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0:09हेलो लर्नर्स वेलकम टू अनअकैडमी मेरा नाम है प्रांजल सिंह और हर रोज की तरह मैं आपसे मिल चुका हूं हमारे अनअकैडमी जुडिशरी चैनल पे रोज रात को 8 बजे ताकि हम पढ़ सके अपने नए क्रिमिनल लॉज और आपके इस कांसेप्ट को और भी ज्यादा शार्प कर सके और आप जिस भी करियर की तरफ बढ़ रहे हैं चाहे वो
0:25जजशिप हो या एडवोकेसी हो या इन जनरल अगर आप लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं तो आपके दिमाग में ये कॉन और ये जो हमारा न्यू क्रिमिनल लॉ है वो पूरी तरीके से क्लियर रहे तो आज भी हम अपनी क्लास लेके आ चुके हैं 8:00 बज चुके हैं सर और अभी हम अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले हैं भारतीय नागरिक सुरक्षा
0:39संहिता के एक और बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक की मैं बात कर रहा हूं एक ऐसा टॉपिक की जिसके बारे में मैं कई दिनों से आपको बता रहा था कि कुछ भी मिस कर देना लेकिन उस क्लास को मिस मत करना क्योंकि रियल कांसेप्ट यहीं पे बिल्ड होता है क्यों क्योंकि आप एफआईआर पढ़ते हैं अरेस्ट पढ़ते हैं बेल पढ़ते हैं
0:54या प्रोसीडिंग की इनीशिएशन को पढ़ते हैं इशू ऑफ प्रोसेस पढ़ते हैं समन पढ़ते हैं वारंट पढ़ते हैं ये सारी चीजें वो चीजें हैं जो आप इससे पहले सुन चुके हैं ये वो चीजें हैं जो आप न्यूज़ में रोजमर्रा की जिंदगी में सुनते हैं ये सारी चीजें आपके बैक ऑफ द माइंड में हमेशा सेव रहती है तो जब कभी भी आप खुद से भी किताब लेके
1:10बैठेंगे तो आपके दिमाग में चीजें क्लियर हो जाएंगी लेकिन आज का जो हमारा टॉपिक है वो इसलिए आपके लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्योंकि रियल क्रिमिनल प्रोसीडिंग इसी टॉपिक के ऊपर बेस्ड है और आज इसी टॉपिक को हम बड़ी आसानी से पढ़ के खत्म करेंगे और बड़ी आसानी से समझ भी लेंगे तो चलिए क्लास की होगी शुरुआत और सबसे पहले हम देख लेते
1:26हैं हरि राम जी का आया है राधे राधे जी बिल्कुल राधे राधे अमजद जी हाय समीर जाटव जी वेरी गुड इवनिंग विनीत जी गुड इवनिंग पंकज ब्लॉग्स गुड इवनिंग राम राम राम राम गुड इवनिंग जी अमजद जी शिवम जी प्रणाम नमस्कार राजू जी संध्या जी गुड इवनिंग विनीत प्रसन्न अमजद जी राजू कुमार राजू
1:46भाई सबको बहुत-बहुत नमस्कार गुड इवनिंग ठीक है चलिए हम शुरुआत करते हैं हमारे इस क्लास की हमारा आज का जो क्लास है बीएनएसएस यानी कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता पे वो होने जा रहा है ट्रायल के ऊपर अब ट्रायल क्या चीज है सर ये किस बला का नाम है इसी चीज को आज की क्लास में हम समझेंगे सेक्शंस को देखेंगे और मोस्ट
2:05इंपॉर्टेंट अभी से मैं आपको बता देता हूं एक चीज क्लियर कि इस क्लास को स्किप मत करना या इस क्लास को छोड़ के मत जाना क्योंकि आखिर में हम जो डायग्राम ड्रॉ करेंगे हम जो चार्ट ड्रॉ करेंगे आपका रियल कांसेप्ट वही चार्ट बिल्ड करेगा ठीक है तो बहुत इजी रहने वाली है क्लास बहुत आसानी से चीजें समझ में आएंगी बस आपको क्लास में
2:21थ्रू आउट एक्टिव रहना है और आज मुझे लग रही है थोड़ी सी ठंड तो कमेंट सेक्शन में थोड़ी सी गर्मी बढ़ा के रखना गर्मी से मेरा मतलब ये है कि एक्टिव रहना उससे ही मैं अपनी हीट ले लूंगा चलो तो हम बात करेंगे सबसे पहले आपके लिए सबसे बेस्ट ऑफर्स की तो आपको जैसा पता है मैं रोज
2:35आपको बताता हूं कि unacademy.com
2:59000 में ऐसे भी आपको बहुत सारे और भी ऑफर दिखेंगे जैसे 18+ 12 मंथ और 24 + 12 मंथ अगर आप इस ऑफर को अवेल करना चाहते हैं तो इस यहां पे डिस्क्रिप्शन में लिंक है आप उसको देख सकते हैं या कोड यूज़ कर सकते हैं हमारी unacademy.com
3:29में इसका सिलेबस क्या है सर इसका सिलेबस है सिविल लॉ और क्रिमिनल लॉ क्रिमिनल लॉ आप हमारे साथ ही पढ़ रहे हैं तो कोई दिक्कत की बात नहीं है सिविल लॉ भी हमारे इंडिया के सबसे बेस्ट एजुकेटर्स आपको पढ़ा रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं होगी ये एग्जाम होने वाला है नवंबर 17 सुबह 11:00 बजे और इस एग्जाम की खास बात क्या है यहां
3:44हम आपसे पूछेंगे 100 सवाल 100 सवालों का जवाब अगर आपने अच्छे से दिया और अगर अच्छे से स्कोर किया तो आपको मिलेगा अप टू 100% तक की स्कॉलरशिप यानी कि अनअकैडमी में जुडिशरी की तैयारी कंपलीटली फ्री और उसके साथ ही साथ ₹1000000 तक का कैश वाउचर भी आई होप ये चीज आपके लिए हेल्प हो और आप इस
4:00चीज को यूटिलाइज भी जरूर करेंगे चलिए विनीत जी मुझे याद है लखीमपुर खिरी से वेरी गुड इवनिंग कुमार जी गुड इवनिंग नूर जी वेरी गुड इवनिंग नमस्ते अ धीरा जी समीर जी जय श्री कृष्णा सर जय श्री कृष्णा गुड इवनिंग गुड इवनिंग चलो एग्जाम पैटर्न ऑफ स्कॉलरशिप टेस्ट प्लीज अच्छा ध्रुव जी आपको कुछ नहीं करना है आपको बस यहां पर
4:21रजिस्टर करना है सुबह 11 बजे 1 घंटे का ये टेस्ट होने वाला है 100 सवाल आपसे पूछे जाएंगे एमसीक्यू बेस्ड क्वेश्चन होंगे सिविल और क्रिमिनल लॉ से होंगे बस इतना ही सही तो है चलो अब आखिर में एक और बात बता देता हूं ये है मेरे
4:59ा पे मिल जाएगा या आप इस क्यूआर कोड को भी स्कैन कर सकते हैं चलिए आगे बढ़ते हैं और अब शुरुआत करते हैं हम अपने क्लास की क्लास शुरू होने वाली है और सबसे पहले मैं जिस स्लाइड को दिखा के आपको बोर करता हूं वही दिखाऊंगा लेकिन ये बोर वा होने वाली बात नहीं है ये कांसेप्ट बनाने वाली बात
5:14है ध्यान से देखो सबसे पहली बात आती है क्या किसी भी क्रिमिनल ऑफेंस में सबसे पहले क्या होना चाहिए कोई अपराध ये हम पढ़ चुके हैं सर उसके बाद उसकी इंफॉर्मेशन यानी कि एफआईआर होना चाहिए उसके बाद इन्वेस्टिगेशन यानी कि तहकीकात होनी चाहिए उसके बाद किसी को अरेस्ट किया जा सकता है अरेस्ट इससे पहले भी किया जा सकता है उसके
5:32बाद अगर किसी को अरेस्ट किया है तो बेल भी मिलेगा इस बेल के बाद हमने दो-चार चीजें और पढ़ी जैसे कि चार्ज कैसे बनाया जाता है इशू ऑफ प्रोसेस कैसे होता है ये सारी की सारी चीजें हमने देखी और प्रोसीडिंग के लिए कमिट कैसे किया जाता है यानी कि जो आपका मजिस्ट्रेट है उसके सामने केस को कमिट कैसे किया जाता है और उसके बाद आता
5:51है हमारा आज का टॉपिक जो कि है ट्रायल जो कि दिया हुआ है चैप्टर नंबर 19 ऑफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जिसको आज हम पढ़ने वाले हैं आई होप यह बात आपको समझ में आ गई हो लेट्स स्टार्ट बिल्कुल बिल्कुल अच्छा विनीत जी आप लोग कर चुके हैं समीर जी नहीं आज देखिए मेरे पास दो ऑप्शन थे कि मैं
6:07सारे के सारे जितने भी टाइप के ट्रायल है उनको आज ही की क्लास में खत्म कर दूं लेकिन आज मैं पूरा ट्रायल खत्म नहीं करूंगा आज मैं मेनली फोकस करूंगा ट्रायल के कांसेप्ट को ट्रायल को याद करवाने में उसका स्ट्रक्चर बताने में और कल की क्लास में हम पूरा का पूरा ट्रायल और जो बाकी का जो ट्रायल के प्रोविजन बच जाएंगे उसको
6:21खत्म कर देंगे ठीक है तो यह बात मैं अभी से क्लियर कर देता हूं इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है चलिए ये बात हो गई हमारी अब हम दूसरी चीज क्या देख रहे हैं अभी हम सफर पे चल रहे हैं ना यहां हमने ऑफेंसेस वाले पोर्शन को देख लिया सबसे पहले होता है कोई अपराध उसके बाद सीन में आती है पुलिस
6:36पुलिस क्या करती है सर इस अपराध की रिपोर्टिंग करती है और उसके बाद ये तय करती है कि ये जो अपराधी है या ये जो विक्टिम है इसको न्याय मिले और अपराधी को सजा और ये दोनों चीजें पुलिस तो नहीं दे सकती तो पुलिस को केवल एक प्रोसेस को कंप्लीट करना होता है पुलिस जैसे ही प्रोसेस को कंप्लीट करती है उसके बाद उस
6:51व्यक्ति को वो कहां लेके जाती है सर जज साहब के पास जो बैठते हैं कहां पे कोर्ट में और यही कोर्ट जिस प्रोसेस के तहत यह तय करती है कि कोई इंसान गलत है या नहीं उसी को हम कहते हैं ट्रायल जो हमारा आज का टॉपिक है यहां तक सबको सारी बातें समझ में आ गई ना यहां तक सबको सारी बातें समझ में
7:09आ गई ठीक है ठीक है चलो पंकज जी कह रहे हैं वेरी हेल्पफुल थैंक यू सो मच हां हां ट्रायल का कांसेप्ट लंबा भी है मैं एक क्लास में जबरदस्ती पढ़ा दूं तुम्हें कुछ समझ ना आए तो मतलब नहीं है बहुत ज्यादा जरूरी है कि कांसेप्ट समझ में आ जाए कि अगली बार अगर कुछ बोले तो आपको बहुत आसानी से चीज अगर आप टेस्ट
