Full transcript
0:00[संगीत]
0:12हेलो जी कहिए क्या बात कर रहे हो ठीक है
0:17मैं टीम भेजता हूं हवलदार मुझे लगता है दो
0:20दिन से जिस बस को हम यहां ढूंढ रहे थे वह
0:23100 किलोमीटर दूर नहर में मिली है जल्दी
0:25गाड़ी निकालो हमें अभी चलना होगा आपके
0:28कहने का मतलब है वह तीन 275 वाली बस लेकिन
0:31सर व तो यही 21 किलोमीटर के अंदर चलने
0:34वाली बस है 100 किलोमीटर दूर कैसे पहुंच
0:37गई नहर में जो बस मिली है वह कोई और होगी
0:40वही तो पता लगाना है ना इंस्पेक्टर अपने
0:43साथ टीम लेकर नहर के पास पहुंच गया था
0:47क्रेन की मदद से जब उस बस को नहर से बाहर
0:49निकाला गया तो देखा वाकई वही बस थी जैसे
0:53पिछले दो दिन से पुलिस ढूंढ रही थी इस बस
0:56के बारे में कंप्लेन आई थी ना कौन था वो
0:59जिसने कंप्लेन कर आ थी सर दो दिन पहले रात
1:02के 3:00 बजे एक बूढ़ी औरत और एक 22 2 साल
1:05का लड़का आए थे अजीब अजीब सी बातें कर रहे
1:08थे उनकी बातों का कोई सर पैर नहीं था
1:10इसलिए हमने उन्हें भगा दिया था बुलवा
1:13उन्हें और हां जिस डिपो की यह बस है वहां
1:16से भी बुलवा किसी को जो ड्राइवर के बारे
1:18में जानकारी दे सके कुछ ही देर के बाद बस
1:21का मैनेजर और व बूढ़ी औरत इंस्पेक्टर के
1:24सामने खड़े हुए थे यह बस तुम्हारे ही
1:27डिप्पू की थी ना जरा पहचान करके बताओ यह
1:30ड्राइवर और कंडक्टर तुम्हारी बस के ही है
1:32जी सर यह हमारे ही डिप्पू की बस है तीन
1:35दिन पहले आखिरी बार यह बस प्रेगनेंट हिल्स
1:38के लिए निकली थी लेकिन अचानक से कहां गायब
1:40हो गई कोई नहीं जानता नहीं सर तीन दिन
1:44नहीं दो दिन पहले रात के 2 बजे मैंने
1:47फ्रेगरेंट हिल्स जाने के लिए यही बस ली थी
1:51बस में एक ड्राइवर और एक लेडी कंडक्टर भी
1:54थी बस में मेरे साथ-साथ एक कपल और एक 22
2:00से 23 साल का लड़का भी चढ़ा था वही लड़का
2:03जो मेरे साथ पुलिस में कंप्लेंट दर्ज
2:06कराने के लिए भी आया था और वो कपल वो कहां
2:09गए उनकी तो डेड बॉडी भी नहीं मिली बस के
2:12अंदर से हां वो लोग थोड़ी दूर पर ही बस से
2:15उतर गए थे उसके बाद तीन लोग बस में चढ़े
2:20जो दिखने में बहुत ही अजीब से नजर आ रहे
2:22थे मैंने उस दिन इंस्पेक्टर को बताया था
2:26लेकिन किसी ने भी मेरी बात पर यकीन नहीं
2:29किया वो तीन लोग इंसान नहीं थे सर मैंने
2:34खुद अपनी आंखों से देखा वो कुछ और ही था
2:39बूढ़ी की बातें सुनने के बाद इंस्पेक्टर
2:42का दिमाग चकराने लगा था ठीक है तुम जाओ
2:45हवलदार रूट नंबर 375 की सारी फुटेज
2:48निकलवाने को कहा था ना क्या हुआ उसका सर
2:52रूट नंबर 375 की पूरी फुटेज मैंने खुद चेक
2:55की है यह बुढ़िया और वो लड़का जहां पर
2:57उतरे उसके आगे बस पूरे रूट पर कहीं भी नजर
3:00नहीं आई इनके उतरने के बाद पता नहीं बस
