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BNSS: Bail with Landmark Cases | Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita | Pranjal Singh

Unacademy Judiciary · 13,567 words · 62 min read

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0:14हेलो लर्नर्स वेलकम टू अनअकैडमी मेरा नाम प्रांजल सिंह है और हर बार की तरह यानी कि रोज रात को 8 बजे की तरह आज भी हम मिल चुके हैं रात को 8 बजे हमारे नए क्रिमिनल लॉज को मास्टर करने के लिए तो चलिए शुरुआत करते हैं आज हम क्या पढ़ने वाले हैं सर आज हम पढ़ने वाले हैं हैं कुछ बहुत ही

0:30इंपॉर्टेंट टॉपिक और बहुत ही इंपॉर्टेंट चीजों को चलिए जरा उस परे फटाफट ध्यान देते हैं अब इससे पहले कि हम उस चीज को पढ़ना शुरू करें मेरे ख्याल से थोड़ा सा जो आपका कैमरा एंगल है वो गलत है तो इससे पहले कि आप लोग सबको बुलाएं मैं जरा कैमरा सही करता हूं तब तक आप लोग भी शुरू कर

0:43दीजिए सबको बुलाना जो भी लोग आने वाले हैं चलिए बहुत बढ़िया तो हम लोग शुरू करने वाले हैं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का एक और बहुत ही इंपॉर्टेंट और बहुत ही बड़ा टॉपिक जो हमारे लिए बहुत ही ज्यादा महत्व रखता है और एग्जाम्स में ब बहुत कॉमनली पूछा जाता है हंसराज जी वेरी गुड इवनिंग आकांक्षा जी गुड इवनिंग विनोद जी गुड

1:05इवनिंग चलिए सब लोग आ चुके हैं तो हम शुरुआत करते हैं हमारे इस टॉपिक की आज की क्लास की शुरुआत में मैं एक बात को बता दूं क्लास बहुत अच्छी होगी दूसरी चीज क्या बता दूं एक ऐसे टॉपिक के बारे में डिस्कशन होने वाला है जिसमें बच्चे कंफ्यूज होते हैं एग्जाम में क्वेश्चन पूछे जाते हैं लोग इंटरव्यू में कंफ्यूज करते हैं लेकिन

1:21आज हम केवल एक घंटे या उससे भी कम में इस टॉपिक को पढ़ के खत्म करेंगे पुराने और नए क्रिमिनल लॉ को भी देखेंगे और साथ ही साथ लैंडमार्क केसेस को भी देखेंगे तो चलिए शुरुआत करते हैं हम पढ़ रहे हैं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी कि नई सीआरपीसी में आज बेल के टॉपिक को अब बेल क्या है सर इसके बारे में अच्छे से चर्चा

1:38करेंगे उससे पहले आपके लिए कुछ इंपॉर्टेंट बातें हैं सबसे इंपॉर्टेंट बात क्या है नवंबर 8224 यानी कि आज से ठीक चार दिन बाद हमारी बैच शुरू हो रही है जिसका नाम है फतेह बैच जो कि है जुडिशरी की बैच जिसका ड्यूरेशन है 15 महीने का यानी कि अगर आप अपनी जुडिशरी की एक कंप्रिहेंसिव तैयारी करना चाहते हैं चाहे आप किसी भी स्टेट के

1:56जुडिशरी की प्रिपरेशन कर रहे हो आप इस बैच में इनरोल कर सकते हैं बहुत सारे एक्साइटिंग ऑफर्स भी हैं और आपको कोड इस्तेमाल करना है पीएस जो कि आपको नीचे मिल जाएगा उसके अलावा आपको और क्या जानना है सर और दूसरी चीज जो आपको जाननी है वो है हमारा जुडिशरी का स्कॉलरशिप टेस्ट जो कि होने जा रहा है इस ही नवंबर में और

2:13उसकी तारीख है 17 नवंबर यानी कि बहुत कम दिन बचे हैं यहां पे क्या होगा फ्री ऑफ कॉस्ट आपके लिए स्कॉलरशिप टेस्ट है केवल आप पढ़ाई कर रहे हैं यहां पे न्यू क्रिमिनल लॉ पढ़ रहे हैं एक वोस का सिलेबस है क्रिमिनल लॉस का सिलेबस है और सिविल लॉस का सिलेबस है आप आइए उस एग्जाम को अटेंप्ट करिए हम आपसे पूछेंगे 100 सवाल और

2:30उसके जवाब अगर आपने अच्छे दे दिए या आपने अच्छा स्कोर किया तो आपको मिलेगा 0000 तक का कैश वाउचर और उसके साथ ही साथ अनअकैडमी प्लेटफॉर्म की फ्री स्कॉलरशिप भी तो इस अपॉर्चुनिटी को भी आप मिस नहीं कर सकते चलिए हेलो संजीव जी गुड इवनिंग संध्या जी प्रतिभा जी गुड इवनिंग वेरी गुड आकांक्षा जी आपने पहले ही सेक्शन हमें बता दिया

2:50हंसराज जी मैंने बोला गुड इवनिंग चंदन जी जय हिंद बिल्कुल जय हिंद सर जी राम-राम अ आपका नाम है नारायणी देवी जी राम राम बिल्कुल चलिए तो हम शुरू करते हैं हमारे इस चंक को पढ़ना जिसका नाम है हमारा बेल का कांसेप्ट तो चलिए हम शुरुआत कर रहे हैं क्लास का मोशन आ चुका है इसलिए आप भी अपना

3:09ध्यान यहां पे लगा लीजिए क्या है हम हमेशा इस चार्ट को देखते हैं क्योंकि आपकी पढ़ाई इसी चार्ट के थ्रू हो रही है हमने सबसे पहले ये देखा कि अगर हम कभी भी नए क्रिमिनल लॉ में प्रोसीजर का पार्ट यानी कि सीआरपीसी को पढ़ते हैं तो सबसे पहले किसी ऑफेंस का होना जरूरी है जब कभी भी कोई ऑफेंस हो जाए तो इंफॉर्मेशन का होना

3:26जरूरी है यानी कि कोई आदमी इस बात की सूचना दे कि यहां पे कोई अपराध हो गया है उसके बाद पुलिस क्या करती है तहकीकात यानी कि इन्वेस्टिगेशन करती है उसके बाद क्या होता है किसी व्यक्ति का अरेस्ट होता है अरेस्ट इंफॉर्मेशन मिलने से पहले या मिलने के तुरंत बाद भी हो सकता है उसके बाद हमें क्या देखना है अगर किसी व्यक्ति का अरेस्ट

3:43किया है सर तो उसको बेल भी तो मिलेगी तो हम इसी बेल के बारे में पढ़ने वाले हैं अब एक और फोटो मैं आपको हर क्लास से पहले दिखाता हूं वो है ये फोटो हर जगह पे ये फोटो रिलेवेंट है इसीलिए मैं आपसे कोशिश करता हूं कि ये फोटो आपको रोज दिखाऊं ताकि आपको चीजें समझ में आ जाए बाकी लोग जितने

3:58लोग यहां पे हैं चीजें समझ में आ रही है नकुल जी गुड इवनिंग आकाश जी गुड इवनिंग अभिषेक जी गुड इवनिंग अथी जी गुड इवनिंग आप बहुत दिन बाद दिखे अथी जी चलिए तो हम आपसे क्या कह रहे हैं उस बात को ध्यान से देखिए ये फोटो मैं आपको हमेशा दिखाता हूं आज का हमारा टॉपिक है बेल और आपको मुझसे

4:14पूछना चाहिए कि बेल में इस फोटो का क्या रेलीवेंस अब ध्यान से देखो अगर किसी व्यक्ति ने कोई ऑफेंस यानी कि अपराध किया है जो कि यहां पे हमें दिख रहा है कि यहां पे ऑफेंसेस हैं अगर किसी व्यक्ति ने कोई ऐसा अपराध किया है तो जाहिर सी बात है उसको पुलिस पकड़े गी और जरूरी नहीं है कि

4:31किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया हो ऐसा भी हो सकता है कि उसके ऊपर केवल एक्यूजेशन है यानी कि आरोप है कि उसने कोई अपराध किया तो उसको पुलिस पकड़े गी अब जब पुलिस ने उसको पकड़ा तो यह बात जाहिर सी है कि उस व्यक्ति ने अपने आप को और अपनी फ्रीडम को कस्टडी में सौंप दिया यानी कि उसकी फ्रीडम

4:48पुलिस वाले ने रोक दी और हमारा लॉ सीधे-सीधे बात करता है बेल के प्रावधान की और वो यह कहता है कि हर एक इंसान के पास जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो फ्रीडम से रहने का अधिकार है तो हमारा लॉ भी इस बा बारे में बात करता है कि अगर कभी भी किसी व्यक्ति का अरेस्ट हुआ तो उसको बेल प

5:03छोड़ा जा सकता है अब यहां पे बाकी दो फोटो का क्या काम क्योंकि बेल जो चीज है यानी कि अरेस्ट से किसी व्यक्ति को बाहर निकालना वो एक पुलिस वाला भी ग्रांट कर सकता है और कोर्ट भी ग्रांट कर सकता है अब आप में से जितने भी लोग पहली बार बेल को पढ़ रहे हैं उनके दिमाग ऐसे खुल जाएगा कि

5:18पुलिस वाला भी बेल दे सकता है हमें तो लगा था कोर्ट जाना पड़ता है जज के सामने हाथ जोड़ के गिड़गिड़ाना पड़ता है और बेल मिल जाती है ऐसा नहीं है बेल कई बार ऐसा है कि पुलिस भी दे सकता है और आज के इस वीडियो में हम यही पढ़ने वाले हैं ठीक है सर चलिए अब इस वीडियो को शुरू करने से पहले एक और

5:32चीज बता दूं आज हम बेल को पढ़ेंगे और कैसे पढ़ेंगे न्यू क्रिमिनल लॉ के हिसाब से भी पढ़ेंगे ओल्ड से भी पढ़ेंगे सेक्शन को भी देखेंगे उसके साथ ही साथ क्या देखेंगे केस लॉ को भी देखेंगे और सबसे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट को बिल्ड करेंगे सर क्योंकि इससे इंपॉर्टेंट और कुछ भी नहीं है आप चाहे

5:52कोर्ट चले जाएं आप चाहे जज बन जाएं कुछ भी हो जाए कांसेप्ट आपके हमेशा काम आने वाला है ठीक है चलिए तो हम शुरू करें गुड इवनिंग राजू भाई गुड इवनिंग आकाश जी गुड इवनिंग नकुल अभिषेक चलिए सबको गुड इवनिंग सब अपनी तैयारी कर रहे हैं 376 आईपीसी 376 आईपीसी क्यों पहुंचे आप राजू जी चलिए चलो

6:13चलो चलो चलो सबसे पहले हम डिकोड करते हैं बेल नाम के शब्द को सबसे पहले समझना क्या जरूरी है कि इस बेल नाम के शब्द का मतलब क्या है अगर इस बेल नाम के शब्द को मतलब की गहराई में जाया जाए तो ये एक फ्रेंच वर्ड से निकल के आया है कौन सा शब्द है ये ये बेलर करके एक शब्द है बेलर ठीक है बी ए

6:31आई डबल एल ई आर इसका मतलब क्या होता है किसी भी चीज को डिलीवर करना या किसी भी चीज को हैंड ओवर करना अब ये क्या बात हुई सर हम बेल की चीज में किसी को डिलीवर थोड़े ना करते हैं लेकिन एक तरह से करते ही हैं जो आदमी किसी कैद में था उसको आपने डिलीवर कर दिया फ्रीडम की ओर इसीलिए इस

6:47शब्द को उठाया गया एक फ्रेंच वर्ड जिसका नाम है बेलर से क्या ये आपके लिए एग्जाम के प्रोस्पेक्टिव से इंपोर्टेंट है नहीं कभी नहीं पूछेगा लेकिन कांसेप्ट के लिए इंपॉर्टेंट है अब आपके लिए एग्जाम के लिए क्या इंपॉर्टेंट है अगला ये टॉपिक ये ये क्या है केस केस का नाम है गुरु भक्ष सिंह वर्सेस स्टेट ऑफ पंजाब 1980 बेल का जब कभी

7:05भी मैटर आएगा जब कभी भी आपसे बेल के बारे में बात करी जाए तो आप इस केस को कभी मत भूलिए गुरु बख सिंह का केस ये 1980 का केस है और बेल में एक लैंडमार्क केस है इस केस को हम आगे भी बहुत अच्छे से डिस्कस करेंगे लेकिन अभी हम क्या समझ रहे हैं केवल बेल शब्द का मतलब तो गुरु भक्ष सिंह केस में

7:20भी बेल शब्द का मतलब बताया गया क्या बोला गया ये इसने बोला कि ये किसी व्यक्ति को लिबर्टी में छोड़ने का एक प्रोसेस है और ये पर्सन कौन है किसके लिए लिबर्टी दी जा रही है किसको लिबर्टी दी जा रही है कोई ऐसा व्यक्ति जिसको अरेस्ट किया गया हो या जिसको जेल में रखा गया हो ऑन सिक्योरिटी

7:36बीइंग टेकन ऑफ हिज अपीयरेंस इन द कोर्ट ऑन अ पर्टिकुलर डे अब ये क्या कह रहा है इसने पूरे के पूरे बेल की डेफिनेशन को एकदम सरल भाषा में डिफाइन कर दिया क्या बोला इसने इसने बोला कि किसी भी व्यक्ति को लिबर्टी देना यानी कि किसी भी व्यक्ति को आजादी देना कब जब वो व्यक्ति या तो अरेस्टेड हो

