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Introduction
0:00हेलो बच्चों तो वापस स्वागत है आपका समग्र
0:01बैच में हम लोग पढ़ाई कर रहे हैं मॉडर्न
0:03इंडिया की और स्पेक्ट्रम की सीरीज हम लोग
0:05यहां पे पढ़ रहे हैं तो अब तक हम लोग ने
0:06आजादी देखी है लास्ट चैप्टर में हम लोग
0:08आज़ादी और पार्टीशन की बात कर रहे थे बट
0:10अब हम लोग थोड़ी सी कहानी चेंज करेंगे
0:12देयर आर लॉट ऑफ़ पैरेलल थ्रेड्स ये जो
0:14पूरी कहानी जो हम लोगों ने देखी आजादी तक
0:16उसके साथ-साथ कुछ और भी थ्रेड है जो हम
0:17लोगों को समझना है तो ये हमारी अगली यूनिट
0:19है व्हिच विल बी अबाउट एडमिनिस्ट्रेशन
0:21पॉलिसीज इकोनॉमिक पॉलिसी जो है अ इकोनॉमिक
0:25पॉलिसी का एनालिसिस राइट देन जो है अ
0:27प्रेस प्रेस की क्या पॉलिसी रही है
0:29प्रेजेंट मूमेंट एंड ऑल वर्किंग क्लास
0:30मोमेंट ये वाला थोड़ा सा डिस्कशन हम लोग
0:32यहां पे अब करने वाले हैं या सो दिस इज
0:34चैप्टर नंबर 26 मैं अभिषेक श्रीवास्तव एम
0:36कोर फैकल्टी पीडब्ल्यू ओनली आईएस आप मुझसे
0:38हिस्ट्री और कल्चर पढ़ते हैं तो खैर बाकी
0:40यहां से मेरे बारे में पढ़ लीजिए कहानी
0:42आगे बढ़ाते हैं तो हम लोग बात करने जा रहे
0:44हैं अच्छा बाय द वे इंपोर्टेंट इंफॉर्मेशन
0:45उड़ान राइट तो उड़ान की बुक रेट्स लाइव है
0:48अ लॉट ऑफ बुक्स आर ऑलरेडी लाइव इंक्लूडिंग
0:50मिडिवल इंडिया एशियंट इंडिया एंड आर्ट एंड
0:52कल्चर उसके साथ-साथ बाकी किताबें लाइव हो
0:54जाएंगी बाय 31 जनवरी आप इस क्यूआर कोड को
0:57स्कैन करके इन किताबों को डाउनलोड कर सकते
0:59हैं और पढ़ाई कर सकते हैं राइट है ना ये
1:01आपको जो है क्विक रिवीजन में हेल्प करेंगी
1:03विद ऑल द पीवा क्यूज एंड एवरीथिंग राइट
1:05आराम से जो है आप इससे अपनी यूपीएससी की
1:07तैयारी को स्पेशली अगर आप प्रीलिम्स 20224
1:09देने वाले हैं तो ये थोड़ा सा फास्ट ट्रैक
1:12प्रिपरेशन है कि सब कुछ
1:13कंसाइनर आपको मिल जाएगा पढ़ने के लिए वेरी
1:16वेरी हेल्पफुल चलिए खैर तो वापस आते हैं
1:18तो दिस इज यूनिट नंबर यूनिट नंबर नाइन
1:21राइट अब तक कि हमने आजादी तक की सारी
1:23यूनिट्स देख ली एक दो ही यूनिट बाकी है एक
1:26ये वाली यूनिट है व्हिच इज अबाउट अदर
1:28एस्पेक्ट्स राइट है ना कि ये जो यूनिट है
1:30इट इज अबाउट
1:32एडमिनिस्ट्रेशन कि हमारे भारत में जब
1:35अंग्रेज आए तो उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन
1:37किस तरीके से किया उनकी पॉलिसी क्या थी
1:39इकोनॉमी पॉलिसी क्या थी राइट और उसका
1:42इंपैक्ट एंड ऑल ये वाला जो है अब हम एंगल
1:44उठा रहे हैं दिस इज पैरेलल थ्रेड राइट
1:46आजादी के साथ-साथ पैरेलल थ्रेड की हम बात
1:48करेंगे तो ये कुछ सात चैप्टर है चैप्टर
1:50नंबर 26 टू 32 और इसके बाद शुरू करेंगे हम
1:53लोग पोस्ट
1:55इंडिपेंडेंस या सो चलिए बात शुरू करते हैं
1:57दिस इज चैप्टर नंबर 26 26 26 में बात
2:00करेंगे कांस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट किस
2:02तरीके से हुआ उनकी एडमिनिस्ट्रेटिव पॉलिसी
2:04जुडिशियस पॉलिसी देन बात करेंगे मिलिट्री
2:06की देन बात करेंगे पुलिस की सिविल
2:09सर्विसेस
2:10की सिविल
2:13सर्विसेस राइट एंड देन प्रोविंशियल
2:15गवर्नमेंट सेंट्रल गवर्मेंट लोकल
2:16गवर्नमेंट किस तरह से ऑपरेट हो रहा है ये
2:18सारा डिस्कशन इस चैप्टर में दिस इज गोइंग
2:20टू बी अ लॉन्ग चैप्टर बट दिस इज अ वेरी
2:22वेरी इंपोर्टेंट चैप्टर हर साल हर साल हम
2:25देखते हैं रेयर ही कोई ऐसा साल मिस होता
2:27है जब कांस्टीट्यूशनल डेवलप ट से सवाल ना
2:30आया हो हर साल कोई ना कोई एक्ट के ऊपर
2:33सवाल आता है कि भाई बताइए इसी साल 2023
2:35में हमने देखा था कि 1833 के एक्ट के ऊपर
2:37एक सवाल पूछा था हालांकि बहुत ही आसान
2:39सवाल था और अगर आप इस टॉपिक को ठीक से पढ़
2:41ले तो आप ये समझिए कि हर साल एक सवाल आपका
2:43शोर शॉर्ट हो रहा है राइट ठीक-ठाक सवाल
2:46पूछता है ऐसा कोई बहुत टफ सवाल नहीं पूछता
2:48अगर आप डिटेल में मेरे साथ ये जर्नी कवर
2:50कर ले तो यहां से एक सवाल शोर शॉर्ट हर
2:52साल आपको मिलेगा ही मिलेगा राइट तो दैट
2:55मेक्स दिस दिस चैप्टर वेरी वेरी
2:56इंपोर्टेंट एंड नॉट ओनली इन प्रीलिम्स बट
2:58आल्सो मेंस एग्जामिनेशन
3:00मेंस एग्जामिनेशन में पॉलिसी वगैरह सवाल
3:02पूछता है राइट अभी लास्ट टू लास्ट ईयर जो
3:04है मिलिट्री के ऊपर सवाल पूछा था फैमिन
3:06पॉलिसी पर सवाल पूछा हुआ था है ना तो दिस
3:08इज लाइ कि हां अगर आपको ये अंडरस्टैंडिंग
3:10है तो प्रीलिम्स और मेंस दोनों के लिए ही
3:12ये चैप्टर जरूरी है इसको ध्यान से पढ़े
3:14लंबा चैप्टर है लेकिन बहुत काम का चैप्टर
3:16है तो फिलहाल तो जैसे कि हम शुरू करेंगे
3:18पहले कॉन्स्टिट्यूशन डेवलपमेंट इनिशियल
3:20फेज में फर्स्ट फेज में जब जो है कंपनी का
3:22रूल है और फिर क्राउन के रूल में फिर
3:24सिविल सर्विसेस की बात करेंगे पुलिस की
3:26बात करेंगे मिलिट्री की बात करेंगे
3:27जुडिशरी की बात करेंगे एंड देन बा का
3:29एडमिनिस्ट्रेशन सेंटर प्रोविंशियल लोकल ये
3:33सारा डिस्कशन इस चैप्टर में होने वाला है
3:34चलिए तो आइए शुरू करते हैं कहानी शुरू
3:36करते हैं वापस आते हैं अपनी टाइमलाइन पे
3:40तो अगर हम समझे तो वापस 1600 के आसपास ये
3:44कंपनी बनी थी जो ईस्ट इंडिया कंपनी है
East India Company timeline
3:47ईस्ट इंडिया कंपनी हमने देखा था कि 1600
3:49के आसपास इसका गठन हुआ था इसको चार्टर
3:51मिला था बट इंडिया में इंडिया में अगर हम
3:54देखें तो इंडिया में ये इंपैक्टफुल होती
3:56है 1600 में अगर हम कहे चार्टर है
4:00तो उसी के तुरंत बाद जो है 1611 1 हम
4:04देखते इसकी फैक्ट्री इंडिया में सेट अप
4:06होना शुरू करती है 1611 में मसूली
4:09पटनम 1613 तक आते आते सूरत
4:12में तो इशल फैक्ट्री इनकी धीरे धीरे सेटप
4:16होना चालू होती बट य इशल फेज में जो ईस्ट
4:19इंडिया कंपनी है राट ईस्ट इंडिया कंपनी
4:21ईस्ट इंडिया कंपनी इ प्राइवेट
4:24कंपनी ईस्ट
4:27इंडिया कंपनी
4:30इट्स अ प्राइवेट कंपनी और यह क्या कर रही
4:33है ये यह बेसिकली जो है इंडिया से माल उठा
4:36रहे हैं राइट और जाके ब्रिटेन में बेच रहे
4:39हैं क्या हो गया ट्रेडिंग हो गया
4:41ये इसमें क्या यह मैन्युफैक्चरिंग कर रहे
4:44हैं कोई सामान बना रहे हैं ध्यान रखिएगा
4:45वेरी वेरी इंपॉर्टेंट कोई मैन्युफैक्चरिंग
4:47नहीं है कोई वैल्यू एडिशन नहीं है यहां से
4:49सामान पैकिंग करो और वहां जाके बेच दो यही
4:52सारा काम ये लोग कर रहे हैं तो इंडिया में
4:54बहुत सारा सामान है जो जिसका डिमांड जो है
4:56ब्रिटेन में अच्छा खासा है यूरोप में
4:57अच्छा खासा है जैसे कि पेपर राइट स्पाइसेज
5:00कपड़े है ना मोस्ट इंपोर्टेंट टेक्सटाइल
5:02हमारा हमारा जो टेक्सटाइल है कैलिकोज एंड
5:04ऑल आर वेरी वेरी फेमस हमारा इंडिगो वेरी
5:06वेरी फेमस तो दे दे आर बेसिकली टेकिंग ऑल
5:09दिस फ्रॉम इंडिया टू यूरोप ब्रिटेन एट्स
5:12एटस और ये लोग जो है उससे फायदा कमा रहे
5:14हैं पैसा कमा रहे हैं राइट अभी क्या
5:16टेरिटरी इन्होंने जो है इनिशियल फेज में
5:18कुछ चाही थी क्या ये पॉलिटिकली हमारे ऊपर
5:20राज्य करना चाह रहे थे चाह रहे हो ना चाह
5:22रहे हो उसे फर्क नहीं पड़ता बट पॉसिबल तो
5:24देखो नहीं था राइट इट वाज नॉट एट ऑल
5:26पॉसिबल क्योंकि हमारे यहां अच्छे खासे यू
5:28नो रूलरसोंग्स उनको साइडलाइन करना सबजूगेट
5:31करना इतना आसान नहीं था तो हमने समझा था
5:33कि हां सबजुगेशन जो था इट विल टेक सम टाइम
5:35और और पहला जो हमको झटका लगा था हमने बात
5:40करी थी कि इसके बाद इसके बाद एक 1757 की
5:43प्लासी की
5:44लड़ाई प्लासी और फिर 1764 में बक्सर ये हम
5:49लोग हारे थे और यहां से इनकी कहानी चालू
5:52हुई
5:52थी तो 1764 के बक्सर के बाद देयर वाज अ
5:57ट्रीटी आपको याद आ रहा होगा पढ़ा था हम
5:58लोगों ने 1765 की ट्रीटी
6:011765 एंड दिस ट्रीटी इज दिस ट्रीटी इज
6:04ट्रीटी ऑफ अलाहाबाद
6:06ट्रीटी ऑफ अलाहाबाद
6:09अब वापस इस ट्रीटी ऑफ अलाबाद प आते हैं
6:12राट ट्रीटी ऑफ अलाबाद ट्रीटी ऑफ अलाहाबाद
6:14वास बेसिकली ब्रेन चाइल्ड ऑफ रॉबर्ट
6:16क्राइब स्पेशली इनको भेजा गया था कि भाई
6:18जाइए ट्रीटी ऑफ अलाबाद करिए और जब ये आए
6:21तो इन्होंने कहा कि भाई हम लोग शुरू करना
6:23चाहते हैं इंडिया में डुअल
6:26गवर्नमेंट डुअल गवर्नमेंट आइए इस बात को
6:29सम
6:30तो एज पर ट्रीटी ऑफ अलाबाद इन्होंने कहा
6:32कि हमको हमको चाहिए बंगाल बिहार उड़सा का
6:36दीवानी राइट्स तो
6:40बंगाल
6:42बिहार और
6:45उड़ीसा इसका इन्होंने मांग लिया कि हमें
6:48इसका दीवानी राइट चाहिए
6:50दीवानी दीवानी राइट्स बोले तो दीवानी
6:53राइट्स का मतलब यह हो गया कि हमको
6:55अंग्रेजों को यहां पे क्या चाहिए अंग्रेज
6:57यहां पे मांग रहे हैं कि हमको राइट टू
6:59कलेक्ट रेवेन्यू
7:01यह चाहिए हम लोग रेवेन्यू कलेक्ट
7:08करेंगे इसका मतलब इसका मतलब सिर्फ हम
7:11रेवेन्यू कलेक्ट करेंगे हमारा और कुछ जो
7:14है उद्देश्य नहीं है हमें सिर्फ और सिर्फ
7:16चाहिए टेरिटोरियल रेवेन्यू अब तक जो हम
7:18लोग पैसा कमा रहे थे अब तक हम लोग पैसा
7:20कमा रहे थे सामान यहां से वहां करके
7:22ट्रेनिंग द्वारा राइट कमर्शियल रेवेन्यू
7:24हुआ करता था तो ये जो रेवेन्यू था दिस वाज
7:27कमर्शियल रेवेन्यू
7:30लेकिन अब क्या है अब हमको जमीन वाला
7:32रेवेन्यू चाहिए तो हेयर हेयर व्ट वी नीड इ
7:35नाउ वी आर लुकिंग फॉर वाया डुअल गवर्नमेंट
7:38वी आर लुकिंग फॉर टेरिटोरियल रेवेन्यू
7:40लैंड रेवेन्यू
7:43हमको यह वाला रेवेन्यू चाहिए इसमें हमको
7:46इंटरेस्ट क्या हमको राज्य चाहिए कहर ना
7:48भाई हमको राज्य नहीं चाहिए साहब यहां पर
7:51जो नवाब बैठा हुआ है नवाब इसको बैठा रहने
7:54दो लेट इट बी लेट इट बी कि हा जो नवाब है
7:57तो है और बाकी जो एडमिनिस्ट्रेशन वगैरह है
8:00लॉ एंड ऑर्डर एक्सट्रा जिसको आप कहते हैं
8:03लॉ एंड ऑर्डर को निजामत फंक्शंस निजामत
8:05फंक्शंस में हमको बहुत इंटरेस्ट एस सच
8:08नहीं राइट वी आर नॉट इंटरेस्टेड इन द
8:10निजामत फंक्शन कि यहां जुडिशरी देखें लॉ
8:13एंड ऑर्डर देखें यह सारा फंक्शन हमको
8:14हमारे लिए इंपोर्टेंट नहीं खाली सिर्फ
8:16हमको क्या चाहिए दीवानी राइट्स चाहिए
8:18अच्छा दीवानी राइट्स के साथ-साथ एक और चीज
8:21फ्री में आती है दीवानी राइट्स आल्सो
8:22इंक्लूड्स सिविल
8:25जस्टिस तो यह ऑटोमेटिक जो है अपने आप
8:28अंग्रेजों के पास फ्लो कर जाएगा कि जब वो
8:30दीवानी राइट्स मांगेंगे तो कम से कम इतना
8:32जुडिशरी तो उनके पास आ ही जाएगा कि जो
8:34फैमिली लॉज वगैरह है व कहेंगे ठीक है चलो
8:36हम देख लेंगे कोई दिक्कत की बात नहीं
8:38जुडिशरी जुडिशरी में एक पार्ट जो सिविल
8:40जस्टिस वाला है ये हम देख रहे हैं बट लॉ
8:42एंड ऑर्डर क्रिमिनल जस्टिस ऑल दीज थिंग्स
8:44विल बी हैंडल्ड बाय नवाब राइट ऐसा करके
8:48इन्होंने ट्रीटी कर ली किसके साथ ट्रीटी
8:49कर दली इन्होंने शाह आलम के साथ राइट शाह
8:52आलम और और अवध अवध के साथ भी एक ट्रीटी
8:55करी अवध को भी कुछ पैसे दे दिए राइट है ना
8:58पेंशन एट सेक्ट्रा कुछ अमाउंट दे दिया और
9:00शाह आलम से भी कहा कि तुम बैठो यहीं पे
9:02शाह आलम और हमको यह वाला हक जो है दे दो
9:06आप कहेंगे सर नवाब से क्यों नहीं मांगा
9:08क्योंकि शाह आलम है मुगल
9:10एंपरर राइट मुगल एंपरर है और मुगल एंपरर
9:13का हक बनता है बंगाल बिहार उड़सा से तो
9:15उसने दीवानी राइट्स किससे मांगे शाह आलम
9:17से मांग लिए तो ट्रीटी के हिसाब से अब
9:20इनको मिल चुका है दीवानी राइट दिस दिस होल
9:23थिंग इज कॉल्ड एज डुअल गवर्नमेंट अगर आप
9:26बंगाल बिहार उड़सा में देखिए तो दिस इज द
9:29कांसेप्ट ऑफ डुअल गवर्नमेंट मतलब मतलब यह
9:32कि गवर्नमेंट का एक हिस्सा इज बीइंग लेड
9:35बाय ईस्ट इंडिया कंपनी ये हैंडल करेगा
9:38ईस्ट इंडिया कंपनी और बाकी के फंक्शन कौन
9:40हैंडल कर रहा है
9:42नवाब राइट तो बंगाल बिहार ओरिसा में
9:45रेवेन्यू कौन कलेक्ट करेगा ईस्ट इंडिया
9:47कंपनी क्या इनको रेवेन्यू कलेक्ट करना आता
9:49है नहीं क रेवेन्यू कलेक्ट करना तो नहीं
9:51आता है क्या करेंगे साहब आप देन देन हम
9:53ऐसा करेंगे कि हम इंडियन कलेक्टर्स को
9:55हायर कर देंगे ईस्ट इंडिया कंपनी कहेगी कि
9:58हम इंडियन कलेक्टर्स को हायर कर देंगे
10:00जैसे कि बंगाल में बंगाल में बिठा देंगे
10:02रिजा खान को क्या काम करेगा ये रेवेन्यू
10:06कलेक्शन सिमिलरली बिहार रीसा प हम देख
10:08लेंगे एक जो है राजा सिताब रॉय हैं राजा
10:10सिताब रॉय इनको काम दे देंगे कहेंगे ये
10:14लोग कलेक्ट करेंगे हमको पैसा दे देंगे तो
10:16ऐसा भी नहीं है कि ये वाला फंक्शन भी
10:18इन्होंने पर्सनली देखा हो कि नहीं रॉबर्ट
10:20क्राइव कहेंगे हमारा एक ऑफिसर होगा जो
10:22घर-घर जाके काम करेगा ना ये भी ये भी
10:24इन्होंने डेलीगेट कर दिया कि दो इंडियन
10:26कलेक्टर हायर करें इंडियन जो है दीवान
10:28हायर करें तो दज आर बेसिकली डेप
10:31दीवान कि अगर ईस्ट इंडिया कंपनी दीवान है
10:34तो उन्होंने अपने नीचे कुछ डेप नायब जो है
10:36हायर कर दि राइट दज आर नायब दीवान या फिर
10:40डेप
10:41दीवान और अभी भी अभी भी बाकी
10:43एडमिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी किसके पास
10:44है नवाब के पास तो कहने का मतलब आधा रूल
10:47नवाब के पास है और आधा रूल ईस्ट इंडिया
10:49कंपनी के पास है यानी बंगाल बिहार रिसा
10:52में दो लोग रूल कर रहे हैं इसीलिए इसको
10:54कहा जाता है डुअल
10:55गवर्नमेंट तो 1765 में कांसेप्ट आया ड व
10:59गवर्नमेंट का अब इसमें इसमें गड़बड़
11:02गड़बड़ यह है कि गड़बड़ यह है कि भाई सारी
11:04जिम्मेदारी इस आदमी के पास है नवाब के पास
11:07है ना और ये क्या बना हुआ है नॉमिनल हेड
11:09किसी काम का हेड है नहीं सारा पैसा किसके
11:11पास है ईस्ट इंडिया कंपनी के पास तो
11:13रिस्पांसिबिलिटीज आर
11:18हियर राइट बट इज ही हैविंग पावर फॉर जो है
11:21वीडिंग दज रिस्पांसिबिलिटी नो उसके पास
11:24पावर ही नहीं है सारी पावर किसके पास है
11:26सारी जो यू कैन से पैसा जो है इनके पास है
11:28जब तक पैसा नहीं देंगे तब तक वो क्या ही
11:30करेगा तो सारा पावर पैसा और प्लस यह जो ये
11:33जो नवाब है ये भी पपेट नवाब है यह सुनता
11:35ईस्ट इंडिया कंपनी की है करेगा भी क्या हो
11:38तो टेक्निकली फेस बना रखा है नवाब को बना
11:40रखा है कि तुम्हारी जिम्मेदारी है भाई
11:42देखो यह आदमी है जो यहां पर रूल कर रहा है
11:44बट बैकग्राउंड में देखो पीछे एक्चुअली
11:46पावर किसी और के पास है नाउ दिस लीड्स टू
11:49दिस सिचुएशन लीड्स टू व्ट दिस सिचुएशन
11:51लीड्स टू ऑटोमेटिक
11:54करप्शन राइट नाउ देर विल बी रपट
11:57करप्शन तो हालत ही खराब हो जाएगी एक
12:01प्राइवेट कंपनी के ने जिस तरीके से ये
12:03मुद्दा उठाया है राइट है ना अब ये पूरी
12:05हालत खराब होने वाली है तो हम बात कर रहे
12:06हैं कि हां भाई एक ट्रेडर की तरह आए थे और
12:09किस तरह से 1765 में दे आर बिकमिंग रूलिंग
12:12बॉडी राइट यहां पे बाय बाय दिस ट्रीटी ऑफ
12:15अलाहाबाद उन्होंने दीवानी ले ली है बंगाल
12:17बिहार उड़सा के राइट यहां से हम लोग जर्नी
12:19चालू कर रहे हैं तो ड्यूल गवर्नमेंट हम
12:21लोगों ने एस्टेब्लिश किया कि हांस इस
12:23तरीके से ड्यूल गवर्नमेंट एस्टेब्लिश हुई
12:25दो डेप्युटी नवाब यहां पे हायर कर लिए गए
12:26हैं डेप्युटी दीवानसंस और बिहार नवाब नहीं
12:29दीवान है ना डेप्युटी दीवान नाब दीवान नाउ
12:33नाउ सो दिस इज डुअल गवर्नमेंट अब इस डुअल
12:35गवर्नमेंट से जो है नुकसान क्या हो रहा है
12:37डुअल गवर्नमेंट से अब जो कंपनी के सर्वेंट
12:39हैं जो सामान खरीदना चाहते हैं मार्केट से
12:42जो पहले ही सस्ते में खरीद रहे थे अब वो
12:44कहेंगे हमारे ही चलती है तो किसानों से
12:46कहेंगे कि हां ये जो सामान तुम हमको पहले
12:47₹5000000
12:48का दोगे ₹2000000 का दोगे या फ्री में दे
12:51दोगे तो नाउ देयर विल बी रैंप एट करप्शन
12:53और अब इसके साथ-साथ क्या चालू हो जाएगा
12:55एक्सप्लोइटेशन चालू हो जाएगा किसानों का
12:57आर्टिजंस का जबरदस्ती चालू हो जाएगी कि
13:00हमको और सस्ते में दो और सस्ते में दो और
13:01सस्ते में दो क्या ये लोग कोई भी जो है ये
13:04आपका कस्टम ड्यूटी वगैरह पे करेंगे ये कोई
13:06कस्टम ड्यूटी वगैरह पे नहीं करेंगे नाउ तो
13:08दिस इज लाइक दिस इज लाइक कि सिचुएशन काफी
13:10खराब हो रही है हमारे लिए बट दूसरी
13:13प्रॉब्लम ये है कि ये जो करप्शन है इस
13:15करप्शन के चक्कर में जो कंपनी के
13:19सर्वेंट्स हैं वो तो बहुत फायदा उठाने
13:22लगेंगे उनके पास खूब पैसा आ रहा है लेकिन
13:25एक्चुअली कंपनी के पास कोई फायदा नहीं आ
13:27रहा उसको आर्मी भी मेंटेन करनी पड़ रही है
13:30ये सारे ऑफिसर्स का पैसा भी देना पड़ रहा
13:31है एक्सेट्रा तो उसके पास बहुत पैसा नहीं
13:33आ रहा एंड कंपनी इज गोइंग फॉर बैंकर
13:39पसी ये बड़ी अजीब सी बात है कि हमको लग
13:41रहा है कि ईस्ट इंडिया कंपनी एकदम हंकी
13:43डोरी चल रहा होगा राइट है ना पैसों की
13:45बारिश हो रही होगी है ना मस्ती कर रहे
13:47होंगे लोग अयाशी हो रही होगी हम सोच रहे
13:49थे कि ईस्ट इंडिया कंपनी के कॉफर्स जो है
13:51वो एकदम भरे जा रहे होंगे बट एक्चुअली
13:53एक्चुअली सिचुएशन में उल्टा हो रहा है कि
13:56दिस डुअल गवर्नमेंट इज नॉट एट ऑल फ्रूटफुल
13:58फॉर ईस्ट इंडिया कंपनी सच राइट जो ईस्ट
14:01इंडिया कंपनी है इससे फायदा उठा ही नहीं
14:02पा रही है तो सी तो आफ्टर 1765 आफ्टर 1765
14:08दिस ईस्ट इंडिया कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी
14:10इ गोइंग
14:12फॉर बक
14:17बैंकर अब ऐसे में ऐसे में जो है एक और
14:21प्लेयर को एंटर कराते हैं ट नॉट ओनली ईस्ट
14:23इंडिया कंपनी राइट एक और एंट्री समझते हैं
14:27एक
14:30गेम में एक तो इंडिया है राइट गेम में
14:34इसके
14:35अलावा इसके अलावा हमने समझा ईस्ट इंडिया
14:39कंपनी
14:40है ईस्ट इंडिया कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी
14:44इज बीइंग लेड बाय दे डायरेक्टर ईस्ट
14:46इंडिया कंपनी की गवर्निंग बॉडी जो है हम
14:48कहेंगे उसे कि हा इट इ बीइंग लेड बाय दे
14:52बॉडी कॉल्ड कोर्ट ऑफ
14:55डायरेक्टर्स कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स
14:59तो यहां के जो डायरेक्टर्स है यही सारे
15:01डिसीजन ले रहे थे यही सारी चीजें यहां पर
15:03कर रहे थे इन्होंने ही रॉबर्ट क्राइब को
15:05भेजा था और इन्होंने यहां पर ड्यूल
15:06गवर्नमेंट सेट अप कर दी अभी हमने समझा
15:08डुअल
15:09गवर्नमेंट यह मुद्दा यहां पर बन चुका
15:12है बट कहानी में और भी लोग है कहानी में
15:16कहानी में एजिस्ट करती है ब्रिटेन सरकार
15:19ब्रिटिश
15:20गवर्नमेंट राइट है ना स्वयं ब्रिटेन भी तो
15:23है स्टोरी में हमें भूलना नहीं चाहिए कि
15:25ईस्ट इंडिया कंपनी मात्र एक प्राइवेट
15:27कंपनी है सिर्फ और सिर्फ एक प्रवेट कंपनी
15:29सरकार थोड़े है राइट है ना कि हां क्या
15:32यही सर्वे सर्वा है नहीं इनके ऊपर भी कोई
15:34बैठा हुआ है मात्र एक प्राइवेट कंपनी है
15:37और जबक यहां पर यहां पर वी हैव ब्रिटिश
15:39गवर्नमेंट जिसका एक मोनार्क है क्राउन है
15:42राजा है रानी है कोई राइट है ना तो क्राउन
15:45भी है प्लस प्लस यहां पर क्या है
15:47पार्लियामेंट है तो कोई प्राइम मिनिस्टर
15:49होगा और उसके नीचे क्या होगी पार्लियामेंट
15:54होगी
15:56पार्लियामेंट तो जो ब्रिटेन सरकार है
15:59टेक्निकली ब्रिटिश सरकार वो ऑब्जर्व कर
16:01रही है कि यह प्राइवेट कंपनी ने तो बहुत
16:03कुछ कर लिया भाई ड्यूल गवर्नमेंट कर दिया
16:05है क्या बात है राइट है ना कि हां जिस जिस
16:08इंडिया के ट्रेड पर अब तक हमारी नजर रहा
16:10करती थी राइट जहां पर जहां पर दो
16:12प्रेसिडेंसी और है एक मद्रास
16:15प्रेसिडेंसी और एक बॉम्बे
16:18प्रेसिडेंसी और तीसरी जो कलका प्रेसिडेंसी
16:21हमारी हुआ करती थी कलका प्रेसिडेंसी यह
16:25कहां से कहां पहुंच गई राइट अपना एक डुअल
16:29गवर्नमेंट सरकार बना दिया इन्होंने प्लस
16:31प्लस सुनने में आया है सुनने में आया है
16:33कि यहां से जो रेवेन्यू आ रहा है कुछ नहीं
16:36तो 40 लाख पाउंड पर एनम इतना रेवेन्यू आ
16:40रहा है इतना पैसा आ रहा है अब इस पैसे पर
16:43नजर क्या सरकार की भी है सरकार की भी इस
16:45पर नजर है और जब सरकार की पैसे पर नजर हो
16:47तो क्या बोलती है टैक्स दो टैक्स तो पहली
16:50बार सरकार ने कहा कि हे प्राइवेट कंपनी
16:53राइट है ना तुम इतना कमा रहे हो तो हमको
16:55टैक्स दो सो अगर 40 लाख कमा रहे हो हो तो
16:59कम से कम 10 पर तो पहली बार 1767 में
17:04डिमांड आई 10 पर की कि 4 लाख पाउंड कम से
17:08कम किसको दे दो ब्रिटिश सरकार को दे दो
17:11जिसे हम कह सकते हैं कि ब्रिटेन को दे दो
17:14तो ब्रिटिश सरकार ने पहली बार डिमांड करी
17:16कि हमको जो है क्या चाहिए हमको इसमें
17:18हिस्सा चाहिए हमको भी शेयर चाहिए कि इतना
17:20कमा रहे हो तो थोड़ा सा हमको भी दे दो
17:23राइट अब सिचुएशन एक तरफ है कि सरकार भी
17:25पैसा मांग रही कह रही हमको 4 लाख पाउंड दे
17:27दो दूसरी तरफ है कंपनी के पास पैसा ही
17:29नहीं है कंपनी जा रही है बैंकर पसी की तरफ
17:31तो सिचुएशन खराब है यहां यहां ये जो कंपनी
17:34है ये कंपनी बता नहीं रही कि हम बैंकर पसी
17:36की तरफ जा रहे हैं यह बैंक रप्स की खबर जो
17:38है ऐसा नहीं सबको बता दिया कि हम बहुत
17:40घाटे में है राइट मजा नहीं आ रहा है काम
17:43में राइट समझ रहे रिजाइन कर द ऐसा करके
17:45ऐसा करके बता नहीं रहे किसी को तो ये
17:47बैंकर पसी की घटना किसी को इन्होंने बताई
17:49नहीं थोड़ा सर्जरी चल रही है राइट और ये
17:51ये कंसील करके ऐसा शो कर रहा है कि हां सब
17:53अच्छा चल रहा है कोई दिक्कत नहीं सब
17:55बढ़िया दे आर लाइक कि हां एक दिन सब सही
17:57हो जाएगा कोई दिक्कत की बात नहीं बट ऐसा
17:59हो नहीं रहा अब ऐसे में ऐसे में 1769
18:03में 1769
18:06समर 1769 दे अप्लाइड फॉर लोन कुछ न मिलियन
18:11डॉलर का लोन मांग
18:15बैठे राइट है ना तो 1 मिलियन डॉलर
18:21समवेने एक डिविडेंड डिक्लेयर किया था
18:24डिविडेंड 125 पर का डिविडेंड डिक्लेयर कर
18:27दिया
18:29कि हां ठीक है जो हमारे स्टेक होल्डर्स है
18:30उनको पैसा मिल जाए तो 125 पर का डिविडेंड
18:33डिक्लेयर कर दिया और दूसरी तरफ दूसरी तरफ
18:35जो है इन्होंने 1770 तक आते-आते
18:381770 ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1 मिलियन डॉलर
18:41का लोन मांग
18:42लिया लोन किससे बैंक ऑफ इंग्लैंड से तो
18:46बैंक ऑफ इंग्लैंड एंड बेसिकली ब्रिटेन
18:48सरकार अब सोच में पड़ गई कि क्या इनके पास
18:50सही में पैसा है है ना क्या यह जो इतना
18:53बढ़िया सिस्टम क्रिएट हुआ है आज जो
18:55ब्रिटेन के हाथ में या फिर हमारे हाथ में
18:57जो ड्यूल गवर्नमेंट आ गया है है इतना
18:58बंगाल बिहार उड़ीसा प हमारा कंट्रोल आ गया
19:00है कहीं हाथ से निकल ना जाए कहीं ईस्ट
19:03इंडिया कंपनी की बेवकूफी की वजह से यह सब
19:05छूट ना जाए राइट सो नाउ दे आर वड दे आर
19:07डिस्कसिंग क्या करें क्या करें क्या करें
19:09ऐसा डिस्कशन चल रहा है राइट तो यहां पे
19:11यहां पे जो है एक कमेटी बनाई गई है ना कि
19:13हां डिस्कशन हो रहा है कमिटी बनाई गई कि
19:14बताओ क्या करना है क्या करना है ऐसा करके
19:16चल रहा है अभी ये कमेटी कुछ डिसाइड कर
19:18पाती क्योंकि पार्लियामेंट है भाई आराम से
19:20डिस्कशन कर रहे थे 1772 तक आते आते
19:241772 1772 तक आते-आते इन्होंने फिर से एक
19:28मिलिन डलर का लोन मांग
19:30लिया अब ये थोड़ा ज्यादा हो गया राइट है
19:33ना 72 तक आते आते दे आर लाइक कि हा हमको
19:35एक मिलियन डॉलर और चाहिए अब ब्रिटिश सरकार
19:39कहेगी एक मिनट रुकिए एक सीक्रेट कमेटी
19:41बिठाई गई और डिसाइड हुआ कि भाई इनको दे दो
19:46जो पैसा मांग रहे हैं राइट लोन इज
19:49ओके बट नाउ वी नीड टू
19:52रेगुलेट यह कंपनी अपने हाल पर मत छोड़ो यह
19:56लोग सब तबाह कर देंगे बर्बाद कर देंगे इट
19:58इज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट कि जो भी हो रहा
20:01है इंडिया में इट इज वेरी इंपॉर्टेंट कि
20:03वी शुड डायरेक्टली
20:05इंटरवेनर गुुड दिस होल अफेयर य जो भी कुछ
20:08चल रहा है दिस नीड सम
20:14रेगुलेशन राइट है ना एक और बात मत भूलो कि
20:17हां यह जो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स या जो
20:19ईस्ट इंडिया कंपनी है दिस इज अ प्राइवेट
20:21कंपनी एंड दिस इज टेक्निकली अ ट्रेडिंग
20:24कंपनी ट्रेडिंग
20:27कंपनी क्या इस कंपनी के पास ये हक है कि
20:30क्या कहीं पे जाके एक प्राइवेट कंपनी
20:32जिसको बिजनेस करने के लिए हमने लाइसेंस दे
20:34रखा है यहां पे चार्टर दे रखा है 1600 में
20:36क्या ये इसको हक है कि किसी एरिया में
20:39जाके ये एडमिनिस्ट्रेशन
20:43करें क्या ये हक किसको है है ना तो ये भी
20:47बात है कि हां भाई प्राइवेट कंपनी है
20:48तुमको ट्रेड करने के लिए भेजा था तो वहां
20:50पे जाके एडमिनिस्ट्रेशन की बात कर रहे हो
20:51दीवानी राइट्स की बात कर रहे हो लैंड
20:52रेवेन्यू कलेक्शन की बातें कर रहे हो क्या
20:54ये तुमको हक है तो टेक्निकली नाउ यू कैन
20:57से जब पैसा आता है ना जब लोन मांगा है
20:59इन्होंने तो जब पैसा आता है तो उसके साथ
21:01शर्त आती राइट तो ये जो रेगुलेशन है तो
21:04यहां पर ब्रिटिश सरकार ने डिसाइड किया कि
21:06हम हम जो है सक हम जो है इसको रेगुलेट
21:08करेंगे राइट रेगुलेशन की जो है यहां पर
21:11बात आई मीनवाइल कोर्ट ऑफ डायरेक्टर ने यह
21:14भी डिसाइड कर लिया कोर्ट ऑफ डायरेक्टर ने
21:16डिसाइड किया कि दिस डुअल गवर्नमेंट इ नॉट
21:18वर्किंग फॉर
21:19अस है ना दिस डल गवर्नमेंट इ नॉट वर्किंग
21:22फॉर अस और और यहां पर 1772 में दे हैव
21:27आल्सो सेड डुअल गवर्नमेंट हम लोग नहीं
21:30कंटिन्यू करेंगे अब हम डायरेक्ट
21:32एडमिनिस्ट्रेशन
21:35देखेंगे दिस इज एक्चुअली
21:40टेकओवर इसका मतलब कि आगे क्या अब कोई नवाब
21:44की पावर रहेगी नवाब को दे दो पेंशन नवाब
21:47को पेंशन दे दिया जाए किनारे कर दिया जाए
21:49और एक्चुअल रूल ये जो डुअल गवर्नमेंट है
21:52डुअल गवर्नमेंट का रूल यहां पर खत्म हो
21:54जाएगा राइट सिर्फ 72 तक है और इसके आगे
21:57इसके आगे जो है अब एक्चुअली कंपनी का
21:59डायरेक्ट रूल शुरू
22:02होगा यहां पर गवर्नर जनरल बनाए जाएंगे जगह
22:05भेजे जाएंगे वॉरेन हेस्टिंग्स
22:10वरन हेस्टिंग्स कि वरन हेस्टिंग्स बनेंगे
22:13गवर्नर जनरल और ये डुअल रूल को खत्म कर
22:16देंगे तो समझिए कि हां ये एक तरफ एक तरफ
22:19बात हो रही है कि यहां रेगुलेट किया जाए
22:20रेगुलेट किया जाए दूसरी तरफ बात हो रही है
22:23कि भाई ये जो ड्यूल गवर्नमेंट है इसे खत्म
22:25करते हैं बंगाल में बिठा दिया गया वरन
22:28हेस्टिंग एस द
22:31गवर्नर राइट ही इज द गवर्नर
22:34ऑफ ही इ द गवर्नर ऑफ
22:41कोलका एंड अब जो है डायरेक्ट
22:43एडमिनिस्ट्रेशन चालू
22:47होगा यहां से कहानी चालू होगी वरन
22:49हेस्टिंग एस द गवर्नर ध्यान रखो कि हां
22:52अभी जो वरन हेस्टिंग है वो मात्र एक
22:55गवर्नर है गवर्नर और ऑफ
22:59कलका मात्र एक गवर्नर वैसा ही गवर्नर
23:03मद्रास में बैठा है वैसा ही गवर्नर बम्बे
23:06में बैठा हुआ
23:08है तो तीन गवर्नर एजिस्ट करते हैं और समय
23:11हो चुका है कि हां चलो रेगुलेट किया जाए
23:13तो दिस इज हाउ वी विल हैव कि यहां जो
23:16ब्रिटिश सरकार है जो पार्लियामेंट है वहां
23:18पर डिस्कशन होगा और पहला एक्ट भेजा जाएगा
23:20ब्रिटिश सरकार द्वारा व्हिच इज कॉल्ड एज
23:23रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ 1773 राइट सो दिस इज
23:26हाउ द स्टोरी विल स्टार्ट कम टू दी द
23:29रेगुलेटिंग एक्ट कॉन्स्टिट्यूशन डेवलपमेंट
Constitutional development 1773-1858
23:31व्हिच इज़ अबाउट रेगुलेटिंग एक्ट 1773 तो
23:34हमने समझा कि हां ये किस तरीके से कहानी
23:35बढ़ रही थी हमने जाना कि हां जो है 1761
23:38में दे हैव आस्क फॉर 10 पर और ये 72 में
23:41हमने डुअल गवर्नमेंट क्या कर दी खत्म कर
23:43दी राइट है 1765 टू 72 इतनी ही थी डुअल
23:46गवर्नमेंट और उसके बाद जो है डुअल
23:48गवर्नमेंट नहीं रहे अब यहां से डायरेक्ट
23:50गवर्नमेंट स्टार्ट हो रहा है हमने समझा कि
23:52हां ये जो समा था ये सात साथ ड डुअल
23:55गवर्नमेंट वाले हैं दिस इज ऑल वेरी वेरी
23:57प्रॉबल पबमेटिक स्पेशली फॉर द ईस्ट इंडिया
23:59कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी को भी इससे कोई
24:01फायदा हो नहीं हमारे लिए भी नुकसान है कि
24:03हां इस तरह का करप्शन इस तरह का जो है
24:05ऑपरेशन हो रहा है सो नाउ तो नाउ फ्रॉम
24:08हेयर डायरेक्ट रूल ऑफ द कंपनी स्टार्टस
24:10फ्रॉम 1772 एक्चुअली कंपनी रूल तो 1772 से
24:28188
24:30तक
24:3618582
24:37से दिस इ दिस इज द कंपनी
24:41रूल जब ईस्ट इंडिया कंपनी हमारे ऊपर राज्य
24:44कर
24:46रही बट
24:5318582 के बाद इट इ एक्चुअली डायरेक्ट
24:56ब्रिटेन हमारे ऊपर राज्य करने
24:59लगेगा अब इस जमाने में बहुत सारे एक्ट आने
25:02वाले हैं पहले इसको देखते हैं और उसके बाद
25:04ब्रिटेन भी हमको बताएगा कि किस तरीके से
25:06रूल होने वाला है तो यहां भी बहुत सारे
25:07एक्ट आने वाले हैं राइट एंड फाइनल फाइनली
25:09ये कहानी एंड होगी 1947 पे आजादी के
25:13साथ राइट तो दो पार्ट में इससे मैं सीजन
25:16वन कहता हूं उसे मैं सीजन टू कहता हूं तो
25:18आइए कहानी शुरू करते हैं पहले पार्ट वन
25:19डिस्कस करते हैं कि हां यहां पे क्या हो
25:21रहा है राइट सो या सो लेट्स स्टार्ट तो
25:24रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ़
25:251773 नाउ अगेन अगेन बिफोर वी गो इन टू दिस
25:29एक्ट एक छोटी सी बात और समझो
25:32कि यहां पर कंपनी रूल के
25:37दौरान जो ब्रिटेन है
25:40ब्रिटेन यह कंपनी को बताना चाहता है कि
25:42तुम्हें कैसे राज्य करना है राइट ये जो
25:45पूरी कहानी है कि जो ब्रिटेन है वो कंपनी
25:47को बता रहा है कि तुम्हें किस तरीके से
25:49राज्य करना है जैसे कि जैसे कि पहली
25:52इंपोर्टेंट बात है कि हां सेंट्रलाइजेशन
25:55क्या आपके ये तीन गवर्नर अलग-अलग बैठे हुए
25:59हैं राइट इनको थोड़ा सा सेंट्रलाइज करते
26:01हैं कोई एक पावर सेंटर होना चाहिए इंडिया
26:04में तो इनिशियली इनिशियली देयर विल बी
26:06सेंट्रलाइजेशन कि पावर को सेंट्रलाइज करने
26:09लगेंगे एंड बाय 1833 दे विल
26:13रियलाइफ कर दिया तो 1833 पीक ऑफ
26:16सेंट्रलाइजेशन है और उसके बाद क्या होने
26:18लगेगा थोड़ा सा डिसेंट्रलाइजेशन होने
26:20लगेगा कि नहीं थोड़ी पावर इधर-उधर भी दे
26:22दो तो सेंट्रलाइजेशन फॉलो बाय
26:24डिसेंट्रलाइजेशन एक तो यह होने वाला है इस
26:27दौरान
26:29दूसरा दूसरा हम देखेंगे कि बहुत सारे
26:32इंस्टीट्यूट्स
26:33तो दिस इंस्टीट्यूशनलाइजेशन ऑफ द
26:39गवर्नमेंट कि बहुत सारी चीज जो इंडिया में
26:41एजिस्ट नहीं करती थी है ना पार्लियामेंट
26:43वग एस्ट कुछ नहीं करती थी तो नाउ वी विल
26:45सी नाउ देर आर इंस्टिट्यूट इन इंडिया
26:47कमिंग लाइक कि हा जो है देर विल बी सम
26:50एग्जीक्यूटिव
26:51बॉडी
26:52एग्जीक्यूटिव लेजिसलेटिव ये अब तक नहीं
26:55रहता था इंडिया में तो ये कुछ डेवलपमेंट
26:58इंडिया में होने लग रहा है सुप्रीम
27:02कोर्ट एटस
27:04एट बहुत सारे इंस्टीट्यूट्स का डेवलपमेंट
27:07भी यहां पर हो रहा है तीसरी बात तीसरी बात
27:10ब्रिटेन यह दिखाना चाहती है कि हां हम
27:13तुम्हारे मालिक है तुम हमारे कंट्री में
27:16एक छोटी सी एक अदनी सी जो है प्राइवेट
27:18कंपनी हो और यहां पर मालिक कौन है मालिक
27:20हम है तो वो कहीं ना कहीं यह भी जताने की
27:22कोशिश करेगी कि यह जो पूरा राज्य है यह
27:25हमारा है तो इंडिया एक्चुअली ब्रिटेन को
27:28जो है यू नो अ ब्रिटेन को बिलोंग करती है
27:32तो इट इज इंडिया इज टेक्निकली ब्रिटिश
27:34पोजीशन ऐसा भी समझाना
27:40पड़ेगा ब्रिटिश पोजीशन और टाइम आने पर
27:43टाइम आने पर इनको साइडलाइन करना पड़ेगा तो
27:45दे हैव टू बी
27:49साइडलाइन तो आइए समझते हैं हां ये कैसे
27:52हुआ ओवरऑल ये ड़ थोड़ा सा हमने भूमिका
27:54बांधी कि हां यू नो इस तरीके से ऐसे 1773
27:57से स्टार्ट होके ट 1772 से ड्यूल
27:59गवर्नमेंट खत्म हुई है और पहला एक्ट जो
28:01आएगा पहला एक्ट आने वाला है 1773 में और
28:05देखिए इसका नाम भी क्या है रेगुलेटिंग
28:08एक्ट मेक सेंस कि हां पहला रेगुलेटिंग
28:10एक्ट होना चाहिए रेगुलेटिंग एक्ट राइट आप
28:13चाहे तो इसी में कंटिन्यू कर सकते हैं
28:15लेकिन मैं एक फ्रेश टाइमलाइन बनाऊंगा
1773: The Regulating Act
28:16क्योंकि मुझे थोड़ा सा स्पेस चाहिए लिखने
28:18के लिए ो दिस इज द रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ
28:201773 ब्रिटेन ने अपना पहला चिट्ठी भेजा कि
28:23हां भाई यह एक्ट है इसके हिसाब से आप लोग
28:25ऑपरेट करेंगे इंडिया स आइए देखते 1773 का
28:29तो यहां से हम लोग थोड़ एक्ट ड्र करेंगे
28:31पहली कहानी है ल
28:34188
28:36173 रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ
28:411773
28:44रेगुलेटिंग इसका नाम क्या है रेगुलेटिंग
28:46एकट क्यों क्योंकि क्योंकि ब्रिटेन को
28:49इंडिया में ईस्ट इंडिया कंपनी की
28:51गतिविधियों को रेगुलेट करना है इसीलिए
28:53इसका नाम भी क्या रखा गया है रेगुलेटिंग
28:55एक्ट रखा गया एस पर रेगुलेटिंग एक्ट आइए
28:58समझते
28:59हैं तो जैसा कि हमने समझा कि यहां ब्रिटेन
29:03है और एक ब्रिटिश गवर्नमेंट
29:07है राइट जो सारा खेल खेलेगी और दूसरा हम
29:11समझते हैं कि ईस्ट इंडिया कंपनी है और
29:13उसके कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स हैं जो सब कुछ
29:16ऑपरेट कर रहे हैं सीओडी बोले तो कोर्ट ऑफ
29:18डायरेक्टर्स और इंडिया में हमने समझा कि
29:21इंडिया
29:22में इंडिया में वी हैव थ्री गवर्नर्स एक
29:26गवर्नर ऑफ कोलका
29:28एक गवर्नर यहां बैठा हुआ
29:33है एक गवर्नर मद्रास में है और एक गवर्नर
29:37बमबे में तीन गवर्नर इस तरह से बैठे हु एस
29:41पर द रेगुलेटिंग क्या पढ़ रहे हम लोग
29:43रेगुलेटिंग एक्ट
29:44पढ़ दिस इ रेगुलेटिंग
29:53एक्ट ना ब्रिटेन कहेगा कि नहीं थोड़ा
29:55स्ट्रक्चर देकर आ र क्या तीन लोग बिठा रखे
29:58राइट है ना कि हां थोड़ा स्ट्रक्चर हमको
30:00चाहिए तो कहेंगे कि हां जो है जो गवर्नर
30:03ऑफ बंगाल है गवर्नर ऑफ कलका या फिर आप कए
30:05गवर्नर ऑफ बंगाल तो गवर्नर ऑफ बंगाल आज से
30:09इसको हम कहेंगे कि दिस पर्सन हैज टू बी
30:12कॉल्ड एस
30:14गवर्नर जनरल ऑफ
30:19बंगाल गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल कहेंगे इसको
30:23थोड़ा सा इज्जत देते हैं इसको गवर्नर जनरल
30:24ऑफ बंगाल कहते हैं प्लस गवर्नर जनरल ऑफ
30:27बंगाल इ सपोज टू हैव वन
30:30काउंसिल इस इसको एक काउंसिल देते अकेला
30:33आदमी क्या करेगा राट इसको काउंसिल देते
30:36हैं जिसमें चार
30:37लोग तो दिस बिकम गवर्नर जनरल इन काउंसिल
30:42राइट गवर्नर जनरल इन काउंसिल एंड दिस
30:45गवर्नर जनरल इन काउंसिल टेक्निकली टूगेदर
30:48राइट टूगेदर
30:50टूगेदर यू कैन से कि हां इट इ पावरफुल
30:57इंडिया में जो कुछ हैंडल करेंगे वो गवर्नर
30:59जनरल इन काउंसिल हैंडल करेंगे नॉट गवर्नर
31:02जनरल ऑफ बंगाल राइट टुगेदर इन दिस काउंसिल
31:04यानी टोटल पांच लोग पांच लोग क्या है
31:07मिलकर पावरफुल है जिसमें आप कह सकते हैं
31:10कि पांचों बराबर है राइट पांचों ही बराबर
31:12है उनमें से थोड़ा सा ऊपर राइट है ना
31:14हल्का सा ऊपर गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल की
31:18पोजीशन दूसरी बात यह जो बाकी के जो गवर्नर
31:22जनरल है अच्छा एक बराबर वाली बात में एक
31:23और बात कह देते हैं कि सारे डिसीजन ये लोग
31:26किससे द्वारा लेंगे वोटिंग द्वारा लेंगे
31:28ऑल डिसीजन विल बी वाया
31:32वोटिंग या फिर ऐसा कह लीजिए मेजोरिटी
31:35डिसीजन
31:36होगा
31:40मेजॉरिटी मेजॉरिटी डिसीजन यहां पे होने
31:42वाला है राइट इट हैज टू बी मेजॉरिटी
31:45डिसीजन अगर मान लो मान लो कि हां टाई हो
31:48जाए मान लो एक आदमी छुट्टी पे है राइट है
31:51ना बीमार पड़ गया वो आया नहीं मीटिंग में
31:52तो टोटल चार ही लोग थे दो लोगों ने इधर
31:54वोट दिया दो लोगों ने इधर वोट दिया अगर
31:56मान लो ऐसी कभी सिचुएशन आ गई तो इन दैट
31:59केस गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल विल हैव अ
32:02कास्टिंग
32:03वोट कि हां वो टाई ब्रेक कर सकता है राइट
32:07जिधर उसे जाना होगा वो कर सकता है बट अगर
32:09सोचो पांचों लोग मौजूद है और और यह जो तीन
32:14लोग हैं यह तीन लोग अगर एक गुट बना दे और
32:17कहे कि यह होगा तो फिर वह होगा फिर गवर्नर
32:20जनरल ऑफ बंगाल यहां पर कुछ भी नहीं कर
32:22सकता है तो अगेन ट्राई अंडरस्टैंडिंग की
32:25दिस काउंसिल इ पावरफुल नॉट गवर्नर जनरल ऑफ
32:27बंगाल राइट गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल इन
32:30काउंसिल इज पावरफुल
32:31प्लस ये जो बाकी के दोनों गवर्नर हैं आज
32:35से अभी से यह दोनों यह दोनों सबोर्डिनेट
32:38हो रहे हैं इस काउंसिल
32:41के यानी इंडिया में एक पावर सेंटर है वो
32:45है ये और बाकी सब कुछ उसके नीचे आता है अब
32:48इसके कितना नीचे आता है क्या करेगा समथिंग
32:50दिस इज वेरी वेग इसे बहुत ज्यादा डिफाइन
32:52नहीं किया गया है लेकिन लेकिन बाकी सब कुछ
32:55क्या होगा इसके नीचे आएगा तो एक तो एक तो
32:57उन्होंने कहा कि हां इसको पहले स्ट्रक्चर
32:59को जरा ठीक किया जाए जो तीन गवर्नर
33:01अलग-अलग खेल रहे हैं अलग-अलग बैटिंग कर
33:03रहे हैं नहीं इनको साथ में एक टीम बनाओ
33:05राइट है ना तो बंगाल को स्ट्रांग कर दो
33:07व्हाई बंगाल को स्ट्रांग कर दो बिकॉज
33:09बंगाल के पास ज्यादा टेरिटरी है ज्यादा
33:11पावर है बंगाल बिहार रिसा है इन लोगों के
33:14पास ऐसी इतनी टेरिटरी वगैरह एजिस्ट नहीं
33:15करती तो दे आर नॉट एज पावरफुल एज गवर्नर
33:18ऑफ बंगाल तो इट मेक्स सेंस कि हां गवर्नर
33:20ऑफ बंगाल को ही पावरफुल कर दे उसको कर दे
33:22गवर्नर इन जनरल जनरल गवर्नर है भाई वो
33:25राइट ये खाली गवर्नर वो जनरल गवर्नर सब का
33:27ही गवर्नर है वो तो जनरल गवर्नर ऑफ बंगाल
33:29कर दे या गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल कर दे और
33:31प्लस उसको चार लोग भी दे दे अकेला बेचारा
33:33क्या करेगा तो मेजॉरिटी डिसीजन द्वारा ये
33:35लोग सारी चीजें हैंडल करेंगे किसी एक आदमी
33:38के ऊपर रिस्पांसिबिलिटी नहीं आने वाली और
33:40वो एक आदमी इस समय है कौन वो एक आदमी है
33:43इस समय यहां पर वरन हेस्टिंग्स
33:46वॉरेन हेस्टिंग्स वरन हेस्टिंग ही थे
33:49गवर्नर ऑफ बंगाल
33:511772 इन्होंने इन्होंने डुअल गवर्नमेंट
33:53खत्म करी थी और सारा चार्ज अपने अंडर दे
33:55दिया था तभी य ये बम ू गया राइट एकदम से
33:58इनको पता चला कि ये पावरफुल नहीं रह गए
33:59चार लोग और आ गए प्लस ही विल बी देयर टिल
34:021785
34:04ऑलमोस्ट राइट है 1785 86 तक जो है कुछ वरन
34:08हेस्टिंग यहां पर रहने
34:10वाले नाउ नाउ तो दिस वास द फर्स्ट पार्ट
34:13की हां इंडिया में क्या बदला हुआ अभ ये
34:15लोग खड़े देख रहे हैं कि हां जो है यह सब
34:16हो रहा है हमें क्या करना है हमें क्या
34:18करना है इनको बोला गया कि नहीं सर आपको भी
34:20कुछ कुछ करना
34:22है कोर्ट ऑफ डायरेक्टर को बोला गया कि हां
34:24कुछ चीजें पहले जो है अपना आप स्ट्रक्चर
34:27सुधारी खुलिया सुधार पहली बात तो आपके
34:30यहां 24 लोग होंगे तो आज से खाली 24
34:35डायरेक्टर हो सकते हैं ना इससे ज्यादा ना
34:37इससे कम ये नहीं कि किसी साल 25 है किसी
34:39दिन 28 है किसी दिन 12 है ये सब नहीं
34:41चलेगा डिफाइन कर देते हैं कि आपका नंबर भी
34:4324 रहेगा राइट है ना कि हां स्टेबिलिटी
34:45थोड़ी सी रहनी चाहिए दूसरा दूसरा दूसरा यह
34:48है कि हां आप में आप में जो है हर साल 25
34:52पर लोग हर साल रिटायर
34:54होंगे एनुअली यानी कि 25 इस साल रिटायर हो
34:58जाएंगे 25 अगले साल 25 अगले साल 25 अगले
35:01साल दिस इज मोर लाइक कि हां दिस इज अ
35:03स्टेबल
35:04स्ट्रक्चर क्योंकि आप ही लोग है जो चला
35:07रहे अब ऐसा नहीं कि एक साल 24 लोग बदल गए
35:0924 नए आ गए अब वो कुछ और फिलॉसफी लेकर आ
35:12गए तो कुछ और इंडिया में कर रहे हैं तो
35:13हेयर वी नीड स्टेबिलिटी की इंडिया की जो
35:15गवर्नेंस है जो पॉलिसी है वो थोड़ा सा
35:17एडहॉक जम ना हो स्टेबल पॉलिसी हो एंड दैट
35:20इज द रीजन इट इज रिक्वायर्ड कि सारे लोगों
35:22को एक साथ रिटायर मत करो राइट 4 साल का
35:24टेनर ऑलमोस्ट देना चाहिए डायरेक्टर्स को
35:27भी तो डायरेक्टर्स का चा साल का टेनर
35:29रहेगा यह बात यहां पर फिक्स करी गई यहां
35:32कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स इनके इनका भी जो
35:34स्ट्रक्चर है जो ऑर्गेनाइजेशन है इसको
35:36फिक्स करा सरकार ने दूसरी बात इन्होंने
35:40कहा कि सर आपका जो भी जो भी फंक्शन है
35:43राइट है ना जो भी आप जो है जो है ऑपरेट कर
35:45रहे हैं जो भी आपके कागजात हैं विद
35:48रिस्पेक्ट टू विद रिस्पेक्ट टू गवर्नेंस
35:51यह सारे
35:53कागजात आप देंगे ट्रेजरी को
36:00राइट ट्रेजरी को प्लस प्लस देयर इज अ
36:02कैबिनेट मिनिस्टर कॉल्ड सेक्रेटरी ऑफ
36:06स्टेट तो ये जो सारे कागजात हैं ये आप
36:09इनको देंगे फॉर ऑडिट फॉर इंस्पेक्शन कि आप
36:12लोग ठीक कर रहे हैं कि नहीं कर रहे तो दिस
36:15इज हाउ दे वांट टू सी इन द पेपर्स कि हां
36:17भाई आपने क्या पॉलिसी अपनाई कैसा हुआ डटा
36:19क्या रहा समथिंग अच्छा हुआ बुरा हुआ
36:21समथिंग कुछ माल प्रैक्टिसेस हैं गलत
36:23प्रैक्टिसेस हैं तो हमारे जो हमारे जो
36:25ट्रेजरी का जो जो है यू कैन से हेड है
36:27राइट एक्स चकर वगैरह दे विल बी लाइक कि
36:30हां दे विल सी कि अच्छा ये गलत हो रहा है
36:31है ना उसम इंटरवेनर पाएंगे कह पाएंगे हां
36:33ये गलत कर रहे हैं राइट तो अभी जो आपकी
36:35बैंकर पसी की नौबत आ रही है जो आपसे संभल
36:37नहीं रहा है हम लोग कम से कम उसमें देख
36:39पाएंगे कि क्या गड़बड़ हो रहा है तो
36:41ट्रेजरी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ये दो
36:43एक्सपीरियंस लोग सेक्रेटरी ऑफ स्टेट
36:45बेसिकली सरकार का पार्ट है कैबिनेट
36:46मिनिस्टर भी है वो तो देन देन दे विल बी
36:48एबल टू सी दे विबल टू चेक कि हां क्या हो
36:51रहा है तो दिस इज हाउ दे विल बी
36:53रेगुलेटिंग राइट है ना रेगुलेशन की बात उठ
36:55रही है कि दिस इज हा हाउ दिस इज हाउ जो है
36:57दे विल बी
36:59रेगुलेटिंग प्लस प्लस एक और बात इसी में
37:02जोड़ते हैं कि एक और बात इन्होंने कहा कि
37:04भाई ठीक है थोड़ा सा एडमिनिस्ट्रेशन आपने
37:06ले लिया है हाथ में तो थोड़ा हमारे पास
37:08क्या होना चाहिए एक सुप्रीम कोर्ट भी होना
37:09चाहिए तो इंडिया में कांसेप्ट आया पहली
37:12बार सुप्रीम कोर्ट
37:14का अब अभी यह भी बहुत डिफाइंड है नहीं कि
37:17क्या करेगा क्या नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट
37:19तो सुप्रीम कोर्ट विद देर विद द चीफ
37:21जस्टिस एंड ऑल उनको भी भेज दिया कि हां
37:23इंडिया में यहां पे सुप्रीम कोर्ट
37:25एस्टेब्लिश होगा क्योंकि हुआ भी 1774 में
37:29बट क्या इसका फंक्शन बहुत डिफाइंड है नहीं
37:31क्या पूरे इंडिया में होगा नहीं ऑफकोर्स
37:32नॉट अब ये खुद पूरे इंडिया में नहीं है तो
37:34मैक्सिमम कुछ बंगाल हो सकता है बट वील सी
37:36ये खाली कैलक में है प्लस ये कौन से लॉस
37:38देखेगा किसको देखेगा अी ऐसा बहुत डिफाइंड
37:40यहां पे नहीं है एक कोड भी बना दिया
37:42सुप्रीम कोर्ट तो आइए देखते हैं तो हम बात
37:45कर रहे हैं रेगुलेटिंग एक्ट की हमने
37:48समझा हमने समझा कि हां जो ब्रिटिश
37:51पार्लियामेंट है राइट ब्रिटिश
37:52पार्लियामेंट नाउ दे वांट टू बी इवॉल्वड
37:55वो दे वांट टू कंट्रोल एंड रेगुलेट द
37:57फंक्शनिंग ऑफ दी इंडियन कंपनी राइट दे
38:00रिकॉग्नाइज दैट द कंपनीज रोल इन इंडिया
38:02एक्सटेंड बियोंड मोर ट्रेड बियोंड बियोंड
38:04ट्रेड मेयर ट्रेड कि हां पहले सिर्फ
38:06ट्रेडिंग के लिए हमने आपको चार्टर दिया था
38:08अब जो है आप वहां प जिस तरीके का काम कर
38:10रहे हैं इसका मतलब इसका मतलब इसका मतलब
38:13अगर ये रेगुलेटिंग एक्ट भेज रहे हैं तो
38:16कहीं ना कहीं ब्रिटेन ये रिकॉग्नाइज भी कर
38:18रहा है ब्रिटेन इस बात पे एग्री भी कर रहा
38:21है कि अब आपका खाली ट्रेडिंग फंक्शन नहीं
38:23रह गया सिर्फ आपका ट्रेडिंग फंक्शन नहीं
38:26रह गया ब्रिटेन इस बात पे एग्री कर रहा है
38:28कि आपका एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन भी होगा
38:30इस बात को टिक मार दो राइट है ना कि हां
38:32ठीक है एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन भी आपका है
38:34कोई दिक्कत की बात नहीं तो
38:36एडमिनिस्ट्रेटिव और पॉलिटिकल फंक्शन यहां
38:37पे रिकॉग्नाइज कर दिया ब्रिटेन ने यस प्लस
38:40जो डायरेक्टर्स ऑफ द कंपनी है वो सारे
38:43करेस्पॉन्ड सारे जो कागजात हैं विद
38:45रिस्पेक्ट टू रेवेन्यू अफेयर्स एंड सिविल
38:47एंड मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन यानी कि जो
38:49एडमिनिस्ट्रेशन रिलेटेड कागजात हैं क्या
38:51उन्हें सबमिट करना पड़ेगा यस उनको सबमिट
38:54करना पड़ेगा ब्रिटिश ब्रिटिश सरकार को
38:56देना ना पड़ेगा दिखाना पड़ेगा जो हम बात
38:57कर रहे थे कि हां डॉक्यूमेंट देना पड़ेगा
38:59इनको डॉक्यूमेंट देना पड़ेगा स्पेशली कैसे
39:01डॉक्यूमेंट जो आपके रेवेन्यू रिलेटेड है
39:03मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन या फिर सिविल
39:05एडमिनिस्ट्रेशन रिलेटेड है तो कहने का
39:07मतलब कि ये जो डॉक्यूमेंट हम देख रहे हैं
39:10ये डॉक्यूमेंट टेक्निकली एडमिनिस्ट्रेटिव
39:12डॉक्यूमेंट
39:14है राइट सिविल मिलिट्री जैसा भी
39:16एडमिनिस्ट्रेशन हो प्लस जो रेवेन्यू
39:18रिलेटेड है तो रेवेन्यू भी एडमिनिस्ट्रेशन
39:20के अंदर ही आ जाएगा तो एडमिनिस्ट्रेशन
39:22रिलेटेड डॉक्यूमेंट सारे हमसे ऑडिट कराओ
39:24हमको चेक कराओ ऐसा करके यहां पे उन्होंने
39:27बोल दिया है कि आज से ऐसा होने वाला है
39:29प्लस प्लस बंगाल में हमने देखा कि हां भाई
39:32जो है गवर्नर जनरल की स्थापना कर दी उसको
39:34चार मेंबर दे दिए हैं राइट मेजॉरिटी रूल
39:37द्वारा होगा पहला वरन हेस्टिंग है यस प्लस
39:39सुप्रीम कोर्ट बिठा दिया है सुप्रीम कोर्ट
39:42सुप्रीम कोर्ट बंगाल में अब इसमें क्या है
39:44कि इसका कोई ओरिजिनल जूरिडिक्शन भी है
39:46एलेट भी है बाकी जगह से अपील भी किया जा
39:48सकता है राइट बाकी क्या जूरिडिक्शन है
39:51कहना थोड़ा मुश्किल है ओके बट साथ ही साथ
39:54उन्होंने कहा कि बॉम्बे और मद्रास दोनों
39:56सबोर्डिनेट हो गए बट सबोर्डिनेट कैसे हो
39:58गए हैं क्या होगा ये भी बहुत ज्यादा
40:00डिफाइंड है नहीं तो 1773 क्या है कि पहली
40:03कोशिश है अभी ब्रिटेन को भी नहीं पता कि
40:05वो क्या कर रहे हैं क्यों कर रहे हैं बट
40:07उनका है कि ना कहीं पकड़ लो कुछ जो है देख
40:09से क्या होता है राइट तो दे आर जस्ट
40:11ट्राइट है ना इट इज लाइक कि जो है यू कैन
40:14से अ यू कैन से जो है अननोन वाटर्स है
40:18राइट है ना पता नहीं कि कितना गहरा है
40:20क्या है चलो कूद के देखते हैं अननोन
40:22वाटर्स में थोड़ा तैर के देखते हैं हो
40:23सकता है हमें कुछ समझ में आ जाए हो सकता
40:25है हमें कुछ मजा आ जाए राइट है ना जो है
40:27यहां पर इनको अकेले तो नहीं छोड़ सकते तो
40:29ये कुछ हाथ पाव मारने की कोशिश हो रही है
40:31बट दिस इज नॉट वेल डिफाइंड राइट बट चलो
40:33ठीक है एकय पहली कोशिश है हां पहली कोशिश
40:36इन्होंने यहां प कर दी दिस इज योर फर्स्ट
40:38टक्ट राइट है ना बहुत जल्दी इनको
40:40अमेंडमेंट भेजना पड़ा तो आइए कहानी आगे
40:42बढ़ाते
40:44हैं चलिए तो हम बात कर रहे थे रेगुलेटिंग
40:46एक्ट
40:49की रेगुलेटिंग एक्ट रेगुलेटिंग एक्ट में
40:52हमने समझा कि वी हैव वी हैव फर्स्ट ऑफ ल
40:56कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को डिफाइन किया है
41:00स्ट्रक्चर रेगुलेटिंग में हमने समझा कि
41:02भाई गवर्नर जनरल ऑफ
41:05बंगाल प्लस फोर की कहानी है प्लस सुप्रीम
41:08कोर्ट प्लस प्लस जो है मद्रास और बॉम्बे
41:15सबोर्डिनेट मद्रास बॉम्बे
41:19सबोर्डिनेट ऐसे करके एक चार्ट बना लो याद
41:22आ जाएगी सारी बातें बारबार देखना नहीं
41:24पड़ेगा दिस इज हाउ प्लस प्लस जो कोर्ट ऑफ
41:26डायरेक्टर रिपोर्ट करेगा रिपोर्ट भेजेगा
41:28डॉक्यूमेंट भेजेगा यस यह सारा हुआ है
41:31रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ
41:33173 में नाउ एक अमेंडमेंट आया 1781 में
41:37बहुत सवाल उठे कि क्या करना है क्या करना
41:39है बड़ा डाउट है तो 1781 में तुरंत ही एक
41:41अमेंडमेंट
41:44आया अय अमेंडमेंट है छोटी सी बात कह द बस
41:48राट इसमेंने कहा है कि अगर कोई ऑफिसर
41:51है अगर व जुडिशल कैपेसिटी में काम कर रहा
41:55है
41:57अपनी ऑफिशियल कैपेसिटी में अगर कोई काम
42:00करेगा ऑफिशियल
42:03कैपेसिटी तो उसके ऊपर कोई केस नहीं हो
42:06सकता आप उसके ऊपर कोई चार्ज नहीं लगा सकते
42:09यह मेन प्रोविजन है कि ऐसा नहीं उसे
42:11सुप्रीम कोर्ट में घसीट लो कि हां वो
42:13कलेक्टर था उसने जाके रेवेन्यू कलेक्ट कर
42:15रहा था और जाके जो है रेवेन्यू कलेक्शन
42:16में जबरदस्ती कर दी तो वो एज अ ऑफिसर
42:18कलेक्ट कर रहा था जबरदस्ती उसने ए ऑफिसर
42:20कर दी तो टेक्निकली उसके ऊपर ऐसा कोई
42:22पर्सनल चार्जेस वगैरह नहीं लगाए जा सकते
42:24आप उसको कोर्ट में नहीं नहीं सकते राइट सो
42:27दिस इज वन थिंग व्हिच वी फाइंड इन
42:28अमेंडमेंट कि जो जूरिस क्शन ऑफ द सुप्रीम
42:30कोर्ट है राइट है ना ये थोड़ा सा डिफाइन
42:32करी जाने की कोशिश करी जा रही है राइट हम
42:35उसको डिफाइन करने की कोशिश कर रहे हैं एक
42:37तो ये बात कह रहे हैं कि हां अगर कोई
42:38गवर्नमेंट सर्वेंट है और अगर वो अपनी
42:40ऑफिशियल कैपेसिटी में कुछ कर रहा है तो
42:42फिर वो इम्यून है उसको उसको आप कुछ नहीं
42:44कर सकते दूसरा सुप्रीम कोर्ट जो है ये
42:46पहली बात विदन कलक है ये सिर्फ कलक में ही
42:50इसका जूरिस जिक्स है इसके बाहर नहीं है और
42:51जो भी डिफेंडेंट है उसके पर्सनल लॉस को
42:54देख रेख करेगा तीसरी बात इन्होंने कहा कि
42:56लोगों का जरा सोशल और रिलीजियस यूसेज जो
42:58है राइट है ना उसके खिलाफ नहीं जाना यहां
43:01सोसाइटी सेंटीमेंट्स के खिलाफ नहीं जाना
43:02रिलीजन में छेड़छाड़ मत करना सोसाइटी में
43:04छेड़छाड़ मत करना यह भी बात इन्होंने कही
43:08नाउ तो वन मोर थिंग यू कैन ड इज कि एक तो
43:10सुप्रीम कोर्ट कोलका में रहेगा यह बात और
43:13लिख लो कि हां कोलका में ही लिमिटेड है
43:15उसका जूरिडिक्शन उसके आगे नहीं दिस इज
43:191781 ना व्हाट हैपेंड एक्चुअली कि
43:21प्रैक्टिकली अगर हम देखें तो वरन हेस्टिंग
43:23दुखी हो गया राइट वरन हेस्टिंग्स को यहां
43:25पर बिठा दिया गया जो है चार लोगों के साथ
43:27जिनमें से तीन उसके दुश्मन हैं तीन उसको
43:30आए हैं यहां से रिप्लेस करने तो वरन
43:32हेस्टिंग कहते हैं कि दाएं चढ़ना है ये
43:34तीनों कहते हैं बाय चलना है और क्योंकि
43:36मेजॉरिटी से रूल होना है तो इन्हीं तीनों
43:37की चल रही है तो वरन हेस्टिंग के पीछे
43:39पीछे जा रहे हैं कि हां बताओ क्या करना है
43:40तो वरन हेस्टिंग में सवाल पूछे जा रहा है
43:42वरन हेस्टिंग्स पूछा जा रहा है तुमने ऐसा
43:43क्यों किया वैसा क्यों किया राइट है ना जो
43:45है कुछ डीलिंग थी इनकी बनारस के साथ राइट
43:47उसके ऊपर सवाल उठाने लगे अवत के साथ
43:49डीलिंग थी विद रिस्पेक्ट टू रोहिला वर्स
43:51एंड ऑल तो उस पे सवाल उठाने लग गए राइट वी
43:53डोंट नीड टू गो इन टू दैट डिटेल बिकॉज
43:54नहीं पूछेगा यूपीएससी बट स्टिल स्टिल वी
43:57अंडरस्टैंड कि वरन हेस्टिंग के लिए बहुत
43:59प्रॉब्लमैटिक है राइट यहां से सरवाइव कर
44:01पाना वरन हेस्टिंग के लिए काफी टफ हो गया
44:03मारपीट की नौबत आ गई राइट अब उसमें से एक
44:05बीमार पड़ा वापस चला गया गोली होली चला द
44:07है ना तो फिर एक इंजर्ड हो गया वापस चला
44:09गया कुछ इस तरीके से जो है मतलब एक टाइम प
44:11रिजाइन भी कर दिया था वरन हेस्टिंग ने
44:13लेकिन फिर जो है तब तक दूसरा वाला चला गया
44:14तो कह ठीक है रेजिग्नेशन वापस ले रहा हूं
44:16नहीं करेंगे रिजाइन तो फिलहाल फिलहाल
44:18व्हाट वी आर ऑब्जर्विंग इज कि ये जो
1784: Pitt’s India Act
44:20प्रोविजन था मेजॉरिटी रूल वाला इसमें
44:22गवर्नर जनरल की हालत बहुत खराब है बहुत
44:25ज्यादा खराब
44:26प्लस वरन हेस्टिंग वैसे ही हालत खराब है
44:29एडमिनिस्ट्रेशन भी नहीं कर पा रहे करप्ट
44:30भी है राइट खुद भी करप्ट है वो तो
44:32रेवेन्यू की जो प्रॉब्लम है वो भी सॉल्व
44:34नहीं हो रही अब ऐसे में जब यह रायता फैला
44:37हुआ है केस फैला हुआ है ऐसे में ऐसे में
44:40इट इज रिक्वायर्ड कि हां इसको कुछ सॉल्व
44:42किया जाए राइट है अभी रायता चल रहा है अभी
44:44पूरी तरह सॉल्व हुआ नहीं है राइट और जो है
44:47जो हुआ कि हां कुछ तो इसमें इंटरवेनर वरन
