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Bus Number 375 | Scary Pumpkin | Hindi Horror Stories | Real Horror Story

Scary Pumpkin · 2,887 words · 14 min read

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0:00[संगीत]

0:12हेलो जी कहिए क्या बात कर रहे हो ठीक है

0:17मैं टीम भेजता हूं हवलदार मुझे लगता है दो

0:20दिन से जिस बस को हम यहां ढूंढ रहे थे वह

0:23100 किलोमीटर दूर नहर में मिली है जल्दी

0:25गाड़ी निकालो हमें अभी चलना होगा आपके

0:28कहने का मतलब है वह तीन 275 वाली बस लेकिन

0:31सर व तो यही 21 किलोमीटर के अंदर चलने

0:34वाली बस है 100 किलोमीटर दूर कैसे पहुंच

0:37गई नहर में जो बस मिली है वह कोई और होगी

0:40वही तो पता लगाना है ना इंस्पेक्टर अपने

0:43साथ टीम लेकर नहर के पास पहुंच गया था

0:47क्रेन की मदद से जब उस बस को नहर से बाहर

0:49निकाला गया तो देखा वाकई वही बस थी जैसे

0:53पिछले दो दिन से पुलिस ढूंढ रही थी इस बस

0:56के बारे में कंप्लेन आई थी ना कौन था वो

0:59जिसने कंप्लेन कर आ थी सर दो दिन पहले रात

1:02के 3:00 बजे एक बूढ़ी औरत और एक 22 2 साल

1:05का लड़का आए थे अजीब अजीब सी बातें कर रहे

1:08थे उनकी बातों का कोई सर पैर नहीं था

1:10इसलिए हमने उन्हें भगा दिया था बुलवा

1:13उन्हें और हां जिस डिपो की यह बस है वहां

1:16से भी बुलवा किसी को जो ड्राइवर के बारे

1:18में जानकारी दे सके कुछ ही देर के बाद बस

1:21का मैनेजर और व बूढ़ी औरत इंस्पेक्टर के

1:24सामने खड़े हुए थे यह बस तुम्हारे ही

1:27डिप्पू की थी ना जरा पहचान करके बताओ यह

1:30ड्राइवर और कंडक्टर तुम्हारी बस के ही है

1:32जी सर यह हमारे ही डिप्पू की बस है तीन

1:35दिन पहले आखिरी बार यह बस प्रेगनेंट हिल्स

1:38के लिए निकली थी लेकिन अचानक से कहां गायब

1:40हो गई कोई नहीं जानता नहीं सर तीन दिन

1:44नहीं दो दिन पहले रात के 2 बजे मैंने

1:47फ्रेगरेंट हिल्स जाने के लिए यही बस ली थी

1:51बस में एक ड्राइवर और एक लेडी कंडक्टर भी

1:54थी बस में मेरे साथ-साथ एक कपल और एक 22

2:00से 23 साल का लड़का भी चढ़ा था वही लड़का

2:03जो मेरे साथ पुलिस में कंप्लेंट दर्ज

2:06कराने के लिए भी आया था और वो कपल वो कहां

2:09गए उनकी तो डेड बॉडी भी नहीं मिली बस के

2:12अंदर से हां वो लोग थोड़ी दूर पर ही बस से

2:15उतर गए थे उसके बाद तीन लोग बस में चढ़े

2:20जो दिखने में बहुत ही अजीब से नजर आ रहे

2:22थे मैंने उस दिन इंस्पेक्टर को बताया था

2:26लेकिन किसी ने भी मेरी बात पर यकीन नहीं

2:29किया वो तीन लोग इंसान नहीं थे सर मैंने

2:34खुद अपनी आंखों से देखा वो कुछ और ही था

2:39बूढ़ी की बातें सुनने के बाद इंस्पेक्टर

2:42का दिमाग चकराने लगा था ठीक है तुम जाओ

2:45हवलदार रूट नंबर 375 की सारी फुटेज

2:48निकलवाने को कहा था ना क्या हुआ उसका सर

