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0:00YouTube पर हर दिन 1 करोड़ से भी ज्यादा
0:02शॉट्स अपलोड होते हैं। और अगर इस नंबर की
0:04भीड़ में तुम सोच रहे हो कि डेली शॉट्स
0:06अपलोड करके वायरल हो जाओगे तो
0:08कांग्रेचुलेशन तुम 90% क्रिएटर्स की तरह
0:10एक रेड रेस में दौड़ रहे हो जिसका रिजल्ट
0:13होगा चैनल डेड। नहीं यह कोई क्लिकबेट नहीं
0:16है। मुझे एक चैनल को जीरो से ग्रो करने
0:18में सिर्फ 2 महीने लगे। लेकिन यह समझने
0:20में दो साल लग गए कि एक्चुअली में शॉर्ट्स
0:22का एल्गोरिदम कैसे वर्क करता है। सो इस
0:24वीडियो के एंड तक तुम्हें भी समझ में आ
0:26जाएगा कि क्यों तुम्हारे हर एक शॉट्स 1000
0:2812000 व्यूज के बाद फ्रीज हो जाते हैं और
0:30तुम कैसे YouTube स्टूडियो का यूज करके
0:32इसे फिक्स कर सकते हो।
0:36जब तुम एक नया शॉट अपलोड करते हो तो
0:38YouTube एल्गोरििदम तुम्हारे उस शॉट को
0:40कुछ फसेस में टेस्ट करता है। लाइक पहले वह
0:42100 लोगों को दिखाता है। फिर 200 उसके बाद
0:44500 इस तरीके से वो लगातार टेस्ट करता
0:47रहता है। लेकिन जब तुम अंधाधुंध शॉट्स
0:49अपलोड करते हो तो यही साइकिल ब्रेक होने
0:51लगता है। मतलब एल्गोरिदम का फोकस लगातार
0:53नए अपलोडेड शॉट्स पर शिफ्ट होता रहता है।
0:55इस वजह से कई बार पहले वाले शॉट को
0:57एल्गोरििदम प्रॉपर फसेस पर टेस्ट ही नहीं
0:59करता है। जिससे तुम्हारे शॉट्स 1000 1200
1:01या ज्यादा से ज्यादा 10,000 व्यूज पर दम
1:03तोड़ देते हैं। ठीक है? है लेकिन
1:05एल्गोरिदम को कितना टाइम चाहिए मेरे शॉट्स
1:07को टेस्ट करने के लिए? तो इसका आंसर सिंपल
1:10है। तुम्हें एक शॉट अपलोड करने के बाद 24
1:12आवर्स तक कोई भी दूसरा शॉट्स अपलोड नहीं
1:15करना है। और अगर वो शॉट फर्स्ट 24 आवर्स
1:17में अच्छा परफॉर्म करता है। लाइक तुम्हारे
1:19बाकी शॉट्स पर 1000 व्यूज आते थे बट उसमें
1:22दो-3000 व्यूज आ गए। तो ऐसे में तुम्हें
1:24उस शॉट्स को और 24 आवर्स के लिए छोड़ देना
1:26है। यानी अब टोटल 48 आवर्स के बाद तुम कोई
1:29दूसरा शॉट्स अपलोड कर सकते हो। चाहे
1:30प्रीवियस शॉट्स पर व्यूज आ ही रहा हो फिर
1:32भी। लेकिन ब्रो यह तो बात हो गई कि जब
1:34व्यूज आ रहा हो तो उसे कितना टाइम देना
1:36है। लेकिन हमारे शॉट्स पर तो स्टार्टिंग
1:38में ही व्यूज नहीं आता है। उसका क्या? ओके
1:40तो उसके लिए हमें समझना होगा पॉइंट नंबर
1:42वन इंप्रूवमेंट टाइम को। देखो शॉट्स में
1:45दो ही मैट्रिक्स सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट
1:47है। जिसके बिना कोई भी शॉट्स वायरल नहीं
1:49हो सकता। फर्स्ट व्यूड वर्सेस स्वाइप्ड
1:51अवे। मतलब कितने व्यूअर्स ने स्वाइप करने
1:53के बजाय तुम्हारा शॉट्स देखा। और सेकंड
1:55एवरेज व्यू ड्यूरेशन। व्यूअर्स एवरेज
1:57कितनी देर तक तुम्हारा शॉट्स देख रहे थे।
1:59अब ज्यादा शॉट्स अपलोड करने के चक्कर में
2:01तुम इन दोनों मैट्रिक्स पर फेल हो जाते
2:03हो। जिसका रिजल्ट होता है जीरो व्यूज।
2:05शॉट्स पर फास्ट ग्रो करने के लिए आइडियली