44:49हिस्ट भी रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि सर कुछ
44:51तो करो क्या ही आपने किया है तो आफ्टर
44:53ऑलमोस्ट 10 इयर्स दे रिलाइज न यर आफ्टर
44:56ऑलमोस्ट 10 इयर्स दे रिलाइज कि नहीं ये
44:58हमने ठीक बनाया नहीं हमें इसमें और बदलाव
45:00करने की जरूरत है और चेंजेज करने की जरूरत
45:03है तो आइए चेंजेज की बात करते हैं तो देन
45:05केम योर नेक्स्ट एक्ट व्हिच इज पिट्स
45:07इंडिया एक्ट ऑफ
45:111784 दिस इज पिट्स इंडिया
45:14एक्ट
45:171784 पिट्स इंडिया
45:19एक्ट पिट्स इंडिया एक्ट तो पिट्स का
45:23इंडिया एक्ट आइए समझते हैं कि क्या बदलाव
45:25आ है तो 10 साल बाद जो है कंपनी को
45:28ब्रिटेन को भी लगा कि हां हमें कुछ चेंजेज
45:30करने पड़ेंगे ऐसे बात बनेगी नहीं राइट तो
45:33हम बात करने जा रहे हैं पिट्स इंडिया एक्ट
45:35की आइए समझते
45:40हैं तो पिट्स इंडिया स
45:48सो पिट्स इंडिया 1784 तो पिट उस समय क्या
45:53है प्राइम मिनिस्टर है तो उन्होंने कहा कि
45:55हा ठीक है प्रॉब्लमैटिक तो है आइए इसको
45:57सॉल्व करते हैं कुछ तो करते हैं वरन
45:58हेस्टिंग भी रो रहे हैं कि हां कुछ तो करो
46:00सर कुछ तो करो तो फाइनली दे सेड कि चलो
46:02ठीक है कुछ बातें हम लोग यहां पे सॉल्व
46:04करते हैं एक इन्होंने कहा कि भाई जो
46:07है यहां पे आप कह रहे हो कि चार लोग
46:10ज्यादा है तो चलो तीन कर देते हैं
46:12टेक्निकली दे सेड कि भाई ये जो एक मेंबर
46:15है इसको हटा देते हैं अब कम से कम तीन तो
46:17संभाल ले ना यानी अभी भी प्रॉब्लम पूरी
46:19सॉल्व नहीं करी इन्होंने इन्होंने कहा कि
46:21हां तीन जो है रख लो राइट बाकी अपना
46:23कास्टिंग वोट मेजॉरिटी डिसीजन सब कुछ वही
46:25रखो कुछ बदलाव की जरूरत नहीं राइट कुछ
46:27चेंजेज की जरूरत नहीं तो वन पर्ट वन थिंग
46:30इज कि हां दे सेड कि हां हमें इसे तीन कर
46:32देना चाहिए दूसरा दूसरा जो मेजर बदलाव तो
46:35इतना ही चेंज किया इधर राइट मेजर बदलाव
46:37कहां पे आ रहा है मेजर बदलाव एक्चुअली
46:39यहां पे आ रहा है इन्होंने कहा कि एक मिनट
46:42रुकिए हो क्या रहा था कि इधर से कागजात जा
46:45रहे थे ये लोग समझ नहीं पा रहे थे करना
46:47क्या है राइट ना पेपर आया जा रहा है उस पर
46:50कोई एक्शन लेना है फीडबैक देना है क्या
46:51करना है फाइल इकट्ठी होती जा रही है पर
46:53कुछ समझ में नहीं आ रहा तो इट वा नॉट एट ल
46:56मेकिंग सेंस तो दे रिलाइज की ना वी नीड टू
46:59चेंज समथिंग तो पिट्स इंडिया एक्ट इ अबाउट
47:01दिस एरिया कि हा ब्रिटेन में कुछ बदलाव
47:04होने वाला है पिट्स इंडियाक में उन्होने
47:06कहा कि अच्छा ठीक है सर थोड़ा बदलाव करते
47:08हैं ऐसे नहीं चलेगा वी नीड अ प्रॉपर बॉडी
47:13वी नीड अ प्रॉपर डिपार्टमेंट तो ब्रिटिश
47:15गवर्नमेंट ने एक डिपार्टमेंट सेट अप किया
47:17च इज कॉल्ड एस बोर्ड ऑफ
47:20कंट्रोल ये एक प्रॉपर डिपार्टमेंट है
47:23बोर्ड ऑफ कंट्रोल इसका काम है कोट ऑफ
47:26डायरेक्टर को कंट्रोल
47:27करना इसमें कहा गया कि कोर्ट ऑफ डायरेक्टर
47:30का देखो दो फंक्शन है एक आपका फंक्शन जो
47:34है वह आपका कमर्शियल फंक्शन है जिसमें आप
47:37लोग बिजनेस करते हैं ट्रेड करते हैं जो
47:40पहले से करते आ रहे थे जिसका आपके पास
47:43चार्टर है आप जो के त्यों करते रहे कोई
47:45दिक्कत की बात नहीं है हम बिल्कुल कुछ
47:47नहीं कहेंगे क्योंकि भाई आप उसमें
47:49एक्सपर्ट है हमने आपको इसको कंपनी बना रखी
47:51है आपको चार्टर दे रखा है तो कोई दिक्कत
47:53नहीं है दिस इज अन हिंडर्स इ नॉट
47:56रिस्ट्रिक्टेड जो करना है करो बट जो सर
47:59आपका दूसरा फंक्शन है पॉलिटिकल फंक्शन है
48:01राइट एडमिनिस्ट्रेटिव पॉलिटिकल मिलिट्री
48:04जो भी आपका फंक्शन है यह वाला जो फंक्शन
48:06आप इंडिया में जो परफॉर्म कर रहे
48:09हैं राइट दिस इज नॉट समथिंग जो आपकी
48:12एक्सपर्टीज है यह कोर्ट डायरेक्टर की
48:14एक्सपर्टीज नहीं इसमें क्या है कि बोर्ड
48:16ऑफ कंट्रोल कहेगा कि सर सर ऐसा करने के
48:19लिए आज से हमारा लगेगा
48:24अप्रूवल
48:27स नाउ यू सी कि अब क्या है कि थोड़ा सा
48:29स्ट्रिक्ट हो गए यहां पे अब तक जो हुआ सो
48:32हुआ राइट लेकिन आगे से ये जो आप यहां पे
48:35जो जो कुछ कुछ करते हैं जो भी आप फंक्शंस
48:37करते हैं दिस हैज टू बी अप्रूव्ड बाय
48:40अप्रूव्ड बाय आर डिपार्टमेंट बोर्ड ऑफ
48:42कंट्रोल तो कुछ लोगों को यहां डेडिकेटेड
48:44बिठा दिया है जो अप्रूवल देंगे इनका कोई
48:46आउटपुट है पीछे क्या था कोई आउटपुट नहीं
48:48था पीछे क्या था कि हां देख े फाइल भेज
48:50देना देखेंगे लेकिन यहां पे क्या है कि
48:51हां देर इज
48:53आउटपुट बोर्ड ऑफ कंट्रोल में बैठे भी वही
48:55हो देखिए ध्यान से देखिए तो बोर्ड ऑफ
48:57कंट्रोल में बैठे हैं आपके एक्स चकर यानी
48:59कि ट्रेजरी से बैठे हुए हैं इनको रेवेन्यू
49:01की जानकारी है राइट बोर्ड ऑफ कंट्रोल बैठे
49:05एक सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पीछे इनको काम दिया
49:07था इन्होने किया नहीं तो इनको यही बिठा
49:08दिया बोर्ड ऑफ कंट्रोल कैबिनेट मिनिस्टर
49:10तो पार्लियामेंट का भी एक रिप्रेजेंटेटिव
49:12यहां पे है प्लस प्रावी काउंसिल से चार
49:15लोग बैठे हुए हैं क्राउन ने भेजा हुआ है
49:16कि हां राजा को पता होना चाहिए तो प्रावी
49:18चार
49:19मेंबर चार मेंबर य भी बैठे हुए
49:23हैं राइट चार मेंबर भी काउंसिल के बैठे
49:26हुए हैं है नाना राजा ने क्राउन ने
49:28डायरेक्ट ज रानी या राजा जो भी है तो
49:29उन्होंने यहां पे डायरेक्ट भेजा हुआ है कि
49:31हां भाई हमको हमको रिप्रेजेंट करेंगे यहां
49:33पे राइट है ना क्वीन है टेक्निकली सो जाए
49:36इनको ये भी यहां बैठे हुए हैं तो प्राईवी
49:37काउंसिल के मेंबर ही बैठे हुए हैं तो दे
49:39आर द वन हु विल लुक एट है ना कोर्ट ऑ
49:41डायरेक्टर कुछ भी करने से पहले फाइल इनके
49:42पास भेजेगा वो उसको अप्रूव करेंगे और उसके
49:45बाद ही वो काम होगा तो दिस इज राइ कि अब
49:47कहीं ना कहीं बैकग्राउंड से ब्रिटिश
49:49गवर्नमेंट ने कंट्रोल ले लिया है इसीलिए
49:52डिपार्टमेंट बनाया है बोर्ड ऑफ कंट्रोल तो
49:54पिट्स इंडिया एक्ट आप देखो देखोगे तो
49:56पिट्स इंडिया एक्ट में क्या है कि अब पीछे
49:58से ब्रिटेन रूल कर रहा है अब तक इट वाज
50:00प्योर ईस्ट इंडिया कंपनी रूलिंग बट कहीं
50:03पीछे से ऐसे कमांड जो है पीछे से जैसे
50:05रस्सी पकड़ ली है बोला हम बताएंगे तुम्हें
50:07कहां जाना है कहां नहीं जाना है राइट सो
50:09नाउ इट इज एक्चुअली ब्रिटिश गवर्नमेंट हु
50:11विल टेल कोर्ट ऑफ डायरेक्टर की क्या करना
50:12है ये लोग फाइल भेजेंगे या प्रूव देंगे
50:15अगर कभी-कभी क्या होगा कि इनके हिसाब से
50:16नहीं हो रहा होगा तो अपनी फाइल उल्टा भेज
50:18देंगे कहेंगे यही कराओ तो इट इज एक्चुअली
50:20ब्रिटिश गवर्नमेंट हु विल डिसाइड कि अब
50:22इंडिया में क्या चीजें होने वाली है राइट
50:25तो यस तो नाउ फॉर एवरीथिंग देयर विल बी
50:27देयर विल बी अप्रूवल सो दिस इज दिस इज अ
50:30बिग चेंज हैपनिंग अंडर पिट्स इंडिया एक्ट
50:32इधर वर एन हेस्टिंग की कुछ सुना किसी ने
50:34पिट्स इंडिया ने कुछ नहीं सुना क्या जो कर
50:36रहे हो करते रहो राइट एक आदमी कम कर देता
50:38संभालो जाके किसने बैठाया गवर्नर जनरल ऑफ
50:39बंगाल तो हा वरन हेस्टिंग को अपने हाथ प
50:41छोड़ दिया है ये अब जो है पहले चार हुआ
50:43करते थे तीन हो गए इतना ही बदलाव हुआ और
50:46कोई बदलाव व सच यहां पे नहीं हुआ है नाउ
50:50लेट्स हैव अ लुक एट पिट्स इंडिया एक्ट
50:51पिट्स इंडिया एक्ट में जो है अगर हम कहे
50:54तो जो अच्छा बा इसको कहते क्या है
50:56एग्जीक्यूटिव काउंसिल कहते है ना पीछे कहा
50:58था शायद
51:00राइट दिस इज द एग्जीक्यूटिव काउंसिल येय
51:03जो बिठाया है दिस इज एग्जीक्यूटिव
51:10काउंसिल है ना कि अपनी मिनिस्ट्री दे दी
51:12एग्जीक्यूटिव काउंसिल दे दी तो
51:13एग्जीक्यूटिव काउंसिल में जो है अब कितने
51:15मेंबर कर दिए हैं अब यहां पे तीन मेंबर कर
51:18दिए राइट तो पहली बात पहली बात बोर्ड ऑफ
51:21कंट्रोल एक डेवलपमेंट बोर्ड ऑफ कंट्रोल
51:24दूसरा एग्जीक्यूटिव नंबर मेंबर कर दिए हैं
51:27तीन है ना तो ये बड़े बदलाव बाकी सारा
51:30अप्रूवल लगेगा बोर्ड ऑफ कंट्रोल अप्रूवल
51:31देगा दिस इज द मोस्ट इंपोर्टेंट
51:35पार्ट चलिए तो लेट्स हैव अ लुक एट 1784 का
51:38एक्ट 1784 तो 1784 1784 में अब जो है यहां
51:43पे यहां पे कंपनी पूरी तरह से सबोर्डिनेट
51:46हो गई राइट अभी हमने समझा क्या पूरी तरह
51:48से सबोर्डिनेट हो चुकी है और इनफैक्ट इस
51:51एक्ट में ऐसा भी लिखा हुआ है कि जो इंडिया
51:53है या जो भी चीजें हैं वो टेक्निकली
51:56ब्रिटिश पोजीशन है तो ब्रिटिश गवर्नमेंट
51:59ने यह कह दिया है कि इंडिया में जो कुछ है
52:01वह हमारा है तुम केयरटेकर हो राइट है ना
52:04तो सब कुछ क्या है ब्रिटिश पोजीशन है ये
52:06भी बहुत इंपोर्टेंट बात है ये भी लिख
52:07लीजिए आप ध्यान रहेगा तो 1784 इन्होंने कह
52:10दिया है कि ये जो भी कुछ है दिस इज ऑल दिस
52:14इज ऑल ब्रिटिश
52:17पोजीशन आप देख रेख कर रहे हैं काम चला रहे
52:20हैं कोई बात नहीं लेकिन हक किसका है हक जो
52:23है ब्रिटेन का है तो ब्रिटिश की बात भी कह
52:26दी है यस प्लस प्लस डुअल कंट्रोल तो इसको
52:29बोलेंगे कि आज से जो शुरू हो रहा है दिस
52:30इज डुअल कंट्रोल डुअल सिस्टम ऑफ कंट्रोल
52:33कि यहां जो कमर्शियल फंक्शन है कमर्शियल
52:35फंक्शन कोर्ट और डायरेक्टर अपने हिसाब से
52:37चला लेंगे लेकिन जो पॉलिटिकल फंक्शन है
52:39पॉलिटिकल फंक्शन उसके लिए एक बोर्ड ऑफ
52:42कंट्रोल बनाया गया है एक नया डिपार्टमेंट
52:43बनाया गया है जो कि सुपरवाइज करेगा
52:45डायरेक्ट करेगा ऑल ऑपरेशन ऑफ सिविल
52:47मिलिट्री एंड रेवेन्यू अफेयर्स ऑफ ब्रिटिश
52:50पोजीशंस इन इंडिया तो जो भी ब्रिटिश
52:52पोजीशंस है उनको पूरी तरह से कंट्रोल
52:54डायरेक्ट करने का काम किसका हो चुका है अब
52:57से बोर्ड ऑफ कंट्रोल का हो चुका है राइट
52:59तीन डायरेक्टर कहेंगे 24 में से तीन
53:01डायरेक्टर हमारे लिए स्टैंड बाय रहो बाहर
53:04खड़े रहो बताएंगे तुम्हें क्या करना है तो
53:05तीन को ऐसे स्टैंड बाय भी रखेंगे कि हां
53:07हम डिस्कशन करते रहेंगे राइट यू विल बी
53:09लाइक पॉइंट ऑफ इंचार्ज राइट पॉइंट ऑफ
53:11कांटेक्ट और तुमको जो है बताएंगे क्या
53:13करना है प्लस हमने बताई कि कौन है बोर्ड
53:16ऑफ कंट्रोल में तो हमने कहा कि भाई चांसलर
53:18ऑफ एक्स चकर है राइट तो एक्स चकर है
53:20सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट है और चार मेंबर आपके
53:22प्रावी काउंसिल के भी हैं क्वीन की
53:24काउंसिल के भी हैं प्लस इंडिया में हमने
53:26कहा कि हां जो गवर्नर जनरल है उसकी
53:28काउंसिल में तीन मेंबर कर दिए हैं और तीन
53:30में से एक मेंबर कौन है कमांडर इन चीफ
53:33राइट दिस इ आल्सो वेरी इंपोर्टेंट पॉइंट
53:35कि हां इसमें से एक जो है एक डिफाइन हो
53:38गया है कि एक जो रहेगा वो कमांडर इन चीफ
53:44रहेगा जो आर्मी का हेड है टेक्निकल तो तीन
53:48में से एक कमांडर इन चीफ है एक गवर्नर
53:50जनरल ऑफ बंगाल बैठे ही है और बाकी दो लोग
53:52और इसमें ऐड कर दिए जाएंगे यस ऐसा करके
53:53यहां पर कहा गया है प्लस जनरल जनरल
53:56प्रोहिबिशन वास प्लेस ऑन एग्रेसिव वर्स
53:58दिस इज आल्सो वेरी वेरी इंपोर्टेंट कि हां
54:00ऐसा नहीं है कि किसी से भी युद्ध करने लग
54:02जाओ किसी से भी झगड़ा करने लग जाओ ये सब
54:04नहीं करोगे अब क्या है कि अभी रिसेंटली
54:061780 आप याद करिए पुराने चैप्टर्स पलट के
54:09देखिए तो 1770 का दौर हमने देखा था कि हां
54:11इट इज जो है वॉर विद मासोर वॉर्स विद
54:14मराठा तो मराठा और मासोर से झगड़ा कर लिया
54:17था जिसका कोई आउटपुट नहीं आ रहा था अभी
54:19रिसेंटली 1782 में ट्रीटी ऑफ सालबाई हुई
54:21थी मराठा के साथ तो कहीं ना कहीं ये
54:23रिलाइजेशन था कि फर्जी इधर-उधर भिड़ो मत
54:25राइट है ना यह सब काम मत करो तुम्हें जो
54:27काम तुम्हें जो एरिया मिल गया है उस परे
54:29रूल करो बाकी ट्रेड वेट करो अपना प्रॉफिट
54:31प्रॉफिट बनाओ क्या ही कर रहे हो तो
54:33टेक्निकली वॉर्स और ट्रीटीज राइट ये सारी
54:35चीजें एज फार एज पॉसिबल अवॉइड करना है तो
54:38वॉर और ट्रीटीज नहीं करनी है दिस इज आल्सो
54:40वेरी वेरी इंपोर्टेंट पॉइंट कि हां बोला
54:42गया कि भाई जो है कमांडर इन चीफ को यहां
54:45बिठा तो रहे हैं बट ध्यान रखिएगा कि देर
54:48देयर शुड बी एस फार एस पॉसिबल देयर शुड बी
54:51नो वॉर एंड ट्रीटीज तो वॉर वगैरह नहीं
54:54करनी दिस इज आल्सो वन ऑफ द इंपोर्टेंट
54:56पॉइंट ऑफ पिट्स इंडिया अब ये सुनके लगता
54:59है कि यहां पर यहां पर अभी अंग्रेजों का
55:02जो मन है अंग्रेजों का मन एक्सपेंशन का
55:04नहीं है राइट अंग्रेज ऐसा सोच रहे हैं कि
55:07हमें एक्सपेंड नहीं करना है ऐसा नहीं कह
55:08रहे हैं कि हां ठीक है रुको आर्मी भेज रहे
55:10हैं एक्सपेंड करके सबको हरा दो और इंडिया
55:12को अपने कब्जे में कर लो यहां पे थोड़ा
55:14बैकफुट पे हैं कि वॉर वॉर मत करो क्यों
55:16क्योंकि दो झटका लगा हुआ है हैदर अली ने
55:18भी झटका दे दिया था हैदर और टिपू 1784 तक
55:20और प्लस 1782 में मराठा से भी झटका खा
55:22चुके थे तो उनको लग रहा था कि ऐसा ना हो
55:25हम मराठा वगैरह से दोबारा भिड़े या जो है
55:27मैसोर से दोबारा भिड़े और ये लोग हमें
55:28तबाही कर दे मासोर मद्रास तबाह कर देगा
55:31मराठा सब तबाह कर देंगे राइट है ना तो ऐसा
55:33ना हो जाए कि जो भी कुछ हाथ में अभी लगा
55:35हुआ है इतना कीमती पोजीशन ब्रिटिश पोजीशन
55:37इतना कीमती पोजीशन है कहीं हाथ से निकलना
55:39जाए राइट तो दैट इज द रीजन दे आर लाइक कि
55:41हां थोड़ा सा ये सब चीजों से बचो कोई
55:43झगड़ा नहीं करेगा चुपचाप जाके ट्रेडिंग
55:45करोगे चुपचाप जाके यहां का रेवेन्यू
55:47इकट्ठा करोगे पैसा कमाओगे और जो है
55:49ब्रिटेन आओगे है ना कहीं ये तुम लोग पूरा
55:51ही चौपट ना कर बैठो इसलिए ऐसा बोला गया है
55:53कि वॉर और ट्रीटी वगैरह आप लोग अवॉइड
55:56करेंगे एज फार एज पॉसिबल यू विल अवॉइड
55:59वर्स बट फिर भी ऐसा तो है नहीं कि होगा
56:02नहीं होगा कुछ ना कुछ बहाने से होता
56:04रहे नाउ अब ये वरन हेस्टिंग के रायते की
56:07बात कर रहा था मैं पिछले पिछले जो है एक्ट
56:09में तो वरन हेस्टिंग का रायता अब जो है सर
56:12के ऊपर निकल गया है वरन हेस्टिंग क्या
56:14संभाल पाए नहीं संभाल पाए स्पेशली
56:16रेवेन्यू वाज समथिंग जो जो अंग्रेजों में
56:19ब्रिटेन की सरकार के भी और कोर्ट ऑफ
56:22डायरेक्टर के भी दिल के पास है वो कह रहा
56:23है कि रेवेन्यू नहीं संभाल पा रहे तुम
56:25क्या ही कर रहे हो है ना क्या ही होगा
56:26तुमसे तो तुमसे ना हो पाएगा तो वरन
56:28हेस्टिंग को हटाया जाए और बुलाया जाए
1786: The Act to appoint Lord Cornwallis
56:31किसको बुलाया जाए आपके लॉर्ड कन्वोस को तो
56:34कन्वोस को बोला गया कि साहब आप चले जाइए
56:37इंडिया में जो आपका ऑर्गेनाइज जो
56:39गवर्नमेंट स्ट्रक्चर है गवर्नमेंट
56:41स्ट्रक्चर फिक्स करो सर आप राइट है ना
56:43सरकार थोड़ा सा ओवर हॉल करो और दूसरा
56:46रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन में बहुत दिक्कत
56:49है ये आपको ओवर हॉल करने के लिए भेजा जा
56:51रहा है उन्होंने कहा क्यों जाऊ मैं राइट
56:53क्यों जाऊ वरन हेस्टिंग जैसी हालत हो
56:55जाएगी राइट है ना ना घर का रहूंगा ना घाट
56:57का रहूंगा तो वरन हेस्टिंग जो है आप कह
56:59रहे हो कि हां गवर्नर जनरल है मुझे गवर्नर
57:01जनरल के नाम से भेज रहे हो और वहां पे फिर
57:03मैं जाके वोटिंग करूंगा कि हां जो है यू
57:04नो मेरा कास्टिंग वोट है कोई नहीं सुन रहा
57:06है और बेइज्जती हो रही है मेरी तो मैं
57:08क्यों जाऊंगा तो नहीं जाऊंगा मैं तो फिर
57:10उनसे पूछा गया क्या करें क्या करें तो
57:12उन्होने कहा देखो मेरी शर्तें हैं कुछ
57:14मेरी एक शर्त है कि पहले तो मुझे क्या करो
57:16मुझे ही कमांडर इन चीफ बना दो राइट ऐसा
57:19नहीं कि एक और पावर सेंटर है कमांडर इन
57:21चीफ तो जो सेनापति वाली जो पावर है वो भी
57:23मेरे पास होनी चाहिए एक बात
57:25दूसरा ओवरराइडिंग पावर मुझको दे दो मेरी
57:29जिम्मेदारी के ऊपर राइट मेरी जिम्मेदारी
57:31के ऊपर मेरे पास ओवरराइडिंग होनी चाहिए कि
57:34हां मुझे लगता है कि यह होना है तो फिर यह
57:36होना है मैं गवर्नर जनरल नाम का नहीं बन
57:38रहा कि जाके हाथ उठा के वोटिंग करूंगा
57:40मेरे पास ओवरराइडिंग पावर होनी चाहिए इट
57:42इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट इट विल इंश्योर
57:44कि मैं पावरफुल हूं तभी आपकी ओवर हॉलिंग
57:46और ये जो सारी चीजें आप जिसके लिए मुझे आप
57:48भेज रहे हो मैं यह कर पाऊंगा तो 1786 में
57:51इन शर्तों के साथ कन्वोस कन्वोस को भेजा
57:54गया कन्वोस ने बोला ये शर्तें और ये मान
57:56ली गई तो ये बड़ा बदलाव हुआ 1786 के एक्ट
57:59में दिस इज एक्ट ऑफ
58:031786 1786 एक्ट जो कि कहता है कि
58:07ओवरराइडिंग
58:11पावर और दूसरा दूसरा कहता है कि जो गवर्नर
58:15जनरल है वही कमांडर इन चीफ भी है इस एक्ट
58:18के तहत जो है कन्वोस की एंट्री हुई और जब
58:21कन्वोस आए तो जिस काम के लिए भेजा गया वो
58:23काम किया उन्होंने उ उनको भेजा गया था कि
58:25भाई आप रेवेन्यू फिक्स करिए तो जमीदारी
58:27सिस्टम लेकर आए प्लस बाकी जो है जो सिविल
58:30सर्विसेस वगैरह फादर ऑफ सिविल सर्विसेस
58:31कहते हैं तो वो सारा गवर्नमेंट स्ट्रक्चर
58:33उन्होंने आके फिक्स किया तो 93 समवेल यहां
58:37पे
58:37थे
58:40नाउ नाउ 1793 1793 में क्या हो रहा है
58:451793 में लाइसेंस एक्सपायर हो रहा है
58:49चार्टर एक्सपायर हो रहा है
58:511793 चार्टर एक्सपायर हो रहा था जब चार्टर
58:54एक्सपायर हो रहा था तो ब्रिटिश सरकार जो
58:57हमारी जो ईस्ट इंडिया कंपनी थी ईस्ट
58:59इंडिया कंपनी ने एप्लीकेशन डाली कि हमारा
59:00चार्टर रिन्यू कर दिया जाए राइट है ना कि
59:03हां भाई चार्टर एक्सपायर हो रहा है रिन्यू
59:05कर दो बट ब्रिटेन सरकार ने कहा यह भी मौका
59:07अच्छा है है ना इनका चार्टर रिन्यू करना
59:09है अब जो है हम और इनको शर्तें बता सकते
59:12हैं और इनको बातें बता सकते हैं तो कहेंगे
59:14ठीक है तुम्हारा चार्टर हम रिन्यू कर देते
59:16हैं 20 साल के लिए राइट है ना समझिए इस
59:19बात को तो 1793 में 1793 में चार्टर
59:24रिन्यू हो रहा था तो इन्होंने कहा ठीक है
59:27भाई आपका चार्टर हम रिन्यू कर देते हैं 20
59:29साल के लिए लेकिन हमारी कुछ शर्तें
59:33हैं और इस इस तरह से आएगा 1793 का चार्टर
59:39एक्ट शर्तें देखते हैं बट यस नाउ आफ्टर 20
59:43इयर्स फिर से फिर से चार्टर रिन्यू करने
59:46की बात ब आई बारी आई तो सरकार ने कहा कि
59:49हां ठीक है चलो 1813 आपका चार्टर खत्म हो
59:52रहा है हम 20 साल के लिए फिर से एक्सटेंड
59:54कर देते हैं
59:55प् 20 राइट और हमारे है कुछ शर्तें
59:59कंडीशंस अब क्या ही कर सकते हो भाई लो
1:00:02रिन्यू ही नहीं करेंगे तो जो शर्त होगी
1:00:03मानना पड़ेगा कुछ नहीं कर सकते आप
1:00:05सिमिलरली फिर से 1833
1:00:091833
1:00:111833 फिर से हुआ कि सर एक्सपायर हो रहा क
1:00:13हा ठीक है ठीक है 20 साल प्लस शर्त
1:00:18कंडीशन राइट है ना फिर हुआ कि हा सर फिर
1:00:21एक्सपायर हो रहा
1:00:23183 दो शर्तें कह रहे कितना एक्सटेंशन भी
1:00:26तो दीए कह रहे हैं हां ठीक है एक्सटेंशन
1:00:28है x इयर्स का देखते हैं कब तक चलेगा x
1:00:31इयर्स मतलब ये नहीं अनलिमिटेड x इयर्स
1:00:33मतलब देखेंगे जब तक जाएगा और फिर फिर
1:00:4918581 193 13 33 53 और 57 की रिवर्ड के
1:00:53बाद 58 में कहानी ओवर दि है ना अब खाली
1:00:56हमें क्या समझना है शर्तें समझनी है कि
1:00:58क्या समय है किस तरह की शर्तें है जरा आइए
1:01:00इसको समझते हैं कि क्या हो रहा है तो 1793
1:01:04तो यहां से सीरीज शुरू हो रही है चार्टर
1:01:06एक्ट
1:01:07की चार्टर एक्ट 1793 का चार्टर एकट
1:01:11इन्होंने कहा कि भाई ठीक है सर 1793 के
1:01:14चार्टर एक्ट में शर्त देखते हैं उन्होने
1:01:16कहा कि भाई शर्तें सुनिए आप पहली बात आप
1:01:20अपना खर्चा वर्चा करने के बाद ब्रिटिश
1:01:23सरकार को 5 देंगे 5 लाख
1:01:26पाउंड हमारा क्या फायदा हो रहा है क्या
1:01:28रिन्यूअल कॉस्ट मान लो 5 लाख पाउंड हर साल
1:01:31रिन्यूअल एक बार होता है क्या हर साल 5
1:01:33लाख पाउंड आप देंगे एक बात दूसरी बात कोई
1:01:37आपका सीनियर
1:01:38ऑफिसर सीनियर
1:01:41ऑफिसर अगर अगर बिना बताए कहीं चला गया मान
1:01:44लो बोला कि हां हमारी बेटी का बर्थडे है
1:01:46वापस चला गया ब्रिटेन चला गया तो इन ट के
1:01:49समान े उसने रिजाइन ही कर दिया ऐसा नहीं
1:01:51हो सकता कि देखो क्या दिख रहा होगा
1:01:53ब्रिटेन सरकार को कि यहां के यहां के जो
1:01:55ऑफिसर्स हैं सीनियर ऑफिसर्स हैं उनमें
1:01:57डिसिप्लिन नहीं है राइट है ना डिसिप्लिन
1:01:59इनकल्केट्स वेरी वेरी इंपोर्टेंट कि यहां
1:02:01उनको बोला जाए कि आप ऐसा ऐसा एकदम से गायब
1:02:03नहीं हो सकते साहब राइट है ना आपको रहना
1:02:05पड़ेगा एप्लीकेशन देनी पड़ेगी छुट्टी
1:02:07मंजूर होगी तभी जाइएगा तो कुछ लोग बिना
1:02:09छुट्टी के भाग रहे थे है ना कि हां चलो
1:02:11घूम के आते हैं फिर वापस आएंगे देख लेंगे
1:02:12क्या ही अपना देश थोड़े राइट इस तरह सोच
1:02:14रहे थे तो सीनियर ऑफिसर अगर बिना बिना
1:02:17परमिशन के छुट्टी प गया तो मान लेंगे कि
1:02:19रिजाइन ही मार दिया इसने दोबारा उसको
1:02:21रीइंस्टेट करेंगे नहीं तो सीनियर ऑफिसर का
1:02:24सीधा रेजिग्नेशन मांग लेंगे प्लस प्लस एक
1:02:28और बात लिखते हैं कि इन्होंने कहा कि आज
1:02:30से आपको हम एक ऑप्शन दे रहे हैं प्रिविलेज
1:02:32ट्रेड
1:02:35का प्रिविलेज ट्रेड या फिर कंट्री ट्रेड
1:02:38भी कहते हैं बता रहा हू अभी इसके बारे में
1:02:40कह रहे इसके तहत इसके तहत ईस्ट इंडिया
1:02:43कंपनी क्या चालू कर लेगी ईस्ट इंडिया
1:02:45कंपनी ओपियम ट्रेडिंग
1:02:47चलेगी ओपीएम की ट्रेडिंग कर पाएगी है ना
1:02:50पहले एक बार नोट डाउन कर लेते हैं फिर जो
1:02:52है बात करते हैं इस ओपीएम की ट्रेडिंग हो
1:02:55पाएगी
1:02:56प्लस इन्होंने कहा कि हमारा जो भी खर्चा
1:02:59होता है ब्रिटेन का इंडिया को सं संभालने
1:03:02के चक्कर में बहुत सारा खर्चा हो जाता है
1:03:04वह सारा खर्चा भी क्या ईस्ट इंडिया कंपनी
1:03:06पे करेगी यस तो जो भी होम में घर पे जो भी
1:03:11खर्चा हो रहा है ईस्ट इंडिया कंपनी की वजह
1:03:13से वह सारा खर्चा इंडियन रेवेन्यू से पे
1:03:19होगा यहां की फीस यहां की सैलरी यहां के
1:03:22बच्चों के जो है स्कूल की फीस राइट ना की
1:03:24फीस हर कोई हर कुछ क्या होगा अब वो इंडियन
1:03:26रेवेन्यू के ऊपर चार्ज होगा ईस्ट इंडिया
1:03:28कंपनी पे
1:03:29करेगी प्लस प्लस एक और चीज उन्होंने कहा
1:03:32कि भाई जो है रेवेन्यू फंक्शन और जुडिशरी
1:03:36फंक्शन दोनों अलग करते
1:03:41हैं ये जो है दोनों फंक्शंस अलग होने
1:03:44चाहिए दोनों को मिक्स मैच मत करिए आइए
1:03:46समझते हैं कि क्या बात हो रही है 1793 में
1:03:48अलोंग विद दिस वी ऑलरेडी नो एक बात हमने
1:03:51कही कि प्लस 20 इयर्स कि अगला अगला मुद्दा
1:03:54होगा 20 साल बाद आइए समझते हैं कि क्या हो
1:03:57रहा है 1793 के आ तो 1793 मैंने कहा कि
1:04:00हां 20 साल के लिए एक्सटेंशन हो गया है यस
1:04:0220 साल के लिए एक्सटेंशन हो गया है कुछ
1:04:04शर्तों के साथ सब कुछ पे करने के बाद जो
1:04:08ब्रिटिश सरकार है वो भी कह र है हमको पैसा
1:04:09दो यार है ना क्या ही कर रहे हो तो यहां
1:04:11पे 5 लाख की डिमांड रखी है 5 लाख पाउंड आप
1:04:14हमको हर साल पे करेंगे कोई दिक्कत की बात
1:04:16नहीं दूसरी हम बात कर रहे थे एक और बात
1:04:18वेरी वेरी इंपोर्टेंट थिंग कि सारा
1:04:20अप्रूवल हम ही दे रहे हैं बट एक चीज ध्यान
1:04:22से समझो कि कौन गवर्नर बनेगा कौन गवर्नर
1:04:25जनरल बनेगा यह सारी बातें राइट है ना
1:04:27अपॉइंटमेंट ऑफ द गवर्नर जनरल गवर्नर्स एंड
1:04:31कमांडर इन चीफ ये जो तीन इंपॉर्टेंट पोस्ट
1:04:33है इसके लिए लगेगा रॉयल अप्रूवल वेरी वेरी
1:04:37इंपोर्टेंट पॉइंट रॉयल अप्रूवल लगेगा कहने
1:04:40का मतलब कि गवर्नर जनरल जो है वरन
1:04:44हेस्टिंग्स या फिर जो है लेट्स से वेलेजली
1:04:46बनेंगे कि नहीं बनेंगे इसके लिए इसके लिए
1:04:48रानी की परमिशन लगेगी यानी अपॉइंटमेंट अभी
1:04:51भी कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ही कर रहे हैं
1:04:53ईस्ट इंडिया कंपनी ही कर रही है लेकिन वो
1:04:55अपना अपना सुझाव देगी कि क्या वेली इजली
1:04:58को बना दे रानी के पास फाइल जाएगी रानी
1:05:00कहेगी हां ठीक है साइन कर देगी जाओ बना दो
1:05:02राइट तो अप्रूवल लग रहा है तो नाउ देयर इज
1:05:04रॉयल अप्रूवल
1:05:06फॉर रॉयल अप्रूवल एक और बात इसमें लिख लो
1:05:09देयर इज रॉयल
1:05:14अप्रूवल फॉर गवर्नर गवर्नर जनरल एंड
1:05:17कमांडर इन
1:05:19चीफ कि हां बॉम्बे का गवर्नर कौन बनेगा
1:05:22मद्रास का कौन बनेगा कमांडर इन चीफ कौन
1:05:23बनेगा गवर्नर जनरल कौन बनेगा सब जगह फाइल
1:05:25जाएगी रॉयल अप्रूवल लगेगा तभी बनेगा ऐसा
1:05:28मन मर्जी से ईस्ट इंडिया कंपनी अपना कुछ
1:05:30नहीं बना सकती दिस इज आल्सो इंपोर्टेंट कि
1:05:32इसका जो इंटरफरेंशियल
1:05:41सीनियर ऑफिशियल की बात मैंने बताई कि अगर
1:05:43विदाउट परमिशन अगर ये गए क्योंकि ऐसा हो
1:05:45रहा होगा डिसिप्लिन नहीं रहा होगा है ना
1:05:47कि अगर ये विदाउट परमिशन गए तो हम मान
1:05:48लेंगे रिजाइन कर दिया तुमने दोबारा वापस
1:05:50नहीं आओगे वापस नहीं लेंगे तुम राइट प्लस
1:05:53प्लस लाइसेंस की बात करी मैंने कि हां
1:05:55इंडिविजुअल्स को कि कंपनी चाहे तो अपने
1:05:58किसी एंप्लॉय को लाइसेंस दे सकती है कि वो
1:06:01लोग अपने अंडर ट्रेड करें क्या मतलब हुआ
1:06:03इसका आइए समझते तो यह कहना चाह रहे हैं
1:06:08ईस्ट इंडिया
1:06:09कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी अपने किसी
1:06:12एंप्लॉई लेटस से नाम है उसका
1:06:15रॉबिन रॉबिन को परमिशन दे दे कि रॉबिन तुम
1:06:19हमारे एंप्लॉई हो और तुम ट्रेडिंग कर सकते
1:06:22हो तुम्हारी प्रिविलेज है यू कैन हैव
1:06:25प्रिविलेज प्रिविलेज ट्रेडिंग इसका मतलब
1:06:29कि ईस्ट इंडिया कंपनी इंडिया से ब्रिटेन
1:06:32ट्रेड कर रही है चाइना के साथ भी ट्रेड कर
1:06:35रही है हां ठीक है बट हमारे साथ-साथ
1:06:37पैरेलल रॉबिन भैया भी ट्रेडिंग कर सकते
1:06:40हैं ऐसा भी अलाउड रॉबिन रॉबिन यहां का
1:06:44सामान वहां भेज सकते हैं यहां से सामान
1:06:46इधर भेज सकते हैं पॉसिबल अब ऐसी बात क्यों
1:06:48कही गई ऐसा क्यों कर सकते हैं एक्चुअली
1:06:50ईस्ट इंडिया कंपनी करना चाहती है अफीम में
1:06:52ट्रेडिंग ओपीएम
1:06:55चाइना कुछ पैसा वैसा उनसे लेता नहीं था
1:06:57राइट है ना कि उन चाइना कह रहा था कि
1:06:59हमारे काम के कोई सामान दोगे तो हम लेंगे
1:07:01वरना तुमसे ट्रेडिंग नहीं करेंगे राइट
1:07:02प्लस उसे कौन सोना मुना दे तो यहां पर
1:07:05क्या करते थे ये लोग चाइना से सामान
1:07:07खरीदने के लिए वहां पे अफीम लेके जाते थे
1:07:10तो अब ये जो अफीम लेके जाएगा यह रबिन लेके
1:07:13जाएगा चाइना को अफीम दे देंगे बदले में
1:07:16चाइना से चाय वगैरह ले लेंगे जो भी चाहिए
1:07:18होगा राइट चाय वगैरह ले लेंगे और ले जाके
1:07:20बेच देंगे ब्रिटेन में तो दिस दिस
1:07:22प्रिविलेज ट्रेडिंग इज बेसिकली मेंट टू डू
1:07:25ओपियम
1:07:27ट्रेडिंग ये थोड़ा बैक डोर से ओपियम
1:07:29ट्रेडिंग स्टार्ट करना
1:07:31चाहते राइट बट ऑफिशियल शायद नहीं करना चाह
1:07:33रहे दैट इज द रीजन दे आर लाइक कि हां चलो
1:07:35हमारा रॉबिन कर देगा ये राइट तो रॉबिन के
1:07:38ऊपर पूरी गोली चला दी इन्होंने कल को कुछ
1:07:40होगा तो रबिन को ही सैक्रिफाइस कर देंगे
1:07:41क्या यही आदमी था और फीम ट्रेडिंग करता था
1:07:43बताता नहीं था मैं इस तरह काछ कुछ यहां पे
The Charter Acts
1:07:45करना चाह रहे हैं तो सो बिकॉज ऑफ दिस अफीम
1:07:48ट्रेडिंग विल स्टार्ट ओपियम ट्रेडिंग विल
1:07:50स्टार्ट ये जो उन्होंने कर दिया तो ओपियम
1:07:52टू चाइना दिस इज समथिंग दे वांट टू
1:07:53स्टार्ट इसी को प्रिविलेज ट्रेडिंग या
1:07:55कंट्री ट्रेड कहा जाता है नाउ अनदर थिंग
1:07:58अनदर थिंग तो ये हमने बात करी दूसरा हमने
1:08:00एक पॉइंट लिखा था एक हमने बात करी जो है
1:08:03प्रिविलेज ट्रेड की ईस्ट इंडिया कंपनी
1:08:05ओपीएम ट्रेडिंग करवा रहा है टू चाइना
1:08:08दूसरा रेवेन्यू और जुडिशरी अलग करना चाहते
1:08:11हैं अब हो क्या रहा था कि जो जैसे कलेक्टर
1:08:15है किसी डिस्ट्रिक्ट में
1:08:19कलेक्टर
1:08:21कलेक्टर अब कलेक्टर जो है वो रेवेन्यू का
1:08:24हेड
1:08:24है रेवेन्यू इंचार्ज यही है पूरा रेवेन्यू
1:08:27यही देखता है अब मान लो किसी मुद्दे को
1:08:30मान लीजिए मुझे कोई दिक्कत हुई राइट है ना
1:08:33है ना रेवेन्यू रिलेटेड मुझसे ज्यादा पैसा
1:08:35इकट्ठा कर लिया है अब मुझसे ज्यादा पैसा
1:08:37इकट्ठा कर लिया है इस बात की कंप्लेन करने
1:08:39के लिए मैं गया कोर्ट
1:08:41में है ना कोर्ट में गया मैंने शिकायत कर
1:08:44दी कि देखो मेरे साथ कितना गलत हुआ है यह
1:08:46कलेक्टर देखो मेरे साथ धोखा करता है मुझसे
1:08:48₹1 की जगह 000 ले लिया है इस कलेक्टर को
1:08:51फायर कर दो निकाल दो और फिर मैंने देखा कि
1:08:53कि कुर्सी के ऊपर कुर्सी के ऊपर यही आदमी
1:08:56बैठा हुआ है जिसकी मैं शिकायत कर रहा था
1:08:59राइट दिक्कत हो गई मैंने कहा अरे सॉरी मैं
1:09:01मजाक कर रहा था ऐसे ही बोल दिया मैंने
1:09:02राइट दिल से नहीं वापस मेरी फाइल वापस दे
1:09:04दीजिए ऐसा लेके मैं घर चला जाऊंगा तो कहने
1:09:06का मतलब कि दिस इज अगेंस्ट नेचुरल जस्टिस
1:09:09कि हां जिसके खिलाफ कंप्लेन हो रही है वही
1:09:11आदमी उसका हेड बना हुआ है वही आदमी उसका
1:09:13सुपरवाइजर है टेक्निकली तो उसी के खिलाफ
1:09:15कंप्लेन कैसे कर दूंगा मैं तो इट इज वेरी
1:09:17वेरी इंपोर्टेंट कि जो रेवेन्यू फंक्शन
1:09:20है और जो जुडिशरी फंक्शन है ये अलग होना
1:09:23चाहिए
1:09:24लॉजिकल कॉमन सेंसिकल उने य कॉमन सेंस वाली
1:09:27काम कर देते हैं यह कोई बहुत बड़ा काम
1:09:29नहीं है कॉमनस काम है अलग कर दो तो यहां
1:09:32पर कुछ माल अदालत का कांसेप्ट होता था
1:09:33जिसम ऐसा होता था माल अदालत यहां से गायब
1:09:36हो जाएंगी जहां पर रेवेन्यू और य दोनों
1:09:38मिक्स हो रही थी बात यह फिर आगे नहीं रहे
1:09:41दिस वन थिंग
1:09:42दे इसके साथ साथ होम चार्जेस का कांसेप्ट
1:09:45समझते होम
1:09:47गवर्नमेंट वट इस होम
1:09:50चार्जेस जो ब्रिटेन है ब्रिटेन ब्रिटिश
1:09:55सरकार ब्रिटिश सरकार बोले तो जो घर है होम
1:09:59है उनका दिस
1:10:00होम फिलहाल ब्रिटिश सरकार कह रही है यह जो
1:10:04हमने बोर्ड ऑफ कंट्रोल
1:10:06बनाया आपको कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को हैंडल
1:10:09करने के लिए सारा अप्रूवल देने के
1:10:14लिए राइट है ना अब इसमें क्या है कि हां
1:10:17ऑफिस का खर्चा है प्रिंटर लगा रखा है राइट
1:10:21है ना
1:10:22काग साइ वगैरह आता है चाय लोग पीते हैं
1:10:25राइट ऑफिस का किराया जा रहा है बिजली का
1:10:27बिल जा रहा है एसी लगा रखा है हीटर लगा
1:10:28रखा है राइट बड़ा खर्चा हो रहा है भाई
1:10:31प्लस प्लस हमारे बहुत सारे ऑफिसर को हमें
1:10:33भेजना पड़ता है इंडिया कभी आर्मी के रूप
1:10:37में कभी किसी और रूप में राइट प्लस ये जो
1:10:39ये जो जो जाते हैं उनकी सैलरी यह भी तो
1:10:42हमारा खर्चा है ये वापस आ जाते हैं फिर
1:10:44इनकी पेंशन यह भी हमारा खर्चा है राइट कभी
1:10:47कभी आप लोग वॉर कर देते हैं यहां पे वॉर
1:10:50के चक्कर में वर को संभालने के चक्कर में
1:10:52जो है यू नो फिर से से हमारा खर्चा हो
1:10:54जाता है तो ये जितना भी कुछ खर्चा है राइट
1:10:57चाहे तेल से लेकर जो है वर तक राट जो भी
1:10:59कुछ खर्चा है जो तुम्हारी वजह से हुआ है
1:11:03राइट तुम ही लोगों की हरकतों की वजह से
1:11:04हमारा ये सारा खर्चा हो रहा है तुम्ह
1:11:06कंट्रोल करने के चक्कर में हमारा खर्चा जा
1:11:07रहा है ऑल दज एक्सपेंसेस आर एक्चुअली होम
1:11:13चार्जेस अभी जो होम चार्जेस का बिल है यह
1:11:16बिल भेज दिया जाएगा किसको कहेंगे तुम पे
1:11:18करो और ये लोग कहां से पे करेंगे कहेंगे
1:11:21इंडियन रेवेन्यू से पे करो भाई
1:11:25यहां जहां वहां जो जितना कमा रहे हो राइट
1:11:27इंडियन रेवेन्यू में कितना भी कमा रहे हो
1:11:29उसी में से जो है आप पे कर
1:11:32दीजिए प्लस प्लस हमको जो है 5 लाख तो
1:11:35दीजिए ही दीजिए वो तो बोला ही बोला था
1:11:38राइट 5 लाख के अलावा ये खर्चा अलग है ये
1:11:40नहीं कि हमारा पूरा खर्चा ही 5 लाख करा
1:11:42दिया हमको कुछ नहीं मिला तो डज नॉट मेक
1:11:44सेंस तो उन्होंने एक 5 लाख की डिमांड करी
1:11:47और प्लस इन्होंने कहा होम चार्ज जितना
1:11:48खर्चा हो रहा है ये नहीं कि हां हमारा
1:11:50खर्चा ही हो गया 5 लाख तुमसे लिए पूरे
1:11:51खर्च हो गए डज नॉट मेक सेंस तो खर्चा अलग
1:11:54पे करोगे और 5 लाख अलग पे करोगे तो ये होम
1:11:57चार्जेस भी इन्होंने ऐड कर रखे हैं टोटल
1:11:59बिलिंग में दिस इज वन थिंग और ये यहां से
1:12:01जो है आपके 1793 से चलता रहेगा दिस विल गो
1:12:04टिल 1919 राइट है ना कि ऑलमोस्ट आप समझिए
1:12:08तो जो है सवा सवा साल हम लोग ये सारा जो
1:12:11खर्चा है ये सैलरी वैलरी हमारे हमारे पूरे
1:12:13रेवेन्यू से हमारे सिस्टम में से निकल
1:12:15निकल के जाती रहेगी दिस इज आल्सो वन ऑफ द
1:12:17ड्रेन कि हमारा पैसा ड्रेन हो रहा है ये
1:12:19हमारा रेवेन्यू है और इनको पे किए जा रहे
1:12:20है ये 5 लाख 5 लाख जो जा रहा है वो तो जा
1:12:22ही रहा है बट इसके अलावा ये भी जा रहा है
1:12:24तो अच्छा खासा खर्चा है होम चार्जेस राइट
1:12:26तो होम चार्जेस 1793 में दिस कैन बी वन
1:12:29वैसे आप पूछ चुका है एक बार जो है
1:12:31प्रेजेंस में होम चार्जेस बट हां फिर से
1:12:33ऐसा सवाल आ सकता है रिलेटेड सवाल आ सकता
1:12:34है होम चार्जेस पे यस तो होम चार्जेस इज
1:12:37वन थिंग व्हिच इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट जो
1:12:39कि इंडियन रेवेन्यू पे पे हो रहा है एक
1:12:40बार सराइज करते हैं 1793 1793 हमने कहा ₹
1:12:43लाख और होम चार्जेस दिस इज वन थिंग
1:12:45रेवेन्यू जुडिशरी अलग कर दिया जाए एक
1:12:47प्रिविलेज ट्रेड का कांसेप्ट रहा है कि
1:12:49हां ओपीएम ट्रेडिंग चाइना से हो पाएगी तो
1:12:51वो एक अलग कर दिया सीनियर ऑफिसर्स के रिक
1:12:53की बात करी प्लस गवर्नर जनरल और कमांडर इन
1:12:56चीफ इन सबका जो है अपॉइंटमेंट के लिए
1:12:58लगेगा अप्रूवल दिस इ योर 1793
1:13:02का चलिए बढ़ते अगले एक्ट में च ओबवियसली
1:13:05आपको पता है कि हा वो आ रहा है 17 सॉरी
1:13:0818 नेक्स्ट एक्ट 183
1:13:13काट एक्ट ऑफ
1:13:1618 18 आइए
1:13:19देखते कहानी और आगे
1:13:22बढ़ाते
1:13:271813 1813 तक जाते जाते कहानी काफी बदल से
1:13:31चुकी है राइट है ना आइए समझते
1:13:35हैं बाय
1:13:39183 ब्रिटेन ने काफी कुछ फेस किया हुआ
1:13:43है ब्रिटेन में एक तो इंडस्ट्रियल
1:13:46रेवोल्यूशन जो था इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन
1:13:49यह अच्छा खासा ग्रो कर गया था यानी कि देर
1:13:53लॉट ऑफ प्राइवेट
1:13:56कंपनीज जो बिकॉज ऑफ इंडस्ट्रियल
1:13:59रेवोल्यूशन दे आर इनटू मैन्युफैक्चरिंग यह
1:14:01कुछ कुछ बनाते
1:14:04हैं यह मैन्युफैक्चरिंग करते हैं यह कुछ
1:14:07कुछ बनाते हैं राइट अब ये लोग क्या है ये
1:14:09जो प्राइवेट कंपनीज है प्राइवेट कंपनीज कह
1:14:12रही है कि साहब हम उड़ना चाहते हैं दौड़ना
1:14:14चाहते भागना चाहते हैं राइट है ना तो जो
1:14:17यहां की सरकार है ब्रिटिश गवर्नमेंट है ना
1:14:20ब्रिटिश गवर्नमेंट ऐसे शिकायत कर रही है
1:14:23गवर्नमेंट साहब है ना हम उड़ना चाहते
1:14:26भागना चाहते दौड़ना चाहते बहुत धंधा करना
1:14:28चाहते खूब पैसा कमाना चाहते तो सरकार पूछ
1:14:31रही क्या हुआ करो जाके जो करना है करो क र
1:14:33नहीं नहीं नहीं समझे नहीं आप बात को हो
1:14:35क्या रहा है कि हम जाना चाहते हैं
1:14:39इंडिया हम ट्रेड करना चाहते हैं यह जो
1:14:42मैन्युफैक्चरिंग है यह इंडिया हमें हम
1:14:44ट्रेड करना चाहते हैं सामान बेचना चाहते
1:14:46हैं इंडिया में इंडिया को मार्केट बनाना
1:14:48चाहते वी वांट की इंडिया शुड बिकम आवर
1:14:51मार्केट ऐसा चाहते
1:14:54बट अभी तो हम इंडिया की मार्केट है
1:14:56टेक्निकली अब तक जो है अब तक ईस्ट इंडिया
1:14:59कंपनी ही वहां से सामान खरीद के उल्टा
1:15:02लेकर आ रही है तो अब तक तो गंगा उल्टा बह
1:15:04रही है राइट नाउ वी नीड टू डू समथिंग एल्स
1:15:07हमें मार्केट बनानी है ईस्ट इंडिया कंपनी
1:15:09ये वाला काम कर रही है वहां से सामान लेकर
1:15:11आ रही है राइट है ना प्लस प्लस ईस्ट
1:15:13इंडिया कंपनी की मोनोपोली भी
1:15:19है ईस्ट इंडिया कंपनी की मोनोपोली है ईस्ट
1:15:21इंडिया कंपनी जो चाहेगी वही होगा
1:15:23हम लोग क्या ऐसा कर सकते हैं यहां जा सकते
1:15:26हैं नहीं साहब रास्ता ब्लॉकड राइट बिकॉज
1:15:29ऑफ द मोनोपोली ऑफ ईस्ट इंडिया कंपनी ये जो
1:15:31प्राइवेट कंपनी ग्रो हुई है इंडस्ट्रियल
1:15:33रेवोल्यूशन हो चुका है 1757 से यह शुरू हो
1:15:36चुका था अब जो है अब 60 साल हो चुके हैं
1:15:40तो कह रहे हैं कि भाई हमको हमको एंट्री दो
1:15:42इंडियन मार्केट में इंडिया को मार्केट की
1:15:44तरह ट्रीट करना है अपना सारा सामान ले आके
1:15:46डंप कर देना इंडिया में खूब पैसा कमाना है
1:15:49अब ब्रिटिश गवर्नमेंट कह रही बात तो
1:15:50तुम्हारी ठीक है साहब जो है सही तो कह रहे
1:15:52हो गलत तो नहीं कह रहे हो प्लस यह धंधा
1:15:54पुराना हो चुका है क्या ये वाकई काम का
1:15:56धंधा है कह रहे है ना यह बात ठीक कह रहे
1:15:59हैं कि प्राइवेट कंपनी का कुछ होना चाहिए
1:16:01मीनवाइल
1:16:031800 के दौर में 1800 तक आते आते एक और
1:16:06बात हुई ब्रिटेन ने एक और झटका फेस किया
1:16:11नेपोलियन तो नेपोलियन ने क्या कर दिया
1:16:14नेपोलियन ने कह दिया कि जो है तुम बहुत
1:16:16बड़े ट्रेडर हो तो अपनी ट्रेडिंग अपने पास
1:16:18रखो यहां पे यूरोप की तरफ ट्रेड करने की
1:16:21जरूरत नहीं है तो यह सारे रास्ते बंद कर
1:16:24दिए उसने यूरोप की तरफ दिस इज कॉन्टिनेंटल
1:16:27सिस्टम ऑफ
1:16:28यूरोप कॉन्टिनेंटल सिस्टम ऑफ
1:16:33नेपोलियन कॉन्टिनेंटल सिस्टम ऑफ नेपोलियन
1:16:36तो अब क्या है कि हां भाई एक कॉन्टिनेंटल
1:16:38सिस्टम ऑफ नेपोलियन भी है और बाकी कंपनीज
1:16:40कह रही हमको भी ट्रेड करना है ये मोनोपोली
1:16:41का आइडिया ठीक नहीं है लेस फेयर इज कि हां
1:16:44फ्री हैंड होना चाहिए राइट है ना कि हां
1:16:46बिजनेस में कैपिट इज्म में फ्री हैंड होना
1:16:48चाहिए ऐसा ऐसा आपने किसी प्राइवेट कंपनी
1:16:51को प्राइवेट कंपनी को इतना हक दे रखा है
1:16:53दिस इज नॉट करेक्ट प्लस प्राइवेट कंपनी
1:16:55यहां भी झटका खा चुकी है नेपोलियन की वजह
1:16:57से तो प्राइवेट कंपनी वैसे भी रो ही रही
1:17:01थी राइट एंड नाउ इट इज रिक्वायर्ड कि इस
1:17:04प्रॉब्लम को सॉल्व किया जाए अब ऐसे में
1:17:061813 में चार्टर खत्म हो रहा था और शर्तें
1:17:09देने का वक्त आ रहा था तो हुआ कि चलो भाई
1:17:11शर्त शर्तें चिपका देते हैं राइट है ना तो
1:17:14यस स नाउ इट इज लाइक कि हां जो है शर्तें
1:17:17चपकाई जाए है ना ये हो हल्ला हो रहा है कि
1:17:19भाई हमको भी हक दो हमको भी हक दो प्लस
1:17:21कॉन्टिनेंटल सिस्टम आ चुका है अब जो है वो
1:17:23ट्रेड ही नहीं कर पा रहे बेचारे तो अब ये
1:17:25दिक्कत हो चुकी है बिकॉज ऑफ नेपोलियन
1:17:30नाउ तो पहले इन्होंने कहा सबसे पहली बात
1:17:33कि सर आज से आज से और अभी से आपकी जो
1:17:37मोनोपोली है राइट है ना मोनोपोली मोनोपोली
1:17:40जो है वो आपकी हटाई जा रही है वन थिंग इज
1:17:42कि कंपनी की मोनोपोली ओवर ट्रेड इन इंडिया
1:17:46यह एंड हो गई वेरी वेरी इंपोर्टेंट पॉइंट
1:17:491813
1:17:52में ट्रेड
1:17:56मोनोपोली इज ओवर तो कंपनी रोने लगी कंपनी
1:18:00कह रही है इतने सालों से हमने आपसे
1:18:01वफादारी के साथ काम किया है आज रातों रात
1:18:03आपने हमको निकाल दिया मोनोपोली हमारी खत्म
1:18:06करने दे रहे हो कह रहे अरे मोनोपोली खत्म
1:18:07कर रहे हैं ट्रेड अभी भी कर सकते हो दोस्त
1:18:09राट ऐसा नहीं ट्रेड ही बंद कर दिया तुमसे
1:18:11कह दिया तुम ट्रेडिंग नहीं करोगे कल से घर
1:18:13प बैठोगे ऐसा कुछ नहीं बोला खाली मोनोपोली
1:18:15खत्म करिए मतलब बाकी लोग भी ट्रेडिंग
1:18:17करेंगे राइट तब भी कंपनी रोने लगी कि सर
1:18:19वैसे नुकसान में चल रहे थे दिवाली आ रही
1:18:20है इतना खर्चा है नए कपड़े सिलवाने ऐसे
1:18:22करके रोने लग कह रहा अच्छा ठीक है ठीक है
1:18:24तुम्हारा फायदेमंद ट्रेड क्या है कह रहा
1:18:26चाय कह रहा और चाइना कह रहा ठीक है तो ऐसा
1:18:29कर लो कि तुम एक्सेप्ट चाय और चाइना तो टी
1:18:33चाइना ट्रेडिंग और टी ट्रेडिंग राइट ये
1:18:36दोनों रहने दो और बाकी बाकी जो है
1:18:39मोनोपोली आपकी खत्म करके जाती है तो ट्रेड
1:18:42मोनोपोली पूरी बंद कर दी गई बाकी सारे लोग
1:18:44भी ट्रेड करेंगे ईस्ट इंडिया कंपनी की
1:18:45स्पेशल कोई प्रिविलेज नहीं है बट सिर्फ और
1:18:47सिर्फ चाय और चाइना के साथ ट्रेडिंग में
1:18:49ट्रेड मोनोपोली ईस्ट इंडिया कंपनी की
1:18:51बरकरार है ये बात उन्होंने कहा कि चलिए बर
1:18:53करा है मैंने कहा ठीक है भाई और बताइए तो
1:18:56दिस इज वन थिंग राइट है ना बिकॉज़ हमने
1:18:58समझा कि ऐसा माहौल बन गया था अनदर थिंग जो
1:19:00है बाकी 1813 में तो 1813 में उसके अलावा
1:19:03उन्होंने कहा 20 साल बढ़ा देंगे हां ये तो
1:19:05हम ऑलरेडी जानते हैं राइट 20 साल प्लस जो
1:19:07भी शेयर होल्डर है उनको सा 10 पर का शेयर
1:19:09होल्डर ज स्टेक दे दिया डिविडेंड सॉरी
1:19:11डिविडेंड दे दिया अगेन नॉट वेरी
1:19:12इंपोर्टेंट पॉइंट ठीक है दे
1:19:15दिया नाउ अब धीरे-धीरे क्या है शिकंजा
1:19:17थोड़ा और बढ़ रहा है पावर ऑफ बोर्ड ऑफ
1:19:19कंट्रोल थोड़ा और बढ़ा दिया गया ठीक है
1:19:20बढ़ा दिया गया ओके और बताइए
1:19:23नाउ नाउ अब ब्रिटेन क्या सोच रहा है
1:19:25ब्रिटेन सोच रहा है कि भाई अब हमको ना
1:19:27कल्चरल कॉन्कस भी करना है हमें हमें
1:19:29इंडिया में अब हमने अपनी टेरिटरी वगैरह
1:19:31बना दी 1813 तक आते-आते बाय 1813
1:19:36समझिए बाय 1813 मराठस के साथ भी ट्रीटी हो
1:19:40चुकी थी मैसौर के साथ भी ट्रीटी हो चुकी
1:19:41थी ये अपना जो है ये एरिया मद्रास वाला
1:19:44एरिया अपने पास ऑलरेडी था बंगाल बिहार
1:19:46ओरिसा ऑलरेडी था अवध अवध भी जो है अपने
1:19:48साथ सब्सिडरी में था प्लस राजस्थान का
1:19:51बहुत एरिया सब्सिडरी में था तो टेक्निकली
1:19:53इंडियन एंपायर काफी हद तक एक्सपेंड हो
1:19:55चुकी थी हो रही थी राइट अब ऐसे में ऐसे
1:19:58में उनको लग रहा है कि नाउ वी हैव टू गो
1:20:00डीपर कि हमने पॉलिटिकल कंट्रोल बना दिया
1:20:03है पॉलिटिकल कंट्रोल के साथ-साथ आदमी के
1:20:05ऊपर भी कंट्रोल करना होगा राइट जो इंडियन
1:20:08है भारतीय जो है मानसिकता है जो भारतीय
1:20:11आदमी है सोसाइटी है इसके ऊपर भी हमारा
1:20:13दबाव होना चाहिए दबदबा होना चाहिए अब उसके
1:20:15लिए जरूरी है कि कल्चरल कॉन केस करने के
1:20:17लिए कि जो भी कल्चरल रिलेटेड बातें हैं
1:20:20उसमें भी हम लोग परकलेट कर जाए घुस जाए अब
1:20:22ऐसा तब होगा जब आप हमारे धर्म में घुस जाए
1:20:25आप हमारी एजुकेशन सिस्टम में घुस जाएं तब
1:20:27जो है एक यह नेक्स्ट लेवल ऑफ़ परपुले होता
1:20:29है है ना हमने पहले बात करी थी कॉलोनी
1:20:32क्या होती है तो कॉलोनी इज़ नॉट ओनली
1:20:34पॉलिटिकल कॉन्टेस्ट नॉट ओनली इकोनॉमिक
1:20:36कॉंक्ड बट इट इज आल्सो कल्चरल कॉन्टेस्ट
1:20:39वो बात याद करते हुए बढ़ते हैं तो हमें
1:20:41याद उसके हिसाब से यहां पे ये लोग कहेंगे
1:20:44कि हर साल ₹1
1:20:46लाख आपको खर्च करना होगा किस चीज के ऊपर
1:20:49एजुकेशन के ऊपर यहां लिटरेचर लर्निंग और
1:20:52साइंस
1:20:53ऐसा लिखा कि लिटरेचर लर्निंग लिटरेचर और
1:20:55साइंस दोनों के ऊपर आप खर्चा करेंगे किसके
1:20:58ऊपर है ना नेटिव के ऊपर भारतीयों के लिए
1:21:00ऐसा नहीं अपने ही बच्च को पढ़ा दिया प्लस
1:21:02प्लस हर साल हर साल ऐसा लाख का खर्चा तो
1:21:06एजुकेशन की जिम्मेदारी पहली बार अंग्रेजों
1:21:08ने उठाई यस हालाकि जिम्मेदारी में भी कहीं
1:21:12ना कहीं जो है उन्हीं का फायदा है बट यह
1:21:14जिम्मेदारी का उन्होने कम से कम नाम तो
1:21:16लिया तो एक इन्होने बात कही एक लाख रुप
1:21:20लाख रुप एनुअली
1:21:24किस चीज के ऊपर एजुकेशन के ऊपर एजुकेशन के
1:21:27ऊपर एक लाख रप जो है हर साल आप खर्च
1:21:29करेंगे ऐसा करके इन्होने कहा देन देन
1:21:33नेक्स्ट इन्होने कहा कि हां जो है जो भी
1:21:36जो भी
1:21:39आपकी
1:21:42या इसी इसी को बात को पहले और बढ़ाते इसके
1:21:45साथ इन्होने कहा कि जो क्रिश्चन मिशनरीज
1:21:46है क्रिश्चन मिशनरी राइट है ना क्रिश्चन
1:21:49मिशनरीज को भी आप परमिट कर देंगे यस
1:21:51क्रिश्चन मिशनरी आर आल्सो अलाइन ये अभी
1:21:53हमने पीछे बात करी कल्चरल कॉन्कस की तो
1:21:55कल्चरल कॉन्कस का मतलब कि रिलीजन में भी
1:21:57एंट्री होनी चाहिए अभी तक ईस्ट इंडिया
1:22:00कंपनी क्रिश्चियन मिशनरीज को बहुत सपोर्ट
1:22:02नहीं करती थी अब तक यह जो भी क्रिश्चन
1:22:04क्रिश्चियनिटी फैली है वो विद द हेल्प ऑफ
1:22:06डच फैली है अब तक अंग्रेजों ने बहुत
1:22:08सपोर्ट या ईस्ट इंडिया कंपनी ने बहुत
1:22:10सपोर्ट प्रोवाइड नहीं किया था क्रिश्चन
1:22:11मिशनरी भी रोना रो रही थी कि हमको भी
1:22:13एंट्री करने दो भाई क्या कर रहे हैं हमें
1:22:14सपोर्ट नहीं मिल रहा तो इस बार
1:22:16एक्सप्लिसिट लिख दिया गया कि आइंदा से आप
1:22:18क्रिश्चियन मिशनरीज को सपोर्ट करेंगे तो
1:22:21इसमें क्रिश्चियन मिशन के लिए भी सपोर्ट
1:22:23है क्रिश्चन मिशनरीज का भी सपोर्ट की
1:22:27एंट्री अलाउड है राइट आप उनको सपोर्ट
1:22:29प्रोवाइड करेंगे तो सस टू पॉइंट्स आर
1:22:32अबाउट टेक्निकली कल्चरल
1:22:36कंस्ट यहां से एजुकेशन पॉलिसी शुरू होगी
1:22:39जब हम एजुकेशन की बात करेंगे आई थ दो
1:22:41चैप्टर बाद एजुकेशन राइट है तो कल्चरल
1:22:44कंस्ट नेक्स्ट नेक्स्ट देर आल्सो टॉकिंग
1:22:47अबाउट की जो
1:22:50है या कि जो बाकी की जो आपके चेंबर्स हैं
1:22:54राइट ये थोड़ा सा कंट्रोल की बात एक और है
1:22:56इसमें कह रहे हैं कि जो आपकी मद्रास
1:22:59बॉम्बे और कोलकाता की काउंसिल्स हैं ये जो
1:23:01भी डिस्कशन हो रहा है ये ब्रिटिश
1:23:03पार्लियामेंट के सामने रखो हम लोग डिस्कस
1:23:05करेंगे हम जानना चाहते हैं तो ब्रिटेन
1:23:07सरकार कह रही है कि हम जानना चाहते हैं कि
1:23:09तुम लोग काउंसिल बैठ गए ऐसा तो नहीं चाय
1:23:10और पोहा खा रहे हो राइट ऐसा तो नहीं कि
1:23:12हां डिस्कशन हो ही नहीं रहा है वी वांट टू
1:23:14अंडरस्टैंड दैट तो दैट इज द रीजन कि आप ये
1:23:16जो भी कुछ वहां पे डिस्कशन हो रहा है
1:23:17बातें हो रही है सब हमको हमको भिजवाई है
1:23:19हम पढ़ना चाहते हैं जानना चाहते हैं क्या
1:23:21बात हुई फिर उसने क्या कहा फिर उसने क्या
1:23:23कहा तो जो भी आपके गवर्नर डिस्कस कर रहे
1:23:24हैं गवर्नर और गवर्नर जनरल जिनको हमने
1:23:27अप्रूव करके भेजा है रॉयल अप्रूवल के बाद
1:23:29वी वांट टू नो कि वहां पे जाके उन्होंने
1:23:30क्या परफॉर्म किया तो दैट इज द रीजन कि
1:23:33हां ये भी फाइल है हमको भेजो यस राइट सो
1:23:36नाउ इट इज लाइक कि हां धीरे-धीरे अब वो
1:23:38अपना हक और जताते जा रहे हैं नाउ दिस इज
1:23:40आइ कॉन्स्टिट्यूशन पोजीशन ऑफ द ब्रिटिश
1:23:42टेरिटरीज इंडिया वाज दस एक्सप्लीसिटली
1:23:44डिफाइंड फॉर द फर्स्ट टाइम कि अब आप
1:23:46अंग्रेजों के अंदर है अंग्रेजों के
1:23:47कंट्रोल में प्लस इन्होंने एक और बात कहा
1:23:50कि ये जो फाइल आप लोग बनाते हैं आप लोग
1:23:53गुच मुछड़ कर देते हैं पूछा सर क्या गुच
1:23:55मुछड़ हो रहा है कह रहे हैं एक आपका
1:23:57कमर्शियल फंक्शन है एक आपका टेरिटोरियल
1:23:59रेवेन्यू है है ना दो तरह का पैसा आप लोग
1:24:01कमाते हैं एक आपका कमर्शियल रेवेन्यू है
1:24:03एक आपका टेरिटोरियल रेवेन्यू है एक आप
1:24:05लैंड रेवेन्यू से कमाते हैं एक अपने धंधे
1:24:07से कमाते हैं बिजनेस से कमाते हैं इन
1:24:09दोनों फाइलों को अलग रखा करो तुम लोग सेम
1:24:11जगह एंट्री कर देते हो राइट है ना पढ़ने
1:24:14में नहीं आता फिर हम कंफ्यूज होने लगते
1:24:15हैं कि ये पैसा इधर का है कि इधर का है तो
1:24:17ये हम ठीक से एंट्री कर नहीं पा रहे
1:24:19अकाउंटिंग इशू है वी वांट कि आइंदा से आप
1:24:21लोग दो सेपरेट फाइल बनाइए राइट सेपरेट
1:24:24अकाउंट बनाइए एक तरफ अपना कमर्शियल
1:24:26ट्रांजैक्शन रखिए एक तरफ अपना टेरिटोरियल
1:24:28रेवेन्यू
1:24:29रखिए तो बोर्ड ऑफ कंट्रोल अब क्या है
1:24:32धीरे-धीरे अब जो है अपना पावर डिफाइन कर
1:24:34रहा है कि हम तुम्हारा रेवेन्यू समझना
1:24:37चाहते हैं जानना चाहते हैं सोर्स समझना
1:24:39चाहते हैं राइट किस तरह से बढ़ेगा ये
1:24:41जानना चाहते हैं तो टेक्नी टेक्निकली
1:24:43बोर्ड ऑफ कंट्रोल का पावर जो है वो
1:24:45धीरे-धीरे हमें यहां पे बढ़ता हुआ सर नजर
1:24:47आ रहा है या तो दिस इज दिस इज दी एक्ट ऑफ
1:24:511813 जिससे हमने कहा कि जो भी आपकी
1:24:54गवर्नर्स की काउंसिल्स
1:24:57है गवर्नर्स का
1:25:00डिस्कशन गवर्नर्स कोई भी गवर्नर हो गवर्नर
1:25:02जनरल भी हो क्यों ना तो ये ब्रिटिश
1:25:05पार्लियामेंट सुनना चाहती है देखना चाहती
1:25:07है जानना चाहती
1:25:09है प्लस ये कह रहे हैं कि हां जो
1:25:12ट्रांजैक्शन है जो रेवेन्यू है तो
1:25:15टेरिटोरियल रेवेन्यू के सेपरेट रजिस्टर
1:25:18ऐसा करके लिख लीजिए रेवेन्यू कह रहे एक
1:25:21कॉपी और खरीद लो भाई इतना पैसा मत बचाओ
1:25:24रजिस्टर रजिस्टर हम भिजवा देंगे बट आप अलग
1:25:27अलग लिखो रेवेन्यू के सेपरेट रजिस्टर होने
1:25:30चाहिए दिस आल्सो हैपन इन
1:25:331830 ना फिर से ही 20 साल राइट 20 साल बाद
1:25:37फिर से हुआ कि हा चार्टर खत्म हो रहा है
1:25:39फिर से जो है फिर से हमको क्या करना है
1:25:40फिर से इसको रिवाइज करना है देन अगली
1:25:43समस्या उठी 1833 में
1:25:471833 18 आ बात करते 183
1:25:51का नाउ 1833 के एक्ट तक आते आते अगेन जो
1:25:56है वही सवाल उठ रहा है लोग का अब 1833 के
1:25:58एक्ट तक आते आते समझेंगे हम कि हा यह जो
1:26:01प्राइवेट कंपनी है यह सब बहुत डोमिनेट
1:26:04करने लग
1:26:05गई राट इनका धंधा बहुत बढ़िया चल रहा
1:26:10है है ना इसको इसको रुको कॉपी बना लेते
1:26:21हैं
1:26:25दोनों मिक्स ना करें
1:26:27बातें
1:26:31तो तो बाय 1833 तो बाय 1833 हो क्या रहा
1:26:35है बाय 1833 इनका धंधा बहुत बढ़िया चल रहा
1:26:37है अब अब यह लोग और आंखों प खड़कने लगे कि
1:26:40चलो ठीक है मोनोपोली तो आपने खत्म करा दी
1:26:42थी बट अब सवाल यह उठ रहा है कि सर ठीक है
1:26:45चलिए मोनोपोली खत्म कर दी थी बट ये लोग तो
1:26:48अभी भी ट्रेडिंग कर रहे हैं राइट ये ट्रेड
1:26:50अभी भी चल रहा है अब सोचो कि हां इंडि या
1:26:52में ईस्ट इंडिया कंपनी की सरकार
1:26:54है और ईस्ट इंडिया कंपनी ईस्ट इंडिया
1:26:57कंपनी जो है ट्रेडिंग भी कर रही है दोनों
1:27:00बातें ट्रेड भी हो रहा है ये दोनों बातें
1:27:02सर कैसे हो सकती है सरकार खुद ही ट्रेड कर
1:27:05रही है तो जब सरकार ट्रेड कर रही है तो ये
1:27:08बताइए हम इसके साथ डोमिनेट हम इसके साथ
1:27:09कंपीट कैसे करेंगे इसको अनड्यू एडवांटेज
1:27:12है दिस इज अगेंस्ट द ो स्फेयर दिस इज
1:27:15अगेंस्ट कैपिट प्रिंसिपल कि सरकार को अपनी
1:27:18इकॉनमी में इंटरफेयर नहीं करना चाहिए फ्री
1:27:20हैंड देना चाहिए तो ये फ्री हैंड नहीं है
1:27:22डिमांड सप्लाई के ऊपर गेम नहीं ट दिस इज
1:27:24नॉट मेकिंग सेंस और प्लीज इसको चेंज करिए
1:27:26तो अब क्या हो रहा है ये जो प्राइवेट
1:27:28कंपनीज है धंधा भी अच्छा कर रही थी और
1:27:29प्रेशराइज करने लगी और बोला गया ईस्ट
1:27:32इंडिया कंपनी को कि हां देखो बात तो ठीक
1:27:34कह रहे हैं राइट क्या ही गलत कह रहे हैं
1:27:36तो ये जो तुम्हारा ट्रेड है आज से इसको
1:27:37खत्म करो 1833
1:27:41में यह ट्रेड भी बंद करा दिया राइट बोला
1:27:44आज से तुम जीवन में एक ही काम करोगे आज से
1:27:46तुम सिर्फ और सिर्फ सरकार हो आज से तुम
1:27:49सिर्फ और सिर्फ एडमिन बॉडी हो आप लोग
1:27:52सिर्फ एडमिनिस्ट्रेशन देखेंगे ईस्ट इंडिया
1:27:55कंपनी फिर रोने लगी कि सर जो है छोटे-छोटे
1:27:57बच्चे हैं कैसी बातें कर रहे हो खर्चा
1:27:59कैसे चलेगा घर का घर का रेंट भी देना इस
1:28:01तरह से रोने लगे कह ये जोक में है ना ऐसा
1:28:03नहीं ऐसा नहीं कि सीरियसली लिख लो कि हां
