Full transcript
Promo
0:00डेमोक्रेसी की जरूरत नहीं है भारत को।
0:02भारत को जिस चीज की जरूरत है वो धर्म
0:04राज्य की जरूरत है। हमें अपने स्पिरिचुअल
0:07लाइफ को सरेंडर नहीं करना मटेरियल
0:09सर्वाइवल के लिए। अब यूजीसी क्या है? एक
0:11तरह का इंटरफेरेंस है ये। लाइन बाय लाइन
0:13बता सकती हूं कि पूरी की पूरी यूजीसी
0:15गाइडलाइंस जो है उनको बदलने की जरूरत है।
0:17मेरा बहुत स्ट्रांग स्टैंड है रिजर्वेशन
0:18[संगीत]
0:19एवोल्यूशन के पीछे। हम आपको वही चीजें
0:22बहुत बेहतर तरीके से और बहुत रिस्पेक्टफुल
0:24तरीके से देना चाहते हैं। यू शुड हैव
0:26डिस्कस इट वि द टीम। हमारे पास या तो
0:29कांग्रेस है या बीजेपी [संगीत] है। हमारे
0:31पास विकल्प ही नहीं है। तो सबसे पहली बात
0:33तो इस फ्रेमिंग इफेक्ट से बाहर निकल के
0:35आइए। भारतीय जनता पार्टी का विकल्प सिर्फ
0:38और सिर्फ जनसंघ है। इसे यू नो दिखाती है
0:41कि देश बढ़ रहा है। देश बट देश अंदर से मर
0:43रहा है।
0:47नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका मेरे
Introduction
0:49YouTube चैनल पर जहां पर हम बात करते हैं
0:51हिंदुत्व की, देश की, समाज की, राजनीति
0:54की, राजनीति में परिवर्तन की, राजनीति में
0:56होते हुए सवर्ण समाज के साथ और हिंदुओं के
0:58साथ भेदभाव की। कुछ दिनों पहले अखिल
1:01भारतीय जनसंघ के एक नेता है उत्तर प्रदेश
1:03के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप जी। मेरी उनसे
1:06बात हुई तो मुझे पता चला कि जिस पार्टी ने
1:09बीजेपी को जन्म दिया उसी पार्टी ने अखिल
1:11भारतीय जनसंघ को खत्म करने का प्रयास
1:12किया। उनसे बात करते मुझे पता चला कि अब
1:15अखिल भारतीय जनसंघ के बारे में और उनके
1:17मेंबर्स के बारे में इस देश को पता होना
1:19चाहिए। तो इसी लिस्ट में मुझे अगली मेंबर
1:22जो मिली जो दिल्ली की प्रदेश सचिव है
1:24दिल्ली जोन की अखिल भारतीय जनसंघ की और
1:26उनका नाम है मोनिका राठौड़। वो मनुस्मृति
1:29में भरोसा रखती हैं। वो आरक्षण का विरोध
1:32भी करती हैं। वो हिंदू समाज को एक करने की
1:34भी बात करती हैं। उनका लक्ष्य है यह देश
1:37और हिंदुत्व बचा रहे और इसको बचाने के लिए
1:39समाज एकजुट हो जाए। हमें ऐसे लोगों का
1:42समर्थन करना चाहिए। यही सोचकर मैंने आज
1:44उन्हें इनवाइट किया है ताकि मैं उनसे उनके
1:46विचार जानू और उनके विचार आप तक पहुंचा
1:49सकूं। तो स्वागत करते हैं आज के हमारी
1:51गेस्ट मोनिका राठौर जी का।
1:55स्वागत है मोनिका जी।
1:58नमस्ते। ये यही आपने शुरुआत में ही मेरे
2:01ख्याल से लोगों को आईडिया दे दिया कि आपके
2:02अंदर एक हिंदू संस्कार जो है वो बचे हुए
2:05हैं। अदर वाइज लोग हेलो हाय से शुरू करते
2:07हैं। अच्छा लगता है मोनिका जी मैंने आपका
2:10ट्विटर हैंडल देखा है। आपके विचार देखे
2:13हैं। मैं बहुत इम्रेस हुआ। मुझे ऐसा लगा
2:15कि हमारे देश में जो ऐसे युवा है जिनके
2:19बारे में लोगों को नहीं पता है वो राजनीति
2:21में अच्छा सक्रिय भूमिका निभा भी रहे हैं
2:23और स्पेशली मैंने ये देखा कि आप इतनी
2:26टैलेंटेड है आपके विचार इतने क्लियर है
2:28उसके बावजूद आपने आम आदमी पार्टी बीजेपी
2:30या कांग्रेस जैसी किसी पार्टी को ज्वाइन
2:32नहीं किया आपने ज्वाइन किया अखिल भारतीय
2:34जनघ को जो सच में हिंदुत्व की बात करती है
2:37तो मेरा आपसे निवेदन है कि एक बार अपना
2:38परिचय दीजिए और फिर एक बार यह बात बताइए
2:41सबसे पहले कि आपने अखिल भारतीय जनसघ को
2:44क्यों चुना आपके पास बीजेपी, कांग्रेस और
2:46आम आदमी पार्टी बीइंग इन दिल्ली आपके पास
2:48सारे ऑप्शन थे तो आपने जनसघ को ही क्यों
2:51चुना? जी फर्स्ट ऑफ ऑल आई वुड लाइक टू
मोनिका राठौड़ ने जन संघ से ही क्यों जुड़ी
2:54स्टार्ट विद इट की जितने भी वअर्स हमें
2:56देख रहे हैं थैंक यू सो मच एंड आल्सो आपको
2:58भी बहुत थैंक यू दिस पॉडकास्ट टुडे। आई
3:02विल स्टार्ट विद इफ इट इज अबाउट मसेल्फ आई
3:05एम वर्किंग आई एम रेपजेंटिंग अखिल भारतीय
3:08जनसंघ दिल्ली प्रदेश की सचिव के रूप में
3:12और पॉलिटिक्स मेरे लिए सिर्फ एक सीट पाने
3:17की पावर की बेस नहीं है यू नो ये अगर मैं
3:21उस नजरिए से इसको देखूं तो डेफिनेटली
3:23चॉइससेस वर बहुत सी चॉइससेस थी जैसे आपने
3:25जिनजिन पार्टीज के नाम लिया पर मेरे लिए
3:28पॉलिटिक्स एक सेक्रेट ड्यूटी है जिसको हम
3:31लोक कर्तव्य कहते हैं। ठीक है? तो मैंने
3:34ये जो पब्लिक लाइफ में एंटर किया है वो
3:37किसी टीम को जिताने के लिए नहीं बल्कि एक
3:39जो सिविलाइजेशन ट्रुथ था उसको दोबारा से
3:44वापस लाने के लिए जो कहीं ना कहीं पीछे
3:46छूट गया है। अगर आप आज के टाइम पे ग्लोबली
3:50देखेंगे तो आप देखेंगे कि ह्यूमैनिटी जो
3:52है वो बहुत ज्यादा डीप क्राइसिस है। मतलब
3:55इतनी फ्रेगमेंटेड हो रखी है कि आप देखेंगे
3:57कि इकोनमिकली लोग एशियस है। सोशली
4:01पोलराइज्ड है और स्पिरिचुअली हलोड आउट है।
4:04मतलब लोग अंदर से कोकले हो चुके हैं। ठीक
4:06है? सो इस टाइम पे पॉलिटिकल लैंडस्केप जो
4:09भारत का है उसको देखते हुए और एकिस्टिंग
4:12पार्टीज को देखते हुए जो मुझे समझ आया कि
4:15भ रियली यू नो जो आज के टाइम की पार्टीज
4:18है वो क्या करने में लगी हुई है। एक
4:20सिस्टमिक डिजीज जो है उसको बहुत ही
4:22सुपरफिशियल तरीके से और मैं कहूंगी
4:24इंटरनेशनल इंपोर्टेड बैंडेज लगा के ठीक
4:28करने में लगी है। ठीक है? लेकिन मैंने जो
4:30अखिल भारतीय चूस किया वो इसलिए क्योंकि ये
4:33मूवमेंट जो है वो सिर्फ एक इंसान को
4:36सिटीजंस को एक वोट एक कंज्यूमर या एक
4:39क्लाइंट की तरह ना देखते हुए वो एक ह्यूमन
4:42बीइंग की तरह देखती है और ह्यूमन बीइंग
4:43मीन्स एंटायर की तरह यू नो इट इज़ नॉट दैट
4:46के अह आई एम लुकिंग एट द सिटीजन ऑफ़ इंडिया
4:49एज़ अ कंज्यूमर कि अरे दे आर माय वोटर सो
4:51आई हैव टू बी नाइस विथ देम इट्स नथिंग
4:53लाइक दैट इट इज़ दी ह्यूमैनिटी व्हिच वी
4:56नीड्स टू पुट फॉरवर्ड तो ये ये तो बात रही
4:59इतनी और जब जहां तक भी पार्टीज की बात है
5:02बात आती है मैं जरूर ये कहना चाहूंगी
5:04क्योंकि लोग अक्सर पॉलिटिक्स को बहुत
5:07जनरलाइज कर देते हैं। ठीक है? मेरी
5:09पॉलिटिक्स समझना बहुत जरूरी है क्योंकि
5:11भारत में इस टाइम सिक्स टू सेवन नेशनल
5:14पार्टीज है। ठीक है? तो मैं जो बहुत ही
5:17ज्यादा रनाउन पार्टीज है उसप मैं बात
5:20करूंगी। आप अगर कांग्रेस और आम आदमी
5:22पार्टी की बात करें तो इनका जो
5:23रिप्रेजेंटेशन का स्टाइल है ना वो बहुत
5:25ज्यादा वेस्टर्न स्टाइल है। ठीक है? और
5:28वेस्टर्न स्टाइल पे ये स्टेट डिपेंडेंसी
5:30बहुत रहती है और सोशलिज्म बहुत रहता है
5:32इसमें। तो ये अपने सिटीजंस को ना एक पैसिव
5:35कंज्यूमर की तरह यूज करते हैं। तो ये जो
5:38मॉडल होता है ये क्या करता है? यह लोगों
5:40से उनके अंदर की ड्राइव को, सेल्फ
5:42रिस्पेक्ट को और क्रिएटिव इनिशिएटिव को
5:44छीन लेता है और उससे अल्टीमेटली क्या होता
5:46है कि लोगों को ये जो ब्यूरोक्रेटिक
5:49मोनोपोलाइजेशन आप कह सकते हैं ये जो है
5:52लोगों को स्थिर कर देता है। मतलब उनकी
5:55उनकी जो डेवलपमेंट है उसको रोक देता है।
5:58मैं कभी इस अधिकार में नहीं हूं कि किसी
6:00भी तरह की कोई भी फ्रीली की पॉलिटिक्स
6:03करें। आप समझ रहे हैं? छोटे बच्चे होते
6:05हैं उन्हें तभी सिखाया जाता है कि किसी से
6:07कुछ फ्री में नहीं लेना। नॉट इवन अ टॉफी
6:09यू नो फॉर दैट मनी। तो जब हमें बात बचपन
6:12में सिखा दी जाती है तो बड़े होके क्यों
6:14अपनी बिजली या इन सब चीजों के लिए
6:17डिपेंडेंट रहना लेना और जहां के भारतीय
6:20जनता पार्टी की बात है तो वो बहुत ज्यादा
6:23बात करती है कल्चरल प्राइ की और आप
6:26देखेंगे तो धीरेधीरे वो जो है
6:28सेंट्रलाइज्ड और बहुत ज्यादा स्टेट
6:30कैपिटलिज्म और ग्लोबल कॉर्पोरेट सेंट्रिक
6:34जो है उनकी इकोनमिक मॉडल्स रहते हैं। मतलब
6:36उनका सिंपल तरीका यही है कि लोकल
6:38कम्युनिटी को नहीं बट बहुत ज्यादा कुछ
6:41लोगों को वेल्थी बनाना और ऑर्गेनिक और जो
6:45मतलब कि हमारा जो अपना फैब्रिक है सोशल
6:47फैब्रिक है भारत का उसको डिसेंट्रलाइटाइज
6:50करके एक रिजिड परफेक्ट मशीनरी का यू नो
6:53लाना भारत में व्हिच इज़ एक्चुअली हम आप
6:56समझ रहे होंगे कि नाउ इट इज़ हेल्पिंग एंड
6:59इट इज़ इन द इंटरेस्ट ऑफ़ द इंटरनेशनल पीपल
7:01लॉट फॉर द पीपल ऑफ़ इंडिया यू अंडरस्टैंड
7:04इसलिए मैं लेकिन पार्टी से जो कहीं ना
7:07कहीं जो देश में पहले दूसरे तीसरे मुकाम
7:10पे रहती है ये बहुत ज्यादा जरूरी है समझना
7:13कि उनकी विचारधारा ही अलाइन नहीं होती है।
7:18हम
7:20मोनिका जी आपने कुछ बातें यहां पे बोली।
7:22एक तो इंटरनेशनलली इंटरनेशनल इंपोर्टेड
7:26बैंडेज
7:27जो मैं
7:29आपने ये बीजेपी कांग्रेस इन सबके लिए कहा
7:32है। दूसरा आपने कहा कि इनका जो ये जो
7:35इनफ्लुएंस्ड है वो मतलब कहते है ना विदेशी
7:38कॉर्पोरेट से इनफ्लुएंस है और ये इंडिया
7:40को भी उसी डायरेक्शन में ले जाना चाहती है
7:42या जाना चाहते हैं।
7:45क्यों लगता है आपको ऐसा मतलब एक दो
7:48एग्जांपल मैं ज्यादा आपसे नहीं जाना चाहता
7:49क्योंकि आप जो कह रही है ना ये बड़े बड़ी
7:51गंभीर बातें हैं और शायद मेरे दर्शकों को
7:53ना ये समझने क्योंकि वो विश्वास नहीं कर
7:55पाएंगे कि भाजपा उनको विदेशी कल्चर सिखा
7:59रही है। आपको कहां लगा कि भाजपा विदेशी
8:01कल्चर को इंड्यूस करने की कोशिश कर रही है
कैसे भारत को विदेशी संस्कृति सिखाई जा रही है
8:03या
8:04रिस्पसिबिलिटीज टू रन द कंट्री राइट और
8:07कंट्री पॉलिसी से चलती है इंटरनेशनल
8:09पॉलिसी नेशनल पॉलिसी तो व्हेन यू गो थ्रू
8:12द पॉलिसीज एंड अगर आप थोरली उसको रीड
8:15करेंगे तो आप खुद ये चीज समझ पाएंगे के
8:18देयर इज लॉट ऑफ़ लफना इन द पॉलिसी ओके मतलब
8:22पॉलिसीज दिखने में बहुत अच्छी लगती है ओके
8:24और बहुत ज्यादा उसका शोर भी मचता है कि आज
8:27यहां पे ये पैक्ट हुआ आज यहां पे ये साइन
8:29हुआ आज इतने डॉलर्स की डील कर ली गई आज ये
8:31हो गया। लेकिन जब आप उनको पढ़ेंगे तो आप
8:33समझेंगे के पॉलिसी भारत में इंप्लीमेंट हो
8:37रही है और इंटरेस्ट है बाहर इंटरनेशनल
8:40कंट्रीज का कोबरेशन के थ्रू या किसी भी
8:43थ्रू। तो जब मैं ये बात बोलती हूं मैं बात
8:46बहुत ही ज्यादा रिसर्च स्टडी एंड अपने खुद
8:50के एक्सपीरियंस से बिकॉज़ आई हैव एन
8:53एक्सपीरियंस ऑफ़ अफेट लाइफ एस वेल। बाय द
8:55ग्रेस ऑफ़ गॉड। भगवान की दुआ से मुझे हर एक
8:59यू नो इंडस्ट्री का और आप ये कह देंगे कि
9:02सबका एक्सपोजर है। सो आई अंडरस्टैंड दी
9:05थिंग्स रियली वेरी वेल। जब मैं यहां बोल
9:07रही हूं नॉट एस अ रिप्रेजेंटेटिव ऑफ़ अ
9:09पार्टी बट एस अ सिटीजन ऑफ इंडिया हुस
9:11एजुकेटेड इनफ एंड हु अंडरस्टैंड्स दैट यू
9:14नो व्हाट इज व्हाट इस गेटिंग डिलीवर टू अस
9:17एंड आई हैव ऑल राइट्स टू क्वेश्चन।
9:20क्या अखिल भारतीय अखिल भारतीय जनसघ आपकी
9:24विचारधारा से अलाइन है? मैं इसलिए ऐसा पूछ
9:27रहा हूं आपसे क्योंकि देखिए आप जो कह रहे
9:29हैं ना मैं उससे बहुत एग्री करता हूं।
9:31मुझे भी दिख रहा है कि भारत का भारतीयकरण
9:33तो नहीं हो रहा है। अभी कुछ और ही हो रहा
9:35है। है ना? लेकिन कोई भी पार्टी आएगी इस
9:4075 80 साल के जो सिस्टम को उसको चेंज करने
9:43में तो बहुत टाइम लगेगा। है ना? और आप लोग
9:47आ जाए अगर तो आपको कितना टाइम लगेगा इस इस
9:50देश को सही करने में?
