Free YouTube Transcribe

Video transcript

Constitutional, Administrative and Judicial Developments FULL CHAPTER | Spectrum Chapter 26

UPSC Wallah · 63,969 words · 291 min read

Want to search this transcript, jump the video from any line, or download it as TXT, SRT, or VTT?

Open in the transcript tool

Full transcript

Introduction

0:00हेलो बच्चों तो वापस स्वागत है आपका समग्र

0:01बैच में हम लोग पढ़ाई कर रहे हैं मॉडर्न

0:03इंडिया की और स्पेक्ट्रम की सीरीज हम लोग

0:05यहां पे पढ़ रहे हैं तो अब तक हम लोग ने

0:06आजादी देखी है लास्ट चैप्टर में हम लोग

0:08आज़ादी और पार्टीशन की बात कर रहे थे बट

0:10अब हम लोग थोड़ी सी कहानी चेंज करेंगे

0:12देयर आर लॉट ऑफ़ पैरेलल थ्रेड्स ये जो

0:14पूरी कहानी जो हम लोगों ने देखी आजादी तक

0:16उसके साथ-साथ कुछ और भी थ्रेड है जो हम

0:17लोगों को समझना है तो ये हमारी अगली यूनिट

0:19है व्हिच विल बी अबाउट एडमिनिस्ट्रेशन

0:21पॉलिसीज इकोनॉमिक पॉलिसी जो है अ इकोनॉमिक

0:25पॉलिसी का एनालिसिस राइट देन जो है अ

0:27प्रेस प्रेस की क्या पॉलिसी रही है

0:29प्रेजेंट मूमेंट एंड ऑल वर्किंग क्लास

0:30मोमेंट ये वाला थोड़ा सा डिस्कशन हम लोग

0:32यहां पे अब करने वाले हैं या सो दिस इज

0:34चैप्टर नंबर 26 मैं अभिषेक श्रीवास्तव एम

0:36कोर फैकल्टी पीडब्ल्यू ओनली आईएस आप मुझसे

0:38हिस्ट्री और कल्चर पढ़ते हैं तो खैर बाकी

0:40यहां से मेरे बारे में पढ़ लीजिए कहानी

0:42आगे बढ़ाते हैं तो हम लोग बात करने जा रहे

0:44हैं अच्छा बाय द वे इंपोर्टेंट इंफॉर्मेशन

0:45उड़ान राइट तो उड़ान की बुक रेट्स लाइव है

0:48अ लॉट ऑफ बुक्स आर ऑलरेडी लाइव इंक्लूडिंग

0:50मिडिवल इंडिया एशियंट इंडिया एंड आर्ट एंड

0:52कल्चर उसके साथ-साथ बाकी किताबें लाइव हो

0:54जाएंगी बाय 31 जनवरी आप इस क्यूआर कोड को

0:57स्कैन करके इन किताबों को डाउनलोड कर सकते

0:59हैं और पढ़ाई कर सकते हैं राइट है ना ये

1:01आपको जो है क्विक रिवीजन में हेल्प करेंगी

1:03विद ऑल द पीवा क्यूज एंड एवरीथिंग राइट

1:05आराम से जो है आप इससे अपनी यूपीएससी की

1:07तैयारी को स्पेशली अगर आप प्रीलिम्स 20224

1:09देने वाले हैं तो ये थोड़ा सा फास्ट ट्रैक

1:12प्रिपरेशन है कि सब कुछ

1:13कंसाइनर आपको मिल जाएगा पढ़ने के लिए वेरी

1:16वेरी हेल्पफुल चलिए खैर तो वापस आते हैं

1:18तो दिस इज यूनिट नंबर यूनिट नंबर नाइन

1:21राइट अब तक कि हमने आजादी तक की सारी

1:23यूनिट्स देख ली एक दो ही यूनिट बाकी है एक

1:26ये वाली यूनिट है व्हिच इज अबाउट अदर

1:28एस्पेक्ट्स राइट है ना कि ये जो यूनिट है

1:30इट इज अबाउट

1:32एडमिनिस्ट्रेशन कि हमारे भारत में जब

1:35अंग्रेज आए तो उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन

1:37किस तरीके से किया उनकी पॉलिसी क्या थी

1:39इकोनॉमी पॉलिसी क्या थी राइट और उसका

1:42इंपैक्ट एंड ऑल ये वाला जो है अब हम एंगल

1:44उठा रहे हैं दिस इज पैरेलल थ्रेड राइट

1:46आजादी के साथ-साथ पैरेलल थ्रेड की हम बात

1:48करेंगे तो ये कुछ सात चैप्टर है चैप्टर

1:50नंबर 26 टू 32 और इसके बाद शुरू करेंगे हम

1:53लोग पोस्ट

1:55इंडिपेंडेंस या सो चलिए बात शुरू करते हैं

1:57दिस इज चैप्टर नंबर 26 26 26 में बात

2:00करेंगे कांस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट किस

2:02तरीके से हुआ उनकी एडमिनिस्ट्रेटिव पॉलिसी

2:04जुडिशियस पॉलिसी देन बात करेंगे मिलिट्री

2:06की देन बात करेंगे पुलिस की सिविल

2:09सर्विसेस

2:10की सिविल

2:13सर्विसेस राइट एंड देन प्रोविंशियल

2:15गवर्नमेंट सेंट्रल गवर्मेंट लोकल

2:16गवर्नमेंट किस तरह से ऑपरेट हो रहा है ये

2:18सारा डिस्कशन इस चैप्टर में दिस इज गोइंग

2:20टू बी अ लॉन्ग चैप्टर बट दिस इज अ वेरी

2:22वेरी इंपोर्टेंट चैप्टर हर साल हर साल हम

2:25देखते हैं रेयर ही कोई ऐसा साल मिस होता

2:27है जब कांस्टीट्यूशनल डेवलप ट से सवाल ना

2:30आया हो हर साल कोई ना कोई एक्ट के ऊपर

2:33सवाल आता है कि भाई बताइए इसी साल 2023

2:35में हमने देखा था कि 1833 के एक्ट के ऊपर

2:37एक सवाल पूछा था हालांकि बहुत ही आसान

2:39सवाल था और अगर आप इस टॉपिक को ठीक से पढ़

2:41ले तो आप ये समझिए कि हर साल एक सवाल आपका

2:43शोर शॉर्ट हो रहा है राइट ठीक-ठाक सवाल

2:46पूछता है ऐसा कोई बहुत टफ सवाल नहीं पूछता

2:48अगर आप डिटेल में मेरे साथ ये जर्नी कवर

2:50कर ले तो यहां से एक सवाल शोर शॉर्ट हर

2:52साल आपको मिलेगा ही मिलेगा राइट तो दैट

2:55मेक्स दिस दिस चैप्टर वेरी वेरी

2:56इंपोर्टेंट एंड नॉट ओनली इन प्रीलिम्स बट

2:58आल्सो मेंस एग्जामिनेशन

3:00मेंस एग्जामिनेशन में पॉलिसी वगैरह सवाल

3:02पूछता है राइट अभी लास्ट टू लास्ट ईयर जो

3:04है मिलिट्री के ऊपर सवाल पूछा था फैमिन

3:06पॉलिसी पर सवाल पूछा हुआ था है ना तो दिस

3:08इज लाइ कि हां अगर आपको ये अंडरस्टैंडिंग

3:10है तो प्रीलिम्स और मेंस दोनों के लिए ही

3:12ये चैप्टर जरूरी है इसको ध्यान से पढ़े

3:14लंबा चैप्टर है लेकिन बहुत काम का चैप्टर

3:16है तो फिलहाल तो जैसे कि हम शुरू करेंगे

3:18पहले कॉन्स्टिट्यूशन डेवलपमेंट इनिशियल

3:20फेज में फर्स्ट फेज में जब जो है कंपनी का

3:22रूल है और फिर क्राउन के रूल में फिर

3:24सिविल सर्विसेस की बात करेंगे पुलिस की

3:26बात करेंगे मिलिट्री की बात करेंगे

3:27जुडिशरी की बात करेंगे एंड देन बा का

3:29एडमिनिस्ट्रेशन सेंटर प्रोविंशियल लोकल ये

3:33सारा डिस्कशन इस चैप्टर में होने वाला है

3:34चलिए तो आइए शुरू करते हैं कहानी शुरू

3:36करते हैं वापस आते हैं अपनी टाइमलाइन पे

3:40तो अगर हम समझे तो वापस 1600 के आसपास ये

3:44कंपनी बनी थी जो ईस्ट इंडिया कंपनी है

East India Company timeline

3:47ईस्ट इंडिया कंपनी हमने देखा था कि 1600

3:49के आसपास इसका गठन हुआ था इसको चार्टर

3:51मिला था बट इंडिया में इंडिया में अगर हम

3:54देखें तो इंडिया में ये इंपैक्टफुल होती

3:56है 1600 में अगर हम कहे चार्टर है

4:00तो उसी के तुरंत बाद जो है 1611 1 हम

4:04देखते इसकी फैक्ट्री इंडिया में सेट अप

4:06होना शुरू करती है 1611 में मसूली

4:09पटनम 1613 तक आते आते सूरत

4:12में तो इशल फैक्ट्री इनकी धीरे धीरे सेटप

4:16होना चालू होती बट य इशल फेज में जो ईस्ट

4:19इंडिया कंपनी है राट ईस्ट इंडिया कंपनी

4:21ईस्ट इंडिया कंपनी इ प्राइवेट

4:24कंपनी ईस्ट

4:27इंडिया कंपनी

4:30इट्स अ प्राइवेट कंपनी और यह क्या कर रही

4:33है ये यह बेसिकली जो है इंडिया से माल उठा

4:36रहे हैं राइट और जाके ब्रिटेन में बेच रहे

4:39हैं क्या हो गया ट्रेडिंग हो गया

4:41ये इसमें क्या यह मैन्युफैक्चरिंग कर रहे

4:44हैं कोई सामान बना रहे हैं ध्यान रखिएगा

4:45वेरी वेरी इंपॉर्टेंट कोई मैन्युफैक्चरिंग

4:47नहीं है कोई वैल्यू एडिशन नहीं है यहां से

4:49सामान पैकिंग करो और वहां जाके बेच दो यही

4:52सारा काम ये लोग कर रहे हैं तो इंडिया में

4:54बहुत सारा सामान है जो जिसका डिमांड जो है

4:56ब्रिटेन में अच्छा खासा है यूरोप में

4:57अच्छा खासा है जैसे कि पेपर राइट स्पाइसेज

5:00कपड़े है ना मोस्ट इंपोर्टेंट टेक्सटाइल

5:02हमारा हमारा जो टेक्सटाइल है कैलिकोज एंड

5:04ऑल आर वेरी वेरी फेमस हमारा इंडिगो वेरी

5:06वेरी फेमस तो दे दे आर बेसिकली टेकिंग ऑल

5:09दिस फ्रॉम इंडिया टू यूरोप ब्रिटेन एट्स

5:12एटस और ये लोग जो है उससे फायदा कमा रहे

5:14हैं पैसा कमा रहे हैं राइट अभी क्या

5:16टेरिटरी इन्होंने जो है इनिशियल फेज में

5:18कुछ चाही थी क्या ये पॉलिटिकली हमारे ऊपर

5:20राज्य करना चाह रहे थे चाह रहे हो ना चाह

5:22रहे हो उसे फर्क नहीं पड़ता बट पॉसिबल तो

5:24देखो नहीं था राइट इट वाज नॉट एट ऑल

5:26पॉसिबल क्योंकि हमारे यहां अच्छे खासे यू

5:28नो रूलरसोंग्स उनको साइडलाइन करना सबजूगेट

5:31करना इतना आसान नहीं था तो हमने समझा था

5:33कि हां सबजुगेशन जो था इट विल टेक सम टाइम

5:35और और पहला जो हमको झटका लगा था हमने बात

5:40करी थी कि इसके बाद इसके बाद एक 1757 की

5:43प्लासी की

5:44लड़ाई प्लासी और फिर 1764 में बक्सर ये हम

5:49लोग हारे थे और यहां से इनकी कहानी चालू

5:52हुई

5:52थी तो 1764 के बक्सर के बाद देयर वाज अ

5:57ट्रीटी आपको याद आ रहा होगा पढ़ा था हम

5:58लोगों ने 1765 की ट्रीटी

6:011765 एंड दिस ट्रीटी इज दिस ट्रीटी इज

6:04ट्रीटी ऑफ अलाहाबाद

6:06ट्रीटी ऑफ अलाहाबाद

6:09अब वापस इस ट्रीटी ऑफ अलाबाद प आते हैं

6:12राट ट्रीटी ऑफ अलाबाद ट्रीटी ऑफ अलाहाबाद

6:14वास बेसिकली ब्रेन चाइल्ड ऑफ रॉबर्ट

6:16क्राइब स्पेशली इनको भेजा गया था कि भाई

6:18जाइए ट्रीटी ऑफ अलाबाद करिए और जब ये आए

6:21तो इन्होंने कहा कि भाई हम लोग शुरू करना

6:23चाहते हैं इंडिया में डुअल

6:26गवर्नमेंट डुअल गवर्नमेंट आइए इस बात को

6:29सम

6:30तो एज पर ट्रीटी ऑफ अलाबाद इन्होंने कहा

6:32कि हमको हमको चाहिए बंगाल बिहार उड़सा का

6:36दीवानी राइट्स तो

6:40बंगाल

6:42बिहार और

6:45उड़ीसा इसका इन्होंने मांग लिया कि हमें

6:48इसका दीवानी राइट चाहिए

6:50दीवानी दीवानी राइट्स बोले तो दीवानी

6:53राइट्स का मतलब यह हो गया कि हमको

6:55अंग्रेजों को यहां पे क्या चाहिए अंग्रेज

6:57यहां पे मांग रहे हैं कि हमको राइट टू

6:59कलेक्ट रेवेन्यू

7:01यह चाहिए हम लोग रेवेन्यू कलेक्ट

7:08करेंगे इसका मतलब इसका मतलब सिर्फ हम

7:11रेवेन्यू कलेक्ट करेंगे हमारा और कुछ जो

7:14है उद्देश्य नहीं है हमें सिर्फ और सिर्फ

7:16चाहिए टेरिटोरियल रेवेन्यू अब तक जो हम

7:18लोग पैसा कमा रहे थे अब तक हम लोग पैसा

7:20कमा रहे थे सामान यहां से वहां करके

7:22ट्रेनिंग द्वारा राइट कमर्शियल रेवेन्यू

7:24हुआ करता था तो ये जो रेवेन्यू था दिस वाज

7:27कमर्शियल रेवेन्यू

7:30लेकिन अब क्या है अब हमको जमीन वाला

7:32रेवेन्यू चाहिए तो हेयर हेयर व्ट वी नीड इ

7:35नाउ वी आर लुकिंग फॉर वाया डुअल गवर्नमेंट

7:38वी आर लुकिंग फॉर टेरिटोरियल रेवेन्यू

7:40लैंड रेवेन्यू

7:43हमको यह वाला रेवेन्यू चाहिए इसमें हमको

7:46इंटरेस्ट क्या हमको राज्य चाहिए कहर ना

7:48भाई हमको राज्य नहीं चाहिए साहब यहां पर

7:51जो नवाब बैठा हुआ है नवाब इसको बैठा रहने

7:54दो लेट इट बी लेट इट बी कि हा जो नवाब है

7:57तो है और बाकी जो एडमिनिस्ट्रेशन वगैरह है

8:00लॉ एंड ऑर्डर एक्सट्रा जिसको आप कहते हैं

8:03लॉ एंड ऑर्डर को निजामत फंक्शंस निजामत

8:05फंक्शंस में हमको बहुत इंटरेस्ट एस सच

8:08नहीं राइट वी आर नॉट इंटरेस्टेड इन द

8:10निजामत फंक्शन कि यहां जुडिशरी देखें लॉ

8:13एंड ऑर्डर देखें यह सारा फंक्शन हमको

8:14हमारे लिए इंपोर्टेंट नहीं खाली सिर्फ

8:16हमको क्या चाहिए दीवानी राइट्स चाहिए

8:18अच्छा दीवानी राइट्स के साथ-साथ एक और चीज

8:21फ्री में आती है दीवानी राइट्स आल्सो

8:22इंक्लूड्स सिविल

8:25जस्टिस तो यह ऑटोमेटिक जो है अपने आप

8:28अंग्रेजों के पास फ्लो कर जाएगा कि जब वो

8:30दीवानी राइट्स मांगेंगे तो कम से कम इतना

8:32जुडिशरी तो उनके पास आ ही जाएगा कि जो

8:34फैमिली लॉज वगैरह है व कहेंगे ठीक है चलो

8:36हम देख लेंगे कोई दिक्कत की बात नहीं

8:38जुडिशरी जुडिशरी में एक पार्ट जो सिविल

8:40जस्टिस वाला है ये हम देख रहे हैं बट लॉ

8:42एंड ऑर्डर क्रिमिनल जस्टिस ऑल दीज थिंग्स

8:44विल बी हैंडल्ड बाय नवाब राइट ऐसा करके

8:48इन्होंने ट्रीटी कर ली किसके साथ ट्रीटी

8:49कर दली इन्होंने शाह आलम के साथ राइट शाह

8:52आलम और और अवध अवध के साथ भी एक ट्रीटी

8:55करी अवध को भी कुछ पैसे दे दिए राइट है ना

8:58पेंशन एट सेक्ट्रा कुछ अमाउंट दे दिया और

9:00शाह आलम से भी कहा कि तुम बैठो यहीं पे

9:02शाह आलम और हमको यह वाला हक जो है दे दो

9:06आप कहेंगे सर नवाब से क्यों नहीं मांगा

9:08क्योंकि शाह आलम है मुगल

9:10एंपरर राइट मुगल एंपरर है और मुगल एंपरर

9:13का हक बनता है बंगाल बिहार उड़सा से तो

9:15उसने दीवानी राइट्स किससे मांगे शाह आलम

9:17से मांग लिए तो ट्रीटी के हिसाब से अब

9:20इनको मिल चुका है दीवानी राइट दिस दिस होल

9:23थिंग इज कॉल्ड एज डुअल गवर्नमेंट अगर आप

9:26बंगाल बिहार उड़सा में देखिए तो दिस इज द

9:29कांसेप्ट ऑफ डुअल गवर्नमेंट मतलब मतलब यह

9:32कि गवर्नमेंट का एक हिस्सा इज बीइंग लेड

9:35बाय ईस्ट इंडिया कंपनी ये हैंडल करेगा

9:38ईस्ट इंडिया कंपनी और बाकी के फंक्शन कौन

9:40हैंडल कर रहा है

9:42नवाब राइट तो बंगाल बिहार ओरिसा में

9:45रेवेन्यू कौन कलेक्ट करेगा ईस्ट इंडिया

9:47कंपनी क्या इनको रेवेन्यू कलेक्ट करना आता

9:49है नहीं क रेवेन्यू कलेक्ट करना तो नहीं

9:51आता है क्या करेंगे साहब आप देन देन हम

9:53ऐसा करेंगे कि हम इंडियन कलेक्टर्स को

9:55हायर कर देंगे ईस्ट इंडिया कंपनी कहेगी कि

9:58हम इंडियन कलेक्टर्स को हायर कर देंगे

10:00जैसे कि बंगाल में बंगाल में बिठा देंगे

10:02रिजा खान को क्या काम करेगा ये रेवेन्यू

10:06कलेक्शन सिमिलरली बिहार रीसा प हम देख

10:08लेंगे एक जो है राजा सिताब रॉय हैं राजा

10:10सिताब रॉय इनको काम दे देंगे कहेंगे ये

10:14लोग कलेक्ट करेंगे हमको पैसा दे देंगे तो

10:16ऐसा भी नहीं है कि ये वाला फंक्शन भी

10:18इन्होंने पर्सनली देखा हो कि नहीं रॉबर्ट

10:20क्राइव कहेंगे हमारा एक ऑफिसर होगा जो

10:22घर-घर जाके काम करेगा ना ये भी ये भी

10:24इन्होंने डेलीगेट कर दिया कि दो इंडियन

10:26कलेक्टर हायर करें इंडियन जो है दीवान

10:28हायर करें तो दज आर बेसिकली डेप

10:31दीवान कि अगर ईस्ट इंडिया कंपनी दीवान है

10:34तो उन्होंने अपने नीचे कुछ डेप नायब जो है

10:36हायर कर दि राइट दज आर नायब दीवान या फिर

10:40डेप

10:41दीवान और अभी भी अभी भी बाकी

10:43एडमिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी किसके पास

10:44है नवाब के पास तो कहने का मतलब आधा रूल

10:47नवाब के पास है और आधा रूल ईस्ट इंडिया

10:49कंपनी के पास है यानी बंगाल बिहार रिसा

10:52में दो लोग रूल कर रहे हैं इसीलिए इसको

10:54कहा जाता है डुअल

10:55गवर्नमेंट तो 1765 में कांसेप्ट आया ड व

10:59गवर्नमेंट का अब इसमें इसमें गड़बड़

11:02गड़बड़ यह है कि गड़बड़ यह है कि भाई सारी

11:04जिम्मेदारी इस आदमी के पास है नवाब के पास

11:07है ना और ये क्या बना हुआ है नॉमिनल हेड

11:09किसी काम का हेड है नहीं सारा पैसा किसके

11:11पास है ईस्ट इंडिया कंपनी के पास तो

11:13रिस्पांसिबिलिटीज आर

11:18हियर राइट बट इज ही हैविंग पावर फॉर जो है

11:21वीडिंग दज रिस्पांसिबिलिटी नो उसके पास

11:24पावर ही नहीं है सारी पावर किसके पास है

11:26सारी जो यू कैन से पैसा जो है इनके पास है

11:28जब तक पैसा नहीं देंगे तब तक वो क्या ही

11:30करेगा तो सारा पावर पैसा और प्लस यह जो ये

11:33जो नवाब है ये भी पपेट नवाब है यह सुनता

11:35ईस्ट इंडिया कंपनी की है करेगा भी क्या हो

11:38तो टेक्निकली फेस बना रखा है नवाब को बना

11:40रखा है कि तुम्हारी जिम्मेदारी है भाई

11:42देखो यह आदमी है जो यहां पर रूल कर रहा है

11:44बट बैकग्राउंड में देखो पीछे एक्चुअली

11:46पावर किसी और के पास है नाउ दिस लीड्स टू

11:49दिस सिचुएशन लीड्स टू व्ट दिस सिचुएशन

11:51लीड्स टू ऑटोमेटिक

11:54करप्शन राइट नाउ देर विल बी रपट

11:57करप्शन तो हालत ही खराब हो जाएगी एक

12:01प्राइवेट कंपनी के ने जिस तरीके से ये

12:03मुद्दा उठाया है राइट है ना अब ये पूरी

12:05हालत खराब होने वाली है तो हम बात कर रहे

12:06हैं कि हां भाई एक ट्रेडर की तरह आए थे और

12:09किस तरह से 1765 में दे आर बिकमिंग रूलिंग

12:12बॉडी राइट यहां पे बाय बाय दिस ट्रीटी ऑफ

12:15अलाहाबाद उन्होंने दीवानी ले ली है बंगाल

12:17बिहार उड़सा के राइट यहां से हम लोग जर्नी

12:19चालू कर रहे हैं तो ड्यूल गवर्नमेंट हम

12:21लोगों ने एस्टेब्लिश किया कि हांस इस

12:23तरीके से ड्यूल गवर्नमेंट एस्टेब्लिश हुई

12:25दो डेप्युटी नवाब यहां पे हायर कर लिए गए

12:26हैं डेप्युटी दीवानसंस और बिहार नवाब नहीं

12:29दीवान है ना डेप्युटी दीवान नाब दीवान नाउ

12:33नाउ सो दिस इज डुअल गवर्नमेंट अब इस डुअल

12:35गवर्नमेंट से जो है नुकसान क्या हो रहा है

12:37डुअल गवर्नमेंट से अब जो कंपनी के सर्वेंट

12:39हैं जो सामान खरीदना चाहते हैं मार्केट से

12:42जो पहले ही सस्ते में खरीद रहे थे अब वो

12:44कहेंगे हमारे ही चलती है तो किसानों से

12:46कहेंगे कि हां ये जो सामान तुम हमको पहले

12:47₹5000000

12:48का दोगे ₹2000000 का दोगे या फ्री में दे

12:51दोगे तो नाउ देयर विल बी रैंप एट करप्शन

12:53और अब इसके साथ-साथ क्या चालू हो जाएगा

12:55एक्सप्लोइटेशन चालू हो जाएगा किसानों का

12:57आर्टिजंस का जबरदस्ती चालू हो जाएगी कि

13:00हमको और सस्ते में दो और सस्ते में दो और

13:01सस्ते में दो क्या ये लोग कोई भी जो है ये

13:04आपका कस्टम ड्यूटी वगैरह पे करेंगे ये कोई

13:06कस्टम ड्यूटी वगैरह पे नहीं करेंगे नाउ तो

13:08दिस इज लाइक दिस इज लाइक कि सिचुएशन काफी

13:10खराब हो रही है हमारे लिए बट दूसरी

13:13प्रॉब्लम ये है कि ये जो करप्शन है इस

13:15करप्शन के चक्कर में जो कंपनी के

13:19सर्वेंट्स हैं वो तो बहुत फायदा उठाने

13:22लगेंगे उनके पास खूब पैसा आ रहा है लेकिन

13:25एक्चुअली कंपनी के पास कोई फायदा नहीं आ

13:27रहा उसको आर्मी भी मेंटेन करनी पड़ रही है

13:30ये सारे ऑफिसर्स का पैसा भी देना पड़ रहा

13:31है एक्सेट्रा तो उसके पास बहुत पैसा नहीं

13:33आ रहा एंड कंपनी इज गोइंग फॉर बैंकर

13:39पसी ये बड़ी अजीब सी बात है कि हमको लग

13:41रहा है कि ईस्ट इंडिया कंपनी एकदम हंकी

13:43डोरी चल रहा होगा राइट है ना पैसों की

13:45बारिश हो रही होगी है ना मस्ती कर रहे

13:47होंगे लोग अयाशी हो रही होगी हम सोच रहे

13:49थे कि ईस्ट इंडिया कंपनी के कॉफर्स जो है

13:51वो एकदम भरे जा रहे होंगे बट एक्चुअली

13:53एक्चुअली सिचुएशन में उल्टा हो रहा है कि

13:56दिस डुअल गवर्नमेंट इज नॉट एट ऑल फ्रूटफुल

13:58फॉर ईस्ट इंडिया कंपनी सच राइट जो ईस्ट

14:01इंडिया कंपनी है इससे फायदा उठा ही नहीं

14:02पा रही है तो सी तो आफ्टर 1765 आफ्टर 1765

14:08दिस ईस्ट इंडिया कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी

14:10इ गोइंग

14:12फॉर बक

14:17बैंकर अब ऐसे में ऐसे में जो है एक और

14:21प्लेयर को एंटर कराते हैं ट नॉट ओनली ईस्ट

14:23इंडिया कंपनी राइट एक और एंट्री समझते हैं

14:27एक

14:30गेम में एक तो इंडिया है राइट गेम में

14:34इसके

14:35अलावा इसके अलावा हमने समझा ईस्ट इंडिया

14:39कंपनी

14:40है ईस्ट इंडिया कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी

14:44इज बीइंग लेड बाय दे डायरेक्टर ईस्ट

14:46इंडिया कंपनी की गवर्निंग बॉडी जो है हम

14:48कहेंगे उसे कि हा इट इ बीइंग लेड बाय दे

14:52बॉडी कॉल्ड कोर्ट ऑफ

14:55डायरेक्टर्स कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स

14:59तो यहां के जो डायरेक्टर्स है यही सारे

15:01डिसीजन ले रहे थे यही सारी चीजें यहां पर

15:03कर रहे थे इन्होंने ही रॉबर्ट क्राइब को

15:05भेजा था और इन्होंने यहां पर ड्यूल

15:06गवर्नमेंट सेट अप कर दी अभी हमने समझा

15:08डुअल

15:09गवर्नमेंट यह मुद्दा यहां पर बन चुका

15:12है बट कहानी में और भी लोग है कहानी में

15:16कहानी में एजिस्ट करती है ब्रिटेन सरकार

15:19ब्रिटिश

15:20गवर्नमेंट राइट है ना स्वयं ब्रिटेन भी तो

15:23है स्टोरी में हमें भूलना नहीं चाहिए कि

15:25ईस्ट इंडिया कंपनी मात्र एक प्राइवेट

15:27कंपनी है सिर्फ और सिर्फ एक प्रवेट कंपनी

15:29सरकार थोड़े है राइट है ना कि हां क्या

15:32यही सर्वे सर्वा है नहीं इनके ऊपर भी कोई

15:34बैठा हुआ है मात्र एक प्राइवेट कंपनी है

15:37और जबक यहां पर यहां पर वी हैव ब्रिटिश

15:39गवर्नमेंट जिसका एक मोनार्क है क्राउन है

15:42राजा है रानी है कोई राइट है ना तो क्राउन

15:45भी है प्लस प्लस यहां पर क्या है

15:47पार्लियामेंट है तो कोई प्राइम मिनिस्टर

15:49होगा और उसके नीचे क्या होगी पार्लियामेंट

15:54होगी

15:56पार्लियामेंट तो जो ब्रिटेन सरकार है

15:59टेक्निकली ब्रिटिश सरकार वो ऑब्जर्व कर

16:01रही है कि यह प्राइवेट कंपनी ने तो बहुत

16:03कुछ कर लिया भाई ड्यूल गवर्नमेंट कर दिया

16:05है क्या बात है राइट है ना कि हां जिस जिस

16:08इंडिया के ट्रेड पर अब तक हमारी नजर रहा

16:10करती थी राइट जहां पर जहां पर दो

16:12प्रेसिडेंसी और है एक मद्रास

16:15प्रेसिडेंसी और एक बॉम्बे

16:18प्रेसिडेंसी और तीसरी जो कलका प्रेसिडेंसी

16:21हमारी हुआ करती थी कलका प्रेसिडेंसी यह

16:25कहां से कहां पहुंच गई राइट अपना एक डुअल

16:29गवर्नमेंट सरकार बना दिया इन्होंने प्लस

16:31प्लस सुनने में आया है सुनने में आया है

16:33कि यहां से जो रेवेन्यू आ रहा है कुछ नहीं

16:36तो 40 लाख पाउंड पर एनम इतना रेवेन्यू आ

16:40रहा है इतना पैसा आ रहा है अब इस पैसे पर

16:43नजर क्या सरकार की भी है सरकार की भी इस

16:45पर नजर है और जब सरकार की पैसे पर नजर हो

16:47तो क्या बोलती है टैक्स दो टैक्स तो पहली

16:50बार सरकार ने कहा कि हे प्राइवेट कंपनी

16:53राइट है ना तुम इतना कमा रहे हो तो हमको

16:55टैक्स दो सो अगर 40 लाख कमा रहे हो हो तो

16:59कम से कम 10 पर तो पहली बार 1767 में

17:04डिमांड आई 10 पर की कि 4 लाख पाउंड कम से

17:08कम किसको दे दो ब्रिटिश सरकार को दे दो

17:11जिसे हम कह सकते हैं कि ब्रिटेन को दे दो

17:14तो ब्रिटिश सरकार ने पहली बार डिमांड करी

17:16कि हमको जो है क्या चाहिए हमको इसमें

17:18हिस्सा चाहिए हमको भी शेयर चाहिए कि इतना

17:20कमा रहे हो तो थोड़ा सा हमको भी दे दो

17:23राइट अब सिचुएशन एक तरफ है कि सरकार भी

17:25पैसा मांग रही कह रही हमको 4 लाख पाउंड दे

17:27दो दूसरी तरफ है कंपनी के पास पैसा ही

17:29नहीं है कंपनी जा रही है बैंकर पसी की तरफ

17:31तो सिचुएशन खराब है यहां यहां ये जो कंपनी

17:34है ये कंपनी बता नहीं रही कि हम बैंकर पसी

17:36की तरफ जा रहे हैं यह बैंक रप्स की खबर जो

17:38है ऐसा नहीं सबको बता दिया कि हम बहुत

17:40घाटे में है राइट मजा नहीं आ रहा है काम

17:43में राइट समझ रहे रिजाइन कर द ऐसा करके

17:45ऐसा करके बता नहीं रहे किसी को तो ये

17:47बैंकर पसी की घटना किसी को इन्होंने बताई

17:49नहीं थोड़ा सर्जरी चल रही है राइट और ये

17:51ये कंसील करके ऐसा शो कर रहा है कि हां सब

17:53अच्छा चल रहा है कोई दिक्कत नहीं सब

17:55बढ़िया दे आर लाइक कि हां एक दिन सब सही

17:57हो जाएगा कोई दिक्कत की बात नहीं बट ऐसा

17:59हो नहीं रहा अब ऐसे में ऐसे में 1769

18:03में 1769

18:06समर 1769 दे अप्लाइड फॉर लोन कुछ न मिलियन

18:11डॉलर का लोन मांग

18:15बैठे राइट है ना तो 1 मिलियन डॉलर

18:21समवेने एक डिविडेंड डिक्लेयर किया था

18:24डिविडेंड 125 पर का डिविडेंड डिक्लेयर कर

18:27दिया

18:29कि हां ठीक है जो हमारे स्टेक होल्डर्स है

18:30उनको पैसा मिल जाए तो 125 पर का डिविडेंड

18:33डिक्लेयर कर दिया और दूसरी तरफ दूसरी तरफ

18:35जो है इन्होंने 1770 तक आते-आते

18:381770 ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1 मिलियन डॉलर

18:41का लोन मांग

18:42लिया लोन किससे बैंक ऑफ इंग्लैंड से तो

18:46बैंक ऑफ इंग्लैंड एंड बेसिकली ब्रिटेन

18:48सरकार अब सोच में पड़ गई कि क्या इनके पास

18:50सही में पैसा है है ना क्या यह जो इतना

18:53बढ़िया सिस्टम क्रिएट हुआ है आज जो

18:55ब्रिटेन के हाथ में या फिर हमारे हाथ में

18:57जो ड्यूल गवर्नमेंट आ गया है है इतना

18:58बंगाल बिहार उड़ीसा प हमारा कंट्रोल आ गया

19:00है कहीं हाथ से निकल ना जाए कहीं ईस्ट

19:03इंडिया कंपनी की बेवकूफी की वजह से यह सब

19:05छूट ना जाए राइट सो नाउ दे आर वड दे आर

19:07डिस्कसिंग क्या करें क्या करें क्या करें

19:09ऐसा डिस्कशन चल रहा है राइट तो यहां पे

19:11यहां पे जो है एक कमेटी बनाई गई है ना कि

19:13हां डिस्कशन हो रहा है कमिटी बनाई गई कि

19:14बताओ क्या करना है क्या करना है ऐसा करके

19:16चल रहा है अभी ये कमेटी कुछ डिसाइड कर

19:18पाती क्योंकि पार्लियामेंट है भाई आराम से

19:20डिस्कशन कर रहे थे 1772 तक आते आते

19:241772 1772 तक आते-आते इन्होंने फिर से एक

19:28मिलिन डलर का लोन मांग

19:30लिया अब ये थोड़ा ज्यादा हो गया राइट है

19:33ना 72 तक आते आते दे आर लाइक कि हा हमको

19:35एक मिलियन डॉलर और चाहिए अब ब्रिटिश सरकार

19:39कहेगी एक मिनट रुकिए एक सीक्रेट कमेटी

19:41बिठाई गई और डिसाइड हुआ कि भाई इनको दे दो

19:46जो पैसा मांग रहे हैं राइट लोन इज

19:49ओके बट नाउ वी नीड टू

19:52रेगुलेट यह कंपनी अपने हाल पर मत छोड़ो यह

19:56लोग सब तबाह कर देंगे बर्बाद कर देंगे इट

19:58इज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट कि जो भी हो रहा

20:01है इंडिया में इट इज वेरी इंपॉर्टेंट कि

20:03वी शुड डायरेक्टली

20:05इंटरवेनर गुुड दिस होल अफेयर य जो भी कुछ

20:08चल रहा है दिस नीड सम

20:14रेगुलेशन राइट है ना एक और बात मत भूलो कि

20:17हां यह जो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स या जो

20:19ईस्ट इंडिया कंपनी है दिस इज अ प्राइवेट

20:21कंपनी एंड दिस इज टेक्निकली अ ट्रेडिंग

20:24कंपनी ट्रेडिंग

20:27कंपनी क्या इस कंपनी के पास ये हक है कि

20:30क्या कहीं पे जाके एक प्राइवेट कंपनी

20:32जिसको बिजनेस करने के लिए हमने लाइसेंस दे

20:34रखा है यहां पे चार्टर दे रखा है 1600 में

20:36क्या ये इसको हक है कि किसी एरिया में

20:39जाके ये एडमिनिस्ट्रेशन

20:43करें क्या ये हक किसको है है ना तो ये भी

20:47बात है कि हां भाई प्राइवेट कंपनी है

20:48तुमको ट्रेड करने के लिए भेजा था तो वहां

20:50पे जाके एडमिनिस्ट्रेशन की बात कर रहे हो

20:51दीवानी राइट्स की बात कर रहे हो लैंड

20:52रेवेन्यू कलेक्शन की बातें कर रहे हो क्या

20:54ये तुमको हक है तो टेक्निकली नाउ यू कैन

20:57से जब पैसा आता है ना जब लोन मांगा है

20:59इन्होंने तो जब पैसा आता है तो उसके साथ

21:01शर्त आती राइट तो ये जो रेगुलेशन है तो

21:04यहां पर ब्रिटिश सरकार ने डिसाइड किया कि

21:06हम हम जो है सक हम जो है इसको रेगुलेट

21:08करेंगे राइट रेगुलेशन की जो है यहां पर

21:11बात आई मीनवाइल कोर्ट ऑफ डायरेक्टर ने यह

21:14भी डिसाइड कर लिया कोर्ट ऑफ डायरेक्टर ने

21:16डिसाइड किया कि दिस डुअल गवर्नमेंट इ नॉट

21:18वर्किंग फॉर

21:19अस है ना दिस डल गवर्नमेंट इ नॉट वर्किंग

21:22फॉर अस और और यहां पर 1772 में दे हैव

21:27आल्सो सेड डुअल गवर्नमेंट हम लोग नहीं

21:30कंटिन्यू करेंगे अब हम डायरेक्ट

21:32एडमिनिस्ट्रेशन

21:35देखेंगे दिस इज एक्चुअली

21:40टेकओवर इसका मतलब कि आगे क्या अब कोई नवाब

21:44की पावर रहेगी नवाब को दे दो पेंशन नवाब

21:47को पेंशन दे दिया जाए किनारे कर दिया जाए

21:49और एक्चुअल रूल ये जो डुअल गवर्नमेंट है

21:52डुअल गवर्नमेंट का रूल यहां पर खत्म हो

21:54जाएगा राइट सिर्फ 72 तक है और इसके आगे

21:57इसके आगे जो है अब एक्चुअली कंपनी का

21:59डायरेक्ट रूल शुरू

22:02होगा यहां पर गवर्नर जनरल बनाए जाएंगे जगह

22:05भेजे जाएंगे वॉरेन हेस्टिंग्स

22:10वरन हेस्टिंग्स कि वरन हेस्टिंग्स बनेंगे

22:13गवर्नर जनरल और ये डुअल रूल को खत्म कर

22:16देंगे तो समझिए कि हां ये एक तरफ एक तरफ

22:19बात हो रही है कि यहां रेगुलेट किया जाए

22:20रेगुलेट किया जाए दूसरी तरफ बात हो रही है

22:23कि भाई ये जो ड्यूल गवर्नमेंट है इसे खत्म

22:25करते हैं बंगाल में बिठा दिया गया वरन

22:28हेस्टिंग एस द

22:31गवर्नर राइट ही इज द गवर्नर

22:34ऑफ ही इ द गवर्नर ऑफ

22:41कोलका एंड अब जो है डायरेक्ट

22:43एडमिनिस्ट्रेशन चालू

22:47होगा यहां से कहानी चालू होगी वरन

22:49हेस्टिंग एस द गवर्नर ध्यान रखो कि हां

22:52अभी जो वरन हेस्टिंग है वो मात्र एक

22:55गवर्नर है गवर्नर और ऑफ

22:59कलका मात्र एक गवर्नर वैसा ही गवर्नर

23:03मद्रास में बैठा है वैसा ही गवर्नर बम्बे

23:06में बैठा हुआ

23:08है तो तीन गवर्नर एजिस्ट करते हैं और समय

23:11हो चुका है कि हां चलो रेगुलेट किया जाए

23:13तो दिस इज हाउ वी विल हैव कि यहां जो

23:16ब्रिटिश सरकार है जो पार्लियामेंट है वहां

23:18पर डिस्कशन होगा और पहला एक्ट भेजा जाएगा

23:20ब्रिटिश सरकार द्वारा व्हिच इज कॉल्ड एज

23:23रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ 1773 राइट सो दिस इज

23:26हाउ द स्टोरी विल स्टार्ट कम टू दी द

23:29रेगुलेटिंग एक्ट कॉन्स्टिट्यूशन डेवलपमेंट

Constitutional development 1773-1858

23:31व्हिच इज़ अबाउट रेगुलेटिंग एक्ट 1773 तो

23:34हमने समझा कि हां ये किस तरीके से कहानी

23:35बढ़ रही थी हमने जाना कि हां जो है 1761

23:38में दे हैव आस्क फॉर 10 पर और ये 72 में

23:41हमने डुअल गवर्नमेंट क्या कर दी खत्म कर

23:43दी राइट है 1765 टू 72 इतनी ही थी डुअल

23:46गवर्नमेंट और उसके बाद जो है डुअल

23:48गवर्नमेंट नहीं रहे अब यहां से डायरेक्ट

23:50गवर्नमेंट स्टार्ट हो रहा है हमने समझा कि

23:52हां ये जो समा था ये सात साथ ड डुअल

23:55गवर्नमेंट वाले हैं दिस इज ऑल वेरी वेरी

23:57प्रॉबल पबमेटिक स्पेशली फॉर द ईस्ट इंडिया

23:59कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी को भी इससे कोई

24:01फायदा हो नहीं हमारे लिए भी नुकसान है कि

24:03हां इस तरह का करप्शन इस तरह का जो है

24:05ऑपरेशन हो रहा है सो नाउ तो नाउ फ्रॉम

24:08हेयर डायरेक्ट रूल ऑफ द कंपनी स्टार्टस

24:10फ्रॉम 1772 एक्चुअली कंपनी रूल तो 1772 से

24:28188

24:30तक

24:3618582

24:37से दिस इ दिस इज द कंपनी

24:41रूल जब ईस्ट इंडिया कंपनी हमारे ऊपर राज्य

24:44कर

24:46रही बट

24:5318582 के बाद इट इ एक्चुअली डायरेक्ट

24:56ब्रिटेन हमारे ऊपर राज्य करने

24:59लगेगा अब इस जमाने में बहुत सारे एक्ट आने

25:02वाले हैं पहले इसको देखते हैं और उसके बाद

25:04ब्रिटेन भी हमको बताएगा कि किस तरीके से

25:06रूल होने वाला है तो यहां भी बहुत सारे

25:07एक्ट आने वाले हैं राइट एंड फाइनल फाइनली

25:09ये कहानी एंड होगी 1947 पे आजादी के

25:13साथ राइट तो दो पार्ट में इससे मैं सीजन

25:16वन कहता हूं उसे मैं सीजन टू कहता हूं तो

25:18आइए कहानी शुरू करते हैं पहले पार्ट वन

25:19डिस्कस करते हैं कि हां यहां पे क्या हो

25:21रहा है राइट सो या सो लेट्स स्टार्ट तो

25:24रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ़

25:251773 नाउ अगेन अगेन बिफोर वी गो इन टू दिस

25:29एक्ट एक छोटी सी बात और समझो

25:32कि यहां पर कंपनी रूल के

25:37दौरान जो ब्रिटेन है

25:40ब्रिटेन यह कंपनी को बताना चाहता है कि

25:42तुम्हें कैसे राज्य करना है राइट ये जो

25:45पूरी कहानी है कि जो ब्रिटेन है वो कंपनी

25:47को बता रहा है कि तुम्हें किस तरीके से

25:49राज्य करना है जैसे कि जैसे कि पहली

25:52इंपोर्टेंट बात है कि हां सेंट्रलाइजेशन

25:55क्या आपके ये तीन गवर्नर अलग-अलग बैठे हुए

25:59हैं राइट इनको थोड़ा सा सेंट्रलाइज करते

26:01हैं कोई एक पावर सेंटर होना चाहिए इंडिया

26:04में तो इनिशियली इनिशियली देयर विल बी

26:06सेंट्रलाइजेशन कि पावर को सेंट्रलाइज करने

26:09लगेंगे एंड बाय 1833 दे विल

26:13रियलाइफ कर दिया तो 1833 पीक ऑफ

26:16सेंट्रलाइजेशन है और उसके बाद क्या होने

26:18लगेगा थोड़ा सा डिसेंट्रलाइजेशन होने

26:20लगेगा कि नहीं थोड़ी पावर इधर-उधर भी दे

26:22दो तो सेंट्रलाइजेशन फॉलो बाय

26:24डिसेंट्रलाइजेशन एक तो यह होने वाला है इस

26:27दौरान

26:29दूसरा दूसरा हम देखेंगे कि बहुत सारे

26:32इंस्टीट्यूट्स

26:33तो दिस इंस्टीट्यूशनलाइजेशन ऑफ द

26:39गवर्नमेंट कि बहुत सारी चीज जो इंडिया में

26:41एजिस्ट नहीं करती थी है ना पार्लियामेंट

26:43वग एस्ट कुछ नहीं करती थी तो नाउ वी विल

26:45सी नाउ देर आर इंस्टिट्यूट इन इंडिया

26:47कमिंग लाइक कि हा जो है देर विल बी सम

26:50एग्जीक्यूटिव

26:51बॉडी

26:52एग्जीक्यूटिव लेजिसलेटिव ये अब तक नहीं

26:55रहता था इंडिया में तो ये कुछ डेवलपमेंट

26:58इंडिया में होने लग रहा है सुप्रीम

27:02कोर्ट एटस

27:04एट बहुत सारे इंस्टीट्यूट्स का डेवलपमेंट

27:07भी यहां पर हो रहा है तीसरी बात तीसरी बात

27:10ब्रिटेन यह दिखाना चाहती है कि हां हम

27:13तुम्हारे मालिक है तुम हमारे कंट्री में

27:16एक छोटी सी एक अदनी सी जो है प्राइवेट

27:18कंपनी हो और यहां पर मालिक कौन है मालिक

27:20हम है तो वो कहीं ना कहीं यह भी जताने की

27:22कोशिश करेगी कि यह जो पूरा राज्य है यह

27:25हमारा है तो इंडिया एक्चुअली ब्रिटेन को

27:28जो है यू नो अ ब्रिटेन को बिलोंग करती है

27:32तो इट इज इंडिया इज टेक्निकली ब्रिटिश

27:34पोजीशन ऐसा भी समझाना

27:40पड़ेगा ब्रिटिश पोजीशन और टाइम आने पर

27:43टाइम आने पर इनको साइडलाइन करना पड़ेगा तो

27:45दे हैव टू बी

27:49साइडलाइन तो आइए समझते हैं हां ये कैसे

27:52हुआ ओवरऑल ये ड़ थोड़ा सा हमने भूमिका

27:54बांधी कि हां यू नो इस तरीके से ऐसे 1773

27:57से स्टार्ट होके ट 1772 से ड्यूल

27:59गवर्नमेंट खत्म हुई है और पहला एक्ट जो

28:01आएगा पहला एक्ट आने वाला है 1773 में और

28:05देखिए इसका नाम भी क्या है रेगुलेटिंग

28:08एक्ट मेक सेंस कि हां पहला रेगुलेटिंग

28:10एक्ट होना चाहिए रेगुलेटिंग एक्ट राइट आप

28:13चाहे तो इसी में कंटिन्यू कर सकते हैं

28:15लेकिन मैं एक फ्रेश टाइमलाइन बनाऊंगा

1773: The Regulating Act

28:16क्योंकि मुझे थोड़ा सा स्पेस चाहिए लिखने

28:18के लिए ो दिस इज द रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ

28:201773 ब्रिटेन ने अपना पहला चिट्ठी भेजा कि

28:23हां भाई यह एक्ट है इसके हिसाब से आप लोग

28:25ऑपरेट करेंगे इंडिया स आइए देखते 1773 का

28:29तो यहां से हम लोग थोड़ एक्ट ड्र करेंगे

28:31पहली कहानी है ल

28:34188

28:36173 रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ

28:411773

28:44रेगुलेटिंग इसका नाम क्या है रेगुलेटिंग

28:46एकट क्यों क्योंकि क्योंकि ब्रिटेन को

28:49इंडिया में ईस्ट इंडिया कंपनी की

28:51गतिविधियों को रेगुलेट करना है इसीलिए

28:53इसका नाम भी क्या रखा गया है रेगुलेटिंग

28:55एक्ट रखा गया एस पर रेगुलेटिंग एक्ट आइए

28:58समझते

28:59हैं तो जैसा कि हमने समझा कि यहां ब्रिटेन

29:03है और एक ब्रिटिश गवर्नमेंट

29:07है राइट जो सारा खेल खेलेगी और दूसरा हम

29:11समझते हैं कि ईस्ट इंडिया कंपनी है और

29:13उसके कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स हैं जो सब कुछ

29:16ऑपरेट कर रहे हैं सीओडी बोले तो कोर्ट ऑफ

29:18डायरेक्टर्स और इंडिया में हमने समझा कि

29:21इंडिया

29:22में इंडिया में वी हैव थ्री गवर्नर्स एक

29:26गवर्नर ऑफ कोलका

29:28एक गवर्नर यहां बैठा हुआ

29:33है एक गवर्नर मद्रास में है और एक गवर्नर

29:37बमबे में तीन गवर्नर इस तरह से बैठे हु एस

29:41पर द रेगुलेटिंग क्या पढ़ रहे हम लोग

29:43रेगुलेटिंग एक्ट

29:44पढ़ दिस इ रेगुलेटिंग

29:53एक्ट ना ब्रिटेन कहेगा कि नहीं थोड़ा

29:55स्ट्रक्चर देकर आ र क्या तीन लोग बिठा रखे

29:58राइट है ना कि हां थोड़ा स्ट्रक्चर हमको

30:00चाहिए तो कहेंगे कि हां जो है जो गवर्नर

30:03ऑफ बंगाल है गवर्नर ऑफ कलका या फिर आप कए

30:05गवर्नर ऑफ बंगाल तो गवर्नर ऑफ बंगाल आज से

30:09इसको हम कहेंगे कि दिस पर्सन हैज टू बी

30:12कॉल्ड एस

30:14गवर्नर जनरल ऑफ

30:19बंगाल गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल कहेंगे इसको

30:23थोड़ा सा इज्जत देते हैं इसको गवर्नर जनरल

30:24ऑफ बंगाल कहते हैं प्लस गवर्नर जनरल ऑफ

30:27बंगाल इ सपोज टू हैव वन

30:30काउंसिल इस इसको एक काउंसिल देते अकेला

30:33आदमी क्या करेगा राट इसको काउंसिल देते

30:36हैं जिसमें चार

30:37लोग तो दिस बिकम गवर्नर जनरल इन काउंसिल

30:42राइट गवर्नर जनरल इन काउंसिल एंड दिस

30:45गवर्नर जनरल इन काउंसिल टेक्निकली टूगेदर

30:48राइट टूगेदर

30:50टूगेदर यू कैन से कि हां इट इ पावरफुल

30:57इंडिया में जो कुछ हैंडल करेंगे वो गवर्नर

30:59जनरल इन काउंसिल हैंडल करेंगे नॉट गवर्नर

31:02जनरल ऑफ बंगाल राइट टुगेदर इन दिस काउंसिल

31:04यानी टोटल पांच लोग पांच लोग क्या है

31:07मिलकर पावरफुल है जिसमें आप कह सकते हैं

31:10कि पांचों बराबर है राइट पांचों ही बराबर

31:12है उनमें से थोड़ा सा ऊपर राइट है ना

31:14हल्का सा ऊपर गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल की

31:18पोजीशन दूसरी बात यह जो बाकी के जो गवर्नर

31:22जनरल है अच्छा एक बराबर वाली बात में एक

31:23और बात कह देते हैं कि सारे डिसीजन ये लोग

31:26किससे द्वारा लेंगे वोटिंग द्वारा लेंगे

31:28ऑल डिसीजन विल बी वाया

31:32वोटिंग या फिर ऐसा कह लीजिए मेजोरिटी

31:35डिसीजन

31:36होगा

31:40मेजॉरिटी मेजॉरिटी डिसीजन यहां पे होने

31:42वाला है राइट इट हैज टू बी मेजॉरिटी

31:45डिसीजन अगर मान लो मान लो कि हां टाई हो

31:48जाए मान लो एक आदमी छुट्टी पे है राइट है

31:51ना बीमार पड़ गया वो आया नहीं मीटिंग में

31:52तो टोटल चार ही लोग थे दो लोगों ने इधर

31:54वोट दिया दो लोगों ने इधर वोट दिया अगर

31:56मान लो ऐसी कभी सिचुएशन आ गई तो इन दैट

31:59केस गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल विल हैव अ

32:02कास्टिंग

32:03वोट कि हां वो टाई ब्रेक कर सकता है राइट

32:07जिधर उसे जाना होगा वो कर सकता है बट अगर

32:09सोचो पांचों लोग मौजूद है और और यह जो तीन

32:14लोग हैं यह तीन लोग अगर एक गुट बना दे और

32:17कहे कि यह होगा तो फिर वह होगा फिर गवर्नर

32:20जनरल ऑफ बंगाल यहां पर कुछ भी नहीं कर

32:22सकता है तो अगेन ट्राई अंडरस्टैंडिंग की

32:25दिस काउंसिल इ पावरफुल नॉट गवर्नर जनरल ऑफ

32:27बंगाल राइट गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल इन

32:30काउंसिल इज पावरफुल

32:31प्लस ये जो बाकी के दोनों गवर्नर हैं आज

32:35से अभी से यह दोनों यह दोनों सबोर्डिनेट

32:38हो रहे हैं इस काउंसिल

32:41के यानी इंडिया में एक पावर सेंटर है वो

32:45है ये और बाकी सब कुछ उसके नीचे आता है अब

32:48इसके कितना नीचे आता है क्या करेगा समथिंग

32:50दिस इज वेरी वेग इसे बहुत ज्यादा डिफाइन

32:52नहीं किया गया है लेकिन लेकिन बाकी सब कुछ

32:55क्या होगा इसके नीचे आएगा तो एक तो एक तो

32:57उन्होंने कहा कि हां इसको पहले स्ट्रक्चर

32:59को जरा ठीक किया जाए जो तीन गवर्नर

33:01अलग-अलग खेल रहे हैं अलग-अलग बैटिंग कर

33:03रहे हैं नहीं इनको साथ में एक टीम बनाओ

33:05राइट है ना तो बंगाल को स्ट्रांग कर दो

33:07व्हाई बंगाल को स्ट्रांग कर दो बिकॉज

33:09बंगाल के पास ज्यादा टेरिटरी है ज्यादा

33:11पावर है बंगाल बिहार रिसा है इन लोगों के

33:14पास ऐसी इतनी टेरिटरी वगैरह एजिस्ट नहीं

33:15करती तो दे आर नॉट एज पावरफुल एज गवर्नर

33:18ऑफ बंगाल तो इट मेक्स सेंस कि हां गवर्नर

33:20ऑफ बंगाल को ही पावरफुल कर दे उसको कर दे

33:22गवर्नर इन जनरल जनरल गवर्नर है भाई वो

33:25राइट ये खाली गवर्नर वो जनरल गवर्नर सब का

33:27ही गवर्नर है वो तो जनरल गवर्नर ऑफ बंगाल

33:29कर दे या गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल कर दे और

33:31प्लस उसको चार लोग भी दे दे अकेला बेचारा

33:33क्या करेगा तो मेजॉरिटी डिसीजन द्वारा ये

33:35लोग सारी चीजें हैंडल करेंगे किसी एक आदमी

33:38के ऊपर रिस्पांसिबिलिटी नहीं आने वाली और

33:40वो एक आदमी इस समय है कौन वो एक आदमी है

33:43इस समय यहां पर वरन हेस्टिंग्स

33:46वॉरेन हेस्टिंग्स वरन हेस्टिंग ही थे

33:49गवर्नर ऑफ बंगाल

33:511772 इन्होंने इन्होंने डुअल गवर्नमेंट

33:53खत्म करी थी और सारा चार्ज अपने अंडर दे

33:55दिया था तभी य ये बम ू गया राइट एकदम से

33:58इनको पता चला कि ये पावरफुल नहीं रह गए

33:59चार लोग और आ गए प्लस ही विल बी देयर टिल

34:021785

34:04ऑलमोस्ट राइट है 1785 86 तक जो है कुछ वरन

34:08हेस्टिंग यहां पर रहने

34:10वाले नाउ नाउ तो दिस वास द फर्स्ट पार्ट

34:13की हां इंडिया में क्या बदला हुआ अभ ये

34:15लोग खड़े देख रहे हैं कि हां जो है यह सब

34:16हो रहा है हमें क्या करना है हमें क्या

34:18करना है इनको बोला गया कि नहीं सर आपको भी

34:20कुछ कुछ करना

34:22है कोर्ट ऑफ डायरेक्टर को बोला गया कि हां

34:24कुछ चीजें पहले जो है अपना आप स्ट्रक्चर

34:27सुधारी खुलिया सुधार पहली बात तो आपके

34:30यहां 24 लोग होंगे तो आज से खाली 24

34:35डायरेक्टर हो सकते हैं ना इससे ज्यादा ना

34:37इससे कम ये नहीं कि किसी साल 25 है किसी

34:39दिन 28 है किसी दिन 12 है ये सब नहीं

34:41चलेगा डिफाइन कर देते हैं कि आपका नंबर भी

34:4324 रहेगा राइट है ना कि हां स्टेबिलिटी

34:45थोड़ी सी रहनी चाहिए दूसरा दूसरा दूसरा यह

34:48है कि हां आप में आप में जो है हर साल 25

34:52पर लोग हर साल रिटायर

34:54होंगे एनुअली यानी कि 25 इस साल रिटायर हो

34:58जाएंगे 25 अगले साल 25 अगले साल 25 अगले

35:01साल दिस इज मोर लाइक कि हां दिस इज अ

35:03स्टेबल

35:04स्ट्रक्चर क्योंकि आप ही लोग है जो चला

35:07रहे अब ऐसा नहीं कि एक साल 24 लोग बदल गए

35:0924 नए आ गए अब वो कुछ और फिलॉसफी लेकर आ

35:12गए तो कुछ और इंडिया में कर रहे हैं तो

35:13हेयर वी नीड स्टेबिलिटी की इंडिया की जो

35:15गवर्नेंस है जो पॉलिसी है वो थोड़ा सा

35:17एडहॉक जम ना हो स्टेबल पॉलिसी हो एंड दैट

35:20इज द रीजन इट इज रिक्वायर्ड कि सारे लोगों

35:22को एक साथ रिटायर मत करो राइट 4 साल का

35:24टेनर ऑलमोस्ट देना चाहिए डायरेक्टर्स को

35:27भी तो डायरेक्टर्स का चा साल का टेनर

35:29रहेगा यह बात यहां पर फिक्स करी गई यहां

35:32कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स इनके इनका भी जो

35:34स्ट्रक्चर है जो ऑर्गेनाइजेशन है इसको

35:36फिक्स करा सरकार ने दूसरी बात इन्होंने

35:40कहा कि सर आपका जो भी जो भी फंक्शन है

35:43राइट है ना जो भी आप जो है जो है ऑपरेट कर

35:45रहे हैं जो भी आपके कागजात हैं विद

35:48रिस्पेक्ट टू विद रिस्पेक्ट टू गवर्नेंस

35:51यह सारे

35:53कागजात आप देंगे ट्रेजरी को

36:00राइट ट्रेजरी को प्लस प्लस देयर इज अ

36:02कैबिनेट मिनिस्टर कॉल्ड सेक्रेटरी ऑफ

36:06स्टेट तो ये जो सारे कागजात हैं ये आप

36:09इनको देंगे फॉर ऑडिट फॉर इंस्पेक्शन कि आप

36:12लोग ठीक कर रहे हैं कि नहीं कर रहे तो दिस

36:15इज हाउ दे वांट टू सी इन द पेपर्स कि हां

36:17भाई आपने क्या पॉलिसी अपनाई कैसा हुआ डटा

36:19क्या रहा समथिंग अच्छा हुआ बुरा हुआ

36:21समथिंग कुछ माल प्रैक्टिसेस हैं गलत

36:23प्रैक्टिसेस हैं तो हमारे जो हमारे जो

36:25ट्रेजरी का जो जो है यू कैन से हेड है

36:27राइट एक्स चकर वगैरह दे विल बी लाइक कि

36:30हां दे विल सी कि अच्छा ये गलत हो रहा है

36:31है ना उसम इंटरवेनर पाएंगे कह पाएंगे हां

36:33ये गलत कर रहे हैं राइट तो अभी जो आपकी

36:35बैंकर पसी की नौबत आ रही है जो आपसे संभल

36:37नहीं रहा है हम लोग कम से कम उसमें देख

36:39पाएंगे कि क्या गड़बड़ हो रहा है तो

36:41ट्रेजरी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ये दो

36:43एक्सपीरियंस लोग सेक्रेटरी ऑफ स्टेट

36:45बेसिकली सरकार का पार्ट है कैबिनेट

36:46मिनिस्टर भी है वो तो देन देन दे विल बी

36:48एबल टू सी दे विबल टू चेक कि हां क्या हो

36:51रहा है तो दिस इज हाउ दे विल बी

36:53रेगुलेटिंग राइट है ना रेगुलेशन की बात उठ

36:55रही है कि दिस इज हा हाउ दिस इज हाउ जो है

36:57दे विल बी

36:59रेगुलेटिंग प्लस प्लस एक और बात इसी में

37:02जोड़ते हैं कि एक और बात इन्होंने कहा कि

37:04भाई ठीक है थोड़ा सा एडमिनिस्ट्रेशन आपने

37:06ले लिया है हाथ में तो थोड़ा हमारे पास

37:08क्या होना चाहिए एक सुप्रीम कोर्ट भी होना

37:09चाहिए तो इंडिया में कांसेप्ट आया पहली

37:12बार सुप्रीम कोर्ट

37:14का अब अभी यह भी बहुत डिफाइंड है नहीं कि

37:17क्या करेगा क्या नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट

37:19तो सुप्रीम कोर्ट विद देर विद द चीफ

37:21जस्टिस एंड ऑल उनको भी भेज दिया कि हां

37:23इंडिया में यहां पे सुप्रीम कोर्ट

37:25एस्टेब्लिश होगा क्योंकि हुआ भी 1774 में

37:29बट क्या इसका फंक्शन बहुत डिफाइंड है नहीं

37:31क्या पूरे इंडिया में होगा नहीं ऑफकोर्स

37:32नॉट अब ये खुद पूरे इंडिया में नहीं है तो

37:34मैक्सिमम कुछ बंगाल हो सकता है बट वील सी

37:36ये खाली कैलक में है प्लस ये कौन से लॉस

37:38देखेगा किसको देखेगा अी ऐसा बहुत डिफाइंड

37:40यहां पे नहीं है एक कोड भी बना दिया

37:42सुप्रीम कोर्ट तो आइए देखते हैं तो हम बात

37:45कर रहे हैं रेगुलेटिंग एक्ट की हमने

37:48समझा हमने समझा कि हां जो ब्रिटिश

37:51पार्लियामेंट है राइट ब्रिटिश

37:52पार्लियामेंट नाउ दे वांट टू बी इवॉल्वड

37:55वो दे वांट टू कंट्रोल एंड रेगुलेट द

37:57फंक्शनिंग ऑफ दी इंडियन कंपनी राइट दे

38:00रिकॉग्नाइज दैट द कंपनीज रोल इन इंडिया

38:02एक्सटेंड बियोंड मोर ट्रेड बियोंड बियोंड

38:04ट्रेड मेयर ट्रेड कि हां पहले सिर्फ

38:06ट्रेडिंग के लिए हमने आपको चार्टर दिया था

38:08अब जो है आप वहां प जिस तरीके का काम कर

38:10रहे हैं इसका मतलब इसका मतलब इसका मतलब

38:13अगर ये रेगुलेटिंग एक्ट भेज रहे हैं तो

38:16कहीं ना कहीं ब्रिटेन ये रिकॉग्नाइज भी कर

38:18रहा है ब्रिटेन इस बात पे एग्री भी कर रहा

38:21है कि अब आपका खाली ट्रेडिंग फंक्शन नहीं

38:23रह गया सिर्फ आपका ट्रेडिंग फंक्शन नहीं

38:26रह गया ब्रिटेन इस बात पे एग्री कर रहा है

38:28कि आपका एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन भी होगा

38:30इस बात को टिक मार दो राइट है ना कि हां

38:32ठीक है एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन भी आपका है

38:34कोई दिक्कत की बात नहीं तो

38:36एडमिनिस्ट्रेटिव और पॉलिटिकल फंक्शन यहां

38:37पे रिकॉग्नाइज कर दिया ब्रिटेन ने यस प्लस

38:40जो डायरेक्टर्स ऑफ द कंपनी है वो सारे

38:43करेस्पॉन्ड सारे जो कागजात हैं विद

38:45रिस्पेक्ट टू रेवेन्यू अफेयर्स एंड सिविल

38:47एंड मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन यानी कि जो

38:49एडमिनिस्ट्रेशन रिलेटेड कागजात हैं क्या

38:51उन्हें सबमिट करना पड़ेगा यस उनको सबमिट

38:54करना पड़ेगा ब्रिटिश ब्रिटिश सरकार को

38:56देना ना पड़ेगा दिखाना पड़ेगा जो हम बात

38:57कर रहे थे कि हां डॉक्यूमेंट देना पड़ेगा

38:59इनको डॉक्यूमेंट देना पड़ेगा स्पेशली कैसे

39:01डॉक्यूमेंट जो आपके रेवेन्यू रिलेटेड है

39:03मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन या फिर सिविल

39:05एडमिनिस्ट्रेशन रिलेटेड है तो कहने का

39:07मतलब कि ये जो डॉक्यूमेंट हम देख रहे हैं

39:10ये डॉक्यूमेंट टेक्निकली एडमिनिस्ट्रेटिव

39:12डॉक्यूमेंट

39:14है राइट सिविल मिलिट्री जैसा भी

39:16एडमिनिस्ट्रेशन हो प्लस जो रेवेन्यू

39:18रिलेटेड है तो रेवेन्यू भी एडमिनिस्ट्रेशन

39:20के अंदर ही आ जाएगा तो एडमिनिस्ट्रेशन

39:22रिलेटेड डॉक्यूमेंट सारे हमसे ऑडिट कराओ

39:24हमको चेक कराओ ऐसा करके यहां पे उन्होंने

39:27बोल दिया है कि आज से ऐसा होने वाला है

39:29प्लस प्लस बंगाल में हमने देखा कि हां भाई

39:32जो है गवर्नर जनरल की स्थापना कर दी उसको

39:34चार मेंबर दे दिए हैं राइट मेजॉरिटी रूल

39:37द्वारा होगा पहला वरन हेस्टिंग है यस प्लस

39:39सुप्रीम कोर्ट बिठा दिया है सुप्रीम कोर्ट

39:42सुप्रीम कोर्ट बंगाल में अब इसमें क्या है

39:44कि इसका कोई ओरिजिनल जूरिडिक्शन भी है

39:46एलेट भी है बाकी जगह से अपील भी किया जा

39:48सकता है राइट बाकी क्या जूरिडिक्शन है

39:51कहना थोड़ा मुश्किल है ओके बट साथ ही साथ

39:54उन्होंने कहा कि बॉम्बे और मद्रास दोनों

39:56सबोर्डिनेट हो गए बट सबोर्डिनेट कैसे हो

39:58गए हैं क्या होगा ये भी बहुत ज्यादा

40:00डिफाइंड है नहीं तो 1773 क्या है कि पहली

40:03कोशिश है अभी ब्रिटेन को भी नहीं पता कि

40:05वो क्या कर रहे हैं क्यों कर रहे हैं बट

40:07उनका है कि ना कहीं पकड़ लो कुछ जो है देख

40:09से क्या होता है राइट तो दे आर जस्ट

40:11ट्राइट है ना इट इज लाइक कि जो है यू कैन

40:14से अ यू कैन से जो है अननोन वाटर्स है

40:18राइट है ना पता नहीं कि कितना गहरा है

40:20क्या है चलो कूद के देखते हैं अननोन

40:22वाटर्स में थोड़ा तैर के देखते हैं हो

40:23सकता है हमें कुछ समझ में आ जाए हो सकता

40:25है हमें कुछ मजा आ जाए राइट है ना जो है

40:27यहां पर इनको अकेले तो नहीं छोड़ सकते तो

40:29ये कुछ हाथ पाव मारने की कोशिश हो रही है

40:31बट दिस इज नॉट वेल डिफाइंड राइट बट चलो

40:33ठीक है एकय पहली कोशिश है हां पहली कोशिश

40:36इन्होंने यहां प कर दी दिस इज योर फर्स्ट

40:38टक्ट राइट है ना बहुत जल्दी इनको

40:40अमेंडमेंट भेजना पड़ा तो आइए कहानी आगे

40:42बढ़ाते

40:44हैं चलिए तो हम बात कर रहे थे रेगुलेटिंग

40:46एक्ट

40:49की रेगुलेटिंग एक्ट रेगुलेटिंग एक्ट में

40:52हमने समझा कि वी हैव वी हैव फर्स्ट ऑफ ल

40:56कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को डिफाइन किया है

41:00स्ट्रक्चर रेगुलेटिंग में हमने समझा कि

41:02भाई गवर्नर जनरल ऑफ

41:05बंगाल प्लस फोर की कहानी है प्लस सुप्रीम

41:08कोर्ट प्लस प्लस जो है मद्रास और बॉम्बे

41:15सबोर्डिनेट मद्रास बॉम्बे

41:19सबोर्डिनेट ऐसे करके एक चार्ट बना लो याद

41:22आ जाएगी सारी बातें बारबार देखना नहीं

41:24पड़ेगा दिस इज हाउ प्लस प्लस जो कोर्ट ऑफ

41:26डायरेक्टर रिपोर्ट करेगा रिपोर्ट भेजेगा

41:28डॉक्यूमेंट भेजेगा यस यह सारा हुआ है

41:31रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ

41:33173 में नाउ एक अमेंडमेंट आया 1781 में

41:37बहुत सवाल उठे कि क्या करना है क्या करना

41:39है बड़ा डाउट है तो 1781 में तुरंत ही एक

41:41अमेंडमेंट

41:44आया अय अमेंडमेंट है छोटी सी बात कह द बस

41:48राट इसमेंने कहा है कि अगर कोई ऑफिसर

41:51है अगर व जुडिशल कैपेसिटी में काम कर रहा

41:55है

41:57अपनी ऑफिशियल कैपेसिटी में अगर कोई काम

42:00करेगा ऑफिशियल

42:03कैपेसिटी तो उसके ऊपर कोई केस नहीं हो

42:06सकता आप उसके ऊपर कोई चार्ज नहीं लगा सकते

42:09यह मेन प्रोविजन है कि ऐसा नहीं उसे

42:11सुप्रीम कोर्ट में घसीट लो कि हां वो

42:13कलेक्टर था उसने जाके रेवेन्यू कलेक्ट कर

42:15रहा था और जाके जो है रेवेन्यू कलेक्शन

42:16में जबरदस्ती कर दी तो वो एज अ ऑफिसर

42:18कलेक्ट कर रहा था जबरदस्ती उसने ए ऑफिसर

42:20कर दी तो टेक्निकली उसके ऊपर ऐसा कोई

42:22पर्सनल चार्जेस वगैरह नहीं लगाए जा सकते

42:24आप उसको कोर्ट में नहीं नहीं सकते राइट सो

42:27दिस इज वन थिंग व्हिच वी फाइंड इन

42:28अमेंडमेंट कि जो जूरिस क्शन ऑफ द सुप्रीम

42:30कोर्ट है राइट है ना ये थोड़ा सा डिफाइन

42:32करी जाने की कोशिश करी जा रही है राइट हम

42:35उसको डिफाइन करने की कोशिश कर रहे हैं एक

42:37तो ये बात कह रहे हैं कि हां अगर कोई

42:38गवर्नमेंट सर्वेंट है और अगर वो अपनी

42:40ऑफिशियल कैपेसिटी में कुछ कर रहा है तो

42:42फिर वो इम्यून है उसको उसको आप कुछ नहीं

42:44कर सकते दूसरा सुप्रीम कोर्ट जो है ये

42:46पहली बात विदन कलक है ये सिर्फ कलक में ही

42:50इसका जूरिस जिक्स है इसके बाहर नहीं है और

42:51जो भी डिफेंडेंट है उसके पर्सनल लॉस को

42:54देख रेख करेगा तीसरी बात इन्होंने कहा कि

42:56लोगों का जरा सोशल और रिलीजियस यूसेज जो

42:58है राइट है ना उसके खिलाफ नहीं जाना यहां

43:01सोसाइटी सेंटीमेंट्स के खिलाफ नहीं जाना

43:02रिलीजन में छेड़छाड़ मत करना सोसाइटी में

43:04छेड़छाड़ मत करना यह भी बात इन्होंने कही

43:08नाउ तो वन मोर थिंग यू कैन ड इज कि एक तो

43:10सुप्रीम कोर्ट कोलका में रहेगा यह बात और

43:13लिख लो कि हां कोलका में ही लिमिटेड है

43:15उसका जूरिडिक्शन उसके आगे नहीं दिस इज

43:191781 ना व्हाट हैपेंड एक्चुअली कि

43:21प्रैक्टिकली अगर हम देखें तो वरन हेस्टिंग

43:23दुखी हो गया राइट वरन हेस्टिंग्स को यहां

43:25पर बिठा दिया गया जो है चार लोगों के साथ

43:27जिनमें से तीन उसके दुश्मन हैं तीन उसको

43:30आए हैं यहां से रिप्लेस करने तो वरन

43:32हेस्टिंग कहते हैं कि दाएं चढ़ना है ये

43:34तीनों कहते हैं बाय चलना है और क्योंकि

43:36मेजॉरिटी से रूल होना है तो इन्हीं तीनों

43:37की चल रही है तो वरन हेस्टिंग के पीछे

43:39पीछे जा रहे हैं कि हां बताओ क्या करना है

43:40तो वरन हेस्टिंग में सवाल पूछे जा रहा है

43:42वरन हेस्टिंग्स पूछा जा रहा है तुमने ऐसा

43:43क्यों किया वैसा क्यों किया राइट है ना जो

43:45है कुछ डीलिंग थी इनकी बनारस के साथ राइट

43:47उसके ऊपर सवाल उठाने लगे अवत के साथ

43:49डीलिंग थी विद रिस्पेक्ट टू रोहिला वर्स

43:51एंड ऑल तो उस पे सवाल उठाने लग गए राइट वी

43:53डोंट नीड टू गो इन टू दैट डिटेल बिकॉज

43:54नहीं पूछेगा यूपीएससी बट स्टिल स्टिल वी

43:57अंडरस्टैंड कि वरन हेस्टिंग के लिए बहुत

43:59प्रॉब्लमैटिक है राइट यहां से सरवाइव कर

44:01पाना वरन हेस्टिंग के लिए काफी टफ हो गया

44:03मारपीट की नौबत आ गई राइट अब उसमें से एक

44:05बीमार पड़ा वापस चला गया गोली होली चला द

44:07है ना तो फिर एक इंजर्ड हो गया वापस चला

44:09गया कुछ इस तरीके से जो है मतलब एक टाइम प

44:11रिजाइन भी कर दिया था वरन हेस्टिंग ने

44:13लेकिन फिर जो है तब तक दूसरा वाला चला गया

44:14तो कह ठीक है रेजिग्नेशन वापस ले रहा हूं

44:16नहीं करेंगे रिजाइन तो फिलहाल फिलहाल

44:18व्हाट वी आर ऑब्जर्विंग इज कि ये जो

1784: Pitt’s India Act

44:20प्रोविजन था मेजॉरिटी रूल वाला इसमें

44:22गवर्नर जनरल की हालत बहुत खराब है बहुत

44:25ज्यादा खराब

44:26प्लस वरन हेस्टिंग वैसे ही हालत खराब है

44:29एडमिनिस्ट्रेशन भी नहीं कर पा रहे करप्ट

44:30भी है राइट खुद भी करप्ट है वो तो

44:32रेवेन्यू की जो प्रॉब्लम है वो भी सॉल्व

44:34नहीं हो रही अब ऐसे में जब यह रायता फैला

44:37हुआ है केस फैला हुआ है ऐसे में ऐसे में

44:40इट इज रिक्वायर्ड कि हां इसको कुछ सॉल्व

44:42किया जाए राइट है अभी रायता चल रहा है अभी

44:44पूरी तरह सॉल्व हुआ नहीं है राइट और जो है

44:47जो हुआ कि हां कुछ तो इसमें इंटरवेनर वरन

44:49हिस्ट भी रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि सर कुछ

44:51तो करो क्या ही आपने किया है तो आफ्टर

44:53ऑलमोस्ट 10 इयर्स दे रिलाइज न यर आफ्टर

44:56ऑलमोस्ट 10 इयर्स दे रिलाइज कि नहीं ये

44:58हमने ठीक बनाया नहीं हमें इसमें और बदलाव

45:00करने की जरूरत है और चेंजेज करने की जरूरत

45:03है तो आइए चेंजेज की बात करते हैं तो देन

45:05केम योर नेक्स्ट एक्ट व्हिच इज पिट्स

45:07इंडिया एक्ट ऑफ

45:111784 दिस इज पिट्स इंडिया

45:14एक्ट

45:171784 पिट्स इंडिया

45:19एक्ट पिट्स इंडिया एक्ट तो पिट्स का

45:23इंडिया एक्ट आइए समझते हैं कि क्या बदलाव

45:25आ है तो 10 साल बाद जो है कंपनी को

45:28ब्रिटेन को भी लगा कि हां हमें कुछ चेंजेज

45:30करने पड़ेंगे ऐसे बात बनेगी नहीं राइट तो

45:33हम बात करने जा रहे हैं पिट्स इंडिया एक्ट

45:35की आइए समझते

45:40हैं तो पिट्स इंडिया स

45:48सो पिट्स इंडिया 1784 तो पिट उस समय क्या

45:53है प्राइम मिनिस्टर है तो उन्होंने कहा कि

45:55हा ठीक है प्रॉब्लमैटिक तो है आइए इसको

45:57सॉल्व करते हैं कुछ तो करते हैं वरन

45:58हेस्टिंग भी रो रहे हैं कि हां कुछ तो करो

46:00सर कुछ तो करो तो फाइनली दे सेड कि चलो

46:02ठीक है कुछ बातें हम लोग यहां पे सॉल्व

46:04करते हैं एक इन्होंने कहा कि भाई जो

46:07है यहां पे आप कह रहे हो कि चार लोग

46:10ज्यादा है तो चलो तीन कर देते हैं

46:12टेक्निकली दे सेड कि भाई ये जो एक मेंबर

46:15है इसको हटा देते हैं अब कम से कम तीन तो

46:17संभाल ले ना यानी अभी भी प्रॉब्लम पूरी

46:19सॉल्व नहीं करी इन्होंने इन्होंने कहा कि

46:21हां तीन जो है रख लो राइट बाकी अपना

46:23कास्टिंग वोट मेजॉरिटी डिसीजन सब कुछ वही

46:25रखो कुछ बदलाव की जरूरत नहीं राइट कुछ

46:27चेंजेज की जरूरत नहीं तो वन पर्ट वन थिंग

46:30इज कि हां दे सेड कि हां हमें इसे तीन कर

46:32देना चाहिए दूसरा दूसरा जो मेजर बदलाव तो

46:35इतना ही चेंज किया इधर राइट मेजर बदलाव

46:37कहां पे आ रहा है मेजर बदलाव एक्चुअली

46:39यहां पे आ रहा है इन्होंने कहा कि एक मिनट

46:42रुकिए हो क्या रहा था कि इधर से कागजात जा

46:45रहे थे ये लोग समझ नहीं पा रहे थे करना

46:47क्या है राइट ना पेपर आया जा रहा है उस पर

46:50कोई एक्शन लेना है फीडबैक देना है क्या

46:51करना है फाइल इकट्ठी होती जा रही है पर

46:53कुछ समझ में नहीं आ रहा तो इट वा नॉट एट ल

46:56मेकिंग सेंस तो दे रिलाइज की ना वी नीड टू

46:59चेंज समथिंग तो पिट्स इंडिया एक्ट इ अबाउट

47:01दिस एरिया कि हा ब्रिटेन में कुछ बदलाव

47:04होने वाला है पिट्स इंडियाक में उन्होने

47:06कहा कि अच्छा ठीक है सर थोड़ा बदलाव करते

47:08हैं ऐसे नहीं चलेगा वी नीड अ प्रॉपर बॉडी

47:13वी नीड अ प्रॉपर डिपार्टमेंट तो ब्रिटिश

47:15गवर्नमेंट ने एक डिपार्टमेंट सेट अप किया

47:17च इज कॉल्ड एस बोर्ड ऑफ

47:20कंट्रोल ये एक प्रॉपर डिपार्टमेंट है

47:23बोर्ड ऑफ कंट्रोल इसका काम है कोट ऑफ

47:26डायरेक्टर को कंट्रोल

47:27करना इसमें कहा गया कि कोर्ट ऑफ डायरेक्टर

47:30का देखो दो फंक्शन है एक आपका फंक्शन जो

47:34है वह आपका कमर्शियल फंक्शन है जिसमें आप

47:37लोग बिजनेस करते हैं ट्रेड करते हैं जो

47:40पहले से करते आ रहे थे जिसका आपके पास

47:43चार्टर है आप जो के त्यों करते रहे कोई

47:45दिक्कत की बात नहीं है हम बिल्कुल कुछ

47:47नहीं कहेंगे क्योंकि भाई आप उसमें

47:49एक्सपर्ट है हमने आपको इसको कंपनी बना रखी

47:51है आपको चार्टर दे रखा है तो कोई दिक्कत

47:53नहीं है दिस इज अन हिंडर्स इ नॉट

47:56रिस्ट्रिक्टेड जो करना है करो बट जो सर

47:59आपका दूसरा फंक्शन है पॉलिटिकल फंक्शन है

48:01राइट एडमिनिस्ट्रेटिव पॉलिटिकल मिलिट्री

48:04जो भी आपका फंक्शन है यह वाला जो फंक्शन

48:06आप इंडिया में जो परफॉर्म कर रहे

48:09हैं राइट दिस इज नॉट समथिंग जो आपकी

48:12एक्सपर्टीज है यह कोर्ट डायरेक्टर की

48:14एक्सपर्टीज नहीं इसमें क्या है कि बोर्ड

48:16ऑफ कंट्रोल कहेगा कि सर सर ऐसा करने के

48:19लिए आज से हमारा लगेगा

48:24अप्रूवल

48:27स नाउ यू सी कि अब क्या है कि थोड़ा सा

48:29स्ट्रिक्ट हो गए यहां पे अब तक जो हुआ सो

48:32हुआ राइट लेकिन आगे से ये जो आप यहां पे

48:35जो जो कुछ कुछ करते हैं जो भी आप फंक्शंस

48:37करते हैं दिस हैज टू बी अप्रूव्ड बाय

48:40अप्रूव्ड बाय आर डिपार्टमेंट बोर्ड ऑफ

48:42कंट्रोल तो कुछ लोगों को यहां डेडिकेटेड

48:44बिठा दिया है जो अप्रूवल देंगे इनका कोई

48:46आउटपुट है पीछे क्या था कोई आउटपुट नहीं

48:48था पीछे क्या था कि हां देख े फाइल भेज

48:50देना देखेंगे लेकिन यहां पे क्या है कि

48:51हां देर इज

48:53आउटपुट बोर्ड ऑफ कंट्रोल में बैठे भी वही

48:55हो देखिए ध्यान से देखिए तो बोर्ड ऑफ

48:57कंट्रोल में बैठे हैं आपके एक्स चकर यानी

48:59कि ट्रेजरी से बैठे हुए हैं इनको रेवेन्यू

49:01की जानकारी है राइट बोर्ड ऑफ कंट्रोल बैठे

49:05एक सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पीछे इनको काम दिया

49:07था इन्होने किया नहीं तो इनको यही बिठा

49:08दिया बोर्ड ऑफ कंट्रोल कैबिनेट मिनिस्टर

49:10तो पार्लियामेंट का भी एक रिप्रेजेंटेटिव

49:12यहां पे है प्लस प्रावी काउंसिल से चार

49:15लोग बैठे हुए हैं क्राउन ने भेजा हुआ है

49:16कि हां राजा को पता होना चाहिए तो प्रावी

49:18चार

49:19मेंबर चार मेंबर य भी बैठे हुए

49:23हैं राइट चार मेंबर भी काउंसिल के बैठे

49:26हुए हैं है नाना राजा ने क्राउन ने

49:28डायरेक्ट ज रानी या राजा जो भी है तो

49:29उन्होंने यहां पे डायरेक्ट भेजा हुआ है कि

49:31हां भाई हमको हमको रिप्रेजेंट करेंगे यहां

49:33पे राइट है ना क्वीन है टेक्निकली सो जाए

49:36इनको ये भी यहां बैठे हुए हैं तो प्राईवी

49:37काउंसिल के मेंबर ही बैठे हुए हैं तो दे

49:39आर द वन हु विल लुक एट है ना कोर्ट ऑ

49:41डायरेक्टर कुछ भी करने से पहले फाइल इनके

49:42पास भेजेगा वो उसको अप्रूव करेंगे और उसके

49:45बाद ही वो काम होगा तो दिस इज राइ कि अब

49:47कहीं ना कहीं बैकग्राउंड से ब्रिटिश

49:49गवर्नमेंट ने कंट्रोल ले लिया है इसीलिए

49:52डिपार्टमेंट बनाया है बोर्ड ऑफ कंट्रोल तो

49:54पिट्स इंडिया एक्ट आप देखो देखोगे तो

49:56पिट्स इंडिया एक्ट में क्या है कि अब पीछे

49:58से ब्रिटेन रूल कर रहा है अब तक इट वाज

50:00प्योर ईस्ट इंडिया कंपनी रूलिंग बट कहीं

50:03पीछे से ऐसे कमांड जो है पीछे से जैसे

50:05रस्सी पकड़ ली है बोला हम बताएंगे तुम्हें

50:07कहां जाना है कहां नहीं जाना है राइट सो

50:09नाउ इट इज एक्चुअली ब्रिटिश गवर्नमेंट हु

50:11विल टेल कोर्ट ऑफ डायरेक्टर की क्या करना

50:12है ये लोग फाइल भेजेंगे या प्रूव देंगे

50:15अगर कभी-कभी क्या होगा कि इनके हिसाब से

50:16नहीं हो रहा होगा तो अपनी फाइल उल्टा भेज

50:18देंगे कहेंगे यही कराओ तो इट इज एक्चुअली

50:20ब्रिटिश गवर्नमेंट हु विल डिसाइड कि अब

50:22इंडिया में क्या चीजें होने वाली है राइट

50:25तो यस तो नाउ फॉर एवरीथिंग देयर विल बी

50:27देयर विल बी अप्रूवल सो दिस इज दिस इज अ

50:30बिग चेंज हैपनिंग अंडर पिट्स इंडिया एक्ट

50:32इधर वर एन हेस्टिंग की कुछ सुना किसी ने

50:34पिट्स इंडिया ने कुछ नहीं सुना क्या जो कर

50:36रहे हो करते रहो राइट एक आदमी कम कर देता

50:38संभालो जाके किसने बैठाया गवर्नर जनरल ऑफ

50:39बंगाल तो हा वरन हेस्टिंग को अपने हाथ प

50:41छोड़ दिया है ये अब जो है पहले चार हुआ

50:43करते थे तीन हो गए इतना ही बदलाव हुआ और

50:46कोई बदलाव व सच यहां पे नहीं हुआ है नाउ

50:50लेट्स हैव अ लुक एट पिट्स इंडिया एक्ट

50:51पिट्स इंडिया एक्ट में जो है अगर हम कहे

50:54तो जो अच्छा बा इसको कहते क्या है

50:56एग्जीक्यूटिव काउंसिल कहते है ना पीछे कहा

50:58था शायद

51:00राइट दिस इज द एग्जीक्यूटिव काउंसिल येय

51:03जो बिठाया है दिस इज एग्जीक्यूटिव

51:10काउंसिल है ना कि अपनी मिनिस्ट्री दे दी

51:12एग्जीक्यूटिव काउंसिल दे दी तो

51:13एग्जीक्यूटिव काउंसिल में जो है अब कितने

51:15मेंबर कर दिए हैं अब यहां पे तीन मेंबर कर

51:18दिए राइट तो पहली बात पहली बात बोर्ड ऑफ

51:21कंट्रोल एक डेवलपमेंट बोर्ड ऑफ कंट्रोल

51:24दूसरा एग्जीक्यूटिव नंबर मेंबर कर दिए हैं

51:27तीन है ना तो ये बड़े बदलाव बाकी सारा

51:30अप्रूवल लगेगा बोर्ड ऑफ कंट्रोल अप्रूवल

51:31देगा दिस इज द मोस्ट इंपोर्टेंट

51:35पार्ट चलिए तो लेट्स हैव अ लुक एट 1784 का

51:38एक्ट 1784 तो 1784 1784 में अब जो है यहां

51:43पे यहां पे कंपनी पूरी तरह से सबोर्डिनेट

51:46हो गई राइट अभी हमने समझा क्या पूरी तरह

51:48से सबोर्डिनेट हो चुकी है और इनफैक्ट इस

51:51एक्ट में ऐसा भी लिखा हुआ है कि जो इंडिया

51:53है या जो भी चीजें हैं वो टेक्निकली

51:56ब्रिटिश पोजीशन है तो ब्रिटिश गवर्नमेंट

51:59ने यह कह दिया है कि इंडिया में जो कुछ है

52:01वह हमारा है तुम केयरटेकर हो राइट है ना

52:04तो सब कुछ क्या है ब्रिटिश पोजीशन है ये

52:06भी बहुत इंपोर्टेंट बात है ये भी लिख

52:07लीजिए आप ध्यान रहेगा तो 1784 इन्होंने कह

52:10दिया है कि ये जो भी कुछ है दिस इज ऑल दिस

52:14इज ऑल ब्रिटिश

52:17पोजीशन आप देख रेख कर रहे हैं काम चला रहे

52:20हैं कोई बात नहीं लेकिन हक किसका है हक जो

52:23है ब्रिटेन का है तो ब्रिटिश की बात भी कह

52:26दी है यस प्लस प्लस डुअल कंट्रोल तो इसको

52:29बोलेंगे कि आज से जो शुरू हो रहा है दिस

52:30इज डुअल कंट्रोल डुअल सिस्टम ऑफ कंट्रोल

52:33कि यहां जो कमर्शियल फंक्शन है कमर्शियल

52:35फंक्शन कोर्ट और डायरेक्टर अपने हिसाब से

52:37चला लेंगे लेकिन जो पॉलिटिकल फंक्शन है

52:39पॉलिटिकल फंक्शन उसके लिए एक बोर्ड ऑफ

52:42कंट्रोल बनाया गया है एक नया डिपार्टमेंट

52:43बनाया गया है जो कि सुपरवाइज करेगा

52:45डायरेक्ट करेगा ऑल ऑपरेशन ऑफ सिविल

52:47मिलिट्री एंड रेवेन्यू अफेयर्स ऑफ ब्रिटिश

52:50पोजीशंस इन इंडिया तो जो भी ब्रिटिश

52:52पोजीशंस है उनको पूरी तरह से कंट्रोल

52:54डायरेक्ट करने का काम किसका हो चुका है अब

52:57से बोर्ड ऑफ कंट्रोल का हो चुका है राइट

52:59तीन डायरेक्टर कहेंगे 24 में से तीन

53:01डायरेक्टर हमारे लिए स्टैंड बाय रहो बाहर

53:04खड़े रहो बताएंगे तुम्हें क्या करना है तो

53:05तीन को ऐसे स्टैंड बाय भी रखेंगे कि हां

53:07हम डिस्कशन करते रहेंगे राइट यू विल बी

53:09लाइक पॉइंट ऑफ इंचार्ज राइट पॉइंट ऑफ

53:11कांटेक्ट और तुमको जो है बताएंगे क्या

53:13करना है प्लस हमने बताई कि कौन है बोर्ड

53:16ऑफ कंट्रोल में तो हमने कहा कि भाई चांसलर

53:18ऑफ एक्स चकर है राइट तो एक्स चकर है

53:20सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट है और चार मेंबर आपके