1:28:05सर रेंट भी देना नहीं भाई ये जोक था कि
1:28:07हां जो है नहीं तो उनको वो उसको रजिस्ट
1:28:10करेंगे राइट कि हां हमारा इतना बड़ा धंधा
1:28:11है क्यों बंद करा रहे एटस राइट तो कह रहे
1:28:13कि मना मना करने लगे कि नहीं नहीं ऐसा मत
1:28:15करिए ऐसा मत करिए तो उन्होंने कहा एक मिनट
1:28:18रुको रुको रुको हर बार तुम्हारी बात मान
1:28:19लेते हैं बट एक बार ध्यान से देखो जरा
1:28:21इंडिया का मै
1:28:22इंडिया का मैप जो है इंडिया के मैप में
1:28:25तुम बंगाल बिहार रीसा पहले लेके बैठे थे
1:28:27बाय 1833 बाय 1833 तुम लोग मराठा का राज्य
1:28:31भी ले चुके हो बा 1833 मैसोर वगैरह के साथ
1:28:33तुम्हारी सब्सिडियरी ट्रीटी पहले से ही है
1:28:35मद्रास गवर्नर्स बढ़िया हो ही रहा है
1:28:38बॉम्बे बढ़िया है ही इंक्लूडिंग गुजरात
1:28:39एनल इधर राजस्थान के साथ भी बहुत सारी
1:28:41तुम्हारी ट्रीटी हो रखी है राइट 1833 तक
1:28:45तो टेक्निकली नाउ नाउ इट इज नॉट मेकिंग
1:28:48सेंस तुम इतना बड़ा राज्य संभाल रहे हो
1:28:50इंडियन एंपायर जो तुम्हारे
1:28:52यह बहुत इनलार्ज हो चुकी
1:28:55है तुम यही काम ठीक से संभाल लो यह बहुत
1:28:58बड़ी जिम्मेदारी है राइट हैना बहुत बड़ी
1:29:00जिम्मेदारी पर हम तुम पर भरोसा कर रहे हैं
1:29:02राट है ना यही काम तुम ठीक से संभाल लो
1:29:04बात बन जाएगी तो ईस्ट इंडिया कंपनी छोटा
1:29:07समूह लेकर कहेगी ठीक है साहब जो दे रहे ले
1:29:09लेते ईस्ट इंडिया कंपनी यहां पर कुछ कर
1:29:11नहीं पाएगी एंड हम एकदम से देखेंगे 1833
1:29:14में 20 साल के लिए बढ़ाया तो है बट कंपनी
1:29:17की मोनोपोली खत्म तो होगी ही जब ट्रेड
1:29:20खत्म हो गया तो
1:29:22राइट है ना कि अब जो है अब जो कंपनी है यह
1:29:25सिर्फ और सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी
1:29:28है राइट पहली बात समझिए कि नाउ दिस इ ओनली
1:29:31एन एडमिनिस्ट्रेटिव
1:29:39बॉडी पहली चीज नाउ
1:29:46नाउ ईआईसी इज ओनली एंड ओनली एडमिन बॉडी अब
1:29:50ये सिर्फ सरकार देखेगी और कुछ भी नहीं
1:29:53देखेगी राइट है ना और इसको कुछ भी एस सच
1:29:56देखना नहीं है सारा कमर्शियल बिजनेस वगैरह
1:29:58खत्म हो चुका है सिर्फ ये एडमिनिस्ट्रेटिव
1:30:01बॉडी रह चुकी है इसका ऑटोमेटिक मतलब है कि
1:30:04जब बिजनेस ही बंद करा दिया है तो इन दैट
1:30:06केस जो है आपकी मोनोपोली वगैरह चाय चाइना
1:30:09सब खत्म हो चुका है रट है ना ये अलग से
1:30:11लिखने की जरूरत है सच नहीं है प्लस प्लस
1:30:15ये यहां पे डिसाइड हुआ कि जो हमारा लेट अस
1:30:18लेट अस लुक इनटू दिस एज वेल तो एक बात
1:30:21हमने करी थोड़ा सा और इसको डिफाइन करते
1:30:22हैं तो एक हमने बात करी कि हां 20 साल
1:30:24वाली मोनोपोली खत्म हो चुकी है एक
1:30:26इन्होंने कहा कि जब मोनोपोली खत्म हो चुकी
1:30:28है तो इन दैट केस ये जो आपकी प्राइवेट
1:30:30कंपनीज है इनको बहुत सारे लोगों को भेजना
1:30:32होगा यूरोप से काफी लोगों को यहां आना
1:30:34होगा टेक्निकली दिस इज नॉट इंडिया दिस इज
1:30:37ब्रिटिश
1:30:38इंडिया ब्रिटिश इंडिया जब ये ब्रिटिश
1:30:42इंडिया है तो हमारे यहां से लोगों को यहां
1:30:45जाने में वीजा नहीं लगना चाहिए पासपोर्ट
1:30:46नहीं लगना चाहिए कोई ऐसा इमीग्रेशन वाला
1:30:49नहीं होना चाहिए दिक्कत नहीं होनी चाहिए
1:30:50कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं होना चाहिए
1:30:52उन्होंने कहा कि जब वो हमारी ही एंपायर है
1:30:53तो इन दैट केस इन दैट केस यूरोपियन
1:30:56इमीग्रेशन शुड बी
1:30:59अलाउड यूरोपियन
1:31:02इमीग्रेशन प्लस कोई जमीन अमीन लेना चाहे
1:31:05तो हां ले सकता है यह सब कुछ अलाउ कर दिया
1:31:07जाए इस पर कोई आज से रोक टोक नहीं होनी
1:31:11चाहिए है ना तो यह पिछले वाले पॉइंट के
1:31:13साथ जो है सेम पॉइंट है कि
1:31:15एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी हो चुकी है और
1:31:17यूरोपियन इमीग्रेशन अलाउड नाउ अब बात उठती
1:31:20है कि सरकार में कुछ कुछ बदला की जरूरत आ
1:31:22चुकी आइए समझते इस बात
1:31:26को तो हम बात कर रहे थे कि भाई ब्रिटेन
1:31:31है ब्रिटेन सरकार ने एक बना रखा है बोर्ड
1:31:35ऑफ
1:31:37कंट्रोल जो कि गवर्न कर रहा है ईस्ट
1:31:39इंडिया कंपनी के कोर्ट ऑफ डायरेक्टर को
1:31:43कोर्ट ऑफ
1:31:44डायरेक्टर या अभी हमने समझा था कि कोट
1:31:47डेटर के दो फंक्शन होते हैं एक
1:31:50कमर्शियल और एक इनका एडमिनिस्ट्रेटिव
1:31:53एडमिनिस्ट्रेटिव पॉलिटिक एडमिनिस्ट्रेटिव
1:31:55एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन में लगता है इनका
1:31:57अप्रूवल पूरी तरह से य हमने पीछे समझा हुआ
1:32:00है प्लस प्लस कमर्शियल फंक्शन 1833 में
1:32:04हमने कहा कि आज से य दुकान बंद है यानी कि
1:32:07कोर्ट और डायरेक्टर का सिर्फ एक ही काम है
1:32:09व है एडमिनिस्ट्रेशन जिसमें लगेगा अप्रूवल
1:32:11ऑफ बोर्ड ऑफ
1:32:13कंट्रोल नाउ नाउ दे आर से की जो
1:32:16प्रेसिडेंट ऑफ बोर्ड ऑफ कंट्रोल है राइट
1:32:18इनका जो प्रेसिडेंट बिकॉज दिस इ लाइ वेरी
1:32:19वेरी इंपोर्टेंट पोजीशन नाउ 1833 में कह
1:32:22रहे यहां जो प्रेसिडेंट बैठा है हेड ऑफ
1:32:24बोर्ड ऑफ कंट्रोल दिस प्रेसिडेंट इ सपोज
1:32:27टू
1:32:28बी मिनिस्टर ऑफ इंडियन अफेयर्स बेसिकली व
1:32:33मिनिस्टर है सरकार का यस ही इज अ मिनिस्टर
1:32:36ऑफ इंडियन अफेयर्स यानी यह पोजीशन भी काफी
1:32:40इंपॉर्टेंट पोजीशन
1:32:45है प्लस
1:32:48प्लस ये कह रहे हैं कि इंडिया अगर हम देखे
1:32:52इंडिया
1:32:53में इंडिया में
1:32:56जो गवर्नर जनरल है राइट गवर्नर जनरल तो अब
1:33:01तक हम कहते थे उसको गवर्नर जनरल ऑफ
1:33:06बंगाल हम कहेंगे कि अब बंगाल डज नॉट मेक
1:33:09सेंस रीजन बड़ी एंपायर इंडिया में ऑलरेडी
1:33:12क्रिएट हो चुकी है इसको क्या बंगाल बंगाल
1:33:14बोलते रहते हो टेक्निकली द पर्स शुड बी
1:33:17कॉल्ड एस गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया 1833 में
1:33:23पहली बार इस पोजीशन को चेंज कर दिया गया
1:33:25रिकॉग्नाइज किया गया कि बंगाल वाली बात जो
1:33:28है सूट नहीं करती या पूरे भारत का गवर्नर
1:33:30जनरल है तो इसे गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया कहा
1:33:32जाए एंड पहली बार गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया
1:33:35बनेंगे लॉर्ड विलियम
1:33:43बेंटिक लॉर्ड विलियम बिटिंग पहली बार बने
1:33:45गवर्नर जनरल प्लस प्लस इनको बोला गया कि
1:33:49भाई जो है अब तक आपकी जो एग्जीक्यूटिव
1:33:52काउंसिल
1:33:53है ऑलरेडी ये बात हमने जानी है कि
1:33:55एग्जीक्यूटिव काउंसिल में है तीन लोग एक
1:33:58दो
1:33:59तीन बोला गया कि चलिए ठीक है तीन लोग आपके
1:34:02पास थे बट लेट मी गिव यू वन मोर पर्सन
1:34:06एलव दिस इज अ लॉ
1:34:11मेंबर प्लस य टेंपरेरी मेंबर है यानी इसको
1:34:16इसको एग्जीक्यूटिव में इसकी बातें सुनने
1:34:18की जरूरत नहीं है बाकी आपको जीवन में जो
1:34:20करना है करिए सिर्फ और सिर्फ लॉ रिलेटेड
1:34:23क्वेरी कि आपको डाउट हो गया पूछा गवर्नर
1:34:25जनरल ने क्यों भेजा इस आदमी को राट कह र
1:34:27मान लो आपको डाउट हो गया विद रिस्पेक्ट टू
1:34:28लॉ कि कानून में ऐसा करना चाहिए नहीं करना
1:34:30चाहिए राइट है ना ये सब प्लस प्लस इंडिया
1:34:33में कई तरह के लॉ चल रहे थे है ना मुस्लिम
1:34:35लॉ भी चल रहा है हिंदू लॉ भी चल रहा है
1:34:36प्लस जो है प्लस अंग्रेज अपने लॉ लेके आ
1:34:38गए इंग्लिश लॉज भी चल रहा है तो दुनिया भर
1:34:40के लॉ चल रहा है तो कह रहे हैं कि हां अगर
1:34:42कभी जीवन में ऐसा डाउट आ जाए कि हां ऐसी
1:34:44पोजीशन में कि लॉ क्या कहता है कानून क्या
1:34:46कहता है है ना और प्लस कानून को थोड़ा सा
1:34:48सही करने के लिए कोडिफाई करने के लिए यू
1:34:51नीड वन पर्सन जिसकी लॉ एक्सपर्टीज है तो
1:34:54एक लॉ मेंबर की आपको जीवन में जरूरत है
1:34:56एंड दैट इज द रीजन हम इस एलव को भेज रहे
1:34:59हैं लॉ मेंबर टेंपरेरी मेंबर है ऐसा नहीं
1:35:01कि बाकी एग्जीक्यूटिव काम में भी उसको लगा
1:35:03दो मिनिस्ट्री दे दो ये सब करने लगे हो
1:35:04कोई को डिसीजन लेना है तो वो भी हाथ उठा
1:35:06रना ना हाथ हाथ मत उठाओ उससे रट ना बैठने
1:35:08मत दो खड़ा रखो उसको मतलब कि हां जो है
1:35:11ठीक है उतनी उसकी पावर नहीं कि
1:35:12एग्जीक्यूटिव में बैठा हुआ है वो उतना
1:35:13पावरफुल नहीं है वो बट स्टिल स्टिल ही हैज
1:35:17टू बी ही हैज टू बी देयर राइट तो एलव को
1:35:19यहां पे जो है लॉ मेंबर की तरह भेजा गया
1:35:21आप जाओ कौन है य पहला ल मेंबर ल मेंबर
1:35:25टेक्निकली मैले लर्ड मैले को इस काम के
1:35:28लिए
1:35:30भेजा लर्ड
1:35:32मले नाउ इसके साथ साथ जो है कहा गया जो ल
1:35:37मेंबर है लर्ड मले एक हम बनाएंगे इंडियन
1:35:41लॉ
1:35:45कमीशन एक यहां पर जरूरी है लॉ कमीशन की
1:35:49जिसको यह चेयर
1:35:50करेंगे
1:35:52क्योंकि इंडिया में अभी हमने बताया कि जो
1:35:54लॉ है बहुत बुरी कंडीशन में है लॉ को
1:35:57कोडिफाई करने के लिए एक लॉ कमीशन की जरूरत
1:35:59है तो इंडियन लॉ कमीशन यह बनाएंगे एंड दे
1:36:03विल लुक इनटू कोडिफिकेशन ऑफ
1:36:05ल इसको स्ट्रीमलाइन कर लेते हैं है ना
1:36:08बातों को लिख लेते हैं कि कब क्या होना
1:36:10चाहिए तो कोडिफिकेशन ऑफ लॉ हो जाए दिस इज
1:36:12वन
1:36:14थिंग प्लस प्लस दूसरी बात उठी कि भाई बाकी
1:36:19जो गवर्नर्स
1:36:20है बाकी के जो दो तीन गवर्नर बैठे हैं एक
1:36:23आपका यह गवर्नर बैठा है एक आपका मद्रास पर
1:36:26है एक कोई आगरा यूपी में बैठा हुआ है बाकी
1:36:29लोग बैठे हुए हैं दे शुड गवर्नर जनरल ऑफ
1:36:33इंडिया विल
1:36:35हैव कंप्लीट कंट्रोल ओवर
1:36:39इंडिया तो नाउ देर ज कंप्लीट
1:36:43कंट्रोल मैंने शुरू में बात करी थी 1833 इ
1:36:46द पॉइंट जहां पर पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन
1:36:56पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन हा य बाकी तीनों को
1:36:59सबोर्डिनेट बना दिया गया आप क सर पहले भी
1:37:01सबोर्डिनेट थे नाउ इट लाइक कि जो जो भी
1:37:03रेवेन्यू वगैरह है एक्सपेंडिचर वगैरह है
1:37:06अब सबके ऊपर कंट्रोल किसका है गवर्नर जनरल
1:37:08ऑफ इंडिया तो चाहे इंडिया का रेवेन्यू
1:37:12हो चाहे एक्सपेंडिचर
1:37:15हो और चाहे
1:37:20लेजिसलेच्योर बना सकता है
1:37:37लेजिसलेच्योर
1:37:46कि यहां सारी पावर किसको दे दी गई है इनको
1:37:50दे दी गई है गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया को दे
1:37:53दी
1:37:53गई प्लस प्लस एक और बात उठी सिविल
1:37:56सर्विसेस की सिविल सर्विसेस बात उठी की
1:37:59ओपन कंपटीशन कर देते हैं राइट है सिविल
1:38:01सर्विसेस जो है इंडिया में तो सिविल
1:38:03सर्विसेस ओपन कंपटीशन की बात उठी मुद्दा
1:38:06उठा अब तक ओपन नहीं था अब तक अब तक यही
1:38:09लोग भेजते थे सिविल स सिविल सर्वेंट्स तो
1:38:13सिविल सर्वेंट जो
1:38:16है वो उनको यही लोग भेजते थे बात उठी कि
1:38:20ये रूट बंद करके ओपन कंपटीशन कर देते
1:38:24हैं राइट और फिर फिर जो है ईस्ट इंडिया
1:38:27कंपनी की तरफ देखा तो कोर्ट और डायरेक्टर
1:38:29ऐसे रोने से हो रहे थे क्या अच्छा ठीक है
1:38:31चलो छोड़ो तो ये बात दबा दी गई है ना तो
1:38:34बात उठी है कि यहां पे ओपन कर दिया जाए तो
1:38:36एक क्लोज कंपटीशन होगा जिसमें यही लोग आपस
1:38:38में अपना नॉमिनेट करेंगे कंपटीशन होगा बट
1:38:40वो फर्जी एग्जामिनेशन किसी काम का
1:38:42एग्जामिनेशन नहीं तो ओपन कंपटीशन की बात
1:38:44उठी है बट एक्चुअली ओपन हुआ नहीं एक और
1:38:47बात जो 1833 में उठी 1833 तक आते आते पहले
1:38:51इसको थोड़ा सा नोट डाउन कर लेते हैं यहां
1:38:52तक राइट फिर दो बातें और ऐड करते हैं
1:38:54इसमें सो तो हम बात कर रहे हैं 1833 के
1:38:56एक्ट की और हमने बात करी कि हां
1:38:58सेंट्रलाइजेशन की बात करी कि हां अब क्या
1:39:01है पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन
1:39:03पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन हमने डिस्कस किया कि
1:39:06गवर्नर जनरल जो है अब वो पूरी तरह से
1:39:08सुपरिटेंडेंट कर रहा है कंट्रोल कर रहा है
1:39:10ऑल द फंक्शंस ऑफ द कंपनी राइट चाहे वो
1:39:12सिविल फंक्शन हो चाहे मिलिट्री फंक्शन हो
1:39:14कोई भी तरह का अफेयर जो बंगाल मद्रास और
1:39:16बॉम्बे का जो जो है टेरिटरीज हैं नाउ दे
1:39:19आर अंडर कंप्लीट कंट्रोल ऑफ दी गवर्नर
1:39:20जनरल ऑफ
1:39:22इंडिया राइट प्लस ऑल रेवेन्यू ऑल रेवेन्यू
1:39:25वर टू बी रेज ये बात हमने लिख दी गवर्नर
1:39:26जनरल ऑफ इंडिया मिस तो नहीं
1:39:33करी आ गया लिखा होगा एक मिनट हां खा ना
1:39:38गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया यस ओके तो गवर्नर
1:39:40जनरल ऑफ इंडिया हो चुका है सारा रेवेन्यू
1:39:42जो है सारा एक्सपेंडिचर जो है वो उसी के
1:39:43नाम पे होगा यस गवर्नमेंट ऑफ मद्रास और
1:39:45बम्बे ड्रास्ट्रिंग पावर्स यस खाली उनके
1:39:49पास क्या हो चुका है प्रपोजल वो सिर्फ
1:39:51प्रपोज कर सकते हैं कि साहब ऐसा कर दीजिए
1:39:53वैसा कर दीजिए सिर्फ प्रपोज कर सकते हैं
1:39:55विद रिस्पेक्ट टू
1:39:56एक्ट्स प्लस प्लस ये हमने समझा लॉ मेंबर
1:40:00की हमने बात करी हां लॉ मेंबर बिठाया
1:40:01जाएगा काउंसिल फॉर प्रोफेशनल एडवाइस ऑन द
1:40:03लॉ मेकिंग सिर्फ और सिर्फ एडवाइजर है वो
1:40:05दूसरा इंडियन लॉ व वास टू बी कॉफ कोडिफाइड
1:40:08तो हां भी उसके लिए एक लॉ कमीशन बिठाया
1:40:10गया है नाउ अब इसमें दो बातें जो है फाइनल
1:40:12बातें इसमें ऐड करते हैं तो 1833 तक
1:40:15आते-आते थोड़ा जो ब्रिटेन में रुझान है
1:40:18ब्रिटेन की जो फिलॉसफी है वो ह्यूमन लॉस
1:40:20की तरफ जा ह्यूमन राइट्स की तरफ जा रही है
1:40:22देयर आर ह्यूमन राइट्स आदमी की आदमी का हक
1:40:25है डिग्निटी है इस तरह की बातें उठ रही है
1:40:28बात उठ रही है इ क्वालिटी की हमें ऐसा
1:40:29भेदभाव नहीं करना चाहिए तो अंदर से थोड़ा
1:40:31आत्मा जग रही है उनकी राइट थोड़ा सा जो है
1:40:33फिलॉसफी जो है वो ह्यूमन साइड टच कर रही
1:40:36है 1830 में राइट है ना तो 1830 तक य जो
1:40:39ह्यूमन राइट्स की बातें उठ रही है तो उनको
1:40:41रिलाइज हो रहा है कि हमें किसी तरह का
1:40:43डिस्क्रिमिनेशन नहीं करना चाहिए तो यहां
1:40:45पर दो पॉइंट और आए एक तो उन्होंने कहा कि
1:40:48भाई भारतीयों का भी हक है इंडियन सिटीजन
1:40:51का भी हक है कि वो वो सरकार में काम करें
1:40:54अंडर दी कंपनी काम करें उसको नौकरी मिलनी
1:40:57चाहिए जॉब मिलनी चाहिए एंप्लॉयमेंट होना
1:40:59चाहिए हमें हमें सरकार में इंडियंस को
1:41:02भर्ती अलाउ करनी चाहिए पूरी तरह से और कभी
1:41:05भेदभाव नहीं करना चाहिए ऑन द बेसिस ऑफ कि
1:41:08वो इंडियन है काला है क्रीड है या फिर
1:41:10उसका सेक्स क्या है मेल है फीमेल है या
1:41:12फिर रिलीजन क्या है कास्ट क्या है इन सब
1:41:14चीजों पे कलर बर्थ इन सब चीजों पे हम लोग
1:41:16भेदभाव नहीं करेंगे ऑन द बेसिस ऑफ रिलीजन
1:41:18कलर बर्थ डिसेंट या फिर उसका जन्म इंडिया
1:41:21में हुआ है इस बात पर हम जो है उससे
1:41:23भेदभाव नहीं करेंगे उसको बाहर नहीं करेंगे
1:41:26एक बात दूसरी बात कि जो हम भेदभाव करते
1:41:29हैं और इसमें सबसे बड़ा भेदभाव है गुलामी
1:41:32स्लेवरी कहते तो उस समय इंडिया जो है
1:41:34ब्रिटेन में मूवमेंट चल रहा था स्लेवरी के
1:41:37अगेंस्ट राइट वो सारे जो लीडर्स जो
1:41:38स्लेवरी के अगेंस्ट है उनको बोला जाता है
1:41:40अबोलिशनिस्ट ऐसा हमने बात करी थी जब जॉर्ज
1:41:43थॉमसन की बात कर रहे थे जब हम लोग जो है
1:41:45पॉलिटिकल अवेक निंग की बात कर रहे थे रना
1:41:47की थॉमसन थॉमसन वाज आल्सो अबोलिशनिस्ट तो
1:41:50ये जो सारे अबोलिशनिस्ट इन्होने क्या
1:41:52माहौल बना रखा था कि भाई सेवरी हटानी
1:41:54चाहिए च गुड थ उन्होने कहा सेवरी हटानी
1:41:56चाहिए तो फाइनली फाइनली यहां पर भी बात आई
1:41:59कि इंडिया में भी स्लेवरी अबॉलिश कर दी
1:42:01जाए एंड फाइनली इट वास अब इन 1843 एक रूल
1:42:06पास हुआ एक् पास हुआ इन 1843 और उसके तहत
1:42:09सेवरी को अबॉलिश कर दिया
1:42:11गया तो दिस वा 1833 का इसमें इसमें जो है
1:42:16थोड़ा सा बात ख लेते हमने बात करी एक तो
1:42:18इंडियन इमीग्रेशन की
1:42:22है ना एक हमने समझा कि ईस्ट इंडिया कंपनी
1:42:23पूरी तरह से एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी बन गई
1:42:25है यूरोपियन इमीग्रेशन की बात करी हमने
1:42:27डिस्कस किया कि भाई जो है जो प्रेसिडेंट
1:42:30ऑफ बोर्ड ऑफ कंट्रोल है राइट
1:42:36प्रेसिडेंट वह मिनिस्टर भी होना चाहिए हां
1:42:39भाई ऐसा करके हमने समझा दूसरा यूरोपियन
1:42:41इमीग्रेशन की हम बात कर चुके दूसरा
1:42:43इन्होंने कहा कि भाई गवर्नर जनरल ऑफ
1:42:46बंगाल आज से गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया हो गया
1:42:50है
1:42:51और इसी के साथ साथ हमने सेंट्रलाइजेशन की
1:42:53बात
1:42:55करी सारी जो पावर है बाकी गवर्नर्स वगैरह
1:42:58के पास खींच ली गई है छीन ली गई प्लस प्लस
1:43:02एक हमने इसी में जोड़ा गवर्नर के साथ साथ
1:43:04लॉ
1:43:07मेंबर और हमने बात करी इंडियस को अलाउड
1:43:10होना चाहिए जॉब गवर्नमेंट जॉब और एक लास्ट
1:43:14पॉइंट था
1:43:15स्लेवरी राइट ऐसा करके बना लो क्योंकि
1:43:18क्या होगा बाद में भूलने लगोगे 33 में हुआ
1:43:2013 में हुआ था यह क्या होगा क्विक रिवीजन
1:43:22के लिए आपको बहुत हेल्प कर देगा राइट है
1:43:24ना तो जल्दी से आप रिवाइज कर पाएंगे अगर
1:43:26आपने मेरे साथ ये बना लिया है तो 1833 तक
1:43:30हम लोग पहुंच चुके हैं और अब वक्त आ गया
1:43:32है
1:43:3518533 की तरफ बढ़ते
1:43:38हैं
1:43:41तो चार्टर बाय द वे बाय द वे दिस गोज
1:43:44विदाउट सेइंग कि ऑल दीज आर चार्टर एक्ट
1:43:46चार्टर एक्ट ऑफ 1793 चार्टर एक्ट ऑफ 1813
1:43:49चार्टर एक्ट ऑफ 1833 एंड नाउ वी आर गोइंग
1:43:52टू डिस्कस चार्टर एक्ट ऑफ
1:43:55183 चार्टर एक्ट ऑफ
1:44:0318533 अब हो क्या रहा
1:44:08है सवाल उठ रहा है
1:44:11सवाल सवाल यह उठ रहा है कि साहब यह बताइए
1:44:14कि जब ब्रिटेन में जो है जो गवर्नमेंट है
1:44:17गवर्नमेंट ने बना रखा है बोर्ड ऑफ कंट्रोल
1:44:20और और ईस्ट इंडिया कंपनी का जो कोर्ट ऑफ
1:44:22डायरेक्टर है इसके दो फंक्शन होते हैं एक
1:44:26फंक्शन होता है
1:44:28कमर्शियल और एक फंक्शन होता है
1:44:31एडमिनिस्ट्रेटिव वगैरह वगैरह
1:44:33एडमिनिस्ट्रेटिव प्लस प्लस राइट जिसमें
1:44:36आपने कहा कि कमर्शियल फंक्शन खत्म हो चुका
1:44:37है यानी कि कोर्ट ऑफ डायरेक्टर का एक ही
1:44:39काम है इंडिया में एडमिनिस्ट्रेशन देखना
1:44:42अब ब्रिटिश पार्लियामेंट पूछ रही है कि सर
1:44:44एक बात बताइए कि ये जो ये जो
1:44:46एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन है हमने सुना है
1:44:49कि ये तो पूरा अप्रूवल प चलता है
1:44:54और जब भी पूरा अप्रूवल पर चलता है यानी कि
1:44:56यह बताते हैं कि क्या करना है तो यह क्या
1:44:58करते हैं इनकी जरूरत ही क्या है इनको फायर
1:45:00क्यों नहीं कर देते भगा दो इनको राइट तो
1:45:02बात उठने लगी कि कोर्ट ऑफ डायरेक्टर की अब
1:45:04कोई यूटिलिटी रही नहीं इनको आज भगा दो कल
1:45:06भगा दो अभी भगा दो र नाक इनका कोई सेंस
1:45:08नहीं बनता जब ये एक ही काम कर र है वो भी
1:45:10बाया अप्रूवल अप्रूवल कर रहे हैं तो ये
1:45:12फर्जी ये कुछ फाइल भेजेंगे फिर उनके पास
1:45:15जाएगी फिर वापस आएगी राइट फिर भेजेंगे
1:45:17करेक्ट करके फिर भेजेंगे वापस कि नहीं ये
1:45:19सही करो फिर भेजेंगे करेक्ट करेंगे फिर
1:45:21ऐसे ऐसे करके फाइलें घूम रही है फिर कहीं
1:45:23जाके पांच बार में इंडिया पहुंचती है
1:45:25कितना डिले हो रहा है राइट फर्जी का डिले
1:45:27है इस डिले को बचाया जा सकता है अगर हम
1:45:29कोर्ट डायरेक्टर को फायर कर दें मतलब कि
1:45:32ये भी निकाल दे आज से अपनी दुकान अलग रखो
1:45:34जीवन में जो करना है करो बट जो है हम
1:45:36एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन खुद ही देख
1:45:38लेंगे तो ऐसी ऐसी आवाज उठ रही है
1:45:41पार्लियामेंट में सरकार में कुछ लोग हैं
1:45:44जो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर या फिर ईस्ट इंडिया
1:45:46कंपनी के खिलाफ है कह रहे हैं कि हां इसका
1:45:48वक्त हो गया है इसको विदा करो राइट है ना
1:45:50कुछ विदाई दे दो और भगाओ यहां से तो कोर्ट
1:45:52ऑफ डायरेक्टर इ आ कि हां अब हम क्या कर
1:45:54रहे उनकी थोड़ा सा जो है सही में बात ये
1:45:55है कि यूटिलिटी रही कि नहीं
1:45:58रही प्लस एक और मुद्दा एक और मुद्दा ये है
1:46:01कि हां सिविल सर्विसेस तो सिविल सर्वेंट्स
1:46:03भी यही लोग भेज रहे
1:46:06थे सिविल सर्वेंट्स अब सिविल सर्वेंट्स जब
1:46:10यही लोग भेज रहे
1:46:11थे तो ये लोग अपने नेपोटिज्म चल रहा था
1:46:15अपने जानने वालों को भेज रहे थे पैसा दे
1:46:16रहे थे ये भी सिस्टम करप्ट था तो सवाल ये
1:46:18भी उठ रहा था कि ये सिविल सर्वेंट्स क्यों
1:46:20भेजते राट इधर भी बदलाव चाहिए ब बदलाव की
1:46:23डिमांड राइट है ना सारी उंगलिया उठ रही है
1:46:25कोर्ट ऑफ डायरेक्टर के ऊपर इनके ऊपर कुछ
1:46:27कुछ किया जाए इनको जो है चेंज किया
1:46:30जाए
1:46:35नाउ एक एक हुआ कि चलो ठीक है जब जब बदलाव
1:46:40हम ज रिन्यू कर ही रहे हैं तो जब 183 का
1:46:43चार्टर एक्ट आया
1:46:45183 तो इनको लग रहा था कि हमारी फायरिंग
1:46:47का लेटर आएगा रा डरे बैठे थे बन सपोर्टर
1:46:50भी बहुत सारे थे तो हुआ कि चलो ठीक है
1:46:52कोर्ट ऑफ डायरेक्टर कोर्ट ऑफ डायरेक्टर
1:46:54में 24 लोग हुआ करते थे पीछे हमने पढ़ा था
1:46:5724 ज्यादा हो गए इतने की जरूरत नहीं है 18
1:46:59लोग कर देते हैं छह लोग को फायर प्लस इस
1:47:0318 में से भी छह लोग क्राउन के लोग आके
1:47:07बैठेंगे वो एक्चुअली कंपनी के लोग नहीं
1:47:09होंगे छह लोग क्राउन के बैठेंगे 12 लोग
1:47:12कंपनी के
1:47:14होंगे यानी कंपनी के लोग 24 से 12 हो गए
1:47:17आधा कर दिया है और अपने लोग भी बिठा दिए
1:47:20तो डाइल्यूट कर दिया है तो पूरा फायर नहीं
1:47:22किया है राइट सिर्फ और सिर्फ आधा फायर
1:47:25किया है कि हां 24 में से 12 कर दिए और छह
1:47:27लोग अपने भी बिठा दिए तो पहला पहला बदलाव
1:47:30किया कोर्ट ऑफ डायरेक्टर के
1:47:31कॉन्स्टिट्यूशन में कि हां इतने लोग वहां
1:47:33पर बैठ के क्या ही कर रहे हैं प्लस प्लस
1:47:36दूसरी बात डिसाइड हुई कि जो सिविल
1:47:38सर्विसेस का जो जो पैटन ज आपका चल रहा था
1:47:41आज से ये सिस्टम बंद आज से होगा इंडियन
1:47:44सिविल सर्विसेस का ओपन
1:47:46कंपटीशन और अब अब सिलेक्शन मेरिट के ऊपर
1:47:49होगा इसलिए नहीं कि आपको ऐसा लग रहा था ना
1:47:52अब दिस इज ओपन कंपटीशन और मेरिट बेस बेसिस
1:47:55के ऊपर सिविल सर्विसेस में भर्ती
1:47:57होगी तो इसके लिए इसके लिए जो है एक लॉर्ड
1:48:00मैकौले कमेटी बिठाई जाएगी लॉर्ड मैकौले
1:48:03काफी इंपॉर्टेंट हो चुके
1:48:05हैं मैले कमेटी लॉर्ड क्या कहना मैले
1:48:12कमेटी राइट लॉर्ड मैले कमेटी
1:48:20क्या होगा नोटिफिकेशन कैसे निकालेंगे
1:48:21इंटरव्यू कौन-कौन लेगा ट सिलेबस क्या होगा
1:48:24कितनी सीटें होंगी यह सारी बातें यह कमेटी
1:48:26डिसाइड करेगी लॉर्ड मैकली कमिटी 184 इस
1:48:29काम में लग
1:48:30जाएगी या तो पहला बदलाव पहला बदलाव हम
1:48:33देखेंगे कि कहां पर हो रहा है ब्रिटेन
1:48:35साइड में हो रहा है ब्रिटिश में हो रहा है
1:48:37प्लस प्लस एक और चीज कोर्ट डायरेक्टर को
1:48:40बोला गया कि तुम्हारे पास काम तो ज्यादा
1:48:41रहा नहीं है तो एक और काम करो कह र एक बार
1:48:44इंडिया का मैप देखो इंडिया का मैप में 183
1:48:48तक आते आते हमें हमें याद आया कि
1:49:20लाव करिए खाली बैठे हैं तो न्यू
1:49:23प्रेसिडेंसी
1:49:24बनाइए कि हां रीऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टेट कि
1:49:28जहां पर भी आप गवर्नर वगैरह पॉइंट करना
1:49:30चाहे न्यू प्रेसिडेंसी बनाना चाहे कर
1:49:32दीजिए फॉर एग्जांपल बंगाल बंगाल को सेपरेट
1:49:36कर दीजिए बंगाल सेपरेट कर दीजिए और उसका
1:49:40एक सेपरेट लेफ्टनंट गवर्नर बिठा दीजिए ऐसा
1:49:43नहीं होना चाहिए जो गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया
1:49:45है वो बंगाल देख रहा है जैसे दिल्ली में
1:49:48हमारा दिल्ली का चीफ मिनिस्टर अलग है और
1:49:50प्राइम मिनिस्टर अलग है ऐसा तो नहीं है कि
1:49:52बोला जा रहा है कि प्राइम मिनिस्टर जब
1:49:53दिल्ली में ही बैठे हैं तो दिल्ली की जो
1:49:55जो है एडमिनिस्ट्रेशन है आप ही देख लीजिए
1:49:57राइट क्या ही कर रहे हैं देख लीजिए ऐसा तो
1:49:59हम नहीं बोलते राइट बिकॉज डज नॉट मेक सेंस
1:50:01क्योंकि प्राइम मिनिस्टर का काम है
1:50:02सेंट्रल इंडिया को देखना सेंट्रल
1:50:04गवर्नमेंट को देखना ऑफ इंडिया और जो
1:50:05दिल्ली का जो लोकल एडमिनिस्ट्रेशन है उसके
1:50:07लिए चीफ मिनिस्टर चाहिए दोनों अलग होने
1:50:09चाहिए तो इसीलिए बंगाल में एक अलग
1:50:11लेफ्टिनेंट गवर्नर चाहिए और गवर्नर जनरल
1:50:13ऑफ इंडिया का काम अलग होना चाहिए ऐसा करके
1:50:15बनाया
1:50:16गया ऐसे धीरे-धीरे और भी प्रोविंसेस आएंगे
1:50:19जैसे असम अलग हो जाएगा
1:50:21असम असम सेंट्रल प्रोविंसेस एटस एटस नाउ
1:50:26देयर आर देयर आर यू कैन से क्रिएशन ऑफ
1:50:28सेपरेट प्रोविंसेस है ना बाय लेफ्टनंट
1:50:31गवर्नर ऑफ पंजाब भी अलग हो जाएगा पंजाब भी
1:50:32अलग कर देंगे 59 में तो न्यू प्रेसिडेंसी
1:50:35आर बीइंग
1:50:39क्रिएटेडटेड टर्स को एक
1:50:43बात दूसरा दूसरा
1:50:50यह बताइए सर आपने हमारा लाइसेंस जो
1:50:52एक्सटेंड किया है वो कितने साल के लिए
1:50:54एक्सटेंड किया है तो यहां पर एक्सटेंशन जो
1:50:57सरकार ने दिया है वह एकस इयर्स का दिया है
1:51:00कि हमें नहीं पता तुम कब तक रहोगे कब तक
1:51:03तुमसे यह काम कराएंगे हो सकता है हम कली
1:51:04फायर कर दे हो सकता है दो साल बाद करें हो
1:51:06सकता है 5 साल बाद करें मालूम नहीं है
1:51:08इसीलिए थोड़ा सा इन डिफाइंड या अनडिफाइंड
1:51:12टाइम तक हम आपका जो चार्टर है वो एक्सटेंड
1:51:15करे दे रहे तो ये एक्स इयर्स के लिए हो
1:51:17रहा है बिकॉज माहौल ऑलरेडी बन चुका है कि
1:51:20को डायरेक्टर को फायर किया जाए इट इज नॉट
1:51:22लाइक की
1:51:3218582 ना नेक्स्ट बात करते हैं इंडिया में
1:51:34क्या
1:51:35हुआ इंडिया में इंडिया में भी कुछ बदलाव
1:51:39हो रहा है पहला गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया जो
1:51:44है इसको बोला जा रहा है कि तुम्हारी एक
1:51:47एग्जीक्यूटिव काउंसिल है और जो पहले जो एक
1:51:50आदमी भेजा था मैले व कह परमानेंट हो गया
1:51:52तो आज से इसमें चार
1:51:55लोग राइट तो कह रहे कि पहले तो इसमें चार
1:51:58लोग कर लो है ना थोड़ा सा इसको थोड़ा सा
1:52:01और बढ़िया कर देते चार लोग कर देते
1:52:03ओवरराइडिंग पावर अगर पहले दे चुके तो कोई
1:52:05दिक्कत नहीं चार लो प्लस लेजिस्लेटर परपस
1:52:08से एक लेजिस्लेटिव काउंसिल दी
1:52:10गई एक दो तीन चर
1:52:14पाछ दज आर प्लस
1:52:18सि
1:52:21प्लस सक्स एडिशनल ये वर्ड एडिशनल बहुत
1:52:25इंपॉर्टेंट है लेजिस्लेटिव
1:52:30मेंबर्स यहां एक लेजिस्लेटिव काउंसिल है
1:52:32दिस इज एग्जीक्यूटिव काउंसिल पहले ही देख
1:52:34रहे थे हम लोग तो दिस वन इज एग्जीक्यूटिव
1:52:37एंड दिस वन इज लेजिस्लेटिव
1:52:39काउंसिल लेजिस्लेटिव
1:52:42काउंसिल इसमें छह लोग एडिशनल ऐड कर दिए गए
1:52:45छह लोग ऐड कर दिए गए अब आप कहेंगे सर
1:52:46एडिशनल एडिशनल क्यों कह रहे हैं राट छह
1:52:48लोग के लेजिसलेटिव काउंसिल क्यों नहीं कह
1:52:49देते हां समझो इस बात को कि ये जो छह लोग
1:52:52ऐड करे गए हैं लेजिस्लेटर परपस से ऐड करे
1:52:54गए तो जब एक्ट बनाना होगा तो बिल पास करना
1:52:57जब होगा तो मान लो एक बिल टेबल हुआ है
1:53:00राइट और बोला गया कि ये बिल पास होना
1:53:02चाहिए तो क्या आपको लगता है ये छह लोग हाथ
1:53:04उठाएंगे क्या गवर्नर जनरल हाथ नहीं उठाएगा
1:53:06गवर्नर जनरल भी हाथ उठाएगा और ये चार लोग
1:53:09जो अब तक अकेले एक्ट पास करते थे आपको
1:53:11लगता है वो खड़े होकर देखेंगे कि हां हम
1:53:12नहीं हाथ उठाएंगे भाई आप छह लोग देख र आप
1:53:14ही सारे समझदार है ऐसा तो होगा नहीं तो
1:53:16एक्चुअली लेजिस्लेटर के मेंबर ये लोग भी
1:53:18है ऐसा नहीं कि
1:53:32लेजिसलेच्योर
1:53:34जनरल का जीवन में और भी बहुत काम है बट ये
1:53:38जो छह है दज आर ओनली एंड ओनली लेजिस्लेटिव
1:53:40मेंबर्स छह एडिशनल लेजिस्लेटिव मेंबर्स ऐड
1:53:43करे
1:53:44ग आई होप यू गट दिस पॉइंट चलिए ओके तो छह
1:53:48एडिशनल लेजिस्लेटिव मेंबर्स यहां पे ऐड
1:53:50किए गए यस दिस इज वन थिंग नाउ
1:53:53नाउ प्लस लेजिसलेट गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया
1:53:57क्योंकि लेजिस्लेटिव काउंसिल अलग से दे दी
1:53:59गई है तो गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया को कुछ
1:54:01पावर्स भी दी गई इनको बोला गया कि आप वीटो
1:54:03कर सकते हैं साहब कोई ऐसा एक्ट है आपको लग
1:54:06रहा है कि आपके मन के मुताबिक नहीं है तो
1:54:09ओवरराइडिंग पावर कोई कह लो कि वीटो कर
1:54:10सकते हैं कि हां ओवरराइडिंग पावर इनके ऊपर
1:54:12थी यहां पे एक्ट को वीटो किया जा सकता है
1:54:15यस बिल सबने पास कर दिया गवर्नर जनरल को
1:54:18मन अच्छा नहीं लगा मजा नहीं आया तो टो कर
1:54:20देगा कागर नहीं पास हुआ दूसरी बात दूसरी
1:54:24बात हुआ पोर्टफोलियो
1:54:26सिस्टम नहीं पोर्टफोलियो नहीं सॉरी यहां
1:54:29पे हुआ कि हां ये जो ये जो जो है एलव है
1:54:31एलव को परमानेंट कर दिया कहने की जरूरत है
1:54:33राइट दिस बिकम परमानेंट मेंबर जो पीछे
1:54:35टेंपरेरी से आया था उसने इतनी इज्जत कमाई
1:54:39कि वो परमानेंट हो गया होता है कभी-कभी
1:54:41आपकी टेंपरेरी हायरिंग होती है बट आप इतनी
1:54:42इज्जत कमा देते हैं कि यहां वो जो है
1:54:44परमानेंट हो जाते नाउ ये छह लोग कौन है
1:54:47जरा इस बात प भी ध्यान देते हैं इसमें में
1:54:49से दो लोग जो हैं दो लोग एक्चुअली सुप्रीम
1:54:52कोर्ट जज
1:54:55है या सुप्रीम कोर्ट से बुलाए गए कि आपको
1:54:58लॉ की भी जानकारी है तो हां दो तीन लोग
1:54:59होने चाहिए जिनको लॉ की जानकारी हो प्लस
1:55:02बाकी ये जो चार लोग हैं दे आर लोकल
1:55:06रिप्रेजेंटेशन लोकल
1:55:09रिप्रेजेंटेशन इसमें से कोई एक बॉम्बे से
1:55:11आया है कोई मद्रास से आया है कोई आगरा से
1:55:13आया है कोई बंगाल से आए तो ये क्या है कि
1:55:15हां ये थोड़ा सा अपनी अपनी एरिया को अपनी
1:55:18जो है लेजिस्लेटर को रिप्रेजेंट कर रहे
1:55:21हैं आप कहेंगे सर रिप्रेजेंट क्यों कर रहे
1:55:23हैं क्योंकि यहां के गवर्नर के पास पावर
1:55:25नहीं है कि वो एक्ट बना सके वो सिर्फ
1:55:27प्रपोज कर सकता था तो प्रपोज करने के लिए
1:55:30एक आदमी भेद दिया है कि हां तुम वहां बैठे
1:55:32रहना और जब पूछा जाए कि हां बम्बे में ये
1:55:34वाला एक्ट चाहिए तो हाथ उठा देना कहना हां
1:55:36हां चाहिए चाहिए राट तो पूरा माहौल बनाना
1:55:38हमको एक्ट दिलवा देना तो प्रपोजल पहले
1:55:40होता था लेकिन अब हुआ कि एक आदमी ही बिठा
1:55:42दो जो उस लोकल एरिया को रिप्रेजेंट करें
1:55:45तो लोकल रिप्रेजेंटेशन हो रहा है गवर्नर
1:55:48जनरल ऑफ इंडिया की काउंसिल में
1:55:51राइट सो दिस इ दिस इज हैपनिंग इन इन द
1:55:5318533 का एक्ट हमने समझा कि यहां प्लस एकस
1:55:56इयर्स आइए थोड़ा इसी को देखते हैं 183 एक
1:55:59बार पहले जो है देख लेते हम बात कर रहे कि
1:56:01हां कंपनी जो है प्रोवाइडेड कि हां जो है
1:56:04कंपनी अभी एक्सटेंड कर दी कि हां ठीक है
1:56:06कंटिन्यू करो देखेंगे बस हमने समझा कि हां
1:56:08जो स्ट्रेंथ ऑफ द कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स 18
1:56:10कर दी गई है जिसम 12 ही एक्चुअली कोर्ट ऑफ
1:56:11डायरेक्टर्स के मेंबर्स है बाकी छह लोग
1:56:14क्राउन जाएंगे प्लस हमने बात करी कि कंपनी
1:56:17का जो पैटर्न था सिविल सर्विसेस के ऊपर वो
1:56:19अब हटा दिया गया है अब देयर विल बी ओपन
1:56:21कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन अगर हम पोस्ट
1:56:23देखें तो इंडिया में एक होती है कोनें
1:56:25पोस्ट जो कि हायर सर्विसेस होती है राइट
1:56:28है ना एक होती है अनकोटेड सर्विसेस जो कि
1:56:30लोअर सर्विसेस होती है तीसरा होता है कि
1:56:33हां जो है हां तो यह जो अब जो बात हो रही
1:56:34है कि अब मैकल कमेटी बनाई गई
1:56:49अप्लाई कर सकते हैं ओपन हो चुका है तो नाउ
1:56:51दिस विल लीड टू मेरिट बेस्ड हायरिंग
1:56:54ओके लॉ मेंबर हमने बात करी कि हां वो फुल
1:56:56मेंबर हो चुका है सेपरेशन ऑफ द
1:56:58एग्जीक्यूटिव एंड लेजिस्लेटिव फंक्शन ऑफ़
1:56:59द गवर्मेंट ऑफ ब्रिटिश इंडिया क्योंकि अब
1:57:01हमने बात कर दी कि हां देयर इज एडिशनल
1:57:03लेजिस्लेटिव पर्पस के लिए लोग आ चुके हैं
1:57:05प्लस लोकल प्रेजेंटेशन की हमने बात करी कि
1:57:07हां वो भी यहां पे आ चुके हैं उन छह में
1:57:09कुछ लोग लोकल भी होंगे कहीं लोकल एरिया को
1:57:11दिखा रहे हो तो दिस वाज ऑल अबाउट
1:57:19वेरी वेरी बेनिफिशियल आपका कुछ भी एग्जाम
1:57:21में आएगा तो यू विल बी एबल टू हैंडल राइट
1:57:23है ना जीवन आपका काफी आसान हो जाएगा य हर
1:57:25जगह मिलता नहीं है और जो है आप देखेंगे कि
1:57:27हर जगह थोड़ा सा कहानी छोटे में करके
1:57:29निपटा देते हैं इट इज वेरी वेरी फैक्चर
1:57:31लोगों को पसंद भी नहीं आता कि इतना फैक्ट
1:57:33क्यों देखें राइट बट इट इज वेरी
1:57:34इंपॉर्टेंट फॉर द एग्जामिनेशन पूछेगा तो
1:57:36ये बात इंपॉर्टेंट है है ना थोड़ा सा सब्र
1:57:38करके अगर इस चैप्टर को देख लोगे तो इसमें
1:57:40से सवाल बनता है हर साल बनता है इस साल तो
1:57:42बहुत ही इजी पूछा था गवर्नर जनरल ऑफ
1:57:43इंडिया
1:57:451833 है ना यही सवाल पूछ दिया था है ना
1:57:48सिर्फ इतनी लाइन पे पूछ दिया था तो कभी
1:57:49आसान पूछ लेता है कभी पूछ लेता है कि हां
1:57:51जो है जो है यह बताइए कि यह प्रोविंसेस का
1:57:57पार्ट है कि नहीं ऐसा करके लिस्ट में यहां
1:57:59जो लिस्ट है प्रोविंसेस की पार्ट है कि
1:58:00सेंटर की पार्ट है किधर रखोगे इस तरह के
1:58:02सवाल भी आते हैं वुमेन को वोटिंग अलाउ थी
1:58:05कि नहीं ऐसा करके टफ सवाल भी आता है राइट
1:58:06है ना तो जो है 191 में 1935 में है ना
1:58:09आगे देखेंगे उसको अभी फिलहाल इस बात को
1:58:11कंप्लीट करते हैं
1:58:13183 183 जो है एक तो हम मार्क कर ले
1:58:17गवर्नर जनरल उसके एग्जीक्यूटिव में चार और
1:58:21लेजिस्लेटर में छह यह बातें हमको याद दिला
1:58:23देगा प्लस प्लस हम मार्क करेंगे कोर्ट ऑफ
1:58:29डायरेक्टर कोर्ट ऑफ डायरेक्टर 18 प्लस लिख
1:58:34द x इयर्स बातें याद आ
1:58:37जाएंगी राइट है ना इतना बहुत है प्लस हां
1:58:41सिविल
1:58:42सर्विसेस प्लस सिविल
1:58:47सर्विसेस ओपन हो गया है यहीं से तो देखो
1:58:5053 में ही सिविल सर्विसेस भी ओपन हुआ है
1:58:53प्लस प्लस लेजिसलेटिव काउंसिल आई है अलग
1:58:56एक काउंसिल आ चुकी है एडिशनल मेंबर आ चुके
1:58:58हैं दिस इज हैपनिंग इन 183 एंड फाइनली
1:59:0418581 7 वी हैव एक्ट ऑफ
1:59:08185
1:59:1618582 का एक्ट तो आखरी एक्ट बिफोर 1850
1:59:21बिफोर ग्राउन
1:59:27रूल
The Act for Better Government
1:59:30या तो दिस इज एक्ट फॉर द बेटर गवर्नमेंट
1:59:32ऑफ इंडिया कि यहां ब्रिटिश सरकार कह रही
1:59:34है कि तुमसे ना हो पाया राइट अब हम तुमसे
1:59:37अच्छी सरकार लेकर आएंगे तो आज से आज से
1:59:40बेटर गवर्नमेंट की बात होगी आफ्टर द 1857
1:59:44की
1:59:45रिपोट सो नाउ नाउ तो अब हुआ क्या एक बार
1:59:48फिर से समझते ब्रिटेन में क्या हुआ
1:59:50ब्रिटेन में हुआ कि भाई जो है आप हम बात
1:59:53कर रहे थे कि सरकार ने बना रखा था एक
1:59:55बोर्ड ऑफ कंट्रोल अब तो रट गया होगा ये और
1:59:58ईस्ट इंडिया कंपनी का हुआ करता था कोर्ट
2:00:01ऑफ डायरेक्टर जिसके दो फंक्शन हुआ करते थे
2:00:04कमर्शियल और कमर्शियल और एडमिनिस्ट्रेटिव
2:00:07प्लस जिस हम कह रहे थे कि इनका अप्रूवल ही
2:00:11सब कुछ था इनका अप्रूवल ही है इनका शासन
2:00:14राइट इंडिया में इसी हिसाब से चल रही थी
2:00:16बात प्लस कमर्शियल फंक्शन बंद हो गया था
2:00:18ये भी हमने समझी थी बात अभी हमने यह भी
2:00:20जाना कि हा यह 24 हुआ करते थे 24 से अब रह
2:00:22चुके हैं 18 जिसमें छ लोग क्राउन भेज
2:00:25र नाउ 188
2:00:49हम लोग टेक ओवर कर रहे हैं टेरिटरी हो गया
2:00:52आपकी
2:00:53टेरिटरी आपका रेवेन्यू
2:00:56आपकी जो है एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी आपके
2:01:00एंप्लॉई आपकी आर्मी सब कुछ सब कुछ हम लोग
2:01:05टेक ओवर कर रहे हैं आज से यह सब कुछ
2:01:07बिलोंग करेगा किसको क्राउन को यह सरकार का
2:01:11हुआ क्राउन का हुआ और आज से इंडिया रूल
2:01:14करेंगे कौन हम तो दिस इज व्ट अगर ब्रिटेन
2:01:19डायरेक्ट रूल करेगा तो दे आर सेइंग कि हां
2:01:21वी आर गोइंग टू बी बेटर गवर्नमेंट ये नहीं
2:01:23कह रहे वी आर द बेस्ट गवर्नमेंट क र तुमसे
2:01:25तो बेटर ही होगा जो हो रहा था उससे अच्छा
2:01:28होगा तो बेटर गवर्नमेंट एक्ट
2:01:3218582
2:01:3918581 में और बिजनेस बिजनेस जो करना है
2:01:42करते रहो उससे हमें मतलब नहीं है लेकिन
2:01:44हां तुम ये नहीं करोगे कोर्ट ऑ डायरेक्टर
2:01:47को फायर किया है नहीं ऐसा नहीं कोर्ट ऑ
2:01:48डायरेक्टर अपना रहेगा अपनी प्राइवेट कंपनी
2:01:50में जो करना है करता रहे लेकिन यह काम
2:01:52नहीं कर सकता दिस इज दिस इज समथिंग व्हिच
2:01:54हैज
2:01:56हैपेंड नाउ नाउ एक पोजीशन बनाई गई कि ऐसा
2:02:00तो है नहीं कि रानी बैठ के यही काम करेगी
2:02:02तो सरकार का कोई मिनिस्टर चुना जाएगा
2:02:05कैबिनेट मिनिस्टर जिसको कहा जाएगा कि यू
2:02:07आर सेक्रेटरी ऑफ
2:02:08स्टेट सेक्रेटरी ऑफ
2:02:11स्टेट फॉर इंडिया इसको ये डेडिकेटेड काम
2:02:15दिया जाएगा कि अब जीवन में तुम एक ही काम
2:02:17करोगे इंडिया को मैनेज करो
2:02:19और इसको दी जाएगी 15 मेंबर की एडवाइजरी
2:02:22बॉडी ध्यान रखना दिस इ एडवाइजरी ऐसा नहीं
2:02:25है कि हाय वोटिंग हो रही है और फिर इन्हीं
2:02:27की नहीं सुनी जा रही व चारही भारी पड़ 15
2:02:30हो ग दिस एडवाइजरी बॉडी इसका हेड यही है
2:02:33यह जो कहेगा वही होगा तो एक्चुअली क्राउन
2:02:36रूल करेगा वाया सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कहने
2:02:39के लिए कम्युनिकेशन के लिए है सेक्रेटरी ऑ
2:02:41स्टेट कम्युनिकेट कर रहा है खाली बट
2:02:43एक्चुअली सारी की सारी डीलिंग कौन कर रहा
2:02:45है सेक्रेटरी ऑफ स्टेट किसके साथ कर रहा
2:02:47है तो रिवोल्ट यहां पे हैंडल करी गई
2:02:52एंड एंड इंडिया
2:02:55में इंडिया में हुआ कि भाई यहां कैसे
2:02:58राज्य हो रहा है हमने कहा बताया सर गवर्नर
2:02:59जनरल ऑफ इंडिया है उसकी नीचे एक
2:03:02एग्जीक्यूटिव बॉडी है उसका एक लेजिस्लेटिव
2:03:05मेंबर अलग है
2:03:08लेजिस्लेटर लेजिस्लेटर अलग है उसका कुछ और
2:03:11के बस बस ठीक है इतना इससे ज्यादा नहीं
2:03:14जानना है राइट आगे जो भी चल रहा है हमें
2:03:16मतलब नहीं है आ से गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया
2:03:19हमारा
2:03:19हुआ और इसको एक नई पद्धति देते हैं वाइस
2:03:22रॉय
2:03:24की इसका काम क्या है वही जो कर रहा था
2:03:27राइट कोई बदलाव कोई बदलाव नहीं इंडिया में
2:03:29कोई चेंज कोई चेंज नहीं इंडिया में कोई
2:03:31चेंज नहीं खाली नाम चेंज हो गया गवर्नर
2:03:32जनरल ऑफ इंडिया को वाइस रॉय कहा जाएगा
2:03:35राइट है ना कि हां क्या बदला हुआ नाम बदल
2:03:37गया वाइस रॉय से क्या है कि उसकी इज्जत
2:03:39बढ़ गई पहले वो कंपनी के लिए काम करता था
2:03:41आदमी अब वो रानी के लिए काम कर रहा है
2:03:42राइट उसका अपॉइंटमेंट वगैरह भी रानी ही
2:03:44करेगी वो पहले ही हो रहा था कौन सी बड़ी
2:03:45बात है अप्रूवल तो था ही रॉयल
2:03:47अप्रूवल तो फिलहाल तो गवर्नर जनरल जो है
2:03:50यहां पे यहां पर क्या करेगा जो है गवर्नर
2:03:53जनरल बन जाएगा वाइस रॉय और इस तरीके से अब
2:03:56आगे का राज्य कैरी होगा कैरी ऑन होगा
2:03:58विदाउट दिस प्राइवेट कंपनी यानी कि क्या
2:04:00बोर्ड ऑफ कंट्रोल भी खत्म हो गया यस यह सब
2:04:03भी खत्म हो गया ऑफकोर्स राइट कोई अप्रूवल
2:04:05नहीं कुछ नहीं अपना अब आराम से ऊपर ऊपर आप
2:04:08लोग संभाल सकते हैं क्राउन जो है वो जो
2:04:10ब्रिटेन का क्राउन है ब्रिटेन के जो जो है
2:04:13रानी है वो यहां से इसको हैंडल कर सकती है
2:04:16प्लस हम लोग बात कर रहे थे 188 के जो है
2:04:19एक एक प्रोक्लेमेशन आया था राइट नवंबर में
2:04:50ऐसा करके वादा हम लोग ने पहले पढ़ा हुआ
2:04:53राट दिस पहले पढ़ा हुआ है य लिखने की
2:04:56जरूरत नहीं है बट यास दिस हैपेंड इन
2:04:59185 तो चलिए अपने टाइमलाइन इस बात को
2:05:01कंप्लीट कर देते हैं एक बात
2:05:05ग्राउंड कंपनी का अब कोई लेना देना नहीं
2:05:09है प्लस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट इसकी एक 15
2:05:13मेंबर की एडवाइजरी बॉडी है प्लस गवर्नर
2:05:16जनरल ऑफ इंडिया बिकम आल्सो वाइस
2:05:20रॉय क्या कोई और बदलाव है नहीं यही बेटर
2:05:23गवर्नमेंट है क्योंकि स्वयं रानी इवॉल्वड
2:05:25है स्वयं कुईन
2:05:27इवॉल्वड या सो दिस वी हैव
2:05:29सीन या तो यह वाली पूरी हमने कहानी समझी
2:05:32अच्छा पहले पहले कौन बनेंगे पहले बनेंगे
2:05:34हमारे लॉर्ड कैनिंग लॉर्ड कैनिंग उस समय
2:05:37गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया थे यही हमारे पहले
2:05:40वाइस रॉय भी बने जो कि अब जो है क्वीन के
2:05:43लिए काम करेंगे क्वीन
2:05:46गई या सो जो डुअल सिस्टम चल रहा था कि दो
2:05:49लोग रूल कर रहे थे क्या वो डुअल सिस्टम
2:05:51ऑटोमेटिक खत्म हो चुका है यहां पे यस डुअल
2:05:53सिस्टम खत्म हो चुका है लॉर्ड कैनिंग जो
2:05:55है यहां पर बन चुके हैं वाइस
2:05:57रॉय तो दिस वाज द होल स्टोरी ऑफ
2:06:00कांस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट टिल
2:06:0318581 खत्म कर लिया है है ना कि 18582 तक
2:06:06का कॉन्स्टिट्यूशन डेवलपमेंट कैसे हुआ है
2:06:08अब यहां से हम लोग बात करेंगे अगली कहानी
Development 1858-1947
2:06:11कि डेवलपमेंट आफ्टर
2:06:18करेंगे इस तरह के इंडियन काउंसिल एक्ट
2:06:20आएंगे गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट आएंगे ये
2:06:22हमारा नेक्स्ट टॉपिक आइए डिस्कस करते हैं
2:06:24तो वापस इसकी एक टाइमलाइन बनाते हैं देखते
2:06:27हैं कि हा यह एवोल्यूशन कैसे हुआ ना अगेन
2:06:29यह तो एक मेंस का सवाल भी हो सकता है राइट
2:06:32पॉसिबल है भाई कि हा एक मेंस में पूछ लिया
2:06:33जाए या फिर जो है से भी आ सकता है
2:06:40तो तो कहानी फिर से बात करते हैं शुरू
2:06:43करते हैं वरन हेस्टिंग से 1772
2:06:47से न टेक अप कर रहे कुछ 1785
2:06:51समर दिस इ वरन हेस्टिंग्स और वरन
2:06:54हेस्टिंग्स कहा जाता है कि हां यह क्या
2:06:56एडमिनिस्ट्रेशन सुधार पाए नहीं इन्होंने
2:06:59खाली एडमिनिस्ट्रेशन टेकओवर कर लिया है
2:07:02ड्यूल गवर्नमेंट को खत्म कर दिया है डुअल
2:07:04गवर्नमेंट खत्म कर दिया है और
2:07:05एडमिनिस्ट्रेशन टेक ओवर कर दिया बट क्याय
2:07:07एडमिनिस्ट्रेशन सही में सुधार पा रहे नहीं
2:07:09एडमिनिस्ट्रेशन सही कर नहीं पा रहे खाली
2:07:11इनके लिए एक शब्द इस्तेमाल किया जाता है
2:07:13कि ही कैन बी टर्म एस एडमिनिस्ट्रेटिव
2:07:16ऑर्गेनाइजर एडमिन ऑर्गेनाइजर है किसी भी
2:07:20किसी भी क्षेत्र में हम देखें चाहे
2:07:23रेवेन्यू के क्षेत्र में देखें चाहे सिविल
2:07:24सर्विसेस के क्षेत्र में देखें किसी भी
2:07:26क्षेत्र में ही हैज जस्ट स्टार्टेड द
2:07:28सिस्टम लेकिन वो अच्छा चलेगा बुरा चलेगा
2:07:31नहीं चल पाएगा ऐसी कोई जिम्मेदारी वरन
2:07:33हेस्टिंग्स की नहीं रही और यही रीजन था कि
2:07:36बुलाया गया लॉर्ड कन्वोस को तो 86 से 93
2:07:40समवेने वोलस कमिंग इन टिल 93 वी हैव लॉर्ड
2:07:45कन्वोस लॉर्ड रहने देते हैं कन्वोस एक दि
2:07:48देते हैं
2:07:49कन्वोस कन्वोस इज आल्सो कॉल्ड एज फादर ऑफ
2:07:52सिविल सर्विसेस तो जब ये आए तो इनके ऊपर
2:07:54जिम्मेदारी थी कि जितना भी रायता फैला हुआ
2:07:56जितने भी और चीजें हैं एडमिनिस्ट्रेशन में
2:07:58सारी चीजें आपको सही करनी है चाहे वो
2:08:00जुडिशरी हो चाहे वो रेवेन्यू हो चाहे वो
2:08:02सिविल सर्विसेस हो एवरीथिंग ही हैज टू
2:08:04फिक्स तो नाउ सो ही ब्रॉट दिस कांसेप्ट ऑफ
2:08:07कोवेट सिविल सर्विसेस कि यहां भी कुछ
2:08:10सिविल सर्वेंट होंगे जो कि खासा पावरफुल
2:08:12होंगे जिनके ऊपर खासा जिम्मेदारी होगी तो
2:08:14ही ब्रॉट दिस कांसेप्ट ऑफ कोवेन कोवेट
2:08:18सिविल
2:08:19सर्विस सिविल सर्विसेस ऐसी सर्विसेस जिसके
2:08:22पीछे लोग भागे राइट है ना इसकी सैलरी भी
2:08:25उन्होंने बहुत हाई रखी कहते हैं कि हां
2:08:26कुछ 500 पाउंड समथिंग जो है इन्होंने
2:08:28सैलरी रखी प्लस ही वांट्स कि हां ये
2:08:31सिस्टम काफी ऑनेस्ट होना चाहिए तो इसपे
2:08:33कमीशन वगैरह भी दिया कि हां भा जो है यू
2:08:35नो अगर आप रेवेन्यू कलेक्ट करते हैं इतना
2:08:37रेवेन्यू कलेक्ट करते हैं तो उसको कुछ
2:08:39परसेंटेज वगैरह भी आपको मिलेगा तो दिस इज
2:08:41हाउ ही स्टार्टेड दिस सर्विस तो कोटेड
2:08:43सिविल सर्विसेस टेक्निकली शुरू होती है
2:08:45किसके टाइम से कन्वोस के टाइम से सो ही इज
Evolution of civil services in India
2:08:47द गवर्नर जनरल 1786 टू 93 और इन्होंने
2:08:50ऑर्गेनाइज किया सिविल सर्विसेस एक जो सबसे
2:08:53बड़ा मुद्दा था सबसे बड़ा चैलेंज था कि
2:08:55ईस्ट इंडिया कंपनी के जितने एंप्लॉयज थे
2:08:57वो सारे थे करप्ट अब यहां पे सबसे बड़ा
2:08:59चैलेंज यही था कि किसी तरह एक ऑनेस्ट आदमी
2:09:02ढूंढ लिया जाए राइट जो कि पूरी शिद्दत के
2:09:04साथ पूरी ईमानदारी के साथ काम करें ऐसा
2:09:06आदमी मिलना बड़ा मुश्किल था तो इसीलिए
2:09:08इन्होंने कोशिश करी कि हां जो है सैलरी
2:09:10वगैरह हाई रखी जाए तो उन्होंने सैलरी हाई
2:09:12रखी राइट रूल्स वगैरह प्राइवेट ट्रेड पे
2:09:15उन्होंने कहा कि नहीं प्राइवेट ट्रेड
2:09:16वगैरह नहीं होना चाहिए है ना अपने अपने
2:09:18काम में मत लग जाओ सरकार के काम पे ध्यान
2:09:20दो अच्छे से रहो अच्छे से काम करो प्लस
2:09:22प्लस कोई प्रेजेंट ब्राइब टेबल के नीचे
2:09:25कुछ भी ये सब नहीं चलेगा ये नहीं चाहिए
2:09:27राइट प्लस प्रमोशन भी सीनियरिटी के थ्रू
2:09:29होगा ये नहीं कि टेबल के नीचे कुछ खिला के
2:09:31प्रमोट हो रहे हो पैसा बढ़ा रहे हो ये
2:09:33सारी चीजें नहीं होंगी तो ही ट्राइड ही
2:09:36ट्राइड दस सिस्टम बट क्या ऐसा होने वाला
2:09:38है ऐसा क्या जो है सही में अचीव कर पाएंगे
2:09:40नहीं ऐसा अचीव तो नहीं कर पाएंगे दिस इज
2:09:42मोर लाइक कि हां वो ट्राई कर रहे हैं बट
2:09:44यस ही इज द फादर ऑफ सिविल सर्विसेस सिविल
2:09:46सर्विसेस यहां से शुरू हुई है राइट नहीं
2:09:48कह रहे ऑनेस्ट सिविल सर्विसेस शुरू हुई है
2:09:50बट सिविल सर्विसेस शुरू हो गई नाउ अब ये
2:09:52सिविल सर्विसेस का अपॉइंटमेंट कैसे हो रहा
2:09:54है जरा ये भी थोड़ा हम देखें कि ये जो
2:09:56सर्विसेस हैं दीज सर्विसेस आर अपॉइंटेड
2:09:58बाय दीज बेसिकली सर्वेंट्स आर अपॉइंटेड
2:10:00बाय कोर्ट ऑफ
2:10:02डायरेक्टर्स कोर्ट ऑफ
2:10:05डायरेक्टर्स इसकी कोई एलिजिबिलिटी है हां
2:10:07भाई मौसी का लड़का होना चाहिए मतलब
2:10:09नेपोटिज्म चल रहा है मतलब पैटन ज के हिसाब
2:10:12से कि हां जो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स हैं
2:10:14उनको लग रहा है कि हां ये आदमी हमारा
2:10:15जानने वाला है राइट ये हमको कुछ पैसा दे
2:10:17रहा है तो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर से ही यह
2:10:19कल्चर चला आ रहा है तो कोर्ट ऑफ
2:10:21डायरेक्टर्स का पैटर्न सिस्टम कि अंडर द
2:10:24पैटर्न सिस्टम ऑफ कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ये
2:10:26सारा अपॉइंटमेंट हो रहा है क्या कोई
2:10:28एग्जाम हो रहा है यूपीएससी का प्रिपरेशन
2:10:30हो रहा है नहीं तो पैटर्न सिस्टम चल रहा
2:10:32है
2:10:33इनिशियली तो जब पैटर्न सिस्टम चल रहा है
2:10:36तो यू कैन अंडरस्टैंड कि यहां पे जो
2:10:38हायरिंग हो रही है वो क्या मेरिट बेस्ड
2:10:40हायरिंग हो रही है मेरिट बेस्ड हायरिंग भी
2:10:42नहीं हो रही यहां का जो आईएस ऑफिसर है
2:10:43कोविड सिविल सर्वेंट है वो इस लायक है
2:10:46नहीं कि हां उसे कोविड सिविल सर्वेंट बनना
2:10:48चाहिए पर क्योंकि उसपे कोर्ट ऑफ डायरेक्टर
2:10:51का हाथ है सर पे तो हां वो बना हुआ है
2:10:52राइट एडमिनिस्ट्रेशन वगैरह देखेगा
2:10:54डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर मजिस्ट्रेट कुछ भी बन
2:10:56सकता है वो तो पॉसिबल है अब ऐसे में वेलीज
2:10:59की एंट्री होती है वेलेजली समवेल 98 हमें
2:11:02याद आया कि एक वेलीज आए थे जिनका कांसेप्ट
2:11:05हमने सीखा था कौन सा य सब्सिडियरी अलायंस
2:11:08तो हां 1805 तक रहे हैं वेलीज ली तो वेल
2:11:12इजली देखा कि ये जो लोग आ रहे हैं इनको
2:11:14कुछ आता जाता है नहीं क्या किया जाए भाई
2:11:17कैसे इसको सॉल्व किया जाए तो वेली इजली
2:11:19वेली इजली ब्रॉट दिस कांसेप्ट ऑफ फोर्ट
2:11:21विलियम कॉलेज इनका लवास ना बनाओ भाई फोर्ट
2:11:25विलियम
2:11:28कॉलेज कि ये जो आ रहे हैं कम से कम थोड़ा
2:11:31सा ट्रेनिंग दिया जाए कि कुछ तो कुछ तो जो
2:11:34है निखारा जाए बताया जाए इनको इंडिया के
2:11:36बारे में कुछ नहीं पता यहां के कस्टम्स के
2:11:37बारे में कुछ नहीं पता प्लस
2:11:39एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में कुछ नहीं पता
2:11:40चले आए हैं ये लोग है ना कि जस्ट बिकॉज कि
2:11:42यहां जो है कनेक्शन अच्छा था नेटवर्क
2:11:44अच्छा था कोर्ट ऑफ डायरेक्टर साथ उठना
2:11:45बैठना था तो किसी तरह यहां तक पहुंच गए तो
2:11:48दैट वाज द रीजन कि वेलेजली जब कन्वोस के
2:11:51बाद वेलेजली आते हैं तो वेली इजली
2:11:53एस्टेब्लिश करते हैं फोर्ट विलियम कॉलेज
2:11:56राइट दिस इज इन कलकट तो फोर्ट विलियम
2:11:58कॉलेज का एस्टेब्लिशमेंट करते हैं क्योंकि
2:11:59उस समय सरकार भी कलकाता में ही है राइट बट
2:12:02बट जैसे ही लजली गए वेल इजली गए नहीं कि
2:12:06हुआ कि कोर्ट डायरेक्टर को अच्छा नहीं लग
2:12:08रहा था कि हां भाई उनका भेजा हुआ आदमी आप
2:12:09कह रहे होगे आप ट्रेनिंग कराओ अच्छा नहीं
2:12:11है ये तो नाउ तो ये कॉलेज तुरंत ही
2:12:14डिसपिटर डायरेक्टर पे उंगली उठने लगी
2:12:16क्यों किया क्यों किया तुरंत कहा नहीं हम
2:12:18अपना ही एक कॉलेज बना रहे हैं तो हेली बरी
2:12:20में उन्होंने अपना एक कॉलेज सेटअप किया जो
2:12:22है अपना अपना जो है एक ट्रेनिंग के लिए
2:12:25कॉलेज सेटअप किया और बोला हम यहीं से
2:12:26ट्रेन करके भेजेंगे दो साल की ट्रेनिंग
2:12:28करा के भेजेंगे है ना ताकि कोई दोबारा
2:12:30वहां पर जाके चेक ना करे वहां पर कोई
2:12:32रिपोर्ट ना भेजे का कुछ नहीं आता है ऐसा
2:12:34कुछ नहीं होना चाहिए तो टेक्निकली दिस
2:12:37स्टार्टेड हेली बरी से जो है फोर्ट विलियम
2:12:39कॉलेज स्टार्ट हुआ बट उसके बाद यह
2:12:41ट्रेनिंग बंद हो गई और इसकी जगह ट्रेनिंग
2:12:44होने लगी एट
2:12:47लीबेरी है ना कि दो साल की ट्रेनिंग ू
2:12:50इयर्स ट्रेनिंग और फिर ट्रेन करके भेजेंगे
2:12:53ताकि कोई कुछ ना कहे तो समझो कि य यहां पर
2:12:57इनिशियली या ओवरऑल रिक्रूटमेंट क्या अच्छा
2:12:59हो रहा है अच्छा रिक्रूटमेंट नहीं हो रहा
2:13:01कोर्ट डायरेक्टर ही मालिक है जब मालिक ही
2:13:03जो है नहीं चाहता है कि हां जो है अच्छा
2:13:05आदमी पहुंचे तो कैसे ही पहुंचे नहीं बनेगी
2:13:07बात ही नहीं बनेगी अब ऐसे में ऐसे में
2:13:10कहानी आगे बढ़ाते हैं ऐसे हम देखेंगे कि
2:13:12हां जो है कोशिश करी जा रही है तो पहले एक
2:13:16बात उठेगी चार्टर एकट ऑफ 1833 अभी थोड़ी
2:13:19देर पहले पढ़ रहे थे हम लोग 1833 का
2:13:22चार्टर एक्ट 1833 का चार्टर एक्ट कहेगा कि
2:13:25इसको सरकार कहेगी ब्रिटेन सरकार कहेगी कि
2:13:28इसको इसके लिए ओपन कंपटीशन कराते हैं
2:13:30क्योंकि मेरिट बेस्ड हायरिंग नहीं हो रही
2:13:32तो लेट अस गो फॉर ओपन कंपटीशन बट हमको याद
2:13:34आया कि इसी पॉइंट पर ओपन सुनते ही सारे
2:13:38लोग ओपनली रोने लगे थे कि हां सर ये मत
2:13:41कराइए राइट ओपन कंपटीशन नहीं होना चाहिए
2:13:44अभी नहीं ऐसा करके क्यों क्योंकि 1833 के
2:13:47चार्टर एक्ट के तहत ये लोग
2:13:48एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी बन गए थे कमर्शियल
2:13:50फंक्शन सारे बंद करा दिया था तो कोर्ट और
2:13:52डायरेक्टर एकदम से रोने लगा कि सर ऐसा मत
2:13:53करिए तो यहां पर हुआ कि चलो ठीक है कुछ तो
2:13:56एग्जाम होगा बट दिस वाज मोर लाइक इंटरनल