7:27के लिए रजिस्टर करना चाहते हैं तो नीचे यहां पे लिंक मिल जाएगा डिस्क्रिप्शन में अगर लिंक नहीं दिख रहा है तो आप अनअकैडमी जुडिशरी अगर google2 स्कॉलरशिप टाइप करिएगा स्कॉलरशिप टेस्ट आपको मिल जाएगा नहीं तो वेट करिए मैं आपको ये स्कॉलरशिप टेस्ट बाद में इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में डलवा दूंगा ठीक है चलो हम शुरुआत कर चुके हैं अपने
7:44कांसेप्ट से बिल्कुल अच्छी तरीके से इस कांसेप्ट को समझना है और बड़ी आसानी से अगर कोई डाउट है तो आपको नीचे यहां कमेंट सेक्शन में पूछ लेना है ठीक है चलो सबसे पहले मैं शुरुआत कहां से करता हूं किसी भी कांसेप्ट के मतलब से तो सबसे पहले बेसिक मतलब पे ही जाते हैं अगर आप अगर आप
8:29का मतलब ये नहीं होता जिसने अपराध किया है अक्यू ज्ड का मतलब है वो व्यक्ति जिसके ऊपर ऐसा आरोप है शंका है डाउट है कि ये आदमी अपराधी हो सकता है कोर्ट क्या करती है एक प्रोसेस चलाती है किसके खिलाफ एक्यूज्ड के खिलाफ क्यों ताकि एक्यूज्ड को सजा और विक्टिम को न्याय मिल पाए और इस प्रोसेस में वो क्या करती है एविडेंस लेती
8:49है विटनेसेस को देखती है ठीक है और इस पूरे के पूरे प्रोसेस को चलाने को कहते हैं हम क्या ट्रायल जिसके आखिर में क्या होता है सर आखिर में यह तय किया जाता है कि कोई व्यक्ति दोषी है या नहीं यहां तक कांसेप्ट क्लियर है यहां तक कांसेप्ट क्लियर है कौन सा ट्रायल बताएंगे अभी हम डिस्कस करने वाले हैं सेशंस ट्रायल सबसे पहले तो
9:10सेशंस ट्रायल ही पढ़ते हैं ना सबसे पहला चैप्टर नंबर 19 तो वही है चलो देखो मैं अभी से फिर से तुम्हें बता देता हूं क्लास अभी चल रही है चुपचाप इसको अच्छे से समझो बहुत मजा आएगा चुपचाप भी नहीं आप कमेंट सेक्शन में जो बोलना चाहे बोल सकते हैं ये मत सोचो कि नहीं वॉरंट ट्रायल हमें पढ़ना
9:25था सेशन पढ़ना था समरी पढ़ना था क्लास को तुम देखो और अगर तुम्हें एक पॉइंट पे भी ऐसा लगे कि नहीं ये नहीं करना था कुछ ऐसा करना चाहिए था तो मुझे बताना ठीक है बहुत ज्यादा सोच विचार करने के बाद हम क्लास को डिजाइन करते हैं कि क्लास कैसी चलनी चाहिए चलो उसके बाद अब हम जब कभी भी ट्रायल के
9:40बारे में बात करेंगे तो याद करो जब मैं आपको समन और वारंट के बारे में बता रहा था तो मैं 2 ज और 2x में लेके गया था डेफिनेशन क्लॉज में तो जब कभी भी हम किसी कांसेप्ट को पढ़ते हैं ना किसी एक्ट में तो सबसे पहले हमें जाना होता है सेक्शन नंबर टू की तरफ ताकि डेफिनेशन क्लॉज में
9:53उसका कोई मतलब है तो ढूंढ लो क्योंकि एग्जाम में एग्जामिनर की नजर सबसे पहले बहा जाती है तो अगर आप ट्रायल नाम का शब्द ढूंढने जाओगे ना तो ट्रायल नाम का शब्द डेफिनेशन क्लॉज में नहीं है नहीं है मैं बता देता हूं लेकिन जो 2m है डेफिनेशन क्लॉज का किसकी डेफिनेशन क्लॉज बीएनएसएस यानी कि बीएनएसएस का सेक्शन नंबर टू का जो
10:12एम है वो जुडिशियस प्रोसीडिंग को डिफाइन करता है अब आप बोलेंगे कि सर जुडिशियस प्रोसीडिंग और ट्रायल में तो फर्क होता है बिल्कुल होता है लेकिन ट्रायल को समझने के लिए इसका रेफरेंस लिया जा सकता है लेकिन यह ट्रायल नहीं है दोनों में फर्क भी बताता हूं सबसे पहले देखो कि डेफिनेशन क्लॉज का 2m बोलता क्या है ये कहता है
10:27जुडिशियस प्रोसीडिंग इंक्लूड्स एनी प्रोसीडिंग इन द कोर्स व्हिच एविडेंस इज और मे बी लीगली टेकन ऑन ओथ ये कह रहा है कि कभी भी कोई भी प्रोसेस जहां पे आप क्या कर रहे हैं किसी एविडेंस को लीगली क्या क्या ले रहे हैं एविडेंस को ले रहे हैं लीगली ओथ पे यानी कि आपको ओथ दिलाई जा रही है और उसके बाद आप सबूत यहां पे पेश कर
10:46रहे हैं जुडिशियस प्रोसीडिंग ट्रायल से अलग है क्यों क्योंकि ट्रायल जो है वो एक कम एरिया का पार्ट है और जुडिशियस प्रोसीडिंग बहुत ब्रॉड पार्ट है कॉग्नाइजेंस लेने वाले प्रोसेस को भी आप क्या कह सकते हो कि वहां पे आप एक ट्रायल चला सॉरी आप एक जुडिशियस प्रोसीडिंग चला रहे हो ठीक है ठीक है बिलो 10 ईयर ऑफ
11:05पनिशमेंट ट्रायल बाय सेशन जज नहीं नहीं नहीं नहीं बिलो 10 ईयर पनिशमेंट आपका सेशन जज चलाएगा ये कैसे फिर 10 ईयर से ज्यादा कौन चलाएगा सेशन जज से ज्यादा बड़ा कोई जज होता है क्या नहीं चलो अरे मैं अभी बता रहा हूं ठीक है स्टेप वाइज 193 बीएनएसएस के बीएनएसएस के बाद बताया जाए प्लीज चिंता मत करें
11:25आपको हम सब स्टेप वाइज बता रहे हैं अभी तो शुरू भी नहीं हुआ है यार जस्ट वेट करो और दे खते जाओ ठीक है चलो बहुत बढ़िया अब हम आखिर में सबसे पहले वाली चीज आखिर वाली जो चीज है उसको सबसे पहले देख लेते हैं ट्रायल होता क्या है मैं अभी बताऊंगा ट्रायल का थोड़ा आईडिया आपको लग गया है
11:41लेकिन ट्रायल एक्चुअल में आपके लिए इंपॉर्टेंट क्यों है वो है यह पीछे की स्लाइड ट्रायल एक ऐसा प्रोसेस है पूरी क्रिमिनल प्रोसीडिंग में जो आपको क्या बताता है कि आखिरकार उस व्यक्ति को सजा होगी या उस व्यक्ति को बाइज्जत बरी कर दिया जाएगा मूवीज में बोला जाता है ना वो ट्रायल का पार्ट है यानी कि एक्चुअल में
12:00जो पूरा का पूरा क्रिमिनल प्रोसेस का पार्ट है जो कि बहुत लंबा है उसमें बहुत सारे डायमेंशन हैं लेकिन जो सबसे मेजर चंक है जहां पे सबसे ज्यादा काम होता है और सबसे इंपॉर्टेंट चीजें करी जाती हैं वो है ट्रायल अब इस कांसेप्ट को अपने दिमाग में बैठा हो कैसे देखो एक मान लो एक सफर है क्रिमिनल ट्रायल एक सफर है तो इस सफर की
12:20शुरुआत होगी किससे सर क्राइम से क्राइम के बाद क्या होगा सर एफआईआर होगा एफआईआर के बाद क्या होगा सर इन्वेस्टिगेशन होगी इन्वेस्टिगेशन के बाद क्या होगा सर अरेस्ट होगा और बेल भी हो सकता है हो सकता है अरेस्ट बेल इससे पहले हो जाए जब ये पूरा का पूरा इन्वेस्टिगेशन हो गया तो बनती है क्या एक रिपोर्ट अब ये रिपोर्ट के बाद
12:39मामला जाता है मजिस्ट्रेट के पास मजिस्ट्रेट ये तय करता है कि ये मामला मेरे पास चलना चाहिए या यह बहुत सीरियस अपराध है तो उसको ऊंची की अदालत में भेज यानी कि सेशंस कोर्ट के पास भेजें अब उसके बाद क्या होता है यह मामला जिस कोर्ट में चलना है वहां यह मामला पहुंचता है और यह ट्रायल चलना शुरू हो जाता है बात समझ में
12:57आ रही है और फिर ये ट्रायल चलना शुरू होता है ये पूरा प्रोसेस है क्या ट्रायल का और ट्रायल के अंत में क्या आता है सर यहां पे आता है जजमेंट और आखिर में एक ऑप्शन होता है अपील का यानी कि आप देख रहे हो कि यहां पे जो कुछ भी हुआ जिस दिन ये क्राइम घटा उस दिन ही इसकी नियति तय हो गई थी कि एक
13:15फैसला आएगा और ये बात तय करेगा कि हमारे इस व्यक्ति को जिसके खिलाफ अपराध हुआ उसको उसको क्या मिलेगा न्याय मिलेगा यानी कि एक जजमेंट आएगा जो उसको न्याय देगा अब ये जो जजमेंट है ये किसका रूप है ये ट्रायल का आखरी स्टेज है यानी कि ट्रायल जब शुरू होता है तब उसके आखिर में जजमेंट आना ही
13:33है यह बात आपको समझ में आ रही है वेरी गुड इवनिंग शिवांश जी चार्ज के बाद ट्रायल करेक्ट करेक्ट करेक्ट हेलो हेलो हेलो बलविंद्र जी चलो बहुत बढ़िया अब देखते जाओ ठीक है यह वाली बात हमने समझ ली अब हम अपने सारे के सारे चीजों को देखने वाले हैं जो मैंने वहां पे ड्रॉ किया उसको मॉडर्न तरीके से समझो दिमाग में बात बैठ
13:52जाएगी सबसे पहले क्या काम है पुलिस का काम है पुलिस का काम क्या है पुलिस का काम है कि वो कभी भी कोई क्राइम हुआ तो उसको क्या करें उसको तहकीकात करें और उसकी रिपोर्ट दर्ज करें उसके बाद वोह क्या करती है मजिस्ट्रेट के पास ले जाती है क्या रिपोर्ट यानी कि जो भी उसने तहकीकात यानी कि इन्वेस्टिगेशन किया पुलिस उसकी रिपोर्ट
14:11लेके जाती है मजिस्ट्रेट के पास अब मजिस्ट्रेट क्या करता है हमने इस बात को देखा है कि मजिस्ट्रेट अगर मामला जो है आज हम जिस ट्रायल को पढ़ने वाले हैं वो है सेशंस ट्रायल सेशंस ट्रायल ही सबसे पहले पढ़ा जाता है तो जो सेशंस ट्रायल है मजिस्ट्रेट क्या करता है अपना जो यह ट्रायल है अपना जो यह केस है अगर वो
14:28देखेगा कि इसकी सजा तो केवल सेशंस कोर्ट ही दे सकता है क्यों क्योंकि इसमें मैक्सिमम पनिशमेंट डेथ है मेरे पास तो जो पावर है वो केवल 7 साल तक की है तो उस सिचुएशन में मजिस्ट्रेट इसको क्या करेगा सेशंस कोर्ट भेज देगा अब सेशन कोर्ट क्या करेगा सेशन कोर्ट पूरा का पूरा प्रोसेस चलाएगा ट्रायल का लेकिन इस बात को ध्यान