53:22प्रावी काउंसिल के भी हैं क्वीन की

53:24काउंसिल के भी हैं प्लस इंडिया में हमने

53:26कहा कि हां जो गवर्नर जनरल है उसकी

53:28काउंसिल में तीन मेंबर कर दिए हैं और तीन

53:30में से एक मेंबर कौन है कमांडर इन चीफ

53:33राइट दिस इ आल्सो वेरी इंपोर्टेंट पॉइंट

53:35कि हां इसमें से एक जो है एक डिफाइन हो

53:38गया है कि एक जो रहेगा वो कमांडर इन चीफ

53:44रहेगा जो आर्मी का हेड है टेक्निकल तो तीन

53:48में से एक कमांडर इन चीफ है एक गवर्नर

53:50जनरल ऑफ बंगाल बैठे ही है और बाकी दो लोग

53:52और इसमें ऐड कर दिए जाएंगे यस ऐसा करके

53:53यहां पर कहा गया है प्लस जनरल जनरल

53:56प्रोहिबिशन वास प्लेस ऑन एग्रेसिव वर्स

53:58दिस इज आल्सो वेरी वेरी इंपोर्टेंट कि हां

54:00ऐसा नहीं है कि किसी से भी युद्ध करने लग

54:02जाओ किसी से भी झगड़ा करने लग जाओ ये सब

54:04नहीं करोगे अब क्या है कि अभी रिसेंटली

54:061780 आप याद करिए पुराने चैप्टर्स पलट के

54:09देखिए तो 1770 का दौर हमने देखा था कि हां

54:11इट इज जो है वॉर विद मासोर वॉर्स विद

54:14मराठा तो मराठा और मासोर से झगड़ा कर लिया

54:17था जिसका कोई आउटपुट नहीं आ रहा था अभी

54:19रिसेंटली 1782 में ट्रीटी ऑफ सालबाई हुई

54:21थी मराठा के साथ तो कहीं ना कहीं ये

54:23रिलाइजेशन था कि फर्जी इधर-उधर भिड़ो मत

54:25राइट है ना यह सब काम मत करो तुम्हें जो

54:27काम तुम्हें जो एरिया मिल गया है उस परे

54:29रूल करो बाकी ट्रेड वेट करो अपना प्रॉफिट

54:31प्रॉफिट बनाओ क्या ही कर रहे हो तो

54:33टेक्निकली वॉर्स और ट्रीटीज राइट ये सारी

54:35चीजें एज फार एज पॉसिबल अवॉइड करना है तो

54:38वॉर और ट्रीटीज नहीं करनी है दिस इज आल्सो

54:40वेरी वेरी इंपोर्टेंट पॉइंट कि हां बोला

54:42गया कि भाई जो है कमांडर इन चीफ को यहां

54:45बिठा तो रहे हैं बट ध्यान रखिएगा कि देर

54:48देयर शुड बी एस फार एस पॉसिबल देयर शुड बी

54:51नो वॉर एंड ट्रीटीज तो वॉर वगैरह नहीं

54:54करनी दिस इज आल्सो वन ऑफ द इंपोर्टेंट

54:56पॉइंट ऑफ पिट्स इंडिया अब ये सुनके लगता

54:59है कि यहां पर यहां पर अभी अंग्रेजों का

55:02जो मन है अंग्रेजों का मन एक्सपेंशन का

55:04नहीं है राइट अंग्रेज ऐसा सोच रहे हैं कि

55:07हमें एक्सपेंड नहीं करना है ऐसा नहीं कह

55:08रहे हैं कि हां ठीक है रुको आर्मी भेज रहे

55:10हैं एक्सपेंड करके सबको हरा दो और इंडिया

55:12को अपने कब्जे में कर लो यहां पे थोड़ा

55:14बैकफुट पे हैं कि वॉर वॉर मत करो क्यों

55:16क्योंकि दो झटका लगा हुआ है हैदर अली ने

55:18भी झटका दे दिया था हैदर और टिपू 1784 तक

55:20और प्लस 1782 में मराठा से भी झटका खा

55:22चुके थे तो उनको लग रहा था कि ऐसा ना हो

55:25हम मराठा वगैरह से दोबारा भिड़े या जो है

55:27मैसोर से दोबारा भिड़े और ये लोग हमें

55:28तबाही कर दे मासोर मद्रास तबाह कर देगा

55:31मराठा सब तबाह कर देंगे राइट है ना तो ऐसा

55:33ना हो जाए कि जो भी कुछ हाथ में अभी लगा

55:35हुआ है इतना कीमती पोजीशन ब्रिटिश पोजीशन

55:37इतना कीमती पोजीशन है कहीं हाथ से निकलना

55:39जाए राइट तो दैट इज द रीजन दे आर लाइक कि

55:41हां थोड़ा सा ये सब चीजों से बचो कोई

55:43झगड़ा नहीं करेगा चुपचाप जाके ट्रेडिंग

55:45करोगे चुपचाप जाके यहां का रेवेन्यू

55:47इकट्ठा करोगे पैसा कमाओगे और जो है

55:49ब्रिटेन आओगे है ना कहीं ये तुम लोग पूरा

55:51ही चौपट ना कर बैठो इसलिए ऐसा बोला गया है

55:53कि वॉर और ट्रीटी वगैरह आप लोग अवॉइड

55:56करेंगे एज फार एज पॉसिबल यू विल अवॉइड

55:59वर्स बट फिर भी ऐसा तो है नहीं कि होगा

56:02नहीं होगा कुछ ना कुछ बहाने से होता

56:04रहे नाउ अब ये वरन हेस्टिंग के रायते की

56:07बात कर रहा था मैं पिछले पिछले जो है एक्ट

56:09में तो वरन हेस्टिंग का रायता अब जो है सर

56:12के ऊपर निकल गया है वरन हेस्टिंग क्या

56:14संभाल पाए नहीं संभाल पाए स्पेशली

56:16रेवेन्यू वाज समथिंग जो जो अंग्रेजों में

56:19ब्रिटेन की सरकार के भी और कोर्ट ऑफ

56:22डायरेक्टर के भी दिल के पास है वो कह रहा

56:23है कि रेवेन्यू नहीं संभाल पा रहे तुम

56:25क्या ही कर रहे हो है ना क्या ही होगा

56:26तुमसे तो तुमसे ना हो पाएगा तो वरन

56:28हेस्टिंग को हटाया जाए और बुलाया जाए

1786: The Act to appoint Lord Cornwallis

56:31किसको बुलाया जाए आपके लॉर्ड कन्वोस को तो

56:34कन्वोस को बोला गया कि साहब आप चले जाइए

56:37इंडिया में जो आपका ऑर्गेनाइज जो

56:39गवर्नमेंट स्ट्रक्चर है गवर्नमेंट

56:41स्ट्रक्चर फिक्स करो सर आप राइट है ना

56:43सरकार थोड़ा सा ओवर हॉल करो और दूसरा

56:46रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन में बहुत दिक्कत

56:49है ये आपको ओवर हॉल करने के लिए भेजा जा

56:51रहा है उन्होंने कहा क्यों जाऊ मैं राइट

56:53क्यों जाऊ वरन हेस्टिंग जैसी हालत हो

56:55जाएगी राइट है ना ना घर का रहूंगा ना घाट

56:57का रहूंगा तो वरन हेस्टिंग जो है आप कह

56:59रहे हो कि हां गवर्नर जनरल है मुझे गवर्नर

57:01जनरल के नाम से भेज रहे हो और वहां पे फिर

57:03मैं जाके वोटिंग करूंगा कि हां जो है यू

57:04नो मेरा कास्टिंग वोट है कोई नहीं सुन रहा

57:06है और बेइज्जती हो रही है मेरी तो मैं

57:08क्यों जाऊंगा तो नहीं जाऊंगा मैं तो फिर

57:10उनसे पूछा गया क्या करें क्या करें तो

57:12उन्होने कहा देखो मेरी शर्तें हैं कुछ

57:14मेरी एक शर्त है कि पहले तो मुझे क्या करो

57:16मुझे ही कमांडर इन चीफ बना दो राइट ऐसा

57:19नहीं कि एक और पावर सेंटर है कमांडर इन

57:21चीफ तो जो सेनापति वाली जो पावर है वो भी

57:23मेरे पास होनी चाहिए एक बात

57:25दूसरा ओवरराइडिंग पावर मुझको दे दो मेरी

57:29जिम्मेदारी के ऊपर राइट मेरी जिम्मेदारी

57:31के ऊपर मेरे पास ओवरराइडिंग होनी चाहिए कि

57:34हां मुझे लगता है कि यह होना है तो फिर यह

57:36होना है मैं गवर्नर जनरल नाम का नहीं बन

57:38रहा कि जाके हाथ उठा के वोटिंग करूंगा

57:40मेरे पास ओवरराइडिंग पावर होनी चाहिए इट

57:42इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट इट विल इंश्योर

57:44कि मैं पावरफुल हूं तभी आपकी ओवर हॉलिंग

57:46और ये जो सारी चीजें आप जिसके लिए मुझे आप

57:48भेज रहे हो मैं यह कर पाऊंगा तो 1786 में

57:51इन शर्तों के साथ कन्वोस कन्वोस को भेजा

57:54गया कन्वोस ने बोला ये शर्तें और ये मान

57:56ली गई तो ये बड़ा बदलाव हुआ 1786 के एक्ट

57:59में दिस इज एक्ट ऑफ

58:031786 1786 एक्ट जो कि कहता है कि

58:07ओवरराइडिंग

58:11पावर और दूसरा दूसरा कहता है कि जो गवर्नर

58:15जनरल है वही कमांडर इन चीफ भी है इस एक्ट

58:18के तहत जो है कन्वोस की एंट्री हुई और जब

58:21कन्वोस आए तो जिस काम के लिए भेजा गया वो

58:23काम किया उन्होंने उ उनको भेजा गया था कि

58:25भाई आप रेवेन्यू फिक्स करिए तो जमीदारी

58:27सिस्टम लेकर आए प्लस बाकी जो है जो सिविल

58:30सर्विसेस वगैरह फादर ऑफ सिविल सर्विसेस

58:31कहते हैं तो वो सारा गवर्नमेंट स्ट्रक्चर

58:33उन्होंने आके फिक्स किया तो 93 समवेल यहां

58:37पे

58:37थे

58:40नाउ नाउ 1793 1793 में क्या हो रहा है

58:451793 में लाइसेंस एक्सपायर हो रहा है

58:49चार्टर एक्सपायर हो रहा है

58:511793 चार्टर एक्सपायर हो रहा था जब चार्टर

58:54एक्सपायर हो रहा था तो ब्रिटिश सरकार जो

58:57हमारी जो ईस्ट इंडिया कंपनी थी ईस्ट

58:59इंडिया कंपनी ने एप्लीकेशन डाली कि हमारा

59:00चार्टर रिन्यू कर दिया जाए राइट है ना कि

59:03हां भाई चार्टर एक्सपायर हो रहा है रिन्यू

59:05कर दो बट ब्रिटेन सरकार ने कहा यह भी मौका

59:07अच्छा है है ना इनका चार्टर रिन्यू करना

59:09है अब जो है हम और इनको शर्तें बता सकते

59:12हैं और इनको बातें बता सकते हैं तो कहेंगे

59:14ठीक है तुम्हारा चार्टर हम रिन्यू कर देते

59:16हैं 20 साल के लिए राइट है ना समझिए इस

59:19बात को तो 1793 में 1793 में चार्टर

59:24रिन्यू हो रहा था तो इन्होंने कहा ठीक है

59:27भाई आपका चार्टर हम रिन्यू कर देते हैं 20

59:29साल के लिए लेकिन हमारी कुछ शर्तें

59:33हैं और इस इस तरह से आएगा 1793 का चार्टर

59:39एक्ट शर्तें देखते हैं बट यस नाउ आफ्टर 20

59:43इयर्स फिर से फिर से चार्टर रिन्यू करने

59:46की बात ब आई बारी आई तो सरकार ने कहा कि

59:49हां ठीक है चलो 1813 आपका चार्टर खत्म हो

59:52रहा है हम 20 साल के लिए फिर से एक्सटेंड

59:54कर देते हैं

59:55प् 20 राइट और हमारे है कुछ शर्तें

59:59कंडीशंस अब क्या ही कर सकते हो भाई लो

1:00:02रिन्यू ही नहीं करेंगे तो जो शर्त होगी

1:00:03मानना पड़ेगा कुछ नहीं कर सकते आप

1:00:05सिमिलरली फिर से 1833

1:00:091833

1:00:111833 फिर से हुआ कि सर एक्सपायर हो रहा क

1:00:13हा ठीक है ठीक है 20 साल प्लस शर्त

1:00:18कंडीशन राइट है ना फिर हुआ कि हा सर फिर

1:00:21एक्सपायर हो रहा

1:00:23183 दो शर्तें कह रहे कितना एक्सटेंशन भी

1:00:26तो दीए कह रहे हैं हां ठीक है एक्सटेंशन

1:00:28है x इयर्स का देखते हैं कब तक चलेगा x

1:00:31इयर्स मतलब ये नहीं अनलिमिटेड x इयर्स

1:00:33मतलब देखेंगे जब तक जाएगा और फिर फिर

1:00:4918581 193 13 33 53 और 57 की रिवर्ड के

1:00:53बाद 58 में कहानी ओवर दि है ना अब खाली

1:00:56हमें क्या समझना है शर्तें समझनी है कि

1:00:58क्या समय है किस तरह की शर्तें है जरा आइए

1:01:00इसको समझते हैं कि क्या हो रहा है तो 1793

1:01:04तो यहां से सीरीज शुरू हो रही है चार्टर

1:01:06एक्ट

1:01:07की चार्टर एक्ट 1793 का चार्टर एकट

1:01:11इन्होंने कहा कि भाई ठीक है सर 1793 के

1:01:14चार्टर एक्ट में शर्त देखते हैं उन्होने

1:01:16कहा कि भाई शर्तें सुनिए आप पहली बात आप

1:01:20अपना खर्चा वर्चा करने के बाद ब्रिटिश

1:01:23सरकार को 5 देंगे 5 लाख

1:01:26पाउंड हमारा क्या फायदा हो रहा है क्या

1:01:28रिन्यूअल कॉस्ट मान लो 5 लाख पाउंड हर साल

1:01:31रिन्यूअल एक बार होता है क्या हर साल 5

1:01:33लाख पाउंड आप देंगे एक बात दूसरी बात कोई

1:01:37आपका सीनियर

1:01:38ऑफिसर सीनियर

1:01:41ऑफिसर अगर अगर बिना बताए कहीं चला गया मान

1:01:44लो बोला कि हां हमारी बेटी का बर्थडे है

1:01:46वापस चला गया ब्रिटेन चला गया तो इन ट के

1:01:49समान े उसने रिजाइन ही कर दिया ऐसा नहीं

1:01:51हो सकता कि देखो क्या दिख रहा होगा

1:01:53ब्रिटेन सरकार को कि यहां के यहां के जो

1:01:55ऑफिसर्स हैं सीनियर ऑफिसर्स हैं उनमें

1:01:57डिसिप्लिन नहीं है राइट है ना डिसिप्लिन

1:01:59इनकल्केट्स वेरी वेरी इंपोर्टेंट कि यहां

1:02:01उनको बोला जाए कि आप ऐसा ऐसा एकदम से गायब

1:02:03नहीं हो सकते साहब राइट है ना आपको रहना

1:02:05पड़ेगा एप्लीकेशन देनी पड़ेगी छुट्टी

1:02:07मंजूर होगी तभी जाइएगा तो कुछ लोग बिना

1:02:09छुट्टी के भाग रहे थे है ना कि हां चलो

1:02:11घूम के आते हैं फिर वापस आएंगे देख लेंगे

1:02:12क्या ही अपना देश थोड़े राइट इस तरह सोच

1:02:14रहे थे तो सीनियर ऑफिसर अगर बिना बिना

1:02:17परमिशन के छुट्टी प गया तो मान लेंगे कि

1:02:19रिजाइन ही मार दिया इसने दोबारा उसको

1:02:21रीइंस्टेट करेंगे नहीं तो सीनियर ऑफिसर का

1:02:24सीधा रेजिग्नेशन मांग लेंगे प्लस प्लस एक

1:02:28और बात लिखते हैं कि इन्होंने कहा कि आज

1:02:30से आपको हम एक ऑप्शन दे रहे हैं प्रिविलेज

1:02:32ट्रेड

1:02:35का प्रिविलेज ट्रेड या फिर कंट्री ट्रेड

1:02:38भी कहते हैं बता रहा हू अभी इसके बारे में

1:02:40कह रहे इसके तहत इसके तहत ईस्ट इंडिया

1:02:43कंपनी क्या चालू कर लेगी ईस्ट इंडिया

1:02:45कंपनी ओपियम ट्रेडिंग

1:02:47चलेगी ओपीएम की ट्रेडिंग कर पाएगी है ना

1:02:50पहले एक बार नोट डाउन कर लेते हैं फिर जो

1:02:52है बात करते हैं इस ओपीएम की ट्रेडिंग हो

1:02:55पाएगी

1:02:56प्लस इन्होंने कहा कि हमारा जो भी खर्चा

1:02:59होता है ब्रिटेन का इंडिया को सं संभालने

1:03:02के चक्कर में बहुत सारा खर्चा हो जाता है

1:03:04वह सारा खर्चा भी क्या ईस्ट इंडिया कंपनी

1:03:06पे करेगी यस तो जो भी होम में घर पे जो भी

1:03:11खर्चा हो रहा है ईस्ट इंडिया कंपनी की वजह

1:03:13से वह सारा खर्चा इंडियन रेवेन्यू से पे

1:03:19होगा यहां की फीस यहां की सैलरी यहां के

1:03:22बच्चों के जो है स्कूल की फीस राइट ना की

1:03:24फीस हर कोई हर कुछ क्या होगा अब वो इंडियन

1:03:26रेवेन्यू के ऊपर चार्ज होगा ईस्ट इंडिया

1:03:28कंपनी पे

1:03:29करेगी प्लस प्लस एक और चीज उन्होंने कहा

1:03:32कि भाई जो है रेवेन्यू फंक्शन और जुडिशरी

1:03:36फंक्शन दोनों अलग करते

1:03:41हैं ये जो है दोनों फंक्शंस अलग होने

1:03:44चाहिए दोनों को मिक्स मैच मत करिए आइए

1:03:46समझते हैं कि क्या बात हो रही है 1793 में

1:03:48अलोंग विद दिस वी ऑलरेडी नो एक बात हमने

1:03:51कही कि प्लस 20 इयर्स कि अगला अगला मुद्दा

1:03:54होगा 20 साल बाद आइए समझते हैं कि क्या हो

1:03:57रहा है 1793 के आ तो 1793 मैंने कहा कि

1:04:00हां 20 साल के लिए एक्सटेंशन हो गया है यस

1:04:0220 साल के लिए एक्सटेंशन हो गया है कुछ

1:04:04शर्तों के साथ सब कुछ पे करने के बाद जो

1:04:08ब्रिटिश सरकार है वो भी कह र है हमको पैसा

1:04:09दो यार है ना क्या ही कर रहे हो तो यहां

1:04:11पे 5 लाख की डिमांड रखी है 5 लाख पाउंड आप

1:04:14हमको हर साल पे करेंगे कोई दिक्कत की बात

1:04:16नहीं दूसरी हम बात कर रहे थे एक और बात

1:04:18वेरी वेरी इंपोर्टेंट थिंग कि सारा

1:04:20अप्रूवल हम ही दे रहे हैं बट एक चीज ध्यान

1:04:22से समझो कि कौन गवर्नर बनेगा कौन गवर्नर

1:04:25जनरल बनेगा यह सारी बातें राइट है ना

1:04:27अपॉइंटमेंट ऑफ द गवर्नर जनरल गवर्नर्स एंड

1:04:31कमांडर इन चीफ ये जो तीन इंपॉर्टेंट पोस्ट

1:04:33है इसके लिए लगेगा रॉयल अप्रूवल वेरी वेरी

1:04:37इंपोर्टेंट पॉइंट रॉयल अप्रूवल लगेगा कहने

1:04:40का मतलब कि गवर्नर जनरल जो है वरन

1:04:44हेस्टिंग्स या फिर जो है लेट्स से वेलेजली

1:04:46बनेंगे कि नहीं बनेंगे इसके लिए इसके लिए

1:04:48रानी की परमिशन लगेगी यानी अपॉइंटमेंट अभी

1:04:51भी कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ही कर रहे हैं

1:04:53ईस्ट इंडिया कंपनी ही कर रही है लेकिन वो

1:04:55अपना अपना सुझाव देगी कि क्या वेली इजली

1:04:58को बना दे रानी के पास फाइल जाएगी रानी

1:05:00कहेगी हां ठीक है साइन कर देगी जाओ बना दो

1:05:02राइट तो अप्रूवल लग रहा है तो नाउ देयर इज

1:05:04रॉयल अप्रूवल

1:05:06फॉर रॉयल अप्रूवल एक और बात इसमें लिख लो

1:05:09देयर इज रॉयल

1:05:14अप्रूवल फॉर गवर्नर गवर्नर जनरल एंड

1:05:17कमांडर इन

1:05:19चीफ कि हां बॉम्बे का गवर्नर कौन बनेगा

1:05:22मद्रास का कौन बनेगा कमांडर इन चीफ कौन

1:05:23बनेगा गवर्नर जनरल कौन बनेगा सब जगह फाइल

1:05:25जाएगी रॉयल अप्रूवल लगेगा तभी बनेगा ऐसा

1:05:28मन मर्जी से ईस्ट इंडिया कंपनी अपना कुछ

1:05:30नहीं बना सकती दिस इज आल्सो इंपोर्टेंट कि

1:05:32इसका जो इंटरफरेंशियल

1:05:41सीनियर ऑफिशियल की बात मैंने बताई कि अगर

1:05:43विदाउट परमिशन अगर ये गए क्योंकि ऐसा हो

1:05:45रहा होगा डिसिप्लिन नहीं रहा होगा है ना

1:05:47कि अगर ये विदाउट परमिशन गए तो हम मान

1:05:48लेंगे रिजाइन कर दिया तुमने दोबारा वापस

1:05:50नहीं आओगे वापस नहीं लेंगे तुम राइट प्लस

1:05:53प्लस लाइसेंस की बात करी मैंने कि हां

1:05:55इंडिविजुअल्स को कि कंपनी चाहे तो अपने

1:05:58किसी एंप्लॉय को लाइसेंस दे सकती है कि वो

1:06:01लोग अपने अंडर ट्रेड करें क्या मतलब हुआ

1:06:03इसका आइए समझते तो यह कहना चाह रहे हैं

1:06:08ईस्ट इंडिया

1:06:09कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी अपने किसी

1:06:12एंप्लॉई लेटस से नाम है उसका

1:06:15रॉबिन रॉबिन को परमिशन दे दे कि रॉबिन तुम

1:06:19हमारे एंप्लॉई हो और तुम ट्रेडिंग कर सकते

1:06:22हो तुम्हारी प्रिविलेज है यू कैन हैव

1:06:25प्रिविलेज प्रिविलेज ट्रेडिंग इसका मतलब

1:06:29कि ईस्ट इंडिया कंपनी इंडिया से ब्रिटेन

1:06:32ट्रेड कर रही है चाइना के साथ भी ट्रेड कर

1:06:35रही है हां ठीक है बट हमारे साथ-साथ

1:06:37पैरेलल रॉबिन भैया भी ट्रेडिंग कर सकते

1:06:40हैं ऐसा भी अलाउड रॉबिन रॉबिन यहां का

1:06:44सामान वहां भेज सकते हैं यहां से सामान

1:06:46इधर भेज सकते हैं पॉसिबल अब ऐसी बात क्यों

1:06:48कही गई ऐसा क्यों कर सकते हैं एक्चुअली

1:06:50ईस्ट इंडिया कंपनी करना चाहती है अफीम में

1:06:52ट्रेडिंग ओपीएम

1:06:55चाइना कुछ पैसा वैसा उनसे लेता नहीं था

1:06:57राइट है ना कि उन चाइना कह रहा था कि

1:06:59हमारे काम के कोई सामान दोगे तो हम लेंगे

1:07:01वरना तुमसे ट्रेडिंग नहीं करेंगे राइट

1:07:02प्लस उसे कौन सोना मुना दे तो यहां पर

1:07:05क्या करते थे ये लोग चाइना से सामान

1:07:07खरीदने के लिए वहां पे अफीम लेके जाते थे

1:07:10तो अब ये जो अफीम लेके जाएगा यह रबिन लेके

1:07:13जाएगा चाइना को अफीम दे देंगे बदले में

1:07:16चाइना से चाय वगैरह ले लेंगे जो भी चाहिए

1:07:18होगा राइट चाय वगैरह ले लेंगे और ले जाके

1:07:20बेच देंगे ब्रिटेन में तो दिस दिस

1:07:22प्रिविलेज ट्रेडिंग इज बेसिकली मेंट टू डू

1:07:25ओपियम

1:07:27ट्रेडिंग ये थोड़ा बैक डोर से ओपियम

1:07:29ट्रेडिंग स्टार्ट करना

1:07:31चाहते राइट बट ऑफिशियल शायद नहीं करना चाह

1:07:33रहे दैट इज द रीजन दे आर लाइक कि हां चलो

1:07:35हमारा रॉबिन कर देगा ये राइट तो रॉबिन के

1:07:38ऊपर पूरी गोली चला दी इन्होंने कल को कुछ

1:07:40होगा तो रबिन को ही सैक्रिफाइस कर देंगे

1:07:41क्या यही आदमी था और फीम ट्रेडिंग करता था

1:07:43बताता नहीं था मैं इस तरह काछ कुछ यहां पे

The Charter Acts

1:07:45करना चाह रहे हैं तो सो बिकॉज ऑफ दिस अफीम

1:07:48ट्रेडिंग विल स्टार्ट ओपियम ट्रेडिंग विल

1:07:50स्टार्ट ये जो उन्होंने कर दिया तो ओपियम

1:07:52टू चाइना दिस इज समथिंग दे वांट टू

1:07:53स्टार्ट इसी को प्रिविलेज ट्रेडिंग या

1:07:55कंट्री ट्रेड कहा जाता है नाउ अनदर थिंग

1:07:58अनदर थिंग तो ये हमने बात करी दूसरा हमने

1:08:00एक पॉइंट लिखा था एक हमने बात करी जो है

1:08:03प्रिविलेज ट्रेड की ईस्ट इंडिया कंपनी

1:08:05ओपीएम ट्रेडिंग करवा रहा है टू चाइना

1:08:08दूसरा रेवेन्यू और जुडिशरी अलग करना चाहते

1:08:11हैं अब हो क्या रहा था कि जो जैसे कलेक्टर

1:08:15है किसी डिस्ट्रिक्ट में

1:08:19कलेक्टर

1:08:21कलेक्टर अब कलेक्टर जो है वो रेवेन्यू का

1:08:24हेड

1:08:24है रेवेन्यू इंचार्ज यही है पूरा रेवेन्यू

1:08:27यही देखता है अब मान लो किसी मुद्दे को

1:08:30मान लीजिए मुझे कोई दिक्कत हुई राइट है ना

1:08:33है ना रेवेन्यू रिलेटेड मुझसे ज्यादा पैसा

1:08:35इकट्ठा कर लिया है अब मुझसे ज्यादा पैसा

1:08:37इकट्ठा कर लिया है इस बात की कंप्लेन करने

1:08:39के लिए मैं गया कोर्ट

1:08:41में है ना कोर्ट में गया मैंने शिकायत कर

1:08:44दी कि देखो मेरे साथ कितना गलत हुआ है यह

1:08:46कलेक्टर देखो मेरे साथ धोखा करता है मुझसे

1:08:48₹1 की जगह 000 ले लिया है इस कलेक्टर को

1:08:51फायर कर दो निकाल दो और फिर मैंने देखा कि

1:08:53कि कुर्सी के ऊपर कुर्सी के ऊपर यही आदमी

1:08:56बैठा हुआ है जिसकी मैं शिकायत कर रहा था

1:08:59राइट दिक्कत हो गई मैंने कहा अरे सॉरी मैं

1:09:01मजाक कर रहा था ऐसे ही बोल दिया मैंने

1:09:02राइट दिल से नहीं वापस मेरी फाइल वापस दे

1:09:04दीजिए ऐसा लेके मैं घर चला जाऊंगा तो कहने

1:09:06का मतलब कि दिस इज अगेंस्ट नेचुरल जस्टिस

1:09:09कि हां जिसके खिलाफ कंप्लेन हो रही है वही

1:09:11आदमी उसका हेड बना हुआ है वही आदमी उसका

1:09:13सुपरवाइजर है टेक्निकली तो उसी के खिलाफ

1:09:15कंप्लेन कैसे कर दूंगा मैं तो इट इज वेरी

1:09:17वेरी इंपोर्टेंट कि जो रेवेन्यू फंक्शन

1:09:20है और जो जुडिशरी फंक्शन है ये अलग होना

1:09:23चाहिए

1:09:24लॉजिकल कॉमन सेंसिकल उने य कॉमन सेंस वाली

1:09:27काम कर देते हैं यह कोई बहुत बड़ा काम

1:09:29नहीं है कॉमनस काम है अलग कर दो तो यहां

1:09:32पर कुछ माल अदालत का कांसेप्ट होता था

1:09:33जिसम ऐसा होता था माल अदालत यहां से गायब

1:09:36हो जाएंगी जहां पर रेवेन्यू और य दोनों

1:09:38मिक्स हो रही थी बात यह फिर आगे नहीं रहे

1:09:41दिस वन थिंग

1:09:42दे इसके साथ साथ होम चार्जेस का कांसेप्ट

1:09:45समझते होम

1:09:47गवर्नमेंट वट इस होम

1:09:50चार्जेस जो ब्रिटेन है ब्रिटेन ब्रिटिश

1:09:55सरकार ब्रिटिश सरकार बोले तो जो घर है होम

1:09:59है उनका दिस

1:10:00होम फिलहाल ब्रिटिश सरकार कह रही है यह जो

1:10:04हमने बोर्ड ऑफ कंट्रोल

1:10:06बनाया आपको कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को हैंडल

1:10:09करने के लिए सारा अप्रूवल देने के

1:10:14लिए राइट है ना अब इसमें क्या है कि हां

1:10:17ऑफिस का खर्चा है प्रिंटर लगा रखा है राइट

1:10:21है ना

1:10:22काग साइ वगैरह आता है चाय लोग पीते हैं

1:10:25राइट ऑफिस का किराया जा रहा है बिजली का

1:10:27बिल जा रहा है एसी लगा रखा है हीटर लगा

1:10:28रखा है राइट बड़ा खर्चा हो रहा है भाई

1:10:31प्लस प्लस हमारे बहुत सारे ऑफिसर को हमें

1:10:33भेजना पड़ता है इंडिया कभी आर्मी के रूप

1:10:37में कभी किसी और रूप में राइट प्लस ये जो

1:10:39ये जो जो जाते हैं उनकी सैलरी यह भी तो

1:10:42हमारा खर्चा है ये वापस आ जाते हैं फिर

1:10:44इनकी पेंशन यह भी हमारा खर्चा है राइट कभी

1:10:47कभी आप लोग वॉर कर देते हैं यहां पे वॉर

1:10:50के चक्कर में वर को संभालने के चक्कर में

1:10:52जो है यू नो फिर से से हमारा खर्चा हो

1:10:54जाता है तो ये जितना भी कुछ खर्चा है राइट

1:10:57चाहे तेल से लेकर जो है वर तक राट जो भी

1:10:59कुछ खर्चा है जो तुम्हारी वजह से हुआ है

1:11:03राइट तुम ही लोगों की हरकतों की वजह से

1:11:04हमारा ये सारा खर्चा हो रहा है तुम्ह

1:11:06कंट्रोल करने के चक्कर में हमारा खर्चा जा

1:11:07रहा है ऑल दज एक्सपेंसेस आर एक्चुअली होम

1:11:13चार्जेस अभी जो होम चार्जेस का बिल है यह

1:11:16बिल भेज दिया जाएगा किसको कहेंगे तुम पे

1:11:18करो और ये लोग कहां से पे करेंगे कहेंगे

1:11:21इंडियन रेवेन्यू से पे करो भाई

1:11:25यहां जहां वहां जो जितना कमा रहे हो राइट

1:11:27इंडियन रेवेन्यू में कितना भी कमा रहे हो

1:11:29उसी में से जो है आप पे कर

1:11:32दीजिए प्लस प्लस हमको जो है 5 लाख तो

1:11:35दीजिए ही दीजिए वो तो बोला ही बोला था

1:11:38राइट 5 लाख के अलावा ये खर्चा अलग है ये

1:11:40नहीं कि हमारा पूरा खर्चा ही 5 लाख करा

1:11:42दिया हमको कुछ नहीं मिला तो डज नॉट मेक

1:11:44सेंस तो उन्होंने एक 5 लाख की डिमांड करी

1:11:47और प्लस इन्होंने कहा होम चार्ज जितना

1:11:48खर्चा हो रहा है ये नहीं कि हां हमारा

1:11:50खर्चा ही हो गया 5 लाख तुमसे लिए पूरे

1:11:51खर्च हो गए डज नॉट मेक सेंस तो खर्चा अलग

1:11:54पे करोगे और 5 लाख अलग पे करोगे तो ये होम

1:11:57चार्जेस भी इन्होंने ऐड कर रखे हैं टोटल

1:11:59बिलिंग में दिस इज वन थिंग और ये यहां से

1:12:01जो है आपके 1793 से चलता रहेगा दिस विल गो

1:12:04टिल 1919 राइट है ना कि ऑलमोस्ट आप समझिए

1:12:08तो जो है सवा सवा साल हम लोग ये सारा जो

1:12:11खर्चा है ये सैलरी वैलरी हमारे हमारे पूरे

1:12:13रेवेन्यू से हमारे सिस्टम में से निकल

1:12:15निकल के जाती रहेगी दिस इज आल्सो वन ऑफ द

1:12:17ड्रेन कि हमारा पैसा ड्रेन हो रहा है ये

1:12:19हमारा रेवेन्यू है और इनको पे किए जा रहे

1:12:20है ये 5 लाख 5 लाख जो जा रहा है वो तो जा

1:12:22ही रहा है बट इसके अलावा ये भी जा रहा है

1:12:24तो अच्छा खासा खर्चा है होम चार्जेस राइट

1:12:26तो होम चार्जेस 1793 में दिस कैन बी वन

1:12:29वैसे आप पूछ चुका है एक बार जो है

1:12:31प्रेजेंस में होम चार्जेस बट हां फिर से

1:12:33ऐसा सवाल आ सकता है रिलेटेड सवाल आ सकता

1:12:34है होम चार्जेस पे यस तो होम चार्जेस इज

1:12:37वन थिंग व्हिच इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट जो

1:12:39कि इंडियन रेवेन्यू पे पे हो रहा है एक

1:12:40बार सराइज करते हैं 1793 1793 हमने कहा ₹

1:12:43लाख और होम चार्जेस दिस इज वन थिंग

1:12:45रेवेन्यू जुडिशरी अलग कर दिया जाए एक

1:12:47प्रिविलेज ट्रेड का कांसेप्ट रहा है कि

1:12:49हां ओपीएम ट्रेडिंग चाइना से हो पाएगी तो

1:12:51वो एक अलग कर दिया सीनियर ऑफिसर्स के रिक

1:12:53की बात करी प्लस गवर्नर जनरल और कमांडर इन

1:12:56चीफ इन सबका जो है अपॉइंटमेंट के लिए

1:12:58लगेगा अप्रूवल दिस इ योर 1793

1:13:02का चलिए बढ़ते अगले एक्ट में च ओबवियसली

1:13:05आपको पता है कि हा वो आ रहा है 17 सॉरी

1:13:0818 नेक्स्ट एक्ट 183

1:13:13काट एक्ट ऑफ

1:13:1618 18 आइए

1:13:19देखते कहानी और आगे

1:13:22बढ़ाते

1:13:271813 1813 तक जाते जाते कहानी काफी बदल से

1:13:31चुकी है राइट है ना आइए समझते

1:13:35हैं बाय

1:13:39183 ब्रिटेन ने काफी कुछ फेस किया हुआ

1:13:43है ब्रिटेन में एक तो इंडस्ट्रियल

1:13:46रेवोल्यूशन जो था इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन

1:13:49यह अच्छा खासा ग्रो कर गया था यानी कि देर

1:13:53लॉट ऑफ प्राइवेट

1:13:56कंपनीज जो बिकॉज ऑफ इंडस्ट्रियल

1:13:59रेवोल्यूशन दे आर इनटू मैन्युफैक्चरिंग यह

1:14:01कुछ कुछ बनाते

1:14:04हैं यह मैन्युफैक्चरिंग करते हैं यह कुछ

1:14:07कुछ बनाते हैं राइट अब ये लोग क्या है ये

1:14:09जो प्राइवेट कंपनीज है प्राइवेट कंपनीज कह

1:14:12रही है कि साहब हम उड़ना चाहते हैं दौड़ना

1:14:14चाहते भागना चाहते हैं राइट है ना तो जो

1:14:17यहां की सरकार है ब्रिटिश गवर्नमेंट है ना

1:14:20ब्रिटिश गवर्नमेंट ऐसे शिकायत कर रही है

1:14:23गवर्नमेंट साहब है ना हम उड़ना चाहते

1:14:26भागना चाहते दौड़ना चाहते बहुत धंधा करना

1:14:28चाहते खूब पैसा कमाना चाहते तो सरकार पूछ

1:14:31रही क्या हुआ करो जाके जो करना है करो क र

1:14:33नहीं नहीं नहीं समझे नहीं आप बात को हो

1:14:35क्या रहा है कि हम जाना चाहते हैं

1:14:39इंडिया हम ट्रेड करना चाहते हैं यह जो

1:14:42मैन्युफैक्चरिंग है यह इंडिया हमें हम

1:14:44ट्रेड करना चाहते हैं सामान बेचना चाहते

1:14:46हैं इंडिया में इंडिया को मार्केट बनाना

1:14:48चाहते वी वांट की इंडिया शुड बिकम आवर

1:14:51मार्केट ऐसा चाहते

1:14:54बट अभी तो हम इंडिया की मार्केट है

1:14:56टेक्निकली अब तक जो है अब तक ईस्ट इंडिया

1:14:59कंपनी ही वहां से सामान खरीद के उल्टा

1:15:02लेकर आ रही है तो अब तक तो गंगा उल्टा बह

1:15:04रही है राइट नाउ वी नीड टू डू समथिंग एल्स

1:15:07हमें मार्केट बनानी है ईस्ट इंडिया कंपनी

1:15:09ये वाला काम कर रही है वहां से सामान लेकर

1:15:11आ रही है राइट है ना प्लस प्लस ईस्ट

1:15:13इंडिया कंपनी की मोनोपोली भी

1:15:19है ईस्ट इंडिया कंपनी की मोनोपोली है ईस्ट

1:15:21इंडिया कंपनी जो चाहेगी वही होगा

1:15:23हम लोग क्या ऐसा कर सकते हैं यहां जा सकते

1:15:26हैं नहीं साहब रास्ता ब्लॉकड राइट बिकॉज

1:15:29ऑफ द मोनोपोली ऑफ ईस्ट इंडिया कंपनी ये जो

1:15:31प्राइवेट कंपनी ग्रो हुई है इंडस्ट्रियल

1:15:33रेवोल्यूशन हो चुका है 1757 से यह शुरू हो

1:15:36चुका था अब जो है अब 60 साल हो चुके हैं

1:15:40तो कह रहे हैं कि भाई हमको हमको एंट्री दो

1:15:42इंडियन मार्केट में इंडिया को मार्केट की

1:15:44तरह ट्रीट करना है अपना सारा सामान ले आके

1:15:46डंप कर देना इंडिया में खूब पैसा कमाना है

1:15:49अब ब्रिटिश गवर्नमेंट कह रही बात तो

1:15:50तुम्हारी ठीक है साहब जो है सही तो कह रहे

1:15:52हो गलत तो नहीं कह रहे हो प्लस यह धंधा

1:15:54पुराना हो चुका है क्या ये वाकई काम का

1:15:56धंधा है कह रहे है ना यह बात ठीक कह रहे

1:15:59हैं कि प्राइवेट कंपनी का कुछ होना चाहिए

1:16:01मीनवाइल

1:16:031800 के दौर में 1800 तक आते आते एक और

1:16:06बात हुई ब्रिटेन ने एक और झटका फेस किया

1:16:11नेपोलियन तो नेपोलियन ने क्या कर दिया

1:16:14नेपोलियन ने कह दिया कि जो है तुम बहुत

1:16:16बड़े ट्रेडर हो तो अपनी ट्रेडिंग अपने पास

1:16:18रखो यहां पे यूरोप की तरफ ट्रेड करने की

1:16:21जरूरत नहीं है तो यह सारे रास्ते बंद कर

1:16:24दिए उसने यूरोप की तरफ दिस इज कॉन्टिनेंटल

1:16:27सिस्टम ऑफ

1:16:28यूरोप कॉन्टिनेंटल सिस्टम ऑफ

1:16:33नेपोलियन कॉन्टिनेंटल सिस्टम ऑफ नेपोलियन

1:16:36तो अब क्या है कि हां भाई एक कॉन्टिनेंटल

1:16:38सिस्टम ऑफ नेपोलियन भी है और बाकी कंपनीज

1:16:40कह रही हमको भी ट्रेड करना है ये मोनोपोली

1:16:41का आइडिया ठीक नहीं है लेस फेयर इज कि हां

1:16:44फ्री हैंड होना चाहिए राइट है ना कि हां

1:16:46बिजनेस में कैपिट इज्म में फ्री हैंड होना

1:16:48चाहिए ऐसा ऐसा आपने किसी प्राइवेट कंपनी

1:16:51को प्राइवेट कंपनी को इतना हक दे रखा है

1:16:53दिस इज नॉट करेक्ट प्लस प्राइवेट कंपनी

1:16:55यहां भी झटका खा चुकी है नेपोलियन की वजह

1:16:57से तो प्राइवेट कंपनी वैसे भी रो ही रही

1:17:01थी राइट एंड नाउ इट इज रिक्वायर्ड कि इस

1:17:04प्रॉब्लम को सॉल्व किया जाए अब ऐसे में

1:17:061813 में चार्टर खत्म हो रहा था और शर्तें

1:17:09देने का वक्त आ रहा था तो हुआ कि चलो भाई

1:17:11शर्त शर्तें चिपका देते हैं राइट है ना तो

1:17:14यस स नाउ इट इज लाइक कि हां जो है शर्तें

1:17:17चपकाई जाए है ना ये हो हल्ला हो रहा है कि

1:17:19भाई हमको भी हक दो हमको भी हक दो प्लस

1:17:21कॉन्टिनेंटल सिस्टम आ चुका है अब जो है वो

1:17:23ट्रेड ही नहीं कर पा रहे बेचारे तो अब ये

1:17:25दिक्कत हो चुकी है बिकॉज ऑफ नेपोलियन

1:17:30नाउ तो पहले इन्होंने कहा सबसे पहली बात

1:17:33कि सर आज से आज से और अभी से आपकी जो

1:17:37मोनोपोली है राइट है ना मोनोपोली मोनोपोली

1:17:40जो है वो आपकी हटाई जा रही है वन थिंग इज

1:17:42कि कंपनी की मोनोपोली ओवर ट्रेड इन इंडिया

1:17:46यह एंड हो गई वेरी वेरी इंपोर्टेंट पॉइंट

1:17:491813

1:17:52में ट्रेड

1:17:56मोनोपोली इज ओवर तो कंपनी रोने लगी कंपनी

1:18:00कह रही है इतने सालों से हमने आपसे

1:18:01वफादारी के साथ काम किया है आज रातों रात

1:18:03आपने हमको निकाल दिया मोनोपोली हमारी खत्म

1:18:06करने दे रहे हो कह रहे अरे मोनोपोली खत्म

1:18:07कर रहे हैं ट्रेड अभी भी कर सकते हो दोस्त

1:18:09राट ऐसा नहीं ट्रेड ही बंद कर दिया तुमसे

1:18:11कह दिया तुम ट्रेडिंग नहीं करोगे कल से घर

1:18:13प बैठोगे ऐसा कुछ नहीं बोला खाली मोनोपोली

1:18:15खत्म करिए मतलब बाकी लोग भी ट्रेडिंग

1:18:17करेंगे राइट तब भी कंपनी रोने लगी कि सर

1:18:19वैसे नुकसान में चल रहे थे दिवाली आ रही

1:18:20है इतना खर्चा है नए कपड़े सिलवाने ऐसे

1:18:22करके रोने लग कह रहा अच्छा ठीक है ठीक है

1:18:24तुम्हारा फायदेमंद ट्रेड क्या है कह रहा

1:18:26चाय कह रहा और चाइना कह रहा ठीक है तो ऐसा

1:18:29कर लो कि तुम एक्सेप्ट चाय और चाइना तो टी

1:18:33चाइना ट्रेडिंग और टी ट्रेडिंग राइट ये

1:18:36दोनों रहने दो और बाकी बाकी जो है

1:18:39मोनोपोली आपकी खत्म करके जाती है तो ट्रेड

1:18:42मोनोपोली पूरी बंद कर दी गई बाकी सारे लोग

1:18:44भी ट्रेड करेंगे ईस्ट इंडिया कंपनी की

1:18:45स्पेशल कोई प्रिविलेज नहीं है बट सिर्फ और

1:18:47सिर्फ चाय और चाइना के साथ ट्रेडिंग में

1:18:49ट्रेड मोनोपोली ईस्ट इंडिया कंपनी की

1:18:51बरकरार है ये बात उन्होंने कहा कि चलिए बर

1:18:53करा है मैंने कहा ठीक है भाई और बताइए तो

1:18:56दिस इज वन थिंग राइट है ना बिकॉज़ हमने

1:18:58समझा कि ऐसा माहौल बन गया था अनदर थिंग जो

1:19:00है बाकी 1813 में तो 1813 में उसके अलावा

1:19:03उन्होंने कहा 20 साल बढ़ा देंगे हां ये तो

1:19:05हम ऑलरेडी जानते हैं राइट 20 साल प्लस जो

1:19:07भी शेयर होल्डर है उनको सा 10 पर का शेयर

1:19:09होल्डर ज स्टेक दे दिया डिविडेंड सॉरी

1:19:11डिविडेंड दे दिया अगेन नॉट वेरी

1:19:12इंपोर्टेंट पॉइंट ठीक है दे

1:19:15दिया नाउ अब धीरे-धीरे क्या है शिकंजा

1:19:17थोड़ा और बढ़ रहा है पावर ऑफ बोर्ड ऑफ

1:19:19कंट्रोल थोड़ा और बढ़ा दिया गया ठीक है

1:19:20बढ़ा दिया गया ओके और बताइए

1:19:23नाउ नाउ अब ब्रिटेन क्या सोच रहा है

1:19:25ब्रिटेन सोच रहा है कि भाई अब हमको ना

1:19:27कल्चरल कॉन्कस भी करना है हमें हमें

1:19:29इंडिया में अब हमने अपनी टेरिटरी वगैरह

1:19:31बना दी 1813 तक आते-आते बाय 1813

1:19:36समझिए बाय 1813 मराठस के साथ भी ट्रीटी हो

1:19:40चुकी थी मैसौर के साथ भी ट्रीटी हो चुकी

1:19:41थी ये अपना जो है ये एरिया मद्रास वाला

1:19:44एरिया अपने पास ऑलरेडी था बंगाल बिहार

1:19:46ओरिसा ऑलरेडी था अवध अवध भी जो है अपने

1:19:48साथ सब्सिडरी में था प्लस राजस्थान का

1:19:51बहुत एरिया सब्सिडरी में था तो टेक्निकली

1:19:53इंडियन एंपायर काफी हद तक एक्सपेंड हो

1:19:55चुकी थी हो रही थी राइट अब ऐसे में ऐसे

1:19:58में उनको लग रहा है कि नाउ वी हैव टू गो

1:20:00डीपर कि हमने पॉलिटिकल कंट्रोल बना दिया

1:20:03है पॉलिटिकल कंट्रोल के साथ-साथ आदमी के

1:20:05ऊपर भी कंट्रोल करना होगा राइट जो इंडियन

1:20:08है भारतीय जो है मानसिकता है जो भारतीय

1:20:11आदमी है सोसाइटी है इसके ऊपर भी हमारा

1:20:13दबाव होना चाहिए दबदबा होना चाहिए अब उसके

1:20:15लिए जरूरी है कि कल्चरल कॉन केस करने के

1:20:17लिए कि जो भी कल्चरल रिलेटेड बातें हैं

1:20:20उसमें भी हम लोग परकलेट कर जाए घुस जाए अब

1:20:22ऐसा तब होगा जब आप हमारे धर्म में घुस जाए

1:20:25आप हमारी एजुकेशन सिस्टम में घुस जाएं तब

1:20:27जो है एक यह नेक्स्ट लेवल ऑफ़ परपुले होता

1:20:29है है ना हमने पहले बात करी थी कॉलोनी

1:20:32क्या होती है तो कॉलोनी इज़ नॉट ओनली

1:20:34पॉलिटिकल कॉन्टेस्ट नॉट ओनली इकोनॉमिक

1:20:36कॉंक्ड बट इट इज आल्सो कल्चरल कॉन्टेस्ट

1:20:39वो बात याद करते हुए बढ़ते हैं तो हमें

1:20:41याद उसके हिसाब से यहां पे ये लोग कहेंगे

1:20:44कि हर साल ₹1

1:20:46लाख आपको खर्च करना होगा किस चीज के ऊपर

1:20:49एजुकेशन के ऊपर यहां लिटरेचर लर्निंग और

1:20:52साइंस

1:20:53ऐसा लिखा कि लिटरेचर लर्निंग लिटरेचर और

1:20:55साइंस दोनों के ऊपर आप खर्चा करेंगे किसके

1:20:58ऊपर है ना नेटिव के ऊपर भारतीयों के लिए

1:21:00ऐसा नहीं अपने ही बच्च को पढ़ा दिया प्लस

1:21:02प्लस हर साल हर साल ऐसा लाख का खर्चा तो

1:21:06एजुकेशन की जिम्मेदारी पहली बार अंग्रेजों

1:21:08ने उठाई यस हालाकि जिम्मेदारी में भी कहीं

1:21:12ना कहीं जो है उन्हीं का फायदा है बट यह

1:21:14जिम्मेदारी का उन्होने कम से कम नाम तो

1:21:16लिया तो एक इन्होने बात कही एक लाख रुप

1:21:20लाख रुप एनुअली

1:21:24किस चीज के ऊपर एजुकेशन के ऊपर एजुकेशन के

1:21:27ऊपर एक लाख रप जो है हर साल आप खर्च

1:21:29करेंगे ऐसा करके इन्होने कहा देन देन

1:21:33नेक्स्ट इन्होने कहा कि हां जो है जो भी

1:21:36जो भी

1:21:39आपकी

1:21:42या इसी इसी को बात को पहले और बढ़ाते इसके

1:21:45साथ इन्होने कहा कि जो क्रिश्चन मिशनरीज

1:21:46है क्रिश्चन मिशनरी राइट है ना क्रिश्चन

1:21:49मिशनरीज को भी आप परमिट कर देंगे यस

1:21:51क्रिश्चन मिशनरी आर आल्सो अलाइन ये अभी

1:21:53हमने पीछे बात करी कल्चरल कॉन्कस की तो

1:21:55कल्चरल कॉन्कस का मतलब कि रिलीजन में भी

1:21:57एंट्री होनी चाहिए अभी तक ईस्ट इंडिया

1:22:00कंपनी क्रिश्चियन मिशनरीज को बहुत सपोर्ट

1:22:02नहीं करती थी अब तक यह जो भी क्रिश्चन

1:22:04क्रिश्चियनिटी फैली है वो विद द हेल्प ऑफ

1:22:06डच फैली है अब तक अंग्रेजों ने बहुत

1:22:08सपोर्ट या ईस्ट इंडिया कंपनी ने बहुत

1:22:10सपोर्ट प्रोवाइड नहीं किया था क्रिश्चन

1:22:11मिशनरी भी रोना रो रही थी कि हमको भी

1:22:13एंट्री करने दो भाई क्या कर रहे हैं हमें

1:22:14सपोर्ट नहीं मिल रहा तो इस बार

1:22:16एक्सप्लिसिट लिख दिया गया कि आइंदा से आप

1:22:18क्रिश्चियन मिशनरीज को सपोर्ट करेंगे तो

1:22:21इसमें क्रिश्चियन मिशन के लिए भी सपोर्ट

1:22:23है क्रिश्चन मिशनरीज का भी सपोर्ट की

1:22:27एंट्री अलाउड है राइट आप उनको सपोर्ट

1:22:29प्रोवाइड करेंगे तो सस टू पॉइंट्स आर

1:22:32अबाउट टेक्निकली कल्चरल

1:22:36कंस्ट यहां से एजुकेशन पॉलिसी शुरू होगी

1:22:39जब हम एजुकेशन की बात करेंगे आई थ दो

1:22:41चैप्टर बाद एजुकेशन राइट है तो कल्चरल

1:22:44कंस्ट नेक्स्ट नेक्स्ट देर आल्सो टॉकिंग

1:22:47अबाउट की जो

1:22:50है या कि जो बाकी की जो आपके चेंबर्स हैं

1:22:54राइट ये थोड़ा सा कंट्रोल की बात एक और है

1:22:56इसमें कह रहे हैं कि जो आपकी मद्रास

1:22:59बॉम्बे और कोलकाता की काउंसिल्स हैं ये जो

1:23:01भी डिस्कशन हो रहा है ये ब्रिटिश

1:23:03पार्लियामेंट के सामने रखो हम लोग डिस्कस

1:23:05करेंगे हम जानना चाहते हैं तो ब्रिटेन

1:23:07सरकार कह रही है कि हम जानना चाहते हैं कि

1:23:09तुम लोग काउंसिल बैठ गए ऐसा तो नहीं चाय

1:23:10और पोहा खा रहे हो राइट ऐसा तो नहीं कि

1:23:12हां डिस्कशन हो ही नहीं रहा है वी वांट टू

1:23:14अंडरस्टैंड दैट तो दैट इज द रीजन कि आप ये

1:23:16जो भी कुछ वहां पे डिस्कशन हो रहा है

1:23:17बातें हो रही है सब हमको हमको भिजवाई है

1:23:19हम पढ़ना चाहते हैं जानना चाहते हैं क्या

1:23:21बात हुई फिर उसने क्या कहा फिर उसने क्या

1:23:23कहा तो जो भी आपके गवर्नर डिस्कस कर रहे

1:23:24हैं गवर्नर और गवर्नर जनरल जिनको हमने

1:23:27अप्रूव करके भेजा है रॉयल अप्रूवल के बाद

1:23:29वी वांट टू नो कि वहां पे जाके उन्होंने

1:23:30क्या परफॉर्म किया तो दैट इज द रीजन कि

1:23:33हां ये भी फाइल है हमको भेजो यस राइट सो