2:14:00एग्जाम ऐसा नहीं कि कोई भी फॉर्म भर सकता
2:14:02है वो फॉर्म वही लोग भर सकते हैं वो
2:14:04एग्जाम वही लोग दे सकते हैं जो कि
2:14:06नॉमिनेटेड बाय द कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स है
2:14:09तो क्या अभी भी ये ओपन है मेरिट आएगी अभी
2:14:11भी कुछ ओपन नहीं है मेरिट तो नहीं आने
2:14:13वाली बट फाइनली प्रॉब्लम सॉल्व हुई 183
2:14:16में 53 18533 सेड कि भाई बहुत हो गया नाउ
2:14:22लेट अस गो फॉर ओपन
2:14:24कंपटीशन ओपन कंपटीशन की बात जो है यहां से
2:14:28उठी और इसीलिए इसीलिए कमेटी बनाई गई अंडर
2:14:31मैले मैले कमिटी कि आप बताइए नोटिफिकेशन
2:14:35में क्या लिखना है राइट ऐसा करके एक कमेटी
2:14:38बनाई गई मै कले कमिटी जो कि बताएगी कि हां
2:14:41भाई जो है कैसे कैसे जो है रिक्रूटमेंट
2:14:44होगा सिलेबस क्या होगा ऑप्शनल होगा कि
2:14:46नहीं होगा राइट सी सेट रखेंगे नहीं रखेंगे
2:14:49ये सारी बातें कौन बताएगा मैकौले यहां पे
2:14:51बताने वाले हैं सो
The Charter Act
2:14:53नाउ या नाउ द चार्टर एक्ट ऑफ़
2:15:0418530 उसके लिए बनाई गई कमेटी देखो अब तक
2:15:08अब तक जो कहानी है क्योंकि अब कोर्ट ऑफ
2:15:10डायरेक्टर ही पैटर्न प्रोवाइड कर रहे हैं
2:15:12तोब तक इंडियंस का कोई रोल नहीं था इसमें
2:15:15सिविल सर्विसेस में इंडियंस की हायरिंग हो
2:15:17ही नहीं रही थी पॉसिबल ही नहीं था रीजन कि
2:15:20उसके काफी रीजन है एक तो यह है कि जब
2:15:23आईएएस बनाने का मौका सीधे जो है जानकार
2:15:25आदमी को दिया जा रहा है राइट अपने
2:15:27नेपोटिज्म चल रहा है अपने मौसी के लड़के
2:15:29को बनाया जा रहा है तो फिर कौन ही चाहेगा
2:15:31कि इंडियन बने सच अ लुक्रेटिव पोस्ट इतना
2:15:34पैसा है उस पे तो उसमें हर कोई चाहता है
2:15:36कि हां कोई ब्रिटिश ऑफिसर ही जाए दूसरा
2:15:39माहौल भी ऐसा बना रखा है कि हां अगर
2:15:41ब्रिटिश ऑफिसर होगा तो वो ब्रिटिश
2:15:43इंटरेस्ट का ध्यान रखेगा राइट है ना अगर
2:15:45कोई इंडियन ऑफिसर आ गया तो कहीं वो इंडियन
2:15:46इंटरेस्ट का ध्यान ना रखने ने लग जाए तो
2:15:48ब्रिटिश इंटरेस्ट का ध्यान रखने के लिए
2:15:50ट्रेड का ध्यान रखने के लिए ओवरऑल ये
2:15:52कॉलोनियल फेनोमेना को बनाए रखने के लिए इट
2:15:55वाज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट कि ये इंडियंस
2:15:57को बाहर रखा जाए इसमें सिर्फ और सिर्फ
2:15:59अंग्रेज आए तो 1833 में मुद्दा तो उठा
2:16:01इनफैक्ट 1833 में एक और बात रखी गई थी याद
2:16:04करो 1833 में कहा गया था कि हम जो है कोई
2:16:07डिस्क्रिमिनेशन नहीं करेंगे कोई भी हायर
2:16:09हो सकता है जॉब में आ सकता है है ना तो
2:16:11ऐसा
2:16:14थोरेट्स का हिस्सा कैसे बनेगा कौन सा
2:16:17फॉर्म भरना है राइट नोटिफिकेशन कब आएगा यह
2:16:20सारी कोई बात ही नहीं हुई थी तो टेक्निकली
2:16:21इंडियंस के लिए ओपन तो किया था बट इसमें
2:16:23कोई जा नहीं सकता था क्योंकि पता नहीं था
2:16:25जाना
2:16:26कैसे नाउ आफ्टर 1857 तो ये हमने कहानी
2:16:30कहां तक पढ़ी 1857 तक पढ़ी अब 1857
2:16:33टेक्निकली दिस इज क्वींस रूल अब हमारा
2:16:35क्राउन रूल चालू हो चुका है अब क्राउन रूल
2:16:38में जो है ब्रिटेन और ब्रिटिश इंडिया
2:16:40ऑलमोस्ट एक जैसे होने चाहिए नाउ दिस इज
2:16:42बेटर गवर्नमेंट अगर बेटर गवर्नमेंट है तो
2:16:45भारतीयों की भी एंट्री होनी चाहिए इसमें
2:16:47अब भी अगर एंट्री नहीं दोगे तो फिर काहे
2:16:49का क्राउन रूल राइट सो नाउ तो आफ्टर 1857
2:16:53एस पर क्वीन एस पर क्वीन का प्रोक्लेमेशन
2:16:55नाउ डेफिनेटली इंडियंस कैन एंटर दिस पोस्ट
2:16:59इंडियंस कैन बिकम कोटेड सिविल सर्वेंट
2:17:01राइट
2:17:02पॉसिबल तो खैर खैर तो हम देखेंगे नाउ अगेन
2:17:08कमिंग बैक टू द
2:17:13टाइमलाइन कि फाइनली जो कमेटी बनाई गई थी
2:17:17वो कमिटी अपना रिकमेंडेशन देगी और नाउ वी
2:17:20विल हैव एन एक्ट ऑफ इंडियन सिविल सर्विसेस
2:17:22एक्ट
2:17:2618618
2:17:3118616 इंडियन सिविल सर्विसेस राइट एक्ट तो
2:17:35ये एक्ट आ गया यहां कम से कम पता तो चला
2:17:38कि यहां नोटिफिकेशन आएगा राइट एंट्री कैसे
2:17:41होगी क्या होगा ये सारी बातें कही जाएंगी
2:17:43एज पर दिस एक्ट एज पर दिस जो है एक्ट
2:17:46कहानी बन रही है कि भाई अब फॉर्म आप भर
2:17:50सकते हैं भारतीयों की भी एंट्री होगी प्लस
2:17:53ये कह रहे कि एग्जाम जो है एग्जाम कराया
2:17:56जाएगा कंडक्ट कराया जाएगा सेंटर पड़ेगा
2:17:58हमने कहा हम नोएडा में रहते हैं तो नोएडा
2:18:00में सेंटर दे दो क रहे नहीं नहीं एग्जाम
2:18:02जो है वो होगा इंग्लैंड में वही आइए वही
2:18:06दीजिए राइट एग्जाम इंग्लैंड में होगा हमने
2:18:09कहा भाषा भाषा क्या है भाई और बताइए कह
2:18:11रहे कि आप इसको आप इसको एक ही लैंग्वेज
2:18:14में अटेंड कर सकते हैं च इ इंग्लिश
2:18:16लैंग्वेज
2:18:18और सब्जेक्ट जो है सब्जेक्ट जो हम आपसे
2:18:20पूछेंगे वो है आपकी अंडरस्टैंडिंग चेक करी
2:18:23जाएगी कि आपको क्या क्लासिकल ग्रीक और
2:18:26लैटिन अंडरस्टैंडिंग है अब ये इंडियन
2:18:30कोविन सिविल सर्विसेस हैं और यह ग्रीक और
2:18:33लैटिन का टेस्ट दे रहे
2:18:34हैं तो वी कैन अंडरस्टैंड कि हां यह जो
2:18:37कहानी गढ़ रहे हैं यह अभी भी नहीं चाहते
2:18:40कि इंडियंस की यहां पर एंट्री हो ये सिर्फ
2:18:42दिखावा है ये सिर्फ दिखाने की कोशिश कर
2:18:44रहे हैं कि हम चाहते हैं हम चाहते हैं कि
2:18:46हर किसी की एंट्री हो इवन इंडियस की भी
2:18:48एंट्री हो बट स्टिल ऑफिसर लेवल पे या
2:18:50इंटरनली देखें कि क्या सही में ये सिस्टम
2:18:52चाहता है कि हम लोग आएं नहीं ये चाहता तो
2:18:54नहीं है हम लोग आए एक तो एग्जाम इंग्लैंड
2:18:57में रखा है अब 90 पर जनता इंग्लैंड जा ही
2:18:59नहीं सकती फॉर्म भर लो क्या ही है फॉर्म
2:19:01या चिट्ठी भेज दो क्या ही होगा बट तुम
2:19:03एग्जाम देने इंग्लैंड जाने के लिए पैसा
2:19:05लगेगा राइट रिसोर्सेस होने चाहिए तो क्या
2:19:07एक आम आदमी ये फॉर्म भर पाएगा ये फॉर्म भर
2:19:09ही नहीं पाएगा फिर उसके लिए क्या हो सकता
2:19:11है भई आपका हिंदी ऑप्शनल हो हो सकता है आप
2:19:13हिंदी में बहुत अच्छे हो हो सकता है आपकी
2:19:15हिस्ट्री बहुत अच्छी हो भारत हि भारत की
2:19:17हिस्ट्री आप जानते हैं बहुत बढ़िया लेकिन
2:19:19यहां तो सिलेबस ही कुछ और है ग्रीक और
2:19:21लैटिन वगैरह का क्लासिकल जो है लिटरेचर ये
2:19:23सब पूछ रहे है तो टेक्निकली दे स्टिल डोंट
2:19:25वांट कि हां जो है इंडियंस की एंट्री कहीं
2:19:27से भी इसमें होनी चाहिए बट हम भी इंडियंस
2:19:30है राइट हमने कहा ठीक है तुम कुछ भी
2:19:31सिलेबस दो हम पढ़ देंगे राइट सीसेट दे दो
2:19:33पढ़ लेंगे क्या ही है पढ़ डालेंगे तो
2:19:35फाइनली इन
2:19:3918637 नाथ टैगोर सत्येंद्रनाथ
2:19:43टैगोर इज द फर्स्ट सिविल
2:19:46सर्वेंट राइट है ना तो ये भी टैगोर है तो
2:19:49सत्येंद्रनाथ टैगोर फ्रॉम द फैमिली ऑफ
2:19:51रविंद्रनाथ टैगोर ओनली तो ये पहली बार
2:19:53यहां पे यहां पे पहली बार हम देखेंगे कि
2:19:55कोई सिविल सर्वेंट बना इट वाज लाइक कि
2:19:57सिलेबस तुम कुछ भी रख दो हम पढ़ ही लेंगे
2:19:58एक का तो कोई आ ही जाएगा है ना निकाल ही
2:20:00देगा तो श्रीनाथ जो है सतीनाथ टैगोर ने
2:20:03इसको क्वालीफाई किया ही इज द फर्स्ट बट
2:20:05अगेन सिस्टम इतना टफ है कि हम बहुत ज्यादा
2:20:08सिविल सर्वेंट्स यहां पे नहीं देखेंगे
2:20:10अगले 10 122 सालों में शायद दो तीन सिविल
2:20:12सर्वेंट जिसमें सुरेंद्र नाथ बैनर्जी का
2:20:13नाम आता है राइट देन आरसी दत्त हैं जो
2:20:15सिविल सर्विसेस क्वालिफाई करेंगे तो देयर
2:20:17विल बी वेरी वेरी वेरी वेरी फ्यू सोचो
2:20:19अगले 11 साल में 12 साल में जो है खाली
2:20:21तीन लोग निकल रहे हैं तो क्या ही सिस्टम
2:20:23बनाया है ये सिस्टम ही ऐसा बनाया है कि
2:20:25इंडियन क्वालीफाई ना ही करे तो ठीक
2:20:28है प्लस प्लस हम देखेंगे कि हां यह जो ओपन
2:20:32किया गया है इसमें एज जो है एज एज भी बड़ा
2:20:35एक इंपॉर्टेंट फैक्टर है एज हम देखेंगे कि
2:20:39एज कंटीन्यूअसली एक लोग रिड्यूस करते
2:20:41रहेंगे ये भी सुनिए
2:20:4518592 साल सॉरी 23 साल आप कहेंगे हां सर
2:20:4923 साल में हम तैयार हो जाएंगे 23 साल के
2:20:51बाद दे देंगे एग्जाम 23 साल मिनिमम एज
2:20:53नहीं है मैक्सिमम एज है 23 साल के बाद आप
2:20:56एग्जाम नहीं दे सकते आज जो जनरल कैटेगरी
2:20:59में 32 साल की उम्र है वो उस समय 23 साल
2:21:01बताई गई आपने कहा ठीक है सर चलिए कॉलेज के
2:21:03साथ तैयारी कर लेंगे कोई बात नहीं अब ऐसा
2:21:05सुनने के बाद अंग्रेजों ने कहा ठीक है कर
2:21:08लोगे क्या तैयारी कॉलेज के साथ चलो इसको
2:21:10और कम कर देते हैं इसको कर दिया गया 22
2:21:13फिर कर दिया गया
2:21:1621 राइट 21 और 78 तक आते आते इसको कर दिया
2:21:2319 राइट बीच में बीच में 6 66 है बीच
2:21:27में तो ये कंटीन्यूअसली उम्र घटा ही जा
2:21:30रहे हैं 19 साल में ये चाहते हैं कि आप
2:21:32आईस बन के निकल जाए विद ल दिस
2:21:35रिस्ट्रिक्शन इंग्लैंड की टिकट खरीद के
2:21:37राइट इंग्लिश में पेपर देके और ये ग्रीक
2:21:39और लैटिन की अंडरस्टैंडिंग शो करके आप जो
2:21:41है किसी तरह बन जाए सि सर राइट इस तरह से
2:21:43खुली जो है चुनौती हम लोग को दे रखी
2:21:46हैने
2:21:48नाउ इसमें फदर डेवलपमेंट अगर हम देखें तो
2:21:50फदर डेवलपमेंट हमको दिखता है
2:21:5418788 188 में लॉर्ड लिटन के बारे में
2:21:57हमने पढ़ा था मैंने आपको बताया था कि एक
2:21:59है स्टैचूट सिविल
2:22:01सर्विसेस स्टैचूट सिविल सर्विसेस यह
2:22:06वाहियात आईडिया जो है है लॉर्ड लिटन का तो
2:22:10लिटन जी का कहना है कि कोटेड सिविल
2:22:12सर्विसेस वगैरह में इंडियस की भर्ती करनी
2:22:14ही क्यों है एक नई स सिविल सर्विसेस श
2:22:17करते हैं व्हिच इज स्टैचूट सिविल सर्विसेस
2:22:19थोड़ा देखते हुए भी चलते हैं राइट तो हमने
2:22:21कहानी जो गड़ी है तो हम बात कर रहे हैं कि
2:22:2418611 में बात बनी इंडियन सिविल सर्विसेस
2:22:27एक्ट की और कहा गया कि हां भाई जो है कुछ
2:22:30सीट जो है इंडियंस वगैरह भी ऑक्यूपाइड
2:22:33एग्जामिनेशन इंग्लैंड में होगा इंग्लिश
2:22:35लैंग्वेज में होगा और क्लासिकल लर्निंग ऑफ
2:22:37ग्रीक और लैटिन में होगा उम्र जो है वो
2:22:39घटती ही चली गई
2:22:47है वो 19 कर दी राइट हमने बात करी सत्यनाथ
2:22:50टैगोर इज द फर्स्ट पर्सन जिन्होंने इसको
2:22:51क्वालीफाई भी कर लिया राइट बट लॉट ऑफ
2:22:53इंडियस क्वालीफाइंग नहीं नाउ दिस इ
2:22:56स्टैचूट सिविल सर्विसेस लॉर्ड टन कोय
2:22:58वाहियात आईडिया आया कि हां हम जो है एक नई
2:23:01सर्विसेस शुरू करते हैं व्हि इज स्टैचूट
2:23:03सिविल सर्विसेस एंड दिस विल बी न सिथ ऑफ
2:23:06दी कोविड
2:23:08पोस्ट और इसमें हायरिंग कैसे होगी दोस्त
2:23:11इसमें हायरिंग ऐसे होगी कि ये वो लोग
2:23:13होंगे जो हमारे बहुत लॉयल है
2:23:17एलाइट फैमिली को बिलोंग करते हैं हम लोग
2:23:20इनको नॉमिनेट करेंगे और इनको जो है बना
2:23:22देंगे जो आपका स्टैचूट सिविल सर्वेंट वो
2:23:26हमारे लिए काम करेंगे ऐसा करके इन्होंने
2:23:28आईडिया दिया क्या यह सेम सेम जो है औधा है
2:23:31नहीं क्या सेम सैलरी है नहीं तो ये जो
2:23:34अलाइड फैमिली है कहेगी हमको नहीं चाहिए सब
2:23:37तो वेरी सून इट विल बी लाइक कि हां लोग
2:23:39उसमें इंटरेस्ट ही नहीं ले रहे वो कह रहा
2:23:40है भासे लाइट पैसे वाला आदमी हूं मैं
2:23:42क्यों ही जाऊंगा इस काम में नौकरी करूंगा
2:23:44तुम्हारी नहीं करेंगे तो टेक्निकली इसका
2:23:46कोई शाम नहीं है और दैट इज द रीजन कि विदन
2:23:498 इयर्स इट वास
2:23:51अबॉलिश्ड तो वेरी सून इट वाज अबॉलिश तो
2:23:54दिस वाज द आइडिया ऑफ स्टैचूट सिविल
2:23:56सर्विसेस राइट आगे दे आते
2:24:00हैं नाउ अब यह सब यह सब साइड में चल रहा
2:24:04था बट मीनवाइल 1885 1885 में आती है
2:24:08कांग्रेस
2:24:101885
2:24:11कांग्रेस अब कांग्रेस की देखो दो मेजर
2:24:14डिमांड जो बहुत ही वाजिब डिमांड है पहला
2:24:18पहली डिमांड है कि सर ये जो एग्जाम
2:24:20इंग्लैंड में करा रहे हो आप इंग्लैंड में
2:24:22होना ठीक है बट साइमल नियस इंडिया में भी
2:24:25होना चाहिए आप एक ही दिन एक ही साथ जो है
2:24:27आप इंग्लैंड में भी एग्जाम कराओ और इंडिया
2:24:29में भी एग्जाम कराओ ऐसा करके इन्होंने
2:24:31डिमांड रखी दूसरा साहब ये जो एज आपने रखी
2:24:34हुई है एज डज नॉट मेक सेंस इस एज को भी
2:24:37फिक्स करिए तो क्योंकि अब कांग्रेस आ चुकी
2:24:39है और कांग्रेस अपनी पॉलिटिकल डिमांड्स रख
2:24:41रही है तो उन्होंने यह वाला मुद्दा भी
2:24:43उठाया राइट है ना उन्होंने मुद्दा उठाया
2:24:46राइट कांग्रेस ने मुद्दा मुद्दा उठाया कि
2:24:47भाई एक तो जो है एज आप सही करिए राइट ये
2:24:5019 साल क्या होता है और दूसरा साइमल नियस
2:24:52एग्जाम जो है आप फिक्स करिए सो एक मुद्दा
2:24:56है इनका एज
2:25:00का एक मुद्दा उठाया इन्होने एज और दूसरा
2:25:05दूसरा साइमल नियस एग्जाम कराने की बात
2:25:08कही इंडिया में भी एग्जाम होना चाहिए ऐसा
2:25:11इन्होंने कहा तो जब ये आवाज उठी तो गलत तो
2:25:14कर ही रहे थे तो उनको थोड़ा सा ऐसा गलानी
2:25:17उनको रिग्रेट हुआ हा ठीक है चलो कोई बात
2:25:19नहीं तो एक कमीशन बिठाया गया इस बात को
2:25:21देखने के लिए इस बात को जो है समझने के
2:25:24लिए कि क्या किया जा सकता है एक कमीशन का
2:25:26गठन हुआ च एसन
2:25:30कमीशन 186 में तुरंत अगले ही साल वी हैव
2:25:35वन कमीशन कमिंग
2:25:37इन च
2:25:43न एसन
2:25:45कमीशन
2:25:48एसन कमीशन आइए देखते हैं एसन कमीशन की बात
2:25:51समझते हैं तो एसन कमीशन ने कहा कि देखो ये
2:25:54नाम जो है कोवेट सिविल सर्वेंट्स वगैरह
2:25:56राइट है ना ये नाम अब काफी मिसयूज सा हो
2:25:59रहा है राइट है ना इसी को रीडिफाइन कर
2:26:01देते हैं कहानी ही थोड़ी सी बदल देते हैं
2:26:03तो उन्होंने कहा कि आज से देखिए कोवेन और
2:26:06जो जो है यू नो लोअर पोस्ट है व्हिच इज
2:26:08कॉल्ड एज अनको वेलेंटेन कोवेट अनकोटेड
2:26:11थोड़ा सा डेरो गटरी सा हो रहा है कि हां
2:26:13कोई हायर पोस्ट है और कोई हायर पोस्ट नहीं
2:26:15है अच्छा नहीं लग रहा इसकी जगह व्हाट वी
2:26:17शुड हैव वी शुड हैव सिविल सर्विसेस में
2:26:20क्लासिफिकेशन बात हमें करनी चाहिए कि हां
2:26:22एक होगी सेंटर की सिविल सर्विसेस व्हिच
2:26:25विल बी इंपीरियल इंडियन सिविल सर्विसेस है
2:26:27ना आईसीएस दूसरी होगी प्रोविंशियल
2:26:30प्रोविंशियल सिविल सर्विसेस जो कि
2:26:31प्रोविंसेस में होगी और एक होगी उसके नीचे
2:26:34सबोर्डिनेट सिविल सर्विसेस तो इस तरह के
2:26:36तीन तरह तीन सिविल सर्विसेस होंगी और आप
2:26:38कह रहे हैं कि साइमल पेनियस एग्जाम तो हां
2:26:40भाई ठीक है जो प्रोविंशियल सिविल सर्विस
2:26:42है इसका एग्जाम आपका जो है कहां हो सकता
2:26:44है आपका इसका एग्जाम इंडिया में हो सकता
2:26:46है
2:26:48राइट है ना और ये जो आपकी दूसरी
2:26:49सबोर्डिनेट वाली है इसका भी इंडिया में हो
2:26:51सकता है लेकिन जो सबसे ऊपर वाली है
2:26:54इंपीरियल इंपीरियल वाली जो इंडियन सिविल
2:26:56सर्विसेस है यह अभी भी एग्जाम इंग्लैंड
2:26:58में ही रखो इसको ए इन्होने कहा चलो एज
2:27:01वाली बात आपकी मान लेते हैं बढ़ा देते हैं
2:27:03वापस 23 साल कर द तो एक इन्होंने एज बढ़ा
2:27:06दी दूसरा इंग्लैंड ही रखा बाकी ने नाम में
2:27:09फेर बदल कर दी राइट है ना तो इन्होंने नाम
2:27:12में फेर बदल कर दी तो नाम चेंज कर
2:27:14दिए कभी-कभी ये भी बड़ा सही आडिया होता है
2:27:17नाम बदल दो तो उन्होंने कहा कि कोवेंटरी
2:27:24इंडियन सिविल सर्विसेस और इसका एग्जाम
2:27:27कराएंगे इंग्लैंड में बाकी इंडिया में
2:27:30कराते रहो जो कराना है और एज कर दिया 23
2:27:33क्या प्रॉब्लम सॉल्व हो गई ऑन पेपर सॉल्व
2:27:36हो गई कि कोविड सिविल सर्विसेस की एज जो
2:27:39है ज्यादा थी या वो इंग्लैंड में हो रहा
2:27:40था नहीं नहीं नहीं कोविड सिविल सर्विसेस
2:27:42इंग्लैंड में अब नहीं होता अब होता है
2:27:44इंपीरियल इंडियन सिविल सर्विसेस राइट या
2:27:46फिर इंपीरियल सिविल सर्विसेस वो इंग्लैंड
2:27:48में होता है तो उन्होंने एक प्रॉब्लम
2:27:49सॉल्व कर दी और दूसरा ए ही प्रॉब्लम सॉल्व
2:27:51कर दी हम कह रहे थे भाई 19 कम है तो उसको
2:27:5323 कर दिया और दूसरा वो स्टैचूट सिविल
2:27:55सर्विसेस वगैरह अबॉलिश कर दी तो इन्होंने
2:27:57ही इसको अबॉलिश किया है राइट ये जो
2:27:59अबोलिशन हुआ है राइट इन्होंने ही कहा कि
2:28:01हां ये नहीं होना चाहिए यह फर्जी है
2:28:03वाहियात आईडिया है बंद कर दो
2:28:05इसको अभी भी कोई ब्रेक थ्रू हमको मिला है
2:28:08अभी भी कोई ब्रेक थ्रू नहीं मिला है अभी
2:28:09भी सिविल सर्विसेस में ऐसे ही हमारी
2:28:11एंट्री बहुत ज्यादा कुछ हो रही हो ऐसा
2:28:13डेवलपमेंट अभी भी कुछ भी यहां पर नहीं हुआ
2:28:15है नाउ इवन इन
2:28:191893 हमें लगेगा कि एक ब्रेक थ्रू और मिला
2:28:221893 में क्या
2:28:24होगा हाउस ऑफ कॉमनस
2:28:27में हाउस ऑफ कॉमनस के डिस्कशन में ऐसा कहा
2:28:32जाएगा कि हां चलो आज से साइमल नियस एग्जाम
2:28:36कराया
2:28:40जाए राइट है ना तो पहली बार हाउस ऑफ कॉमन
2:28:43में यह डिस्कशन होगा कि हां भाई जो है चलो
2:28:45साइमल नियस एग्जाम करा देते हैं राइट
2:28:47बात-बात हो गई कि साइमल पेनियस एग्जाम
2:28:49होगा हमने पूछा कब होगा तो ये जैसे ही सभा
2:28:52खत्म हुई सभा खत्म होने के बाद लोग भूल गए
2:28:55और फिर भी ये इंप्लीमेंट कभी हुआ नहीं तो
2:28:58सोचो वहां के पार्लियामेंट में भी ये
2:28:59डिस्कशन हो गया कि हां साइमल केनियस
2:29:00एग्जाम करा देंगे बट फिर भी जो है साइमल
2:29:03पेनियस एग्जामिनेशन हुआ नहीं साइमल नियस
2:29:05एग्जामिनेशन अभी भी नहीं हुआ अभी भी वो
2:29:07इंग्लैंड में ही हो रहा है और जब तक ये
2:29:09इंग्लैंड में होता रहेगा वी कैन
2:29:11अंडरस्टैंड कि हमारा कुछ होने वाला इसमें
2:29:13है नहीं राइट बहुत ही लिमिटेड लोग इसको
2:29:15एग्जाम देने जा सकते हैं इतनी दूर राइट और
2:29:17फिर ये सिलेबस एंड ऑल जोल दूसरी प्रॉब्लम
2:29:19है वो तो दूसरी प्रॉब्लम सिलेबस तो फिर भी
2:29:21हमें कुछ दे दो हम पढ़ डालेंगे राइट कुछ
2:29:22भी दे दो सिलेबस चेंज हुआ यूपीएससी ने कहा
2:29:25एथिक्स पढ़ के आओ हमने पढ़ ली कल्चर पढ़
2:29:27के आओ हमने पढ़ ली तो जो वो कहेगा पढ़ लो
2:29:29हम पढ़ लेंगे तो सिलेबस इज नॉट एन इशू
2:29:31मेजर इशू क्या है कि एग्जाम इंग्लैंड में
2:29:33हो रहा है हर किसी के बस की बात नहीं है
2:29:35इंग्लैंड जाना नाउ फाइनली फाइनली वक्त आया
2:29:40जो है यू नो 20 साल बीत गए स्वदेशी
2:29:42मूवमेंट भी हो गया होम रूल लीग के दौरान
2:29:45होम रूल लीग के बाद जब जो है हम बात करते
2:29:48हैं मंट फोल्ड रिफॉर्म की तो मंट फोल्ड
2:29:51रिफॉर्म
2:29:531918 अगला ब्रेक थ्रू हमें काफी टाइम बाद
2:29:561918 में मिलता
2:29:59है
2:30:011918 जब हम देखते हैं मंट फोर्ड
2:30:06रिफॉर्म हम लोग अभी थोड़ी देर पहले बात कर
2:30:08ही रहे थे मट फोल्ड रिफॉर्म मंटेक चम्स
2:30:10फॉर रिफॉर्म तो यहां पर कहा गया कि भाई
2:30:13बात सही है कि हां साइमल नियस एग्जाम भी
2:30:15होना चाहिए फॉर्म मोंटे वाज वेरी मच यू
2:30:17कैन से इन आवर फेवर उन्होंने बहुत कोशिश
2:30:20करी कि हां जो है यू नो अच्छा हो जाए कुछ
2:30:22बेटर हो जाए लेकिन कर नहीं पा रहे थे तो
2:30:24क्योंकि कोई और सपोर्ट ही नहीं कर रहा
2:30:26अकेले वही चाहते हैं कि हां कुछ अच्छा हो
2:30:27जाए तो पॉसिबल तो देखो ऐसे नहीं होता
2:30:29अकेले आदमी के चाहने से तो नहीं होगा
2:30:31क्योंकि क्योंकि पूरा सिस्टम जो है उनके
2:30:33यहां पे खिलाफ है तो फिलहाल तो मोंटेक ने
2:30:36कहा कि देखो कम से कम 33 पर इंडियन होने
2:30:40चाहिए कि सिविल सर्विसेस में 33 पर इंडियन
2:30:44रिक्रूटमेंट हो और हर साल कम से कम 1 पर
2:30:47और
2:30:51बढ़ाओ हर साल क्या हो % एनुअली और इसको
2:30:55बढ़ाया जाए तो इन्होंने एक बढ़िया सिस्टम
2:30:58इन वसाच किया कि कम से कम इंडियंस की
2:31:00हायरिंग एक तिहाई हायरिंग तो करो और क्या
2:31:02ही चाह रहे हो राइट तो कम से कम 1 थर्ड
2:31:05हायरिंग बेयर मिनिमम बेयर मिनिमम हायरिंग
2:31:08यहां पर जो है 1/3 आपकी होनी चाहिए अंडर
2:31:11अंडर दी अंडर दी एग्जामिनेशन प्लस साइमल
2:31:14नियस एग्जाम भी होना चाहिए इन्होंने कहा
2:31:16हां भाई साइमल पेनियस एग्जाम भी होना
2:31:18चाहिए दोनों बातें ठीक
2:31:20है तो अब इसके बाद हमारा साइमल नियस
2:31:23एग्जाम पहली बार होगा राइट तो पहला साइमल
2:31:27पेनियस एग्जाम हो रहा है 1922
2:31:30में 1922 फाइनली हो पाया इलाहाबाद में हो
2:31:34रहा है
2:31:36ये राइट तो अलाहाबाद में पहली बार साइमल
2:31:38नियस एग्जाम होगा आइए देखते हैं तो हम बात
2:31:40कर रहे हैं जो है हम बात कर रहे हैं कि
2:31:42एचएसएन कमीशन के बाद हाउस ऑफ कॉमंस में भी
2:31:44बात हुई लेकिन क्या उसमें कुछ
2:31:46इंप्लीमेंटेशन हुआ नहीं कोई इंप्लीमेंटेशन
2:31:48नहीं हुआ दिस रेजोल्यूशन पूरा पास करने के
2:31:50बाद मुकर गए लोग इंप्लीमेंट ही नहीं किया
2:31:53और दूसरा दूसरा अच्छा बीच में एक
2:31:55सेक्रेटरी ऑफ स्टेट आए दिस इज
2:31:579495 ईयर इज नॉट इंपॉर्टेंट बट फिर भी 95
2:32:01ये क्या कह रहे हैं कि हां भाई एडिक्ट
2:32:03नंबर ऑफ सिविल सर्विसेस शैल बी यूरोपियन
2:32:06इसका कोई और चारा है ही नहीं राइट हमें
2:32:09अपना राज्य चलाने के लिए यूरोपियन ही
2:32:11चाहिए रिक्रूटमेंट में ऐसा ये मानते हैं
2:32:13तो फिलॉसफी ही जब उधर की तरफ है तो फिर
Montford Reforms
2:32:15क्या ही कर सकते हो यही रीजन है कि
2:32:16इंप्लीमेंट नहीं हो
2:32:18पाया नाउ तो मन फड रिफॉर्म तो मोड फड
2:32:21रिफॉर्म में या मन फड रिफॉर्म में पहली
2:32:23बार हमें लगा कि चीजें थोड़ी सुधर रही है
2:32:25तो मोन फोर्ड रिफॉर्म में जो है मन फोर्ड
2:32:26कहते हैं मोंटेक कहते हैं मोंटेक कहते हैं
2:32:29कि इ रिस्पांसिबल गवर्नमेंट इज टू बी
2:32:30एस्टेब्लिश इन इंडिया है ना अगर सच में एक
2:32:33रिस्पांसिबल गवर्नमेंट चाहते हो तो इन दैट
2:32:35केस इट इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट कि मोर
2:32:37इंडियंस वी कैन एंप्लॉय इन पब्लिक सर्विस
2:32:39तभी सही होगा तो कहते हैं हां भाई साइमल
2:32:41पेनियस एग्जामिनेशन कराइए 1922 में हुआ बस
2:32:43वन थर्ड रिक्रूटमेंट होना चाहिए इंडिया
2:32:45में जो जो है टू बी मेड इन इंडिया इट
2:32:47सेल्फ यस प्लस हर साल 1 पर का इंक्रीमेंट
2:32:50होना चाहिए दिस इज समथिंग वी आर एनवीसा
2:32:52इतना तो कम से कम होना चाहिए तो पहली बार
2:32:55थोड़ा सीरियस हमको जो है किसी का वादा लगा
2:32:57कि हां चलो ठीक है कोई तो सीरियस है इस
2:32:59मामले में कह रहा है कि हां ऐसा कुछ होना
2:33:01चाहिए तो बात आगे
2:33:03बनेगी तो
2:33:08फाइनली इसी बात को इंप्लीमेंट करने के लिए
2:33:111924 में भेजा गया ली कमीशन को राइट ली
2:33:14कमीशन इसी बात को इंप्लीमेंट करेगा
2:33:16ली कमीशन स
2:33:241924 या 1924 वी हैव ली
2:33:30कमीशन ली कमीशन नाउ ली कमीशन कहेगा कि
2:33:34देखो हमें चाहिए कि ब्रिटेन और इंडियंस
2:33:37राइट एक पॉइंट प आके दोनों बराबर होने
2:33:39चाहिए तो टेक्निकली हमको 5050 पैरि
2:33:43चाहिए जितने इंडियस उतने ही यूरोपियन होने
2:33:47चाहिए तो 50-50 पैरि चाहिए विद इन फाइव
2:33:50इयर्स 5 साल के अंदर हमको 50-50 पैरि
2:33:53चाहिए होगी प्लस क्योंकि अब इंडिया में ही
2:33:56एग्जाम ऑर्गेनाइज कराना है समझो इस बात को
2:33:58कि जब इंडिया में ही एग्जाम ऑर्गेनाइज
2:33:59कराना है तब हमको एक ऐसी सर्विस कमीशन
2:34:02हमको यहां पे चाहिए होगा एक पब्लिक सर्विस
2:34:05कमीशन हमको एस्टेब्लिश करना होगा तो
2:34:07इन्होंने बात कही कि एक पब्लिक सर्विस
2:34:09कमीशन भी चाहिए जिसके तहत अब 1926 में
2:34:12यूपीएससी आएगा 1926 यूपीएससी विल बी
2:34:17एस्टेब्लिश है ना तो इस तरीके से पहला
2:34:19स्टेट सर्विस कमीशन हमको जो है पब्लिक
2:34:21सर्विस कमीशन हमको दिखाई देगा इन
2:34:241926 तो दिस इज टेक्निकली ली कमीशन टॉकिंग
Lee Commission
2:34:27अबाउट कि हां सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की जो
2:34:29बात है कि हां बढ़ाना होगा तो कह रहे है
2:34:31कि सेक्रेटरी ऑफ स्टेट शुड स्टिल कंटिन्यू
2:34:33अभी उन्हीं को रिक्रूट करना होगा जो कि
2:34:35सेंट्रल सर्विसेस है जैसे कि इंडियन सिविल
2:34:37सर्विसेस इरिगेशन सर्विसेस फॉरेस्ट
2:34:39सर्विसेस राइट ये सारा रिक्रूटमेंट
2:34:40सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के द्वारा ही होगा
2:34:42प्लस प्लस जो ट्रांसफर्ड फील्ड्स है तो
2:34:461919 में हमने कहा था कि हां कुछ
2:34:48ट्रांसफर्ड सब्जेक्ट्स भी हैं ट्रांसफर
2:34:50सब्जेक्ट्स में जो हायरिंग है वह आपकी
2:34:52प्रोविंशियल गवर्नमेंट कर सकती है यस
2:34:54प्रोविंशियल गवर्नमेंट कर सकती है प्लस
2:34:56डायरेक्ट रिक्रूटमेंट टू दी इंडियन सिविल
2:34:59सर्विसेस ऑन द बेसिस ऑफ़ 5050 पैरि यह
2:35:02हमको बराबरी चाहिए इंडियंस और यूरोपिय में
2:35:04और विदन विद इन 15 इयर्स नॉट फाइव इयर्स
2:35:07विद इन 15 इयर्स ही पैरि हमको रीच करनी
2:35:09होगी मतलब बाय 1940
2:35:12समवेत आधे आधे हो जाने चाहिए प्लस एक
2:35:16पब्लिक सर्विस कमीशन भी एस्टेब्लिश हो
2:35:18जाना चाहिए इमीडिएट ताकि ताकि ये सारी
2:35:21चीजें एग्जामिनेशन बॉडी वगैरह सारा सिलेबस
2:35:24इंटरव्यू सब कुछ यहां पे कंडक्ट कर सके
2:35:26राइट सो नाउ नाउ वी हैव दिस यू कैन से
2:35:28प्रॉपर सिस्टम अब थोड़ा विजन भी है कि कम
2:35:30से कम 50-50 की तो बात इन्होंने यहां पे
2:35:32रख दिए तो धीरे-धीरे होता रहेगा बट स्टिल
2:35:35स्टिल जो है बात बात बहुत दूर नहीं जा रही
2:35:38ऐसा नहीं कि हां कुछ बहुत अचीव हो गया है
2:35:40राइट है ना कि हां हमें ऐसे सिविल
2:35:41सर्वेंट्स मिल गए हैं जो हमारे बारे में
2:35:43ही सोचेंगे दिस इज नॉट हैपनिंग बिकॉज
2:35:45सिस्टम तो उन्हीं का है सिस्टम तो
2:35:46अंग्रेजों का ही है तो मोस्ट ऑफ द पीपल हु
2:35:48आर हायर्ड वो सिस्टम में ही मिल जाएंगे
2:35:50उन्हीं के साथ ऑपरेट करने लगेंगे राइट तो
2:35:52ऐसा नहीं होगा कि हां इट इज गोइंग टू
2:35:53हेल्प अस अ लॉट नेक्स्ट नेक्स्ट 1935 का
2:35:57एक्ट जब आएगा तो क्योंकि फेडरेशन की बात
2:35:59करी हमने अभी थोड़ी देर पहले पढ़ रहे थे
2:36:02फेडरेशन तो होगा कि हां भाई एक फेडरल
2:36:04पब्लिक सर्विस कमीशन होना चाहिए फेडरेशन
2:36:07के लिए और एक आपका प्रोविंशियल पब्लिक
2:36:09सर्विस कमीशन होना चाहिए यानी प्रोविंसेस
2:36:11में इस तरह के प्रोविंशियल पब्लिक
2:36:12सर्विसेस कमीशन होना चाहिए तो ये बात
2:36:15इन्होंने एक और ऐड कर दी इन
2:36:201935
2:36:241935 एक चीज लास्ट और ऐड कर लो इज फेडरल
2:36:28पब्लिक सर्विस कमीशन एंड प्रोविंशियल
2:36:30पब्लिक सर्विस
2:36:32कमीशन दिस इज इट डन राइट है ना थोड़ा सा
2:36:35थोड़ा सा कुछ बछ हो गया लेकिन हां जो है
2:36:37यू नो आई होप आप साफ सुथरा बनाएंगे आपके
2:36:39पास जगह भी ज्यादा होगी आप अकॉर्डिंग
2:36:40क्रिएट करिएगा
2:36:42स तो हमने देखा कि फाइनली फाइनली हमने
2:36:46कुछ-कुछ 50-50 तक की बात अचीव तो कर ली बट
2:36:48दिस इज नॉट गोइंग टू हेल्प अस अ लॉट
Govt. of India act
2:36:50स्पेशली हमारी आजादी की लड़ाई में क्या यह
2:36:53बहुत हेल्पफुल है नहीं क्यों क्योंकि
2:36:55कंट्रोल और अथॉरिटी अंग्रेजों के ही पास
2:36:57है राइट खाली इंडिना इजेशन से क्या हमारा
2:36:59स्वराज अचीव हो जाएगा नहीं बात तो अभी
2:37:02पूरी तरह से नहीं बनेगी प्लस प्लस जो है
2:37:04हमें चाहिए होगा सिर्फ और सिर्फ आजादी तो
2:37:07सिंस द इंडियन ब्यूरोक्रेट्स एक्टेड एज द
2:37:08एजेंट्स ऑफ द कॉलोनियल रूल तो इट वाज नॉट
2:37:11गोइंग टू हेल्प अस अ लॉट ठीक है इस तरीके
2:37:13से डेवलपमेंट हुआ बट आजादी ही हमको पू
2:37:15पूरी तरह से सॉल्व हमारा ये प्रॉब्लम
2:37:17सॉल्व कर सकती थी बिकॉज इन दी एंड दे वर
2:37:19देयर एंप्लॉई सिविल सर्वेंट्स र देयर
2:37:21एंप्लॉई तो क्या ही एक्सपेक्ट कर सकते हो
2:37:23आप भाई सैलरी उनसे ले रहे हैं राइट ना तो
2:37:25और क्या ही एक्सपेक्टेशन आप कर सकते हो
2:37:27थोड़ा लीनियंट हो सकते हैं बट फिर भी जो
2:37:29सिस्टम कहेगा करना पड़ेगा तो यहां से ब
2:37:31यहां से इंडिना इजेशन विल नॉट हेल्प अस अ
2:37:32लॉट की इंडिना इजेशन हो गया तो बहुत कुछ
2:37:34अच्छा हो गया राइट हां बेटर हो जाएगा
2:37:36थोड़ा सा बट इट इज नॉट लाइक कि हमारा
2:37:38सोल्यूशन है इससे हमें जो है यू नो अपनी
2:37:40फीलिंग आने लग जाएगी वो चीज यहां पे विद
2:37:43दिस इंडिना इजेशन नहीं होने वाला
2:37:46चलिए सो लशन ऑ सिविल सर्विसेस हमने बीच
2:37:48में बात कर ली है तो अब मैं चाहूंगा कि आप
2:37:50इसे पढ़े क आगे बढ़ाते हमने लशन ऑफ सिविल
2:37:53सर्विसेस पढ़ ली कहानी में पढ़ते हैं
2:37:55पुलिस
2:37:56सिस्टम अगली पॉलिसी पढ़ने वाले हैं इ
2:37:59अबाउट पुलिस सिस्टम इन मॉडर्न इंडिया आइए
2:38:02देखते हैं पुलिस सिस्टम तो कहानी शुरू
Evolution of police in modern India
2:38:06करते हैं थोड़ा सा प्री कोलोनियल इंडिया
2:38:08के
2:38:11साथ प्री कोलोनियल
2:38:14इंडिया
2:38:16कि जैसे जो मुगल एरा हुआ करता था राइट
2:38:19मुगल्स की बात अगर हम
2:38:21करें मुगल्स या फिर बाकी सल्तनत कोई भी ले
2:38:24लो स्पेशली मुगल्स की हम बात करें तो क्या
2:38:26होता था कि गांव के लेवल पे विलेज विलेज
2:38:30लेवल पे ऐसा नहीं है कि कोई बहुत फॉर्मल
2:38:32पुलिस सिस्टम एजिस्ट करता है तो अ फॉर्मल
2:38:35पुलिस सिस्टम बिफोर ब्रिटिशर्स
2:38:39पुलिस क्या ऐसा कोई सिस्टम एजिस्ट करता है
2:38:42कि पुलिस फोर्सेस है कोई सिस्टम है ऐसा
2:38:44कोई सिस्टम है नहीं
2:38:46तो गांव में गांव में जो है ऐसे वच गार्ड
2:38:50होते थे जो रात को पहरा देते थे है ना
2:38:53जागते रहो टाइम क्या यह पुलिस वाले हैं
2:38:56क्या यह ट्रेंड है नहीं ना ही ये ट्रेंड
2:38:58है ना ही ये पुलिस वाले हैं बट दे आर मोर
2:39:00लाइक गार्ड्स तो गांव के लेवल पर क्या
2:39:02होते थे वच गार्ड्स होते थे बट इसके अलावा
2:39:04क्या जो है यू नो कोई और सेपरेट पुलिस
2:39:07सिस्टम है नहीं ऐसा कोई सेपरेट पुलिस
2:39:09सिस्टम नहीं है इनफैक्ट इसको थोड़ा सा जो
2:39:11है ऐसे
2:39:13समझिए कि उनके कुछ ऑफिसर है मान लो कि
2:39:16बहुत सारे गांव है ऐसे और यह जो पूरा
2:39:19एरिया है यह अंग्रेज मुगल्स की लेट से एक
2:39:22डिस्ट्रिक्ट
2:39:24है अब डिस्ट्रिक्ट लेवल पर कुछ ऑफिसर्स
2:39:27होते हैं जैसे कि एक ऑफिसर है
2:39:30फौजदार उसका नाम ही देखो फौजी है फौजदार
2:39:33तो फौजदार का पर्पस है कि अगर कोई रूरल
2:39:36डिस्ट्रिक्ट है तो इस एरिया में वो देखेगा
2:39:39लॉ एंड
2:39:41ऑर्डर लॉ एंड
2:39:43ऑर्डर राइट लॉ एंड ऑर्डर देखेगा बट वो
2:39:46क्या पूरा ऐसा सिस्टम बनाएगा कि हां एक
2:39:48आदमी ये जो है यू नो इंस्पेक्टर जनरल है
2:39:50उसके नीचे दरोगा है ऐसा करके कोई सिस्टम
2:39:52ऐसा करके कोई सिस्टम नहीं है सच राइट सो
2:39:55नाउ तो एक फौजदार होगा जिसकी जिम्मेदारी
2:39:57होगी सिमिलरली एक दूसरा डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर
2:39:59है जिसका नाम है
2:40:01आमिल आमिल का पर्पस है रेवेन्यू
2:40:08कलेक्शन रेवेन्यू कलेक्शन बट कभी-कभी कुछ
2:40:11लोग कुछ गांव वाले कह देते हैं कि हम नहीं
2:40:13देंगे रेवेन्यू जो करना है कर लो राइट तो
2:40:16टेक्निकली इवन आमिल हैज टू हैंडल द
2:40:19रिबेलियंस कि कल को अगर कोई रिबेल कर दे
2:40:22तो आमिल हैज टू हैंडल तो कुछ हद तक इस तरह
2:40:26का पुलिस सिस्टम आमिल भी हैंडल करता था
2:40:28प्लस फौजदार तो फौजदार और आमिल एक लॉ एंड
2:40:31ऑर्डर देख रहा है एक रेवेन्यू देख रहा है
2:40:33डिस्ट्रिक्ट लेवल पे इन्हीं ऑफिसर्स के
2:40:35ऊपर जिम्मेदारी है या प्रॉपर पुलिस देखने
2:40:37के लिए या प्रॉपर लॉ एंड या क्रिमिनल
2:40:39सिस्टम या ऐसा कुछ और सिस्टम एजिस्ट कर
2:40:42रहा है नहीं दे आर नॉट प्रॉपर्ली यू कैन
2:40:43से सपोर्टेड राइट है ना कैसे कैसे काम चल
2:40:46रहा है अगर कोई शहर है शहर राइट सिटी है
2:40:50दिस इ सिटी तो क्योंकि सिटी में ट्रेडिंग
2:40:53है पैसा ज्यादा है तो यहां पर एक
2:40:54डेडिकेटेड आदमी रखा गया है जिसका नाम है
2:40:57कोतवाल जो यहां पर लॉ एंड ऑर्डर देखता है
2:41:00तो ऐसा नहीं कि ऑफिसर ही नहीं है ऑफिसर तो
2:41:02है पर प्रॉपर सिस्टम नहीं है इसको सपोर्ट
2:41:05करने के लिए गांव के लेवल पर भी ऑफिसर है
2:41:07और विलेज के लेवल पर भी ऑफिसर
2:41:09है प्लस प्लस इसके साथ साथ जो है इस
2:41:13सिस्टम को सपोर्ट करने के लिए वगार्ड रख
2:41:16दिया प्लस प्लस मान लीजिए को जमीदार है
2:41:20जमीदार तो जमीदार जो होते थे जमीदार के
2:41:23प्लास अपने कुछ लठ होते थे रा अपने कुछ लठ
2:41:27या छोटी सी फोर्स जो है हुआ करती थी यह भी
2:41:31यह भी जो है हेल्प किया करते थे जो भी
2:41:33फौजदार वगैरह है या थोड़ा बहुत लॉ एंड
2:41:36ऑर्डर ऐसा जिम्मेदारी तो नहीं है बट लॉ
2:41:39एंड ऑर्डर को असिस्ट कर सकते
2:41:42थे इनफैक्ट जमीदारों की जिम्मेदारी थी
2:41:46सिविल
2:41:48जस्टिस कि यहां कुछ झगड़ा हो गया दो
2:41:51फैमिली में राइट एक कह रहा है कि हां ये
2:41:53इनकी गाय हमारे यहां घुस गई कोई कह रहा है
2:41:55कि जो इनका पेड़ हमारे घर गिर गया कोई कह
2:41:56रहा है हमारे पेड़ से आम तोड़ के ले गया
2:41:58इस तरह का जो भी छोटा मोटा झगड़ा है
2:42:00फैमिली जो है फ्यूड है बंटवारे में
2:42:02दिक्कतें हैं तो उसमें जमींदार के पास लोग
2:42:04जाते थे जमींदार से कहते थे कि साहब हेल्प
2:42:06कर दो बताओ क्या करना है राइट हां तो वो
2:42:08थोड़ा सा वो देख लेता था बट अदर वाइज अगेन
2:42:10एज आई सेड स्पेशली लेटर मुगल्स के टाइम है
2:42:13ना इसको थोड़ा सा और डिफाइन करें तो
2:42:15स्पेशली अंडर लेटर मुगल्स
2:42:17ऐसा कोई प्रॉपर सिस्टम एजिस्ट कर ही नहीं
2:42:20रहा था यही रैंडम सिस्टम कुछ-कुछ चल रहा
2:42:23था कि कुछ फौजदार देख लेगा तो कुछ आमिल
2:42:25देख लेगा तो कुछ जमीदार देख लेगा तो गांव
2:42:27का जो है चौकीदार देख लेगा राइट शहर अगर
2:42:30कोई है तो कोतवाल देख ले इस तरह का रैंडम
2:42:33सिस्टम एजिस्ट करता था नाउ अब आते हैं
2:42:36अंग्रेजों के टाइम अंग्रेजों के टाइम में
2:42:40अगर हम ऑब्जर्व
2:42:43करें तो एक हमने सीखा अंग्रेजों से पहले
2:42:46मुगल
2:42:48सिस्टम
2:42:49मुगल नाउ जो डुअल गवर्नमेंट वाला टाइम है
2:42:52अगेन लेट्स स्टार्ट फ्रॉम देयर 1765 से
2:42:5672 डुअल
2:42:59गवर्नमेंट डुअल गवर्नमेंट ना डुअल
2:43:02गवर्नमेंट के टाइम में यह मुगल वाला
2:43:04सिस्टम कुछ टाइम तक कंटिन्यू करेंगे क्यों
2:43:06कंटिन्यू करेंगे क्योंकि रातो रात अंग्रेज
2:43:08कोई जिम्मेदारी ले ही नहीं रहे राइट
2:43:10अंग्रेज कुछ नहीं कह रहे तो दिस सिस्टम
2:43:12विल कंटिन्यू फॉर सम
2:43:14टाइम
2:43:16राइट प्लस यह सिस्टम कंटिन्यू कर रहा है
2:43:19अंडर वन दीवान जिनका नाम था मोहम्मद रिजा
2:43:22खान याद आया अभी पीछे हम बात कर रहे थे कि
2:43:25मोहम्मद रिजा खान जो है डेप्युटी डिपी
2:43:28कलेक्टर है ना कि हां जो दीवानी सिस्टम
2:43:30लिया है तो डेप्युटी दीवान जो है वो
2:43:32मोहम्मद रिजा खान है तो मोहम्मद रिजा खान
2:43:35जो है यह पुलिस सिस्टम कंटिन्यू करेंगे
2:43:37फॉर सम टाइम कि हां यही फौजदार वगैरह है
2:43:39जमीदारों की मदद से कुछ कुछ ये सिस्टम
2:43:41यहां पर मेंटेन करने की कोशिश करेंगे बट
2:43:44बट दे सून रिलाइज कि हां जो क्राइम रेट है
2:43:47वो बढ़ता ही जा रहा है क्राइम रेट बिल्कुल
2:43:50बढ़ता जा रहा है प्रॉब्लम सॉल्व हो रही है
2:43:52नहीं दैट वाज द रीजन कि हां इनको इन्होंने
2:43:55कहा कि जब क्राइम रेट बढ़ता ही जा रहा है
2:43:56कुछ सॉल्व नहीं हो रहा तो 1770 तक आते-आते
2:43:59जो आमिल थे उनको भी फायर कर दिया कि तुम
2:44:02निकलो हम देख लेंगे और जो फौजदार थे उनको
2:44:04भी फायर कर दिया तो अभी जो रैंडम सिस्टम
2:44:08था ये और रैंडम हो गया अब समझ नहीं आ रहा
2:44:10कि होगा कैसे है ना तभी तो सिस्टम ब्रेक
2:44:11डाउन है तभी तो ड्यूल गवर्नमेंट के टाइम
2:44:13में इतना ऑपरेशन हो रहा है करप्शन हो रहा
2:44:15है सिचुएशन काफी खराब है तो पुलिस अगर हम
2:44:17देखें तो पुलिस सिस्टम और ब्रेकडाउन सा
2:44:20दिख रहा है जो जो रैंडम से लोग रहा करते
2:44:22थे कुछ ऑफिसर्स थे जो कुछ कुछ देखते थे अब
2:44:25वह भी फायर हो
2:44:27चुके नाउ अब 1772 में आए आपके वरन
2:44:30हेस्टिंग्स वरन हेस्टिंग्स हड़बड़ा हुए
2:44:33समझ नहीं आ रहा क्या करें राइट सो नाउ दिस
2:44:35इ द एरा ऑफ वरन हेस्टिंग्स टिल
2:44:4185 राइट वरन हेस्टिंग्स तो वरन हेस्टिंग्स
2:44:44की एंट्री होती है वरन हेस्टिंग्स कहेंगे
2:44:46कि भाई फौजदार को वापस ओ यह कुछ समझ में
2:44:49नहीं आ रहा क्या करना है क्या नहीं करना
2:44:50है तो देन इन
2:44:551774 अगेन ऐसा सब कुछ नहीं रटना बस हम
2:44:58कहानी सुन रहे ताकि थोड़ा सा ध्यान रहे
2:45:00राइट तो कहेंगे भाई फौजदार को जो है वापस
2:45:02लेकर आओ राइट वापस हायरिंग
2:45:05करो प्लस
2:45:08प्लस प्लस जो
2:45:11है जमीदारों को बोलो कि हां उनकी मदद कर
2:45:19राइट है जमीदारों को बोला जाए कि हां भाई
2:45:21जो है उनको उनकी मदद यहां पर करें प्लस
2:45:24फौजदारी थाने वगैरह इधर उधर य लोग बनवाए
2:45:27गजली ही विल रिलाइज य सिस्टम वर्क कर नहीं
2:45:30रहा है तो यहां पर ही विल से कि चलो ठीक
2:45:33है अगर य सिस्टम वर्क नहीं कर रहा तो लेट
2:45:35मी हायर सम ऑफिसर्स जैसे कि इंग्लिश
2:45:41मजिस्ट्रेट जिनका काम क्या है जिनका काम
2:45:44है एंड डर देखना धीरे धीरे जो फौजदार है
2:45:48धीरे धीरे फौजदार रिप्लेस होने लगेंगे और
2:45:50उनकी जगह अब उस डिस्ट्रिक्ट में एक ऑफिसर
2:45:53आएगा जो कि है डीएम डिस्ट्रिक्ट का
2:45:55मजिस्ट्रेट ना जो सिस्टम हम देख रहे
2:46:00थे य जो सिस्टम हम देख रहे हैं या फिर एक
2:46:03दूसरा
2:46:04बनाले यही पर
2:46:06करते दूसरा बना ना सिस्टम
2:46:11में सिस्टम में वट वी आर र्विंग हा अगर को
2:46:15डिक्ट है इसके ऊपर अब डिस्ट्रिक्ट
2:46:17मजिस्ट्रेट धीरे-धीरे लाया जा रहा है जो
2:46:20कि क्या है जो कि ब्रिटिश है इसकी
2:46:24जिम्मेदारी है लॉ एंड ऑर्डर को एस्टेब्लिश
2:46:26करना देख रेख करना डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट
2:46:29बट अगेन दिस इज द एरा ऑफ दिस इज द एरा ऑफ
2:46:32जो है वरन हेस्टिंग्स राइट हम बात कर रहे
2:46:35हैं वरन
2:46:36की हु इज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्गेनाइजर अभी
2:46:40बात करी थी राइट एडमिनिस्ट्रेटिव
2:46:41ऑर्गेनाइजर कुछ भी ढंग का करते कुछ भी ढंग
2:46:44का नहीं करते डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को
2:46:45जिम्मेदारी दे दी कि हां भाई लॉ एंड ऑर्डर
2:46:47देखो उसने पूछा कैसे दिखेंगे साहब क्या
2:46:49करेंगे तो कहेंगे ठीक है आपकी मदद के लिए
2:46:52हम हेल्प के लिए बोल देते हैं जमीदारों को
2:46:56तो जमीदार आपको रिपोर्ट करेंगे दे विल बी
2:46:58सब सर्विए टू यू एंड एंड धीरे-धीरे सिस्टम
2:47:02में आप जो है लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने की
2:47:05कोशिश करिएगा तो जमीदारों को कुछ-कुछ
2:47:07पुलिस फंक्शन दिया जा रहा है यस जमींदारों
2:47:10के भरोसे कि हां भाई आपके पास चार पांच लठ
2:47:12इत हैं राइट है ना इस एरिया का पुलिस
2:47:13फंक्शन आप देखिए है ना कुछ भी जो भी कुछ
2:47:16हो रहा है प प्लीज आप फिक्स करिए तो इस
2:47:18तरह का इन्होंने इनिशियल जो है यू नो पैच
2:47:20सिस्टम बनाने की कोशिश करी कि हां रफल काम
2:47:22चल जाए सो सो सो दिस वाज वरन हेस्टिंग्स
2:47:25रफ सिस्टम जिसमें इंग्लिश मजिस्ट्रेट के
2:47:28साथ ये रिप्लेस कर रहे हैं प्लस कह रहे
2:47:30हैं कि हां जो जमीदार है जमींदार इसकी मदद
2:47:32करेगा जमींदार सिस्टम में बना हुआ इसीलिए
2:47:35तुम देखते हो जब अभी हम बात कर रहे थे कि
2:47:37भाई आप लोगों ने नोटिस किया कि हां जो हम
2:47:40बात कर रहे थे कि जब सीटें एलोकेट करी जा
2:47:42रही थी तो जमीदारों को स्पेशल सीटें दी जा
2:47:45रही थी हा छ कंसीट जमीदारों की है क्यों
2:47:47क्योंकि ये जमीदारी सपोर्ट शुरू से चला
2:47:49रहा है राइट है ना ये लॉयल्टी जो है ये
2:47:51बहुत पुरानी है ट इज द रीजन की बनता है कि
2:47:53हां वो जो है सपोर्ट बना के रखें राइट
2:47:56लैंड रेवेन्यू वगैरह में हर चीज में उनका
2:47:57सपोर्ट इंपॉर्टेंट है क्योंकि यह सपोर्ट
2:48:00शुरू से ही चला रहा है तो इन्हीं को बोल
2:48:02दिया कि हां भाई आप ध्यान
2:48:04रखिए अब इनका सारा रायता समेटने के लिए
2:48:07बुलाया गया किसको कन्वोस
2:48:09को नाउ वी हैव कवल कमिंग इन जो कि 93 तक
2:48:13रहेंगे और इसमें
2:48:161791 दिस इ द पॉइंट जहां पर कन्वोस विल
2:48:20रिफॉर्म द पुलिस फोर्स कोलिस सेट अप दिस
2:48:26कलिस एंड कलिस ल सेट अप रेगुलर पुलिस
2:48:36फोर्स तो कलिस की पुलिस फोर्स थोड़ा समझने
2:48:39की कोशिश करते हैं कि हा इन्होने क्या
2:48:40किया पुलिस फोर्स में ट
2:48:43आते
2:48:54या तो एक हमने बात करी जो है मुगल सिस्टम
2:48:57में कैसा रहा करता था राइट आमिल और फौजदार
2:48:59की बातें करी कि आमिल जो है वो रेवेन्यू
2:49:01कलेक्ट करता है और फौजदार जो है वो लॉ एंड
2:49:03ऑर्डर वगैरह मेंटेन करता था फिर हमने बात
2:49:06करी कि हां 65 से 72 के बीच में हालत खराब
2:49:08हो गई थी यस क्राइम रेट बढ़ता ही जा रहा
2:49:10है प्रॉब्लम बढ़ती जा रही है फिर हम बात
2:49:12कर ें कि वरन हेस्टिंग के टाइम में ये
2:49:13सुधरा था नहीं सुधरा नहीं था नाउ वी आर
2:49:15डिस्कसिंग कन्वोस का कन्वोस का जो है
2:49:18रेगुलर पुलिस फोर्स किस तरीके का है आइए
2:49:20इसको समझने की कोशिश करते हैं कि क्या
2:49:22इन्होंने
2:49:23किया नाउ
2:49:26अगेन सी
2:49:29कवस कवस क्या कह रहे हैं
2:49:35कि लेट से यह पूरा एरिया
2:49:41है या इसमें इसमें मान लेते हैं कि लेट्स
2:49:45से ये एक डिस्ट्रिक्ट है
2:49:48डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रिक्ट की जिम्मेदारी जो
2:49:51है डिस्ट्रिक्ट की जिम्मेदारी बनती है
2:49:53डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की डीएम अभी देखा
2:49:56था
2:49:57हमने एक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी है इस
2:50:01पूरे डिस्ट्रिक्ट का लॉ एंड
2:50:03ऑर्डर करेक्ट प्लस प्लस अब इस डिस्ट्रिक्ट
2:50:07को अगर हम डिवाइड कर दे ऐसी छोटी-छोटी
2:50:10यूनिट्स
2:50:11में है ना कि हां ऐसा 400 स्क्वायर माइल
2:50:15का अगर एक यूनिट हम मान ले 400 स्क्वायर
2:50:17माइल ऐसा रफ एस्टीमेट कि 400 स्क्वायर
2:50:20माइल्स का अगर हम एक यूनिट मान ले तो इसके
2:50:22ऊपर बैठा हो एक
2:50:25एसपी तो हर 400 स्क्वायर माइल प होगा एक
2:50:28एसपी मतलब सुपरिटेंडेंट ऑफ
2:50:37पुलिस जो कि रिपोर्ट करेगा मजिस्ट्रेट को
2:50:41तो पूरी डिस्ट्रिक्ट में ऐसे हो सकता है
2:50:43मल्टीपल एसपी है छोटे डिस्ट्रिक्ट होगा तो
2:50:45एक ही एसपी होगा तो एसपी जो है वो
2:50:47डिस्ट्रिक्ट को जो है हेड कर रहा है अब इस
2:50:51डिस्ट्रिक्ट में अगेन यह जो डिस्ट्रिक्ट
2:50:54है इस डिस्ट्रिक्ट को थोड़ा सा जो है इसको
2:50:56थोड़ा सा और जूम करना चाहूंगा
2:51:00मैं ओके कोई बात नहीं इस डिस्ट्रिक्ट को
2:51:04और छोटे-छोटे पार्ट में काटा
2:51:07गया राइट है ना जो लगभग 30 स्क्वायर
2:51:11माइल तो समझो कि हां एक एक जो है यू नो
2:51:15सुपरिटेंडेंट के अंदर कम से कम जो है 10
2:51:18से 13 10 से 15 जो है कुछ एरिया में लीड
2:51:22करेगा एक पर्सन व्हिच इज
2:51:28दरोगा तो एंट्री होती है दरोगा कि 30
2:51:31स्क्वायर यूनिट पर एक यूनिट पर हेड करेगा
2:51:35दरोगा तो कहने का मतलब कि देयर विल बी
2:51:37सुपरिंटेंडेंट उसके नीचे क्या होंगे 12 1
2:51:39दरोगा तो मजिस्ट्रेट के अंदर मान लो कि
2:51:42हां लेट्स से जो है डिस्ट्रिक्ट में
2:51:43डिस्ट्रिक्ट में लेट्स से जो है यू नो 10
2:51:46सुपरिंटेंडेंट हैं राइट उनके नीचे हर
2:51:48सुपरिटेंडेंट के नीचे 10 12 क्या है दरोगा
2:51:50है तो दरोगा इस पूरे यूनिट में राइट रहेगा
2:51:53और जो है इंचार्ज होगा थाना का कि यहां एक
2:51:56कोई ऑफिस बना देंगे उसका यहां एक छोटा सा
2:51:58घर बना दिया गया तुम्हारा थाना है है ना
2:52:00यहां से तुम पूरा कंट्रोल करोगे गश्त
2:52:02मारोगे जगह-जगह जाओगे ये सारा काम तुम
2:52:04करोगे तो दिस इज हाउ मजिस्ट्रेट
2:52:07मजिस्ट्रेट इज अ सिविल पोस्ट और उसके नीचे
2:52:09आपका एसपी उसके नीचे आपका दरोगा ये सिस्टम
2:52:12यहां पे क जो है स्टार्ट स्टार्ट किया जा
2:52:14रहा
2:52:16है राइट अनदर थिंग व्हिच इज इंपोर्टेंट कि
2:52:19जमीदारों ने पूछा कन्वोस के पास गए कि
2:52:21साहब हम क्या करेंगे तो गांव में जो
2:52:23जमींदार बैठे थे जमींदार कन्वोस ने कहा कि
2:52:27सर आपकी सेवा बहुत हो गई आज से आपकी कोई
2:52:30भी पुलिस ड्यूटी नहीं
2:52:33है राइट आपकी कोई पुलिस ड्यूटी यहां पर
2:52:36एजिस्ट नहीं करती है पूरी तरह से पुलिस
2:52:39ड्यूटी यहां पे हटा दी तो नाउ वी हैव अ
2:52:41प्रॉपर सिस्टम नाउ इफ यू अंडरस्टैंड कि
2:52:43कन्वोस ने कहा कि नाउ वी हैव अ रेगुलर वी
2:52:45विल हैव अ रेगुलर पुलिस फोर्स वी विल हैव
2:52:47थानास ऐसा कभी शेरशाह सूरी अकबर के टाइम
2:52:49में भी होता था कि थानेसर तो वही जो
2:52:51पुराना थाने वाला सिस्टम है वो वापस लेकर
2:52:53आ रहे हैं कह रहे हैं कि हां जो है यू नो
2:52:55थाने होंगे दरोगा होगा ऐसे कई दरोगा मिलके
2:52:58रिपोर्ट करेंगे एसपी को कुछ एसपी मिलके
2:53:00रिपोर्ट करेंगे मजिस्ट्रेट को ऐसा भी
2:53:02पॉसिबल है कि पूरी डिस्ट्रिक्ट में एक ही
2:53:04एसपी हो राइट तो इस तरीके का क्या है
2:53:06प्रॉपर अब एक सिस्टम ऑर्गेनाइज कर दिया है
2:53:08कन्वोस इसीलिए जाने जाते हैं राइट बड़े
2:53:11एडमिनिस्ट्रेटर हैं फेमस है इसीलिए अभी
2:53:12फादर ऑफ सिविल सर्विसेस कह रहे थे अभी हम
2:53:14देख रहे कि पुलिस का भी रिफॉर्म किसने
2:53:16किया है कन्वोस ने किया है तो कन्वोस कलिस
2:53:20व कैन
2:53:22राइट वी आर टॉकिंग अबाउट कन्वोस
2:53:29तो तो फाइनली कुछ तो सलूशन ऑन द टेबल हमें
2:53:32दिख रहा है बिकॉज ऑफ कवस हमें दिख रहा है
2:53:34कि हा डीएम है डीएम है डीएम के नीचे डीएम
2:53:39के नीचे एस
2:53:40है एस है और एस के नीचे दरोगा है
2:53:44और जमीदार जो है जमीदार जमींदार जमींदार
2:53:48बाहर
2:53:49है जमीदार का से कोई लेना देना नहीं है
2:53:53राइट जिस तरह का थाना सिस्टम एक रेगुलर
2:53:55पुलिस फोर्स यहां पे एस्टेब्लिश कर दी
2:53:56इन्होंने यस ही इज नोन फॉर दिस थिंग राइट
2:54:00उसके बाद अगर देखें कहानी थोड़ा सा और आगे
2:54:01बढ़ाते
2:54:05हैं नाउ आफ्टर दिस आफ्टर दिस व विल सी
2:54:091808 में राइट 1808 में जो है मेव आएंगे
2:54:14और मेव कहेंगे कि हां ये एसपी का
2:54:15अपॉइंटमेंट बिल्कुल सही है राट हर डिवीजन
2:54:18पर जो है यू नो एसपी जो है उसकी मदद के
2:54:20लिए स्पाइस वगैरह हायर कर दो स्पाइस
2:54:22द्वारा उनकी और मदद करो ब बिफोर वी गो
2:54:25अहेड एक छोटी सी बात और कहना चाहूंगा राइट
2:54:28है ना जो है च हेल्प अस अंडरस्टैंड दिस
2:54:30बेटर कि जो है यह जो हुआ सिस्टम इस सिस्टम
2:54:34में थोड़ा इसको जूम आउट
2:54:39कर हम लोगों ने जो दरोगा बिठा दिया
2:54:43ये
2:54:46दरोगा अब यह सिस्टम जो 30 स्क्वायर माइल
2:54:49पर एक दरोगा बैठा हुआ है यह जाकर दोस्ती
2:54:52कर देगा जमींदार से और इससे क्रिएट होगा
2:54:57जमीदार
2:54:59दरोगा
2:55:01नेक्सेस जमीदार से कहेगा कि भाई ठीक है
2:55:03तुम हमें सपोर्ट करो हम तुम्हें सपोर्ट
2:55:05करेंगे तुम्हारे पास भी कुछ कुछ लठ है है
2:55:07ना तो लॉ एंड डर में हेल्प करो और बाकी
2:55:09करप्शन हम लोग मिलके करेंगे तो नाउ दिस इज
2:55:11अ वेरी करप्ट सिस्टम ये जमीदार जो है जो
2:55:14जो है रेवेन्यू कलेक्शन भी करता है बाय द
2:55:16वे राइट अंडर जमीदारी सिस्टम तो रेवेन्यू
2:55:18कलेक्शन भी इसकी जिम्मेदारी है अब ये
2:55:21दरोगा के साथ मिलकर लोगों को डराए अपने लठ
2:55:24और दरोगा की जीप में बैठ के मतलब जीप मत
2:55:26कहो जो भी कहो है ना जीप उस समय नहीं रही
2:55:29होगी बट हां दरोगा के साथ निकलेगा गश्त पे
2:55:31गगा हां भाई जो सब लोग पैसे निकालो
2:55:33रेवेन्यू कलेक्शन राइट तो ये जो जमीदार
2:55:35दरोगा नेक्सस है ये लोगों प भारी पड़ेगा
2:55:37दिस विल बी वेरी करप्ट है ना ये लोग मिलके
2:55:39करप्शन करेंगे करप्ट भी
2:55:42है एंड एंड ऑपरेसिव भी
2:55:47है तो ओवरऑल दरोगा सिस्टम इज एक्चुअली अ
2:55:51फेलियर राइट बिकॉज ऑफ दिस दरोगा सिस्टम इज
2:55:54एक्चुअली अ फेलियर कहीं भी अप्लाई होगा तो
2:55:57यह फेल ही होगा इट वाज नॉट एट ऑल अ गुड
2:55:59आईडिया
2:56:05इवेंचर था ऐसा सिस्टम एजिस्ट नहीं करता था
2:56:08दिस वाज वन एलियन
2:56:10सिस्टम पहली बार इंडिया में आया और इसका
2:56:14एप्लीकेशंस गांव तक था नहीं गांव को पता
2:56:16नहीं था कि हां ये क्या कर सकते हैं रेट
2:56:18एक दरोगा बिठा रखा है पुलिस वाला ऐसा आदमी
2:56:20देखा नहीं कभी अभी आ रहा है गश्त मार रहा
2:56:22है पिटाई कर रहा है जाके जेल में बंद कर
2:56:23दे रहा है जमींदार से मिला हुआ है कह रहा
2:56:25पैसा दो सबको सिचुएशन खराब हो गई है तो
2:56:28यहां पे गांव वालों को पता नहीं कि दरोगा
2:56:30करता क्या है तो एक अलग सा डर है पुलिस का
2:56:32राइट दिस इज आल्सो कॉलोनियल लीगेसी कि आज
2:56:35भी आप देखेंगे कि हां जो पुलिस का थोड़ा
2:56:37जो है रोला हम मानते हैं अगेन आई एम नॉट
2:56:39सेइंग दिस इज 100% ट्रू आई एम जस्ट सेइंग
2:56:41आई एम जस्ट सेइंग कि हां एट मोस्ट ऑफ द
2:56:43प्लेसेस या फिर मूवी मूवीज में आप देखते
2:56:44हैं कि एक पुलिस वालों पुलिस वालों का जो
2:56:46है एक अलग डर आप देखते हैं लोगों में कि
2:56:49हां पुलिस है राइट है ना एक्चुअली पुलिस
2:56:51आप देखेंगे फॉरेन में आप देखेंगे कि पुलिस
2:56:53इज कंसीडर्ड एज यू नो कि हां वो पब्लिक
2:56:56सर्वेंट हैं पब्लिक के लिए काम कर रहे हैं
2:56:57जॉब है उनका राइट बट इंडियन कॉन्टेक्स्ट
2:57:00में या इंडियन पर्सपेक्टिव में आप देखेंगे
2:57:02कि पुलिस का थोड़ा सा जो है डर भी है
2:57:04लोगों को कि हां वो पता नहीं क्या करेंगे
2:57:05कुछ भी हो जाएगा है ना तो इस तरह का थोड़ा
2:57:08सा माहौल है दिस इज आल्सो कॉलोनियल लिगसी
2:57:10और वो कहीं ना कहीं यहीं से आ रहा है राइट
2:57:12ये काफी हद तक अब सही हो रहा है काफी हद
2:57:14तक जो अब जो सिविल सर्वेंट्स हैं वो लोगों
2:57:16से इंटरेक्ट भी कर रहे हैं सोशल मीडिया पे
2:57:17भी काफी एक्टिव हैं समझा रहे हैं लोगों को
2:57:19राइट एंड दे आर बिहेविंग लाइक सिविल
2:57:21सर्वेंट्स राइट दे आर बिहेविंग लाइक
2:57:22पब्लिक सर्वेंट्स बट कॉलोनियल एरा में ऐसा
2:57:24नहीं था कॉलोनियल एरा में दे वर बिहेविंग
2:57:26लाइक कि हां हम ही मालिक हैं भाई इस इलाके
2:57:28के तो जमींदार से मिलके जाके कुछ भी कर
2:57:30रहे हैं किसी की पिटाई कर रहे हैं
2:57:31जबरदस्ती सामान फेंके दे रहे हैं बाहर
2:57:33राइट है ना सामान बेचे दे रहे हैं ऑल दीज
2:57:34थिंग्स आर हैपनिंग तो दिस वाज दिस वाज यू
2:57:37नो वेरी वेरी करप्ट एंड वेरी वेरी ऑपरेसिव
2:57:39तो प्रॉब्लमैटिक है यस प्रॉब्लमैटिक है
2:57:41ओवरऑल इट वाज अ फेलियर बट एनी ए वे यही
2:57:44सॉल्यूशन था कन्वोस ने अप्लाई कर दिया था
2:57:47बाय द वे यही सॉल्यूशन जो है ये बहुत तेजी
2:57:49से हर जगह अप्लाई भी हुआ राइट है ना कि
2:57:52हां ये जो दरोगा सिस्टम जो है दरोगा
2:57:54सिस्टम वाज अप्लाइड एवरी वेयर राइट फेलियर
2:57:56तो बाद में लिखो बट जस्ट अंडरस्टैंड कि
2:57:58दिस सिस्टम वाज अप्लाइड 1802 में इट वाज
2:58:01अप्लाइड इन मद्रास दरोगा सिस्टम 1802 में
2:58:05मद्रास में अप्लाई कर दिया गया प्लस प्लस
2:58:08जो है 1803 च तक जाते
2:58:12जाते ये पहुंच चुका है आपका यूपी में अपर
2:58:17प्रोविंसेस साइड जहां पे भी एरिया हमारे
2:58:19पास था मतलब अंग्रेजों के पास था वहां प
2:58:21भी इसको अप्लाई कर दिया है तो या बट ओवरऑल
2:58:24इट वाज रिलाइज कि हां ये सिस्टम बिल्कुल
2:58:26भी सही नहीं है और 1814 तक आते-आते इतनी
2:58:30कंप्लेंट्स आई राइट और स्पेशली ईस्ट
2:58:32इंडिया कंपनी पे थोड़ा सा जो है सर्वे भी
2:58:34हो रहा है रिसर्च भी हो रहा है तो ये
2:58:36बातें काफी उजागर हुई कि हां ये जमींदार
2:58:37दरोगा नक्स बड़ा तगड़ा है तो कोर्ट ऑफ
2:58:40डायरेक्टर ने कहा कि भाई बंद करो ये
2:58:41अबॉलिश कराओ दिस दरोगा सिस्टम इज नॉट एट
2:58:44ऑल वर्किंग तो सिर्फ बंगाल में रह गया
2:58:46बाकी सारी जगह यह सिस्टम जो है अबॉलिश करा