2:08तुम्हारे हर एक शॉट्स का स्टे टू वॉच रेट
2:1075% के ऊपर होना चाहिए। और एवरेज व्यू
2:13ड्यूरेशन 85% प्लस। लेकिन तुम्हारे पास
2:16टाइम ही नहीं होता है एनालिटिक्स एनालाइज
2:18करने, रिटेंशन चेक करने और ऑडियंस
2:20बिहेवियर को समझने का। तो तुम इंप्रूवमेंट
2:22कहां से करोगे? बस तुम लगातार एक के बाद
2:24एक डिजिटल कचरा अपलोड करते रहते हो। देखो
2:272026 का एल्गोरिदम क्वांटिटी नहीं
2:29क्वालिटी देखता है। ठीक है ब्रदर तो क्या
2:31हम क्वालिटी के लिए सप्ताह में एक शॉट
2:33अपलोड करें? बिल्कुल नहीं। देखो इस वीडियो
2:35का मेन कांसेप्ट है टाइम। मैं तुम्हें
2:37स्टार्टिंग से लेकर अब तक टाइम की ही कीमत
2:39बता रहा हूं कि एल्गोरिदम को भी टाइम
2:41चाहिए और तुम्हें भी। और जो तुम्हारे पास
2:43टाइम होगा उसका सही इस्तेमाल करने के लिए
2:45तुम्हें एक एग्जैक्ट ब्लूप्रिंट बनाना
2:47होगा। जिसका यूज करके तुम एक वायरल शॉट
2:49क्रिएट करोगे। लेकिन उससे पहले तुम्हें
2:51समझना होगा कि एक वायरल शॉट बनाने के लिए
2:53कौन-कौन सा फैक्टर कितना इंपॉर्टेंट होता
2:56है।
2:59सो एक शॉर्ट वीडियो का सबसे इंपॉर्टेंट
3:01पार्ट है आईडिया। वीडियो आईडिया से वायरल
3:04होगा। अगर तुम्हारा आईडिया सुनने के बाद
3:06ऑडियंस के दिमाग में क्यूरियसिटी का भूत
3:08नहीं जाग रहा तो तुम्हारा आईडिया कचरा है।
3:10फिर तुम चाहे 8K में शूट करा लो, शाहरुख
3:12खान के रेड चिल्ली स्टूडियो से एडिट करा
3:14लो, व्यूज नहीं आएंगे। सेकंड मोस्टेंट है
3:17हुक। तुम्हें फर्स्ट 3 सेकंड्स में पूरा
3:19फोकस लगा देना है। इंस्टा और YouTube के
3:21शॉर्ट फील्ड एक हाईवे की तरह है। जहां लोग
3:231000 की स्पीड से स्क्रॉल कर रहे हैं।
3:25उनको रोकने के लिए तुम्हें एक स्पीड
3:27ब्रेकर चाहिए और वो स्पीड ब्रेकर है
3:29तुम्हारा हुक। अगर यह कमजोर हुआ तो लोग
3:31स्वाइप कर जाएंगे। इसलिए स्टार्टिंग के 3
3:33सेकंड्स में तुम्हें पूरा जान फूंक देना
3:35है। एंड थर्ड है तुम्हारा यूनिक स्टोरी
3:37टेलिंग। यहां तुम्हें इमोशन के साथ खेलना
3:39होता है बिना एक भी सेकंड रुके। तुम्हें
3:41समझना होता है कि ऑडियंस क्या देखना चाहती
3:43है। ऑडियंस क्या सुनना चाहती है। ऑडियंस
3:45क्या फील करना चाहती है। ऑडियंस को गलती
3:47से भी बोर नहीं होने देना है क्योंकि यही
3:50तुम्हारा एवीडी कंट्रोल करता है। सो अब
3:52तुम समझ गए कि कौन सा चीज कितना
3:54इंपॉर्टेंट है। तो अब बनाते हैं तुम्हारा
3:56डेली रूटीन और समझते हैं सप्ताह में
3:58तुम्हें कितना शॉट्स अपलोड करना है।
4:03मान लो अगर तुम्हारे पास डेली 5 घंटे हैं
4:05एक शॉट क्रिएट करने के लिए तो तुम्हें 1
4:07घंटा आईडिया रिसर्च में लगाना है। आईडिया
4:09रिसर्च करने के लिए तुम इन तीन मेथड्स का
4:11यूज कर सकते हो। पहला ट्रेंडिंग आईडिया।
4:13अगर कुछ ट्रेंड में चल रहा है तो उसके
4:15अराउंड टॉपिक्स पर वीडियोस बनाने की कोशिश
4:17करनी है। दूसरा आउटलाइयर आइडियाज। तुम्हें
4:1910 से 20 स्मॉल क्रिएटर्स को सब्सक्राइब