2:52रूट नंबर 375 की पूरी फुटेज मैंने खुद चेक

2:55की है यह बुढ़िया और वो लड़का जहां पर

2:57उतरे उसके आगे बस पूरे रूट पर कहीं भी नजर

3:00नहीं आई इनके उतरने के बाद पता नहीं बस

3:02कहां गायब हो गई तुमने जाकर कैमरे चेक किए

3:05हो सकता है आगे के कैमरे खराब हो नहीं सर

3:08कैमरे खराब नहीं है सारे फुटेज है हमारे

3:11पास लेकिन यह बस उस रूट पर आगे कहीं गई ही

3:13नहीं अचानक से ना जाने कहां गायब हो गई सर

3:17एक और बात यह एक छोटे से रोड पर चलने वाली

3:20बस है इसमें 20 किलोमीटर से ज्यादा चलने

3:23का डीजल ही नहीं था अगर बस 100 किलोमीटर

3:25दूर यहां नहर तक आई है तो जरूर कहीं ना

3:28कहीं डीजल भरवाया हो हो आप सीसीटीवी

3:31निकलवाए ना मैनेजर की बात सुनकर

3:34इंस्पेक्टर सारे पेट्रोल पंप्स की फुटेज

3:36निकलवा है लेकिन एक भी फिलिंग स्टेशन पर

3:39बस नजर नहीं आती सर पांचों बॉडी को

3:43पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है डॉक्टर का

3:45कहना है कि यह बॉडी तो दो दिन पुरानी नहीं

3:47है बल्कि इसमें से जो तीन बॉडीज है जिनके

3:50शरीर पर अजीबोगरीब से कपड़े थे वह तो इतनी

3:53बुरी हालत में है कि लगता है हफ्तों से

3:56पानी में ही थी और ड्राइवर और कंडक्टर की

3:58भी कम से कम एक हफ्ते पहले मौत हुई होगी

4:00ऐसा लगता है इंस्पेक्टर को कुछ समझ में

4:03नहीं आ रहा था कि यह पहली आखिर है क्या

4:07ऐसा कैसे हो सकता था ड्राइवर और कंडक्टर

4:10को दो दिन पहले उस बूढ़ी औरत ने अपनी

4:12आंखों से देखा था इसका मतलब उनकी मौत तो

4:15इन दो दिनों के बीच में ही हुई है

4:18पहेलियों को सुलझाने के लिए इंस्पेक्टर

4:20जाकर बस का फ्यूल टैंक खोलकर देखता है और

4:23जो सामने उसे नजर आता है उसे देखकर उसे

4:27मानो करण सा लग जाता है इसका फ्यूल टैंक

4:30लबालब खून से भरा हुआ था साल

4:341995 रात के तकरीबन 2 बज रहे थे एक तो

4:38गहरी ठंडक ऊपर से पिछले दो घंटे से लगातार

4:41बारिश हो रही थी जिसके कारण उस 22 साल के

4:45लड़के का बस स्टॉप पर खड़े रहकर बस का

4:48इंतजार करना मुश्किल होता जा रहा था चीन

4:51में प्रेग्रेंट हिल तक जाने के लिए यह इस

4:53रूट की आखिरी बस थी और इस समय उसे रूट

4:57नंबर 375 की आखरी बस का बेसब्र से इंतजार

5:02था चारों ओर घना कोहरा फैला हुआ था जिसके

5:06कारण सामने कुछ मीटर पर खड़े हुए लोग भी

5:09साफ नजर नहीं आ रहे थे पिछले आधे घंटे में

5:12बस स्टॉप से कोई भी बस होकर नहीं गुजरी थी

5:16एक युवक बस का इंतजार कर ही रहा था कि तभी

5:19उसे सामने से एक बूढ़ी औरत छड़ी टिका हुई

5:22बस स्टॉप की तरफ आती नजर आती है बूढ़ी औरत

5:26के वहां पहुंचने के कुछ ही मिनट के बाद

5:28रूट नंबर थ 7 की बस टॉपेज पर आके रुक जाती

5:32है वो बूढ़ी औरत और युवक बस में चढ़ जाते

5:35हैं बस आगे बढ़ने ही वाली थी कि तभी कोई