2:58:48दिया गया तो दिस वास अबॉलिश इन
2:58:55184 एक बार वापस इस फिक्स करते हैं तो
2:58:58दरोगा सिस्टम हमने कहा कि हां ठीक है चला
2:59:01बट देन देन बाय 1814 कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स
2:59:06के आदेश से दरोगा
2:59:09सिस्टम
2:59:12अबॉलिश दरोगा
2:59:14का
2:59:19सिस्टम राइट है ना 1814 सम दिस वास
2:59:23अबॉलिश्ड नाउ नाउ कहानी आगे बढ़ाए अगर तो
2:59:27हम देखेंगे कि हां अगला अगला पड़ाव हमें
2:59:29दिखता है कि बेंटिक राइट बेंटिक आते हैं
2:59:32इस सम बहुत ठगी वगी भी चल रही है राइट
2:59:34बेंटिक की एंट्री होती है तो बेंटिक इज
2:59:36गवर्नर जनरल तो कहते हैं कि हां ये एसपी
2:59:38का ऑफिस जो है ये भी हमको ठीक नहीं लग रहा
2:59:40लेट द एसपी ऑफिस बी डिसोल्वड तो ये एसपी
2:59:43ऑफिस का भी जो है यनो काम हटा दे राइट तो
2:59:46एसपी ऑफिस भी काम हटा दिया और बोला कि
2:59:49सारी जिम्मेदारी कलेक्टर और मजिस्ट्रेट को
2:59:51हैंडल करने
2:59:53दो राइट तो जो कलेक्टर और मजिस्ट्रेट है
2:59:56उसको सारी जिम्मेदारी दे दी इन्होने एक
2:59:59बार इसको भी समझते हैं कि क्या कर दिया
3:00:00इन्होंने राइट क्या ही पाप हो गया
3:00:04नाउ तो अंडर 1828 25 वी आर टॉकिंग अबाउट
3:00:12बेंटिक बेंट से कि हा भाई जो है हम हम
3:00:15एसपी का ऑफिस ही हटा देते हैं और लेट
3:00:18कलेक्टर या फिर मजिस्ट्रेट या तो
3:00:20डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डिस्ट्रिक्ट
3:00:22मजिस्ट्रेट जो भी पोजीशन है वहां
3:00:24पर लेट दिस हैंडल द पुलिस तो पूरी
3:00:28जिम्मेदारी किसको किसको दे दी कलेक्टर और
3:00:30मजिस्ट्रेट को दे दी कि ही इ द हेड ऑफ
3:00:31पुलिस फोर्स इन्हीं को हैंडल करने दो राइट
3:00:34है ना यह जो है हैंडल करते रहेंगे प्लस हर
3:00:36डिवीजन में हर डिवीजन में इन्होने कहा कि
3:00:39यहां हर डिवीजन में कमिश्नर होना चाहिए
3:00:42कमिश्नर
3:00:44हु विल बिहेव लाइक
3:00:47एसपी एसपी को हटा दिया और किसी दूसरे लोअर
3:00:50रैंक को कह दिया कि हां यही एसपी की तरह
3:00:52बिहेव करें अब हो क्या रहा है कि सिस्टम
3:00:54में अगर वापस समझो तो तो आप देखेंगे कि
3:00:57भाई यह सिस्टम में अगर आप एसपी को हटा
3:00:59देंगे राइट है ना एसपी को हटा देंगे दरोगा
3:01:03ऑलरेडी नहीं रहा है तो जो भी लोग बचे हैं
3:01:05कांस्टेबल वगैरह जो भी चीज बची हुई है
3:01:07पूरी जिम्मेदारी आ रही है मजिस्ट्रेट प तो
3:01:11मैजिस्ट्रेट टेक्निकली इज ओवरवर्क कि हां
3:01:14नीचे कोई काम करने वाला है नहीं कोई दरोगा
3:01:16भगा गया कोई जो है कह रहा है कि एसपी को
3:01:18निकाल दो तो देन देन वो कह रहा है कि हां
3:01:20जो है अब हम काम अब काम कौन करेगा वो खुद
3:01:23ही ठी देक घूम रहा है गांव गांव कि हां
3:01:24भाई कोई गलत नहीं करेगा जागते रहो जागते
3:01:27रहो तो मजिस्ट्रेट और डीएम रात भर सो नहीं
3:01:29रहा है तो दे आर ओवरवर्क यस दे आर ओवरवर्क
3:01:32तो ये सिस्टम और ज्यादा खराब है यस ये
3:01:35सिस्टम और ज्यादा खराब है क्योंकि क्योंकि
3:01:37कलेक्टर और मजिस्ट्रेट कुछ और नहीं कर
3:01:38पाएंगे वो उसी में जूझते
3:01:40रहे राइट है ना तो ओवरऑल ओवरऑल लाइ कि हां
3:01:44हमें इसको भी ओवरल करना पड़ेगा इसको भी
3:01:46फिक्स करना पड़ेगा नाउ आफ्टर दिस है ना
3:01:49लेट्स
3:01:50अंडरस्टैंड आफ्टर दिस व फाइंड कि एक एक एक
3:01:54और सिस्टम क्रिएट होता
3:01:57है एक और सिस्टम समझते हैं दिस इज नॉट इन
3:02:01द बुक है ना जो है
3:02:03सुनिए तो एक सिस्टम है जब सिंध अनेक्स कर
3:02:07दिया था सर चार्ल्स नेपियर पे काफी लोग
3:02:09ऐसे गिर पड़ेंगे सर ये कब हुआ था हां पीछे
3:02:11हुआ था भाई चार्ल्स ने
3:02:151843 सिंध इनके पास आ चुका है सिंध को हरा
3:02:19दिया था रा बात करी थी हमने जबरदस्ती करके
3:02:22है ना कि वहा के वहां के जो है जो आमिर थे
3:02:24उनको किसी तरह यूनो हरा दिया किसी तरह
3:02:27क्या मतलब जो है हराना नहीं चाहिए था गलत
3:02:29किया उनके साथ बट हा जो है हो गया तो 1843
3:02:32में सिं वास अनेक्स अब यहां पर इन्होने एक
3:02:35सिस्टम एब्लिश किया कि जो सिंध
3:02:37है सिंध सिंध में ओवरऑल देर विल बी वन
3:02:42इंस्पेक्टर जनरल तो एक आईजी की पोस्ट
3:02:45क्रिएट
3:02:46करी इंस्पेक्टर जनरल राट एक आईजी की पोस्ट
3:02:50क्रिएट करी और और जो है डिस्ट्रिक्ट लेवल
3:02:54पर देखें तो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर देर इ
3:02:56डिस्ट्रिक्ट
3:03:00मजिस्ट्रेट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अब
3:03:03डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के नीचे हेल्प
3:03:05करने के लिए पुलिस फंक्शन के लिए एक आदमी
3:03:07रखा च इ
3:03:08एसपी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस वापस हायरिंग
3:03:11हो रही है राइट है ना सिंध में हो था सिंध
3:03:14का एक्सपेरिमेंट है टेक्निकल ये सिंध जो
3:03:16ये जो एसपी है ये मजिस्ट्रेट को भी
3:03:18रिपोर्ट करेगा और ओवरऑल पुलिस का जो हेड
3:03:20है व्हिच इज इंस्पेक्टर जनरल उनको भी
3:03:22रिपोर्ट
3:03:25करेगा या तो जो मजिस्ट्रेट है इज लाइक मोर
3:03:29पावरफुल क्योंकि वो भी देख रहा है कि हां
3:03:31क्या हो रहा है और एक डेडिकेटेड हेड भी
3:03:33रखा हुआ है व्हिच इज इंस्पेक्टर जनरल जो
3:03:35देख रहा है कि हां पुलिस फंक्शनिंग कैसे
3:03:36हो रही है तो दिस इज लाइक थोड़ा बेटर
3:03:38सिस्टम कि हां यहां पे दो लोग हैं जो यहां
3:03:40पे पुलिसिंग वगैरह देख रहे हैं वन इज
3:03:42इंस्पेक्टर जनरल वो ओवरऑल ओवरऑल पुलिसिंग
3:03:45का हेड है लेकिन जो है रिपोर्ट किसको कर
3:03:47रहे हैं जो पुलिस रिपोर्ट कर रही है वो
3:03:49डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को कर रही है
3:03:50डिस्ट्रिक्ट में राइट तो टेक्निकली दिस
3:03:52सिस्टम साउंड्स मोर रोबट कि हां डीएम इज
3:03:55इज वेल यू कैन से वेल एंपावर्ड डीएम के
3:03:59अंदर डीएम के अंदर जो है सिविल पुलिस भी आ
3:04:01रही है राइट सिविल पुलिस भी आ रही है और
3:04:05तब तक मिलिट्री फंक्शन भी हुआ करता था
3:04:07मिलिट्री मिलिट्री का भी पुलिस फंक्शन
3:04:09होता था तो मिलिट्री पुलिस भी आ रही है तो
3:04:13सिस्टम वास फाउंड कि हां यार ये सिस्टम
3:04:15ज्यादा सटीक सिस्टम है एंड ऐसा कुछ हमको
3:04:17करना चाहिए राइट यही सिस्टम फॉलो होगा
3:04:21आपका लेटर ऑन पंजाब
3:04:23में पंजाब में यही सिस्टम फॉलो होगा आपका
3:04:27मद्रास में बॉम्बे में बॉम्बे एंड फिर
3:04:31मद्रास भी इसी पे स्विच कर जाएगा तो पंजाब
3:04:34बॉम्बे एंड
3:04:37मद्रास दिस इज द सिस्टम डिवाइज बाय सर
3:04:40चार्ल्स
3:04:41नेपियर नाउ नाउ इट्स लाइक कि हां जो है अब
3:04:45अब एक प्रॉपर हमें सिस्टम चाहिए काफी समय
3:04:48हो गया अब जो है आपका शुरू हो चुका है
3:04:51क्राउन रूल अब क्राउन रूल में भी अगर
3:04:53पुलिस फिक्स नहीं करी तो क्या किया राइट
3:04:55है ना 1843 का आप ड कर सकते हो
3:04:591843 नेपियर
3:05:02सिस्टम दिस इज अ गुड
3:05:05आइडिया नाउ 1857 की क्रांति हो गई 1857 की
3:05:09क्रांति से एक नई कहानी शुरू हुई और हुआ
3:05:12कि भाई एक पुलिस कशन बिठाया जाए पुलिस
3:05:15रिफॉर्म करने के लिए 1860 में एक पुलिस
3:05:18कमीशन
3:05:19बैठेगा पुलिस
3:05:22कमीशन और यह देगा पुलिस
3:05:26एक्ट दिस इ दिस इज इंडियन पुलिस एक्ट
3:05:30181 तो इंडियन पुलिस
3:05:33एक्ट
3:05:4018611 राइट आइए बात करते हैं कि हा इंडियन
3:05:43पुलिस 181 में क्या देखने को मिल रहा है
3:05:46वी आर टॉकिंग अबाउट
3:05:49आईपीए
3:05:50186 है ना वही 60 61 में जो है तो 61 में
3:05:54हमको क्या दिख रहा है 61 में हमको आईपीए
3:05:55दिख रहा
3:05:56है सो तो आईपीए तो आईपीए देखें
3:06:03हम ओके इंडियन पुलिस एक्ट ऑफ
Police Act 1861
3:06:13कि हां एक जो है कांस्टेबल की है बात कर
3:06:15रहा है कि भाई एक कांस्टेबल होना चाहिए
3:06:17यूनिट लेवल पे सबसे छोटे सबसे लोअर पोजीशन
3:06:21पे कौन है जो हमें सबसे ज्यादा लोग चाहिए
3:06:23क्योंकि पुलिस इज आल्सो अबाउट नंबर ऑफ
3:06:25पीपल इट इज नॉट लाइक कि हां जो है यू नो
3:06:27दो लोग हैं लेकिन बड़े समझदार हैं काम हो
3:06:29जाएगा आपको ज्यादा लोग चाहिए पुलिस में
3:06:31क्यों क्योंकि गांव बहुत सारे राइट गांव
3:06:33बहुत सारे हैं तो हर गांव में एक
3:06:34कांस्टेबल जा रहा है दो कांस्टेबल जा रहा
3:06:36है समथिंग तो नाउ वी नीड कि एकदम बॉटम
3:06:38लेवल पे वी नीड सबसे जो जूनियर पोस्ट है
3:06:42वो है कांस्टेबल
3:06:44तो सिस्टम ऑफ सिविल कांस्टेबल चाहिए यस है
3:06:46लेट म एक्सप्लेन क्या है यय कह रहे कि एक
3:06:49तो हमको चाहिए सिविल
3:06:55कंबरी सिविल
3:06:58कंबरी और ये सारी पुलिस सिविल फोर्स है य
3:07:01मिलिट्री फोर्स नहीं पुलिस का ध्यान रखना
3:07:03पुलिस इ नॉट मिलिट्री फोर्स इट सिविल
3:07:05फोर्स तो सिविल कंबरी चाहिए लेटस
3:07:07अंडरस्टैंड क्या कहना चाह रहे य कहना चाह
3:07:10रहे
3:07:12हैं
3:07:14कि गांव लेवल प कि नाउ देर विल बी लाइक कि
3:07:16हां अगर गांव है बहुत सारे तो हर गांव में
3:07:19कुछ कांस्टेबल
3:07:21है या एक कांस्टेबल है जो कुछ गांव के लिए
3:07:24जिम्मेदार है राइट और ऐसे बहुत सारे
3:07:26कांस्टेबल्स है यह आपकी पुलिस का लोअर रंग
3:07:31जो है वह क्रिएट कर रहे है अगर ये गांव
3:07:34में पोस्टेड भी है मान लो ये यहां पोस्टेड
3:07:36है ये यहां पोस्टेड है अगर ये गांव में एक
3:07:38दो इधर अलग-अलग पोस्टेड भी है तो ओवरऑल दे
3:07:41आर कनेक्टेड विद ईच अदर ओवरऑल दे आर
3:07:44कनेक्टेड टू अ सिस्टम फॉर ट्रेनिंग फॉर
3:07:46एवरीथिंग तो दे आर कनेक्टेड टू अ कॉमन
3:07:49सिस्टम एंड दे आर बिहेविंग कि हां हम लोग
3:07:51एक साथ में यहां के गांव की जरूरत पड़ जाए
3:07:53तो ये वाला इधर जा सकता है यहां के गांव
3:07:55की जरूरत पड़े ये तो ये सारे कनेक्टेड भी
3:07:57हैं दे आर पार्ट ऑफ सेम फोर्स इट इज नॉट
3:08:00लाइक कि हां वो यहां की लॉयल्टी यहीं के
3:08:02साथ है दो गांव में लड़ाई हो गई तो पता
3:08:04चला ये कांस्टेबल उनके साथ लड़ रहा है
3:08:05नहीं नहीं ऐसा नहीं करना है इट इज लाइक कि
3:08:07ये जो ये सारे कांस्टेबल हैं ये आपस में
3:08:10इंटीग्रेटेड हैं एक बड़े सिस्टम एक
3:08:12कांस्टेबल री सिस्टम का पार्ट है तो
3:08:15फर्स्ट थिंग फर्स्ट थिंग वी आर आस्किंग इज
3:08:16कि हां एक एक सॉरी एक आपकी प्रॉपर एक
3:08:20सिविल कांस्टेबल होनी चाहिए सिस्टम ऑफ
3:08:22सिविल कंबरी जो विलेज सेटअप में जो है
3:08:24वॉचमैन की तरह ही है लेकिन प्रॉपर्ली
3:08:26इंटीग्रेटेड है यस बाकी की कांस्टेबल के
3:08:29साथ प्रॉपर्ली इंटीग्रेटेड दूसरा कह रहे
3:08:32हैं कि यहां आईजी वाला जो आईडिया था
3:08:33नेपियर नेपियर पोजीशन में हमने देखा था
3:08:36नेपियर फॉर्मूले में देखा था कि हां एक
3:08:38आईजी हमको
3:08:40चाहिए तो नाउ नाउ इट इज आस्किंग फॉर कि
3:08:43मिलिट्री पुलिस के हिसाब से अब क्या चाहिए
3:08:47कि यहां एक प्रोविंशियल गवर्नमेंट लेट्स
3:08:50से ये प्रोविंस है
3:08:52कोई तो प्रोविंशियल गवर्नमेंट जो है
3:08:55प्रोविंशियल
3:08:57गवर्नमेंट उसको रिपोर्ट करता हुआ एक
3:08:59इंस्पेक्टर जनरल
3:09:06आईजी कि एक आईजी जो हो जो प्रोविंशियल
3:09:09सरकार को जवाब दे हो रिस्पांसिबल हो दूसरा
3:09:13दूसरा डिस्ट्रिक्ट लेवल पर जैसा हमने
3:09:15चार्ल्स नेपियर का सिस्टम देखा था कि
3:09:17डिस्ट्रिक्ट लेवल पर है एक
3:09:21[संगीत]
3:09:22मजिस्ट्रेट राइट मजिस्ट्रेट मजिस्ट्रेट जो
3:09:26है या जो कलेक्टर है यह यह आपका यह जो है
3:09:30इसको रिपोर्ट करता है एक एसपी वही नेपियर
3:09:33वाली बात और यह एसपी इसको भी रिपोर्ट करता
3:09:36है दोनों को ही रिपोर्ट करता है दोनों के
3:09:38ही अंडर आता है प्लस ये जो एसपी है यह
3:09:42पूरी तरीके से अपने नीचे जो जो कांस्टेबल
3:09:45है रूरल पुलिस है उसका ध्यान रखता है तो
3:09:49टेक्निकली टेक्निकली जो सिस्टम हम देख रहे
3:09:53हैं एक बार इसको सम अप करते हैं तो ये ये
3:09:56जो ब्लॉक है ये सारे कांस्टेबल रिपोर्ट
3:09:59करते हैं या किसी सिस्टम का पार्ट है जो
3:10:01कि एक्चुअली एसपी है अब ऐसा और भी लोग हो
3:10:04सकते हैं इसके नीचे लेकिन हां फिलहाल अगर
3:10:06हम सिस्टम समझे तो सबसे लोअर लेवल पे है
3:10:08कांस्टेबल्स एंड देन देयर इज एसपी जिसके
3:10:11नीचे रूरल पुलिस आती है दिस इ टेक्निकली
3:10:14रूरल
3:10:16पुलिस और यह रिपोर्ट करता है रिपोर्ट करता
3:10:19है डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को या फिर
3:10:21मजिस्ट्रेट को तो डिस्ट्रिक्ट में रिपोर्ट
3:10:24करता है यह
3:10:26कलेक्टर प्लस ही आल्सो रिपोर्ट टू
3:10:29इंस्पेक्टर
3:10:32जनरल जो कि प्रोविंशियल लेवल पर जो कि
3:10:35रिपोर्ट करता है सरकार को प्रोविल
3:10:37गवर्नमेंट को अगर लेट से बम्बे है तो
3:10:40बम्बे के गवर्नर
3:10:41को
3:10:43तो जो गवर्नर है वो डील करेगा इंस्पेक्टर
3:10:45जनरल से डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बात करेगा
3:10:47इंस्पेक्टर जनरल से लेकिन हा उसके नीचे
3:10:49बैठा हुआ है एसपी राट मेजर डीलिंग होगी
3:10:52एसपी से डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर हो सकता
3:10:54इंस्पेक्टर जनरल को फोन लगाए कि हा ठीक
3:10:55काम नहीं हो रहा है इंस्पेक्टर जनरल एसपी
3:10:57को फोन लगाए ऐसा भी हो सकता है
3:10:58डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डायरेक्ट एसपी को फोन
3:11:00लगाए हा ऐसा भी हो सकता है तो यह जो है
3:11:03सिविलयन पुलिस सिविलयन पुलिस एब्लिश करी
3:11:05जा रही है प्रोविंशियल लेवल प दिस इ वन
3:11:08बिग
3:11:09थिंग सिविल
3:11:11कंबरी
3:11:14प्लस पुलिस एट प्रोविंशियल लेवल आईजी एट
3:11:17आईजी एट प्रोविंशियल
3:11:21पुलिस यह प्रॉपर सिस्टम हमें देखने को
3:11:24मिलेगा अंडर पुलिस कमीशन अब जो है पुलिस
3:11:27काफी रिफॉर्म हो चुकी है काफी स्ट्रीमलाइन
3:11:29हो चुकी है आफ्टर 186 61 आईडिया आया था
3:11:32नेपियर
3:11:35से देन
3:11:38फाइनली फाइनली जो है आते हैं लर्ड कर्जन
3:11:41तो अगला जो स्टेप है हमको देखने ने को
3:11:43मिलेगा 1902
3:11:451903
3:11:4719023 आ चुके हैं
3:11:50कर्जन कर्जन का जीवन में एक ही उद्देश्य
3:11:53है कि हां भाई इंडिया को ऐसी कॉलोनी बनाओ
3:11:56कि सालों साल हम लोग राज्य कर सके इंडिया
3:11:59हमारे हाथों से चुंगल से कभी ना निकले तो
3:12:01सस्टेनेबल कॉलोनी बनाने का यहां पर उसका
3:12:03उद्देश्य है राइट वो क्या चाहता है जीवन
3:12:06में वह चाहता है कि एक सस्टेनेबल कॉलोनी
3:12:08क्रिएट करी जाए नाउ जस्ट सेकंड तो
3:12:13सस्टेनेबल कॉलोनी क्रिएट करने का यहां पर
3:12:15जो है मन
3:12:17है मन है कर्जन का तो कर्जन चाहता है कि
3:12:21जो पुलिस है पुलिस को भी पुलिस को भी
3:12:23फिक्स किया जाए तो पुलिस कहता है कि भाई
3:12:26जो है एंड्रू फ्रेजर करके थे सर एंड्रू
3:12:28फ्रेजर उनको बोलेगा कि सर एक कमीशन बनाइए
3:12:32कमेटी
3:12:33बनाइए और बताइए कि क्या करना है एंडू
3:12:37फ्रेजर आप रिकमेंड करिए कि साहब क्या करना
3:12:40चाहिए जीवन में कैसे हम जो है इस पुलिस की
3:12:43समस्या को सॉल्व करें एंड्रू फ्रेजर कुछ
3:12:46रिकमेंडेशन देंगे य कहेंगे कि कभी जूनियर
3:12:49को जूनियर ही रहने दो सीनियर मत
3:12:52बनाओ जूनियर पोजीशन होती है व एक लेवल तक
3:12:55ही प्रमोशन होना चाहिए उसके ऊपर प्रमोशन
3:12:57नहीं होना चाहिए राइट दूसरा दूसरा कहते
3:13:00हैं कि सीनियर लेवल पर डायरेक्ट एंट्री
3:13:02होनी
3:13:03चाहिए डायरेक्ट एंट्री हा डायरेक्ट एंट्री
3:13:06आप कराइए मेरिट बेसिस पर डायरेक्ट एंट्री
3:13:09शुड बी
3:13:10देयर प्लस आपकी पुलिस डम भर्ती हो जाती है
3:13:13ट्रेनिंग करवाइए
3:13:14आपकी पुलिस करप्ट है तो सैलरी
3:13:19बढ़ाइए राइट है ना ट्रेनिंग स्कूल वगैरह
3:13:21एस्टेब्लिश करिए सैलरी वगैरह बढ़ा दीजिए
3:13:23प्लस पुलिस फोर्स की जो स्ट्रेंथ है नंबर
3:13:25जो है राइट
3:13:27पुलिस इन प्रोविंसेस ये नंबर बढ़ाओ
3:13:31साहब स्ट्रेंथ बढ़ाओ क्योंकि अब क्या है
3:13:34अब होने वाला है स्वदेशी मूवमेंट अब होने
3:13:36वाला है बहुत सारा मूवमेंट एक्सम एरा शुरू
3:13:38हो रहा है तो यहां पे कहीं ना कहीं
3:13:40एक्सपेक्टेशन है कि इंडियस जो है वो कुछ
3:13:42ना कुछ रिवोल्ट करेंगे आवाज उठाएंगे तो
3:13:44उनको कंट्रोल करने के लिए चाहिए कि हां
3:13:46भाई हमारी पुलिस जो है वो बढ़ जाए तो
3:13:48पुलिस की संख्या बढ़ानी चाहिए हां तो
3:13:49पुलिस की संख्या बढ़ानी भी चाहिए प्लस कह
3:13:53रहे कि हां भाई गांव गाव जाके विजिट करना
3:13:55चाहिए बट टू मेजर डेवलपमेंट चच हैपेंड ओवर
3:13:58हियर इज कर्जन खुश हो गए कह रहे हां ठीक
3:14:00है चलो बहुत अच्छा आईडिया तो टू मेजर
3:14:02डेवलपमेंट फ्रॉम हियर इज कि एक आईडिया था
3:14:05क्रिमिनल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट तो
3:14:08डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इंटेलिजेंस
3:14:10क्रिएट हुआ डिपार्टमेंट ऑफ
3:14:13क्रिमिनल इंटेलिजेंस बिकॉज ऑफ
3:14:16दिस और दूसरा इसी की वजह से एक क्रिमिनल
3:14:19इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट सीआईडी क्रिएट
3:14:22हुआ यह हुआ कर्जन के टाइम
3:14:26में
3:14:29सीआईडी ना सी इंपोर्टेंट थिंग इ की देखो
3:14:31जो है पुलिस ए अ ए अ रेटसूदें
3:14:42राइट है ना कि हां जो है पुलिस थी तो हां
3:14:44कुछ भी हुआ किसी ने भी सत्याग्रह किया
3:14:45किसी ने भी कुछ कहा तो पुलिस हक गई राइट
3:14:47लॉ एंड ऑर्डर में लग गई तो काफी हद तक ये
3:14:49जो स्ट्रगल हमारा था उसको उसको पुश बैक
3:14:52करने में पुलिस का बहुत बड़ा योगदान रहा
3:14:55है आर्मी को आप हर जगह नहीं भेज रहे कि
3:14:57कुछ भी हो जाए तो आर्मी को बुला लो है ना
3:14:58सही नहीं है तो यहां पे लॉ एंड ऑर्डर
3:15:00स्पेशली जब जरूरत थी स्पेशली जब जो है यू
3:15:02नो क्रांतिकारी आ रहे हैं या फिर जो है
3:15:04हमारे धरने हो रहे हैं रिवोल्ट हो रहे हैं
3:15:07रिवर्ट्स ऐसा मत कहो लेकिन हां डिफरेंट
3:15:09डिफरेंट मूवमेंट्स हो रहे हैं नॉन कॉपरेशन
3:15:10मूवमेंट सिविल डिसिडेंस मूवमेंट कि तना
3:15:12कुछ हमने कर दिया तो उसके लिए जरूरी था कि
3:15:14इस तरह का पुलिस सिस्टम तो हां ये पुलिस
3:15:16सिस्टम ही था जो बचाए हुए था स्पेशली ये
3:15:18लास्ट में जो जो है पुलिस एक्ट आया और फिर
3:15:20एंड्रू फ्रेजर के टाइम में जो इंप्रूवमेंट
3:15:22हुआ इसकी वजह से पुलिस सिस्टम क्या हुआ
3:15:24रोबट हो गया और इसने काफी हद तक जो सारे
3:15:26मूवमेंट्स थे उनको संभाला भी तो कहीं ना
3:15:28कहीं अंग्रेजों के लिए दिस इज वन ऑफ द
3:15:30मोस्ट इंपोर्टेंट आई विल नॉट से मोस्ट
3:15:31इंपोर्टेंट लेकिन हां वन ऑफ द वेरी
3:15:32इंपोर्टेंट ऑरेटर्स ऑफ रूल जिसकी वजह से
3:15:35वो हम पे रूल कर पा रहे थे राइट है ना तो
3:15:38ये कहानी थी आपकी पुलिस की तो पुलिस कमीशन
3:15:41की हमने बात करी समझा कि इस पुलिस कमीशन
3:15:43में क्या था राइट एंड देन देन हमने समझा
3:15:46कि इसकी व से डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल
3:15:47इंटेलिजेंस और सीआईडी भी बन गया
3:15:49था तो इसी के साथ हमने पुलिस और सिविल
3:15:52सर्विसेस दोनों बातें कर ली है आगे बात
3:15:54करते हैं मिलिट्री की मिलिट्री का डिस्कशन
3:15:57करते हैं मिलिट्री
3:16:00तो मिलिट्री वी विल
3:16:05फाइंड छोटी सी कहानी है मिलिट्री की बहुत
3:16:07ज्यादा इसमें मसाला नहीं है राइट हैना
Military under the British
3:16:10समझिए सिंपल सी बातें हैं
3:16:13तो मिलिट्री तो मिलिट्री विल फाइंड कि
3:16:15यहां जो फोर्सेस थी कंपनी की जो फोर्सेस
3:16:18थी अगेन छोटी सी टाइमलाइन बनाएंगे और
3:16:21कहानी को
3:16:26समझेंगे तो इनिशियल फेज में ईस्ट इंडिया
3:16:29कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी को जब जरूरत थी
3:16:32तो इन्होंने इन्होंने ब्रिटेन से मदद
3:16:35मांगी जब 1600 में आए तब भी तो इनिशियल
3:16:37फेज में जब वो ट्रेडिंग भी कर रहे थे तो
3:16:39वो एक प्राइवेट कंपनी हुआ करते थे क्या
3:16:41अपनी सेना ी उनके पास उनके पास अपनी सेना
3:16:43नहीं थी तो उन्होंने टेक्निकली क्राउन की
3:16:46आर्मी मांगी कि हां हमें प्रोटेक्शन के
3:16:48लिए इतना जहाज वहाज लेकर जाते हैं
3:16:50ट्रेडिंग ग्रेडिंग करते हैं तो उसके लिए
3:16:52हमको क्या चाहिए हमको आपकी सेना चाहिए तो
3:16:54उन्होंने सेना मांगी तो उनको मिल गई
3:16:56क्राउन आर्मी यहां जब जो भी जरूरत है उसके
3:16:59हिसाब से आप जो है यू
3:17:03नो ची रख लीजिए तो क्राउन आर्मी दिस
3:17:07स्टार्टिंग ओनली है ना वेरी वेरी
3:17:08स्टार्टिंग क्राउन आर्मी बट
3:17:11बट 1240 के बाद जब युद्ध वगैरह बहुत होने
3:17:14लगे राइट है ना और आर्मी की जरूरत बढ़ने
3:17:16लगी तो कितना क्राउन से आर्मी मांगोगे
3:17:18कितनी आर्मी ब्रिटेन की लोगे इट वाज वेरी
3:17:21वेरी इंपोर्टेंट स्पेशली अंडर रॉबर्ट
3:17:22क्लाइव इट वाज रिलाइज्ड कि हां भा जो है
3:17:24एक लिमिट से ज्यादा हम लोग क्या ही
3:17:26मांगेंगे कितनी ही क्राउन आर्मी लेकर आ
3:17:27जाएंगे कितने लोग ब्रिटेन से लेकर आ
3:17:29जाएंगे इट विल नॉट मेक सेंस प्लस एक और
3:17:31बड़ी बड़ी दिक्कत थी ये जो क्राउन आर्मी
3:17:34थी ना इसमें एटीट्यूड बहुत था कि हम तो हम
3:17:36तो रानी के सेवक हैं राजा के सेवक हैं
3:17:38राइट क्राउन को रिपोर्ट करते हैं राइट है
3:17:40ना तुम लोग क्या ही हो तुम लोग प्राइवेट
3:17:42कंपनी के लिए अदने से जो है यू नो एंप्लॉई
3:17:44हो है ना नौकर हो तुम प्राइवेट कंपनी के
3:17:46ऐसे करके मजाक उड़ाते थे तो ये जो ये जो
3:17:48एटीट्यूड था क्राउंस आर्मी का डेफिनेटली
3:17:50इट वाज नॉट एट ऑल गुड और ईस्ट इंडिया
3:17:52कंपनी के जो यू नो जो है यू नो सिपे सालार
3:17:55थे उनको लग रहा था कि ना इन्ह कहीं
3:17:57साइडलाइन करना पड़ेगा मार्जिनलाइज करना
3:17:59पड़ेगा और यहां से आईडिया आया कि हां वी
3:18:01नीड कंपनीज
3:18:04आर्मी अपनी हायरिंग शुरू करते हैं राइट
3:18:07क्राउन ने पूछा क्या कर रहे हो कह रे भाई
3:18:09एक्सपेंड कर रहे हैं जरूरत है सेफ्टी के
3:18:11लिए कितने लोग दोगे तो पॉसिबल नहीं है तो
3:18:13हां कंपनीज आर्मी हां ट्रेनिंग यही ऑफिसर
3:18:16प्रोवाइड करेंगे राइट ट्रेन बाय दज
3:18:17ऑफिसर्स ली अब कंपनीज आर्मी में पहले जो
3:18:21है ब्रिटिश हायर हुए तो इसमें ब्रिटिश भी
3:18:24है यूरोपिय भी है और फिर जो है इंडियन से
3:18:27पॉय सिपाही कहते हैं इंडियन सप इनकी
3:18:30हायरिंग चालू है पहले बताया होगा मैंने ये
3:18:32बात इंडियन सप तो स्पेशली ये जो डेवलपमेंट
3:18:35है यह 18 1740 के बाद का डेवलपमेंट है
3:18:401750 कह लो 1750 में हमें इस तरह का
3:18:43डेवलपमेंट देख मिल रहा है कि धीरे-धीरे ये
3:18:46जो आर्मी की संख्या है बढ़ी जा रही है अब
3:18:48जब ये इंडियन स पॉइस की हायरिंग हुई तो ये
3:18:50फॉरेन कंपनी है जो हायर कर रही है राइट है
3:18:52ना कि हां कोई विदेश से आया है और हायरिंग
3:18:54कर रहा है सोल्जर की तो सोल्जर समझ नहीं
3:18:55पा रहा है कि सही कर रहे हैं गलत कर रहे
3:18:57हैं जाना चाहिए नहीं जाना चाहिए तो
3:18:59इनिशियली क्या है इनिशियली खाली हाई कास्ट
3:19:02हायरिंग हो रही है सिर्फ और सिर्फ हाई
3:19:05कास्ट क्षत्रिय जो है ब्राह्मण सिर्फ इनकी
3:19:08हायरिंग हो रही है तो क्या है कि जब जब
3:19:11एग्रीकल्चर वगैरह डिक्लाइन कर रहा है हम
3:19:13देख रहे हैं डुअल रूल है ड्यूल कंपनी का
3:19:14रूल जो है अ ड्यूल रूल है है ना जो है उस
3:19:18समय उस समय जो है हम देख रहे हैं कि हां
3:19:20जब एग्रीकल्चर में सिचुएशन खराब है बाकी
3:19:22इकॉनमी में सिचुएशन खराब है तो ऐसे में ये
3:19:24अच्छी जॉब अपॉर्चुनिटी है लोग कहेंगे हां
3:19:26भाई ठीक है कर देते हैं जॉइन प्लस हाई
3:19:28कास्ट है है ना सारे ही लोग हाई कास्ट है
3:19:30तो जो भी आर्मी जॉइन कर रहा है उसको
3:19:32फीलिंग आ रही है कि हम सारे लोग हाई कास्ट
3:19:34है राइट है ना और और मार्केट में बात भी
3:19:36जा रही कि अगर तुम आर्मी में काम करते हो
3:19:38तो इसका मतलब कि तुम अपने आप में हाई
3:19:40कास्ट हो तो हर कोई जॉइन कर करना चाहता है
3:19:42आर्मी को इस तरह का हर हर किसी में थॉट
3:19:45प्रोसेस आ रहा है और यह आर्मी की जॉइनिंग
3:19:48जो है यू नो क्रेज है लोगों में कि हां
3:19:49चलो जवाइन कर सकते हैं हम ईस्ट इंडिया
3:19:52कंपनी के अंडर सॉय बन सकते हैं कोई दिक्कत
3:19:54की बात नहीं प्लस सारे कास्ट रूल वगैरह भी
3:19:57फॉलो हो रहे हैं क्योंकि जब हाई कास्ट
3:19:58आर्मी है तो सारे कास्ट रूल फॉलो होते हैं
3:20:00बट ये जब हा हायरिंग यू नो पहले खूब
3:20:03हायरिंग हुई हायरिंग हुई हायरिंग हुई एक
3:20:05टाइम के बाद जब ये डिपेंडेंसी खत्म हो गई
3:20:07राइट है ना ये भी साइडलाइन हो चुके हैं ये
3:20:09इंडियन स पॉइज की हायरिंग बहुत हो गई है
3:20:12एक टाइम के बाद हुआ कि नहीं अब इतना इतना
3:20:14तवज्जो देने की जरूरत है नहीं तो स्पेशली
3:20:17आफ्टर
3:20:191820 1820 के बाद हुआ कि नाउ वी नीड
3:20:22यूनिफॉर्म रूल थोड़ा पहले ही आ गया था बट
3:20:25स्टिल यूनिफॉर्म रूल हर किसी के
3:20:29लिए राइट है या फर ऐसा लिखो कि हा
3:20:31यूनिवर्सल मिलिट्री
3:20:33कल्चर यूनिवर्सल मिलिट्री
3:20:39कल्चर ऐसा आ गया अब यूनिवर्सल मिलिट्री
3:20:42कल्चर के तहत हुआ कि क्या कास्ट रूल फॉलो
3:20:44हो सकते हैं नहीं कह र आप धोती पहने हुए
3:20:46हैं ना पैंट पहनी है राइट है ना आप ये
3:20:48तिलक लगाए तिलक नहीं लगा सकते आप आप जो
3:20:50दाढ़ी रखे हो दाढ़ी नहीं रख सकते ऐसे
3:20:52दुनिया भर के रूल्स बताना चालू हो गया
3:20:54प्लस प्लस प्रमोशन भी नहीं हो रहा था तो
3:20:56हमने ये सारा दर्द समझा था जब हम 1857 का
3:20:58रिवोल्ट का बात कर रहे थे राइट तो हमने
3:21:00समझा कि हां ये सारे दर्द के बाद सपोस का
3:21:02जो दर्द है बिकॉज ऑफ दिस यूनिफॉर्म जो है
3:21:05रूल हमने देखा कि एक क्रांति
3:21:08हुई जिसको अंग्रेज कहते हैं कि हां इट इज
3:21:11स पॉय बूटनी तो हमने 1857 की क्रांति
3:21:16देखी 1857 की रिवोल्ट
3:21:2157 रिवोल्ट ऐसा हमने देखा यहां इस समय
3:21:24एकदम से कहानी अलग ही हो गई बिकॉज ऑफ दिस
3:21:27कल्चर एंड जब जब यह 1857 की जो है क्रांति
3:21:32हुई तो एक बात उठी कि अब हमें आर्मी को
3:21:35रीऑर्गेनाइज करना चाहिए राइट तो यहां प
3:21:37बात उठी कि आर्मी को रीऑर्गेनाइज करने की
3:21:40जरूरत है सिस्टमिक रीऑर्गेनाइजेशन की
3:21:42जरूरत रैंडम नहीं कि हां हमको ऐसा लगता
3:21:45ऐसा कर दो नहीं नहीं नहीं अ वेरी सिस्टमिक
3:21:48रीऑर्गेनाइजेशन इज
3:21:50इंपॉर्टेंट एंड फॉर वेरी वेरी सिस्टमैटिक
3:21:53रीऑर्गेनाइजेशन बुलाया गया जोनाथन पीर को
3:21:571857 में एक कमीशन बिठाया गया जिसका नाम
3:22:00है जोनाथन पीर
3:22:05कमीशन जोनाथन
3:22:08पीर
3:22:10कमीशन पील
3:22:13कमीशन जोनाथन पील कमीशन ने कहा कि भाई जो
3:22:16है यू नो हमें इस तरह से रिगना इज करना
3:22:18चाहिए कि फॉर एग्जांपल हमें जो है बंगाल
3:22:21आर्मी में बंगाल आर्मी में जो है वी शुड
3:22:24हैव
3:22:261:2 मतलब मतलब कि हर दो इंडियन सोल्जर पे
3:22:30एक यूरोपियन सोल्जर होना चाहिए तो नंबर ऑफ
3:22:32इंडियन सोल्जर कंपैरेटिव कम होने चाहिए जो
3:22:34है मतलब ओवरऑल तो ज्यादा होगा बट हर दो पे
3:22:37एक होगा तो हम बैलेंस कर पाएंगे दिस इज द
3:22:39पॉलिसी ऑफ काउंटर पॉइस कि यहां जो है है
3:22:41हम बैलेंस कर पाएंगे ऐसा नहीं होगा कि हां
3:22:442000 इंडियन सोल्जर हैं पांच अमेरिकन
3:22:46सोल्जर या यूरोपियन सोल्जर है नहीं ऐसा
3:22:48होना चाहिए कि अगर 1000 इंडियन सोल्जर हैं
3:22:50तो 500 अमेरिकन सोल्जर भी हैं तो बंगाल
3:22:53में बंगाल में जो है यू नो बात हुई कि 1:2
3:22:56का रेशियो ठीक रहेगा वही मद्रास और बॉम्बे
3:22:59में रिकमेंड किया गया मद्रास और
3:23:02बॉम्बे की आर्मी बोला गया कि हां भाई आप
3:23:062:5 भी रख सकते हैं 1:2 थोड़ा ज्यादा
3:23:09एंबिशियस है बंगाल में इट मेक्स सेंस और फ
3:23:12प्लस कोई भी इंपोर्टेंट पोजीशन मत दो उनको
3:23:14आर्टिलरी वगैरह इन लोग से दूर रखो राइफल
3:23:16वगैरह अच्छी राइफल मत दो तो यहां पे काइंड
3:23:18ऑफ इंडियन सॉस को थोड़ा सा मार्जिनलाइज
3:23:21किया लेस पावरफुल किया कि हां ये दोबारा
3:23:23इस तरह से दोबारा जो है यह बात ना उठे
3:23:26दोबारा इस तरह से कहानी ना हो राइट तो
3:23:29कोशिश करी जा रही है कि हां अब तक अगर 14
3:23:32पर ब्रिटिश आर्मी थी तो अब तक अगर 14 पर
3:23:36ब्रिटिश
3:23:37थे तो कोशिश करी जा रही है कि वन बाय थर्ड
3:23:40यानी 33 पर
3:23:44ब्रिटिश अचीव करने की कोशिश करी जा रही
3:23:47ताकि ताकि कल को अगर कुछ हो तो हम लोग हम
3:23:50लोग जो है उसको हैंडल कर सके बात संभाल
3:23:52सके दूसरा दूसरा 189 में एक और बात
3:23:56उठी
3:23:58189 देर एशले
3:24:01कमीशन
3:24:04एशले
3:24:06कशन आश कमीशन से पूछा गया कि क्या यह
3:24:09रीऑर्गेनाइजेशन ठीक है तो उन्होने कहा कि
3:24:11जो जो पील साहब ने कहा है राइट है ना क्या
3:24:14बात कए मजा ही आ गया इसके साथ-साथ एक और
3:24:17कांसेप्ट लाया गया मार्शल और नॉन मार्शल
3:24:20रेसेस
3:24:23का नॉन मार्शल रेसेस मार्शल एंड नॉन
3:24:27मार्शल रेसेस जिसके तहत हुआ कि देखो कुछ
3:24:29ऐसे लोग होते हैं जो लड़ाई के लिए बने
3:24:32होते हैं राइट युद्ध में पंगत होते हैं
3:24:34बहुत बढ़िया वॉर करते हैं उनकी हायरिंग
3:24:36करनी चाहिए राइट लेकिन लेकिन कुछ ऐसी ऐसी
3:24:38कम्युनिटीज है जो जो है वॉर केलिए नहीं
3:24:40उनकी हायरिंग नहीं नहीं करनी चाहिए पूछा
3:24:42गया ऐसा कौन होता है भाई है ना तो ऐसी थॉट
3:24:45पहले वॉरेन हेस्टिंग्स ने भी एक जमाने में
3:24:47दी थी तो वरन हेस्टिंग्स ने भी ऐसा कहा था
3:24:49कि कुछ लोग वॉर के लिए अच्छे होते हैं कुछ
3:24:50लोग वॉर के लिए अच्छे नहीं होते उनसे पूछा
3:24:52गया था कि वरन हेस्टिंग से बताओ भाई ऐसा
3:24:54क्यों कह रहे हो कह रहे हैं कि जो वीट
3:24:55ईटिंग जनता है राइट वीट ईटिंग वो आर्मी के
3:24:59लिए जो है बढ़िया जनता है लेकिन जो राइस
3:25:01ईटिंग जनता है है ना वो थोड़ा लेथार्जिक
3:25:03होते हैं राइट है ना जो है एक्टिव नहीं
3:25:05होते एनर्जी कम होती है इसीलिए जो है उनको
3:25:07आर्मी में हायर नहीं करना चाहिए तो ऐसा
3:25:09आईडिया किसी जमाने में वॉरेन ने भी दिया
3:25:12था बट यहां पे यहां पे हम देखेंगे कि हां
3:25:14एशली एडन कह रहे हैं कि हां मार्शल नॉन
3:25:16मार्शल रेसेस तो इनके हिसाब से इनके हिसाब
3:25:18से गोरखा अफगानी पंजाबी मराठा दीज आर
3:25:22मार्शल रेसेस राइट है ना कि हां दे हैव
3:25:24एक्सपीरियंस इन वॉर दे आर वेरी मच यू कैन
3:25:26से एक्सपर्ट इन वॉर इनको हायरिंग करेंगे
3:25:28तो आर्मी हमारी काफी स्ट्रांग रहेगी लेकिन
3:25:30बाकी सब जो हैं बाकी सब जो हैं बाकी सारे
3:25:32क्या हैं नॉन मार्शल रेसेस हैं राइट उनको
3:25:34हायरिंग उनको हायर नहीं करना चाहिए तो इस
3:25:36तरह से हायरिंग में भी डिस्टिंग्विश किया
3:25:38जा रहा है कि हां हम हायरिंग भी यहीं से
3:25:40करेंगे अवध से हायरिंग नहीं करेंगे राट
3:25:42बंगाल से हायरिंग नहीं करेंगे है ना तो
3:25:44वहां पे रिस्ट्रिक्टर रहे हैं कि हां इन
3:25:46एरिया से बिहार वगैरह से उड़ीसा से इन सब
3:25:48से हायरिंग नहीं करेंगे हमारी हायरिंग
3:25:49अफगानिस्तान से या फिर जो है पंजाब से
3:25:51प्रोविंसेस बलूचिस्तान या फिर जो अफगानी
3:25:53प्रोविंसेस से या फिर जो है मराठा से या
3:25:55फिर मेनली गोरखा से तो गोरखा और सिख दो तो
3:25:58जो है एकदम यू नो टॉप पे हैं कि हां यहां
3:26:00से हायरिंग करेंगे तो बढ़िया रहेगा तो
3:26:03मार्शल और नॉन मार्शल रेसेस का कांसेप्ट
3:26:06आया अंडर दिस
3:26:07कमीशन राइट है ना आइए समझते हैं इस बात को
3:26:10तो हम लोग बात कर रहे हैं कि यहां जो है
3:26:13या हम बात कर रहे हैं ओके ज्यादा आगे आ
3:26:15गया या तो हम बात कर रहे हैं आर्मी की कि
3:26:18पहले दो तरह के आर्मी हुआ करती थी बिफोर
3:26:201857 कंपनी ट्रूप और जो है अ आर्मी ट्रूप
3:26:23राइट है ना ये समझा हमने सरी क्वीन ट्रूप
3:26:25और जो है कंपनी ट्रूप और फिर हमने उसकी
3:26:27कहानी समझी है ना थोड़ा बियोंड द बुक है
Reorganisation of army
3:26:29राइट है ना परेशान मत होना नाउ 1857 में
3:26:32जैसे डफरिन भी कहते हैं डफरिन कहते हैं
3:26:34बाद में 1888 में आके कि हां द सिस्टमिक
3:26:36ऑर्गेनाइजेशन जो है यू नो इंपोर्टेंट था
3:26:38बिकॉज वी नीड टू लर्न कि 1857 में जो कांड
3:26:41हमारे साथ हुआ है वो दोबारा कभी नहीं होना
3:26:43चाहिए राट हम उसे सीखना चाहिए हमने बात
3:26:46करी रीऑर्गेनाइजेशन से कि हां ये
3:26:48रीऑर्गेनाइजेशन इंपॉर्टेंट है है ना कि
3:26:50यहां दोबारा य 1857 की रिवोल्ट ना हो इसके
3:26:53लिए इंपॉर्टेंट है प्लस प्लस एंपायर को
3:26:55कभी कोई चैलेंज ना करे कोई रशिया जर्मनी
3:26:57फ्रांस हमको चैलेंज ना करे इसके लिए भी
3:26:59इंपॉर्टेंट है प्लस जो इंडियन हम हायर कर
3:27:02रहे हैं इंडियस इतने सारे हायर कर रहे हैं
3:27:04तो अब आर्मी में दो तरीके के लोग आर्मी
3:27:07में अब इंडियन भी है और यूरोपिय भी है
3:27:12और ये नंबर काफी बढ़ गया है तो इतनी बड़ी
3:27:14आर्मी का क्या करना है कह रहे हैं कि जो
3:27:15इंडियन है इनको बाकी जगह हमारी लड़ाई दंड
3:27:18भेज दो कहीं एशिया में लड़ाई हो रही हो
3:27:20अफ्रीका में लड़ाई हो रही हो यूरोप में
3:27:21लड़ाई हो रही हो कहीं भी विदेश में लड़ाई
3:27:24हो रही है इनको भेज दो और जो यूरोपियन है
3:27:26या फिर जो है ब्रिटिशर्स हैं इनको इंडिया
3:27:28में एंपायर मेंटेन करने के लिए रखे रहो
3:27:30ऐसा नहीं सबको भेज देंगे लेकिन हां दिस इज
3:27:33वन ऑफ द आइडिया एक्सपेंशन इन एशिया एंड
3:27:35अफ्रीका इंडियन आर्मी से कर देंगे और जो
3:27:37ब्रिटिश सेक्शन है वो इंश्योर करेगा कि
3:27:39इंडिया में कोई हमको चैलेंज ना करे
3:27:42तो रीऑर्गेनाइजेशन तो रीऑर्गेनाइजेशन हमने
3:27:44कहा कि रीऑर्गेनाइजेशन
3:27:4818591 बाय थर्ड एटलीस्ट हमको अचीव करना है
3:27:51राइट है ना कि बंगाल आर्मी में 1:2 और
3:27:54मद्रास बम्बे में 2:5 दिस इज समथिंग दे
3:27:56वांट प्लस प्लस स्ट्रिक्ट यूरोपियन
3:28:00मोनोपोली ओवर की ज्योग्राफिकल लोकेशंस कोई
3:28:03इंपॉर्टेंट जगह है जैसे कि इलाहाबाद
3:28:04दिल्ली ऐसी जगह पर यूरोपिय का दबदबा होना
3:28:07चाहिए ऐसे डिपार्टमेंट जो कि इंपॉर्टेंट
3:28:10है जैसे कि आर्टिलरी टैंक आर्म्ड कॉप्स
3:28:12यहां पर यूरोपिय का दबदबा होना चाहिए
3:28:15इनफैक्ट मैं कह रहा था आपसे कि राइफल भी
3:28:17जो दी जा रही है इंडियंस को टिल 1900 दिस
3:28:19इज ऑफ इनफीरियर क्वालिटी अच्छी राइफल नहीं
3:28:22दे रहे कभी-कभी फायर ही नहीं हो रहा है
3:28:24राइट है ना कि बढ़िया डिपार्टमेंट नहीं दे
3:28:25रहे उनको जो है हाईटेक डिपार्टमेंट में जो
3:28:27है अलाव ही नहीं कर रहे हैं तो कहीं ना
3:28:29कहीं इंडियंस को शक की नजर से देखा जा रहा
3:28:31है आर्मी में और ना ही उनको हाईयर रैंक दी
3:28:34जा रही कोई ऑफिसर रैंक भी नहीं दी जा रही
3:28:36ना ही ऐसी कोई पोजीशन दी जा रही है ना ही
3:28:38कोई स्ट्रांग लोकेशन दिया जा रहा है कि कल
3:28:40को दोबारा अगर कोई कुछ ऐसा हुआ खुदाना
3:28:42खस्ता तो हम लोग कहीं मुंह दिखाने के लायक
3:28:44नहीं रहेंगे ऐसा अंग्रेजों को लग रहा
3:28:49है राइट प्लस प्लस जब कांग्रेस आई तो
3:28:52कांग्रेस ने एक मुद्दा उठाया फिर से
3:28:54कांग्रेस कांग्रेस का एक मुद्दा तो
3:28:56कांग्रेस का मुद्दा है कि ये बताओ इंडियंस
3:28:59को ऑफिसर क्यों नहीं बनाते हो राइट है ना
3:29:01इंडियंस को ऑफिसर आपको बनाना चाहिए है ना
3:29:03तो तो लोगों ने समझाया कि हां भा जो है
3:29:06ऐसा नहीं हो सकता किसने समझाया अंग्रेजों
3:29:08ने समझाया कि ऐसा नहीं हो सकता कि हां
3:29:10इंडियन ऑफिसर हमको हमको जो है कमांड करें
3:29:12ब्रिटिशर्स को कमांड करें यह सेंस नहीं
3:29:14बनता तो हम इंडियन ऑफिसर नहीं बनाएंगे है
3:29:17ना तो इनिशियली इट वाज वेरी वेरी क्लियर
3:29:20कि इंडियन ऑफिसर नहीं बनेगा राइट फॉर अ
3:29:22वेरी वेरी लॉन्ग टाइम य विल
3:29:25रियलाइफ इससर बन ही नहीं सकता है र इंडियन
3:29:29ऑफिसर वाली बात प वापस आएंगे राइट है ना
3:29:31कि हां जो है इट इज टिल
3:29:321926 कि यहां जो है कोई रिकॉग्नाइज ही
3:29:35नहीं कर रहा है कि इंडियन ऑफिसर बनना
3:29:36चाहिए कि नहीं बनना चाहिए र वील कम बैक टू
3:29:39दिस तो या सो जो है ओ ओवरऑल ये जो
3:29:41रीऑर्गेनाइजेशन है दिस इज पॉलिसी ऑफ
3:29:44बैलेंस एंड काउंटर पॉइस राइट पॉलिसी ऑफ
3:29:47बैलेंस कि यहां बैलेंस भी करना है और
3:29:50काउंटर पॉइस काउंटर पॉइज मतलब कि जरूरत
3:29:53पड़े तो हां जो है उसको काउंटर भी किया जा
3:29:56सके हराया भी जा सके दिस इज द होल आइडिया
3:29:59अभी मैंने आपको बताया यहां
3:30:1018792 कु जगह से मार्शल रेसेस आएंगी कुछ
3:30:12जगह से नॉन मार्शल रेसेस आएंगी एंड दिस
3:30:14विल कंटिन्यू फॉर वेरी वेरी लॉन्ग टाइम
3:30:16ऐसा कमांडर इन चीफ उस समय लॉर्ड रॉबर्ट ये
3:30:18कह रहे हैं अगेन अगे जो मैंने टाइमलाइन
3:30:20में बताया दैट इज इंपोर्टेंट आगे कहानी
3:30:22सुना रहा हूं मैं तुम्हें है ना कि हां
3:30:23उससे रिलेटेड कहानी क्या है सो व्हाट दे
3:30:26वांटेड कि जो है उनके हिसाब से कास्ट और
3:30:28कम्यून कंपनीज र इंट्रोड्यूस्ड यहां जो आप
3:30:31रेजीमेंट बनाओ वो कास्ट के बेसिस पर
3:30:34रेजीमेंट बनाओ क कम्युनिटी के बेसिस पर
3:30:37रेजीमेंट बनाओ राइट है ना है ना समझो इस
3:30:40बात को को कि क्या चाहते
3:30:42हैं तो जो ये कह रहे हैं पॉलिसी
3:30:46ऑफ
3:30:49बैलेंस एंड काउंटर पॉइस यह क्या
3:30:52है तो दिस इज आल्सो पार्ट ऑफ
3:30:55रीऑर्गेनाइजेशन
3:30:59जो हम रीऑर्गेनाइजेशन कर रहे हैं उसमें
3:31:02थॉट प्रोसेस यह
3:31:04है राइट जैसे हमने कहा कि हां भाई जो है
3:31:0733 पर ब्रिटिश होने
3:31:09चाहिए उसी के तहत ये कह रहे हैं कि आप जो
3:31:13है यू नो जो रेजीमेंट्स क्रिएट करिए
3:31:16रेजिमेंट क्रिएट करिए कास के बेसिस
3:31:19पे राइट या फिर रिलीजन के बेसिस पे या फिर
3:31:23एरिया के बेसिस
3:31:27पे राइट हा रीजन के बेसिस प कि हां इस जगह
3:31:30के लोग आ रहे हैं इस तरह से क्या हो
3:31:32डिफरेंसेस
3:31:34प्लस अनदर थिंग इ कीप देम आइसोलेटेड
3:31:38आइसोलेटेड कहीं कोई कैंट एरिया में गैरिसन
3:31:41में यहां पर रखो आर्मी को दुनिया से दूर
3:31:44रखो यहां कोई न्यूज मत पहुंचने दो यहां
3:31:47गांधी जी की बातें नेशनलिज्म की बातें मत
3:31:49पहुंचने
3:31:51दो राइट ताकि कल को कल को जब हमें जरूरत
3:31:55पड़े जब हमें जरूरत पड़े तो यह मान लो अगर
3:31:59जो है कोई एक कम्युनिटी ए है तो व बी पर
3:32:02गोली चलाने से पहले सोचे ना यह ना सोचे कि
3:32:05ये भी भारतीय है अपना है गोली नहीं मारते
3:32:07तो ए बी को गोली मारे बी ए को गोली मारे
3:32:10सी दोनों को मारे ऐसा कुछ माहौल हम देखना
3:32:12चाहते हैं राइट तो अगर हम रेजीमेंट इस
3:32:15तरीके से बांट के बनाएंगे कि हां जो है
3:32:17रेजीमेंट आपस में एक दूसरे से रिलेट नहीं
3:32:19कर रही एक को लग रहा है कि सामने सिख खड़ा
3:32:21है दूसरे को लग रहा है सामने गोरखा खड़े
3:32:23हैं और हम सारे एक देश का पार्ट नहीं है
3:32:25नेशनलिज्म की भावना इनमें नहीं है क्योंकि
3:32:27दे आर आइसोलेटेड इन गैरिसन राइट तो फिर
3:32:30क्या होगा आराम से एक दूसरे को गोली
3:32:32मारेंगे लोग तो ये ओवरऑल पॉलिसी रही है कि
3:32:35रीऑर्गेनाइज कर दो और प्लस आइसोलेट कर दो
3:32:38राइट प्लस प्लस इनको जो है रेजीमेंट जो
3:32:40बनाओ वो अलग-अलग बेसिस प बनाओ ताकि जो है
3:32:43हम इस बात का फायदा उठा सके सो सो दे आर
3:32:47सेइंग कि हां जो है यह जो कम्युनल और
3:32:49कंपनी ये कम्युनल और कास्ट कंपनीज अगर आप
3:32:51इंट्रोड्यूस करेंगे तो उससे इंडियन
3:32:53रेजीमेंट जो क्रिएट होंगी वो कल को एक
3:32:55दूसरे को बैलेंस कर सकेंगे राट कम्युनल
3:32:57कास्ट ट्राइबल एंड रीजनल कॉन्शियस वास
3:32:59इनकरेज टू चेक द ग्रोथ ऑफ नेशनलिस्टिक
3:33:02फीलिंग कि कहीं से भी कोई नेशनलिज्म की
3:33:04भावना कहीं पे भी नहीं आनी चाहिए राइट तो
3:33:07ये कहते हैं चार्ल्स वुड कहते हैं चार्ल्स
3:33:09वुड इन 1850 वही जो है 57 की बात जो है यह
3:33:12कहते हैं कि आई विश टू हैव अ डिफरेंट एंड
3:33:14राइवल स्पिरिट इन डिफरेंट रेजिमेंट
3:33:16अलग-अलग रेजीमेंट में राइवल स्पिरिट होनी
3:33:18चाहिए सो दैट सिख माइट फायर इनटू हिंदू
3:33:21राइट सिख हिंदू को गोली मार दे गोरखा
3:33:23दोनों को गोली मार दे राइट और बिना कोई
3:33:26सोचे समझे राइट यह कोई दर्द ना हो रिग्रेट
3:33:28ना हो कि हम क्यों मार रहे हैं आराम से यह
3:33:30काम हो जाए तो यह इनका थॉट प्रोसेस रहा है
3:33:33इन द होल रीऑर्गेनाइजेशन
3:33:35नाउ इसमें बस एक लास्ट बात थोड़ा ऐड करते
3:33:38हैं कमिंग बैक ऑफिसर वाली बात को ऐड करते
3:33:40हैं
3:33:42सो
3:33:43सो तो जब कांग्रेस आई है ना तो बात को
3:33:45कंक्लूजन
3:33:48आई तो कांग्रेस ने बोला कि कमीशन ग्रेड
3:33:51यानी ऑफिसर रैंक हमको चाहिए साब राइट है
3:33:54ना तो 1885 में कांग्रेस आ चुकी है अगेन
3:33:56सेम कहानी उसकी कुछ डिमांड
3:33:59है
3:34:011885 इंडियन नेशनल कांग्रेस आ चुकी है और
3:34:04ये कह रहे है कि कमीशन ग्रेड ग्रेड में
3:34:07इंडियंस की एंट्री करो सर उनको कमीशन करो
3:34:09एज एन ऑफिसर
3:34:15जो कि ऑफिसर्स कह रहे हैं कि कैसी बात कर
3:34:17दी तुमने ऐसा थोड़े होता है हम नहीं हायर
3:34:19करेंगे तो हाईएस्ट रैंक जो एक इंडियन को
3:34:21मिल सकती थी व थी सूबेदार 1914 तक यही
3:34:24कहानी थी 1914 तक हाईएस्ट रैंक वि यू कैन
3:34:27गेट इन आर्मी सुभेदार
3:34:30नाउ 1918 में जब मट फोर्ड रिफॉर्म आए सेम
3:34:34कहानी मट फड
3:34:38रिफॉर्म
3:34:391918
3:34:421918 तब इन्होंने पहली बार कहा कि नहीं
3:34:45भाई ऐसा नहीं है इट इज अलाउड कैसे होगा
3:34:48पता नहीं बट इट इज अलाउड एटलीस्ट ऑन
3:34:51पेपर्स इट इज अलाउड बट अगेन इससे कुछ
3:34:54प्रॉब्लम सॉल्व हो रही है अभी प्रॉब्लम
3:34:55सॉल्व नहीं हुई फिर से कमीशन बैठेगा जो है
3:34:58आपका
3:35:001926 1926 एक कमेटी बिठाई गई है अंडर
3:35:05इंडियन सैंडर्स
3:35:07कमिटी
3:35:09इंडियन कमटी का नाम है इंडियन सैंड हर्स्ट
3:35:12कमिटी सैंड हर्स्ट का मतलब होता है कि
3:35:15ब्रिटेन में एक स्कूल है ब्रिटिश आर्मी
3:35:18ट्रेनिंग के लिए जो कि सैंड हस्ट है तो
3:35:21उसी के नाम पे एक इंडियन सैंड चाहिए जहां
3:35:23पे इंडियन ऑफिसर्स की ट्रेनिंग हो तो
3:35:25इंडियन सैंड हस्ट डिसाइड करने के लिए एक
3:35:27कमेटी बिठाई गई और जिसको हेड कर रहे हैं
3:35:30जिसको हेड कर रहे हैं एंड्रू की
3:35:33स्की एंड्रू स्कीन और इन्होंने कहा कि हां
3:35:37भाई एक सेंडस्ट वगैरह जो है यू नो होना
3:35:39चाहिए राइट ना बात होनी चाहिए तो पहली बार
3:35:43ज यहां पर देख रहे थे राइट है ना कि हां
3:35:45इंडियन सैंडर्स कमिटी ये विजुलाइज कर रही
3:35:47है कि % इनाइड ऑफिसर होने चाहिए बाय 1952
3:35:52तो इन्होंने कहा कि हां भाई होना तो चाहिए
3:35:53राइट बाय 1952 % ऐसी बात इन्होने
3:35:58कही % इंडियन
3:36:01ऑफिसर्स पर अगेन बात प पानी पड़ गया कुछ
3:36:04हो नहीं रहा था लेकिन नेक्स्ट राउंड टेबल
3:36:06कॉन्फ्रेंस जब हुई अंडर राउंड टेबल
3:36:08कॉन्फ्रेंस आरटीसी वन
3:36:111930 राउंड टेबल कान्फ्रेंस बात की भाई जो
3:36:14है इंडियन संडर्स बनाया जाए और तब बात बनी
3:36:18फिर से बात उठी कि हा बनाओ भाई इंडियन सस
3:36:20क्या कर रहे
3:36:21हो इसके लिए फिर से जो है एक कमेटी बिठाई
3:36:24गई 1931
3:36:27में यही पर कर सकते
3:36:36हैं 1931 की
3:36:39कमेटी
3:36:44कमिटी के हेड है उस समय फीड मार्शल
3:36:48थे फीड मार्शल फिलिप
3:36:53ड
3:36:55फिलिप चेट
3:36:57वड इन्होने कहा कि हा ठीक है बनाया जाए और
3:37:00फाइनली फाइनली इन 1932 फॉर द वेरी वेरी
3:37:03फर्स्ट टाइम
3:37:061932 फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम वी हैव
3:37:08इंडियन मिलिट्री अकेडमी आई
3:37:11दिस इज एट देहरादून व एक्चुअली जल्दी
3:37:14जल्दी बनाना था तो रेलवे का स्टाफ था क्
3:37:16रेलवे रेलवे स्टाफ क्वार्टर था उसी बना
3:37:18दिया कि चलो यही ट्रेनिंग करा दो तो
3:37:20फाइनली एटलीस्ट बाय 1932 वी हैड दिस जो है
3:37:22यू कैन से आईएमए इंडियन मिलिट्री अकेडमी
3:37:25राइट है ना स्टाफ में तो या ये छोटी थी
3:37:28कहानी छोटी सी कहानी थी मिलिट्री के बारे
3:37:30में तो वी आर डन विद मिलिट्री राइट आगे
3:37:33बढ़ते
3:37:34हैं सो नेक्स्ट हम बात
3:37:37करेंगे या तो नेक्स्ट हम बात करेंगे
Judiciary in British India
3:37:40जुडिशरी की नाउ नेक्स्ट इंपोर्टेंट टॉपिक
3:37:42इज जुडिशरी बात करते हैं डेवलपमेंट कि हां
3:37:44किस तरह ब्रिटिश इंडिया में जुडिशरी का
3:37:46डेवलपमेंट हुआ है तो ये लगता काफी सिंपल
3:37:48टॉपिक है बट ये थोड़ा सा
3:37:50कॉम्प्लेक्शन करेंगे आइए देखते हैं स अगर
3:37:53हम देखें कि हां मुगल एरा में जुडिशरी के
3:37:55नाम पर क्या हो रहा था तो लेटस अंडरस्टैंड
3:37:57दैट पार्ट तो मुगल अरा में या लेटर मुगल
3:37:59अरा में हम देखें तो किसी भी डिस्ट्रिक्ट
3:38:02में किसी भी प्रोविंस में अगर हम कहे
3:38:04प्रोविंस में प्रोविंस में दो तरह के
3:38:06फंक्शन हुआ करते थे एक फंक्शन होता था
3:38:08दीवानी पहले भी पढ़ा हम लोगों ने राइट
3:38:10दूसरा जो फंक्शन है च इज निजामत फंक्शन
3:38:13निजामत य थोड़ा सा वर्ल्ड हम रिलाइज कर
3:38:15सके इस इसकी बात कर रहे हैं तो दीवानी
3:38:17फंक्शन और निजामत फंक्शन दीवानी फंक्शन
3:38:20वाज मोर अबाउट कि हां एक तो रेवेन्यू
3:38:22कलेक्शन जैसा हमने पहले भी देखा कि
3:38:24रेवेन्यू कलेक्शन रेवेन्यू एनहांस मेंट यह
3:38:26सारा क्या था दीवानी फंक्शन का पार्ट था
3:38:28उसके लिए दीवान को भेजा जाता था सेंटर से
3:38:31प्लस इसका एक और काम है च इ सिविल
3:38:35जस्टिस तो जो सिविल जस्टिस का फंक्शन है
3:38:39वो एक्चुअली किसके पास पास है दीवान के
3:38:41पास है जो एक्चुअली रेवेन्यू भी देखता है
3:38:43यानी कि यानी कि आपका जो फैमिली लॉज हैं
3:38:46इन्हेरिटेंस का लॉ है एडॉप्शन का लॉ है
3:38:48मैरिज रिलेटेड लॉज है ऐसा सारा डिस्कशन जो
3:38:51है सारी चीजें होती थी अंडर दीवानी राइट
3:38:55है ना तो फैमिली लॉज जो है या फैमिली
3:38:57केसेस जो हैं वो सारे कहां पे देखे जाएंगे
3:38:59सिविल केसेस टेक्निकली देखे जाएंगे आपके
3:39:02सिविल जस्टिस में अलोंग अलोंग विद
3:39:04रेवेन्यू यानी जो पर्सन रेवेन्यू के लिए
3:39:06इंचार्ज है वही सिविल केसेस भी देखता है
3:39:09यह बात कोई बहुत नहीं बात नहीं है राइट
3:39:11हमने पहली बात एक्सेप्ट कर ली कि यहां जो
3:39:13आदमी रेवेन्यू देख रहा है जो दीवान ऑफिसर
3:39:15रेवेन्यू देख रहा है राट य देखने वाला
3:39:17आदमी कौन है दीवान तो ये जो रेवेन्यू देख
3:39:19रहा है वही वही क्या देख रहा है वही आपका
3:39:23आपका जुडिशरी भी देख रहा सिविल जस्टिस भी
3:39:25देख रहा है क्रिमिनल जस्टिस नहीं देख रहा
3:39:26लेकिन सिविल जस्टिस देख रहा है राइट है ना
3:39:29लेकिन दूसरा फंक्शन जो है निजामत एक तो यह
3:39:31मेंटेन करता है लॉ एंड
3:39:33ऑर्डर खर्चा लगेगा इसमें और दूसरा इसके
3:39:36पास है क्रिमिनल
3:39:39जस्टिस क्रिमिनल
3:39:42जस्टिस या तो ये दो फंक्शन हुआ करते थे
3:39:45हालांकि ऐसा कोई बहुत ऑर्गेनाइज स्ट्रक्चर
3:39:47नहीं है स्पेशली लेटर मुगल्स के टाइम में
3:39:49तो जो जो प्रोविंसेस में नवाब है वही सब
3:39:51कुछ एरोगेट कर चुका है राइट नवाब ही सब
3:39:54कुछ लेके बैठा हुआ है नवाब तो ऐसा कोई
3:39:57बहुत ऑर्गेनाइज्ड फंक्शन ये टेक्निकली
3:39:59देखो है नहीं हालांकि इसमें एक और बात
3:40:01बिफोर वी गो अहेड एक छोटी सी बात इसमें और
3:40:03ऐड करते हैं कि ये जो जस्टिस है जो
3:40:05जुडिशरी सिस्टम है स्पेशली सिविल जस्टिस
3:40:07फैमिली लॉज तो डिपेंड करता है कि आपका
3:40:09धर्म क्या है अगर कोई हिंदू फैमिली है
3:40:12हिंदू फैमिली तो उनके ऊपर लॉज जो लगेंगे
3:40:15वो हिंदू लॉज लगेंगे लेकिन अगर कोई
3:40:17मुस्लिम फैमिली है तो उनके ऊपर इस्लामिक
3:40:19लॉज लगेंगे सारिया वगैरह फॉलो होगा
3:40:21इस्लामिक
3:40:23लॉज बट क्रिमिनल केसेस में ऐसा नहीं है
3:40:25क्रिमिनल जस्टिस में सिर्फ एक लॉ चलता है
3:40:27व्हिच इज इस्लामिक
3:40:31लॉ इस्लामिक लॉ प्लस प्लस जो लैंग्वेज है
3:40:35कोर्ट की जो लैंग्वेज है यहां पे जो इन
3:40:37सारे जुडिशरी में लैंग्वेजेस जो यूज होंगी
3:40:40अंडर अंडर मुगल्स इट वाज पर्शियन तो सारा
3:40:44जो भी बही खाता है डिस्कशन है फाइलें हैं
3:40:47वो किस किस भाषा में तैयार होंगी पर्शियन
3:40:49भाषा में तैयार
3:40:51होंगे लद लद दिस वाज नॉट वेरी वेरी
3:40:54ऑर्गेनाइज्ड और इसमें हम देखेंगे कि लेटर
3:40:56मुगल्स के टाइम में उसके पहले भी जनरली
3:40:58क्या होगा कि विलेजेस में विलेजेस में अगर
3:41:00कोई हिंदू फैमिली है तो हिंदू फैमिली या
3:41:03तो बड़ों के पास जाएगी एल्डर्स वगैरह हैं
3:41:05कास्ट
3:41:06एल्डर्स उनके कास्ट के जो बड़े बूढ़े हैं
3:41:09वह बताएंगे कि क्या करना है या फिर पंचायत
3:41:12के पास कि पंचों बताओ क्या करना है झगड़ा
3:41:15हो गया है राइट है ना पंचायत के पास या
3:41:17फिर जमीदार के पास भी जाया जा सकता है कि
3:41:19हां सिविल जो फंक्शन था वो काफी हद तक
3:41:20जमीदारों के पास भी होता था तो जमींदार के
3:41:23पास भी जा सकते थे कि जमीदार साहब इस तरह
3:41:25का कुछ झगड़ा हो गया बताइए है ना अपने
3:41:27एरिया में जमींदार थोड़ा बड़ा आदमी था
3:41:28वर्चस्व वाला आदमी था तो उसके पास भी लोग
3:41:30जाते थे अपनी समस्या लेके कि हां इस तरह
3:41:32से फैमिली झगड़ा हो गया है बंटवारा करना
3:41:33है बताइए क्या करें इन्हेरिटेंस वगैरह
3:41:35वाला सारा मुद्दा इस तरह से लोग उठाते थे
3:41:38दूसरी तरफ मुस्लिम साइड क्या होता था
3:41:40मुस्लिम साइड मुस्लिम साइड में अगर कोई
3:41:41मुस्लिम फैमिली है तो जनरली वो जाते थे जो
3:41:44है कोई मुस्लिम रिलीजियस हेड है जैसे कि
3:41:46काजी काजी का फंक्शन इज रिलेटेड टू
3:41:49रिलेटेड टू
3:41:51योर रिलेटेड टू जस्टिस राइट है ना तो ऐसे
3:41:54अकबर के टाइम में हम देखते भी है कि ऐसा
3:41:55डिपार्टमेंट भी है काजी का चीफ काजी की
3:41:57पोस्ट भी है एक रिलीजियस डिपार्टमेंट भी
3:41:59है सुद्र सुदूर जो दोनों क्लब कर रखे हैं
3:42:01उसने राइट है ना कि हां जो आपका रिलीजियस
3:42:03डिपार्टमेंट है और जो आपका जो है जुडिशरी
3:42:05डिपार्टमेंट है वो दोनों क्लब सा चल रहा
3:42:07है सो सो तो इस तरीके का माहौल था इट वाज
3:42:10नॉट वेरी वेरी ऑर्गेनाइज्ड जो है इस तरीके
3:42:13से लोक लोकली लोग किसी तरह मैनेज कर रहे
3:42:15थे इट वाज नॉट अ वेरी ऑर्गेनाइज्ड फंक्शन
3:42:18नाउ अब देखते हैं कि जो है आगे क्या हुआ
3:42:20जब जब अंग्रेज आए तो अंग्रेज अंग्रेजों के
3:42:24टाइम में क्या हुआ जरा यह बात हम समझने की
3:42:25कोशिश करते हैं तो एक हमने बात करी कि
3:42:28प्री कोलोनियल टाइम्सस में या फिर जो है
3:42:29मुगल टाइम्स में किस तरह की बातें हो रही
3:42:31थी रली हमने समझा कि हां कुछ इस तरह का हो
3:42:33रहा था कुछ नाम जाने हमने अगेन नाम ध्यान
3:42:36रखिए कि यहां निजामत निजामत राइट है ना कि
3:42:39हां जो निजामत फंक्शन है इसके लिए एक और
3:42:41वर्ड यूज करते हैं फौजदारी क्यों क्योंकि
3:42:43फौज की जरूरत है लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन हो
3:42:45रहा है राइट तो फौजदारी वर्ड भी यूज करते
3:42:47हैं फौजदारी
3:42:49नाउ नाउ अंडर अंडर जो है यू नो ब्रिटिशर्स
3:42:53तो टाइम लाइन पे आते हैं
3:42:56वापस तो अंडर ब्रिटिशर्स पहली बार अगर हम
3:42:59किसी कोर्ड का डेवलपमेंट देखें तो दिस हैज
3:43:02हैपेंड इन
3:43:031726 दिस इज फॉर एमसीक्यू पर्पस 1726 में
3:43:07हम देखेंगे कि एक डेवलपमेंट हो रहा है
3:43:11व्हिच इज व्हिच इज मेयर्स कोर्ट तो ईस्ट
3:43:14इंडिया कंपनी ने ही अपने काम को थोड़ा
3:43:16आसान करने के लिए एस्टेब्लिश किया है
3:43:18मेयर्स
3:43:21कोर्ट किसने किया है ईस्ट इंडिया कंपनीने
3:43:24ये ये कलका में है बॉम्बे में है मद्रास
3:43:27में यानी तीनों प्रेसिडेंसी में कलक
3:43:30बॉम्बे मद्रास तीनों ही प्रेसिडेंसी में
3:43:33इन्होंने इस तरह का मेयर कोर्ट एस्टेब्लिश
3:43:35किया है व्हिच इज लाइ कि हां पहली बार इस
3:43:37तरह का हमें कोर्ट देखने को मिल रहा है
3:43:38पहली बार एस्टेब्लिशमेंट ऑफ दिस काइंड ऑफ
3:43:40कोर्ट या ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला
3:43:42एस्टेब्लिशमेंट ऑफ द कोर्ट नाउ नाउ
3:43:44ड्यूरिंग डुअल डुअल रूल है ना जब डुअल