9:52जी। इसलिए मैं कहूंगी कि देखिए भारत के
कैसे जंक्शन भारतीय संस्कृति को बचाने में सहायता करेगा
9:56पास एक जो एकदम ऑथेंटिक मिडिल पाथ है ना
10:00अभी की पॉलिटिक्स को देखते हुए तो
10:04जनसम जो है वो रिजेक्ट करता है इस रूटलेस
10:07ग्रीड को इस अनरिस्टेंट कैपिटलिज्म को और
10:11ये जो सोल क्रशिंग कंट्रोल है ना स्टेट का
10:14सोशलिज्म का उस पे
10:15तो मुझे लगता है क्योंकि हमारा अगर आप
10:18देखेंगे तो भारतीय जनसंघ की अगर मैं बात
10:21करूं तो हमारे मेंटर्स ने लीडर्स ने हमें
10:24हमेशा सिखाया इंटीग्रल ह्यूमनिज्म जो
10:26पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने हमें बताया
10:28है। तो उनका [गला साफ़ करने की आवाज़] ये
10:29बिलीफ है कि हर एक इंडिविजुअल जो है खाली
10:33इंडिविजुअल नहीं सोसाइटी नेचर और ये जो
10:35कॉस्मोस है ना ये क्फ्लिक्ट में नहीं है
10:38बल्कि ये एक एक ऑर्गेनिक पार्ट है। तो जभी
10:42भी हम कोई भी किसी भी पार्टी को मैं देखती
10:45हूं कि वो डेवलपमेंट कर रहे हैं। बट एट द
10:46कॉस्ट ऑफ यू नो कॉम्प्रोमाइजिंग द नेचर
10:49कॉम्प्रोमाइजिंग द ह्यूमन वैल्यूस तो मुझे
10:51पता लग जाता है वी आर नॉट हेडिंग इन द
10:53राइट डायरेक्शन इट्स सिंपल ओके सो लिविंग
10:56इज अ होल इज वेरीेंट इफ टुडे आई से दैट सी
10:59आई हैव बॉट मनी आई हैव गॉट एवरीथिंग लेकिन
11:01मुझे हवा तुम्हारी जरूरत नहीं है या मैं
11:03कह दूं कि मुझे एक पड़ोसी की जरूरत नहीं
11:06है इट इज अ दिस इज हाउ गॉड हैज़ डिज़ इट
11:09राइट लेट्स
11:10समझा मैं
11:13कि आपने तो स्टार्ट ही ऐसा कर दिया है कि
11:14अब मुझे समझ में नहीं आ रहा आपसे क्या
11:16पूछा जाए क्योंकि ये तो ये बात तो खैर सभी
11:19मानते हैं और जब आपकी बात सुनेंगे तो और
11:21समझ में आएगा कि भारत में अब है ना एक जो
11:24है ना फिलहाल तो पिछले 80 85 80 साल 75 80
11:26सालों से जो हुआ है उसमें काफी कुछ हमारा
11:29कल्चर ही डैमेज हो गया है और ना केवल
11:30कल्चर डैमेज हुआ है इट्स लाइक की यू नो हम
11:33नेचर को साथ लेकर चलना ही भूल गए है एक
11:35तरीके से हम वो जो कहते है ना जो 200 साल
11:37पहले जो अंग्रेजों ने शुरू किया था ऐसा
11:40औद्योगिककरण
11:42जिससे की नेचर बर्बाद हो रहा है मतलब एक
11:44डिस्ट्रॉय कर रहे है उसको और उसी वजह से
11:46आज सारी प्रॉब्लम्स आ रही है और बीजेपी
11:47कांग्रेस लेकिन ठीक है मैं ये समझा कि
11:49आपको शायद अपने कल्चर की ज्यादा समझ थी।
11:54जी मैं एक और चीज ऐड करना चाहूंगी क्विकली
11:56के झस जो है आज के टाइम पे आई ऑलवेज बिलीव
12:00दैट के जैसे घर बनाने के पिलर्स की जरूरत
12:02होती है वैसे ही भारत को खड़ा करने के लिए
12:04हमें उस पिलर की जरूरत है जो खाली सिर्फ
12:06इंडिया को ना इंस्पायर करते हुए पूरे
12:08विश्व को इंस्पायर करे। तो मैं ये जो थ्री
12:11पिलर्स है उनको पहला ये कहती हूं कि द
12:14इंटीग्रल मैन क्योंकि एव्री डायमेंशन
12:16मैटर्स अभी हमने जैसे बात करी तो वेस्टर्न
12:19आइडियोलॉजीस जो है ना वो आदमियों को एक
12:21इकोनॉमिक एनिमल की तरह यूज करती है। ठीक
12:24है? लेकिन ह्यूमन बीइंग जो है वो एक
12:26एग्रीगेट है जिसमें आपका बॉडी भी है,
12:29माइंड भी है, इंटेलेक्ट भी है, सोल भी है।
12:32राइट? तो इसे जो है जो भी सिस्टम है जब वो
12:35इस स्पिरिट को ही इग्नोर करता है ना आप
12:38समझ रहे हैं? तो वो एवरीथिंग मतलब वो फिर
12:41सब चीजें ही खराब हो जाती है। तो हमारा यह
12:44मानना है कि हमारी डिमांड ये है कि हमें
12:48अपने स्पिरिचुअल
12:50लाइफ को सरेंडर नहीं करना मटेरियल
12:52सर्वाइवल के लिए। ठीक है ना? अगर हम वो कर
12:54रहे हैं तो हम गलत कर रहे हैं। तो हम लोग
12:56स्ट्रांगली एडवोकेट करते हैं कि ऑल राउंड
12:58डेवलपमेंट होनी चाहिए। जब मैं किसी भी चीज
13:01के लिए सोचती हूं। सो दिस इज हाउ आई थिंक
13:03एंड आई आई फील दैट कि इट्स वेरीेंट कि हम
13:06हर चीज को अपनी नजर में रखते हुए सोचे ना
13:09कि जस्ट एक के मुझे कोई ब्रिज बनाना है या
13:11स्कूल बनाना है। सेकंड क्विक थिंग इज दी
13:13धर्म राज्य। अब धर्म राज्य की लोग बात
13:16बहुत करते हैं। बट ये एक्चुअली होता क्या
13:17है? तो मैं बहुत क्लियरली बताना चाहती हूं
13:19कि लोगों को ये मिसअंडरस्टैंडिंग है कि
13:22धर्म राज्य एक थियोक्रेसी होगी। यू नो
13:24धर्म राज्य आ जाएगा तो किसी एक भगवान को
13:27मानने लगेंगे। नो इट इज नॉट लाइक दैट।
13:29इसका जो अल्टीमेट इंडियन कंसेप्शन है, जो
13:31अंडरस्टैंडिंग है वो ये है कि रूल ऑफ लॉ
13:34एंड एथिकल गवर्नेंस। एथिक्स आर एवरीथिंग
13:38राइट विदाउट एथिक्स देयर इज नो नो लाइफ।
13:41सो इसे हम ये कहते हैं जो हम राज धर्म को
13:44बोलते हैं ये एक नॉन सेक्रेटेरियन स्टेट
13:47के हिसाब से बनाया जाएगा। और इसमें जो है
13:50रूलर्स से लेके रूलर्स से ले लोगों तक
13:53सबको एक जो मोराल रिससिबिलिटीज होती है
13:56अपनीपनी वो ये चीज को यू नो एनश्योर करता
13:59है और ये प्रिवेंट करता है डेमोक्रेसी को
14:02डीजनरेट होने से क्योंकि आज के टाइम पे
14:05क्या चल रहा है एक मेजोरिटेरियन
14:07डेमोक्रेसी चल रही है भारत में। आप समझ
14:09रहे हैं? हम डीजनरेट हो रहे हैं। तो
14:11डेमोक्रेसी की जरूरत नहीं है भारत को।
14:13भारत को जिस चीज की जरूरत है वह धर्म
14:15राज्य की जरूरत है और हमें उसकी स्थापना
14:18करनी पड़ेगी। लास्ट बट नॉट द लीस्ट एक जो
14:20डिसेंट्रलाइज्ड है ह्यूमन स्केल इकॉनमी
14:23अगर आप देखेंगे कि हम अपनी इकॉनमी को
14:26पावरफुल बनाना चाहते हैं। ठीक है? बट इस
14:29पावर को डिस्ट्रीब्यूट जो करना है वो कैसे
14:32डिस्ट्रीब्यूट करना है? कुछ हैंडफुल लोगों
14:34को तो आप डिस्ट्रीब्यूट नहीं करेंगे। इट
14:36हैज़ टू बी डिस्ट्रीब्यूटेड हॉरिजॉन्टली टू
14:39द विलेजेस फर्स्ट। ओके? स्माल स्केल
14:42आर्टिशियन। और फिर मंडल यूनिट लेवल से
14:44क्योंकि देखिए अगर मेरा यह बिल्कुल मानना
14:48है कि अगर मैं सिर्फ कुछ बिजनेसमस को देख
14:50के बोलूं कि मेरा देश डेवलप्ड है दिस इज
14:52नॉट हाउ इट वर्क्स। जब मेरे विलेज में
14:55गांव में सबके पास एंप्लॉयमेंट होगी, सबके
14:58पास अच्छा खाना होगा, सबके पास एजुकेशन
15:00होगी। दिस इज व्हाट हाउ आई लुक एट इट एज अ
15:02डेवलपमेंट। ठीक है? तो हमें जो है अपने
15:05नेशनल सेक्टर पे बिलीव करना है। जब मैं
15:07नेशनल सेक्टर कहती हूं उसका मतलब ये होता
15:09है कि जहां पे ह्यूमन लेबर जो है वो अपने
15:12आप में एक बहुत ही वैल्यू और प्रिशियस
15:15कैपिटल की तरह देखी जाए ना कि विलेजर्स की
15:18तरह देखी जाए। मेरे लिए कैपिटल वो है।
15:20जी
15:21समझ गया। तो आपने जो आखरी पॉइंट बोला ना
15:23मेरा अगला प्रश्न उसी से जुड़ा हुआ है।
15:25आपने कहा आप ह्यूमन कैपिटल की बात करती
15:28हैं और आप चाहती है कि सबका डेवलपमेंट हो।
15:31जो आपका मेन जो कहना था कि इकॉनमी डेवलप
15:34होने का मतलब ये है कि सभी डेवलप हो। कुछ
15:37दिनों पहले आपको याद होगा जब मैंने आपके
15:39बारे में पहली बार पता चला था मुझे सात आठ
15:41महीने पहले यूजीसी एक्ट के टाइम पर मैंने
15:43आपके विचार सुने थे। यूजीसी एक्ट जो मेरी
15:46समझ है जो गवर्नमेंट जो चाहती है बताना वो
15:49ये है कि इससे लोगों में बराबरी आएगी।
15:52छात्र इस कॉलेजों में उन्होंने एक नियम
15:55डाला था कि जो भी ओबीसी एसटी एसटी समाज के
15:59साथ जातिगत भेदभाव करेगा उनको सजा मिलेगी।
16:02जहां तक मुझे याद है आप इसके विरोध में थी
16:05और आप यूजीसी प्रोटेस्ट में भी शामिल हुई
16:08थी स्वामी आनंद स्वरूप जी के साथ उस टाइम
16:10पर आपके साथ काफी बड़े-बड़े नेता जुड़े
16:12हुए थे। आपकी पूरी टीम लगी हुई थी। आपके
16:15हिसाब से यूजीसी एक्स में क्या प्रॉब्लम
UGC Guidelines में क्या प्रॉब्लम है?
