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0:00आज की कहानी सरहद पार पाकिस्तान से है आज
0:03की कहानी सुनने के बाद आपको यकीन नहीं
0:05होगा कि ऐसा भी कभी हो सकता है यह कहानी
0:08आपको बेचैन कर देगी और सोचने पर मजबूर कर
0:11देगी कि क्या वाकई में एक इंसान इस हद तक
0:13गिर सकता है अपनी ख्वाहिशों को पूरा करने
0:16के लिए मगर बड़े अफसोस की बात है कि यह सच
0:19है और इस बात ने पूरी इंसानियत को शर्मसार
0:21करके रख दिया तो चलिए शुरू करते हैं आज का
0:24यह
0:25एपिसोड पाकिस्तान कराची में एक जगह है
0:28लिकता बाद 31 अक्टूबर 2011 को शाम के वक्त
0:32अंधेरा हो चुका था और कब्रिस्तान में काम
0:35करने वाले लोग वहीं बाहर एक जगह बैठकर कुछ
0:37बातचीत कर रहे थे अचानक से एक आदमी जो कि
0:40वहीं काम करता था चीखता हुआ बदहवास
0:43कब्रिस्तान के अंदर से भागता हुआ उनके पास
0:45पहुंचता है उसका पूरा शरीर कांप रहा था और
0:48वह इतना डरा हुआ था कि उससे कुछ बोला भी
0:51नहीं जा रहा था बस वह बार-बार कब्रिस्तान
0:53की तरफ इशारा कर रहा था तो उन्हें लगा कि
0:56शायद कब्रिस्तान के अंदर कुछ गड़बड़ है उस
0:58आदमी की ऐसी हालत देखकर उन लोगों की भी
1:01हवा खराब होने लगती है क्योंकि एक तो
1:03कब्रिस्तान ऊपर से रात का वक्त मगर वह सब
1:06लोग इकट्ठा होकर अंदर जाने का फैसला करते
1:08हैं और उस आदमी को भी अपने साथ अंदर ले
1:11जाते हैं फिर वह डरते डरते किसी तरह उस
1:14आदमी के इशारों पर उस जगह पहुंच जाते हैं
1:16और वहां पहुंचने के बाद उन लोगों के भी
1:19होश उड़ जाते हैं व देखते हैं कि एक कवर
1:21का एक तरफ का हिस्सा खुला हुआ है और लाश
1:24के ऊपर जो पत्थर का स्लैब था वह हटा हुआ
1:26है उन्हें कुछ समझ नहीं आता फिर वो उस
1:29आदमी से पूछते हैं कि आखिर हुआ क्या है
1:32फिर जब वह पूरी कहानी सुनाता है तो लोगों
1:34को इतना गुस्सा आता है कि वह उस शख्स को
1:37वहीं मार देते लेकिन फिर वहां किसी तरह
1:39पुलिस बुलाई जाती है और पुलिस उसे अरेस्ट
1:42करके अपने साथ ले जाती है उसके बाद जब
1:44पुलिस स्टेशन में उससे पूछताछ की जाती है
1:47तब वह पूरी कहानी शुरू से सुनाता है दरअसल
1:50उस शख्स का नाम था मोहम्मद रियाज वह
1:52पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की एक जगह
1:54सरगोधा का रहने वाला था सरगोधा से कुछ साल
1:57पहले वह रोजी रोटी की तलाश में कराची
2:00पहुंचता है उसके बाद वह इधर-उधर घूमता है
2:02नौकरी की तलाश में कभी कहीं छोटा-मोटा काम
2:05कर लेता तो कभी कहीं मजदूरी का काम कर
2:08लेता था पर कोई टिकाऊ नौकरी उसे नहीं मिल
2:10रही थी उसके बाद वह कुछ दिन ऐसे ही
2:12गुजारता है इस दौरान वजीरा नाम के एक शख्स
2:15से उसकी दोस्ती होती है वजीरा वहीं
2:18लियाकताबाद के एक कब्रिस्तान में खुदाई और
2:20कब्र पर पानी डालने का काम करता था तो
2:23वजीरा से मिलने के बाद रियाज उसे अपनी