7:53या उस व्यक्ति को किसी जेल में रखा गया हो लेकिन क्या केवल किसी जेल के व्यक्ति को अगर हमने उसके बाहर निकाल दिया जेल के तो क्या उसको बेल मिलना कहेंगे नहीं आगे की लाइन सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है वो कहता है कि ये आजादी आपने दी है उसको किसी सिक्योरिटी के बेस पे सिक्योरिटी का बेस मतलब आपने उससे कोई चीज अपने पास रखवा या

8:11आपने उससे बोला कि कोई आके तुम्हारी जिम्मेदारी ले कि तुम क्या करोगे जब हम तुम्हें बुलाएंगे तब तुम आ जाओगे जेल में या तुम तब तुम आ जाओगे कोर्ट में अपने आगे के प्रोसेस को कंप्ला करने इसी चीज को कहा था गुरु भक्ष सिंह के केस ने और यही चीज है हां हां बिल्कुल आकांक्षा जी हम बेलर

8:27नाम का शब्द कांट्रैक्ट एक्ट में भी पढ़ते हैं करेक्ट बात बिल्कुल करेक्ट बात है चलिए बहुत ही बढ़िया बात है आगे बढ़ते हैं अब जब कभी भी हम बेल नाम के कांसेप्ट को पढ़ेंगे ना तो सबसे पहले हमें समझना होगा ऑफेंसेस के टाइप यानी कि बेलेबल ऑफेंस और नॉन बेलेबल ऑफेंस को अब मैं ये बात बड़ी अच्छी तरह जानता हूं कि आप में से

8:43ज्यादातर लोग इसका मतलब जानते होंगे लेकिन जो नहीं जानते हैं उनको समझाते हैं ठीक है सबसे पहले एक बात को ध्यान रखिएगा एक दो टर्म होते हैं ठीक है दो टर्म होते हैं एक टर्म है बेल का बेल और एक और टर्म है और एक और टर्म क्या है एक और टर्म है कि किसी व्यक्ति को आपने छोड़ दिया यानी कि रिलीज

9:02कर दिया इन दोनों में फर्क है बेल का मतलब क्या होता है बेल एक टेंपररी चीज है बेल एक टेंपररी चीज है यानी कि जब कभी भी किसी व्यक्ति को अरेस्ट किया गया और अरेस्ट करने के दौरान ऐसा महसूस हुआ कि इस व्यक्ति को हम जेल में या कस्टडी में ना रखते हुए अगर जेल के बाहर रखें तब भी

9:21हमारा यह जो केस चल रहा है प्रोसीडिंग चल रही है इन्वेस्टिगेशन चल रहा है ट्रायल चल रहा है इसमें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी तो उस सिचुएशन में हम उस व्यक्ति को बेल दे देते हैं लेकिन बेल कभी भी परमानेंट नहीं होता यानी कि इसका मतलब कभी भी ये नहीं होता कि जो व्यक्ति बेल पे

9:35छूट गया उसको दोबारा अरेस्ट नहीं किया जा सकता ऑन द अदर हैंड अगर किसी एक्यूज्ड को किसी ऐसे व्यक्ति को जिसके ऊपर कोई आरोप था ये बात पता चल जाए कि उसकी गलती नहीं थी वो गिल्टी नहीं है तो उस सिचुएशन में उस आदमी को जो फ्री छोड़ा जाता है उसको बेल नहीं कहते क्योंकि उसमें उसको दोबारा

9:52अरेस्ट नहीं कर सकते सेम चार्ज के लिए ये बात आई होप आपको समझ में आ गई हो अब हमें क्या देखना है सर सबसे पहले हमें जो चीज देखनी है वो है बेलेबल ऑफेंस और नॉन बेलेबल ऑफेंस के बारे में फर्क अब इन दोनों को सबसे आसान भाषा में अगर समझना है तो हमें जाना होगा हमारे बीएनएसएस यानी कि

10:07नई सीआरपीसी के शेड्यूल वन पे जो शेड्यूल वन है नई सीआरपीसी का वो क्या बताता है कौन सा ऑफेंस कॉग्नाइजेबल है कौन सा ऑफेंस नॉन कॉग्नाइजेबल है कौन सा ऑफेंस बेलेबल है कौन सा ऑफेंस नॉन बेलेबल है कौन सा ऑफेंस कौन से मजिस्ट्रेट ट्राई करेगा ये भी लिखा होता है तो बेलेबल और नॉन बेलेबल के फर्क को समझिए हमारे देश में मान लीजिए

10:29बहुत सारे ऑफेंस हैं मान लीजिए 100 ऑफेंस हैं तो इन 100 के 100 अपराधों को ऑफेंसेस को डिवाइड किया गया है बेलेबल और नॉन बेलेबल में बेलेबल ऑफेंस का मतलब यह होता है कि अगर आपने कोई भी अपराध किया मान लेते हैं x नाम का एक व्यक्ति इसने कोई एक ऐसा ऑफेंस कमिट किया जो कि बेलेबल नेचर का

10:47था तो इसका मतलब यह है जिसको हिंदी में जमानती या कहते हैं तो इसका मतलब यह है कि इस x नाम के व्यक्ति का यह अधिकार है अधिकार मतलब यह इसका हक है कि चाहे इसने ऑफस किया है यह बात प्रूव भी है लेकिन अगर यह बेल मांगने जाएगा तो बेल देनी पड़ेगी कब जब ट्रायल चल रहा होगा या जब

11:06इन्वेस्टिगेशन चल रही होगी तब उस इंसान को बेल मिलने का पूरा अधिकार है इसका मतलब होता है बेलेबल यानी कि जमानती अपराध तो नॉन बेलेबल ऑफेंस क्या होते हैं ये ज्यादा सीरियस टाइप के ऑफेंस होते हैं जैसे कि रेप जैसे कि मर्डर अगर किसी व्यक्ति ने कोई ऐसा अपराध किया है या उसके ऊपर चार्ज लगा हुआ है कि उसने कोई ऐसा अपराध किया है

11:26तो उस सिचुएशन में अगर उसका ऑफेंस न अवेलेबल है तो उसको अधिकार नहीं है बेल मिलने का लेकिन इस सिचुएशन में भी किसी को बेल मिल सकती है बशर्ते ये कोर्ट का डिस्क्रीशन है यानी कि कोर्ट की इच्छा है इसका मतलब हम क्या समझे इसका मतलब हम ये समझे कि कोई भी ऑफेंस यानी कि अपराध हो

11:46चाहे वो बेलेबल हो या वो नॉन बेलेबल हो इन दोनों में बेल मिल सकती है लेकिन अगर यह बेलेबल ऑफेंस है तो कंपलसरेली बेल मिलेगी ले लेकिन अगर नॉन बेलेबल ऑफेंस है तो यह कोर्ट तय करेगी कि आपको बेल देना है कि नहीं य आपका अधिकार नहीं है आपका हक नहीं है आप इसके लिए लड़ नहीं सकते यहां तक बात

12:08समझ में आ रही है ठीक है ठीक है उमर जी हाय बिल्कुल हेलो हेलो प्रेम जी गुड इवनिंग समीर जी वायलेशन ऑफ कंडीशन ऑफ वेल प्रेम रंजन जी क्या कह रहे हैं हां ठीक है बिल्कुल समीर जात कॉग्नाइजेबल ऑफेंस इज नॉन बेलेबल ऑफेंस समीर जी एक बार आप अपनी बात को चेक करिएगा जरूरी है कि हर एक

12:30कॉग्नाइजेबल ऑफेंस नॉन बेलेबल भी हो ठीक है इसका एग्जांपल आपको मिल जाएगा अगर आप शेड्यूल वन में जाएंगे चलिए आगे बढ़ते हैं अब हमने अगर इस बात को समझ लिया तो अब हमारे लिए अगली चीज इंपॉर्टेंट क्या है मैंने आपको जब टाइप्स ऑफ कोट बताए थे तो याद है ना 2 ज 88 10 99 एक कोड मैंने

12:46बताया था और हमने टाइप ऑफ कोड्स को याद कर लिया था उसी तरह आपको जब कभी भी बेल के बारे में पढ़ना है ना तो आपको याद रखना है सबसे पहले कि बेल का जिक्र किया कहां गया है अब बड़ा आसान है टू बी बी फॉर बेल बेल बॉन्ड का डी ये दिया हुआ है डी में और ई

13:03में दिया हुआ है नॉर्मल बॉन्ड इन तीनों का मतलब आपके लिए समझना जरूरी है सबसे पहली बात तो ये एक नया एडिशन है अब बेल क्या कहता है जो सीआरपीसी का जो नया जो हमारी नई सीआरपीसी है यानी कि बीएनएसएस उसका जो 2 बी है वो बेल को डिफाइन करता है और वो क्या कहता है ये एक टेंपररी रिलीज है यानी

13:20कि कुछ टाइम के लिए ही छोड़ा गया है किसी व्यक्ति को कोई ऐसा व्यक्ति जो कि एक्यूज्ड पर्सन है उसको किसी कस्टडी से जो किसने ग्रांट करी है कोर्ट ने ग्रांट करी है या किसी अधिकारी ने ग्रांट करी है कुछ कंडीशंस लगा के यानी कि इसने बेल का मतलब क्या बताया इसने बेल का मतलब बोला कि कोई

13:37भी एक्यूज्ड व्यक्ति को जब कभी भी कोर्ट या फिर कोई पुलिस वाला क्या करता है क्या करता है कुछ कंडीशन लगा के टेंपरेरिली छोड़ देता है यानी कि उसके ऊपर कुछ कंडीशन लगाई और बोला कि हम तुम्हें कुछ समय के लिए छोड़ रहे हैं तो उसको हम कहते हैं बेल और याद रखना बहुत आसान है क्योंकि 2b में

13:56ये डिफाइंड है उसके बाद आता है 2d जो कि बात करता है बेल बॉन्ड की अब बेल बॉन्ड क्या कहता है सिंपल सी बात है एक ऐसी अंडरटेकिंग है बॉन्ड जहां पे किसी इंसान को श्योर के बदले छोड़ा जाता है यानी कि जब कभी भी किसी इंसान को बेल दिया जाएगा तो कोई और व्यक्ति उसका जिम्मेदारी लेने

14:11वाला होना चाहिए जो इस बेल बॉन्ड पे साइन करे और बोले कि मैं इस बात की गारंटी लेता हूं कि अगर ये भागा तो पूरी जिम्मेदारी मेरी और उसके बाद आता है 2e जो कि डिफाइन करता है बॉन्ड को बॉन्ड क्या होता है मींस अ पर्सनल बॉन्ड और एन अंडरटेकिंग फॉर रिलीज विदाउट श्यर यानी कि कभी-कभी ऐसी

14:27सिचुएशन होती है कि कोई ऐसा व्यक्ति है जिस के पास कोई ऐसा व्यक्ति ही नहीं है जो उसके जिम्मेदारी ले पाए तो उस सिचुएशन में हम अभी इसी क्लास में पढ़ेंगे ऐसा प्रावधान है कि वो व्यक्ति केवल एक नॉर्मल बॉन्ड साइन करेगा ये भी एक अंडरटेकिंग होता है लेकिन यहां पे किसी दूसरे व्यक्ति की जरूरत नहीं होती कि वो आके साइन करे कि

14:42मैं जिम्मेदारी लेता हूं यहां यह व्यक्ति खुद साइन करके बोलता है कि मैं जिम्मेदारी लेता हूं कि मैं आऊंगा कोर्ट में अगर नहीं आया तो मुझे उठा के गिरफ्तार वापस कर लिया जाए अब एक बार फटाफट याद कर लेते हैं कि हमने क्या पढ़ा हमने देखा जो टू बी है डेफिनेशन क्लॉज का वो बात करता है बेल के

14:57बारे में उसके बाद जो टू डी है वो बात करता है डी से क्या बनता है बॉन्ड तो यह बात करता है बेल बॉन्ड के बारे में और उसके बाद जो हमारा टू ई है वो बात करता है नॉर्मल बॉन्ड के बारे में ये तीन चीजें आपके दिमाग में अच्छी तरह बैठ जानी चाहिए तभी आप बेल के कांसेप्ट को और अच्छी तरह

15:15समझ पाएंगे चलिए पैरोल पर अच्छा पैरोल पर भी पहुंच गए चार्ज शीट फाइल होने के बाद भी एंटीसिपेटरी बेल मिलती है चलो चलो बहुत बढ़िया ठीक है ठीक है ठीक ठीक है एंटीसिपेटरी बेल पे तो मैं अभी आया ही नहीं हूं अभिषेक जी अभी से आप एंटीसिपेटरी बेल पहुंच गए चलो बहुत बढ़िया अब अगर आपने

15:35इतना समझ लिया है तो हम आगे बढ़ते हैं और ज्यादा चीजों को समझने की कोशिश करते हैं सबसे पहला सवाल ये आता है कि बेल ग्रांट कर कौन सकता है हु कैन ग्रांट बेल सबसे इंपोर्टेंट सवाल हु कैन ग्रांट बेल अगर इस चीज के जवाब पे जाया जाए तो आप में से कुछ लोग बोलेंगे कोर्ट कुछ लोग बोलेंगे पुलिस