16:16है? आई मीन मैं लॉस जानता हूं। आप जो भी
16:20बता सकती है वो भी बता दे पर एक्चुअली
16:22क्या लगता है यूजीसी एक्ट के आने से क्या
16:24दिक्कत है? कॉलेज में क्या हो रहा है जो
16:25आप उसका विरोध कर रही थी? अगर आप समानता
16:27की बात करती है तो?
16:29जी थैंक यू। देखिए आपने जो हमारे
16:31पार्टिसिपेशन की बात करी है मैं ये बहुत
16:33क्लियर कहना चाहती हूं कि जनसंघ ने
16:35पार्टिसिपेट सिर्फ एक प्रोटेस्ट के लिए
16:37नहीं किया था या कोई पॉलिसी डिबेट के लिए
16:39नहीं किया था। हमने इस मूवमेंट को
16:42प्रोटेक्ट किया था। क्योंकि दिस मूवमेंट
16:44टेल्स दैट इट इज द वेरी सोल ऑफ़ आवर नेशन
16:47यू एंड फ्यूचर ऑफ़ भारत। ठीक है? तो हम
16:50यहां अपने युवाओं की और देश की बात कर रहे
16:52हैं। तो अगर आप देख सबसे पहली चीज जो
16:55मैंने एनालाइज करी है कि हमारे यहां पे जो
16:58ऑटोनोमी ऑफ़ एजुकेशन है वही खराब है। एक जो
17:00बहुत प्राइमरी मोस्ट फंडामेंटल ऑब्जेक्शन
17:03जो मेरा इस सिस्टम से है वो ये है कि यहां
17:06पे एजुकेशनल फ्रीडम ही नहीं है। ठीक है?
17:08तो हमारी जनस के प्रिंसिपल्स एक्सप्लसिटली
17:11ये कहते हैं कि देखिए जभी भी कोई भी स्टेट
17:14अगर वो जिम्मेवारी उसकी जिम्मेवारी होती
17:17है कि अपने सिटीजंस को अच्छी एजुकेशन दे
17:20लेकिन एजुकेशन जो है ना वो स्टेट
17:22कंट्रोलोल्ड नहीं होनी चाहिए। समझिए मैं
17:24आपको क्या समझाना चाह रही हूं।
17:26हमें फ्रीडम चाहिए उस इंटरफेरेंस से
17:29क्योंकि जिस तरीके से भारत में जुडिशरी
17:31काम करती है इंडिपेंडेंट। ठीक है? सो
17:33एजुकेशन ही उसी तरीके से इंडिपेंडेंट होनी
17:35चाहिए। यहां पे एग्जीक्यूटिव इंटरफेरेंस
17:38और गवर्नमेंटल इंटरफेरेंस नहीं होना
17:40चाहिए। पर बहुत ज्यादा अब यूजीसी क्या है?
17:42एक तरह का इंटरफेरेंस है ये। ठीक है ना?
17:44आप एग्जीक्यूटिव इंटरफेरेंस कह लीजिए
17:46इसको। तो हमें सबसे पहले तो अपने इंस्टीटश
17:48के लिए एंड आई वाज़ नेवर अग्री फॉर द रोल
17:51बैक। बिकॉज़ आई नो रोल बैक इज़ अ शॉर्ट टर्म
17:53गेन यू आर आस्किंग फॉर। आई एम ऑलवेज आई
17:56ऑलवेज बिलीव इन रिफॉर्म। ओके? क्योंकि वी
17:59आर नॉट हियर टू डू सम शो। ओके? ओके वी आर
18:02हियर टू रियली एनश्योर दैट जितनी भी
18:05प्रॉब्लम्स है उसका सशन लॉन्ग टर्म के
18:08लिए। तो मैं हमेशा रिफॉर्म के फेवर में
18:10रहती हूं। ठीक है? हमें अपने इंडिपेंडेंट
18:12इंस्टीटश चाहिए।
18:15हमें अपने इंडिपेंडेंट इंस्टीटश चाहिए। तो
18:18एजुकेशनल इंस्टीटश जो भी है उन्हें अलाउड
18:21किया जाए कि वो सेल्फ गवर्निंग बने,
18:24ऑटोनमस बॉडीज बने। तो जब ये नोटिफिकेशन
18:27आया था फर्स्ट ऑफ ऑल आई गॉट शॉक व्हाई
18:30बिकॉज़
18:32हैविंग द रूलिंग पार्टी देयर इन द सेंटर
18:36यू नो स्टिल इट वास आउट एंड इट इज लाइक
18:39बहुत इजी है समझना कि वो कितना ज्यादा
18:43हार्मफुल है सिर्फ एक जनरल्स के लिए नहीं
18:46बट ओवरऑल एजुकेशन सिस्टम के लिए ठीक है
18:50और हमारा जो एजुकेशन है ना वो एजुकेटर्स
18:54के थ्रू थ्रू कंट्रोल होना इज राइट नॉट
18:57ब्यूरोक्रेट्स। अब आप देखिए कि एकेडमिक
19:00इंस्टीट्यूशन जो है वो ब्यूरोक्रेट्स के
19:03थ्रू कंट्रोल हो रहे हैं। ठीक है? क्योंकि
19:04उनको एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल दिया जा रहा
19:06है और उनको प्राइवेट मैनेजर्स मतलब वो इस
19:10तरह से यूनिवर्सिटीज को यूज़ करते हैं जैसे
19:12वो उनकी पर्सनल प्रॉपर्टी है। यू नो
19:14एजुकेशन पे कभी भी कोई सा भी लिया आए। तो
19:17ब्यूरोक्रेसी जो है वो चोक कर रही है
19:19हमारे क्लासरूम्स को। चोक कर रही है
19:22बच्चों की इंडिपेंडेंस को, उनकी क्रिएटिव
19:24थिंकिंग को और उनको सर्वाइव नहीं करने दे।
19:27और लास्ट बट नॉट द लीस्ट मैं एक बहुत्ट
19:29चीज बोल बोलना चाहती हूं बिकॉज़ एजुकेशन इज
19:31सो क्लोज टू माय हार्ट बिकॉज़ आई नो दैट कि
19:34इफ आई एम इफ आई वांट टू यू नो डेवलप अ
19:39ट्रूली डेवलप नेशन यू नो इन द राइट सेंस।
19:42मुझे पता है शुरू ही विद्या से होगी। बिना
19:45विद्या के आप क्या अचीव कर सकते हैं?
19:48सरस्वती मां को तो सबसे पहले बच्चों को
19:51सरस्वती मां का यू नो करवाया जाता है।
19:53बिकॉज़ एजुकेशन इज़ एवरीथिंग। तो हमारे जो
19:57टीचर्स है ना उनकी डिग्निटी और टीचर्स के
20:00राइट्स के लिए भी आई वांट टू सी कि हमें
20:02जो प्रोग्रेसिव नेशन बनाना है उसके लिए
20:04सबसे पहले तो हमें उनको ऑनर करना पड़ेगा
20:06जो इन ग्रेट माइंड्स को यू नो नर्चर करते
20:11हैं हमारे फ्यूचर जनरेशंस को। तो मैं
20:13चाहती हूं कि जरूर बहुत ध्यान से एक तो
20:17अब्सोल्यूट बेस्ट टैलेंट जो है हमारी
20:19टीचिंग फील्ड में उसमें वी मस्ट एनश्योर
20:22दैट टीचर्स आर गिवन डिग्निफाइड सैलरी एंड
20:26एमल फैसिलिटीज ताकि वो जो एक क्रूशियल रोल
20:30सोसाइटी में निभा रहे हैं वो बहुत
20:32कम्फर्टेबल हो क्योंकि टीचर्स को आप एक
20:35मेयर एडमिनिस्ट्रेटिव क्लर्क की तरह नहीं
20:37यूज कर सकते और अगर आप कर रहे हैं जो आजकल
20:40हर स्कूल और हर विश्वविद्यालय में हो रहा
20:42है। इसका मतलब आप इंसल्ट कर रहे हैं नेशनल
20:46इंटेलेक्ट को। मेरे लिए गुरु एक नेशनल
20:49इंटेलेक्ट को रिप्रेजेंट करता है भारत के।
20:52हाउ कैन यू यूज़ देम एस अ? हाउ कैन यू यूज़
20:54देम एस एडमिनिस्ट्रेटर? यू नो। सो आई वांट
20:57टू स्टार्ट फ्रॉम द टीचर्स बिकॉज़ द टीचर्स
21:00आर द वन हु कास्टेड दोज़ इंटलेक्ट एजुकेशन
21:03टू द स्टूडेंट्स। इट्स वेरीेंट।
21:06आपने जो
21:08एजुकेशन पे बात की है मैं उसप भी आता हूं।
21:11लेकिन उससे पहले एक बीच में आपने कहा था
21:12कि आप रिफॉर्म की बात कर रहे हो यूजीसी
21:15रिफॉर्म की रोल बैक की बात नहीं कर रहे हो
21:17क्या रिफॉर्म होने चाहिए कुछ भी बेसिक दो
21:20तीन आईडियाज दे दीजिए जो आपको लगता है कि
21:21रिफॉर्म करने जरूरी है
21:23अभी जस्ट नाउ व्हाट आई हैव सेड दैट टीचर्स
21:26को एमएल फैसिलिटीज मिले एंड द सेम गोस फॉर
21:28द स्टूडेंट्स एस वेल ओके एंड देन द
21:31वेरीेंट थिंग इज कि हमें अक्सर ये देखा
21:35गया है स्कूल और कॉलेज में बच्चों को जो
21:37अभी प्रॉपर तरीके से डेवलप भी नहीं होते
21:39हैं उनको कास्ट बेसिस पे एडमिशन मिलते
21:41हैं। दैट इटसेल्फ नीड्स टू बी एड्रेस
21:44बिकॉज़ आई कैन नॉट से दिस टू यू कि मैं
21:46आपको आई स्कूल में एंटर कीजिए। मैं आपको
21:49सद्भावना सिखाऊंगी। बल्कि मैं आपके एडमिशन
21:52के टाइम पे ही आपको अलग कर रही हूं।
21:53डिवाइड कर रही हूं। यू नो मैं आपको कास्ट
21:55पूछ रही हूं। मैं आपको पूछ रही हूं कि आप
21:57किस कोटे से स्कूल या कॉलेज में आ रहे
21:59हैं। तो मैं इसके बहुत हूं। और रिफॉर्म की
22:02जब बात होती है अभी हम सिर्फ यूजीसी की
22:05इक्विटी नोटिफिकेशन का रोल बैकक मांग रहे
22:07हैं। मैं आपको लाइन बाय लाइन बता सकती हूं
22:10कि पूरी की पूरी यूजीसी गाइडलाइंस जो है
22:12उनको बदलने की जरूरत है।
22:14आई डू नॉट फिट मतलब आई डू नॉट सी द यूजीसी
22:19नोटिफिकेशन द नेशनल एजुकेशन पॉलिसी डीम्ड
22:22फिट टू आवर नेशन। व्हाई? बिकॉज़ आपने एक
22:25नेशनल एजुकेशन पॉलिसी बनाई विदाउट
22:27रियलाइजिंग इट कि आपने इंफ्रास्ट्रक्चर
22:28नहीं दिया। यू हैव नेवर ट्रेन योर फीचर्स।
22:30राइट? सो यू कैन इमोज सच थिंग्स ऑन
22:33स्टूडेंट्स जस्ट लाइक दैट यू हैव मेड देम
22:37मतलब आपने तो एक तरह का एक्सपेरिमेंट बना
22:39दिया आपने भारत के बच्चों की शिक्षा को एक
22:43एक्सपेरिमेंट ग्राउंड बना दिया एंड दिस इज
22:45नॉट एक्सेप्टेबल एजुकेशन क्या है एक
22:47सीक्रेड नदी की तरह है ठीक है एक सीक्रेड
22:50नदी की तरह है और गवर्नमेंट अगर इस पे इस
22:53तरह के हैवी डैम्स बना देगी जो कि ओवर
22:56रेगुलेशन है इनके ब्यूरोक्रेटिक्स रेड टेप
22:58है इनके पास पॉलिटिकल इंटरफेरेंस इतनी
23:00ज्यादा होती है तो क्या होगा? पानी
23:03स्टैगेंट हो जाएगा और वो अपनी ताजगी और
23:05अपनी लाइफ लूज कर देगा। तो हमें सबसे पहले
23:08तो इस चीज को डिस्मेंटल करना है कि ये जो
23:10डैम्स क्रिएट किए गए हैं यूजीसी के नाम
23:12पे, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के नाम पे पहली
23:15बात तो हमें अपनी रिवर को अपने बच्चों को
23:18उस एजुकेशन को फ्रीली फ्लो कराना है।
23:21एनश्योर करना है कि दैट इज इन द इंटरेस्ट
23:24ऑफ ए्री स्टूडेंट नॉट नॉट लाइक यू नो
23:27बायनेस। दैट्स वेरीेंट क्योंकि हर बच्चे
23:30की जो भूख और प्यास है ना पढ़ने की वो
23:34उसके पोटेंशियल को देख के दी जाए ना कि
23:36उसकी कास्ट को देख के दी जाए।
23:38हम तो अब जब आपने जो ये स्टूडेंट्स की बात
23:41की और थोड़ी देर पहले आप कह रही थी टीचर्स
23:44को अच्छी सैलरी मिलनी चाहिए। उनको जो जो
23:46डिर्व करते हैं उनकी डिग्निटी और उनका जो
23:48काम है उस हिसाब से उनको काम दिया जाए।
23:50उनको एस अ क्लर्क की तरह यूज़ ना किया
23:53जाए। राइट?