1:23:36नाउ इट इज लाइक कि हां धीरे-धीरे अब वो

1:23:38अपना हक और जताते जा रहे हैं नाउ दिस इज

1:23:40आइ कॉन्स्टिट्यूशन पोजीशन ऑफ द ब्रिटिश

1:23:42टेरिटरीज इंडिया वाज दस एक्सप्लीसिटली

1:23:44डिफाइंड फॉर द फर्स्ट टाइम कि अब आप

1:23:46अंग्रेजों के अंदर है अंग्रेजों के

1:23:47कंट्रोल में प्लस इन्होंने एक और बात कहा

1:23:50कि ये जो फाइल आप लोग बनाते हैं आप लोग

1:23:53गुच मुछड़ कर देते हैं पूछा सर क्या गुच

1:23:55मुछड़ हो रहा है कह रहे हैं एक आपका

1:23:57कमर्शियल फंक्शन है एक आपका टेरिटोरियल

1:23:59रेवेन्यू है है ना दो तरह का पैसा आप लोग

1:24:01कमाते हैं एक आपका कमर्शियल रेवेन्यू है

1:24:03एक आपका टेरिटोरियल रेवेन्यू है एक आप

1:24:05लैंड रेवेन्यू से कमाते हैं एक अपने धंधे

1:24:07से कमाते हैं बिजनेस से कमाते हैं इन

1:24:09दोनों फाइलों को अलग रखा करो तुम लोग सेम

1:24:11जगह एंट्री कर देते हो राइट है ना पढ़ने

1:24:14में नहीं आता फिर हम कंफ्यूज होने लगते

1:24:15हैं कि ये पैसा इधर का है कि इधर का है तो

1:24:17ये हम ठीक से एंट्री कर नहीं पा रहे

1:24:19अकाउंटिंग इशू है वी वांट कि आइंदा से आप

1:24:21लोग दो सेपरेट फाइल बनाइए राइट सेपरेट

1:24:24अकाउंट बनाइए एक तरफ अपना कमर्शियल

1:24:26ट्रांजैक्शन रखिए एक तरफ अपना टेरिटोरियल

1:24:28रेवेन्यू

1:24:29रखिए तो बोर्ड ऑफ कंट्रोल अब क्या है

1:24:32धीरे-धीरे अब जो है अपना पावर डिफाइन कर

1:24:34रहा है कि हम तुम्हारा रेवेन्यू समझना

1:24:37चाहते हैं जानना चाहते हैं सोर्स समझना

1:24:39चाहते हैं राइट किस तरह से बढ़ेगा ये

1:24:41जानना चाहते हैं तो टेक्नी टेक्निकली

1:24:43बोर्ड ऑफ कंट्रोल का पावर जो है वो

1:24:45धीरे-धीरे हमें यहां पे बढ़ता हुआ सर नजर

1:24:47आ रहा है या तो दिस इज दिस इज दी एक्ट ऑफ

1:24:511813 जिससे हमने कहा कि जो भी आपकी

1:24:54गवर्नर्स की काउंसिल्स

1:24:57है गवर्नर्स का

1:25:00डिस्कशन गवर्नर्स कोई भी गवर्नर हो गवर्नर

1:25:02जनरल भी हो क्यों ना तो ये ब्रिटिश

1:25:05पार्लियामेंट सुनना चाहती है देखना चाहती

1:25:07है जानना चाहती

1:25:09है प्लस ये कह रहे हैं कि हां जो

1:25:12ट्रांजैक्शन है जो रेवेन्यू है तो

1:25:15टेरिटोरियल रेवेन्यू के सेपरेट रजिस्टर

1:25:18ऐसा करके लिख लीजिए रेवेन्यू कह रहे एक

1:25:21कॉपी और खरीद लो भाई इतना पैसा मत बचाओ

1:25:24रजिस्टर रजिस्टर हम भिजवा देंगे बट आप अलग

1:25:27अलग लिखो रेवेन्यू के सेपरेट रजिस्टर होने

1:25:30चाहिए दिस आल्सो हैपन इन

1:25:331830 ना फिर से ही 20 साल राइट 20 साल बाद

1:25:37फिर से हुआ कि हा चार्टर खत्म हो रहा है

1:25:39फिर से जो है फिर से हमको क्या करना है

1:25:40फिर से इसको रिवाइज करना है देन अगली

1:25:43समस्या उठी 1833 में

1:25:471833 18 आ बात करते 183

1:25:51का नाउ 1833 के एक्ट तक आते आते अगेन जो

1:25:56है वही सवाल उठ रहा है लोग का अब 1833 के

1:25:58एक्ट तक आते आते समझेंगे हम कि हा यह जो

1:26:01प्राइवेट कंपनी है यह सब बहुत डोमिनेट

1:26:04करने लग

1:26:05गई राट इनका धंधा बहुत बढ़िया चल रहा

1:26:10है है ना इसको इसको रुको कॉपी बना लेते

1:26:21हैं

1:26:25दोनों मिक्स ना करें

1:26:27बातें

1:26:31तो तो बाय 1833 तो बाय 1833 हो क्या रहा

1:26:35है बाय 1833 इनका धंधा बहुत बढ़िया चल रहा

1:26:37है अब अब यह लोग और आंखों प खड़कने लगे कि

1:26:40चलो ठीक है मोनोपोली तो आपने खत्म करा दी

1:26:42थी बट अब सवाल यह उठ रहा है कि सर ठीक है

1:26:45चलिए मोनोपोली खत्म कर दी थी बट ये लोग तो

1:26:48अभी भी ट्रेडिंग कर रहे हैं राइट ये ट्रेड

1:26:50अभी भी चल रहा है अब सोचो कि हां इंडि या

1:26:52में ईस्ट इंडिया कंपनी की सरकार

1:26:54है और ईस्ट इंडिया कंपनी ईस्ट इंडिया

1:26:57कंपनी जो है ट्रेडिंग भी कर रही है दोनों

1:27:00बातें ट्रेड भी हो रहा है ये दोनों बातें

1:27:02सर कैसे हो सकती है सरकार खुद ही ट्रेड कर

1:27:05रही है तो जब सरकार ट्रेड कर रही है तो ये

1:27:08बताइए हम इसके साथ डोमिनेट हम इसके साथ

1:27:09कंपीट कैसे करेंगे इसको अनड्यू एडवांटेज

1:27:12है दिस इज अगेंस्ट द ो स्फेयर दिस इज

1:27:15अगेंस्ट कैपिट प्रिंसिपल कि सरकार को अपनी

1:27:18इकॉनमी में इंटरफेयर नहीं करना चाहिए फ्री

1:27:20हैंड देना चाहिए तो ये फ्री हैंड नहीं है

1:27:22डिमांड सप्लाई के ऊपर गेम नहीं ट दिस इज

1:27:24नॉट मेकिंग सेंस और प्लीज इसको चेंज करिए

1:27:26तो अब क्या हो रहा है ये जो प्राइवेट

1:27:28कंपनीज है धंधा भी अच्छा कर रही थी और

1:27:29प्रेशराइज करने लगी और बोला गया ईस्ट

1:27:32इंडिया कंपनी को कि हां देखो बात तो ठीक

1:27:34कह रहे हैं राइट क्या ही गलत कह रहे हैं

1:27:36तो ये जो तुम्हारा ट्रेड है आज से इसको

1:27:37खत्म करो 1833

1:27:41में यह ट्रेड भी बंद करा दिया राइट बोला

1:27:44आज से तुम जीवन में एक ही काम करोगे आज से

1:27:46तुम सिर्फ और सिर्फ सरकार हो आज से तुम

1:27:49सिर्फ और सिर्फ एडमिन बॉडी हो आप लोग

1:27:52सिर्फ एडमिनिस्ट्रेशन देखेंगे ईस्ट इंडिया

1:27:55कंपनी फिर रोने लगी कि सर जो है छोटे-छोटे

1:27:57बच्चे हैं कैसी बातें कर रहे हो खर्चा

1:27:59कैसे चलेगा घर का घर का रेंट भी देना इस

1:28:01तरह से रोने लगे कह ये जोक में है ना ऐसा

1:28:03नहीं ऐसा नहीं कि सीरियसली लिख लो कि हां

1:28:05सर रेंट भी देना नहीं भाई ये जोक था कि

1:28:07हां जो है नहीं तो उनको वो उसको रजिस्ट

1:28:10करेंगे राइट कि हां हमारा इतना बड़ा धंधा

1:28:11है क्यों बंद करा रहे एटस राइट तो कह रहे

1:28:13कि मना मना करने लगे कि नहीं नहीं ऐसा मत

1:28:15करिए ऐसा मत करिए तो उन्होंने कहा एक मिनट

1:28:18रुको रुको रुको हर बार तुम्हारी बात मान

1:28:19लेते हैं बट एक बार ध्यान से देखो जरा

1:28:21इंडिया का मै

1:28:22इंडिया का मैप जो है इंडिया के मैप में

1:28:25तुम बंगाल बिहार रीसा पहले लेके बैठे थे

1:28:27बाय 1833 बाय 1833 तुम लोग मराठा का राज्य

1:28:31भी ले चुके हो बा 1833 मैसोर वगैरह के साथ

1:28:33तुम्हारी सब्सिडियरी ट्रीटी पहले से ही है

1:28:35मद्रास गवर्नर्स बढ़िया हो ही रहा है

1:28:38बॉम्बे बढ़िया है ही इंक्लूडिंग गुजरात

1:28:39एनल इधर राजस्थान के साथ भी बहुत सारी

1:28:41तुम्हारी ट्रीटी हो रखी है राइट 1833 तक

1:28:45तो टेक्निकली नाउ नाउ इट इज नॉट मेकिंग

1:28:48सेंस तुम इतना बड़ा राज्य संभाल रहे हो

1:28:50इंडियन एंपायर जो तुम्हारे

1:28:52यह बहुत इनलार्ज हो चुकी

1:28:55है तुम यही काम ठीक से संभाल लो यह बहुत

1:28:58बड़ी जिम्मेदारी है राइट हैना बहुत बड़ी

1:29:00जिम्मेदारी पर हम तुम पर भरोसा कर रहे हैं

1:29:02राट है ना यही काम तुम ठीक से संभाल लो

1:29:04बात बन जाएगी तो ईस्ट इंडिया कंपनी छोटा

1:29:07समूह लेकर कहेगी ठीक है साहब जो दे रहे ले

1:29:09लेते ईस्ट इंडिया कंपनी यहां पर कुछ कर

1:29:11नहीं पाएगी एंड हम एकदम से देखेंगे 1833

1:29:14में 20 साल के लिए बढ़ाया तो है बट कंपनी

1:29:17की मोनोपोली खत्म तो होगी ही जब ट्रेड

1:29:20खत्म हो गया तो

1:29:22राइट है ना कि अब जो है अब जो कंपनी है यह

1:29:25सिर्फ और सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी

1:29:28है राइट पहली बात समझिए कि नाउ दिस इ ओनली

1:29:31एन एडमिनिस्ट्रेटिव

1:29:39बॉडी पहली चीज नाउ

1:29:46नाउ ईआईसी इज ओनली एंड ओनली एडमिन बॉडी अब

1:29:50ये सिर्फ सरकार देखेगी और कुछ भी नहीं

1:29:53देखेगी राइट है ना और इसको कुछ भी एस सच

1:29:56देखना नहीं है सारा कमर्शियल बिजनेस वगैरह

1:29:58खत्म हो चुका है सिर्फ ये एडमिनिस्ट्रेटिव

1:30:01बॉडी रह चुकी है इसका ऑटोमेटिक मतलब है कि

1:30:04जब बिजनेस ही बंद करा दिया है तो इन दैट

1:30:06केस जो है आपकी मोनोपोली वगैरह चाय चाइना

1:30:09सब खत्म हो चुका है रट है ना ये अलग से

1:30:11लिखने की जरूरत है सच नहीं है प्लस प्लस

1:30:15ये यहां पे डिसाइड हुआ कि जो हमारा लेट अस

1:30:18लेट अस लुक इनटू दिस एज वेल तो एक बात

1:30:21हमने करी थोड़ा सा और इसको डिफाइन करते

1:30:22हैं तो एक हमने बात करी कि हां 20 साल

1:30:24वाली मोनोपोली खत्म हो चुकी है एक

1:30:26इन्होंने कहा कि जब मोनोपोली खत्म हो चुकी

1:30:28है तो इन दैट केस ये जो आपकी प्राइवेट

1:30:30कंपनीज है इनको बहुत सारे लोगों को भेजना

1:30:32होगा यूरोप से काफी लोगों को यहां आना

1:30:34होगा टेक्निकली दिस इज नॉट इंडिया दिस इज

1:30:37ब्रिटिश

1:30:38इंडिया ब्रिटिश इंडिया जब ये ब्रिटिश

1:30:42इंडिया है तो हमारे यहां से लोगों को यहां

1:30:45जाने में वीजा नहीं लगना चाहिए पासपोर्ट

1:30:46नहीं लगना चाहिए कोई ऐसा इमीग्रेशन वाला

1:30:49नहीं होना चाहिए दिक्कत नहीं होनी चाहिए

1:30:50कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं होना चाहिए

1:30:52उन्होंने कहा कि जब वो हमारी ही एंपायर है

1:30:53तो इन दैट केस इन दैट केस यूरोपियन

1:30:56इमीग्रेशन शुड बी

1:30:59अलाउड यूरोपियन

1:31:02इमीग्रेशन प्लस कोई जमीन अमीन लेना चाहे

1:31:05तो हां ले सकता है यह सब कुछ अलाउ कर दिया

1:31:07जाए इस पर कोई आज से रोक टोक नहीं होनी

1:31:11चाहिए है ना तो यह पिछले वाले पॉइंट के

1:31:13साथ जो है सेम पॉइंट है कि

1:31:15एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी हो चुकी है और

1:31:17यूरोपियन इमीग्रेशन अलाउड नाउ अब बात उठती

1:31:20है कि सरकार में कुछ कुछ बदला की जरूरत आ

1:31:22चुकी आइए समझते इस बात

1:31:26को तो हम बात कर रहे थे कि भाई ब्रिटेन

1:31:31है ब्रिटेन सरकार ने एक बना रखा है बोर्ड

1:31:35ऑफ

1:31:37कंट्रोल जो कि गवर्न कर रहा है ईस्ट

1:31:39इंडिया कंपनी के कोर्ट ऑफ डायरेक्टर को

1:31:43कोर्ट ऑफ

1:31:44डायरेक्टर या अभी हमने समझा था कि कोट

1:31:47डेटर के दो फंक्शन होते हैं एक

1:31:50कमर्शियल और एक इनका एडमिनिस्ट्रेटिव

1:31:53एडमिनिस्ट्रेटिव पॉलिटिक एडमिनिस्ट्रेटिव

1:31:55एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन में लगता है इनका

1:31:57अप्रूवल पूरी तरह से य हमने पीछे समझा हुआ

1:32:00है प्लस प्लस कमर्शियल फंक्शन 1833 में

1:32:04हमने कहा कि आज से य दुकान बंद है यानी कि

1:32:07कोर्ट और डायरेक्टर का सिर्फ एक ही काम है

1:32:09व है एडमिनिस्ट्रेशन जिसमें लगेगा अप्रूवल

1:32:11ऑफ बोर्ड ऑफ

1:32:13कंट्रोल नाउ नाउ दे आर से की जो

1:32:16प्रेसिडेंट ऑफ बोर्ड ऑफ कंट्रोल है राइट

1:32:18इनका जो प्रेसिडेंट बिकॉज दिस इ लाइ वेरी

1:32:19वेरी इंपोर्टेंट पोजीशन नाउ 1833 में कह

1:32:22रहे यहां जो प्रेसिडेंट बैठा है हेड ऑफ

1:32:24बोर्ड ऑफ कंट्रोल दिस प्रेसिडेंट इ सपोज

1:32:27टू

1:32:28बी मिनिस्टर ऑफ इंडियन अफेयर्स बेसिकली व

1:32:33मिनिस्टर है सरकार का यस ही इज अ मिनिस्टर

1:32:36ऑफ इंडियन अफेयर्स यानी यह पोजीशन भी काफी

1:32:40इंपॉर्टेंट पोजीशन

1:32:45है प्लस

1:32:48प्लस ये कह रहे हैं कि इंडिया अगर हम देखे

1:32:52इंडिया

1:32:53में इंडिया में

1:32:56जो गवर्नर जनरल है राइट गवर्नर जनरल तो अब

1:33:01तक हम कहते थे उसको गवर्नर जनरल ऑफ

1:33:06बंगाल हम कहेंगे कि अब बंगाल डज नॉट मेक

1:33:09सेंस रीजन बड़ी एंपायर इंडिया में ऑलरेडी

1:33:12क्रिएट हो चुकी है इसको क्या बंगाल बंगाल

1:33:14बोलते रहते हो टेक्निकली द पर्स शुड बी

1:33:17कॉल्ड एस गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया 1833 में

1:33:23पहली बार इस पोजीशन को चेंज कर दिया गया

1:33:25रिकॉग्नाइज किया गया कि बंगाल वाली बात जो

1:33:28है सूट नहीं करती या पूरे भारत का गवर्नर

1:33:30जनरल है तो इसे गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया कहा

1:33:32जाए एंड पहली बार गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया

1:33:35बनेंगे लॉर्ड विलियम

1:33:43बेंटिक लॉर्ड विलियम बिटिंग पहली बार बने

1:33:45गवर्नर जनरल प्लस प्लस इनको बोला गया कि

1:33:49भाई जो है अब तक आपकी जो एग्जीक्यूटिव

1:33:52काउंसिल

1:33:53है ऑलरेडी ये बात हमने जानी है कि

1:33:55एग्जीक्यूटिव काउंसिल में है तीन लोग एक

1:33:58दो

1:33:59तीन बोला गया कि चलिए ठीक है तीन लोग आपके

1:34:02पास थे बट लेट मी गिव यू वन मोर पर्सन

1:34:06एलव दिस इज अ लॉ

1:34:11मेंबर प्लस य टेंपरेरी मेंबर है यानी इसको

1:34:16इसको एग्जीक्यूटिव में इसकी बातें सुनने

1:34:18की जरूरत नहीं है बाकी आपको जीवन में जो

1:34:20करना है करिए सिर्फ और सिर्फ लॉ रिलेटेड

1:34:23क्वेरी कि आपको डाउट हो गया पूछा गवर्नर

1:34:25जनरल ने क्यों भेजा इस आदमी को राट कह र

1:34:27मान लो आपको डाउट हो गया विद रिस्पेक्ट टू

1:34:28लॉ कि कानून में ऐसा करना चाहिए नहीं करना

1:34:30चाहिए राइट है ना ये सब प्लस प्लस इंडिया

1:34:33में कई तरह के लॉ चल रहे थे है ना मुस्लिम

1:34:35लॉ भी चल रहा है हिंदू लॉ भी चल रहा है

1:34:36प्लस जो है प्लस अंग्रेज अपने लॉ लेके आ

1:34:38गए इंग्लिश लॉज भी चल रहा है तो दुनिया भर

1:34:40के लॉ चल रहा है तो कह रहे हैं कि हां अगर

1:34:42कभी जीवन में ऐसा डाउट आ जाए कि हां ऐसी

1:34:44पोजीशन में कि लॉ क्या कहता है कानून क्या

1:34:46कहता है है ना और प्लस कानून को थोड़ा सा

1:34:48सही करने के लिए कोडिफाई करने के लिए यू

1:34:51नीड वन पर्सन जिसकी लॉ एक्सपर्टीज है तो

1:34:54एक लॉ मेंबर की आपको जीवन में जरूरत है

1:34:56एंड दैट इज द रीजन हम इस एलव को भेज रहे

1:34:59हैं लॉ मेंबर टेंपरेरी मेंबर है ऐसा नहीं

1:35:01कि बाकी एग्जीक्यूटिव काम में भी उसको लगा

1:35:03दो मिनिस्ट्री दे दो ये सब करने लगे हो

1:35:04कोई को डिसीजन लेना है तो वो भी हाथ उठा

1:35:06रना ना हाथ हाथ मत उठाओ उससे रट ना बैठने

1:35:08मत दो खड़ा रखो उसको मतलब कि हां जो है

1:35:11ठीक है उतनी उसकी पावर नहीं कि

1:35:12एग्जीक्यूटिव में बैठा हुआ है वो उतना

1:35:13पावरफुल नहीं है वो बट स्टिल स्टिल ही हैज

1:35:17टू बी ही हैज टू बी देयर राइट तो एलव को

1:35:19यहां पे जो है लॉ मेंबर की तरह भेजा गया

1:35:21आप जाओ कौन है य पहला ल मेंबर ल मेंबर

1:35:25टेक्निकली मैले लर्ड मैले को इस काम के

1:35:28लिए

1:35:30भेजा लर्ड

1:35:32मले नाउ इसके साथ साथ जो है कहा गया जो ल

1:35:37मेंबर है लर्ड मले एक हम बनाएंगे इंडियन

1:35:41लॉ

1:35:45कमीशन एक यहां पर जरूरी है लॉ कमीशन की

1:35:49जिसको यह चेयर

1:35:50करेंगे

1:35:52क्योंकि इंडिया में अभी हमने बताया कि जो

1:35:54लॉ है बहुत बुरी कंडीशन में है लॉ को

1:35:57कोडिफाई करने के लिए एक लॉ कमीशन की जरूरत

1:35:59है तो इंडियन लॉ कमीशन यह बनाएंगे एंड दे

1:36:03विल लुक इनटू कोडिफिकेशन ऑफ

1:36:05ल इसको स्ट्रीमलाइन कर लेते हैं है ना

1:36:08बातों को लिख लेते हैं कि कब क्या होना

1:36:10चाहिए तो कोडिफिकेशन ऑफ लॉ हो जाए दिस इज

1:36:12वन

1:36:14थिंग प्लस प्लस दूसरी बात उठी कि भाई बाकी

1:36:19जो गवर्नर्स

1:36:20है बाकी के जो दो तीन गवर्नर बैठे हैं एक

1:36:23आपका यह गवर्नर बैठा है एक आपका मद्रास पर

1:36:26है एक कोई आगरा यूपी में बैठा हुआ है बाकी

1:36:29लोग बैठे हुए हैं दे शुड गवर्नर जनरल ऑफ

1:36:33इंडिया विल

1:36:35हैव कंप्लीट कंट्रोल ओवर

1:36:39इंडिया तो नाउ देर ज कंप्लीट

1:36:43कंट्रोल मैंने शुरू में बात करी थी 1833 इ

1:36:46द पॉइंट जहां पर पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन

1:36:56पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन हा य बाकी तीनों को

1:36:59सबोर्डिनेट बना दिया गया आप क सर पहले भी

1:37:01सबोर्डिनेट थे नाउ इट लाइक कि जो जो भी

1:37:03रेवेन्यू वगैरह है एक्सपेंडिचर वगैरह है

1:37:06अब सबके ऊपर कंट्रोल किसका है गवर्नर जनरल

1:37:08ऑफ इंडिया तो चाहे इंडिया का रेवेन्यू

1:37:12हो चाहे एक्सपेंडिचर

1:37:15हो और चाहे

1:37:20लेजिसलेच्योर बना सकता है

1:37:37लेजिसलेच्योर

1:37:46कि यहां सारी पावर किसको दे दी गई है इनको

1:37:50दे दी गई है गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया को दे

1:37:53दी

1:37:53गई प्लस प्लस एक और बात उठी सिविल

1:37:56सर्विसेस की सिविल सर्विसेस बात उठी की

1:37:59ओपन कंपटीशन कर देते हैं राइट है सिविल

1:38:01सर्विसेस जो है इंडिया में तो सिविल

1:38:03सर्विसेस ओपन कंपटीशन की बात उठी मुद्दा

1:38:06उठा अब तक ओपन नहीं था अब तक अब तक यही

1:38:09लोग भेजते थे सिविल स सिविल सर्वेंट्स तो

1:38:13सिविल सर्वेंट जो

1:38:16है वो उनको यही लोग भेजते थे बात उठी कि

1:38:20ये रूट बंद करके ओपन कंपटीशन कर देते

1:38:24हैं राइट और फिर फिर जो है ईस्ट इंडिया

1:38:27कंपनी की तरफ देखा तो कोर्ट और डायरेक्टर

1:38:29ऐसे रोने से हो रहे थे क्या अच्छा ठीक है

1:38:31चलो छोड़ो तो ये बात दबा दी गई है ना तो

1:38:34बात उठी है कि यहां पे ओपन कर दिया जाए तो

1:38:36एक क्लोज कंपटीशन होगा जिसमें यही लोग आपस

1:38:38में अपना नॉमिनेट करेंगे कंपटीशन होगा बट

1:38:40वो फर्जी एग्जामिनेशन किसी काम का

1:38:42एग्जामिनेशन नहीं तो ओपन कंपटीशन की बात

1:38:44उठी है बट एक्चुअली ओपन हुआ नहीं एक और

1:38:47बात जो 1833 में उठी 1833 तक आते आते पहले

1:38:51इसको थोड़ा सा नोट डाउन कर लेते हैं यहां

1:38:52तक राइट फिर दो बातें और ऐड करते हैं

1:38:54इसमें सो तो हम बात कर रहे हैं 1833 के

1:38:56एक्ट की और हमने बात करी कि हां

1:38:58सेंट्रलाइजेशन की बात करी कि हां अब क्या

1:39:01है पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन

1:39:03पीक ऑफ सेंट्रलाइजेशन हमने डिस्कस किया कि

1:39:06गवर्नर जनरल जो है अब वो पूरी तरह से

1:39:08सुपरिटेंडेंट कर रहा है कंट्रोल कर रहा है

1:39:10ऑल द फंक्शंस ऑफ द कंपनी राइट चाहे वो

1:39:12सिविल फंक्शन हो चाहे मिलिट्री फंक्शन हो

1:39:14कोई भी तरह का अफेयर जो बंगाल मद्रास और

1:39:16बॉम्बे का जो जो है टेरिटरीज हैं नाउ दे

1:39:19आर अंडर कंप्लीट कंट्रोल ऑफ दी गवर्नर

1:39:20जनरल ऑफ

1:39:22इंडिया राइट प्लस ऑल रेवेन्यू ऑल रेवेन्यू

1:39:25वर टू बी रेज ये बात हमने लिख दी गवर्नर

1:39:26जनरल ऑफ इंडिया मिस तो नहीं

1:39:33करी आ गया लिखा होगा एक मिनट हां खा ना

1:39:38गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया यस ओके तो गवर्नर

1:39:40जनरल ऑफ इंडिया हो चुका है सारा रेवेन्यू

1:39:42जो है सारा एक्सपेंडिचर जो है वो उसी के

1:39:43नाम पे होगा यस गवर्नमेंट ऑफ मद्रास और

1:39:45बम्बे ड्रास्ट्रिंग पावर्स यस खाली उनके

1:39:49पास क्या हो चुका है प्रपोजल वो सिर्फ

1:39:51प्रपोज कर सकते हैं कि साहब ऐसा कर दीजिए

1:39:53वैसा कर दीजिए सिर्फ प्रपोज कर सकते हैं

1:39:55विद रिस्पेक्ट टू

1:39:56एक्ट्स प्लस प्लस ये हमने समझा लॉ मेंबर

1:40:00की हमने बात करी हां लॉ मेंबर बिठाया

1:40:01जाएगा काउंसिल फॉर प्रोफेशनल एडवाइस ऑन द

1:40:03लॉ मेकिंग सिर्फ और सिर्फ एडवाइजर है वो

1:40:05दूसरा इंडियन लॉ व वास टू बी कॉफ कोडिफाइड

1:40:08तो हां भी उसके लिए एक लॉ कमीशन बिठाया

1:40:10गया है नाउ अब इसमें दो बातें जो है फाइनल

1:40:12बातें इसमें ऐड करते हैं तो 1833 तक

1:40:15आते-आते थोड़ा जो ब्रिटेन में रुझान है

1:40:18ब्रिटेन की जो फिलॉसफी है वो ह्यूमन लॉस

1:40:20की तरफ जा ह्यूमन राइट्स की तरफ जा रही है

1:40:22देयर आर ह्यूमन राइट्स आदमी की आदमी का हक

1:40:25है डिग्निटी है इस तरह की बातें उठ रही है

1:40:28बात उठ रही है इ क्वालिटी की हमें ऐसा

1:40:29भेदभाव नहीं करना चाहिए तो अंदर से थोड़ा

1:40:31आत्मा जग रही है उनकी राइट थोड़ा सा जो है

1:40:33फिलॉसफी जो है वो ह्यूमन साइड टच कर रही

1:40:36है 1830 में राइट है ना तो 1830 तक य जो

1:40:39ह्यूमन राइट्स की बातें उठ रही है तो उनको

1:40:41रिलाइज हो रहा है कि हमें किसी तरह का

1:40:43डिस्क्रिमिनेशन नहीं करना चाहिए तो यहां

1:40:45पर दो पॉइंट और आए एक तो उन्होंने कहा कि

1:40:48भाई भारतीयों का भी हक है इंडियन सिटीजन

1:40:51का भी हक है कि वो वो सरकार में काम करें

1:40:54अंडर दी कंपनी काम करें उसको नौकरी मिलनी

1:40:57चाहिए जॉब मिलनी चाहिए एंप्लॉयमेंट होना

1:40:59चाहिए हमें हमें सरकार में इंडियंस को

1:41:02भर्ती अलाउ करनी चाहिए पूरी तरह से और कभी

1:41:05भेदभाव नहीं करना चाहिए ऑन द बेसिस ऑफ कि

1:41:08वो इंडियन है काला है क्रीड है या फिर

1:41:10उसका सेक्स क्या है मेल है फीमेल है या

1:41:12फिर रिलीजन क्या है कास्ट क्या है इन सब

1:41:14चीजों पे कलर बर्थ इन सब चीजों पे हम लोग

1:41:16भेदभाव नहीं करेंगे ऑन द बेसिस ऑफ रिलीजन

1:41:18कलर बर्थ डिसेंट या फिर उसका जन्म इंडिया

1:41:21में हुआ है इस बात पर हम जो है उससे

1:41:23भेदभाव नहीं करेंगे उसको बाहर नहीं करेंगे

1:41:26एक बात दूसरी बात कि जो हम भेदभाव करते

1:41:29हैं और इसमें सबसे बड़ा भेदभाव है गुलामी

1:41:32स्लेवरी कहते तो उस समय इंडिया जो है

1:41:34ब्रिटेन में मूवमेंट चल रहा था स्लेवरी के

1:41:37अगेंस्ट राइट वो सारे जो लीडर्स जो

1:41:38स्लेवरी के अगेंस्ट है उनको बोला जाता है

1:41:40अबोलिशनिस्ट ऐसा हमने बात करी थी जब जॉर्ज

1:41:43थॉमसन की बात कर रहे थे जब हम लोग जो है

1:41:45पॉलिटिकल अवेक निंग की बात कर रहे थे रना

1:41:47की थॉमसन थॉमसन वाज आल्सो अबोलिशनिस्ट तो

1:41:50ये जो सारे अबोलिशनिस्ट इन्होने क्या

1:41:52माहौल बना रखा था कि भाई सेवरी हटानी

1:41:54चाहिए च गुड थ उन्होने कहा सेवरी हटानी

1:41:56चाहिए तो फाइनली फाइनली यहां पर भी बात आई

1:41:59कि इंडिया में भी स्लेवरी अबॉलिश कर दी

1:42:01जाए एंड फाइनली इट वास अब इन 1843 एक रूल

1:42:06पास हुआ एक् पास हुआ इन 1843 और उसके तहत

1:42:09सेवरी को अबॉलिश कर दिया

1:42:11गया तो दिस वा 1833 का इसमें इसमें जो है

1:42:16थोड़ा सा बात ख लेते हमने बात करी एक तो

1:42:18इंडियन इमीग्रेशन की

1:42:22है ना एक हमने समझा कि ईस्ट इंडिया कंपनी

1:42:23पूरी तरह से एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी बन गई

1:42:25है यूरोपियन इमीग्रेशन की बात करी हमने

1:42:27डिस्कस किया कि भाई जो है जो प्रेसिडेंट

1:42:30ऑफ बोर्ड ऑफ कंट्रोल है राइट

1:42:36प्रेसिडेंट वह मिनिस्टर भी होना चाहिए हां

1:42:39भाई ऐसा करके हमने समझा दूसरा यूरोपियन

1:42:41इमीग्रेशन की हम बात कर चुके दूसरा

1:42:43इन्होंने कहा कि भाई गवर्नर जनरल ऑफ

1:42:46बंगाल आज से गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया हो गया

1:42:50है

1:42:51और इसी के साथ साथ हमने सेंट्रलाइजेशन की

1:42:53बात

1:42:55करी सारी जो पावर है बाकी गवर्नर्स वगैरह

1:42:58के पास खींच ली गई है छीन ली गई प्लस प्लस

1:43:02एक हमने इसी में जोड़ा गवर्नर के साथ साथ

1:43:04लॉ

1:43:07मेंबर और हमने बात करी इंडियस को अलाउड

1:43:10होना चाहिए जॉब गवर्नमेंट जॉब और एक लास्ट

1:43:14पॉइंट था

1:43:15स्लेवरी राइट ऐसा करके बना लो क्योंकि

1:43:18क्या होगा बाद में भूलने लगोगे 33 में हुआ

1:43:2013 में हुआ था यह क्या होगा क्विक रिवीजन

1:43:22के लिए आपको बहुत हेल्प कर देगा राइट है

1:43:24ना तो जल्दी से आप रिवाइज कर पाएंगे अगर

1:43:26आपने मेरे साथ ये बना लिया है तो 1833 तक

1:43:30हम लोग पहुंच चुके हैं और अब वक्त आ गया

1:43:32है

1:43:3518533 की तरफ बढ़ते

1:43:38हैं

1:43:41तो चार्टर बाय द वे बाय द वे दिस गोज

1:43:44विदाउट सेइंग कि ऑल दीज आर चार्टर एक्ट

1:43:46चार्टर एक्ट ऑफ 1793 चार्टर एक्ट ऑफ 1813

1:43:49चार्टर एक्ट ऑफ 1833 एंड नाउ वी आर गोइंग

1:43:52टू डिस्कस चार्टर एक्ट ऑफ

1:43:55183 चार्टर एक्ट ऑफ

1:44:0318533 अब हो क्या रहा

1:44:08है सवाल उठ रहा है

1:44:11सवाल सवाल यह उठ रहा है कि साहब यह बताइए

1:44:14कि जब ब्रिटेन में जो है जो गवर्नमेंट है

1:44:17गवर्नमेंट ने बना रखा है बोर्ड ऑफ कंट्रोल

1:44:20और और ईस्ट इंडिया कंपनी का जो कोर्ट ऑफ

1:44:22डायरेक्टर है इसके दो फंक्शन होते हैं एक

1:44:26फंक्शन होता है

1:44:28कमर्शियल और एक फंक्शन होता है

1:44:31एडमिनिस्ट्रेटिव वगैरह वगैरह

1:44:33एडमिनिस्ट्रेटिव प्लस प्लस राइट जिसमें

1:44:36आपने कहा कि कमर्शियल फंक्शन खत्म हो चुका

1:44:37है यानी कि कोर्ट ऑफ डायरेक्टर का एक ही

1:44:39काम है इंडिया में एडमिनिस्ट्रेशन देखना

1:44:42अब ब्रिटिश पार्लियामेंट पूछ रही है कि सर

1:44:44एक बात बताइए कि ये जो ये जो

1:44:46एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन है हमने सुना है

1:44:49कि ये तो पूरा अप्रूवल प चलता है

1:44:54और जब भी पूरा अप्रूवल पर चलता है यानी कि

1:44:56यह बताते हैं कि क्या करना है तो यह क्या

1:44:58करते हैं इनकी जरूरत ही क्या है इनको फायर

1:45:00क्यों नहीं कर देते भगा दो इनको राइट तो

1:45:02बात उठने लगी कि कोर्ट ऑफ डायरेक्टर की अब

1:45:04कोई यूटिलिटी रही नहीं इनको आज भगा दो कल

1:45:06भगा दो अभी भगा दो र नाक इनका कोई सेंस

1:45:08नहीं बनता जब ये एक ही काम कर र है वो भी

1:45:10बाया अप्रूवल अप्रूवल कर रहे हैं तो ये

1:45:12फर्जी ये कुछ फाइल भेजेंगे फिर उनके पास

1:45:15जाएगी फिर वापस आएगी राइट फिर भेजेंगे

1:45:17करेक्ट करके फिर भेजेंगे वापस कि नहीं ये

1:45:19सही करो फिर भेजेंगे करेक्ट करेंगे फिर

1:45:21ऐसे ऐसे करके फाइलें घूम रही है फिर कहीं

1:45:23जाके पांच बार में इंडिया पहुंचती है

1:45:25कितना डिले हो रहा है राइट फर्जी का डिले

1:45:27है इस डिले को बचाया जा सकता है अगर हम

1:45:29कोर्ट डायरेक्टर को फायर कर दें मतलब कि

1:45:32ये भी निकाल दे आज से अपनी दुकान अलग रखो

1:45:34जीवन में जो करना है करो बट जो है हम

1:45:36एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन खुद ही देख

1:45:38लेंगे तो ऐसी ऐसी आवाज उठ रही है

1:45:41पार्लियामेंट में सरकार में कुछ लोग हैं

1:45:44जो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर या फिर ईस्ट इंडिया

1:45:46कंपनी के खिलाफ है कह रहे हैं कि हां इसका

1:45:48वक्त हो गया है इसको विदा करो राइट है ना

1:45:50कुछ विदाई दे दो और भगाओ यहां से तो कोर्ट

1:45:52ऑफ डायरेक्टर इ आ कि हां अब हम क्या कर

1:45:54रहे उनकी थोड़ा सा जो है सही में बात ये

1:45:55है कि यूटिलिटी रही कि नहीं

1:45:58रही प्लस एक और मुद्दा एक और मुद्दा ये है

1:46:01कि हां सिविल सर्विसेस तो सिविल सर्वेंट्स

1:46:03भी यही लोग भेज रहे

1:46:06थे सिविल सर्वेंट्स अब सिविल सर्वेंट्स जब

1:46:10यही लोग भेज रहे

1:46:11थे तो ये लोग अपने नेपोटिज्म चल रहा था

1:46:15अपने जानने वालों को भेज रहे थे पैसा दे

1:46:16रहे थे ये भी सिस्टम करप्ट था तो सवाल ये

1:46:18भी उठ रहा था कि ये सिविल सर्वेंट्स क्यों

1:46:20भेजते राट इधर भी बदलाव चाहिए ब बदलाव की

1:46:23डिमांड राइट है ना सारी उंगलिया उठ रही है

1:46:25कोर्ट ऑफ डायरेक्टर के ऊपर इनके ऊपर कुछ

1:46:27कुछ किया जाए इनको जो है चेंज किया

1:46:30जाए

1:46:35नाउ एक एक हुआ कि चलो ठीक है जब जब बदलाव

1:46:40हम ज रिन्यू कर ही रहे हैं तो जब 183 का

1:46:43चार्टर एक्ट आया

1:46:45183 तो इनको लग रहा था कि हमारी फायरिंग

1:46:47का लेटर आएगा रा डरे बैठे थे बन सपोर्टर

1:46:50भी बहुत सारे थे तो हुआ कि चलो ठीक है

1:46:52कोर्ट ऑफ डायरेक्टर कोर्ट ऑफ डायरेक्टर

1:46:54में 24 लोग हुआ करते थे पीछे हमने पढ़ा था

1:46:5724 ज्यादा हो गए इतने की जरूरत नहीं है 18

1:46:59लोग कर देते हैं छह लोग को फायर प्लस इस

1:47:0318 में से भी छह लोग क्राउन के लोग आके

1:47:07बैठेंगे वो एक्चुअली कंपनी के लोग नहीं

1:47:09होंगे छह लोग क्राउन के बैठेंगे 12 लोग

1:47:12कंपनी के

1:47:14होंगे यानी कंपनी के लोग 24 से 12 हो गए

1:47:17आधा कर दिया है और अपने लोग भी बिठा दिए

1:47:20तो डाइल्यूट कर दिया है तो पूरा फायर नहीं

1:47:22किया है राइट सिर्फ और सिर्फ आधा फायर

1:47:25किया है कि हां 24 में से 12 कर दिए और छह

1:47:27लोग अपने भी बिठा दिए तो पहला पहला बदलाव

1:47:30किया कोर्ट ऑफ डायरेक्टर के

1:47:31कॉन्स्टिट्यूशन में कि हां इतने लोग वहां

1:47:33पर बैठ के क्या ही कर रहे हैं प्लस प्लस

1:47:36दूसरी बात डिसाइड हुई कि जो सिविल

1:47:38सर्विसेस का जो जो पैटन ज आपका चल रहा था

1:47:41आज से ये सिस्टम बंद आज से होगा इंडियन

1:47:44सिविल सर्विसेस का ओपन

1:47:46कंपटीशन और अब अब सिलेक्शन मेरिट के ऊपर

1:47:49होगा इसलिए नहीं कि आपको ऐसा लग रहा था ना

1:47:52अब दिस इज ओपन कंपटीशन और मेरिट बेस बेसिस

1:47:55के ऊपर सिविल सर्विसेस में भर्ती

1:47:57होगी तो इसके लिए इसके लिए जो है एक लॉर्ड

1:48:00मैकौले कमेटी बिठाई जाएगी लॉर्ड मैकौले

1:48:03काफी इंपॉर्टेंट हो चुके

1:48:05हैं मैले कमेटी लॉर्ड क्या कहना मैले

1:48:12कमेटी राइट लॉर्ड मैले कमेटी

1:48:20क्या होगा नोटिफिकेशन कैसे निकालेंगे

1:48:21इंटरव्यू कौन-कौन लेगा ट सिलेबस क्या होगा

1:48:24कितनी सीटें होंगी यह सारी बातें यह कमेटी

1:48:26डिसाइड करेगी लॉर्ड मैकली कमिटी 184 इस

1:48:29काम में लग

1:48:30जाएगी या तो पहला बदलाव पहला बदलाव हम

1:48:33देखेंगे कि कहां पर हो रहा है ब्रिटेन

1:48:35साइड में हो रहा है ब्रिटिश में हो रहा है

1:48:37प्लस प्लस एक और चीज कोर्ट डायरेक्टर को

1:48:40बोला गया कि तुम्हारे पास काम तो ज्यादा

1:48:41रहा नहीं है तो एक और काम करो कह र एक बार

1:48:44इंडिया का मैप देखो इंडिया का मैप में 183

1:48:48तक आते आते हमें हमें याद आया कि

1:49:20लाव करिए खाली बैठे हैं तो न्यू

1:49:23प्रेसिडेंसी

1:49:24बनाइए कि हां रीऑर्गेनाइजेशन ऑफ स्टेट कि

1:49:28जहां पर भी आप गवर्नर वगैरह पॉइंट करना

1:49:30चाहे न्यू प्रेसिडेंसी बनाना चाहे कर

1:49:32दीजिए फॉर एग्जांपल बंगाल बंगाल को सेपरेट

1:49:36कर दीजिए बंगाल सेपरेट कर दीजिए और उसका

1:49:40एक सेपरेट लेफ्टनंट गवर्नर बिठा दीजिए ऐसा

1:49:43नहीं होना चाहिए जो गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया

1:49:45है वो बंगाल देख रहा है जैसे दिल्ली में

1:49:48हमारा दिल्ली का चीफ मिनिस्टर अलग है और

1:49:50प्राइम मिनिस्टर अलग है ऐसा तो नहीं है कि

1:49:52बोला जा रहा है कि प्राइम मिनिस्टर जब

1:49:53दिल्ली में ही बैठे हैं तो दिल्ली की जो

1:49:55जो है एडमिनिस्ट्रेशन है आप ही देख लीजिए

1:49:57राइट क्या ही कर रहे हैं देख लीजिए ऐसा तो

1:49:59हम नहीं बोलते राइट बिकॉज डज नॉट मेक सेंस

1:50:01क्योंकि प्राइम मिनिस्टर का काम है

1:50:02सेंट्रल इंडिया को देखना सेंट्रल

1:50:04गवर्नमेंट को देखना ऑफ इंडिया और जो

1:50:05दिल्ली का जो लोकल एडमिनिस्ट्रेशन है उसके

1:50:07लिए चीफ मिनिस्टर चाहिए दोनों अलग होने

1:50:09चाहिए तो इसीलिए बंगाल में एक अलग

1:50:11लेफ्टिनेंट गवर्नर चाहिए और गवर्नर जनरल

1:50:13ऑफ इंडिया का काम अलग होना चाहिए ऐसा करके

1:50:15बनाया

1:50:16गया ऐसे धीरे-धीरे और भी प्रोविंसेस आएंगे

1:50:19जैसे असम अलग हो जाएगा

1:50:21असम असम सेंट्रल प्रोविंसेस एटस एटस नाउ

1:50:26देयर आर देयर आर यू कैन से क्रिएशन ऑफ

1:50:28सेपरेट प्रोविंसेस है ना बाय लेफ्टनंट

1:50:31गवर्नर ऑफ पंजाब भी अलग हो जाएगा पंजाब भी

1:50:32अलग कर देंगे 59 में तो न्यू प्रेसिडेंसी

1:50:35आर बीइंग

1:50:39क्रिएटेडटेड टर्स को एक

1:50:43बात दूसरा दूसरा

1:50:50यह बताइए सर आपने हमारा लाइसेंस जो

1:50:52एक्सटेंड किया है वो कितने साल के लिए

1:50:54एक्सटेंड किया है तो यहां पर एक्सटेंशन जो

1:50:57सरकार ने दिया है वह एकस इयर्स का दिया है

1:51:00कि हमें नहीं पता तुम कब तक रहोगे कब तक

1:51:03तुमसे यह काम कराएंगे हो सकता है हम कली

1:51:04फायर कर दे हो सकता है दो साल बाद करें हो

1:51:06सकता है 5 साल बाद करें मालूम नहीं है

1:51:08इसीलिए थोड़ा सा इन डिफाइंड या अनडिफाइंड

1:51:12टाइम तक हम आपका जो चार्टर है वो एक्सटेंड

1:51:15करे दे रहे तो ये एक्स इयर्स के लिए हो

1:51:17रहा है बिकॉज माहौल ऑलरेडी बन चुका है कि

1:51:20को डायरेक्टर को फायर किया जाए इट इज नॉट

1:51:22लाइक की

1:51:3218582 ना नेक्स्ट बात करते हैं इंडिया में

1:51:34क्या

1:51:35हुआ इंडिया में इंडिया में भी कुछ बदलाव

1:51:39हो रहा है पहला गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया जो

1:51:44है इसको बोला जा रहा है कि तुम्हारी एक

1:51:47एग्जीक्यूटिव काउंसिल है और जो पहले जो एक

1:51:50आदमी भेजा था मैले व कह परमानेंट हो गया

1:51:52तो आज से इसमें चार

1:51:55लोग राइट तो कह रहे कि पहले तो इसमें चार

1:51:58लोग कर लो है ना थोड़ा सा इसको थोड़ा सा

1:52:01और बढ़िया कर देते चार लोग कर देते

1:52:03ओवरराइडिंग पावर अगर पहले दे चुके तो कोई

1:52:05दिक्कत नहीं चार लो प्लस लेजिस्लेटर परपस

1:52:08से एक लेजिस्लेटिव काउंसिल दी

1:52:10गई एक दो तीन चर

1:52:14पाछ दज आर प्लस

1:52:18सि

1:52:21प्लस सक्स एडिशनल ये वर्ड एडिशनल बहुत

1:52:25इंपॉर्टेंट है लेजिस्लेटिव

1:52:30मेंबर्स यहां एक लेजिस्लेटिव काउंसिल है

1:52:32दिस इज एग्जीक्यूटिव काउंसिल पहले ही देख

1:52:34रहे थे हम लोग तो दिस वन इज एग्जीक्यूटिव

1:52:37एंड दिस वन इज लेजिस्लेटिव

1:52:39काउंसिल लेजिस्लेटिव

1:52:42काउंसिल इसमें छह लोग एडिशनल ऐड कर दिए गए

1:52:45छह लोग ऐड कर दिए गए अब आप कहेंगे सर

1:52:46एडिशनल एडिशनल क्यों कह रहे हैं राट छह

1:52:48लोग के लेजिसलेटिव काउंसिल क्यों नहीं कह

1:52:49देते हां समझो इस बात को कि ये जो छह लोग

1:52:52ऐड करे गए हैं लेजिस्लेटर परपस से ऐड करे

1:52:54गए तो जब एक्ट बनाना होगा तो बिल पास करना

1:52:57जब होगा तो मान लो एक बिल टेबल हुआ है

1:53:00राइट और बोला गया कि ये बिल पास होना

1:53:02चाहिए तो क्या आपको लगता है ये छह लोग हाथ

1:53:04उठाएंगे क्या गवर्नर जनरल हाथ नहीं उठाएगा

1:53:06गवर्नर जनरल भी हाथ उठाएगा और ये चार लोग

1:53:09जो अब तक अकेले एक्ट पास करते थे आपको

1:53:11लगता है वो खड़े होकर देखेंगे कि हां हम

1:53:12नहीं हाथ उठाएंगे भाई आप छह लोग देख र आप

1:53:14ही सारे समझदार है ऐसा तो होगा नहीं तो

1:53:16एक्चुअली लेजिस्लेटर के मेंबर ये लोग भी

1:53:18है ऐसा नहीं कि

1:53:32लेजिसलेच्योर

1:53:34जनरल का जीवन में और भी बहुत काम है बट ये

1:53:38जो छह है दज आर ओनली एंड ओनली लेजिस्लेटिव

1:53:40मेंबर्स छह एडिशनल लेजिस्लेटिव मेंबर्स ऐड

1:53:43करे

1:53:44ग आई होप यू गट दिस पॉइंट चलिए ओके तो छह

1:53:48एडिशनल लेजिस्लेटिव मेंबर्स यहां पे ऐड

1:53:50किए गए यस दिस इज वन थिंग नाउ

1:53:53नाउ प्लस लेजिसलेट गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया

1:53:57क्योंकि लेजिस्लेटिव काउंसिल अलग से दे दी

1:53:59गई है तो गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया को कुछ

1:54:01पावर्स भी दी गई इनको बोला गया कि आप वीटो

1:54:03कर सकते हैं साहब कोई ऐसा एक्ट है आपको लग

1:54:06रहा है कि आपके मन के मुताबिक नहीं है तो

1:54:09ओवरराइडिंग पावर कोई कह लो कि वीटो कर

1:54:10सकते हैं कि हां ओवरराइडिंग पावर इनके ऊपर

1:54:12थी यहां पे एक्ट को वीटो किया जा सकता है

1:54:15यस बिल सबने पास कर दिया गवर्नर जनरल को

1:54:18मन अच्छा नहीं लगा मजा नहीं आया तो टो कर

1:54:20देगा कागर नहीं पास हुआ दूसरी बात दूसरी

1:54:24बात हुआ पोर्टफोलियो

1:54:26सिस्टम नहीं पोर्टफोलियो नहीं सॉरी यहां

1:54:29पे हुआ कि हां ये जो ये जो जो है एलव है

1:54:31एलव को परमानेंट कर दिया कहने की जरूरत है

1:54:33राइट दिस बिकम परमानेंट मेंबर जो पीछे

1:54:35टेंपरेरी से आया था उसने इतनी इज्जत कमाई

1:54:39कि वो परमानेंट हो गया होता है कभी-कभी

1:54:41आपकी टेंपरेरी हायरिंग होती है बट आप इतनी

1:54:42इज्जत कमा देते हैं कि यहां वो जो है

1:54:44परमानेंट हो जाते नाउ ये छह लोग कौन है

1:54:47जरा इस बात प भी ध्यान देते हैं इसमें में

1:54:49से दो लोग जो हैं दो लोग एक्चुअली सुप्रीम

1:54:52कोर्ट जज

1:54:55है या सुप्रीम कोर्ट से बुलाए गए कि आपको

1:54:58लॉ की भी जानकारी है तो हां दो तीन लोग

1:54:59होने चाहिए जिनको लॉ की जानकारी हो प्लस

1:55:02बाकी ये जो चार लोग हैं दे आर लोकल

1:55:06रिप्रेजेंटेशन लोकल

1:55:09रिप्रेजेंटेशन इसमें से कोई एक बॉम्बे से

1:55:11आया है कोई मद्रास से आया है कोई आगरा से

1:55:13आया है कोई बंगाल से आए तो ये क्या है कि

1:55:15हां ये थोड़ा सा अपनी अपनी एरिया को अपनी

1:55:18जो है लेजिस्लेटर को रिप्रेजेंट कर रहे

1:55:21हैं आप कहेंगे सर रिप्रेजेंट क्यों कर रहे

1:55:23हैं क्योंकि यहां के गवर्नर के पास पावर

1:55:25नहीं है कि वो एक्ट बना सके वो सिर्फ

1:55:27प्रपोज कर सकता था तो प्रपोज करने के लिए

1:55:30एक आदमी भेद दिया है कि हां तुम वहां बैठे

1:55:32रहना और जब पूछा जाए कि हां बम्बे में ये

1:55:34वाला एक्ट चाहिए तो हाथ उठा देना कहना हां

1:55:36हां चाहिए चाहिए राट तो पूरा माहौल बनाना

1:55:38हमको एक्ट दिलवा देना तो प्रपोजल पहले

1:55:40होता था लेकिन अब हुआ कि एक आदमी ही बिठा

1:55:42दो जो उस लोकल एरिया को रिप्रेजेंट करें

1:55:45तो लोकल रिप्रेजेंटेशन हो रहा है गवर्नर

1:55:48जनरल ऑफ इंडिया की काउंसिल में

1:55:51राइट सो दिस इ दिस इज हैपनिंग इन इन द

1:55:5318533 का एक्ट हमने समझा कि यहां प्लस एकस

1:55:56इयर्स आइए थोड़ा इसी को देखते हैं 183 एक

1:55:59बार पहले जो है देख लेते हम बात कर रहे कि

1:56:01हां कंपनी जो है प्रोवाइडेड कि हां जो है

1:56:04कंपनी अभी एक्सटेंड कर दी कि हां ठीक है

1:56:06कंटिन्यू करो देखेंगे बस हमने समझा कि हां

1:56:08जो स्ट्रेंथ ऑफ द कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स 18