2:25परेशानियों के बारे में बताता है तो वजीरा
2:28उसे अपने साथ कब्रिस्तान में ही काम दिलवा
2:30देता है फिर रियाज उसी कब्रिस्तान में एक
2:33जगह टिककर नौकरी करने लगता है उसके बाद
2:35जैसे-जैसे वक्त बीतता है तो धीरे-धीरे उन
2:38दोनों में दोस्ती गहरी हो जाती है फिर
2:40रियाज ने अपने बयान में बताया कि उसने कुछ
2:43दिनों बाद कुछ अजीब सी चीजें देखी उसने
2:45बताया शाम के वक्त जब भी कोई ताजी लाश उस
2:48कब्रिस्तान में दफना जाती थी उसके बाद
2:50वजीरा उस कब्र का एक तरफ का हिस्सा खोलता
2:52था और उसके अंदर जाता था और थोड़ी देर बाद
2:55वापस बाहर आकर उस कब्र को वैसे ही बंद कर
2:58देता था जैसी वह पहले थी थी पहले तो वह
3:00कुछ दिनों तक उसे ऐसा करते हुए देखता रहा
3:03पर एक दिन उसने उससे पूछा कि तुम यह क्या
3:06करते हो कब्र को खोदकर और क्योंकि अब
3:08दोनों की दोस्ती काफी गहरी हो गई थी तो
3:10वजीरा ने उसे सारी कहानी बयां की और फिर
3:13उसने उसे भी अपने साथ उस काम में शामिल कर
3:16लिया और फिर दोनों मिलकर वह काम करने लगे
3:18उसके बाद अब दोनों की नजर असर के वक्त जो
3:21नमाज होती है यानी कि शाम के वक्त दरअसल
3:24इस्लाम में पांच वक्त की नमाज पढ़ी जाती
3:26है और जो असर की नमाज होती है वोह शाम को
3:29लगभग 4:00 से 5:00 बजे के वक्त पढ़ी जाती
3:31है तो दोनों रोज असर की नमाज का इंतजार
3:34करते थे और उस वक्त जो भी लाश कब्रिस्तान
3:37में दफनाने के लिए आती थी दोनों उस पर नजर
3:39रखते थे फिर दोनों उस लाश की पहचान करने
3:42की कोशिश करते थे कि यह लाश मर्द की है या
3:45किसी औरत या लड़की की है पर लाश की पहचान
3:48करने के लिए उन्हें ज्यादा मेहनत नहीं
3:50लगती थी क्योंकि मुस्लिम रीति रिवाज के
3:52हिसाब से अगर वह किसी महिला की लाश है तो
3:55उस कब्र पर एक चादर डाल दी जाती है और वह
3:58चादर एक निशानी होती थी कि यह लाश किसी
4:00महिला या किसी लड़की की है उस चादर को
4:03देखकर दोनों समझ जाते थे कि यह लाश किसी
4:05औरत या किसी लड़की की है और उससे भी
4:07ज्यादा ये इस बात का ख्याल रखते थे कि उस
4:10लाश को असर के वक्त यानी शाम को 4:00 या
4:126:00 बजे के बीच दफनाया गया हो सुबह या
4:15दोपहर में दफनाए गए मुर्दों पर यह बिल्कुल
4:17ध्यान भी नहीं देते थे तो लाश को जब वहां
4:19लाया जाता था उसके बाद उसे कब्र में
4:22दफनाते थे जिसमें दो से 3 घंटे का वक्त
4:24लगता है और फिर सब लोग धीरे-धीरे करके
4:27अपने घर चले जाते थे फिर ये दोनों अपना
4:30काम शुरू करते थे उनमें से एक उस कब्र के
4:32पास जाता और उस कब्र के पैर वाले हिस्से
4:35की तरफ से उसे खोदना चालू करता और बस इतना
4:38खोदता कि उसमें एक आदमी घुस सके उसके बाद
4:41उस कब्र पर पत्थर के स्लैब रखे होते थे
4:43ताकि मुर्दे के ऊपर वो मिट्टी ना गिरे जो
4:45ऊपर से डाली जाती है तो उनमें से वह एक