3:02कहां गायब हो गई तुमने जाकर कैमरे चेक किए
3:05हो सकता है आगे के कैमरे खराब हो नहीं सर
3:08कैमरे खराब नहीं है सारे फुटेज है हमारे
3:11पास लेकिन यह बस उस रूट पर आगे कहीं गई ही
3:13नहीं अचानक से ना जाने कहां गायब हो गई सर
3:17एक और बात यह एक छोटे से रोड पर चलने वाली
3:20बस है इसमें 20 किलोमीटर से ज्यादा चलने
3:23का डीजल ही नहीं था अगर बस 100 किलोमीटर
3:25दूर यहां नहर तक आई है तो जरूर कहीं ना
3:28कहीं डीजल भरवाया हो हो आप सीसीटीवी
3:31निकलवाए ना मैनेजर की बात सुनकर
3:34इंस्पेक्टर सारे पेट्रोल पंप्स की फुटेज
3:36निकलवा है लेकिन एक भी फिलिंग स्टेशन पर
3:39बस नजर नहीं आती सर पांचों बॉडी को
3:43पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है डॉक्टर का
3:45कहना है कि यह बॉडी तो दो दिन पुरानी नहीं
3:47है बल्कि इसमें से जो तीन बॉडीज है जिनके
3:50शरीर पर अजीबोगरीब से कपड़े थे वह तो इतनी
3:53बुरी हालत में है कि लगता है हफ्तों से
3:56पानी में ही थी और ड्राइवर और कंडक्टर की
3:58भी कम से कम एक हफ्ते पहले मौत हुई होगी
4:00ऐसा लगता है इंस्पेक्टर को कुछ समझ में
4:03नहीं आ रहा था कि यह पहली आखिर है क्या
4:07ऐसा कैसे हो सकता था ड्राइवर और कंडक्टर
4:10को दो दिन पहले उस बूढ़ी औरत ने अपनी
4:12आंखों से देखा था इसका मतलब उनकी मौत तो
4:15इन दो दिनों के बीच में ही हुई है
4:18पहेलियों को सुलझाने के लिए इंस्पेक्टर
4:20जाकर बस का फ्यूल टैंक खोलकर देखता है और
4:23जो सामने उसे नजर आता है उसे देखकर उसे
4:27मानो करण सा लग जाता है इसका फ्यूल टैंक
4:30लबालब खून से भरा हुआ था साल
4:341995 रात के तकरीबन 2 बज रहे थे एक तो
4:38गहरी ठंडक ऊपर से पिछले दो घंटे से लगातार
4:41बारिश हो रही थी जिसके कारण उस 22 साल के
4:45लड़के का बस स्टॉप पर खड़े रहकर बस का
4:48इंतजार करना मुश्किल होता जा रहा था चीन
4:51में प्रेग्रेंट हिल तक जाने के लिए यह इस
4:53रूट की आखिरी बस थी और इस समय उसे रूट
4:57नंबर 375 की आखरी बस का बेसब्र से इंतजार
5:02था चारों ओर घना कोहरा फैला हुआ था जिसके
5:06कारण सामने कुछ मीटर पर खड़े हुए लोग भी
5:09साफ नजर नहीं आ रहे थे पिछले आधे घंटे में
5:12बस स्टॉप से कोई भी बस होकर नहीं गुजरी थी
5:16एक युवक बस का इंतजार कर ही रहा था कि तभी
5:19उसे सामने से एक बूढ़ी औरत छड़ी टिका हुई
5:22बस स्टॉप की तरफ आती नजर आती है बूढ़ी औरत
5:26के वहां पहुंचने के कुछ ही मिनट के बाद
5:28रूट नंबर थ 7 की बस टॉपेज पर आके रुक जाती
5:32है वो बूढ़ी औरत और युवक बस में चढ़ जाते
5:35हैं बस आगे बढ़ने ही वाली थी कि तभी कोई
5:39बस को हाथ हिलाकर रोकने का इशारा करता है
5:42ड्राइवर ने एक बार फिर ब्रेक लगा दिया था
5:45एक कपल हाथों में हाथ डाले बस में चढ़ते