23:55इसमें एक सबसे बड़ा पॉइंट यह भी है कि
23:58जो जैसे आपने कहा ना कि सिर्फ जाति के नाम
24:01पर चीजें हो जाती है। तो कई टीचर ऐसे हैं
24:03हमारे सिस्टम में चाहे वो स्कूल हो, चाहे
24:05वो कॉलेज हो कि उनको सिर्फ इसलिए टीचर बना
24:08दिया जाता है, लेक्चरर बना दिया जाता है,
24:10प्रोफेसर बना दिया जाता है क्योंकि वो
24:11किसी पर्टिकुलर कास्ट से आते हैं।
24:14तो इस पे अब जब तक जैसे यूजीसी तो एक
24:18पॉइंट है। अगर आप देखेंगे तो रिजर्वेशन भी
24:19दूसरा पॉइंट ऐसा ही है जहां पर योग्यता को
24:22बढ़ाया नहीं गया है। उन्हें सिर्फ
24:24प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। और जैसा
24:26आपने कहा कि एक एक्सपेरिमेंट ग्राउंड बन
24:28गया है। मतलब आपको बच्चों को न्चर करना
24:31है। उनके इंटलेक्ट को नर्चर करना है। और
24:33आपने ऐसे लोगों को भेजा है वहां पर उनको
24:35जो टीचर्स बना के भेजे हैं। वो अभी खुद ही
24:38डेवलप नहीं हुए। वो खुद अभी बैकवर्ड उस
24:40जोन में चल रहे हैं। और उसके बाद वो वहां
24:42पर जाकर बच्चों का करियर खराब कर रहे हैं।
24:44तो फिर मैं यूजीसी से अब मेरा क्वेश्चन आ
24:46जाता है कि फिर रिजर्वेशन के बारे में
Reservation पर चर्चा
24:48आपका क्या कहना है? क्योंकि मेरे हिसाब से
24:50रिजर्वेशन ही अपने आप में एक एक्सपेरिमेंट
24:52है कि जो इंडिया को उसमें ले जा रहा है।
24:55बच्चों पर जाओ एक्सपेरिमेंट करो कि कोई
24:56बैकवर्ड को लाओ टीचर बना दो। देखते हैं ये
24:58पढ़ा पाता है कि नहीं पढ़ा पाता है। आज
25:00नहीं तो कल तो पढ़ा ही देगा। तो ये जो
25:02आपने कहा टीचर्स को बढ़िया फैसिलिटी मिले
25:03और दूसरी तरफ कास्ट बेस्ड जो एंप्लॉयमेंट
25:06है टीचर्स का कि जो उनको डिप्लॉय किया जा
25:09रहा है कॉलेज में। इसके बारे में कुछ कहना
25:10है आपका?
25:11जी बिल्कुल। मेरा बहुत स्ट्रांग स्टैंड है
25:14रिजर्वेशन अबोलिशन के पीछे। सो मेरा कल
25:17पार्टिसिपेट करना और मैं इस चीज को एस अ
25:19ब्लेसिंग देखती हूं टू विटनेस सच अ
25:22ब्यूटीफुल थिंग हैपनिंग आफ्टर 75 इयर्स
25:25ओके
25:25आप कल
25:27कल थी 21 अगस्त के रिजर्वेशन में
25:30रिजर्वेशन विरोधी आंदोलन में बहुत अच्छा
25:32ठीक है तो आप ज्यादा अच्छे से बता पाएंगी
25:34पूरा बताइए आप
25:35तो हमारी ये जो रिजर्वेशन हटाओ मूवमेंट है
25:38ये मैं हर उस व्यक्ति का साथ देना चाहती
25:40हूं क्योंकि मुझे पता है कि अब लोग समझने
25:43लगे हैं कि रिजर्वेशन क्या है रिजर्वेशन
25:45का जो यह मूवमेंट है ना इसे हमें बहुत ही
25:48ज्यादा क्लियर बैलेंस और डीप तरीके से समझ
25:52के इसको रिमूव करना है क्योंकि ये जो है
25:56हमें एक यू नो एक एक मतलब इक्वलिटी इस चीज
26:02से नहीं आ पा रही है। तो मैं आपको अपनी
26:04तरफ से बताती हूं कि आज तक भारत में हम
26:07रिजर्वेशन को ना सिर्फ एक नैरो लेंस देखते
26:11हैं। एक वोट बैंक की पॉलिटिक्स के हिसाब
26:13से। ठीक है? हम [गला साफ़ करने की आवाज़]
26:14उस लेंस के हिसाब से हमें जो है नेशनल
26:18इंटीग्रेशन और ह्यूमन डिग्निटी तो हम भूल
26:20ही गए। उसके भी कुछ मायने होते हैं। तो हम
26:23ये इशू बहुत ज्यादा सेंसिटिव है। लेकिन
26:26इसको जितनी सिविलाइजेशनल डेप्थ और
26:29क्लेरिटी के साथ आप समझेंगे उस उतना ही
26:32आपके लिए अच्छा होगा। और आपके थ्रू मैं ये
26:34सब लोगों को समझाना चाहती हूं कि देखिए हम
26:37एब्सोल्यूट सपोर्ट करते हैं। ये हमारा
26:39कमिटमेंट टू जस्टिस है फॉर द डाउन पीपल।
26:43ओके। तो हमारा एक जो प्रिंसिपल है वो ये
26:45है कि सबसे पहली बात तो रिकग्नाइज करना
26:48सेक्शन के उस सेक्शन को इस सोसाइटी में जो
26:51कि सप्रेस्ड है, नेगलेक्टेड है और
26:53डाउनलोडन है सेंचुरी से। ठीक है? बट उसको
26:56मैं रिजर्वेशन का नाम ना देके एक असर्टिव
27:00अर्टि
27:02असर्टिव एक्शन और प्रोबेब्ली वी कैन कॉल
27:05टोकन ऑफ अप्रिसिएशन, टोकन ऑफ़ असिस्टेंस और
27:10स्पेशल असिस्टेंस यू नो। तो हम उनको इस
27:12तरह से दें ताकि के जो लोग पीछे हैं वो
27:16कैच अप कर सके रेस्ट ऑफ द सोसाइटी के साथ।
27:19ठीक है? दैट्स द होल हार्ट वी हैव। उसके
27:22बाद जो पॉलिसी है हम एक्सप्लसिटली डिमांड
27:24करते हैं कि रिजर्वेशन जो है वो जरूर
27:27सपोर्ट करना चाहिए शेड्यूल कास्ट को,
27:29शेड्यूल ट्राइब्स को और उनके पापुलेशन को
27:32और हम ये भी इंसिस्ट करते हैं कि
27:34स्ट्रिक्टली ये जो इनफोर्समेंट हो लॉ के
27:37वो
27:38अनटचेबिलिटी के भी अगेंस्ट हो। मतलब वी
27:42ट्रूली बिलीव क्योंकि यही सारे लोग जो है
27:44उनकी सोच सोच कर ही इस चीज को लाया गया
27:47था। ठीक है? तो यह हमारा प्राइम
27:49ऑब्जेक्टिव है कि हमें उनको तो सेफ गार्ड
27:51करना है। जहां हमारे दलित ट्राइबल ब्रदर
27:53एंड सिस्टर आते हैं और जब हम ये कर रहे
27:55हैं हम उनप कोई फेवर नहीं करते। ना पर्सनल
27:59फेवर ना पॉलिटिकल फेवर। ये हमारा एक
28:02सेक्रेड नेशनल ड्यूटी है।
28:05ये हमारा धर्म है कि हम इस इमंबैलेंस को
28:08सोसाइटी में रिस्टोर करें। अपनी सोसाइटल
28:12बॉडी को। ठीक है? दूसरी बात क्या है कि जो
28:15डेंजर मैं महसूस करती हूं कि यह जो
28:18वेस्टेड इंटरेस्ट आ गया ना बैकवर्ड लोगों
28:20का वो सबसे बड़ा डेंजर क्या है कि जब हम
28:23रिजर्वेशन को फुल्ली सपोर्ट करते हैं ना
28:25तो ये बहुत जरूरी है कि हम उसे लोगों को
28:30बताएं कि वो इसको एक पॉलिटिकल मैनपुलेशन
28:34अपने साथ ना होने दें। बल्कि इसको बहुत
28:37ध्यान से एक एक लैडर की तरह यूज करें। ठीक
28:40है? जो आपको सीढ़ी आगे चढ़ने के लिए है पर
28:44सीढ़ी साथ ले चलने के लिए नहीं। ठीक है
28:46ना?
28:47तो ये चीज समझनी बहुत जरूरी है। हमारा
28:49अल्टीमेट गोल क्या है कि स्पेशल फैसिलिटी
28:51इवेंचुअली डिोल्व हो जानी चाहिए
28:55इन आर्टिफिशियल डिवीजन की। ये जो
28:57आर्टिफिशियल डिवीजन की बात कर रही हूं
28:59मैं। इसमें मैं ये जात धर्म इन सब चीजों
29:02की बात कर रही हूं। ठीक है? हमें इनको
29:03सॉलिडिफाई नहीं होने देना। हमें इनको
29:06ब्रेक करना है। तो अगर मैं आपको एक स्पेशल
29:08असिस्टेंस दे रही हूं या मैं आपको एक
29:11एफेटिव एक्शन दे रही हूं। टोकन ऑफ
29:13अप्रिसिएशन दे रही हूं वो आपको लैडर चढ़ के
29:16क्रॉस करने के लिए नहीं ना कि वो लेडर
29:18अपने साथ लेके जीवन भर चलने के लिए। आप
29:19समझ रहे हैं। सो इट हैस टू हैव अ इट हैस
29:23टू हैव अ वेरी क्लियर एंड डिग्निफाइड
29:25पॉलिसी वी नीड्स टू वर्क अराउंड इट। और
29:28मेरा अपना जो मानना है हमारा जो भारत है
29:32जिस जिस मजदूर भारत की कल्पना आज हम सब
29:34करते हैं और शुरू से करते आ रहे हैं उसमें
29:37हमें जो क्या करना है सबसे पहली बात तो
29:40डिस्क्रिमिनेशन हटानी तो हम उस सोसाइटी को
29:44बनाने की कोशिश करेंगे जिसमें
29:46डिस्क्रिमिनेशन ना हो किसी के फेवर में
29:49सिटीजंस के ग्राउंड्स ऑफ बर्थ पे आप समझ
29:52रहे हैं हेरिडिटी पे कास्ट पे या क्रीड पे
29:55एक जो असली मायने में सोशल जस्ट जस्टिस
29:58लोगों को दी जाएगी। वो किसी को कमजोर या
30:01ताकतवर देख के नहीं बल्कि एक ऐसा हाथ आगे
30:04दे दे कि जिसको उठने की जरूरत है। आप हाथ
30:07आगे बढ़ाए और वो उठे और समलटेनियसली हम
30:10एनश्योर करें कि ये मेरिट बेस्ड हो,
30:12कररेक्टर बेस्ड हो और हार्ड वर्क बेस्ड
30:14हो। सो दैट के नेचर इस प्रोग्रेसिव चीज को
30:18आगे ले जा सके इन अ राइट मैनर। यू नो तो
30:21सारी फाइटिंग ये है। तो जब हम रिजर्वेशन
30:25हटाने की बात करते हैं, हम यह नहीं कह रहे
30:27कि वी आर टेकिंग राइट्स फ्रॉम यू। हम आपसे
30:30छीन लेंगे। हम आपसे छीनेंगे नहीं। हम आपको
30:33वही चीजें बहुत बेहतर तरीके से और बहुत
30:35रिस्पेक्टफुल तरीके से देना चाहते हैं।
30:38आपकी जात पे देख के, आपकी यू नो आपका
30:42क्रीड देख के नहीं बट आपकी योग्यता देख
30:45के।
30:46बड़ी सही बात कही है आपने। मुझे आपका एक
30:48ट्वीट भी याद आता है जिसमें आपने कहा था
30:50कि अगर आपको अपनी पॉलिटिक्स के लिए कास्ट
30:53की जरूरत पड़ रही है तो आप प्रॉब्लम को
30:54सॉलिफाई कर रहे हैं। आप उसको हटाने की
30:56कोशिश नहीं कर रहे हैं। ये आपने एक बार
30:58अपना एक ट्वीट किया था और ये बड़ी अच्छी
31:01बात कही आपने कि हम आपको रिजर्वेशन देना
31:05चाहते हैं। लेकिन वो आपकी जात और आपकी
31:07क्लीन को या किसी इस तरीके की आइडेंटिटी
31:09को जो आपको इंसल्टिंग वे में नहीं देना
31:12चाहते। रेस्पेक्टफुल वे में देना चाहते
31:14हैं जो आप डिर्व करते हैं। राइट? तो ये
31:17देखिए तो बड़ा सही मैसेज है। मेरे ख्याल
31:19से ये ना पूरे दलित समाज को भी सुनना
31:21चाहिए। लेकिन आपने दलित मैं एक चीज और
31:24नोटिस की आपने एसटी एसटी का नाम तो लिया
31:25रिजर्वेशन में। ओबीसी का नाम नहीं लिया
31:28आपने। ओबीसी के बारे में क्या ख्याल है?