4:48पत्थर के स्लैब को हटाता और उस कब्र के
4:50अंदर चला जाता फिर उस औरत या लड़की के साथ
4:53अब इसे क्या कहा जाए जबरदस्ती या बलात्कार
4:56क्योंकि जबरदस्ती तो उसके साथ होती है जो
4:59इसका विरोध करे पर वह तो पहले से ही एक
5:01लाश थी जिसको कुछ पता ही नहीं कि उसके साथ
5:04क्या हो रहा है तो मतलब कि वह उस लाश के
5:06जरिए अपनी हवस को शांत करता था उस लाश का
5:09रेप करता था उसके बाद जब वह कुछ देर के
5:12बाद बाहर आता तो दूसरा उस कब्र में जाता
5:15और उस घिनौने काम को अंजाम देता और ऐसा वह
5:18हर उस लाश के साथ करते जो शाम के वक्त
5:21दफना गई हो और शाम का वक्त वोह इसलिए
5:23चुनते थे ताकि उन्हें एकदम ताजी लाश मिले
5:26और सुबह या दोपहर को व यह काम इसलिए भी
5:28नहीं कर सकते थे क्योंकि वहां और लोग भी
5:31काम करते थे इसलिए वह शाम के वक्त दफना गई
5:34लाश के साथ ऐसा करते थे जिसे दफनाने में
5:36अंधेरा हो जाता था और उस अंधेरे का फायदा
5:39उठाकर यह दोनों उस घिनौने काम को अंजाम
5:41देते थे कुछ समय बाद वजीरा की मौत हो जाती
5:44है क्योंकि वह काफी नशा करता था और ड्रग्स
5:47वगैरह भी लेता था मगर रियाज को उससे कोई
5:49फर्क नहीं पड़ता वह अपना यह सिलसिला जारी
5:52रखता है और अब अकेले ही वह इस काम को करता
5:54रहता है बात 31 अक्टूबर 2011 की है शाम
5:58असर के वक्त एक मुर्दा लड़की को दफनाया
6:01जाता है और उस लाश पर भी रियाज की नजर थी
6:04दो से तीन घंटे बाद जब सारे रिश्तेदार उस
6:06लाश को दफनाकर और उसके लिए दुआएं पढ़कर
6:09वापस चले जाते हैं तब रियाज उस कब्र के
6:11पास पहुंचता है और वैसे ही हमेशा की तरह
6:14उसे एक तरफ से खोलता है और उसका एक स्लैब
6:17हटाकर उसके अंदर चला जाता है उसने अपने
6:19बयान में बताया कि जब वह उस कब्र के अंदर
6:22गया और जब वह उस मुर्दा लाश को अपनी हवस
6:24का शिकार बना रहा था तो उस दौरान अचानक से
6:27उसकी नजर उस लड़की के चेहरे पर पड़ करती
6:29है दरअसल उस लाश के ऊपर जो चादर डाली गई
6:32थी वह उसके चेहरे से हटी हुई थी और अक्सर
6:35ऐसा हो जाता है लाश को कब्र में डालते
6:37वक्त कभी-कभी कहीं से कपड़ा हट जाता है
6:40क्योंकि उस कपड़े को ज्यादा टाइट करके
6:42नहीं बांधा जाता ताकि उस लाश को तकलीफ ना
6:44हो तो जब रियास की नजर उसके चेहरे पर
6:47पड़ती है तो उसे पहले उसके दांत दिखाई
6:49देते हैं फिर उसके बाद उसकी नजर उस लड़की
6:52की आंखों पर जाती है उसकी आंखें चमक रही
6:54थी और एक तेज रोशनी उसकी आंखों से निकल
6:57रही थी ऐसा उसने खुद अपने बयान में
6:59साफ-साफ बताया है जैसे ही वह यह देखता है
7:02उसकी हवा खराब हो जाती है और उसे लगता है
7:05कि शायद यह लड़की जिंदा हो गई है या भूत
7:07बन गई है और अब वह बचने वाला नहीं है वो
7:10इतना डर जाता है कि ना आंव देखता है ना
7:12ताव और वहां से बदहवास चीखता हुआ भागता है
7:15और उन बाकी लोगों के पास पहुंचकर अपनी