15:52लेकिन ये इनकंप्लीट जवाब है और एक प्रोफेशनल लॉ स्टूडेंट कभी भी ऐसा जवाब नहीं देगा क्या जवाब देगा वो सबसे पहले अगर कोई इंसान जो बेल ग्रांट कर सकता है तो वह है मजिस्ट्रेट मजिस्ट्रेट में कौन आता है सर चीफ जुडिशियस जुडिशियस मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास जुडिशियस मजिस्ट्रेट सेकंड क्लास इन तीनों के बारे में हमें ऑलरेडी पता है हम ऑलरेडी पढ़

16:12चुके हैं और अगर आपने नहीं पढ़ा है तो आपको हमारे लाइव सेशन में ये चीजें मिल जाएंगी उसके बाद जो दूसरा व्यक्ति है वो है पुलिस अधिकारी पुलिस ऑफिसर के पास भी यह पावर होती है कि वह किसी व्यक्ति को क्या ग्रांट कर सकता है बेल ग्रांट कर सकता है तीसरा क्या है तीसरा है सेशंस कोर्ट जी हां सेशंस कोर्ट को हमें अलग

16:29देखना है उसके बाद मजिस्ट्रेट को अलग देखना है तो तीसरी अथॉरिटी है सेशंस कोर्ट और चौथी अथॉरिटी है हाई कोर्ट ये हाई कोर्ट कौन से हाई कोर्ट की बिल्डिंग है मैंने इससे पहले भी बताया है मुझे कमेंट सेक्शन में जल्दी से बताओ चलो तो ये हमने अगर देख लिया तो अब हम सेक्शन नंबर को भी देख लेते हैं कि बेल हमारे लिए कैसे कैसे

16:45कहां-कहां दिया हुआ है ध्यान से देखो सबसे पहले हाई कोर्ट बेल ग्रांट कर सकता है सेक्शन नंबर 483 ऑफ बी एनएसएस ठीक है उसके बाद सेशंस कोड भी 483 के तहत ही ग्रांट कर सकता है मजिस्ट्रेट के एक सेक्शन है और उसके साथ ही साथ डिफॉल्ट बेल जिसके बारे में मैंने लास्ट क्लास में पढ़ाया था 187 उसमें ग्रांट कर सकता है और पुलिस ग्रांट

17:06कर सकती है जब कभी भी कोई व्यक्ति उसके पास 24 घंटे के अंदर कोई बेलेबल ऑफेंस करे उसकी कस्टडी में हो और उसका वकील मजिस्ट्रेट के जाने से पहले कोई लेके आ जाए डॉक्यूमेंट तो उसको छोड़ना पड़ेगा और दूसरा है 478 में जो प्रावधान दिया हुआ है उसके बारे में अब इस चीज को हम इससे पहले अच्छे से समझे हमें कुछ और देखना पड़ेगा

17:25यहां तक समझ में आ रहा है कि नहीं जल्दी से पहले मुझे यह बताओ जल्दी से पहले मुझे ये बताइए यहां तक समझ में आ रहा है यहां तक सारी चीजें क्लियर है तो जल्दी से देखो तुम्हें क्या समझाने वाले हैं अब तुम्हें सारी की सारी चीजें समझ समझ में आएंगी मान लो एक व्यक्ति है रमेश नाम का

17:42ठीक है मान लो एक व्यक्ति है रमेश नाम का अब इस रमेश नाम के व्यक्ति के साथ एक बड़ी इंटरेस्टिंग चीज हुई क्या इस व्यक्ति ने एक बेलेबल ऑफेंस कमिट कर दिया बेलेबल ऑफेंस इसको पुलिस ने क्या कर लिया सर इसको पुलिस ने कर लिया अरेस्ट अब जैसे ही यह व्यक्ति अरेस्ट हुआ तो उस सिचुएशन में

18:03पुलिस को 24 घंटे के अंदर इसको कहां लेकर जाना पड़ेगा सर किसी मजिस्ट्रेट के पास लेकिन इतने में रमेश के जो वकील हैं यानी कि आप में से कोई एडवोकेट वो क्या किया पुलिस के पास लेके पहुंच गया इनके बेल का डॉक्यूमेंट तो उस सिचुएशन में पुलिस ऑफिसर के पास यह पावर है कि वो 24 घंटे अभी

18:25मजिस्ट्रेट के पास लेके गया नहीं है तो इमीडिएट उस बंड को एग्जीक्यूट करके इनको छोड़ दे उसके बाद मान लीजिए कि रमेश जी को 24 घंटे बाद मजिस्ट्रेट के पास ले गए तो उनका एडवोकेट मजिस्ट्रेट के पास भी जा सकता है तो इस सिचुएशन में आपको यह बात समझ में आई कि बेल असल में मिलती कैसे है

18:41अब जरा कुछ और चीजें हैं उनको भी फटाफट देख लेते हैं चलिए आगे बढ़ते हैं अगली चीज हमें क्या है अब हमें टाइप्स ऑफ बेल पे आना है सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक ये है सेक्शन नंबर भी लिखा हुआ है और मैं एक्सप्लेन भी कर रहा हूं जरा ध्यान से समझना मैं क्या कह रहा हूं सबसे पहले आती है रेगुलर बेल ठीक है उसके बाद आती है

18:57एंटीसिपेटरी बेल उसके बाद आती है डिफॉल्ट बेल और उसके बाद आती है इंटरम बेल हम इन चारों के चारों बेल के टाइप्स को फटाफट बड़ी आसान भाषा में समझते हैं सबसे पहले मैं इसकी कॉपी निकाल लेता हूं ताकि आपके लिए बड़ा आसान हो जाए चलिए सबसे पहले देखते हैं रेगुलर बेल को रेगुलर बेल का मतलब क्या होता है एक

19:15सेकंड हां जी जो हमारी रेगुलर बेल है इसका मतलब क्या होता है रेगुलर बेल का मतलब होता है कोई ऐसी बेल जो कि किसी नॉन बेलेबल या बेलेबल ऑफेंस में मिले अब इसका क्या मतलब हुआ समझते हैं अब देखो जब कभी भी रेगुलर बेल की बात होगी तो हमें पता है कि कभी किसी व्यक्ति को अगर अरेस्ट किया

19:32गया और अरेस्ट करके वो व्यक्ति कस्टडी में था तो उसको हम कोई बेल दे सकते हैं ठीक है बेल देने का पूरा प्रावधान है इसी को कहते हैं रेगुलर बेल लेकिन जब कोई व्यक्ति अरेस्ट हुआ है तो जाहिर सी बात है उसने कोई ऑफेंस यानी कि अपराध किया था और ऑफेंस दो टाइप का हो सकता है या तो बेलेबल या तो

19:51नॉन बेलेबल तो जो बेलेबल ऑफेंस है उसके बारे में रेगुलर बेल दी हुई है सेक्शन नंबर 478 में और जो नॉन बेलेबल ऑफेंस है उसके बारे में दी हुई है 480 में यानी कि जब कभी भी हम रेगुलर बेल की बात करेंगे तो हम दो पार्ट में इसको डिवाइड करेंगे एक है बेलेबल एक है नॉन बेलेबल एक दिया हुआ है

20:10478 में और एक दिया हुआ है 480 में ठीक है सर उसके बाद आती है एंटीसिपेटरी बेल अब इस एंटीसिपेटरी बेल का क्या मतलब है मान लीजिए कि मुझे ऐसा शक है मुझे ऐसा डाउट है कि मेरे ऊपर कोई एफआईआर होने वाली है या हो चुकी है और मेरा अरेस्ट वारंट कभी भी निकल सकता है या मेरा अरेस्ट किया जा सकता

20:29है यानी कि जब कभी भी कोई व्यक्ति ऐसा एंटीसिपेट करें या उसको ऐसा आभास हो कि उसका अरेस्ट हो सकता है तो वो उस वारंट के निकलने से पहले अपने अरेस्ट होने से पहले यानी कि अभी तक उसका अरेस्ट भी नहीं हुआ है वो जाके क्या अप्लाई कर सकता है सर बेल और इसी को कहते हैं एंटीसिपेटरी बेल जो कि

20:46दी हुई है 482 ऑफ बीएनएसएस यानी कि नई क्रिमिनल लॉ में अगली चीज क्या है सर अगली चीज है डिफॉल्ट बेल अब हमें एक बात बहुत अच्छी तरह से पता है क्या हमने लास्ट क्लास में पढ़ा था कस्टडी के बारे में कस्टडी कैसी हो सकती है सर कस्टडी हो सकती है या तो पुलिस कस्टडी या तो जुडिशियस कस्टडी मतलब

21:04इसका मतलब यह है कि अगर हमने कोई ऐसा अपराध किया है जिसकी सजा कितनी है सर 10 साल से कम है तो किसी व्यक्ति को मैक्सिमम 60 दिनों तक जेल में रखा जा सकता है ड्यूरिंग इन्वेस्टिगेशन और अगर किसी व्यक्ति ने कोई ऐसा अपराध किया है जिसकी सजा 10 साल से ज्यादा है तो उस व्यक्ति को मैक्सिमम 90 दिन के लिए पुलिस अपनी हिरासत

21:24में रख सकती है या उसको जेल में रखा जा सकता है ड्यूरिंग इन्वेस्टिगेशन अगर मान लो कोई व्यक्ति इन दोनों में से कोई भी अपराध किया और इन्वेस्टिगेशन 60 या 90 दिन से ज्यादा चल गई तो उस सिचुएशन में उस व्यक्ति के पास पूरा पूरा अधिकार है बेल मांगने का और ये बेल दी हुई है कहां पे सर

21:4160 सॉरी सेक्शन नंबर 187 ऑफ बीएनएसएस यहां तक चीजें समझ में आ रही है क्या एप्प्रिहेंशन ऑफ अरेस्ट करेक्ट करेक्ट बात है करेक्ट बात है बहुत बढ़िया चलो अब हम उसके बाद देखते हैं इंटरम बेल इंटरम बेल का मतलब क्या होता है इंटरम बेल का मतलब होता है कि जब कभी भी कोई ऐसा व्यक्ति है जिसको कुछ समय के लिए बेल चाहिए यानी कि

22:02ये परमानेंट बेल नहीं है मान लो उसने बोला कि सर मेरा एक मैटर है जो हाई कोर्ट में पेंडिंग पड़ा हुआ है अब जब तक ये मैटर मेरा हाई कोर्ट में पेंडिंग है या मेरी सुनवाई है हाई कोर्ट में चार दिन बाद इसी मैटर पे तो जब तक हाई कोर्ट 4 दिन तक वो सुनवाई नहीं कर देता तब तक के लिए मुझे

22:16बेल ग्रांट कर दी जाए फिर हाई कोर्ट का जो मैटर होगा वो मैं एगजैक्टली हाई कोर्ट का डिसीजन अपने ऊपर एप्लीकेबल मानूंगा यानी कि आपने कुछ शॉर्ट स्पैन के लिए बेल मांगी जब कोई आपका मैटर आगे कहीं पेंडिंग हो अब इस चीज चीज को हम फटाफट जल्दी से समझ लेते हैं बेल के टाइप्स और सेक्शन के साथ सबसे

22:33पहले हमें पता है क्या सबसे पहला टाइप है रेगुलर बेल का रेगुलर बेल का मतलब क्या होता है वो बेल जो एक नॉर्मल ऑफेंस में मिलती है यानी कि व्यक्ति गिरफ्तार हो चुका है व्यक्ति को कस्टडी में रख लिया गया है अब वो बेल मांगने जाएगा यहां पे चेंज क्या है यहां पे चेंज है कि जो ऑफेंस

22:50है यानी कि जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं वो दो टाइप का हो सकता है या तो वो नॉन बेलेबल होगा और या तो वो बेलेबल होगा अगर कोई व्यक्ति जिसने बेलेबल ऑफेंस कमिट किया है तो उस व्यक्ति का अधिकार है कि उसको बेल मिलना चाहिए और यह बात कहां दी हुई है सर यह बात दी हुई है

23:08478 सेक्शन ऑफ बीएनएसएस और अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जिसने कोई ऐसा अपराध किया है जो कि नॉन बेलेबल है तो उस सिचुएशन में कोर्ट की यह दया पे रहेगा कि इसको बेल देना है कि नहीं और यह बात दी हुई है 480 में अगला हमारे पास क्या है सर अगला जो हमारे पास टाइप है वो है एंटीसिपेटरी बिल

23:27एंटीसिपेटरी बिल का मतलब क्या होता है एंटीसिपेटरी बेल का मतलब होता है कि आपको पहले से पूर्व आभास है आपको पहले से आईडिया है कि आपका अरेस्ट पुलिस आके कर सकती है तो आप उस अरेस्ट वारंट के निकलने से पहले या पुलिस के आपके अरेस्ट करने से पहले या आपके अगेंस्ट एफआईआर दर्ज होने से पहले आपने क्या किया कोर्ट में गए और बोला

23:46कि सर मुझे डर लग रहा है मुझे ऐसा आभास है कि मेरा अरेस्ट हो सकता है तो आप मुझे एंटीसिपेटरी बेल दे दीजिए यानी कि पूर्व अनुमान के ऊपर अपनी बेल दे दीजिए ये बात कहां दी हुई है सर 482 ऑफ बीएनएसएस ठीक है सर ये वाली बात भी समझ में आ गई उसके बाद अगला क्या है सर

24:04डिफॉल्ट बेल अब ये डिफॉल्ट बेल क्या है ये मैंने आपको लास्ट क्लास में पढ़ाया था जिसने नहीं देखा है जाके देख लेना बहुत इंपॉर्टेंट पार्ट है जब कभी भी इन्वेस्टिगेशन चलती है पुलिस ने किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई सूचना मिली पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन शुरू करी जब इन्वेस्टिगेशन को शुरू किया तो पुलिस को थोड़ा टाइम लगेगा यह बात देखने में कि इसमें