5:48हैं और ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बैठ
5:51जाते हैं व बूढ़ी औरत और लड़का भी बस में
5:54आमने सामने वाली सीट पर बैठ गए थे बस में
5:58कुछ मिलाकर सिर्फ चार ही सवा सरिया थी
6:00ड्राइवर ने एक बार फिर इधर उधर देखा जब
6:04उसे कोई सवारी दिखाई नहीं दी तो उसने बस
6:06को आगे बढ़ा दिया ड्राइवर के बस को आगे
6:09बढ़ाने के बाद बस में सवार लेडी कंडक्टर
6:13एकएक करके टिकट काटने लगती है बस में बैठा
6:16कपल एक दूसरे के गंधे पर सर रखकर नींद की
6:20झपकी ले रहा था वहीं बूढ़ी के सामने बैठा
6:23युवक कानों में वॉकमैन लगाकर आंख बंद करके
6:27गाने सुन रहा था लेकिन बूढ़ी औरत पूरी तरह
6:30से सतर्क थी व बार-बार मुड़कर बस में सवार
6:34सवारियों और ड्राइवर को देख रही थी उसकी
6:38आंखों में नींद नजर नहीं आ रही थी अचानक
6:42ही बस का ड्राइवर बस की स्पीड बहुत धीमी
6:45कर देता है क्या हुआ बस इतनी धीरे क्यों
6:48कर दी सामने इतना कोह राहा है कुछ समझ
6:50नहीं आ रहा है कि सड़क किस तरफ है ज्यादा
6:53तेज चलाऊंगा तो एक्सीडेंट हो सकता है
6:55अच्छा ठीक है आप ध्यान से चलाइए चारों ओर
6:59बिल्कुल सन्नाटा था बारिश बंद हो चुकी थी
7:03और सड़कों पर कोई भी गाड़ी नजर नहीं आ रही
7:06थी बस भी लगभग खाली ही थी जिसकी वजह से
7:11गाड़ी के इंजन के अलावा और किसी भी तरह की
7:13आहट गाड़ी में से सुनाई नहीं पड़ रही थी
7:17खराब मौसम और कम विजिबिलिटी होने के कारण
7:20ड्राइवर के साथ-साथ बस में सवार बूढ़ी औरत
7:23के माथे पर भी जिंदा की लकीरें उभर रही थी
7:26क्योंकि बाकी सवारिया आंखें बंद किए थी
7:29उन्हें बाहर के मौसम का कोई अंदाजा ही
7:31नहीं था अचानक से बस की छत पर किसी के
7:36होने का एहसास होने लगता है और धम धम की
7:40आवाज सुनाई पड़ने लगती है ये यह कैसी आवाज
7:44है चलती हुई बस में बस की छत पर कौन हो
7:46सकता है मैं बस रोक कर देखता हूं ड्राइवर
7:49बस रोक कर उतरता है तभी अचानक से बस के
7:53ऊपर से आ रही आवाज बंद हो जाती है ड्राइवर
7:57बस के चारों ओर घूम कर देखने लगता
8:00अचानक ही ड्राइवर के ऊपर एक बिल्ली कूद
8:02पड़ती है जिसके कारण उसके मुंह से एक
8:05जोरदार चीख निकल जाती है ड्राइवर दौड़ते
8:09हुए वापस से बस में चढ़ जाता है क्या हुआ
8:12क्या था बाहर एक बिल्ली थी वही बस के ऊपर
8:16घूम रही थी शायद आगे बढ़ते हैं आसपास जंगल
8:19है यहां रुकना ठीक नहीं है क्या कहा एक
8:22बिल्ली थी बिल्ली के बस की छत पर चलने से
8:26इतनी तेज आवाज नहीं हो सकती को अपने आसपास
8:31कुछ असामान्य सा घटित होता हुआ महसूस हो
8:34रहा था वह महसूस कर पा रही थी कि उसके साथ
8:38कुछ तो अजीब हो रहा है अचानक ड्राइवर बस
8:42की स्पीड बढ़ा देता है अरे सामने कुछ नजर
8:46नहीं आ रहा है और तुम इतना तेज बस दौड़ा
