिनट तसल्ली से धो के
2:03:23समझाया और वो नहा धो के निकला सुपर की
2:03:26चमकार से तब जाके वो रोया कि ये मेरी वजह
2:03:29से हुआ मैंने कहा जाके बाप के पांव पकड़
2:03:32तूने नास पीट दिया अब तो नर्क हो चुकी है
2:03:34उनकी जिंदगी क्योंकि उसकी पत्री में योग
2:03:36है कि सिंगल सिंगल पेरेंट के साथ रहेगा।
2:03:39उसकी कुंडली ने एक्टिवेट किया है। वो
2:03:41मां-बाप ने उपाय नहीं किया कि उनके बच्चे
2:03:43पैदा होगा तो उन्हें अलग कर देगा।
2:03:46पहले पेरेंट्स को उपाय कर रहे हैं ताकि ये
2:03:48प्लनेट ऑन ही ना हो। फिर बच्चा पैदा होगा
2:03:51तकलीफ नहीं होगी। अगर होगी तो बीमार डाल
2:03:53देगा। मैक्सिमम अलग नहीं करेगा। ये ग्रह
2:03:55ऐसे नचाते हैं।
2:03:56अगर हो चुका तो फिर पापा कैसे?
2:03:58हां जी।
2:03:59अगर बच्चा भी हो चुका हो उसकी वजह से वो
2:04:01मतलब डिफरेंस ऑफ़ थिंग्स भी हो चुकी है तो
2:04:04फिर वो कैसे साधना अल्टीमेटली
2:04:06चरण पूजे महाराज चरण पूजे महाराज के उपाय
2:04:08छुपा करें ढेर सारे और क्या करें
2:04:10तो कभी भी हो सकता है पहले
2:04:11उपायों का ढेर करें उपायों का ढेर होगा
2:04:14आपके इतनी चीजें करेक्शन करनी पड़ेगी आपके
2:04:17तोते उड़ जाएंगे आईसीयू पेशेंट का केस है
2:04:19ये जिसकी सर्जरी होगी अब वो आईसीयू पेशेंट
2:04:22फिर बोले डॉक्टर साहब चक्कर ही काटते रहे
2:04:24आपके पास हां तो बेटा तभी जिंदा है तू यह
2:04:27करना पड़ेगा
2:04:28आप में सेल्फ रियलाइजेशन लानी पड़ेगी।
2:04:30आपको बदलना पड़ेगा। बच्चे से कॉ कटिंग
2:04:32करनी पड़ेगी। मम्मीियां अधिकतर यह नाश
2:04:35करती है पिता कम लेकिन करते हैं कि अब तो
2:04:37मैं बच्चे के लिए जिंदगी जिऊंगा या
2:04:39जिऊंगी। पति और पत्नी खत्म हो जाते हैं।
2:04:43ये तो एक्सटेंशन चाहिए इस क्लास के ऊपर।
2:04:45बहुत सुंदर टॉपिक है। ये मतलब ज्वलंत
2:04:47सब्जेक्ट है इस समाज के लिए। चलो सर
2:04:50करेंगे इस पे भी। भी परमात्मा आप आशीर्वाद
2:04:52दीजिए।
2:04:53सर नेक्स्ट क्वेश्चन है जो W5 का ज़ोन है
2:04:56सर उसमें चेस्ट बोर्ड हम डाल सकते हैं।
2:04:58चेस्ट बोर्ड बहुत बढ़िया W5 में बहुत
2:05:00शानदार कोई दिक्कत नहीं डाल दो।
2:05:04नेक्स्ट क्वेश्चन सर क्या हमारे जो सर के
2:05:06बाल और जो डैंड्रफ हो जाती है
2:05:08राहु की वजह से होते हैं। राहु सिर के बाल
2:05:11उड़ा देता है। ठीक ही नहीं होने देता।
2:05:13स्कैल्प रिलेटेड इशूज़ आते हैं जिन
2:05:15सारे राहु महाराज की कृपा है। ये ठीक नहीं