24:21क्या-क्या सबूत है किसने ये अपराध किया तो उस सिचुएशन में हमारा कानून ये कहता है कि अगर किसी व्यक्ति ने कोई ऐसा अपराध यानी कि क्राइम किया जिसकी सजा 10 साल से कम है तो मैक्सिमम उस व्यक्ति को 60 डेज के लिए पुलिस या जेल में रखा जा सकता है यानी कि या तो पुलिस कस्टडी या तो जुडिशियस कस्टडी

24:39दोनों को मिला के मैक्सिमम 60 डे तक वो व्यक्ति जेल में कैद रह सकता है उससे ज्यादा अगर लंबी इन्वेस्टिगेशन चल गई यानी कि अगर एक दिन भी प्लस हुआ तो इस व्यक्ति के पास अधिकार होगा कि ये बेल ले ले यानी कि ये डिफॉल्ट बेल का अधिकार है उसने कोई भी अपराध किया हो बेलेबल नॉन बेलेबल अब

24:55उसका अधिकार है कि वो बेल ले ले और सिमिलरली अगर किसी व्यक्ति ने ऐसा क्राइम किया है जिसकी सजा 10 साल से ज्यादा है तो ये रूल है 90 दिन का यानी कि 90 दिन से ज्यादा अगर इन्वेस्टिगेशन चल गई तो उस व्यक्ति के पास एगजैक्टली ये अधिकार है कि वो अगले दिन से बेल लेने का हकदार होगा

25:09चाहे वो ऑफेंस बेलेबल हो या नॉन बेलेबल ये बात कहां दी हुई है सर 187 सेक्शन ऑफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जिसके ऊपर हमारा पूरा लास्ट लेक्चर बेस्ड था और आखिर में क्या आती है सर आखिर में आती है हमारे पास अ हां इंटरम बेल इंटरम बेल का मतलब क्या होता है सर इंटरम बेल का मतलब होता है

25:30किसी शॉर्ट टाइम पीरियड के लिए बेल मतलब कि मेरे पास एक मुझे अरेस्ट करने का वारंट निकल चुका है या मेरे ऊपर अरेस्ट की बात चल रही है या मेरा अरेस्ट हो गया है अब मैंने बोला है कि भाई साहब मैंने अपील फाइल करी है हाई कोर्ट में और जब तक हाई कोर्ट का डिसीजन नहीं आ जाता तब तक के लिए

25:46मुझे बेल दे दी जाए उसके बाद जो डिसीजन आएगा मेरे ऊपर एप्लीकेबल होगा यानी कि इंटरम यानी कि दो चीजों के होने के बीच में मैंने बेल मांगी जो कि बहुत शॉर्ट टाइम स्पैन के लिए है बात समझ में आ गई ये बेल के चार मेजर टाइप और हर चीज का ध्यान रखिएगा इनमें से कोई भी बेल हो कंडीशन

26:03इंपोज करी जाती है और बेल कभी भी कैंसिल हो जाती है इन दोनों चीजों का ध्यान आपको हमेशा रखना है बेल का टाइप चाहे कोई भी हो आई होप यह बात समझ में आ रही है 90 दिन के बाद ठीक है जो आदमी बेल नहीं होना कालिया चाहता है तो क्या होगा मतलब

26:24समझा नहीं मैं लकी जी एक बार आप जरा अपनी बात रिपीट करेंगे सर व्हाट इफ 370 फॉल्स एलिगेशन हाउ टू डील इसके बारे में हम अभी चर्चा करेंगे अभी क्लास का फ्लो नहीं टूटना चाहिए सर कन्वे होने के बाद कौन सी बेल ली जाएगी कंविद बेल नहीं होती है ध्यान रखो देखो मैं तुम्हें बार-बार ये बात समझा रहा हूं कन्वे के बाद नहीं होता

26:41कविक देखो किसी ब किसी किसी इंसान ने कोई ऑफेंस कमिट किया उसकी इंफॉर्मेशन मिली यानी कि एफआईआर हुई उसके बाद क्या हुआ उस व्यक्ति का अरेस्ट हुआ अरेस्ट होने के बाद इस व्यक्ति के पास ये बेल का अधिकार है और यह बेल का अधिकार कब तक रहता है जब तक यह

27:02इन्वेस्टिगेशन और ट्रायल चलता रहता है यानी कि जब तक ट्रायल चलता रहता है कन्विंसेस मान लिया यानी कि आपने इस बात को मान लिया कि वह व्यक्ति दोषी है उसकी गलती थी तो उसको जेल से बाहर आने का अधिकार है ही नहीं उस व्यक्ति को आपने मान लो 7 साल की जेल में भेज दिया तो इसका

27:25मतलब प्रूव हो गया कि वो व्यक्ति यानी कि ट्रायल खत्म उस व्यक्ति ने गलती करी थी सा साल के लिए जेल है तो अब उसको नो बेल कोई बेल नहीं मिल सकती सर चांस ही नहीं है ठीक है इस कंफ्यूजन में मत रहिएगा चलिए एंड डेथ एंड लाइफ इंप्रिजनमेंट डेथ देखो एक बार कोर्ट में सजा हो गई कोई बेल

27:44का प्रावधान नहीं है फिर पैरोल रोल होता है वो अलग चीज है बेल केवल इन्वेस्टिगेशन और ट्रायल तक चलता है ठीक है कोर्ट का फैसला आ गया मतलब गलती प्रूव हो गई तो बेल क्यों देंगे उसको चलो सेम टाइम के लिए नमस्ते गुरुजी हर्षित जी नमस्ते सस्पेंड कन्विंसिंग एवरी बेल कैन बी कैंसल्ड इसको

28:06हम आगे अभी पढ़ेंगे ठीक है चलो हर एक टाइप की बेल कैंसिल हो सकती है ठीक है चलो अब हम सेक्शन पे आके डील कर रहे हैं बड़ा आसान है जल्दी से समझना देखो सबसे पहले आता है सेक्शन नंबर 478 हमने याद किया था यह बात करता है अगर किसी व्यक्ति ने कोई बेलेबल ऑफेंस यानी कि कोई ऐसा अपराध किया

28:23है जहां बेल मिलना उसका अधिकार है तो उस सिचुएशन में उसको बेल कैसे दी जा जाएगी उसके बारे में बात हो रही है अब ध्यान से देखो अगर कभी किसी व्यक्ति ने कोई ऐसा अपराध किया है जो बेलेबल है तो उसको बेल पुलिस भी दे सकती है और मजिस्ट्रेट भी दे सकता है मतलब मान लो एक व्यक्ति है किस

28:39नाम का एक व्यक्ति है जिसका नाम है मिस्टर एक् इसने कोई बेलेबल ऑफेंस कमिट किया अगर इसने कोई बेलेबल ऑफेंस कमिट किया तो उस सिचुएशन में एक बहुत इंपॉर्टेंट बात क्या है हो सकता है इसको पुलिस अरेस्ट कर ले अब अगर पुलिस ने इसको अरेस्ट कर लिया तो मजिस्ट्रेट के पास 24 घंटे के अंदर लेके जाएगी लेकिन अगर इस बंदे ने ब एग्जीक्यूट

28:58करवा दिया पुलिस से तो पुलिस को ही यह अधिकार है कि वोह उस व्यक्ति को तुरंत बेल पर छोड़े एक बॉन्ड एग्जीक्यूट करवा के क्योंकि उसका अपराध बेलेबल है आपको इंतजार नहीं करना है कोर्ट जाने का और सेम चीज एप्लीकेबल है मजिस्ट्रेट पे भी यानी कि मजिस्ट्रेट भी उस व्यक्ति को बेल ग्रांट कर सकता है उसके बाद इसमें कुछ की वर्ड्स

29:15हैं उस बात को ध्यान से देखो सबसे पहली बात हुई बेलेबल ऑफेंस की ठीक है अब सेक्शन नंबर 478 कहता क्या है सेक्शन नंबर 478 कहता है कि जब कभी भी किसी इंसान ने कोई बेलेबल ऑफेंस किया जब कभी भी किसी इंसान ने कोई बेलेबल ऑफेंस किया तो उस सिचुएशन में उस व्यक्ति को एक सबसे इंपॉर्टेंट बात

29:35जो ध्यान में रखनी है वो यह है कि उससे एक बॉन्ड एग्जीक्यूट करवाएंगे और उसको छोड़ देंगे बॉन्ड का मतलब क्या है कि कोई व्यक्ति आएगा उसकी जिम्मेदारी लेगा बेल बॉन्ड हमने पढ़ा था कौन सा सबसेक्शन था ूडी डेफिनेशन क्लॉज नए क्रिमिनल लॉ में तो ये क्या कह रहा है ये व्यक्ति बॉन्ड भरना पड़ेगा इस व्यक्ति को लेकिन ऐसा भी तो हो

29:53सकता है कि ये व्यक्ति बहुत गरीब हो या ये व्यक्ति ऐसा व्यक्ति हो जिसके पास ना ऐसे लोग हो ना इतना पैसा हो ना इतने लोगों को जानता हो जो इसका बॉन्ड भर पाए इसकी जिम्मेदारी ले पाए कि आप इसको छोड़ दीजिए हम संभाल लेंगे तो उस सिचुएशन में यहां पे एक क्लॉज आता है इंडीजेंट पर्सन का सेक्शन

30:10नंबर 478 में ये क्या कहता है अगर कोई पर्सन इंडीजेंट है गरीब है या कोई ऐसा व्यक्ति है जो लाचार है मजबूर है जो नहीं भर सकता ऐसा बॉन्ड तो उस सिचुएशन में उस व्यक्ति ने भी बेलेबल ऑफेंस किया है तो बेल तो मिलनी है तो उस सिचुएशन में उसको बेल बॉन्ड ना देते हुए नॉर्म बॉन्ड जो

30:28होता है नॉर्मल बॉन्ड का मतलब क्या है हमने पढ़ा था कहां पढ़ा था सर 2e में 2e ऑफ द डेफिनेशन क्लॉज वो बताता है बॉन्ड के बारे में ये भी एक अंडरटेकिंग है लेकिन यहां पे कोई जिम्मेदारी लेने वाला यानी कि श्यर की जरूरत नहीं है और इसके बारे में भी रोल है अब कैसे पता चलेगा कि कोई

30:46व्यक्ति इंडीजेंट पर्सन है कि नहीं अगर फर्स्ट हैंड आपको अपीयरेंस से समझ में आ रहा है या पता चल रहा है बैकग्राउंड से कि ये व्यक्ति इंडीजेंट है तब तो ठीक है लेकिन अगर किसी इंसान ने कोई बेलेबल ऑफेंस कमिट किया और एक हफ्ते तक बेल के लिए अप्लाई नहीं किया तो उस सिचुएशन में मान लिया जाएगा कि वो व्यक्ति इंडीजेंट पर्सन

31:02है और उसको बेल दे दी जाएगी पर्सनल बॉन्ड पे और अगर इनमें से किसी को भी बेल मिली और उस व्यक्ति ने जो बॉन्ड में कंडीशन लिखी थी फॉलो नहीं किया तो उसी समय बेल कैंसिल और आपको वापस जेल में डाल दिया जाएगा अब जल्दी से देख लेते हैं 478 ने क्या बोला बेल कौन ग्रांट कर सकता है सर

31:20पुलिस ग्रांट कर सकता है और मजिस्ट्रेट भी ग्रांट कर सकता है और इंपॉर्टेंट बात हमने क्या देखी जो 478 है हमारा वो ये बात बताता है कि बेल जब कभी भी मिलेगी तो वो कैसे मिलेगी बेल बॉन्ड के बेस पे मिलेगी लेकिन अगर कभी भी कोई व्यक्ति क्या है इंडीजेंट पर्सन है तो उस व्यक्ति को क्या

31:41किया जाएगा नॉर्मल बॉन्ड यानी कि पर्सनल बॉन्ड यानी कि विदाउट श्योर पे दे दिया जाएगा अब ये कैसे तय करें कि कोई व्यक्ति इंडीजेंट पर्सन है कि नहीं अगर उसने कोई भी ऐसा अपराध किया जो कि बेलेबल है और एक हफ्ते तक वो क्या नहीं कर पाया बेल नहीं ले पाया तो मान लेना कि वो इंडीजेंट पर्सन

31:59है और उसको बेल दे देना आई होप यहां तक सबको बातें समझ में आ रही है साइबा जी अब मैं आपको ही ढूंढ रहा था तब से कि आप आएंगे तो मैं आपसे बात करूं पहले तो मैं आपसे क्षमा चाहूंगा कि क्लास क्यों नहीं हुई उसका कुछ टेक्निकल रीजन है मैं आपको बताऊंगा तो मैं आपके लिए ऑप्शन ये लेके

32:13आया हूं कि अभी आप इत्मीनान से कमेंट सेक्शन में मुझे सारे टॉपिक बताइए मैं वन शॉर्ट वीडियो लेके आऊंगा और एक ही क्लास में खत्म कर दूंगा क्योंकि थोड़ा टेक्निकल प्रॉब्लम है बहुत सारे बैंडविथ इश्यूज होते हैं ना तो हम बीच में कोई लेक्चर अपलोड नहीं कर सकते तो सबसे पहले आप मुझे सारे टॉपिक जो जो आपको आते हैं नहीं नहीं