8:49रहे हो कर क्या रहे हो बुढ़िया की बात का
8:52जवाब दिए बिना ड्राइवर घूमते हुए एक नजर
8:55बुढ़िया की ओर देखता है और एक बार फिर से
8:58अपना पाव एक्सलेटर के ऊपर रख देता है
9:02सामने सड़क पर एक दोराहा नजर आ रहा था
9:05जहां से सड़क लेफ्ट और राइट दो डायरेक्शन
9:08में डिवाइड हो रही थी ड्राइवर बस को बाई
9:11ओर मोड़ लेता है अरे कैसे ड्राइवर हो तुम
9:15किधर मोड़ लिया बस को यह रास्ता जंगल की
9:18तरफ जा रहा है नए-नए भर्ती हुए हो क्या
9:21रास्ता ठीक से नहीं मालूम अरे आप आराम से
9:24बैठिए ना बार-बार क्यों टोका टोकी कर रही
9:27है मुझे पता है कि अपना काम कैसे कर है इस
9:30रास्ते पर ट्रैफिक कम होता है कोहरे में
9:32इधर से जाना सेफ रहेगा और यह शॉर्टकट भी
9:35है आप चिंता मत करो थोड़ी देर बाद यह आगे
9:38जाकर उसी रास्ते पर मिल जाएगा बूढ़ी को
9:41ड्राइवर के हाव भाव काफी बदले हुए नजर आ
9:44रहे थे कुछ देर बाद तेज गति से दौड़ती बस
9:47को ड्राइवर अचानक ब्रेक लगाकर रोक लेता है
9:51क्या हुआ ऐसे अचानक से बस क्यों रोक दी अब
9:55तो प्रेगनेंट हील से पहले बस का कोई
9:56स्टॉपेज भी नहीं है वैसे भी यह जंगली
9:59इलाका है यहां पर बस रोकने का मतलब क्या
10:01है वह सब मैं जानता हूं लेकिन देखो सामने
10:04कुछ लोग खड़े हुए हैं और लगातार हाथ से बस
10:07को रोकने का इशारा कर रहे हैं अरे तो ऐसे
10:10ही कोई बीच सड़क पर खड़े होकर बस को रोकने
10:12के लिए कहेगा तो आप गाड़ी रोक देंगे क्या
10:15इतनी रात को ऐसे ही बस रोक देना मुझे तो
10:17कुछ ठीक नहीं लग रहा आप दरवाजा मत खोलिए
10:21ड्राइवर साहब सही कह रहे हैं सामने तीन
10:23लोग खड़े हुए नजर आ रहे हैं उन्हें मदद की
10:25जरूरत हो सकती है यह इस रूट की आखिरी बस
10:28है अगर हम उन्हें अंदर नहीं आने देंगे तो
10:31शायद पूरी रात जंगल में ही बितानी पड़े
10:34ड्राइवर की बात सुनकर बाकी की सवारियां
10:37कुछ नहीं कह पाती और ड्राइवर बस के दरवाजे
10:40खोल देता है बस का दरवाजा खोलने के बाद
10:44तीन लोग बेहद धीमी रफ्तार से चलते हुए बस
10:48में चढ़ जाते हैं यह तीन लोग जब बस के
10:51अंदर आते हैं तो बस के अंदर बैठी सवारियां
10:54उन्हें देखकर बुरी तरह चौक जाती है बस में
10:58चढ़ने वाले तीन लोगों में से दोने बीच
11:01वाले आदमी को इस तरह से पकड़ा था जैसे वह
11:05शराब पिए हो या खुद से चलने के लायक ना हो
11:09वह सहारा देकर घसीटते हुए किसी तरह उसे बस
11:13की सबसे पिछली सीट तक ले जाते हैं और वहीं
11:16जाकर बैठ जाते हैं उन तीनों में एक बात जो
11:20सबसे ज्यादा अजीब थी वह यह कि इस समय 1995
11:24चल रहा था लेकिन उन तीनों की वेशभूषा ऐसी
11:27थी जैसे वह 18वीं शताब्दी में आए हो सर पर
11:31पौराणिक चीनी टोपी पहने होने के कारण उनका