31:31तो आपने शायद एक चीज नोटिस नहीं करी वो ये
31:34है कि जब जनसंघ बात करता है या जब मैं बात
31:37करती हूं तो मेरे लिए डिस्क्रिमिनेशन है
31:40ही नहीं। मैंने भले ही ओबीसी का नाम ना
31:42लिया हो बट वो ऑलरेडी इंक्लूडेड है।
31:44क्योंकि मेरे लिए आई एम लुकिंग इट एज अ
31:46नेशन। यू नो एस एन होल पूरी तरीके से तो
31:49मैं किसी को एक्सक्लूड हम किसी को
31:51एक्सक्लूड नहीं करेंगे और एक्सक्लूड करना
31:53किस लिए है किसी को एक्सक्लूड नहीं करना
31:55एवरीबडी इज वेलकम एवरीबडी इस लव द ओनली
31:58थिंग इज मिसिंग इन भारत बिग टाइम इज दी
32:01रिस्पेक्ट फॉर द ह्यूमन लाइफ रिस्पेक्ट
32:03फॉर द अदर पर्सन यहां पे अगर फ्री का राशन
32:06भी मिलता है तो वो भी यू नो गलत तरीके से
32:09दिया जाता है
32:11मैं चाहती हूं कि आप भले ही आप कुछ फ्री
32:14का ₹00 का राशन ना पर उस व्यक्ति को इज्जत
32:17दें। आप उस व्यक्ति को प्यार दें। आप उस
32:20व्यक्ति को एनकरेज करें ताकि वो अपने लिए
32:23खुद चीजें बना सके। उसको वो जॉब दे इस तरह
32:26की कि वो ये चीजें कर पाए। तो मेरे लिए
32:30रिस्पेक्ट सबसे ऊपर है। जी
32:33रिस्पेक्ट तब मिलेगी जब आदमी योग्य बन
32:35पाएगा।
32:37हां जी। और जो लोग अयोग्य भी है किसी भी
32:40कारण से हालांकि कोई अयोग्य नहीं होता। पर
32:42अगर आप अपने जीवन के कुछ ऐसे समय पर हैं
32:45कि आप अयोग्य अगर दिख भी रहे हैं तो मैं
32:47ये कहूंगी फिर भी यू डिर्व रिस्पेक्ट यू
32:50डिर्व लव यू डिर्व केयर उसमें किस तरह की
32:53यू नो भेदभाव होगी एंड आई एम नॉट काउंटिंग
32:56दोस पीपल हु आर लाइक रियली यू नो आई वुड
32:59से जो काफी
33:02एक सही शब्द उसके लिए ये होगा कि अधर्मी
33:06लोग ओके इट्स नॉट दैट कि आप कोई अधर्म
33:09करके आए और आप हमसे रिस्पेक्ट कीजिए आज
33:11शाह इट्स
33:14टू बी जस्ट सिंपल जस्ट बी
33:17वांट टू टू यू वी वांट टू रियली गिव दैट
33:20टू यू और वो सबका राइट है जी
33:22ठीक है रिजर्वेशन की जब बात चल रही है तो
33:25आज एक नया डेवलपमेंट भी हुआ है कल आप
33:28प्रोटेस्ट में थी मेरे ख्याल से जैसा आपने
33:30कहा कि 75 80 सालों में पहली बार इस तरीके
33:33की भीड़ आपने देखा भी है कि है ना समाज एक
33:36हुआ है राइट मतलब इतने सालों में पहले इस
33:39तरीके से हुआ है इससे पहले भी हुआ है एक
33:40बार 1992 में लेकिन उस समय 1992 में जब
33:43हुआ था तब चीजें सही नहीं हो पाई थी। आज
33:47जो हुआ लेकिन जो जो बंदा फेस बन रहा था इस
हर्ष दुबे पर चर्चा
33:50पूरे प्रोसेस का इस पूरे प्रोटेस्ट का तो
33:53मैं उसको फेस नहीं किया था लेकिन कई लोगों
33:54ने उसको इस रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन का फेस
33:57बना दिया था वो कल रात को ही थोड़ा सा
34:00सस्पेक्टिव हरकतें थी उसकी सस्पेक्टफुल
34:02हरकतें थी और फिर आज वो बीजेपी के साथ
34:05बृजेश पाठक के जो है उत्तर प्रदेश के उप
34:07मुख्यमंत्री उनके साथ बैठा हुआ था और उसने
34:09एक लेटर भी लिखा है वो लेटर में ऐसा कुछ
34:12लिखा हुआ है कि कुछ है ना हम बौद्धिक
34:14क्षमता का विकास करना चाहते हैं लेकिन ना
34:16उसने आरक्षण के बारे में लिखा ना उसने
34:18यूजीसी एक्ट के बारे में लिखा ना उसने
34:19एसटीएससी एक्ट के बारे में लिखा और ऑल सडन
34:21उसने डिक्लेअ कर दिया कि आरक्षण विरोधी
34:23आंदोलन खत्म हो गया है क्योंकि आप वहां थी
34:26कल आपके हिसाब से क्या पूरा जो ये जो
34:28जितने लोग वहां जमा थे वो अलाइन है इस बात
34:30से जो आज हर्ष ने किया है कि वो जाके बैठ
34:34बात की है उसने और बिना किसी से मतलब मुझे
34:36नहीं पता कि उसने किसी से बात की है कि
34:37नहीं की क्या आप लोगों से बात हुई है कि
34:39हमारी ये मांगे और ये मांगे जाके रखो आज
34:42के जो इंसिडेंट्स हुए इसके बारे में और
34:44आरक्षण हटाओ आंदोलन के फ्यूचर के बारे
34:45बारे में आपका क्या कहना है?
34:47ओके। सो पहली बात तो मैं यहां से शुरू
34:50करूंगी कि कल का जो जंतरमंतर का प्रोटेस्ट
34:52था वो एक भारत की एक ऐसी सच्चाई को बयान
34:56करता है जिसको जब आप वहां जाएंगे तभी समझ
34:58सकते हैं। ठीक है? क्योंकि लोग बहुत
35:00ज्यादा चेरी पिकिंग करते हैं। ठीक है? तो
35:03देखिए व्हेन वी स्टार्टेड इट ऑफ व्हाट अ
35:06ब्यूटीफुल सिविक वे ऑफ़ स्टार्टिंग। ओके?
35:08इतने हजारों इनफ
35:12मैं तो काउंट भी नहीं कर पाऊंगी। इतने
35:14हजारों लोग एंड आई एम टॉकिंग अबाउट जस्ट
35:16जंतरमंतर ओके बाहर से कितने लोगों को रोका
35:19गया था उनका तो अनकाउंटेबल है ठीक है तो
35:22उनका जब प्रोटेस्ट शुरू हुआ तो इतने सारे
35:27लोग और किसी के मुंह पे कोई अपशब्द नहीं
35:29किसी ने किसी को डीन नहीं किया बहुत
35:32खूबसूरत तरीके से हुआ हमें जगह मिली हम
35:34वहां पर बैठे एंड दिस वास द फर्स्ट टाइम
35:37आई गेट टू सी आई डिड नॉट गेट अ चांस टू
35:39स्पीक टू मिस्टर दुबे बट देन आई वास
35:42लुकिंग एट हिम सो व्हाइल आई वास लुकिंग एट
35:44हिम एंड आई वास लुकिंग एट एवरीबडी एल्स एक
35:47तो सारे जेन्युइन हर्ट्स आए थे। एक भी
35:50क्राउड में ऐसा नहीं था कि जो जिसको
35:52बुलाया गया हो यू नो एवरीबडी वांटेड दैट
35:54रिजर्वेशन शुड गो ऑफ एंड यू नो यूजीसी
35:58आल्सो रोल बैक हैस टू हैपन ये सब शुरू हुआ
36:01आई वास देर एंड बहुत खूबसूरत चल रहा था दी
36:06एंटायर डे वास इन सच अ ब्यूटीफुल रिदमम यू
36:08नो एंड बहुत अच्छी तरीके से सब डायलॉग्स
36:11कर रहे थे बातचीत हो रही थी तो इट वास
36:13अराउंड 7:30 7:40 आई वास सिंग बिहाइंड दी
36:18करणी सेना महिलाएं जो थी आई वास आई वास ऑन
36:21द स्टेज बट आई वास सिंग बैक साइड हम लोगों
36:24ने हनुमान चालीसा शुरू किया। सो व्हाइल वी
36:26वर हम हनुमान चालीसा कंक्लूड ही कर रहे थे
36:29कि उस टाइम पे पुलिस हैव स्टार्टेड विद द
36:31विज़ल्स। ओके? एंड उन्होंने मैन हैंडल करना
36:35शुरू किया, डिस्मेंटल करना शुरू करा स्टेज
36:37के नीचे वाले लोगों को। और फिर वो स्टेज
36:40पे चढ़े। जब हम स्टेज के पास वो आ रहे थे,
36:42हम वंदे मातरम डिसाइड कर रहे थे। तो
36:44उन्होंने किसी भी चीज की कदर किए बिना और
36:48यह एक बहुत स्ट्रांग मैसेज भेजता है।
36:50देखिए सारे वर्ल्ड की मार्केटिंग और सोशल
36:55मीडिया मतलब वो चीज नहीं कर सकती जो कल ये
36:58चीज हो गई क्योंकि सब लोगों ने देखा कि एक
37:00सनातन कंडक्ट होता है। ठीक है? हम भारत
37:04में हैं और भारत में रहते हुए हमें वो
37:06कंडक्ट फॉलो करना बहुत जरूरी है। तो जब
37:08ऑफिशियल जो पुलिस ऑफिशियल है वो हनुमान
37:11चालीसा और वंदे मातरम को अपोज करते हैं तो
37:14दिखता है कि वो अपोज कर रहे हैं सनातन
37:17धर्म को आप
37:19दैट इटसेल्फ लाइक अ स्ट्रांग मैसेज। आपको
37:21कुछ बोलने की जरूरत नहीं है। इस पे किसी
37:23ट्वीट की जरूरत नहीं है। कुछ बोलने की
37:24जरूरत नहीं है। हमारे सनातन का एसेंस क्या
37:27है? एक सही सनातन धर्म और वैदिक कल्चर
37:29जिसकी हम आज संसार की बात करते हैं जिस पे
37:32हम अपना कररेक्टर बिल्ड करते हैं। अपने
37:34देश को बिल्ड करना चाहते हैं। लोगों को
37:36पब्लिक वेलफेयर देना चाहते हैं। अगर उसी
37:38को ही आप ऑफिशियलल्स को इस तरह से यू नो
37:41खराब करते हुए देखेंगे तो आपको पता लगेगा
37:43कि दैट व्हाट इट इज और हमें कल एक
37:45ब्यूरोक्रेसी की रियलिटी भी देखने को
37:47मिली। तो ऑफिशियल ने जिस तरह से स्टेज पर
37:51बारश किया और हमारी प्रेयर्स डिसरप्ट करी
37:54हम
37:55जो सनातनी है मैं अपनी बात करती हूं अभी
37:59मेरे लिए ये बिल्कुल अनएक्सेप्टेबल है अगर
38:02हनुमान चालीसा चल रहा है आप कोई भी हो इस
38:05धरती पे आपका ओ कुछ भी हो आपको दंड मस्तक
38:09करके खड़ा होना पड़ेगा बट यस्टरडे दिस डिड
38:13नॉट हैपन और इसको स्पॉइल करने के लिए कौन
38:16थे द वेरी मेन इन यूनिफार्म आप समझ रहे
38:18हैं? तो ये बहुत डिसहार्टनिंग था देखने
38:21का। उसके बाद ये एक और चीज है कि आप देखिए
38:24कि ये बताता है कि एक स्पिरिचुअल
38:26ग्राउंडिंग जो भारत में है वो कितनी
38:28ज्यादा खराब हो चुकी है। ठीक है? जो हमारा
38:30सेक्रेट ट्रेडिशन है जो कि भारत का भारत
38:34की सोल है। अगर एडमिनिस्ट्रेटिव एलिमेंट्स
38:37आके इसको शट डाउन करेंगे उनके कन्वीनियंस
38:41के लिए इट इज नॉट एक्सेप्टेबल। आई कंडेम
38:44दिस हार्डली एंड आई हैव आल्सो सेड दिस
38:47थिंग दैट वी गो
38:50आस्क यू वन डे सम डे दैट बीन इन अ
38:54यूनिफार्म हाउ कुड यू डेयर टू डू समथिंग
38:56लाइक दिस यू कुड हैव वेटेड फॉर अनदर फाइव
38:59मिनट्स राइट दे डिडंट डू इट एंड एस फार एस
39:02जो आपने मेरे से बात करी जो डेवलपमेंट हुआ
39:05है मैं ये कहूंगी के दुबे जी ने जो किया
39:09है और कल जो हमारी एडमिनिस्ट्रेशन ने किया
39:12है यह ब्लेसिंग इन डिसगाइस है भारतीयों के
39:15लिए, भारत के लोगों के लिए क्योंकि कल एक
39:17अनमस्किंग हुई है। एक ऐसी चीज अनमस्क हुई
39:20है जो लोग समझ रहे हैं और उनको समझना
39:22चाहिए कि कोई मार्केटिंग हमें इसमें हेल्प
39:25नहीं कर सकती थी। अब देखिए
39:27मैं यही चीज समझा रही थी कि जब सीजेपी का
39:30प्रोटेस्ट हुआ था। आप उनके स्पोक्सपर्स को
39:32देखिए। ठीक है? ऑल ऑफ़ अ सडन दे कम अप
39:35नोबडी बोदर्स अबाउट देयर कंडक्ट कि वो
39:38क्या बोलते हैं? उनका बैकग्राउंड क्या है?
