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0:00साथियों आज मेरी मां ने कर दिया मेरी वाइट
0:01टीशर्ट का सत्यानाश। दरअसल बात कुछ यूं है
0:04कल मेरे पापा बाजार से शर्ट लेकर आए थे।
0:05साथियों सच कहूं तो मुझे वह वाइट टीशर्ट
0:07बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। पर पापा जी
0:09अपने मन से लाए थे। इसलिए मैंने कुछ नहीं
0:10कहा। साथियों आज सुबह की ही बात है। जैसे
0:12ही मैं अपने दोस्त के बर्थडे पार्टी में
0:14जाने के लिए वही वाइट शर्ट पहन कर तैयार
0:16हो रहा था। तभी मेरी मां ने मुझे रोक
0:17लिया। अरे शिवम तुम ये वाइट शर्ट को पहनकर
0:19कहां जा रहे हो? मां की आवाज सुनते ही मैं
0:21थोड़ा रुक गया और बोला, "अरे मां, मैं
0:22अपने दोस्त के बर्थडे पार्टी में जा रहा
0:24हूं।" मां ने मुझे देखकर कहा, "अरे शिव,
0:25तुम इस वाइट शर्ट को अपने दोस्त की पार्टी
0:27में पहन कर जाएगा?" तो तेरे दोस्त तेरे
0:28बारे में क्या सोचेंगे? देखो तो यही लड़का
0:30है जो बिल्कुल गरीब बनकर घूमता है। इतना
0:32पैसा होने के बाद भी कपड़ों का कोई ठिकाना
0:34नहीं है। साथियों मां की बात सुनकर मैं मन
0:36ही मन सोचने लगा। अरे मां फिर मैं क्या
0:37करूं? यह टीशर्ट तो पापा मेरे लिए ही लाए
0:39थे। मैंने तो खुद कुछ भी चुना ही नहीं था।
0:40तभी मां ने धीरे से मुझे समझाया। अरे शिवम
0:42बात तो तेरी सही है। पर बेटा तुम चिंता मत
0:44करो। मैं इसी शर्ट को ऐसी डिजाइन में बदल
0:46दूंगी जिसे देखकर तेरे सभी दोस्त हैरान रह
0:48जाएंगे। साथियों, मेरी मां भागकर मार्केट
0:50से रंग बिरंगे कलर और कुछ सामान ले आई और
0:52रसोई में रखी हुई छोटी चम्मच की मदद से उस
0:54शर्ट पर डिजाइन बनाने लगी। धीरे-धीरे मां
0:56ने मेहनत करके एक-एक जगह रंग भरे। जैसे
0:58कोई चित्रकार अपनी पेंटिंग को सजाता है।
1:00मां का पसीना माथे से टपक रहा था। लेकिन
1:02उनकी आंखों में चमक साफ दिखाई दे रही थी।
1:04साथियों, मैं आपको एक बात तो बताना ही भूल
1:06गया। चाहे मेरे पापा बाहर से कितने भी
1:07कठोर क्यों ना हो, पर उनका दिल अंदर से
1:09बिल्कुल साफ और सच्चा है। उनकी चाहत हमेशा
1:11यही रहती है कि उनके बेटे को कोई कमी ना
1:13हो। साथियों, मां की कड़ी मेहनत से
1:14धीरे-धीरे मेरा वाइट शर्ट रंग बिरंगा होता
1:16चला गया। जहां पहले वह सूना और फीका लग
1:18रहा था। अब वहीं चमकदार और खूबसूरत हो
1:20गया। साथियों मैं सोचने लगा कि एक मां
1:22अपने बेटे के लिए कितनी मेहनत करती है।
1:23अपने हाथों से चीजों को नया रूप देती है।
1:25वो भी बिना किसी स्वार्थ के सिर्फ इसलिए
1:27कि उसका बेटा किसी के सामने शर्मिंदा ना
1:29हो। साथियों मां सच में भगवान का दूसरा
1:31रूप होती है। आज मैंने यह अपनी आंखों से
1:32देख लिया। जो चीज मुझे बोझ लग रही थी उसी
1:34को मेरी मां ने अपनी मेहनत से कितना
1:36डिजाइनदार टीशर्ट में बदल रही थी। साथियों
1:38मेरी मां एक बात सीख कर गई थी कि गरीब
1:40होना कोई शर्म की बात नहीं है। यह तो ऊपर
1:41वाले की मर्जी है। लेकिन कोशिश ना करना और
1:43अपनी इज्जत का ध्यान ना रखना यह हमारी
1:45गलती होगी। साथियों आज का दिन हमारे लिए
1:47और भी खास है क्योंकि बड़े भाई को शहर की
1:49एक बड़ी कंपनी से नौकरी के इंटरव्यू के
1:50लिए भी बुलावा आया है। एक तरफ भाई बर्थडे
1:52पार्टी में जाने वाले हैं और दूसरी तरफ
1:54भाई का बड़ा इंटरव्यू है। मतलब आज का दिन
1:56हमारे घर की किस्मत बदलने का भी दिन हो
1:57सकता है। इसलिए साथियों मां ने समय बर्बाद
1:59नहीं किया और मेहनत करती रही और हर टुकड़े
2:01को अच्छे से फिट करती रही ताकि टीशर्ट ना
2:03सिर्फ देखने में किसी खरीदी हुई टीशर्ट से
2:05कम ना लगे। साथियों अब शर्ट लगभग तैयार
2:07होने वाली है। अब देखना यह है कि भैया
2:09शर्ट को पसंद करते हैं या नहीं। लेकिन उसे
2:10देखने से पहले रुक जा बचे। अगर तूने मुझे
2:12इग्नोर किया तो आज रात 12:00 बजे तेरी मां
2:14मर जाएगी। अगर तू अपनी मां को बचाना चाहता
2:16है तो अभी मेरी इस वीडियो को लाइक करके
2:18चैनल को सब्सक्राइब कर दे और कमेंट में
2:19मां लिख दे तेरी मां बच जाएगी। यह मेरा
2:21आशीर्वाद है।
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