11:35चेहरा भी साफ नजर नहीं आ रहा था इसके साथ
11:38ही उनके बाल भी लंबे और बेतरतीब बिखरे हुए
11:41थे जिसके कारण चेहरा दिखाई नहीं पड़ रहा
11:44था तीनों नए पैसेंजर्स को बैठाने के बाद
11:47बस एक बार फिर से आगे बढ़ गई थी बस
11:51जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी बस के अंदर की
11:54हवा में कुछ अजीब सा भारीपन महसूस होने
11:57लगा था ये यह किन लोगों को बैठा लिया है
12:00तुमने तुम्हें इन्हें देखकर कुछ सिरहन स
12:03महसूस नहीं हो रही उनके कपड़े देखो आज के
12:07समय में कौन ऐसे कपड़े पहनता है इतने
12:10पुराने और भद्दे लग रहे हैं जैसे कभी धुले
12:13ही नहीं है आपने गौर किया बस के अंदर
12:17अचानक दुर्गंध फैल गई है ऐसा लगता है जैसे
12:20कुछ सड़ रहा है यहां मुझसे तो सांस भी
12:23नहीं ली जा रही है यह यह क्या बोल रही हैं
12:26आप ऐसा तो कुछ भी नहीं है इधर पीछे गांव
12:29में एक थिएटर है यह लोग उधर नाटक कंपनी से
12:32ही आए होंगे आप उन पर ध्यान मत दीजिए जब
12:35से व लोग बस में आए तब से एक इंच भी हिले
12:39नहीं ना ही उन्होंने कोई बात की फिर
12:42तुम्हें कैसे पता कि वह थिएटर से आए हैं
12:45तुम उनकी तरफदारी क्यों कर रही हो 5
12:48किलोमीटर के बाद आपका स्टॉपेज आ जाएगा तब
12:50तक चुप करके बैठो समझी कंडक्टर की बात
12:53सुनकर बूढ़ी ने एक नजर अपने सामने बैठे
12:56लड़के की ओर देखा वो भी इस समय बूढ़ी को
13:00ही देख रहा था बूढ़ी कुछ देर तक बेचैनी
13:03में इधर-उधर देखती है और उसके बाद सामने
13:06वाले लड़के को घूरने लगती है बस अब जंगल
13:09पार करने के बाद प्रेग्रेंट हिल्स जाने
13:12वाली मेन रोड पर आ गई
13:14थी हमें इधर ही उतार दो कपल बस से उतर कर
13:18जा चुका था उनको बस से उतर कर जाते देख
13:22कंडक्टर की आंखों में कुछ बेचैनी सी नजर आ
13:24रही थी कंडक्टर के समझाने के बाद भी बस
13:28में बैठी बूढ़ी औरत कभी पीछे मुड़कर उन
13:31तीनों अजीब पैसेंजर्स को देखती तो कभी
13:34सामने बैठे लड़के को अचानक ए लड़के मेरा
13:39पर्स लिया ना तुमने बूढ़ी औरत देखकर फायदा
13:42उठाता है हां क्या कहा मैंने पर्स उठाया
13:46मैं चोर नजर आता हूं क्या हां चोर ही नजर
13:48आता है तेरी शक्ल पर लिखा है तू एक नंबर
13:51का चोर है निकाल मेरा पर्स बूढ़ी की इस
13:54तरह आंखें दिखाकर चोरी का इल्जाम लगा देने
13:57से वल का भी बुरी तरह बौखला गया था आपकी
14:01उम्र का लिहाज कर रहा हूं वरना अरे क्या
14:04बेहद कीी है यह मैं तो जानता भी नहीं आपके
14:06पास फर्स था भी या नहीं बूढ़ी की आवाज
14:09लगातार बढ़ती जा रही थी और उसी के साथ अब
14:13लड़का भी गुस्से में आ गया था तू उतर नीचे
14:16तुझे मैं तेरी औकात दिखाती हूं अभी पुलिस
14:19को तेरी शिकायत करूंगी सीनियर सिटीजंस की