4:21करना है जो तुम्हारी निश में है। और उनके
4:23ऐसे शॉट्स को देखना है जो एवरेज वीडियोस
4:26से अच्छा परफॉर्म कर रही है। बस वही है
4:28आउटलाइयर टॉपिक। ध्यान रहे सिर्फ टॉपिक
4:30उठाना है। पूरी वीडियो कॉपी मत कर लेना।
4:32और तीसरा है प्रूवन आइडियाज। तुम्हें ऐसे
4:34टॉपिक्स ढूंढना है जो कंटीन्यूअसली स्मॉल
4:37चैनल से लेकर बड़े चैनल्स तक सब में अच्छा
4:39परफॉर्म कर रही है। यह आउटलाइयर से थोड़ा
4:41डिफरेंट है क्योंकि आउटलाइयर टॉपिक्स
4:43रिसेंट एक साल के अंदर वाले होते हैं और
4:45वो हर चैनल्स पर दिख जाए यह भी जरूरी नहीं
4:48लेकिन वही एक प्रूवेंट टॉपिक्स का ज्यादा
4:50से ज्यादा चैनल्स पर होना बहुत जरूरी है।
4:52नाउ आईडिया कंफर्म करने के बाद एक घंटा
4:55हुक नहीं स्क्रिप्ट लिखने में लगाना है।
4:57क्योंकि पहली बात अगर तुम पहले हुक लिखोगे
4:59तो एडिएशन में प्रॉब्लम होगी। और दूसरी
5:01बात अगर तुम्हारे पास ऑलरेडी स्क्रिप्ट
5:04होगा तो तुम उसके हिसाब से हुक लिखोगे।
5:06वरना कई क्रिएटर्स हुक में कुछ और बोलते
5:08हैं और वीडियो में कुछ और ही होता है।
5:10इससे ऑडियंस का ट्रस्ट टूटता है। सो पहले
5:12स्क्रिप्ट लिखो। एक अच्छी स्टोरी क्रिएट
5:14करो। कम से कम और इजी वर्ड्स में ज्यादा
5:17चीजें एक्सप्लेन करने की कोशिश करो। नाउ
5:19उसके बाद एक घंटा हुक लिखने में लगाओ।
5:21तुम्हें कम से कम हर एक शॉट्स के लिए 10
5:23हुक्स लिखना है अलग-अलग तरीके से। उसके
5:25बाद 1ढ़ घंटा वॉइस ओवर शूटिंग और एडिटिंग
5:27वगैरह में लगाओ और लास्ट कम से कम 30 मिनट
5:30YouTube स्टूडियो को दो। देखो ऑडियंस
5:32रिटेंशन कितना है। कहीं स्टे टू वॉच रेट
5:3450% से नीचे तो नहीं जा रहा। समझो
5:36प्रॉब्लम आईडिया में है या स्टोरी टेलिंग
5:38बोरिंग हो रहा। सारे मैट्रिक्स को एनालाइज
5:40करो। अगर तुमने यहां का डाटा समझ लिया तो
5:42तुमने ऑडियंस को समझ लिया। और जिसने
5:44ऑडियंस को समझ लिया उसे ग्रो होने से कोई
5:47नहीं रोक सकता। यह रूटीन तुम्हें डेली
5:49फॉलो करना है। चाहे एक दिन में एक वीडियो
5:51बने या ना बने। डेली सीखो और हर वीडियो
5:54में कम से कम 1% का इंप्रूवमेंट करो। तो
5:56अब सवाल यह है कि हमें सप्ताह में कितने
5:58शॉट्स अपलोड करने चाहिए? तो अगर तुम एक
6:00बिगिनर या इंटरमीडिएट हो तो तुम्हें
6:02सप्ताह में दो से चार शॉट्स अपलोड करने
6:04चाहिए। क्योंकि मैंने तुम्हें जो डेली
6:06रूटीन बताया है इसे प्रॉपर तरीके से फॉलो
6:08करने में 5 घंटे, 10 घंटे, 1 दिन या दो
6:11दिन भी लग सकते हैं। इसलिए हफ्ते में
6:13तुम्हें मैक्सिमम चार शॉट्स ही अपलोड करना
6:15है। और हां, तुम्हें चार शॉट्स बनाने में
6:17एक सप्ताह लगना ही चाहिए। ऐसा नहीं कि चार
6:19दिन में चार शॉट्स अपलोड करके बाकी दिन
6:21बैठकर झुनझुना बजा रहे हो। और झुनझुना से
6:24याद आया मैंने एक वीडियो बनाया है
6:25फैक्टोहलिक और फैक्ट्स माइंड के फास्ट
6:27ग्रोथ के ऊपर जिसे अब तक 2 लाख से ज्यादा
6:30लोगों ने देख लिया है। देखो कहीं तुम ना
6:31मिस कर दो।