1:56:10कर दी गई है जिसम 12 ही एक्चुअली कोर्ट ऑफ

1:56:11डायरेक्टर्स के मेंबर्स है बाकी छह लोग

1:56:14क्राउन जाएंगे प्लस हमने बात करी कि कंपनी

1:56:17का जो पैटर्न था सिविल सर्विसेस के ऊपर वो

1:56:19अब हटा दिया गया है अब देयर विल बी ओपन

1:56:21कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन अगर हम पोस्ट

1:56:23देखें तो इंडिया में एक होती है कोनें

1:56:25पोस्ट जो कि हायर सर्विसेस होती है राइट

1:56:28है ना एक होती है अनकोटेड सर्विसेस जो कि

1:56:30लोअर सर्विसेस होती है तीसरा होता है कि

1:56:33हां जो है हां तो यह जो अब जो बात हो रही

1:56:34है कि अब मैकल कमेटी बनाई गई

1:56:49अप्लाई कर सकते हैं ओपन हो चुका है तो नाउ

1:56:51दिस विल लीड टू मेरिट बेस्ड हायरिंग

1:56:54ओके लॉ मेंबर हमने बात करी कि हां वो फुल

1:56:56मेंबर हो चुका है सेपरेशन ऑफ द

1:56:58एग्जीक्यूटिव एंड लेजिस्लेटिव फंक्शन ऑफ़

1:56:59द गवर्मेंट ऑफ ब्रिटिश इंडिया क्योंकि अब

1:57:01हमने बात कर दी कि हां देयर इज एडिशनल

1:57:03लेजिस्लेटिव पर्पस के लिए लोग आ चुके हैं

1:57:05प्लस लोकल प्रेजेंटेशन की हमने बात करी कि

1:57:07हां वो भी यहां पे आ चुके हैं उन छह में

1:57:09कुछ लोग लोकल भी होंगे कहीं लोकल एरिया को

1:57:11दिखा रहे हो तो दिस वाज ऑल अबाउट

1:57:19वेरी वेरी बेनिफिशियल आपका कुछ भी एग्जाम

1:57:21में आएगा तो यू विल बी एबल टू हैंडल राइट

1:57:23है ना जीवन आपका काफी आसान हो जाएगा य हर

1:57:25जगह मिलता नहीं है और जो है आप देखेंगे कि

1:57:27हर जगह थोड़ा सा कहानी छोटे में करके

1:57:29निपटा देते हैं इट इज वेरी वेरी फैक्चर

1:57:31लोगों को पसंद भी नहीं आता कि इतना फैक्ट

1:57:33क्यों देखें राइट बट इट इज वेरी

1:57:34इंपॉर्टेंट फॉर द एग्जामिनेशन पूछेगा तो

1:57:36ये बात इंपॉर्टेंट है है ना थोड़ा सा सब्र

1:57:38करके अगर इस चैप्टर को देख लोगे तो इसमें

1:57:40से सवाल बनता है हर साल बनता है इस साल तो

1:57:42बहुत ही इजी पूछा था गवर्नर जनरल ऑफ

1:57:43इंडिया

1:57:451833 है ना यही सवाल पूछ दिया था है ना

1:57:48सिर्फ इतनी लाइन पे पूछ दिया था तो कभी

1:57:49आसान पूछ लेता है कभी पूछ लेता है कि हां

1:57:51जो है जो है यह बताइए कि यह प्रोविंसेस का

1:57:57पार्ट है कि नहीं ऐसा करके लिस्ट में यहां

1:57:59जो लिस्ट है प्रोविंसेस की पार्ट है कि

1:58:00सेंटर की पार्ट है किधर रखोगे इस तरह के

1:58:02सवाल भी आते हैं वुमेन को वोटिंग अलाउ थी

1:58:05कि नहीं ऐसा करके टफ सवाल भी आता है राइट

1:58:06है ना तो जो है 191 में 1935 में है ना

1:58:09आगे देखेंगे उसको अभी फिलहाल इस बात को

1:58:11कंप्लीट करते हैं

1:58:13183 183 जो है एक तो हम मार्क कर ले

1:58:17गवर्नर जनरल उसके एग्जीक्यूटिव में चार और

1:58:21लेजिस्लेटर में छह यह बातें हमको याद दिला

1:58:23देगा प्लस प्लस हम मार्क करेंगे कोर्ट ऑफ

1:58:29डायरेक्टर कोर्ट ऑफ डायरेक्टर 18 प्लस लिख

1:58:34द x इयर्स बातें याद आ

1:58:37जाएंगी राइट है ना इतना बहुत है प्लस हां

1:58:41सिविल

1:58:42सर्विसेस प्लस सिविल

1:58:47सर्विसेस ओपन हो गया है यहीं से तो देखो

1:58:5053 में ही सिविल सर्विसेस भी ओपन हुआ है

1:58:53प्लस प्लस लेजिसलेटिव काउंसिल आई है अलग

1:58:56एक काउंसिल आ चुकी है एडिशनल मेंबर आ चुके

1:58:58हैं दिस इज हैपनिंग इन 183 एंड फाइनली

1:59:0418581 7 वी हैव एक्ट ऑफ

1:59:08185

1:59:1618582 का एक्ट तो आखरी एक्ट बिफोर 1850

1:59:21बिफोर ग्राउन

1:59:27रूल

The Act for Better Government

1:59:30या तो दिस इज एक्ट फॉर द बेटर गवर्नमेंट

1:59:32ऑफ इंडिया कि यहां ब्रिटिश सरकार कह रही

1:59:34है कि तुमसे ना हो पाया राइट अब हम तुमसे

1:59:37अच्छी सरकार लेकर आएंगे तो आज से आज से

1:59:40बेटर गवर्नमेंट की बात होगी आफ्टर द 1857

1:59:44की

1:59:45रिपोट सो नाउ नाउ तो अब हुआ क्या एक बार

1:59:48फिर से समझते ब्रिटेन में क्या हुआ

1:59:50ब्रिटेन में हुआ कि भाई जो है आप हम बात

1:59:53कर रहे थे कि सरकार ने बना रखा था एक

1:59:55बोर्ड ऑफ कंट्रोल अब तो रट गया होगा ये और

1:59:58ईस्ट इंडिया कंपनी का हुआ करता था कोर्ट

2:00:01ऑफ डायरेक्टर जिसके दो फंक्शन हुआ करते थे

2:00:04कमर्शियल और कमर्शियल और एडमिनिस्ट्रेटिव

2:00:07प्लस जिस हम कह रहे थे कि इनका अप्रूवल ही

2:00:11सब कुछ था इनका अप्रूवल ही है इनका शासन

2:00:14राइट इंडिया में इसी हिसाब से चल रही थी

2:00:16बात प्लस कमर्शियल फंक्शन बंद हो गया था

2:00:18ये भी हमने समझी थी बात अभी हमने यह भी

2:00:20जाना कि हा यह 24 हुआ करते थे 24 से अब रह

2:00:22चुके हैं 18 जिसमें छ लोग क्राउन भेज

2:00:25र नाउ 188

2:00:49हम लोग टेक ओवर कर रहे हैं टेरिटरी हो गया

2:00:52आपकी

2:00:53टेरिटरी आपका रेवेन्यू

2:00:56आपकी जो है एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी आपके

2:01:00एंप्लॉई आपकी आर्मी सब कुछ सब कुछ हम लोग

2:01:05टेक ओवर कर रहे हैं आज से यह सब कुछ

2:01:07बिलोंग करेगा किसको क्राउन को यह सरकार का

2:01:11हुआ क्राउन का हुआ और आज से इंडिया रूल

2:01:14करेंगे कौन हम तो दिस इज व्ट अगर ब्रिटेन

2:01:19डायरेक्ट रूल करेगा तो दे आर सेइंग कि हां

2:01:21वी आर गोइंग टू बी बेटर गवर्नमेंट ये नहीं

2:01:23कह रहे वी आर द बेस्ट गवर्नमेंट क र तुमसे

2:01:25तो बेटर ही होगा जो हो रहा था उससे अच्छा

2:01:28होगा तो बेटर गवर्नमेंट एक्ट

2:01:3218582

2:01:3918581 में और बिजनेस बिजनेस जो करना है

2:01:42करते रहो उससे हमें मतलब नहीं है लेकिन

2:01:44हां तुम ये नहीं करोगे कोर्ट ऑ डायरेक्टर

2:01:47को फायर किया है नहीं ऐसा नहीं कोर्ट ऑ

2:01:48डायरेक्टर अपना रहेगा अपनी प्राइवेट कंपनी

2:01:50में जो करना है करता रहे लेकिन यह काम

2:01:52नहीं कर सकता दिस इज दिस इज समथिंग व्हिच

2:01:54हैज

2:01:56हैपेंड नाउ नाउ एक पोजीशन बनाई गई कि ऐसा

2:02:00तो है नहीं कि रानी बैठ के यही काम करेगी

2:02:02तो सरकार का कोई मिनिस्टर चुना जाएगा

2:02:05कैबिनेट मिनिस्टर जिसको कहा जाएगा कि यू

2:02:07आर सेक्रेटरी ऑफ

2:02:08स्टेट सेक्रेटरी ऑफ

2:02:11स्टेट फॉर इंडिया इसको ये डेडिकेटेड काम

2:02:15दिया जाएगा कि अब जीवन में तुम एक ही काम

2:02:17करोगे इंडिया को मैनेज करो

2:02:19और इसको दी जाएगी 15 मेंबर की एडवाइजरी

2:02:22बॉडी ध्यान रखना दिस इ एडवाइजरी ऐसा नहीं

2:02:25है कि हाय वोटिंग हो रही है और फिर इन्हीं

2:02:27की नहीं सुनी जा रही व चारही भारी पड़ 15

2:02:30हो ग दिस एडवाइजरी बॉडी इसका हेड यही है

2:02:33यह जो कहेगा वही होगा तो एक्चुअली क्राउन

2:02:36रूल करेगा वाया सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कहने

2:02:39के लिए कम्युनिकेशन के लिए है सेक्रेटरी ऑ

2:02:41स्टेट कम्युनिकेट कर रहा है खाली बट

2:02:43एक्चुअली सारी की सारी डीलिंग कौन कर रहा

2:02:45है सेक्रेटरी ऑफ स्टेट किसके साथ कर रहा

2:02:47है तो रिवोल्ट यहां पे हैंडल करी गई

2:02:52एंड एंड इंडिया

2:02:55में इंडिया में हुआ कि भाई यहां कैसे

2:02:58राज्य हो रहा है हमने कहा बताया सर गवर्नर

2:02:59जनरल ऑफ इंडिया है उसकी नीचे एक

2:03:02एग्जीक्यूटिव बॉडी है उसका एक लेजिस्लेटिव

2:03:05मेंबर अलग है

2:03:08लेजिस्लेटर लेजिस्लेटर अलग है उसका कुछ और

2:03:11के बस बस ठीक है इतना इससे ज्यादा नहीं

2:03:14जानना है राइट आगे जो भी चल रहा है हमें

2:03:16मतलब नहीं है आ से गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया

2:03:19हमारा

2:03:19हुआ और इसको एक नई पद्धति देते हैं वाइस

2:03:22रॉय

2:03:24की इसका काम क्या है वही जो कर रहा था

2:03:27राइट कोई बदलाव कोई बदलाव नहीं इंडिया में

2:03:29कोई चेंज कोई चेंज नहीं इंडिया में कोई

2:03:31चेंज नहीं खाली नाम चेंज हो गया गवर्नर

2:03:32जनरल ऑफ इंडिया को वाइस रॉय कहा जाएगा

2:03:35राइट है ना कि हां क्या बदला हुआ नाम बदल

2:03:37गया वाइस रॉय से क्या है कि उसकी इज्जत

2:03:39बढ़ गई पहले वो कंपनी के लिए काम करता था

2:03:41आदमी अब वो रानी के लिए काम कर रहा है

2:03:42राइट उसका अपॉइंटमेंट वगैरह भी रानी ही

2:03:44करेगी वो पहले ही हो रहा था कौन सी बड़ी

2:03:45बात है अप्रूवल तो था ही रॉयल

2:03:47अप्रूवल तो फिलहाल तो गवर्नर जनरल जो है

2:03:50यहां पे यहां पर क्या करेगा जो है गवर्नर

2:03:53जनरल बन जाएगा वाइस रॉय और इस तरीके से अब

2:03:56आगे का राज्य कैरी होगा कैरी ऑन होगा

2:03:58विदाउट दिस प्राइवेट कंपनी यानी कि क्या

2:04:00बोर्ड ऑफ कंट्रोल भी खत्म हो गया यस यह सब

2:04:03भी खत्म हो गया ऑफकोर्स राइट कोई अप्रूवल

2:04:05नहीं कुछ नहीं अपना अब आराम से ऊपर ऊपर आप

2:04:08लोग संभाल सकते हैं क्राउन जो है वो जो

2:04:10ब्रिटेन का क्राउन है ब्रिटेन के जो जो है

2:04:13रानी है वो यहां से इसको हैंडल कर सकती है

2:04:16प्लस हम लोग बात कर रहे थे 188 के जो है

2:04:19एक एक प्रोक्लेमेशन आया था राइट नवंबर में

2:04:50ऐसा करके वादा हम लोग ने पहले पढ़ा हुआ

2:04:53राट दिस पहले पढ़ा हुआ है य लिखने की

2:04:56जरूरत नहीं है बट यास दिस हैपेंड इन

2:04:59185 तो चलिए अपने टाइमलाइन इस बात को

2:05:01कंप्लीट कर देते हैं एक बात

2:05:05ग्राउंड कंपनी का अब कोई लेना देना नहीं

2:05:09है प्लस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट इसकी एक 15

2:05:13मेंबर की एडवाइजरी बॉडी है प्लस गवर्नर

2:05:16जनरल ऑफ इंडिया बिकम आल्सो वाइस

2:05:20रॉय क्या कोई और बदलाव है नहीं यही बेटर

2:05:23गवर्नमेंट है क्योंकि स्वयं रानी इवॉल्वड

2:05:25है स्वयं कुईन

2:05:27इवॉल्वड या सो दिस वी हैव

2:05:29सीन या तो यह वाली पूरी हमने कहानी समझी

2:05:32अच्छा पहले पहले कौन बनेंगे पहले बनेंगे

2:05:34हमारे लॉर्ड कैनिंग लॉर्ड कैनिंग उस समय

2:05:37गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया थे यही हमारे पहले

2:05:40वाइस रॉय भी बने जो कि अब जो है क्वीन के

2:05:43लिए काम करेंगे क्वीन

2:05:46गई या सो जो डुअल सिस्टम चल रहा था कि दो

2:05:49लोग रूल कर रहे थे क्या वो डुअल सिस्टम

2:05:51ऑटोमेटिक खत्म हो चुका है यहां पे यस डुअल

2:05:53सिस्टम खत्म हो चुका है लॉर्ड कैनिंग जो

2:05:55है यहां पर बन चुके हैं वाइस

2:05:57रॉय तो दिस वाज द होल स्टोरी ऑफ

2:06:00कांस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट टिल

2:06:0318581 खत्म कर लिया है है ना कि 18582 तक

2:06:06का कॉन्स्टिट्यूशन डेवलपमेंट कैसे हुआ है

2:06:08अब यहां से हम लोग बात करेंगे अगली कहानी

Development 1858-1947

2:06:11कि डेवलपमेंट आफ्टर

2:06:18करेंगे इस तरह के इंडियन काउंसिल एक्ट

2:06:20आएंगे गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट आएंगे ये

2:06:22हमारा नेक्स्ट टॉपिक आइए डिस्कस करते हैं

2:06:24तो वापस इसकी एक टाइमलाइन बनाते हैं देखते

2:06:27हैं कि हा यह एवोल्यूशन कैसे हुआ ना अगेन

2:06:29यह तो एक मेंस का सवाल भी हो सकता है राइट

2:06:32पॉसिबल है भाई कि हा एक मेंस में पूछ लिया

2:06:33जाए या फिर जो है से भी आ सकता है

2:06:40तो तो कहानी फिर से बात करते हैं शुरू

2:06:43करते हैं वरन हेस्टिंग से 1772

2:06:47से न टेक अप कर रहे कुछ 1785

2:06:51समर दिस इ वरन हेस्टिंग्स और वरन

2:06:54हेस्टिंग्स कहा जाता है कि हां यह क्या

2:06:56एडमिनिस्ट्रेशन सुधार पाए नहीं इन्होंने

2:06:59खाली एडमिनिस्ट्रेशन टेकओवर कर लिया है

2:07:02ड्यूल गवर्नमेंट को खत्म कर दिया है डुअल

2:07:04गवर्नमेंट खत्म कर दिया है और

2:07:05एडमिनिस्ट्रेशन टेक ओवर कर दिया बट क्याय

2:07:07एडमिनिस्ट्रेशन सही में सुधार पा रहे नहीं

2:07:09एडमिनिस्ट्रेशन सही कर नहीं पा रहे खाली

2:07:11इनके लिए एक शब्द इस्तेमाल किया जाता है

2:07:13कि ही कैन बी टर्म एस एडमिनिस्ट्रेटिव

2:07:16ऑर्गेनाइजर एडमिन ऑर्गेनाइजर है किसी भी

2:07:20किसी भी क्षेत्र में हम देखें चाहे

2:07:23रेवेन्यू के क्षेत्र में देखें चाहे सिविल

2:07:24सर्विसेस के क्षेत्र में देखें किसी भी

2:07:26क्षेत्र में ही हैज जस्ट स्टार्टेड द

2:07:28सिस्टम लेकिन वो अच्छा चलेगा बुरा चलेगा

2:07:31नहीं चल पाएगा ऐसी कोई जिम्मेदारी वरन

2:07:33हेस्टिंग्स की नहीं रही और यही रीजन था कि

2:07:36बुलाया गया लॉर्ड कन्वोस को तो 86 से 93

2:07:40समवेने वोलस कमिंग इन टिल 93 वी हैव लॉर्ड

2:07:45कन्वोस लॉर्ड रहने देते हैं कन्वोस एक दि

2:07:48देते हैं

2:07:49कन्वोस कन्वोस इज आल्सो कॉल्ड एज फादर ऑफ

2:07:52सिविल सर्विसेस तो जब ये आए तो इनके ऊपर

2:07:54जिम्मेदारी थी कि जितना भी रायता फैला हुआ

2:07:56जितने भी और चीजें हैं एडमिनिस्ट्रेशन में

2:07:58सारी चीजें आपको सही करनी है चाहे वो

2:08:00जुडिशरी हो चाहे वो रेवेन्यू हो चाहे वो

2:08:02सिविल सर्विसेस हो एवरीथिंग ही हैज टू

2:08:04फिक्स तो नाउ सो ही ब्रॉट दिस कांसेप्ट ऑफ

2:08:07कोवेट सिविल सर्विसेस कि यहां भी कुछ

2:08:10सिविल सर्वेंट होंगे जो कि खासा पावरफुल

2:08:12होंगे जिनके ऊपर खासा जिम्मेदारी होगी तो

2:08:14ही ब्रॉट दिस कांसेप्ट ऑफ कोवेन कोवेट

2:08:18सिविल

2:08:19सर्विस सिविल सर्विसेस ऐसी सर्विसेस जिसके

2:08:22पीछे लोग भागे राइट है ना इसकी सैलरी भी

2:08:25उन्होंने बहुत हाई रखी कहते हैं कि हां

2:08:26कुछ 500 पाउंड समथिंग जो है इन्होंने

2:08:28सैलरी रखी प्लस ही वांट्स कि हां ये

2:08:31सिस्टम काफी ऑनेस्ट होना चाहिए तो इसपे

2:08:33कमीशन वगैरह भी दिया कि हां भा जो है यू

2:08:35नो अगर आप रेवेन्यू कलेक्ट करते हैं इतना

2:08:37रेवेन्यू कलेक्ट करते हैं तो उसको कुछ

2:08:39परसेंटेज वगैरह भी आपको मिलेगा तो दिस इज

2:08:41हाउ ही स्टार्टेड दिस सर्विस तो कोटेड

2:08:43सिविल सर्विसेस टेक्निकली शुरू होती है

2:08:45किसके टाइम से कन्वोस के टाइम से सो ही इज

Evolution of civil services in India

2:08:47द गवर्नर जनरल 1786 टू 93 और इन्होंने

2:08:50ऑर्गेनाइज किया सिविल सर्विसेस एक जो सबसे

2:08:53बड़ा मुद्दा था सबसे बड़ा चैलेंज था कि

2:08:55ईस्ट इंडिया कंपनी के जितने एंप्लॉयज थे

2:08:57वो सारे थे करप्ट अब यहां पे सबसे बड़ा

2:08:59चैलेंज यही था कि किसी तरह एक ऑनेस्ट आदमी

2:09:02ढूंढ लिया जाए राइट जो कि पूरी शिद्दत के

2:09:04साथ पूरी ईमानदारी के साथ काम करें ऐसा

2:09:06आदमी मिलना बड़ा मुश्किल था तो इसीलिए

2:09:08इन्होंने कोशिश करी कि हां जो है सैलरी

2:09:10वगैरह हाई रखी जाए तो उन्होंने सैलरी हाई

2:09:12रखी राइट रूल्स वगैरह प्राइवेट ट्रेड पे

2:09:15उन्होंने कहा कि नहीं प्राइवेट ट्रेड

2:09:16वगैरह नहीं होना चाहिए है ना अपने अपने

2:09:18काम में मत लग जाओ सरकार के काम पे ध्यान

2:09:20दो अच्छे से रहो अच्छे से काम करो प्लस

2:09:22प्लस कोई प्रेजेंट ब्राइब टेबल के नीचे

2:09:25कुछ भी ये सब नहीं चलेगा ये नहीं चाहिए

2:09:27राइट प्लस प्रमोशन भी सीनियरिटी के थ्रू

2:09:29होगा ये नहीं कि टेबल के नीचे कुछ खिला के

2:09:31प्रमोट हो रहे हो पैसा बढ़ा रहे हो ये

2:09:33सारी चीजें नहीं होंगी तो ही ट्राइड ही

2:09:36ट्राइड दस सिस्टम बट क्या ऐसा होने वाला

2:09:38है ऐसा क्या जो है सही में अचीव कर पाएंगे

2:09:40नहीं ऐसा अचीव तो नहीं कर पाएंगे दिस इज

2:09:42मोर लाइक कि हां वो ट्राई कर रहे हैं बट

2:09:44यस ही इज द फादर ऑफ सिविल सर्विसेस सिविल

2:09:46सर्विसेस यहां से शुरू हुई है राइट नहीं

2:09:48कह रहे ऑनेस्ट सिविल सर्विसेस शुरू हुई है

2:09:50बट सिविल सर्विसेस शुरू हो गई नाउ अब ये

2:09:52सिविल सर्विसेस का अपॉइंटमेंट कैसे हो रहा

2:09:54है जरा ये भी थोड़ा हम देखें कि ये जो

2:09:56सर्विसेस हैं दीज सर्विसेस आर अपॉइंटेड

2:09:58बाय दीज बेसिकली सर्वेंट्स आर अपॉइंटेड

2:10:00बाय कोर्ट ऑफ

2:10:02डायरेक्टर्स कोर्ट ऑफ

2:10:05डायरेक्टर्स इसकी कोई एलिजिबिलिटी है हां

2:10:07भाई मौसी का लड़का होना चाहिए मतलब

2:10:09नेपोटिज्म चल रहा है मतलब पैटन ज के हिसाब

2:10:12से कि हां जो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स हैं

2:10:14उनको लग रहा है कि हां ये आदमी हमारा

2:10:15जानने वाला है राइट ये हमको कुछ पैसा दे

2:10:17रहा है तो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर से ही यह

2:10:19कल्चर चला आ रहा है तो कोर्ट ऑफ

2:10:21डायरेक्टर्स का पैटर्न सिस्टम कि अंडर द

2:10:24पैटर्न सिस्टम ऑफ कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ये

2:10:26सारा अपॉइंटमेंट हो रहा है क्या कोई

2:10:28एग्जाम हो रहा है यूपीएससी का प्रिपरेशन

2:10:30हो रहा है नहीं तो पैटर्न सिस्टम चल रहा

2:10:32है

2:10:33इनिशियली तो जब पैटर्न सिस्टम चल रहा है

2:10:36तो यू कैन अंडरस्टैंड कि यहां पे जो

2:10:38हायरिंग हो रही है वो क्या मेरिट बेस्ड

2:10:40हायरिंग हो रही है मेरिट बेस्ड हायरिंग भी

2:10:42नहीं हो रही यहां का जो आईएस ऑफिसर है

2:10:43कोविड सिविल सर्वेंट है वो इस लायक है

2:10:46नहीं कि हां उसे कोविड सिविल सर्वेंट बनना

2:10:48चाहिए पर क्योंकि उसपे कोर्ट ऑफ डायरेक्टर

2:10:51का हाथ है सर पे तो हां वो बना हुआ है

2:10:52राइट एडमिनिस्ट्रेशन वगैरह देखेगा

2:10:54डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर मजिस्ट्रेट कुछ भी बन

2:10:56सकता है वो तो पॉसिबल है अब ऐसे में वेलीज

2:10:59की एंट्री होती है वेलेजली समवेल 98 हमें

2:11:02याद आया कि एक वेलीज आए थे जिनका कांसेप्ट

2:11:05हमने सीखा था कौन सा य सब्सिडियरी अलायंस

2:11:08तो हां 1805 तक रहे हैं वेलीज ली तो वेल

2:11:12इजली देखा कि ये जो लोग आ रहे हैं इनको

2:11:14कुछ आता जाता है नहीं क्या किया जाए भाई

2:11:17कैसे इसको सॉल्व किया जाए तो वेली इजली

2:11:19वेली इजली ब्रॉट दिस कांसेप्ट ऑफ फोर्ट

2:11:21विलियम कॉलेज इनका लवास ना बनाओ भाई फोर्ट

2:11:25विलियम

2:11:28कॉलेज कि ये जो आ रहे हैं कम से कम थोड़ा

2:11:31सा ट्रेनिंग दिया जाए कि कुछ तो कुछ तो जो

2:11:34है निखारा जाए बताया जाए इनको इंडिया के

2:11:36बारे में कुछ नहीं पता यहां के कस्टम्स के

2:11:37बारे में कुछ नहीं पता प्लस

2:11:39एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में कुछ नहीं पता

2:11:40चले आए हैं ये लोग है ना कि जस्ट बिकॉज कि

2:11:42यहां जो है कनेक्शन अच्छा था नेटवर्क

2:11:44अच्छा था कोर्ट ऑफ डायरेक्टर साथ उठना

2:11:45बैठना था तो किसी तरह यहां तक पहुंच गए तो

2:11:48दैट वाज द रीजन कि वेलेजली जब कन्वोस के

2:11:51बाद वेलेजली आते हैं तो वेली इजली

2:11:53एस्टेब्लिश करते हैं फोर्ट विलियम कॉलेज

2:11:56राइट दिस इज इन कलकट तो फोर्ट विलियम

2:11:58कॉलेज का एस्टेब्लिशमेंट करते हैं क्योंकि

2:11:59उस समय सरकार भी कलकाता में ही है राइट बट

2:12:02बट जैसे ही लजली गए वेल इजली गए नहीं कि

2:12:06हुआ कि कोर्ट डायरेक्टर को अच्छा नहीं लग

2:12:08रहा था कि हां भाई उनका भेजा हुआ आदमी आप

2:12:09कह रहे होगे आप ट्रेनिंग कराओ अच्छा नहीं

2:12:11है ये तो नाउ तो ये कॉलेज तुरंत ही

2:12:14डिसपिटर डायरेक्टर पे उंगली उठने लगी

2:12:16क्यों किया क्यों किया तुरंत कहा नहीं हम

2:12:18अपना ही एक कॉलेज बना रहे हैं तो हेली बरी

2:12:20में उन्होंने अपना एक कॉलेज सेटअप किया जो

2:12:22है अपना अपना जो है एक ट्रेनिंग के लिए

2:12:25कॉलेज सेटअप किया और बोला हम यहीं से

2:12:26ट्रेन करके भेजेंगे दो साल की ट्रेनिंग

2:12:28करा के भेजेंगे है ना ताकि कोई दोबारा

2:12:30वहां पर जाके चेक ना करे वहां पर कोई

2:12:32रिपोर्ट ना भेजे का कुछ नहीं आता है ऐसा

2:12:34कुछ नहीं होना चाहिए तो टेक्निकली दिस

2:12:37स्टार्टेड हेली बरी से जो है फोर्ट विलियम

2:12:39कॉलेज स्टार्ट हुआ बट उसके बाद यह

2:12:41ट्रेनिंग बंद हो गई और इसकी जगह ट्रेनिंग

2:12:44होने लगी एट

2:12:47लीबेरी है ना कि दो साल की ट्रेनिंग ू

2:12:50इयर्स ट्रेनिंग और फिर ट्रेन करके भेजेंगे

2:12:53ताकि कोई कुछ ना कहे तो समझो कि य यहां पर

2:12:57इनिशियली या ओवरऑल रिक्रूटमेंट क्या अच्छा

2:12:59हो रहा है अच्छा रिक्रूटमेंट नहीं हो रहा

2:13:01कोर्ट डायरेक्टर ही मालिक है जब मालिक ही

2:13:03जो है नहीं चाहता है कि हां जो है अच्छा

2:13:05आदमी पहुंचे तो कैसे ही पहुंचे नहीं बनेगी

2:13:07बात ही नहीं बनेगी अब ऐसे में ऐसे में

2:13:10कहानी आगे बढ़ाते हैं ऐसे हम देखेंगे कि

2:13:12हां जो है कोशिश करी जा रही है तो पहले एक

2:13:16बात उठेगी चार्टर एकट ऑफ 1833 अभी थोड़ी

2:13:19देर पहले पढ़ रहे थे हम लोग 1833 का

2:13:22चार्टर एक्ट 1833 का चार्टर एक्ट कहेगा कि

2:13:25इसको सरकार कहेगी ब्रिटेन सरकार कहेगी कि

2:13:28इसको इसके लिए ओपन कंपटीशन कराते हैं

2:13:30क्योंकि मेरिट बेस्ड हायरिंग नहीं हो रही

2:13:32तो लेट अस गो फॉर ओपन कंपटीशन बट हमको याद

2:13:34आया कि इसी पॉइंट पर ओपन सुनते ही सारे

2:13:38लोग ओपनली रोने लगे थे कि हां सर ये मत

2:13:41कराइए राइट ओपन कंपटीशन नहीं होना चाहिए

2:13:44अभी नहीं ऐसा करके क्यों क्योंकि 1833 के

2:13:47चार्टर एक्ट के तहत ये लोग

2:13:48एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी बन गए थे कमर्शियल

2:13:50फंक्शन सारे बंद करा दिया था तो कोर्ट और

2:13:52डायरेक्टर एकदम से रोने लगा कि सर ऐसा मत

2:13:53करिए तो यहां पर हुआ कि चलो ठीक है कुछ तो

2:13:56एग्जाम होगा बट दिस वाज मोर लाइक इंटरनल

2:14:00एग्जाम ऐसा नहीं कि कोई भी फॉर्म भर सकता

2:14:02है वो फॉर्म वही लोग भर सकते हैं वो

2:14:04एग्जाम वही लोग दे सकते हैं जो कि

2:14:06नॉमिनेटेड बाय द कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स है

2:14:09तो क्या अभी भी ये ओपन है मेरिट आएगी अभी

2:14:11भी कुछ ओपन नहीं है मेरिट तो नहीं आने

2:14:13वाली बट फाइनली प्रॉब्लम सॉल्व हुई 183

2:14:16में 53 18533 सेड कि भाई बहुत हो गया नाउ

2:14:22लेट अस गो फॉर ओपन

2:14:24कंपटीशन ओपन कंपटीशन की बात जो है यहां से

2:14:28उठी और इसीलिए इसीलिए कमेटी बनाई गई अंडर

2:14:31मैले मैले कमिटी कि आप बताइए नोटिफिकेशन

2:14:35में क्या लिखना है राइट ऐसा करके एक कमेटी

2:14:38बनाई गई मै कले कमिटी जो कि बताएगी कि हां

2:14:41भाई जो है कैसे कैसे जो है रिक्रूटमेंट

2:14:44होगा सिलेबस क्या होगा ऑप्शनल होगा कि

2:14:46नहीं होगा राइट सी सेट रखेंगे नहीं रखेंगे

2:14:49ये सारी बातें कौन बताएगा मैकौले यहां पे

2:14:51बताने वाले हैं सो

The Charter Act

2:14:53नाउ या नाउ द चार्टर एक्ट ऑफ़

2:15:0418530 उसके लिए बनाई गई कमेटी देखो अब तक

2:15:08अब तक जो कहानी है क्योंकि अब कोर्ट ऑफ

2:15:10डायरेक्टर ही पैटर्न प्रोवाइड कर रहे हैं

2:15:12तोब तक इंडियंस का कोई रोल नहीं था इसमें

2:15:15सिविल सर्विसेस में इंडियंस की हायरिंग हो

2:15:17ही नहीं रही थी पॉसिबल ही नहीं था रीजन कि

2:15:20उसके काफी रीजन है एक तो यह है कि जब

2:15:23आईएएस बनाने का मौका सीधे जो है जानकार

2:15:25आदमी को दिया जा रहा है राइट अपने

2:15:27नेपोटिज्म चल रहा है अपने मौसी के लड़के

2:15:29को बनाया जा रहा है तो फिर कौन ही चाहेगा

2:15:31कि इंडियन बने सच अ लुक्रेटिव पोस्ट इतना

2:15:34पैसा है उस पे तो उसमें हर कोई चाहता है

2:15:36कि हां कोई ब्रिटिश ऑफिसर ही जाए दूसरा

2:15:39माहौल भी ऐसा बना रखा है कि हां अगर

2:15:41ब्रिटिश ऑफिसर होगा तो वो ब्रिटिश

2:15:43इंटरेस्ट का ध्यान रखेगा राइट है ना अगर

2:15:45कोई इंडियन ऑफिसर आ गया तो कहीं वो इंडियन

2:15:46इंटरेस्ट का ध्यान ना रखने ने लग जाए तो

2:15:48ब्रिटिश इंटरेस्ट का ध्यान रखने के लिए

2:15:50ट्रेड का ध्यान रखने के लिए ओवरऑल ये

2:15:52कॉलोनियल फेनोमेना को बनाए रखने के लिए इट

2:15:55वाज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट कि ये इंडियंस

2:15:57को बाहर रखा जाए इसमें सिर्फ और सिर्फ

2:15:59अंग्रेज आए तो 1833 में मुद्दा तो उठा

2:16:01इनफैक्ट 1833 में एक और बात रखी गई थी याद

2:16:04करो 1833 में कहा गया था कि हम जो है कोई

2:16:07डिस्क्रिमिनेशन नहीं करेंगे कोई भी हायर

2:16:09हो सकता है जॉब में आ सकता है है ना तो

2:16:11ऐसा

2:16:14थोरेट्स का हिस्सा कैसे बनेगा कौन सा

2:16:17फॉर्म भरना है राइट नोटिफिकेशन कब आएगा यह

2:16:20सारी कोई बात ही नहीं हुई थी तो टेक्निकली

2:16:21इंडियंस के लिए ओपन तो किया था बट इसमें

2:16:23कोई जा नहीं सकता था क्योंकि पता नहीं था

2:16:25जाना

2:16:26कैसे नाउ आफ्टर 1857 तो ये हमने कहानी

2:16:30कहां तक पढ़ी 1857 तक पढ़ी अब 1857

2:16:33टेक्निकली दिस इज क्वींस रूल अब हमारा

2:16:35क्राउन रूल चालू हो चुका है अब क्राउन रूल

2:16:38में जो है ब्रिटेन और ब्रिटिश इंडिया

2:16:40ऑलमोस्ट एक जैसे होने चाहिए नाउ दिस इज

2:16:42बेटर गवर्नमेंट अगर बेटर गवर्नमेंट है तो

2:16:45भारतीयों की भी एंट्री होनी चाहिए इसमें

2:16:47अब भी अगर एंट्री नहीं दोगे तो फिर काहे

2:16:49का क्राउन रूल राइट सो नाउ तो आफ्टर 1857

2:16:53एस पर क्वीन एस पर क्वीन का प्रोक्लेमेशन

2:16:55नाउ डेफिनेटली इंडियंस कैन एंटर दिस पोस्ट

2:16:59इंडियंस कैन बिकम कोटेड सिविल सर्वेंट

2:17:01राइट

2:17:02पॉसिबल तो खैर खैर तो हम देखेंगे नाउ अगेन

2:17:08कमिंग बैक टू द

2:17:13टाइमलाइन कि फाइनली जो कमेटी बनाई गई थी

2:17:17वो कमिटी अपना रिकमेंडेशन देगी और नाउ वी

2:17:20विल हैव एन एक्ट ऑफ इंडियन सिविल सर्विसेस

2:17:22एक्ट

2:17:2618618

2:17:3118616 इंडियन सिविल सर्विसेस राइट एक्ट तो

2:17:35ये एक्ट आ गया यहां कम से कम पता तो चला

2:17:38कि यहां नोटिफिकेशन आएगा राइट एंट्री कैसे

2:17:41होगी क्या होगा ये सारी बातें कही जाएंगी

2:17:43एज पर दिस एक्ट एज पर दिस जो है एक्ट

2:17:46कहानी बन रही है कि भाई अब फॉर्म आप भर

2:17:50सकते हैं भारतीयों की भी एंट्री होगी प्लस

2:17:53ये कह रहे कि एग्जाम जो है एग्जाम कराया

2:17:56जाएगा कंडक्ट कराया जाएगा सेंटर पड़ेगा

2:17:58हमने कहा हम नोएडा में रहते हैं तो नोएडा

2:18:00में सेंटर दे दो क रहे नहीं नहीं एग्जाम

2:18:02जो है वो होगा इंग्लैंड में वही आइए वही

2:18:06दीजिए राइट एग्जाम इंग्लैंड में होगा हमने

2:18:09कहा भाषा भाषा क्या है भाई और बताइए कह

2:18:11रहे कि आप इसको आप इसको एक ही लैंग्वेज

2:18:14में अटेंड कर सकते हैं च इ इंग्लिश

2:18:16लैंग्वेज

2:18:18और सब्जेक्ट जो है सब्जेक्ट जो हम आपसे

2:18:20पूछेंगे वो है आपकी अंडरस्टैंडिंग चेक करी

2:18:23जाएगी कि आपको क्या क्लासिकल ग्रीक और

2:18:26लैटिन अंडरस्टैंडिंग है अब ये इंडियन

2:18:30कोविन सिविल सर्विसेस हैं और यह ग्रीक और

2:18:33लैटिन का टेस्ट दे रहे

2:18:34हैं तो वी कैन अंडरस्टैंड कि हां यह जो

2:18:37कहानी गढ़ रहे हैं यह अभी भी नहीं चाहते

2:18:40कि इंडियंस की यहां पर एंट्री हो ये सिर्फ

2:18:42दिखावा है ये सिर्फ दिखाने की कोशिश कर

2:18:44रहे हैं कि हम चाहते हैं हम चाहते हैं कि

2:18:46हर किसी की एंट्री हो इवन इंडियस की भी

2:18:48एंट्री हो बट स्टिल ऑफिसर लेवल पे या

2:18:50इंटरनली देखें कि क्या सही में ये सिस्टम

2:18:52चाहता है कि हम लोग आएं नहीं ये चाहता तो

2:18:54नहीं है हम लोग आए एक तो एग्जाम इंग्लैंड

2:18:57में रखा है अब 90 पर जनता इंग्लैंड जा ही

2:18:59नहीं सकती फॉर्म भर लो क्या ही है फॉर्म

2:19:01या चिट्ठी भेज दो क्या ही होगा बट तुम

2:19:03एग्जाम देने इंग्लैंड जाने के लिए पैसा

2:19:05लगेगा राइट रिसोर्सेस होने चाहिए तो क्या

2:19:07एक आम आदमी ये फॉर्म भर पाएगा ये फॉर्म भर

2:19:09ही नहीं पाएगा फिर उसके लिए क्या हो सकता

2:19:11है भई आपका हिंदी ऑप्शनल हो हो सकता है आप

2:19:13हिंदी में बहुत अच्छे हो हो सकता है आपकी

2:19:15हिस्ट्री बहुत अच्छी हो भारत हि भारत की

2:19:17हिस्ट्री आप जानते हैं बहुत बढ़िया लेकिन

2:19:19यहां तो सिलेबस ही कुछ और है ग्रीक और

2:19:21लैटिन वगैरह का क्लासिकल जो है लिटरेचर ये

2:19:23सब पूछ रहे है तो टेक्निकली दे स्टिल डोंट

2:19:25वांट कि हां जो है इंडियंस की एंट्री कहीं

2:19:27से भी इसमें होनी चाहिए बट हम भी इंडियंस

2:19:30है राइट हमने कहा ठीक है तुम कुछ भी

2:19:31सिलेबस दो हम पढ़ देंगे राइट सीसेट दे दो

2:19:33पढ़ लेंगे क्या ही है पढ़ डालेंगे तो

2:19:35फाइनली इन

2:19:3918637 नाथ टैगोर सत्येंद्रनाथ

2:19:43टैगोर इज द फर्स्ट सिविल

2:19:46सर्वेंट राइट है ना तो ये भी टैगोर है तो

2:19:49सत्येंद्रनाथ टैगोर फ्रॉम द फैमिली ऑफ

2:19:51रविंद्रनाथ टैगोर ओनली तो ये पहली बार

2:19:53यहां पे यहां पे पहली बार हम देखेंगे कि

2:19:55कोई सिविल सर्वेंट बना इट वाज लाइक कि

2:19:57सिलेबस तुम कुछ भी रख दो हम पढ़ ही लेंगे

2:19:58एक का तो कोई आ ही जाएगा है ना निकाल ही

2:20:00देगा तो श्रीनाथ जो है सतीनाथ टैगोर ने

2:20:03इसको क्वालीफाई किया ही इज द फर्स्ट बट

2:20:05अगेन सिस्टम इतना टफ है कि हम बहुत ज्यादा

2:20:08सिविल सर्वेंट्स यहां पे नहीं देखेंगे

2:20:10अगले 10 122 सालों में शायद दो तीन सिविल

2:20:12सर्वेंट जिसमें सुरेंद्र नाथ बैनर्जी का

2:20:13नाम आता है राइट देन आरसी दत्त हैं जो

2:20:15सिविल सर्विसेस क्वालिफाई करेंगे तो देयर

2:20:17विल बी वेरी वेरी वेरी वेरी फ्यू सोचो

2:20:19अगले 11 साल में 12 साल में जो है खाली

2:20:21तीन लोग निकल रहे हैं तो क्या ही सिस्टम

2:20:23बनाया है ये सिस्टम ही ऐसा बनाया है कि

2:20:25इंडियन क्वालीफाई ना ही करे तो ठीक

2:20:28है प्लस प्लस हम देखेंगे कि हां यह जो ओपन

2:20:32किया गया है इसमें एज जो है एज एज भी बड़ा

2:20:35एक इंपॉर्टेंट फैक्टर है एज हम देखेंगे कि

2:20:39एज कंटीन्यूअसली एक लोग रिड्यूस करते

2:20:41रहेंगे ये भी सुनिए

2:20:4518592 साल सॉरी 23 साल आप कहेंगे हां सर

2:20:4923 साल में हम तैयार हो जाएंगे 23 साल के

2:20:51बाद दे देंगे एग्जाम 23 साल मिनिमम एज

2:20:53नहीं है मैक्सिमम एज है 23 साल के बाद आप

2:20:56एग्जाम नहीं दे सकते आज जो जनरल कैटेगरी

2:20:59में 32 साल की उम्र है वो उस समय 23 साल

2:21:01बताई गई आपने कहा ठीक है सर चलिए कॉलेज के

2:21:03साथ तैयारी कर लेंगे कोई बात नहीं अब ऐसा

2:21:05सुनने के बाद अंग्रेजों ने कहा ठीक है कर

2:21:08लोगे क्या तैयारी कॉलेज के साथ चलो इसको

2:21:10और कम कर देते हैं इसको कर दिया गया 22

2:21:13फिर कर दिया गया

2:21:1621 राइट 21 और 78 तक आते आते इसको कर दिया

2:21:2319 राइट बीच में बीच में 6 66 है बीच

2:21:27में तो ये कंटीन्यूअसली उम्र घटा ही जा

2:21:30रहे हैं 19 साल में ये चाहते हैं कि आप

2:21:32आईस बन के निकल जाए विद ल दिस

2:21:35रिस्ट्रिक्शन इंग्लैंड की टिकट खरीद के

2:21:37राइट इंग्लिश में पेपर देके और ये ग्रीक

2:21:39और लैटिन की अंडरस्टैंडिंग शो करके आप जो

2:21:41है किसी तरह बन जाए सि सर राइट इस तरह से

2:21:43खुली जो है चुनौती हम लोग को दे रखी

2:21:46हैने

2:21:48नाउ इसमें फदर डेवलपमेंट अगर हम देखें तो

2:21:50फदर डेवलपमेंट हमको दिखता है

2:21:5418788 188 में लॉर्ड लिटन के बारे में

2:21:57हमने पढ़ा था मैंने आपको बताया था कि एक

2:21:59है स्टैचूट सिविल

2:22:01सर्विसेस स्टैचूट सिविल सर्विसेस यह

2:22:06वाहियात आईडिया जो है है लॉर्ड लिटन का तो

2:22:10लिटन जी का कहना है कि कोटेड सिविल

2:22:12सर्विसेस वगैरह में इंडियस की भर्ती करनी

2:22:14ही क्यों है एक नई स सिविल सर्विसेस श

2:22:17करते हैं व्हिच इज स्टैचूट सिविल सर्विसेस

2:22:19थोड़ा देखते हुए भी चलते हैं राइट तो हमने

2:22:21कहानी जो गड़ी है तो हम बात कर रहे हैं कि

2:22:2418611 में बात बनी इंडियन सिविल सर्विसेस

2:22:27एक्ट की और कहा गया कि हां भाई जो है कुछ

2:22:30सीट जो है इंडियंस वगैरह भी ऑक्यूपाइड

2:22:33एग्जामिनेशन इंग्लैंड में होगा इंग्लिश

2:22:35लैंग्वेज में होगा और क्लासिकल लर्निंग ऑफ

2:22:37ग्रीक और लैटिन में होगा उम्र जो है वो

2:22:39घटती ही चली गई

2:22:47है वो 19 कर दी राइट हमने बात करी सत्यनाथ

2:22:50टैगोर इज द फर्स्ट पर्सन जिन्होंने इसको

2:22:51क्वालीफाई भी कर लिया राइट बट लॉट ऑफ

2:22:53इंडियस क्वालीफाइंग नहीं नाउ दिस इ

2:22:56स्टैचूट सिविल सर्विसेस लॉर्ड टन कोय

2:22:58वाहियात आईडिया आया कि हां हम जो है एक नई

2:23:01सर्विसेस शुरू करते हैं व्हि इज स्टैचूट

2:23:03सिविल सर्विसेस एंड दिस विल बी न सिथ ऑफ

2:23:06दी कोविड

2:23:08पोस्ट और इसमें हायरिंग कैसे होगी दोस्त

2:23:11इसमें हायरिंग ऐसे होगी कि ये वो लोग

2:23:13होंगे जो हमारे बहुत लॉयल है

2:23:17एलाइट फैमिली को बिलोंग करते हैं हम लोग

2:23:20इनको नॉमिनेट करेंगे और इनको जो है बना

2:23:22देंगे जो आपका स्टैचूट सिविल सर्वेंट वो

2:23:26हमारे लिए काम करेंगे ऐसा करके इन्होंने

2:23:28आईडिया दिया क्या यह सेम सेम जो है औधा है

2:23:31नहीं क्या सेम सैलरी है नहीं तो ये जो

2:23:34अलाइड फैमिली है कहेगी हमको नहीं चाहिए सब

2:23:37तो वेरी सून इट विल बी लाइक कि हां लोग

2:23:39उसमें इंटरेस्ट ही नहीं ले रहे वो कह रहा

2:23:40है भासे लाइट पैसे वाला आदमी हूं मैं

2:23:42क्यों ही जाऊंगा इस काम में नौकरी करूंगा

2:23:44तुम्हारी नहीं करेंगे तो टेक्निकली इसका

2:23:46कोई शाम नहीं है और दैट इज द रीजन कि विदन

2:23:498 इयर्स इट वास

2:23:51अबॉलिश्ड तो वेरी सून इट वाज अबॉलिश तो

2:23:54दिस वाज द आइडिया ऑफ स्टैचूट सिविल

2:23:56सर्विसेस राइट आगे दे आते

2:24:00हैं नाउ अब यह सब यह सब साइड में चल रहा

2:24:04था बट मीनवाइल 1885 1885 में आती है

2:24:08कांग्रेस

2:24:101885

2:24:11कांग्रेस अब कांग्रेस की देखो दो मेजर

2:24:14डिमांड जो बहुत ही वाजिब डिमांड है पहला

2:24:18पहली डिमांड है कि सर ये जो एग्जाम

2:24:20इंग्लैंड में करा रहे हो आप इंग्लैंड में

2:24:22होना ठीक है बट साइमल नियस इंडिया में भी

2:24:25होना चाहिए आप एक ही दिन एक ही साथ जो है

2:24:27आप इंग्लैंड में भी एग्जाम कराओ और इंडिया

2:24:29में भी एग्जाम कराओ ऐसा करके इन्होंने

2:24:31डिमांड रखी दूसरा साहब ये जो एज आपने रखी

2:24:34हुई है एज डज नॉट मेक सेंस इस एज को भी

2:24:37फिक्स करिए तो क्योंकि अब कांग्रेस आ चुकी

2:24:39है और कांग्रेस अपनी पॉलिटिकल डिमांड्स रख

2:24:41रही है तो उन्होंने यह वाला मुद्दा भी

2:24:43उठाया राइट है ना उन्होंने मुद्दा उठाया

2:24:46राइट कांग्रेस ने मुद्दा मुद्दा उठाया कि

2:24:47भाई एक तो जो है एज आप सही करिए राइट ये

2:24:5019 साल क्या होता है और दूसरा साइमल नियस

2:24:52एग्जाम जो है आप फिक्स करिए सो एक मुद्दा

2:24:56है इनका एज

2:25:00का एक मुद्दा उठाया इन्होने एज और दूसरा

2:25:05दूसरा साइमल नियस एग्जाम कराने की बात

2:25:08कही इंडिया में भी एग्जाम होना चाहिए ऐसा

2:25:11इन्होंने कहा तो जब ये आवाज उठी तो गलत तो

2:25:14कर ही रहे थे तो उनको थोड़ा सा ऐसा गलानी

2:25:17उनको रिग्रेट हुआ हा ठीक है चलो कोई बात

2:25:19नहीं तो एक कमीशन बिठाया गया इस बात को

2:25:21देखने के लिए इस बात को जो है समझने के

2:25:24लिए कि क्या किया जा सकता है एक कमीशन का

2:25:26गठन हुआ च एसन

2:25:30कमीशन 186 में तुरंत अगले ही साल वी हैव

2:25:35वन कमीशन कमिंग

2:25:37इन च

2:25:43न एसन

2:25:45कमीशन

2:25:48एसन कमीशन आइए देखते हैं एसन कमीशन की बात

2:25:51समझते हैं तो एसन कमीशन ने कहा कि देखो ये

2:25:54नाम जो है कोवेट सिविल सर्वेंट्स वगैरह

2:25:56राइट है ना ये नाम अब काफी मिसयूज सा हो

2:25:59रहा है राइट है ना इसी को रीडिफाइन कर

2:26:01देते हैं कहानी ही थोड़ी सी बदल देते हैं

2:26:03तो उन्होंने कहा कि आज से देखिए कोवेन और

2:26:06जो जो है यू नो लोअर पोस्ट है व्हिच इज

2:26:08कॉल्ड एज अनको वेलेंटेन कोवेट अनकोटेड

2:26:11थोड़ा सा डेरो गटरी सा हो रहा है कि हां

2:26:13कोई हायर पोस्ट है और कोई हायर पोस्ट नहीं

2:26:15है अच्छा नहीं लग रहा इसकी जगह व्हाट वी

2:26:17शुड हैव वी शुड हैव सिविल सर्विसेस में

2:26:20क्लासिफिकेशन बात हमें करनी चाहिए कि हां

2:26:22एक होगी सेंटर की सिविल सर्विसेस व्हिच

2:26:25विल बी इंपीरियल इंडियन सिविल सर्विसेस है

2:26:27ना आईसीएस दूसरी होगी प्रोविंशियल

2:26:30प्रोविंशियल सिविल सर्विसेस जो कि

2:26:31प्रोविंसेस में होगी और एक होगी उसके नीचे

2:26:34सबोर्डिनेट सिविल सर्विसेस तो इस तरह के

2:26:36तीन तरह तीन सिविल सर्विसेस होंगी और आप

2:26:38कह रहे हैं कि साइमल पेनियस एग्जाम तो हां

2:26:40भाई ठीक है जो प्रोविंशियल सिविल सर्विस

2:26:42है इसका एग्जाम आपका जो है कहां हो सकता

2:26:44है आपका इसका एग्जाम इंडिया में हो सकता

2:26:46है

2:26:48राइट है ना और ये जो आपकी दूसरी

2:26:49सबोर्डिनेट वाली है इसका भी इंडिया में हो

2:26:51सकता है लेकिन जो सबसे ऊपर वाली है

2:26:54इंपीरियल इंपीरियल वाली जो इंडियन सिविल

2:26:56सर्विसेस है यह अभी भी एग्जाम इंग्लैंड

2:26:58में ही रखो इसको ए इन्होने कहा चलो एज

2:27:01वाली बात आपकी मान लेते हैं बढ़ा देते हैं

2:27:03वापस 23 साल कर द तो एक इन्होंने एज बढ़ा

2:27:06दी दूसरा इंग्लैंड ही रखा बाकी ने नाम में

2:27:09फेर बदल कर दी राइट है ना तो इन्होंने नाम

2:27:12में फेर बदल कर दी तो नाम चेंज कर

2:27:14दिए कभी-कभी ये भी बड़ा सही आडिया होता है

2:27:17नाम बदल दो तो उन्होंने कहा कि कोवेंटरी

2:27:24इंडियन सिविल सर्विसेस और इसका एग्जाम

2:27:27कराएंगे इंग्लैंड में बाकी इंडिया में

2:27:30कराते रहो जो कराना है और एज कर दिया 23

2:27:33क्या प्रॉब्लम सॉल्व हो गई ऑन पेपर सॉल्व

2:27:36हो गई कि कोविड सिविल सर्विसेस की एज जो

2:27:39है ज्यादा थी या वो इंग्लैंड में हो रहा

2:27:40था नहीं नहीं नहीं कोविड सिविल सर्विसेस

2:27:42इंग्लैंड में अब नहीं होता अब होता है

2:27:44इंपीरियल इंडियन सिविल सर्विसेस राइट या

2:27:46फिर इंपीरियल सिविल सर्विसेस वो इंग्लैंड

2:27:48में होता है तो उन्होंने एक प्रॉब्लम

2:27:49सॉल्व कर दी और दूसरा ए ही प्रॉब्लम सॉल्व

2:27:51कर दी हम कह रहे थे भाई 19 कम है तो उसको

2:27:5323 कर दिया और दूसरा वो स्टैचूट सिविल

2:27:55सर्विसेस वगैरह अबॉलिश कर दी तो इन्होंने

2:27:57ही इसको अबॉलिश किया है राइट ये जो

2:27:59अबोलिशन हुआ है राइट इन्होंने ही कहा कि

2:28:01हां ये नहीं होना चाहिए यह फर्जी है

2:28:03वाहियात आईडिया है बंद कर दो

2:28:05इसको अभी भी कोई ब्रेक थ्रू हमको मिला है

2:28:08अभी भी कोई ब्रेक थ्रू नहीं मिला है अभी

2:28:09भी सिविल सर्विसेस में ऐसे ही हमारी

2:28:11एंट्री बहुत ज्यादा कुछ हो रही हो ऐसा

2:28:13डेवलपमेंट अभी भी कुछ भी यहां पर नहीं हुआ

2:28:15है नाउ इवन इन

2:28:191893 हमें लगेगा कि एक ब्रेक थ्रू और मिला

2:28:221893 में क्या

2:28:24होगा हाउस ऑफ कॉमनस

2:28:27में हाउस ऑफ कॉमनस के डिस्कशन में ऐसा कहा

2:28:32जाएगा कि हां चलो आज से साइमल नियस एग्जाम

2:28:36कराया

2:28:40जाए राइट है ना तो पहली बार हाउस ऑफ कॉमन

2:28:43में यह डिस्कशन होगा कि हां भाई जो है चलो

2:28:45साइमल नियस एग्जाम करा देते हैं राइट

2:28:47बात-बात हो गई कि साइमल पेनियस एग्जाम

2:28:49होगा हमने पूछा कब होगा तो ये जैसे ही सभा

2:28:52खत्म हुई सभा खत्म होने के बाद लोग भूल गए

2:28:55और फिर भी ये इंप्लीमेंट कभी हुआ नहीं तो

2:28:58सोचो वहां के पार्लियामेंट में भी ये

2:28:59डिस्कशन हो गया कि हां साइमल केनियस

2:29:00एग्जाम करा देंगे बट फिर भी जो है साइमल

2:29:03पेनियस एग्जामिनेशन हुआ नहीं साइमल नियस

2:29:05एग्जामिनेशन अभी भी नहीं हुआ अभी भी वो

2:29:07इंग्लैंड में ही हो रहा है और जब तक ये

2:29:09इंग्लैंड में होता रहेगा वी कैन

2:29:11अंडरस्टैंड कि हमारा कुछ होने वाला इसमें

2:29:13है नहीं राइट बहुत ही लिमिटेड लोग इसको

2:29:15एग्जाम देने जा सकते हैं इतनी दूर राइट और

2:29:17फिर ये सिलेबस एंड ऑल जोल दूसरी प्रॉब्लम

2:29:19है वो तो दूसरी प्रॉब्लम सिलेबस तो फिर भी

2:29:21हमें कुछ दे दो हम पढ़ डालेंगे राइट कुछ

2:29:22भी दे दो सिलेबस चेंज हुआ यूपीएससी ने कहा

2:29:25एथिक्स पढ़ के आओ हमने पढ़ ली कल्चर पढ़

2:29:27के आओ हमने पढ़ ली तो जो वो कहेगा पढ़ लो

2:29:29हम पढ़ लेंगे तो सिलेबस इज नॉट एन इशू

2:29:31मेजर इशू क्या है कि एग्जाम इंग्लैंड में

2:29:33हो रहा है हर किसी के बस की बात नहीं है

2:29:35इंग्लैंड जाना नाउ फाइनली फाइनली वक्त आया

2:29:40जो है यू नो 20 साल बीत गए स्वदेशी

2:29:42मूवमेंट भी हो गया होम रूल लीग के दौरान

2:29:45होम रूल लीग के बाद जब जो है हम बात करते

2:29:48हैं मंट फोल्ड रिफॉर्म की तो मंट फोल्ड

2:29:51रिफॉर्म

2:29:531918 अगला ब्रेक थ्रू हमें काफी टाइम बाद

2:29:561918 में मिलता

2:29:59है

2:30:011918 जब हम देखते हैं मंट फोर्ड

2:30:06रिफॉर्म हम लोग अभी थोड़ी देर पहले बात कर

2:30:08ही रहे थे मट फोल्ड रिफॉर्म मंटेक चम्स

2:30:10फॉर रिफॉर्म तो यहां पर कहा गया कि भाई

2:30:13बात सही है कि हां साइमल नियस एग्जाम भी

2:30:15होना चाहिए फॉर्म मोंटे वाज वेरी मच यू

2:30:17कैन से इन आवर फेवर उन्होंने बहुत कोशिश

2:30:20करी कि हां जो है यू नो अच्छा हो जाए कुछ

2:30:22बेटर हो जाए लेकिन कर नहीं पा रहे थे तो

2:30:24क्योंकि कोई और सपोर्ट ही नहीं कर रहा

2:30:26अकेले वही चाहते हैं कि हां कुछ अच्छा हो

2:30:27जाए तो पॉसिबल तो देखो ऐसे नहीं होता

2:30:29अकेले आदमी के चाहने से तो नहीं होगा

2:30:31क्योंकि क्योंकि पूरा सिस्टम जो है उनके

2:30:33यहां पे खिलाफ है तो फिलहाल तो मोंटेक ने

2:30:36कहा कि देखो कम से कम 33 पर इंडियन होने

2:30:40चाहिए कि सिविल सर्विसेस में 33 पर इंडियन

2:30:44रिक्रूटमेंट हो और हर साल कम से कम 1 पर

2:30:47और

2:30:51बढ़ाओ हर साल क्या हो % एनुअली और इसको

2:30:55बढ़ाया जाए तो इन्होंने एक बढ़िया सिस्टम

2:30:58इन वसाच किया कि कम से कम इंडियंस की

2:31:00हायरिंग एक तिहाई हायरिंग तो करो और क्या

2:31:02ही चाह रहे हो राइट तो कम से कम 1 थर्ड

2:31:05हायरिंग बेयर मिनिमम बेयर मिनिमम हायरिंग

2:31:08यहां पर जो है 1/3 आपकी होनी चाहिए अंडर

2:31:11अंडर दी अंडर दी एग्जामिनेशन प्लस साइमल

2:31:14नियस एग्जाम भी होना चाहिए इन्होंने कहा

2:31:16हां भाई साइमल पेनियस एग्जाम भी होना

2:31:18चाहिए दोनों बातें ठीक

2:31:20है तो अब इसके बाद हमारा साइमल नियस

2:31:23एग्जाम पहली बार होगा राइट तो पहला साइमल

2:31:27पेनियस एग्जाम हो रहा है 1922

2:31:30में 1922 फाइनली हो पाया इलाहाबाद में हो

2:31:34रहा है

2:31:36ये राइट तो अलाहाबाद में पहली बार साइमल

2:31:38नियस एग्जाम होगा आइए देखते हैं तो हम बात

2:31:40कर रहे हैं जो है हम बात कर रहे हैं कि

2:31:42एचएसएन कमीशन के बाद हाउस ऑफ कॉमंस में भी

2:31:44बात हुई लेकिन क्या उसमें कुछ

2:31:46इंप्लीमेंटेशन हुआ नहीं कोई इंप्लीमेंटेशन

2:31:48नहीं हुआ दिस रेजोल्यूशन पूरा पास करने के

2:31:50बाद मुकर गए लोग इंप्लीमेंट ही नहीं किया

2:31:53और दूसरा दूसरा अच्छा बीच में एक

2:31:55सेक्रेटरी ऑफ स्टेट आए दिस इज

2:31:579495 ईयर इज नॉट इंपॉर्टेंट बट फिर भी 95

2:32:01ये क्या कह रहे हैं कि हां भाई एडिक्ट

2:32:03नंबर ऑफ सिविल सर्विसेस शैल बी यूरोपियन

2:32:06इसका कोई और चारा है ही नहीं राइट हमें

2:32:09अपना राज्य चलाने के लिए यूरोपियन ही

2:32:11चाहिए रिक्रूटमेंट में ऐसा ये मानते हैं

2:32:13तो फिलॉसफी ही जब उधर की तरफ है तो फिर

Montford Reforms

2:32:15क्या ही कर सकते हो यही रीजन है कि

2:32:16इंप्लीमेंट नहीं हो

2:32:18पाया नाउ तो मन फड रिफॉर्म तो मोड फड

2:32:21रिफॉर्म में या मन फड रिफॉर्म में पहली

2:32:23बार हमें लगा कि चीजें थोड़ी सुधर रही है

2:32:25तो मोन फोर्ड रिफॉर्म में जो है मन फोर्ड

2:32:26कहते हैं मोंटेक कहते हैं मोंटेक कहते हैं

2:32:29कि इ रिस्पांसिबल गवर्नमेंट इज टू बी

2:32:30एस्टेब्लिश इन इंडिया है ना अगर सच में एक

2:32:33रिस्पांसिबल गवर्नमेंट चाहते हो तो इन दैट

2:32:35केस इट इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट कि मोर

2:32:37इंडियंस वी कैन एंप्लॉय इन पब्लिक सर्विस

2:32:39तभी सही होगा तो कहते हैं हां भाई साइमल

2:32:41पेनियस एग्जामिनेशन कराइए 1922 में हुआ बस

2:32:43वन थर्ड रिक्रूटमेंट होना चाहिए इंडिया

2:32:45में जो जो है टू बी मेड इन इंडिया इट

2:32:47सेल्फ यस प्लस हर साल 1 पर का इंक्रीमेंट

2:32:50होना चाहिए दिस इज समथिंग वी आर एनवीसा

2:32:52इतना तो कम से कम होना चाहिए तो पहली बार

2:32:55थोड़ा सीरियस हमको जो है किसी का वादा लगा

2:32:57कि हां चलो ठीक है कोई तो सीरियस है इस

2:32:59मामले में कह रहा है कि हां ऐसा कुछ होना

2:33:01चाहिए तो बात आगे

2:33:03बनेगी तो

2:33:08फाइनली इसी बात को इंप्लीमेंट करने के लिए

2:33:111924 में भेजा गया ली कमीशन को राइट ली

2:33:14कमीशन इसी बात को इंप्लीमेंट करेगा

2:33:16ली कमीशन स

2:33:241924 या 1924 वी हैव ली

2:33:30कमीशन ली कमीशन नाउ ली कमीशन कहेगा कि

2:33:34देखो हमें चाहिए कि ब्रिटेन और इंडियंस

2:33:37राइट एक पॉइंट प आके दोनों बराबर होने

2:33:39चाहिए तो टेक्निकली हमको 5050 पैरि

2:33:43चाहिए जितने इंडियस उतने ही यूरोपियन होने

2:33:47चाहिए तो 50-50 पैरि चाहिए विद इन फाइव

2:33:50इयर्स 5 साल के अंदर हमको 50-50 पैरि

2:33:53चाहिए होगी प्लस क्योंकि अब इंडिया में ही

2:33:56एग्जाम ऑर्गेनाइज कराना है समझो इस बात को

2:33:58कि जब इंडिया में ही एग्जाम ऑर्गेनाइज

2:33:59कराना है तब हमको एक ऐसी सर्विस कमीशन

2:34:02हमको यहां पे चाहिए होगा एक पब्लिक सर्विस

2:34:05कमीशन हमको एस्टेब्लिश करना होगा तो

2:34:07इन्होंने बात कही कि एक पब्लिक सर्विस

2:34:09कमीशन भी चाहिए जिसके तहत अब 1926 में

2:34:12यूपीएससी आएगा 1926 यूपीएससी विल बी

2:34:17एस्टेब्लिश है ना तो इस तरीके से पहला

2:34:19स्टेट सर्विस कमीशन हमको जो है पब्लिक

2:34:21सर्विस कमीशन हमको दिखाई देगा इन

2:34:241926 तो दिस इज टेक्निकली ली कमीशन टॉकिंग

Lee Commission

2:34:27अबाउट कि हां सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की जो

2:34:29बात है कि हां बढ़ाना होगा तो कह रहे है

2:34:31कि सेक्रेटरी ऑफ स्टेट शुड स्टिल कंटिन्यू

2:34:33अभी उन्हीं को रिक्रूट करना होगा जो कि

2:34:35सेंट्रल सर्विसेस है जैसे कि इंडियन सिविल

2:34:37सर्विसेस इरिगेशन सर्विसेस फॉरेस्ट

2:34:39सर्विसेस राइट ये सारा रिक्रूटमेंट

2:34:40सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के द्वारा ही होगा

2:34:42प्लस प्लस जो ट्रांसफर्ड फील्ड्स है तो

2:34:461919 में हमने कहा था कि हां कुछ

2:34:48ट्रांसफर्ड सब्जेक्ट्स भी हैं ट्रांसफर

2:34:50सब्जेक्ट्स में जो हायरिंग है वह आपकी

2:34:52प्रोविंशियल गवर्नमेंट कर सकती है यस

2:34:54प्रोविंशियल गवर्नमेंट कर सकती है प्लस

2:34:56डायरेक्ट रिक्रूटमेंट टू दी इंडियन सिविल

2:34:59सर्विसेस ऑन द बेसिस ऑफ़ 5050 पैरि यह

2:35:02हमको बराबरी चाहिए इंडियंस और यूरोपिय में

2:35:04और विदन विद इन 15 इयर्स नॉट फाइव इयर्स

2:35:07विद इन 15 इयर्स ही पैरि हमको रीच करनी

2:35:09होगी मतलब बाय 1940

2:35:12समवेत आधे आधे हो जाने चाहिए प्लस एक

2:35:16पब्लिक सर्विस कमीशन भी एस्टेब्लिश हो

2:35:18जाना चाहिए इमीडिएट ताकि ताकि ये सारी

2:35:21चीजें एग्जामिनेशन बॉडी वगैरह सारा सिलेबस

2:35:24इंटरव्यू सब कुछ यहां पे कंडक्ट कर सके

2:35:26राइट सो नाउ नाउ वी हैव दिस यू कैन से

2:35:28प्रॉपर सिस्टम अब थोड़ा विजन भी है कि कम

2:35:30से कम 50-50 की तो बात इन्होंने यहां पे

2:35:32रख दिए तो धीरे-धीरे होता रहेगा बट स्टिल

2:35:35स्टिल जो है बात बात बहुत दूर नहीं जा रही

2:35:38ऐसा नहीं कि हां कुछ बहुत अचीव हो गया है

2:35:40राइट है ना कि हां हमें ऐसे सिविल

2:35:41सर्वेंट्स मिल गए हैं जो हमारे बारे में

2:35:43ही सोचेंगे दिस इज नॉट हैपनिंग बिकॉज

2:35:45सिस्टम तो उन्हीं का है सिस्टम तो

2:35:46अंग्रेजों का ही है तो मोस्ट ऑफ द पीपल हु

2:35:48आर हायर्ड वो सिस्टम में ही मिल जाएंगे

2:35:50उन्हीं के साथ ऑपरेट करने लगेंगे राइट तो

2:35:52ऐसा नहीं होगा कि हां इट इज गोइंग टू

2:35:53हेल्प अस अ लॉट नेक्स्ट नेक्स्ट 1935 का

2:35:57एक्ट जब आएगा तो क्योंकि फेडरेशन की बात

2:35:59करी हमने अभी थोड़ी देर पहले पढ़ रहे थे

2:36:02फेडरेशन तो होगा कि हां भाई एक फेडरल

2:36:04पब्लिक सर्विस कमीशन होना चाहिए फेडरेशन

2:36:07के लिए और एक आपका प्रोविंशियल पब्लिक

2:36:09सर्विस कमीशन होना चाहिए यानी प्रोविंसेस

2:36:11में इस तरह के प्रोविंशियल पब्लिक

2:36:12सर्विसेस कमीशन होना चाहिए तो ये बात

2:36:15इन्होंने एक और ऐड कर दी इन

2:36:201935

2:36:241935 एक चीज लास्ट और ऐड कर लो इज फेडरल

2:36:28पब्लिक सर्विस कमीशन एंड प्रोविंशियल

2:36:30पब्लिक सर्विस

2:36:32कमीशन दिस इज इट डन राइट है ना थोड़ा सा

2:36:35थोड़ा सा कुछ बछ हो गया लेकिन हां जो है

2:36:37यू नो आई होप आप साफ सुथरा बनाएंगे आपके

2:36:39पास जगह भी ज्यादा होगी आप अकॉर्डिंग

2:36:40क्रिएट करिएगा

2:36:42स तो हमने देखा कि फाइनली फाइनली हमने

2:36:46कुछ-कुछ 50-50 तक की बात अचीव तो कर ली बट

2:36:48दिस इज नॉट गोइंग टू हेल्प अस अ लॉट

Govt. of India act

2:36:50स्पेशली हमारी आजादी की लड़ाई में क्या यह

2:36:53बहुत हेल्पफुल है नहीं क्यों क्योंकि

2:36:55कंट्रोल और अथॉरिटी अंग्रेजों के ही पास

2:36:57है राइट खाली इंडिना इजेशन से क्या हमारा

2:36:59स्वराज अचीव हो जाएगा नहीं बात तो अभी

2:37:02पूरी तरह से नहीं बनेगी प्लस प्लस जो है

2:37:04हमें चाहिए होगा सिर्फ और सिर्फ आजादी तो

2:37:07सिंस द इंडियन ब्यूरोक्रेट्स एक्टेड एज द

2:37:08एजेंट्स ऑफ द कॉलोनियल रूल तो इट वाज नॉट

2:37:11गोइंग टू हेल्प अस अ लॉट ठीक है इस तरीके

2:37:13से डेवलपमेंट हुआ बट आजादी ही हमको पू

2:37:15पूरी तरह से सॉल्व हमारा ये प्रॉब्लम

2:37:17सॉल्व कर सकती थी बिकॉज इन दी एंड दे वर

2:37:19देयर एंप्लॉई सिविल सर्वेंट्स र देयर

2:37:21एंप्लॉई तो क्या ही एक्सपेक्ट कर सकते हो

2:37:23आप भाई सैलरी उनसे ले रहे हैं राइट ना तो

2:37:25और क्या ही एक्सपेक्टेशन आप कर सकते हो

2:37:27थोड़ा लीनियंट हो सकते हैं बट फिर भी जो

2:37:29सिस्टम कहेगा करना पड़ेगा तो यहां से ब

2:37:31यहां से इंडिना इजेशन विल नॉट हेल्प अस अ

2:37:32लॉट की इंडिना इजेशन हो गया तो बहुत कुछ

2:37:34अच्छा हो गया राइट हां बेटर हो जाएगा

2:37:36थोड़ा सा बट इट इज नॉट लाइक कि हमारा

2:37:38सोल्यूशन है इससे हमें जो है यू नो अपनी

2:37:40फीलिंग आने लग जाएगी वो चीज यहां पे विद

2:37:43दिस इंडिना इजेशन नहीं होने वाला

2:37:46चलिए सो लशन ऑ सिविल सर्विसेस हमने बीच

2:37:48में बात कर ली है तो अब मैं चाहूंगा कि आप

2:37:50इसे पढ़े क आगे बढ़ाते हमने लशन ऑफ सिविल

2:37:53सर्विसेस पढ़ ली कहानी में पढ़ते हैं

2:37:55पुलिस

2:37:56सिस्टम अगली पॉलिसी पढ़ने वाले हैं इ

2:37:59अबाउट पुलिस सिस्टम इन मॉडर्न इंडिया आइए

2:38:02देखते हैं पुलिस सिस्टम तो कहानी शुरू

Evolution of police in modern India

2:38:06करते हैं थोड़ा सा प्री कोलोनियल इंडिया

2:38:08के

2:38:11साथ प्री कोलोनियल

2:38:14इंडिया

2:38:16कि जैसे जो मुगल एरा हुआ करता था राइट

2:38:19मुगल्स की बात अगर हम

2:38:21करें मुगल्स या फिर बाकी सल्तनत कोई भी ले

2:38:24लो स्पेशली मुगल्स की हम बात करें तो क्या

2:38:26होता था कि गांव के लेवल पे विलेज विलेज

2:38:30लेवल पे ऐसा नहीं है कि कोई बहुत फॉर्मल

2:38:32पुलिस सिस्टम एजिस्ट करता है तो अ फॉर्मल

2:38:35पुलिस सिस्टम बिफोर ब्रिटिशर्स

2:38:39पुलिस क्या ऐसा कोई सिस्टम एजिस्ट करता है

2:38:42कि पुलिस फोर्सेस है कोई सिस्टम है ऐसा

2:38:44कोई सिस्टम है नहीं

2:38:46तो गांव में गांव में जो है ऐसे वच गार्ड

2:38:50होते थे जो रात को पहरा देते थे है ना

2:38:53जागते रहो टाइम क्या यह पुलिस वाले हैं

2:38:56क्या यह ट्रेंड है नहीं ना ही ये ट्रेंड

2:38:58है ना ही ये पुलिस वाले हैं बट दे आर मोर

2:39:00लाइक गार्ड्स तो गांव के लेवल पर क्या

2:39:02होते थे वच गार्ड्स होते थे बट इसके अलावा

2:39:04क्या जो है यू नो कोई और सेपरेट पुलिस

2:39:07सिस्टम है नहीं ऐसा कोई सेपरेट पुलिस

2:39:09सिस्टम नहीं है इनफैक्ट इसको थोड़ा सा जो

2:39:11है ऐसे

2:39:13समझिए कि उनके कुछ ऑफिसर है मान लो कि

2:39:16बहुत सारे गांव है ऐसे और यह जो पूरा

2:39:19एरिया है यह अंग्रेज मुगल्स की लेट से एक

2:39:22डिस्ट्रिक्ट

2:39:24है अब डिस्ट्रिक्ट लेवल पर कुछ ऑफिसर्स

2:39:27होते हैं जैसे कि एक ऑफिसर है

2:39:30फौजदार उसका नाम ही देखो फौजी है फौजदार

2:39:33तो फौजदार का पर्पस है कि अगर कोई रूरल

2:39:36डिस्ट्रिक्ट है तो इस एरिया में वो देखेगा

2:39:39लॉ एंड

2:39:41ऑर्डर लॉ एंड

2:39:43ऑर्डर राइट लॉ एंड ऑर्डर देखेगा बट वो

2:39:46क्या पूरा ऐसा सिस्टम बनाएगा कि हां एक

2:39:48आदमी ये जो है यू नो इंस्पेक्टर जनरल है

2:39:50उसके नीचे दरोगा है ऐसा करके कोई सिस्टम

2:39:52ऐसा करके कोई सिस्टम नहीं है सच राइट सो

2:39:55नाउ तो एक फौजदार होगा जिसकी जिम्मेदारी

2:39:57होगी सिमिलरली एक दूसरा डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर

2:39:59है जिसका नाम है

2:40:01आमिल आमिल का पर्पस है रेवेन्यू

2:40:08कलेक्शन रेवेन्यू कलेक्शन बट कभी-कभी कुछ

2:40:11लोग कुछ गांव वाले कह देते हैं कि हम नहीं

2:40:13देंगे रेवेन्यू जो करना है कर लो राइट तो

2:40:16टेक्निकली इवन आमिल हैज टू हैंडल द

2:40:19रिबेलियंस कि कल को अगर कोई रिबेल कर दे

2:40:22तो आमिल हैज टू हैंडल तो कुछ हद तक इस तरह

2:40:26का पुलिस सिस्टम आमिल भी हैंडल करता था

2:40:28प्लस फौजदार तो फौजदार और आमिल एक लॉ एंड

2:40:31ऑर्डर देख रहा है एक रेवेन्यू देख रहा है

2:40:33डिस्ट्रिक्ट लेवल पे इन्हीं ऑफिसर्स के

2:40:35ऊपर जिम्मेदारी है या प्रॉपर पुलिस देखने

2:40:37के लिए या प्रॉपर लॉ एंड या क्रिमिनल

2:40:39सिस्टम या ऐसा कुछ और सिस्टम एजिस्ट कर

2:40:42रहा है नहीं दे आर नॉट प्रॉपर्ली यू कैन

2:40:43से सपोर्टेड राइट है ना कैसे कैसे काम चल

2:40:46रहा है अगर कोई शहर है शहर राइट सिटी है

2:40:50दिस इ सिटी तो क्योंकि सिटी में ट्रेडिंग

2:40:53है पैसा ज्यादा है तो यहां पर एक

2:40:54डेडिकेटेड आदमी रखा गया है जिसका नाम है

2:40:57कोतवाल जो यहां पर लॉ एंड ऑर्डर देखता है

2:41:00तो ऐसा नहीं कि ऑफिसर ही नहीं है ऑफिसर तो

2:41:02है पर प्रॉपर सिस्टम नहीं है इसको सपोर्ट

2:41:05करने के लिए गांव के लेवल पर भी ऑफिसर है

2:41:07और विलेज के लेवल पर भी ऑफिसर

2:41:09है प्लस प्लस इसके साथ साथ जो है इस

2:41:13सिस्टम को सपोर्ट करने के लिए वगार्ड रख

2:41:16दिया प्लस प्लस मान लीजिए को जमीदार है

2:41:20जमीदार तो जमीदार जो होते थे जमीदार के

2:41:23प्लास अपने कुछ लठ होते थे रा अपने कुछ लठ

2:41:27या छोटी सी फोर्स जो है हुआ करती थी यह भी

2:41:31यह भी जो है हेल्प किया करते थे जो भी

2:41:33फौजदार वगैरह है या थोड़ा बहुत लॉ एंड

2:41:36ऑर्डर ऐसा जिम्मेदारी तो नहीं है बट लॉ

2:41:39एंड ऑर्डर को असिस्ट कर सकते

2:41:42थे इनफैक्ट जमीदारों की जिम्मेदारी थी

2:41:46सिविल

2:41:48जस्टिस कि यहां कुछ झगड़ा हो गया दो

2:41:51फैमिली में राइट एक कह रहा है कि हां ये

2:41:53इनकी गाय हमारे यहां घुस गई कोई कह रहा है

2:41:55कि जो इनका पेड़ हमारे घर गिर गया कोई कह

2:41:56रहा है हमारे पेड़ से आम तोड़ के ले गया

2:41:58इस तरह का जो भी छोटा मोटा झगड़ा है

2:42:00फैमिली जो है फ्यूड है बंटवारे में

2:42:02दिक्कतें हैं तो उसमें जमींदार के पास लोग

2:42:04जाते थे जमींदार से कहते थे कि साहब हेल्प

2:42:06कर दो बताओ क्या करना है राइट हां तो वो

2:42:08थोड़ा सा वो देख लेता था बट अदर वाइज अगेन

2:42:10एज आई सेड स्पेशली लेटर मुगल्स के टाइम है

2:42:13ना इसको थोड़ा सा और डिफाइन करें तो

2:42:15स्पेशली अंडर लेटर मुगल्स

2:42:17ऐसा कोई प्रॉपर सिस्टम एजिस्ट कर ही नहीं

2:42:20रहा था यही रैंडम सिस्टम कुछ-कुछ चल रहा

2:42:23था कि कुछ फौजदार देख लेगा तो कुछ आमिल

2:42:25देख लेगा तो कुछ जमीदार देख लेगा तो गांव

2:42:27का जो है चौकीदार देख लेगा राइट शहर अगर

2:42:30कोई है तो कोतवाल देख ले इस तरह का रैंडम

2:42:33सिस्टम एजिस्ट करता था नाउ अब आते हैं

2:42:36अंग्रेजों के टाइम अंग्रेजों के टाइम में

2:42:40अगर हम ऑब्जर्व

2:42:43करें तो एक हमने सीखा अंग्रेजों से पहले

2:42:46मुगल

2:42:48सिस्टम

2:42:49मुगल नाउ जो डुअल गवर्नमेंट वाला टाइम है

2:42:52अगेन लेट्स स्टार्ट फ्रॉम देयर 1765 से

2:42:5672 डुअल

2:42:59गवर्नमेंट डुअल गवर्नमेंट ना डुअल

2:43:02गवर्नमेंट के टाइम में यह मुगल वाला

2:43:04सिस्टम कुछ टाइम तक कंटिन्यू करेंगे क्यों

2:43:06कंटिन्यू करेंगे क्योंकि रातो रात अंग्रेज

2:43:08कोई जिम्मेदारी ले ही नहीं रहे राइट

2:43:10अंग्रेज कुछ नहीं कह रहे तो दिस सिस्टम

2:43:12विल कंटिन्यू फॉर सम

2:43:14टाइम

2:43:16राइट प्लस यह सिस्टम कंटिन्यू कर रहा है

2:43:19अंडर वन दीवान जिनका नाम था मोहम्मद रिजा

2:43:22खान याद आया अभी पीछे हम बात कर रहे थे कि

2:43:25मोहम्मद रिजा खान जो है डेप्युटी डिपी

2:43:28कलेक्टर है ना कि हां जो दीवानी सिस्टम

2:43:30लिया है तो डेप्युटी दीवान जो है वो

2:43:32मोहम्मद रिजा खान है तो मोहम्मद रिजा खान

2:43:35जो है यह पुलिस सिस्टम कंटिन्यू करेंगे

2:43:37फॉर सम टाइम कि हां यही फौजदार वगैरह है

2:43:39जमीदारों की मदद से कुछ कुछ ये सिस्टम

2:43:41यहां पर मेंटेन करने की कोशिश करेंगे बट

2:43:44बट दे सून रिलाइज कि हां जो क्राइम रेट है

2:43:47वो बढ़ता ही जा रहा है क्राइम रेट बिल्कुल

2:43:50बढ़ता जा रहा है प्रॉब्लम सॉल्व हो रही है

2:43:52नहीं दैट वाज द रीजन कि हां इनको इन्होंने

2:43:55कहा कि जब क्राइम रेट बढ़ता ही जा रहा है

2:43:56कुछ सॉल्व नहीं हो रहा तो 1770 तक आते-आते

2:43:59जो आमिल थे उनको भी फायर कर दिया कि तुम

2:44:02निकलो हम देख लेंगे और जो फौजदार थे उनको

2:44:04भी फायर कर दिया तो अभी जो रैंडम सिस्टम

2:44:08था ये और रैंडम हो गया अब समझ नहीं आ रहा

2:44:10कि होगा कैसे है ना तभी तो सिस्टम ब्रेक

2:44:11डाउन है तभी तो ड्यूल गवर्नमेंट के टाइम

2:44:13में इतना ऑपरेशन हो रहा है करप्शन हो रहा

2:44:15है सिचुएशन काफी खराब है तो पुलिस अगर हम

2:44:17देखें तो पुलिस सिस्टम और ब्रेकडाउन सा

2:44:20दिख रहा है जो जो रैंडम से लोग रहा करते

2:44:22थे कुछ ऑफिसर्स थे जो कुछ कुछ देखते थे अब

2:44:25वह भी फायर हो

2:44:27चुके नाउ अब 1772 में आए आपके वरन

2:44:30हेस्टिंग्स वरन हेस्टिंग्स हड़बड़ा हुए

2:44:33समझ नहीं आ रहा क्या करें राइट सो नाउ दिस

2:44:35इ द एरा ऑफ वरन हेस्टिंग्स टिल

2:44:4185 राइट वरन हेस्टिंग्स तो वरन हेस्टिंग्स

2:44:44की एंट्री होती है वरन हेस्टिंग्स कहेंगे

2:44:46कि भाई फौजदार को वापस ओ यह कुछ समझ में

2:44:49नहीं आ रहा क्या करना है क्या नहीं करना

2:44:50है तो देन इन

2:44:551774 अगेन ऐसा सब कुछ नहीं रटना बस हम

2:44:58कहानी सुन रहे ताकि थोड़ा सा ध्यान रहे

2:45:00राइट तो कहेंगे भाई फौजदार को जो है वापस

2:45:02लेकर आओ राइट वापस हायरिंग

2:45:05करो प्लस

2:45:08प्लस प्लस जो

2:45:11है जमीदारों को बोलो कि हां उनकी मदद कर

2:45:19राइट है जमीदारों को बोला जाए कि हां भाई

2:45:21जो है उनको उनकी मदद यहां पर करें प्लस

2:45:24फौजदारी थाने वगैरह इधर उधर य लोग बनवाए

2:45:27गजली ही विल रिलाइज य सिस्टम वर्क कर नहीं

2:45:30रहा है तो यहां पर ही विल से कि चलो ठीक

2:45:33है अगर य सिस्टम वर्क नहीं कर रहा तो लेट

2:45:35मी हायर सम ऑफिसर्स जैसे कि इंग्लिश

2:45:41मजिस्ट्रेट जिनका काम क्या है जिनका काम

2:45:44है एंड डर देखना धीरे धीरे जो फौजदार है

2:45:48धीरे धीरे फौजदार रिप्लेस होने लगेंगे और

2:45:50उनकी जगह अब उस डिस्ट्रिक्ट में एक ऑफिसर

2:45:53आएगा जो कि है डीएम डिस्ट्रिक्ट का

2:45:55मजिस्ट्रेट ना जो सिस्टम हम देख रहे

2:46:00थे य जो सिस्टम हम देख रहे हैं या फिर एक

2:46:03दूसरा

2:46:04बनाले यही पर

2:46:06करते दूसरा बना ना सिस्टम

2:46:11में सिस्टम में वट वी आर र्विंग हा अगर को

2:46:15डिक्ट है इसके ऊपर अब डिस्ट्रिक्ट

2:46:17मजिस्ट्रेट धीरे-धीरे लाया जा रहा है जो

2:46:20कि क्या है जो कि ब्रिटिश है इसकी

2:46:24जिम्मेदारी है लॉ एंड ऑर्डर को एस्टेब्लिश

2:46:26करना देख रेख करना डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट

2:46:29बट अगेन दिस इज द एरा ऑफ दिस इज द एरा ऑफ

2:46:32जो है वरन हेस्टिंग्स राइट हम बात कर रहे

2:46:35हैं वरन

2:46:36की हु इज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्गेनाइजर अभी

2:46:40बात करी थी राइट एडमिनिस्ट्रेटिव

2:46:41ऑर्गेनाइजर कुछ भी ढंग का करते कुछ भी ढंग

2:46:44का नहीं करते डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को

2:46:45जिम्मेदारी दे दी कि हां भाई लॉ एंड ऑर्डर

2:46:47देखो उसने पूछा कैसे दिखेंगे साहब क्या

2:46:49करेंगे तो कहेंगे ठीक है आपकी मदद के लिए

2:46:52हम हेल्प के लिए बोल देते हैं जमीदारों को

2:46:56तो जमीदार आपको रिपोर्ट करेंगे दे विल बी

2:46:58सब सर्विए टू यू एंड एंड धीरे-धीरे सिस्टम

2:47:02में आप जो है लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने की

2:47:05कोशिश करिएगा तो जमीदारों को कुछ-कुछ

2:47:07पुलिस फंक्शन दिया जा रहा है यस जमींदारों

2:47:10के भरोसे कि हां भाई आपके पास चार पांच लठ

2:47:12इत हैं राइट है ना इस एरिया का पुलिस

2:47:13फंक्शन आप देखिए है ना कुछ भी जो भी कुछ

2:47:16हो रहा है प प्लीज आप फिक्स करिए तो इस

2:47:18तरह का इन्होंने इनिशियल जो है यू नो पैच

2:47:20सिस्टम बनाने की कोशिश करी कि हां रफल काम

2:47:22चल जाए सो सो सो दिस वाज वरन हेस्टिंग्स

2:47:25रफ सिस्टम जिसमें इंग्लिश मजिस्ट्रेट के

2:47:28साथ ये रिप्लेस कर रहे हैं प्लस कह रहे

2:47:30हैं कि हां जो जमीदार है जमींदार इसकी मदद

2:47:32करेगा जमींदार सिस्टम में बना हुआ इसीलिए

2:47:35तुम देखते हो जब अभी हम बात कर रहे थे कि

2:47:37भाई आप लोगों ने नोटिस किया कि हां जो हम

2:47:40बात कर रहे थे कि जब सीटें एलोकेट करी जा

2:47:42रही थी तो जमीदारों को स्पेशल सीटें दी जा

2:47:45रही थी हा छ कंसीट जमीदारों की है क्यों

2:47:47क्योंकि ये जमीदारी सपोर्ट शुरू से चला

2:47:49रहा है राइट है ना ये लॉयल्टी जो है ये

2:47:51बहुत पुरानी है ट इज द रीजन की बनता है कि

2:47:53हां वो जो है सपोर्ट बना के रखें राइट

2:47:56लैंड रेवेन्यू वगैरह में हर चीज में उनका

2:47:57सपोर्ट इंपॉर्टेंट है क्योंकि यह सपोर्ट

2:48:00शुरू से ही चला रहा है तो इन्हीं को बोल

2:48:02दिया कि हां भाई आप ध्यान

2:48:04रखिए अब इनका सारा रायता समेटने के लिए

2:48:07बुलाया गया किसको कन्वोस

2:48:09को नाउ वी हैव कवल कमिंग इन जो कि 93 तक

2:48:13रहेंगे और इसमें

2:48:161791 दिस इ द पॉइंट जहां पर कन्वोस विल

2:48:20रिफॉर्म द पुलिस फोर्स कोलिस सेट अप दिस

2:48:26कलिस एंड कलिस ल सेट अप रेगुलर पुलिस

2:48:36फोर्स तो कलिस की पुलिस फोर्स थोड़ा समझने

2:48:39की कोशिश करते हैं कि हा इन्होने क्या

2:48:40किया पुलिस फोर्स में ट

2:48:43आते

2:48:54या तो एक हमने बात करी जो है मुगल सिस्टम

2:48:57में कैसा रहा करता था राइट आमिल और फौजदार

2:48:59की बातें करी कि आमिल जो है वो रेवेन्यू

2:49:01कलेक्ट करता है और फौजदार जो है वो लॉ एंड

2:49:03ऑर्डर वगैरह मेंटेन करता था फिर हमने बात

2:49:06करी कि हां 65 से 72 के बीच में हालत खराब

2:49:08हो गई थी यस क्राइम रेट बढ़ता ही जा रहा

2:49:10है प्रॉब्लम बढ़ती जा रही है फिर हम बात

2:49:12कर ें कि वरन हेस्टिंग के टाइम में ये

2:49:13सुधरा था नहीं सुधरा नहीं था नाउ वी आर

2:49:15डिस्कसिंग कन्वोस का कन्वोस का जो है

2:49:18रेगुलर पुलिस फोर्स किस तरीके का है आइए

2:49:20इसको समझने की कोशिश करते हैं कि क्या

2:49:22इन्होंने

2:49:23किया नाउ

2:49:26अगेन सी

2:49:29कवस कवस क्या कह रहे हैं

2:49:35कि लेट से यह पूरा एरिया

2:49:41है या इसमें इसमें मान लेते हैं कि लेट्स

2:49:45से ये एक डिस्ट्रिक्ट है

2:49:48डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रिक्ट की जिम्मेदारी जो

2:49:51है डिस्ट्रिक्ट की जिम्मेदारी बनती है

2:49:53डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की डीएम अभी देखा

2:49:56था

2:49:57हमने एक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी है इस

2:50:01पूरे डिस्ट्रिक्ट का लॉ एंड

2:50:03ऑर्डर करेक्ट प्लस प्लस अब इस डिस्ट्रिक्ट

2:50:07को अगर हम डिवाइड कर दे ऐसी छोटी-छोटी

2:50:10यूनिट्स

2:50:11में है ना कि हां ऐसा 400 स्क्वायर माइल

2:50:15का अगर एक यूनिट हम मान ले 400 स्क्वायर

2:50:17माइल ऐसा रफ एस्टीमेट कि 400 स्क्वायर

2:50:20माइल्स का अगर हम एक यूनिट मान ले तो इसके

2:50:22ऊपर बैठा हो एक

2:50:25एसपी तो हर 400 स्क्वायर माइल प होगा एक

2:50:28एसपी मतलब सुपरिटेंडेंट ऑफ

2:50:37पुलिस जो कि रिपोर्ट करेगा मजिस्ट्रेट को

2:50:41तो पूरी डिस्ट्रिक्ट में ऐसे हो सकता है

2:50:43मल्टीपल एसपी है छोटे डिस्ट्रिक्ट होगा तो

2:50:45एक ही एसपी होगा तो एसपी जो है वो

2:50:47डिस्ट्रिक्ट को जो है हेड कर रहा है अब इस

2:50:51डिस्ट्रिक्ट में अगेन यह जो डिस्ट्रिक्ट

2:50:54है इस डिस्ट्रिक्ट को थोड़ा सा जो है इसको

2:50:56थोड़ा सा और जूम करना चाहूंगा

2:51:00मैं ओके कोई बात नहीं इस डिस्ट्रिक्ट को

2:51:04और छोटे-छोटे पार्ट में काटा

2:51:07गया राइट है ना जो लगभग 30 स्क्वायर

2:51:11माइल तो समझो कि हां एक एक जो है यू नो

2:51:15सुपरिटेंडेंट के अंदर कम से कम जो है 10

2:51:18से 13 10 से 15 जो है कुछ एरिया में लीड

2:51:22करेगा एक पर्सन व्हिच इज

2:51:28दरोगा तो एंट्री होती है दरोगा कि 30

2:51:31स्क्वायर यूनिट पर एक यूनिट पर हेड करेगा

2:51:35दरोगा तो कहने का मतलब कि देयर विल बी

2:51:37सुपरिंटेंडेंट उसके नीचे क्या होंगे 12 1

2:51:39दरोगा तो मजिस्ट्रेट के अंदर मान लो कि

2:51:42हां लेट्स से जो है डिस्ट्रिक्ट में

2:51:43डिस्ट्रिक्ट में लेट्स से जो है यू नो 10

2:51:46सुपरिंटेंडेंट हैं राइट उनके नीचे हर

2:51:48सुपरिटेंडेंट के नीचे 10 12 क्या है दरोगा

2:51:50है तो दरोगा इस पूरे यूनिट में राइट रहेगा

2:51:53और जो है इंचार्ज होगा थाना का कि यहां एक

2:51:56कोई ऑफिस बना देंगे उसका यहां एक छोटा सा

2:51:58घर बना दिया गया तुम्हारा थाना है है ना

2:52:00यहां से तुम पूरा कंट्रोल करोगे गश्त

2:52:02मारोगे जगह-जगह जाओगे ये सारा काम तुम

2:52:04करोगे तो दिस इज हाउ मजिस्ट्रेट

2:52:07मजिस्ट्रेट इज अ सिविल पोस्ट और उसके नीचे

2:52:09आपका एसपी उसके नीचे आपका दरोगा ये सिस्टम

2:52:12यहां पे क जो है स्टार्ट स्टार्ट किया जा

2:52:14रहा

2:52:16है राइट अनदर थिंग व्हिच इज इंपोर्टेंट कि

2:52:19जमीदारों ने पूछा कन्वोस के पास गए कि

2:52:21साहब हम क्या करेंगे तो गांव में जो

2:52:23जमींदार बैठे थे जमींदार कन्वोस ने कहा कि

2:52:27सर आपकी सेवा बहुत हो गई आज से आपकी कोई

2:52:30भी पुलिस ड्यूटी नहीं

2:52:33है राइट आपकी कोई पुलिस ड्यूटी यहां पर

2:52:36एजिस्ट नहीं करती है पूरी तरह से पुलिस

2:52:39ड्यूटी यहां पे हटा दी तो नाउ वी हैव अ

2:52:41प्रॉपर सिस्टम नाउ इफ यू अंडरस्टैंड कि

2:52:43कन्वोस ने कहा कि नाउ वी हैव अ रेगुलर वी

2:52:45विल हैव अ रेगुलर पुलिस फोर्स वी विल हैव

2:52:47थानास ऐसा कभी शेरशाह सूरी अकबर के टाइम

2:52:49में भी होता था कि थानेसर तो वही जो

2:52:51पुराना थाने वाला सिस्टम है वो वापस लेकर

2:52:53आ रहे हैं कह रहे हैं कि हां जो है यू नो

2:52:55थाने होंगे दरोगा होगा ऐसे कई दरोगा मिलके

2:52:58रिपोर्ट करेंगे एसपी को कुछ एसपी मिलके

2:53:00रिपोर्ट करेंगे मजिस्ट्रेट को ऐसा भी

2:53:02पॉसिबल है कि पूरी डिस्ट्रिक्ट में एक ही

2:53:04एसपी हो राइट तो इस तरीके का क्या है

2:53:06प्रॉपर अब एक सिस्टम ऑर्गेनाइज कर दिया है

2:53:08कन्वोस इसीलिए जाने जाते हैं राइट बड़े

2:53:11एडमिनिस्ट्रेटर हैं फेमस है इसीलिए अभी

2:53:12फादर ऑफ सिविल सर्विसेस कह रहे थे अभी हम

2:53:14देख रहे कि पुलिस का भी रिफॉर्म किसने

2:53:16किया है कन्वोस ने किया है तो कन्वोस कलिस

2:53:20व कैन

2:53:22राइट वी आर टॉकिंग अबाउट कन्वोस

2:53:29तो तो फाइनली कुछ तो सलूशन ऑन द टेबल हमें

2:53:32दिख रहा है बिकॉज ऑफ कवस हमें दिख रहा है

2:53:34कि हा डीएम है डीएम है डीएम के नीचे डीएम

2:53:39के नीचे एस

2:53:40है एस है और एस के नीचे दरोगा है

2:53:44और जमीदार जो है जमीदार जमींदार जमींदार

2:53:48बाहर

2:53:49है जमीदार का से कोई लेना देना नहीं है

2:53:53राइट जिस तरह का थाना सिस्टम एक रेगुलर

2:53:55पुलिस फोर्स यहां पे एस्टेब्लिश कर दी

2:53:56इन्होंने यस ही इज नोन फॉर दिस थिंग राइट

2:54:00उसके बाद अगर देखें कहानी थोड़ा सा और आगे

2:54:01बढ़ाते

2:54:05हैं नाउ आफ्टर दिस आफ्टर दिस व विल सी

2:54:091808 में राइट 1808 में जो है मेव आएंगे

2:54:14और मेव कहेंगे कि हां ये एसपी का

2:54:15अपॉइंटमेंट बिल्कुल सही है राट हर डिवीजन

2:54:18पर जो है यू नो एसपी जो है उसकी मदद के

2:54:20लिए स्पाइस वगैरह हायर कर दो स्पाइस

2:54:22द्वारा उनकी और मदद करो ब बिफोर वी गो

2:54:25अहेड एक छोटी सी बात और कहना चाहूंगा राइट

2:54:28है ना जो है च हेल्प अस अंडरस्टैंड दिस

2:54:30बेटर कि जो है यह जो हुआ सिस्टम इस सिस्टम

2:54:34में थोड़ा इसको जूम आउट

2:54:39कर हम लोगों ने जो दरोगा बिठा दिया

2:54:43ये

2:54:46दरोगा अब यह सिस्टम जो 30 स्क्वायर माइल

2:54:49पर एक दरोगा बैठा हुआ है यह जाकर दोस्ती

2:54:52कर देगा जमींदार से और इससे क्रिएट होगा

2:54:57जमीदार

2:54:59दरोगा

2:55:01नेक्सेस जमीदार से कहेगा कि भाई ठीक है

2:55:03तुम हमें सपोर्ट करो हम तुम्हें सपोर्ट

2:55:05करेंगे तुम्हारे पास भी कुछ कुछ लठ है है

2:55:07ना तो लॉ एंड डर में हेल्प करो और बाकी

2:55:09करप्शन हम लोग मिलके करेंगे तो नाउ दिस इज

2:55:11अ वेरी करप्ट सिस्टम ये जमीदार जो है जो

2:55:14जो है रेवेन्यू कलेक्शन भी करता है बाय द

2:55:16वे राइट अंडर जमीदारी सिस्टम तो रेवेन्यू

2:55:18कलेक्शन भी इसकी जिम्मेदारी है अब ये

2:55:21दरोगा के साथ मिलकर लोगों को डराए अपने लठ

2:55:24और दरोगा की जीप में बैठ के मतलब जीप मत

2:55:26कहो जो भी कहो है ना जीप उस समय नहीं रही

2:55:29होगी बट हां दरोगा के साथ निकलेगा गश्त पे

2:55:31गगा हां भाई जो सब लोग पैसे निकालो

2:55:33रेवेन्यू कलेक्शन राइट तो ये जो जमीदार

2:55:35दरोगा नेक्सस है ये लोगों प भारी पड़ेगा

2:55:37दिस विल बी वेरी करप्ट है ना ये लोग मिलके

2:55:39करप्शन करेंगे करप्ट भी

2:55:42है एंड एंड ऑपरेसिव भी

2:55:47है तो ओवरऑल दरोगा सिस्टम इज एक्चुअली अ

2:55:51फेलियर राइट बिकॉज ऑफ दिस दरोगा सिस्टम इज

2:55:54एक्चुअली अ फेलियर कहीं भी अप्लाई होगा तो

2:55:57यह फेल ही होगा इट वाज नॉट एट ऑल अ गुड

2:55:59आईडिया

2:56:05इवेंचर था ऐसा सिस्टम एजिस्ट नहीं करता था

2:56:08दिस वाज वन एलियन

2:56:10सिस्टम पहली बार इंडिया में आया और इसका

2:56:14एप्लीकेशंस गांव तक था नहीं गांव को पता

2:56:16नहीं था कि हां ये क्या कर सकते हैं रेट

2:56:18एक दरोगा बिठा रखा है पुलिस वाला ऐसा आदमी

2:56:20देखा नहीं कभी अभी आ रहा है गश्त मार रहा

2:56:22है पिटाई कर रहा है जाके जेल में बंद कर

2:56:23दे रहा है जमींदार से मिला हुआ है कह रहा

2:56:25पैसा दो सबको सिचुएशन खराब हो गई है तो

2:56:28यहां पे गांव वालों को पता नहीं कि दरोगा

2:56:30करता क्या है तो एक अलग सा डर है पुलिस का

2:56:32राइट दिस इज आल्सो कॉलोनियल लीगेसी कि आज

2:56:35भी आप देखेंगे कि हां जो पुलिस का थोड़ा

2:56:37जो है रोला हम मानते हैं अगेन आई एम नॉट

2:56:39सेइंग दिस इज 100% ट्रू आई एम जस्ट सेइंग

2:56:41आई एम जस्ट सेइंग कि हां एट मोस्ट ऑफ द

2:56:43प्लेसेस या फिर मूवी मूवीज में आप देखते

2:56:44हैं कि एक पुलिस वालों पुलिस वालों का जो

2:56:46है एक अलग डर आप देखते हैं लोगों में कि

2:56:49हां पुलिस है राइट है ना एक्चुअली पुलिस

2:56:51आप देखेंगे फॉरेन में आप देखेंगे कि पुलिस

2:56:53इज कंसीडर्ड एज यू नो कि हां वो पब्लिक

2:56:56सर्वेंट हैं पब्लिक के लिए काम कर रहे हैं

2:56:57जॉब है उनका राइट बट इंडियन कॉन्टेक्स्ट

2:57:00में या इंडियन पर्सपेक्टिव में आप देखेंगे

2:57:02कि पुलिस का थोड़ा सा जो है डर भी है

2:57:04लोगों को कि हां वो पता नहीं क्या करेंगे

2:57:05कुछ भी हो जाएगा है ना तो इस तरह का थोड़ा

2:57:08सा माहौल है दिस इज आल्सो कॉलोनियल लिगसी

2:57:10और वो कहीं ना कहीं यहीं से आ रहा है राइट

2:57:12ये काफी हद तक अब सही हो रहा है काफी हद

2:57:14तक जो अब जो सिविल सर्वेंट्स हैं वो लोगों

2:57:16से इंटरेक्ट भी कर रहे हैं सोशल मीडिया पे

2:57:17भी काफी एक्टिव हैं समझा रहे हैं लोगों को

2:57:19राइट एंड दे आर बिहेविंग लाइक सिविल

2:57:21सर्वेंट्स राइट दे आर बिहेविंग लाइक

2:57:22पब्लिक सर्वेंट्स बट कॉलोनियल एरा में ऐसा

2:57:24नहीं था कॉलोनियल एरा में दे वर बिहेविंग

2:57:26लाइक कि हां हम ही मालिक हैं भाई इस इलाके

2:57:28के तो जमींदार से मिलके जाके कुछ भी कर

2:57:30रहे हैं किसी की पिटाई कर रहे हैं

2:57:31जबरदस्ती सामान फेंके दे रहे हैं बाहर

2:57:33राइट है ना सामान बेचे दे रहे हैं ऑल दीज

2:57:34थिंग्स आर हैपनिंग तो दिस वाज दिस वाज यू

2:57:37नो वेरी वेरी करप्ट एंड वेरी वेरी ऑपरेसिव

2:57:39तो प्रॉब्लमैटिक है यस प्रॉब्लमैटिक है

2:57:41ओवरऑल इट वाज अ फेलियर बट एनी ए वे यही

2:57:44सॉल्यूशन था कन्वोस ने अप्लाई कर दिया था

2:57:47बाय द वे यही सॉल्यूशन जो है ये बहुत तेजी

2:57:49से हर जगह अप्लाई भी हुआ राइट है ना कि

2:57:52हां ये जो दरोगा सिस्टम जो है दरोगा

2:57:54सिस्टम वाज अप्लाइड एवरी वेयर राइट फेलियर

2:57:56तो बाद में लिखो बट जस्ट अंडरस्टैंड कि

2:57:58दिस सिस्टम वाज अप्लाइड 1802 में इट वाज

2:58:01अप्लाइड इन मद्रास दरोगा सिस्टम 1802 में

2:58:05मद्रास में अप्लाई कर दिया गया प्लस प्लस

2:58:08जो है 1803 च तक जाते

2:58:12जाते ये पहुंच चुका है आपका यूपी में अपर

2:58:17प्रोविंसेस साइड जहां पे भी एरिया हमारे

2:58:19पास था मतलब अंग्रेजों के पास था वहां प

2:58:21भी इसको अप्लाई कर दिया है तो या बट ओवरऑल

2:58:24इट वाज रिलाइज कि हां ये सिस्टम बिल्कुल

2:58:26भी सही नहीं है और 1814 तक आते-आते इतनी

2:58:30कंप्लेंट्स आई राइट और स्पेशली ईस्ट

2:58:32इंडिया कंपनी पे थोड़ा सा जो है सर्वे भी

2:58:34हो रहा है रिसर्च भी हो रहा है तो ये

2:58:36बातें काफी उजागर हुई कि हां ये जमींदार

2:58:37दरोगा नक्स बड़ा तगड़ा है तो कोर्ट ऑफ

2:58:40डायरेक्टर ने कहा कि भाई बंद करो ये

2:58:41अबॉलिश कराओ दिस दरोगा सिस्टम इज नॉट एट

2:58:44ऑल वर्किंग तो सिर्फ बंगाल में रह गया

2:58:46बाकी सारी जगह यह सिस्टम जो है अबॉलिश करा

2:58:48दिया गया तो दिस वास अबॉलिश इन

2:58:55184 एक बार वापस इस फिक्स करते हैं तो

2:58:58दरोगा सिस्टम हमने कहा कि हां ठीक है चला

2:59:01बट देन देन बाय 1814 कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स

2:59:06के आदेश से दरोगा

2:59:09सिस्टम

2:59:12अबॉलिश दरोगा

2:59:14का

2:59:19सिस्टम राइट है ना 1814 सम दिस वास

2:59:23अबॉलिश्ड नाउ नाउ कहानी आगे बढ़ाए अगर तो

2:59:27हम देखेंगे कि हां अगला अगला पड़ाव हमें

2:59:29दिखता है कि बेंटिक राइट बेंटिक आते हैं

2:59:32इस सम बहुत ठगी वगी भी चल रही है राइट

2:59:34बेंटिक की एंट्री होती है तो बेंटिक इज

2:59:36गवर्नर जनरल तो कहते हैं कि हां ये एसपी

2:59:38का ऑफिस जो है ये भी हमको ठीक नहीं लग रहा

2:59:40लेट द एसपी ऑफिस बी डिसोल्वड तो ये एसपी

2:59:43ऑफिस का भी जो है यनो काम हटा दे राइट तो

2:59:46एसपी ऑफिस भी काम हटा दिया और बोला कि

2:59:49सारी जिम्मेदारी कलेक्टर और मजिस्ट्रेट को

2:59:51हैंडल करने

2:59:53दो राइट तो जो कलेक्टर और मजिस्ट्रेट है

2:59:56उसको सारी जिम्मेदारी दे दी इन्होने एक

2:59:59बार इसको भी समझते हैं कि क्या कर दिया

3:00:00इन्होंने राइट क्या ही पाप हो गया

3:00:04नाउ तो अंडर 1828 25 वी आर टॉकिंग अबाउट

3:00:12बेंटिक बेंट से कि हा भाई जो है हम हम

3:00:15एसपी का ऑफिस ही हटा देते हैं और लेट

3:00:18कलेक्टर या फिर मजिस्ट्रेट या तो

3:00:20डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डिस्ट्रिक्ट

3:00:22मजिस्ट्रेट जो भी पोजीशन है वहां

3:00:24पर लेट दिस हैंडल द पुलिस तो पूरी

3:00:28जिम्मेदारी किसको किसको दे दी कलेक्टर और

3:00:30मजिस्ट्रेट को दे दी कि ही इ द हेड ऑफ

3:00:31पुलिस फोर्स इन्हीं को हैंडल करने दो राइट

3:00:34है ना यह जो है हैंडल करते रहेंगे प्लस हर

3:00:36डिवीजन में हर डिवीजन में इन्होने कहा कि

3:00:39यहां हर डिवीजन में कमिश्नर होना चाहिए

3:00:42कमिश्नर

3:00:44हु विल बिहेव लाइक

3:00:47एसपी एसपी को हटा दिया और किसी दूसरे लोअर

3:00:50रैंक को कह दिया कि हां यही एसपी की तरह

3:00:52बिहेव करें अब हो क्या रहा है कि सिस्टम

3:00:54में अगर वापस समझो तो तो आप देखेंगे कि

3:00:57भाई यह सिस्टम में अगर आप एसपी को हटा

3:00:59देंगे राइट है ना एसपी को हटा देंगे दरोगा

3:01:03ऑलरेडी नहीं रहा है तो जो भी लोग बचे हैं

3:01:05कांस्टेबल वगैरह जो भी चीज बची हुई है

3:01:07पूरी जिम्मेदारी आ रही है मजिस्ट्रेट प तो

3:01:11मैजिस्ट्रेट टेक्निकली इज ओवरवर्क कि हां

3:01:14नीचे कोई काम करने वाला है नहीं कोई दरोगा

3:01:16भगा गया कोई जो है कह रहा है कि एसपी को

3:01:18निकाल दो तो देन देन वो कह रहा है कि हां

3:01:20जो है अब हम काम अब काम कौन करेगा वो खुद

3:01:23ही ठी देक घूम रहा है गांव गांव कि हां

3:01:24भाई कोई गलत नहीं करेगा जागते रहो जागते

3:01:27रहो तो मजिस्ट्रेट और डीएम रात भर सो नहीं

3:01:29रहा है तो दे आर ओवरवर्क यस दे आर ओवरवर्क

3:01:32तो ये सिस्टम और ज्यादा खराब है यस ये

3:01:35सिस्टम और ज्यादा खराब है क्योंकि क्योंकि

3:01:37कलेक्टर और मजिस्ट्रेट कुछ और नहीं कर

3:01:38पाएंगे वो उसी में जूझते

3:01:40रहे राइट है ना तो ओवरऑल ओवरऑल लाइ कि हां

3:01:44हमें इसको भी ओवरल करना पड़ेगा इसको भी

3:01:46फिक्स करना पड़ेगा नाउ आफ्टर दिस है ना

3:01:49लेट्स

3:01:50अंडरस्टैंड आफ्टर दिस व फाइंड कि एक एक एक

3:01:54और सिस्टम क्रिएट होता

3:01:57है एक और सिस्टम समझते हैं दिस इज नॉट इन

3:02:01द बुक है ना जो है

3:02:03सुनिए तो एक सिस्टम है जब सिंध अनेक्स कर

3:02:07दिया था सर चार्ल्स नेपियर पे काफी लोग

3:02:09ऐसे गिर पड़ेंगे सर ये कब हुआ था हां पीछे

3:02:11हुआ था भाई चार्ल्स ने

3:02:151843 सिंध इनके पास आ चुका है सिंध को हरा

3:02:19दिया था रा बात करी थी हमने जबरदस्ती करके

3:02:22है ना कि वहा के वहां के जो है जो आमिर थे

3:02:24उनको किसी तरह यूनो हरा दिया किसी तरह

3:02:27क्या मतलब जो है हराना नहीं चाहिए था गलत

3:02:29किया उनके साथ बट हा जो है हो गया तो 1843

3:02:32में सिं वास अनेक्स अब यहां पर इन्होने एक

3:02:35सिस्टम एब्लिश किया कि जो सिंध

3:02:37है सिंध सिंध में ओवरऑल देर विल बी वन

3:02:42इंस्पेक्टर जनरल तो एक आईजी की पोस्ट

3:02:45क्रिएट

3:02:46करी इंस्पेक्टर जनरल राट एक आईजी की पोस्ट

3:02:50क्रिएट करी और और जो है डिस्ट्रिक्ट लेवल

3:02:54पर देखें तो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर देर इ

3:02:56डिस्ट्रिक्ट

3:03:00मजिस्ट्रेट डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अब

3:03:03डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के नीचे हेल्प

3:03:05करने के लिए पुलिस फंक्शन के लिए एक आदमी

3:03:07रखा च इ

3:03:08एसपी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस वापस हायरिंग

3:03:11हो रही है राइट है ना सिंध में हो था सिंध

3:03:14का एक्सपेरिमेंट है टेक्निकल ये सिंध जो

3:03:16ये जो एसपी है ये मजिस्ट्रेट को भी

3:03:18रिपोर्ट करेगा और ओवरऑल पुलिस का जो हेड

3:03:20है व्हिच इज इंस्पेक्टर जनरल उनको भी

3:03:22रिपोर्ट

3:03:25करेगा या तो जो मजिस्ट्रेट है इज लाइक मोर

3:03:29पावरफुल क्योंकि वो भी देख रहा है कि हां

3:03:31क्या हो रहा है और एक डेडिकेटेड हेड भी

3:03:33रखा हुआ है व्हिच इज इंस्पेक्टर जनरल जो

3:03:35देख रहा है कि हां पुलिस फंक्शनिंग कैसे

3:03:36हो रही है तो दिस इज लाइक थोड़ा बेटर

3:03:38सिस्टम कि हां यहां पे दो लोग हैं जो यहां

3:03:40पे पुलिसिंग वगैरह देख रहे हैं वन इज

3:03:42इंस्पेक्टर जनरल वो ओवरऑल ओवरऑल पुलिसिंग

3:03:45का हेड है लेकिन जो है रिपोर्ट किसको कर

3:03:47रहे हैं जो पुलिस रिपोर्ट कर रही है वो

3:03:49डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को कर रही है

3:03:50डिस्ट्रिक्ट में राइट तो टेक्निकली दिस

3:03:52सिस्टम साउंड्स मोर रोबट कि हां डीएम इज

3:03:55इज वेल यू कैन से वेल एंपावर्ड डीएम के

3:03:59अंदर डीएम के अंदर जो है सिविल पुलिस भी आ

3:04:01रही है राइट सिविल पुलिस भी आ रही है और

3:04:05तब तक मिलिट्री फंक्शन भी हुआ करता था

3:04:07मिलिट्री मिलिट्री का भी पुलिस फंक्शन

3:04:09होता था तो मिलिट्री पुलिस भी आ रही है तो

3:04:13सिस्टम वास फाउंड कि हां यार ये सिस्टम

3:04:15ज्यादा सटीक सिस्टम है एंड ऐसा कुछ हमको

3:04:17करना चाहिए राइट यही सिस्टम फॉलो होगा

3:04:21आपका लेटर ऑन पंजाब

3:04:23में पंजाब में यही सिस्टम फॉलो होगा आपका

3:04:27मद्रास में बॉम्बे में बॉम्बे एंड फिर

3:04:31मद्रास भी इसी पे स्विच कर जाएगा तो पंजाब

3:04:34बॉम्बे एंड

3:04:37मद्रास दिस इज द सिस्टम डिवाइज बाय सर

3:04:40चार्ल्स

3:04:41नेपियर नाउ नाउ इट्स लाइक कि हां जो है अब

3:04:45अब एक प्रॉपर हमें सिस्टम चाहिए काफी समय

3:04:48हो गया अब जो है आपका शुरू हो चुका है

3:04:51क्राउन रूल अब क्राउन रूल में भी अगर

3:04:53पुलिस फिक्स नहीं करी तो क्या किया राइट

3:04:55है ना 1843 का आप ड कर सकते हो

3:04:591843 नेपियर

3:05:02सिस्टम दिस इज अ गुड

3:05:05आइडिया नाउ 1857 की क्रांति हो गई 1857 की

3:05:09क्रांति से एक नई कहानी शुरू हुई और हुआ

3:05:12कि भाई एक पुलिस कशन बिठाया जाए पुलिस

3:05:15रिफॉर्म करने के लिए 1860 में एक पुलिस

3:05:18कमीशन

3:05:19बैठेगा पुलिस

3:05:22कमीशन और यह देगा पुलिस

3:05:26एक्ट दिस इ दिस इज इंडियन पुलिस एक्ट

3:05:30181 तो इंडियन पुलिस

3:05:33एक्ट

3:05:4018611 राइट आइए बात करते हैं कि हा इंडियन

3:05:43पुलिस 181 में क्या देखने को मिल रहा है

3:05:46वी आर टॉकिंग अबाउट

3:05:49आईपीए

3:05:50186 है ना वही 60 61 में जो है तो 61 में

3:05:54हमको क्या दिख रहा है 61 में हमको आईपीए

3:05:55दिख रहा

3:05:56है सो तो आईपीए तो आईपीए देखें

3:06:03हम ओके इंडियन पुलिस एक्ट ऑफ

Police Act 1861

3:06:13कि हां एक जो है कांस्टेबल की है बात कर

3:06:15रहा है कि भाई एक कांस्टेबल होना चाहिए

3:06:17यूनिट लेवल पे सबसे छोटे सबसे लोअर पोजीशन

3:06:21पे कौन है जो हमें सबसे ज्यादा लोग चाहिए

3:06:23क्योंकि पुलिस इज आल्सो अबाउट नंबर ऑफ

3:06:25पीपल इट इज नॉट लाइक कि हां जो है यू नो

3:06:27दो लोग हैं लेकिन बड़े समझदार हैं काम हो

3:06:29जाएगा आपको ज्यादा लोग चाहिए पुलिस में

3:06:31क्यों क्योंकि गांव बहुत सारे राइट गांव

3:06:33बहुत सारे हैं तो हर गांव में एक

3:06:34कांस्टेबल जा रहा है दो कांस्टेबल जा रहा

3:06:36है समथिंग तो नाउ वी नीड कि एकदम बॉटम

3:06:38लेवल पे वी नीड सबसे जो जूनियर पोस्ट है

3:06:42वो है कांस्टेबल

3:06:44तो सिस्टम ऑफ सिविल कांस्टेबल चाहिए यस है

3:06:46लेट म एक्सप्लेन क्या है यय कह रहे कि एक

3:06:49तो हमको चाहिए सिविल

3:06:55कंबरी सिविल

3:06:58कंबरी और ये सारी पुलिस सिविल फोर्स है य

3:07:01मिलिट्री फोर्स नहीं पुलिस का ध्यान रखना

3:07:03पुलिस इ नॉट मिलिट्री फोर्स इट सिविल

3:07:05फोर्स तो सिविल कंबरी चाहिए लेटस

3:07:07अंडरस्टैंड क्या कहना चाह रहे य कहना चाह

3:07:10रहे

3:07:12हैं

3:07:14कि गांव लेवल प कि नाउ देर विल बी लाइक कि

3:07:16हां अगर गांव है बहुत सारे तो हर गांव में

3:07:19कुछ कांस्टेबल

3:07:21है या एक कांस्टेबल है जो कुछ गांव के लिए

3:07:24जिम्मेदार है राइट और ऐसे बहुत सारे

3:07:26कांस्टेबल्स है यह आपकी पुलिस का लोअर रंग

3:07:31जो है वह क्रिएट कर रहे है अगर ये गांव

3:07:34में पोस्टेड भी है मान लो ये यहां पोस्टेड

3:07:36है ये यहां पोस्टेड है अगर ये गांव में एक

3:07:38दो इधर अलग-अलग पोस्टेड भी है तो ओवरऑल दे

3:07:41आर कनेक्टेड विद ईच अदर ओवरऑल दे आर

3:07:44कनेक्टेड टू अ सिस्टम फॉर ट्रेनिंग फॉर

3:07:46एवरीथिंग तो दे आर कनेक्टेड टू अ कॉमन

3:07:49सिस्टम एंड दे आर बिहेविंग कि हां हम लोग

3:07:51एक साथ में यहां के गांव की जरूरत पड़ जाए

3:07:53तो ये वाला इधर जा सकता है यहां के गांव

3:07:55की जरूरत पड़े ये तो ये सारे कनेक्टेड भी

3:07:57हैं दे आर पार्ट ऑफ सेम फोर्स इट इज नॉट

3:08:00लाइक कि हां वो यहां की लॉयल्टी यहीं के

3:08:02साथ है दो गांव में लड़ाई हो गई तो पता

3:08:04चला ये कांस्टेबल उनके साथ लड़ रहा है

3:08:05नहीं नहीं ऐसा नहीं करना है इट इज लाइक कि

3:08:07ये जो ये सारे कांस्टेबल हैं ये आपस में

3:08:10इंटीग्रेटेड हैं एक बड़े सिस्टम एक

3:08:12कांस्टेबल री सिस्टम का पार्ट है तो

3:08:15फर्स्ट थिंग फर्स्ट थिंग वी आर आस्किंग इज

3:08:16कि हां एक एक सॉरी एक आपकी प्रॉपर एक

3:08:20सिविल कांस्टेबल होनी चाहिए सिस्टम ऑफ

3:08:22सिविल कंबरी जो विलेज सेटअप में जो है

3:08:24वॉचमैन की तरह ही है लेकिन प्रॉपर्ली

3:08:26इंटीग्रेटेड है यस बाकी की कांस्टेबल के

3:08:29साथ प्रॉपर्ली इंटीग्रेटेड दूसरा कह रहे

3:08:32हैं कि यहां आईजी वाला जो आईडिया था

3:08:33नेपियर नेपियर पोजीशन में हमने देखा था

3:08:36नेपियर फॉर्मूले में देखा था कि हां एक

3:08:38आईजी हमको

3:08:40चाहिए तो नाउ नाउ इट इज आस्किंग फॉर कि

3:08:43मिलिट्री पुलिस के हिसाब से अब क्या चाहिए

3:08:47कि यहां एक प्रोविंशियल गवर्नमेंट लेट्स

3:08:50से ये प्रोविंस है

3:08:52कोई तो प्रोविंशियल गवर्नमेंट जो है

3:08:55प्रोविंशियल

3:08:57गवर्नमेंट उसको रिपोर्ट करता हुआ एक

3:08:59इंस्पेक्टर जनरल

3:09:06आईजी कि एक आईजी जो हो जो प्रोविंशियल

3:09:09सरकार को जवाब दे हो रिस्पांसिबल हो दूसरा

3:09:13दूसरा डिस्ट्रिक्ट लेवल पर जैसा हमने

3:09:15चार्ल्स नेपियर का सिस्टम देखा था कि

3:09:17डिस्ट्रिक्ट लेवल पर है एक

3:09:21[संगीत]

3:09:22मजिस्ट्रेट राइट मजिस्ट्रेट मजिस्ट्रेट जो

3:09:26है या जो कलेक्टर है यह यह आपका यह जो है

3:09:30इसको रिपोर्ट करता है एक एसपी वही नेपियर

3:09:33वाली बात और यह एसपी इसको भी रिपोर्ट करता

3:09:36है दोनों को ही रिपोर्ट करता है दोनों के

3:09:38ही अंडर आता है प्लस ये जो एसपी है यह

3:09:42पूरी तरीके से अपने नीचे जो जो कांस्टेबल

3:09:45है रूरल पुलिस है उसका ध्यान रखता है तो

3:09:49टेक्निकली टेक्निकली जो सिस्टम हम देख रहे

3:09:53हैं एक बार इसको सम अप करते हैं तो ये ये

3:09:56जो ब्लॉक है ये सारे कांस्टेबल रिपोर्ट

3:09:59करते हैं या किसी सिस्टम का पार्ट है जो

3:10:01कि एक्चुअली एसपी है अब ऐसा और भी लोग हो

3:10:04सकते हैं इसके नीचे लेकिन हां फिलहाल अगर

3:10:06हम सिस्टम समझे तो सबसे लोअर लेवल पे है

3:10:08कांस्टेबल्स एंड देन देयर इज एसपी जिसके

3:10:11नीचे रूरल पुलिस आती है दिस इ टेक्निकली

3:10:14रूरल

3:10:16पुलिस और यह रिपोर्ट करता है रिपोर्ट करता

3:10:19है डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को या फिर

3:10:21मजिस्ट्रेट को तो डिस्ट्रिक्ट में रिपोर्ट

3:10:24करता है यह

3:10:26कलेक्टर प्लस ही आल्सो रिपोर्ट टू

3:10:29इंस्पेक्टर

3:10:32जनरल जो कि प्रोविंशियल लेवल पर जो कि

3:10:35रिपोर्ट करता है सरकार को प्रोविल

3:10:37गवर्नमेंट को अगर लेट से बम्बे है तो

3:10:40बम्बे के गवर्नर

3:10:41को

3:10:43तो जो गवर्नर है वो डील करेगा इंस्पेक्टर

3:10:45जनरल से डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बात करेगा

3:10:47इंस्पेक्टर जनरल से लेकिन हा उसके नीचे

3:10:49बैठा हुआ है एसपी राट मेजर डीलिंग होगी

3:10:52एसपी से डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर हो सकता

3:10:54इंस्पेक्टर जनरल को फोन लगाए कि हा ठीक

3:10:55काम नहीं हो रहा है इंस्पेक्टर जनरल एसपी

3:10:57को फोन लगाए ऐसा भी हो सकता है

3:10:58डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डायरेक्ट एसपी को फोन