7:17कहानी सुनाता है उसके बाद उसे पुलिस के
7:20हवाले किया जाता है उन बाकी कर्मचारियों
7:22के पास पहले भी कब्र से छेड़छाड़ की
7:24शिकायतें आती थी क्योंकि लाश को दफनाने के
7:27बाद उसके रिश्तेदार अगले कई दिनों तक त उस
7:29कब्र पर आते थे और उस मरे हुए शख्स की
7:32शांति के लिए दुआएं पढ़ते थे और जब उन्हें
7:35कब्र की मिट्टी को देखकर शक होता था कि
7:37जैसा हम इसे कल छोड़कर गए थे यह उससे अलग
7:39है तो वह उस कब्रिस्तान के मुलाजिमों से
7:42इसकी शिकायत करते थे पर उन्हें लगता था कि
7:44शायद किसी जानवर ने ऐसा किया होगा पर जब
7:47रियाज उनके पास आया और उसने सारी कहानी
7:49बताई तब उन्हें सारा माजरा समझ आया उसने
7:52अपने बयान में कबूल किया कि उसने 48
7:55महिलाओं के साथ कब्र में उतरकर बलात्कार
7:57किया है और उसने यह पिछले डेढ़ से दो साल
8:00के अंदर किया कितने मुर्दों के साथ ये कर
8:02चुके हो ये 48 साथ हो
8:05गए 48 खवातीन सा हां खवातीन उसके बाद जब
8:10यह खबर मीडिया द्वारा पब्लिक में आती है
8:12तो पूरे पाकिस्तान में आग की तरह फैलती है
8:15और पूरे पाकिस्तान में कोहराम मच जाता है
8:18और सभी चाहते थे कि उस गुनाहगार को मौत की
8:20सजा मिले फिर पुलिस अपने साथ उसे
8:22कब्रिस्तान में भी ले गई और व सब लोग भी
8:25वहां पहुंचे जिन्होंने पिछले डेढ़ से दो
8:27साल में कोई महिला लाश को वहां दफनाया था
8:30और फिर उसकी निशानदेही पर उन कब्रों की
8:32पहचान की गई जिसके साथ उसने यह गिनोना काम
8:34किया था हर वो इंसान अपने कलेजे पर पत्थर
8:37रखकर बैठा था कि कहीं वह उस कब्र की तरफ
8:40इशारा ना कर दे जिसमें उनके अपने दफनाए गए
8:42हो और सोचिए जब वह उन कब्रों की पहचान
8:45करता होगा तो उन लोगों पर क्या बीती होगी
8:47जब उन्हें पता चलता होगा कि इसमें उनका
8:50कोई अपना दफन है उसके बाद जब यह मामला
8:52कोर्ट में पहुंचा तो हर 48 मामलों की
8:55सुनवाई अलग-अलग करने का फैसला किया गया
8:57जिनमें से आठ से 10 मामलों में रियास को
8:59फांसी की सजा हो चुकी है इंसान जीते जी
9:02बहुत सारे दुख दर्द और गम सहता है पर मरने
9:05के बाद भी उसे चैन ना मिले तो इंसान जाए
9:08तो कहां जाए कहते हैं मरने के बाद इंसान
9:10का इस दुनिया से कोई नाता नहीं रहता पर
9:12इसी दुनिया के कुछ लोग उसे मरने के बाद भी
9:15चैन से नहीं रहने देते पर पता है हैरानी
9:18की बात क्या है हैरानी की बात यह है कि
9:20रियाज आज भी जिंदा है और आज भी पाकिस्तान
9:23की जेल में सड़ रहा है और आज भी हर एक
9:25पाकिस्तानी रियाज की फांसी का इंतजार कर
9:27रहा है क्योंकि बाकी के मामले अभी भी
9:30कोर्ट में हैं और उनका फैसला आना बाकी है
9:32पर उम्मीद है उसे जल्द ही फांसी होगी तो
9:34दोस्तों यह थी आज की कहानी आपकी इस पर
9:37क्या राय है अपनी राय कमेंट बॉक्स में
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