14:45रखना कि ट्रायल का प्रोसेस चलाने से पहले सेशंस कोर्ट के पास ये पावर होती है कि वो पहले दिन केस को सुने जब वो पहले दिन केस को सुना और उसको सुन के लगा कि नहीं नहीं यह केस मेरे पास का नहीं है नीचे वाला मजिस्ट्रेट जो है गलत सोच रहा था तो सेशंस कोर्ट के पास पास देखो एक और एरो आ रहा है
15:00सेशंस कोर्ट के पास ये पावर है कि ये केस वापस मजिस्ट्रेट के पास भेज दे और अगर उसने ये लगा कि ये मजिस्ट्रेट के पास जाना चाहिए तो केस वापस भेज दिया और अगर लगा कि नहीं ये केस तो मेरा ही है तो उस सिचुएशन में वो ट्रायल चलाएगा जिसके आखिर में आता है जजमेंट और जिसका आखिरी रूप क्या है सर
15:18उसका आखिरी रूप है अपील यानी कि अपील पे जो व्यक्ति है जिसके भी खिलाफ जजमेंट आया है वो जा सकता है यहां तक यहां तक बात समझ में आई यहां तक बात समझ में आई गुड इवनिंग आकांशा जी वेरी गुड इवनिंग चलो अगर यहां तक बात समझ में आ गई तो अब तुम बहुत अच्छे से बहुत सारी चीजों को समझ जाओगे चलिए अब
15:36हम सबसे पहले देख रहे हैं कि हमारे यहां पे जितने भी टाइप के ट्रायल हैं वो कौन-कौन से हैं सबसे पहले आता है सेशंस ट्रायल सेशंस ट्रायल का मतलब क्या होता है सेशंस ट्रायल का मतलब होता है वो ट्रायल जो कि एक्सक्लूसिवली सेशंस कोर्ट में चलता है ठीक है जिसको आज हम बहुत अच्छे से समझने वाले हैं बिल्कुल याद हो जाएगा
15:52चिंता मत करना उसके बाद आता है वारंट ट्रायल वारंट ट्रायल क्या है जो वारंट केसेस में चलता है उसके बाद आता है समन ट्रायल समन ट्रायल कौन सा है जो समन केसेस में चलता है फर्क क्या है ये 2 साल से ज्यादा सजा वाले हैं ये 2 साल से कम सजा वाले हैं और उसके बाद आता है एक समरी
16:06ट्रायल यानी कि जो माइनर ऑफेंसेस होते हैं ना उनको जल्दी निपटारा करने के लिए समरी ट्रायल चलाया जाता है अब ये ट्रायल के चार टाइप्स हैं जो आपको याद रखने हैं लेकिन मैं आज केवल इस पे फोकस क्यों कर रहा हूं क्योंकि अगर आपने इसको समझ लिया ना तो अगर इसका स्ट्रक्चर आपके दिमाग में बन गया तो
16:20ये बाकी के तीन आपके लिए समझना बहुत ज्यादा आसान हो जाएगा चलिए अब इस बात को भी समझने की कोशिश करते हैं सबसे पहले ये देखते हैं कि ये स्ट्रक्चरिंग है कैसी सबसे पहले आता है सेशंस ट्रायल जो कि दिया हुआ है चैप्टर नंबर 19 सेक्शन नंबर 248 से 260 तक उसके बाद आता है वारें ट्रायल जो
16:36दिया हुआ है अगले चैप्टर नंबर 20 में 261 से 273 तक यही सबसे बड़ा ट्रायल है उसके बाद आता है समन ट्रायल ये है चैप्टर नंबर 21 सेक्शन सेक्शन नंबर 274 से 282 और उसके बाद आता है समरी ट्रायल जो कि है चैप्टर नंबर 22 सेक्शन नंबर 283 से 288 अब ये सेक्शन नंबर मैंने क्यों बताए जस्ट आपको
16:54आईडिया देने के लिए कि ये जो ट्रायल वाला चंक है ये कितना बड़ा है और ये कैसे वर्क करता है चलिए अब हम अपनी पढ़ाई को बड़ी ईमानदारी से शुरू करते हैं मैं अभी से बता देता हूं कि मैं आगे कैसे डील करने वाला हूं ताकि आपको किसी भी प्रकार का कोई डाउट ना हो ठीक है कोई कुछ कह रहा है क्या
17:12डिस्ट्रिक्ट जज डिस्ट्रिक्ट जज नहीं डिस्ट्रिक्ट जज जो है वह सिविल मैटर का होता है हम सेशन जज की बात कर रहे हैं लेकिन आप बिल्कुल सही है डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज एक ही डेजिग्नेशन दी जाती है आमतौर पे जजेस को ठीक है 18 19 ठीक है 20000 वेरी गुड चलो बहुत बढ़िया बहुत ही बढ़िया बहुत ही बढ़िया अब हम क्या
17:33करेंगे मैं आपको अभी से बता देता हूं अब मैं लाइन से आपको सेक्शंस पढ़ाऊंगा ठीक है अब आप बोलोगे क्या बोरिंग काम कर रहे हो सर सेक्शन पढ़ा रहे हो मजा आएगा सुनना और इन सारे के सारे सेक्शंस को पढ़ने के बाद हम एक बोर्ड में एक डायग्राम बनाएंगे और वो डायग्राम अपने आप में इतना सफिशिएंट होगा कि आपको पूरा का पूरा ट्रायल केवल एक
17:49पेज में याद हो जाएगा एक पेज में खुद अपने हाथ से ड्रॉ करके याद कर लोगे ठीक है सबसे पहला सेक्शन आता है 232 अब आप बोलोगे कैसी बात कर रहे हो सर आपने तो कोई दूसरा सेक्शन बताया था याद करो जब हमने कमिटल के बारे में बात करा था तो हमने सेक्शन नंबर 232 में देखा था कि जब कभी भी मजिस्ट्रेट
18:04के पास क्या आएगा जब कभी भी किसी मजिस्ट्रेट के पास मजिस्ट्रेट के पास जब कभी भी कोई रिपोर्ट आती है और मजिस्ट्रेट क्या कर लेता है सर उसका कॉग्नाइजेंस ले लेता है तो उस सिचुएशन में कॉग्नाइजेंस लेने के बाद अगर मजिस्ट्रेट को यह लगता है कि यह केस तो केवल सेशंस कोर्ट देख सकता है क्योंकि यह केस तो सर मर्डर का है तो
18:27उस सिचुएशन में सेक्शन नंबर 232 ऑफ दी न्यू क्रिमिनल लॉ बोलता है कि मजिस्ट्रेट का काम है कि इस केस को कोर्ट ऑफ सेशन में भेज दें यानी कि पहला सेक्शन हमने देख लिया 232 जो क्या बोलता है कि अगर मजिस्ट्रेट के पास कोई मामला आया और मजिस्ट्रेट को देख के लगा कि ये केस तो केवल सेशंस को डील कर सकती है तो वो सीधे
18:44उठाएगा और वो केस मजिस्ट्रेट के पास सॉरी सेशंस कोर्ट के पास भेज देगा अब हमारा 248 सेक्शन से शुरू होता है पहला सेशंस ट्रायल का जो सेक्शन है वहां से बात अब शुरू हो रही है गुड इवनिंग गुड इवनिंग कुमार जी चलिए ठीक है अब ये क्या कहता है उ इस बात को ध्यान से देखना इन एवरी
19:02ट्रायल बिफोर अ कोर्ट ऑफ सेशन हर एक ट्रायल जो कोर्ट ऑफ सेशन यानी कि सेशंस कोर्ट के सामने चल रहा है वहां पे द प्रोसीक शैल बी कंडक्टेड बाय अ पब्लिक प्रोसीक ये बोल रहा है प्रॉसिक्यूट किसके द्वारा कराया जाएगा पब्लिक प्रोसीक के द्वारा सबसे पहला सवाल ये उठता है कि प्रोसीक कौन अब ध्यान से देखो जब कभी भी
19:19कोई केस होगा तो एक होगा पीड़ित व्यक्ति जिसके खिलाफ क्राइम हुआ है और एक होगा एक्यूज्ड व्यक्ति जिसने क्राइम किया है ऐसा आरोप है बात समझ में आ गई केस होगा तो एक वह व्यक्ति होगा जिसके खिलाफ क्राइम हुआ है एक वह व्यक्ति होगा जिसके ऊपर आरोप है कि इसने क्राइम किया है तो जो प्रॉसिक्यूट का साइड है इसका मतलब होता है
19:38विक्टिम का साइड यानी कि जो विक्टिम की तरफ से लड़ता है उसको कहते हैं प्रोक्यू और जो एक्यूज्ड की तरफ से लड़ता है उसको कहते हैं डिफेंस तो यहां पे क्या कह रहा है यहां पे कह रहा है कि विक्टिम की तरफ से कोर्ट ऑफ सेशन में जब कभी भी कोई केस लड़ा जाएगा तो वह कौन लड़ेगा सर पब्लिक
19:53प्रॉसिक्यूटर अब यह पब्लिक प्रोसीक किस बला का नाम है पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और कोई भी नहीं सरकार के द्वारा अपॉइंटेड वकील होता है मतलब कि आपने देखा होगा एपीओ वगैरह के एग्जाम होते हैं ना वो इसी चीज का एग्जाम है तो बेसिकली ये क्या है ये पब्लिक प्रोसेक है पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एक बड़ा व्यक्ति होता है उसके नीचे कई सारे
20:08असिस्टेंट पब्लिक प्रोसीक वगैरह काम करते हैं तो उनका ये काम होता है कि कोर्ट में वो लोग जाएं और जाके केस लड़ें सबसे पहला सवाल कि सरकार इस बात की इतनी चिंता क्यों कर रही है कि विक्टिम की तरफ से हमारा वकील लड़ेगा यानी सरकार अपने खर्च से वकील क्यों दे रही है क्योंकि जब कभी भी कोई
20:22क्राइम होता है तो वो हमेशा ऑफेंस अगेंस्ट दी स्टेट होता है हमेशा ये माना जाता है कि अगर कोई क्राइम हुआ है तो वो ट के अगेंस्ट क्राइम हुआ है ठीक है मुकेश जी वेरी गुड इवनिंग चलिए सरकारी अधिवक्ता बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया गवर्नमेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बिल्कुल करेक्ट बात है चलिए यहां तक हमें 248 तक समझ में आ गया
20:39बिल्कुल बने रहना अभी चार्ट मैं बनाऊंगा और तुम्हें सारी की सारी बातें समझ में आ जाएंगी उसके बाद आता है ओपनिंग ऑफ दी केस सबसे पहले क्या बोल दिया गया कि भैया पब्लिक प्रोसेक लड़ेगा इस बात को ध्यान रखना अब केस की शुरुआत हो रही है सर अब सेशंस कोर्ट में मामला पहुंच चुका है आप यानी कि आप लोग जो जज बनना चाहते हैं आप
20:54इधर बैठे हैं सेशंस कोर्ट के जज के रूप में और अब मामला चलेगा कैसे वो कहानी का राज खुलने वाला है सेक्शन नंबर 249 में क्या कहता है ओपनिंग ऑफ द केस बाय द प्रोक्यू व्हेन एन एक्यूज्ड अपीयर्स इन कोर्ट आफ्टर द केस कमिटमेंट अ अंडर सेक्शन 232 द प्रोसीक स्टार्टस द ट्रायल बाय प्रॉसीक्यूशन क्या करेगा हमेशा ट्रायल को