5:39बस को हाथ हिलाकर रोकने का इशारा करता है

5:42ड्राइवर ने एक बार फिर ब्रेक लगा दिया था

5:45एक कपल हाथों में हाथ डाले बस में चढ़ते

5:48हैं और ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बैठ

5:51जाते हैं व बूढ़ी औरत और लड़का भी बस में

5:54आमने सामने वाली सीट पर बैठ गए थे बस में

5:58कुछ मिलाकर सिर्फ चार ही सवा सरिया थी

6:00ड्राइवर ने एक बार फिर इधर उधर देखा जब

6:04उसे कोई सवारी दिखाई नहीं दी तो उसने बस

6:06को आगे बढ़ा दिया ड्राइवर के बस को आगे

6:09बढ़ाने के बाद बस में सवार लेडी कंडक्टर

6:13एकएक करके टिकट काटने लगती है बस में बैठा

6:16कपल एक दूसरे के गंधे पर सर रखकर नींद की

6:20झपकी ले रहा था वहीं बूढ़ी के सामने बैठा

6:23युवक कानों में वॉकमैन लगाकर आंख बंद करके

6:27गाने सुन रहा था लेकिन बूढ़ी औरत पूरी तरह

6:30से सतर्क थी व बार-बार मुड़कर बस में सवार

6:34सवारियों और ड्राइवर को देख रही थी उसकी

6:38आंखों में नींद नजर नहीं आ रही थी अचानक

6:42ही बस का ड्राइवर बस की स्पीड बहुत धीमी

6:45कर देता है क्या हुआ बस इतनी धीरे क्यों

6:48कर दी सामने इतना कोह राहा है कुछ समझ

6:50नहीं आ रहा है कि सड़क किस तरफ है ज्यादा

6:53तेज चलाऊंगा तो एक्सीडेंट हो सकता है

6:55अच्छा ठीक है आप ध्यान से चलाइए चारों ओर

6:59बिल्कुल सन्नाटा था बारिश बंद हो चुकी थी

7:03और सड़कों पर कोई भी गाड़ी नजर नहीं आ रही

7:06थी बस भी लगभग खाली ही थी जिसकी वजह से

7:11गाड़ी के इंजन के अलावा और किसी भी तरह की

7:13आहट गाड़ी में से सुनाई नहीं पड़ रही थी

7:17खराब मौसम और कम विजिबिलिटी होने के कारण

7:20ड्राइवर के साथ-साथ बस में सवार बूढ़ी औरत

7:23के माथे पर भी जिंदा की लकीरें उभर रही थी

7:26क्योंकि बाकी सवारिया आंखें बंद किए थी

7:29उन्हें बाहर के मौसम का कोई अंदाजा ही

7:31नहीं था अचानक से बस की छत पर किसी के

7:36होने का एहसास होने लगता है और धम धम की

7:40आवाज सुनाई पड़ने लगती है ये यह कैसी आवाज

7:44है चलती हुई बस में बस की छत पर कौन हो

7:46सकता है मैं बस रोक कर देखता हूं ड्राइवर

7:49बस रोक कर उतरता है तभी अचानक से बस के

7:53ऊपर से आ रही आवाज बंद हो जाती है ड्राइवर

7:57बस के चारों ओर घूम कर देखने लगता

8:00अचानक ही ड्राइवर के ऊपर एक बिल्ली कूद

8:02पड़ती है जिसके कारण उसके मुंह से एक

8:05जोरदार चीख निकल जाती है ड्राइवर दौड़ते

8:09हुए वापस से बस में चढ़ जाता है क्या हुआ

8:12क्या था बाहर एक बिल्ली थी वही बस के ऊपर

8:16घूम रही थी शायद आगे बढ़ते हैं आसपास जंगल

8:19है यहां रुकना ठीक नहीं है क्या कहा एक

8:22बिल्ली थी बिल्ली के बस की छत पर चलने से

8:26इतनी तेज आवाज नहीं हो सकती को अपने आसपास

8:31कुछ असामान्य सा घटित होता हुआ महसूस हो

8:34रहा था वह महसूस कर पा रही थी कि उसके साथ

8:38कुछ तो अजीब हो रहा है अचानक ड्राइवर बस