3:11:00लगाए हा ऐसा भी हो सकता है तो यह जो है

3:11:03सिविलयन पुलिस सिविलयन पुलिस एब्लिश करी

3:11:05जा रही है प्रोविंशियल लेवल प दिस इ वन

3:11:08बिग

3:11:09थिंग सिविल

3:11:11कंबरी

3:11:14प्लस पुलिस एट प्रोविंशियल लेवल आईजी एट

3:11:17आईजी एट प्रोविंशियल

3:11:21पुलिस यह प्रॉपर सिस्टम हमें देखने को

3:11:24मिलेगा अंडर पुलिस कमीशन अब जो है पुलिस

3:11:27काफी रिफॉर्म हो चुकी है काफी स्ट्रीमलाइन

3:11:29हो चुकी है आफ्टर 186 61 आईडिया आया था

3:11:32नेपियर

3:11:35से देन

3:11:38फाइनली फाइनली जो है आते हैं लर्ड कर्जन

3:11:41तो अगला जो स्टेप है हमको देखने ने को

3:11:43मिलेगा 1902

3:11:451903

3:11:4719023 आ चुके हैं

3:11:50कर्जन कर्जन का जीवन में एक ही उद्देश्य

3:11:53है कि हां भाई इंडिया को ऐसी कॉलोनी बनाओ

3:11:56कि सालों साल हम लोग राज्य कर सके इंडिया

3:11:59हमारे हाथों से चुंगल से कभी ना निकले तो

3:12:01सस्टेनेबल कॉलोनी बनाने का यहां पर उसका

3:12:03उद्देश्य है राइट वो क्या चाहता है जीवन

3:12:06में वह चाहता है कि एक सस्टेनेबल कॉलोनी

3:12:08क्रिएट करी जाए नाउ जस्ट सेकंड तो

3:12:13सस्टेनेबल कॉलोनी क्रिएट करने का यहां पर

3:12:15जो है मन

3:12:17है मन है कर्जन का तो कर्जन चाहता है कि

3:12:21जो पुलिस है पुलिस को भी पुलिस को भी

3:12:23फिक्स किया जाए तो पुलिस कहता है कि भाई

3:12:26जो है एंड्रू फ्रेजर करके थे सर एंड्रू

3:12:28फ्रेजर उनको बोलेगा कि सर एक कमीशन बनाइए

3:12:32कमेटी

3:12:33बनाइए और बताइए कि क्या करना है एंडू

3:12:37फ्रेजर आप रिकमेंड करिए कि साहब क्या करना

3:12:40चाहिए जीवन में कैसे हम जो है इस पुलिस की

3:12:43समस्या को सॉल्व करें एंड्रू फ्रेजर कुछ

3:12:46रिकमेंडेशन देंगे य कहेंगे कि कभी जूनियर

3:12:49को जूनियर ही रहने दो सीनियर मत

3:12:52बनाओ जूनियर पोजीशन होती है व एक लेवल तक

3:12:55ही प्रमोशन होना चाहिए उसके ऊपर प्रमोशन

3:12:57नहीं होना चाहिए राइट दूसरा दूसरा कहते

3:13:00हैं कि सीनियर लेवल पर डायरेक्ट एंट्री

3:13:02होनी

3:13:03चाहिए डायरेक्ट एंट्री हा डायरेक्ट एंट्री

3:13:06आप कराइए मेरिट बेसिस पर डायरेक्ट एंट्री

3:13:09शुड बी

3:13:10देयर प्लस आपकी पुलिस डम भर्ती हो जाती है

3:13:13ट्रेनिंग करवाइए

3:13:14आपकी पुलिस करप्ट है तो सैलरी

3:13:19बढ़ाइए राइट है ना ट्रेनिंग स्कूल वगैरह

3:13:21एस्टेब्लिश करिए सैलरी वगैरह बढ़ा दीजिए

3:13:23प्लस पुलिस फोर्स की जो स्ट्रेंथ है नंबर

3:13:25जो है राइट

3:13:27पुलिस इन प्रोविंसेस ये नंबर बढ़ाओ

3:13:31साहब स्ट्रेंथ बढ़ाओ क्योंकि अब क्या है

3:13:34अब होने वाला है स्वदेशी मूवमेंट अब होने

3:13:36वाला है बहुत सारा मूवमेंट एक्सम एरा शुरू

3:13:38हो रहा है तो यहां पे कहीं ना कहीं

3:13:40एक्सपेक्टेशन है कि इंडियस जो है वो कुछ

3:13:42ना कुछ रिवोल्ट करेंगे आवाज उठाएंगे तो

3:13:44उनको कंट्रोल करने के लिए चाहिए कि हां

3:13:46भाई हमारी पुलिस जो है वो बढ़ जाए तो

3:13:48पुलिस की संख्या बढ़ानी चाहिए हां तो

3:13:49पुलिस की संख्या बढ़ानी भी चाहिए प्लस कह

3:13:53रहे कि हां भाई गांव गाव जाके विजिट करना

3:13:55चाहिए बट टू मेजर डेवलपमेंट चच हैपेंड ओवर

3:13:58हियर इज कर्जन खुश हो गए कह रहे हां ठीक

3:14:00है चलो बहुत अच्छा आईडिया तो टू मेजर

3:14:02डेवलपमेंट फ्रॉम हियर इज कि एक आईडिया था

3:14:05क्रिमिनल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट तो

3:14:08डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इंटेलिजेंस

3:14:10क्रिएट हुआ डिपार्टमेंट ऑफ

3:14:13क्रिमिनल इंटेलिजेंस बिकॉज ऑफ

3:14:16दिस और दूसरा इसी की वजह से एक क्रिमिनल

3:14:19इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट सीआईडी क्रिएट

3:14:22हुआ यह हुआ कर्जन के टाइम

3:14:26में

3:14:29सीआईडी ना सी इंपोर्टेंट थिंग इ की देखो

3:14:31जो है पुलिस ए अ ए अ रेटसूदें

3:14:42राइट है ना कि हां जो है पुलिस थी तो हां

3:14:44कुछ भी हुआ किसी ने भी सत्याग्रह किया

3:14:45किसी ने भी कुछ कहा तो पुलिस हक गई राइट

3:14:47लॉ एंड ऑर्डर में लग गई तो काफी हद तक ये

3:14:49जो स्ट्रगल हमारा था उसको उसको पुश बैक

3:14:52करने में पुलिस का बहुत बड़ा योगदान रहा

3:14:55है आर्मी को आप हर जगह नहीं भेज रहे कि

3:14:57कुछ भी हो जाए तो आर्मी को बुला लो है ना

3:14:58सही नहीं है तो यहां पे लॉ एंड ऑर्डर

3:15:00स्पेशली जब जरूरत थी स्पेशली जब जो है यू

3:15:02नो क्रांतिकारी आ रहे हैं या फिर जो है

3:15:04हमारे धरने हो रहे हैं रिवोल्ट हो रहे हैं

3:15:07रिवर्ट्स ऐसा मत कहो लेकिन हां डिफरेंट

3:15:09डिफरेंट मूवमेंट्स हो रहे हैं नॉन कॉपरेशन

3:15:10मूवमेंट सिविल डिसिडेंस मूवमेंट कि तना

3:15:12कुछ हमने कर दिया तो उसके लिए जरूरी था कि

3:15:14इस तरह का पुलिस सिस्टम तो हां ये पुलिस

3:15:16सिस्टम ही था जो बचाए हुए था स्पेशली ये

3:15:18लास्ट में जो जो है पुलिस एक्ट आया और फिर

3:15:20एंड्रू फ्रेजर के टाइम में जो इंप्रूवमेंट

3:15:22हुआ इसकी वजह से पुलिस सिस्टम क्या हुआ

3:15:24रोबट हो गया और इसने काफी हद तक जो सारे

3:15:26मूवमेंट्स थे उनको संभाला भी तो कहीं ना

3:15:28कहीं अंग्रेजों के लिए दिस इज वन ऑफ द

3:15:30मोस्ट इंपोर्टेंट आई विल नॉट से मोस्ट

3:15:31इंपोर्टेंट लेकिन हां वन ऑफ द वेरी

3:15:32इंपोर्टेंट ऑरेटर्स ऑफ रूल जिसकी वजह से

3:15:35वो हम पे रूल कर पा रहे थे राइट है ना तो

3:15:38ये कहानी थी आपकी पुलिस की तो पुलिस कमीशन

3:15:41की हमने बात करी समझा कि इस पुलिस कमीशन

3:15:43में क्या था राइट एंड देन देन हमने समझा

3:15:46कि इसकी व से डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल

3:15:47इंटेलिजेंस और सीआईडी भी बन गया

3:15:49था तो इसी के साथ हमने पुलिस और सिविल

3:15:52सर्विसेस दोनों बातें कर ली है आगे बात

3:15:54करते हैं मिलिट्री की मिलिट्री का डिस्कशन

3:15:57करते हैं मिलिट्री

3:16:00तो मिलिट्री वी विल

3:16:05फाइंड छोटी सी कहानी है मिलिट्री की बहुत

3:16:07ज्यादा इसमें मसाला नहीं है राइट हैना

Military under the British

3:16:10समझिए सिंपल सी बातें हैं

3:16:13तो मिलिट्री तो मिलिट्री विल फाइंड कि

3:16:15यहां जो फोर्सेस थी कंपनी की जो फोर्सेस

3:16:18थी अगेन छोटी सी टाइमलाइन बनाएंगे और

3:16:21कहानी को

3:16:26समझेंगे तो इनिशियल फेज में ईस्ट इंडिया

3:16:29कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी को जब जरूरत थी

3:16:32तो इन्होंने इन्होंने ब्रिटेन से मदद

3:16:35मांगी जब 1600 में आए तब भी तो इनिशियल

3:16:37फेज में जब वो ट्रेडिंग भी कर रहे थे तो

3:16:39वो एक प्राइवेट कंपनी हुआ करते थे क्या

3:16:41अपनी सेना ी उनके पास उनके पास अपनी सेना

3:16:43नहीं थी तो उन्होंने टेक्निकली क्राउन की

3:16:46आर्मी मांगी कि हां हमें प्रोटेक्शन के

3:16:48लिए इतना जहाज वहाज लेकर जाते हैं

3:16:50ट्रेडिंग ग्रेडिंग करते हैं तो उसके लिए

3:16:52हमको क्या चाहिए हमको आपकी सेना चाहिए तो

3:16:54उन्होंने सेना मांगी तो उनको मिल गई

3:16:56क्राउन आर्मी यहां जब जो भी जरूरत है उसके

3:16:59हिसाब से आप जो है यू

3:17:03नो ची रख लीजिए तो क्राउन आर्मी दिस

3:17:07स्टार्टिंग ओनली है ना वेरी वेरी

3:17:08स्टार्टिंग क्राउन आर्मी बट

3:17:11बट 1240 के बाद जब युद्ध वगैरह बहुत होने

3:17:14लगे राइट है ना और आर्मी की जरूरत बढ़ने

3:17:16लगी तो कितना क्राउन से आर्मी मांगोगे

3:17:18कितनी आर्मी ब्रिटेन की लोगे इट वाज वेरी

3:17:21वेरी इंपोर्टेंट स्पेशली अंडर रॉबर्ट

3:17:22क्लाइव इट वाज रिलाइज्ड कि हां भा जो है

3:17:24एक लिमिट से ज्यादा हम लोग क्या ही

3:17:26मांगेंगे कितनी ही क्राउन आर्मी लेकर आ

3:17:27जाएंगे कितने लोग ब्रिटेन से लेकर आ

3:17:29जाएंगे इट विल नॉट मेक सेंस प्लस एक और

3:17:31बड़ी बड़ी दिक्कत थी ये जो क्राउन आर्मी

3:17:34थी ना इसमें एटीट्यूड बहुत था कि हम तो हम

3:17:36तो रानी के सेवक हैं राजा के सेवक हैं

3:17:38राइट क्राउन को रिपोर्ट करते हैं राइट है

3:17:40ना तुम लोग क्या ही हो तुम लोग प्राइवेट

3:17:42कंपनी के लिए अदने से जो है यू नो एंप्लॉई

3:17:44हो है ना नौकर हो तुम प्राइवेट कंपनी के

3:17:46ऐसे करके मजाक उड़ाते थे तो ये जो ये जो

3:17:48एटीट्यूड था क्राउंस आर्मी का डेफिनेटली

3:17:50इट वाज नॉट एट ऑल गुड और ईस्ट इंडिया

3:17:52कंपनी के जो यू नो जो है यू नो सिपे सालार

3:17:55थे उनको लग रहा था कि ना इन्ह कहीं

3:17:57साइडलाइन करना पड़ेगा मार्जिनलाइज करना

3:17:59पड़ेगा और यहां से आईडिया आया कि हां वी

3:18:01नीड कंपनीज

3:18:04आर्मी अपनी हायरिंग शुरू करते हैं राइट

3:18:07क्राउन ने पूछा क्या कर रहे हो कह रे भाई

3:18:09एक्सपेंड कर रहे हैं जरूरत है सेफ्टी के

3:18:11लिए कितने लोग दोगे तो पॉसिबल नहीं है तो

3:18:13हां कंपनीज आर्मी हां ट्रेनिंग यही ऑफिसर

3:18:16प्रोवाइड करेंगे राइट ट्रेन बाय दज

3:18:17ऑफिसर्स ली अब कंपनीज आर्मी में पहले जो

3:18:21है ब्रिटिश हायर हुए तो इसमें ब्रिटिश भी

3:18:24है यूरोपिय भी है और फिर जो है इंडियन से

3:18:27पॉय सिपाही कहते हैं इंडियन सप इनकी

3:18:30हायरिंग चालू है पहले बताया होगा मैंने ये

3:18:32बात इंडियन सप तो स्पेशली ये जो डेवलपमेंट

3:18:35है यह 18 1740 के बाद का डेवलपमेंट है

3:18:401750 कह लो 1750 में हमें इस तरह का

3:18:43डेवलपमेंट देख मिल रहा है कि धीरे-धीरे ये

3:18:46जो आर्मी की संख्या है बढ़ी जा रही है अब

3:18:48जब ये इंडियन स पॉइस की हायरिंग हुई तो ये

3:18:50फॉरेन कंपनी है जो हायर कर रही है राइट है

3:18:52ना कि हां कोई विदेश से आया है और हायरिंग

3:18:54कर रहा है सोल्जर की तो सोल्जर समझ नहीं

3:18:55पा रहा है कि सही कर रहे हैं गलत कर रहे

3:18:57हैं जाना चाहिए नहीं जाना चाहिए तो

3:18:59इनिशियली क्या है इनिशियली खाली हाई कास्ट

3:19:02हायरिंग हो रही है सिर्फ और सिर्फ हाई

3:19:05कास्ट क्षत्रिय जो है ब्राह्मण सिर्फ इनकी

3:19:08हायरिंग हो रही है तो क्या है कि जब जब

3:19:11एग्रीकल्चर वगैरह डिक्लाइन कर रहा है हम

3:19:13देख रहे हैं डुअल रूल है ड्यूल कंपनी का

3:19:14रूल जो है अ ड्यूल रूल है है ना जो है उस

3:19:18समय उस समय जो है हम देख रहे हैं कि हां

3:19:20जब एग्रीकल्चर में सिचुएशन खराब है बाकी

3:19:22इकॉनमी में सिचुएशन खराब है तो ऐसे में ये

3:19:24अच्छी जॉब अपॉर्चुनिटी है लोग कहेंगे हां

3:19:26भाई ठीक है कर देते हैं जॉइन प्लस हाई

3:19:28कास्ट है है ना सारे ही लोग हाई कास्ट है

3:19:30तो जो भी आर्मी जॉइन कर रहा है उसको

3:19:32फीलिंग आ रही है कि हम सारे लोग हाई कास्ट

3:19:34है राइट है ना और और मार्केट में बात भी

3:19:36जा रही कि अगर तुम आर्मी में काम करते हो

3:19:38तो इसका मतलब कि तुम अपने आप में हाई

3:19:40कास्ट हो तो हर कोई जॉइन कर करना चाहता है

3:19:42आर्मी को इस तरह का हर हर किसी में थॉट

3:19:45प्रोसेस आ रहा है और यह आर्मी की जॉइनिंग

3:19:48जो है यू नो क्रेज है लोगों में कि हां

3:19:49चलो जवाइन कर सकते हैं हम ईस्ट इंडिया

3:19:52कंपनी के अंडर सॉय बन सकते हैं कोई दिक्कत

3:19:54की बात नहीं प्लस सारे कास्ट रूल वगैरह भी

3:19:57फॉलो हो रहे हैं क्योंकि जब हाई कास्ट

3:19:58आर्मी है तो सारे कास्ट रूल फॉलो होते हैं

3:20:00बट ये जब हा हायरिंग यू नो पहले खूब

3:20:03हायरिंग हुई हायरिंग हुई हायरिंग हुई एक

3:20:05टाइम के बाद जब ये डिपेंडेंसी खत्म हो गई

3:20:07राइट है ना ये भी साइडलाइन हो चुके हैं ये

3:20:09इंडियन स पॉइज की हायरिंग बहुत हो गई है

3:20:12एक टाइम के बाद हुआ कि नहीं अब इतना इतना

3:20:14तवज्जो देने की जरूरत है नहीं तो स्पेशली

3:20:17आफ्टर

3:20:191820 1820 के बाद हुआ कि नाउ वी नीड

3:20:22यूनिफॉर्म रूल थोड़ा पहले ही आ गया था बट

3:20:25स्टिल यूनिफॉर्म रूल हर किसी के

3:20:29लिए राइट है या फर ऐसा लिखो कि हा

3:20:31यूनिवर्सल मिलिट्री

3:20:33कल्चर यूनिवर्सल मिलिट्री

3:20:39कल्चर ऐसा आ गया अब यूनिवर्सल मिलिट्री

3:20:42कल्चर के तहत हुआ कि क्या कास्ट रूल फॉलो

3:20:44हो सकते हैं नहीं कह र आप धोती पहने हुए

3:20:46हैं ना पैंट पहनी है राइट है ना आप ये

3:20:48तिलक लगाए तिलक नहीं लगा सकते आप आप जो

3:20:50दाढ़ी रखे हो दाढ़ी नहीं रख सकते ऐसे

3:20:52दुनिया भर के रूल्स बताना चालू हो गया

3:20:54प्लस प्लस प्रमोशन भी नहीं हो रहा था तो

3:20:56हमने ये सारा दर्द समझा था जब हम 1857 का

3:20:58रिवोल्ट का बात कर रहे थे राइट तो हमने

3:21:00समझा कि हां ये सारे दर्द के बाद सपोस का

3:21:02जो दर्द है बिकॉज ऑफ दिस यूनिफॉर्म जो है

3:21:05रूल हमने देखा कि एक क्रांति

3:21:08हुई जिसको अंग्रेज कहते हैं कि हां इट इज

3:21:11स पॉय बूटनी तो हमने 1857 की क्रांति

3:21:16देखी 1857 की रिवोल्ट

3:21:2157 रिवोल्ट ऐसा हमने देखा यहां इस समय

3:21:24एकदम से कहानी अलग ही हो गई बिकॉज ऑफ दिस

3:21:27कल्चर एंड जब जब यह 1857 की जो है क्रांति

3:21:32हुई तो एक बात उठी कि अब हमें आर्मी को

3:21:35रीऑर्गेनाइज करना चाहिए राइट तो यहां प

3:21:37बात उठी कि आर्मी को रीऑर्गेनाइज करने की

3:21:40जरूरत है सिस्टमिक रीऑर्गेनाइजेशन की

3:21:42जरूरत रैंडम नहीं कि हां हमको ऐसा लगता

3:21:45ऐसा कर दो नहीं नहीं नहीं अ वेरी सिस्टमिक

3:21:48रीऑर्गेनाइजेशन इज

3:21:50इंपॉर्टेंट एंड फॉर वेरी वेरी सिस्टमैटिक

3:21:53रीऑर्गेनाइजेशन बुलाया गया जोनाथन पीर को

3:21:571857 में एक कमीशन बिठाया गया जिसका नाम

3:22:00है जोनाथन पीर

3:22:05कमीशन जोनाथन

3:22:08पीर

3:22:10कमीशन पील

3:22:13कमीशन जोनाथन पील कमीशन ने कहा कि भाई जो

3:22:16है यू नो हमें इस तरह से रिगना इज करना

3:22:18चाहिए कि फॉर एग्जांपल हमें जो है बंगाल

3:22:21आर्मी में बंगाल आर्मी में जो है वी शुड

3:22:24हैव

3:22:261:2 मतलब मतलब कि हर दो इंडियन सोल्जर पे

3:22:30एक यूरोपियन सोल्जर होना चाहिए तो नंबर ऑफ

3:22:32इंडियन सोल्जर कंपैरेटिव कम होने चाहिए जो

3:22:34है मतलब ओवरऑल तो ज्यादा होगा बट हर दो पे

3:22:37एक होगा तो हम बैलेंस कर पाएंगे दिस इज द

3:22:39पॉलिसी ऑफ काउंटर पॉइस कि यहां जो है है

3:22:41हम बैलेंस कर पाएंगे ऐसा नहीं होगा कि हां

3:22:442000 इंडियन सोल्जर हैं पांच अमेरिकन

3:22:46सोल्जर या यूरोपियन सोल्जर है नहीं ऐसा

3:22:48होना चाहिए कि अगर 1000 इंडियन सोल्जर हैं

3:22:50तो 500 अमेरिकन सोल्जर भी हैं तो बंगाल

3:22:53में बंगाल में जो है यू नो बात हुई कि 1:2

3:22:56का रेशियो ठीक रहेगा वही मद्रास और बॉम्बे

3:22:59में रिकमेंड किया गया मद्रास और

3:23:02बॉम्बे की आर्मी बोला गया कि हां भाई आप

3:23:062:5 भी रख सकते हैं 1:2 थोड़ा ज्यादा

3:23:09एंबिशियस है बंगाल में इट मेक्स सेंस और फ

3:23:12प्लस कोई भी इंपोर्टेंट पोजीशन मत दो उनको

3:23:14आर्टिलरी वगैरह इन लोग से दूर रखो राइफल

3:23:16वगैरह अच्छी राइफल मत दो तो यहां पे काइंड

3:23:18ऑफ इंडियन सॉस को थोड़ा सा मार्जिनलाइज

3:23:21किया लेस पावरफुल किया कि हां ये दोबारा

3:23:23इस तरह से दोबारा जो है यह बात ना उठे

3:23:26दोबारा इस तरह से कहानी ना हो राइट तो

3:23:29कोशिश करी जा रही है कि हां अब तक अगर 14

3:23:32पर ब्रिटिश आर्मी थी तो अब तक अगर 14 पर

3:23:36ब्रिटिश

3:23:37थे तो कोशिश करी जा रही है कि वन बाय थर्ड

3:23:40यानी 33 पर

3:23:44ब्रिटिश अचीव करने की कोशिश करी जा रही

3:23:47ताकि ताकि कल को अगर कुछ हो तो हम लोग हम

3:23:50लोग जो है उसको हैंडल कर सके बात संभाल

3:23:52सके दूसरा दूसरा 189 में एक और बात

3:23:56उठी

3:23:58189 देर एशले

3:24:01कमीशन

3:24:04एशले

3:24:06कशन आश कमीशन से पूछा गया कि क्या यह

3:24:09रीऑर्गेनाइजेशन ठीक है तो उन्होने कहा कि

3:24:11जो जो पील साहब ने कहा है राइट है ना क्या

3:24:14बात कए मजा ही आ गया इसके साथ-साथ एक और

3:24:17कांसेप्ट लाया गया मार्शल और नॉन मार्शल

3:24:20रेसेस

3:24:23का नॉन मार्शल रेसेस मार्शल एंड नॉन

3:24:27मार्शल रेसेस जिसके तहत हुआ कि देखो कुछ

3:24:29ऐसे लोग होते हैं जो लड़ाई के लिए बने

3:24:32होते हैं राइट युद्ध में पंगत होते हैं

3:24:34बहुत बढ़िया वॉर करते हैं उनकी हायरिंग

3:24:36करनी चाहिए राइट लेकिन लेकिन कुछ ऐसी ऐसी

3:24:38कम्युनिटीज है जो जो है वॉर केलिए नहीं

3:24:40उनकी हायरिंग नहीं नहीं करनी चाहिए पूछा

3:24:42गया ऐसा कौन होता है भाई है ना तो ऐसी थॉट

3:24:45पहले वॉरेन हेस्टिंग्स ने भी एक जमाने में

3:24:47दी थी तो वरन हेस्टिंग्स ने भी ऐसा कहा था

3:24:49कि कुछ लोग वॉर के लिए अच्छे होते हैं कुछ

3:24:50लोग वॉर के लिए अच्छे नहीं होते उनसे पूछा

3:24:52गया था कि वरन हेस्टिंग से बताओ भाई ऐसा

3:24:54क्यों कह रहे हो कह रहे हैं कि जो वीट

3:24:55ईटिंग जनता है राइट वीट ईटिंग वो आर्मी के

3:24:59लिए जो है बढ़िया जनता है लेकिन जो राइस

3:25:01ईटिंग जनता है है ना वो थोड़ा लेथार्जिक

3:25:03होते हैं राइट है ना जो है एक्टिव नहीं

3:25:05होते एनर्जी कम होती है इसीलिए जो है उनको

3:25:07आर्मी में हायर नहीं करना चाहिए तो ऐसा

3:25:09आईडिया किसी जमाने में वॉरेन ने भी दिया

3:25:12था बट यहां पे यहां पे हम देखेंगे कि हां

3:25:14एशली एडन कह रहे हैं कि हां मार्शल नॉन

3:25:16मार्शल रेसेस तो इनके हिसाब से इनके हिसाब

3:25:18से गोरखा अफगानी पंजाबी मराठा दीज आर

3:25:22मार्शल रेसेस राइट है ना कि हां दे हैव

3:25:24एक्सपीरियंस इन वॉर दे आर वेरी मच यू कैन

3:25:26से एक्सपर्ट इन वॉर इनको हायरिंग करेंगे

3:25:28तो आर्मी हमारी काफी स्ट्रांग रहेगी लेकिन

3:25:30बाकी सब जो हैं बाकी सब जो हैं बाकी सारे

3:25:32क्या हैं नॉन मार्शल रेसेस हैं राइट उनको

3:25:34हायरिंग उनको हायर नहीं करना चाहिए तो इस

3:25:36तरह से हायरिंग में भी डिस्टिंग्विश किया

3:25:38जा रहा है कि हां हम हायरिंग भी यहीं से

3:25:40करेंगे अवध से हायरिंग नहीं करेंगे राट

3:25:42बंगाल से हायरिंग नहीं करेंगे है ना तो

3:25:44वहां पे रिस्ट्रिक्टर रहे हैं कि हां इन

3:25:46एरिया से बिहार वगैरह से उड़ीसा से इन सब

3:25:48से हायरिंग नहीं करेंगे हमारी हायरिंग

3:25:49अफगानिस्तान से या फिर जो है पंजाब से

3:25:51प्रोविंसेस बलूचिस्तान या फिर जो अफगानी

3:25:53प्रोविंसेस से या फिर जो है मराठा से या

3:25:55फिर मेनली गोरखा से तो गोरखा और सिख दो तो

3:25:58जो है एकदम यू नो टॉप पे हैं कि हां यहां

3:26:00से हायरिंग करेंगे तो बढ़िया रहेगा तो

3:26:03मार्शल और नॉन मार्शल रेसेस का कांसेप्ट

3:26:06आया अंडर दिस

3:26:07कमीशन राइट है ना आइए समझते हैं इस बात को

3:26:10तो हम लोग बात कर रहे हैं कि यहां जो है

3:26:13या हम बात कर रहे हैं ओके ज्यादा आगे आ

3:26:15गया या तो हम बात कर रहे हैं आर्मी की कि

3:26:18पहले दो तरह के आर्मी हुआ करती थी बिफोर

3:26:201857 कंपनी ट्रूप और जो है अ आर्मी ट्रूप

3:26:23राइट है ना ये समझा हमने सरी क्वीन ट्रूप

3:26:25और जो है कंपनी ट्रूप और फिर हमने उसकी

3:26:27कहानी समझी है ना थोड़ा बियोंड द बुक है

Reorganisation of army

3:26:29राइट है ना परेशान मत होना नाउ 1857 में

3:26:32जैसे डफरिन भी कहते हैं डफरिन कहते हैं

3:26:34बाद में 1888 में आके कि हां द सिस्टमिक

3:26:36ऑर्गेनाइजेशन जो है यू नो इंपोर्टेंट था

3:26:38बिकॉज वी नीड टू लर्न कि 1857 में जो कांड

3:26:41हमारे साथ हुआ है वो दोबारा कभी नहीं होना

3:26:43चाहिए राट हम उसे सीखना चाहिए हमने बात

3:26:46करी रीऑर्गेनाइजेशन से कि हां ये

3:26:48रीऑर्गेनाइजेशन इंपॉर्टेंट है है ना कि

3:26:50यहां दोबारा य 1857 की रिवोल्ट ना हो इसके

3:26:53लिए इंपॉर्टेंट है प्लस प्लस एंपायर को

3:26:55कभी कोई चैलेंज ना करे कोई रशिया जर्मनी

3:26:57फ्रांस हमको चैलेंज ना करे इसके लिए भी

3:26:59इंपॉर्टेंट है प्लस जो इंडियन हम हायर कर

3:27:02रहे हैं इंडियस इतने सारे हायर कर रहे हैं

3:27:04तो अब आर्मी में दो तरीके के लोग आर्मी

3:27:07में अब इंडियन भी है और यूरोपिय भी है

3:27:12और ये नंबर काफी बढ़ गया है तो इतनी बड़ी

3:27:14आर्मी का क्या करना है कह रहे हैं कि जो

3:27:15इंडियन है इनको बाकी जगह हमारी लड़ाई दंड

3:27:18भेज दो कहीं एशिया में लड़ाई हो रही हो

3:27:20अफ्रीका में लड़ाई हो रही हो यूरोप में

3:27:21लड़ाई हो रही हो कहीं भी विदेश में लड़ाई

3:27:24हो रही है इनको भेज दो और जो यूरोपियन है

3:27:26या फिर जो है ब्रिटिशर्स हैं इनको इंडिया

3:27:28में एंपायर मेंटेन करने के लिए रखे रहो

3:27:30ऐसा नहीं सबको भेज देंगे लेकिन हां दिस इज

3:27:33वन ऑफ द आइडिया एक्सपेंशन इन एशिया एंड

3:27:35अफ्रीका इंडियन आर्मी से कर देंगे और जो

3:27:37ब्रिटिश सेक्शन है वो इंश्योर करेगा कि

3:27:39इंडिया में कोई हमको चैलेंज ना करे

3:27:42तो रीऑर्गेनाइजेशन तो रीऑर्गेनाइजेशन हमने

3:27:44कहा कि रीऑर्गेनाइजेशन

3:27:4818591 बाय थर्ड एटलीस्ट हमको अचीव करना है

3:27:51राइट है ना कि बंगाल आर्मी में 1:2 और

3:27:54मद्रास बम्बे में 2:5 दिस इज समथिंग दे

3:27:56वांट प्लस प्लस स्ट्रिक्ट यूरोपियन

3:28:00मोनोपोली ओवर की ज्योग्राफिकल लोकेशंस कोई

3:28:03इंपॉर्टेंट जगह है जैसे कि इलाहाबाद

3:28:04दिल्ली ऐसी जगह पर यूरोपिय का दबदबा होना

3:28:07चाहिए ऐसे डिपार्टमेंट जो कि इंपॉर्टेंट

3:28:10है जैसे कि आर्टिलरी टैंक आर्म्ड कॉप्स

3:28:12यहां पर यूरोपिय का दबदबा होना चाहिए

3:28:15इनफैक्ट मैं कह रहा था आपसे कि राइफल भी

3:28:17जो दी जा रही है इंडियंस को टिल 1900 दिस

3:28:19इज ऑफ इनफीरियर क्वालिटी अच्छी राइफल नहीं

3:28:22दे रहे कभी-कभी फायर ही नहीं हो रहा है

3:28:24राइट है ना कि बढ़िया डिपार्टमेंट नहीं दे

3:28:25रहे उनको जो है हाईटेक डिपार्टमेंट में जो

3:28:27है अलाव ही नहीं कर रहे हैं तो कहीं ना

3:28:29कहीं इंडियंस को शक की नजर से देखा जा रहा

3:28:31है आर्मी में और ना ही उनको हाईयर रैंक दी

3:28:34जा रही कोई ऑफिसर रैंक भी नहीं दी जा रही

3:28:36ना ही ऐसी कोई पोजीशन दी जा रही है ना ही

3:28:38कोई स्ट्रांग लोकेशन दिया जा रहा है कि कल

3:28:40को दोबारा अगर कोई कुछ ऐसा हुआ खुदाना

3:28:42खस्ता तो हम लोग कहीं मुंह दिखाने के लायक

3:28:44नहीं रहेंगे ऐसा अंग्रेजों को लग रहा

3:28:49है राइट प्लस प्लस जब कांग्रेस आई तो

3:28:52कांग्रेस ने एक मुद्दा उठाया फिर से

3:28:54कांग्रेस कांग्रेस का एक मुद्दा तो

3:28:56कांग्रेस का मुद्दा है कि ये बताओ इंडियंस

3:28:59को ऑफिसर क्यों नहीं बनाते हो राइट है ना

3:29:01इंडियंस को ऑफिसर आपको बनाना चाहिए है ना

3:29:03तो तो लोगों ने समझाया कि हां भा जो है

3:29:06ऐसा नहीं हो सकता किसने समझाया अंग्रेजों

3:29:08ने समझाया कि ऐसा नहीं हो सकता कि हां

3:29:10इंडियन ऑफिसर हमको हमको जो है कमांड करें

3:29:12ब्रिटिशर्स को कमांड करें यह सेंस नहीं

3:29:14बनता तो हम इंडियन ऑफिसर नहीं बनाएंगे है

3:29:17ना तो इनिशियली इट वाज वेरी वेरी क्लियर

3:29:20कि इंडियन ऑफिसर नहीं बनेगा राइट फॉर अ

3:29:22वेरी वेरी लॉन्ग टाइम य विल

3:29:25रियलाइफ इससर बन ही नहीं सकता है र इंडियन

3:29:29ऑफिसर वाली बात प वापस आएंगे राइट है ना

3:29:31कि हां जो है इट इज टिल

3:29:321926 कि यहां जो है कोई रिकॉग्नाइज ही

3:29:35नहीं कर रहा है कि इंडियन ऑफिसर बनना

3:29:36चाहिए कि नहीं बनना चाहिए र वील कम बैक टू

3:29:39दिस तो या सो जो है ओ ओवरऑल ये जो

3:29:41रीऑर्गेनाइजेशन है दिस इज पॉलिसी ऑफ

3:29:44बैलेंस एंड काउंटर पॉइस राइट पॉलिसी ऑफ

3:29:47बैलेंस कि यहां बैलेंस भी करना है और

3:29:50काउंटर पॉइस काउंटर पॉइज मतलब कि जरूरत

3:29:53पड़े तो हां जो है उसको काउंटर भी किया जा

3:29:56सके हराया भी जा सके दिस इज द होल आइडिया

3:29:59अभी मैंने आपको बताया यहां

3:30:1018792 कु जगह से मार्शल रेसेस आएंगी कुछ

3:30:12जगह से नॉन मार्शल रेसेस आएंगी एंड दिस

3:30:14विल कंटिन्यू फॉर वेरी वेरी लॉन्ग टाइम

3:30:16ऐसा कमांडर इन चीफ उस समय लॉर्ड रॉबर्ट ये

3:30:18कह रहे हैं अगेन अगे जो मैंने टाइमलाइन

3:30:20में बताया दैट इज इंपोर्टेंट आगे कहानी

3:30:22सुना रहा हूं मैं तुम्हें है ना कि हां

3:30:23उससे रिलेटेड कहानी क्या है सो व्हाट दे

3:30:26वांटेड कि जो है उनके हिसाब से कास्ट और

3:30:28कम्यून कंपनीज र इंट्रोड्यूस्ड यहां जो आप

3:30:31रेजीमेंट बनाओ वो कास्ट के बेसिस पर

3:30:34रेजीमेंट बनाओ क कम्युनिटी के बेसिस पर

3:30:37रेजीमेंट बनाओ राइट है ना है ना समझो इस

3:30:40बात को को कि क्या चाहते

3:30:42हैं तो जो ये कह रहे हैं पॉलिसी

3:30:46ऑफ

3:30:49बैलेंस एंड काउंटर पॉइस यह क्या

3:30:52है तो दिस इज आल्सो पार्ट ऑफ

3:30:55रीऑर्गेनाइजेशन

3:30:59जो हम रीऑर्गेनाइजेशन कर रहे हैं उसमें

3:31:02थॉट प्रोसेस यह

3:31:04है राइट जैसे हमने कहा कि हां भाई जो है

3:31:0733 पर ब्रिटिश होने

3:31:09चाहिए उसी के तहत ये कह रहे हैं कि आप जो

3:31:13है यू नो जो रेजीमेंट्स क्रिएट करिए

3:31:16रेजिमेंट क्रिएट करिए कास के बेसिस

3:31:19पे राइट या फिर रिलीजन के बेसिस पे या फिर

3:31:23एरिया के बेसिस

3:31:27पे राइट हा रीजन के बेसिस प कि हां इस जगह

3:31:30के लोग आ रहे हैं इस तरह से क्या हो

3:31:32डिफरेंसेस

3:31:34प्लस अनदर थिंग इ कीप देम आइसोलेटेड

3:31:38आइसोलेटेड कहीं कोई कैंट एरिया में गैरिसन

3:31:41में यहां पर रखो आर्मी को दुनिया से दूर

3:31:44रखो यहां कोई न्यूज मत पहुंचने दो यहां

3:31:47गांधी जी की बातें नेशनलिज्म की बातें मत

3:31:49पहुंचने

3:31:51दो राइट ताकि कल को कल को जब हमें जरूरत

3:31:55पड़े जब हमें जरूरत पड़े तो यह मान लो अगर

3:31:59जो है कोई एक कम्युनिटी ए है तो व बी पर

3:32:02गोली चलाने से पहले सोचे ना यह ना सोचे कि

3:32:05ये भी भारतीय है अपना है गोली नहीं मारते

3:32:07तो ए बी को गोली मारे बी ए को गोली मारे

3:32:10सी दोनों को मारे ऐसा कुछ माहौल हम देखना

3:32:12चाहते हैं राइट तो अगर हम रेजीमेंट इस

3:32:15तरीके से बांट के बनाएंगे कि हां जो है

3:32:17रेजीमेंट आपस में एक दूसरे से रिलेट नहीं

3:32:19कर रही एक को लग रहा है कि सामने सिख खड़ा

3:32:21है दूसरे को लग रहा है सामने गोरखा खड़े

3:32:23हैं और हम सारे एक देश का पार्ट नहीं है

3:32:25नेशनलिज्म की भावना इनमें नहीं है क्योंकि

3:32:27दे आर आइसोलेटेड इन गैरिसन राइट तो फिर

3:32:30क्या होगा आराम से एक दूसरे को गोली

3:32:32मारेंगे लोग तो ये ओवरऑल पॉलिसी रही है कि

3:32:35रीऑर्गेनाइज कर दो और प्लस आइसोलेट कर दो

3:32:38राइट प्लस प्लस इनको जो है रेजीमेंट जो

3:32:40बनाओ वो अलग-अलग बेसिस प बनाओ ताकि जो है

3:32:43हम इस बात का फायदा उठा सके सो सो दे आर

3:32:47सेइंग कि हां जो है यह जो कम्युनल और

3:32:49कंपनी ये कम्युनल और कास्ट कंपनीज अगर आप

3:32:51इंट्रोड्यूस करेंगे तो उससे इंडियन

3:32:53रेजीमेंट जो क्रिएट होंगी वो कल को एक

3:32:55दूसरे को बैलेंस कर सकेंगे राट कम्युनल

3:32:57कास्ट ट्राइबल एंड रीजनल कॉन्शियस वास

3:32:59इनकरेज टू चेक द ग्रोथ ऑफ नेशनलिस्टिक

3:33:02फीलिंग कि कहीं से भी कोई नेशनलिज्म की

3:33:04भावना कहीं पे भी नहीं आनी चाहिए राइट तो

3:33:07ये कहते हैं चार्ल्स वुड कहते हैं चार्ल्स

3:33:09वुड इन 1850 वही जो है 57 की बात जो है यह

3:33:12कहते हैं कि आई विश टू हैव अ डिफरेंट एंड

3:33:14राइवल स्पिरिट इन डिफरेंट रेजिमेंट

3:33:16अलग-अलग रेजीमेंट में राइवल स्पिरिट होनी

3:33:18चाहिए सो दैट सिख माइट फायर इनटू हिंदू

3:33:21राइट सिख हिंदू को गोली मार दे गोरखा

3:33:23दोनों को गोली मार दे राइट और बिना कोई

3:33:26सोचे समझे राइट यह कोई दर्द ना हो रिग्रेट

3:33:28ना हो कि हम क्यों मार रहे हैं आराम से यह

3:33:30काम हो जाए तो यह इनका थॉट प्रोसेस रहा है

3:33:33इन द होल रीऑर्गेनाइजेशन

3:33:35नाउ इसमें बस एक लास्ट बात थोड़ा ऐड करते

3:33:38हैं कमिंग बैक ऑफिसर वाली बात को ऐड करते

3:33:40हैं

3:33:42सो

3:33:43सो तो जब कांग्रेस आई है ना तो बात को

3:33:45कंक्लूजन

3:33:48आई तो कांग्रेस ने बोला कि कमीशन ग्रेड

3:33:51यानी ऑफिसर रैंक हमको चाहिए साब राइट है

3:33:54ना तो 1885 में कांग्रेस आ चुकी है अगेन

3:33:56सेम कहानी उसकी कुछ डिमांड

3:33:59है

3:34:011885 इंडियन नेशनल कांग्रेस आ चुकी है और

3:34:04ये कह रहे है कि कमीशन ग्रेड ग्रेड में

3:34:07इंडियंस की एंट्री करो सर उनको कमीशन करो

3:34:09एज एन ऑफिसर

3:34:15जो कि ऑफिसर्स कह रहे हैं कि कैसी बात कर

3:34:17दी तुमने ऐसा थोड़े होता है हम नहीं हायर

3:34:19करेंगे तो हाईएस्ट रैंक जो एक इंडियन को

3:34:21मिल सकती थी व थी सूबेदार 1914 तक यही

3:34:24कहानी थी 1914 तक हाईएस्ट रैंक वि यू कैन

3:34:27गेट इन आर्मी सुभेदार

3:34:30नाउ 1918 में जब मट फोर्ड रिफॉर्म आए सेम

3:34:34कहानी मट फड

3:34:38रिफॉर्म

3:34:391918

3:34:421918 तब इन्होंने पहली बार कहा कि नहीं

3:34:45भाई ऐसा नहीं है इट इज अलाउड कैसे होगा

3:34:48पता नहीं बट इट इज अलाउड एटलीस्ट ऑन

3:34:51पेपर्स इट इज अलाउड बट अगेन इससे कुछ

3:34:54प्रॉब्लम सॉल्व हो रही है अभी प्रॉब्लम

3:34:55सॉल्व नहीं हुई फिर से कमीशन बैठेगा जो है

3:34:58आपका

3:35:001926 1926 एक कमेटी बिठाई गई है अंडर

3:35:05इंडियन सैंडर्स

3:35:07कमिटी

3:35:09इंडियन कमटी का नाम है इंडियन सैंड हर्स्ट

3:35:12कमिटी सैंड हर्स्ट का मतलब होता है कि

3:35:15ब्रिटेन में एक स्कूल है ब्रिटिश आर्मी

3:35:18ट्रेनिंग के लिए जो कि सैंड हस्ट है तो

3:35:21उसी के नाम पे एक इंडियन सैंड चाहिए जहां

3:35:23पे इंडियन ऑफिसर्स की ट्रेनिंग हो तो

3:35:25इंडियन सैंड हस्ट डिसाइड करने के लिए एक

3:35:27कमेटी बिठाई गई और जिसको हेड कर रहे हैं

3:35:30जिसको हेड कर रहे हैं एंड्रू की

3:35:33स्की एंड्रू स्कीन और इन्होंने कहा कि हां

3:35:37भाई एक सेंडस्ट वगैरह जो है यू नो होना

3:35:39चाहिए राइट ना बात होनी चाहिए तो पहली बार

3:35:43ज यहां पर देख रहे थे राइट है ना कि हां

3:35:45इंडियन सैंडर्स कमिटी ये विजुलाइज कर रही

3:35:47है कि % इनाइड ऑफिसर होने चाहिए बाय 1952

3:35:52तो इन्होंने कहा कि हां भाई होना तो चाहिए

3:35:53राइट बाय 1952 % ऐसी बात इन्होने

3:35:58कही % इंडियन

3:36:01ऑफिसर्स पर अगेन बात प पानी पड़ गया कुछ

3:36:04हो नहीं रहा था लेकिन नेक्स्ट राउंड टेबल

3:36:06कॉन्फ्रेंस जब हुई अंडर राउंड टेबल

3:36:08कॉन्फ्रेंस आरटीसी वन

3:36:111930 राउंड टेबल कान्फ्रेंस बात की भाई जो

3:36:14है इंडियन संडर्स बनाया जाए और तब बात बनी

3:36:18फिर से बात उठी कि हा बनाओ भाई इंडियन सस

3:36:20क्या कर रहे

3:36:21हो इसके लिए फिर से जो है एक कमेटी बिठाई

3:36:24गई 1931

3:36:27में यही पर कर सकते

3:36:36हैं 1931 की

3:36:39कमेटी

3:36:44कमिटी के हेड है उस समय फीड मार्शल

3:36:48थे फीड मार्शल फिलिप

3:36:53

3:36:55फिलिप चेट

3:36:57वड इन्होने कहा कि हा ठीक है बनाया जाए और

3:37:00फाइनली फाइनली इन 1932 फॉर द वेरी वेरी

3:37:03फर्स्ट टाइम

3:37:061932 फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम वी हैव

3:37:08इंडियन मिलिट्री अकेडमी आई

3:37:11दिस इज एट देहरादून व एक्चुअली जल्दी

3:37:14जल्दी बनाना था तो रेलवे का स्टाफ था क्

3:37:16रेलवे रेलवे स्टाफ क्वार्टर था उसी बना

3:37:18दिया कि चलो यही ट्रेनिंग करा दो तो

3:37:20फाइनली एटलीस्ट बाय 1932 वी हैड दिस जो है

3:37:22यू कैन से आईएमए इंडियन मिलिट्री अकेडमी

3:37:25राइट है ना स्टाफ में तो या ये छोटी थी

3:37:28कहानी छोटी सी कहानी थी मिलिट्री के बारे

3:37:30में तो वी आर डन विद मिलिट्री राइट आगे

3:37:33बढ़ते

3:37:34हैं सो नेक्स्ट हम बात

3:37:37करेंगे या तो नेक्स्ट हम बात करेंगे

Judiciary in British India

3:37:40जुडिशरी की नाउ नेक्स्ट इंपोर्टेंट टॉपिक

3:37:42इज जुडिशरी बात करते हैं डेवलपमेंट कि हां

3:37:44किस तरह ब्रिटिश इंडिया में जुडिशरी का

3:37:46डेवलपमेंट हुआ है तो ये लगता काफी सिंपल

3:37:48टॉपिक है बट ये थोड़ा सा

3:37:50कॉम्प्लेक्शन करेंगे आइए देखते हैं स अगर

3:37:53हम देखें कि हां मुगल एरा में जुडिशरी के

3:37:55नाम पर क्या हो रहा था तो लेटस अंडरस्टैंड

3:37:57दैट पार्ट तो मुगल अरा में या लेटर मुगल

3:37:59अरा में हम देखें तो किसी भी डिस्ट्रिक्ट

3:38:02में किसी भी प्रोविंस में अगर हम कहे

3:38:04प्रोविंस में प्रोविंस में दो तरह के

3:38:06फंक्शन हुआ करते थे एक फंक्शन होता था

3:38:08दीवानी पहले भी पढ़ा हम लोगों ने राइट

3:38:10दूसरा जो फंक्शन है च इज निजामत फंक्शन

3:38:13निजामत य थोड़ा सा वर्ल्ड हम रिलाइज कर

3:38:15सके इस इसकी बात कर रहे हैं तो दीवानी

3:38:17फंक्शन और निजामत फंक्शन दीवानी फंक्शन

3:38:20वाज मोर अबाउट कि हां एक तो रेवेन्यू

3:38:22कलेक्शन जैसा हमने पहले भी देखा कि

3:38:24रेवेन्यू कलेक्शन रेवेन्यू एनहांस मेंट यह

3:38:26सारा क्या था दीवानी फंक्शन का पार्ट था

3:38:28उसके लिए दीवान को भेजा जाता था सेंटर से

3:38:31प्लस इसका एक और काम है च इ सिविल

3:38:35जस्टिस तो जो सिविल जस्टिस का फंक्शन है

3:38:39वो एक्चुअली किसके पास पास है दीवान के

3:38:41पास है जो एक्चुअली रेवेन्यू भी देखता है

3:38:43यानी कि यानी कि आपका जो फैमिली लॉज हैं

3:38:46इन्हेरिटेंस का लॉ है एडॉप्शन का लॉ है

3:38:48मैरिज रिलेटेड लॉज है ऐसा सारा डिस्कशन जो

3:38:51है सारी चीजें होती थी अंडर दीवानी राइट

3:38:55है ना तो फैमिली लॉज जो है या फैमिली

3:38:57केसेस जो हैं वो सारे कहां पे देखे जाएंगे

3:38:59सिविल केसेस टेक्निकली देखे जाएंगे आपके

3:39:02सिविल जस्टिस में अलोंग अलोंग विद

3:39:04रेवेन्यू यानी जो पर्सन रेवेन्यू के लिए

3:39:06इंचार्ज है वही सिविल केसेस भी देखता है

3:39:09यह बात कोई बहुत नहीं बात नहीं है राइट

3:39:11हमने पहली बात एक्सेप्ट कर ली कि यहां जो

3:39:13आदमी रेवेन्यू देख रहा है जो दीवान ऑफिसर

3:39:15रेवेन्यू देख रहा है राट य देखने वाला

3:39:17आदमी कौन है दीवान तो ये जो रेवेन्यू देख

3:39:19रहा है वही वही क्या देख रहा है वही आपका

3:39:23आपका जुडिशरी भी देख रहा सिविल जस्टिस भी

3:39:25देख रहा है क्रिमिनल जस्टिस नहीं देख रहा

3:39:26लेकिन सिविल जस्टिस देख रहा है राइट है ना

3:39:29लेकिन दूसरा फंक्शन जो है निजामत एक तो यह

3:39:31मेंटेन करता है लॉ एंड

3:39:33ऑर्डर खर्चा लगेगा इसमें और दूसरा इसके

3:39:36पास है क्रिमिनल

3:39:39जस्टिस क्रिमिनल

3:39:42जस्टिस या तो ये दो फंक्शन हुआ करते थे

3:39:45हालांकि ऐसा कोई बहुत ऑर्गेनाइज स्ट्रक्चर

3:39:47नहीं है स्पेशली लेटर मुगल्स के टाइम में

3:39:49तो जो जो प्रोविंसेस में नवाब है वही सब

3:39:51कुछ एरोगेट कर चुका है राइट नवाब ही सब

3:39:54कुछ लेके बैठा हुआ है नवाब तो ऐसा कोई

3:39:57बहुत ऑर्गेनाइज्ड फंक्शन ये टेक्निकली

3:39:59देखो है नहीं हालांकि इसमें एक और बात

3:40:01बिफोर वी गो अहेड एक छोटी सी बात इसमें और

3:40:03ऐड करते हैं कि ये जो जस्टिस है जो

3:40:05जुडिशरी सिस्टम है स्पेशली सिविल जस्टिस

3:40:07फैमिली लॉज तो डिपेंड करता है कि आपका

3:40:09धर्म क्या है अगर कोई हिंदू फैमिली है

3:40:12हिंदू फैमिली तो उनके ऊपर लॉज जो लगेंगे

3:40:15वो हिंदू लॉज लगेंगे लेकिन अगर कोई

3:40:17मुस्लिम फैमिली है तो उनके ऊपर इस्लामिक

3:40:19लॉज लगेंगे सारिया वगैरह फॉलो होगा

3:40:21इस्लामिक

3:40:23लॉज बट क्रिमिनल केसेस में ऐसा नहीं है

3:40:25क्रिमिनल जस्टिस में सिर्फ एक लॉ चलता है

3:40:27व्हिच इज इस्लामिक

3:40:31लॉ इस्लामिक लॉ प्लस प्लस जो लैंग्वेज है

3:40:35कोर्ट की जो लैंग्वेज है यहां पे जो इन

3:40:37सारे जुडिशरी में लैंग्वेजेस जो यूज होंगी

3:40:40अंडर अंडर मुगल्स इट वाज पर्शियन तो सारा

3:40:44जो भी बही खाता है डिस्कशन है फाइलें हैं

3:40:47वो किस किस भाषा में तैयार होंगी पर्शियन

3:40:49भाषा में तैयार

3:40:51होंगे लद लद दिस वाज नॉट वेरी वेरी

3:40:54ऑर्गेनाइज्ड और इसमें हम देखेंगे कि लेटर

3:40:56मुगल्स के टाइम में उसके पहले भी जनरली

3:40:58क्या होगा कि विलेजेस में विलेजेस में अगर

3:41:00कोई हिंदू फैमिली है तो हिंदू फैमिली या

3:41:03तो बड़ों के पास जाएगी एल्डर्स वगैरह हैं

3:41:05कास्ट

3:41:06एल्डर्स उनके कास्ट के जो बड़े बूढ़े हैं

3:41:09वह बताएंगे कि क्या करना है या फिर पंचायत

3:41:12के पास कि पंचों बताओ क्या करना है झगड़ा

3:41:15हो गया है राइट है ना पंचायत के पास या

3:41:17फिर जमीदार के पास भी जाया जा सकता है कि

3:41:19हां सिविल जो फंक्शन था वो काफी हद तक

3:41:20जमीदारों के पास भी होता था तो जमींदार के

3:41:23पास भी जा सकते थे कि जमीदार साहब इस तरह

3:41:25का कुछ झगड़ा हो गया बताइए है ना अपने

3:41:27एरिया में जमींदार थोड़ा बड़ा आदमी था

3:41:28वर्चस्व वाला आदमी था तो उसके पास भी लोग

3:41:30जाते थे अपनी समस्या लेके कि हां इस तरह

3:41:32से फैमिली झगड़ा हो गया है बंटवारा करना

3:41:33है बताइए क्या करें इन्हेरिटेंस वगैरह

3:41:35वाला सारा मुद्दा इस तरह से लोग उठाते थे

3:41:38दूसरी तरफ मुस्लिम साइड क्या होता था

3:41:40मुस्लिम साइड मुस्लिम साइड में अगर कोई

3:41:41मुस्लिम फैमिली है तो जनरली वो जाते थे जो

3:41:44है कोई मुस्लिम रिलीजियस हेड है जैसे कि

3:41:46काजी काजी का फंक्शन इज रिलेटेड टू

3:41:49रिलेटेड टू

3:41:51योर रिलेटेड टू जस्टिस राइट है ना तो ऐसे

3:41:54अकबर के टाइम में हम देखते भी है कि ऐसा

3:41:55डिपार्टमेंट भी है काजी का चीफ काजी की

3:41:57पोस्ट भी है एक रिलीजियस डिपार्टमेंट भी

3:41:59है सुद्र सुदूर जो दोनों क्लब कर रखे हैं

3:42:01उसने राइट है ना कि हां जो आपका रिलीजियस

3:42:03डिपार्टमेंट है और जो आपका जो है जुडिशरी

3:42:05डिपार्टमेंट है वो दोनों क्लब सा चल रहा

3:42:07है सो सो तो इस तरीके का माहौल था इट वाज

3:42:10नॉट वेरी वेरी ऑर्गेनाइज्ड जो है इस तरीके

3:42:13से लोक लोकली लोग किसी तरह मैनेज कर रहे

3:42:15थे इट वाज नॉट अ वेरी ऑर्गेनाइज्ड फंक्शन

3:42:18नाउ अब देखते हैं कि जो है आगे क्या हुआ

3:42:20जब जब अंग्रेज आए तो अंग्रेज अंग्रेजों के

3:42:24टाइम में क्या हुआ जरा यह बात हम समझने की

3:42:25कोशिश करते हैं तो एक हमने बात करी कि

3:42:28प्री कोलोनियल टाइम्सस में या फिर जो है

3:42:29मुगल टाइम्स में किस तरह की बातें हो रही

3:42:31थी रली हमने समझा कि हां कुछ इस तरह का हो

3:42:33रहा था कुछ नाम जाने हमने अगेन नाम ध्यान

3:42:36रखिए कि यहां निजामत निजामत राइट है ना कि

3:42:39हां जो निजामत फंक्शन है इसके लिए एक और

3:42:41वर्ड यूज करते हैं फौजदारी क्यों क्योंकि

3:42:43फौज की जरूरत है लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन हो

3:42:45रहा है राइट तो फौजदारी वर्ड भी यूज करते

3:42:47हैं फौजदारी

3:42:49नाउ नाउ अंडर अंडर जो है यू नो ब्रिटिशर्स

3:42:53तो टाइम लाइन पे आते हैं

3:42:56वापस तो अंडर ब्रिटिशर्स पहली बार अगर हम

3:42:59किसी कोर्ड का डेवलपमेंट देखें तो दिस हैज

3:43:02हैपेंड इन

3:43:031726 दिस इज फॉर एमसीक्यू पर्पस 1726 में

3:43:07हम देखेंगे कि एक डेवलपमेंट हो रहा है

3:43:11व्हिच इज व्हिच इज मेयर्स कोर्ट तो ईस्ट

3:43:14इंडिया कंपनी ने ही अपने काम को थोड़ा

3:43:16आसान करने के लिए एस्टेब्लिश किया है

3:43:18मेयर्स

3:43:21कोर्ट किसने किया है ईस्ट इंडिया कंपनीने

3:43:24ये ये कलका में है बॉम्बे में है मद्रास

3:43:27में यानी तीनों प्रेसिडेंसी में कलक

3:43:30बॉम्बे मद्रास तीनों ही प्रेसिडेंसी में

3:43:33इन्होंने इस तरह का मेयर कोर्ट एस्टेब्लिश

3:43:35किया है व्हिच इज लाइ कि हां पहली बार इस

3:43:37तरह का हमें कोर्ट देखने को मिल रहा है

3:43:38पहली बार एस्टेब्लिशमेंट ऑफ दिस काइंड ऑफ

3:43:40कोर्ट या ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला

3:43:42एस्टेब्लिशमेंट ऑफ द कोर्ट नाउ नाउ

3:43:44ड्यूरिंग डुअल डुअल रूल है ना जब डुअल

3:43:47गवर्नमेंट एजिस्ट कर रही थी जब अंग्रेज

3:43:50अंग्रेजों ने सिर्फ दीवानी राइट से रखी थी

3:43:52तो अंडर डुअल गवर्नमेंट

3:43:541765 से 72 का जो दौर था इसमें क्या हुआ

3:43:58कि जब दीवानी राइट्स यहां पे ले लिया तो

3:44:01टेक्निकली दीवानी राइट्स आने के बाद समझिए

3:44:03इस बात को दीवानी राइट जब अंग्रेजों के

3:44:05पास चला गया

3:44:08दीवानी राइट ब्रिटिशर्स ने ले लिया तो अब

3:44:11अब दे स्टार्टेड इंटरफेयरिंग इन द जुडिशरी

3:44:13सिस्टम एज वेल राइट तो बहुत सारे

3:44:15इंग्लिशमन जो थे दे स्टार्टेड इंटरफेयरिंग

3:44:18तो यहां पे पहली बार हम देखेंगे कि अंडर

3:44:20डुअल डुअल

3:44:23गवर्नमेंट जो डुअल गवर्नमेंट वाला पार्ट

3:44:25था वी सी इंटरफेरेंस बाय द

3:44:28इंग्लिश तो इंग्लिश मैन स्टार्टेड

3:44:31इंटरफेयरिंग

3:44:32और इससे कहानी बिगड़ रही है हां क्योंकि

3:44:36पता भी नहीं है क्या कर रहे हैं राइट ना

3:44:38हिंदू लॉ का आईडिया है ना जो है मुस्लिम

3:44:40लॉ का आईडिया है और उसमें जो है जज बनने

3:44:42की कोशिश कर रहे हैं कि नहीं ऐसा नहीं ऐसा

3:44:44होना चाहिए राइट अपने हिसाब से जो है

3:44:45बातें बता रहे हैं तो सिचुएशन बहुत बिगड़

3:44:48रही है बिकॉज उनको कोई आईडिया है नहीं कि

3:44:49हां क्या क्या जो है होना चाहिए नाउ अंडर

3:44:53वॉरेन हेस्टिंग तो 72 में हमें पता है कि

3:44:54वरन हेस्टिंग्स आएंगे और कहेंगे कि हां

3:44:56भाई ठीक है यहां से मैं टेक ओवर कर रहा

3:44:58हूं तो डुअल गवर्नमेंट खत्म हुई वरन

3:45:00हेस्टिंग्स ने टेक ओवर करी तो ड्यूरिंग द

3:45:02टाइम्स ऑफ वरन हेस्टिंग्स नाउ एटलीस्ट

3:45:05एटलीस्ट अगेन एज एन एडमिनिस्ट्रेटिव

3:45:07ऑर्गेनाइजर पीछे भी कहा मैंने कि वरन

3:45:09हेस्टिंग की अगर तारीफ करनी हो तो

3:45:10ऑर्गेनाइजर कह दो ये मत कहो बहुत अच्छा

3:45:12किया लेकिन फिर भी जुडिशरी के मामले में

3:45:14वरन हेस्टिंग को थोड़ा हम क्रेडिट दे सकते

3:45:16हैं कि हां वरन हेस्टिंग ने जो है थोड़ा

3:45:19सा ठीक किया है राइट है ना कि यहां इतनी

3:45:21बुराई भी नहीं करेंगे वरन हेस्टिंग ने

3:45:22थोड़ा सा यहां पे अचीवमेंट इनका ठीक है

3:45:25थोड़ा सा ऑर्गेनाइजेशन सिस्टम लाने की

3:45:26इन्होंने कोशिश करी स वरन हेस्टिंग्स

3:45:30ड्यूरिंग वरन हेस्टिंग्स हुआ क्या कि

3:45:33इन्होंने कहा कि ठीक है इस जुडिशरी सिस्टम

3:45:36को सॉल्व किया जाए क्योंकि अब हमारी सरकार

3:45:38है तो हमें देखना पड़ेगा तो एट

3:45:40डिस्ट्रिक्ट लेवल तो हर डिस्ट्रिक्ट में

3:45:44दो कोर्ट आपके होने चाहिए जो सिविल और

3:45:46जुडिशरी फंक्शन देखें तो डिस्ट्रिक्ट लेवल

3:45:49पर देर है टू हैव वन दीवानी

3:45:53अदालत एक दीवानी अदालत होगी तो एक दीवानी

3:45:56होगी और दूसरा दूसरा क्या होगी दूसरी आपकी

3:46:00फौजदारी अदालत होगी तो यह बात समझ गए हम

3:46:03कि क्या कहना चाह रहा है वो तो दीवानी और

3:46:05फौजदारी अदालत दोनों ही यहां पर क्रिएट

3:46:08करा किसने किसने क्रिएट किया आपके वरन

3:46:12हेस्टिंग्स ने दीवानी अदालत अब देखो ध्यान

3:46:15से देखो दीवानी अदालत किसका इसका कंट्रोल

3:46:17दिया उसने किसको दीवानी अदालत का कंट्रोल

3:46:20दिया उसने कि हां इसको हेड करेंगे

3:46:21कलेक्टर्स अब आप कहेंगे सर कलेक्टर को

3:46:24जुडिशरी का क्या आईडिया है ना ऐसा कैसे दे

3:46:27दिया अरे अभी तो देखा कि जो दीवान होता था

3:46:29वही सिविल जुडिशरी देखता था राइट तो जो

3:46:31कलेक्टर है जिसको रेवेन्यू का आईडिया है

3:46:32वही सिविल देखेगा ये तो सिस्टम पहले ही

3:46:34चला रहा था ऐसा नया थोड़ा उसने कुछ कर

3:46:36दिया उसने खाली डिस्ट्रिक्ट में

3:46:37एस्टेब्लिशमेंट किया है ऑर्गेनाइज कर रहा

3:46:39है वो चीज

3:46:40तो कलेक्टर को बोला कि भाई तुम ब्रिटिश

3:46:42कलेक्टर हो है ना हमारे ऑफिसर हो और क्या

3:46:44करो तुम यहां पर दीवानी फंक्शन जो है अदा

3:46:46करो तो दीवानी फंक्शन किसको दे दिया

3:46:48कलेक्टर को दे दिया प्लस प्लस अगेन अगेन

3:46:52जो है अब दीवानी है तो सारे सिविल केसेस

3:46:55इसी में होंगे कहने की जरूरत है नहीं तो

3:46:56सारे सिविल केसेस जो है वो भाई साहब के

3:46:58पास है कलेक्टर के पास है बट ये खाली 00

3:47:01तक ऐसा नहीं कि हां कोई बहुत बड़ा मुद्दा

3:47:04आ गया तो 00 तक का

3:47:07मुद्दा इस कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट लेवल पे

3:47:10हैंडल हो सकता है अब आज के हिसाब से ऐसा

3:47:12समझ लीजिए कि हां जो है 5 करोड़ तक का

3:47:14मुद्दा या 50 लाख तक का मुद्दा राइट बोला

3:47:16गया है कि हां डिस्ट्रिक्ट सॉल्व कर देना

3:47:18कोई दिक्कत की बात नहीं है तो एक एक

3:47:20फंक्शन आया दीवानी अदालत तो हर

3:47:22डिस्ट्रिक्ट में होगी एक दीवानी अदालत और

3:47:24एक होगी फौजदारी अदालत तो इधर बिठा दिया

3:47:26कलेक्टर को कलेक्टर को कलेक्टर को बोला

3:47:29गया कि हां भाई दो लॉज आपको फॉलो करने हैं

3:47:31राइट है ना कितना सिंपल सा फंक्शन है

3:47:33हिंदू लॉ अगर हिंदू फैमिली आपके पास आ जाए

3:47:36और मुस्लिम लॉस अब उसको कुछ आइडिया नहीं

3:47:39है तो उसकी हेल्प के लिए लोग रख दिए

3:47:41जाएंगे राइट है ना कि हां जो है जो

3:47:42बताएंगे कि हां क्या लॉज वगैरह होते हैं

3:47:44बट अदर वाइज हिंदू लॉज और मुस्लिम लॉज इन

3:47:46दो तरीकों से उसको यहां पे चीजें हैंडल

3:47:48करनी पड़ेंगी प्लस दूसरी साइड फौजदारी

3:47:51अदालत फौजदारी अदालत फौजदारी अदालत में

3:47:54क्या होगा कि फौजदारी अदालत में लगता है

3:47:56डेडिकेटेड इस्लामिक लॉ राइट है ना इतना

3:47:58कलेक्टर को पता ही नहीं है है ना कलेक्टर

3:48:00को कोई आईडिया नहीं है तो कलेक्टर को ये

3:48:02वाली जिम्मेदारी डायरेक्ट नहीं दे सकते तो

3:48:04बोलेंगे ठीक है चलो ठीक है अगर नहीं दे

3:48:06सकते तो हमारे पास लोग हैं वो देखेंगे तो

3:48:09यहां पर यहां पर जो है हायर होगा एक

3:48:11इंडियन

3:48:16ऑफिसर एक इंडियन ऑफिसर को हायर किया जाएगा

3:48:19राइट प्लस प्लस उसकी मदद के लिए है ना कि

3:48:22एक आदमी हायर किया जिसे भरोसा है और उसकी

3:48:24मदद के लिए यहां पर रखे जाएंगे काजी यहां

3:48:27पर रखे जाएंगे मुफ्ती जिनको इस्लामिक लॉस

3:48:29का आईडिया है तो काजी और मुफ्ती यहां पर

3:48:32हायर करे जाएंगे जिनको इस्लामिक लॉस का

3:48:34आईडिया है एंड इट गोज विदाउट सेइंग नाउ कि

3:48:36हां यहां पर मुस्लिम लॉस के हिसाब से

3:48:40मुस्लिम लॉस के हिसाब से चीज होंगी प्लस

3:48:43क्या य डेथ सेंटेंस दे सकते हैं नहीं डेथ

3:48:46सेंटेंस एंड प्रॉपर्टी कॉन्फिन यह दो चीज

3:48:50लोग नहीं कर

3:48:53सकते डिस्ट्रिक्ट लेवल पर डेथ और

3:48:56प्रॉपर्टी कॉन्फिन नहीं कर सकते इसके लिए

3:48:58क्या होता है अप्रूवल लगता है हायर कोर्ट

3:49:01हायर कोर्ट कहां है बात करेंगे तो हायर

3:49:04कोर्ट का इसमें अप्रूवल लगेगा इसको थोड़ा

3:49:06ऊपर ले हल्का

3:49:08सा

3:49:13डेथ या प्रॉपर्टी दोनों पर ही क्या लगेगा

3:49:15अप्रूवल

3:49:19लगेगा या तो यह हो गया डिस्ट्रिक्ट

3:49:21डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रिक्ट प कोर्ट अब अब इस