2:05:17होने देगा।
2:05:17सर इसका
2:05:19मुझे क्या पता इसका मेरे तो है नहीं।
2:05:23उपाय की टाइम क्लास पे आने तो दो
2:05:26अभी ये पूरा हो तो सब आएगा इसप करेंगे बात
2:05:28हम
2:05:29सर लास्ट क्वेश्चन है
2:05:31हां जी हां जी
2:05:32ये हमारा नीलम स्टोन के रिगार्डिंग है
2:05:35तो इसमें था कि आयोलाइट करके एक स्टोन
2:05:37होता है जो नीलम का क्या सब्स्टट्यूट की
2:05:40तरह यूज़ कर सकते हैं
2:05:41वाइफ की सब्स्टिट्यूट कोई गर्लफ्रेंड नहीं
2:05:43हो सकती
2:05:50हां हां यही आंसर समझ आएगा क्योंकि वो
2:05:52सब्सिट हर कोई सब्सिट ढूंढ रहा है। कहां
2:05:54से होगा यार
2:05:56बता रहे हैं दफा करो जिंदगी खत्म निखिल ने
2:05:59खत्म कर दिया संसार से मेरा धर्म से मेरा
2:06:03नाता ही टूट गया अब
2:06:05अब क्या रखा है संसार में जब कह दिया
2:06:08भाड़ ज्योतिष से विश्वास उठ गया ऐसे
2:06:10राहु की दशा चल रही है साउथ वेस्ट में
2:06:12जाके
2:06:13हां जी हां जी हैं जी
2:06:14राहु की दशा चल रही है और इंसान साउथ
2:06:16वेस्ट के कमरे में रहता है या सोता है तो
2:06:18उस पे वो नेगेटिव इफेक्ट नहीं डालेंगे
2:06:20चलती रहे दशा का क्या करना है हमें दशाएं
2:06:22तो चलती रहती है आती रहती है जाती रहती
2:06:24दशाओं से
2:06:2418 साल वाली तो 18 साल तक पकड़ कर ही
2:06:27रखेगी ना
2:06:28यही ये इल्लुजन हो गया अब कि 18 साल की अब
2:06:31पकड़ के रखेगी अब पकड़ेगी दशाएं बदलती है
2:06:34नहीं बदलती है आप पल-पल बदल सकते हो उसी
2:06:36दशा को तोड़ सकते हो ह्यूमन कॉन्शियसनेस
2:06:40उपायों से भी ऊपर है ह्यूमन कॉन्शियसनेस
2:06:42इनसे भी ऊपर है और ह्यूमन कॉन्शियसनेस के
2:06:44लिए आपको कॉन्शियसनेस लोन लेनी पड़ेगी
2:06:46अपनी नहीं चल रही तो इसी के लिए हमारा
2:06:48स्यापा है ये सारे टाइम किसी की तो सुन लो
2:06:50किसी की तो मान लो हम जब कहीं जाते हैं तो
2:06:53एक जीपीएस ऑन करते हैं Google देवता के
2:06:56बता दे कहां जाना है। चुपचाप चलते पहुंचा
2:06:58देता है घुमा फिरा के कभी लंबे रास्ते सही
2:07:00तो सुनो ना अगर हमसे सॉलशन नहीं हो रही
2:07:04दैट मींस हमारी बुद्धि कम है किसी की तो
2:07:05सुननी पड़ेगी अब सही की सुने सही गलत की
2:07:08सुन लो फिर पिटि पिटा के समझ आ जाएगा कि
2:07:10गलत ये था अगली बार नहीं सुन
2:07:12दारू के लिए कहा था कि नहीं पीनी चाहिए
2:07:14मुफ्त की अगर दोस्त लोग साथ में बैठे हुए
2:07:15हैं तो उसका मतलब क्या है