8:42की स्पीड बढ़ा देता है अरे सामने कुछ नजर

8:46नहीं आ रहा है और तुम इतना तेज बस दौड़ा

8:49रहे हो कर क्या रहे हो बुढ़िया की बात का

8:52जवाब दिए बिना ड्राइवर घूमते हुए एक नजर

8:55बुढ़िया की ओर देखता है और एक बार फिर से

8:58अपना पाव एक्सलेटर के ऊपर रख देता है

9:02सामने सड़क पर एक दोराहा नजर आ रहा था

9:05जहां से सड़क लेफ्ट और राइट दो डायरेक्शन

9:08में डिवाइड हो रही थी ड्राइवर बस को बाई

9:11ओर मोड़ लेता है अरे कैसे ड्राइवर हो तुम

9:15किधर मोड़ लिया बस को यह रास्ता जंगल की

9:18तरफ जा रहा है नए-नए भर्ती हुए हो क्या

9:21रास्ता ठीक से नहीं मालूम अरे आप आराम से

9:24बैठिए ना बार-बार क्यों टोका टोकी कर रही

9:27है मुझे पता है कि अपना काम कैसे कर है इस

9:30रास्ते पर ट्रैफिक कम होता है कोहरे में

9:32इधर से जाना सेफ रहेगा और यह शॉर्टकट भी

9:35है आप चिंता मत करो थोड़ी देर बाद यह आगे

9:38जाकर उसी रास्ते पर मिल जाएगा बूढ़ी को

9:41ड्राइवर के हाव भाव काफी बदले हुए नजर आ

9:44रहे थे कुछ देर बाद तेज गति से दौड़ती बस

9:47को ड्राइवर अचानक ब्रेक लगाकर रोक लेता है

9:51क्या हुआ ऐसे अचानक से बस क्यों रोक दी अब

9:55तो प्रेगनेंट हील से पहले बस का कोई

9:56स्टॉपेज भी नहीं है वैसे भी यह जंगली

9:59इलाका है यहां पर बस रोकने का मतलब क्या

10:01है वह सब मैं जानता हूं लेकिन देखो सामने

10:04कुछ लोग खड़े हुए हैं और लगातार हाथ से बस

10:07को रोकने का इशारा कर रहे हैं अरे तो ऐसे

10:10ही कोई बीच सड़क पर खड़े होकर बस को रोकने

10:12के लिए कहेगा तो आप गाड़ी रोक देंगे क्या

10:15इतनी रात को ऐसे ही बस रोक देना मुझे तो

10:17कुछ ठीक नहीं लग रहा आप दरवाजा मत खोलिए

10:21ड्राइवर साहब सही कह रहे हैं सामने तीन

10:23लोग खड़े हुए नजर आ रहे हैं उन्हें मदद की

10:25जरूरत हो सकती है यह इस रूट की आखिरी बस

10:28है अगर हम उन्हें अंदर नहीं आने देंगे तो

10:31शायद पूरी रात जंगल में ही बितानी पड़े

10:34ड्राइवर की बात सुनकर बाकी की सवारियां

10:37कुछ नहीं कह पाती और ड्राइवर बस के दरवाजे

10:40खोल देता है बस का दरवाजा खोलने के बाद

10:44तीन लोग बेहद धीमी रफ्तार से चलते हुए बस

10:48में चढ़ जाते हैं यह तीन लोग जब बस के

10:51अंदर आते हैं तो बस के अंदर बैठी सवारियां

10:54उन्हें देखकर बुरी तरह चौक जाती है बस में

10:58चढ़ने वाले तीन लोगों में से दोने बीच

11:01वाले आदमी को इस तरह से पकड़ा था जैसे वह

11:05शराब पिए हो या खुद से चलने के लायक ना हो

11:09वह सहारा देकर घसीटते हुए किसी तरह उसे बस

11:13की सबसे पिछली सीट तक ले जाते हैं और वहीं

11:16जाकर बैठ जाते हैं उन तीनों में एक बात जो

11:20सबसे ज्यादा अजीब थी वह यह कि इस समय 1995

11:24चल रहा था लेकिन उन तीनों की वेशभूषा ऐसी

11:27थी जैसे वह 18वीं शताब्दी में आए हो सर पर