21:13स्टार्ट करेगा डिस्क्राइबिंग द चार्जेस यानी कि सबसे पहले वो जज साहब को बताएगा कि सर इसके ऊपर ये ये ये आरोप हैं इसके ऊपर मर्डर का आरोप है इसके ऊपर रेप का आरोप है इसके ऊपर यह एक और सेक्शन लगा हुआ है यह भी आरोप है तो यह जो जितने भी चार्जेस लगे हैं अब ये चार्जेस क्या होता
21:27है मैंने आपको पहले एक वीडियो में बहुत अच्छे से समझाया है तो ये चार्जेस जो है उसके खिलाफ उसको एक्सप्लेन करेगा कि कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं कौन-कौन से आरोप इस व्यक्ति के ऊपर हैं उसके बाद अपने एविडेंस को क्या करेगा आउटलाइन करेगा यानी कि वो ये बताएगा जज साहब को कि सर मैं इन इन एविडेंसेस के ऊपर अपना केस बेस कर रहा
21:43हूं यानी कि ये मर्डर का केस है सबसे पहला मेरे पास जो एविडेंस है वो है ये चाकू जो मिला उसके बाद ये तीन लोग जिसके सामने ये हुआ तो वो अपने एविडेंस का जिक्र करेगा एविडेंस को कोर्ट में प्रेजेंट नहीं कर रहा है बस जज साहब को बता रहा है कि सर इतने आरोप हैं और हमारे पास इतने सबूत हैं
21:58इसीलिए अब आप केस की शुरुआत करिए तो बेसिकली 249 और कुछ भी नहीं जज साहब को एक आईडिया दिया जा रहा है कि सर हम मैं अपने हथियार आपको दिखा रहा हूं मेरे पास हथियार पूरे हैं अब आप मैच की शुरुआत करिए सीटी बजाइए तो बेसिकली आपने क्रिकेट मैच देखा होगा वहां जब कभी भी बारिश होती है तो
22:12रेफरी क्या करते हैं सबसे पहले आके ग्राउंड को चेक करते हैं कि ये ग्राउंड खेलने लायक है कि नहीं तो यहां पे भी आप ये समझ लीजिए कि एक परमानेंट बारिश होती है बस पब्लिक प्रोसीक को आके दिखाना होता है कि मैंने इस ग्राउंड का पानी साफ कर दिया है और या मेरे पास ऐसे हथियार है कि
22:25मैं यहां पे मैच करवा सकता हूं अब आप अपोनेंट टीम को बुलाइए ताकि मैं मैच की शुरुआत कर पाऊं ठीक है ये बात हुई 249 में उसके बाद आता है डिस्चार्ज अब देखो सबसे बड़ा गेम क्या होता है सबसे इंटरेस्टिंग बात तो तुम्हें यही देखने को मिल जाएगी स्टेट हैज ड्यूटी टू प्रोडक्ट ठीक है सर एक लेडीज का फेस काट दिया
22:45काश मर कर तो इस मैटर में विक्टिम का केस जी लड़ेगा क्या कि एक लेडी का फेस काट दिया कैची मार कर तो इस मैटर में हां हां बिल्कुल क्रिमिनल केस है हर एक क्रिमिनल केस में पब्लिक प्रो टर रहता ही है भले आप अपना एक वकील और खड़ा करवा दो वहां पे ठीक है चलिए बहुत बढ़िया 249 शिप्र जी को तो ब
23:04भी याद है नानावती स्टेट ऑफ महाराष्ट्र वेरी गुड ऑनलाइन केस में प्रोसीडिंग किया हुआ कैसे देख पाएंगे सुझाव दीजिए ऑनलाइन केस में प्रोसीडिंग्स किया हुआ देखिए ऑनलाइन प्रोसीडिंग आप हर कोर्ट में नहीं देख सकते हाई कोर्ट में कई जगहों पर ऑनलाइन है नहीं है आप ऑनलाइन केस स्टेटस चेक कर सकते हैं उस कोर्ट की वेबसाइट में जाकर केस नंबर डाल के ठीक
23:24है ठीक है चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं ध्यान से दे देखना उसके बाद क्या होता है डिस्चार्ज हमने इससे पहले क्या देखा दोबारा देखो सबसे पहले बोल दिया कि पब्लिक प्रोसेक केस चलाएगा उसके बाद हमने क्या देखा पब्लिक प्रोसेक आएगा और जज साहब को अपने हथियार दिखाएगा कि ये आरोप है ये सबूत है केस चलाओ अब जब जज साहब पब्लिक
23:41प्रोसीक की बात सुनेंगे तो जरूरी नहीं है कि पब्लिक प्रॉसिक्यूटर हमेशा सही बात कह रहा हूं मान लो जज साहब ने देखा और बोला यार ये ना चार्जेस तुम्हारे अच्छे हैं ना तुम्हारे पास अच्छे एविडेंस है तो जज साहब क्या कर सकते हैं उस व्यक्ति को वहीं पे डिस्चार्ज कर सकते हैं मतलब कि जज साहब ने पब्लिक प्रोसीक यानी कि विक्टिम के साइड
23:57के वकील को सुना सुना और सुन के देखा कि नहीं यार ये काम तो सही नहीं कर रहा है ये बात तो बन नहीं रही है ये केस नहीं हो सकता तो वो उसी वक्त उसको डिस्चार्ज कर सकते हैं उसके साथ ही साथ डिस्चार्ज होने के कुछ और ऑप्शन भी हैं सबसे पहला है एप्लीकेशन फॉर डिस्चार्ज यानी कि जो
24:10एक्यूज्ड है यानी कि वो व्यक्ति जिसके ऊपर किसी केस चलने का आरोप है वो क्या कर सकता है 60 दिन के अंदर क्या कर सकता है मान लो सेशंस कोर्ट में आज केस शुरू हुआ तो आज से लेकर 60 दिन तक वो डिस्चार्ज की एप्लीकेशन लगा सकता है और जज साहब को बता सकता है कि क्यों ये केस बेबुनियाद है उसके खिलाफ और
24:27क्यों उसको छोड़ दिया जाना चाहिए उसके बाद आता है जज का कंसीडरेशन जज जो है वो क्या कर सकता है केस के सारे रिकॉर्ड को देख सकता है सारे डॉक्यूमेंट को देख सकता है दोनों पार्टी को सुन सकता है और उसके बाद किसी व्यक्ति को डिस्चार्ज कर सकता है अब यहीं से सारी बात को बिल्ड करो हमने
24:41क्या-क्या देखा हमने सबसे पहले देखा कि जब कभी भी पब्लिक प्रोसेक ही क्या करेगा जो विक्टिम है उसको रिप्रेजेंट करेगा उसके बाद केस को ओपन कौन करता है पहली लाइन कौन बोलता है अपने हथियार कौन दिखाता है सर पब्लिक प्रोसीक जब पब्लिक प्रोसेक की बात को सुन लिया गया यानी कि पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने क्या बताया चार्जेस बताए
25:00यानी कि क्या-क्या आरोप हैं और उसके साथ ही साथ एविडेंस को बताया तो एक तो यह हो सकता है कि भैया इनको देखने के बाद जज साहब को लगेगी सब ठीक है आगे बढ़ाओ और या तो जज साहब को लग सकता है कि ये बात बेबुनियाद है तो ठीक अगला सेक्शन 400 सॉरी 250 क्या बोलता है कि यहां पे जज साहब के
25:17पास ऑप्शन है कि उस व्यक्ति को डिस्चार्ज कर दें डिस्चार्ज का मतलब आप अच्छे से समझ लीजिए डिस्चार्ज का मतलब है बेगुनाह नहीं बोला है डिस्चार्ज का मतलब है कि यहां जो आरोप लगे थे जो चार्ज लगे थे बस केवल उनसे फ्री कर दिया है और दोबारा अगर नया एविडेंस आ गया तो दोबारा ये चार्ज उसके ऊपर लग जाएंगे क्विट और डिस्चार्ज में
25:35फर्क होता है आगे उसको और भी अच्छे से समझेंगे तो ये डिस्चार्ज भी दो तरीके से हो सकता है एक तो जज साहब को लगे कि नहीं भैया छोड़ देना चाहिए और दूसरा या तो खुद वो एप्लीकेशन देके क्या करें रिक्वेस्ट करें और दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज साहब इस बात का फैसला ले सकते हैं कि उसको
25:51छोड़ना है कि बात को कंटिन्यू रखना है ठीक है यहां तक बात समझ में आ रही है क्या यहां तक बात समझ में आ रही है क्या चलिए गुड इवनिंग मनोज जी वेरी गुड इवनिंग चलो चलो चलो बहुत बढ़िया ठीक है इसके बाद हम 251 में देखते हैं फ्रेमिंग ऑफ चार्ज अभी तक पब्लिक प्र अभी अभी तक पब्लिक
26:09प्रोसीक आया उसने आके ओपनिंग स्टेटमेंट दिया जज साहब को बोला कि सर मैटर शुरू करते हैं और बोलता है कि मेरे पास इतने चार्जेस हैं इतने सबूत हैं जज साहब अगर चाहे तो छोड़ दें अगर नहीं छोड़ा तो जज साहब क्या करेंगे अब वो कोर्ट में ट्रायल चलाएंगे तो वो पब्लिक प्रोसीक के चार्ज से नहीं चलते हैं वो अपने चार्जेस खुद बनाते
26:26हैं यानी कि उन्होंने मैटर को सुना देखो आम तौर पर क्या होता है मैं वकील हूं मुझे किसी को सजा दिलवा है हो सकता है उसने एक्स वाई जड क्राइम किया हो तीन क्राइम किए हो लेकिन मैं उसको और ज्यादा सजा दिलाने के लिए उसका इमेज जज की नजरों में और खराब करने के लिए पांच और चीजों का
26:39आरोप लगा दूंगा तो पब्लिक प्रोसेक ने जो चार्ज लगाया किसी आरोपी व्यक्ति के ऊपर अगर उसी चार्ज को उठा के हमने एज इट इज अपनी ट्रायल में लगा लिया तो वो जो एक्यूज्ड व्यक्ति है ना वो पागल हो जाएगा उसको मौका ही नहीं मिलेगा अपने आप को डिफेंड करने का तो जज सारे एविडेंसेस को देख के इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को देख के
26:56पब्लिक प्रोसीक की बात सुनके और और साथ ही साथ जो आरोपी व्यक्ति है उसके साइड को सुनके सबको सुनने के बाद अपने चार्जेस खुद से बनाता है जिसकी बात करता है 251 ये क्या कह रहा है जज अपना डिसीजन लेते हैं सब कुछ रिव्यू करने के बाद और उसके बाद वो क्या करते हैं और वो उसके बाद क्या करते
27:12हैं चार्ज बनाते हैं अब देखो यहां पे जब जज ने पब्लिक प्रोसीक को सुन लिया और ये देख लिया कि भैया केस चलना चाहिए तो उस परिस्थिति में वो अगर देखेंगे कि ये जो केस बन रहा है हो सकता है पब्लिक प्रोसीक एक मर्डर का केस लेके आया हो और एक थेफ्ट का केस लेके आया हो तो जज ने देखा कि यार
27:28जो मर्डर वाला लाए थे वो तो भाई सेशंस कोर्ट में चलना चाहिए था मजिस्ट्रेट ने मेरे पास भेज दिया लेकिन जज ने देखा कि भैया मर्डर का तो कोई सबूत ही नहीं है मर्डर का तो केस ही नहीं बनता तो इसने ये वाला चार्ज हटा दिया अब जो नई चार्जशीट बनाई उसमें केवल थेफ्ट था तो उसने बोला ये