2:07:17उसका मतलब अपनी है
2:07:18नहीं नहीं किसी ने बोल दिया
2:07:21तो अपनी है वो मुफ्त की थोड़ी है
2:07:22या फिर दोस्तों के साथ
2:07:23उसमें टोटका क्या है इसमें मांग के मत
2:07:25पीना
2:07:27मालूम पैक बना के ले आया।
2:07:28हां तो मांगा नहीं ना फ्री फंड में दे रहा
2:07:30है।
2:07:30अच्छा
2:07:31वो उसने दिया है। हमने मांगा नहीं। मांग
2:07:32के मत पीना।
2:07:34मांग के मत पीना।
2:07:36ये अच्छा वैलिड पॉइंट है।
2:07:38वो तो होता
2:07:39ये वैलिड पॉइंट है। उसके अंदर मांग के
2:07:41पियो। और एक बड़ी टोटका समझ लो। बहुत मजे
2:07:43बड़ी सुंदर बात है। आपको जीवन के अंदर कोई
2:07:46भी चीज होगी अगर आप तकलीफ में हो धरती
2:07:47लेती है आपसे। धरती आपसे पैसा ले लेगी।
2:07:49धरती आपसे जीवन ले लेगी। प्रॉपर्टी मकान
2:07:51सब लेगी। अगर आप दारू सिगरेट का स्यापा
2:07:53लगा के चल रहे हो तो सबसे पहला जो दारू के
2:07:56अंदर दो उंगली डाल के छींटा भी मारते हो
2:07:57दारू भूमि को दो एक मिनट दोबारा बताएंगे
2:08:01मेरे दोस्त लोग बहुत करते हैं
2:08:02भूमि को दो
2:08:03वो दो क्या होता है पता नहीं दो उंगली डाल
2:08:06के ऐसा
2:08:06आप चार उंगली डाल लो हाथ डाल के झाड़ लो
2:08:08हमें दिक्कत नहीं भूमि को प्रथम दो हमारे
2:08:11शास्त्रों में शुरू से भोजन तक के लिए
2:08:14ग्रास निकाला जाता है भूमि के लिए अतिथि
2:08:16के लिए गाय के लिए कुत्ते के लिए यह शराब
2:08:19है तमस है इसलिए इसको गाय कुत्ते कौवे के
2:08:22नहीं देते। वो पितरों को जाके लगता है।
2:08:23आपका पितर कोई शराबी है जिसको बहुत मजा
2:08:26आता था शराब पीने में तो उसकी बरसी पर
2:08:28शराब बांटो। यह शास्त्रों में हमारे पितर
2:08:30को जो पसंद है वो दिया जाए। ये ध्यान
2:08:32रखना। ये फैक्ट बात है। पितर प्रसन्न होगा
2:08:35बुरी तरह। और अगर आपकी किडनी या लेबर फेल
2:08:38हो रहे हैं ठीक कर देगा। डॉक्टर कहेगा
2:08:40कमाल हो गया। कैसे होगा ठीक? ये उपाय सबसे
2:08:42ज्यादा
2:08:45अब ये उपाय सबसे ज्यादा करेंगे लोग।
2:08:46सर जिनके पीपल बहुत पीते हैं जिनकी रिटेन
2:08:49में चलता है तो उनको तो वहां से
2:08:52एग्जजेक्टली जिनके यहां दारू सिगरेट है वो
2:08:54पितरों का प्रिय भोजन है। उनका डीएनए ही
2:08:56ऐसा है। पंडारे में
2:08:58ये आप समझे आपने जो
2:09:02हमने जो बात करी है वो ब्राह्मण देखो एक
2:09:04बहुत सुंदर पॉइंट है ये।
2:09:07एक वो
2:09:09एक वो चीज है जो ब्राह्मण भोजन कराया जाता