32:28आते हैं आपके लिए इंपोर्टेंट है मुझे तुरंत कमेंट सेक्शन में जाके बताइए तो हम उसका वन शॉट लेके आऊंगा मैं सीधे और एक क्लास में इसको पढ़ के खत्म करेंगे सर निकल आते हैं क्रिमिनल देखिए समीर जी वो एक अलग बात है उसके बारे में हम चर्चा करेंगे लेकिन लॉ हमारे लिए सफिशिएंट है लॉ ऐसा नहीं है कि लॉ में कहीं कोई दिक्कत है

32:44चलिए सर जो आदमी बेल नहीं होना चाहता कोई बात नहीं लकी जी अगर कोई बेल नहीं लेना चाहता तो उसको बेल नहीं मिलेगी वो घर पे बैठेगा मतलब वही जेल में पड़ा रहेगा नहीं नहीं करेगा बेल उसके बाद आता है 479 बेल टू अंडर ट्रायल्स मैंने एक तस्वीर लगाई है इस तस्वीर को देखिए एक आदमी जेल में बंद

33:00है और इस जेल में बंद है और इस व्यक्ति का ट्रायल चल रहा है अब मैं आपको एक छोटी सी बात बताता हूं ध्यान से समझना तब ये सेक्शन समझ में आएगा एक शब्द है हमारे इंडियन लॉ में अंडर ट्रायल्स का ठीक है एक शब्द है हमारे इंडियन लॉ में अंडर ट्रायल्स का ये अंडर ट्रायल नाम का शब्द एक ऐसा शब्द है जिसके

33:21ऊपर यूनाइटेड नेशंस की रिसर्च हुई है बड़े-बड़े कन्वेंशन हुए हैं बहुत सारे देशों में एग्रीमेंट हुआ है कई सारे सुप्रीम कोर्ट के लैंडमार्क केस लॉज हैं जैसे कि उनमें से एक केस है हुसैन अरा खातून हुसैन अरा खातून केस ये हुसैन अरा खातून केस क्या है लैंडमार्क केस है सर

33:41बहुत लैंडमार्क केस है और इंडिया का फर्स्ट पीआईएल है ठीक है बात समझ में आ गई हुसैन अरा खातून केस भी इसी अंडर ट्रायल के ऊपर है अब बात को समझो क्या है मैं तुम्हें एक छोटी सी कहानी बताता हूं मैं एक लॉ स्टूडेंट रह चुका हूं सबको पता है भाई जाहिर सी बात है पढ़ा रहे हो तो तो

33:57पढ़ा ही होगा मैं एक बार गया जेल विजिट में ठीक है मैं इंटर्नशिप कर रहा था कहीं पे तो मैं जेल के विजिट पे गया जब मैं जेल की विजिट पे गया तो मैंने वहां देखा कुछ लोगों से बात हुई तो मुझे पता चला वहां पे कुछ ऐसे भी कैदी हैं वहां कुछ ऐसे भी कैदी हैं जिनके ऊपर आरोप है मतलब अभी

34:14इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट गई है और अभी उनका ट्रायल शुरू होना है या शुरू हो चुका है और उस केस जो उनके ऊपर बनाया गया है उसमें आरोप है कोई ऐसे केस का जिसमें मैक्सिमम सजा है 3 साल की यानी कि कोई एक व्यक्ति है मान लेते हैं राम दास नाम का कोई व्यक्ति है अगर इस यहां पे चैट बॉक्स में कोई रामदास है तो

34:34आई एम रियली सॉरी मान लेते हैं रामदास नाम का कोई व्यक्ति जिसने जिसके ऊपर आरोप लगाया है कि उसने कोई ऐसा अपराध किया है जिसकी मैक्सिमम सजा 3 साल है ठीक अब ये अंडर ट्रायल प्रिजनर्स कौन से होते हैं ये अंडर ट्रायल प्रिजनर वो होते हैं रामदास जी को हम अंडर ट्रायल प्रिजनर तब कहेंगे जब इनका मैटर कोर्ट में चल रहा हो और कहां

34:53चल रहा हो किस स्टेज पे हो ट्रायल पे हो यानी कि अभी एविडेंसेस को ले रहे हैं जज साहब फिर ये बात तय करेंगे कि एक दोषी है या नहीं है इसमें लंबा प्रोसेस चलता है अब इस बात को ध्यान रखो कि रामदास जी ने अपराध किया है केवल 3 साल का और वो पिछले डेढ़ साल से तो जेल में ही है ऐसे बहुत

35:10सारे लोग मिलेंगे यानी कि अभी तो ये भी तय नहीं हुआ कि इनकी गलती है कि नहीं और इन्होंने ऑलरेडी डेढ़ साल अपने जीवन के जेल में काट दिए इनको कहते हैं अंडर ट्रायल प्रिजनर यानी कि वो लोग जिनकी गलती अभी तक प्रूव भी नहीं हुई है और उसके बावजूद वो जेल में अपना समय काट रहे हैं

35:23इन अंडर ट्रायल प्रिजनर्स को पहचानना कैसे है जब कभी भी आपको जेल जाने का मौका मिले एज अ लॉ ग्रेजुएट एज अ विजिटर तो आपको दिखेंगे कुछ लोग यूनिफॉर्म में यूनिफॉर्म मतलब वो जो वाइट ड्रेस होती है ना वो होते हैं कैदी यानी कि ये वो लोग होते हैं जेल में जिनको सजा हो गई है और ये अपनी सजा

35:41काट रहे हैं ये अपने जेल की ड्रेस में होते हैं एक तरफ आपको मिलेंगे घर के कैजुअल ड्रेसेस में लोग जींस पहने हुए टीशर्ट पहने हुए और इनकी तादाद बहुत ज्यादा है जेल में ये होते हैं अंडर ट्रायल्स ये वो लोग हैं जिनका अभी तक ट्रायल चल रहा है और इनको अभी तक न्याय इंसाफ ही नहीं मिला ठीक है बात समझ समझ

35:57में आ रही है एक सेकंड अ कोई कुछ कह रहा है क्या ओके सर क्लियर मेंटेनेंस केस क्रिमिनल जस्टिस क्रिमिनल जस्टिस ठीक है बहुत सही बात है ठीक है सर साइबा जी मैं इसका स्क्रीनशॉट ले रहा हूं मैं इसको देख लूंगा डोंट वरी ठीक है सर मेरे इसके पहले की क्लास मिस हो

36:19गई है कोई बात नहीं प्रतिभा जी आप पहली वाली क्लास देखेंगे आपको समझ में आ जाएगा तो हम अंडर ट्रायल के बारे में बात कर रहे हैं अब मैं आपको क्या बताने वाला हूं अंडर ट्रायल के लिए नई क्रिमिनल लॉ का जो सेक्शन नंबर 479 है वो बेल के बारे में बात करता है सबसे पहले मुझे कमेंट सेक्शन

36:32में बताओ उनका अधिकार है कि नहीं बेल मिलने का कोई ऐसा व्यक्ति जो जेल में बंद है क्योंकि उसका केस अभी पेंडिंग है पता भी नहीं कि उसकी गलती थी कि नहीं और उसको जेल में बंद कर रखा है उसका तो सबसे पहला अधिकार बनता है जेल से बाहर जाने का यानी कि बेल मिलने का भले ही बाद में प्रूव हो

36:46जाए तो जेल में डाल देना तो हमारा सेक्शन 479 भी इसी के बारे में बात करता है ये क्या कहता है अगर कभी भी अगर कभी भी कोई ऐसा अपराधी है कोई भी ऐसा अपराधी है जिसने ने किसी ऐसे अपराध किया है जिसके ऊपर आरोप है कोई ऐसा अपराध करने का जिसकी आधी सजा वो ऑलरेडी एज अ अंडर ट्रायल प्रिजनर काट

37:07चुका है मतलब कि अगर कोई व्यक्ति है रामेश्वर नाम का और इस व्यक्ति का ट्रायल चल रहा है अभी कोर्ट में और जो उसके ऊपर आरोप लगा है उसमें मैक्सिमम सजा हो सकती है इसको 7 साल की और उस सिचुएशन में देखा गया कि यह पहले से ऑलरेडी 4 साल से तो जेल में ही है 4 साल से इसका ट्र

37:27लही चल रहा है तो उस सिचुएशन में इस व्यक्ति को तुरंत बेल ग्रांट कर दी जाए यानी कि यह बेल लेने का हकदार होगा उसके बाद अगर कोई फर्स्ट टाइम ऑफेंडर है फर्स्ट टाइम ऑफेंडर मतलब कोई ऐसा व्यक्ति जिसने पहली बार कोई अपराध किया है इससे पहले उसका कोई भी आपका क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था तो उस सिचुएशन में अगर उसने वन थर्ड

37:47पनिशमेंट काट ली है तो उसको बेल दे दें वन थर्ड पनिशमेंट का क्या मतलब है वन थर्ड पनिशमेंट का मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति है जिसका मैक्सिमम सजा है जिसकी जिसने कोई ऐसा अपराध किया है जिसकी मैक्सिमम सजा है 3 साल तो अगर उसका एक साल भी कंप्लीट हो गया जेल में ट्रायल चलते-चलते तो उसको बेल

38:06दे देनी है उसके बाद इस बात का ध्यान रखना है कि अगर कभी भी मान लो जो एक्यूज्ड है उसको भी ये बात पता चलेगी कि भाई कोई भी ऑफेंस कमिट करो आधे से ज्यादा अगर कंप्लीट हो गया अगर मैं इससे पहले कर चुका हूं और अगर पहली बार कर रहा हूं तो 1/3 अगर मैंने समय जेल में काट लिया तो बेल मिल जाएगी तो

38:22हो सकता है वही अपने वकील को बोल दे कि भाई मेरे केस को आगे बढ़ाओ मेरे केस की तारीखें आगे बढ़ाओ ताकि ये समय कटे यार जल्दी से तो उस सिचुएशन में अगर कोर्ट को ये देखना है कि ये जो देरी हुई है ट्रायल में ये एक्यूज्ड के कारण ही हुई है तो उस व्यक्ति को बेल नहीं मिलेगी उसके बाद जब

38:39कभी भी पब्लिक प्रोसीक पब्लिक प्रोसीक कौन होता है सर जो सरकार की तरफ से केस को लड़ता है अगर उसने अपने आर्गुमेंट में कोर्ट को सेटिस्फाई कर दिया कि इसका भले ही आधे से ज्यादा समय जेल में बीत गया है लेकिन इसको बेल नहीं मिलनी चाहिए तो कोर्ट बेल मना भी कर सकती है उसके बाद नो डिटेंशन बियोंड मैक्सिमम पनिशमेंट अब मान

38:57लो कोई व्यक्ति है एक् नाम का उसने कोई अपराध किया था जिसकी मैक्सिमम सजा थी 7त साल लेकिन इसका जो है ट्रायल चला 9 साल और ये पिछले 9 साल से जेल में है यानी कि जितनी सजा इसको मैक्सिमम इस केस में मिल सकती थी उससे ज्यादा सजा तो ये ऑलरेडी जेल में काट चुका है तो ऐसी सिचुएशन आने पे उस

39:16व्यक्ति को कंपलसरेली बेल देनी होगी कोई फर्क नहीं पड़ता कि आगे केस में क्या होता है उसके बाद अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जिसको इस सुविधा का फायदा उठाना है यानी कि वो ये क्लेम कर रहा है कि उस उसने फर्स्ट टाइम कोई ऑफेंस किया है तो ध्यान रखना फर्स्ट टाइम ऑफेंडर अगर एक से ज्यादा अपराध किया हुआ है तो उसको इसकी सुविधा का

39:35लाभ नहीं मिलेगा उसने चोरी भी करी डकैती भी करी मर्डर भी किया सब कर दिया उसने तो ऐसी परिस्थिति में क्या होगा मामला ऐसी परिस्थिति में मामला सिंपल है इसको यह वन थर्ड वाली कंप्लीशन का पार्ट का फायदा नहीं मिलेगा चलिए गुड इवनिंग अनुष्का जी ठीक है साइबा जी मैं नोट कर रहा हूं आप करते जाइए कोई दिक्कत नहीं है

39:57अच्छा आपकी पहली क्लास है ठीक है बहुत बढ़िया एसएस सीसी जी कोई टेंशन नहीं है ठीक है डाउडी डेथ में सर रिकॉग्निशन नेशन ठीक है ठीक है ठीक है बहुत बढ़िया चलो चलो चलो कॉमिनेशन भी मिलेगा क्या किस चीज का कॉमिनेशन पूछ रहे हो भाई और हां यह बात कैसे तय करी जाएगी कि किसी अंडर ट्रायल प्रिजनर ने कितना समय जेल में

40:17काटा है सुपरिटेंडेंट ऑफ जेल उसके बारे में रिपोर्ट बना के देगा चलो अगले सेक्शन की तरफ आगे बढ़ते हैं हमारा अगला सेक्शन क्या है सर हमारा अगला सेक्शन है 48 बेल इन नॉन बेलेबल ऑफेंस सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक क्या जब कभी किसी व्यक्ति ने कोई ऐसा क्राइम किया हो जिस जो कि नॉन बेलेबल हो यानी कि सीआरपीसी का शेड्यूल वन ने

40:38अपने आप ही बोल दिया कि भैया इतना बड़ा अपराध किया है कि इसको बेल देना ही मत बेल मिलनी ही नहीं चाहिए तो उस सिचुएशन में भी उस उस इंसान को इस बात का अधिकार है कि वो बेल ले सकता है फर्क क्या है यहां पे जब उसने कभी बेलेबल ऑफेंस किया तो वो हक से जाके कोर्ट को बोलेगा कि मुझे बेल दो