39:40जस्ट बिकॉज़ दे हैव कम यू नो उनके ट्वीट्स
39:44थे उनके बहुत ज्यादा फॉलोअर्स थे तो पीपल
39:46हैव ब्लाइंडली बिलीव्ड इन देम राइट टुडे
39:48वी कुड सी दैट व्हाट काइंड ऑफ़ अ
39:50मिसमनेजमेंट दे हैव डन एंड व्हाट काइंड ऑफ़
39:52रोंग मैसेज दे हैव सेंट टू द एंटायर नेशन
39:55इन अ वे ओके नाउ अगर अब हम अपने प्रोटेस्ट
39:58की बात करें जब हम साथ चल रहे हैं जब
40:01हमारे बड़े हमारे साथ बैठे हैं तो इस तरह
40:04की जब आप किसी भी एक सशन पे निकलते हैं या
40:08किसी से किसी तरह का पैक करते हैं तो यू
40:11शुड हैव डिस्कस्ड इट विथ द टीम राइट ही
40:14हैज़ डिस्कस्ड इट वी हैव मेड यू अ फेस
40:17बिकॉज़ यू वर द यू दैट डजंट मीन दैट यू टेक
40:20एडवांटेज एंड यू टेक द क्रेडिट ऑफ़
40:21एवरीथिंग। आप यकीन नहीं मानेंगे। आई एम
40:25टॉकिंग अबाउट लैक्स भी मैं बोलूंगी तो कम
40:27नहीं होगा। हजारों की तादाद में लोग आए थे
40:30और आप उनकी मेहनत और उनका आप श्रम देखते
40:32हैं। मुझे लगता है जम्मू कश्मीर से ले
40:34कन्याकुमारी तक हर स्टेट से लोग आए हुए।
40:37हर स्टेट से लोग आए थे। हर हर संगठन के
40:40लोग वहां पहुंचे थे और अपने से यही पर एक
40:43चीज बहुत ज्यादा हमें समझने देखने वाली
40:45होती है कि जिन संस्कारों को हमें वापस
40:48लाना है आप कैसे किसी लीडर पर ट्रस्ट कर
40:50सकते हैं हु फेल टू गिव रिस्पेक्ट टू आनंद
40:53स्वरूप जी टूेंद्र राणा जी टू अदर
40:57प्रोमिनेंट लीडर्स हु हैव जॉइ द दिस स्टेज
40:59एंड यू नो हु हेल्प देम टू रीच टू दिस
41:02प्लेस मतलब जो भी कल हुआ तो ये अपने आप
41:04में बहुत स्ट्रांग मैसेज देता है कि प्लीज
41:07आप सिर्फ व्यक्ति को नहीं उसके कंडक्ट को
41:11थोड़ा परखिए थोड़ा देखिए ठीक है और फ्यूचर
41:15के लिए हमें बहुत अच्छा मैसेज बहुत अच्छा
41:17मैसेज मिल गया अगर एक इतनी छोटी सी चीज के
41:20लिए कोई आपको डिसीव कर सकता है तो जब कुछ
41:22बड़ा होगा तो वो आपको कितना डिसीव करेगा
41:25तो भारत आवर नेशन नीड्स प्रिंसिपल पीपल
41:28एंड आई नो दैट कि भारत में आज भी
41:31प्रिंसिपल लोग हैं आज भी प्रिंसिपल बच्चे
41:33हैं जिन्हें पता है के संस्कार क्या होती
41:36है मर्यादा क्या होती है और अपने फायदे के
41:39लिए हमें दूसरों की लाइफ कॉम्प्रोमाइज
41:43नहीं करनी चाहिए। सो वी नीड सच सॉर्ट ऑफ़
41:45पीपल एंड आई थिंक यूथ को बहुत स्ट्रांग
41:47मैसेज इससे मिला है के जस्ट डोंट
41:50ब्लाइंडली ट्रस्ट एनीबडी यू नो लुक एट
41:52देयर कलेक्टिव एंड कंडक्ट इट्स वेरी्ट।
41:55बड़ी सही रीजनिंग दिया आपने कि उसने और कुछ
41:58गलती किया नहीं किया लेकिन सबसे बड़ी बात
42:00आपके बड़े आपके साथ बैठे थे और उसके बाद भी
42:02आपने खुद से डिसीजन लेने की हिम्मत की। ये
42:05तो अपने आप में ही मतलब एंटी हिंदूइज़्म
42:07है। एंटी सनातन है। जब मैं अब हिंदूइज़्म
42:10सनातन की बात फिर से चली है तो रिजर्वेशन
42:13में बात हो गई। लेकिन एक चीज और है इंडिया
42:14में जो पिछले डेढ़ महीने से बहुत
42:16हाईलाइटेड है। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा
42:20उत्तर प्रदेश में चुनाव भी आने वाले हैं
42:23और यह मुद्दा अभी पिछले डेढ़ महीने से
42:25बहुत ज्यादा मैं बहुत ज्यादा क्लोज हूं इस
42:28टॉपिक के क्योंकि मैंने मतलब पूरा राम
42:30मंदिर का जो जब से वो आंदोलन शुरू हुआ था
42:33आज से वो 100 सवा सौ साल पहले जब पहली बार
42:36निहंग गए थे वहां पर उन्होंने हमला किया
42:38था उसको फ्री कराने की कोशिश किया था राम
42:40मंदिर को तब से लेकर मैंने उस चीजों को
42:42सबको पढ़ा तो मैंने मुझे ऐसा लगता है कि
42:44राम मंदिर हिंदुओं का वो इतिहास है जो
42:47बताता है कि वो कितने सालों तक लगातार लड़
42:49सकते हैं एक ही मुद्दे के लिए। लेकिन जब
42:52यह हुआ और उसके बाद जब सब कुछ हमने हमने
42:54सेलिब्रेट भी किया
42:57कई उसमें पॉलिटिकल चीजें आई लेकिन मैं
42:58उसमें हमेशा सपोर्ट में रहा कि राम मंदिर
43:00बनना चाहिए था। लेकिन राम मंदिर बनने के
43:02बाद जब उसमें चढ़ावा ही चोरी हो गया और जब
43:05चोरी होने के बाद मुख्यमंत्री जी जो है
43:07उत्तर प्रदेश के उनका यह कहना है कि जिन
43:09लोगों ने एक रुपया नहीं दिया चढ़ावे में
43:11उन लोगों को वो लोग भी आज चढ़ावे के है ना
43:14हिसाब मांग रहे हैं तो मुझे बड़ा दुख हुआ
43:16कि यार ऐसा थोड़ी होता है कि जिसने चढ़ावा
43:19नहीं चढ़ाया कभी या फिर जिसने रुपया नहीं
43:21दिया उसकी आस्था नहीं है मंदिर है मंदिर
43:23सबका है तो मुझे नहीं समझ में आता मैं इसप
43:27क्या बोलूं मुझे मतलब चढ़ावा चोरी के बारे
43:29में आपका क्या कहना है क्या सजा मिलनी
43:30चाहिए आपके हिसाब से ऐसा क्या हुआ होगा कि
43:33ऐसी हरकत हुई किसी मंदिर में मैं नहीं
43:35मानता कि मंदिर में बैठे हुए लोग इतने
43:37खराब हो सकते हैं लेकिन फिर भी हुआ है
43:39क्यों हुआ होगा और क्या सशन है इसका दोनों
43:43चीजें चाहिए
43:44यहां पे थैंक यू सो मच बहुत अच्छा
43:46क्वेश्चन आपने किया यहां पे मैं आपसे
43:48थोड़ा सा डिफर करूंगी जब आपने कहा कि मुझे
43:50नहीं लगता कि लोग ऐसा करते हैं या ऐसा
43:53होता होगा सच्चाई ये है कि भारत का कोई
43:55ऐसी स्पिरिचुअल जगह नहीं है जहां पे ये
43:58नहीं हो रहा जहां पे ये होता नहीं है।
44:01क्वेश्चन ये है कि किसके अंदर हिम्मत है
44:04कि वो इस चीज को सामने ला सके। आप समझ रहे
44:07हैं?
44:08अब मैं बात करूंगी आपको कि ये इतना
44:10इंपॉर्टेंट मुद्दा है क्योंकि जब हम किसी
44:13भी धर्म स्थल की बात करते हैं। ठीक है? और
44:16मेरा विद ऑल ड्यू रिस्पेक्ट मैं यह बोलना
44:19चाहूंगी कि हमें अपने लोगों में यह जो
44:22धर्म राज्य की बात हो रही है ना ये जो
44:25प्रिंसिपल है वो इस विज़ में ही है। ये कोई
44:27एक थिरोटिक स्टेट नहीं है। ये एक अल्टीमेट
44:30एक्सप्रेशन है इस रूल ऑफ लॉ का जो एथिकल
44:34गवर्नेंस जनसंघ लोगों के बीच में लाना चाह
44:37रही है। आपने जिस चंदे की बात करी इट इज
44:40नॉट जस्ट अ डोनेशन वी आर टॉकिंग अबाउट। वी
44:42आर टॉकिंग अबाउट अ ट्रस्ट। ट्रस्ट इज
44:46मतलब सच तो आप मान लीजिए अमूल्य है। उसका
44:49कोई मूल्य ही नहीं है। तो जिसजिस ने अगर
44:52एक पॉइंट भी कंट्रीब्यूट किया था ना उस
44:54सिटीजन का वो एक सेक्रेड नेशनल और
44:57स्पिरिचुअल कॉज था जो उसने उस सेक्रेड
45:00ट्रस्ट में लिया। ठीक है ना? अब आप अगर उस
45:03पे करप्शन की शैडो भी अगर टच होती है ना
45:07तो ये एक फाइनशियल क्राइम नहीं है। ये एक
45:11बहुत बड़ा डिवास्केटिंग ब्लो है हमारे मोरल
45:15फैब्रिक पे और हमारे एडमिनिस्ट्रेशन की
45:18सोल पे। आप किसी भी धर्म स्थल पे जाते
45:21हैं। एक आप इसलिए जाते हैं क्योंकि यू
45:24ट्रस्ट दी एडमिनिस्ट्रेशन देयर। आपको पता
45:26है ये भगवान का द्वार है। ये भगवान का
45:28स्थल है। यहां क्या ही गलत होगा। पर यहां
45:30पे जितना और जैसे जैसे गलत होता जा रहा है
45:35विद पंपिंग टाइम इज नॉट एक्सेप्टेबल
45:38और आप मुझसे पूछेंगे मैं आपको कहती हूं आप
45:41किसी भी भारत के गली मोहल्ले में छोटे से
45:44छोटे मंदिर को ले लीजिए और बड़े से बड़े
45:46मंदिर को ले लीजिए एवरीवेयर इट इज हैपनिंग
45:50एंड वी नीड टू स्टॉप दिस ओके सो हमें इस
45:54करप्शन को ये जो फाउंडेशनल कैरेक्टर है ना
45:57ये डिमांड करता है अगेन इट्स ब्लेसिंग इन
46:00दिस गाइस क्योंकि ये मामला सामने आया है
46:02तो हमें जरूर ध्यान देना चाहिए कि वी नीड
46:04टू इरेडिकेट दिस करप्शन दिस नेपोटिज्म और
46:07दिस ये जो प्रॉफिट बनाने की हर पब्लिक
46:12लेवल पे आप देख लीजिए एडमिनिस्ट्रेट
46:14एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पे देख लीजिए लोगों
46:16को ये जो प्रॉफिट ऐसी संस्थाओं से कमाने
46:19की आदत पड़ गई है ना वी रियली नीड टू वर्क
46:21ऑन दैट और मैं एक चीज की बहुत ज्यादा
46:24स्ट्रिक्टली ये चीज बोलती हूं कि
46:26ट्रांसपेरेंसी इस वेरीेंट क्योंकि जब मैं
46:28छोटी हुआ करती थी। तो मेरी मॉम मुझे कहती
46:31थी कि अगर आप कोई भी काम करने से पहले उसे
46:33छुपा रहे हैं या आपको लग रहा है कि मम्मी
46:35पापा से छुपाने की जरूरत है तो उसमें कुछ
46:37ना कुछ गलत है। यू नीड टू रेट्रोस्पेक्ट
46:39दैट। यू नीड टू चेक दिस आउट। सो आई से दैट
46:43अगर राम मंदिर में इस तरह का कुछ घपला हुआ
46:46एंड यू आर नॉट रेडी टू टॉक अबाउट इट। आप
46:48खुल के बोल नहीं रहे हैं। आप बता नहीं पा
46:50रहे हैं। तो उसमें गुफक है। तो सबसे पहली
46:52बात तो ये जो मिसमनेजमेंट हुआ है, जो
46:54सिंपिंग ऑफ पब्लिक फंड्स हुआ है, इसको कवर
46:57अप ना करने की जगह इसको एड्रेस किया जाए।
46:59तो हम जनसंघ डिमांड करता है अबब्सोल्यूट
47:02ट्रांसपेरेंट और रिगरस अकाउंटेबिलिटी और
47:05जस्टिस भी इस तरीके से दिया जाए कि मतलब
47:08के
47:13बहुत ज्यादा चीप और इजीली अवेलेबल मैं
47:16नहीं बोलूंगी बट बहुत ही क्विक किया जाए
47:18क्योंकि ये धर्म स्थल है और धर्म स्थल के
47:22एक कॉमन मैन की आस्था को प्रिजर्व करना
47:25हमारा धर्म है। ये भारत के हर उस
47:28एडमिनिस्ट्रेटिव का हर उस व्यक्ति का धर्म
47:30है कि हम उस चीज को रिस्टोर करें। आप समझ
47:33रहे हैं? इट्स वेरीेंट।
47:35तो मैं जी तो मैं यही मैसेज देना चाहती
47:37हूं कि इस चीज को प्लीज आप लोग इजी मत
47:40लीजिए। बिकॉज़ यू डोंट हैव एन आईडिया दिस
47:43काइंड ऑफ अ मनी जो सिमफिनिंग होती है।
47:46इससे कितने भारतीय बच्चे पढ़ सकते हैं।
47:49कितने लोगों को एक अच्छा हेल्थ केयर मिल
47:51सकता है। कितने लोगों को एक अच्छी लाइफ
47:55मिल सकती है? आखिर कब तक यह देश इसी तरीके
47:58से लुटता और लुटाता रहेगा एंड फॉर व्हाट
48:01एंड व्हाई आर वी डूइंग दैट आप समझ रहे हैं
48:04तो ये वी आर टॉकिंग अबाउट क्रोड़ ऑफ रूपीस
48:07क्रोड़ एंड करोड़ी आप सोचिए के जो बताया
48:11जाता है वो बहुत आंशिक होता है रियलिटी तो
48:15बताइए तो आंशिक आंशिक ही जब इतना ज्यादा
48:19है तो रियलिटी सोचिए क्या होगी ठीक है ना
48:21तो ये आस्था का मैटर है और लोगों की आस्था
48:23को रिस्टोर करने के लिए
48:26गवर्नमेंट को चाहे वो ऑोजिशन में बैठी हो
48:28चाहे वो रूलिंग गवर्नमेंट हो दे शुड कम
48:30टूगेदर एंड एड्रेस दिस इशू जी अच्छा मैंने
48:34ये प्रश्न कुलदीप जी से भी पूछा था
48:37उत्तर प्रदेश के इलेक्शन आने वाले हैं और
48:40अभी हम देख रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में
48:43एक तरीके से जो सरकार है वो हिंदुओं की
48:46सरकार कहने के लिए रह गई है। जब राम मंदिर
48:48में चढ़ावा चोरी जैसी चीज हो जाती है और
48:50वो उसको भी कवर अप करते हैं तो मैं ऐसी
48:51सरकार को हिंदुवादी सरकार तो नहीं कह
48:53सकता। आप लोगों की कुछ प्लानिंग है। कुछ
48:57कैसे आप लोग इसको आगे बढ़ाने वाले हैं।
49:00कैसे मतलब उत्तर प्रदेश में जुड़ना आपका
49:02बहुत जरूरी है। मैं मैं हमेशा से लोगों को
49:04कहता हूं कि यार हिंदुत्व का सेंटर है
49:06उत्तर प्रदेश। वही भगवान राम की भी
49:09जन्मभूमि है। वही भगवान कृष्ण की भी
49:11जन्मभूमि है। वही गंगा माता भी वास करती
49:14है और गंगा मैया भी वास करती है। और भगवान
49:17शिव के लिए वाराणसी भी जो दुनिया का पहला
49:19शहर है वो भी वही है। तो इस जो अभी तक
49:22आपने जितनी बातें की है ना ये सब
49:24इम्लीमेंट करने की पहली जगह मेरे हिसाब से
49:26उत्तर प्रदेश ही है। कुछ प्लानिंग है आप
49:28लोगों की आप लोग वहां पर कैसे अपने अपने
49:31आप को बढ़ा पाएंगे?