27:42तो भाई नीचे वाले कोर्ट में भी चल सकता है जाओ तो यहां पे जज के पास ये ऑप्शन है कि वो वापस उसको मजिस्ट्रेट के पास भेज दे सीजीएम के पास या जुडिशल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के पास और अगर जज ने अपने चार्जेस बनाए और उसको देख के लगा कि नहीं ये केवल सेशंस कोर्ट में चलेगा तो जज अपने
27:57सेशंस कोर्ट में वो क्या करेगा वो क्या करेगा अपने सेशंस कोर्ट में उस चीज को चलाएगा ठीक है उसके बाद प्ली ऑफ द एक्यूज द चार्ज इज देन रेड एंड एक्सप्लेन टू द एक्यूज जब कभी भी चार्ज बनके तैयार हो जाएगा तो वो पढ़ के सुनाया जाता है एक्यूज्ड को कि भैया ये ये चार्ज तुम्हारे खिलाफ लगाए गए हैं अब तुम अपना डिफेंस
28:13तैयार कर लो बात समझ में आ गई यहां तक बात समझ में आई आप आज ही आए हो इस क्लास में ब्रो कौन आज इस क्लास में आया है ब्रो चलो ठीक है क्या क्या चार्ज आर्गुमेंट के टाइम डिफेंस में डॉक्यूमेंट पेस कर सकता है क्या मैं समझा नहीं क्या चार्ज आर्गुमेंट के टाइम डिफेंस में
28:36डॉक्यूमेंट पेश कर सकता है क्या आप एक बार दोबारा लिखेंगे क्या पंकज जी आप शायद कुछ एक वर्ड मिस कर रहे हैं ठीक है चलो चलो चलो चलो जल्दी जल्दी जल्दी अब देखो प्ली ऑफ गिल्ट आता है 252 में अभी तक हमने क्या देखा पब्लिक प्रोसीक पब्लिक प्रोसीक है पब्लिक प्रोसेक केस को ओपन करेगा जज क्या करेगा सुनेगा जज सुनने के बाद या तो यहीं
28:57से से डिस्चार्ज कर देगा और या तो चार्ज बनाएगा अपने चार्ज बना लेने के बाद अगर उसको लगा कि यह केस वापस मजिस्ट्रेट के पास चलना चाहिए तो सीजेएम या जुडिशियस मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के पास क्या करेगा केस भेज देगा लेकिन अगर उसको लगा कि नहीं ये केस तो सेशंस कोर्ट में ही चलना चाहिए तो वो क्या करेगा अपने कोर्ट में इस
29:18चीज को चलाने की तैयारी शुरू कर देगा यानी कि अब केस शुरू होने वाला है लेकिन जब कभी भी अपने कोर्ट में वो कोई केस चलाएगा तो सबसे पहले चार्ज को क्या करेगा पढ़ के सुनाएगा रीड आउट करेगा किसको अक्यू को कि तुम्हारे खिलाफ ये ये आरोप लगे हैं उसके बाद 252 बोलता है प्ली ऑफ गिल्ट को यानी
29:35कि अब मजिस्ट्रेट सॉरी सेशंस कोर्ट के जज ने इस बात को तय कर लिया कि भैया केस चलने वाला है मैं ये सामने मेरे एक्यूज बैठा है मैं उसको बोल रहा हूं कि मैंने चार्ज बना लिए है मर्डर लगा दिया है देख लो अब तुम्हारे खिलाफ केस चलने वाला है तुम्हारे पास दो ऑप्शन है या तो प्लीट गिल्टी करो
29:50या तो नॉट गिल्टी करो क्या करोगे जल्दी बताओ अब इस अब इस सिचुएशन में वो व्यक्ति ने अगर बोला प्लीडर अगर उस व्यक्ति ने बोला प्लीडर कि सर मैं अपने आप को दोषी मानता हूं तो उस सिचुएशन में मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है या तो उस व्यक्ति को सीधे क्या कर सकता है कंविद सजा दे देगा या तो वो फिर भी ट्रायल
30:09चला सकता है ट्रायल चला सकता है मतलब उसको लगा कि ये व्यक्ति बोल तो रहा है कि मेरी मेरी ही गलती है लेकिन उसके बाद भी इसको सजा कितनी देनी है वो तय करने के लिए ट्रायल चलाना पड़ेगा तो ट्रायल चलाया जा सकता है या मजिस्ट्रेट को लगे कि इस ये दबाव में आके प्लीट गिल्टी कर रहा है तो
30:22ऐसी बहुत सारी चीजें इसको भी अभी हम समझेंगे उसके बाद आता है 253 डेट अब मजिस्ट्रेट सॉरी जो जज हैं कोर्ट ऑफ सेशन के उन्होंने इस बात को तय कर लिया कि ट्रायल चलना है सामने वाले व्यक्ति ने अगर गिल्टी प्लीट किया होता तो सीधे सजा मिल जाती अब उसने गिल्टी भी प्लीट नहीं किया तो अब जज साहब एक डेट फिक्स करेंगे
30:39प्रॉसीक्यूशन एविडेंस की अब वो क्या कह रहा है वो ये कह रहा है कि जो प्रॉसिक्यूट है यानी कि जो विक्टिम है उसका जो वकील है वो अपने एविडेंस पेश करने की एक डेट देगा वो बोलेगा कि सर मैं आज से 20 दिन बाद क्या करूंगा अपने सारे एविडेंसेस को तैयार करूंगा और कोर्ट में लेके पेश करूंगा तो
30:56सबसे पहले बात किसकी सुनी जाती है प्र क्यूशन की यानी कि विक्टिम के साइड की तो वो क्या करेगा वो विटनेस के एग्जामिनेशन का कोर्ट एक तारीख तय करेगा अब कोर्ट क्या करेगा विटनेस को एग्जामिन करेगा सबूतों की गवाही चल रही है तो उस सिचुएशन में कोर्ट को क्या करना पड़ेगा सर कोर्ट को किसी भी प्रकार का विटनेस को अटेंड करने के लिए या
31:14विटनेसेस को बुलाने के लिए समन वगैरह इशू करने पड़ सकते हैं तो उसका प्रावधान भी आपको यहीं पे मिलेगा उसके बाद क्या आता है 254 प्रॉसिक्यूट एविडेंस यानी कि विक्टिम के साइड के वकील के जो एविडेंसेस यानी कि सबूत हैं उसको सुने जाने का प्रोसेस तुम लोग बोर बोर तो नहीं हो रहे हो ऐ समझ में तो आ रहा है ना ऐसा तो नहीं मैं अपने आप
31:31को ही पढ़ा के चला जा रहा हूं समझ में आ रहा है कि नहीं ये बता देना अभी अगर नहीं आ कहीं पे भी अगर फंसे हो तो रुक जाना बस ये जैसे ही खत्म होगा मैं एक चार्ट ड्रॉ करूंगा सब क्लियर हो जाएगा ठीक है प्रॉसीक्यूशन एविडेंस अब प्रोसीक एविडेंस क्या होता है याद करो जज साहब ने एक डेट
31:46तय करी कि इस तारीख को हम आपके विटनेसेस को सुनेंगे आज वो तारीख है अब उस तारीख में क्या हो रहा है सर उस सेट तारीख में जज क्या करेगा सभी प्रॉसिक्यूट के एविडेंस को रिकॉर्ड करेगा यानी कि विक्टिम के साइड के जितने भी एविडेंस आए हैं उसको रिकॉर्ड किया जाएगा उसके बाद विटनेसेस इंक्लूडिंग पब्लिक सर्वेंट कैन गिव एविडेंस वाया
32:02ऑडियो वीडियो मींस यानी कि अब हमारे नए सीआरपीसी का एक बहुत बड़ा फीचर क्या है सर कि वहां पे ऑडियो वीडियो इलेक्ट्रॉनिक मींस भी ऐड किए गए हैं यानी कि जो कोई भी विटनेस है चाहे वो पब्लिक सर्वेंट हो या नॉर्मल जज साहब की परमिशन से वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के थ्रू भी अपने जो विटनेस के रूप का जो स्टेटमेंट है वो दे सकता है
32:19उसके साथ जज क्या कर सकता है क्रॉस एग्जामिनेशन अलाउ कर सकता है क्रॉस एग्जामिनेशन का मतलब क्या है अगर विक्टिम यानी कि जो पीड़ित व्यक्ति है उसकी तरफ से कोई एविडेंस आया है तो जो डिफेंडेंट है यानी कि वो व्यक्ति जो अपना बचाव कर रहा है जिसके ऊपर आरोप है कि उसने वो अपराध किया था उसका वकील इसके जो वो है आपका
32:38विटनेस है उससे सवाल जवाब करता है मूवीज में बहुत देखा है हमने आपको कैसे पता कि आपने इसी व्यक्ति को देखा था ध्यान से देखिए आप क्या ये वही व्यक्ति था ऐसा होता है तो यहां पे क्या कह रहा है जज के पास ये पावर है कि जज ऐसा बोल सकता है कि मान लो जो एक्यूज्ड की साइड है सॉरी मान लो जो
32:55प्रोसीक की साइड है उसके पास टोटल 10 विट विटनेस है अब हर एक विटनेस अपना बयान दे रहा है और जो डिफेंस का वकील है वो सीधे खड़े हो के बोल रहा है कि मुझे सवाल पूछना है जज चाहे तो इस बात को अलाउ कर सकता है लेकिन जज के पास ये भी पावर है कि वो ये
33:07बोल सकता है कि जब तक प्रॉसीक्यूशन का सारा का सारा विटनेस ना अपनी गवाही दे दे तब तक आप क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं कर पाएंगे यानी कि क्रॉस एग्जामिनेशन को आखिर तक भी रोका जा सकता है उसके बाद जब ये 10 के 10 लोग आए और अपना बयान देके चले गए उसके बाद वो अलाउ करेगा किसको डिफेंस को
33:23अगर जज को सही लगा तो कि आप क्रॉस एग्जामिनेशन करिए लेकिन क्रॉस एग्जामिनेशन एक बहुत ही एसेंशियल फीचर है किसका सर हमारे क्रिमिनल ट्रायल का बिना क्रॉस एग्जामिनेशन के बात आगे नहीं बढ़ती है इसको भी बहुत अच्छे से समझेंगे अब जब कोर्ट ने अभी तक देखो अभी तक कोर्ट ने केवल जो पब्लिक प्रोसीक है ना केवल उसकी
33:42साइड को सुना है डिफेंस तो बस अभी तक चुप बैठा हुआ है अभी तक डिफेंस का कोई चर्चा नहीं हुई है सेक्शन नंबर 255 बताता है कि केवल पब्लिक प्रोसेक के सारे एविडेंस को देखने के बाद कोर्ट को ऐसा लगा कि कोई केस बनता ही नहीं है सारे गवाहों को देख लिया सुन लिया इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट देख ली हर
33:57एक चीज को देखने के बाद जज साहब को ऐसा लग रहा है कि नहीं यार यह व्यक्ति जो है बचाव करो उसका इसकी कोई गलती नहीं है तो सीधे 255 में यानी कि इस सामने वाले व्यक्ति को कोई एविडेंस भी प्रूफ करने की जरूरत नहीं है कोर्ट यहीं से सीधे क्या कर सकती है एक्विट्टल कर सकती है और यह बात का