40:55तुम्हें छोड़ना पड़ेगा मुझे लेकिन जब कभी भी उसने कोई नॉन बेलेबल ऑफेंस कमिट किया तो उस सिचुएशन में वो हाथ जोड़ के कोर्ट के पास जाएगा और जाके बोलेगा कि सर प्लीज बेल दे दीजिए और अगर कोर्ट का मूड हुआ तो बेल देगी वरना नहीं अब इसी के बारे में पूरी बात करता है सेक्शन नंबर 480 अब इसके

41:10छोटे-छोटे प्रोविजंस है इसको ध्यान से देखो बेल की एलिजिबिलिटी क्या होती है वो तब करी जाती है जब कभी किसी व्यक्ति ने नॉन बेलेबल ऑफेंस किया हो यानी कि ये सेक्शन अप्लाई होता है नॉन बेलेबल ऑफेंस में उसके बाद क्या है एक्सेप्शन फॉर डिनायल नॉट ग्रांटेड इफ द ऑफेंस इज पनिशेबल बाय डेथ लाइफ इंप्रिजनमेंट द एक्यूज हैज प्रायर सीरियस

41:32कन्विंसिबल देना है कि नहीं तो कोर्ट दो-तीन चीजें देख सकती है सबसे पहले क्या इससे पहले इसको कोई सजा हुई थी अगर हुई थी तो कोर्ट मना कर सकती है या जिस चीज का इसके ऊपर एक्यूजेशन लगा है जिस चीज का इसके ऊपर आरोप है उसकी सजा डेथ है उसकी सजा लाइफ इंप्रिजनमेंट है तो उस सिचुएशन में भी कोर्ट मना कर सकती है कि बेल नहीं

41:50देंगे स्पेशल कैटेगरी यानी कि बेल मे बी ग्रांटेड इफ द एक्यूज इज अ चाइल्ड वुमेन सिक और इनफॉर्म यानी कि अगर कभी भी कोई ऐसा अक्यू ज्ड है जिसकी उम्र 18 साल से कम है या कोई महिला है या कोई बीमार व्यक्ति है या कोई ऐसा व्यक्ति है जिसकी मेंटल सिचुएशन सही नहीं है तो उस सिचुएशन में

42:06उसको बेल दी जा सकती है क्योंकि वो जरूरतमंद है पब्लिक प्रोसेक हियरिंग जब कभी भी किसी इंसान को नॉन बेलेबल ऑफेंस में बेल देनी होगी तो उस सिचुएशन में उस इंसान को कोर्ट को यह बात हमेशा तय करनी है कि वो पब्लिक प्रोसकौर को सुने बेल दी ही नहीं जा सकती नो एफआईआर रिक्वायर्ड लैक ऑफ एफआईआर फ डज

42:27नॉट ब्लॉक एंटीसिपेटरी बेल ठीक है अच्छा ये ये बेसिकली क्या कह रहा है ये तो एंटीसिपेटरी बेल के बारे में कह रहा है इसको तो हम आगे पढ़ेंगे ट्रायल डिले 60 डेज एक्यूज कैन गेट बेल्ड इन ट्रायल इफ डिलेज ओवर 60 डेज इन मजिस्ट्रेट कोर्ट कोई भी एक्यूज्ड एक बात ध्यान रखना एक बड़ा इंपॉर्टेंट रूल है कभी भी कोई भी अगर

42:45एक्यूज्ड है उस एक्यूज्ड के पास यह राइट है कि मजिस्ट्रेट के कोर्ट में ध्यान रखना मजिस्ट्रेट के कोर्ट में उसका जो ट्रायल है वो कितना पेंडिंग रह गया मोर देन 60 डेज दो महीने से ज्यादा अगर उसके केस में लग गए ट्रायल को तो वह इस बात का अधिकारी होगा कि वह जाके बेल को अप्लाई कर सकता है

43:05ठीक है कोर्ट मे ग्रांट कोर्ट मे नॉट ग्रांट प्रिजंस ऑफ इनोसेंस यानी कि अगर कोर्ट को ऐसा लग रहा है कि अभी ट्रायल चल रहा है और हम ऐसा प्रिज्यूम कर रहे हैं कि ये व्यक्ति इनोसेंट प्रूव हो सकता है तो भी कोर्ट क्या करेगी उस व्यक्ति को अपना बेल ग्रांट कर देगी रिटन रिस्पांस फॉर बेल क्या करेगा जो भी कोर्ट है जो किसी नॉन

43:24बेलेबल ऑफेंस में किसी व्यक्ति को बेल ग्रांट कर रहा है उसको अपने रीजन को लिखना पड़ेगा अगर बेल का बॉन्ड उसने ब्रेक किया तो दोबारा रिअसाइन हैं उसके अटेंडेंस को लिखना पड़ेगा अब ध्यान से देखो ये सेक्शन कहता क्या है ध्यान से देखना सबसे पहले हमें देखना है 478 में हमने देखा कि जब कभी भी कोई व्यक्ति कोई बेलेबल अपराध करता है तो उसको

43:45बेल कैसे दी जाएगी 480 बोलता है कि जब कभी भी कोई व्यक्ति नॉन बेलेबल अपराध करता है इसकी कंडीशन क्या बोली कि भाई सबसे पहले अगर कोई ऐसा व्यक्ति है तो उसको क्या करना है कोर्ट के पास जाना है कोर्ट अपने डिस्क्रीशन से तय करेगी कि इसको बेल देनी है या नहीं और उसमें कुछ इंपॉर्टेंट बातें बोली सबसे पहली बात तो ये थी कि अगर कोई

44:07ऐसा व्यक्ति है जिसने कोई नॉन बेलेबल ऑफेंस कमिट किया है और वो कहां जाए सर किसी मजिस्ट्रेट के कोर्ट में उसका ट्रायल चल रहा है और 60 दिन से ज्यादा बीत गए हैं तो उस व्यक्ति को बेल मिल सकती है उसके बाद उसके बाद अगली बात ये है कि अगर कोई व्यक्ति ने ऐसा अपराध किया है जिसकी सजा

44:24डेथ है या लाइफ इंप्रिजनमेंट है या कोई बहुत सीरियस अपराध किया है तो उसको नो बेल का प्रावधान है यानी कि कोर्ट मना भी कर सकती है उसके बाद अगर कोई वुमेन है यानी कि महिला है कोई चाइल्ड है उसके बाद कोई ओल्ड पर्सन है या कोई इनफॉर्म पर्सन है तो उसको भी क्या करेंगे हम उसको भी हम दे

44:44सकते हैं बेल ये ओल्ड नहीं सिक पर्सन है सॉरी कोई ऐसा व्यक्ति जो कि बीमार हो तो उसको भी बेल मिल सकता है और उसके बाद क्या है बॉन्ड एग्जीक्यूट होगा सर बॉन्ड में अगर कुछ भी कंडीशन को ब्रेक किया तो वो भी चला जाएगा यानी कि हमने दो सबसे इंपोर्टेंट चीजों को पढ़ लिया कि भैया बेल

44:58बॉन्ड क्या है अ अच्छा कुछ कह रहे हैं अच्छा आप लोग की भी पहली क्लास है बहुत बढ़िया सर इफ अ पर्सन इज कन्विंस्ड बट हिज सेंटेंस रिमिटेड टू 20 इयर्स देन अ पर्सन विल बी रिलीज्ड ऑनन बेल और एक्विटेड नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं अब ये तो डिपेंड करता है उसने अभी तक कितना समय काट लिया है बात समझ में आ गई बेल

45:19कन्वे के बाद मिलती ही नहीं है वो बेल नहीं होती ठीक है वहां पे अगर अगर मान लो उसकी सजा माफ़ कर रहे हैं मैं तो बोल रहा हूं सजा माफ़ कर रहे हैं अपील में गया गलती पता नहीं चली तो वो एक्वेट होगा एक्वेट यानी कि दोष मुक्ति हो गई उसकी ठीक है गुड इवनिंग मोनालिशा जी चलिए शुरुआत

45:34करते हैं हम लोग और भी ज्यादा चीजों को समझने की अब आता है 482 जो कि बात करता है एंटीसिपेटरी बेल के बारे में बहुत इजी है ध्यान से समझ लो क्या कहता है लेकिन इस बात का ध्यान रखना एंटीसिपेटरी बेल बेल में सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक है रेगुलर बेल नॉर्मल बेल बहुत इजी है एंटीसिपेटरी बेल में केस लॉज भी है इसलिए ध्यान से देखना

45:53एप्लीकेशन ऑफ एंटीसिपेटरी बेल अ पर्सन फेयरिंग अरेस्ट ऑफ नॉन बेलेबल ऑफेंस कैन अप्लाई टू द हाई कोर्ट और कोर्ट ऑफ सेशन फॉर एंटीसिपेटरी बेल दो चीजें पता चली कोई ऐसा व्यक्ति जिसने कोई नॉन बेलेबल ऑफेंस के बारे में उसको इस बात का शक है कि उसका अरेस्ट हो सकता है उसको डर लग रहा है कि मेरा अरेस्ट हो सकता है तो वो क्या करेगा

46:10सर एंटीसिपेटरी बेल क्लेम करेगा केवल दो ही जगह कर सकता है एक कर सकता है कोर्ट ऑफ सेशन में और दूसरा कर सकता है हाई कोर्ट में कंडीशंस ऑन बेल क्या है कोर्ट जब कभी भी उसको बेल देगी तो कुछ कंडीशन उसके ऊपर लगा सकती है जैसे कि एबिलिटी ऑन फ फॉर इंटेरोगेशन पुलिस जब कभी भी उसको पूछताछ

46:30के लिए बुलाए तो उस व्यक्ति को आना होगा नो इन्फ्लुएंस ऑन विटनेसेस जितने भी गवाह हैं जितने भी विटनेसेस हैं एक सेकंड जितने भी गवाह हैं जितने भी विटनेस विटनेसेस हैं उनको ये इन्फ्लुएंस नहीं करेगा यानी कि उनको गुमराह नहीं करेगा ट्रैवल रिस्ट्रिक्शन उसके ऊपर

46:50रिस्ट्रिक्शन लगाया जा सकता है कि भैया तुम तो हमारे पास कैसे आए कि सर मैं बहुत डरा हुआ हूं शायद मेरा अरेस्ट करने ये लोग कोर्ट ने बोला ठीक है तुम्हें बेल दे देते हैं पहले ही अरेस्ट होने के पहले ही लेकिन इस बात का ध्यान रखना कि किसी भी ऐसी जगह पे मत जाना जहां पे तुम एक्सेसिबल ना हो

47:04और कोर्ट को जो भी ठीक लगे वैसी एडिशनल कंडीशन भी लगाई जा सकती है उसके बाद प्रोसीजर इफ अरेस्टेड अगर उस पर्सन को अरेस्ट कर लिया गया है बिना किसी वारंट के तो वो तुरंत क्या कर सकते हैं तुरंत बेल को मांग सकते हैं अब जल्दी से मैं जो बता रहा हूं उसको ध्यान से समझ लेना 482 बात करता है एंटीसिपेटरी बेल के बारे

47:25में ठीक है बहुत बढ़िया बात है एंटीसिपेटरी बेल का रूल क्या कहता है आपको फियर है यानी कि आपको डर लग रहा है कि आपका अरेस्ट कोई कर सकता है तो आप डरते डरते कहां जाओगे कोर्ट के पास जाओगे ये कोर्ट या तो सेशंस कोर्ट होगी या तो हाई कोर्ट होगी और जाके बोलोगे कि सर मेरा अरेस्ट हो सकता है मुझे छोड़ दीजिए अब ये

47:44कोर्ट जो है इसके पास ये पूरा पूरा प्रावधान है कि वो आपको एंटीसिपेटरी बेल दे दे यानी कि अभी आपका अरेस्ट हुआ नहीं है आपको बेल दे दे वो आपको बेल ग्रांट कर देगी लेकिन इस बेल के साथ वो लगा सकती है आप आपके ऊपर कुछ बहुत सारी कंडीशंस यानी कि कुछ शर्तें जिसको आपको मानना होगा ये

48:02कंडीशंस क्या है कंडीशंस ये हो सकती है कि आप विटनेस के साथ छेड़छाड़ मत करना इन्वेस्टिगेशन में पार्टिसिपेट करना जब हम बुलाए आ जाना किसी दूसरे शहर मत जाना और उसके साथ ही साथ सबसे इंपॉर्टेंट बात जो है ना इस एंटीसिपेटरी बेल की वो क्या है वो ये है कि जब कभी भी कोई ऐसा ऑफेंस होता है जैसे कि रेप का ऑफेंस या वुमन से

48:21अगेंस्ट ऑफेंस तो उस सिचुएशन में एंटीसिपेटरी बेल ना मिलने का प्रावधान है या एंटीसिपेटरी बेल नहीं देनी इसके कुछ एक्सेप्शन है जो अलग-अलग केसेस में देखे गए हैं लेकिन ये ये कहता है कि आप जो है क्या करेंगे कभी भी एंटीसिपेटरी बेल नहीं ग्रांट करेंगे अब हमारे पास आता है वही केस घूम के दोबारा गुरु बक्स सिंह सिबिया

48:40वर्सेस स्टेट ऑफ पंजाब 1980 लैंडमार्क केस है सर किसका यह हमारे बेल का ठीक है इसको भूलना नहीं है कोर्ट ग्रांट कोर्ट ग्राउंड पूछती है जमानत देने के लिए बिल्कुल चलिए ठीक है 420 का केस चल रहा है काफी टाइम से आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं है एनबी भी भी चालू