11:31पौराणिक चीनी टोपी पहने होने के कारण उनका

11:35चेहरा भी साफ नजर नहीं आ रहा था इसके साथ

11:38ही उनके बाल भी लंबे और बेतरतीब बिखरे हुए

11:41थे जिसके कारण चेहरा दिखाई नहीं पड़ रहा

11:44था तीनों नए पैसेंजर्स को बैठाने के बाद

11:47बस एक बार फिर से आगे बढ़ गई थी बस

11:51जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी बस के अंदर की

11:54हवा में कुछ अजीब सा भारीपन महसूस होने

11:57लगा था ये यह किन लोगों को बैठा लिया है

12:00तुमने तुम्हें इन्हें देखकर कुछ सिरहन स

12:03महसूस नहीं हो रही उनके कपड़े देखो आज के

12:07समय में कौन ऐसे कपड़े पहनता है इतने

12:10पुराने और भद्दे लग रहे हैं जैसे कभी धुले

12:13ही नहीं है आपने गौर किया बस के अंदर

12:17अचानक दुर्गंध फैल गई है ऐसा लगता है जैसे

12:20कुछ सड़ रहा है यहां मुझसे तो सांस भी

12:23नहीं ली जा रही है यह यह क्या बोल रही हैं

12:26आप ऐसा तो कुछ भी नहीं है इधर पीछे गांव

12:29में एक थिएटर है यह लोग उधर नाटक कंपनी से

12:32ही आए होंगे आप उन पर ध्यान मत दीजिए जब

12:35से व लोग बस में आए तब से एक इंच भी हिले

12:39नहीं ना ही उन्होंने कोई बात की फिर

12:42तुम्हें कैसे पता कि वह थिएटर से आए हैं

12:45तुम उनकी तरफदारी क्यों कर रही हो 5

12:48किलोमीटर के बाद आपका स्टॉपेज आ जाएगा तब

12:50तक चुप करके बैठो समझी कंडक्टर की बात

12:53सुनकर बूढ़ी ने एक नजर अपने सामने बैठे

12:56लड़के की ओर देखा वो भी इस समय बूढ़ी को

13:00ही देख रहा था बूढ़ी कुछ देर तक बेचैनी

13:03में इधर-उधर देखती है और उसके बाद सामने

13:06वाले लड़के को घूरने लगती है बस अब जंगल

13:09पार करने के बाद प्रेग्रेंट हिल्स जाने

13:12वाली मेन रोड पर आ गई

13:14थी हमें इधर ही उतार दो कपल बस से उतर कर

13:18जा चुका था उनको बस से उतर कर जाते देख

13:22कंडक्टर की आंखों में कुछ बेचैनी सी नजर आ

13:24रही थी कंडक्टर के समझाने के बाद भी बस

13:28में बैठी बूढ़ी औरत कभी पीछे मुड़कर उन

13:31तीनों अजीब पैसेंजर्स को देखती तो कभी

13:34सामने बैठे लड़के को अचानक ए लड़के मेरा

13:39पर्स लिया ना तुमने बूढ़ी औरत देखकर फायदा

13:42उठाता है हां क्या कहा मैंने पर्स उठाया

13:46मैं चोर नजर आता हूं क्या हां चोर ही नजर

13:48आता है तेरी शक्ल पर लिखा है तू एक नंबर

13:51का चोर है निकाल मेरा पर्स बूढ़ी की इस

13:54तरह आंखें दिखाकर चोरी का इल्जाम लगा देने

13:57से वल का भी बुरी तरह बौखला गया था आपकी

14:01उम्र का लिहाज कर रहा हूं वरना अरे क्या

14:04बेहद कीी है यह मैं तो जानता भी नहीं आपके

14:06पास फर्स था भी या नहीं बूढ़ी की आवाज

14:09लगातार बढ़ती जा रही थी और उसी के साथ अब

14:13लड़का भी गुस्से में आ गया था तू उतर नीचे

14:16तुझे मैं तेरी औकात दिखाती हूं अभी पुलिस

14:19को तेरी शिकायत करूंगी सीनियर सिटीजंस की