2:09:11है। वो जो आप दे रहे हैं वो देवता के लिए
2:09:14जा रहा है। अतिथि के लिए जा रहा है। वो
2:09:16अनजान का है। गाय कुत्ता कौआ ये स्टार्स
2:09:19है। ये पितर है जो भोग रहे हैं। अरे सारे
2:09:21के सारे पितर केतु पे आएगा। ये चंदा मामा
2:09:23है जिसने रोक दिया सूरज को। तो सारे पितर
2:09:27है उस समय। पितर ही कृपा देंगे। राहु से
2:09:29पितर बचा सकते हैं। राहु को स्थान पितरों
2:09:32का इसलिए दिया गया है कि उस समय सूरज
2:09:34ब्लॉक हो गया है। देवता खत्म। तो जिसके घर
2:09:36के अंदर पितृ दोष है अगर वो भगवान की पूजा
2:09:38कर रहा है टाइम वेस्ट कर रहा है
2:09:41उसको पितृ पूजा करनी पड़ेगी
2:09:42सर
2:09:43डब्बे की जगह बोतल भी चढ़ा सकते हैं
2:09:45हां हां बोतल भी चढ़ा सकते हैं हमें तो
2:09:48अलाउड है हमें कोई दिक्कत नहीं क्योंकि ना
2:09:49डब्बा हमने भोगना है ना बोतल हमने भोगनी
2:09:51जो आता है फ्री फंड का ले लेते हैं हम
2:09:53भोगते नहीं
2:09:54चलो लास्ट क्वेश्चन हां जी
2:09:56सर आपने पिछली क्लास में बताया था कि
2:09:58ध्यान जो आपका ध्यान कहां है इस क्लास
2:10:01नहीं छोड़ी
2:10:02आपके ये बहुत सुंदर बात है क्लास का
2:10:04निचोड़ा क्या आपका ध्यान कहां है इस पे
2:10:06ध्यान दो किसकी
2:10:07अगर आपने ये कर लिया तो आपका राहु सेट है।
2:10:10तो यही करने की
2:10:11हां यही करने की फिर कोशिश कर रहे हो।
2:10:13कोशिश
2:10:15ये निकला नहीं है। आपकी बॉडी अभी सिंक ही
2:10:17नहीं हुई माइंड से। इसलिए आप कोशिश ही
2:10:18बोलोगे ये प्रॉब्लम सर पितों
2:10:22क्या चीज
2:10:24कोशिश कर रहा हूं उसका उचित शब्द क्या
2:10:27क्लास देखो ना कोशिश नहीं झावलन करो
2:10:30फिर देख लो
2:10:33हां जी क्या
2:10:33सर जो पितरों को हम भोजन कराते हैं
2:10:36श्राद्ध में अपने पितृ पक्ष में तो जैसे
2:10:39अगर शराब या
2:10:41पहले बात तसल्ली से सुनना अब दोबारा
2:10:42स्टार्ट करेंगे हां जी आप बोलो
2:10:45पितरों को जो पितृ पक्ष में भोजन कराना
2:10:48होता है या जो भी उनको भोजन होता है फ्री
2:10:50होते हैं जो उनको वो बना के देते हैं हम
2:10:53तो अगर मदिरा या धूम्रपान ये सब अगर
2:10:56वर्जित है उनको नहीं ठीक लगता तो क्या हम
2:10:58ये बाहर किसी को ऐसा कि पितरों को वर्जित
2:11:01है पितरों को ठीक नहीं लगता ये
2:11:02पंडितों को वर्जित है
2:11:03ये पंडितों को अगर प्रेफरेंस है उनकी
2:11:06पंडितों को ठीक नहीं लगता क्योंकि
2:11:07ब्राह्मण यदि शराब पी रहा है तो उसका