3:43:47गवर्नमेंट एजिस्ट कर रही थी जब अंग्रेज
3:43:50अंग्रेजों ने सिर्फ दीवानी राइट से रखी थी
3:43:52तो अंडर डुअल गवर्नमेंट
3:43:541765 से 72 का जो दौर था इसमें क्या हुआ
3:43:58कि जब दीवानी राइट्स यहां पे ले लिया तो
3:44:01टेक्निकली दीवानी राइट्स आने के बाद समझिए
3:44:03इस बात को दीवानी राइट जब अंग्रेजों के
3:44:05पास चला गया
3:44:08दीवानी राइट ब्रिटिशर्स ने ले लिया तो अब
3:44:11अब दे स्टार्टेड इंटरफेयरिंग इन द जुडिशरी
3:44:13सिस्टम एज वेल राइट तो बहुत सारे
3:44:15इंग्लिशमन जो थे दे स्टार्टेड इंटरफेयरिंग
3:44:18तो यहां पे पहली बार हम देखेंगे कि अंडर
3:44:20डुअल डुअल
3:44:23गवर्नमेंट जो डुअल गवर्नमेंट वाला पार्ट
3:44:25था वी सी इंटरफेरेंस बाय द
3:44:28इंग्लिश तो इंग्लिश मैन स्टार्टेड
3:44:31इंटरफेयरिंग
3:44:32और इससे कहानी बिगड़ रही है हां क्योंकि
3:44:36पता भी नहीं है क्या कर रहे हैं राइट ना
3:44:38हिंदू लॉ का आईडिया है ना जो है मुस्लिम
3:44:40लॉ का आईडिया है और उसमें जो है जज बनने
3:44:42की कोशिश कर रहे हैं कि नहीं ऐसा नहीं ऐसा
3:44:44होना चाहिए राइट अपने हिसाब से जो है
3:44:45बातें बता रहे हैं तो सिचुएशन बहुत बिगड़
3:44:48रही है बिकॉज उनको कोई आईडिया है नहीं कि
3:44:49हां क्या क्या जो है होना चाहिए नाउ अंडर
3:44:53वॉरेन हेस्टिंग तो 72 में हमें पता है कि
3:44:54वरन हेस्टिंग्स आएंगे और कहेंगे कि हां
3:44:56भाई ठीक है यहां से मैं टेक ओवर कर रहा
3:44:58हूं तो डुअल गवर्नमेंट खत्म हुई वरन
3:45:00हेस्टिंग्स ने टेक ओवर करी तो ड्यूरिंग द
3:45:02टाइम्स ऑफ वरन हेस्टिंग्स नाउ एटलीस्ट
3:45:05एटलीस्ट अगेन एज एन एडमिनिस्ट्रेटिव
3:45:07ऑर्गेनाइजर पीछे भी कहा मैंने कि वरन
3:45:09हेस्टिंग की अगर तारीफ करनी हो तो
3:45:10ऑर्गेनाइजर कह दो ये मत कहो बहुत अच्छा
3:45:12किया लेकिन फिर भी जुडिशरी के मामले में
3:45:14वरन हेस्टिंग को थोड़ा हम क्रेडिट दे सकते
3:45:16हैं कि हां वरन हेस्टिंग ने जो है थोड़ा
3:45:19सा ठीक किया है राइट है ना कि यहां इतनी
3:45:21बुराई भी नहीं करेंगे वरन हेस्टिंग ने
3:45:22थोड़ा सा यहां पे अचीवमेंट इनका ठीक है
3:45:25थोड़ा सा ऑर्गेनाइजेशन सिस्टम लाने की
3:45:26इन्होंने कोशिश करी स वरन हेस्टिंग्स
3:45:30ड्यूरिंग वरन हेस्टिंग्स हुआ क्या कि
3:45:33इन्होंने कहा कि ठीक है इस जुडिशरी सिस्टम
3:45:36को सॉल्व किया जाए क्योंकि अब हमारी सरकार
3:45:38है तो हमें देखना पड़ेगा तो एट
3:45:40डिस्ट्रिक्ट लेवल तो हर डिस्ट्रिक्ट में
3:45:44दो कोर्ट आपके होने चाहिए जो सिविल और
3:45:46जुडिशरी फंक्शन देखें तो डिस्ट्रिक्ट लेवल
3:45:49पर देर है टू हैव वन दीवानी
3:45:53अदालत एक दीवानी अदालत होगी तो एक दीवानी
3:45:56होगी और दूसरा दूसरा क्या होगी दूसरी आपकी
3:46:00फौजदारी अदालत होगी तो यह बात समझ गए हम
3:46:03कि क्या कहना चाह रहा है वो तो दीवानी और
3:46:05फौजदारी अदालत दोनों ही यहां पर क्रिएट
3:46:08करा किसने किसने क्रिएट किया आपके वरन
3:46:12हेस्टिंग्स ने दीवानी अदालत अब देखो ध्यान
3:46:15से देखो दीवानी अदालत किसका इसका कंट्रोल
3:46:17दिया उसने किसको दीवानी अदालत का कंट्रोल
3:46:20दिया उसने कि हां इसको हेड करेंगे
3:46:21कलेक्टर्स अब आप कहेंगे सर कलेक्टर को
3:46:24जुडिशरी का क्या आईडिया है ना ऐसा कैसे दे
3:46:27दिया अरे अभी तो देखा कि जो दीवान होता था
3:46:29वही सिविल जुडिशरी देखता था राइट तो जो
3:46:31कलेक्टर है जिसको रेवेन्यू का आईडिया है
3:46:32वही सिविल देखेगा ये तो सिस्टम पहले ही
3:46:34चला रहा था ऐसा नया थोड़ा उसने कुछ कर
3:46:36दिया उसने खाली डिस्ट्रिक्ट में
3:46:37एस्टेब्लिशमेंट किया है ऑर्गेनाइज कर रहा
3:46:39है वो चीज
3:46:40तो कलेक्टर को बोला कि भाई तुम ब्रिटिश
3:46:42कलेक्टर हो है ना हमारे ऑफिसर हो और क्या
3:46:44करो तुम यहां पर दीवानी फंक्शन जो है अदा
3:46:46करो तो दीवानी फंक्शन किसको दे दिया
3:46:48कलेक्टर को दे दिया प्लस प्लस अगेन अगेन
3:46:52जो है अब दीवानी है तो सारे सिविल केसेस
3:46:55इसी में होंगे कहने की जरूरत है नहीं तो
3:46:56सारे सिविल केसेस जो है वो भाई साहब के
3:46:58पास है कलेक्टर के पास है बट ये खाली 00
3:47:01तक ऐसा नहीं कि हां कोई बहुत बड़ा मुद्दा
3:47:04आ गया तो 00 तक का
3:47:07मुद्दा इस कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट लेवल पे
3:47:10हैंडल हो सकता है अब आज के हिसाब से ऐसा
3:47:12समझ लीजिए कि हां जो है 5 करोड़ तक का
3:47:14मुद्दा या 50 लाख तक का मुद्दा राइट बोला
3:47:16गया है कि हां डिस्ट्रिक्ट सॉल्व कर देना
3:47:18कोई दिक्कत की बात नहीं है तो एक एक
3:47:20फंक्शन आया दीवानी अदालत तो हर
3:47:22डिस्ट्रिक्ट में होगी एक दीवानी अदालत और
3:47:24एक होगी फौजदारी अदालत तो इधर बिठा दिया
3:47:26कलेक्टर को कलेक्टर को कलेक्टर को बोला
3:47:29गया कि हां भाई दो लॉज आपको फॉलो करने हैं
3:47:31राइट है ना कितना सिंपल सा फंक्शन है
3:47:33हिंदू लॉ अगर हिंदू फैमिली आपके पास आ जाए
3:47:36और मुस्लिम लॉस अब उसको कुछ आइडिया नहीं
3:47:39है तो उसकी हेल्प के लिए लोग रख दिए
3:47:41जाएंगे राइट है ना कि हां जो है जो
3:47:42बताएंगे कि हां क्या लॉज वगैरह होते हैं
3:47:44बट अदर वाइज हिंदू लॉज और मुस्लिम लॉज इन
3:47:46दो तरीकों से उसको यहां पे चीजें हैंडल
3:47:48करनी पड़ेंगी प्लस दूसरी साइड फौजदारी
3:47:51अदालत फौजदारी अदालत फौजदारी अदालत में
3:47:54क्या होगा कि फौजदारी अदालत में लगता है
3:47:56डेडिकेटेड इस्लामिक लॉ राइट है ना इतना
3:47:58कलेक्टर को पता ही नहीं है है ना कलेक्टर
3:48:00को कोई आईडिया नहीं है तो कलेक्टर को ये
3:48:02वाली जिम्मेदारी डायरेक्ट नहीं दे सकते तो
3:48:04बोलेंगे ठीक है चलो ठीक है अगर नहीं दे
3:48:06सकते तो हमारे पास लोग हैं वो देखेंगे तो
3:48:09यहां पर यहां पर जो है हायर होगा एक
3:48:11इंडियन
3:48:16ऑफिसर एक इंडियन ऑफिसर को हायर किया जाएगा
3:48:19राइट प्लस प्लस उसकी मदद के लिए है ना कि
3:48:22एक आदमी हायर किया जिसे भरोसा है और उसकी
3:48:24मदद के लिए यहां पर रखे जाएंगे काजी यहां
3:48:27पर रखे जाएंगे मुफ्ती जिनको इस्लामिक लॉस
3:48:29का आईडिया है तो काजी और मुफ्ती यहां पर
3:48:32हायर करे जाएंगे जिनको इस्लामिक लॉस का
3:48:34आईडिया है एंड इट गोज विदाउट सेइंग नाउ कि
3:48:36हां यहां पर मुस्लिम लॉस के हिसाब से
3:48:40मुस्लिम लॉस के हिसाब से चीज होंगी प्लस
3:48:43क्या य डेथ सेंटेंस दे सकते हैं नहीं डेथ
3:48:46सेंटेंस एंड प्रॉपर्टी कॉन्फिन यह दो चीज
3:48:50लोग नहीं कर
3:48:53सकते डिस्ट्रिक्ट लेवल पर डेथ और
3:48:56प्रॉपर्टी कॉन्फिन नहीं कर सकते इसके लिए
3:48:58क्या होता है अप्रूवल लगता है हायर कोर्ट
3:49:01हायर कोर्ट कहां है बात करेंगे तो हायर
3:49:04कोर्ट का इसमें अप्रूवल लगेगा इसको थोड़ा
3:49:06ऊपर ले हल्का
3:49:08सा
3:49:13डेथ या प्रॉपर्टी दोनों पर ही क्या लगेगा
3:49:15अप्रूवल
3:49:19लगेगा या तो यह हो गया डिस्ट्रिक्ट
3:49:21डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रिक्ट प कोर्ट अब अब इस
3:49:24पर एक हायर अथॉरिटी भी चाहिए राइट आपने
3:49:26दीवानी अदालत सेट अप कर दी राइट आपने एक
3:49:28फौजदारी अदालत सेट अप कर दी दो इंपॉर्टेंट
3:49:30आपके फंक्शंस हो गए एक बार स्ट्रक्चर समझ
3:49:33लो तो कहानी आसान हो जाएगी राइट फसारी
3:49:36अदालत नाउ इट इज रिक्वायर्ड कि इसके ऊपर
3:49:38एक सीनियर फंक्शन भी होना चाहिए राइट है
3:49:41ना यहां पर थोड़ी सी और जगह क्रिएट करें
3:49:43इंग्लिशमन इंटरफेयर थोड़ा सा साइड में कर
3:49:45ली
3:49:48इंग्लिशमन
3:49:52इंटरफेयर है ना ताकि एक ही बार हमको याद
3:49:54हो जाए कि यहां क्या हो रहा है नाउ नाउ हम
3:49:58देखेंगे कि हा कहेंगे इसके लिए सीनियर
3:49:59सीनियर एक जो है यू नो अदालत होनी चाहिए
3:50:02तो कहेंगे ठीक है एक एक कलक
3:50:05में बनाई
3:50:07जाए और जब बिफोर बिफोर वी गो देयर एक छोटी
3:50:10सी और बात कि जो है ये पूरा इंडियन ऑफिसर
3:50:14भरोसे छोड़ दिया गया है राइट डज नॉट मेक
3:50:15सेंस कि य ऐसे एसेट जो है सही नहीं बैठ
3:50:17रहा तो किसी ब्रिटिशर को जिम्मेदारी देना
3:50:19जरूरी है तो कलेक्टर को ही बोला जाएगा
3:50:22कलेक्टर को बोला जाएगा कि तुम इसका
3:50:24सुपरविजन करो राइट दिस इज
3:50:27सुपरविजन कि तुम देखते रहना ठीक हो रहा है
3:50:30कि नहीं हो रहा है ताकि डिस्ट्रिक्ट लेवल
3:50:32पे क्रिमिनल जस्टिस की ओनरशिप पूरी इंडियन
3:50:34ऑफिसर पे नाना चली जाए कलेक्टर ध्यान रखे
3:50:36कि हां एविडेंसेस वगैरह देखे जा रहे थे
3:50:38कोई मैल प्रैक्टिस फॉलो तो नहीं हो रही तो
3:50:40कलेक्टर की जिम्मेदारी है कलेक्टर वो आदमी
3:50:43है जो कलेक्टर है रेवेन्यू कलेक्ट करता है
3:50:45बट उसकी जिम्मेदारी सिविल जस्टिस में है
3:50:47एंड वो
3:50:48सुपरीटेंडेंस को भी सेंसिबल है बहुत
3:50:50सेंसिबल तो नहीं है लेकिन ठीक है चलो जो
3:50:52भी है बेटर है कलक कलकता में एस्टेब्लिश
3:50:55करी गई कलक में एस्टेब्लिश करी गई एक सदर
3:50:59दीवानी
3:51:00अदालत
3:51:01सदर दीवानी
3:51:05अदालत सदर दीवानी अदालत पर्पस परपज यह है
3:51:08कि भई इसका सुपीरियर कोर्ट कि हां अगर अगर
3:51:11कोई सीनियर कोई सीरियस मुद्दा है बड़ा
3:51:14मुद्दा है तो वो कौन देखेगा वो देखेंगे
3:51:16सदर दीवानी अदालत सदर दीवानी अदालत में
3:51:20सदर दीवानी अदालत की देखरेख करने के लिए
3:51:22यहां पर एक प्रेसिडेंट
3:51:25होंगे प्रेसिडेंट प्लस प्लस जो है सुप्रीम
3:51:29काउंसिल के
3:51:31मेंबर्स टू मेंबर्स ऑफ सुप्रीम
3:51:38काउंसिल प्लस तो बेसिकली गवर्नर जनरल की
3:51:41तरफ हम जा रहे हैं कि यहां जो जो सुपीरियर
3:51:43बॉडी है उनको ये सब कुछ हैंड ओवर कर दिया
3:51:45जाए प्लस इनकी मदद करने के लिए इंडियन
3:51:47ऑफिसर्स क्योंकि इनको तो पता नहीं है
3:51:50इंडियन
3:51:52ऑफिसर्स इंडियन ऑफिसर्स नाउ दे आर द वन जो
3:51:55यहां से कोई अपील होगा तो वो देखेंगे कोई
3:51:57बड़ा केस आ जाएगा 00 के ऊपर का केस आ
3:52:00जाएगा तो भी ये देखेंगे तो एक सीनियर
3:52:02कोर्ट एक जूनियर कोर्ट एक दीवानी अदालत
3:52:04डिस्ट्रिक्ट में और एक कोलकाता में आपके
3:52:06जो है सेंटर पे एक क्या है सदर दीवानी
3:52:08अदालत भी एजिस्ट करती
3:52:09यह हो गया सिविल साइड में सेम सेम
3:52:12स्ट्रक्चर हम देखेंगे कि हां एक सीनियर
3:52:14स्ट्रक्चर चाहिए हमको क्रिमिनल साइड में
3:52:16यह मिलेगा हमको
3:52:18मुर्शिदाबाद मुर्शिदाबाद में एक दूसरी जो
3:52:21है अदालत है इसका नाम है अगर यह फौजदारी
3:52:24थी तो यह यहां पर है सदर निजामत
3:52:27अदालत
3:52:29सदर निजामत
3:52:33अदालत सदर निजामत अदालत सदर निजामत अदालत
3:52:37में जो है एक अगेन जैसे यहां इंडियन ऑफिसर
3:52:40रखा गया था यहां पर एक डेप नजीम रखा
3:52:46जाएगा वही डिस्ट्रिक्ट वाला फंक्शन जो है
3:52:49उसी को रिपीट किया जा रहा है यहां एक
3:52:53डेप नजीम है जो ईस्ट इंडिया कंपनी से
3:52:57क्लोज है उसकी मदद के लिए चीफ काजी इस बार
3:53:00रखेंगे चीफ
3:53:01काजी चीफ काजी प्लस प्लस मुफ्ती प्लस
3:53:07मौलवी राइट प्लस
3:53:09है ना कि यहां जो ऑर्थोडॉक्स स्कॉलर या जो
3:53:11ऐसा कहिए इस्लामिक स्कॉलर्स है तो
3:53:13इस्लामिक स्कॉलर्स विल बी देयर जिनको
3:53:15इस्लामिक लॉ का आईडिया है और जो है वो
3:53:17इसकी देखरेख करेंगे इस पूरे जस्टिस को
3:53:19बताएंगे कि हां भाई इस्लामिक लॉ के हिसाब
3:53:22से क्या हो रहा है अगेन अगेन यहां पे
3:53:24हिंदू लॉ मुस्लिम लॉ दोनों फॉलो हो रहा
3:53:26होगा यहां पे खाली मुस्लिम लॉ फॉलो हो रहा
3:53:27होगा उसी हिसाब से लोगों को यहां पे हायर
3:53:29किया गया
3:53:31है प्लस प्लस जो है या और अगेन सेम बात कि
3:53:36जो प्रेसिडेंट है या ये जो काउंसिल है
3:53:38इन्हीं को को बोला जाएगा जैसे यहां पे हम
3:53:40बात कर रहे थे सुपरविजन की वैसे ही वैसे
3:53:42ही यहां पर भी बात आएगी सुपरविजन की क्या
3:53:45आप लोग सुपरवाइज कर सेम स्ट्रक्चर फॉलो हो
3:53:48रहा है यहां भी ऐसा ही था कलेक्टर
3:53:49सुपरवाइज कर रहा था यहां पे प्रेसिडेंट
3:53:51गवर्नर जनरल वगैरह जो है ये लोग अपना
3:53:53सुपरवाइज करेंगे इसको है ना तो वरन
3:53:56हेस्टिंग पर्सनल इसको देखेंगे हेड ऑफ द
3:53:58जस्टिस भी होना चाहिए कोई कोई भी अगर
3:53:59सीनियर हेड है तो वही हेड ऑफ द जस्टिस
3:54:01होगा तो हां वो सुपरवाइज भी करेंगे प्लस
3:54:04वरन हेस्टिंग के टाइम में एक और कोर्ट
3:54:06एजिस्ट करता है लेट्स नॉट फॉरगेट जिसका
3:54:09नाम है कलकाता में ही सुप्रीम
3:54:16कोर्ट सुप्रीम कोर्ट राइट सुप्रीम कोर्ट
3:54:20जो है सुप्रीम कोर्ट जो है पहली बात तो ये
3:54:23ऑपरेट करेगा इंग्लिश लॉज
3:54:28में इंग्लिश लॉज दूसरी बात दूसरी बात कि
3:54:32यहां जो है दिस इज अबाउट कोलकता ओनली
3:54:34जितने ब्रिटिश सब्जेक्ट हैं ब्रिटिश
3:54:37सब्जेक्ट्स इन कोलकाता उसके ऊपर
3:54:40ही यह एप्लीकेबल है बाकी जगह पे यह
3:54:43एप्लीकेबल नहीं
3:54:45है राइट बाकी जगह जो है इसका कोई कोई
3:54:48वर्चस्व नहीं होगा अगर बाहर से हम लोग
3:54:51चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जाके अपील
3:54:52करें तो हम सारे दोनों पार्टी को एग्री
3:54:55करना पड़ेगा और सुप्रीम कोर्ट में जाके
3:54:57केस फाइल करना पड़ेगा तभी सुप्रीम कोर्ट
3:54:58में केस फाइल हो सकता है अदर वाइज सुप्रीम
3:55:01कोर्ट में केस फाइल नहीं हो सकता अब देखो
3:55:03ये थोड़ा सा खिचड़ी भी है कि हां अब यहां
3:55:05पे हिंदू लॉज मुस्लिम लॉज ये दोनों फॉलो
3:55:07हो रहे हैं यहां भी हिंदू लॉज मुस्लिम लॉज
3:55:08यहां पे मुस्लिम लॉज और प्लस यहां पे
3:55:10इंग्लिश लॉज तो हर तरीके के लॉ फॉलो हो
3:55:12रहे हैं प्लस जो मालिक है उसे लोकल लॉस का
3:55:15कोई आईडिया ही नहीं है राइट उसे पता ही
3:55:17नहीं है कि हां क्या हो रहा है क्या नहीं
3:55:18हो रहा है राइट इस्लामिक लॉज में क्या
3:55:19बताया जा रहा है एक मौलवी कुछ और कह रहा
3:55:21है दूसरा मौलवी कुछ और कह रहा है सिमिलरली
3:55:23हिंदू लॉज में कोई ब्राह्मण कुछ और कह रहा
3:55:24है कोई ब्राह्मण कुछ और कह रहा है इस
3:55:26संस्कृत किताब में कुछ और पढ़ने में आ रहा
3:55:27है उस संस्कृत किताब में कुछ और पढ़ने को
3:55:29आ रहा है तो वरन हेस्टिंग यहां पे काफी
3:55:31परेशान है कि भाई किया क्या जाए ये थोड़ा
3:55:32सा रायता फैलता सा ही जा रहा है बट एनीवे
3:55:35व्हाट एवर क्या एक स्ट्रक्चर देखने को मिल
3:55:38रहा है यस एटलीस्ट वी हैव अ स्ट्रक्चर कि
3:55:40डिस्ट्रिक्ट में दो कोर्ट दिख रहे हैं
3:55:42हमको जो है सिटीज में दो सीनियर कोर्ट दिख
3:55:45रहे हैं कि कोलकाता में सदर दीवानी अदालत
3:55:47और मुर्शिदाबाद में सदर निजामत अदालत इतना
3:55:50कम से कम हमको सुपीरियर कोर्ट देखने को
3:55:52मिल र है प्लस एक सुप्रीम कोर्ट भी आ गया
3:55:54है बाय विच एक्ट रेगुलेटिंग एक्ट 1773 तो
3:55:57सुप्रीम कोर्ट भी आ गया है और इसके जो चीफ
3:55:59जस्टिस है उनका नाम है एलिजा
3:56:02इंपी तो चीफ जस्टिस यहां पर है अलीजा साहब
3:56:06अलीजा एम
3:56:09अलीजा
3:56:11एम तो सुप्रीम कोर्ट भी आ चुका है राइट
3:56:15तोय स्ट्रक्चर ऑलरेडी यहां पर क्रिएट होता
3:56:18हुआ था हमको नजर आ रहा है ना अन जैसा कि
3:56:21मैंने कहा कि कोडिफिकेशन एक बड़ी प्रॉब्लम
3:56:23है कि लॉस क्या है राइट कानून क्या है भाई
3:56:26क्या मानेंगे तो फॉर ट रीजन वरन हेस्टिंग
3:56:29ल्स ट्राइड कोडिफिकेशन
3:56:32हा भाई लॉस को कोडिफाई
3:56:37कराओ है ना लिखो कहीं पर ऐसा एक पहली
3:56:40कोशिश जो है वरन हेस्टिंग्स ने करी है तो
3:56:43वरन हेस्टिंग्स का कोडिफिकेशन अगर हम कहे
3:56:46तो कुछ किताबें कुछ किताबें जो हमको देखने
3:56:49को मिलती है वरन हेस्टिंग के साथ फॉर
3:56:51एग्जांपल एक किताब है कोड ऑफ जेंटू
3:56:54लॉस कोड ऑफ जेंटू
3:56:58लॉज तो जो संस्कृत लॉज हुआ करते थे उसमें
3:57:01से यह किताब क्रिएट करी
3:57:03गई कोड ऑफ जेंटू लॉस प्लस प्लस जो है कोल
3:57:09ब्रू की हम लोग बात कर रहे थे पीछे ज शुरू
3:57:11में हम बात कर रहे थे तो दिस बुक बाय द वे
3:57:13इ
3:57:141776 तो बाय 1776 वी हैव दिस कोड ऑफ जेंटू
3:57:17लॉज बाय 1791 वी हैव अनदर बुक च इ च इज
3:57:22योर कोल ब्रुक्स कोल
3:57:26ब्रुक्स
3:57:28डाइजेस्ट डाइजेस्ट ऑफ हिंदू लॉज अगेन
3:57:33हिंदू लॉस तो दो किताबें हिंदू लॉस के ऊपर
3:57:36यहां पर बनाई
3:57:37गई इसमें विलियम जोनस का भी कंट्रीब्यूशन
3:57:40है और एक और किताब है फतवा ए आलम गिरी तो
3:57:43इस्लामिक लॉस को समझने के लिए फतवा ए आलम
3:57:45गिरी को ट्रांसलेट किया जा रहा
3:57:50है बट ये हो नहीं पाया है ना ट्रांसलेशन
3:57:53ट्राई किया जा रहा है लेकिन ये पूरी तरह
3:57:55से हो नहीं पाए तो कोडिफिकेशन देखने को
3:57:58मिल रहा है हमको वॉरेन हेस्टिंग्स के टाइम
3:58:00में तो वरन हेस्टिंग्स के टाइम में
3:58:01स्ट्रक्चरिंग दिख रही है वरन हेस्टिंग्स
3:58:04के टाइम में हमको जो है कोडिफिकेशन का
3:58:05ट्रायल दिख रहा है कि हां हम कोडिफाई कर
3:58:07देंगे बताएंगे कि कानून क्या है व वरन
3:58:10हेस्टिंग के टाइम में हमको एक जूनियर
3:58:11कोर्ट्स दिख रहे हैं जो कि डिस्ट्रिक्ट
3:58:13में है और हमको सीनियर कोर्ट्स भी दिखाई
3:58:14दे रहे हैं जो कि जो कि आपके कोलकाता और
3:58:17मुर्शिदाबाद में है अलोंग विद सुप्रीम
3:58:18कोर्ट इन कलकाता प्लस हमें ये भी दिखाई दे
3:58:21रहा है कि हां देयर इज रिस्पांसिबिलिटी ऑन
3:58:23कलेक्टर राइट कलेक्टर को जुडिशियस
3:58:25रिस्पांसिबिलिटीज दी जा रही हैं ऐसा हमको
3:58:28वरन हेस्टिंग्स के टाइम में टाइम में
3:58:31दिखाई देता है है ना तो पहले इसको समझने
3:58:32की कोशिश करिए राइट ना फिर से एक बार बता
3:58:34दूं मैं कि वरन हेस्टिंग के टाइम में
3:58:36स्ट्रक्चर दिख रहा है डिस्ट्रिक्ट्स में
3:58:37आपको सिविल कोट कोर्ट और क्रिमिनल कोर्ट
3:58:39दोन दोनों दिख रहा है फिर इसके सीनियर
3:58:41कोर्ट आपको कोलकाता में सिविल जस्टिस और
3:58:44और जो है आपका मुर्शिदाबाद में क्रिमिनल
3:58:46जस्टिस दोनों का सीनियर कोर्ट हमें दिखाई
3:58:48दे रहा है इसके साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट भी
3:58:50है अलीजा एमपी का राइट जहां पे इंग्लिश
3:58:52लॉज फॉलो हो रहे हैं साथ ही साथ ही ट्राइड
3:58:54कोडिफिकेशन कि हां भाई कोडिफिकेशन किसी
3:58:56तरह सॉल्व कर दे बट है ये रायता राइट है
3:58:58ना इतनी आसानी से ये सॉल्व होने नहीं वाला
3:59:00एंड दैट इज द रीजन कि फिर से कवस को हम
3:59:02देखेंगे कि कन्वोस जो आते हैं तो कन्वोस
3:59:04क्या करते हैं नाउ इट इज एरा ऑफ कन्वोस
3:59:09कवस तो कवस की एंट्री करते हैं इस
3:59:12टाइमलाइन को थोड़ा सा क्लीन करते य ओरिजनल
3:59:15वाला छोड़ रहा
3:59:18हूं
3:59:22या हमने बात
3:59:25करी हम सबसे पहले बात कर रहे हैं अंडर वरन
Reforms: Warren Hastings
3:59:27हेस्टिंग्स वरन हेस्टिंग मैंने आपको बताया
3:59:29डिस्ट्रिक्ट दीवानी अदालत के बारे में
3:59:31राइट प्लस हमने बात
3:59:33करी डिस्ट्रिक्ट दीवानी अदालत के साथ साथ
3:59:35हमने बात करी कि हां जो है अपील जो है व
3:59:38सदर दीवानी अदालत की तरफ जाएगी राइट दूसरी
3:59:40तरफ हमने बात करी कि भाई एक डिस्ट्रिक्ट
3:59:42फौजदारी अदालत है राइट क्रिमिनल
3:59:43डिस्प्यूट्स के लिए और अपील जो है वो आपकी
3:59:45सदर दीवानी जो है अदालत में सदर निजामत
3:59:48अदालत में जाएगी ने बात करें कि हां भाई
3:59:51सुप्रीम कोर्ट भी आ चुका है अंडर
3:59:52रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ़ 1773 राइट है ना जो
3:59:55कि जो कि जो है उनके ऊपर एप्लीकेबल है जो
3:59:57कि कोलकाता में है बाहर से अगर आपको आना
3:59:59है तो आप आ सकते हैं राइट है ना तो इसका
4:00:01अपना ओरिजिनल जूरिस क्शन भी है और आप अपील
4:00:03लेके भी आ सकते हैं पॉसिबल है सुप्रीम
4:00:05कोर्ट बट बहुत सारी क्लैश ंग हो रही है
4:00:07सुप्रीम कोर्ट के साथ बहुत सारी क्रशिंग
4:00:09हो रही है बाकी कोर्ट्स के जजमेंट के साथ
4:00:11बिकॉज देयर इज नो क्लेरिटी ऑन लॉस इंग्लिश
4:00:14लॉस कुछ और कह रहा है वो कुछ और कह रहा है
4:00:15सुप्रीम कोर्ट उसी बात पे कोई और जजमेंट
4:00:17दे रहा है बाकी कोर्ट कुछ और जजमेंट दे
4:00:18रहा है कुछ भी चल रहा है सो वन मोर थिंग
4:00:21वाज ट्राइड राइट है ना लेट्स ऐड वन मोर
4:00:24थिंग टू इट कि यहां वन मोर थिंग वास
4:00:26ट्राइड कि भाई ऐसा डिसाइड
4:00:28हुआ कि ये जो एलिजा एमपी है एलिजा एमपी
4:00:33ताकि इसमें और इसमें थोड़ी सी पैरि आ जाए
4:00:36तो एलिजा एमपी को इन्होंने कहा कहा कि भाई
4:00:39आप ही सदर दीवानी अदालत को सुपरिटेंडेंट
4:00:45सु प्रिटेंड करने की बात करी एलिजा एमपी
4:00:49को एलिजा एमपी ने कहा बहुत बढ़िया कितना
4:00:50पैसा दोगे कहेंगे 000 आपको हम जो है दिया
4:00:53करेंगे है ना जो है सालाना आपको 000 देंगे
4:00:56बहुत बढ़िया उस समय का 5000 50 लाख हो गया
4:00:59राइट तो अलीजा एमपी को ऐसा करके बोला गया
4:01:02पहली बात तो एलिजा एमपी वरन हेस्टिंग्स के
4:01:04दोस्त है मित्र हैं राइट तो दोनों एक
4:01:07दूसरे को सपोर्ट करते तो ये भी दोनों के
4:01:09बीच में क्या है नेक्सस है ये दोनों एक
4:01:10दूसरे के फायदे के लिए काम करते हैं तो
4:01:12फिलहाल तो वरन हेस्टिंग्स ने अलीजा एमपी
4:01:15को ये ऑफर किया कि हां चलिए थोड़ा सा
4:01:16कोऑर्डिनेशन ले आते हैं और आप सदर दीवानी
4:01:19अदालत को कलका में आप क्या करिए
4:01:21सुपरीटेंडेंस एक्स्ट्रा पैसा पन देंगे
4:01:24आपको राइट लेकिन फिर कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स
4:01:26ने कहा भाई क्या मचा रखा है राइट तो कोर्ट
4:01:28ऑफ डायरेक्टर्स ने कहा बंद करो इसको प्लीज
4:01:31तो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ने इसको फिर बंद
4:01:33कराया कि हां दिस डज नॉट सीम्स राइट प्लीज
4:01:36इसको बंद करिए एलिजा एमपी को रि इ करवाया
4:01:39तो ही
4:01:41रिजाइन दिस हैपन इन
4:01:431782 प्रिटेंड कर रहे थे वो 1780
4:01:48में सो तो कहानी आगे बढ़ाते है कि हा इस
4:01:50रायते को सॉल्व करने के करने के लिए
4:01:53बुलाया गया कन्वोस को तो फाइनली कोवल
4:01:56कमिंग
4:01:59इन रिफॉर्म्स अंडर
4:02:03कोवल कवस इसको थोड़ा सा क्लीन कर लेते
4:02:07खाली स्ट्रक्चर छोड़ देते
4:02:17ली स्ट्रक्चर छोड़ रहे
4:02:27हैं
4:02:34या या ओके ना तो
4:02:46कमिंग या तो कवल कमिंग इन जो है कव देखते
4:02:50हैं कि हां भाई इसको सॉल्व करने की जरूरत
4:02:52है थोड़ा इधर आगे देते हैं कन्वोस को तो
4:02:55कन्वोस तो कन्वोस की जब एंट्री होती है तो
4:02:571787 में जो कन्वोस का थॉट प्रोसेस है
4:03:011787 में कन्वोस का थॉट प्रोसेस है कि ये
4:03:04जो कलेक्टर है इन्हीं को पावरफुल बनाना है
4:03:07राइट है ना अगर कले को पावरफुल बना दिया
4:03:09जाए तो फिर बात बन सकती है दिस इज द
4:03:11फर्स्ट थॉट ऑफ
4:03:14कन्वोस इन 1787 फाइंड कंसंट्रेशन ऑफ पावर
4:03:17एट द कलेक्टर बोलेंगे की कलेक्टर को ही
4:03:20पूरी जिम्मेदारी दे दो ना राइट है ना कि
4:03:23हा यह जो सदर दीवानी अदालत में हमने कहा
4:03:25था कि यहां पर हेड कर रहा है कलेक्टर तो
4:03:27कहेंगे हा यह सही तो है कलेक्टर को पूरी
4:03:30तरह से पावरफुल बना दो तो इनको एक्चुअली
4:03:32दवानी अदालत में लेट देम बी द
4:03:35जज इनको जज रहने दो प्लस प्लस इनका
4:03:38मजिस्टेरियल पावर पुलिस फंक्शन बढ़ा दो
4:03:41मजिस्टेरियल पावर भी बढ़ा
4:03:46दो प्लस प्लस कहेंगे कि हां क्रिमिनल
4:03:49क्रिमिनल केसेस भी इसी को दे दो ना इसी
4:03:51आदमी
4:03:53को अब समझो जरा क्या हो रहा है राइट इसको
4:03:56थोड़ा सा और समझते हैं तो हमने कहा कि भाई
4:03:59अब तक डिस्ट्रिक्ट लेवल पे डिस्ट्रिक्ट
4:04:03लेवल पे आपका एक था जो है
4:04:06अ दीवानी
4:04:09और एक था क्रिमिनल जस्टिस के
4:04:12लिए क्रिमिनल जस्टिस के लिए था
4:04:17निजामत राइट आईम सॉरी
4:04:20फौजदारी फौजदारी अदालत और और हाईयर लेवल
4:04:25पे हाईयर लेवल प हम देख रहे थे कि सदर
4:04:28दीवानी सदर
4:04:30दीवानी एट
4:04:33कलका प्लस प्लस सदर निजामत
4:04:41एट
4:04:46मुर्शिदाबाद अब दवानी दवानी वास हेडेड बाय
4:04:50कलेक्टर नाउ अंडर कन्वोस राइट है ना कलिस
4:04:55कोलिस जब आते हैं कलिस समर 1786 टू
4:05:0093 तो कन्वोस जब आते हैं तो 87 में अगर हम
4:05:03कलिस की थॉट देखे 1787 तो इशल थॉट ऑफ कि
4:05:08ये जो कलेक्टर है इसको पावरफुल कर देते
4:05:10भाई इसको सारी पावर दे देते कंसंट्रेशन ऑफ
4:05:12पावर इसके हाथ में दे देते तो ये जो यहां
4:05:14का जज है हां ठीक है ये जज है ओके प्लस यह
4:05:18जो है खर्चा इसको बंद करो फौजदारी अदालत
4:05:21को जो है बंद करो यह फर्जी खर्चा है और
4:05:24इसी आदमी को इसी आदमी को जो क्रिमिनल
4:05:26केसेस है क्रिमिनल जस्टिस यह भी इसी को दे
4:05:30दो ना कर लेगा भाई ये इसको जो भी सपोर्ट
4:05:33प्रोवाइड करना है दो चार एडवाइजर वगैरह
4:05:35देने है वो ठीक है दे दीजिए लेकिन ये
4:05:37सौदारी हटा दीजिए और क्रिमिनल जस्टिस पर
4:05:40पैसा बचा लीजिए ये फर्जी हम लोग एक पूरा
4:05:42पूरा कोर्ट लेके घूम रहे हैं डज नॉट मेक
4:05:44सेंस प्लस ये सदर निजामत अदालत जो
4:05:46मुर्शिदाबाद में इतना दूर क्यों है भाई जो
4:05:49है कन्वोस कह रहे हैं कि हम बैठे हैं
4:05:51कोल्काटा में अच्छा बाय द वे इसमें एक और
4:05:53चीज भी ऐड करते हैं एक और भी चीज है
4:05:56कोलकाता में कोलकाता में वी हैव सुप्रीम
4:05:59कोर्ट एज
4:06:00वेल राइट है ना तो हां तो सदर दीवानी
4:06:02अदालत एट कलक और सदर निजामत अदालत एट
4:06:05मुर्शिदाबाद तो उन्होंने कहा सर इसमें एक
4:06:07और करेक्शन करिए यह मुर्शिदाबाद वाली
4:06:09अदालत बंद करिए इसको भी शिफ्ट करिए कलका
4:06:14में तो सदर निजामत अदालत और सदर दीवानी
4:06:18अदालत यानी दोनों ही हायर कोर्ट्स
4:06:20टेक्निकली अब आ चुके हैं
4:06:22कलकाता प्लस प्लस इन्होंने कहा कि हां यह
4:06:25जो यह जो फंक्शन है जब दोनों ही कलक में आ
4:06:28चुके हैं तो टेक्निकली इसको गवर्नर जनरल
4:06:31को लीड करने दीजिए तो यहां पर जो हेड
4:06:33करेंगे इसको दोनों को ही गवर्नर जनरल प्लस
4:06:37उनकी की
4:06:38काउंसिल राइट है ना सुप्रीम
4:06:43काउंसिल प्लस प्लस इनकी मदद के लिए जो है
4:06:46चीफ
4:06:48काजी चीफ काजी मौलवी जिनको भी हायर करना
4:06:51है जो बताएं कानून के बारे में उनको आप
4:06:53यहां पे हायर कर लीजिए तो सदर निजामत
4:06:56अदालत भी आ चुकी है कोल्काटा पे गवर्नर
4:06:58जनरल और काउंसिल अब ये भी देख रहे हैं और
4:07:00ये भी देख रहे हैं डिस्ट्रिक्ट प क्या हाल
4:07:02है डिस्ट्रिक्ट पे अब कोई क्रिमिनल कोर्ट
4:07:04अलग नहीं है कलेक्टर को ही पूरी पूरी
4:07:06जिम्मेदारी क्या हो गई है दे दी गई दिस इज
4:07:09द इनिशियल थॉट ऑफ कन्वोस राइट इनिशियल थॉट
4:07:12ऑफ कन्वोस 1787 तो अभी इनिशियली उनको लगता
4:07:15था कि हां कलेक्टर को पावरफुल बना देंगे
4:07:17सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी बट
Reforms: Cornwallis
4:07:19धीरे-धीरे उनकी आंखें खुली हमने समझा कि
4:07:21हां डिस्ट्रिक्ट फॉस दारी वर अबॉलिश राइट
4:07:24है ना और इस तरीके का इन्होंने इनिशियल
4:07:25इनिशियल स्टेप
4:07:27उठाया नाउ नेक्स्ट नेक्स्ट उनको धीरे-धीरे
4:07:30थोड़ा समझ में आया कि नहीं यार ये थोड़ा
4:07:31स्ट्रक्चर और इंप्रूव करने की जरूरत है और
4:07:34क्रिमिनल केसेस को और सॉल्व करने की जरूरत
4:07:36है तो सो
4:07:381792
4:07:44समवेने एक और आइडिया आया कि हा लेटस हैव
4:07:47समथिंग लाइक सर्किट कोड्स इन
4:07:53बिटवीन सर्किट
4:07:55कोड्स राइट सर्किट कोड्स चार सर्किट कोड
4:07:58बनाते हैं तीन बंगाल में एक बिहार में तो
4:08:02कोलक
4:08:05मुर्शिदाबाद मुर्शिदाबाद
4:08:08और
4:08:09डाका प्लस प्लस
4:08:12पटना तो तीन बंगाल में और एक बिहार में एक
4:08:15सर्किट कोर्ड की स्थापना करी जाए राइट ना
4:08:18इस पर कोई अपना सिविल सर्वेंट डाल देते
4:08:19हैं इस पर कोई अपना यूरोपियन सर्वेंट
4:08:22यूरोपियन कोंटे सिविल सर्वेंट इसके ऊपर
4:08:26प्लेस कर
4:08:29देते और व इसको लीड करेगा तो बीच में अगर
4:08:33हम एक ये एस्टेब्लिश कर दे कि हां
4:08:35डिस्ट्रिक्ट में यह सिस्टम चल रहा है ठीक
4:08:36है चल रहा है है राइट लेकिन बीच में अगर
4:08:39हम एक ये इस तरह का सिस्टम एस्टेब्लिश कर
4:08:41दें जो बीच-बीच में टूर करता रहे राइट है
4:08:44ना और क्रिमिनल जस्टिस हैंडल करने के लिए
4:08:46टवा इस अ ईयर टूर
4:08:48करें जगह-जगह डिस्ट्रिक्ट में
4:08:52जाए और क्रिमिनल जस्टिस हैंडल करें कि
4:08:55यहां जो भी केसेस है जो कलेक्टर ने मार्क
4:08:57कर दिए कि हां इनको इनको हैंडल कर लेना वो
4:09:00सारे केसेस वहां पे देखते रहे राइट तो इस
4:09:03तरह का जो है इनिशियल स्ट्रक्चर 17 19992
4:09:06के बीच में हमको दिखाई देगा कि हां भाई
4:09:08चार सर्किट कोर्ड की स्थापना करने की वह
4:09:10बात कर रहे हैं तो धीरे-धीरे देखो
4:09:12धीरे-धीरे इवॉल्व हो रहे हैं जो है आपके
4:09:14जो कन्वोस है वो स्ट्रक्चरिंग में
4:09:16धीरे-धीरे इवॉल्व हो रहे हैं पहले सबसे
4:09:18पहले उन्होंने कहा कि नहीं आपके कलेक्टर
4:09:19को बहुत पावरफुल कर देते हैं फिर उन्होंने
4:09:21फौजदारी ये हटा दी और आपकी जो सदर निजामत
4:09:24आपकी मुर्शिदाबाद में थी उसे कलकाता में
4:09:25शिफ्ट कर दिया और फिर उन्होंने कहा कि
4:09:27सर्किट कोर्ट एस्टेब्लिश कर देना चार
4:09:29सर्किट कोर्ट ताकि यही सारा जो है लोड ना
4:09:31आ जाए एक बीच में एक और लोड बेयरिंग जो है
4:09:34आ जाए तो चार कोर्ट और बना दिए फिर उनको
4:09:37रिलाइज हुआ कि नहीं थोड़े और बदलाव की
4:09:39जरूरत है तो अब उनका फोकस जा रहा है थोड़ा
4:09:41क्रिमिनल जस्टिस
4:09:44प उन्होंने कहा कि 1792 समवेल हैव वी शुड
4:09:48हैव सम
4:09:49रिफॉर्म तो क्रिमिनल जस्टिस में उन्होने
4:09:52रिफॉर्म किया अब तक आंख बंद करके इस्लामिक
4:09:55लॉ पर पूरी तरह से भरोसा था बट नाउ नाउ ही
4:09:58सेड कि नहीं हमें कुछ चेंजेज की जरूरत है
4:10:00यहां फॉर एग्जांपल रिफॉर्म में ही सेड कि
4:10:04अगर मर्डर का केस है
4:10:06मर्डर
4:10:08राइट मर्डर का केस है तो मर्डर में
4:10:10इंटेंशन भी देखो साहब क्यों मारा है दिस
4:10:13इज आल्सो टू बी कंसीडर्ड इन मर्डर सिर्फ
4:10:17ये नहीं कि एक्ट कैसे हुआ कैसे मारा गया
4:10:19खाली ये बात इंपॉर्टेंट नहीं है इंटेंशन
4:10:21स्टोरी पीछे की क्या है यह बात भी उतनी ही
4:10:24इंपॉर्टेंट है हैज टू बी कंसीडर्ड व फॉर
4:10:26केस सॉल्विंग राइट तो एक मर्डर पे
4:10:28उन्होंने बात कही दूसरा तब तक जो है तब तक
4:10:31इस तरह का जो है प्रिविलेज था कि एमपन ऑफ
4:10:34लिम्स तो हाथ हाथ काट दिए जाते थे इस तरह
4:10:37के
4:10:39एमपन ऑफ
4:10:42लिम्स ऐसा भी होता था इन्होंने कहा नहीं
4:10:45यह बंद करिए इसकी जगह इसकी जगह जो है कुछ
4:10:48और हो सकता है फाइन हो सकता है
4:10:49इंप्रिजनमेंट हो सकता है राइट है ना जो है
4:10:53हार्ड लेबर हो सकता है राइट तो उसकी जगह
4:10:55उससे कुछ काम करा लो फाइन कर दो जेल में
4:10:59डाल दो ऐसा कुछ पॉसिबल है बट उसका हाथ मत
4:11:03काटो है ना हाथ पैर मत काटिए आप और जो है
4:11:06उस उसको कुछ और काम करा लीए ऐसा कुछ
4:11:08पॉसिबल है प्लस एक और रिफॉर्म लेट मी कीप
4:11:11इट
4:11:13क्लियर एक और रिफॉर्म जो इन्होंने कहा कि
4:11:16भाई जो है अगर रिलीजियस बेसिस प पहले क्या
4:11:19होता था कि मुस्लिम लॉज में नॉन मुस्लिम
4:11:22नॉन मुस्लिम जो है मुस्लिम्स के अगेंस्ट
4:11:25विटनेस नहीं बन सकता
4:11:30था राइट लेकिन अब हुआ कि हां ऐसा जरूरी
4:11:34नहीं है यह भी पॉसिबल है इसको भी जो है
4:11:36बार नहीं किया जाएगा इसको भी कंसीडर किया
4:11:39जाएगा तो रिफॉर्म भी हमको देखने को मिल
4:11:41रहे कि अब तक ऐसा कोई कोर्ट जो है लॉ में
4:11:44कोई रिफॉर्म नहीं आ रहा था बट अंडर कन्वोस
4:11:47थोड़ा सा उन्होंने कहा कि नहीं ये जरूरी
4:11:49है कुछ चीजें गलत है जिसे सॉल्व करना
4:11:50इंपोर्टेंट है एंड व्हाट वी आर ऑब्जर्विंग
4:11:53इज कि देयर आर सम रिफॉर्म्स एज
4:12:03वेल
4:12:05या या
4:12:16चलिए तो सो फिलहाल ये लिखा हुआ है 1787
4:12:201787 में हम कह रहे थे कि हां कलेक्टर की
4:12:23बात कर रहे थे कलेक्टर बिकमिंग पावरफुल
4:12:25बाकी हम कन्वोस की बात कर रहे नाउ फाइनल
4:12:29फाइनल जो टेक है फाइनल जो स्टाइल है ऑफ
4:12:31कन्वोस वो 1793 तक हमको क्लियर दिखाई देता
4:12:35है जिसे कहा गया है कन्वोस को
4:12:38राइट सो बाय
4:12:401793 वी हैव कवस
4:12:43कोड देखो आदमी की फिलॉसफी कितनी बदलती है
4:12:46च साल में तो बाय 1793 एक चीज कही जाती है
4:12:49कि देर इ क्लेरिटी ऑन कन्वोस कोड तो कवस
4:12:53कोड एब्लिश किया इन्होने दिस वा बेस्ड अपन
4:12:57फ्रेंच फिलॉसफी देर है टू बी सेपरेशन ऑफ
4:13:00पावर कोई किताब पढ़ ली होगी इन्होने राट
4:13:03देर है टू बी सेपरेशन ऑफ पावर भाई जो आपका
4:13:07जो आपका कलेक्टर है या फिर जो आपका
4:13:10रेवेन्यू फंक्शन है और जो आपका जुडिशियस
4:13:13फंक्शन है दोनों सेपरेट होना चाहिए एंड
4:13:17दैट मींस कि कलेक्टर को जो जज बना रखा है
4:13:20यह गड़बड़ कर रखा है उनको रिलाइज हुआ कि
4:13:22हां रेवेन्यू केसेस भी तो केसेस हैं
4:13:24रेवेन्यू केसेस भी टेक्निकली सिविल केसेस
4:13:26है और रेवेन्यू केस अगर अदालत में जा रहा
4:13:29है तो कलेक्टर के अगेंस्ट आप केस कर रहे
4:13:31हो और उसका जो हेड है वो कलेक्टर ही है तो
4:13:34कहां से सेंसिबल य बात है तो दिस इज
4:13:36अगेंस्ट जस्टिस दिस इज अगेंस्ट जो है
4:13:38प्रॉपर दिस इज अगेंस्ट कॉमन सेंस है ना तो
4:13:41उन्होंने कहा कि नहीं ये जो है यहां से
4:13:42हटाना होगा हमें कलेक्टर को यहां से
4:13:44निकालना होगा तो फ्रॉम हेयर कलेक्टर विल
4:13:47बिकम कि हां अब उसका पर्पस सिर्फ और सिर्फ
4:13:49एडमिनिस्ट्रेशन है तो कलेक्टर का पर्पस
4:13:52इसके बाद सिर्फ और सिर्फ एडमिनिस्ट्रेशन
4:13:54रह जाएगा एंड फॉर जुडिशरी वी विल हैव
4:13:57डिस्ट्रिक्ट जज तो नाउ वी विल हायर
4:14:00डिस्ट्रिक्ट
4:14:03जज तो डिस्ट्रिक्ट जज की हायरिंग होगी जो
4:14:06सारी चीजें सॉल्व
4:14:10करेगा नाउ नाउ लेट्स क्रिएट अ प्रॉपर
4:14:14स्ट्रक्चर कि कन्वोस का फाइनल स्ट्रक्चर
4:14:17कैसा दिखता है एक बार इसको देखते हैं तो
4:14:20कन्वोस का फाइनल स्ट्रक्चर कवस का फाइनल
4:14:23स्ट्रक्चर हमें दिखाई
4:14:26देगा कि देयर इज ग्रेडेशन ऑफ कोट्स ऑन द
4:14:29सिविल साइट सबसे नीचे अगर हम देखें तो
4:14:31देयर आर मुनसिफ कोर्ट सिविल साइड में
4:14:35मुनसिफ कोर्ट्स
4:14:37मुनसिफ कोर्ट की खास बात यह है कि यहां पर
4:14:40जो ऑफिसर है वो इंडियन ऑफिसर
4:14:44है मुनसिफ की जो पोजीशन है दिस इज इंडियन
4:14:47ऑफिसर राइट है ना ये सबसे नीचे सबसे लोअर
4:14:50रंग पे है सबसे छोटा कोड के यहां आपके
4:14:52गांव के पास या दो चार गांव के बीच में
4:14:54आपको एक जो है मुंसी जी का कोड दिख रहा है
4:14:56दिस इज मुनसिफ कोड राइट मुनसिफ कोड अब
4:14:59आपको इससे भी हायर लेवल पर अगर जाना है
4:15:01हाईयर लेवल पे देयर आर रजिस्ट्रर्स
4:15:03तो इससे हाईयर लेवल पे दिस इज ऑल सिविल
4:15:06कोर्ट ना ये सिविल है ये क्रिमिनल नहीं है
4:15:08तो देयर इज द कोर्ट ऑफ
4:15:10रजिस्ट्रार कि कोई रजिस्ट्रार होगा जिसके
4:15:13पास सारा रजिस्ट्रेशन हो रखा है दिस इज
4:15:16यूरोपियन और जब ये यूरोपियन है तो यानी
4:15:18इसके ऊपर सारे यूरोपियन
4:15:20हो यूरोपियन ऑफिसर इसके भी ऊपर अगर आप
4:15:24जाना है आपको राइट है ना कि और बड़ा केस
4:15:26आप लेकर आए और बड़ा केस अगर आप आप लेकर आए
4:15:29हैं तो आपको डिस्ट्रिक्ट में जाना पड़ेगा
4:15:31और डिस्ट्रिक्ट में बैठा है डिस्ट्रिक्ट
4:15:34कोर्ट तो डिस्ट्रिक्ट में कोर्ट एजिस्ट कर
4:15:36रहा है है जहां पे बैठा है डिस्ट्रिक्ट जज
4:15:39अभी जिसको बनाया था हमने तो कलेक्टर
4:15:41इलेक्टर हटा दिए एंड नाउ देयर इज प्रॉपर
4:15:44डिस्ट्रिक्ट जज जो कि जो कि जो है यू कैन
4:15:47से पूरा पूरा जो है यहां पे फंक्शन दिखेगा
4:15:50स नाउ डिस्ट्रिक्ट जज इज टेक्निकली
4:15:52पावरफुल उसकी पुलिस फंक्शन बढ़ा दी गई है
4:15:53उसकी मजिस्टेरियल फंक्शन बढ़ा दी गई है तो
4:15:55दिस डिस्ट्रिक्ट जज इज टेक्निकली पावरफुल
4:15:57और इसका अपने डिस्ट्रिक्ट में जो भी सिविल
4:16:00कोर्ट सिविल केसेस आ रहे हैं वो सारे
4:16:02सिविल केसेस अच्छे सिविल केसेस किसके पास
4:16:04आ रहे हैं डिस्ट्रिक्ट जज के पास आ रहे
4:16:06हैं प्लस प्लस इसको इसको सपोर्ट देने के
4:16:09लिए जो है प्लस इंडियंस होंगे जिनको लॉ की
4:16:13जा जानकारी हो यस जो भी सपोर्ट सिस्टम
4:16:17एडवाइजरी की जरूरत है जिसको बताए हिंदू
4:16:19लॉज और मुस्लिम लॉज वगैरह क्या है वो
4:16:21डिस्ट्रिक्ट जज को सपोर्ट के लिए यहां पे
4:16:22लोग बैठे हैं दिस इज ऑल सिविल साइड अभी हम
4:16:25सिविल केसेस की बात कर रहे हैं राइट तो
4:16:27सिविल केसेस में सबसे नीचे मुनसिफ कोर्ट
4:16:28फिर रजिस्ट्रार और फिर जो है एजिस्ट करता
4:16:30है डिस्ट्रिक्ट कोर्ट अब आपका केस इससे भी
4:16:33बड़ा है कैसे डिसाइड होगा बाय द वे कि
4:16:34आपका केस बड़ा है या छोटा है आप आपके केस
4:16:37की वैल्यू क्या है कितने मुद्दे का सवाल
4:16:39है कितने पैसों की वैल्यू है इसके ऊपर
4:16:41डिपेंड करता है कि केस कितना बड़ा है राइट
4:16:43मान लीजिए कोई प्रॉपर्टी के ऊपर जो है
4:16:45मुद्दा है अब प्रॉपर्टी के मुद्दे में जो
4:16:47है प्रॉपर्टी लेट्स से 50 से कम है जो भी
4:16:50डिस्कशन है वो 50 से कम है अगर 50 से कम
4:16:53है तो मुनसिफ कोर्ट में जाएंगे अगर 00 से
4:16:56कम है तो रजिस्ट्रार कोर्ट में जाएंगे अगर
4:16:58200 से ऊपर की कहानी है तो डिस्ट्रिक्ट
4:16:59कोर्ट में जाएंगे राइट है ना लेकिन 1000
4:17:02के ऊपर की कहानी नहीं होनी चाहिए 1000 के
4:17:04ऊपर की कहानी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट भी हैंडल
4:17:05नहीं करता राइट है ना तो ये जो है आप
4:17:08समझिए कि हा 200 के 500 के आसपास 500 तक
4:17:11अगर कहानी है तो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट उसे
4:17:13हैंडल करेगा उसके ऊपर की कहानी है उसके
4:17:15ऊपर का मुद्दा है तो और ऊपर जाना पड़ेगा
4:17:1700 तक का सारा मुद्दा डिस्ट्रिक्ट कोड
4:17:19हैंडल कर लेगा यहां के जज जो है
4:17:20डिस्ट्रिक्ट जज जो है व हैंडल करले अब
4:17:23सवाल उठता है कि सर इसके ऊपर क्या है इसके
4:17:26ऊपर एजिस्ट करते हैं अभी हम लोग ने बनाया
4:17:28था सर्किट कोर्स इसके ऊपर एस्ट करते हैं
4:17:31आपके सर्किट
4:17:35कोड्स सर्किट कोर्ट्स च इज आल्सो
4:17:38प्रोविंशियल कोर्ट्स ऑफ अपील राइट है ना
4:17:40कि हां यहां पर आप अपील लेके जा सकते हैं
4:17:42प्रोविंशियल कोर्ट्स है और यह आपके एजिस्ट
4:17:45करते हैं चार
4:17:46जगह चार जगह कहां कहा कोलका मुर्शिदाबाद
4:17:51ढाका पटना वही जो पीछे देखा था हमने ये
4:17:53वही वाले कोड आप कहेंगे सर वो तो क्रिमिनल
4:17:55के लिए था हां यह भी सही बात है दोनों के
4:17:58लिए तो यह बीच
4:18:00में तो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इसके ऊपर की अगर
4:18:03अपील है तो आप जो है डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जा
4:18:05सकते हैं सर्किट कोर्ट्स का काम एक और भी
4:18:08है सुपरविजन नीचे के कोर्ट को देखना
4:18:12डिस्ट्रिक्ट जज ठीक काम कर रहा है नहीं
4:18:14काम कर रहा है इसकी रिपोर्ट ऊपर देना ये
4:18:17लोग कुछ नहीं कर सकते इसकी रिपोर्ट ऊपर
4:18:19देना गवर्नर जनरल को कि ये डिस्ट्रिक्ट जज
4:18:21जो है ठीक से काम नहीं कर रहा फायर कर दो
4:18:23यह सारा काम किसका है सर्किट कोर्ट्स का
4:18:25काम है नाउ अब आपका मुद्दा जो है वो इसके
4:18:28भी ऊपर है 000 के ऊपर का मुद्दा है तो
4:18:31सर्किट कोर्ड के भी ऊपर जाओ और सर्किट
4:18:33कोर्ड के ऊपर बैठा है सदर दीवानी अदालत
4:18:40सदर
4:18:41दीवानी दीवानी
4:18:44अदालत ना सदर दीवानी अदालत नाउ लेट्स
4:18:47अंडरस्टैंड सदर दीवानी अदालत इ बी लेड बाय
4:18:51बाय गवर्नर जनरल प्लस उनकी
4:18:54काउंसिल राइट प्लस प्लस जो है उनके
4:18:57एडवाइजर काजी एल चीफ काजी एट यह लोग यहां
4:19:02बैठे हुए और यह देख रहे हैं सदर दीवानी
4:19:05अदालत तो अगर बिल्कुल सस्ता सस्ता केस है
4:19:09आपका 50 के नीचे का र का केस है तो मुनस
4:19:11कोर्ट जाओ राइट 70 का कोस केस है तो
4:19:13रजिस्ट्रार में जाओ अगर अगर जो है लेट्स
4:19:16से 200 20050 का केस है तो फिर
4:19:17डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जाओ राइट 50000 का केस
4:19:20है तो सर्किट कोर्ट जाओ लेकिन अगर आपका
4:19:21000 के ऊपर का केस है तो इन दैट केस यू
4:19:24हैव टू गो टू सदर दीवानी अदालत सदर दीवानी
4:19:26अदालत में सीधे गवर्नर जनरल और काउंसिल
4:19:28काजी वगैरह ये लोग हैंडल करते हैं दे आर द
4:19:30वन हु विल विल जो है यू नो डील विद द होल
4:19:34केस नाउ अगर अगर आप कहे सर बहुत बड़ा केस
4:19:38है हमारा राइट है ना 5000 पाउंड के ऊपर का
4:19:41केस है तो 5000 पाउंड के ऊपर का केस हो
4:19:44सकता है गवर्नर जनरल भी जो है डग मगा जाए
4:19:46हो सकता है आप उसमें से 1000 पाउंड गवर्नर
4:19:48जनरल को दे दे मान जाए आपकी बात सारी
4:19:50बातें मान ले सारी शर्तें मान ले तो इसके
4:19:52ऊपर का केस है तो इनके ऊपर भी कोई बैठा है
4:19:54वो है राजा तो इन दैट केस आपको ब्रिटेन
4:19:57जाना पड़ेगा राइट है ना अब आप कहेंगे सर
4:20:00इतना पैसा कहां से आएगा अरे जब केस 5000
4:20:02का है राइट है ना तो इतने पैसे वाली
4:20:05पार्टी तो होगी ही होगी तो इसके ऊपर बैठा
4:20:08हुआ है किंग इन
4:20:10काउंसिल किंग इन
4:20:14काउंसिल 5000 पाउंड के भी ऊपर का केस अगर
4:20:17है तो फिर आप और ऊपर जा सकते हैं तो अब
4:20:20देखो एक लेवल दो लेवल तीन लेवल चार लेवल
4:20:25पांच लेवल और छटा लेवल टोटल छह लेवल है
4:20:28जिस पर आप सिविल केसेस लड़ सकते हैं सिविल
4:20:31केसेस को सॉल्व किया जा रहा
4:20:34है है ना अब बात हो गई सिविल केसेस की व्ट
4:20:38अबाउट क्रिमिनल जस्टिस सर राइट क्रिमिनल
4:20:41जस्टिस तो अब क्रिमिनल जस्टिस इधर लिखते
4:20:43हैं कि हा क्रिमिनल जस्टिस में क्या हो
4:20:44रहा है पहली बात क्रिमिनल जस्टिस अगर आपके
4:20:47डिस्ट्रिक्ट का कोई केस है राइट तो वह
4:20:50देखेगा आपका डिस्ट्रिक्ट जज क्या व
4:20:53क्रिमिनल जस्टिस देखेगा यह लाइन क्रिमिनल
4:20:55जस्टिस की है तो हा व देखेगा राइट वही
4:20:57हैंडल कर लेगा लेकिन दिस है टू बी विदन
4:21:00सर्टेन
4:21:03लिमिट राइट मामला ऐसा कोई बहुत नहीं होना
4:21:07चाहिए जो है विदन सर्टेन लिमिट्स जो है
4:21:09अगर मुद्दा है कि हां छोटी-मोटी मारपीट
4:21:11कुछ हो गई सिंपल सा मुद्दा है राइट है ना
4:21:13जो है कुछ बहुत ज्यादा सीवियर सा मुद्दा
4:21:15नहीं है तो इन दैट केस मोस्ट ऑफ द केसेस
4:21:17विल बी सॉल्वड एट द डिस्ट्रिक्ट जज लेवल
4:21:19केस दूसरा अगर इससे बड़ा मुद्दा है तो
4:21:22इससे बड़ा मुद्दा जो है हैंडल करेंगे ये
4:21:25लोग अभी हमने कहा था कि साल में दो बार दो
4:21:28टूर
4:21:29है दो टूर इन अ
4:21:33ईयर और जो भी केसेस मार्क्ड है वो यह वाला
4:21:37केस सर्किट कोर्ट वगैरह आपके हैंडल
4:21:40करेंगे प्लस प्लस अब इसके ऊपर का भी केस
4:21:43है राइट आपको अपील करनी है आपको लग रहा है
4:21:45कि नहीं हमें नहीं मजा आया हमें और ऊपर
4:21:46जाना है तो देन देन देर इ सदर निजामत
4:21:50अदालत सदर निजामत
4:21:53अदालत
4:21:55सदर निजामत
4:21:58अदालत इसमें कौन बैठा है यही लोग बैठे अब
4:22:01ये दोनों सदर कहां पर है ऑफकोर्स कोलका
4:22:03में है क्योंकि गवर्नर जनरल कोलका में
4:22:05बैठा हुआ है राइट तो ये दे आर एट कलका तो
4:22:08दोनों ही जो केसेस के जो हेड हैं राइट सदर
4:22:11दीवानी सदर अदालत सदर दीवानी सदर निजामत
4:22:13दोनों ही कलक में तो यहां पे एक्चुअली तीन
4:22:16ही लेयर है एक आपका डिस्ट्रिक्ट जज जो
4:22:18हैंडल कर ले गया हैंडल कर ले गया फिर
4:22:19सर्किट कोर्ट है और फिर आपकी सदर निजामत
4:22:21अदालत है दिस इज योर फाइनल स्ट्रक्चर आई
4:22:25होप यू हैव क्लेरिटी कि हां यह क्या हो
4:22:28रहा है नाउ नाउ आई थिंक ये सिंपल है काफी
4:22:30सिंपल है अदर वाइज जो है टेक्स्ट में यह
4:22:32काफी कंफ्यूजन सा हो जाता है कि पता नहीं
4:22:35क्या हो रहा है राइट काफी कॉम्प्लेक्शन
4:22:36उंड करता है बट इफ यू अंडरस्टैंड कि हां
4:22:38दिस इज सिविल एंड दिस इज क्रिमिनल तो
4:22:40क्रिमिनल में हमें तीन लेयर दिख रही है और
4:22:44सबसे इंपोर्टेंट बात है कि क्रिमिनल के
4:22:46लिए कोई स्पेशल सिस्टम क्रिएट नहीं किया
4:22:48जा रहा है राइट आप देखो कि क्रिमिनल के
4:22:50लिए वही गवर्नर जनरल का जो ग्रुप है वो
4:22:53क्रिमिनल भी हैंडल करे ले रहा है यही
4:22:54सर्किट कोर्ट दोनों हैंडल करे ले रहे हैं
4:22:56यही डिस्ट्रिक्ट जज दोनों हैंडल करे ले
4:22:58रहा है तो मेन फोकस सिविल पे है और सिविल
4:23:01केसेस बाय द
4:23:02वे अब कुछ लास्ट बातें जो है समझे तो अब
4:23:06अब जो है अब जो है कलेक्टर जो है कलेक्टर
4:23:10बताइए भाई कलेक्टर क्या यह सिर्फ और सिर्फ
4:23:12रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन देखता है ये बात
4:23:14हमें समझ में आ गई कि ओनली रेवेन्यू
4:23:17एडमिनिस्ट्रेशन और कोई कहानी और कुछ नहीं
4:23:20दूसरा रेवेन्यू केसेस आर ऑल सिविल
4:23:24केसेस कहां देखे जाएंगे सिविल कोर्ट में
4:23:28सिविल केसेस एक बात इसके अलावा इसके अलावा
4:23:32अ जो कर्वोस है कर्वोस इज नोन फॉर सोनि ऑफ
4:23:35लॉ कि हां यहां पर कोई भी कानून के ऊपर
4:23:38नहीं है हर किसी के ऊपर कानून एप्लीकेबल
4:23:41है तो यह भी उसने अपने टाइम में क्या कर
4:23:43दिया फिक्स कर दिया इसीलिए हम इनकी तारीफ
4:23:45भी करते हैं थोड़ा सा कन्वोस को कि हां
4:23:46भाई इन्होंने सारी चीजें फिक्स करी है तो
4:23:48व्हाट ही सेड कि जो यूरोपिय है
4:23:51यूरोपियन यूरोपिय जो इंडिया में रह रहे
4:23:54हैं दे विल हैव टू सबजूगेट दे विल हैव टू
4:23:58एक्सेप्ट दे विल दे विल बी आंसरेबल टू द
4:24:00यूरोपियन कोर्ट्स तो क्या वो भी वो भी
4:24:03आंसरेबल है यस दे आर आंसरेबल टू यूरोपियन
4:24:07कोट्स तो कोई यह नहीं कहेगा कि हम आंसरेबल
4:24:10नहीं है एक बात दूसरी बात जो आपके
4:24:14गवर्नमेंट सर्वेंट है जो समझ रहे हैं कि
4:24:16हम हीरो हैं कानून के ऊपर है राइट है ना
4:24:19तो देन गवर्नमेंट सर्वेंट्स दे आर आल्सो
4:24:22आंसरेबल टू सिविल
4:24:25कोर्ट्स इन ऑफिशियल
4:24:32कैपेसिटी वो ऐसा नहीं कह सकते कि ये
4:24:34डिसीजन मेरा ऑफिशियल कैपेसिटी में मैं
4:24:36इम्यून हूं कोई ऐसी इम्युनिटी वगैरह नहीं
4:24:39है तो इम्युनिटी इनकी खत्म कर दी है इनकी
4:24:42इम्युनिटी खत्म कर दी तो गुड पार्ट ज कि
4:24:45हा अगर हम कन्वोस कोड देखें कन्वोस कोड तो
4:24:49कन्वोस कोड में हमको क्या दिखाई देता है
4:24:51कन्वोस कोड में कवस कोड में देर इ सोटी ऑफ
4:24:57लॉ सोटी ऑफ लॉ कि हां कानून ऊपर है एंड
4:25:02दूसरा दूसरा वेरी वेरी क्लियर देर इ
4:25:04सेपरेशन ऑफ पावर
4:25:07सेपरेशन
4:25:08ऑफ पावर कि यहां इनिशियली जो फिलॉसफी थी
4:25:12कलेक्टर को बहुत पावरफुल कर दिया जाएगा यह
4:25:14फिलॉसफी आगे कंटिन्यू नहीं हो रही बाकी
4:25:16हिंदू लॉज मुस्लिम लॉ वही फॉलो हो रहे है
4:25:18हां वही फॉलो हो र है उसमें कोई बदलाव
4:25:20नहीं है कोई कोडिफिकेशन प इन्होने जो है
4:25:22काम एच नहीं किया
4:25:23है राइट तो तो इसी को बात को जो है थोड़ा
4:25:27टाइमलाइन पर डाल देते
4:25:29हैं राइट तो हम बात कर रहे थे 1787 में
4:25:32कलेक्टर बट लेटर ऑन लेटर ऑन हम समझ रहे
4:25:35हैं लेटर ऑन देयर इज कांसेप्ट ऑफ
4:25:39कन्वोस
4:25:41कोड बाय
4:25:4393 जिसमें जिसमें वी हैव सेपरेशन ऑफ
4:25:48पावर सेपरेशन ऑफ पावर जिसमें वी हैव सोव
4:25:53निटी ऑफ
4:25:56लॉ प्लस प्लस आप इसमें ऐड करना चाहे कि
4:26:00यहां ऐसा सिक्स स्ट्रक्चर इधर का और थ्री
4:26:03स्ट्रक्चर इधर का सेम स्ट्रक्चर यहां
4:26:05बनाना चाहे बट काफी ज्यादा है तो मैं
4:26:07सजेस्ट करूंगा कि उसे सेपरेट शीट में रहने
4:26:09दीजिए यहां पर खाली कन्वोस और उसके बारे
4:26:11में कुछ कुछ बातें लिखिए ट्स इट राइट सो
4:26:14दिस वास द एरा ऑफ कन्वोस तो काफी चीज
4:26:16सॉल्व करी कन्वोस ने बट अभी सब कुछ सॉल्व
4:26:18हुआ नहीं नाउ कम्स नाउ कम्स योर
4:26:22बेंटिक 1828
4:26:2635 से 35 का जो दौर है दिस इज लॉर्ड
4:26:30विलियम
4:26:31बेंटिक लॉर्ड विलियम
4:26:35बेंटिक ब ने कुछ चीजें चेंज करी है आइए
4:26:37समझते हैं कि बेंटिक जब आए तो इन्होंने
4:26:39कुछ चीज बदल
4:26:43दी स सो स बेंटिक प चलते हैं कनी आगे
4:26:47बढ़ाते
4:26:53हैं
4:27:04या
4:27:19जस्ट अ
4:27:32सेकंड
4:27:34या सो सो बिफोर बिफोर वी गो अड एक बार एक
4:27:38बार देखते हैं कि हां हमने क्या सीखा
4:27:39कन्वोस की बात कर लेते हैं वापस तो हमने
4:27:41समझा कि हां डिस्ट्रिक्ट फॉस दौरी जो है
4:27:42इन्होंने अबॉलिश कर दी थी तो फौजदारी खत्म
4:27:44हो चुकी है अब से एंड सर्किट कोर्ट्स की
4:27:46स्थापना की हम लोगों ने बात करी राइट प्लस
4:27:48सदर निजामत अदालत शिफ्ट हो गई थी कलका
4:27:51पहले मुर्शिदाबाद में थी अभी कलकाता में
4:27:52शिफ्ट हो गई है प्लस गवर्नर जनरल वगैरह
4:27:54क्या ग्रुप गवर्नर जनरल एंड ग्रुप क्या
4:27:56इसको देख रहा है यस प्लस डिस्ट्रिक्ट
4:27:58दीवानी अदालत वाज नाउ डेजिग्नेट एज
4:28:00डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कि हां वही क्या है
4:28:01डिस्ट्रिक्ट कोर्ट है वहां पर डिस्ट्रिक्ट
4:28:03जज बैठा हुआ है कलेक्टर जो है अब सिर्फ और
4:28:05सिर्फ रेवेन्यू के लिए रिस्पांसिबल है
4:28:07उससे ज्यादा उसकी रिस्पांसिबिलिटी नहीं है
4:28:09प्लस हमने ग्रेडेशन ऑफ कोर्ट्स की बात करी
4:28:10कि देयर आर सिक्स कोर्ट्स मुनसिफ
4:28:12रजिस्ट्रा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट फिर फोर
4:28:13सर्किट कोर्ट्स फिर सदर दीवानी अदालत और
4:28:15फिर फाइनली किंग इन काउंसिल तो सिविल
4:28:17केसेस के लिए सिविल केसेस के लिए इस तरह
4:28:19के छह कोर्ट एजिस्ट कर रहे हैं ये हमने
4:28:21सीखा यहां पे राइट प्लस हमने कॉन्स कोर्ट
4:28:23की बात करी कि देयर इज सेपरेशन ऑफ पावर और
4:28:25जुडिशल जस्टिस और रेवेन्यू अलग-अलग कर
4:28:27दिया गया है यूरोपियन सब्जेक्ट्स आर आल्सो
4:28:28ब्रॉट अंडर जूरिस क्शन गवर्नमेंट ऑफिशियल
4:28:30की हमने बात करी कि हां जो है नाउ दे आर
4:28:32आंसरेबल टू द सिविल कोर्ट्स इवन इन देयर
4:28:33ऑफिशियल कैपेसिटी तो नाउ देयर इज
4:28:35परफेक्टली सोरे निटी ऑफ लॉ सॉरी परफेक्ट
4:28:38नहीं लेकिन प्रिंसिपल ऑफ सॉवरेन ऑफ लॉ
4:28:40क्या फॉलो हो रहा है यस फॉलो हो रहा है
4:28:42एस्टेब्लिश किया है कॉर्नवालिस ने नेक्स्ट
4:28:45कम्स योर विलियम बेटेक लॉर्ड विलियम बेटेक
4:28:47तो विलियम बेटेक ने जब आए तो इनको लगा कि
4:28:50नहीं यार ये जो है सिचुएशन क्या है अब हो
4:28:52क्या रहा है कि आफ्टर दिस देयर आर लॉट ऑफ
4:28:55लिटिगेशंस लॉट ऑफ केसेस प्लस देयर इज लॉट
4:28:57ऑफ डिले एज वेल राइट है ना कि हां सिस्टम
4:28:59इतने केसेस संभाल नहीं पा रहा है जितने
4:29:01केसेस आ रहे हैं 1790 के दौर में जैसे ही
4:29:04ये नया सिस्टम आया है ये सिस्टम इस सिस्टम
4:29:07में लोगों ने खूब लिटिगेशन फाइल करी खूब
4:29:09जो है केसेस आने लग गए अब खूब केसेस जो
4:29:11आने लग रहे हैं रीजन क्योंकि फाइल करना
4:29:13इजी हो गया है राइट प्लस जो अमीर लोग हैं
4:29:15उनके लिए उनके लिए जो है खेलना आसान हो
4:29:17गया है कि हां ये कानून वो कानून समथिंग
4:29:19राइट है ना अगर कहीं क्लेम बनता है तो हां
4:29:21केस कर दो और फिर लड़ते रहो या क्लेम नहीं
4:29:24भी बनता है तो केस कर दो सामने वाले को
4:29:25सामने वाला हो सकता है रिट्रेट हो सामने
4:29:27वाले को हो सकता है बेवकूफ बनाया जा सकता
4:29:29हो सामने वाले को हो सकता है कि हां
4:29:30विटनेस वगैरह कुछ सर्जरी करके चेंजेज करे
4:29:32जा सकते हो तो दे स्टार्टेड प्लेइंग तो
4:29:34नाउ देयर आर लॉट ऑफ ऑफ केसेस लॉट एंड लॉट
4:29:36ऑफ केसेस और कई बार सिर्फ और सिर्फ सामने
4:29:38वाले को परेशान करने के लिए केस करा हुआ
4:29:41है इसमें अमीरों को ज्यादा फायदा हो रहा
4:29:42है क्योंकि नाउ यू नीड अ लॉयर सबब हु हैज
4:29:45अंडरस्टैंडिंग लॉ आम आदमी को एकदम गरीब
4:29:47आदमी को लॉ के पता भी नहीं है कि हां क्या
4:29:49हो रहा है क्या नहीं हो रहा है तो इन सब
4:29:50चीजों का खूब फायदा भी उठाया जाएगा मिसयूज
4:29:52भी होगा जमीदार वगैरह स्पेशली जो जो
4:29:54जमीनें हड़प रहे हैं उन वो ज्यादा इसको
4:29:57मिसयूज भी करेंगे राइट केसेस होंगे बहुत
4:29:59सारे केसेस होंगे तो लॉर्ड विलियम बेंटिक
Reforms: William Bentinck