जन संघ की तैयारी उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर
49:32जी 100% देखिए हमारी जो भी जिस भी प्रदेश
49:36की अब जितने भी हमारे यू नो इलेक्शंस
49:40आएंगे पहली बात तो हम बहुत एक्टिवली उन
49:42पार्टिसिपेट करेंगे और वहां के लोग जो है
49:45अच्छी तरह से जुड़ रहे हैं मंडल लेवल पे
49:47और हम लोग अपने आप को पुश भी कर रहे हैं
49:50एंड पीपल आर वेरी एक्साइटेड एंड हैप्पी
49:52बिकॉज़ एक बहुत गलत नैरेटिव जो है वो इतने
49:55सालों से चल रहा है और इंटरेस्टिंग बात ये
49:57है कि ना पक्ष बता के राजी है और ना
50:00विपक्ष को पता है कि जनसंघ वही ओरिजिनल
50:03जनसंघ आज भी सक्रिय है काम कर रहा है और
50:07हम जो है आपको जो भी पॉलिटिकली हमारी अब
50:11डेवलपमेंट होगी यूपी इलेक्शंस को लेके वो
50:13आपको टाइम टू टाइम पता लगेगी। बट हम आपको
50:16ये कहना चाहते हैं और ये अश्योर करना
50:18चाहते हैं कि अगर आपको अपने राइट्स मांगने
50:21पड़े अगर आपको बेसिक ह्यूमन चीजों के लिए
50:26भी मांगना पड़े ना तो आप समझ जाइए कि सरकार
50:30या वो लीडर आपके लिए काम नहीं कर बिकॉज़
50:32दीज़ आर द बेसिक थिंग्स। और इन्हें मांगने
50:34की जरूरत नहीं पड़ती। तो यूपी एक बहुत बड़ा
50:37स्टेट है और यूपी दिशा और दशा बदल सकता है
50:42भारत की। तो मैं सब यूपी वाले लोगों से
50:45जरूर ये रिक्वेस्ट करूंगी कि सी लाइफ इज
50:47ऑल अबाउट चॉइससेस। ठीक है? आज मैं जो चूज़
50:50करती हूं वो मेरे आने वाले पांच साल
50:52निर्णय लेकर। ठीक है? तो अगर आप आज चूज़
50:56करती हैं ए तो आपकी लाइफ ऐसे दिखेगी। चूज़
50:59करती है बी तो लाइफ ऐसे दिखेगी। तो प्लीज
51:01जब आप ये चॉइस करें तो बहुत सोच के करें।
51:04अगर आप अपने घर से अच्छे हैं, आपको नौकरी
51:06की भी कमी नहीं है। आपको खाने पीने की भी
51:09कमी नहीं है। तो कम से कम उन लोगों का
51:11सोचिए जो लोग स्ट्रगल कर रहे हैं। उनके
51:13लिए आप सोच समझ के वोट दें। ऐसे ही किसी
51:16को ना जिताएं। इस तरह की चीजों में
51:18बिल्कुल भी ना आए कि हम आपको ₹1 लाख
51:21देंगे। हम आपको ₹100 देंगे। डोंट टेक इट।
51:24से नो। डिग्निटी अपनी प्रिजर्व कीजिए।
51:27अपने आत्मसम्मान को प्रिजर्व कीजिए और इस
51:30तरह के लीडर्स चुन के आए लेकर आइए कि
51:33जिनसे जब आप अपने हक का पूछे तो आपको वो
51:36डटकार के भगा ना दे कि मैंने तुझे ₹000
51:38दिए थे बल्कि आप उनसे बोले कि आप मेरा काम
51:41करवाइए। तो इस बहुत बहुत सक्रिय तरीके से
51:46काम करना पड़ेगा।
51:47जी
51:48बहुत इफेक्टिव बातें बोल रही है आप सीधे
51:51हिट हो रही है कि भाई ₹000 मिल गया। हां
51:54सही बात है। अगर मैं फ्री व्यूज ले लूंगा
51:56तो फिर मैं क्वेश्चन कैसे करूंगा। बात तो
51:57सही है। अभी आप कह रही थी
52:01हमेशा ध्यान एक और चीज हमें हमेशा ध्यान
52:03रखनी चाहिए कि आप किसी से किसी भी तरह का
52:07अगर फेवर लेते हैं। ठीक है ना? तो वो फेवर
52:10नहीं वो आपको झुकाते हैं। तो सोच समझ के
52:13देखिए कि आप किसके आगे झुक रहे हैं। ठीक
52:15है?
52:17हमेशा ध्यान एक और चीज हमें हमेशा ध्यान
52:19रखनी चाहिए कि आप किसी से किसी भी तरह का
52:22अगर फेवर लेते हैं ठीक है ना तो वो फेवर
52:26नहीं वो आपको झुकाते हैं। तो सोच समझ के
52:29देखिए कि आप किसके आगे झुक रहे हैं। ठीक
52:31है?
52:32ठीक है। आप कह रही थी कि लोग आपसे जुड़
52:35रहे हैं। जनसंघ से जुड़ रहे हैं। दिल्ली
52:37से शुरू कर देते हैं। आप दिल्ली की प्रदेश
52:38सचिव है। दिल्ली में जनसंघ से जुड़ने का
52:40क्या प्रोसेस है? अगर कोई आपसे जुड़ना
52:42चाहे कैसे पब्लिक आउटरीच के क्या
52:45प्रोग्राम्स है आपके कुछ उसके बारे में
52:47बताइए ताकि लोगों को पता चले क्योंकि
52:50ऑनेस्टली अखिल भारतीय जनसंघ को लोग मतलब
52:53एक समय पे भूल गए थे आप लोगों ने ही याद
52:55दिलाया है उन्हें और मैं कोशिश कर रहा हूं
52:56मैं खुद भी चाहता हूं कि अखिल भारतीय
52:57जनसंघ के बारे में देश जाने मैं भी आपके
53:00जो फाउंडर्स है उनसे बहुत इंस्पायर्ड हूं
53:03तो आप लोगों का पब्लिक आउटच प्रोग्राम
जनसंघ का जनसंपर्क अभियान
53:05क्या है कैसे लोग आपसे जुड़ सकते हैं वो
53:06थोड़ा आईडिया दीजिए
53:08सी वी बिलीव इन अ मिनिलिस्टिक थिंग ओके
53:10वेरी वेरी सिंपल एंड वेरी वेरी इजी। तो एज
53:14वी ऑल नो दैट कि एक बेसिक एलिजिबिलिटी
53:16क्राइटेरिया होता है कि आप 18 वर्ष से ऊपर
53:19हो। ठीक है? फिर हमारे यहां पे सदस्यता
53:21शुल्क होती है। हमारे यहां पे तीन तरह के
53:23तो हमारे यहां पे कार्यकर्ता। ठीक है? दे
53:26नीड नॉट टू गिव एनी मेंबरशिप। दे जस्ट
53:28वांट टू कम जॉइ अस एंड सी व्हाट आर आवर
53:31आइडियोलॉजीस एंड हाउ वी वर्क यू नो। आप
53:34उसके लिए एक [गला साफ़ करने की आवाज़]
53:35नॉर्मल मेंबर बन सकते हैं। फिर हमारे पास
53:37आता है कि एक मेंबरशिप फी होती है जिसे हम
53:40सदस्यता सूट कहते हैं। वि इज वेरी
53:42नेगिजिबल। इट्स वेरी नेगिजिबल। ठीक है? जब
53:44आप ये करते हैं सो वी काउंट यू एज आवर
53:46मेंबर्स। ओके? देन यू आर नॉट एज अ
53:48वालंटियर यू आर अ मेंबर टू अस। उसके बाद
53:50फिर एक हमारी मंडल कमेट होती है जिसमें हम
53:53ये कहते हैं कि आप मंडल से जुड़िए। उसमें
53:55आपको जो बुनियादी संगठन के जो हमारी इकाई
53:58है हमारे जो लीडर्स हैं उनके साथ इंटरेक्ट
54:01करने का और उनके साथ यू नो क्षेत्र में या
54:03नगर में चीजों को बढ़ाने का जो है उसमें
54:06आपको मौका दिया जाता है और एक हमारी
54:09एक्टिव कैंडिडेटर कहते हैं हम जिसे सक्रिय
54:11सदस्यता कहते हैं वो उन सब लोगों के लिए
54:14है जिनको अपने स्थानीय चुनाव में एज अ
54:16उम्मीदवार खड़ा होना है या वो यू नो हमारी
54:20पॉलिसीज में हमारे मूवमेंट्स में बिल्कुल
54:23एक पोजीशन के साथ आना चाहते हैं। सो यू नो
54:25दे कैन गेट इनू दी एक्टिव कैंडचर एस वेल।
54:28एंड एस आई ऑलवेज सेस के हमारा जो ये
54:30आउटरीच प्रोग्राम होता है वी रियली डू अ
54:34वेरी थरो इन्वेस्टिगेशन ऑफ अ पर्सन। ओके?