2:11:10बृहस्पति डाउन हो जाएगा इसलिए उसको शराब
2:11:13पीना वर्जित इसलिए है कंडीशनली क्योंकि
2:11:15अगर जुपिटर ठीक नहीं रहा तो वो आशीर्वाद
2:11:17वाद नहीं दे पाएगा। वो चीजें तो दे देगा।
2:11:20पैसा तो दे देगा। सामान तो ला सकता है।
2:11:22शनि राहु यह चीजें दे सकते हैं। आशीर्वाद
2:11:25कैसे देंगे? तो हीलिंग इफेक्ट के लिए कृपा
2:11:27कहां से मिलेगी? वो बृहस्पति चाहिए।
2:11:29नेप्च्यून भी तभी कृपा देगा अगर जुपिटर
2:11:31ओके है। इसलिए ब्राह्मण खुद तो कंगला
2:11:34होगा। लेकिन जिसको आशीर्वाद देगा उस पे
2:11:36बंगला होगा।
2:11:38ये इसीलिए ब्राह्मणों के लिए वर्जित है।
2:11:41ब्राह्मण पिए क्यों ना पिए पीना है तो अगर
2:11:43लेकिन फिर बृहस्पति किस प्रकार ठीक करना
2:11:45है वो अलग तरीके से सीखें। शराब पीना
2:11:47पॉइंट नहीं है। गुरुजीव ने लोगों को
2:11:49ब्राह्मण बनाया ही ऐसे है। पहले तो तू
2:11:51दारू पी। पूरी बोतल गटक और अभी भी ठीक है
2:11:54कि नहीं बता। इतनी चेतना का स्तर ऊपर कर
2:11:56दिया कि दारू का कोई असर ही नहीं है। आपके
2:11:59आसपास दारू ही तो चल रही है। सब कुछ सुंदर
2:12:01चीजें चल रही है। गाड़ियां चल रही हैं।
2:12:03सुंदर रूप चल रहा है। मकान चल रहे हैं।
2:12:05दूसरे का पैसा चल रहा है। शराब ही तो है।
2:12:08इसीलिए तो ब्राह्मण को कहा गया तू भिक्षा
2:12:10ले। तू मकान लेगा। तू बिल्डिंग लेगा। तू
2:12:12ज्वेलरी लेगा। नहीं यह भी नशा है। उसके
2:12:15लिए सिर्फ शराब शराब नहीं है। उसके लिए
2:12:17ज्वेलरी भी शराब है। वो शुक्र है।
2:12:20बृहस्पति के पास शुक्र नहीं आ सकता।
2:12:22इसीलिए जो बिल्कुल संत ब्राह्मण होता है
2:12:24वो कंगला और कड़का होता है। वो आशीर्वाद
2:12:26देता है। धांसू लगता है। इसलिए उसकी
2:12:28फॉलोइंग देखना कितनी तगड़ी है।
2:12:31तगड़ी फॉलोइंग होती है उसकी। और वह सत्ते
2:12:33पर चलता है तो फिर उसके हाथ में सरस्वती
2:12:35की कृपा भी होती है। यह सबसे बड़ी चीज है।
2:12:39सर पक्ष में जैसे
2:12:41हो गया
2:12:43हो गया। वो जो पितृ पक्ष होता है उसमें
2:12:45किसी को भी
2:12:45उस पितृ पक्ष में बाहर दो ना अगर कोई पीने
2:12:47के लिए दे रहे हो किसी को
2:12:49कि हां आपके नाम से दे रहे हैं हम। ये
2:12:51देखो ऊर्जा जाती है। आपके अंदर का डीएनए
2:12:54का वो वाला हिस्सा उछलेगा।
2:12:56आपका डीएनए प्रसन्न होगा। आप कुछ करते
2:12:59प्रसन्नता आती है ना। वो प्रसन्नता क्या
2:13:01आई? आपको कुछ मिला है ना?