34:16प्रावधान करता है कौन 255 ऑफ बीएनएसएस अब आगे बढ़ते हैं उसके बाद आता है एंटरिंग इनटू डिफेंस अब अगर कोर्ट ने ये तय किया कि नहीं नहीं जो सबूत आए हैं वो सबूत सही है अब तुम अपना बचाव करो अब तुम बताओ कि कैसे इसके सबूत सही नहीं और क्यों तुम्हें सजा ना दी जाए तो ये बात शुरू होती है 256
34:33में अब यहां पे क्या किया जाता है इफ द एक्यूज इज नॉट एक्विटेड अंडर सेक्शन 255 दे मस्ट प्रेजेंट देयर डिफेंस एविडेंस अब अगर एक्यूज्ड को नहीं छोड़ा गया है जज साहब के द्वारा आमतौर पे होता भी नहीं है तो एक्यूज्ड को अब अपने डिफेंस के लिए सबूत पेश करने होंगे अब एनी आपका रिटर्न स्टेटमेंट बाय द एक्यूज इज फाइल विद द
34:51कोर्ट रिकॉर्ड अगर कोई भी रिटर्न स्टेटमेंट एक्यूज्ड ने फाइल किया है तो वो कोर्ट के रिकॉर्ड में जाता है द जज विल इशू ऑर्डर्स टू समन द विटनेस अब जज वही काम करेगा जो प्रोसीक में किया था जो विटनेस है उनको समन करेगा बुलाएगा और बोलेगा कोर्ट में आओ और आके अपनी गवाही दो और ऑडियो वीडियो इलेक्ट्रॉनिक मींस के
35:06थ्रू भी क्या किया जा सकता है ओ जो विटनेस है उसको बुलाया जा सकता है लेकिन प्रॉसीक्यूशन के गवाहों में और जो विक्टिम है सॉरी जो प्रॉसिक्यूट है और जो डिफेंस है जो अक्यू ज्ड है उसके गवाह बुलाने में दोनों में बहुत बड़ा फर्क है प्रोसीक यानी कि विक्टिम जिस भी गवाह को बुलाने बोलेगा अगर वो बुलाना लेजिटिमेसी
35:26अगर किसी ऐसे गवाह को बुला रहा है जिसको कोर्ट को देख के लग रहा है कि केवल यह ट्रायल को परेशान करने के लिए ट्रायल को डिले करने के लिए कर रहा है तो कोर्ट मना भी कर सकती है कि नहीं मैं अलाउ नहीं करूंगी यानी कि ज्यादा इं क्लाइन किसकी तरफ हुआ सर विक्टिम की तरफ जो कि होना भी
35:40चाहिए अब उसके बाद क्या होता है सर 257 में आर्गुमेंट आर्गुमेंट मतलब बहस छड़ती है बहस मतलब बहुत जोरदार बहस होगी दोनों के बीच इसका मतलब डिफेंस विटनेस जब कंप्लीट कर लेगा तो प्रोसीक क्या करेगा प्रोसीक केस को समरा इज करेगा यानी कि जो प्रोसीक है उसके पास भी ऑप्शन है कि वो क्या करें क्रॉस एग्जामिनेशन करें उसके
35:59बाद वो पूरे के पूरे केस को सराइज करेगा जज साह आपके सामने उसके बाद एक्यूज्ड एंड देयर एडवोकेट हैज द राइट टू रिप्लाई जो एक्यूज्ड है यानी कि जो आरोपी व्यक्ति है और या फिर वो व्यक्ति जो उसका केस लड़ रहा है उन दोनों के पास ये ऑप्शन है कि पब्लिक प्रोसीक आखिर में जब कुछ बोल रहा है तो वो
36:14उसका रिप्लाई कर सकते हैं कोर्ट की परमिशन से एंड इफ द एक्यूज रेजस अ लीगल पॉइंट द प्रोसीक मे रिस्पॉन्ड टू इट विद द जजेस परमिशन और अगर एक्यूज ने कोई ऐसा लीगल पॉइंट वहां उठा दिया अपने आखिरी स्टेटमेंट में तो ये जो पब्लिक प्रोसेक है जो विक्टिम के साइड से लड़ रहा है उसके पास ये पूरा अधिकार है कि वो उसका रिप्लाई कर
36:29सकता है कोर्ट की परमिशन से ठीक है उसके बाद आखिर में आता है जजमेंट दोनों पार्टीज को सुन लेने के बाद कोर्ट अपना क्या करती है लीगल पॉइंट को देती है और उसके बाद 30 दिन के अंदर जजमेंट सुनाती है जो कि 45 डे तक एक्सटेंडेबल है अपना रीजन देके एंड इफ द एक्यूज इज कंविद विल हियर द एक्यूज्ड ऑन
36:47द सेंटेंस बिफोर पासिंग द सेंटेंस रिकॉर्डिंग अब वो क्या करेगा अगर उसको सजा देनी है अगर उसको सजा मिल रही है एक्यूज्ड को तो जज एक बार उसको आखिरी मौका देगा कि तुम्हें कुछ बोलना है तो बोल लो उसके बाद में अपना सेंटेंस सुनाता हूं कहानी तो यहीं तक थी इसमें एक सेक्शन और है उसको बाद में बताता हूं लेकिन अब रियल कहानी
37:02हमारी शुरू होने वाली है क्योंकि अब हम ड्रॉ करने वाले हैं उस चार्ट को जिससे हमें सारी की सारी चीजें समझ में आने वाली हैं सबसे पहले कमेंट सेक्शन में अगर हो तो थम्स अप भेज दो भाई बहुत देर से तुम्हारा कमेंट सेक्शन शांत पड़ा है थम्स अप भेज दो अगर यहां तक बात समझ में आई है फिर मैं
37:15आगे की बात आपको समझाना शुरू करूं जल्दी से जल्दी से चलो सब लोग जल्दी से एक बार थम्स अप भेजो तो मैं शुरू करूं एक चार्ट बनाना इस एक स्लाइड में हम पूरे सेशन ट्रायल को खत्म कर देंगे ठीक है चलो जल्दी अब देखो हम क्या करने वाले हैं हमने सबसे पहले क्या देखा कि
37:37232 जो सेक्शन है वो यह बात बताता है कि मजिस्ट्रेट क्या करेगा सेशंस कोर्ट में ट्रायल भेजेगा अगर मामला स्पेशली सेशंस कोर्ट के द्वारा चलना चाहिए क्या बात है भाई किसी का कमेंट ही नहीं आ रहा है सब लोग चला के छोड़ के चले गए हैं क्या हां भाई कि सर को पता ना चले हम जाके अपनी मौज
37:54करते हैं चलो जल्दी आ जाओ ताकि मैं फटाफट शुरू कर पाऊं चीजें ठीक है हां भाई जल्दी से आ जाओ ताकि हम फटाफट इसको शुरू कर पाए और हमें चीजें फटाफट समझ में आने लग जाए क्योंकि एक बार यह चीज हाथ से निकली तो फिर दिक्कत हो जाएगी हां जी कहां है सब चलो अच्छा अच्छा आ रहा है थम्स अप आ
38:15रहा था ओके ओके मेरे चैट बॉक्स शायद रिफ्रेश नहीं हो रहा था बिल्कुल चलेगा ठीक है ठीक है साहब ठीक है थम्स अप आ गया वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड चलो चलो बहुत बढ़िया अब हम शुरू करते हैं इसको अब हम शुरू करते हैं ध्यान से देखो सबसे पहले बात आती है 232 की यह हमें क्या
38:36बोलता है यह सेक्शन बोलता है कि भैया जब कभी भी मजिस्ट्रेट ने किसी केस का कॉग्नाइजेंस लिया पुलिस कोई रिपोर्ट लेके आई तो उस सिचुएशन में मजिस्ट्रेट को लगा कि यह मामला सेशंस कोर्ट चलाएगी तो सेशंस कोर्ट भेज देना अब उसके बाद कहानी शुरू होती है उसके बाद यह बात हमें पता चली कि जब कभी भी मामला सेशंस कोर्ट पहुंचेगा तो
38:53सेशंस कोर्ट में जो मामले की शुरुआत है वह कौन करेगा सर जो आपका पब्लिक प्रोसीक है यह बात तो हमें पता है ना सर जो पब्लिक प्रोसीक है वही मामले की शुरुआत करेगा अब पब्लिक प्रोसेक क्या करेगा मामले की शुरुआत करेगा इसका मतलब ये है कि वो जो प्रोसीक की साइड है वही अपना केस को प्रेजेंट करेगी यानी कि पब्लिक प्रोसीक
39:15अपना प्रोसीक क्या करेगा सामने लेके आएगा अब प्रॉसीक्यूशन को सुनने के बाद प्रॉसीक्यूशन क्या बताता है चार्जेस बताता है एक्सेट्रा एक्सेट्रा ऐसी बहुत सारी चीजें बताता है एक सेकंड रुको थोड़ा सा एक बार फ्रेश बनाते हैं वरना गड़बड़ हो जाएगी हमें सबसे पहले क्या पता है 232 उसके बाद हमें क्या पता है जो प्रोसीक
39:36की साइड है जो प्रॉसिक्यूट की साइड है वो क्या करती है अपना केस शुरू करती है अब प्रॉसिक्यूट को सुनने के बाद जज के पास दो ऑप्शन है अगर प्रोसीक ने अपनी बात अच्छे से नहीं बताई तो जज उसी वक्त क्या कर देगा एक्यूज्ड को डिस्चार्ज ये बात हमें पता है जज क्या कर देगा उसी वक्त अक्यू ज्ड को
39:57डिस्चार्ज लेकिन अगर उसको लगा कि प्रोसीक की बात में दम है उसने जो एविडेंस दिखाए उसने जो चार्जेस बताए वो सही हो सकते हैं तो जज साहब क्या करेंगे अपने चार्जेस अपने चार्जेस खुद बनाएंगे अब वह अपने चार्जेस बना रहे हैं अब यहां पे हमने एक चीज और देखी है कि अगर यह चार्जेस बनाने के बाद उनको लगा कि यह मजिस्ट्रेट
40:17सुन सकता है तो सीधे-सीधे क्या करना है सर मजिस्ट्रेट के पास भेज देना है मैं एक मिनट जरा पानी पी लू पानी पीना अलाउड है ना चलो ठीक है उसके बाद देखिए चार्जेस बन गए चार्जेस बनने के बाद मजिस्ट्रेट साहब दो काम करेंगे वो पूछेंगे प्ली ऑफ गिल्ट यानी कि वो आपसे पूछेंगे कि
40:41क्या आप अपने आप को दोषी मानते हैं क्या आप इस बात को एक्सेप्ट करते हैं कि गलती आपसे हुई अभी तक देखो हमने क्या देखा 232 में सेशंस कोर्ट मामला पहुंचा सेशंस कोर्ट में मामला पहुंचते ही सबसे पहले प्रोक्यू यानी कि पब्लिक प्रोक्यू आएगा और आके केस के बारे में बताएगा केस के बारे में बताया और जज साहब को लगा अगर जज साहब को अगर लगा
41:00कि यह जो पब्लिक प्रॉसिक्यूटर साहब ने बताया यह एकदम बेबुनियाद है तो व उसी वक्त एक्यूट को एक्यूज्ड को डिस्चार्ज कर देंगे लेकिन अगर उनको लगा कि बात में दम है तो वो चार्जेस बनाएंगे जब उन्होंने अपने चार्जेस बना दिए तो वो उनको पढ़ के सुनाएंगे एक्यूज्ड को पढ़ के सुनाया तो उससे पूछेंगे कि क्या तुम गिल्टी प्लीडर
41:16हो क्या तुम अपने आप को दोषी मानते हो अब इसके दो जवाब हो सकते हैं अगर इसने बोला प्ली ऑफ गिल्टी का जवाब अगर था यस अगर यस जवाब आया तो वो सीधे सीधे क्या कर देंगे इसको सीधे-सीधे हो जाएगा यहां पे