3:49:24पर एक हायर अथॉरिटी भी चाहिए राइट आपने

3:49:26दीवानी अदालत सेट अप कर दी राइट आपने एक

3:49:28फौजदारी अदालत सेट अप कर दी दो इंपॉर्टेंट

3:49:30आपके फंक्शंस हो गए एक बार स्ट्रक्चर समझ

3:49:33लो तो कहानी आसान हो जाएगी राइट फसारी

3:49:36अदालत नाउ इट इज रिक्वायर्ड कि इसके ऊपर

3:49:38एक सीनियर फंक्शन भी होना चाहिए राइट है

3:49:41ना यहां पर थोड़ी सी और जगह क्रिएट करें

3:49:43इंग्लिशमन इंटरफेयर थोड़ा सा साइड में कर

3:49:45ली

3:49:48इंग्लिशमन

3:49:52इंटरफेयर है ना ताकि एक ही बार हमको याद

3:49:54हो जाए कि यहां क्या हो रहा है नाउ नाउ हम

3:49:58देखेंगे कि हा कहेंगे इसके लिए सीनियर

3:49:59सीनियर एक जो है यू नो अदालत होनी चाहिए

3:50:02तो कहेंगे ठीक है एक एक कलक

3:50:05में बनाई

3:50:07जाए और जब बिफोर बिफोर वी गो देयर एक छोटी

3:50:10सी और बात कि जो है ये पूरा इंडियन ऑफिसर

3:50:14भरोसे छोड़ दिया गया है राइट डज नॉट मेक

3:50:15सेंस कि य ऐसे एसेट जो है सही नहीं बैठ

3:50:17रहा तो किसी ब्रिटिशर को जिम्मेदारी देना

3:50:19जरूरी है तो कलेक्टर को ही बोला जाएगा

3:50:22कलेक्टर को बोला जाएगा कि तुम इसका

3:50:24सुपरविजन करो राइट दिस इज

3:50:27सुपरविजन कि तुम देखते रहना ठीक हो रहा है

3:50:30कि नहीं हो रहा है ताकि डिस्ट्रिक्ट लेवल

3:50:32पे क्रिमिनल जस्टिस की ओनरशिप पूरी इंडियन

3:50:34ऑफिसर पे नाना चली जाए कलेक्टर ध्यान रखे

3:50:36कि हां एविडेंसेस वगैरह देखे जा रहे थे

3:50:38कोई मैल प्रैक्टिस फॉलो तो नहीं हो रही तो

3:50:40कलेक्टर की जिम्मेदारी है कलेक्टर वो आदमी

3:50:43है जो कलेक्टर है रेवेन्यू कलेक्ट करता है

3:50:45बट उसकी जिम्मेदारी सिविल जस्टिस में है

3:50:47एंड वो

3:50:48सुपरीटेंडेंस को भी सेंसिबल है बहुत

3:50:50सेंसिबल तो नहीं है लेकिन ठीक है चलो जो

3:50:52भी है बेटर है कलक कलकता में एस्टेब्लिश

3:50:55करी गई कलक में एस्टेब्लिश करी गई एक सदर

3:50:59दीवानी

3:51:00अदालत

3:51:01सदर दीवानी

3:51:05अदालत सदर दीवानी अदालत पर्पस परपज यह है

3:51:08कि भई इसका सुपीरियर कोर्ट कि हां अगर अगर

3:51:11कोई सीनियर कोई सीरियस मुद्दा है बड़ा

3:51:14मुद्दा है तो वो कौन देखेगा वो देखेंगे

3:51:16सदर दीवानी अदालत सदर दीवानी अदालत में

3:51:20सदर दीवानी अदालत की देखरेख करने के लिए

3:51:22यहां पर एक प्रेसिडेंट

3:51:25होंगे प्रेसिडेंट प्लस प्लस जो है सुप्रीम

3:51:29काउंसिल के

3:51:31मेंबर्स टू मेंबर्स ऑफ सुप्रीम

3:51:38काउंसिल प्लस तो बेसिकली गवर्नर जनरल की

3:51:41तरफ हम जा रहे हैं कि यहां जो जो सुपीरियर

3:51:43बॉडी है उनको ये सब कुछ हैंड ओवर कर दिया

3:51:45जाए प्लस इनकी मदद करने के लिए इंडियन

3:51:47ऑफिसर्स क्योंकि इनको तो पता नहीं है

3:51:50इंडियन

3:51:52ऑफिसर्स इंडियन ऑफिसर्स नाउ दे आर द वन जो

3:51:55यहां से कोई अपील होगा तो वो देखेंगे कोई

3:51:57बड़ा केस आ जाएगा 00 के ऊपर का केस आ

3:52:00जाएगा तो भी ये देखेंगे तो एक सीनियर

3:52:02कोर्ट एक जूनियर कोर्ट एक दीवानी अदालत

3:52:04डिस्ट्रिक्ट में और एक कोलकाता में आपके

3:52:06जो है सेंटर पे एक क्या है सदर दीवानी

3:52:08अदालत भी एजिस्ट करती

3:52:09यह हो गया सिविल साइड में सेम सेम

3:52:12स्ट्रक्चर हम देखेंगे कि हां एक सीनियर

3:52:14स्ट्रक्चर चाहिए हमको क्रिमिनल साइड में

3:52:16यह मिलेगा हमको

3:52:18मुर्शिदाबाद मुर्शिदाबाद में एक दूसरी जो

3:52:21है अदालत है इसका नाम है अगर यह फौजदारी

3:52:24थी तो यह यहां पर है सदर निजामत

3:52:27अदालत

3:52:29सदर निजामत

3:52:33अदालत सदर निजामत अदालत सदर निजामत अदालत

3:52:37में जो है एक अगेन जैसे यहां इंडियन ऑफिसर

3:52:40रखा गया था यहां पर एक डेप नजीम रखा

3:52:46जाएगा वही डिस्ट्रिक्ट वाला फंक्शन जो है

3:52:49उसी को रिपीट किया जा रहा है यहां एक

3:52:53डेप नजीम है जो ईस्ट इंडिया कंपनी से

3:52:57क्लोज है उसकी मदद के लिए चीफ काजी इस बार

3:53:00रखेंगे चीफ

3:53:01काजी चीफ काजी प्लस प्लस मुफ्ती प्लस

3:53:07मौलवी राइट प्लस

3:53:09है ना कि यहां जो ऑर्थोडॉक्स स्कॉलर या जो

3:53:11ऐसा कहिए इस्लामिक स्कॉलर्स है तो

3:53:13इस्लामिक स्कॉलर्स विल बी देयर जिनको

3:53:15इस्लामिक लॉ का आईडिया है और जो है वो

3:53:17इसकी देखरेख करेंगे इस पूरे जस्टिस को

3:53:19बताएंगे कि हां भाई इस्लामिक लॉ के हिसाब

3:53:22से क्या हो रहा है अगेन अगेन यहां पे

3:53:24हिंदू लॉ मुस्लिम लॉ दोनों फॉलो हो रहा

3:53:26होगा यहां पे खाली मुस्लिम लॉ फॉलो हो रहा

3:53:27होगा उसी हिसाब से लोगों को यहां पे हायर

3:53:29किया गया

3:53:31है प्लस प्लस जो है या और अगेन सेम बात कि

3:53:36जो प्रेसिडेंट है या ये जो काउंसिल है

3:53:38इन्हीं को को बोला जाएगा जैसे यहां पे हम

3:53:40बात कर रहे थे सुपरविजन की वैसे ही वैसे

3:53:42ही यहां पर भी बात आएगी सुपरविजन की क्या

3:53:45आप लोग सुपरवाइज कर सेम स्ट्रक्चर फॉलो हो

3:53:48रहा है यहां भी ऐसा ही था कलेक्टर

3:53:49सुपरवाइज कर रहा था यहां पे प्रेसिडेंट

3:53:51गवर्नर जनरल वगैरह जो है ये लोग अपना

3:53:53सुपरवाइज करेंगे इसको है ना तो वरन

3:53:56हेस्टिंग पर्सनल इसको देखेंगे हेड ऑफ द

3:53:58जस्टिस भी होना चाहिए कोई कोई भी अगर

3:53:59सीनियर हेड है तो वही हेड ऑफ द जस्टिस

3:54:01होगा तो हां वो सुपरवाइज भी करेंगे प्लस

3:54:04वरन हेस्टिंग के टाइम में एक और कोर्ट

3:54:06एजिस्ट करता है लेट्स नॉट फॉरगेट जिसका

3:54:09नाम है कलकाता में ही सुप्रीम

3:54:16कोर्ट सुप्रीम कोर्ट राइट सुप्रीम कोर्ट

3:54:20जो है सुप्रीम कोर्ट जो है पहली बात तो ये

3:54:23ऑपरेट करेगा इंग्लिश लॉज

3:54:28में इंग्लिश लॉज दूसरी बात दूसरी बात कि

3:54:32यहां जो है दिस इज अबाउट कोलकता ओनली

3:54:34जितने ब्रिटिश सब्जेक्ट हैं ब्रिटिश

3:54:37सब्जेक्ट्स इन कोलकाता उसके ऊपर

3:54:40ही यह एप्लीकेबल है बाकी जगह पे यह

3:54:43एप्लीकेबल नहीं

3:54:45है राइट बाकी जगह जो है इसका कोई कोई

3:54:48वर्चस्व नहीं होगा अगर बाहर से हम लोग

3:54:51चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जाके अपील

3:54:52करें तो हम सारे दोनों पार्टी को एग्री

3:54:55करना पड़ेगा और सुप्रीम कोर्ट में जाके

3:54:57केस फाइल करना पड़ेगा तभी सुप्रीम कोर्ट

3:54:58में केस फाइल हो सकता है अदर वाइज सुप्रीम

3:55:01कोर्ट में केस फाइल नहीं हो सकता अब देखो

3:55:03ये थोड़ा सा खिचड़ी भी है कि हां अब यहां

3:55:05पे हिंदू लॉज मुस्लिम लॉज ये दोनों फॉलो

3:55:07हो रहे हैं यहां भी हिंदू लॉज मुस्लिम लॉज

3:55:08यहां पे मुस्लिम लॉज और प्लस यहां पे

3:55:10इंग्लिश लॉज तो हर तरीके के लॉ फॉलो हो

3:55:12रहे हैं प्लस जो मालिक है उसे लोकल लॉस का

3:55:15कोई आईडिया ही नहीं है राइट उसे पता ही

3:55:17नहीं है कि हां क्या हो रहा है क्या नहीं

3:55:18हो रहा है राइट इस्लामिक लॉज में क्या

3:55:19बताया जा रहा है एक मौलवी कुछ और कह रहा

3:55:21है दूसरा मौलवी कुछ और कह रहा है सिमिलरली

3:55:23हिंदू लॉज में कोई ब्राह्मण कुछ और कह रहा

3:55:24है कोई ब्राह्मण कुछ और कह रहा है इस

3:55:26संस्कृत किताब में कुछ और पढ़ने में आ रहा

3:55:27है उस संस्कृत किताब में कुछ और पढ़ने को

3:55:29आ रहा है तो वरन हेस्टिंग यहां पे काफी

3:55:31परेशान है कि भाई किया क्या जाए ये थोड़ा

3:55:32सा रायता फैलता सा ही जा रहा है बट एनीवे

3:55:35व्हाट एवर क्या एक स्ट्रक्चर देखने को मिल

3:55:38रहा है यस एटलीस्ट वी हैव अ स्ट्रक्चर कि

3:55:40डिस्ट्रिक्ट में दो कोर्ट दिख रहे हैं

3:55:42हमको जो है सिटीज में दो सीनियर कोर्ट दिख

3:55:45रहे हैं कि कोलकाता में सदर दीवानी अदालत

3:55:47और मुर्शिदाबाद में सदर निजामत अदालत इतना

3:55:50कम से कम हमको सुपीरियर कोर्ट देखने को

3:55:52मिल र है प्लस एक सुप्रीम कोर्ट भी आ गया

3:55:54है बाय विच एक्ट रेगुलेटिंग एक्ट 1773 तो

3:55:57सुप्रीम कोर्ट भी आ गया है और इसके जो चीफ

3:55:59जस्टिस है उनका नाम है एलिजा

3:56:02इंपी तो चीफ जस्टिस यहां पर है अलीजा साहब

3:56:06अलीजा एम

3:56:09अलीजा

3:56:11एम तो सुप्रीम कोर्ट भी आ चुका है राइट

3:56:15तोय स्ट्रक्चर ऑलरेडी यहां पर क्रिएट होता

3:56:18हुआ था हमको नजर आ रहा है ना अन जैसा कि

3:56:21मैंने कहा कि कोडिफिकेशन एक बड़ी प्रॉब्लम

3:56:23है कि लॉस क्या है राइट कानून क्या है भाई

3:56:26क्या मानेंगे तो फॉर ट रीजन वरन हेस्टिंग

3:56:29ल्स ट्राइड कोडिफिकेशन

3:56:32हा भाई लॉस को कोडिफाई

3:56:37कराओ है ना लिखो कहीं पर ऐसा एक पहली

3:56:40कोशिश जो है वरन हेस्टिंग्स ने करी है तो

3:56:43वरन हेस्टिंग्स का कोडिफिकेशन अगर हम कहे

3:56:46तो कुछ किताबें कुछ किताबें जो हमको देखने

3:56:49को मिलती है वरन हेस्टिंग के साथ फॉर

3:56:51एग्जांपल एक किताब है कोड ऑफ जेंटू

3:56:54लॉस कोड ऑफ जेंटू

3:56:58लॉज तो जो संस्कृत लॉज हुआ करते थे उसमें

3:57:01से यह किताब क्रिएट करी

3:57:03गई कोड ऑफ जेंटू लॉस प्लस प्लस जो है कोल

3:57:09ब्रू की हम लोग बात कर रहे थे पीछे ज शुरू

3:57:11में हम बात कर रहे थे तो दिस बुक बाय द वे

3:57:13

3:57:141776 तो बाय 1776 वी हैव दिस कोड ऑफ जेंटू

3:57:17लॉज बाय 1791 वी हैव अनदर बुक च इ च इज

3:57:22योर कोल ब्रुक्स कोल

3:57:26ब्रुक्स

3:57:28डाइजेस्ट डाइजेस्ट ऑफ हिंदू लॉज अगेन

3:57:33हिंदू लॉस तो दो किताबें हिंदू लॉस के ऊपर

3:57:36यहां पर बनाई

3:57:37गई इसमें विलियम जोनस का भी कंट्रीब्यूशन

3:57:40है और एक और किताब है फतवा ए आलम गिरी तो

3:57:43इस्लामिक लॉस को समझने के लिए फतवा ए आलम

3:57:45गिरी को ट्रांसलेट किया जा रहा

3:57:50है बट ये हो नहीं पाया है ना ट्रांसलेशन

3:57:53ट्राई किया जा रहा है लेकिन ये पूरी तरह

3:57:55से हो नहीं पाए तो कोडिफिकेशन देखने को

3:57:58मिल रहा है हमको वॉरेन हेस्टिंग्स के टाइम

3:58:00में तो वरन हेस्टिंग्स के टाइम में

3:58:01स्ट्रक्चरिंग दिख रही है वरन हेस्टिंग्स

3:58:04के टाइम में हमको जो है कोडिफिकेशन का

3:58:05ट्रायल दिख रहा है कि हां हम कोडिफाई कर

3:58:07देंगे बताएंगे कि कानून क्या है व वरन

3:58:10हेस्टिंग के टाइम में हमको एक जूनियर

3:58:11कोर्ट्स दिख रहे हैं जो कि डिस्ट्रिक्ट

3:58:13में है और हमको सीनियर कोर्ट्स भी दिखाई

3:58:14दे रहे हैं जो कि जो कि आपके कोलकाता और

3:58:17मुर्शिदाबाद में है अलोंग विद सुप्रीम

3:58:18कोर्ट इन कलकाता प्लस हमें ये भी दिखाई दे

3:58:21रहा है कि हां देयर इज रिस्पांसिबिलिटी ऑन

3:58:23कलेक्टर राइट कलेक्टर को जुडिशियस

3:58:25रिस्पांसिबिलिटीज दी जा रही हैं ऐसा हमको

3:58:28वरन हेस्टिंग्स के टाइम में टाइम में

3:58:31दिखाई देता है है ना तो पहले इसको समझने

3:58:32की कोशिश करिए राइट ना फिर से एक बार बता

3:58:34दूं मैं कि वरन हेस्टिंग के टाइम में

3:58:36स्ट्रक्चर दिख रहा है डिस्ट्रिक्ट्स में

3:58:37आपको सिविल कोट कोर्ट और क्रिमिनल कोर्ट

3:58:39दोन दोनों दिख रहा है फिर इसके सीनियर

3:58:41कोर्ट आपको कोलकाता में सिविल जस्टिस और

3:58:44और जो है आपका मुर्शिदाबाद में क्रिमिनल

3:58:46जस्टिस दोनों का सीनियर कोर्ट हमें दिखाई

3:58:48दे रहा है इसके साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट भी

3:58:50है अलीजा एमपी का राइट जहां पे इंग्लिश

3:58:52लॉज फॉलो हो रहे हैं साथ ही साथ ही ट्राइड

3:58:54कोडिफिकेशन कि हां भाई कोडिफिकेशन किसी

3:58:56तरह सॉल्व कर दे बट है ये रायता राइट है

3:58:58ना इतनी आसानी से ये सॉल्व होने नहीं वाला

3:59:00एंड दैट इज द रीजन कि फिर से कवस को हम

3:59:02देखेंगे कि कन्वोस जो आते हैं तो कन्वोस

3:59:04क्या करते हैं नाउ इट इज एरा ऑफ कन्वोस

3:59:09कवस तो कवस की एंट्री करते हैं इस

3:59:12टाइमलाइन को थोड़ा सा क्लीन करते य ओरिजनल

3:59:15वाला छोड़ रहा

3:59:18हूं

3:59:22या हमने बात

3:59:25करी हम सबसे पहले बात कर रहे हैं अंडर वरन

Reforms: Warren Hastings

3:59:27हेस्टिंग्स वरन हेस्टिंग मैंने आपको बताया

3:59:29डिस्ट्रिक्ट दीवानी अदालत के बारे में

3:59:31राइट प्लस हमने बात

3:59:33करी डिस्ट्रिक्ट दीवानी अदालत के साथ साथ

3:59:35हमने बात करी कि हां जो है अपील जो है व

3:59:38सदर दीवानी अदालत की तरफ जाएगी राइट दूसरी

3:59:40तरफ हमने बात करी कि भाई एक डिस्ट्रिक्ट

3:59:42फौजदारी अदालत है राइट क्रिमिनल

3:59:43डिस्प्यूट्स के लिए और अपील जो है वो आपकी

3:59:45सदर दीवानी जो है अदालत में सदर निजामत

3:59:48अदालत में जाएगी ने बात करें कि हां भाई

3:59:51सुप्रीम कोर्ट भी आ चुका है अंडर

3:59:52रेगुलेटिंग एक्ट ऑफ़ 1773 राइट है ना जो

3:59:55कि जो कि जो है उनके ऊपर एप्लीकेबल है जो

3:59:57कि कोलकाता में है बाहर से अगर आपको आना

3:59:59है तो आप आ सकते हैं राइट है ना तो इसका

4:00:01अपना ओरिजिनल जूरिस क्शन भी है और आप अपील

4:00:03लेके भी आ सकते हैं पॉसिबल है सुप्रीम

4:00:05कोर्ट बट बहुत सारी क्लैश ंग हो रही है

4:00:07सुप्रीम कोर्ट के साथ बहुत सारी क्रशिंग

4:00:09हो रही है बाकी कोर्ट्स के जजमेंट के साथ

4:00:11बिकॉज देयर इज नो क्लेरिटी ऑन लॉस इंग्लिश

4:00:14लॉस कुछ और कह रहा है वो कुछ और कह रहा है

4:00:15सुप्रीम कोर्ट उसी बात पे कोई और जजमेंट

4:00:17दे रहा है बाकी कोर्ट कुछ और जजमेंट दे

4:00:18रहा है कुछ भी चल रहा है सो वन मोर थिंग

4:00:21वाज ट्राइड राइट है ना लेट्स ऐड वन मोर

4:00:24थिंग टू इट कि यहां वन मोर थिंग वास

4:00:26ट्राइड कि भाई ऐसा डिसाइड

4:00:28हुआ कि ये जो एलिजा एमपी है एलिजा एमपी

4:00:33ताकि इसमें और इसमें थोड़ी सी पैरि आ जाए

4:00:36तो एलिजा एमपी को इन्होंने कहा कहा कि भाई

4:00:39आप ही सदर दीवानी अदालत को सुपरिटेंडेंट

4:00:45सु प्रिटेंड करने की बात करी एलिजा एमपी

4:00:49को एलिजा एमपी ने कहा बहुत बढ़िया कितना

4:00:50पैसा दोगे कहेंगे 000 आपको हम जो है दिया

4:00:53करेंगे है ना जो है सालाना आपको 000 देंगे

4:00:56बहुत बढ़िया उस समय का 5000 50 लाख हो गया

4:00:59राइट तो अलीजा एमपी को ऐसा करके बोला गया

4:01:02पहली बात तो एलिजा एमपी वरन हेस्टिंग्स के

4:01:04दोस्त है मित्र हैं राइट तो दोनों एक

4:01:07दूसरे को सपोर्ट करते तो ये भी दोनों के

4:01:09बीच में क्या है नेक्सस है ये दोनों एक

4:01:10दूसरे के फायदे के लिए काम करते हैं तो

4:01:12फिलहाल तो वरन हेस्टिंग्स ने अलीजा एमपी

4:01:15को ये ऑफर किया कि हां चलिए थोड़ा सा

4:01:16कोऑर्डिनेशन ले आते हैं और आप सदर दीवानी

4:01:19अदालत को कलका में आप क्या करिए

4:01:21सुपरीटेंडेंस एक्स्ट्रा पैसा पन देंगे

4:01:24आपको राइट लेकिन फिर कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स

4:01:26ने कहा भाई क्या मचा रखा है राइट तो कोर्ट

4:01:28ऑफ डायरेक्टर्स ने कहा बंद करो इसको प्लीज

4:01:31तो कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स ने इसको फिर बंद

4:01:33कराया कि हां दिस डज नॉट सीम्स राइट प्लीज

4:01:36इसको बंद करिए एलिजा एमपी को रि इ करवाया

4:01:39तो ही

4:01:41रिजाइन दिस हैपन इन

4:01:431782 प्रिटेंड कर रहे थे वो 1780

4:01:48में सो तो कहानी आगे बढ़ाते है कि हा इस

4:01:50रायते को सॉल्व करने के करने के लिए

4:01:53बुलाया गया कन्वोस को तो फाइनली कोवल

4:01:56कमिंग

4:01:59इन रिफॉर्म्स अंडर

4:02:03कोवल कवस इसको थोड़ा सा क्लीन कर लेते

4:02:07खाली स्ट्रक्चर छोड़ देते

4:02:17ली स्ट्रक्चर छोड़ रहे

4:02:27हैं

4:02:34या या ओके ना तो

4:02:46कमिंग या तो कवल कमिंग इन जो है कव देखते

4:02:50हैं कि हां भाई इसको सॉल्व करने की जरूरत

4:02:52है थोड़ा इधर आगे देते हैं कन्वोस को तो

4:02:55कन्वोस तो कन्वोस की जब एंट्री होती है तो

4:02:571787 में जो कन्वोस का थॉट प्रोसेस है

4:03:011787 में कन्वोस का थॉट प्रोसेस है कि ये

4:03:04जो कलेक्टर है इन्हीं को पावरफुल बनाना है

4:03:07राइट है ना अगर कले को पावरफुल बना दिया

4:03:09जाए तो फिर बात बन सकती है दिस इज द

4:03:11फर्स्ट थॉट ऑफ

4:03:14कन्वोस इन 1787 फाइंड कंसंट्रेशन ऑफ पावर

4:03:17एट द कलेक्टर बोलेंगे की कलेक्टर को ही

4:03:20पूरी जिम्मेदारी दे दो ना राइट है ना कि

4:03:23हा यह जो सदर दीवानी अदालत में हमने कहा

4:03:25था कि यहां पर हेड कर रहा है कलेक्टर तो

4:03:27कहेंगे हा यह सही तो है कलेक्टर को पूरी

4:03:30तरह से पावरफुल बना दो तो इनको एक्चुअली

4:03:32दवानी अदालत में लेट देम बी द

4:03:35जज इनको जज रहने दो प्लस प्लस इनका

4:03:38मजिस्टेरियल पावर पुलिस फंक्शन बढ़ा दो

4:03:41मजिस्टेरियल पावर भी बढ़ा

4:03:46दो प्लस प्लस कहेंगे कि हां क्रिमिनल

4:03:49क्रिमिनल केसेस भी इसी को दे दो ना इसी

4:03:51आदमी

4:03:53को अब समझो जरा क्या हो रहा है राइट इसको

4:03:56थोड़ा सा और समझते हैं तो हमने कहा कि भाई

4:03:59अब तक डिस्ट्रिक्ट लेवल पे डिस्ट्रिक्ट

4:04:03लेवल पे आपका एक था जो है

4:04:06अ दीवानी

4:04:09और एक था क्रिमिनल जस्टिस के

4:04:12लिए क्रिमिनल जस्टिस के लिए था

4:04:17निजामत राइट आईम सॉरी

4:04:20फौजदारी फौजदारी अदालत और और हाईयर लेवल

4:04:25पे हाईयर लेवल प हम देख रहे थे कि सदर

4:04:28दीवानी सदर

4:04:30दीवानी एट

4:04:33कलका प्लस प्लस सदर निजामत

4:04:41एट

4:04:46मुर्शिदाबाद अब दवानी दवानी वास हेडेड बाय

4:04:50कलेक्टर नाउ अंडर कन्वोस राइट है ना कलिस

4:04:55कोलिस जब आते हैं कलिस समर 1786 टू

4:05:0093 तो कन्वोस जब आते हैं तो 87 में अगर हम

4:05:03कलिस की थॉट देखे 1787 तो इशल थॉट ऑफ कि

4:05:08ये जो कलेक्टर है इसको पावरफुल कर देते

4:05:10भाई इसको सारी पावर दे देते कंसंट्रेशन ऑफ

4:05:12पावर इसके हाथ में दे देते तो ये जो यहां

4:05:14का जज है हां ठीक है ये जज है ओके प्लस यह

4:05:18जो है खर्चा इसको बंद करो फौजदारी अदालत

4:05:21को जो है बंद करो यह फर्जी खर्चा है और

4:05:24इसी आदमी को इसी आदमी को जो क्रिमिनल

4:05:26केसेस है क्रिमिनल जस्टिस यह भी इसी को दे

4:05:30दो ना कर लेगा भाई ये इसको जो भी सपोर्ट

4:05:33प्रोवाइड करना है दो चार एडवाइजर वगैरह

4:05:35देने है वो ठीक है दे दीजिए लेकिन ये

4:05:37सौदारी हटा दीजिए और क्रिमिनल जस्टिस पर

4:05:40पैसा बचा लीजिए ये फर्जी हम लोग एक पूरा

4:05:42पूरा कोर्ट लेके घूम रहे हैं डज नॉट मेक

4:05:44सेंस प्लस ये सदर निजामत अदालत जो

4:05:46मुर्शिदाबाद में इतना दूर क्यों है भाई जो

4:05:49है कन्वोस कह रहे हैं कि हम बैठे हैं

4:05:51कोल्काटा में अच्छा बाय द वे इसमें एक और

4:05:53चीज भी ऐड करते हैं एक और भी चीज है

4:05:56कोलकाता में कोलकाता में वी हैव सुप्रीम

4:05:59कोर्ट एज

4:06:00वेल राइट है ना तो हां तो सदर दीवानी

4:06:02अदालत एट कलक और सदर निजामत अदालत एट

4:06:05मुर्शिदाबाद तो उन्होंने कहा सर इसमें एक

4:06:07और करेक्शन करिए यह मुर्शिदाबाद वाली

4:06:09अदालत बंद करिए इसको भी शिफ्ट करिए कलका

4:06:14में तो सदर निजामत अदालत और सदर दीवानी

4:06:18अदालत यानी दोनों ही हायर कोर्ट्स

4:06:20टेक्निकली अब आ चुके हैं

4:06:22कलकाता प्लस प्लस इन्होंने कहा कि हां यह

4:06:25जो यह जो फंक्शन है जब दोनों ही कलक में आ

4:06:28चुके हैं तो टेक्निकली इसको गवर्नर जनरल

4:06:31को लीड करने दीजिए तो यहां पर जो हेड

4:06:33करेंगे इसको दोनों को ही गवर्नर जनरल प्लस

4:06:37उनकी की

4:06:38काउंसिल राइट है ना सुप्रीम

4:06:43काउंसिल प्लस प्लस इनकी मदद के लिए जो है

4:06:46चीफ

4:06:48काजी चीफ काजी मौलवी जिनको भी हायर करना

4:06:51है जो बताएं कानून के बारे में उनको आप

4:06:53यहां पे हायर कर लीजिए तो सदर निजामत

4:06:56अदालत भी आ चुकी है कोल्काटा पे गवर्नर

4:06:58जनरल और काउंसिल अब ये भी देख रहे हैं और

4:07:00ये भी देख रहे हैं डिस्ट्रिक्ट प क्या हाल

4:07:02है डिस्ट्रिक्ट पे अब कोई क्रिमिनल कोर्ट

4:07:04अलग नहीं है कलेक्टर को ही पूरी पूरी

4:07:06जिम्मेदारी क्या हो गई है दे दी गई दिस इज

4:07:09द इनिशियल थॉट ऑफ कन्वोस राइट इनिशियल थॉट

4:07:12ऑफ कन्वोस 1787 तो अभी इनिशियली उनको लगता

4:07:15था कि हां कलेक्टर को पावरफुल बना देंगे

4:07:17सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी बट

Reforms: Cornwallis

4:07:19धीरे-धीरे उनकी आंखें खुली हमने समझा कि

4:07:21हां डिस्ट्रिक्ट फॉस दारी वर अबॉलिश राइट

4:07:24है ना और इस तरीके का इन्होंने इनिशियल

4:07:25इनिशियल स्टेप

4:07:27उठाया नाउ नेक्स्ट नेक्स्ट उनको धीरे-धीरे

4:07:30थोड़ा समझ में आया कि नहीं यार ये थोड़ा

4:07:31स्ट्रक्चर और इंप्रूव करने की जरूरत है और

4:07:34क्रिमिनल केसेस को और सॉल्व करने की जरूरत

4:07:36है तो सो

4:07:381792

4:07:44समवेने एक और आइडिया आया कि हा लेटस हैव

4:07:47समथिंग लाइक सर्किट कोड्स इन

4:07:53बिटवीन सर्किट

4:07:55कोड्स राइट सर्किट कोड्स चार सर्किट कोड

4:07:58बनाते हैं तीन बंगाल में एक बिहार में तो

4:08:02कोलक

4:08:05मुर्शिदाबाद मुर्शिदाबाद

4:08:08और

4:08:09डाका प्लस प्लस

4:08:12पटना तो तीन बंगाल में और एक बिहार में एक

4:08:15सर्किट कोर्ड की स्थापना करी जाए राइट ना

4:08:18इस पर कोई अपना सिविल सर्वेंट डाल देते

4:08:19हैं इस पर कोई अपना यूरोपियन सर्वेंट

4:08:22यूरोपियन कोंटे सिविल सर्वेंट इसके ऊपर

4:08:26प्लेस कर

4:08:29देते और व इसको लीड करेगा तो बीच में अगर

4:08:33हम एक ये एस्टेब्लिश कर दे कि हां

4:08:35डिस्ट्रिक्ट में यह सिस्टम चल रहा है ठीक

4:08:36है चल रहा है है राइट लेकिन बीच में अगर

4:08:39हम एक ये इस तरह का सिस्टम एस्टेब्लिश कर

4:08:41दें जो बीच-बीच में टूर करता रहे राइट है

4:08:44ना और क्रिमिनल जस्टिस हैंडल करने के लिए

4:08:46टवा इस अ ईयर टूर

4:08:48करें जगह-जगह डिस्ट्रिक्ट में

4:08:52जाए और क्रिमिनल जस्टिस हैंडल करें कि

4:08:55यहां जो भी केसेस है जो कलेक्टर ने मार्क

4:08:57कर दिए कि हां इनको इनको हैंडल कर लेना वो

4:09:00सारे केसेस वहां पे देखते रहे राइट तो इस

4:09:03तरह का जो है इनिशियल स्ट्रक्चर 17 19992

4:09:06के बीच में हमको दिखाई देगा कि हां भाई

4:09:08चार सर्किट कोर्ड की स्थापना करने की वह

4:09:10बात कर रहे हैं तो धीरे-धीरे देखो

4:09:12धीरे-धीरे इवॉल्व हो रहे हैं जो है आपके

4:09:14जो कन्वोस है वो स्ट्रक्चरिंग में

4:09:16धीरे-धीरे इवॉल्व हो रहे हैं पहले सबसे

4:09:18पहले उन्होंने कहा कि नहीं आपके कलेक्टर

4:09:19को बहुत पावरफुल कर देते हैं फिर उन्होंने

4:09:21फौजदारी ये हटा दी और आपकी जो सदर निजामत

4:09:24आपकी मुर्शिदाबाद में थी उसे कलकाता में

4:09:25शिफ्ट कर दिया और फिर उन्होंने कहा कि

4:09:27सर्किट कोर्ट एस्टेब्लिश कर देना चार

4:09:29सर्किट कोर्ट ताकि यही सारा जो है लोड ना

4:09:31आ जाए एक बीच में एक और लोड बेयरिंग जो है

4:09:34आ जाए तो चार कोर्ट और बना दिए फिर उनको

4:09:37रिलाइज हुआ कि नहीं थोड़े और बदलाव की

4:09:39जरूरत है तो अब उनका फोकस जा रहा है थोड़ा

4:09:41क्रिमिनल जस्टिस

4:09:44प उन्होंने कहा कि 1792 समवेल हैव वी शुड

4:09:48हैव सम

4:09:49रिफॉर्म तो क्रिमिनल जस्टिस में उन्होने

4:09:52रिफॉर्म किया अब तक आंख बंद करके इस्लामिक

4:09:55लॉ पर पूरी तरह से भरोसा था बट नाउ नाउ ही

4:09:58सेड कि नहीं हमें कुछ चेंजेज की जरूरत है

4:10:00यहां फॉर एग्जांपल रिफॉर्म में ही सेड कि

4:10:04अगर मर्डर का केस है

4:10:06मर्डर

4:10:08राइट मर्डर का केस है तो मर्डर में

4:10:10इंटेंशन भी देखो साहब क्यों मारा है दिस

4:10:13इज आल्सो टू बी कंसीडर्ड इन मर्डर सिर्फ

4:10:17ये नहीं कि एक्ट कैसे हुआ कैसे मारा गया

4:10:19खाली ये बात इंपॉर्टेंट नहीं है इंटेंशन

4:10:21स्टोरी पीछे की क्या है यह बात भी उतनी ही

4:10:24इंपॉर्टेंट है हैज टू बी कंसीडर्ड व फॉर

4:10:26केस सॉल्विंग राइट तो एक मर्डर पे

4:10:28उन्होंने बात कही दूसरा तब तक जो है तब तक

4:10:31इस तरह का जो है प्रिविलेज था कि एमपन ऑफ

4:10:34लिम्स तो हाथ हाथ काट दिए जाते थे इस तरह

4:10:37के

4:10:39एमपन ऑफ

4:10:42लिम्स ऐसा भी होता था इन्होंने कहा नहीं

4:10:45यह बंद करिए इसकी जगह इसकी जगह जो है कुछ

4:10:48और हो सकता है फाइन हो सकता है

4:10:49इंप्रिजनमेंट हो सकता है राइट है ना जो है

4:10:53हार्ड लेबर हो सकता है राइट तो उसकी जगह

4:10:55उससे कुछ काम करा लो फाइन कर दो जेल में

4:10:59डाल दो ऐसा कुछ पॉसिबल है बट उसका हाथ मत

4:11:03काटो है ना हाथ पैर मत काटिए आप और जो है

4:11:06उस उसको कुछ और काम करा लीए ऐसा कुछ

4:11:08पॉसिबल है प्लस एक और रिफॉर्म लेट मी कीप

4:11:11इट

4:11:13क्लियर एक और रिफॉर्म जो इन्होंने कहा कि

4:11:16भाई जो है अगर रिलीजियस बेसिस प पहले क्या

4:11:19होता था कि मुस्लिम लॉज में नॉन मुस्लिम

4:11:22नॉन मुस्लिम जो है मुस्लिम्स के अगेंस्ट

4:11:25विटनेस नहीं बन सकता

4:11:30था राइट लेकिन अब हुआ कि हां ऐसा जरूरी

4:11:34नहीं है यह भी पॉसिबल है इसको भी जो है

4:11:36बार नहीं किया जाएगा इसको भी कंसीडर किया

4:11:39जाएगा तो रिफॉर्म भी हमको देखने को मिल

4:11:41रहे कि अब तक ऐसा कोई कोर्ट जो है लॉ में

4:11:44कोई रिफॉर्म नहीं आ रहा था बट अंडर कन्वोस

4:11:47थोड़ा सा उन्होंने कहा कि नहीं ये जरूरी

4:11:49है कुछ चीजें गलत है जिसे सॉल्व करना

4:11:50इंपोर्टेंट है एंड व्हाट वी आर ऑब्जर्विंग

4:11:53इज कि देयर आर सम रिफॉर्म्स एज

4:12:03वेल

4:12:05या या

4:12:16चलिए तो सो फिलहाल ये लिखा हुआ है 1787

4:12:201787 में हम कह रहे थे कि हां कलेक्टर की

4:12:23बात कर रहे थे कलेक्टर बिकमिंग पावरफुल

4:12:25बाकी हम कन्वोस की बात कर रहे नाउ फाइनल

4:12:29फाइनल जो टेक है फाइनल जो स्टाइल है ऑफ

4:12:31कन्वोस वो 1793 तक हमको क्लियर दिखाई देता

4:12:35है जिसे कहा गया है कन्वोस को

4:12:38राइट सो बाय

4:12:401793 वी हैव कवस

4:12:43कोड देखो आदमी की फिलॉसफी कितनी बदलती है

4:12:46च साल में तो बाय 1793 एक चीज कही जाती है

4:12:49कि देर इ क्लेरिटी ऑन कन्वोस कोड तो कवस

4:12:53कोड एब्लिश किया इन्होने दिस वा बेस्ड अपन

4:12:57फ्रेंच फिलॉसफी देर है टू बी सेपरेशन ऑफ

4:13:00पावर कोई किताब पढ़ ली होगी इन्होने राट

4:13:03देर है टू बी सेपरेशन ऑफ पावर भाई जो आपका

4:13:07जो आपका कलेक्टर है या फिर जो आपका

4:13:10रेवेन्यू फंक्शन है और जो आपका जुडिशियस

4:13:13फंक्शन है दोनों सेपरेट होना चाहिए एंड

4:13:17दैट मींस कि कलेक्टर को जो जज बना रखा है

4:13:20यह गड़बड़ कर रखा है उनको रिलाइज हुआ कि

4:13:22हां रेवेन्यू केसेस भी तो केसेस हैं

4:13:24रेवेन्यू केसेस भी टेक्निकली सिविल केसेस

4:13:26है और रेवेन्यू केस अगर अदालत में जा रहा

4:13:29है तो कलेक्टर के अगेंस्ट आप केस कर रहे

4:13:31हो और उसका जो हेड है वो कलेक्टर ही है तो

4:13:34कहां से सेंसिबल य बात है तो दिस इज

4:13:36अगेंस्ट जस्टिस दिस इज अगेंस्ट जो है

4:13:38प्रॉपर दिस इज अगेंस्ट कॉमन सेंस है ना तो

4:13:41उन्होंने कहा कि नहीं ये जो है यहां से

4:13:42हटाना होगा हमें कलेक्टर को यहां से

4:13:44निकालना होगा तो फ्रॉम हेयर कलेक्टर विल

4:13:47बिकम कि हां अब उसका पर्पस सिर्फ और सिर्फ

4:13:49एडमिनिस्ट्रेशन है तो कलेक्टर का पर्पस

4:13:52इसके बाद सिर्फ और सिर्फ एडमिनिस्ट्रेशन

4:13:54रह जाएगा एंड फॉर जुडिशरी वी विल हैव

4:13:57डिस्ट्रिक्ट जज तो नाउ वी विल हायर

4:14:00डिस्ट्रिक्ट

4:14:03जज तो डिस्ट्रिक्ट जज की हायरिंग होगी जो

4:14:06सारी चीजें सॉल्व

4:14:10करेगा नाउ नाउ लेट्स क्रिएट अ प्रॉपर

4:14:14स्ट्रक्चर कि कन्वोस का फाइनल स्ट्रक्चर

4:14:17कैसा दिखता है एक बार इसको देखते हैं तो

4:14:20कन्वोस का फाइनल स्ट्रक्चर कवस का फाइनल

4:14:23स्ट्रक्चर हमें दिखाई

4:14:26देगा कि देयर इज ग्रेडेशन ऑफ कोट्स ऑन द

4:14:29सिविल साइट सबसे नीचे अगर हम देखें तो

4:14:31देयर आर मुनसिफ कोर्ट सिविल साइड में

4:14:35मुनसिफ कोर्ट्स

4:14:37मुनसिफ कोर्ट की खास बात यह है कि यहां पर

4:14:40जो ऑफिसर है वो इंडियन ऑफिसर

4:14:44है मुनसिफ की जो पोजीशन है दिस इज इंडियन

4:14:47ऑफिसर राइट है ना ये सबसे नीचे सबसे लोअर

4:14:50रंग पे है सबसे छोटा कोड के यहां आपके

4:14:52गांव के पास या दो चार गांव के बीच में

4:14:54आपको एक जो है मुंसी जी का कोड दिख रहा है

4:14:56दिस इज मुनसिफ कोड राइट मुनसिफ कोड अब

4:14:59आपको इससे भी हायर लेवल पर अगर जाना है

4:15:01हाईयर लेवल पे देयर आर रजिस्ट्रर्स

4:15:03तो इससे हाईयर लेवल पे दिस इज ऑल सिविल

4:15:06कोर्ट ना ये सिविल है ये क्रिमिनल नहीं है

4:15:08तो देयर इज द कोर्ट ऑफ

4:15:10रजिस्ट्रार कि कोई रजिस्ट्रार होगा जिसके

4:15:13पास सारा रजिस्ट्रेशन हो रखा है दिस इज

4:15:16यूरोपियन और जब ये यूरोपियन है तो यानी

4:15:18इसके ऊपर सारे यूरोपियन

4:15:20हो यूरोपियन ऑफिसर इसके भी ऊपर अगर आप

4:15:24जाना है आपको राइट है ना कि और बड़ा केस

4:15:26आप लेकर आए और बड़ा केस अगर आप आप लेकर आए

4:15:29हैं तो आपको डिस्ट्रिक्ट में जाना पड़ेगा

4:15:31और डिस्ट्रिक्ट में बैठा है डिस्ट्रिक्ट

4:15:34कोर्ट तो डिस्ट्रिक्ट में कोर्ट एजिस्ट कर

4:15:36रहा है है जहां पे बैठा है डिस्ट्रिक्ट जज

4:15:39अभी जिसको बनाया था हमने तो कलेक्टर

4:15:41इलेक्टर हटा दिए एंड नाउ देयर इज प्रॉपर

4:15:44डिस्ट्रिक्ट जज जो कि जो कि जो है यू कैन

4:15:47से पूरा पूरा जो है यहां पे फंक्शन दिखेगा

4:15:50स नाउ डिस्ट्रिक्ट जज इज टेक्निकली

4:15:52पावरफुल उसकी पुलिस फंक्शन बढ़ा दी गई है

4:15:53उसकी मजिस्टेरियल फंक्शन बढ़ा दी गई है तो

4:15:55दिस डिस्ट्रिक्ट जज इज टेक्निकली पावरफुल

4:15:57और इसका अपने डिस्ट्रिक्ट में जो भी सिविल

4:16:00कोर्ट सिविल केसेस आ रहे हैं वो सारे

4:16:02सिविल केसेस अच्छे सिविल केसेस किसके पास

4:16:04आ रहे हैं डिस्ट्रिक्ट जज के पास आ रहे

4:16:06हैं प्लस प्लस इसको इसको सपोर्ट देने के

4:16:09लिए जो है प्लस इंडियंस होंगे जिनको लॉ की

4:16:13जा जानकारी हो यस जो भी सपोर्ट सिस्टम

4:16:17एडवाइजरी की जरूरत है जिसको बताए हिंदू

4:16:19लॉज और मुस्लिम लॉज वगैरह क्या है वो

4:16:21डिस्ट्रिक्ट जज को सपोर्ट के लिए यहां पे

4:16:22लोग बैठे हैं दिस इज ऑल सिविल साइड अभी हम

4:16:25सिविल केसेस की बात कर रहे हैं राइट तो

4:16:27सिविल केसेस में सबसे नीचे मुनसिफ कोर्ट

4:16:28फिर रजिस्ट्रार और फिर जो है एजिस्ट करता

4:16:30है डिस्ट्रिक्ट कोर्ट अब आपका केस इससे भी

4:16:33बड़ा है कैसे डिसाइड होगा बाय द वे कि

4:16:34आपका केस बड़ा है या छोटा है आप आपके केस

4:16:37की वैल्यू क्या है कितने मुद्दे का सवाल

4:16:39है कितने पैसों की वैल्यू है इसके ऊपर

4:16:41डिपेंड करता है कि केस कितना बड़ा है राइट

4:16:43मान लीजिए कोई प्रॉपर्टी के ऊपर जो है

4:16:45मुद्दा है अब प्रॉपर्टी के मुद्दे में जो

4:16:47है प्रॉपर्टी लेट्स से 50 से कम है जो भी

4:16:50डिस्कशन है वो 50 से कम है अगर 50 से कम

4:16:53है तो मुनसिफ कोर्ट में जाएंगे अगर 00 से

4:16:56कम है तो रजिस्ट्रार कोर्ट में जाएंगे अगर

4:16:58200 से ऊपर की कहानी है तो डिस्ट्रिक्ट

4:16:59कोर्ट में जाएंगे राइट है ना लेकिन 1000

4:17:02के ऊपर की कहानी नहीं होनी चाहिए 1000 के

4:17:04ऊपर की कहानी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट भी हैंडल

4:17:05नहीं करता राइट है ना तो ये जो है आप

4:17:08समझिए कि हा 200 के 500 के आसपास 500 तक

4:17:11अगर कहानी है तो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट उसे

4:17:13हैंडल करेगा उसके ऊपर की कहानी है उसके

4:17:15ऊपर का मुद्दा है तो और ऊपर जाना पड़ेगा

4:17:1700 तक का सारा मुद्दा डिस्ट्रिक्ट कोड

4:17:19हैंडल कर लेगा यहां के जज जो है

4:17:20डिस्ट्रिक्ट जज जो है व हैंडल करले अब

4:17:23सवाल उठता है कि सर इसके ऊपर क्या है इसके

4:17:26ऊपर एजिस्ट करते हैं अभी हम लोग ने बनाया

4:17:28था सर्किट कोर्स इसके ऊपर एस्ट करते हैं

4:17:31आपके सर्किट

4:17:35कोड्स सर्किट कोर्ट्स च इज आल्सो

4:17:38प्रोविंशियल कोर्ट्स ऑफ अपील राइट है ना

4:17:40कि हां यहां पर आप अपील लेके जा सकते हैं

4:17:42प्रोविंशियल कोर्ट्स है और यह आपके एजिस्ट

4:17:45करते हैं चार

4:17:46जगह चार जगह कहां कहा कोलका मुर्शिदाबाद

4:17:51ढाका पटना वही जो पीछे देखा था हमने ये

4:17:53वही वाले कोड आप कहेंगे सर वो तो क्रिमिनल

4:17:55के लिए था हां यह भी सही बात है दोनों के

4:17:58लिए तो यह बीच

4:18:00में तो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इसके ऊपर की अगर

4:18:03अपील है तो आप जो है डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जा

4:18:05सकते हैं सर्किट कोर्ट्स का काम एक और भी

4:18:08है सुपरविजन नीचे के कोर्ट को देखना

4:18:12डिस्ट्रिक्ट जज ठीक काम कर रहा है नहीं

4:18:14काम कर रहा है इसकी रिपोर्ट ऊपर देना ये

4:18:17लोग कुछ नहीं कर सकते इसकी रिपोर्ट ऊपर

4:18:19देना गवर्नर जनरल को कि ये डिस्ट्रिक्ट जज

4:18:21जो है ठीक से काम नहीं कर रहा फायर कर दो

4:18:23यह सारा काम किसका है सर्किट कोर्ट्स का

4:18:25काम है नाउ अब आपका मुद्दा जो है वो इसके

4:18:28भी ऊपर है 000 के ऊपर का मुद्दा है तो

4:18:31सर्किट कोर्ड के भी ऊपर जाओ और सर्किट

4:18:33कोर्ड के ऊपर बैठा है सदर दीवानी अदालत

4:18:40सदर

4:18:41दीवानी दीवानी

4:18:44अदालत ना सदर दीवानी अदालत नाउ लेट्स

4:18:47अंडरस्टैंड सदर दीवानी अदालत इ बी लेड बाय

4:18:51बाय गवर्नर जनरल प्लस उनकी

4:18:54काउंसिल राइट प्लस प्लस जो है उनके

4:18:57एडवाइजर काजी एल चीफ काजी एट यह लोग यहां

4:19:02बैठे हुए और यह देख रहे हैं सदर दीवानी

4:19:05अदालत तो अगर बिल्कुल सस्ता सस्ता केस है

4:19:09आपका 50 के नीचे का र का केस है तो मुनस

4:19:11कोर्ट जाओ राइट 70 का कोस केस है तो

4:19:13रजिस्ट्रार में जाओ अगर अगर जो है लेट्स

4:19:16से 200 20050 का केस है तो फिर

4:19:17डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जाओ राइट 50000 का केस