14:22ताकत अभी पता नहीं है तुझे समझा बूढ़ी और

14:25वो लड़का अब ड्राइवर के पास खड़े होकर बस

14:28रोकने के लिए चिल्लाना शुरू कर देते हैं

14:31उनका चीखना चिल्लाना देख ड्राइवर गुस्से

14:34में बस रोककर उन्हें जाने देता

14:37है अरे माता जी अब आप ऐसा करिए पुलिस

14:40बुलाइए अब पुलिस ही बताएगी मैं सही हूं या

14:43गलत पुलिस की जरूरत नहीं है मैं जानती हूं

14:46तुम बेकसूर हो लेकिन तुम मेरे पोते के

14:49उम्र के हो तुम्हें उस बस में अकेले नहीं

14:52छोड़ सकती थी इसीलिए मैंने यह सब किया

14:55मतलब वो सब ड्रामा था अरे आपको पता भी है

14:59आपने क्या किया इतनी रात को इस सुनसान रोड

15:02पर कहां जाएंगे हम कैसे जाएंगे तुमने देखा

15:06वो तीन लोग जो बस में चढ़े थे तुम कान में

15:09गाने लगाकर मस्त हो गए थे लेकिन मेरी यह

15:12बूढ़ी आंखें बहुत बेचैन थी मैं लगातार बस

15:16में हो रहे हर छोटे से छोटे इंसिडेंट पर

15:18नजर बनाए हुए थी मैंने देखा बस के पीछे की

15:23एक खिड़की खुली है जहां से ठंडी हवा आ रही

15:26है उस हवा से उन आदमी के कपड़े उड़े तब

15:30मैंने देखा उनके पांव ही नहीं थे बीच वाले

15:34आदमी के चेहरे पर बिखरे बाल हवा में उड़े

15:37तो मैंने देखा बीच वाले आदमी का चेहरा नाक

15:41मुंह कुछ नहीं था हमारे गांव में ऐसे

15:43लोगों को प्रेत कहा जाता है मैं कंडक्टर

15:46को उनके बारे में बताना चाहती थी मैंने

15:49पर्स से छोटा आईना निकाला उस आईने में

15:52कंडक्टर साफ दिखाई देना चाहिए लेकिन मेरे

15:56कोशिश करने के बाद भी मैंने देखा कंडक्टर

15:59का चेहरा आईने में दिखाई ही नहीं पड़ रहा

16:01है हम दोनों लकी हैं जो उन्होंने हमारे

16:05झूठे झगड़े पर भरोसा किया और हमें यहां

16:08उतार दिया आपका बहुत-बहुत धन्यवाद अगर

16:12आपकी बातें सच है तब तो ड्राइवर की जान को

16:15भी खतरा है पता नहीं उसके साथ क्या होगा

16:18चलो हम थाने में जाकर रिपोर्ट लिखा देते

16:20हैं बूढ़ी और लड़का थाने जाते हैं और सारी

16:24बातें बता देते हैं लेकिन इंस्पेक्टर को

16:26उनकी बेसिर पहर की बातों पर यकीन नहीं

16:29होता और वह उन्हें वहां से बाहर निकाल

16:32देता है दो दिन बाद पुलिस को बस तो मिल गई

16:35थी लेकिन यह घटना पुलिस के लिए एक अभुज

16:38पहली बन चुकी थी डीजल की बजाय खून से चलकर

16:41वह बस बिना किसी कैमरे की नजर में आए 100

16:45किलोमीटर दूर कैसे पहुंची इस सवाल का जवाब

16:48किसी के पास नहीं था वो तीन आदमी कौन थे

16:51उनकी कभी शिनाख्त नहीं हो सकी इस घटना के

16:54बाद पूरे चीन में डर की लहर दौड़ गई थी

16:58कहते हैं उस घटना के बाद भी कई बार रात के

17:01अंधेरे में रोड नंबर 375 की बस लोगों को

17:06नजर आ जाती

17:10है यह कहानी आपको अच्छी लगी हो तो हमें

17:13सब्सक्राइब करें हमारा

17:17[संगीत]

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