41:40कन्विसिटी प्लीट नहीं करता तो मतलब केस चलाना है तो उसके बाद जज साहब फिक्स करते हैं एक डेट डेट फिक्स करते हैं किस चीज की जो प्रोसीक है उसके विटनेस को सुनने की उसके बाद क्या होता है सर उसके बाद इन विटनेसेस को सुना जाता है जिस डेट पे विटनेसेस सुने यानी कि यहां पे
42:01एग्जामिनेशन हुआ अब इस एग्जामिनेशन के बाद अगर जज साहब को ऐसा लगा कि यहां पे जो केस है वो बेबुनियाद है तो वो सीधे-सीधे एक्यूज्ड को क्या कर सकते हैं सर एक्विट्टल क्या है बाइज्जत बड़ी छोड़ दिया लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो उसके बाद वो क्या करेंगे जो डिफेंस है जो डिफेंस है
42:23उसको क्या करेंगे एक मौका देंगे कि वो आए और आके अपना केस हमें सुनाए अपने विटनेसेस को प्रेजेंट करें डिफेंस के जब विटनेस आ जाएंगे डिफेंस के जब विटनेस आ जाएंगे तो उसके बाद क्या होगा सर उसके बाद एक फाइनल जो होगा वो क्या होगा एक आर्गुमेंट टाइप का कह सकते हैं लेकिन इसके बाद कोर्ट देती है जजमेंट और जो जजमेंट होता है आपका या
42:43तो उस जजमेंट में क्विटल होगा या तो उस जजमेंट में कन्वे होगा यह वो चार्ट है जो आपको पूरा का पूरा सेशन ट्रायल बड़ी आसानी से समझा देगा अब मुझे एक बात बताओ यहां तक बात समझ में आई कि नहीं आई हां जी हां जी क्या अरे जो गया वह वापस नहीं आएगा बस
43:03अपने आने जाने नहीं चाहिए बलविंदर मेरी भी बहुत प्रिपरेशन थी या रह गया फिर भी किस बारे में चर्चा चल रही है भाई अच्छा वो ना वारें ट्रायल में हम उसके बारे में बात करते हैं सेशन ट्रायल का जो प्रोसेस है वो सेम है आप जिसके बारे में बोल रहे हैं ना कि पुलिस रिपोर्ट और दूसरा आप बोल रहे हैं कि अगर खुद से कॉग्नाइजेंस
43:21लिया कंप्लेंट प तो वो कल पढ़ना है हमें वो है वारें ट्रायल ठीक है उसकी चिंता मत करिए चलो चलो चलो चलो चलो बहुत बढ़िया समझ में आ रहा है स्क्रीनशॉट लेना है शौकीन जी मैं अभी दोबारा बना रहा हूं तब स्क्रीनशॉट लीजिएगा क्योंकि अभी आप स्क्रीनशॉट लेंगे ना तो ये आधी इंफॉर्मेशन है अभी हम पूरी इंफॉर्मेशन लिखने वाले हैं चलो दोबारा आप
43:42सब लोग अब मैं एक्सप्लेन नहीं करूंगा केवल लिखते जाऊंगा ध्यान रखना सबसे पहले 232 में क्या होता है सर सेशंस कोर्ट में मामला आता है उसके बाद जो पब्लिक प्रोसीक है वो क्या करता है केस को ओपन करता है उसके बाद क्या होता है उसके बाद जो है जज साहब या तो उसी वक्त उस व्यक्ति को क्या
44:00कर सकते हैं सर डिस्चार्ज कर सकते हैं ठीक है और अगर डिस्चार्ज नहीं किया तो वो क्या करेंगे वो चार्ज बनाएंगे और वो चार्ज बनाने के बाद क्या करेंगे उस व्यक्ति को पढ़ के सुनाएंगे उसके बाद चार्ज बनने के बाद वो उससे पूछेंगे प्ली ऑफ गिल्ट यानी कि भैया अपनी गलती मानते हो कि नहीं इसका
44:20जवाब दो हो सकता है या तो यस अगर उसने बोला यस तो इसका आखिरी रूप क्या है सर कन्विंसेस साहब क्या करेंगे तो जज साहब जो है एक डेट फिक्स करेंगे वो डेट किसकी है
44:42सर वो डेट इस बात की है कि इस तारीख को हम क्या करेंगे प्रोसीक का एविडेंस लेंगे उसके बाद जो पब्लिक प्रोसीक है उसके एविडेंस को सुना जाएगा उसके एविडेंस को सुना जाएगा उसके बाद यहां से जज साहब दो बातें तय कर सकते हैं पहला कि या तो उस व्यक्ति को एक्वेट कर दो और या तो उनको
45:03लगा कि नहीं केस तो मजबूत है तो अब वो ये मौका देंगे डिफेंस को कि भैया तुम आओ और अपना केस हमें सुनाओ डिफेंस जब अपने मैटर को क्या कर लेगा सर अपना डिफेंस जब डिफेंस अपने विटनेस को और एविडेंस को दिखा देगा तो उसके बाद जो है वो क्या होता है सर आर्गुमेंट होता है आर्गुमेंट होता है और
45:26आर्गुमेंट के बाद आता है सर जजमेंट जजमेंट आता है और यह जजमेंट में क्या हो सकता है या तो उस व्यक्ति को क्विट करेंगे या तो उस व्यक्ति को कन्वेट करेंगे यहां तक अगर आपने समझ ली बात तो आप यह समझ लो कि आप मास्टर बन चुके हैं सेशन ट्रायल के 232 के बारे में दोबारा बताऊ ठीक है
45:44मैं अभी शुरुआत से बताता हूं ताकि आपको सारी की सारी चीजें दोबारा समझ में आ जाए ठीक है चलो चलो चलो चलो चलो अब अब अब एक बात ध्यान रखना अब मैं वापस ले रहा हूं अपना पेन अपना पेन का कलर मैं वापस बदल रहा हूं अब हम यहां पर सेक्शन लगाते जाएंगे ठीक है अब हम फटाफट सेक्शन लगाते जाएंगे चलो अब
46:03सेक्शन कैसे लग रहे हैं जल्दी से देखो सबसे पहले हमने क्या देखा था सर सबसे पहले हमने क्या देखा था सबसे पहले हमें देखना है कहां से कौन-कौन से सेक्शन आगे बढ़ रहे हैं या एक काम करते हैं यहीं पर सीधे हम सेक्शन लगाते जाते हैं वह हमारे लिए ज्यादा आसान होगा चलो सबसे पहले 232 के बारे में किसी को
46:23डाउट था तो मैं वो बता देता हूं कि 232 का मतलब होता है कमिटमेंट ऑफ केस टू द कोर्ट ऑफ सेशन यानी कि जब कभी भी कोई कोर्ट ऑफ सेशन है कोर्ट ऑफ सेशन का मतलब क्या है कि जो भी सबसे ट्रायल कोर्ट में जो सबसे ऊपर की अदालत है जिसमें सेशन जज और एडिशनल सेशन जज बैठते हैं कुछ ऐसे केसेस हैं
46:38जिनकी सजा केवल वही दे सकते हैं तो यहां पे क्या बोला गया है कि ऐसी सिचुएशन में जो हमारी कोर्ट ऑफ सेशंस है जो हमारी कोर्ट ऑफ सेशंस है अगर कोई ऐसा मामला है जो जिसकी सजा केवल वही दे दे सकते हैं तो मजिस्ट्रेट के पास जब कभी भी कॉग्नाइजेंस आएगा तो वो देखेगा कि अगर यह मामला कोर्ट
46:53ऑफ सेशन के पास जाने वाला है तो सीधे कोर्ट ऑफ सेशन के पास वो मामला भेज देगा यह बात लिखी हुई है 232 में कोई डाउट है तो पूछ लीजिए कोई डाउट है तो पूछ लीजिए एविटल कन्वे सेशन ट्रायल में तीन जगह क्विट हो सकता है नहीं नहीं मनोज जी तीन जगह नहीं वही देखो मैं इसीलिए बोल रहा हूं
47:10आप कंफ्यूज हो रहे हैं देखो देखो देखो ध्यान से देखो इधर देखो जल्दी चलो यहां देखो यहां पे मैंने आपको क्या बताया यहां पे मैंने आपको क्या बताया इक्विटर है कितनी बार इक्विटर है दो बार एक बार तब जब आपने प्रोसीक के विटनेस को एग्जामिन किया उसके बाद
47:32एक्विट्टल बार जिसको आप क्विट बोल रहे हो ना वो एक्विट्टल में फर्क क्या है ध्यान से समझो एक्विट्स लो एक व्यक्ति है जिसका नानाम है सुरेश मान लो एक व्यक्ति है सुरेश उसके ऊपर मान लो चार चार्ज लगे हैं मर्डर लगा है थेफ्ट लगा है रेप लगा है और क्या लगाए
47:57भाई और क्या लगाएं और बता दो कोई कोई एक अपराध तुम भी बता दो ठीक है मान लो उसके ऊपर चलो मान लो यही तीन अपराध लगे हैं तो ये तीन अपराधों का क्या है उसके ऊपर चार्ज लगा हुआ है अब एक्वेट का मतलब ये होता है कि इस पूरे के पूरे प्रोसेस का क्या चला सर पूरे के पूरे प्रोसेस को एग्जामिन किया
48:15या ट्रायल चला तो बेसिकली जज ने क्या किया इसको एग्जामिन किया और अगर जज ने बोला एक क्विट तो इसका मतलब होता है कि दोबारा इस व्यक्ति को इस केस के लिए नहीं बुलाया जा सकता एक नया केस इंस्टीट्यूट करना पड़ेगा सेम ऑफेंस में एक्विट्स करती है फिर क्यों एक्विटेंस को तय किया गया एविडेंस देखे गए
48:36और उसके बाद उसको बोल दिया गया कि तुम्हें बाइज्जत बरी करते हैं तुम्हारी गलती नहीं थी ऑन दी अदर हैंड डिस्चार्ज का मतलब क्या होता है मान लो एविडेंस को देखा और पता चला कि मर्डर और रेप तो किया था लेकिन चोरी नहीं करी थी तो चोरी का चार्ज क्या किया हटा दिया तो किसी चार्ज के हटाने को
48:52कहते हैं डिस्चार्ज और ये एक टेंपररी आइडेंटिटी है यानी कि यहां पर केस आगे चलता रहता है दोष मुक्ति नहीं हुई है और उस सिचुएशन में उस इंसान को दोबारा भी वो चार्ज लगाया जा सकता है अगर कोई नया एविडेंस आ गया बात यहां तक समझ में आई ग्रीविंग जी समझ गए ना बहुत बढ़िया बहुत ही बढ़िया बात है चलिए यहां तक सबको सारी
49:15बातें क्लियर हुई है सारी बातें क्लियर हुई है तो एक बार कमेंट सेक्शन में बता दीजिए और एक मेरा और रिक्वेस्ट है कि भाई इतना ज्यादा आप लोग एक्टिव अगर कमेंट सेक्शन में रहते हैं तो थोड़ा सा वीडियो का लाइक बटन दबा दीजिए है ना अच्छा लगता है टीचर को भी कि भाई चलो हमें बच्चे जो है वो वीडियो उनको पसंद आ रहा है तो भाई
49:31मैं इंतजार कर रहा हूं सबसे पहले जाके जाओ जाके लाइक बटन दबाओ तब तक मैं आगे वाले जो दो सेक्शन है वो मैं आपको बता देता हूं ताकि आपको चीजें समझ में आ जाएं उसके बाद एक बात आती है प्रीवियस कन्वे की भी प्रीवियस कन्वे क्या है ये कहता है कि इफ अ प्रीवियस कन्विंस्ड डिनाइज इट द जज विल टेक एविडेंस