2:13:04तो होते ही है
2:13:04तो ये जो मिला है ये ऊर्जा तो मिली है।
2:13:07ऐसा हो ही नहीं सकता। आपने किसी की मदद कर
2:13:09दी। उसके तो 5 किलो घट गए। कष्ट किसका
2:13:12आया? किसके पास आएगा? वो आप पे ऊर्जा
2:13:14जाएगी।
2:13:16ऊर्जा जाएगी। आप दुखी को दुखी देखते हो।
2:13:19आपके पास ऊर्जा आई है। आप भी रो पड़ते हो।
2:13:22यह डेंजरस है। यह राहु है जो कहता है सब
2:13:24ड्रामा है। साला मरने दे। इसके नसीब थे।
2:13:26इसके कोटा था भाग था।
2:13:29हेल्प करने वाले आप होते कौन है? यह जब तक
2:13:32निकलेगा नहीं ना तभी तक भगवान बने जा रहे
2:13:33हो। डोंट ट्राई टू प्ले गॉड। खुद तो
2:13:36भिखारी है उसकी हेल्प कर रहे हैं। हमारी
2:13:38हेल्प करें ना प्लीज।
2:13:42सर तो जिनके पितर सात्विक होते हैं
2:13:44सात्विक थे जो इस तरीके की कोई नेगेटिव
2:13:46नहीं थी। उनको तो चीज से
2:13:48उनको सात्विक चीज दे दो।
2:13:50उनको रोटी का नशा है। उनको खीर का नशा है।
2:13:53नशा तो नशा तो सबको ही है।
2:13:55शराब का नशा अकेला नशा थोड़ी होता है।
2:13:58रोटी का नशा है, क्रोध का नशा है। नॉर्मल
2:14:01बात है। वो सेम चीज है। चलो जी यह तो
2:14:03एंडलेस होगी बातें। आज आपका समय बहुत
2:14:05लिया। बहुत-बहुत कृपा आप सबकी बहुत
2:14:07धन्यवाद। पितरों का भी राहु महाराज की जय
2:14:09हो। आप सबको प्रणाम है। जुड़े हुए लोगों
2:14:11को धन्यवाद। बहुत लंबा चला गया। फटाफट
2:14:13करने के चक्कर में भी खींचते खींचते भी
2:14:15बाप रे बाप हो गए आज। चलो लव यू। लव यू लव
2:14:18यू लव यू लव यू।
2:14:21ओके जी। लव यू लव यू। लव यू लव यू। ओके
2:14:23भाई। ओके।
2:14:26खुश रहो बच्चे।
2:14:29[संगीत]
2:14:30पूछ के जाओ अभी रुक के
2:14:33टॉवल लाया था
2:14:33वो टॉवल ही तो चाहिए था मुझे अभी चलते हैं
2:14:35जी बातिंग करे चलते हैं अच्छा जी नमस्कार
2:14:38नमस्कार
2:14:39ध्यान
2:14:40हां हां करना क्या है इसको सिर पे डालना
2:14:43आपने बुलाया था टॉवल लेके आना आपको रुलाना
2:14:45है रोना है आपको
2:14:47रुलाएंगे आपको रोने की प्रैक्टिस भी कराते
2:14:49हैं चिंता ना करें
2:14:50थैंक यू भैया
2:14:50रुलाने की प्रैक्टिस करेंगे
2:14:51कह रहा था सिमरन कि कल की क्वेश्चन आंसर
2:14:54बहुत पूछे रात वाली
2:14:56हां हां कल भी थी क्लास रात को
2:14:58हां बता
2:14:59वो ओवरसीज लोगों के लिए थी वो कर ली उनकी
2:15:01इच्छा थी जी
2:15:02उससे
2:15:04टच में है ना तो पीस ऑफ़ माइंड
2:15:06तो हो गई मेरी बात हो गई उससे सब बातें
2:15:09होती रहेंग चिंता ना करो
2:15:10बस अब जोड़ी और बना दो बन जाएगी वो बनेगी
2:15:12आप सब सोचना ही बंद कर दो बस ठीक है बस
2:15:15खुश रहो
2:15:16और सर आपकी क्लास में सुनते हैं लेकिन
2:15:19नहीं