49:00हो तो क्या तरफ से केल चल सकता है क्या तो क्या तो क्या एक्स तरफ एक तरफा केस चल सकता है अच्छा एक्स पार्टे पूछ रहे होंगे शायद आप नहीं नहीं नहीं इसमें आप देखिए किसी भी क्रिमिनल केस में सीधे एक्सपर्टे थोड़ना हो जाएगा इसमें बहुत सारी चीजें होती है फिर इंटरम बेल क्या है इंटरम बेल भी बताएंगे विधिक नॉलेज जी बिल्कुल

49:18बताएंगे अभी चिंता मत करिए गिरफ्तारी पूर्व जमानत अरुणा शानबाग का केस ठीक है चलो अब ध्यान से देखो मैं जो बता रहा हूं गुरु भक्ष सिं केस में क्या हुआ था रीजन टू बिलीव सबसे पहले सबसे पहले इस केस में यह बोला गया कि एंटीसिपेटरी बेल का मतलब ये नहीं कि आज प्रांजल सर खड़े हुए थे एकदम से वो कुछ बैठ के चले गए थे सोच रहे

49:35थे कुछ गहरी सोच में पड़े रहे और उसके बाद उनके दिमाग में ख्याल आया कि अरे यार हो सकता है कि कोई स्टूडेंट को मेरे पढ़ाने का स्टाइल अच्छा ना लगे और वो मेरे ऊपर क्रिमिनल केस कर दे तो मैं एक काम करता हूं इससे पहले कि कोई बच्चा ये करे मैं जाता हूं और जाके पुलिस थाने में बोलता

49:47हूं कोर्ट में अपील करता हूं और जाके बोलता हूं कि मुझे एंटीसिपेटरी बेल दे दो मेरा अरेस्ट हो सकता है तो कोर्ट शायद मेरे गाल पे एक झापड़ खींच के मारेगी मजाक कर रहा हूं तो कोर्ट क्या बोली कोर्ट बोलेगी कि आपके पास रीजन टू बिलीव है कि नहीं आपके पास कोई सॉलिड ग्राउंड होना चाहिए यहां पे देखिए आपको लिखा हुआ है

50:03रीजन टू बिलीव दैट दैट पर्सन मे बी अरेस्टेड यानी कि उस पर्सन के पास ऐसा सॉलिड एविडेंस या सॉलिड ग्राउंड होना चाहिए कि उसका अरेस्ट हो सकता है अन्यथा एंटीसिपेटरी बेल नहीं मिलती कोर्ट्स रिस्पांसिबिलिटी हाई कोर्ट और कोर्ट ऑफ सेशन मस्ट इवेलुएट एंटीसिपेटरी बेल रिक्वेस्ट कैन नॉट लीव इट टू द मजिस्ट्रेट डिस्क्रीशन अंडर सेक्शन 437 अब ये कह रहा

50:22है कि जब कभी भी हाई कोर्ट के पास एंटीसिपेटरी बेल का मैटर आया तो उसको खुद इस बात को इवेलुएट करना है कि इस व्यक्ति को एंटीसिपेटरी बेल देनी है या नहीं वो मजिस्ट्रेट के ऊपर ये बात नहीं छोड़ सकती ये बहुत बात बहुत ज्यादा रिलेटेड है इस केस के फैक्ट से एफआईआर नॉट रिक्वायर्ड सबसे पहली बात कोर्ट को ये नहीं देखना है

50:40कि एक एफआईआर दर्ज हुई है कि नहीं हुई है यानी कि अगर कोई पर्सन आपके आपके पास आके बोल रहा है कि मुझे एंटीसिपेटरी बेल दे दो तो आपको ये नहीं देखना है कि एफआईआर दर्ज हुई है कि नहीं है कि अरे तुम्हारी तो एफआईआर ही नहीं हुई अरेस्ट कहां से होगा जाओ नहीं अगर एक व्यक्ति आया है उसके पास

50:53सॉलिड रीजन है एफआईआर रजिस्टर नहीं हुई है तो उसके बाद भी आप आप उसको एंटीसिपेटरी बेल दे दीजिए कंडीशन फॉर ग्रांटिंग बेल जब कभी भी किसी व्यक्ति को दिया जाता है क्या एंटीसिपेटरी बेल तो उसमें कुछ कंडीशंस लगाई जाती है क्या है जैसे कि उस व्यक्ति को जब कभी भी पुलिस आएगी बुलाएगी इंटेरोगेशन के लिए उस व्यक्ति को आना होगा

51:13और सारे के सारे प्रोसीडिंग में कोऑपरेट करना होगा पोस्ट अरेस्ट लिमिटेशन वंस अरेस्टेड फॉर एन ऑफेंस द इंडिविजुअल कैन नॉट अप्लाई फॉर एंटीसिपेटरी बिल रिलेटेड टू दैट ऑफेंस अब ध्यान से देखना एंटी टरी बेल जिसके बारे में मैं अभी आपको पढ़ा रहा हूं यह कब ली जाती

51:33है अरेस्ट से प्रीवियस यानी कि पहले अगर कोई ऐसा इंसान है जिसका अरेस्ट होने वाला है और उसको डाउट है तो वह क्या करेगा वो जा सकता है हाई कोर्ट या सेशंस कोर्ट के पास और जाके क्या मांग सकता है एंटीसिपेटरी बेल अगर अरेस्ट हो गया अगर

51:55किसी व्यक्ति ने उसको अरेस्ट कर लिया तो एंटीसिपेटरी बेल नहीं मिल सकती मान लो यह व्यक्ति हाई कोर्ट के पास गया और हाई कोर्ट ने बोला बेल ग्रांटेड और ये बेल का आदेश जैसे ही आया दूसरी तरफ वो आदमी गिरफ्तार हो गया तो अगर गिरफ्तार कर भी लिया है पुलिस ने तो प्रोसेस ये कहता है कि अगर आपके पास एंटीसिपेटरी बेल है तो आप

52:12तुरंत उस बॉन्ड को ले जाओ और जाके एग्जीक्यूट कर दो पुलिस को दिखा दो आपको बेल तुरंत मिल जाएगी उसके बाद एक और लैंडमार्क केस आता है ठीक है ये तो वही केस है चलिए उसके बाद हमारा एक और लैंडमार्क केस आता है वो आता है सुशीला अग्रवाल वर्सेस स्टेट ऑफ दिल्ली 2020 यानी कि रिसेंट केस है यहां पे क्या हुआ यहां

52:31पे बोला गया कुछ और बातें कॉंक्रीट बेसिस एंटीसिपेटरी बेल एप्लीकेशंस मस्ट रिलाई ऑन स्पेसिफिक फैक्ट्स यानी कि जब कभी भी कोई व्यक्ति एंटीसिपेटरी बेल के लिए अप्लाई करे तो उसके पास स्पेसिफिक फैक्ट होना चाहिए कि सर मेरा अरेस्ट हो सकता है मैं गारंटी देता हूं नोटिस टू बी टू द प्रॉसिक्यूटर नोटिफाई द पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अबाउट द एप्लीकेशन जब कभी भी

52:49कोई व्यक्ति एंटीसिपेटरी बेल के लिए अप्लाई करें तो जो पब्लिक प्रोसीक है यानी कि जो विक्टिम की साइड से केस लड़ेगा कोर्ट को उसको तुरंत इफॉर्म करना है कि भैया ये एंटीसिपेटरी बेल लेके आया है मुझे बताओ क्या करना है उसके बाद नो टाइम लिमिट कोर्ट्स आरन रिक्वायर्ड टू इंपोज टाइम रिस्ट्रिक्शन ऑन बेल यानी कि कोर्ट को

53:05जरूरत नहीं है एंटीसिपेटरी बेल में यह बोलने की कि तुम्हें ये केवल 4 दिन के लिए दे रहे हैं ठ दिन के लिए दे रहे हैं या 10 दिन के लिए दे रहे हैं उसके साथ ही साथ कोर्ट ये भी नहीं कह सकती कि तुम्हें 15 दिन के अंदर मेरे पास आना था तभी इंटरम बेल मिलती यह बात भी गलत है उसके बाद

53:18कंसीडरेशन फॉर ग्रांटिंग बेल एसएसएस ऑफेंस सीवियरिंग एप्लीकेंट्स रोल एंड केस फैक्टस जब कभी भी किसी व्यक्ति को एंटीसिपेटरी बेल देनी है तो इस बा का ध्यान रखना है कि वो व्यक्ति का पुराना रिकॉर्ड क्या है वो कैरेक्टर कैसा है ऑफेंस कितना सीरियस है उसके बाद ही एंटीसिपेटरी बेल देना है क्योंकि बहुत बड़ी बात होती है उसके बाद

53:35ड्यूरेशन बेल कंटिन्यूज अंट्स एंड इवन आफ्टर चार्ट शट फाइलिंग यानी कि चार्ट शीट फाइल होने के बाद भी अगर उसमें कोई टाइम लिमिट नहीं लिखी है तो वो कंटिन्यू रहती है ऐसा कभी भी नहीं होता कि बेल का मतलब यह है कि जैसे ही ट्रायल शुरू हुआ बेल खत्म नहीं बेल में अगर टाइम लिमिट नहीं लिखा है तो बेल तब तक कंटिन्यू रहेगी जब

53:52तक उस बेल को स्पेसिफिकली कैंसिल ना किया जाए उसके बाद इस स्पेसिफिक ऑर्डर्स बेल शुड बी लिमिटेड टू स्पेसिफिक इंसिडेंट नॉट ब्लंकेट ऑर्डर्स ठीक है इसका मतलब ये है कि बेल कभी भी दी जाती है तो उसमें कोई और ऐसा ओवरकम या ओवर आउटपुट ऑर्डर नहीं देना है जो उसको ओवरशैडो कर दे या अननेसेसरी रिस्ट्रिक्शन लगाए और उसके साथ ही साथ

54:11रिव्यू बिलिटी यानी कि हाई कोर्ट यानी कि जिस भी कोर्ट ने बेल ग्रांट करी है उसकी ऊंची अदालत के ऊपर ये हमेशा पास उसके पास ये हक है कि वो क्या कर सकती है रिव्यू कर सकती है कि बेल जो दी गई है वो कैसी है वो सही है कि गलत है तो जो एंटीसिपेटरी बेल हम पढ़ रहे हैं उसमें एक बहुत बड़ी चीज है

54:28उसका ध्यान रखना बहुत इंपॉर्टेंट चीज है अगर पूरी क्लास में ध्यान नहीं दे रहे थे तो यहां ध्यान प्लीज दे दो यह मेरी रिक्वेस्ट है आपसे ठीक है विशाखा वर्सेस स्टेट ऑफ राजस्थान वो विशाखा गाइडलाइंस का केस है ठीक है वो विशाखा गाइडलाइंस का केस है दूसरा मैटर है ठीक है चलो हां बेल बॉन्ड फॉर फीट हो जाएगा अच्छा

54:45और क्या है फिर इंटरम बेल क्या है बताएंगे बताएंगे गुड इवनिंग नंदिनी जी चलिए पीडीएफ भी दिलवा देंगे आपको चिंता मत करिए सर डायरेक्ट हाई कोर्ट जा सकते हैं क्या लोग जाते हैं कई बार जाते हैं चलो ध्यान से देखो बहुत ध्यान से देखो एंटीसिपेटरी बेल 482 सीआरपीसी वर्सेस बीएनएसएस का कंपैरिजन कर रहा हूं बहुत इंपॉर्टेंट बात लिखी है ध्यान से सुनना जब

55:06कभी भी सीआरपीसी क्या कहता था सबसे पहले ये देखो सीआरपीसी कहता था कि कभी भी कोई गैंग रेप का एक्यूज्ड है यानी कि कोई ऐसा व्यक्ति जिसके ऊपर आरोप है कि उसने गैंग रेप किया है किसी 16 साल से कम उम्र के बच्चे का यानी कि कोई ऐसी लड़की का जिसकी उम्र 16 साल या उससे कम है तो सीआरपीसी यह

55:25कहता था कि उसको एंटीसिपेटरी बेल नहीं मिलेगी लेकिन इस चीज को बढ़ा के नई बीएनएसएस में क्या कर दिया गया है इस नए बीएनएसएस में इसको बढ़ा के कर दिया गया है 18 साल यानी कि अगर कोई भी पर्सन है कोई भी पर्सन है जिसके ऊपर आरोप है कि उसने गैंग रेप किया है किसी भी ऐसी लड़की का

55:46जिसकी उम्र 18 साल या उससे कम है तो उस व्यक्ति को एंटीसिपेटरी बेल नहीं मिलती उसके बाद अगली चीज क्या है एक्सटेंडेड पुलिस कस्टडी बियोंड इनिशियल 15 डेज नॉट अ टू रिफ्यूज बेल और दूसरी चीज आती है कई बार देखो मैं तुम्हें बताता हूं हमने क्या देखा था पुलिस कस्टडी मैक्सिमम कितने दिन के लिए मिल सकती है कल की क्लास में 15

56:04दिन के लिए तो देखो कई बार क्या होता है ना जैसे इंसान बेल लेने पहुंचा पुलिस बोलती है नहीं नहीं नहीं नहीं इसको बेल मत देना बेल बिल्कुल मत देना ना पॉसिबल ही नहीं है हो ही नहीं सकता सॉरी क्यों क्योंकि हमें इससे अभी शिनाख्त करवानी है अभी हमें इसको गवाहों को दिखाना है हमें पूछना है यही व्यक्ति था कि नहीं तो इस