49:47रिगार्डिंग द प्रीवियस कन्वे आफ्टर कन्विसिटी एक्यूज्ड है जिसका कोई प्रीवियस कन्विंसेस सजा मिल चुकी है ऐसा कोई मुद्दा केस में उठता है तो जज इस मामले में फैसला और इस मामले में एविडेंस तब तक नहीं लेगा
50:07जब तक इस केस का वो सजा ना सुना दे इस केस की सजा सुना दी उसके बाद वो एविडेंस ले सकता है कि हां भई आप सबूत दो कि ये व्यक्ति ने प्रीवियस कन्विसिटी और आस्ड अंट्स इज कन्विंसेस 2552 और 258 जब तक एक्यूज्ड को इस वाले केस में सजा ना हो जाए तब तक उसके प्रीवियस क विक्शन के
50:27बारे में ना पूछा जाता है और ना उसको ट्रायल में चलाया जाता है एक और बड़ा अच्छा इंटरेस्टिंग सेक्शन है 260 वो क्या कहता है सेशंस ट्रायल में ही आता है क्योंकि हमने एक बात पढ़ी थी कहां पढ़ी थी सर सेक्शन नंबर 222 के सबक्लॉज टू में क्या कहता था वो वो कहता था कि जब कभी भी
50:40प्रेसिडेंट या ऐसे जो लोग होते हैं इनके खिलाफ डिफेमेशन का केस होता है तो वो कहां चलता है सेशंस कोर्ट में इस पूरे सेक्शन में तुम्हें जो अगर कुछ ध्यान रखना है तो बस ये ध्यान रखना है कि कोर्ट ऑफ सेशन जब कभी भी ऐसा कोई ऑफेंस चलाएगी तो उसको वारंट केसेस की तरह ट्रीट करेगी अब वारंट
50:55केसेस को ट्रीट करने का क्या मतलब है कल वाले वारंट ट्रायल में समझेंगे ये जो ट्रायल है वो कैमरा में किया जाएगा अगर आपने देखा कि ऐसा कोई डिफेमेशन का आरोप गलत तरीके से लगाया गया था वो आदमी ने बेबुनियाद तरीके से अपराध लगाया वहां पे एक्वेट कर दिया आपने उस आदमी को तो आप उसके ऊपर ₹5000000
51:26कोर्ट अपने जो वो जो कंपनसेशन उसके ऊपर वो किया है जो कंपनसेशन इंपोज किया है उसको कोर्ट एक फाइन की तरह रिकवर कर सकता है इस चीज की जो अपील है वो हाई कोर्ट में सीधे करी जा सकती है बस ये बात हमें यहीं तक देखनी थी सेशंस कोर्ट का पूरा मामला यहां पे खत्म सेशंस कोर्ट का यहां पे पूरा
51:45मामला अ खत्म ठीक है सीमा जी थैंक यू सो मच कंपाउंड होने पर एक्वेट होता है ना कंपाउंड ऑफ द ऑफेंस हां कंपाउंडिंग का मतलब यही है कि आपको एक्वेट कर दिया कंपाउंडिंग ऑफ ऑफेंस भी बड़ा इंटरेस्टिंग टॉपिक है उसके बारे में भी एक वीडियो लाएंगे ठीक है कंपाउंडिंग ऑफ ऑफेंस को लेके एक बड़ा अच्छा किस्सा भी है मेरे पास
52:01आपको सुनाऊंगा ठीक है सर प्लीज टेल मी वन थिंग दैट अंडर व्हिच सेक्शन द सेशन जज पास पनिशमेंट ऑफ डेथ पेनल्टी विद द कंफर्मेशन ऑफ द हाई कोर्ट अब एग्जैक्ट मैं ये जो सेक्शन है ना वो मिस कर रहा हूं कि यहां पे कौन सा सेक्शन है मैंने आपको ट्रायल कोर्ट में पढ़ाया भी है मैं अभी आपको नीचे
52:15कमेंट सेक्शन में बता दूंगा इसके बाद ठीक है मैं मेरे दिमाग में भी एकदम मिस हो रहा है ठीक है आईपीसी 420 में कौन सी कोर्ट केस चला सकती है सर आप एडवोकेट भी हो क्या एडवोकेट बलविंदर जी बोल रहे हैं एडवोकेट तो आप हैं बलविंदर जी मैंने प्रैक्टिस करी है देखो मैं तुम्हें झूठ नहीं बोलूंगा मेरा एकेडमिक्स में इंटरेस्ट बहुत ज्यादा
52:30है ठीक है लेकिन अ मैंने भी प्रैक्टिस करी हुई है और बहुत रिसेंट तक भी मैं प्रैक्टिस कर रहा था और उसके बाद फिर अभी मैं अभी तो इस वक्त मैं प्रैक्टिस में नहीं हूं इस वक्त मैं फुल टाइम आपकी टीचिंग ही कर रहा हूं लेकिन हां बहुत लंबा समय मेरा प्रैक्टिस में गया है लंबा समय से मेरा मतलब कि मैं जब सेकंड ईयर में था
52:45उस वक्त से मैं इंटर्नशिप कर रहा था फिर उसके बाद मैंने कुछ समय कुछ हाई कोर्ट में भी प्रैक्टिस किया तो मैंने वो एरिया भी एक्सप्लोर किया है ठीक है चलिए अब सबसे पहले कुछ बातें मुझे और बतानी है मैं आपको लेके जाऊंगा कहां पे मैं आपको लेके जाऊंगा यहां अह हां जी यहां पे लेके जाऊंगा मैंने आपको
53:08इस क्लास की शुरुआत में बताया था कि ट्रायल जो है वह चार टाइप का होता है हमने अभी क्या पढ़ के खत्म किया है सेशंस ट्रायल अब अगर आपको समझ में आ गया तो बहुत ही अच्छी बात है बिल्कुल चिल हो जाइए कोई दिक्कत की बात नहीं है अगर मन में कोई डाउट रह गया है तो आप इस बात को लेके
53:21बिल्कुल भी नर्वस मत होइए कि हमें वह बात समझ में नहीं आ रही है आप बस एक काम करिए जो चार्ट में मैंने आपको बना के दिया था आप उस चार्ट को बनाइए आपको सारा का सारा मैटर अपने आप समझ में आ जाएगा कल जब हम वारें ट्रायल और ये दो ये तीनों के तीनों ट्रायल पढ़ के खत्म करेंगे तो उसके लिए
53:36बहुत ज्यादा जरूरी है कि आप क्या करें सर आप जो है अपनी तैयारी इस ट्रायल की करके आएं इसीलिए मैंने आज केवल एक ट्रायल पढ़ाया क्योंकि मैं आपके दिमाग को बंबा नहीं करना चाहता था बहुत सारी इंफॉर्मेशन से ठीक है इस ट्रायल को अगर आपने क्लियर कर लिया तो ये तीन ट्रायल आपके क्लियर हो जाएंगे ये मेरी गारंटी है अब अब जाने से
53:54पहले जाने से पहले दो दो चार बातें आपको बतानी है सबसे पहली बात क्या है सर सबसे पहली बात तो यह है कि अभी इसी चैनल पे 9:30 पीएम पे मैं दोबारा लाइव आ रहा हूं एक सुप्रीम कोर्ट का लैंडमार्क जजमेंट आया है लैंडमार्क जजमेंट है नाइन जजेस का और ये बात ध्यान रखिएगा कि डी वाय चंद्र
54:13सर का ये जजमेंट है अगर आप में से किसी को ना पता हो इंडिया के जो चीफ जस्टिस है डी वाय चंद्र आज उनका लास्ट वर्किंग डे है ठीक है तो आज भी एक बहुत लैंडमार्क जजमेंट आया है वो लैंडमार्क जजमेंट किस पे था सर वो लैंडमार्क जजमेंट था अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के माइनॉरिटी स्टेटस पे इसका वीडियो मैंने डाल दिया है हमारे
54:30जुडिशरी गुरुकुल बाय अनअकैडमी चैनल पे जाके सबसे पहले तुम उसको देखोगे और उसके बाद हमारी मुलाकात कहां होगी हम इसी चैनल पर मिलेंगे ठीक आधे घंटे बाद दोबारा लाइव है और वहां मैं बताने वाला हूं उस लैंडमार्क जजमेंट के बारे में अब जाने से पहले यह मेरा टेलीग्राम का ग्रुप है प्रांजल सिंह अनअकैडमी आप उसको जवाइन कर
54:46सकते हैं अ और वहां से आप जो है क्या करें वहां पर हम डायरेक्टली कम्युनिकेट भी कर सकते हैं किसी को स्क्रीनशॉट लेना था वो पीछे जा सकता है हां अनुच्छेद 361 करेक्ट बात है ठीक है उसके बाद 366 सीआरपीसी तो बता दिया उन्होंने बीएनएसएस का सेक्शन मेरे ख्याल से वो पूछ रहे थे सर आपकी प्रैक्टिस बहुत
55:08अच्छी चली होगी मैंने इतने अच्छे से करी नहीं कि बहुत अच्छे से चले मैं बस एक्सपेरिमेंट कर रहा था लेकिन हा मजा जरूर आता था प्रैक्टिस करने में प्ली बारगेनिंग एक अलग चैप्टर है प्ली बारगेनिंग के बारे में हम अलग से बात करेंगे ठीक है प्ली बारगेनिंग एक अलग चैप्टर है मैं उसके बारे में आपको बताऊंगा आप चिंता मत
55:23करें एपीओ के माइनर लॉ पर केसेस करवा दो ठीक है ले आएंगे एक वीडियो उसपे भी ले आएंगे मेरा whatsapp2 यानी कि इस वक्त जो अनअकैडमी में जुडिशरी की बैच चल रही है 50 पर ऑफ चल
55:45रहा है आपको कौन सी बैच में आना चाहिए सर हमारी फतेह बैच में आना चाहिए जो आज ही से शुरू हुई है यह 15 महीने की कंप्रिहेंसिव जुडिशरी बैच है जहां हम आपका कंप्लीट कवरेज कराएंगे इंडिया के बेस्ट एजुकेटर्स के साथ ताकि आपके सिविल जज बनने का सपना जरूर पूरा किया जा सके तो आप इस फतेह बैच
56:00को जरूर ज्वाइन कर सकते हैं अगर जॉइन करना चाहते हैं तो उसका कोड है पीएस और बहुत सारे इसमें फीचर्स हैं नए लॉ भी इसमें आपको पढ़ाए जाएंगे उसके साथ ही साथ आपको हिंदी और इंग्लिश में इंफॉर्मेशन दी जाएगी प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर्स है और और भी बहुत सारी इंफॉर्मेशन और उसके साथ ही साथ हमारी एक और बैच है जुडिशरी अचीवर्स बैच
56:15वो भी आपको कहां मिलेगी सर हमारे इसी प पे मिलेगी जो 30th अक्टूबर से शुरू हुई है 15 महीने की कंप्लीट कंप्रिहेंसिव ऑल स्टेट जुडिशरी बैच इसको भी अगर आप जॉइन करना चाहते हैं तो आप कोड यूज करिए पीएस इंग्लिश मीडियम की ये बैच है बहुत सारी चीजें हैं इंटरव्यू तक का सफर आपका तय करवाया जाएगा तो आप इसको भी जवाइन कर सकते
56:31हैं तो मैं अभी आपसे विदा लेता हूं किसी को कुछ पूछना है कुछ कहना है तो वो कमेंट सेक्शन में कर सकता है मैं बाद में भी आपको बता दूंगा और उसके साथ ही साथ 9:30 बजे इसी चैनल पे वापस हम मिलेंगे हमारे एक सुप्रीम कोर्ट के लैंडमार्क जजमेंट को कवर करने के लिए छोटा सा सेशन होगा इंफॉर्मेशन
56:43है जॉइन जरूर कीजिएगा ठीक है चलिए मिलते हैं तब तक के लिए सी यू टाटा बाय बाय टेक केयर गुड नाइट स्टे मोटिवेटेड एंड कीप लर्निंग थैंक यू