54:36सो वी एनश्योर दैट द कैंडिडेट हु सो एवर
54:39इस जॉइनिंग अस इन अ सक्रिय यू नो
54:42मेंबरशिप। उनका बैकग्राउंड चेक होता है
54:44प्रॉपर तरीके से। उनका कंडक्ट देखा जाता
54:46है। उनको वेरीफाई किया जाता है। एंड आई एम
54:49वेरी प्राउड टू से दैट कि हमारी जो
54:50लीडरशिप टीम है वो
54:54अ इतने प्रबुद्ध लोग हैं। इतने प्रबुद्ध
54:57लोग हैं कि वो वेरीफाई बहुत अच्छे तरीके
54:59से करते हैं। और मैं ये भी कहूंगी कि
55:04इंसान को समझते हैं और हम अपने साथ उन्हीं
55:07लोगों को जोड़ते हैं जो प्रिंसिपल होते
55:09हैं। दैट्स द वेरी यू नो पैरामाउंट ऑफ आवर
55:13दिस ड्राइव आउट प्रोग्राम।
55:16अभी तक मैंने जितना भी आपसे बात किया ना
55:17मतलब ऐसा लग रहा है कि मैं एक
55:19हिंदुत्ववादी से बात कर रहा हूं।
55:22एक चीज मेरे दिमाग में आती है जब भी मैं
55:24जनसघ के बारे में सोचता हूं तो मुझे ऐसा
55:27लगता है कि असल में तो जनसंघ ही होनी
55:29चाहिए थी कांग्रेस का अपोनेंट कांग्रेस का
55:32विकल्प लेकिन बन गई बीच में भाजपा और कैसे
55:36बनी वो तो कुलदीप जी बता के गए थे मुझे वो
55:38हिस्ट्री तो खैर एक मेरे पिछले फोडकास्ट
55:40में है लोग समझ गए देखा है उन्होंने तो वो
55:43जानते हैं कि क्या किया अटल बिहारी जी ने
55:44और क्या किया लालष्ण आडवाणी जी ने लेकिन
55:47अब आप लोग कैसे बनेंगे भाजपा का विकल्प
55:51मतलब मतलब देखिए मैं आपको एक एग्जांपल
55:53देता हूं। बिहार में जो हुआ है अभी
55:55बांकेपुर का इलेक्शन हुआ है। एमपी में
55:56दतिया का इलेक्शन था तो या छत्तीसगढ़ में
55:59था शायद। तो जो भाजपा सवर्णों की कभी भी
56:04नहीं सुनती थी। उसने अचानक से बाकीपुर
56:06हारने के बाद सवर्ण आयोग का गठन कर दिया।
56:09है ना? फिर उसके बाद जो जो भरत तिवारी जी
56:13के साथ जो हुआ था उनके लिए भी अब
56:15मुख्यमंत्री जी ने कुछ अपने
56:19वो किए।
56:21तो भाजपा को अपनी गलती समझ में आई है।
56:24क्या इसका असर उत्तर प्रदेश पर पड़ेगा? और
56:26क्या आप लोग असली जो कहते है ना हिंदूवादी
56:31पार्टी को लोगों को समझा पाएंगे कि हां
56:34असली हिंदूवादी पार्टी आप लोग हैं।
56:35राष्ट्रभक्त पार्टी आप लोग हैं। क्या आप
56:37ये बता पाएंगे? कैसे बताएंगे और बाकी पूरे
56:39इलेक्शन के बारे में आपका क्या कहना है?
56:42जी। सो इट वास अ ग्रेट एक्सपीरियंस। हमारे
56:45जो कैंडिडेट थे मिस्टर दुबे वहां से
56:48बहुत खुशी के साथ बताना चाहूंगी कि अखिल
56:51भारतीय जनसघ टॉप 10 में आया। ये अपने आप
56:54में एक अचीवमेंट थी। वहां पर लोगों ने
56:56इतना ट्रस्ट दिखाया कि हम टॉप 10 में आ
56:58सके और बाय इलेक्शन से आप समझ सकते हैं।
57:02तो हमारे लिए वो सरफेस करने का बहुत अच्छा
57:04टाइम था और देखिए एट दिस पॉइंट इन टाइम
57:08मैं सबको ये चीज बोलती हूं जभी भी मैं
57:10किसी से इंटरेक्ट करती हूं कि आपको ये एक
57:13लूप तोड़ना है। ये जो एक फ्रेमिंग इफेक्ट
57:15चल रहा है भारत में फ्रेमिंग इफेक्ट का
57:18मतलब क्या होता है? मैं आपके घर आई। आपने
57:20मुझसे पूछा आप चाय लेंगी या कॉफी? अब मैं
57:22चाय भी नहीं पीती हूं। कॉफी भी नहीं पीती
57:24हूं। लेकिन मुझे साइकोलॉजिकली लग रहा है
57:26कि मुझे ऑप्शन दिया गया है और मैंने चूज़
57:28कर लिया आप मेरे लिए कॉफी ले आइए। अब मुझे
57:31सेटिस्फेक्शन है कि मैंने अपनी चॉइस से
57:33कॉफी पी है। लेकिन असल में मुझे कॉफी और
57:37चाय दोनों नहीं चाहिए। भारत में इस टाइम
57:40हमारे सिटीजंस के साथ, हमारे वोटर्स के
57:42साथ क्या हो रहा है कि उन्हें यह लगता है
57:45कि हमारे पास या तो कांग्रेस है या बीजेपी
57:49है। हमारे पास विकल्प ही नहीं है। तो
57:51एक्चुअली मैं इससे क्या बताना चाह रही हूं
57:54कि आपको लग रहा है एस अ वोटर कि हमने चूज़
57:57किया या आपने चूज़ नहीं किया। आपको फ्रेम
57:59किया गया है। आप इस फ्रेमिंग इफेक्ट में आ
58:02गए हैं। आपको फ्रेम किया गया है कि आपके
58:04पास या तो भाजपा है या कांग्रेस है या आम
58:07आदमी पार्टी है। आपके पास और कोई विकल्प
58:09ही नहीं है। तो सबसे पहली बात तो इस
58:10फ्रेमिंग इफेक्ट से बाहर निकल के आइए।
58:12हमें इस फ्रेमिंग इफेक्ट को तोड़ना है।
58:15क्योंकि ऑल दी पार्टीज हैव गॉट देयर
58:18चांसेस। राइट? उनको समय मिला। उनको हमने
58:21पूरा पूरा भरोसा दिया। देयर वास अ टाइम।
58:23हमने कांग्रेस को भरोसा करके देश उनके
58:25हाथों में दिया। देयर वास अ टाइम। हमने
58:27बीजेपी को दिया। हमने आम आदमी पार्टी को
58:29दिया। अगर उन्होंने अपना काम सही तरीके से
58:32किया होता तो आज आप और मैं बैठ के
58:34एजुकेशन, रिजर्वेशन, रिफॉर्म इन सबके बारे
58:37में डिस्कस कर रहे होते। आप बताइए मुझे एक
58:40अच्छी गवर्नेंस का मतलब क्या होता है? सो
58:42प्लीज अगर आप सच में अपने देश को और देश
58:47कैसे आगे बढ़ता है? जब आप खुद आगे बढ़ते
58:49हैं, जब आप खुद ग्रो करते हैं, तो अपने
58:52लिए अपने खुद के लिए आप इस फ्रेमिंग
58:55इफेक्ट को तोड़िए और विकल्प ढूंढिए और मैं
58:59कहती हूं कि भारतीय जनता पार्टी का विकल्प
59:03सिर्फ और सिर्फ जनसंघ है और भारत के पास
59:06जो आज विकल्प बचा है अगर वो इस देश को और
59:09इस देश के लोगों को थोड़ा भी यू नो ऑनर
59:13करना चाहते हैं तो सबसे मजबूत और स्पष्ट
59:16और वैचारिक विकल्प सिर्फ और सिर्फ जनसंघ
59:19है क्योंकि आज की राजनीति को अगर आप देखते
59:21हैं तो आपको पता है राजनीति आज के समय में
59:23क्या हो गई है। मैं जल्दी से एक छोटे से
59:25तरीके से बताती हूं। एक बच्चा होता है वो
59:28जाके ना एक फूल तोड़ के लाता है और उसको
59:30बहुत अच्छे से वॉर्स में लगा देता है। अब
59:32वो वॉज में बड़ा सुंदर वॉर्स में बड़ा
59:34सुंदर लग रहा है फूल पर वो एक दिन के लिए
59:36अच्छा लग रहा है। हमें पता है वो फूल मर
59:38रहा है और वो फूल मर जाएगा। तो यह जितनी
59:41भी पार्टीज है ना आपको इस तरीके से एक
59:45मटेरियलिस्टिक तरीके से यू नो दिखाती है
59:47कि देश बढ़ रहा है। देश बढ़ देश अंदर से
59:50मर रहा है। देश मर रहा है तो आपको एक ऐसी
59:54पार्टी को और ऐसे लोगों को मौका देना
59:57चाहिए जो रूट्स को समझे और इस मिट्टी को
1:00:00समझे और अपनी कल्चरल वैल्यूस को
1:00:02स्ट्रांगली हैंड करते हुए क्योंकि विदाउट
1:00:05रूट्स यू आर नॉट ग्रोइंग एनीवेयर यू आर
1:00:07नॉट ग्रोइंग। प्लीज अंडरस्टैंड दैट ना आप
1:00:09आगे बढ़ सकते हैं और ना आप अपने आप को
1:00:11बढ़ा सकते हैं। तो अपनी कल्चरल वैल्यू से,
1:00:13अपनी रूट से जुड़े रहिए और उसके लिए सिर्फ
1:00:16और सिर्फ जनसंघ एक वो विकल्प है क्योंकि
1:00:19हम लोग जो है
1:00:21कुछ भी अपना काम करते हैं। इनफैक्ट हमें
1:00:23हमें हम पर्सनली अपनी लाइफ में भी इस चीज
1:00:26का बिलीव करते हैं। इस चीज के फॉलोअर्स
1:00:28हैं। तो मुझे लगता है कि ये एक बहुत जरूरी
1:00:31बात है। और मैं आपको समझाना चाहती हूं कि
1:00:34भाजपा का जो रुख है ना वो आज की जो
1:00:36वर्तमान भाजपा का जो है वो नीतिगत रूप से
1:00:39ना बड़े पैमाने पर अगर आप देखेंगे तो बहुत
1:00:41ज्यादा केंद्रीयकृत और राज्य पूंजीवाद
1:00:44जिसे हम सेंट्रलाइज स्टेट कैपिटलिज्म कहते
1:00:46हैं जो बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घरानों पर
1:00:48निर्भर आर्थिक मॉडल की ओर झुकी हुई है।
1:00:51हमें वो नहीं चाहिए। जनसंघ जो विकल्प
1:00:54लाएगा वह एकात्म मानववाद का है जो
1:00:57सिद्धांत पर काम करता है जो मनुष्य को
1:00:59केवल एक आर्थिक प्राणी एक इकोनॉमिक एनिमल
1:01:02की तरह नहीं और एक वोट बैंक नहीं मानता
1:01:04जनसंघ एक ऐसे समतावादी समाज एक ऐसी
1:01:09इगिटेरियन सोसाइटी की वकालत करता है जहां
1:01:12विकास को केंद्र मनुष्य के शरीर मन बुद्धि
1:01:16और आत्मा को टुगेदर
1:01:19यूनिफाइड तरीके से आगे बढ़ाने का काम करता
1:01:22है और सोचता है और हमें ये जो पूंजीवाद
1:01:24बेलगाम लालच और समाजवाद के राज्य नियंत्रण
1:01:29इस तरह की पॉलिटिक्स को खारिज करता है।
1:01:31इनफैक्ट जब मैंने भी इलेक्शंस लड़े थे
1:01:33मुझे यही चीज बोली गई थी दैट यू हैव टू
1:01:35रिमेन वेरी प्रिंसिपल हम लोग किसी तरह का
1:01:39कोई अवैध चीजों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
1:01:41दिस इज व्हाट वी आर लाउड एंड प्राउड अबाउट
1:01:43एंड दिस इज हाउ इट शुड हैपन। इट शुड इट
1:01:45शुड वर्क आउट। राइट? जी।
1:01:48ठीक है। आपने जो अभी बताया ना आखरी
धन्यवाद संदेश
1:01:51स्टेटमेंट जो आपने कैसे जनसंघ बीजेपी का
1:01:55विकल्प बन सकती है वो फ्रेमिंग इफेक्ट
1:01:57वाला जो है वो बड़ा स्ट्रांग
1:02:00आर्गुममेंट है। अच्छा लगा सुनकर डेफिनेटली
1:02:03और मेरे ख्याल से लोगों को भी समझ में
1:02:05आएगा। आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा। मेरे
1:02:09ये जो विचार है जो आपके विचार है जब जनता
1:02:11तक पहुंचेंगे तो डेफिनेटली ज्यादा से
1:02:12ज्यादा लोग जन संघ से जुड़ेंगे भी सही।
1:02:15मैं पर्सनल लेवल पर भी चाहता हूं कि जनसंघ
1:02:18आगे बढ़े। जनसंघ एक बार मतलब पूरे देश में
1:02:21चुनाव लड़े और जीते और कभी ऊन 2019 ना सही
1:02:25मैं इतना मतलब ऑप्टिमिस्टिक नहीं हूं कि
1:02:28आप लोग 2027 में सरकार बना देंगे। लेकिन
1:02:30उम्मीद है कि 2019 में कुछ बड़ा कर देंगे
1:02:32और मतलब है ना एक सक्रिय भूमिका निभाएंगे
1:02:36संसद में आपके भी मेंबर्स। तो मैं आपको
1:02:39बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आपका
1:02:41धन्यवाद करता हूं जो आप पिछले छ सात महीने
1:02:43से कर रही है जितना मैंने आपको देखा है
1:02:45मैं आपको यूजीसी आंदोलन के बाद से मैंने
1:02:47ऑब्जर्व करना शुरू किया था कि आप किस
1:02:49तरीके से मैं तभी जनसंघ के बारे में जाना
1:02:51भी सही तभी मेरा इंटरेस्ट आया था तो मुझे
1:02:53बहुत अच्छा लगता है तो इसके लिए मैं आपको
1:02:55धन्यवाद और बधाई देता हूं आप बहुत अच्छा
1:02:57काम कर रही है हमसे बात करने के लिए
1:02:59धन्यवाद जय श्री राम
1:03:01बहुत-ब धन्यवाद थैंक यू