4:30:02कहेंगे कि हां यार यह दिक्कत तो हो रही है
4:30:04राइट है ना कुछ तो करना चाहिए लर्ड विलियम
4:30:06बेंटिक का कुछ ऑब्जर्वेशन एंड अकॉर्डिंग
4:30:08ही डिड समथिंग आइए समझते हैं तो वापस उसी
4:30:13फाइनल स्ट्रक्चर को लेकर चलते हैं कि
4:30:14लॉर्ड विलियम बटेक ने कहा कि मुझे इसमें
4:30:16कुछ बदलाव करना
4:30:26है चलिए आए
4:30:34देखते तो विलियम बेंटिक ने कहा कि देखो ये
4:30:37सर्किट कोड जो है दज आर ओवर बर्डन राइट है
4:30:41ना तो विलियम बेंटिक के हिसाब से विलियम
4:30:43मटिक के हिसाब से स सर्किट कोड्स है टू बी
4:30:46है टू बी अबॉलिश्ड तो ये इन्होंने सबसे
4:30:49बड़ा स्टेप लिया कि इसको अबॉलिश कर
4:30:52दिया राइट है ना तो एक बड़ा चेंज जो यहां
4:30:55पर हुआ कि इन्होंने इस सर्किट कोड को ही
4:30:57अबॉलिश कर दिया
4:31:04है दिस इज वन थिंग अनदर थिंग विच ही डिड
4:31:08विलियम बिन टेक यहां प हम एक और चीज नोटिस
4:31:11करेंगे कि जो सदर दीवानी अदालत और सदर
4:31:13निजामत अदालत है दोनों ही सदर दीवानी
4:31:17अदालत सदर दीवानी अदालत और सदर निजामत
4:31:21अदालत दोनों ही दोनों ही एक और एक और प्लस
4:31:25वन प्लस वन इलाहाबाद में दोबारा बना दी
4:31:29यानी कि इलाहाबाद में अब एक और सदर निजामत
4:31:31अदालत है एक और सदर दीवानी अदालत है उसने
4:31:34कल कटा वाली बंद नहीं करी ध्यान रख रखना
4:31:35जालक में तो है ही है लेकिन इलाहाबाद में
4:31:38एक और बना दी ताकि दिल्ली या यूपी के जो
4:31:41भी लोग हैं जो सीड सीड कर चुके हैं या जो
4:31:43टेरिटरीज अपने पास हैं राइट वो जो है
4:31:45अंग्रेजों के पास हैं तो वहां पे उनको
4:31:48यहां ना आना पड़े कलका ना आना पड़े
4:31:50कोल्काटा बहुत दूर पड़ रहा है तो कलक ना
4:31:52आना पड़े इसके लिए अलाहाबाद में एक और जो
4:31:54है इन्होंने सदर निजामत अदालत और सदर जो
4:31:57है दीवानी अदालत की स्थापना कर दी राइट
4:31:59दिस इज अनदर स्टेप ही हैज टेकन अच्छा एक
4:32:02और बात अबॉलिश वाली बात कंप्लीट करते हैं
4:32:04जब इसको अबॉलिश किया तो यह पावर गई कहां
4:32:07तो यह पावर अब फिर से ट्रांसफर हो गई है
4:32:09कलेक्टर्स को अय अजीब सी बात हो गई कि कनस
4:32:12ने कहा था कि कलेक्टर के पास पावर नहीं
4:32:14होनी चाहिए कंसंट्रेशन ऑफ पावर कलेक्टर के
4:32:16पास नहीं होना चाहिए यहां पर घूम फिर के
4:32:17फिर वही आ गए कि हां कलेक्टर्स को पावर
4:32:19ट्रांसफर कर दी गई है लेकिन कलेक्टर्स के
4:32:22ऊपर एक सुपरविजन
4:32:24होगा जो कमिश्नर है उस इलाके के सुपरविजन
4:32:28सुपरविजन ऑफ कमिशनर तो कमिशनर रेवेन्यू
4:32:32कमिशनर वगैरह ध्यान रखेंगे कि हा ये
4:32:34कलेक्टर हाथ से कहीं निकल ना जाए कुछ मैल
4:32:37प्रैक्टिसेस कुछ गलत प्रैक्टिसेस ना होने
4:32:39लग जाए दिस इज समथिंग जो है दे दे हैव टू
4:32:42लुक
4:32:43इनटू प्लस यह जो ये जो मुंसिफ वाला जो
4:32:46इंडियन इंडियन पर्सन है राइट दिस इंडियन
4:32:49पर्सन ये जो इंडियन जज है कैन राइज इसका
4:32:53प्रमोशन हो सकता है एंड प्रमोट होकर यू नो
4:32:58अपने अपने जो है आगे के सालों में आगे की
4:33:00सर्विस में दिस पर्सन कैन बिकम सदर अमीन
4:33:04तो सदर में पोस्ट हो सकता है सदर अमीन
4:33:07बनके राइट सो अगेन दिस इज नॉट लाइक सीनियर
4:33:10पोजीशन ऐसा जो है चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बन
4:33:12जाएगा बट यस सदर अमीन इज मोर लाइक कि हां
4:33:14नीचे के जज हैं यहां पे हेल्प करेंगे
4:33:15एडवाइस करेंगे सदर अमीन की पोस्टिंग हो
4:33:18जाएगी यस दिस हैज आल्सो अ हैपेंड अंडर
4:33:21बेंटिक राइट तो इंडियंस प्रमोट हो सकते
4:33:23हैं बेंटिक के अंदर स्पेशली जुडिशियस
4:33:25ऑफिसर्स जो हैं जो कि अच्छे जुडिशियस
4:33:26ऑफिसर्स हैं उनका प्रमोशन उसने एक्सेप्ट
4:33:28किया कि हां पॉसिबल है प्रमोट हो सकते हैं
4:33:30हायर पोजीशन पर भी जा सकते हैं बट ऐसा
4:33:32सुप्रीम पोजीशन पे नहीं जा सकते ऑब् वियस
4:33:34दूसरा कक्ट को पावर दे दी है तीसरा
4:33:36अलाहाबाद में कोर्ट एब्लिश कर दिया अनदर
4:33:39थिंग बेंटिक के बारे में हमें याद आया कि
4:33:40बेंटिक के दौर में ही आए थे मैले चार्टर
4:33:42एक्ट 1833 1833 में मले की एंट्री हुई थी
4:33:45एस अ लॉ मेंबर और यहां पर ही इज द पर्सन
4:33:48हु विल लुक फॉर कोडिफिकेशन ऑफ
4:33:50लॉ तो हेयर अंडर हिज रूल देयर इज लॉ
4:33:57कमीशन लॉ कमीशन एंड दिस कमीशन इज अंडर
4:34:02मैले परपस क्या है दोस्त कोडिफिकेशन
4:34:05ऑफ
4:34:10लॉ कोडिफिकेशन ऑफ
4:34:13लॉ सो यह हो रहा है किसके टाइम में यह हो
4:34:16रहा है लॉर्ड विलियम बेंटिक के टाइम में
4:34:19राइट बेंटिक का टाइम अगर हम देखें तो चार
4:34:21सर्किट कोड जो है बॉलिश हो गए हैं
4:34:23कलेक्टर्स के पास पावर आ गई है सदर दीवानी
4:34:26अदालत सदर निजामत अदालत एक और खुल चुकी है
4:34:28इलाहाबाद में नाउ वन मोर थिंग एडिंग वन
4:34:31मोर थिंग अबाउट लैंग्वेज राइट लैंग्वेज
4:34:33में भी एक बड़ा बदलाव आया है वो भी यहीं
4:34:35पर लिख लेते हैं लैंग्वेज में इन्होंने
4:34:38कहा कि अब तक पर्शियन कोर्ट लैंग्वेज होती
4:34:41थी लैंग्वेज में अब आपके पास ऑप्शन है आप
4:34:44पर्शियन में फाइल बनाना चाहे पर्शियन में
4:34:46भी बन सकती है आप वर्नाकुलर लैंग्वेज में
4:34:49अगर फाइल बनाना चाहे तो बन सकती है कोई
4:34:52दिक्कत की बात नहीं हालांकि सुप्रीम कोर्ट
4:34:55में पर्शियन पूरी तरह से गायब हो गई और
4:34:57यहां पर सिर्फ और सिर्फ इंग्लिश
4:35:00चलेगी तो सुप्रीम कोर्ट में ओनली इंग्लिश
4:35:02बट अदर वाइज कहीं भी आप फाइल कर रहे हैं
4:35:05तो फाइल में पर्शन या फिर वर्नाकुलर जो भी
4:35:07लैंग्वेज आप चूज करते हैं तो वह लैंग्वेज
4:35:09के द्वारा आप जो है अपना केस बना सकते हैं
4:35:13नाउ अगेन कमिंग बैक टू द
4:35:16टाइमलाइन हम बात कर रहे हैं बेंटिक
4:35:20की जस्ट सेक बेंटिक तो बेंटिक की हम बात
4:35:23कर रहे हैं और बेंटिक के बारे में हम जो
4:35:25है ऐड करें एक
4:35:28तो सर्किट कोड्स नहीं
4:35:31रहे सर्किट
4:35:33कोड्स दूसरा
4:35:35कलेक्टर कलेक्टर को ही सारी पावर मिल गई
4:35:39देन देन यू कैन आल्सो ड अलाहाबाद
4:35:48सदर अलाहाबाद
4:35:51देन देन वी कैन आल्सो ड लॉ कमीशन
4:35:57मैले लॉ कमीशन
4:36:02मैले अ जो मैले का को
4:36:06यही हमको 1860 में 1860 व विल फाइंड
4:36:11सिविल प्रोसीजर ऑफ सिविल प्रोसीजरल कोड
4:36:15राइट प्लस प्लस सरी 59 59 वी हैव सिविल
4:36:20प्रोसीजर कोड 1860 तो लगातार हर साल साल
4:36:24के बाद साल दर साल व हैव इंडियन पीनल कोड
4:36:27और
4:36:36प्लस प्लस या तो नाउ वी हैव यू कैन से जो
4:36:40कोडिफिकेशन तो फाइनल आईपीसी सीआरपीसी
4:36:42सीपीसी सारा आ चुका है वन मोर पॉइंट वी
4:36:45हैव टू ड इ 185
4:37:05तीन हाई कोर्ट बनाए गए एक कोलकाता में एक
4:37:07बॉम्बे में और एक मद्रास
4:37:12में एंड फाइनली हमें याद आ रहा है कि
4:37:14हमारा लास्ट स्टेप जो इसमें है लास्ट
4:37:17स्टेप लास्ट स्टेप हमें याद आया कि अभी
4:37:191935 का एक्ट पढ़ा था हम लोगों ने
4:37:221935 1935 के एक्ट के तहत देयर वाज अ
4:37:26कांसेप्ट ऑफ फेडरल
4:37:29कोर्ट जो कि दो साल बाद 1937 में
4:37:32एस्टेब्लिश हो गया था फेडरल को
4:37:35कोर्ट सो ये टोटल जर्नी है आपकी जुडिशरी
4:37:38की कि हां एक मुगल टाइम हुआ करता था व्हेन
4:37:40इट वाज नॉट स्ट्रक्चर्ड बट देयर वाज
4:37:42फंक्शन ऑफ निजामत एंड दवानी राइट दिवानी
4:37:45में सिविल जस्टिस हुआ करता था और निजामत
4:37:46में आपके जो है आपके क्रिमिनल जस्टिस हुआ
4:37:49करता था प्लस हमने समझा कि हां ड्यूल
4:37:51गवर्नमेंट में तो कुछ भी नहीं है इंग्लिश
4:37:52इंटरफेयर कर रहा है जजेस की तरह बिहेव कर
4:37:54रहे है तो चीजें खराबी है कहानी शुरू होती
4:37:56है वरन हेस्टिंग से वरन हेस्टिंग से
4:37:57डिस्ट्रिक्ट पे आपके सिविल कोर्ट्स और
4:37:59क्रिमिनल कोर्ट्स दोनों एस्टेब्लिश करें
4:38:00वन इज दीवानी अदालत वन इज फौजदारी अदालत
4:38:02उन्हीं का जो है हाईयर वर्जन वर्जन सदर
4:38:05दीवानी अदालत सदर निजामत अदालत वन वाज एट
4:38:08मुर्शिदाबाद वन वास एट कलका ये उन्होंने
4:38:10एस्टेब्लिश किया था दिस वाज एट
4:38:14मुर्शिदाबाद
4:38:17मुर्शिदाबाद मुर्शिदाबाद प्लस हमने समझा
4:38:20कि हां प्लस एक सुप्रीम कोर्ट भी आ चुका
4:38:22था सुप्रीम कोर्ट सिर्फ और सिर्फ कलक के
4:38:23लिए है बाकी जगह पर नहीं है तो एक इनिशियल
4:38:26स्ट्रक्चर वरन हेस्टिंग के टाइम में हमको
4:38:27देखने को मिलता है एंड देन केम कन्वोस तो
4:38:30कन्वोस का एरा ये है
4:38:33कन्वोस कन्वोस तो कन्वोस 87 में पहले
4:38:37सपोर्ट करेंगे किसको कलेक्टर्स को राइट तो
4:38:391787 में कलेक्टर्स को सपोर्ट करेंगे बट
4:38:41लेटर ऑन वी सॉ कि हां देयर इज कन्वोस कोड
4:38:44हमने सोच समझा कि हां पूरा स्ट्रक्चरिंग
4:38:46चेंज हो चुका है सेपरेशन ऑफ पावर कलेक्टर
4:38:48को हटा दिया राइट है ना ऑट सोबरे निटी ऑफ
4:38:50लॉ इवन इवन चाहे वो यूरोपियन हो चाहे
4:38:52गवर्नमेंट सर्वेंट हो हर कोई रिपोर्ट
4:38:54करेगा लॉ को देन नेक्स्ट हमको बदलाव देखने
4:38:57को मिला बेंटिक में बेंटिक में हमने देखा
4:38:58कि सर्किट कोड वापस हटा के कलेक्टर को
4:39:00पावर दे दी गई है सदर जो है अलाहाबाद में
4:39:02बना दिया गया है प्लस लॉ कमीशन खाया गया
4:39:05है जो जो अंडर मै कले और उसी का
4:39:07कोडिफिकेशन है ये तीनों एंड फाइनली फाइनली
4:39:09वीी हैव कि हां ये जो सुप्रीम कोर्ट है
4:39:11सदर है दिस इज नॉट लाइक कुछ ज्यादा ही जो
4:39:13है रायता फैल रहा है इनको सबको मर्ज करके
4:39:15हाई कोर्ट बना दिए गए कि तीन हाई कोर्ट है
4:39:17यही सब देखेंगे एंड फाइनली इन 1935 वी हैव
4:39:20फेडरल कोर्ट व्हिच वाज मोर लाइक कि हां जो
4:39:22सरकारों के बीच में डिस्कशन होगा राइट
4:39:241935 में फेडरेशन की बात कर ली थी तो कई
4:39:26सारी इंटरगवर्नमेंटल जो है प्रॉब्लम्स
4:39:28होंगे इश्यूज होंगे उनको सॉल्व करने के
4:39:29लिए देयर इज फेडरल कोर्ट तो दिस वाज द होल
4:39:32जर्नी ऑफ लॉ तो 1833 के हमने कमीशन की बात
4:39:35करी और फिर जो हमने देखा सिविल प्रोसीजर
4:39:37कोड इंडियन पेनल कोड क्रिमिनल प्रोसीजर
4:39:39कोड फिर हमने देखा कि बाद में 1860 में जो
4:39:42है हमने समझा अच्छा एक और चीज 1860 में
4:39:44हुई 1860 में कहा गया कि जो यूरोपिय है
4:39:48वोह कोई प्रिविलेज क्लेम नहीं कर सकते यह
4:39:50बात थोड़ा ध्यान रखना यूरोपिय कोई स्पेशल
4:39:53प्रिविलेज नहीं क्लेम कर सकते एक्सेप्ट
4:39:55फॉर द क्रिमिनल
4:39:59केस राइट एक्सेप्ट फॉर द क्रिमिनल केसेस
4:40:02प्लस प्लस अगर कोई यूरोपियन के ऊपर केस हो
4:40:05रहा है तो उसे इंडियन जज हैंडल नहीं कर
4:40:08सकता उसे सिर्फ और सिर्फ यूरोपियन जज
4:40:10हैंडल कर सकता है अब हमें याद आई बात कि
4:40:13हम लोग पीछे पढ़ रहे थे रिपन का टाइम है
4:40:15ना रिपन के बारे में बात कर रहे थे कि एक
4:40:17इल्बर्ट बिल कंट्रोवर्सी हुई थी लॉर्ड
4:40:19रिपन ने इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने की
4:40:21कोशिश करी थी कि इंडियन जज क्यों नहीं
4:40:23ट्राई कर सकता राइट तो इल्बर्ट बिल यही कह
4:40:25रहा था कि इंडियन जज भी ट्राई कर सकता है
4:40:28बट देन सारे जो यूरोपियन थे वो एकजुट हो
4:40:30गए कहते कैसे कर सकते हैं भाई कैसे कैसे
4:40:32हो रहा है ये है ना तो बिल्कुल एकदम जो है
4:40:33लॉबिंग चालू हो गई एंड देन रिपन वाज
4:40:35कॉर्नर्ड और फाइनली जो है इल्बर्ट बिल
4:40:37पूरा जो पर्पस था वो पूरा क्या हो गया
4:40:39साइडलाइन हो गया फाइनली जो बिल आया वो
4:40:41होगा हुआ कि जूरी इंडियन जज हो सकता है बट
4:40:44जूरी में होना चाहिए और यूरोपियन मेजॉरिटी
4:40:46में होना चाहिए ऐसा हमने पीछे देखा था सस
4:40:49हमने बात करी 65 के मर्जर की प् हमने बात
4:40:51करी फेडरल कोर्ट इन
4:40:541935 ओके आस्क की अगर हम बात करें इसको
4:40:57इवेलुएट करें पॉजिटिव पार्ट अगर हम देखें
4:40:59तो एक अच्छी बात हो रही है रूल ऑफ लॉ राइट
4:41:01है ना कि यहां रूल ऑफ लॉ हमने देखा सोव
4:41:03निटी ऑफ रूल ऑफ लॉ है स्पेशली ड्यूरिंग द
4:41:05टाइम ऑफ कन्वोस रूल ऑफ लॉ एस्टेब्लिश हो
4:41:08रहा है यस दिस इज वन थिंग थोड़ा स्ट्रक्चर
4:41:10आ गया है प्रोसीजर आ गया दिस इज
4:41:11इंपॉर्टेंट अनदर पार्ट वाज कोडिफिकेशन इज
4:41:14गुड कि अब तक इतने तरीके के लॉस थे तो वो
4:41:17रिटन नहीं थे और हर किसी का अपना
4:41:19पर्सपेक्टिव होता था कोई लिबरल होता था
4:41:21कोई कहता था नहीं नहीं बहुत रिजडले फॉलो
4:41:22करना है कोई कहता था नहीं ये सोर्स में
4:41:24ऐसा लिखा है इस वाली कमेंट्री में ऐसा
4:41:26लिखा है तो बहुत सारा ऐसा जो है
4:41:27आर्बिट्रेशन था बहुत सारा यू कैन से जो है
4:41:30वेग पर्सपेक्टिव हुआ करता था बट नाउ आफ्टर
4:41:33कोडिफिकेशन इट वाज लाइक मच मोर सॉर्टेड कि
4:41:35हां इस सजा के इस जो है कर्म के लिए ये
4:41:38वाली सजा है इस काम के लिए ये सजा है काफी
4:41:40हद तक सॉल्ट हो रहा है इवन हमने देखा कि
4:41:42ड्यूरिंग द रेन ऑफ कन्वोस जो पनिशमेंट भी
4:41:44था वो थोड़ा सा टोन डाउन हो रहा है
4:41:46एंप्यूटेशन ऑफ लिम्स वगैरह है ना हाथ हाथ
4:41:48काटने का पनिशमेंट ये हटा दिया जा रहा है
4:41:51एक और बात नोट डाउन कर लो कि जो गवर्नर
4:41:53जनरल है तो गवर्नर जनरल के पास पावर है
4:41:56आपके जो जो भी उनको जो है डेथ सेंटेंस या
4:41:59सेंटेंस दिया गया है उसको उसको लाइफ
4:42:02सेंटेंस को हटाने का
4:42:04पार्डन करने का तो जो पार्डनिंग पावर जैसे
4:42:07आज प्रेसिडेंट के पास होती है उस समय वह
4:42:09पार्डनिंग पावर गवर्नर जनरल के पास हुआ
4:42:11करती थी प्लीज नोट दिस डाउन चलिए ओके
4:42:14दूसरा यूरोपियन सब्जेक्ट्स को भी क्रिमिनल
4:42:16केसेस वगैरह हर चीज में लेकर आए यस
4:42:17यूरोपियन सब्जेक्ट्स को भी जो है यू नो लॉ
4:42:20के सामने लेकर आए हालांकि हालांकि उनकी
4:42:22प्रिविलेजेस हैं बट ठीक इवन गवर्नमेंट
4:42:25सर्वेंट्स र आंसरेबल यस यस देयर आर
4:42:27पॉजिटिव एस्पेक्ट ऑफ दिस होल यू कैन से
4:42:29जुडिशरी एस्टेब्लिशमेंट अंडर द ब्रिटिश
4:42:32नेगेटिव एस्पेक्ट है यस यस जैसे कि मैं
4:42:34बात कर रहा था कॉम्प्लिकेटेड है
4:42:35एक्सपेंसिव है हर किसी को समझ में नहीं
4:42:37आता राइट आम आदमी लड़ना चाहे तो परेशान है
4:42:39उसे पता ही नहीं कानून के बारे में प्लस
4:42:41फॉल्स एविडेंसेस वगैरह के जो है यू नो
4:42:43काफी स्कोप है डिसीड चिकन है ना कि हां
4:42:45बेवकूफ बना रहा है कोई भी जाके जैसे झूठी
4:42:47गवाही दे रहा है प्लस यहां पे यहां पे
4:42:49लिटिगेशन खींची जा रही है तारीख पे तारीख
4:42:51तारीख पे तारीख तो क्या हो रहा है डिलेड
4:42:53जस्टिस राइट डिलेड जस्टिस इज आल्सो कॉल्ड
4:42:55डिनाइड जस्टिस है ना कि हां जस्टिस डिनाइड
4:42:57देन कोर्ट्स वर ओवर बर्डन क्योंकि
4:42:59लिटिगेशन ही बढ़ती चली जा रही है बहुत
4:43:01सारी लिटिगेशन आ रही है देन यूरोपियन जजेस
4:43:03वर नॉट फैमिलियर विद द इंडियन यूसेज एंड
4:43:06ट्रेडीशन सो वन ऑफ द यूरोपियन सेड कि ये
4:43:09जो यूरोपियन जजेस हैं इनको देख के क्या
4:43:11लगता है ये भी स्पेक्ट्रम में दी हुई है
4:43:13लाइन राइट है ना कि इनको देख के लगता है
4:43:15कि ऐसा लगता है कि हां ये कभी ब्रिटेन से
4:43:17निकले ही नहीं ये अभी भी ब्रिटेन में ही
4:43:18जी रहे हैं तो इनको पता ही नहीं है कि
4:43:20यहां का कस्टम क्या है यूसेज क्या है क्या
4:43:22चाहते हैं लोग यह पता ही नहीं और यहां पे
4:43:24जज बने घूम रहे हैं राइट है ना तो दे डोंट
4:43:26हैव एनी आईडिया पर वो जज है राइट है ना
4:43:28जजमेंट दे रहा है कि नहीं ये होना चाहिए
4:43:29वो होना चाहिए ज्ञान ज्ञान बांट रहा है
4:43:31खैर तो फिलहाल तो दे र द दज वर द
4:43:33प्रॉब्लम्स अगर आपको क्रिट करना है
4:43:35जुडिशरी को तो यू कैन क्रिटिसाइज ऑन दज ्
4:43:37अब देखो इतनी इंटीग्रिटी में जाने का
4:43:39पर्पस क्या है एमसीक्यू क्या है इन्हीं
4:43:41इंटीग्रिटी में ढूंढता है कि हां आपको
4:43:43लगेगा कि ऐसा हो रहा है लेकिन ऐसा नहीं हो
4:43:45रहा था जैसे व कहेगा कि सदर दीवानी अदालत
4:43:47जो है सॉरी सदर निजामत अदालत जो है कलकाता
4:43:49में थी ड्यूरिंग द टाइम तो वरन हेस्टिंग
4:43:51हमें रिलाइज होगा ना वो तो मुर्शिदाबाद
4:43:53में थी बाद में शिफ्ट हुई है कलकट राइट है
4:43:55ना या फिर शिफ्टिंग लिख देगा कि हां वरन
4:43:57हेस्टिंग ने शिफ्ट करा था या फिर आपको कह
4:43:58देगा कि हां जो केस होता है वो जो है
4:44:00डिस्ट्रिक्ट जज जो होता है वो सिर्फ और
4:44:01सिर्फ सिविल केसेस हैंडल करेगा जबकि उसको
4:44:03क्रिमिनल केस भी दे रखा है तो इन्हीं
4:44:05लाइनों के बीच में से क्या होगा एमसीक्यू
4:44:07निकलेगा तो दिस सीम्स कॉम्प्लेक्टेड में
4:44:10गए हैं बुक में थोड़ा कम डिटेल में था बट
4:44:11आई हैव रेफरड दिस अदर बुक जो है ए बीएल
4:44:14ग्रोवर बीएल ग्रोवर इज अमेजिंग फॉर मेंस
4:44:16बाय द वे बट आई एम नॉट सेइंग कि आप पढ़िए
4:44:18लेकिन जो है फिर भी कई जगह हमने डिस्कस
4:44:20किया है बट या बीएल ग्रोवर जो है मैंने
4:44:22रिफर करी कि हां अगर हम उसे उसे भी साथ
4:44:24में मिला ले तो स्पेक्ट्रम प्लस बीएल
4:44:25ग्रोवर राइट तो ये पूरा कंप्लीट जो है उसम
4:44:28विलियम बेंटिक क्या कर रहे हैं या फिर
4:44:29कनवास क्या कर रहे हैं जो भी हमने डिस्कस
4:44:31किया इट वाज मेनली फ्रॉम जो है बीएल ग्रबर
4:44:33एज वेल तो उसमें आपको ज्यादा क्लेरिटी
4:44:35मिलती है कि हां वो क्या कह रहे हैं
4:44:37स्पेक्ट्रम में बहुत ही शॉर्ट में समझा
4:44:39दिया है तो समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता
4:44:40है
4:44:41कॉम्प्लेक्टेड हो जाता है खैर स दिस वाज
4:44:44अबाउट जुडिशरी तो हमने मोस्ट ऑफ द चीजें
Administrative structure after 1857
4:44:46देख ली है अब अब बात करेंगे
4:44:48एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर की राइट है ना
4:44:50एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर बदलाव हो रहा
4:44:52है आफ्टर 1857 है ना 1857 के बाद जब क्वीन
4:44:57रूल आ रहा है क्राउन रूल आ रहा है तब आपके
4:44:59एडमिनिस्ट्रेशन में काफी बदलाव हो रहा है
4:45:01और ये बदलाव हम देखेंगे एडमिनिस्ट्रेशन
4:45:03में सेंट्रल पे प्रोविंस पे लोकल पे नाउ
4:45:05बिफोर वी गो इन टू दिस थोड़ी सी बात में
4:45:07कह दूं वी हैव ऑलरेडी सीन अ लॉट ऑफ दीज
4:45:09थिंग्स क्यों क्योंकि हमने एक्ट देखे बहुत
4:45:11सारे एक्ट क्या था यही सब तो सेंटल
4:45:13प्रोविंसेस यही तो था राइट खाली लोकल
4:45:15डिस्कस नहीं किया है बट सेंट्रल और
4:45:17प्रोविंशियल तो काफी हद तक आपको पता ही है
4:45:19राइट यू हैव ऑलरेडी डिस्कस तो ये ये पार्ट
4:45:21जो है ये 50 पर ऑलरेडी डिस्कस है खाली
4:45:24हमको क्या देखना है थोड़ा लोकल देखना है
4:45:26इसको थोड़ा सा समरा इज करना है इतनी ही
4:45:27बात देखनी है नाउ एक छोटा सा डिस्कशन करते
4:45:31हैं बिफोर वी रीच सेंट्रल प्रोविंशियल एंड
4:45:33ऑल राइट एक छोटी सी बात समझते हैं कि जो
4:45:361857 के बाद का जो दौर है राइट जिसमें हम
4:45:39ये एडमिनिस्ट्रेटिव चेंजेज की बात कर रहे
4:45:40हैं 1857 के दौर में एक बहुत बड़ा बदलाव
4:45:43जो आ चुका है पहला पहला कि 1857 की
4:45:47क्रांति देखी हुई है राइट है ना कि यहां
4:45:491857 की क्रांति देखी हुई है एंड वी
4:45:52नो तो पहले अगर हम समझे फिलॉसफी क्या
4:45:56है
4:45:58कि
4:46:01चेंजेज आफ्टर 1857
4:46:05राइट एडमिनिस्ट्रेटिव
4:46:07चेंज सवाल है वई या पीछे का थॉट प्रोसेस
4:46:10क्या है थॉट प्रोसेस समझ रहे हैं देखो
4:46:13पहली बात पहली बात 1857 की क्रांति अब
4:46:16इससे भी नहीं सीखा तो क्या ही सीखा
4:46:18अंग्रेजों ने तो ये उन्होंने देखा है कि
4:46:20हां अगर लोगों से दूर रहो अगर लोगों को
4:46:23लगेगा कि हां ये फॉरेन रूल है इंपीरियल
4:46:25रूल है तो वो रिवोल्ट करेंगे तो उनका दुख
4:46:28दर्द भी समझना जरूरी है कुछ हद तक सॉल्व
4:46:30करना भी जरूरी है तो वो वो आपको चेंजेज
4:46:33दिखाई देंगे फॉर एग्जांपल नवंबर
4:46:35प्रोक्लेमेशन में
4:46:4418581 मेंट्स हैं हम उसको डिस्टर्ब करने
4:46:47की कोशिश नहीं करेंगे अगर आप ऑर्थोडॉक्सी
4:46:49में जी रहे हैं तो जीते रही है हमको मतलब
4:46:50नहीं है राइट हम कभी इंटरफेयर इसमें नहीं
4:46:52करेंगे तो एक उन्होंने कहा कि वी विल बी
4:46:54अलफ व्हाई बिकॉज 1857 की क्रांति उन्होंने
4:46:57देखी हुई थी है ना कि आपको जो भी
4:46:59डेवलपमेंट करना है अपने आप करिए हम लोगों
4:47:00को नहीं करना है हमें कोई आप में इंटरेस्ट
4:47:02नहीं है दूसरा दूसरा जो है दे विल बी लाइक
4:47:05कि हां कुछ लोगों को हायर किया जाएगा राइट
4:47:07है ना जैसे हम बात कर रहे थे कि
4:47:0918581 में हम बात कर रहे थे 18611 में
4:47:12आपकी एक एक्स्ट्रा जो लेजिसलेटिव काउंसिल
4:47:15के जो मेंबर्स हुआ करते थे उसमें इंडियंस
4:47:17की नॉन ऑफिशियल एंट्री कराई थी ताकि ऐसा
4:47:19लगे कि इंडियंस ने भी ये एक्ट देखा हुआ है
4:47:22राइट है जो भी ल लॉ बन रहा है या जो भी
4:47:24डिस्कशन हो रहा है बाय द गवर्नर जनरल एंड
4:47:26द काउंसिल ऐसा लगे कि हां इंडियंस ने भी
4:47:29देखा हुआ है उन्होंने भी बताया हुआ है
4:47:30थोड़ा डिस्कशन में पार्टिसिपेट करेंगे तो
4:47:32जो इंडियन व्यू है वो भी मिल जाएगा तो
4:47:34कहीं ना कहीं जो है ये यह एक स्टेप लिया
4:47:37जाएगा कि इंडियंस को थोड़ा सा पास में रखो
4:47:40ताकि पता रहे क्या सोच रहा है राइट कहते
4:47:42हैं ना दोस्त को जो है भले दूर रख लो
4:47:43लेकिन दुश्मन जो है और पास होना चाहिए
4:47:46ताकि आपको पता हो कि हां इसका अगला स्टेप
4:47:48क्या है है ना तो वैसे ही वो लोग भी हमें
4:47:49पास ही रखेंगे है ना ताकि पता हो कि हमारा
4:47:52अगला स्टेप क्या है देखते रहेंगे बात करते
4:47:53रहेंगे पूछते रहेंगे कि हां क्या चल रहा
4:47:55है क्या नहीं चल रहा है यही यही स्टेप
4:47:56गांधी जी ने भी लिया था गांधी जी भी
4:47:58गवर्नर जनरल को पास में रखते थे सब बता के
4:48:00रखते थे कि आज जो है देखते क्या करोगे
4:48:03राइट हैना तो पहले ही पूरी स्ट्रेटेजी
4:48:04डिक्लेयर कर देते थे कि देखो हम ये ये ये
4:48:06करेंगे तुम्हें जो करना है कर लो तो अब
4:48:08जानने के बाद गवर्नर जनरल को भी समझ में
4:48:09नहीं आता था कि ये तो खुद ही बता दिया
4:48:11इसने मुझे अब इसमें इसको जेल में डाले ना
4:48:12डाले क्या करें समझ ही नहीं आ रहा है जेल
4:48:14में डालेंगे तो लोग कहेंगे गांधीजी से डर
4:48:16गए नहीं डांगे तो कहेंगे कि हां डर गए
4:48:18बताओ जेल में नहीं डाला तो समथिंग लाइक
4:48:20दैट कि हां दुश्मनों को थोड़ा सा और पास
4:48:21में रखना चाहिए है ना सेम एज गांधी जी
4:48:23चलिए तो खैर 1857 की रिवर्ड की हम बात कर
4:48:25रहे हैं हां सॉरी हम बात कर रहे हैं कि
4:48:27हां भाई नेटिव वगैरह को एडमिनिस्ट्रेशन
4:48:29में रखा जाएगा ताकि लगे कि हां जो है अपने
4:48:31ही लोग हैं प्लस रीऑर्गेनाइजेशन ऑफ आर्मी
4:48:33की हमने बात करी थी कि हां वो भी इसीलिए
4:48:35हो रहा है यही चेंजेज यही रीजन है 1857 की
4:48:37क्रांति से उन्होंने सीखा दूसरा एक बड़ा
4:48:40बदलाव आ रहा है यहां 1800 1757 के बाद जो
4:48:44इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन है तो नाउ देयर आर
4:48:47मोर इंडस्ट्रियल पावर्स इन द वर्ल्ड तो
4:48:51इंडस्ट्रियल पावर्स अब जो है अब जो है
4:48:54सिर्फ ब्रिटेन नहीं रहा नाउ देयर आर मोर
4:48:56इंडस्ट्रियल पावर्स जैसे जापान ग्रो कर
4:48:58रहा है रशिया तो है ही है राइट है ना फिर
4:49:02यूएस वगैरह ग्रो करने लगेंगे तो दुनिया
4:49:04में ऐसा नहीं रहा कि अब अमे जो ब्रिटेन जो
4:49:07है यही इकलौता पावरफुल है इसी की हेजी मनी
4:49:10है यूनीपोलर वर्ल्ड है जो यूरोप करना
4:49:12चाहेगा करेगा ना अब ये दुनिया काफी बदल
4:49:14चुकी है राइट कहां गया हां तो अब ये
4:49:16दुनिया काफी बदल चुकी है नाउ देयर इज लाइक
4:49:19कट थ्रोट कंपटीशन बाकी के जो इवन यूरोपियन
4:49:23देश जो हैं राइट जर्मनी हो गया फ्रांस हो
4:49:25गया गहर हमको भी कॉलोनी चाहिए हमको भी
4:49:26कॉलोनी चाहिए हर कोई कॉलोनी के लिए लड़
4:49:28रहा है राइट अफ्रीका काट दिया था इन लोगों
4:49:30ने कि हां जो है अफ्रीका आप देखेंगे तो
4:49:32अफ्रीका एकदम सीधी सधी लाइने दिखती है
4:49:34बाउंड्री में क्यों दिखती है अफ्रीका का
4:49:35मैप देखिएगा तो आपको सीधी सधी बाउंड्री
4:49:37दिखेगी क्या किसी देश की ऐसी सीधी
4:49:39बाउंड्री होती है नहीं होती क्यों यहां पे
4:49:41क्यों है क्योंकि ये जो यूरोपियन कंपनी
4:49:43यूरोपियन कंट्रीज हैं इन्होंने उसे टेबल प
4:49:45बैठ के स्केल बना के ड्रा किया है कि हां
4:49:48इधर काटते हैं इधर का हिस्सा ब्रिटेन का
4:49:49है इधर का हिस्सा फ्रांस का है इधर का
4:49:51जर्मनी का ऐसे करके बांटा हुआ है राइट ना
4:49:54तो टेबल पे काटा है वो मैप इसीलिए जो है
4:49:55इतनी सीधी सधी लाइने हमको दिखाई देती है
4:49:57आज भी आप देशों की बाउंड्री देखेंगे तो
4:49:59आपको सीधी लकीरें दिखाई देंगी क्योंकि वो
4:50:01स्केल से खींची गई सो नाउ देर इज कट थ्रोट
4:50:04कंपटीशन की हां कॉलोनी हमको भी चाहिए हमको
4:50:06भी चाहिए देयर आर मोर कंट्रीज यूएसए जापान
4:50:08यूरोपियन कंट्रीज बाकी सब जाग गई हैं और
4:50:10ऐसे में ऐसे में जब जब जो है मार्केट में
4:50:13ज्यादा चैलेंजर हैं तो आपको अपनी मार्केट
4:50:16अपना जो है रॉ मटेरियल अपनी सप्लाई अपना
4:50:18पैसा सब जो है संभाल के रखना पड़ेगा तो
4:50:20टेक्निकली इंडिया में बहुत इन्वेस्ट कर
4:50:21दिया है राइट इंडिया में रेलवे वगैरह भी
4:50:23लगा दी है इंडिया में जो है आपका मार्केट
4:50:25बना हुआ है सामान आ रहा है सामान रॉ
4:50:27मटेरियल जा रहा है राइट प्लस इन्वेस्टमेंट
4:50:29अगर आप देखिए तो जूठ जूठ जो है जूठ
4:50:31फैक्ट्रीज में देन टेक्सटाइल फैक्ट्रीज
4:50:34में प्लांटेशन में तो य विल फाइंड कि हां
4:50:37बहुत सारा इन्वेस्टमेंट भी ऑलरेडी कर दिया
4:50:38है अब ये बचाना पड़ेगा वरना हाथ से निकल
4:50:41जाएगा तो अब जो है ब्रिटिशर थोड़ा सा
4:50:43बैकफुट प भी है लेकिन सब कु सिक्योर करना
4:50:45चाहते हैं तो ये जो 1857 के बाद की कहानी
4:50:49है इसमें अंग्रेजों का थॉट प्रोसेस ये भी
4:50:51है कि इसको थोड़ा बचा के रखो कहीं ये कहीं
4:50:53हाथ से निकल ना जाए राइट है ना है ना तो
4:50:56यस तो ब्रिटिश सुप्रीमेसी इन द वर्ल्ड इन
4:50:58फाइनेंस एंड मैन्युफैक्चर्ड गुड्स ट्रेड
4:51:01केम टू एन एंड ऐसी कोई सुप्रीम अंग्रेजों
4:51:04की रह गई है नहीं ऐसी कोई सुप्रीमेसी नहीं
4:51:07रह गई अब अंग्रेज जैसे कई लोग और घूम रहे
4:51:10हैं तो ऐसे में ऐसे में यू हैव टू बी मोर
4:51:12इंपीरियल कंट्रोल को और स्ट्रिजेंट करना
4:51:15पड़ेगा स्ट्रांग करना पड़ेगा कि ये कॉलोनी
4:51:17कहीं हाथ से निकल ना जाए और यही रीजन है
4:51:20कि हां ये जो रिएक्शनरी पॉलिसी दिखती है
4:51:22हमको लोगों की जैसे कि लोग दिखे हमें लिटन
4:51:25और दूसरा दूसरा बड़ा नाम है कर्जन राइट है
4:51:28ना और भी है डफरिन रंस डाउन अगेन एंड ल बट
4:51:30हां लिटन और कर्जन ये इनकी जो रिएक्शनरी
4:51:33पॉलिसीज है है कि हां ये कॉलोनी कहीं हाथ
4:51:35से निकल ना जाए कहीं निकल ना जाए राइट है
4:51:37ना सपने सपने में यही आता है कि हां जो है
4:51:39इंडिया आजाद हो रहा है इंडिया जा रहा है
4:51:40तो हां तो इनको इन ये इसीलिए इस तरह से
4:51:42बिहेव कर रहे हैं कि हां हमारी कहीं से
4:51:45पावर कम ना हो जाए कर्जन इज अफ्रेड ऑफ
4:51:48रशिया लाइक एनीथिंग कि कहीं से भी रशियन
4:51:50इन्फ्लुएंस ना आ जाए पर्शियन गल्फ में
4:51:52कहीं से जो है कोई यूरोपियन कंट्री ना
4:51:54पहुंच जाए या रशिया ना पहुंच जाए तो हर
4:51:56तरफ वो हाथ पाव मार रहा हो खुद गया है
4:51:58पर्शियन गल्फ में अपनी नाव में बैठ के कि
4:52:00हां जो है यू नो मैं आ गया हूं कोई जो है
4:52:02यू नो यूरोपियन यूरोपियन यहां पे जो है
4:52:04यूरोपियन कंपनी और नहीं आएगी हमारा ही
4:52:06वर्चस्व रहेगा एटस एटस तो खौफ है भाई इस
4:52:08आदमी को तो यही सारी बातें डिफाइन करेंगी
4:52:11यहां का गवर्नमेंट स्ट्रक्चर और यहां की
4:52:13पॉलिसीज और फिर हमारा फ्यूचर ऑफ कोर्स भाई
4:52:15ये इंपीरियल गवर्नमेंट है हां तो ये जो
4:52:17करेंगे उसपे हमारी जो भी इनकी स्ट्रेटेजी
4:52:19होगी उसके ऊपर काफी बातें डिपेंड करती है
Administration: central, provincial, local
4:52:22तो फिलहाल हम लोग लास्ट टॉपिक समझते हैं
4:52:24वि व्च इज अबाउट कि हां 1857 के बाद ये जो
4:52:27सेंट्रल प्रोविंशियल और लोकल गवर्नमेंट है
4:52:30ये कैसी है सो बात शुरू करते हैं सेंट्रल
4:52:32एडमिनिस्ट्रेशन से सो वी विल ऑब्जर्व कि
4:52:35सेंटर जो है मोस्टली हम लोगों ने देखा हुआ
4:52:37है सेंटर विल रिलाइज कि
4:52:5218581 लोगों की च इज एडवाइजरी इन नेचर और
4:52:56और कहीं ना कहीं यह है जो डील कर रहा है
4:52:58हमारे वाइस रॉय से तो इंडिया में वाइस रॉय
4:53:01को बिठाया है और उसको उसको दे दिया गया है
4:53:03दो
4:53:06काउंसिल राइट है ना कि हां गवर्नर जनरल को
4:53:08ही वाइस रॉय कह दिया गया है ऐसा हमने देखा
4:53:10था नाउ ये तो हमने ऑलरेडी पढ़ा हुआ है हम
4:53:12ऑलरेडी जानते हैं कि यहां
4:53:2618581 तो डे टू डे फाइटिंग में इवॉल्व
4:53:29नहीं होगा राइट वो तो नहीं होगा कि पूछेगा
4:53:31कि हां क्या चल रहा है क्या नहीं चल रहा
4:53:32समथिंग वो तो फाइल देखेंगे कहेंगे हां ठीक
4:53:34है नहीं ठीक है समथिंग जो भी व्यूज देना
4:53:35है कर लेंगे इट इज मेनली सेक्रेटरी ऑफ़
4:53:37स्टेट जो सारी डीलिंग करता है राइट है ना
4:53:39ऑफकोर्स सेक्रेटरी ऑफ स्टेट इज इज
4:53:41रिस्पांसिबल टू द पार्लियामेंट और
4:53:44पार्लियामेंट ही है जो पूरी पावर वीड कर
4:53:47रही है नो डाउट ब्रिटिश पार्लियामेंट बट
4:53:49सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट इज समबीत ऑफ ऑल
4:53:52सबोर्डिनेटिंग वाइस रॉय एक बात दूसरी बात
4:53:55ही इज अफेक्टेड बाय लॉबिंग कि हां जो भी
4:53:59पावरफुल लोग हैं बिजनेस क्लास्ट
4:54:00इंडस्ट्रियलिस्ट एक्सेट्रा एक्सेट्रा वो
4:54:02सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट को कहीं ना कहीं पुश
4:54:04करेंगे कि हमको बिज़नेस में ये चाहिए
4:54:05हमारे इन्वेस्टमेंट का क्या होगा इस तरीके
4:54:07से उसका जो व्यू है वो पूरी तरह से कलर्ड
4:54:09व्यू होगा और ये कहीं ना कहीं हमारे बारे
4:54:11में नहीं सोच रहा यू अंडरस्टैंड कि इंडिया
4:54:13इज नॉट गवर्न्ड बाय इंडिया और एट इंडिया
4:54:16इंडिया इज बीइंग गवर्न्ड बाय अ प्लेस और
4:54:18बाय अ पर्सन हु इज नॉट इन इंडिया राइट है
4:54:21ना तो ये बड़ी प्रॉब्लम है कि हां
4:54:22सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट इंडिया में है ही
4:54:24नहीं वहां ब्रिटेन से वो रूल कर रहा है
4:54:26ब्रिटेन से वो डिक्टेट कर रहा है टर्म्स
4:54:27एंड एंड यहां वाइस रॉय सबोर्डिनेट हो चुका
4:54:30है तो कहीं ना कहीं ये हमारे आगे की
4:54:32पॉलिसीज में हमारे आगे के एक्सपीरियंस को
4:54:34इफेक्ट करेगा राइट इसके बाद हमने देखा था
4:54:37कि यहां 18618 आ गया था 18618 कहता है कि
4:54:41यहां भाई एक जूरी मेंबर यहां पे ऐड कर
4:54:43दिया गया था प्लस वन हो गया था है ना ऐसे
4:54:45कुछ माइनर चेंजेज और हो गए थे तो मोर और
4:54:47लेस सेंट्रल गवर्नमेंट वीी हैव सीन राइट
4:54:49है ना सो या सो हमने पहले
4:54:5518581 एडवाइजरी काउंसिल बट मोस्टली ही इज
4:54:58आंसरेबल टू द पार्लियामेंट तो
4:55:00पार्लियामेंट सर्वे सर्वा है यस माना तो
4:55:02जो डुअल सिस्टम था वो खत्म हो चुका है अब
4:55:04सिर्फ और सिर्फ क्राउन हमारे ऊपर रूल कर
4:55:06रहा है सेंट्रल गवर्नमेंट में ये हमने
4:55:07जाना और ये आपका बेसिक स्ट्रक्चर है
4:55:10क्राउन है सेक्रेटरी ऑफ स्टेट है वाइस रॉय
4:55:12राइट है ना ये हमारा बेसिक स्ट्रक्चर है
4:55:13यहां पे टोटल टोटल जो है उसका टोटल जो है
4:55:17सेंट्रल गवर्नमेंट का बाकी मैंने आपको
4:55:19बताया कि लंदन से रूल होने की वजह से क्या
4:55:20इशू हो रहा है सिमिलरली 18611 मेंबर
4:55:23एग्जीक्यूटिव में ऐड कर दिया है प्लस एक
4:55:25और जो बात हुई है
4:55:2718616 का एक्ट कहता है कि लेजिस्लेटर साइड
4:55:30लेजिस्लेटर साइड नॉन ऑफिशियल मेंबर्स
4:55:34नॉन ऑफिशियल
4:55:35मेंबर्स ऐसा करके कुछ ऐड किया गया था कि
4:55:38हां 50 पर कम से कम होने चाहिए जिसमें
4:55:40जिसमें इंडियंस को भी कुछ कुछ हायर किया
4:55:42गया था बट हमने समझा था कि जो इंडियंस आए
4:55:44हैं ये क्या इलेक्टेड आए हैं नहीं ये तो
4:55:46अलाइड है यह तो कहीं ना कहीं लॉयलिस्ट है
4:55:49राइट है ना अंग्रेजों के साथ है तो ये
4:55:51क्या हमें कहीं से भी हेल्प करने वाला है
4:55:53नहीं यह भी कोई प्रोविजन हमें हेल्प करने
4:55:55वाला था नहीं प्लस ये जो भी लेजिस्लेटिव
4:55:58काउंसिल है या एग्जीक्यूटिव काउंसिल
4:55:59स्पेशली
4:56:02लेजिसलेच्योर एलिमेंट है क्या ये हमारे
4:56:04लिए पॉलिसी बनाएगा नहीं राइट यहां पे
4:56:06इनफैक्ट लेजिसलेच्योर
4:56:10भी करते हैं तो कोई भी इंपॉर्टेंट मैटर
4:56:13क्या ये लोग डिस्कस कर सकते हैं नहीं क्या
4:56:15बजट डिस्कस कर सकते हैं नहीं जो भी कुछ
4:56:18होगा वो जो है जो है गवर्न गवर्नर जनरल या
4:56:20गवर्नमेंट के प्रायर अप्रूवल प्रीवियस
4:56:22अप्रूवल पे डिपेंड करेगा प्लस बजट पे कोई
4:56:24कंट्रोल नहीं है एग्जीक्यूटिव एक्शन को
4:56:26चैलेंज नहीं कर सकते कोई रिस्पांसिबिलिटी
4:56:27एजिस्ट नहीं करती फाइनल पासिंग ऑफ द बिल
4:56:30में वाइस रॉय का अप्रूवल चाहिए ऐसा नहीं
4:56:31कि ये लोग कुछ पास कर देंगे तो हो जाएगा
4:56:33अगर वाइस रॉय भी अप्रूव कर दे अगेन ध्यान
4:56:35रखो कि अगर वाइस रॉय भी कह दे कि हां चलो
4:56:37ये बिल पास हो जाएगा एक्ट हो जाएगा और अगर
4:56:39कहीं सेक्रेटरी ऑफ स्टेट को पसंद नहीं आया
4:56:41उसमें उसको ग्रामेटिकल एरर मिल गई तो नंबर
4:56:43काट लेगा कहेगा नहीं भाई जो है सेक्रेटरी
4:56:46ऑफ़ स्टेट कहेगा कि नहीं अभी भी इसको रोका
4:56:47जा सकता है ये वाला जो बिल है वो एक्ट
4:56:50नहीं बनेगा राइट जैसा कि मैंने कहा कि
4:56:52इंडियंस जो एसोसिएट हो रहे हैं वो एलाइट
4:56:54मेंबर्स हैं प्रिंसेस हैं लैंडलॉर्ड्स हैं
4:56:55दीवान हैं ये कहीं ना कहीं अंग्रेजों के
4:56:57साथ ही अलाइड है और ये पूरी तरह से कहीं
4:57:00से भी पूरी तरह से छोड़ो कहीं से भी
4:57:02इंडियन ओपिनियन को रिप्रेजेंट नहीं करते
4:57:04प्लस हमने कहा था कि इसी एक्ट में
4:57:06ऑर्डिनेंसस भी आ चुके हैं कि अगर वाइस रॉय
4:57:08पूरी तरीके से बायपास करना चाहे ऑर्डिनेंस
4:57:11पास करना चाहे तो कर सकता है तो टेक्निकली
4:57:13सेंट्रल गवर्नमेंट मोर और लेस जो इंपीरियल
4:57:15कैरेक्टर है वो वो बूंद-बूंद में टपक रहा
4:57:18है राइट हमको पूरी तरह से दिख रहा है कि
4:57:19हर कोई एलियन ही है इसमें वाइस रॉय भी
4:57:21ब्रिटिशर है हमारी कोई सुन नहीं रहा अपने
4:57:23हिसाब से काम कर रहा है वाइस रॉय के ऊपर
4:57:25एक आदमी बैठा हुआ है सेक्रेटरी ऑफ स्टेट
4:57:26वो लंदन में बैठा हुआ है राइट वो जो है
4:57:28दुनिया भर के बिजनेसमैन इंडस्ट्रियलिस्ट
4:57:30उन सबसे अफेक्टेड है तो कहीं से भी यहां
4:57:32यहां सोचो कि पॉलिसी वा या विजन वाइज कहीं
4:57:34से भी क्या इंडिया की ग्रोथ हो सकती है
4:57:36इंडिया की ग्रोथ ग्रोथ यहां पे बिल्कुल भी
4:57:39नहीं हो सकती रही बात प्रोविंशियल
4:57:41गवर्नमेंट की तो प्रोविंशियल गवर्नमेंट
4:57:43अगर हम समझे अगेन फ्रॉम द इंडियन काउंसिल
4:57:45एक्ट ऑफ
4:57:4918616 का एक्ट कहता है राइट है ना वापस
4:57:52प्रोविंशियल गवर्नमेंट की बात करें तो
4:58:03मद्रास तो इनको इनको इनकी लेजिस्लेटिव
4:58:07पावर वापस कर दी गई थी ऐसा हमने देखा था
4:58:09डिसेंट्रलाइजेशन हो रहा है बट लेजिस्लेटिव
4:58:12पावर भी पूरी तरह से वापस आई नहीं थी बट
4:58:14चलो ठीक है थोड़ा सा जो है
4:58:16डिसेंट्रलाइजेशन होता हुआ हमें दिखाई दे
4:58:18रहा है तो 18 61 समवेल हेयर वी कैन से कि
4:58:21डिसेंट्रलाइजेशन की बात उठी
4:58:26है प्रोविंशियल गवर्नमेंट में राइट
4:58:28डिसेंट्रलाइजेशन की बात जो है यहां पर उठी
4:58:30है कि यहां लेजिस्लेटिव पावर रिटर्न हो
4:58:32रहे हैं प्लस इनका अपना अपना बजट होने
4:58:35लगेगा दोनों का ही अपना हर प्रोविंस का
4:58:37अपना बजट होने लगेगा तो बजट सेपरेट हो
4:58:39जाएगा यह भी एक बड़ा डेवलपमेंट है राइट है
4:58:42ना इसका आगे रिपर कशन है तो बजट सेपरेट हो
4:58:45रहा है दिस इज अनदर थिंग चच इज हैपनिंग तो
4:58:48डिसेंट्रलाइजेशन होता हुआ नजर आ रहा है यस
4:58:50प्लस हमेशा से ही यह जो तीनों प्रेसिडेंसी
4:58:53है ये ज्यादा पावरफुल रही चाहे वो कलका हो
4:58:57बंगाल चाहे वो आपकी मद्रास हो और चाहे वो
4:59:02बम्बे ट दे आर मोर पावरफुल और यहां पर
4:59:05कहीं भी किसी भी प्रेसिडेंसी को पकड़े तो
4:59:07उसमें बैठता है एक गवर्नर और गवर्नर को एक
4:59:11एग्जीक्यूटिव काउंसिल दी गई है जो यहां पर
4:59:13इस तरीके से ऑपरेट करते है बाद में इनको
4:59:16भी एक और काउंसिल दे दी जाएगी लेजिस्लेटर
4:59:18काउंसिल भी इनको भी दे दी जाएगी कि भाई आप
4:59:20लोगों को भी एक्ट बनाना होता है तो लेटर
4:59:22ऑन देर विल बी एडिशनल लेजिस्लेटिव काउंसिल
4:59:25कि आप लोग अपना लोकल एक्ट वगैरह बना सकते
4:59:27हैं बाकी अदर देन दिस अदर देन दस
4:59:30प्रोविंसेस मोस्ट ऑफ द प्लेसेस विल हैव
4:59:33जैसे फॉर एग्जांपल लेटर ऑन पंजाब में हम
4:59:35देखते हैं राइट या फिर असम की बात करते
4:59:37हैं तो अदर प्रोविंसेस अदर प्रोविंसेस विल
4:59:40हैव यू नो अदर प्रोविंसेस अदर प्रोविंसेस
4:59:44विल नॉट हैव गवर्नर थोड़ा सा सबोर्डिनेट
4:59:47पोजीशन होगी व्हिच इज लेट्स से लेफ्टिनेंट
4:59:50गवर्नर या फिर या फिर कमिश्नर्स
4:59:54तो इनकी पोजीशन पावर कंपेरटिवली कम होगी
4:59:58दन दी एक्चुअल
4:59:59प्रेसिडेंसी प्लस ये जो गवर्नर और जो
5:00:02काउंसलर्स हैं ये दे आर डायरेक्टली
5:00:04अपॉइंटेड बाय द
5:00:06क्राउन क्राउन तो इनकी पोजीशन स्ट्रांग है
5:00:09कि हां भाई सीधे क्राउन द्वारा जो है
5:00:12अपॉइंट्स वेरी वेरी इंपोर्टेंट नाउ यहां
5:00:15तक तो हमने काफी बातें देखी थी राइट इसमें
5:00:17एक और बात ऐड करते हैं इज अबाउट
5:00:19डिसेंट्रलाइजेशन तो डिसेंट्रलाइजेशन अगर
5:00:22हम
5:00:22समझे तो मेजर डिसेंट्रलाइजेशन या फिर
5:00:26फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन हमको दिखता है
5:00:29187 में मेयो के दौरान अब उस समय गवर्नर
5:00:33जनरल या वाइस रॉय है लॉर्ड मेयो राइट और
5:00:36यहीं से हमको क्या दिखने लगता है हमको
5:00:37थोड़ा सा फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन
5:00:40दिखाई देने लगता है फाइनेंशियल
5:00:43डिसेंट्रलाइजेशन
5:00:45अब जैसे लॉर्ड मेयो कहते हैं लॉर्ड मेयो
5:00:48कहते हैं कि हम प्रोविंसेस को कुछ कुछ
5:00:50देंगे क्या देंगे भाई प्रोविंसेस को
5:00:52प्रोविंसेस को हम लोग एक फिक्स्ड सम दिया
5:00:55करेंगे एक फिक्स्ड ग्रांट दिया
5:00:57करेंगे ताकि राइट है ना कहां से फिक्स
5:01:01ग्रांट आ रही है जो भी सेंट्रल रेवेन्यू
5:01:03है सेंट्रल रेवेन्यू में से कुछ पैसा दिया
5:01:05जाएगा प्रोविंसेस
5:01:08को तो समझो इस बात को कि यहां पे लॉर्ड
5:01:11मेयो के टाइम से ये फिक्स होने लगा लॉर्ड
5:01:13मेयो गवर्नर जनरल ने फिक्स किया कि भाई जो
5:01:15है हम एक एक फिक्स्ड अमाउंट मान लो सेंटर
5:01:17अगर ₹1 कमा रहा है तो ₹ ₹ जो है बांटे
5:01:20किसमें प्रोविंसेस में थोड़ा मद्रास को
5:01:22थोड़ा बॉम्बे को और कहेगा कि कुछ चीजें आप
5:01:25लोग खुद ही हैंडल कर लिया करो राइट जैसे
5:01:27कि जैसे कि जैसे कि कुछ चीजें जैसे कि
5:01:29अपना लोकल पुलिस वगैरह खुद ही देखो ना हम
5:01:32क्या देखें उसमें तो तुम्हारी जो
5:01:33प्रोविंशियल पुलिस है खुद ही हैंडल करो
5:01:35राइट सिमिलरली तुमको रोड बनानी है जेल
5:01:38बनानी है तुम जानो जेल
5:01:41रोड राइट है ना देन
5:01:44एजुकेशन कि अपना स्कूल कॉलेज खोलते रहो
5:01:47हमको क्या करना है स्पेशली हेल्थ
5:01:49मेडिकल मेडिकल एंड ऑल राइट सो दे आर सेइंग
5:01:52कि हां ये सारी चीजें खुद ही हैंडल करो
5:01:54इसमें इसके लिए हमसे पैसा ले लिया करो
5:01:56लेकिन इसके लिए हमको बॉदर मत करो राइट है
5:01:58ना अपना अपना देखो भाई ये वैसी बात हो गई
5:02:00यहां बदले में थोड़ा कैश ले लो लेकिन हां
5:02:02उसकी पॉलिसी बनाए रोड में क्या मटेरियल
5:02:03लगेगा कौन गारा लगेगा कितने लेबल लगेंगे
5:02:05कितना पैसा देंगे ये हमसे मत पूछो राइट
5:02:08अपने हिसाब से जाके काम करो बदले में क्या
5:02:09कर देंगे हम तुमको एक फिक्स्ड अमाउंट दे
5:02:12देंगे तो दिस शोज कि हां थोड़ा सा
5:02:14फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन हो रहा है कि
5:02:16अब तक जो पूल जो सेंट्रल रेवेन्यू जो है
5:02:17सेंटर लेके बैठा रहता था कि नहीं ₹1 है
5:02:20तुमको 50 क्या काम है क्यों देना है राइट
5:02:22ऐसा नहीं है अब पॉकेट मनी दे देगा अब वो
5:02:24अपना खर्चा तुम चलाओ तुम्हें जो
5:02:26इंपॉर्टेंट लगता है उसपे तुम खर्चा करो
5:02:28व्हिच इज वेल गुड एज वेल राइट हैना समझो
5:02:31इस बात को कि ये इसलिए नहीं हो रहा है कि
5:02:32वो ऐसा कोई डिसेंट्रलाइजेशन करना चाहते
5:02:34हैं इंटरेस्टेड है इट इज मोर फॉर
5:02:36एफिशिएंसी इट इज मोर फॉर यू कैन से
5:02:39एडमिनिस्ट्रेशन इंप्रूव हो जाएगा बेटर हो
5:02:41जाएगा कि कुछ चीजें डेलीगेट कर देनी चाहिए
5:02:44जिस हम जिससे हमको लेना देना ज्यादा है
5:02:46नहीं राइट सेंटर को ज्यादा जिस बात से
5:02:48फर्क पड़ता नहीं तो वो चीजें आप दे दीजिए
5:02:50राइट लेट देम हैंडल लेट देम हैंडल लेट द
5:02:52सेंटर हैंडल इंपोर्टेंट इश्यूज तो तो तो
5:02:56यहां पे हमें समझ में आएगा कि हां भाई
5:02:57यहां लॉर्ड मेयो के टाइम में 187 में
5:02:59लॉर्ड मेयो के टाइम में ये बात उठ रही है
5:03:02कि फिक्स हम आपको दे देंगे और कुछ चीजें
5:03:04आपको क्या करना पड़ेगा आपको खुद ही हैंडल
5:03:07करना पड़ेगा राइट है ना क्या शुरू हो रहा
5:03:09है फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन इंपोर्टेंट
5:03:11पॉइंट है यस दिस इज वन इंपोर्टेंट पॉइंट
5:03:13नाउ आफ्टर दिस आफ्टर दिस अनदर डेवलपमेंट
5:03:15हैपेंड इन
5:03:17187 187 में थे लॉर्ड लिटन लिटन थे लिटन
5:03:23राइट लिटन ने कहा कि हां अच्छा कुछ चीजें
5:03:25और ले लो
5:03:27हमसे यह कह रहे हैं कि हां आगे से लैंड
5:03:30रेवेन्यू
5:03:32लैंड रेवेन्यू का कलेक्शन वगैरह भी तुम
5:03:34खुद ही करो हम क्यों ध्यान दें राइट है ना
5:03:37एक्साइज ड्यूटी वगैरह खुद ही देखो एक्साइज
5:03:40देन देन जनरल एडमिनिस्ट्रेशन आपके राज्य
5:03:43का आप ही देखिए तो कुछ और चीजें ट्रांसफर
5:03:46कर देंगे कौन लिटर राइट रिटर्न करेंगे
5:03:49हमको और ये सब नहीं चाहिए राइट लॉ एंड
5:03:51जस्टिस अपने राज्य में आप ही देखिए राइट
5:03:55हमको इन सब चीजों से मतलब नहीं ऑल दीज
5:03:57थिंग्स वर ट्रांसफर्ड टू प्रोविंसेस
5:04:01राइट प्लस प्लस एक और बात इन्होंने कही कि
5:04:05जो है यह सब तो हम ट्रांसफर कर देंगे राइट
5:04:09ट्रांसफर्ड इसके साथ-साथ एक और बात कह रहे
5:04:13हैं कि जो प्रोविंशियल रेवेन्यू
5:04:15है प्रोविंशियल रेवेन्यू
5:04:19प्रोविंशियल रेवेन्यू में शेयर मिलेगा
5:04:22किसको प्रोविंस को अब इस बात को समझते हैं
5:04:25तो लॉर्ड लिटर ने क्या किया कि और बातें
5:04:27डेलीगेट कर दी कि हां यह सारी चीज़ें भी
5:04:29आप ही रखिए अपना-अपना जो है खुद ही हैंडल
5:04:31करिए तो कुछ सब्जेक्ट आप ही के के पास
5:04:32होने चाहिए हमारे पास नहीं होने चाहिए
5:04:34दूसरा बोला कि अगर प्रोविंस में लेट्स से
5:04:36यू नो 30 40 50 इकट्ठा हो रहा है तो इस ₹
5:04:40में ₹10 प्रोविंस को ही वापस दे देंगे है
5:04:42ना कि हां जो प्रोविंशियल रेवेन्यू है
5:04:44इसमें से भी आपको कुछ-कुछ शेयर मिलेगा
5:04:46राइट है ना तो एक चाहे कान इधर से पकड़ो
5:04:48चाहे इधर से पकड़ो चाहे सेंटर के पास आने
5:04:50दो और फिक्स्ड ग्रांट दे दो वो भी ठीक है
5:04:52राइट या फिर या फिर कहो कि नहीं तुम्हारे
5:04:54पैसे में से ही ₹ 2020 दे देंगे वो भी ठीक
5:04:56है तो जैसे भी इसको देखो इससे कोई बहुत
5:04:58फर्क पड़ता नहीं बट फिर भी फिर भी पॉइंट
5:05:00है कि हां भाई इन्होंने कहा कि
5:05:01प्रोविंशियल रेवेन्यू में आपको भी शेयर
5:05:03मिलेगा जो भी आपका रेवेन्यू है वो पूरा
5:05:05सेंटर का नहीं है उसमें हम आपको शेयर दे
5:05:07देंगे दिस हैपेंड एट द टाइम ऑफ लिटन लिटन
5:05:11के बाद अगला डेवलपमेंट राइट है ना तो हम
5:05:12बात कर रहे हैं लिटन
5:05:14की लिटन जस्ट अ सेकंड या तो लिटन तो लिटन
5:05:19के टाइम में कुछ और हेड यहां पे जो है यू
5:05:20नो अ ट्रांसफर कर दिए गए हैं प्रोविंसेस
5:05:23को और प्रोविंसेस को बोला गया है कि आपको
5:05:25एक फिक्स शेयर मिलेगा ऑफ द इनकम रियलाइफ
5:05:28इन द प्रोविंस कहां से रियलाइक्स है
5:05:31स्टैंप ड्यूटी से पैसा आया हो प्रोविंस से
5:05:34हो सकता है एक्साइज ड्यूटी में से पैसा
5:05:35निकला हो इनकम टैक्स जो कलेक्ट हुआ था
5:05:37उसमें से पैसा निकला हो तो इन सब चीजों से
5:05:40जो पैसा कलेक्ट हो रहा है इन अ पर्टिकुलर
5:05:41प्रोविंस उसी प्रोविंस को थोड़ा सा वापस
5:05:44दे देंगे एक फिक्स्ड शेयर दे देंगे नाउ
5:05:47नेक्स्ट नेक्स्ट थिंग हैपेंड इन
5:05:50182 182 तो अगली कहानी रिपन के टाइम
5:05:55में
5:05:57रिपन है ना कुछ कुछ ही कहानी है बहुत
5:06:00ज्यादा नहीं 182 रिपन
5:06:05रिपन को एक बार वापस देखते रिपन रिपन ने
5:06:08कहा कि जो है गवर्नर जनरल सेंटर बैठा है
5:06:10कहा इसको थोड़ा सा और कटेग कर लेते
5:06:12स्ट्रीमलाइन कर देते कह देते हैं कि हा
5:06:15जितने भी सोर्स ऑफ रेवेन्यू है राइट
5:06:17सोर्सेस ऑफ रेवेन्यू
5:06:18सोर्सेस ऑफ रेवेन्यू को थोड़ा सा
5:06:21क्लासिफाई कर देते हैं हम डिफाइन कर देते
5:06:23हैं कि कुछ सोर्सेस ऑफ रेवेन्यू ऐसे होंगे
5:06:26जो सिर्फ और सिर्फ सेंटर को जाएंगे है कुछ
5:06:30ऐसे सोर्सेस होंगे जो सिर्फ सेंटर को
5:06:31जाएंगे कुछ ऐसे भी सोर्सेस होंगे जो सिर्फ
5:06:34और सिर्फ प्रोविंसेस को
5:06:36जाएंगे और कुछ बाकी ऐसे सोर्सेज होंगे जो
5:06:39दोनों शेयर करेंगे उन्होंने क्लासिफिकेशन
5:06:42कर दिया कि यहां यू नो यह वाला जो पैसा
5:06:43आएगा यह प्रोविंसेस के पास आएगा यह वाला
5:06:45जो पैसा आएगा सेंटल के पास आएगा और यह
5:06:47वाला जो पैसा आएगा यह हम लोग आपस में मिल
5:06:49बांटेंगे राइट शेयर कर लेंगे ताकि सोर्स
5:06:51पे ही पता हो कि हां कितना पैसा आना है
5:06:53क्या होना है तो रिपन ने यह नहीं कहा कि
5:06:55हां पहले एक बार बटोर हैं फिर बांटेंगे
5:06:56इससे अच्छा वहीं पर डिसाइड कर देते हैं कि
5:06:58यह तुम्हारा हो गया या हमारा हो गया राइट
5:06:59यह वाला पैसा थोड़ा सा देख लेंगे तो दिस
5:07:01ऑल दिस ऑल दिस पार्ट ऑफ फाइनेंशियल
5:07:04डिसेंट्रलाइजेशन व्च हैपेंड इन द टाइम ऑफ
5:07:06मेयो स्टार्टेड इन द टाइम ऑफ मेयो राइट तो
5:07:09इसमें इस गेम में तीन ही लोग दिखे हमें एक
5:07:12है मेयो दूसरे लिटन और तीसरे रिपन राइट है
5:07:15ना तो वैसे भी दो तीन लोग इंपोर्टेंट है
5:07:16लिटन रिपन और कर्जन ये तीन लोग सबसे
5:07:18ज्यादा इंपोर्टेंट हम मानते हैं राइट मेयो
5:07:20का इसी में कंट्रीब्यूशन है इसके अलावा
5:07:22मेयो का मोय मोय है राइट है ना कि मेयो
5:07:24उसके बाद जो है हम रेयर ही देखेंगे आज ही
5:07:26आज ही देख रहे हैं मे को खैर सो मे सो दिस
5:07:29वाज द स्टोरी ऑफ फाइनेंशियल
5:07:30डिसेंट्रलाइजेशन
5:07:32नाउ लेट्स टॉक अबाउट लोकल बॉडीज है ना कि
5:07:36हां जो मेन मुद्दा है जो हमने अब तक नहीं
5:07:37पढ़ा है अब जरा लोकल बॉडीज प आते हैं लोकल
5:07:40बॉडीज तो लोकल बॉडीज पहली बात तो है क्या
5:07:44लोकल बॉडीज है भाई कि जिनको नहीं पता तो
5:07:46लोकल बॉडीज है कि भाई एक आपकी गवर्नमेंट
5:07:49है जो लेट्स से दिल्ली से ऑपरेट हो रही है
5:07:50व्हिच इज सेंट्रल
5:07:52गवर्नमेंट राइट है ना अब अगर हम मान लेते
5:07:55हैं कि कोई प्रोविंस है लेटस से मद्रास तो
5:07:57यह है प्रोविंशियल
5:07:59गवर्नमेंट प्रोविंशियल गवर्नमेंट
5:08:03बट प्रोविंशियल गवर्नमेंट के नीचे भी बहुत
5:08:05सारी डिस्ट्रिक्ट है डिस्ट्रिक्ट में जो
5:08:08सरकार है राइट है ना या फिर डिस्ट्रिक्ट
5:08:11के लेवल पर हम देखें या फिर और भी ग्रेनल
5:08:14लेवल पर चले जाए किसी गांव को पकड़ ले
5:08:18विलेज राइट तो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर अगर हम
5:08:21एक सरकार बनाए नॉर्मली क्या होगा नॉर्मली
5:08:24य पर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बैठा हुआ है
5:08:25नॉर्मली इसको लीड कर रहा है कलेक्टर या
5:08:28फिर मजिस्ट्रेट राट डीएम लीड कर रहा है बट
5:08:31यही पर अगर हम एक सरकार बना दे गवर्नमेंट
5:08:34बना
5:08:35दे कुछ लोगों को इलेक्ट
5:08:38करले या फिर नॉमिनेट भी हो सकता
5:08:43है है ना नॉमिनेशन भी हो सकता है तो फिर
5:08:46क्या बात बन जाएगी बात बन जाएगी भाई कि
5:08:48यहां जो है एक सरकार लोगों की क्रिएट हो
5:08:51जाएगी जो इस डिस्ट्रिक्ट में इस पर्टिकुलर
5:08:53डिस्ट्रिक्ट के मैनेजमेंट को देखेगी राइट
5:08:56है ना यहां का जो गवर्नेंस है इस
5:08:58डिस्ट्रिक्ट का जो गवर्नेंस है उसको हैंडल
5:09:00करेगी इससे क्या होगा इससे इससे यह फायदा
5:09:04होगा कि हां ये जो गवर्नमेंट है या जो लोग
5:09:06हैं इनकी पॉलिटिकल एजुकेशन हो जाएगी
5:09:09पॉलिटिकल ट्रेनिंग हो जाएगी पॉलिटिकल
5:09:12पॉलिटिकल ट्रेनिंग राइट है ना लोग ज्यादा
5:09:14एंपावर्ड होंगे लोकल रिसोर्सेस बहुत अच्छे
5:09:17से जो है यूटिलाइज हो पाएंगे लोकल टैक्सेस
5:09:19वगैरह इनफैक्ट इनफैक्ट लोकल टैक्सेस
5:09:22एक्स्ट्रा टैक्सेस यहां पे लगाए जा सकते
5:09:24हैं लवाई करे जा सकते हैं कि हां भाई कुछ
5:09:26टैक्स लगा दो ताकि ताकि इस एरिया का
5:09:29डेवलपमेंट हो सके यहां पे अगर कोई स्कूल
5:09:31चाहिए कॉलेज चाहिए एक्सेट्रा एक्सेट्रा तो
5:09:33बनाया जा सकता है यहां पे कोई रोड चाहिए
5:09:36कोई हॉस्पिटल चाहिए तो बनाया जा सकता है
5:09:38क्योंकि जो लोकल लोग हैं वही सबसे ज्यादा
5:09:40समझते हैं कि उनकी जरूरतें क्या है और उन
5:09:43जरूरतों को उन जरूरतों को जो है यू नो
5:09:45हैंडल करने के लिए एक कलेक्टर से बेटर है
5:09:48कि यहां की सरकार राइट है ना कि हां हमारी
5:09:50अगर अपने लोग हैं और यहां मिलजुल के अगर
5:09:52जो है जो है ध्यान रखें तो हम बेटर गवर्न
5:09:55कर पाएंगे एंड दैट इज द प्रिंसिपल कि हां
5:09:57हम लोग पॉलिटिकली एंपावर्ड भी होंगे हमारी
5:09:59पावर हमारे पास हमारे पैसे भी हमारे पास
5:10:01और हमारे पैसों का बेटर यूटिलाइजेशन होगा
5:10:03हम पैसा दे सेंटर के पास जाए सेंटर
5:10:05कलेक्टर को दे कलेक्टर कुछ कुछ करे इससे
5:10:08बेटर है कि हां हम लोग लोकली अगर इसको
5:10:10एडमिनिस्टर करें तो बेस्ट है ना पॉइंट इज
5:10:13कि अंग्रेज इसमें इंटरेस्टेड क्यों है
5:10:15राइट है ना कि एकदम से अंग्रेजों को क्या
5:10:17सपना आया और अंग्रेजों को लगा कि हां भाई
5:10:20हमें भी लोकल बॉडीज में थोड़ा सा इंटरेस्ट
5:10:22लेना चाहिए लोकल बॉडीज को डेवलप करना
5:10:24चाहिए राइट है ना क्या जरूरत पड़ रही भाई
5:10:26ये तो हमारे भले की बात हो गई थोड़ी सी तो
5:10:29फर्स्ट थिंग वी अंडरस्टैंड कि भाई जो है
5:10:31ऐसा ऐसा अंग्रेजों को सपना क्यों आया
5:10:33अंग्रेजों को क्यों लगा कि हां हमें इस
5:10:35बात में इंटरेस्ट होना चाहिए हमें इस बात
5:10:38में ध्यान देना चाहिए राइट है ना तो पहली
5:10:40बात देखो कि हां एक एक तो इतना
5:10:42सेंट्रलाइजेशन कर चुके हैं पीछे हम लोग
5:10:44पावर सेंट्रलाइज्ड है मनी सेंट्रलाइज है
5:10:47सब कु सेंटर के पास जा रहा है फिर वापस आ
5:10:49रहा है लोग पूछ रहे हैं कि हमारे यहां
5:10:50हॉस्पिटल नहीं है रोड नहीं है स्कूल नहीं
5:10:52है राइट तो दिस ओवर सेंट्रलाइजेशन हैज टू
5:10:54बी डिसेंट्रलाइज तो पहली प्रॉब्लम वाज द
5:10:57ओवर सेंट्रलाइजेशन व्हिच रिक्वायर्स
5:10:58डिसेंट्रलाइजेशन एंड एवरी टाइप ऑफ
5:11:00डिसेंट्रलाइजेशन
5:11:02तो एक हम जो बात कर रहे हैं कि फाइनेंशियल
5:11:03डिसेंट्रलाइजेशन प्रोविंशियल लेवल पे वही
5:11:05फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन वही चीजें
5:11:08यहां भी चाहिए तो टेक्निकली देयर इज अ नीड
5:11:10फॉर डिसेंट्रलाइजेशन देयर इज रिक्वायरमेंट
5:11:13फॉर डिसेंट्रलाइजेशन दूसरी बात यूरोप और
5:11:17मॉडर्नाइज हो रहा है वहां पे सिविक
5:11:18कम्युनिटीज और ज्यादा बढ़ रही हैं और कहीं