56:20सिचुएशन में यहां पे क्या बोला है हमारा जो नया क्रिमिनल लॉ है उसने स्पेसिफिकली बोल दिया है कि 15 दिन से ज्यादा के बाद केवल इस बेस पर किसी व्यक्ति का बेल नहीं रोका जा सकता कि केवल उसको इन्वेस्टिगेशन में पाट करना है उसको बेल दी जा सकती है बशर्ते कि उसकी कंडीशन में इंपोज कर दो कि

56:38वो कॉपरेट करेगा बहुत इंपॉर्टेंट एडिशन है और बहुत काम का वो है ठीक है बहुत काम की चीज है यहां तक बात सबको समझ में आई है कि नहीं मुझे एक बार जल्दी से बताओ यहां तक बात समझ में आ रही है कि नहीं ठीक है शुभराज जी वेरी गुड सेशन कोर्ट और हाई कोर्ट फॉर आप दोनों

56:57जगह जा सकते हैं इसके बारे में भी मैं अभी आपको बताऊंगा सर अजमेर 1992 का रेप केस ठीक है समीर जाटव जी मुझे पता है वो तो पॉक्सो का उसमें अभी पोक्सो कोर्ट ने तो उसमें पांच लोगों को लाइफ इंप्रिजनमेंट में भेजा है ना सर यूपी में एंटीसिपेटरी बेल अप्लाई नहीं होता है यूपी में एंटीसिपेटरी बेल अप्लाई नहीं होता है यह

57:12किसने कहा आपको प्रेम जी यूपी में एंटीसिपेटरी बिल अप्लाई नहीं होता ये आपको किसने कहा चलिए चलो चलो चलो ध्यान से देखो अब बेल को जब पढ़ेंगे तो दो सेक्शन को और देखना है 483 और 481 क्या कहता है है एक्यूज्ड बंड टू अपीयर एट हायर कोर्ट अपील एक्सट्रा बेसिकली ये क्या कह रहा है सेक्शन नंबर 481 कहता है कि जब कभी भी जब

57:35कभी भी किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई कोर्ट कोई जजमेंट सुना रही होगी तो वो उस एक्यूज्ड को ये बात के लिए अलाउ करेगी और बॉन्ड भरवाए गी कि जब कभी भी हाई कोर्ट में या इससे ऊंची अदालत में उसको उसके खिलाफ कोई अपील हो या कोई केस फाइल हो या कोई पिटीशन फाइल हो तो उस व्यक्ति को वहां

57:55जाकर अपनी हाजरी दे नहीं होगी मान लो कि अगर कोई ट्रायल चल रहा है ट्रायल चल रहा है और जज को यह बात समझ में आई कि जो यह एक्यूज था इसको हमें छोड़ना है अब इस एक्यूज को छोड़ देंगे लेकिन अपील तो अभी भी हो सकती है तो वो जज क्या करेंगे इस एक्यूज से एक बॉन्ड भरवाए गे और ये बॉन्ड

58:12क्या है इस बॉन्ड में लिखा होगा कि अगर आपके इस केस में आपके खिलाफ कोई भी अपील गई तो आपको पेश होना पड़ेगा उसके बाद 483 क्या कहता है स्पेशल पावर ऑफ सेशन कोर्ट एंड हाई कोर्ट ये हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट की स्पेशल पावर के बारे में बात करता है बेल ग्रांट करने की आई होप यहां तक आपको

58:28बातें समझ में आ गई हो अब जल्दी से हम फटाफट क्या देख रहे हैं सर कि हमने कौन-कौन से सेक्शन पढ़े हैं और कौन-कौन से सेक्शन हमारे लिए इंपॉर्टेंट है हमने सबसे पहले देखा सेक्शन नंबर 478 जो कि बात करता है बेलेबल ऑफेंसेस में बेल मिलने के बारे में 479 मैक्सिमम पीरियड फॉर अंडर ट्रायल प्रिजनर यानी कि अंडर ट्रायल प्रिजनर के

58:49बारे में 480 बेल जब नॉन बेलेबल ऑफेंस में दी जाए उसके बाद 481 जब जब कभी भी किसी नेक्स्ट कोर्ट में अपीयर होने के लिए बेल दी जाए 482 जब कभी भी बेल दी जाए किसी अप्र एंडिंग अरेस्ट यानी कि एंटीसिपेटरी बेल और 483 स्पेशल पावर ऑफ हाई कोर्ट और कोर्ट ऑफ सेशन बेल के मामले में अब मैं जो

59:11यहां बोर्ड में लिख रहा हूं पूरी क्लास की समरी है अपने दिमाग में अच्छे से बैठा लो सबसे पहले आता है सेक्शन नंबर कौन सा 479 एक सेकंड मैं खुद स्लिप कर गया हां 478 479 ठीक है हां सबसे पहले आता है 478 फिर आता है 479 यह क्या कहता है बेल कब

59:32मिलेगी यानी कि बेल व्हेन यानी कि ये किसके बारे में बात करता है बेलेबल ऑफेंस में किसी व्यक्ति को बेल कब मिलेगी 479 अंडर ट्रायल प्रिजनर्स के बारे में अंडर ट्रायल प्रिजनर्स के बारे में 480 किसके बारे में जब कोई व्यक्ति नॉन बेलेबल ऑफेंस को कमिट करें ये नए क्रिमिनल लॉज के

59:52सेक्शन बता रहा हूं फिर 481 482 2 483 अब इन तीनों को देखो बड़े ध्यान से समझना है 482 में हमने क्या पढ़ा था एंटीसिपेटरी बेल तो एंटीसिपेटरी बेल यहां पे आ जाएगी उसके बाद हमने क्या देखा था सेशन कोर्ट और हाई कोर्ट की पावर को और यहां पे क्या

1:00:12होता है जब कभी भी कोई कोर्ट किसी एक्यूज्ड को अपीयर होने के लिए क्या भरवा है कोई बॉन्ड भरवा द है ये है हमारे सारे सेक्शंस और एक और क्विक रिवीजन हमने टाइप्स ऑफ बेल में जो देखा सबसे इंपॉर्टेंट एक हमारे पास आती है रेगुलर बेल रेगुलर बेल में क्या होता है सर दो पार्ट में डिवाइडेड है एक दिया हुआ है

1:00:34478 में जो कि बात करती है बेलेबल ऑफेंस में और एक आता है 480 में जो कि बात करता है नॉन बेलेबल ऑफेंस का एक आती है रेगुलर बेल दूसरी कौन सी आती है सर दूसरी आती है डिफॉल्ट बेल डिफॉल्ट बेल डिफॉल्ट बेल का क्या मतलब होता है सर वन 87 ऑफ द न्यू

1:00:57क्रिमिनल लॉ यानी कि अगर इन्वेस्टिगेशन रिक्वायर्ड समय से ज्यादा चल गया 60 दिन और 90 दिन से ज्यादा तो आपका हक है कि आपको बेल मिलेगा उसके बाद एक और बेल भी आती है सर ये वाली बेल कौन सी है ये वाली बेल है हमारे पास एंटीसिपेटरी बेल ये कहां दी हुई है सर एंटीसिपेटरी बेल ये दी हुई

1:01:14है 482 में ये क्या कहती है किसी व्यक्ति को डाउट है कि उसका अरेस्ट हो सकता है बेल दे दो और आखिर में आती है इंटरम बेल जिसका मतलब होता है कि जिसका मतलब क्या होता है इसका मतलब होता है कि कभी किसी शॉर्ट स्पैम के लिए यानी कि किसी व्यक्ति को लग रहा है कि अभी जब तक ये कोर्ट का आदेश

1:01:32नहीं आता तब तक मुझे बेल दे दो तो वो इंटरम बेल होती है यानी कि कोई इवेंट यहां हुआ और उसके बाद कोई इवेंट होने वाला है तो जब तक वो इवेंट का फैसला ना आ जाए तब तक के लिए मुझे बेल दे दी जाए यही है आपकी इंटरम बेल यहां तक किसको क्या समझ में आ गया और जिसको नहीं आया मुझे जल्दी से बता

1:01:47दो और एक बड़ी इंपॉर्टेंट बात आप सबसे मुझे कहनी है वो क्या है मैं सबसे पहले यही बता देता हूं जितने भी बच्चे यहां पे हैं आपको जाना [संगीत] जुडिशरी गुरुकुल य चैनल पर जुडिशरी गुरुकुल जाकर य पर सर्च करो आप में से कितने लोग अभिनव अरोरा जी को जानते हैं आप

1:02:08में से कितने लोग अभिनव अरोरा को जानते हैं उनके ऊपर मैंने एक वीडियो बनाया है अब आप जाइए और जाकर उसको जुडिशरी गुरुकुल पर देखिए और मुझे बताइए कि आपका उसमें क्या ओपिनियन है ठीक है तुम लोग उस चैनल पर जा नहीं रहे हो उस लिए जरूरी है ठीक है अब चलो मैं देखता हूं आपके क्या है

1:02:26चलिए क्या कह रहे हैं यस सर क्लियर है सर जी सर अ छह थे सर क्या छह था समझा नहीं मैं किस बारे में बात कर रहे हैं ऐसा नहीं होता है भाई क्या नहीं होता है ऐसा ही है भाई अच्छा मेरे ख्याल से यूपी में एंटीसिपेटरी बेल के बारे में बात कर रहे हैं देखिए जितनी मेरी नॉलेज है यूपी में एंटीसिपेटरी

1:02:44बेल मिलेगी कांस्टीट्यूशनल राइट है अगर नहीं है तो मैं एक काम करता हूं मेरे पहचान में यूपी में बहुत सारे लोग हैं मैं एक बार पता करके आपको कल की क्लास में बताता हूं कि अगर ऐसा है तो क्या है भाई मामला उसके बाद 16 एक्यूज थे एक ने सुसाइड कर लिया नौ का पहले ही कन्वे हो गया था

1:02:58हां हां बिल्कुल सही बात है 16 एक्यूज थे करेक्ट बात है यूपी का स्टेट गवर्नमेंट ने बाड लगा रखा है शिप्र जी स्टेट गवर्नमेंट कभी भी एंटीसिपेटरी बेल पे बाढ नहीं लगा सकती पहली बात तो हो सकता है कि वहां पे कोई ऐसी रूलिंग आई हो क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है एंटीसिपेटरी बेल आपका राइट है वहां दिया हुआ है स्टेट अमेंडमेंट

1:03:17अगर कुछ हुआ है तो वो अलग बात है मैं एक बार आपको चेक करके बताता हूं ठीक है उसके बाद देखते हैं चलिए अजमेर 1992 केस ठीक है मैं समझ गया थैंक यू ठीक है थैंक यू थैंक यू किसी का कोई डाउट है तो बता सकता है वरना हम इस सेशन को एंड करते हैं कल मुलाकात होगी आप लोगों से पढ़ाई करेंगे हम

1:03:31चार्ज के बारे में तो उस चीज को जाके देख लीजिएगा उस सेशन को अभी से आप कर दीजिएगा आई होप ये सेशन आपके लिए हेल्पफुल रहा हो जाने से पहले आपको कुछ बताना जरूरी है वो क्या है सर बताना सबसे पहले तो आपको हमें ये बताना है कि हमारी कुछ स्पेशल क्लासेस भी शेड्यूल्ड हैं जो आपको यहां पे दिख रहा

1:03:45है तो आपको हमारे स्पेशल क्लासेस यानी कि फ्री ऑफ कॉस्ट इन टॉपिक्स के ऊपर यानी कि इन सब्जेक्ट्स पे आपको हमारी क्लासेस मिल जाएंगी आप आके हमारे इन क्लासेस को देख सकते हैं और अपनी नॉलेज को और भी ज्यादा बूस्ट कर सकते हैं क्यूआर कोड अगर आप स्कैन करेंगे तो आप इनरोल हो जाएंगे और जो हमारी जुडिशरी अचीवर्स बैच है जो कि 30

1:04:03तारीख से चल रहे हैं उसके बारे में तो आप ऑलरेडी जानते हैं चलिए सबका डाउट क्लियर है क्लास में कुछ भी बचा है ऐसा जो आपको जानना है तो आप पूछ सकते हैं वरना मैं इस क्लास को एंड करूंगा स्टे मोटिवेटेड कीप लर्निंग एंड जाने से पहले जुडिशरी गुरुकुल youtube4 केस को देख लेना और फिर मुझे बताना कि वो वीडियो कैसा लगा ठीक है तुम

1:04:25लोग ऐसे से तो जाते नहीं हो तो तुम्हें स्ट्रिक्टली बोलना पड़ेगा चलो टाटा बायबाय सी यू गुड नाइट अरे है मेनपुरी यूपी से हूं एंटीसिपेटरी बेल मिलती है यूपी में हां मतलब मेरा भी ऐसा ही मानना है लेकिन देख लेते हैं चलो थैंक यू वेरी मच यू हैव बीन अ वेरी एक्स्ट्राऑर्डिनरी ऑडियंस या

1:04:45ऑडियंस तो नहीं कहना चाहिए स्टूडेंट कहना चाहिए मजा आता है मुझे आप लोगों के साथ बात करके लेकिन बहुत जल्दी हम मुलाकात करेंगे कल फिर और फिर हम आगे की पढ़ाई बढ़ाएंगे चलो टाटा बाय बाय सी यू गुड नाइट और आपका जो पब्लिक इंटरनेशनल लॉ है उसका वन शॉर्ट वीडियो मैं लेके आऊंगा क्लास में लाइव क्लास में प्रॉमिस कर रहा हूं चलो

1:04:59बाय बाय सी यू टाटा गुड नाइट

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