14:22ताकत अभी पता नहीं है तुझे समझा बूढ़ी और
14:25वो लड़का अब ड्राइवर के पास खड़े होकर बस
14:28रोकने के लिए चिल्लाना शुरू कर देते हैं
14:31उनका चीखना चिल्लाना देख ड्राइवर गुस्से
14:34में बस रोककर उन्हें जाने देता
14:37है अरे माता जी अब आप ऐसा करिए पुलिस
14:40बुलाइए अब पुलिस ही बताएगी मैं सही हूं या
14:43गलत पुलिस की जरूरत नहीं है मैं जानती हूं
14:46तुम बेकसूर हो लेकिन तुम मेरे पोते के
14:49उम्र के हो तुम्हें उस बस में अकेले नहीं
14:52छोड़ सकती थी इसीलिए मैंने यह सब किया
14:55मतलब वो सब ड्रामा था अरे आपको पता भी है
14:59आपने क्या किया इतनी रात को इस सुनसान रोड
15:02पर कहां जाएंगे हम कैसे जाएंगे तुमने देखा
15:06वो तीन लोग जो बस में चढ़े थे तुम कान में
15:09गाने लगाकर मस्त हो गए थे लेकिन मेरी यह
15:12बूढ़ी आंखें बहुत बेचैन थी मैं लगातार बस
15:16में हो रहे हर छोटे से छोटे इंसिडेंट पर
15:18नजर बनाए हुए थी मैंने देखा बस के पीछे की
15:23एक खिड़की खुली है जहां से ठंडी हवा आ रही
15:26है उस हवा से उन आदमी के कपड़े उड़े तब
15:30मैंने देखा उनके पांव ही नहीं थे बीच वाले
15:34आदमी के चेहरे पर बिखरे बाल हवा में उड़े
15:37तो मैंने देखा बीच वाले आदमी का चेहरा नाक
15:41मुंह कुछ नहीं था हमारे गांव में ऐसे
15:43लोगों को प्रेत कहा जाता है मैं कंडक्टर
15:46को उनके बारे में बताना चाहती थी मैंने
15:49पर्स से छोटा आईना निकाला उस आईने में
15:52कंडक्टर साफ दिखाई देना चाहिए लेकिन मेरे
15:56कोशिश करने के बाद भी मैंने देखा कंडक्टर
15:59का चेहरा आईने में दिखाई ही नहीं पड़ रहा
16:01है हम दोनों लकी हैं जो उन्होंने हमारे
16:05झूठे झगड़े पर भरोसा किया और हमें यहां
16:08उतार दिया आपका बहुत-बहुत धन्यवाद अगर
16:12आपकी बातें सच है तब तो ड्राइवर की जान को
16:15भी खतरा है पता नहीं उसके साथ क्या होगा
16:18चलो हम थाने में जाकर रिपोर्ट लिखा देते
16:20हैं बूढ़ी और लड़का थाने जाते हैं और सारी
16:24बातें बता देते हैं लेकिन इंस्पेक्टर को
16:26उनकी बेसिर पहर की बातों पर यकीन नहीं
16:29होता और वह उन्हें वहां से बाहर निकाल
16:32देता है दो दिन बाद पुलिस को बस तो मिल गई
16:35थी लेकिन यह घटना पुलिस के लिए एक अभुज
16:38पहली बन चुकी थी डीजल की बजाय खून से चलकर
16:41वह बस बिना किसी कैमरे की नजर में आए 100
16:45किलोमीटर दूर कैसे पहुंची इस सवाल का जवाब
16:48किसी के पास नहीं था वो तीन आदमी कौन थे
16:51उनकी कभी शिनाख्त नहीं हो सकी इस घटना के
16:54बाद पूरे चीन में डर की लहर दौड़ गई थी
16:58कहते हैं उस घटना के बाद भी कई बार रात के
17:01अंधेरे में रोड नंबर 375 की बस लोगों को
17:06नजर आ जाती
17:10है यह कहानी आपको अच्छी लगी हो तो हमें
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