5:11:20ना कहीं हमारी जो एजुकेटेड क्लास है या जो
5:11:22मिडिल क्लास है वो कहीं ना कहीं या एलाइड
5:11:24क्लास है वो जा रही है यूरोप में यूरोप से
5:11:26कनेक्ट में है और वो देख रही है कि वहां
5:11:28पे क्या डेवलपमेंट है और फिर सवाल पूछ रही
5:11:30है तुम हमारे क्या कर रहे हो ट हमारे
5:11:32डेवलपमेंट क्यों नहीं करते हो तो वो जो
5:11:33सिविल कम्युनिटीज हैं वो यहां भी देने के
5:11:35लिए इट इज इंपॉर्टेंट कि यहीं के लोगों को
5:11:37डेलीगेट कर दो और ये देखो इसका एक और
5:11:39फायदा भी है कि तुमको पावर दे तो दी थी
5:11:41तुम ही स्कूल खुद ही नहीं बनाते हो तुम ही
5:11:42हॉस्पिटल खुद ही नहीं बनाते तो बेटर है कि
5:11:44डेलीगेट कर दो लेट देम लुक इन टू इट राइट
5:11:47लेट देम हैंडल देन नेशनलिज्म ग्रो कर रहा
5:11:50है राइट 187 1860 का दौर है राइज ऑफ
5:11:54नेशनलिज्म धीरे-धीरे हो रहा है पॉलिटिकल
5:11:56राइजिंग धीरे-धीरे धीरे-धीरे हो रही है
5:11:58राइट और जब पॉलिटिकल अराइजिंग इस तरह से
5:11:59हो रही है या फिर जो है नेशनलिज्म ग्रो कर
5:12:01रहा है तो कहीं ना कहीं इस तरह की
5:12:03पॉलिटिकल डिमांड भी है कि हमको भी इलेक्शन
5:12:05लड़ना है कम से कम लोकल ही दो कम से
5:12:07कम यहीं पे कुछ पावर दे दो तो राइजिंग
5:12:08टाइड ऑफ नेशनलिज्म कहीं ना कहीं इस तरह की
5:12:10डिमांड भी कर रही है कि बेसिक फैसिलिटी
5:12:12बेटर होनी चाहिए हमें यहां पे ये चाहिए
5:12:14हमें यहां पे वो चाहिए और ये भी मांगता है
5:12:16कि हां इन्हीं को दे दो डेलीगेट कर दो देन
5:12:19देन एसोसिएशन ऑफ इंडियंस इज आल्सो
5:12:21इंपोर्टेंट विद दी एडमिनिस्ट्रेशन बिकॉज
5:12:23बिकॉज इससे उनका पॉलिटिकल इंप्रूवमेंट भी
5:12:25होगा और मोस्ट इंपोर्टेंट जो उनका उनका जो
5:12:27जो है ख्वाहिश है या जो उनका जो चैलेंज है
5:12:29या फिर उनकी जो शिकायत है कि हां जो है हम
5:12:31लोग लोग हम लोग कहीं भी यू कैन से
5:12:33एसोसिएटेड नहीं है ये काफी हद तक सॉल्व
5:12:36होगा हमारा बेटर रिलेशनशिप हो पाएगा ऐसा
5:12:38अंग्रेजों को लग रहा है एंड दैट इज आल्सो
5:12:40वन ऑफ द रीजन कि हां थोड़ा थोड़ा सा जो है
5:12:43इसको तवज्जो दी जा रही है इसको इसको ऐसे
5:12:45भी देखो कि कोई पॉलिटिकल लीडर है इसको काम
5:12:48दे दो तो ये क्या करेगा डिमांड कम करेगा
5:12:50समझ रहे हो कि यहां अगर कोई लोकल बॉडी में
5:12:52इसको बिठा दोगे और कहोगे कि ठीक है यहां
5:12:54की रोड बनवाओ तो बैठा रहेगा रोड बनता
5:12:56रहेगा देखता रहेगा तो बारबार बार-बार
5:12:58डिमांड नहीं करेगा तुमने ये नहीं किया
5:12:59तुमने वो नहीं किया एटस वो चुपचाप बैठ के
5:13:01रोड देखेगा फिर तो ये भी एक कहीं ना कहीं
5:13:03रीजन था कि अगर हम ये लोकल बॉडीज लोकल
5:13:05गवर्नमेंट्स अगर लेकर आ जाएंगे तो फिर जो
5:13:07है ये डिमांड्स कहीं ना कहीं हमारी कम हो
5:13:09जाएंगी राइट है ना कहीं ना कहीं हम इस
5:13:11डिमांड को इस पॉलिटिकल अपराइज को थोड़ा सा
5:13:13दबा देंगे प्लस लोकल टैक्सेस का
5:13:15यूटिलाइजेशन जो है अच्छे से होने लगेगा
5:13:18एंड मोस्ट इंपोर्टेंट जो हम सवाल उठाते
5:13:20रहते हैं कि हमारा लोकल टैक्स ठीक से हो
5:13:22नहीं रहा है राइट है ना आप जो है अपर
5:13:24ग्रासेस को ठीक से टैक्स नहीं कर रहे हो
5:13:26राइट है ना आप कुछ जो है डेवलपमेंट हमारे
5:13:28यहां लेकर नहीं आ रहे हो ये सारे सवाल जो
5:13:30है खत्म हो जाएंगे लोकल वेलफेयर अगर आपको
5:13:33जो भी करना है लोकल बॉडी को जो भी करना है
5:13:35अब वोह कर
5:13:37पाएंगे राइट सो दिस इ दिस इज वई कि हां अब
5:13:40ये लोकल बॉडीज अंग्रेजों ने भी कहा कि ठीक
5:13:42है कर लो करके देखो अच्छी बात है राइट
5:13:44हैना तो उन्होंने भी इसको कहीं ना कहीं
5:13:46सपोर्ट किया सो दिस इज वई दिस इज व वी हैव
5:13:49लोकल बॉडीज नाउ लेट्स टॉक अबाउट इवोल्यूशन
5:13:51कि हा ये कैसे शुरू हुआ इवोल्यूशन ऑफ लोकल
5:13:54गवर्नमेंट तो कहानी शुरू होती है 64 68 के
5:13:57दौर में राइट
5:13:5918646 के दौर में जहां पर हम पहली बार
5:14:03पहली बार सुनते हैं है ना कि 1860 तो अभी
5:14:05181 या 188 में ही कहानी चालू ही हुई है
5:14:08सेकंड हाफ की 181 में एक्ट ही आया है राइट
5:14:12है ना और फिर तुरंत ही बात हो रही है कि
5:14:14हां चलो लोकल बॉडी भी बना दो भाई तुरंत ही
5:14:17बन गई लोकल बॉडी तो पहली बार जो शुरुआत
5:14:20हुई है वह 6468 के दौर में चालू हो चुका
5:14:22है बिटवीन 184 एंड
5:14:24186 बट अभी जो लोकल बॉडीज क्रिएट हो रही
5:14:28है कि हां किसी प्रोविंस में एक
5:14:30डिस्ट्रिक्ट में जो लोकल बॉडी
5:14:33बनी इसमें इसमें जो भी लोग जा रहे हैं दीज
5:14:36आर नॉमिनेटेड
5:14:39नॉमिनेटेड नॉमिनेटेड मेंबर्स है इलेक्शन
5:14:42का कोई कांसेप्ट अभी है नहीं प्लस जो डीएम
5:14:45है डीएम ही लीड कर रहा है तो क्या ही
5:14:46फायदा हुआ अगर इसी को लीड करना था तो यह
5:14:49तो इसी काम के लिए बैठा ही है इसको सैलरी
5:14:51इसी काम के लिए देते हैं तो यह लोकल बॉडी
5:14:53बना के क्या ही कर रहा है राइट है ना कि
5:14:55कुछ लोग जो है को नॉमिनेट कर लिया जिससे
5:14:57उसकी बनती है उनका यह 15-20 लोगों का टीम
5:14:59बना लिया राइटन और फिर उनसे क और पैसे
5:15:02लेके आओ ये कर लेते हैं वो कर लेते हैं तो
5:15:04दिस इज नॉट लोकल यू कैन से लोकल गवर्नमेंट
5:15:06इन द रियल सेंस राइट है ना ये एंप्लॉई है
5:15:09नॉर्मली लोगों के साथ अच्छा नेटवर्क बना
5:15:10के वैसे भी काम करना चाहिए इट इज नॉट प
5:15:13एंपावरिंग यू कैन से एंपावरिंग पीपल इन द
5:15:15राइट सेंस एग्जैक्ट सेंस जिसमें लोकल बॉडी
5:15:18होना चाहिए तो ये 64 68 का इनिशियल
5:15:20डेवलपमेंट क्या ये मैटर करता है नहीं ये
5:15:22मैटर तो देखो नहीं करता है देन देन बात आई
5:15:26मेयो की है ना फिर से वई मेयो आई मोई मोए
5:15:28वाले राइट मेयो तो मेयो इन 187
5:15:32तो 187 में जो बात अभी हमने थोड़ी देर
5:15:34पीछे सीखी ऑफ फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन
5:15:42जिसमें हमने कहा कि हां भाई सेंटर कह रहा
5:15:45है सेंटर कह रहा है प्रोविंसेस से कि
5:15:48तुमको हम कुछ कुछ पैसे
5:15:50देंगे राइट है ना कि हां सेंटर कह रहा है
5:15:53प्रोविंसेस से कि तुमको हम कुछ कुछ पैसे
5:15:55देंगे उसके बदले जो है उसके बदले आप क्या
5:15:57करिए उसके बदले जो है यू नो हम आपको उसके
5:16:00बदले आप कुछ हेड जो हैं यानी रोड पुलिस
5:16:03एजुकेशन हेल्थ ये सारी चीजें क्या कर लो
5:16:05प्रोविंस को दे दो तो प्रोविंस को यहां पे
5:16:08इन्होंने ये सारी चीजें यहां पे पकड़ा दी
5:16:10तो मेयो का जो रेजोल्यूशन है राइट मेयो
5:16:13रेजोल्यूशन
5:16:16राइट तो मेयो रेजोल्यूशन अगर हम देखें
5:16:19मेयो रेजोल्यूशन
5:16:23इसको भी टाइम लाइन प डालते हैं थोड़ा सा
5:16:27इजी हो जाएगा आपके
5:16:29लिए थोड़ा सा पेशेंस
5:16:32आई अंडरस्टैंड कि हां ये काफी लंबी क्लास
5:16:33है लेकिन लेकिन थोड़ा सा पेशेंस बिकॉज आई
5:16:37विल शो यू कि अगर हम खाली एक्ट वाला
5:16:39सिस्टम पकड़े तो भी जो है हर साल सवाल आते
5:16:43हैं यहां से तो 64 68 में अगर हम देखें
5:16:46हमने कहा लोकल बॉडीज बनना चालू हुई
5:16:49है बट इसमें हमने दो प्रॉब्लम समझी एक तो
5:16:52सारे नॉमिनेटेड
5:16:54मेंबर्स और दूसरा डीएम ही लीड कर रहा है
5:16:56तो फायदा ही क्या है पहली बार पहली बार
5:16:59हमने देखा
5:17:02मेयो को मेयो रेजोल्यूशन
5:17:05और हमने देखा कि हां जो है
5:17:08सेंटर ग्रांट दे रहा
5:17:11है प्रोविंस
5:17:15को प्रोविंस को और मे मेयो का रेजोल्यूशन
5:17:18जो है मे जो बात कह रहे हैं लेट मी टेल यू
5:17:20अबाउट जो है मेयो ने क्या कहा तो मेयो का
5:17:23रेजोल्यूशन इज अबाउट लोकल इंटरेस्ट
5:17:25सुपरविजन एंड केयर राइट तो व्ट ही मींस इ
5:17:29ही मीन कि हां भाई लो लोकल इंटरेस्ट जो
5:17:33है लोकल
5:17:36इंटरेस्ट
5:17:39सुपरविजन सुपरविजन केयर यह बहुत जरूरी है
5:17:44राइट है ना यह बहुत जरूरी है फॉर सक्सेस
5:17:46इन द मैनेजमेंट ऑफ द फंड्स डिवोेडली
5:17:49रिलीफ एंड लोकल पब्लिक वर्क्स यहां जो
5:17:52लोकल जो अगर केयर होगी अगर लोकल सुपरविजन
5:17:55होगा लोकल जो है अंडरस्टैंडिंग होगी तो जो
5:17:57भी फंडस डिवॉल्व करे जा रहे हैं फॉर ल दिस
5:18:00पर्पस इनका बेटर यूटिलाइजेशन हो पाएगा अब
5:18:03ऐसा विचार सुनके राइट बहुत सारी जो जो है
5:18:06प्रोविंशियल गवर्नमेंट्स थी है ना बिकॉज
5:18:08ऑफ दिस रेजोल्यूशन अ लॉट ऑफ प्रोविंशियल
5:18:11गवर्नमेंट्स प्रोविंसेस जैसे कि जैसे कि
5:18:14बोले तो
5:18:16बंगाल राइट देन
5:18:18पंजाब तो बंगाल है पंजाब है मद्रास है
5:18:22बंगाल मद्रास पंजाब राइट ठीक है इतना राइट
5:18:27सो व्हाट दे डिसाइडेड कि हां भाई ठीक है
5:18:29जो है हम हम लोग क्या करेंगे हम इस पॉलिसी
5:18:32के लिए मुंसिपल एक्ट्स लेकर आएंगे तो दे
5:18:34स्टार्टेड ब्रिंगिंग मुसिपालिटी
5:18:37एक्ट्स कि हम लोग लोकल गवर्नमेंट क्रिएट
5:18:41करेंगे तो बिकॉज ऑफ दिस स्टार्ट ऑफ
5:18:44डिसेंट्रलाइजेशन एक कम से कम मोहिम छड़ी
5:18:46प्रोविंसेस में कि हां बात आपकी ठीक है कि
5:18:49हां लोकल इंटरेस्ट मेंटेन करना होगा हमें
5:18:51राइट सुपरविजन चाहिए लोकल केयर चाहिए तभी
5:18:53बात बनेगी और ये तभी हो पाएगा जब हमारे
5:18:55पास मुसिपालिटी हो है ना इस तरह की लोकल
5:18:58बॉडीज हो एटलीस्ट शहरों में शहरों में एक
5:19:00मुसिपालिटी
5:19:01पार्टी जनरली शहरों में होती है गांव में
5:19:03होती है पंचायत राइट और उसके ऊपर
5:19:04डिस्ट्रिक्ट प होता है डिस्ट्रिक्ट बोर्ड
5:19:06राइट है ना तो जो है ऐसे समझे बात पढ़ा ही
5:19:08होगा य सब पॉलिटी में है ना तो जो है अगेन
5:19:10डिस्ट्रिक्ट में डिस्ट्रिक्ट बोर्ड होगा
5:19:12शहरों में जो है मुसिपालिटी होगी टाउंस
5:19:14में और विलेजेस में पंचायत होगी राइट तो
5:19:17कह रहे कि हां मुसिपालिटी से तो कम से कम
5:19:19बात शुरू करी जाए लोकल बॉडी से बात शुरू
5:19:21करी जाए तो यह बात यहीं पर अभी खत्म हो गई
5:19:23अभी बात बहुत बढ़ी नहीं बात बढ़ी जब आए
5:19:26रिपन रिपन तो रिपन आते हैं 1880 में और
5:19:3418828 2 के आसपास रिपन भी अपना स्टेटमेंट
5:19:38देते हैं व्हिच इज कॉल्ड एस रिपन
5:19:40रेजोल्यूशन
5:19:42रिपन रेजोल्यूशन तो रिपन भी अपना
5:19:45स्टेटमेंट देते हैं और कहते हैं कि हां जो
5:19:47है जो फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन किसी
5:19:51जमाने में मेयो भैया ने किया था वैसा ही
5:19:54फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन आज हमको करना
5:19:56होगा प्रोविंसेस में फॉर दी फॉर दी लोकल
5:20:00गवर्नमेंट तो सेम फाइनेंशियल
5:20:02डिसेंट्रलाइजेशन ही इज रिकमेंडिंग कि जो
5:20:04फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन हमने
5:20:06प्रोविंसेस के लिए देखा था सेम होना चाहिए
5:20:09प्रोविंसेस द्वारा लोकल गवर्नमेंट में
5:20:11राइट कि प्रोविंसेस को वैसा ही करना चाहिए
5:20:14टू द लोकल गवर्नमेंट जैसा किसी जमाने में
5:20:17सेंटर ने प्रोविंस को किया था सेंटर ने
5:20:19प्रोविंसेस को कहा था कि हां एक हम
5:20:21फिक्स्ड ग्रांट देंगे पैसा देंगे वैसा ही
5:20:24आज प्रोविंसेस को लोकल गवर्नमेंट के लिए
5:20:27करना चाहिए लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के लिए
5:20:29करना चाहिए एंड एंड यही रीजन है कि रिपन
5:20:32को फादर ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट कहा गया
5:20:36है क्योंकि एक्चुअली कहानी यहां से शुरू
5:20:44हुई या तो सेम सेम इन्होंने कहा कि सेम
5:20:47कांसेप्ट आप लोग लगाइए जैसा कभी सेंटर ने
5:20:49प्रोविंस को पैसा दिया है और बोला ये ये
5:20:50हेड मैनेज करो ऐसा ही ऐसा ही प्रोविंसेस
5:20:53को करना चाहिए विद देर लोकल गवर्नमेंट्स
5:20:55और उनको पैसे भी दे देने चाहिए और बोलना
5:20:57चाहिए कि ये चीजें मैनेज करो दिस इज हाउ
5:20:59यू शुड गो अहेड तो रिपन लशन ऑफ
5:21:0918828 है ना कि अगर डेवलपमेंट ऑफ द लोकल
5:21:12बॉडीज हो रही है तब फिर आपकी पॉलिटिकल और
5:21:15पॉपुलर एजुकेशन होगी यस लोग सीखेंगे
5:21:17पॉलिटिकल एंपावरमेंट होगा पॉलिटिकल
5:21:19एजुकेशन होगी वहीं फिर आगे जाके वहां पे
5:21:22ग्रोथ डेवलपमेंट हो सकता है प्लस प्लस जो
5:21:25लोकल अफेयर्स हैं क्या वो बेटर मैनेज हो
5:21:27सकते हैं अगर अर्बन और लोकल बॉडीज रूरल
5:21:30लोकल बॉडीज मुसिपालिटी और पंचायत वगैरह जो
5:21:32है हो जाएंगी और इनको डेफिनेट ड्यूटीज दे
5:21:35दिया जाएगा राइट और प्लस रेवेन्यू भी दे
5:21:38दिया जाएगा देखो दोनों बातें इंपॉर्टेंट
5:21:40है राइट है ना खाली लोकल बॉडी बना के कुछ
5:21:43नहीं होगा नाउ अगेन सिंपल
5:21:46फंडा कि आप कहे कि हां सर जो है यहां पे
5:21:49एक डिस्ट्रिक्ट में राइट एक डिस्ट्रिक्ट
5:21:51है और हम लोगों ने उसका एक लोकल सेल्फ
5:21:53गवर्नमेंट बना दिया लोकल सेल्फ
5:21:57गवर्नमेंट और इसमें इसमें लेट्स से लेट्स
5:22:00से जो है
5:22:02इलेक्टेड मेंबर्स ले आया है ना इलेक्टेड
5:22:04मेंबर्स भी ले आया बन गई बॉडी अब इसमें दो
5:22:08बातें इंपॉर्टेंट है एक तो इनको बताना
5:22:10पड़ेगा कि इनको काम क्या करना है इनको
5:22:12टास्क असाइन करने पड़ेंगे कि कौन-कौन से
5:22:14हेड में ये काम कर सकते हैं दिस इज वन
5:22:16थिंग बट उससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है
5:22:19कि दे शुड हैव इनफ फाइनेंस अगर फाइनेंस
5:22:23नहीं है पैसा नहीं है तो यह कोई टास्क
5:22:26नहीं कर सकते बाकी फिर सब पेपर प है राइट
5:22:29है ना कागजा जो है कागजी कुछ भी ख्याल
5:22:31बनाते रहो ख्याली पुलाव पकाते रहो उससे
5:22:33कोई फायदा नहीं होगा
5:22:35अंट्स ऑफ फाइनेंस नाउ दिस फाइनेंस कैन बी
5:22:39गिवन बाय प्रोविंस दिस इज वन थिंग कि
5:22:41प्रोविंस उनको कुछ पैसा दे दे या फिर दे
5:22:44शुड अरेंज
5:22:50लोकली है ना कि या तो लोकली अरेंज करो या
5:22:53फिर जो है या फिर जो है सेंटर प्रोविंसेस
5:22:55से पैसे मांगो दोनों में से एक चीज तो
5:22:57करनी पड़ेगी ना लोकली अरेंज करने के भी
5:22:59लिमिटेशन है सेंटर से प्रोविंसेस से पैसा
5:23:01लेने में भी लिमिटेशन प्रोविंस चाहेगा कि
5:23:04हां ये जो लोकल गवर्नमेंट है ये हमारे
5:23:05कंट्रोल में रहे राइट ज्यादा हाथ से निकल
5:23:07ना जाए कुछ भी ना करने लगे पैसा पता नहीं
5:23:09इधर उधर बहाने ना लग जाए क्योंकि जैसे ही
5:23:11आप कहेंगे कि हां करना है तो कुछ भी कहने
5:23:13लगेंगे कहेंगे कि हां हमको स्टेट ऑफ आर्ट
5:23:15स्कूल क्रिएट करना है इंटरनेशनल स्कूल
5:23:17क्रिएट करना है ऐसे 1200 स्कूल क्रिएट
5:23:18करने हैं घर-घर के सामने स्कूल होना चाहिए
5:23:21ऐसे कुछ भी क्रिएट करने लग जाएंगे राइट है
5:23:23ना तो ऐसा कहीं हाथ से निकल ना जाए राइट
5:23:25कुछ भी ना मांगने लग जाए कह रहे कि हमारे
5:23:26यहां जो है गांव में ऐसा यू नो सिक्स लेन
5:23:29रोड बनाना है गांव में क्यों क्योंकि लेके
5:23:31जाना है अरे क्यों भाई है ना तो मे बी इट
5:23:33विल नॉट मेक सेंस तो इट इज इंपोर्टेंट टू
5:23:35हैव प्रॉपर कंट्रोल तो प्रोविंस इज वड
5:23:37अबाउट कंट्रोल तो वो पैसा पूरा देगा नहीं
5:23:41दूसरा उसके पास खुद भी फाइनेंशियल क्रंच
5:23:43होता है ऐसा भी नहीं कि उसके पास पैसे
5:23:44कॉफर्स भरे हुए हैं और बस बांटने की देर
5:23:46है राइट वो भी दिक्कत है वो सेंटर से खुद
5:23:48ही पैसा मांग रहा है तो एक तो फाइनेंशियल
5:23:50क्रंच ऊपर से है लोकली लोकली एक तो ऑलरेडी
5:23:54लोग टैक्स दे रहे हैं इनकम टैक्स एट्स
5:23:56एट्स दे रहे हैं अब आप कहिए कि हम एक लोकल
5:23:58टैक्स और लगा लेंगे आपकी प्रॉपर्टी के ऊपर
5:24:01टोल के ऊपर कि आप नाला क्रॉस कर रहे हैं
5:24:03नाले के ऊपर बीच में खड़े हो गए क ₹10
5:24:05निकालो राइट क्यों क्योंकि हां लोकल लोकल
5:24:07जो है हमको अरेंजमेंट करना है राइट या फिर
5:24:09जो है आप कहीं यू नो पानीपुरी खाने गए
5:24:11आपको बोला एक पानीपुरी का पैसा आपको देना
5:24:13पड़ेगा लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के लिए लोग
5:24:15बुरा मानने लगेंगे कहेंगे दोबारा इस आदमी
5:24:17को वोट मत देना तो ये आदमी इलेक्ट दोबारा
5:24:19नहीं हो पाएगा अगर उसने ये काम शुरू किया
5:24:21तो लोकली पैसा मांगना भी आसान नहीं है
5:24:23राइट ये सोचो कि हां ठीक है हम अपना खुद
5:24:25ही अपने हिसाब से क्रिएट कर लेंगे फंड इट
5:24:27इज आल्सो नॉट एन इजी टास्क कि लोग आपको
5:24:29सपोर्ट नहीं करेंगे तो ऊपर से भी पूरा
5:24:31सपोर्ट नहीं मिल रहा लोग भी प्रॉपर सपोर्ट
5:24:33नहीं देंगे जैसे ही आप एक्स्ट्रा पैसा
5:24:35मांगे तो दिक्कत तो देखो है तो फाइनेंशियल
5:24:37इशू हमेशा रहेगा आज भी रहता है राइट है ना
5:24:39आज भी सेम ही प्रॉब्लम है एनीवे तो व्ट
5:24:42व्हाट ही सेइंग कि हां भाई ठीक है जितना
5:24:44पैसा दे सकते हो ऐसा भर भर के पैसा मत दो
5:24:46बट जितना दे सकते हो उतना तो देने की
5:24:48कोशिश करो तो रेवेन्यू थोड़ा सा इनको दो
5:24:50जितना जरूरी है उतना तो देना चाहिए प्लस
5:24:53नॉन ऑफिशल्स जो हैं नॉन ऑफिशल्स मेजॉरिटी
5:24:56में होने चाहिए अब ब्रिटिश सरकार के तरफ
5:24:58से देखो कि अगर ये इलेक्टेड मेंबर्स
5:25:01इलेक्टेड मेंबर है चार और इसमें कुछ कुछ
5:25:05ऑफिशियल मेंबर बिठा दिए गए अब आप कहेंगे
5:25:07सर ऑफिशियल मेंबर्स की क्या जरूरत है भाई
5:25:09देखो जरूरत है ऑफिशियल मेंबर्स की भी
5:25:12जरूरत है क्यों क्योंकि प्रोविंस से पैसा
5:25:14लेकर आना है उस सरकार से कोऑर्डिनेट करना
5:25:16है उस सरकार का एक्सपीरियंस यूज करना है
5:25:18तो अगर कोई ऑफिशियल मेंबर भी होगा डीएम
5:25:20होगा मे भी डीएम का कोई एंप्लॉई होगा डीएम
5:25:22का सेक्रेटरी होगा तो बगल में बैठेगा तो
5:25:24उससे बात करेंगे कि ये वाली पॉलिसी कराओ
5:25:26राइट एक रोड सैंक्शन कराओ राइट है ना यहां
5:25:28पे एक रोड होनी चाहिए यहां या फिर जो है
5:25:29उधर से फंड का जुगाड़ करो फंड बढ़वार
5:25:32मेंबर्स का होना जरूरी तो है यह तो नहीं
5:25:34कह सकते कि जरूरी नहीं राइट जरूरी है बट
5:25:37ऐसा हो कि इलेक्टेड मेंबर चार हो ऑफिशियल
5:25:39नंबर 40 हो तो फिर क्या ही फायदा क्यों
5:25:41बैठा है यह जो है इलेक्टेड वाला तब तो
5:25:43वैसे ही बात खत्म हो जाएगी तो नॉन ऑफिशियल
5:25:46मेजॉरिटी होना चाहिए देन एंड ओनली देन जो
5:25:48है इट मेक्स सेंस और अगर पॉसिबल है तो नॉन
5:25:52ऑफिशियल के साथ-साथ इलेक्टेड होना
5:25:55चाहिए राइट है ना खाली ये जो नॉन ऑफिशियल
5:25:58हम देख रहे हैं यह नॉन ऑफिशियल हो सकता है
5:26:01नॉमिनेटेड
5:26:02हो कि हां भाई गवर्नमेंट का एंप्लॉई नहीं
5:26:05है बट बट गवर्नर ने नॉमिनेट कर रखा है देन
5:26:08आल्सो इट विल नॉट मेक सेंस तो नॉमिनेटेड
5:26:10से भी ज्यादा अच्छा होता है बेस्ट जो होता
5:26:12है वो
5:26:13इलेक्टेड बट इलेक्टेड के लिए जो गवर्नर है
5:26:17जो डीएम है उनकी उनकी रजामंदी भी चाहिए कि
5:26:19हां भाई इलेक्शन कराना है पॉसिबल है नहीं
5:26:21है फीजिबल है राइट इलेक्शन में अपने आप
5:26:23खर्चा लगता है तो अगेन इलेक्टेड की अपनी
5:26:26जो है रिस्ट्रिक्शन है नॉमिनेशन आसान है
5:26:28पसंद के पांच लोग कह दो कि बैठो बस बात
5:26:30खत्म हो गई तो डेफिनेटली ये जो नॉन
5:26:33ऑफिशियल मेंबर्स हैं नॉन ऑफिशियल मेंबर्स
5:26:35में अगर पॉसिबल हो तो पहली बात तो नॉन
5:26:38ऑफिशियल ज्यादा होने चाहिए और दूसरी बात
5:26:41अगर पॉसिबल हो तो इलेक्शन पे रिलाई करो
5:26:44नॉमिनेशन पे कम रिलाई करो राइट दिस इज वन
5:26:47थिंग व्हिच ये सारी बातें बाय द वे जो है
5:26:48मैं नहीं कह रहा हूं ये सारी बातें रिपन
5:26:51कह रहे हैं ध्यान रखना रिपन की बातों का
5:26:52डिस्कशन कर रहे हैं प्लस कह रहे हैं कि जो
5:26:55चेयर पर्सन है ये भी नॉन ऑफिशियल आदमी
5:26:57वाला होना चाहिए ये नहीं कि डीएम का आदमी
5:26:59चेयरमैन बन के बैठा हुआ है जहां तक पॉसिबल
5:27:03हो ऑफिशियल इंटरफरेंशियल
5:27:05रखिए कम रखिए ताकि ये जो नॉन ऑफिशियल
5:27:08मेंबर्स हैं ये जो है अपनी पॉलिसी अपनी
5:27:10बातें आगे रख सके और जो है इसको
5:27:12एग्जीक्यूट कर सके राइट गवर्नमेंट का
5:27:15पर्पस सिर्फ और सिर्फ उनको चेक करना है कि
5:27:17कहीं वो हाथ से निकल ना जाए कुछ ऐसा ना
5:27:19करने लगे जो कि उन्हें नहीं करना चाहिए
5:27:21राइट तो सिर्फ और सिर्फ चेक करने के लिए
5:27:23आप लोग वहां पे हैं अदर वाइज एंपावर देम
5:27:25लेट देम नो लेट देम फील कि हां जो है वो
5:27:28खुद ही इनिशिएटिव ले रहे हैं और फिर वो
5:27:30खुद इनिशिएटिव लेंगे कई बार ऐसा होता है
5:27:32कि हां अगर वो एंपावर्ड है तो लोगों से
5:27:34जाके चंदा इकट्ठा करके खुद ही कंट्रीब्यूट
5:27:37करके दे विल डू समथिंग एंड इंश्योर कि हां
5:27:39प्रोजेक्ट्स वगैरह रोड्स वगैरह कंप्लीट हो
5:27:42जाए राइट देन कुछ चीजों में ऑफिशियल
5:27:44सैंक्शन चाहिए होगा जैसा कि आपने समझा कि
5:27:47हां ऐसा हाथ से निकल नहीं आना चाहिए तो
5:27:49कुछ चीजों में जैसे फॉर एग्जांपल नया
5:27:51टैक्स लगाना है राइट है ना आर्बिट्रेरी
5:27:53कुछ नहीं कि हां जो है लोकल बॉडी को लगा
5:27:55कि नहीं अब जो है इस रोड पर चलने के लिए
5:27:57आपको 000 देने पड़ेंगे है ना हर कोई 2000
5:28:00ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए तो इट इज
5:28:01इंपोर्टेंट कि अगर कोई नया टैक्स लगाने जा
5:28:03रहा है क्योंकि उसके रिपर कशन है लोग
5:28:05कहेंगे क्यों राइट तो न्यू टैक्सेस लगाने
5:28:07से पहले सवाल उठना चाहिए गवर्नमेंट की
5:28:10गवर्नमेंट की परमिशन चाहिए कोई नया काम ले
5:28:12रहे हैं जिसका जिसका जो खर्चा है वो बहुत
5:28:15ज्यादा है है ना तो डिस्कशन होना चाहिए कि
5:28:17भाई इतना खर्चा क्यों करना है कोई नया रूल
5:28:19कोई नया बाय लॉ एट सेक्ट कु बना रहे हैं
5:28:22उसके लिए उसके लिए जो है पहले परमिशन भी
5:28:25चाहिए तो ऐसा ऐसी सारी बातें किसने कही
5:28:28रिपन ने कही कि वी शुड गो फॉर सच लोकल
5:28:31बॉडीज व्हिच आर एंपावर्ड जिसमें नॉमिनेटेड
5:28:33मेंब ज्यादा हैं जो हेड है वो भी
5:28:35नॉमिनेटेड मेंबर है राइट इलेक्टेड इलेक्शन
5:28:37हो सकता है तो देयर शुड बी इलेक्टेड
5:28:39मेंबर्स राइट है ना प्लस प्लस दे शुड बी
5:28:41एंपावर्ड एसा ऑफिशियल इंटरफेरेंस मिनिमम
5:28:43होना चाहिए बट रिक्वायर्ड है ऑफिशियल
5:28:45इंटरफेरेंस कि कोई हाथ से बाहर ना निकल
5:28:47जाए नाउ नाउ तो नाउ जो है नाउ द एसिस्टिंग
5:28:51लोकल बॉडीज वी सी कि यहां इनके टाइम में
5:28:53जो लोकल बॉडीज हैं उनके बहुत सारे
5:28:54ड्रॉबैक्स भी है तो एक दूसरा डिस्कशन कि
5:28:57ड्रॉबैक्स क्या-क्या है राइट है ना
5:28:59दिक्कतें कहां-कहां फेस हो रही है ये
5:29:01समझते हैं कि हां ये तो रिपन कह के चले गए
5:29:03लेकिन हां फिर इशू कहां-कहां आ रहे हैं
5:29:05कहां-कहां हम लोग नहीं सरवाइव कर पाए या
5:29:07लोकल बॉडीज क्यों अच्छा परफॉर्म नहीं करती
5:29:09लेट अस अंडरस्टैंड दैट तो फर्स्ट पॉइंट इज
5:29:12कि यहां जो इलेक्टेड मेंबर्स हैं वो हमेशा
5:29:14माइनॉरिटी में रहे अब आप समझ गए कि हां
5:29:16भाई क्यों क्या फर्क पड़ता है तो इलेक्टेड
5:29:18मेंबर्स आगे की जो बॉडीज बनी राइट है ना
5:29:21कि रिपन के हिसाब से तो विजन था ये क ऐसे
5:29:23लोकल बॉडीज बननी चाहिए ऐसा होना चाहिए
5:29:25वैसा होना चाहिए बट एक्चुअली हुआ क्या और
5:29:27प्रॉब्लम क्या है तो वी विल सी कि जो
5:29:29एक्चुअल इंप्लीमेंट टेशन हुआ आफ्टर रिपन
5:29:31वी विल फाइंड कि यहां जो लोकल बॉडीज
5:29:33क्रिएट हो रही है उसमें इलेक्टेड मेंबर्स
5:29:35खुद ही माइनॉरिटी में है राइट है ना तो जो
5:29:38है क्या ही करेंगे प्लस फ्रेंचाइजी भी
5:29:40बहुत लिमिटेड है अगर इलेक्शन हो भी रहा है
5:29:41तो कुछ ही लोग अमीर लोग ही वोट कर रहे हैं
5:29:43उससे भी कोई फायदा नहीं है प्लस
5:29:45डिस्ट्रिक्ट बोर्ड जो है उसमें अभी भी
5:29:47डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर ही हेड कर रहा
5:29:49है डिस्ट्रिक्ट के ऑफिशियल जो ऑफिशियल
5:29:52मेंबर्स है वही हेड करते हैं नॉन ऑफिशियल
5:29:54मेंबर्स जो है हैं लेकिन जो है यू नो वही
5:29:56डिस्ट्रिक्ट ऑफिशल्स का हेडिंग है राइट
5:29:58वही प्रोसाइट कर रहे हैं प्लस गवर्नमेंट
5:30:00जो है ओवरऑल स्ट्रिक्ट कंट्रोल लेके बैठी
5:30:02हुई है बिल्कुल फ्री हैंड दे ही नहीं रही
5:30:04है कभी-कभी जरूरत पड़ने पे लोकल बॉडी को
5:30:06सस्पेंड करने दे रही है ऐसा रियल
5:30:08एंपावरमेंट नहीं आया ऐसा रिपन का सपना था
5:30:11रिपन इज अ इज अ जो है यू कैन से डेमोक्रेट
5:30:14वो मा मानते हैं कि हां जो है मैं
5:30:15डेमोक्रेसी में विश्वास करता हूं और
5:30:17डेमोक्रेसी होनी चाहिए और उसी का एक एक जो
5:30:19है यू कैन से रिजल्ट है कि ही वांटेड कि
5:30:21लोकल सेल्फ गवर्नमेंट होना चाहिए राइट
5:30:23सारे गवर्नर जनरल से मैं कहता हूं अगर कोई
5:30:26भगवान है तो वो रिपन ही है बाकी ऐसे बाकी
5:30:28ऐसे हैं कि उसके आगे भगवान ही लगता हो
5:30:30राइट है ना कि हां भाई वो ऐसा सोच रहा है
5:30:31कि ऐसा होना चाहिए बट ऐसा हुआ नहीं राइट
5:30:33रियल इंप्लीमेंटेशन इफ यू सी रियल
5:30:35इंप्लीमेंटेशन इज नॉट एगजैक्टली क्लोज टू
5:30:38व्हाट रिपन हैड
5:30:40थॉट नाउ आफ्टर दिस देयर वाज रॉयल कमीशन ऑन
5:30:43डिसेंट्रलाइजेशन तो आफ्टर आफ्टर कर्जन
5:30:46कर्जन ने भी बाय द वे एक स्टेप लिया था हम
5:30:48याद आ रहा है तो कर्जन ने क्या किया था
5:30:50कर्जन ने कलक काउंसिल में राइट है ना
5:30:53कलकता काउंसिल में जो कलकाता की
5:30:54मुसिपालिटी बॉडी थी उसमें इलेक्टेड
5:30:57मेंबर्स घटा दिए थे तो आप समझ सकते हैं कि
5:30:59जब कर्जन जो गवर्नर जनरल है वो ऐसी हरकतें
5:31:02कर रहा है तो बाकी जगह क्या ही हो रहा
5:31:04होगा एनीवे तो 1908 में एक और रॉयल कमीशन
5:31:09आया 1908 रॉयल कमीशन इन्होंने थोड़ी सी और
5:31:13राय दी है ना राय है खाली कि हां देखो
5:31:15ऐसे-ऐसे कर लो ऐसा क्यों नहीं कर लेते कुछ
5:31:17लोग देते हैं ना यूपीएससी प्रिपरेशन में
5:31:18राय कि जो है 12 घंटे क्यों नहीं पढ़ लेते
5:31:21हो राइट सोते क्यों हो जगते ही क्यों हो
5:31:23है ना तो राय वैसी ही राय है ये राइट है
5:31:26ना तो 1908 की एक राय है व्हिच इज रॉयल
5:31:28कमीशन ऑन डिसेंट्रलाइजेशन
5:31:34दिस इज
5:31:36रॉयल
5:31:40कमीशन
5:31:41ऑन डिसेंट्रलाइजेशन मुद्दा उठा के क्यों
5:31:46नहीं कर पा रहे हम लोग क्यों यह लोकल
5:31:48बॉडीज जो है यह अच्छा परफॉर्म नहीं कर रही
5:31:51राइट है ना इसको जरा समझते हैं तो अगेन
5:31:55मुद्दे वही के वही है है ना एक बार इसको
5:31:57भी जट डाउन करते हैं समझते हैं कि हा
5:31:59क्यों नहीं जो है हो पा रहा है इन्होने
5:32:01कहा कि देखो दिक्कत है कुछ कुछ है नाय
5:32:03समझिए तो कह रहे जो गांव की पंचायत है
5:32:06राइट इनको आपको और और पावर रिकमेंडेशन है
5:32:10राइट इशू नहीं सॉरी ट आर नॉट इशू आर
5:32:13रिकमेंडेशन की हा क्या क्या करना
5:32:16चाहिए सो सो तो इनका इनका जो रॉयल कमीशन
5:32:20जो है रॉयल कमीशन रॉयल
5:32:23कमीशन इसने जो इशू ढूंढा है देखो कितना
5:32:27यूनिक सा इशू ढूंढा है हमें पता ही नहीं
5:32:28थी बात कह रहे हैं कि फाइनेंशियल
5:32:31रिसोर्सेस नहीं है फाइनेंशियल
5:32:35रिसोर्सेस रिसोर्सेस का क्रंच जो है यही
5:32:39मेन इशू है क्या बात बताई इन्होने राइट है
5:32:41ना अरे पता था हमको यही दिक्कत थी राट
5:32:43फाइनेंशियल रिसोर्सेस बट इन्होंने कहा हां
5:32:44भाई रिकॉग्नाइज कर रहे हैं हम यहां
5:32:46फाइनेंशियल रिसोर्सेस एक इशू है अब इसका
5:32:49सलूशन क्या है तो ये रिकमेंडेशन कुछ कुछ
5:32:51दे रहे हैं तो लेट्स अंडरस्टैंड देर
5:32:53रिकमेंडेशंस
5:33:00तो इन्होंने कहा पहली बात पहली बात
5:33:02इन्होंने कही कि जो विलेज पंचायत है विलेज
5:33:07पंचायत देखो ऐसी कोई नायाब सी बात नहीं
5:33:09होने वाली है ना वही उन्हीं लाइंस पे है
5:33:11बट वी जस्ट नीड टू अंडरस्टैंड कि इन्होंने
5:33:13भी कहा था तो विलेज पंचायत उन्होंने कहा
5:33:15कि विलेज पंचायत की पावर बढ़ा दीजिए सारे
5:33:17लोग अच्छे अच्छे अच्छी-अच्छी बातें करते
5:33:19हैं राइट पावर बढ़ा दीजिए राइट प्लस
5:33:21इनफैक्ट उनको जो जुडिशल पावर होती है
5:33:23छोटा-मोटा कुछ झगड़ा हो गया वो इन्हीं को
5:33:25दे दीजिए तो इनफैक्ट उनको जुडिशियस भी दे
5:33:27दीजिए फॉर पेटी केसेस ऐसा नहीं कि जो है
5:33:31क्रिमिनल केसेस के लिए पेटी केसेस की हां
5:33:34भाई जो है तुमने मेरे आम तोड़ लिया तुम
5:33:35मेरा अमरूद र गए राइट ऐसे केसेस के लिए
5:33:38इनको जुडिशल पावर दे दीजिए प्लस प्लस जो
5:33:41है व्ट दे नीड इ माइनर विलेज वर्क भी इन्
5:33:43को दे दीजिए इन्हीं को करने दीजिए माइनर
5:33:47विलेज वर्क य छोटा मोटा मेड़ बनवाना है जो
5:33:50है नहर नहर में कुछ टूट गया है पानी बाहर
5:33:53आ रहा है तो सही कर लो है ना तो ये सारा
5:33:55काम इन्हीं को दे दिए प्लस प्लस दे शुड
5:33:58हैव
5:33:58एडिक्ट
5:34:00एडिक्ट फाइनेंशियल रिसोर्सेस या फिर
5:34:06फाइनेंस हा कि फाइनेंसियल रिसोर्स दीजिए
5:34:08तभी तो ऑपरेट कर पाएंगे ना क्या ही ऑपरेट
5:34:10करेंगे देन
5:34:13नेक्स्ट नेक्स्ट इनका जो रिकमेंडेशन है इज
5:34:16अबाउट तो ये देखो ये एक नई बात है जो आपका
5:34:19बन सकता है एमसीक्यू ये कह रहे हैं कि देर
5:34:22इ कांसेप्ट ऑफ सब डिस्ट्रिक्ट बोर्ड्स अब
5:34:25एक होता है डिस्ट्रिक्ट बॉडी एक होता है
5:34:27पंचायत क रहा बीच में तो सब डिस्ट्रिक्ट
5:34:29बोर्ड आप एब्लिश करिए जिसके अंदर मे बी एक
5:34:33चौथाई डिस्ट्रिक्ट एक तिहाई डिस्ट्रिक्ट
5:34:34आती हो जैसे कुछ डिस्ट्रिक्ट के अंदर सब
5:34:36डिस्ट्रिक्ट बोर्ड भी होने चाहिए हर
5:34:38तालूका हर
5:34:39तहसील तो हर तालूका या फिर तहसील पर य शुड
5:34:44हैव वन डिस्ट्रिक्ट बोर्ड जो कि और अच्छा
5:34:47है हा एक बीच में सब बॉडी भी आ गई
5:34:49डिस्ट्रिक्ट के बीच में राट है ना इनका
5:34:51इनका अपना सेपरेट ड्यूटी होना
5:34:53चाहिए सेपरेट ड्यूटी होना चाहिए और इनकी
5:34:57अपना सेपरेट रेवेन्यू भी होना चाहिए
5:35:00तो ये एक इन्होंने अलग कांसेप्ट दिया ये
5:35:02एक अच्छा एमसीक्यू बन सकता है हां सब
5:35:04डिस्ट्रिक्ट बोर्ड की इन्होंने बात करी कि
5:35:05ऐसा करवाइए
5:35:06प्लस प्लस एक बात इन्होंने और कही कि देयर
5:35:10शुड बी रिस्ट्रिक्शन ऑन पावर ऑफ
5:35:12टैक्सिंग ऐसा नहीं कि आप कुछ भी लगा सकते
5:35:17हैं पावर ऑफ टैक्सेशन पे रिस्ट्रिक्शन
5:35:20होना चाहिए यह नहीं कि आप कहीं कुछ भी
5:35:22टैक्स का जो है चार्ज करने लगे ये नहीं हो
5:35:25सकता राइट इनफैक्ट इनफैक्ट सॉरी जो है लेट
5:35:27मी रिफ्रेश कह रहे है कि जो रिस्ट्रिक्शन
5:35:29है राट न पावर ऑफ टैक्सेशन य कम कर देना
5:35:31चाहिए य हटा देना चाहिए तभी तो उल्टी बात
5:35:34कह द थी तभी तो फाइनेंसियल रिसोर्स बनेगा
5:35:36ना राट तो कह रहे जो रिस्ट्रिक्शन पावर ऑफ
5:35:38टैक्सेशन इसको आप हटा दीजिए राइट ये जो है
5:35:41कहीं ना कहीं फाइनेंशियल रिसोर्सेस को
5:35:43क्रंच कर रहा है कर्व कर रहा है तो ऐसा
5:35:45रिस्ट्रिक्शन मत लगाने दीजिए वो लोग खुद
5:35:46अपने हिसाब से जो जरूरी होगा सही होगा वही
5:35:49लगाएंगे प्लस इनको कुछ कुछ रिलीफ प्रोवाइड
5:35:52कर दीजिए जैसे कि फॉर
5:35:55एग्जांपल प्राइमरी एजुकेशन अगर लोकल लेवल
5:36:00पे हैंडल होता है तो ठीक मे
5:36:03बी बट बाकी चीजें मे बी रिलीव्ड जैसे कि
5:36:07सेकेंडरी
5:36:09एजुकेशन
5:36:11हॉस्पिटल एटस एटस तो कहने का इस पॉइंट का
5:36:16मतलब समझो कि देखो उतना ही काम दो जितना
5:36:18जितना तुम फाइनेंशियल रिसोर्सेस उनको दे
5:36:20रहे हो जितना वो एक्चुअली चव कर पाए इतना
5:36:23काम मत दे दो कि हां उनके पास ना ही उतना
5:36:25फाइनेंस है और उनसे सारी उम्मीद लेके बैठे
5:36:27हुए कि तुम करते क्यों नहीं हो है ना कि
5:36:29हां जो है आप कह रहे हैं कि हां
5:36:30वैक्सीनेशन ड्राइव क्यों नहीं करी परट ना
5:36:32ही वैक्सीन है ना ही पैसा है तो क्या ही
5:36:34क्या ही सेंस बनता है तो देखो प्राइमरी
5:36:36एजुकेशन बहुत ज्यादा डिसेंट्रलाइज होता है
5:36:38गांव-गांव में एक पाठशाला चाहिए स्कूल
5:36:40चाहिए एंड मे बी वहां पे लोकल लोकल जो जो
5:36:42है यू कैन से एक्सपर्टीज है या जो लोकल
5:36:44लोकल गवर्नमेंट है वेरी मच रिक्वायर्ड कि
5:36:46वो लोग इसको टेक अप करें बट अगर कर सकते
5:36:48हैं तभी अगर वो खुद ही हाथ खड़ा कर द भाई
5:36:51हमसे नहीं हो पाएगा इतना पैसा ही नहीं है
5:36:53तो फिर उनसे जबरदस्ती मत करो सिमिलरली
5:36:55बाकी चीजें रिलीव कर दो जो चीज वो कर सकते
5:36:57हैं उतना ही करने दीजिए ताकि कि वो लोग
5:37:00एफिशिएंटली परफॉर्म कर सके ऐसा ना हो कि
5:37:02आप सारी उम्मीदें उनको दे दें कि हां जो
5:37:04है उम्मीदें उन्हीं से रखें ये सब क्यों
5:37:06नहीं करते हो राइट य इस हॉस्पिटल क्यों
5:37:08नहीं बनवाया पर पैसे दे नहीं रहे हो ऐसा
5:37:10नहीं होना चाहिए तो दिस वाज सम रिकमेंडेशन
5:37:12फ्रॉम द रॉयल कमीशन ऑफ
5:37:151908 तो रॉयल कमीशन ऑफ 1908 ने जो है
5:37:19रिकमेंडेशन कुछ दिए यस राइट तो हमने बात
5:37:22करी कि हां इन्होंने क्या रिकमेंडेशन
5:37:25द
5:37:28नाउ या हमने बात करी कि उन्होंने क्या
5:37:31रिकमेंडेशन
5:37:32दिए हमने समझा इसमें सबसे इंपोर्टेंट
5:37:35पॉइंट जो है वो सब डिस्ट्रिक्ट बोर्ड है
5:37:38सब डिस्ट्रिक्ट बोर्ड राइट है ना कि आपको
5:37:40ये एस्टेब्लिश करना दिस इज अ न्यू पॉइंट
5:37:42बाकी ठीक है बाकी बेसिक था चलिए तो अब
5:37:44इसका सरकार प क्या फर्क पड़ा तो एक
5:37:46गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का रेजोल्यूशन आया
5:37:481915 में तो 1915
5:37:52में 1915
5:37:57में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने कहा कि हां हम
5:38:00रुको एक मिनट बता रहे हैं क्या करें तो
5:38:03इन्होंने बताया कि हम कुछ नहीं करें राइट
5:38:06है ना तो टेक्निकली इसके बाद जो ये
The Govt. of India Resolution
5:38:09रेजोल्यूशन आया गवर्नमेंट ऑफ इंडिया
5:38:10रेजोल्यूशन आप 1915 देखेंगे तो जो रॉयल
5:38:13कमीशन भेजा गया था रॉयल कमीशन एक्चुअली
5:38:15ब्रिटेन से आएगा रॉयल कमीशन तो रॉयल कमीशन
5:38:17का जो रिकमेंडेशन था उस पे ऑफिशियल
5:38:20रिकमेंडेशन आए कि हां ये सारी चीजें ये
5:38:22सारी चीजें होनी चाहिए बट दिस वाज ऑल ऑन द
5:38:24पेपर नथिंग एक्चुअली हैपेंड राइट देखो
5:38:26लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इंप्रूव करने के लिए
5:38:29बहुत सारी चीजों की जरूरत है ऊपर से नीचे
5:38:31तक काफी अलाइन मेंट चाहिए राइट इतना अलाइन
5:38:33मेंट अभी था ही नहीं 10 1915 में वर्ल्ड
5:38:35वॉर वर्ल्ड वॉर चल रहा था राइट कहां पे जो
5:38:37है आपका य लोकल स गवर्नमेंट होने वाला था
5:38:39इट वाज नॉट एट ऑल पॉसिबल तो यहां तो कुछ
5:38:41भी नहीं हुआ बट देन बट देन हुआ साइड में
5:38:45चल रहा है होम रूल लीग राइट होम रूल लीक
5:38:47के बाद हमें याद आया कि एक अगस्त
5:38:48डिक्लेरेशन आया था जो बार-बार हम बात करते
5:38:51हैं कि हां भा जो है उन्होंने कहा कि आपको
5:38:53हम रिस्पांसिबल गवर्नमेंट देंगे सब्जेक्ट
5:38:55टू प्रोग्रेसिव रिलाइजेशन और आप इंटीग्रल
5:38:57पार्ट ऑफ द इंडिया रहेंगे अब इसी बेसिस पे
5:39:00यही मोड फोर डिस्कशन या फिर अगस्त
5:39:02डिक्लेरेशन के ऊपर एक रेजोल्यूशन आया 1918
5:39:05में राइट है ना 1918 में जो है रेजोल्यूशन
5:39:08आया राइट और यहां पे ये रेजोल्यूशन कहता
5:39:11है कि लोकल बॉडीज बी मेड एज
5:39:13रिप्रेजेंटेटिव एज पॉसिबल राइट है ना कि
5:39:17इनमें रिप्रेजेंटेशन लोगों का नॉर्मल यू
5:39:19कैन से इलेक्शन द्वारा होना राइट है ना
5:39:21खाली नॉमिनल अथॉरिटी नहीं होनी चाहिए रियल
5:39:24रिप्रेजेंटेशन होना चाहिए तो ये और
5:39:26एंपावर्ड करने की बात उठी तो एस पर ये
5:39:291918 वाला डिस्कशन रेजोल्यूशन ऑफ
5:39:361918 देन अगेन इन 1918 देयर इज अ
5:39:39रेजोल्यूशन
5:39:40देयर इज वन मोर रेजोल्यूशन
5:39:47राइट और इसमें हुआ कि हां लोकल
5:39:51बॉडीज लोकल बॉडीज को और और ज्यादा
5:39:55एंपावर्ड करेंगे पावरफुल बनेंगे पावरफुल
5:39:58बनाएंगे यस राइट ऐसी बात यहां पे कही गई
5:40:01यहां द रेजोल्यूशन सजेस्टेड दैट द लोकल
5:40:03बॉडी बी मेड एज रिप्रेजेंटेटिव एज पॉसिबल
5:40:05टू द पीपल यहां उसमें इलेक्शन नॉमिनेशन जो
5:40:08भी है बट हां इलेक्शन ज्यादा होना चाहिए
5:40:10जितना रिस्पांस रिप्रेजेंटेटिव हो सकता है
5:40:12लोगों का उतना होना चाहिए ऐसा इन्होंने
5:40:14बात कही तो कहीं ना कहीं 1918 में या
5:40:17मोंटेग रिफॉर्म में हमको ऐसा लगता है कि
5:40:19अब लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के दिन सुधरने
5:40:21वाले हैं अब तो कुछ बेटर होगा हमें याद
5:40:24आया कि हां जो जो 1918 का जो जो है 1919
5:40:28का जो एक्ट था
5:40:291919 का एक्ट उसमें एक बार फिर से याद
5:40:33करें कि प्रोविंसेस में हम लोग ऑब्जर्व कर
5:40:35रहे थे याद आया कि गवर्नर और गवर्नर के
5:40:38होंगे काउंसलर्स
5:40:40और होंगे कुछ
5:40:44मिनिस्टर्स ये क्या है ये एक्चुअली
5:40:46एग्जीक्यूटिव है है ना पूरी बात याद करते
5:40:49हैं पूरी बात याद आई कि हां भा कुछ
5:40:51प्रोविंशियल लिस्ट बनाई गई थी प्रोविंशियल
5:40:55लिस्ट लिस्ट और प्रोविंशियल लिस्ट में थे
5:40:57कुछ रिजर्व सब्जेक्ट
5:41:00और कुछ थे ट्रांसफर्ड सब्जेक्ट
5:41:05ट्रांसफर्ड है ना ट्रांसफर सब्जेक्ट तो
5:41:08मिनिस्टर जो थे वो ट्रांसफर सब्जेक्ट देख
5:41:10रहे थे काउंसलर रिस्टड रिजर्व सब्जेक्ट
5:41:12देख रहे थे राट मिनिस्टर रेसिल टू द
5:41:14पार्लियामेंट लेचर याद आया लेचर भी तो है
5:41:17इधर है ना य पढ़ा हमने ना ना तो यह हमने
5:41:22कहा था कि दिस इ नथिंग बट व्ट दयाल की दिस
5:41:26इ दयार
5:41:28की नाउ अगेन अगेन तो अंडर दयार की देखें
5:41:31कि अब क्या दिन सुधरे राइट है ना अब क्या
5:41:35दिन सुधरे हमको लगा कि भाई अभी तो वादा
5:41:37किया था अभी रेजोल्यूशन आया कि लोकल सेल्फ
5:41:39गवर्नमेंट को हम लोग जो है क्या कर देंगे
5:41:41हम लोग और रिप्रेजेंटेटिव बना देंगे ऐसा
5:41:43हमको अभी दिखाया सपना नाउ रिलाइज
5:41:47कि करा क्या गया तो लोकल सेल्फ गवर्नमेंट
5:41:50एक्चुअली अ ट्रांसफर्ड सब्जेक्ट व्हिच
5:41:52मेक्स सेंस कि हां जो कुछ आपके काम का
5:41:55नहीं है सब ट्रांसफर कर दो तो लोकल सेल्फ
5:41:57गवर्नमेंट जो है इन्होंने कहा कि अब जो है
5:42:00जो मिनिस्टर है मिनिस्टर लोग देखेंगे अपना
5:42:02लोकल सेल्फ गवर्नमेंट होल जाओ एंपावर्ड
5:42:04जाके जितना रिप्रेजेंटेटिव बनाना है बना
5:42:07लो बट बट यही हमें समझ में आया कि मुद्दा
5:42:11रिजर्व सब्जेक्ट के पास है
5:42:13फाइनेंस और ये जितनी दूरी इन दोनों में है
5:42:17इसका कुछ हो नहीं सकता तो दयार की के अंदर
5:42:20भी क्या इसका कुछ होने वाला है दो
5:42:22प्रोविंसेस में दयार की आ चुकी है देयर इज
5:42:24अ कांसेप्ट ऑफ ट्रांसफर्ड एंड रिजर्व
5:42:26ट्रांसफर्ड में लोकल सेल्फ गवर्नमेंट आ
5:42:28चुका था अब हमें लगा था छे दिन आ गए लोकल
5:42:30से गवर्नमेंट में बहुत ध्यान देने लगेंगे
5:42:32कुछ भी नहीं हुआ राइट क्यों क्योंकि
5:42:34फाइनेंस बहुत ज्यादा दूर है राइट अभी भी
5:42:36यह प्रॉब्लम सॉल्व हो नहीं रही राइट तो
5:42:38अंडर दया अंडर दयार की अगर हम
5:42:44देखें
5:42:461990 के बाद अंडर दयार
5:42:53की अंडर दयार की तो इसमें बस इतनी सी बात
5:42:56बना लो कि हां जो ट्रांसफर्ड है उसमें
5:42:59लोकल सेल्फ गवर्नमेंट है और जो रिजर्व्ड
5:43:01है उसमें फाइनेंस है बाकी बातें याद आ
5:43:06जाएंगी नाउ आफ्टर दिस तो दरकी दरकी को
5:43:09रिव्यू करने आए थे साइमन कमीशन साइमन
5:43:11कमीशन ने भी सेम देखो ऑब्जर्व किया है तो
5:43:13साइमन कमीशन जब आया तो साइमन कमीशन ने भी
5:43:15यही ऑब्जर्व किया कि जो दयार की हम लोग
5:43:17रिव्यू करने आए हैं ये तो बहुत ही वाहियात
5:43:19कांसेप्ट है राइट कह रहे हैं कि हां जो
5:43:21लोकल बॉडीज है राइट अगर हम रिलाइज करें कि
5:43:24जो विलेज पंचायत है वो ग्रो ही नहीं हुई
5:43:26है राइट है ना कोई डेवलपमेंट छुआ ही नहीं
5:43:29हम सोच रहे थे ट्रांसफर को दिया गया कुछ
5:43:31डेवलप करेंगे उन्होंने सारा एजाम लगा दिया
5:43:32किस पे मिनिस्टर पे कि मिनिस्टर क्या ही
5:43:34कर पाए कुछ नहीं कर पाए तो कह रहे कोई
5:43:36डेवलपमेंट नहीं हुआ है एक्सेप्ट फॉर बंगाल
5:43:38एंड मद्रास बाकी ऐसा कोई डेवलपमेंट नहीं
5:43:40हुआ इनफैक्ट ये कह रहे हैं कि लोकल सेल्फ
5:43:43गवर्नमेंट को ऐसा फ्री मत छोड़ो
5:43:45प्रोविंशियल कंट्रोल बढ़ा
5:43:46दो प्रोविंस प्रोविंशियल गवर्नमेंट का
5:43:49लोकल सेल बॉडी प और कंट्रोल होना चाहिए यह
5:43:52ऐसा ऐसा सजेस्ट कर रहे हैं यहां पे राइट
5:43:55प्लस प्लस कह रहे हैं कि हां जो इलेक्टेड
5:43:56मेंबर्स हैं ये लोग टैक्स नहीं लगा रहे
5:43:59हैं राइट है ना इनको टैक्स लगाना चाहिए वो
5:44:02क्या ही इलेक्टेड मेंबर टैक्स लगाएगा हमने
5:44:03समझा था दिक्कत टैक्स लगाने में भी है वो
5:44:06इलेक्टेड मेंबर टैक्स लगाएगा तो अगली बार
5:44:08इलेक्टेड नहीं हो पाएगा राइट तो टैक्स भी
5:44:10नहीं लगा रहा तो ओवरऑल ही हैज रिलाइज
5:44:12साइमन कमीशन हैज रिलाइज्ड कि दयार की में
5:44:15ये सिचुएशन और खराब ही हुई है तो उन्होंने
5:44:17भी यही सेम रिलाइजेशन किया है कि ना ऊपर
5:44:19से फाइनेंस आ रहा है और ना ही जो मिनिस्टर
5:44:21है वो टैक्स लगा रहा है तो कहीं से पैसा
5:44:23इकट्ठा नहीं हो रहा तो कुछ भी यहां पे एज
5:44:25सच नहीं हुआ तो कोई फायदा हुआ दयार की में
5:44:28कोई फायदा नहीं हुआ
5:44:29नाउ आखरी मुद्दा था व्हिच वाज गवर्नमेंट
5:44:31ऑफ इंडिया एक्ट
5:44:341935 गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 लास्ट
5:44:38जो
5:44:39है
5:44:43थ 1935 में
5:44:47आया गवर्नमेंट ऑफ
5:44:50इंडिया राइट है ना एक बार फिर से उम्मीद
5:44:53देखते हैं गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट में
5:44:54तो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 हमें
5:44:57याद आया कि नाउ नाउ
5:44:59अब एक गवर्नर होगा और सिर्फ और सिर्फ
5:45:02मिनिस्टर्स
5:45:03होंगे वो ट्रांसफर्ड ट्रांसफर्ड और रिजर्व
5:45:07कांसेप्ट खत्म हो चुका है अब इसी मिनिस्टर
5:45:09के पास फाइनेंस है और इसी मिनिस्टर के पास
5:45:13लोकल सेल्फ गवर्नमेंट
5:45:15है क्यों क्यों भाई क्यों भाई क्यों
5:45:18क्योंकि हमें याद आया कि हां दिस दिस इज द
5:45:20एरा ऑफ प्रोविंशियल
5:45:23ऑटोनॉमी है ना ऑटोनॉमी आ चुकी है दोस्त अब
5:45:26तो कुछ कर लो राइट है ना अब तो कुछ उम्मीद
5:45:29बनती है कि पॉपुलर मिनिस्ट्री है लोगों ने
5:45:32सेलेक्ट किया हुआ है इलेक्ट करके भेजा हुआ
5:45:34है राइट है ना तो अब तो उम्मीद बनती है कि
5:45:36अब यहां पे कुछ होगा तो गवर्नमेंट ऑफ
5:45:38इंडिया 1935 नाउ वी विल सी कि हां जो है
5:45:42अगर हम समझे तो तो पोर्टफोलियो फाइनेंस या
5:45:45फिर पॉपुलर मिनिस्ट्री आ चुकी है राइट एंड
5:45:47नाउ नाउ फंड्स आर अवेलेबल या फिर एटलीस्ट
5:45:51रीच में तो है कितना खर्च कर सकते हो अलग
5:45:53की बात प्लस डी मार्केन ऑफ टैक्सेशन
5:45:55बिटवीन प्रोविंशियल एंड एंड लोकल फाइनेंस
5:45:59प्रीवेल्ड सिंस द रिफॉर्म्स ऑफ 1919 वाज
5:46:01स्क्रैप्ड यहां अब ऐसा कोई रिस्ट्रिक्शन
5:46:03ऐसा कोई टैक्सेशन का रिस्ट्रिक्शन सब हटा
5:46:05दिया गया है नए एक्ट भी आ गए हैं इन द
5:46:07प्रोविंसेस गिविंग मोर अथॉरिटी तो अथॉरिटी
5:46:10टू द लोकल बॉडीज बढ़ा दी गई है तो
5:46:12टेक्निकली ऑन पेपर फिर से ये सारे काम हुए
5:46:15हैं जो अच्छे लग रहे हैं कि हां भाई
5:46:17पावरफुल भी हो गया है ऐसा लग रहा है कि
5:46:19फाइनेंस का भी जुगाड़ हो गया है राइट पहले
5:46:21ऐसा कुछ फंड का डिमार्केट था कि तुम य
5:46:23नहीं यूज कर सकते हो कर सकते हो वो सारी
5:46:25बातें भी अब थोड़ा सा जो है धूमिल सी हो
5:46:26गई राइट तो नाउ ऐसा लग रहा है उम्मीद बन
5:46:29रही है कि हां अब बात बनेगी बस बट आफ्टर
5:46:331935 अभी भी हम देखेंगे कि हां देयर आर सम
5:46:36न्यू रिस्ट्रिक्शंस ऑन द लोकल बॉडीज कि आप
5:46:40अभी भी कुछ टैक्सेस लगा सकते हैं आप ऐसा
5:46:42कुछ भी टैक्सेस अभी भी नहीं लगा सकते
5:46:44ट्रेड एट सेक्ट्रा पे प्रोफेशन पे मुंसिपल
5:46:46पटी पार्टी पे अभी भी कोई आप बहुत
5:46:48टैक्सिंग नहीं कर सकते तो टैक्सेशन पर
5:46:50रिस्ट्रिक्शन जारी जारी है यस प्लस प्लस
5:46:53जो है ये टैक्सेशन जो लोकल इंस्टिट्यूशन
5:46:56को मिलने वाला था बाय डिसेंट्रलाइजेशन
5:46:58तो वो टैक्सेशन जो है मतलब जो टैक्सिंग
5:47:00पावर थी टेक्निकली वो टैक्सिंग पावर यहां
5:47:02पे मिली नहीं जो पहले डिसेंट्रलाइजेशन
5:47:05कमीशन रॉयल कमीशन ने जो बोला था तो मोस्ट
5:47:07इंपोर्टेंट थिंग इज कि अभी अभी भी क्या
5:47:09लोकल टैक्सेस इनको मिलेंगे लोकल टैक्सेस
5:47:11अभी भी इनको नहीं मिलेंगे रीजन अगेन
5:47:14पॉपुलर मिनिस्ट्री नहीं चाहती कि लोग
5:47:15नाराज हो अगर इस तरह का टैक्स लगाने लग
5:47:18जाएंगे तो ये पॉपुलर मिनिस्ट्री दोबारा
5:47:19पॉपुलर नहीं रहेगी राइट है ना कि ये जो है
5:47:21फिर अनपॉज गी दैट इज द रीजन कि ये फंड
5:47:24थोड़ा बहुत फंड मिलेगा सिचुएशन पहले से
5:47:26बेटर हुई है बट स्टिल इट इज नॉट कि हां सब
5:47:29कुछ बढ़िया ही हो गया है वी विल हैव टू
5:47:31वेट फॉर रियल यू कैन से जो है
5:47:33कॉन्स्टिट्यूशन या फिर आजादी उसी के बाद
5:47:35हम यहां पे लेटर डेवलपमेंट फील कर सकते
5:47:37हैं नाउ लेटर डेवलपमेंट अगेन आप पॉलिटी
5:47:39में पढ़ेंगे यू विल रिलाइज कि ऐसा नहीं कि
5:47:41अभी भी कोई बहुत अच्छा जो है डेवलपमेंट हो
5:47:42गया है वी आर स्टिल स्ट्रगलिंग वी आर
5:47:44स्टिल जो है फाइन ट्यूनिंग कि हां कैसे
5:47:46फाइनेंस और ये सारी चीजें इलेक्शन एंड ऑल
5:47:48मैनेज करें और इंप्रूव कर सके तो दिस वाज
5:47:51द स्टोरी ऑफ़ सेंट्रल प्रोविंशियल एंड
5:47:52लोकल जो है ये कहानी हमने खत्म करी लंबा
5:47:55चैप्टर था थोड़ा पी वाई क्यूज देखते हैं
5:47:57पी वाई क्यूज मैंने कहा था कि इस एरिया से
5:47:58बहुत पी वाई क्यूज आते हैं बाकी मेंस के
5:48:01लिए भी इंपोर्टेंट है बट यू कैन एक्सपेक्ट
5:48:03मोर जो है यू नो जो है क्वेश्चंस लेटर ऑन
5:48:07तो फिलहाल तो एक सवाल देखते हैं ये 2012
5:48:09का सवाल तुम देखोगे हर साल हर साल सवाल
5:48:11आएगा तो पहला सवाल है कि भाई गवर्नमेंट ऑफ
5:48:14इंडिया 1919 के फीचर्स आपको बताने हैं दिस
5:48:16इज फर्स्ट क्वेश्चन कमेंट में आपको एकएक
5:48:18जवाब देना है हो सकता है जरूरत जरूरी हो
5:48:20तो एक्सप्लेन भी करो राइट है ना कि आपको
5:48:2219 नेस बताना है कि कौन-कौन से फीचर है
5:48:24दूसरा सवाल 2012 का ही है कि हां
5:48:25डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ पावर बिटवीन सेंटर एंड
5:48:27स्टेट इन द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन
5:48:29किस स्कीम के ऊपर बेस है 2012 का सवाल है
5:48:31देन क्वेश्चन नंबर थी व्ट द मेन
5:48:33ऑब्जेक्टिव ऑफ क्वीन विक्टोरिया
5:48:35प्रोक्लेमेशन 20144 का सवाल है 2013 छूट
5:48:38गया लेकिन हा 201 2012 में दो दे दिए थे
5:48:40तो उसके बाद सीधे 2014 में एक सवाल दे
5:48:42दिया फिर अगला 2015 में सवाल गवर्नमेंट ऑफ
5:48:44इंडिया 19 क्ली डिफाइन क्या डिफाइन किया
5:48:47भाई देन पांचवा सवाल आपका फिर 2016 में तो
5:48:512015 फिर 2016 मोंटे रिफॉर्म र रिलेटेड टू
5:48:54किस बारे में सिंपल सा बहुत इी सवाल फिर
5:48:562017 में देखिए 17 2017 में पूछा है कि इन
5:49:00द कांटेक्ट ऑफ इंडियन हिस्ट्री प्रिंसिपल
5:49:01ऑफ दर की किस चीज से रिलेटेड है बहुत इजी
5:49:03सवाल बट ठीक है 2017 में फिर 2018 में
5:49:06सातवा सवाल फेडरेशन एस्टेब्लिश बाय द
5:49:08गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट ऑफ 1935 रेडली
5:49:10पावर्स आर गिवन टू द रेजिडोर पावर किसको
5:49:12दिए गए हैं 2018 का सवाल राट साथ आठवा
5:49:15सवाल है कि भाई जो है चार्टर एक्ट ऑफ 1813
5:49:17के हिसाब से क्या-क्या होगा ये आपको बताना
5:49:19है दिस इज 2019 देन 2020 में नहीं आया है
5:49:22कुछ या हो सकता है मैंने मिस कर दिया हो
5:49:24नहीं आया वैसे 2021 में हम देखेंगे तो मन
5:49:26फोल्ड रिफॉर्म में पूछा है कि हां ग
5:49:29ग्रांटिंग वोटिंग राइट टू ल द वुमन तो
5:49:31वुमन की बात कह रहा था कि वमन वाला सवाल
5:49:33आया हुआ है तो हा तो में जो है वोटिंग
5:49:35राइट की बात है कि है कि नहीं है
5:49:37गवर्नमेंट ऑफ इंडिया 1935 गव वमन रिजर्व
5:49:39स्ट इन द
5:49:46लेजिसलेट है ना आप देखेंगे कि हां जो है
5:49:48दिस आर एक्चुअली मिसिंग है ना मैंने कहा
5:49:50था कि यह जो चैप्टर है थोड़ा लंबा चैप्टर
5:49:52बनाया मैंने बट हमने बहुत सारी बुक्स और
5:49:54भी रिफर करी है इंक्लूडिंग बीएल ग्र राइट
5:49:57य तो ये 2021 का सवाल था देन 2022 में
5:50:01नहीं आया है सवाल 2022 में नहीं है राइट
5:50:04नहीं 2022 में भी तो है 2021 23 23 का ही
5:50:07सवाल है कि भाई ये तो अभी 23 का सवाल है
5:50:10गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया 22 कहां गया हां ये
5:50:13रहा 2022 ये थोड़ा ऊपर नीचे हो गया 11 9 न
5:50:16अच्छा 99 11 हो गया ये नौ है ये वाला 10
5:50:19कर देते हैं राट दिस इज 10थ क्वेश्चन राइट
5:50:22और 2022 में भी आया था भाई ईयर छूटा नहीं
5:50:24था यही पूछा था रिजर्व और ट्रांसफर्ड पूछा
5:50:26और देखो ये डिस्कशन क्या है राइट
5:50:28क्या-क्या दिया है एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ
5:50:30जस्टिस लोकल सेल्फ गवर्नमेंट लैंड
5:50:31रेवेन्यू पुलिस ऐसा करके यहां पे पूछा है
5:50:34ट्रांसफर ड रिजर्व में ये 2022 का था तो
5:50:37पिछले 20122 से 2023 के बीच में शायद एक
5:50:40एक ही साल है जो छूटा है राइट है ना बाकी
5:50:43हर साल एक सवाल आता ही आता है आगे भी आता
5:50:46रहेगा क्योंकि दीज आर रिटन प्रोविजंस इस
5:50:49पे सवाल बनाना बहुत आसान है राइट है ना ये
5:50:51लिखा हुआ है कोई चैलेंज नहीं कर सकता कोई
5:50:53जो है यू कैन से पर्सपेक्टिव की बात नहीं
5:50:55है लिखा हुआ है तो लिखा हुआ है सिंपल सी
5:50:56बात है तो इसीलिए यूपीएससी पूछता है प्लस
5:50:59तुम देखोगे जो है ऑब्जर्व करोगे कि हमारी
5:51:01कहानी में कहानियां यहां से बहुत डेवलप
5:51:03होती हैं राट हैना कि एक्ट आया तो फिर
5:51:05स्टोरी चेंज हुई एक्ट आए तो फिर स्टोरी
5:51:07चेंज हुई काफी स्टोरीज इसके ऊपर डिपेंडेंट
5:51:09है इस एक्ट के ऊपर इसीलिए इतना सवाल पूछते
5:51:11हैं एक्टस के
5:51:12ऊपर चलिए खैर तो इसके अलावा देखो मिलिट्री
5:51:15वाला सवाल एक पूछा है व्हाई डिड द आर्मीज
5:51:17ऑफ़ द ईस्ट इंडिया कंपनी मोस्टली कंप्रा
5:51:19इजिंग ऑफ़ द इंडियन सोल्जर्स विन
5:51:20कंसिस्टेंटली अगेंस्ट द मोर न्यूमरस एंड
5:51:22बेटर इक्विप्ड आर्मीज ऑफ दी इंडियन
5:51:24रूलरसोंग्स
5:51:28अगर आप 24 दे रहे हो तब भी लिख सकते हो और
5:51:30अगर आप 25 26 वगैरह दे रहे हो जरूर लिखो
5:51:32एंड एटलीस्ट टेल द ब्रेनस्टॉर्मिंग इन द
5:51:33कमेंट सेक्शन कि क्या इसमें हेडिंग होनी
5:51:35क्या पॉइंट्स होने चाहिए एटलीस्ट टेल दैट
5:51:38मच राइट दूसरा जो है इट वुड हैव बीन
5:51:40डिफिकल्ट फॉर द कंसीट असेंबली टू कंप्लीट
5:51:42द हिस्टोरिक टास्क ऑफ द ड्राफ्टिंग द
5:51:43कॉन्स्टिट्यूशन फॉर इंडिपेंडेंट इंडिया इन
5:51:45जस्ट थ्री इयर्स बट फॉर द एक्सपीरियंस गेन
5:51:48विद द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एकट 1935
5:51:50डिस्कस राइट है ना तो ये बताना है आपको
5:51:52सेम कमेंट बताइए 2015 का सवाल था ये 2016
5:51:55में पूछा एक्सप्लेन हाउ द प्राइजिंग ऑफ़
5:51:561857 कांस्टीट्यूट्स एन इंपोर्टेंट वाटर
5:51:59शेट इन द एवोल्यूशन ऑफ ब्रिटिश पॉलिसीज
5:52:01टुवर्ड्स कॉलोनियल इंडिया कि यहां 1857 के
5:52:04बाद जो पॉलिसीज डेवलप हुई वो कैसे डेवलप
5:52:06हो रही है 1857 के बाद ये एवोल्यूशन कैसे
5:52:08हुआ है दिस इज अ वेरी गुड क्वेश्चन 2016
5:52:11आप पूरी तरह से परिपक्व हैं इस तरह के
5:52:13सवाल को अटेंड करने के लिए राइट है ना कर
5:52:16सकते हैं आप आराम से और इसी के साथ हम
5:52:18मिलेंगे अब नेक्स्ट चैप्टर में ज है
5:52:20थैंक्स अ लॉट बने रहने के लिए यहां तक
5:52:22वीडियो देखने के लिए और जो है इस पूरे
5:52:24चैप्टर को समझने के लिए बट बट जो है
5:52:26कांग्रेचुलेशन आप उन कुछ सीरियस बच्चों
5:52:28में से है जो पढ़ रहे हैं राइट youtube0
5:52:31है कि
5:52:38youtube2 बच्चे देखते हैं राइट पढ़ते हैं
5:52:40बोलते हैं कि हां सर ऐसे कर ले वैसे करले
5:52:42समथिंग है ना
Thankyou bachhon
5:52:58इन द नेक्स्ट वीडियो पढ़ते रहिए बा बाय
5:52:59टेक केयर एंड द बेस्ट ऑफ