4:19:20है तो सर्किट कोर्ट जाओ लेकिन अगर आपका

4:19:21000 के ऊपर का केस है तो इन दैट केस यू

4:19:24हैव टू गो टू सदर दीवानी अदालत सदर दीवानी

4:19:26अदालत में सीधे गवर्नर जनरल और काउंसिल

4:19:28काजी वगैरह ये लोग हैंडल करते हैं दे आर द

4:19:30वन हु विल विल जो है यू नो डील विद द होल

4:19:34केस नाउ अगर अगर आप कहे सर बहुत बड़ा केस

4:19:38है हमारा राइट है ना 5000 पाउंड के ऊपर का

4:19:41केस है तो 5000 पाउंड के ऊपर का केस हो

4:19:44सकता है गवर्नर जनरल भी जो है डग मगा जाए

4:19:46हो सकता है आप उसमें से 1000 पाउंड गवर्नर

4:19:48जनरल को दे दे मान जाए आपकी बात सारी

4:19:50बातें मान ले सारी शर्तें मान ले तो इसके

4:19:52ऊपर का केस है तो इनके ऊपर भी कोई बैठा है

4:19:54वो है राजा तो इन दैट केस आपको ब्रिटेन

4:19:57जाना पड़ेगा राइट है ना अब आप कहेंगे सर

4:20:00इतना पैसा कहां से आएगा अरे जब केस 5000

4:20:02का है राइट है ना तो इतने पैसे वाली

4:20:05पार्टी तो होगी ही होगी तो इसके ऊपर बैठा

4:20:08हुआ है किंग इन

4:20:10काउंसिल किंग इन

4:20:14काउंसिल 5000 पाउंड के भी ऊपर का केस अगर

4:20:17है तो फिर आप और ऊपर जा सकते हैं तो अब

4:20:20देखो एक लेवल दो लेवल तीन लेवल चार लेवल

4:20:25पांच लेवल और छटा लेवल टोटल छह लेवल है

4:20:28जिस पर आप सिविल केसेस लड़ सकते हैं सिविल

4:20:31केसेस को सॉल्व किया जा रहा

4:20:34है है ना अब बात हो गई सिविल केसेस की व्ट

4:20:38अबाउट क्रिमिनल जस्टिस सर राइट क्रिमिनल

4:20:41जस्टिस तो अब क्रिमिनल जस्टिस इधर लिखते

4:20:43हैं कि हा क्रिमिनल जस्टिस में क्या हो

4:20:44रहा है पहली बात क्रिमिनल जस्टिस अगर आपके

4:20:47डिस्ट्रिक्ट का कोई केस है राइट तो वह

4:20:50देखेगा आपका डिस्ट्रिक्ट जज क्या व

4:20:53क्रिमिनल जस्टिस देखेगा यह लाइन क्रिमिनल

4:20:55जस्टिस की है तो हा व देखेगा राइट वही

4:20:57हैंडल कर लेगा लेकिन दिस है टू बी विदन

4:21:00सर्टेन

4:21:03लिमिट राइट मामला ऐसा कोई बहुत नहीं होना

4:21:07चाहिए जो है विदन सर्टेन लिमिट्स जो है

4:21:09अगर मुद्दा है कि हां छोटी-मोटी मारपीट

4:21:11कुछ हो गई सिंपल सा मुद्दा है राइट है ना

4:21:13जो है कुछ बहुत ज्यादा सीवियर सा मुद्दा

4:21:15नहीं है तो इन दैट केस मोस्ट ऑफ द केसेस

4:21:17विल बी सॉल्वड एट द डिस्ट्रिक्ट जज लेवल

4:21:19केस दूसरा अगर इससे बड़ा मुद्दा है तो

4:21:22इससे बड़ा मुद्दा जो है हैंडल करेंगे ये

4:21:25लोग अभी हमने कहा था कि साल में दो बार दो

4:21:28टूर

4:21:29है दो टूर इन अ

4:21:33ईयर और जो भी केसेस मार्क्ड है वो यह वाला

4:21:37केस सर्किट कोर्ट वगैरह आपके हैंडल

4:21:40करेंगे प्लस प्लस अब इसके ऊपर का भी केस

4:21:43है राइट आपको अपील करनी है आपको लग रहा है

4:21:45कि नहीं हमें नहीं मजा आया हमें और ऊपर

4:21:46जाना है तो देन देन देर इ सदर निजामत

4:21:50अदालत सदर निजामत

4:21:53अदालत

4:21:55सदर निजामत

4:21:58अदालत इसमें कौन बैठा है यही लोग बैठे अब

4:22:01ये दोनों सदर कहां पर है ऑफकोर्स कोलका

4:22:03में है क्योंकि गवर्नर जनरल कोलका में

4:22:05बैठा हुआ है राइट तो ये दे आर एट कलका तो

4:22:08दोनों ही जो केसेस के जो हेड हैं राइट सदर

4:22:11दीवानी सदर अदालत सदर दीवानी सदर निजामत

4:22:13दोनों ही कलक में तो यहां पे एक्चुअली तीन

4:22:16ही लेयर है एक आपका डिस्ट्रिक्ट जज जो

4:22:18हैंडल कर ले गया हैंडल कर ले गया फिर

4:22:19सर्किट कोर्ट है और फिर आपकी सदर निजामत

4:22:21अदालत है दिस इज योर फाइनल स्ट्रक्चर आई

4:22:25होप यू हैव क्लेरिटी कि हां यह क्या हो

4:22:28रहा है नाउ नाउ आई थिंक ये सिंपल है काफी

4:22:30सिंपल है अदर वाइज जो है टेक्स्ट में यह

4:22:32काफी कंफ्यूजन सा हो जाता है कि पता नहीं

4:22:35क्या हो रहा है राइट काफी कॉम्प्लेक्शन

4:22:36उंड करता है बट इफ यू अंडरस्टैंड कि हां

4:22:38दिस इज सिविल एंड दिस इज क्रिमिनल तो

4:22:40क्रिमिनल में हमें तीन लेयर दिख रही है और

4:22:44सबसे इंपोर्टेंट बात है कि क्रिमिनल के

4:22:46लिए कोई स्पेशल सिस्टम क्रिएट नहीं किया

4:22:48जा रहा है राइट आप देखो कि क्रिमिनल के

4:22:50लिए वही गवर्नर जनरल का जो ग्रुप है वो

4:22:53क्रिमिनल भी हैंडल करे ले रहा है यही

4:22:54सर्किट कोर्ट दोनों हैंडल करे ले रहे हैं

4:22:56यही डिस्ट्रिक्ट जज दोनों हैंडल करे ले

4:22:58रहा है तो मेन फोकस सिविल पे है और सिविल

4:23:01केसेस बाय द

4:23:02वे अब कुछ लास्ट बातें जो है समझे तो अब

4:23:06अब जो है अब जो है कलेक्टर जो है कलेक्टर

4:23:10बताइए भाई कलेक्टर क्या यह सिर्फ और सिर्फ

4:23:12रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन देखता है ये बात

4:23:14हमें समझ में आ गई कि ओनली रेवेन्यू

4:23:17एडमिनिस्ट्रेशन और कोई कहानी और कुछ नहीं

4:23:20दूसरा रेवेन्यू केसेस आर ऑल सिविल

4:23:24केसेस कहां देखे जाएंगे सिविल कोर्ट में

4:23:28सिविल केसेस एक बात इसके अलावा इसके अलावा

4:23:32अ जो कर्वोस है कर्वोस इज नोन फॉर सोनि ऑफ

4:23:35लॉ कि हां यहां पर कोई भी कानून के ऊपर

4:23:38नहीं है हर किसी के ऊपर कानून एप्लीकेबल

4:23:41है तो यह भी उसने अपने टाइम में क्या कर

4:23:43दिया फिक्स कर दिया इसीलिए हम इनकी तारीफ

4:23:45भी करते हैं थोड़ा सा कन्वोस को कि हां

4:23:46भाई इन्होंने सारी चीजें फिक्स करी है तो

4:23:48व्हाट ही सेड कि जो यूरोपिय है

4:23:51यूरोपियन यूरोपिय जो इंडिया में रह रहे

4:23:54हैं दे विल हैव टू सबजूगेट दे विल हैव टू

4:23:58एक्सेप्ट दे विल दे विल बी आंसरेबल टू द

4:24:00यूरोपियन कोर्ट्स तो क्या वो भी वो भी

4:24:03आंसरेबल है यस दे आर आंसरेबल टू यूरोपियन

4:24:07कोट्स तो कोई यह नहीं कहेगा कि हम आंसरेबल

4:24:10नहीं है एक बात दूसरी बात जो आपके

4:24:14गवर्नमेंट सर्वेंट है जो समझ रहे हैं कि

4:24:16हम हीरो हैं कानून के ऊपर है राइट है ना

4:24:19तो देन गवर्नमेंट सर्वेंट्स दे आर आल्सो

4:24:22आंसरेबल टू सिविल

4:24:25कोर्ट्स इन ऑफिशियल

4:24:32कैपेसिटी वो ऐसा नहीं कह सकते कि ये

4:24:34डिसीजन मेरा ऑफिशियल कैपेसिटी में मैं

4:24:36इम्यून हूं कोई ऐसी इम्युनिटी वगैरह नहीं

4:24:39है तो इम्युनिटी इनकी खत्म कर दी है इनकी

4:24:42इम्युनिटी खत्म कर दी तो गुड पार्ट ज कि

4:24:45हा अगर हम कन्वोस कोड देखें कन्वोस कोड तो

4:24:49कन्वोस कोड में हमको क्या दिखाई देता है

4:24:51कन्वोस कोड में कवस कोड में देर इ सोटी ऑफ

4:24:57लॉ सोटी ऑफ लॉ कि हां कानून ऊपर है एंड

4:25:02दूसरा दूसरा वेरी वेरी क्लियर देर इ

4:25:04सेपरेशन ऑफ पावर

4:25:07सेपरेशन

4:25:08ऑफ पावर कि यहां इनिशियली जो फिलॉसफी थी

4:25:12कलेक्टर को बहुत पावरफुल कर दिया जाएगा यह

4:25:14फिलॉसफी आगे कंटिन्यू नहीं हो रही बाकी

4:25:16हिंदू लॉज मुस्लिम लॉ वही फॉलो हो रहे है

4:25:18हां वही फॉलो हो र है उसमें कोई बदलाव

4:25:20नहीं है कोई कोडिफिकेशन प इन्होने जो है

4:25:22काम एच नहीं किया

4:25:23है राइट तो तो इसी को बात को जो है थोड़ा

4:25:27टाइमलाइन पर डाल देते

4:25:29हैं राइट तो हम बात कर रहे थे 1787 में

4:25:32कलेक्टर बट लेटर ऑन लेटर ऑन हम समझ रहे

4:25:35हैं लेटर ऑन देयर इज कांसेप्ट ऑफ

4:25:39कन्वोस

4:25:41कोड बाय

4:25:4393 जिसमें जिसमें वी हैव सेपरेशन ऑफ

4:25:48पावर सेपरेशन ऑफ पावर जिसमें वी हैव सोव

4:25:53निटी ऑफ

4:25:56लॉ प्लस प्लस आप इसमें ऐड करना चाहे कि

4:26:00यहां ऐसा सिक्स स्ट्रक्चर इधर का और थ्री

4:26:03स्ट्रक्चर इधर का सेम स्ट्रक्चर यहां

4:26:05बनाना चाहे बट काफी ज्यादा है तो मैं

4:26:07सजेस्ट करूंगा कि उसे सेपरेट शीट में रहने

4:26:09दीजिए यहां पर खाली कन्वोस और उसके बारे

4:26:11में कुछ कुछ बातें लिखिए ट्स इट राइट सो

4:26:14दिस वास द एरा ऑफ कन्वोस तो काफी चीज

4:26:16सॉल्व करी कन्वोस ने बट अभी सब कुछ सॉल्व

4:26:18हुआ नहीं नाउ कम्स नाउ कम्स योर

4:26:22बेंटिक 1828

4:26:2635 से 35 का जो दौर है दिस इज लॉर्ड

4:26:30विलियम

4:26:31बेंटिक लॉर्ड विलियम

4:26:35बेंटिक ब ने कुछ चीजें चेंज करी है आइए

4:26:37समझते हैं कि बेंटिक जब आए तो इन्होंने

4:26:39कुछ चीज बदल

4:26:43दी स सो स बेंटिक प चलते हैं कनी आगे

4:26:47बढ़ाते

4:26:53हैं

4:27:04या

4:27:19जस्ट अ

4:27:32सेकंड

4:27:34या सो सो बिफोर बिफोर वी गो अड एक बार एक

4:27:38बार देखते हैं कि हां हमने क्या सीखा

4:27:39कन्वोस की बात कर लेते हैं वापस तो हमने

4:27:41समझा कि हां डिस्ट्रिक्ट फॉस दौरी जो है

4:27:42इन्होंने अबॉलिश कर दी थी तो फौजदारी खत्म

4:27:44हो चुकी है अब से एंड सर्किट कोर्ट्स की

4:27:46स्थापना की हम लोगों ने बात करी राइट प्लस

4:27:48सदर निजामत अदालत शिफ्ट हो गई थी कलका

4:27:51पहले मुर्शिदाबाद में थी अभी कलकाता में

4:27:52शिफ्ट हो गई है प्लस गवर्नर जनरल वगैरह

4:27:54क्या ग्रुप गवर्नर जनरल एंड ग्रुप क्या

4:27:56इसको देख रहा है यस प्लस डिस्ट्रिक्ट

4:27:58दीवानी अदालत वाज नाउ डेजिग्नेट एज

4:28:00डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कि हां वही क्या है

4:28:01डिस्ट्रिक्ट कोर्ट है वहां पर डिस्ट्रिक्ट

4:28:03जज बैठा हुआ है कलेक्टर जो है अब सिर्फ और

4:28:05सिर्फ रेवेन्यू के लिए रिस्पांसिबल है

4:28:07उससे ज्यादा उसकी रिस्पांसिबिलिटी नहीं है

4:28:09प्लस हमने ग्रेडेशन ऑफ कोर्ट्स की बात करी

4:28:10कि देयर आर सिक्स कोर्ट्स मुनसिफ

4:28:12रजिस्ट्रा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट फिर फोर

4:28:13सर्किट कोर्ट्स फिर सदर दीवानी अदालत और

4:28:15फिर फाइनली किंग इन काउंसिल तो सिविल

4:28:17केसेस के लिए सिविल केसेस के लिए इस तरह

4:28:19के छह कोर्ट एजिस्ट कर रहे हैं ये हमने

4:28:21सीखा यहां पे राइट प्लस हमने कॉन्स कोर्ट

4:28:23की बात करी कि देयर इज सेपरेशन ऑफ पावर और

4:28:25जुडिशल जस्टिस और रेवेन्यू अलग-अलग कर

4:28:27दिया गया है यूरोपियन सब्जेक्ट्स आर आल्सो

4:28:28ब्रॉट अंडर जूरिस क्शन गवर्नमेंट ऑफिशियल

4:28:30की हमने बात करी कि हां जो है नाउ दे आर

4:28:32आंसरेबल टू द सिविल कोर्ट्स इवन इन देयर

4:28:33ऑफिशियल कैपेसिटी तो नाउ देयर इज

4:28:35परफेक्टली सोरे निटी ऑफ लॉ सॉरी परफेक्ट

4:28:38नहीं लेकिन प्रिंसिपल ऑफ सॉवरेन ऑफ लॉ

4:28:40क्या फॉलो हो रहा है यस फॉलो हो रहा है

4:28:42एस्टेब्लिश किया है कॉर्नवालिस ने नेक्स्ट

4:28:45कम्स योर विलियम बेटेक लॉर्ड विलियम बेटेक

4:28:47तो विलियम बेटेक ने जब आए तो इनको लगा कि

4:28:50नहीं यार ये जो है सिचुएशन क्या है अब हो

4:28:52क्या रहा है कि आफ्टर दिस देयर आर लॉट ऑफ

4:28:55लिटिगेशंस लॉट ऑफ केसेस प्लस देयर इज लॉट

4:28:57ऑफ डिले एज वेल राइट है ना कि हां सिस्टम

4:28:59इतने केसेस संभाल नहीं पा रहा है जितने

4:29:01केसेस आ रहे हैं 1790 के दौर में जैसे ही

4:29:04ये नया सिस्टम आया है ये सिस्टम इस सिस्टम

4:29:07में लोगों ने खूब लिटिगेशन फाइल करी खूब

4:29:09जो है केसेस आने लग गए अब खूब केसेस जो

4:29:11आने लग रहे हैं रीजन क्योंकि फाइल करना

4:29:13इजी हो गया है राइट प्लस जो अमीर लोग हैं

4:29:15उनके लिए उनके लिए जो है खेलना आसान हो

4:29:17गया है कि हां ये कानून वो कानून समथिंग

4:29:19राइट है ना अगर कहीं क्लेम बनता है तो हां

4:29:21केस कर दो और फिर लड़ते रहो या क्लेम नहीं

4:29:24भी बनता है तो केस कर दो सामने वाले को

4:29:25सामने वाला हो सकता है रिट्रेट हो सामने

4:29:27वाले को हो सकता है बेवकूफ बनाया जा सकता

4:29:29हो सामने वाले को हो सकता है कि हां

4:29:30विटनेस वगैरह कुछ सर्जरी करके चेंजेज करे

4:29:32जा सकते हो तो दे स्टार्टेड प्लेइंग तो

4:29:34नाउ देयर आर लॉट ऑफ ऑफ केसेस लॉट एंड लॉट

4:29:36ऑफ केसेस और कई बार सिर्फ और सिर्फ सामने

4:29:38वाले को परेशान करने के लिए केस करा हुआ

4:29:41है इसमें अमीरों को ज्यादा फायदा हो रहा

4:29:42है क्योंकि नाउ यू नीड अ लॉयर सबब हु हैज

4:29:45अंडरस्टैंडिंग लॉ आम आदमी को एकदम गरीब

4:29:47आदमी को लॉ के पता भी नहीं है कि हां क्या

4:29:49हो रहा है क्या नहीं हो रहा है तो इन सब

4:29:50चीजों का खूब फायदा भी उठाया जाएगा मिसयूज

4:29:52भी होगा जमीदार वगैरह स्पेशली जो जो

4:29:54जमीनें हड़प रहे हैं उन वो ज्यादा इसको

4:29:57मिसयूज भी करेंगे राइट केसेस होंगे बहुत

4:29:59सारे केसेस होंगे तो लॉर्ड विलियम बेंटिक

Reforms: William Bentinck

4:30:02कहेंगे कि हां यार यह दिक्कत तो हो रही है

4:30:04राइट है ना कुछ तो करना चाहिए लर्ड विलियम

4:30:06बेंटिक का कुछ ऑब्जर्वेशन एंड अकॉर्डिंग

4:30:08ही डिड समथिंग आइए समझते हैं तो वापस उसी

4:30:13फाइनल स्ट्रक्चर को लेकर चलते हैं कि

4:30:14लॉर्ड विलियम बटेक ने कहा कि मुझे इसमें

4:30:16कुछ बदलाव करना

4:30:26है चलिए आए

4:30:34देखते तो विलियम बेंटिक ने कहा कि देखो ये

4:30:37सर्किट कोड जो है दज आर ओवर बर्डन राइट है

4:30:41ना तो विलियम बेंटिक के हिसाब से विलियम

4:30:43मटिक के हिसाब से स सर्किट कोड्स है टू बी

4:30:46है टू बी अबॉलिश्ड तो ये इन्होंने सबसे

4:30:49बड़ा स्टेप लिया कि इसको अबॉलिश कर

4:30:52दिया राइट है ना तो एक बड़ा चेंज जो यहां

4:30:55पर हुआ कि इन्होंने इस सर्किट कोड को ही

4:30:57अबॉलिश कर दिया

4:31:04है दिस इज वन थिंग अनदर थिंग विच ही डिड

4:31:08विलियम बिन टेक यहां प हम एक और चीज नोटिस

4:31:11करेंगे कि जो सदर दीवानी अदालत और सदर

4:31:13निजामत अदालत है दोनों ही सदर दीवानी

4:31:17अदालत सदर दीवानी अदालत और सदर निजामत

4:31:21अदालत दोनों ही दोनों ही एक और एक और प्लस

4:31:25वन प्लस वन इलाहाबाद में दोबारा बना दी

4:31:29यानी कि इलाहाबाद में अब एक और सदर निजामत

4:31:31अदालत है एक और सदर दीवानी अदालत है उसने

4:31:34कल कटा वाली बंद नहीं करी ध्यान रख रखना

4:31:35जालक में तो है ही है लेकिन इलाहाबाद में

4:31:38एक और बना दी ताकि दिल्ली या यूपी के जो

4:31:41भी लोग हैं जो सीड सीड कर चुके हैं या जो

4:31:43टेरिटरीज अपने पास हैं राइट वो जो है

4:31:45अंग्रेजों के पास हैं तो वहां पे उनको

4:31:48यहां ना आना पड़े कलका ना आना पड़े

4:31:50कोल्काटा बहुत दूर पड़ रहा है तो कलक ना

4:31:52आना पड़े इसके लिए अलाहाबाद में एक और जो

4:31:54है इन्होंने सदर निजामत अदालत और सदर जो

4:31:57है दीवानी अदालत की स्थापना कर दी राइट

4:31:59दिस इज अनदर स्टेप ही हैज टेकन अच्छा एक

4:32:02और बात अबॉलिश वाली बात कंप्लीट करते हैं

4:32:04जब इसको अबॉलिश किया तो यह पावर गई कहां

4:32:07तो यह पावर अब फिर से ट्रांसफर हो गई है

4:32:09कलेक्टर्स को अय अजीब सी बात हो गई कि कनस

4:32:12ने कहा था कि कलेक्टर के पास पावर नहीं

4:32:14होनी चाहिए कंसंट्रेशन ऑफ पावर कलेक्टर के

4:32:16पास नहीं होना चाहिए यहां पर घूम फिर के

4:32:17फिर वही आ गए कि हां कलेक्टर्स को पावर

4:32:19ट्रांसफर कर दी गई है लेकिन कलेक्टर्स के

4:32:22ऊपर एक सुपरविजन

4:32:24होगा जो कमिश्नर है उस इलाके के सुपरविजन

4:32:28सुपरविजन ऑफ कमिशनर तो कमिशनर रेवेन्यू

4:32:32कमिशनर वगैरह ध्यान रखेंगे कि हा ये

4:32:34कलेक्टर हाथ से कहीं निकल ना जाए कुछ मैल

4:32:37प्रैक्टिसेस कुछ गलत प्रैक्टिसेस ना होने

4:32:39लग जाए दिस इज समथिंग जो है दे दे हैव टू

4:32:42लुक

4:32:43इनटू प्लस यह जो ये जो मुंसिफ वाला जो

4:32:46इंडियन इंडियन पर्सन है राइट दिस इंडियन

4:32:49पर्सन ये जो इंडियन जज है कैन राइज इसका

4:32:53प्रमोशन हो सकता है एंड प्रमोट होकर यू नो

4:32:58अपने अपने जो है आगे के सालों में आगे की

4:33:00सर्विस में दिस पर्सन कैन बिकम सदर अमीन

4:33:04तो सदर में पोस्ट हो सकता है सदर अमीन

4:33:07बनके राइट सो अगेन दिस इज नॉट लाइक सीनियर

4:33:10पोजीशन ऐसा जो है चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बन

4:33:12जाएगा बट यस सदर अमीन इज मोर लाइक कि हां

4:33:14नीचे के जज हैं यहां पे हेल्प करेंगे

4:33:15एडवाइस करेंगे सदर अमीन की पोस्टिंग हो

4:33:18जाएगी यस दिस हैज आल्सो अ हैपेंड अंडर

4:33:21बेंटिक राइट तो इंडियंस प्रमोट हो सकते

4:33:23हैं बेंटिक के अंदर स्पेशली जुडिशियस

4:33:25ऑफिसर्स जो हैं जो कि अच्छे जुडिशियस

4:33:26ऑफिसर्स हैं उनका प्रमोशन उसने एक्सेप्ट

4:33:28किया कि हां पॉसिबल है प्रमोट हो सकते हैं

4:33:30हायर पोजीशन पर भी जा सकते हैं बट ऐसा

4:33:32सुप्रीम पोजीशन पे नहीं जा सकते ऑब् वियस

4:33:34दूसरा कक्ट को पावर दे दी है तीसरा

4:33:36अलाहाबाद में कोर्ट एब्लिश कर दिया अनदर

4:33:39थिंग बेंटिक के बारे में हमें याद आया कि

4:33:40बेंटिक के दौर में ही आए थे मैले चार्टर

4:33:42एक्ट 1833 1833 में मले की एंट्री हुई थी

4:33:45एस अ लॉ मेंबर और यहां पर ही इज द पर्सन

4:33:48हु विल लुक फॉर कोडिफिकेशन ऑफ

4:33:50लॉ तो हेयर अंडर हिज रूल देयर इज लॉ

4:33:57कमीशन लॉ कमीशन एंड दिस कमीशन इज अंडर

4:34:02मैले परपस क्या है दोस्त कोडिफिकेशन

4:34:05ऑफ

4:34:10लॉ कोडिफिकेशन ऑफ

4:34:13लॉ सो यह हो रहा है किसके टाइम में यह हो

4:34:16रहा है लॉर्ड विलियम बेंटिक के टाइम में

4:34:19राइट बेंटिक का टाइम अगर हम देखें तो चार

4:34:21सर्किट कोड जो है बॉलिश हो गए हैं

4:34:23कलेक्टर्स के पास पावर आ गई है सदर दीवानी

4:34:26अदालत सदर निजामत अदालत एक और खुल चुकी है

4:34:28इलाहाबाद में नाउ वन मोर थिंग एडिंग वन

4:34:31मोर थिंग अबाउट लैंग्वेज राइट लैंग्वेज

4:34:33में भी एक बड़ा बदलाव आया है वो भी यहीं

4:34:35पर लिख लेते हैं लैंग्वेज में इन्होंने

4:34:38कहा कि अब तक पर्शियन कोर्ट लैंग्वेज होती

4:34:41थी लैंग्वेज में अब आपके पास ऑप्शन है आप

4:34:44पर्शियन में फाइल बनाना चाहे पर्शियन में

4:34:46भी बन सकती है आप वर्नाकुलर लैंग्वेज में

4:34:49अगर फाइल बनाना चाहे तो बन सकती है कोई

4:34:52दिक्कत की बात नहीं हालांकि सुप्रीम कोर्ट

4:34:55में पर्शियन पूरी तरह से गायब हो गई और

4:34:57यहां पर सिर्फ और सिर्फ इंग्लिश

4:35:00चलेगी तो सुप्रीम कोर्ट में ओनली इंग्लिश

4:35:02बट अदर वाइज कहीं भी आप फाइल कर रहे हैं

4:35:05तो फाइल में पर्शन या फिर वर्नाकुलर जो भी

4:35:07लैंग्वेज आप चूज करते हैं तो वह लैंग्वेज

4:35:09के द्वारा आप जो है अपना केस बना सकते हैं

4:35:13नाउ अगेन कमिंग बैक टू द

4:35:16टाइमलाइन हम बात कर रहे हैं बेंटिक

4:35:20की जस्ट सेक बेंटिक तो बेंटिक की हम बात

4:35:23कर रहे हैं और बेंटिक के बारे में हम जो

4:35:25है ऐड करें एक

4:35:28तो सर्किट कोड्स नहीं

4:35:31रहे सर्किट

4:35:33कोड्स दूसरा

4:35:35कलेक्टर कलेक्टर को ही सारी पावर मिल गई

4:35:39देन देन यू कैन आल्सो ड अलाहाबाद

4:35:48सदर अलाहाबाद

4:35:51देन देन वी कैन आल्सो ड लॉ कमीशन

4:35:57मैले लॉ कमीशन

4:36:02मैले अ जो मैले का को

4:36:06यही हमको 1860 में 1860 व विल फाइंड

4:36:11सिविल प्रोसीजर ऑफ सिविल प्रोसीजरल कोड

4:36:15राइट प्लस प्लस सरी 59 59 वी हैव सिविल

4:36:20प्रोसीजर कोड 1860 तो लगातार हर साल साल

4:36:24के बाद साल दर साल व हैव इंडियन पीनल कोड

4:36:27और

4:36:36प्लस प्लस या तो नाउ वी हैव यू कैन से जो

4:36:40कोडिफिकेशन तो फाइनल आईपीसी सीआरपीसी

4:36:42सीपीसी सारा आ चुका है वन मोर पॉइंट वी

4:36:45हैव टू ड इ 185

4:37:05तीन हाई कोर्ट बनाए गए एक कोलकाता में एक

4:37:07बॉम्बे में और एक मद्रास

4:37:12में एंड फाइनली हमें याद आ रहा है कि

4:37:14हमारा लास्ट स्टेप जो इसमें है लास्ट

4:37:17स्टेप लास्ट स्टेप हमें याद आया कि अभी

4:37:191935 का एक्ट पढ़ा था हम लोगों ने

4:37:221935 1935 के एक्ट के तहत देयर वाज अ

4:37:26कांसेप्ट ऑफ फेडरल

4:37:29कोर्ट जो कि दो साल बाद 1937 में

4:37:32एस्टेब्लिश हो गया था फेडरल को

4:37:35कोर्ट सो ये टोटल जर्नी है आपकी जुडिशरी

4:37:38की कि हां एक मुगल टाइम हुआ करता था व्हेन

4:37:40इट वाज नॉट स्ट्रक्चर्ड बट देयर वाज

4:37:42फंक्शन ऑफ निजामत एंड दवानी राइट दिवानी

4:37:45में सिविल जस्टिस हुआ करता था और निजामत

4:37:46में आपके जो है आपके क्रिमिनल जस्टिस हुआ

4:37:49करता था प्लस हमने समझा कि हां ड्यूल

4:37:51गवर्नमेंट में तो कुछ भी नहीं है इंग्लिश

4:37:52इंटरफेयर कर रहा है जजेस की तरह बिहेव कर

4:37:54रहे है तो चीजें खराबी है कहानी शुरू होती

4:37:56है वरन हेस्टिंग से वरन हेस्टिंग से

4:37:57डिस्ट्रिक्ट पे आपके सिविल कोर्ट्स और

4:37:59क्रिमिनल कोर्ट्स दोनों एस्टेब्लिश करें

4:38:00वन इज दीवानी अदालत वन इज फौजदारी अदालत

4:38:02उन्हीं का जो है हाईयर वर्जन वर्जन सदर

4:38:05दीवानी अदालत सदर निजामत अदालत वन वाज एट

4:38:08मुर्शिदाबाद वन वास एट कलका ये उन्होंने

4:38:10एस्टेब्लिश किया था दिस वाज एट

4:38:14मुर्शिदाबाद

4:38:17मुर्शिदाबाद मुर्शिदाबाद प्लस हमने समझा

4:38:20कि हां प्लस एक सुप्रीम कोर्ट भी आ चुका

4:38:22था सुप्रीम कोर्ट सिर्फ और सिर्फ कलक के

4:38:23लिए है बाकी जगह पर नहीं है तो एक इनिशियल

4:38:26स्ट्रक्चर वरन हेस्टिंग के टाइम में हमको

4:38:27देखने को मिलता है एंड देन केम कन्वोस तो

4:38:30कन्वोस का एरा ये है

4:38:33कन्वोस कन्वोस तो कन्वोस 87 में पहले

4:38:37सपोर्ट करेंगे किसको कलेक्टर्स को राइट तो

4:38:391787 में कलेक्टर्स को सपोर्ट करेंगे बट

4:38:41लेटर ऑन वी सॉ कि हां देयर इज कन्वोस कोड

4:38:44हमने सोच समझा कि हां पूरा स्ट्रक्चरिंग

4:38:46चेंज हो चुका है सेपरेशन ऑफ पावर कलेक्टर

4:38:48को हटा दिया राइट है ना ऑट सोबरे निटी ऑफ

4:38:50लॉ इवन इवन चाहे वो यूरोपियन हो चाहे

4:38:52गवर्नमेंट सर्वेंट हो हर कोई रिपोर्ट

4:38:54करेगा लॉ को देन नेक्स्ट हमको बदलाव देखने

4:38:57को मिला बेंटिक में बेंटिक में हमने देखा

4:38:58कि सर्किट कोड वापस हटा के कलेक्टर को

4:39:00पावर दे दी गई है सदर जो है अलाहाबाद में

4:39:02बना दिया गया है प्लस लॉ कमीशन खाया गया

4:39:05है जो जो अंडर मै कले और उसी का

4:39:07कोडिफिकेशन है ये तीनों एंड फाइनली फाइनली

4:39:09वीी हैव कि हां ये जो सुप्रीम कोर्ट है

4:39:11सदर है दिस इज नॉट लाइक कुछ ज्यादा ही जो

4:39:13है रायता फैल रहा है इनको सबको मर्ज करके

4:39:15हाई कोर्ट बना दिए गए कि तीन हाई कोर्ट है

4:39:17यही सब देखेंगे एंड फाइनली इन 1935 वी हैव

4:39:20फेडरल कोर्ट व्हिच वाज मोर लाइक कि हां जो

4:39:22सरकारों के बीच में डिस्कशन होगा राइट

4:39:241935 में फेडरेशन की बात कर ली थी तो कई

4:39:26सारी इंटरगवर्नमेंटल जो है प्रॉब्लम्स

4:39:28होंगे इश्यूज होंगे उनको सॉल्व करने के

4:39:29लिए देयर इज फेडरल कोर्ट तो दिस वाज द होल

4:39:32जर्नी ऑफ लॉ तो 1833 के हमने कमीशन की बात

4:39:35करी और फिर जो हमने देखा सिविल प्रोसीजर

4:39:37कोड इंडियन पेनल कोड क्रिमिनल प्रोसीजर

4:39:39कोड फिर हमने देखा कि बाद में 1860 में जो

4:39:42है हमने समझा अच्छा एक और चीज 1860 में

4:39:44हुई 1860 में कहा गया कि जो यूरोपिय है

4:39:48वोह कोई प्रिविलेज क्लेम नहीं कर सकते यह

4:39:50बात थोड़ा ध्यान रखना यूरोपिय कोई स्पेशल

4:39:53प्रिविलेज नहीं क्लेम कर सकते एक्सेप्ट

4:39:55फॉर द क्रिमिनल

4:39:59केस राइट एक्सेप्ट फॉर द क्रिमिनल केसेस

4:40:02प्लस प्लस अगर कोई यूरोपियन के ऊपर केस हो

4:40:05रहा है तो उसे इंडियन जज हैंडल नहीं कर

4:40:08सकता उसे सिर्फ और सिर्फ यूरोपियन जज

4:40:10हैंडल कर सकता है अब हमें याद आई बात कि

4:40:13हम लोग पीछे पढ़ रहे थे रिपन का टाइम है

4:40:15ना रिपन के बारे में बात कर रहे थे कि एक

4:40:17इल्बर्ट बिल कंट्रोवर्सी हुई थी लॉर्ड

4:40:19रिपन ने इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने की

4:40:21कोशिश करी थी कि इंडियन जज क्यों नहीं

4:40:23ट्राई कर सकता राइट तो इल्बर्ट बिल यही कह

4:40:25रहा था कि इंडियन जज भी ट्राई कर सकता है

4:40:28बट देन सारे जो यूरोपियन थे वो एकजुट हो

4:40:30गए कहते कैसे कर सकते हैं भाई कैसे कैसे

4:40:32हो रहा है ये है ना तो बिल्कुल एकदम जो है

4:40:33लॉबिंग चालू हो गई एंड देन रिपन वाज

4:40:35कॉर्नर्ड और फाइनली जो है इल्बर्ट बिल

4:40:37पूरा जो पर्पस था वो पूरा क्या हो गया

4:40:39साइडलाइन हो गया फाइनली जो बिल आया वो

4:40:41होगा हुआ कि जूरी इंडियन जज हो सकता है बट

4:40:44जूरी में होना चाहिए और यूरोपियन मेजॉरिटी

4:40:46में होना चाहिए ऐसा हमने पीछे देखा था सस

4:40:49हमने बात करी 65 के मर्जर की प् हमने बात

4:40:51करी फेडरल कोर्ट इन

4:40:541935 ओके आस्क की अगर हम बात करें इसको

4:40:57इवेलुएट करें पॉजिटिव पार्ट अगर हम देखें

4:40:59तो एक अच्छी बात हो रही है रूल ऑफ लॉ राइट

4:41:01है ना कि यहां रूल ऑफ लॉ हमने देखा सोव

4:41:03निटी ऑफ रूल ऑफ लॉ है स्पेशली ड्यूरिंग द

4:41:05टाइम ऑफ कन्वोस रूल ऑफ लॉ एस्टेब्लिश हो

4:41:08रहा है यस दिस इज वन थिंग थोड़ा स्ट्रक्चर

4:41:10आ गया है प्रोसीजर आ गया दिस इज

4:41:11इंपॉर्टेंट अनदर पार्ट वाज कोडिफिकेशन इज

4:41:14गुड कि अब तक इतने तरीके के लॉस थे तो वो

4:41:17रिटन नहीं थे और हर किसी का अपना

4:41:19पर्सपेक्टिव होता था कोई लिबरल होता था

4:41:21कोई कहता था नहीं नहीं बहुत रिजडले फॉलो

4:41:22करना है कोई कहता था नहीं ये सोर्स में

4:41:24ऐसा लिखा है इस वाली कमेंट्री में ऐसा

4:41:26लिखा है तो बहुत सारा ऐसा जो है

4:41:27आर्बिट्रेशन था बहुत सारा यू कैन से जो है

4:41:30वेग पर्सपेक्टिव हुआ करता था बट नाउ आफ्टर

4:41:33कोडिफिकेशन इट वाज लाइक मच मोर सॉर्टेड कि

4:41:35हां इस सजा के इस जो है कर्म के लिए ये

4:41:38वाली सजा है इस काम के लिए ये सजा है काफी

4:41:40हद तक सॉल्ट हो रहा है इवन हमने देखा कि

4:41:42ड्यूरिंग द रेन ऑफ कन्वोस जो पनिशमेंट भी

4:41:44था वो थोड़ा सा टोन डाउन हो रहा है

4:41:46एंप्यूटेशन ऑफ लिम्स वगैरह है ना हाथ हाथ

4:41:48काटने का पनिशमेंट ये हटा दिया जा रहा है

4:41:51एक और बात नोट डाउन कर लो कि जो गवर्नर

4:41:53जनरल है तो गवर्नर जनरल के पास पावर है

4:41:56आपके जो जो भी उनको जो है डेथ सेंटेंस या

4:41:59सेंटेंस दिया गया है उसको उसको लाइफ

4:42:02सेंटेंस को हटाने का

4:42:04पार्डन करने का तो जो पार्डनिंग पावर जैसे

4:42:07आज प्रेसिडेंट के पास होती है उस समय वह

4:42:09पार्डनिंग पावर गवर्नर जनरल के पास हुआ

4:42:11करती थी प्लीज नोट दिस डाउन चलिए ओके

4:42:14दूसरा यूरोपियन सब्जेक्ट्स को भी क्रिमिनल

4:42:16केसेस वगैरह हर चीज में लेकर आए यस

4:42:17यूरोपियन सब्जेक्ट्स को भी जो है यू नो लॉ

4:42:20के सामने लेकर आए हालांकि हालांकि उनकी

4:42:22प्रिविलेजेस हैं बट ठीक इवन गवर्नमेंट

4:42:25सर्वेंट्स र आंसरेबल यस यस देयर आर

4:42:27पॉजिटिव एस्पेक्ट ऑफ दिस होल यू कैन से

4:42:29जुडिशरी एस्टेब्लिशमेंट अंडर द ब्रिटिश

4:42:32नेगेटिव एस्पेक्ट है यस यस जैसे कि मैं

4:42:34बात कर रहा था कॉम्प्लिकेटेड है

4:42:35एक्सपेंसिव है हर किसी को समझ में नहीं

4:42:37आता राइट आम आदमी लड़ना चाहे तो परेशान है

4:42:39उसे पता ही नहीं कानून के बारे में प्लस

4:42:41फॉल्स एविडेंसेस वगैरह के जो है यू नो

4:42:43काफी स्कोप है डिसीड चिकन है ना कि हां

4:42:45बेवकूफ बना रहा है कोई भी जाके जैसे झूठी

4:42:47गवाही दे रहा है प्लस यहां पे यहां पे

4:42:49लिटिगेशन खींची जा रही है तारीख पे तारीख

4:42:51तारीख पे तारीख तो क्या हो रहा है डिलेड

4:42:53जस्टिस राइट डिलेड जस्टिस इज आल्सो कॉल्ड

4:42:55डिनाइड जस्टिस है ना कि हां जस्टिस डिनाइड

4:42:57देन कोर्ट्स वर ओवर बर्डन क्योंकि

4:42:59लिटिगेशन ही बढ़ती चली जा रही है बहुत

4:43:01सारी लिटिगेशन आ रही है देन यूरोपियन जजेस

4:43:03वर नॉट फैमिलियर विद द इंडियन यूसेज एंड

4:43:06ट्रेडीशन सो वन ऑफ द यूरोपियन सेड कि ये

4:43:09जो यूरोपियन जजेस हैं इनको देख के क्या

4:43:11लगता है ये भी स्पेक्ट्रम में दी हुई है

4:43:13लाइन राइट है ना कि इनको देख के लगता है

4:43:15कि ऐसा लगता है कि हां ये कभी ब्रिटेन से

4:43:17निकले ही नहीं ये अभी भी ब्रिटेन में ही

4:43:18जी रहे हैं तो इनको पता ही नहीं है कि

4:43:20यहां का कस्टम क्या है यूसेज क्या है क्या

4:43:22चाहते हैं लोग यह पता ही नहीं और यहां पे

4:43:24जज बने घूम रहे हैं राइट है ना तो दे डोंट

4:43:26हैव एनी आईडिया पर वो जज है राइट है ना

4:43:28जजमेंट दे रहा है कि नहीं ये होना चाहिए

4:43:29वो होना चाहिए ज्ञान ज्ञान बांट रहा है

4:43:31खैर तो फिलहाल तो दे र द दज वर द

4:43:33प्रॉब्लम्स अगर आपको क्रिट करना है

4:43:35जुडिशरी को तो यू कैन क्रिटिसाइज ऑन दज ्

4:43:37अब देखो इतनी इंटीग्रिटी में जाने का

4:43:39पर्पस क्या है एमसीक्यू क्या है इन्हीं

4:43:41इंटीग्रिटी में ढूंढता है कि हां आपको

4:43:43लगेगा कि ऐसा हो रहा है लेकिन ऐसा नहीं हो

4:43:45रहा था जैसे व कहेगा कि सदर दीवानी अदालत

4:43:47जो है सॉरी सदर निजामत अदालत जो है कलकाता

4:43:49में थी ड्यूरिंग द टाइम तो वरन हेस्टिंग

4:43:51हमें रिलाइज होगा ना वो तो मुर्शिदाबाद

4:43:53में थी बाद में शिफ्ट हुई है कलकट राइट है

4:43:55ना या फिर शिफ्टिंग लिख देगा कि हां वरन

4:43:57हेस्टिंग ने शिफ्ट करा था या फिर आपको कह

4:43:58देगा कि हां जो केस होता है वो जो है

4:44:00डिस्ट्रिक्ट जज जो होता है वो सिर्फ और

4:44:01सिर्फ सिविल केसेस हैंडल करेगा जबकि उसको

4:44:03क्रिमिनल केस भी दे रखा है तो इन्हीं

4:44:05लाइनों के बीच में से क्या होगा एमसीक्यू

4:44:07निकलेगा तो दिस सीम्स कॉम्प्लेक्टेड में

4:44:10गए हैं बुक में थोड़ा कम डिटेल में था बट

4:44:11आई हैव रेफरड दिस अदर बुक जो है ए बीएल

4:44:14ग्रोवर बीएल ग्रोवर इज अमेजिंग फॉर मेंस

4:44:16बाय द वे बट आई एम नॉट सेइंग कि आप पढ़िए

4:44:18लेकिन जो है फिर भी कई जगह हमने डिस्कस

4:44:20किया है बट या बीएल ग्रोवर जो है मैंने

4:44:22रिफर करी कि हां अगर हम उसे उसे भी साथ

4:44:24में मिला ले तो स्पेक्ट्रम प्लस बीएल

4:44:25ग्रोवर राइट तो ये पूरा कंप्लीट जो है उसम

4:44:28विलियम बेंटिक क्या कर रहे हैं या फिर

4:44:29कनवास क्या कर रहे हैं जो भी हमने डिस्कस

4:44:31किया इट वाज मेनली फ्रॉम जो है बीएल ग्रबर

4:44:33एज वेल तो उसमें आपको ज्यादा क्लेरिटी

4:44:35मिलती है कि हां वो क्या कह रहे हैं

4:44:37स्पेक्ट्रम में बहुत ही शॉर्ट में समझा

4:44:39दिया है तो समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता

4:44:40है

4:44:41कॉम्प्लेक्टेड हो जाता है खैर स दिस वाज

4:44:44अबाउट जुडिशरी तो हमने मोस्ट ऑफ द चीजें

Administrative structure after 1857

4:44:46देख ली है अब अब बात करेंगे

4:44:48एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर की राइट है ना

4:44:50एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर बदलाव हो रहा

4:44:52है आफ्टर 1857 है ना 1857 के बाद जब क्वीन

4:44:57रूल आ रहा है क्राउन रूल आ रहा है तब आपके

4:44:59एडमिनिस्ट्रेशन में काफी बदलाव हो रहा है

4:45:01और ये बदलाव हम देखेंगे एडमिनिस्ट्रेशन

4:45:03में सेंट्रल पे प्रोविंस पे लोकल पे नाउ

4:45:05बिफोर वी गो इन टू दिस थोड़ी सी बात में

4:45:07कह दूं वी हैव ऑलरेडी सीन अ लॉट ऑफ दीज

4:45:09थिंग्स क्यों क्योंकि हमने एक्ट देखे बहुत

4:45:11सारे एक्ट क्या था यही सब तो सेंटल

4:45:13प्रोविंसेस यही तो था राइट खाली लोकल

4:45:15डिस्कस नहीं किया है बट सेंट्रल और

4:45:17प्रोविंशियल तो काफी हद तक आपको पता ही है

4:45:19राइट यू हैव ऑलरेडी डिस्कस तो ये ये पार्ट

4:45:21जो है ये 50 पर ऑलरेडी डिस्कस है खाली

4:45:24हमको क्या देखना है थोड़ा लोकल देखना है

4:45:26इसको थोड़ा सा समरा इज करना है इतनी ही

4:45:27बात देखनी है नाउ एक छोटा सा डिस्कशन करते

4:45:31हैं बिफोर वी रीच सेंट्रल प्रोविंशियल एंड

4:45:33ऑल राइट एक छोटी सी बात समझते हैं कि जो

4:45:361857 के बाद का जो दौर है राइट जिसमें हम

4:45:39ये एडमिनिस्ट्रेटिव चेंजेज की बात कर रहे

4:45:40हैं 1857 के दौर में एक बहुत बड़ा बदलाव

4:45:43जो आ चुका है पहला पहला कि 1857 की

4:45:47क्रांति देखी हुई है राइट है ना कि यहां

4:45:491857 की क्रांति देखी हुई है एंड वी

4:45:52नो तो पहले अगर हम समझे फिलॉसफी क्या

4:45:56है

4:45:58कि

4:46:01चेंजेज आफ्टर 1857

4:46:05राइट एडमिनिस्ट्रेटिव

4:46:07चेंज सवाल है वई या पीछे का थॉट प्रोसेस

4:46:10क्या है थॉट प्रोसेस समझ रहे हैं देखो

4:46:13पहली बात पहली बात 1857 की क्रांति अब

4:46:16इससे भी नहीं सीखा तो क्या ही सीखा

4:46:18अंग्रेजों ने तो ये उन्होंने देखा है कि

4:46:20हां अगर लोगों से दूर रहो अगर लोगों को

4:46:23लगेगा कि हां ये फॉरेन रूल है इंपीरियल

4:46:25रूल है तो वो रिवोल्ट करेंगे तो उनका दुख

4:46:28दर्द भी समझना जरूरी है कुछ हद तक सॉल्व

4:46:30करना भी जरूरी है तो वो वो आपको चेंजेज

4:46:33दिखाई देंगे फॉर एग्जांपल नवंबर

4:46:35प्रोक्लेमेशन में

4:46:4418581 मेंट्स हैं हम उसको डिस्टर्ब करने

4:46:47की कोशिश नहीं करेंगे अगर आप ऑर्थोडॉक्सी

4:46:49में जी रहे हैं तो जीते रही है हमको मतलब

4:46:50नहीं है राइट हम कभी इंटरफेयर इसमें नहीं

4:46:52करेंगे तो एक उन्होंने कहा कि वी विल बी

4:46:54अलफ व्हाई बिकॉज 1857 की क्रांति उन्होंने

4:46:57देखी हुई थी है ना कि आपको जो भी

4:46:59डेवलपमेंट करना है अपने आप करिए हम लोगों

4:47:00को नहीं करना है हमें कोई आप में इंटरेस्ट

4:47:02नहीं है दूसरा दूसरा जो है दे विल बी लाइक

4:47:05कि हां कुछ लोगों को हायर किया जाएगा राइट

4:47:07है ना जैसे हम बात कर रहे थे कि

4:47:0918581 में हम बात कर रहे थे 18611 में

4:47:12आपकी एक एक्स्ट्रा जो लेजिसलेटिव काउंसिल

4:47:15के जो मेंबर्स हुआ करते थे उसमें इंडियंस

4:47:17की नॉन ऑफिशियल एंट्री कराई थी ताकि ऐसा

4:47:19लगे कि इंडियंस ने भी ये एक्ट देखा हुआ है

4:47:22राइट है जो भी ल लॉ बन रहा है या जो भी

4:47:24डिस्कशन हो रहा है बाय द गवर्नर जनरल एंड

4:47:26द काउंसिल ऐसा लगे कि हां इंडियंस ने भी

4:47:29देखा हुआ है उन्होंने भी बताया हुआ है

4:47:30थोड़ा डिस्कशन में पार्टिसिपेट करेंगे तो

4:47:32जो इंडियन व्यू है वो भी मिल जाएगा तो

4:47:34कहीं ना कहीं जो है ये यह एक स्टेप लिया

4:47:37जाएगा कि इंडियंस को थोड़ा सा पास में रखो

4:47:40ताकि पता रहे क्या सोच रहा है राइट कहते

4:47:42हैं ना दोस्त को जो है भले दूर रख लो

4:47:43लेकिन दुश्मन जो है और पास होना चाहिए

4:47:46ताकि आपको पता हो कि हां इसका अगला स्टेप

4:47:48क्या है है ना तो वैसे ही वो लोग भी हमें

4:47:49पास ही रखेंगे है ना ताकि पता हो कि हमारा

4:47:52अगला स्टेप क्या है देखते रहेंगे बात करते

4:47:53रहेंगे पूछते रहेंगे कि हां क्या चल रहा

4:47:55है क्या नहीं चल रहा है यही यही स्टेप

4:47:56गांधी जी ने भी लिया था गांधी जी भी

4:47:58गवर्नर जनरल को पास में रखते थे सब बता के

4:48:00रखते थे कि आज जो है देखते क्या करोगे

4:48:03राइट हैना तो पहले ही पूरी स्ट्रेटेजी

4:48:04डिक्लेयर कर देते थे कि देखो हम ये ये ये

4:48:06करेंगे तुम्हें जो करना है कर लो तो अब

4:48:08जानने के बाद गवर्नर जनरल को भी समझ में

4:48:09नहीं आता था कि ये तो खुद ही बता दिया

4:48:11इसने मुझे अब इसमें इसको जेल में डाले ना

4:48:12डाले क्या करें समझ ही नहीं आ रहा है जेल

4:48:14में डालेंगे तो लोग कहेंगे गांधीजी से डर

4:48:16गए नहीं डांगे तो कहेंगे कि हां डर गए

4:48:18बताओ जेल में नहीं डाला तो समथिंग लाइक

4:48:20दैट कि हां दुश्मनों को थोड़ा सा और पास

4:48:21में रखना चाहिए है ना सेम एज गांधी जी

4:48:23चलिए तो खैर 1857 की रिवर्ड की हम बात कर

4:48:25रहे हैं हां सॉरी हम बात कर रहे हैं कि

4:48:27हां भाई नेटिव वगैरह को एडमिनिस्ट्रेशन

4:48:29में रखा जाएगा ताकि लगे कि हां जो है अपने

4:48:31ही लोग हैं प्लस रीऑर्गेनाइजेशन ऑफ आर्मी

4:48:33की हमने बात करी थी कि हां वो भी इसीलिए

4:48:35हो रहा है यही चेंजेज यही रीजन है 1857 की

4:48:37क्रांति से उन्होंने सीखा दूसरा एक बड़ा

4:48:40बदलाव आ रहा है यहां 1800 1757 के बाद जो

4:48:44इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन है तो नाउ देयर आर

4:48:47मोर इंडस्ट्रियल पावर्स इन द वर्ल्ड तो

4:48:51इंडस्ट्रियल पावर्स अब जो है अब जो है

4:48:54सिर्फ ब्रिटेन नहीं रहा नाउ देयर आर मोर

4:48:56इंडस्ट्रियल पावर्स जैसे जापान ग्रो कर

4:48:58रहा है रशिया तो है ही है राइट है ना फिर

4:49:02यूएस वगैरह ग्रो करने लगेंगे तो दुनिया

4:49:04में ऐसा नहीं रहा कि अब अमे जो ब्रिटेन जो

4:49:07है यही इकलौता पावरफुल है इसी की हेजी मनी

4:49:10है यूनीपोलर वर्ल्ड है जो यूरोप करना

4:49:12चाहेगा करेगा ना अब ये दुनिया काफी बदल

4:49:14चुकी है राइट कहां गया हां तो अब ये

4:49:16दुनिया काफी बदल चुकी है नाउ देयर इज लाइक

4:49:19कट थ्रोट कंपटीशन बाकी के जो इवन यूरोपियन

4:49:23देश जो हैं राइट जर्मनी हो गया फ्रांस हो

4:49:25गया गहर हमको भी कॉलोनी चाहिए हमको भी

4:49:26कॉलोनी चाहिए हर कोई कॉलोनी के लिए लड़

4:49:28रहा है राइट अफ्रीका काट दिया था इन लोगों

4:49:30ने कि हां जो है अफ्रीका आप देखेंगे तो

4:49:32अफ्रीका एकदम सीधी सधी लाइने दिखती है

4:49:34बाउंड्री में क्यों दिखती है अफ्रीका का

4:49:35मैप देखिएगा तो आपको सीधी सधी बाउंड्री

4:49:37दिखेगी क्या किसी देश की ऐसी सीधी

4:49:39बाउंड्री होती है नहीं होती क्यों यहां पे

4:49:41क्यों है क्योंकि ये जो यूरोपियन कंपनी

4:49:43यूरोपियन कंट्रीज हैं इन्होंने उसे टेबल प

4:49:45बैठ के स्केल बना के ड्रा किया है कि हां

4:49:48इधर काटते हैं इधर का हिस्सा ब्रिटेन का

4:49:49है इधर का हिस्सा फ्रांस का है इधर का

4:49:51जर्मनी का ऐसे करके बांटा हुआ है राइट ना

4:49:54तो टेबल पे काटा है वो मैप इसीलिए जो है

4:49:55इतनी सीधी सधी लाइने हमको दिखाई देती है

4:49:57आज भी आप देशों की बाउंड्री देखेंगे तो

4:49:59आपको सीधी लकीरें दिखाई देंगी क्योंकि वो

4:50:01स्केल से खींची गई सो नाउ देर इज कट थ्रोट

4:50:04कंपटीशन की हां कॉलोनी हमको भी चाहिए हमको

4:50:06भी चाहिए देयर आर मोर कंट्रीज यूएसए जापान

4:50:08यूरोपियन कंट्रीज बाकी सब जाग गई हैं और

4:50:10ऐसे में ऐसे में जब जब जो है मार्केट में

4:50:13ज्यादा चैलेंजर हैं तो आपको अपनी मार्केट

4:50:16अपना जो है रॉ मटेरियल अपनी सप्लाई अपना

4:50:18पैसा सब जो है संभाल के रखना पड़ेगा तो

4:50:20टेक्निकली इंडिया में बहुत इन्वेस्ट कर

4:50:21दिया है राइट इंडिया में रेलवे वगैरह भी

4:50:23लगा दी है इंडिया में जो है आपका मार्केट

4:50:25बना हुआ है सामान आ रहा है सामान रॉ

4:50:27मटेरियल जा रहा है राइट प्लस इन्वेस्टमेंट

4:50:29अगर आप देखिए तो जूठ जूठ जो है जूठ

4:50:31फैक्ट्रीज में देन टेक्सटाइल फैक्ट्रीज

4:50:34में प्लांटेशन में तो य विल फाइंड कि हां

4:50:37बहुत सारा इन्वेस्टमेंट भी ऑलरेडी कर दिया

4:50:38है अब ये बचाना पड़ेगा वरना हाथ से निकल

4:50:41जाएगा तो अब जो है ब्रिटिशर थोड़ा सा

4:50:43बैकफुट प भी है लेकिन सब कु सिक्योर करना

4:50:45चाहते हैं तो ये जो 1857 के बाद की कहानी

4:50:49है इसमें अंग्रेजों का थॉट प्रोसेस ये भी

4:50:51है कि इसको थोड़ा बचा के रखो कहीं ये कहीं

4:50:53हाथ से निकल ना जाए राइट है ना है ना तो

4:50:56यस तो ब्रिटिश सुप्रीमेसी इन द वर्ल्ड इन

4:50:58फाइनेंस एंड मैन्युफैक्चर्ड गुड्स ट्रेड

4:51:01केम टू एन एंड ऐसी कोई सुप्रीम अंग्रेजों

4:51:04की रह गई है नहीं ऐसी कोई सुप्रीमेसी नहीं

4:51:07रह गई अब अंग्रेज जैसे कई लोग और घूम रहे

4:51:10हैं तो ऐसे में ऐसे में यू हैव टू बी मोर

4:51:12इंपीरियल कंट्रोल को और स्ट्रिजेंट करना

4:51:15पड़ेगा स्ट्रांग करना पड़ेगा कि ये कॉलोनी

4:51:17कहीं हाथ से निकल ना जाए और यही रीजन है

4:51:20कि हां ये जो रिएक्शनरी पॉलिसी दिखती है

4:51:22हमको लोगों की जैसे कि लोग दिखे हमें लिटन

4:51:25और दूसरा दूसरा बड़ा नाम है कर्जन राइट है

4:51:28ना और भी है डफरिन रंस डाउन अगेन एंड ल बट

4:51:30हां लिटन और कर्जन ये इनकी जो रिएक्शनरी

4:51:33पॉलिसीज है है कि हां ये कॉलोनी कहीं हाथ

4:51:35से निकल ना जाए कहीं निकल ना जाए राइट है

4:51:37ना सपने सपने में यही आता है कि हां जो है

4:51:39इंडिया आजाद हो रहा है इंडिया जा रहा है

4:51:40तो हां तो इनको इन ये इसीलिए इस तरह से

4:51:42बिहेव कर रहे हैं कि हां हमारी कहीं से

4:51:45पावर कम ना हो जाए कर्जन इज अफ्रेड ऑफ

4:51:48रशिया लाइक एनीथिंग कि कहीं से भी रशियन

4:51:50इन्फ्लुएंस ना आ जाए पर्शियन गल्फ में

4:51:52कहीं से जो है कोई यूरोपियन कंट्री ना

4:51:54पहुंच जाए या रशिया ना पहुंच जाए तो हर

4:51:56तरफ वो हाथ पाव मार रहा हो खुद गया है

4:51:58पर्शियन गल्फ में अपनी नाव में बैठ के कि

4:52:00हां जो है यू नो मैं आ गया हूं कोई जो है

4:52:02यू नो यूरोपियन यूरोपियन यहां पे जो है

4:52:04यूरोपियन कंपनी और नहीं आएगी हमारा ही

4:52:06वर्चस्व रहेगा एटस एटस तो खौफ है भाई इस

4:52:08आदमी को तो यही सारी बातें डिफाइन करेंगी

4:52:11यहां का गवर्नमेंट स्ट्रक्चर और यहां की

4:52:13पॉलिसीज और फिर हमारा फ्यूचर ऑफ कोर्स भाई

4:52:15ये इंपीरियल गवर्नमेंट है हां तो ये जो

4:52:17करेंगे उसपे हमारी जो भी इनकी स्ट्रेटेजी

4:52:19होगी उसके ऊपर काफी बातें डिपेंड करती है

Administration: central, provincial, local

4:52:22तो फिलहाल हम लोग लास्ट टॉपिक समझते हैं

4:52:24वि व्च इज अबाउट कि हां 1857 के बाद ये जो

4:52:27सेंट्रल प्रोविंशियल और लोकल गवर्नमेंट है

4:52:30ये कैसी है सो बात शुरू करते हैं सेंट्रल

4:52:32एडमिनिस्ट्रेशन से सो वी विल ऑब्जर्व कि

4:52:35सेंटर जो है मोस्टली हम लोगों ने देखा हुआ

4:52:37है सेंटर विल रिलाइज कि

4:52:5218581 लोगों की च इज एडवाइजरी इन नेचर और

4:52:56और कहीं ना कहीं यह है जो डील कर रहा है

4:52:58हमारे वाइस रॉय से तो इंडिया में वाइस रॉय

4:53:01को बिठाया है और उसको उसको दे दिया गया है

4:53:03दो

4:53:06काउंसिल राइट है ना कि हां गवर्नर जनरल को

4:53:08ही वाइस रॉय कह दिया गया है ऐसा हमने देखा

4:53:10था नाउ ये तो हमने ऑलरेडी पढ़ा हुआ है हम

4:53:12ऑलरेडी जानते हैं कि यहां

4:53:2618581 तो डे टू डे फाइटिंग में इवॉल्व

4:53:29नहीं होगा राइट वो तो नहीं होगा कि पूछेगा

4:53:31कि हां क्या चल रहा है क्या नहीं चल रहा

4:53:32समथिंग वो तो फाइल देखेंगे कहेंगे हां ठीक

4:53:34है नहीं ठीक है समथिंग जो भी व्यूज देना

4:53:35है कर लेंगे इट इज मेनली सेक्रेटरी ऑफ़

4:53:37स्टेट जो सारी डीलिंग करता है राइट है ना

4:53:39ऑफकोर्स सेक्रेटरी ऑफ स्टेट इज इज

4:53:41रिस्पांसिबल टू द पार्लियामेंट और

4:53:44पार्लियामेंट ही है जो पूरी पावर वीड कर

4:53:47रही है नो डाउट ब्रिटिश पार्लियामेंट बट

4:53:49सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट इज समबीत ऑफ ऑल

4:53:52सबोर्डिनेटिंग वाइस रॉय एक बात दूसरी बात

4:53:55ही इज अफेक्टेड बाय लॉबिंग कि हां जो भी

4:53:59पावरफुल लोग हैं बिजनेस क्लास्ट

4:54:00इंडस्ट्रियलिस्ट एक्सेट्रा एक्सेट्रा वो

4:54:02सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट को कहीं ना कहीं पुश

4:54:04करेंगे कि हमको बिज़नेस में ये चाहिए

4:54:05हमारे इन्वेस्टमेंट का क्या होगा इस तरीके

4:54:07से उसका जो व्यू है वो पूरी तरह से कलर्ड

4:54:09व्यू होगा और ये कहीं ना कहीं हमारे बारे

4:54:11में नहीं सोच रहा यू अंडरस्टैंड कि इंडिया

4:54:13इज नॉट गवर्न्ड बाय इंडिया और एट इंडिया

4:54:16इंडिया इज बीइंग गवर्न्ड बाय अ प्लेस और

4:54:18बाय अ पर्सन हु इज नॉट इन इंडिया राइट है

4:54:21ना तो ये बड़ी प्रॉब्लम है कि हां

4:54:22सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट इंडिया में है ही

4:54:24नहीं वहां ब्रिटेन से वो रूल कर रहा है

4:54:26ब्रिटेन से वो डिक्टेट कर रहा है टर्म्स

4:54:27एंड एंड यहां वाइस रॉय सबोर्डिनेट हो चुका

4:54:30है तो कहीं ना कहीं ये हमारे आगे की

4:54:32पॉलिसीज में हमारे आगे के एक्सपीरियंस को

4:54:34इफेक्ट करेगा राइट इसके बाद हमने देखा था

4:54:37कि यहां 18618 आ गया था 18618 कहता है कि

4:54:41यहां भाई एक जूरी मेंबर यहां पे ऐड कर

4:54:43दिया गया था प्लस वन हो गया था है ना ऐसे

4:54:45कुछ माइनर चेंजेज और हो गए थे तो मोर और

4:54:47लेस सेंट्रल गवर्नमेंट वीी हैव सीन राइट

4:54:49है ना सो या सो हमने पहले

4:54:5518581 एडवाइजरी काउंसिल बट मोस्टली ही इज

4:54:58आंसरेबल टू द पार्लियामेंट तो

4:55:00पार्लियामेंट सर्वे सर्वा है यस माना तो

4:55:02जो डुअल सिस्टम था वो खत्म हो चुका है अब

4:55:04सिर्फ और सिर्फ क्राउन हमारे ऊपर रूल कर

4:55:06रहा है सेंट्रल गवर्नमेंट में ये हमने

4:55:07जाना और ये आपका बेसिक स्ट्रक्चर है

4:55:10क्राउन है सेक्रेटरी ऑफ स्टेट है वाइस रॉय

4:55:12राइट है ना ये हमारा बेसिक स्ट्रक्चर है

4:55:13यहां पे टोटल टोटल जो है उसका टोटल जो है

4:55:17सेंट्रल गवर्नमेंट का बाकी मैंने आपको

4:55:19बताया कि लंदन से रूल होने की वजह से क्या

4:55:20इशू हो रहा है सिमिलरली 18611 मेंबर

4:55:23एग्जीक्यूटिव में ऐड कर दिया है प्लस एक

4:55:25और जो बात हुई है

4:55:2718616 का एक्ट कहता है कि लेजिस्लेटर साइड

4:55:30लेजिस्लेटर साइड नॉन ऑफिशियल मेंबर्स

4:55:34नॉन ऑफिशियल

4:55:35मेंबर्स ऐसा करके कुछ ऐड किया गया था कि

4:55:38हां 50 पर कम से कम होने चाहिए जिसमें

4:55:40जिसमें इंडियंस को भी कुछ कुछ हायर किया

4:55:42गया था बट हमने समझा था कि जो इंडियंस आए

4:55:44हैं ये क्या इलेक्टेड आए हैं नहीं ये तो

4:55:46अलाइड है यह तो कहीं ना कहीं लॉयलिस्ट है

4:55:49राइट है ना अंग्रेजों के साथ है तो ये

4:55:51क्या हमें कहीं से भी हेल्प करने वाला है

4:55:53नहीं यह भी कोई प्रोविजन हमें हेल्प करने

4:55:55वाला था नहीं प्लस ये जो भी लेजिस्लेटिव

4:55:58काउंसिल है या एग्जीक्यूटिव काउंसिल

4:55:59स्पेशली

4:56:02लेजिसलेच्योर एलिमेंट है क्या ये हमारे

4:56:04लिए पॉलिसी बनाएगा नहीं राइट यहां पे

4:56:06इनफैक्ट लेजिसलेच्योर

4:56:10भी करते हैं तो कोई भी इंपॉर्टेंट मैटर

4:56:13क्या ये लोग डिस्कस कर सकते हैं नहीं क्या

4:56:15बजट डिस्कस कर सकते हैं नहीं जो भी कुछ

4:56:18होगा वो जो है जो है गवर्न गवर्नर जनरल या

4:56:20गवर्नमेंट के प्रायर अप्रूवल प्रीवियस

4:56:22अप्रूवल पे डिपेंड करेगा प्लस बजट पे कोई

4:56:24कंट्रोल नहीं है एग्जीक्यूटिव एक्शन को

4:56:26चैलेंज नहीं कर सकते कोई रिस्पांसिबिलिटी

4:56:27एजिस्ट नहीं करती फाइनल पासिंग ऑफ द बिल

4:56:30में वाइस रॉय का अप्रूवल चाहिए ऐसा नहीं

4:56:31कि ये लोग कुछ पास कर देंगे तो हो जाएगा

4:56:33अगर वाइस रॉय भी अप्रूव कर दे अगेन ध्यान

4:56:35रखो कि अगर वाइस रॉय भी कह दे कि हां चलो

4:56:37ये बिल पास हो जाएगा एक्ट हो जाएगा और अगर

4:56:39कहीं सेक्रेटरी ऑफ स्टेट को पसंद नहीं आया

4:56:41उसमें उसको ग्रामेटिकल एरर मिल गई तो नंबर

4:56:43काट लेगा कहेगा नहीं भाई जो है सेक्रेटरी

4:56:46ऑफ़ स्टेट कहेगा कि नहीं अभी भी इसको रोका

4:56:47जा सकता है ये वाला जो बिल है वो एक्ट

4:56:50नहीं बनेगा राइट जैसा कि मैंने कहा कि

4:56:52इंडियंस जो एसोसिएट हो रहे हैं वो एलाइट

4:56:54मेंबर्स हैं प्रिंसेस हैं लैंडलॉर्ड्स हैं

4:56:55दीवान हैं ये कहीं ना कहीं अंग्रेजों के

4:56:57साथ ही अलाइड है और ये पूरी तरह से कहीं

4:57:00से भी पूरी तरह से छोड़ो कहीं से भी

4:57:02इंडियन ओपिनियन को रिप्रेजेंट नहीं करते

4:57:04प्लस हमने कहा था कि इसी एक्ट में

4:57:06ऑर्डिनेंसस भी आ चुके हैं कि अगर वाइस रॉय

4:57:08पूरी तरीके से बायपास करना चाहे ऑर्डिनेंस

4:57:11पास करना चाहे तो कर सकता है तो टेक्निकली

4:57:13सेंट्रल गवर्नमेंट मोर और लेस जो इंपीरियल

4:57:15कैरेक्टर है वो वो बूंद-बूंद में टपक रहा

4:57:18है राइट हमको पूरी तरह से दिख रहा है कि

4:57:19हर कोई एलियन ही है इसमें वाइस रॉय भी

4:57:21ब्रिटिशर है हमारी कोई सुन नहीं रहा अपने

4:57:23हिसाब से काम कर रहा है वाइस रॉय के ऊपर

4:57:25एक आदमी बैठा हुआ है सेक्रेटरी ऑफ स्टेट

4:57:26वो लंदन में बैठा हुआ है राइट वो जो है

4:57:28दुनिया भर के बिजनेसमैन इंडस्ट्रियलिस्ट

4:57:30उन सबसे अफेक्टेड है तो कहीं से भी यहां

4:57:32यहां सोचो कि पॉलिसी वा या विजन वाइज कहीं

4:57:34से भी क्या इंडिया की ग्रोथ हो सकती है

4:57:36इंडिया की ग्रोथ ग्रोथ यहां पे बिल्कुल भी

4:57:39नहीं हो सकती रही बात प्रोविंशियल

4:57:41गवर्नमेंट की तो प्रोविंशियल गवर्नमेंट

4:57:43अगर हम समझे अगेन फ्रॉम द इंडियन काउंसिल

4:57:45एक्ट ऑफ

4:57:4918616 का एक्ट कहता है राइट है ना वापस

4:57:52प्रोविंशियल गवर्नमेंट की बात करें तो

4:58:03मद्रास तो इनको इनको इनकी लेजिस्लेटिव

4:58:07पावर वापस कर दी गई थी ऐसा हमने देखा था

4:58:09डिसेंट्रलाइजेशन हो रहा है बट लेजिस्लेटिव

4:58:12पावर भी पूरी तरह से वापस आई नहीं थी बट

4:58:14चलो ठीक है थोड़ा सा जो है

4:58:16डिसेंट्रलाइजेशन होता हुआ हमें दिखाई दे

4:58:18रहा है तो 18 61 समवेल हेयर वी कैन से कि

4:58:21डिसेंट्रलाइजेशन की बात उठी

4:58:26है प्रोविंशियल गवर्नमेंट में राइट

4:58:28डिसेंट्रलाइजेशन की बात जो है यहां पर उठी

4:58:30है कि यहां लेजिस्लेटिव पावर रिटर्न हो

4:58:32रहे हैं प्लस इनका अपना अपना बजट होने

4:58:35लगेगा दोनों का ही अपना हर प्रोविंस का

4:58:37अपना बजट होने लगेगा तो बजट सेपरेट हो

4:58:39जाएगा यह भी एक बड़ा डेवलपमेंट है राइट है

4:58:42ना इसका आगे रिपर कशन है तो बजट सेपरेट हो

4:58:45रहा है दिस इज अनदर थिंग चच इज हैपनिंग तो

4:58:48डिसेंट्रलाइजेशन होता हुआ नजर आ रहा है यस

4:58:50प्लस हमेशा से ही यह जो तीनों प्रेसिडेंसी

4:58:53है ये ज्यादा पावरफुल रही चाहे वो कलका हो

4:58:57बंगाल चाहे वो आपकी मद्रास हो और चाहे वो

4:59:02बम्बे ट दे आर मोर पावरफुल और यहां पर

4:59:05कहीं भी किसी भी प्रेसिडेंसी को पकड़े तो

4:59:07उसमें बैठता है एक गवर्नर और गवर्नर को एक

4:59:11एग्जीक्यूटिव काउंसिल दी गई है जो यहां पर

4:59:13इस तरीके से ऑपरेट करते है बाद में इनको

4:59:16भी एक और काउंसिल दे दी जाएगी लेजिस्लेटर

4:59:18काउंसिल भी इनको भी दे दी जाएगी कि भाई आप

4:59:20लोगों को भी एक्ट बनाना होता है तो लेटर

4:59:22ऑन देर विल बी एडिशनल लेजिस्लेटिव काउंसिल

4:59:25कि आप लोग अपना लोकल एक्ट वगैरह बना सकते

4:59:27हैं बाकी अदर देन दिस अदर देन दस

4:59:30प्रोविंसेस मोस्ट ऑफ द प्लेसेस विल हैव

4:59:33जैसे फॉर एग्जांपल लेटर ऑन पंजाब में हम

4:59:35देखते हैं राइट या फिर असम की बात करते

4:59:37हैं तो अदर प्रोविंसेस अदर प्रोविंसेस विल

4:59:40हैव यू नो अदर प्रोविंसेस अदर प्रोविंसेस

4:59:44विल नॉट हैव गवर्नर थोड़ा सा सबोर्डिनेट

4:59:47पोजीशन होगी व्हिच इज लेट्स से लेफ्टिनेंट

4:59:50गवर्नर या फिर या फिर कमिश्नर्स

4:59:54तो इनकी पोजीशन पावर कंपेरटिवली कम होगी

4:59:58दन दी एक्चुअल

4:59:59प्रेसिडेंसी प्लस ये जो गवर्नर और जो

5:00:02काउंसलर्स हैं ये दे आर डायरेक्टली

5:00:04अपॉइंटेड बाय द

5:00:06क्राउन क्राउन तो इनकी पोजीशन स्ट्रांग है

5:00:09कि हां भाई सीधे क्राउन द्वारा जो है

5:00:12अपॉइंट्स वेरी वेरी इंपोर्टेंट नाउ यहां

5:00:15तक तो हमने काफी बातें देखी थी राइट इसमें

5:00:17एक और बात ऐड करते हैं इज अबाउट

5:00:19डिसेंट्रलाइजेशन तो डिसेंट्रलाइजेशन अगर

5:00:22हम

5:00:22समझे तो मेजर डिसेंट्रलाइजेशन या फिर

5:00:26फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन हमको दिखता है

5:00:29187 में मेयो के दौरान अब उस समय गवर्नर

5:00:33जनरल या वाइस रॉय है लॉर्ड मेयो राइट और

5:00:36यहीं से हमको क्या दिखने लगता है हमको

5:00:37थोड़ा सा फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन

5:00:40दिखाई देने लगता है फाइनेंशियल

5:00:43डिसेंट्रलाइजेशन

5:00:45अब जैसे लॉर्ड मेयो कहते हैं लॉर्ड मेयो

5:00:48कहते हैं कि हम प्रोविंसेस को कुछ कुछ

5:00:50देंगे क्या देंगे भाई प्रोविंसेस को

5:00:52प्रोविंसेस को हम लोग एक फिक्स्ड सम दिया

5:00:55करेंगे एक फिक्स्ड ग्रांट दिया

5:00:57करेंगे ताकि राइट है ना कहां से फिक्स

5:01:01ग्रांट आ रही है जो भी सेंट्रल रेवेन्यू

5:01:03है सेंट्रल रेवेन्यू में से कुछ पैसा दिया

5:01:05जाएगा प्रोविंसेस

5:01:08को तो समझो इस बात को कि यहां पे लॉर्ड

5:01:11मेयो के टाइम से ये फिक्स होने लगा लॉर्ड

5:01:13मेयो गवर्नर जनरल ने फिक्स किया कि भाई जो

5:01:15है हम एक एक फिक्स्ड अमाउंट मान लो सेंटर

5:01:17अगर ₹1 कमा रहा है तो ₹ ₹ जो है बांटे

5:01:20किसमें प्रोविंसेस में थोड़ा मद्रास को

5:01:22थोड़ा बॉम्बे को और कहेगा कि कुछ चीजें आप

5:01:25लोग खुद ही हैंडल कर लिया करो राइट जैसे

5:01:27कि जैसे कि जैसे कि कुछ चीजें जैसे कि

5:01:29अपना लोकल पुलिस वगैरह खुद ही देखो ना हम

5:01:32क्या देखें उसमें तो तुम्हारी जो

5:01:33प्रोविंशियल पुलिस है खुद ही हैंडल करो

5:01:35राइट सिमिलरली तुमको रोड बनानी है जेल

5:01:38बनानी है तुम जानो जेल

5:01:41रोड राइट है ना देन

5:01:44एजुकेशन कि अपना स्कूल कॉलेज खोलते रहो

5:01:47हमको क्या करना है स्पेशली हेल्थ

5:01:49मेडिकल मेडिकल एंड ऑल राइट सो दे आर सेइंग

5:01:52कि हां ये सारी चीजें खुद ही हैंडल करो

5:01:54इसमें इसके लिए हमसे पैसा ले लिया करो

5:01:56लेकिन इसके लिए हमको बॉदर मत करो राइट है

5:01:58ना अपना अपना देखो भाई ये वैसी बात हो गई

5:02:00यहां बदले में थोड़ा कैश ले लो लेकिन हां

5:02:02उसकी पॉलिसी बनाए रोड में क्या मटेरियल

5:02:03लगेगा कौन गारा लगेगा कितने लेबल लगेंगे

5:02:05कितना पैसा देंगे ये हमसे मत पूछो राइट

5:02:08अपने हिसाब से जाके काम करो बदले में क्या

5:02:09कर देंगे हम तुमको एक फिक्स्ड अमाउंट दे

5:02:12देंगे तो दिस शोज कि हां थोड़ा सा

5:02:14फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन हो रहा है कि

5:02:16अब तक जो पूल जो सेंट्रल रेवेन्यू जो है

5:02:17सेंटर लेके बैठा रहता था कि नहीं ₹1 है

5:02:20तुमको 50 क्या काम है क्यों देना है राइट

5:02:22ऐसा नहीं है अब पॉकेट मनी दे देगा अब वो

5:02:24अपना खर्चा तुम चलाओ तुम्हें जो

5:02:26इंपॉर्टेंट लगता है उसपे तुम खर्चा करो

5:02:28व्हिच इज वेल गुड एज वेल राइट हैना समझो

5:02:31इस बात को कि ये इसलिए नहीं हो रहा है कि

5:02:32वो ऐसा कोई डिसेंट्रलाइजेशन करना चाहते

5:02:34हैं इंटरेस्टेड है इट इज मोर फॉर

5:02:36एफिशिएंसी इट इज मोर फॉर यू कैन से

5:02:39एडमिनिस्ट्रेशन इंप्रूव हो जाएगा बेटर हो

5:02:41जाएगा कि कुछ चीजें डेलीगेट कर देनी चाहिए

5:02:44जिस हम जिससे हमको लेना देना ज्यादा है

5:02:46नहीं राइट सेंटर को ज्यादा जिस बात से

5:02:48फर्क पड़ता नहीं तो वो चीजें आप दे दीजिए

5:02:50राइट लेट देम हैंडल लेट देम हैंडल लेट द

5:02:52सेंटर हैंडल इंपोर्टेंट इश्यूज तो तो तो

5:02:56यहां पे हमें समझ में आएगा कि हां भाई

5:02:57यहां लॉर्ड मेयो के टाइम में 187 में

5:02:59लॉर्ड मेयो के टाइम में ये बात उठ रही है

5:03:02कि फिक्स हम आपको दे देंगे और कुछ चीजें

5:03:04आपको क्या करना पड़ेगा आपको खुद ही हैंडल

5:03:07करना पड़ेगा राइट है ना क्या शुरू हो रहा

5:03:09है फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन इंपोर्टेंट

5:03:11पॉइंट है यस दिस इज वन इंपोर्टेंट पॉइंट

5:03:13नाउ आफ्टर दिस आफ्टर दिस अनदर डेवलपमेंट

5:03:15हैपेंड इन

5:03:17187 187 में थे लॉर्ड लिटन लिटन थे लिटन

5:03:23राइट लिटन ने कहा कि हां अच्छा कुछ चीजें

5:03:25और ले लो

5:03:27हमसे यह कह रहे हैं कि हां आगे से लैंड

5:03:30रेवेन्यू

5:03:32लैंड रेवेन्यू का कलेक्शन वगैरह भी तुम

5:03:34खुद ही करो हम क्यों ध्यान दें राइट है ना

5:03:37एक्साइज ड्यूटी वगैरह खुद ही देखो एक्साइज

5:03:40देन देन जनरल एडमिनिस्ट्रेशन आपके राज्य

5:03:43का आप ही देखिए तो कुछ और चीजें ट्रांसफर

5:03:46कर देंगे कौन लिटर राइट रिटर्न करेंगे

5:03:49हमको और ये सब नहीं चाहिए राइट लॉ एंड

5:03:51जस्टिस अपने राज्य में आप ही देखिए राइट

5:03:55हमको इन सब चीजों से मतलब नहीं ऑल दीज

5:03:57थिंग्स वर ट्रांसफर्ड टू प्रोविंसेस

5:04:01राइट प्लस प्लस एक और बात इन्होंने कही कि

5:04:05जो है यह सब तो हम ट्रांसफर कर देंगे राइट

5:04:09ट्रांसफर्ड इसके साथ-साथ एक और बात कह रहे

5:04:13हैं कि जो प्रोविंशियल रेवेन्यू

5:04:15है प्रोविंशियल रेवेन्यू

5:04:19प्रोविंशियल रेवेन्यू में शेयर मिलेगा

5:04:22किसको प्रोविंस को अब इस बात को समझते हैं

5:04:25तो लॉर्ड लिटर ने क्या किया कि और बातें

5:04:27डेलीगेट कर दी कि हां यह सारी चीज़ें भी

5:04:29आप ही रखिए अपना-अपना जो है खुद ही हैंडल

5:04:31करिए तो कुछ सब्जेक्ट आप ही के के पास

5:04:32होने चाहिए हमारे पास नहीं होने चाहिए

5:04:34दूसरा बोला कि अगर प्रोविंस में लेट्स से

5:04:36यू नो 30 40 50 इकट्ठा हो रहा है तो इस ₹

5:04:40में ₹10 प्रोविंस को ही वापस दे देंगे है

5:04:42ना कि हां जो प्रोविंशियल रेवेन्यू है

5:04:44इसमें से भी आपको कुछ-कुछ शेयर मिलेगा

5:04:46राइट है ना तो एक चाहे कान इधर से पकड़ो

5:04:48चाहे इधर से पकड़ो चाहे सेंटर के पास आने

5:04:50दो और फिक्स्ड ग्रांट दे दो वो भी ठीक है

5:04:52राइट या फिर या फिर कहो कि नहीं तुम्हारे

5:04:54पैसे में से ही ₹ 2020 दे देंगे वो भी ठीक

5:04:56है तो जैसे भी इसको देखो इससे कोई बहुत

5:04:58फर्क पड़ता नहीं बट फिर भी फिर भी पॉइंट

5:05:00है कि हां भाई इन्होंने कहा कि

5:05:01प्रोविंशियल रेवेन्यू में आपको भी शेयर

5:05:03मिलेगा जो भी आपका रेवेन्यू है वो पूरा

5:05:05सेंटर का नहीं है उसमें हम आपको शेयर दे

5:05:07देंगे दिस हैपेंड एट द टाइम ऑफ लिटन लिटन

5:05:11के बाद अगला डेवलपमेंट राइट है ना तो हम

5:05:12बात कर रहे हैं लिटन

5:05:14की लिटन जस्ट अ सेकंड या तो लिटन तो लिटन

5:05:19के टाइम में कुछ और हेड यहां पे जो है यू

5:05:20नो अ ट्रांसफर कर दिए गए हैं प्रोविंसेस

5:05:23को और प्रोविंसेस को बोला गया है कि आपको

5:05:25एक फिक्स शेयर मिलेगा ऑफ द इनकम रियलाइफ

5:05:28इन द प्रोविंस कहां से रियलाइक्स है

5:05:31स्टैंप ड्यूटी से पैसा आया हो प्रोविंस से

5:05:34हो सकता है एक्साइज ड्यूटी में से पैसा

5:05:35निकला हो इनकम टैक्स जो कलेक्ट हुआ था

5:05:37उसमें से पैसा निकला हो तो इन सब चीजों से

5:05:40जो पैसा कलेक्ट हो रहा है इन अ पर्टिकुलर

5:05:41प्रोविंस उसी प्रोविंस को थोड़ा सा वापस

5:05:44दे देंगे एक फिक्स्ड शेयर दे देंगे नाउ

5:05:47नेक्स्ट नेक्स्ट थिंग हैपेंड इन

5:05:50182 182 तो अगली कहानी रिपन के टाइम

5:05:55में

5:05:57रिपन है ना कुछ कुछ ही कहानी है बहुत

5:06:00ज्यादा नहीं 182 रिपन

5:06:05रिपन को एक बार वापस देखते रिपन रिपन ने

5:06:08कहा कि जो है गवर्नर जनरल सेंटर बैठा है

5:06:10कहा इसको थोड़ा सा और कटेग कर लेते

5:06:12स्ट्रीमलाइन कर देते कह देते हैं कि हा

5:06:15जितने भी सोर्स ऑफ रेवेन्यू है राइट

5:06:17सोर्सेस ऑफ रेवेन्यू

5:06:18सोर्सेस ऑफ रेवेन्यू को थोड़ा सा

5:06:21क्लासिफाई कर देते हैं हम डिफाइन कर देते

5:06:23हैं कि कुछ सोर्सेस ऑफ रेवेन्यू ऐसे होंगे

5:06:26जो सिर्फ और सिर्फ सेंटर को जाएंगे है कुछ

5:06:30ऐसे सोर्सेस होंगे जो सिर्फ सेंटर को

5:06:31जाएंगे कुछ ऐसे भी सोर्सेस होंगे जो सिर्फ

5:06:34और सिर्फ प्रोविंसेस को

5:06:36जाएंगे और कुछ बाकी ऐसे सोर्सेज होंगे जो

5:06:39दोनों शेयर करेंगे उन्होंने क्लासिफिकेशन

5:06:42कर दिया कि यहां यू नो यह वाला जो पैसा

5:06:43आएगा यह प्रोविंसेस के पास आएगा यह वाला

5:06:45जो पैसा आएगा सेंटल के पास आएगा और यह

5:06:47वाला जो पैसा आएगा यह हम लोग आपस में मिल

5:06:49बांटेंगे राइट शेयर कर लेंगे ताकि सोर्स

5:06:51पे ही पता हो कि हां कितना पैसा आना है

5:06:53क्या होना है तो रिपन ने यह नहीं कहा कि

5:06:55हां पहले एक बार बटोर हैं फिर बांटेंगे

5:06:56इससे अच्छा वहीं पर डिसाइड कर देते हैं कि

5:06:58यह तुम्हारा हो गया या हमारा हो गया राइट

5:06:59यह वाला पैसा थोड़ा सा देख लेंगे तो दिस

5:07:01ऑल दिस ऑल दिस पार्ट ऑफ फाइनेंशियल

5:07:04डिसेंट्रलाइजेशन व्च हैपेंड इन द टाइम ऑफ

5:07:06मेयो स्टार्टेड इन द टाइम ऑफ मेयो राइट तो

5:07:09इसमें इस गेम में तीन ही लोग दिखे हमें एक

5:07:12है मेयो दूसरे लिटन और तीसरे रिपन राइट है

5:07:15ना तो वैसे भी दो तीन लोग इंपोर्टेंट है

5:07:16लिटन रिपन और कर्जन ये तीन लोग सबसे

5:07:18ज्यादा इंपोर्टेंट हम मानते हैं राइट मेयो

5:07:20का इसी में कंट्रीब्यूशन है इसके अलावा

5:07:22मेयो का मोय मोय है राइट है ना कि मेयो

5:07:24उसके बाद जो है हम रेयर ही देखेंगे आज ही

5:07:26आज ही देख रहे हैं मे को खैर सो मे सो दिस

5:07:29वाज द स्टोरी ऑफ फाइनेंशियल

5:07:30डिसेंट्रलाइजेशन

5:07:32नाउ लेट्स टॉक अबाउट लोकल बॉडीज है ना कि

5:07:36हां जो मेन मुद्दा है जो हमने अब तक नहीं

5:07:37पढ़ा है अब जरा लोकल बॉडीज प आते हैं लोकल

5:07:40बॉडीज तो लोकल बॉडीज पहली बात तो है क्या

5:07:44लोकल बॉडीज है भाई कि जिनको नहीं पता तो

5:07:46लोकल बॉडीज है कि भाई एक आपकी गवर्नमेंट

5:07:49है जो लेट्स से दिल्ली से ऑपरेट हो रही है

5:07:50व्हिच इज सेंट्रल

5:07:52गवर्नमेंट राइट है ना अब अगर हम मान लेते

5:07:55हैं कि कोई प्रोविंस है लेटस से मद्रास तो

5:07:57यह है प्रोविंशियल

5:07:59गवर्नमेंट प्रोविंशियल गवर्नमेंट

5:08:03बट प्रोविंशियल गवर्नमेंट के नीचे भी बहुत

5:08:05सारी डिस्ट्रिक्ट है डिस्ट्रिक्ट में जो

5:08:08सरकार है राइट है ना या फिर डिस्ट्रिक्ट

5:08:11के लेवल पर हम देखें या फिर और भी ग्रेनल

5:08:14लेवल पर चले जाए किसी गांव को पकड़ ले

5:08:18विलेज राइट तो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर अगर हम

5:08:21एक सरकार बनाए नॉर्मली क्या होगा नॉर्मली

5:08:24य पर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बैठा हुआ है

5:08:25नॉर्मली इसको लीड कर रहा है कलेक्टर या

5:08:28फिर मजिस्ट्रेट राट डीएम लीड कर रहा है बट

5:08:31यही पर अगर हम एक सरकार बना दे गवर्नमेंट

5:08:34बना

5:08:35दे कुछ लोगों को इलेक्ट

5:08:38करले या फिर नॉमिनेट भी हो सकता

5:08:43है है ना नॉमिनेशन भी हो सकता है तो फिर

5:08:46क्या बात बन जाएगी बात बन जाएगी भाई कि

5:08:48यहां जो है एक सरकार लोगों की क्रिएट हो

5:08:51जाएगी जो इस डिस्ट्रिक्ट में इस पर्टिकुलर

5:08:53डिस्ट्रिक्ट के मैनेजमेंट को देखेगी राइट

5:08:56है ना यहां का जो गवर्नेंस है इस

5:08:58डिस्ट्रिक्ट का जो गवर्नेंस है उसको हैंडल

5:09:00करेगी इससे क्या होगा इससे इससे यह फायदा

5:09:04होगा कि हां ये जो गवर्नमेंट है या जो लोग

5:09:06हैं इनकी पॉलिटिकल एजुकेशन हो जाएगी

5:09:09पॉलिटिकल ट्रेनिंग हो जाएगी पॉलिटिकल

5:09:12पॉलिटिकल ट्रेनिंग राइट है ना लोग ज्यादा

5:09:14एंपावर्ड होंगे लोकल रिसोर्सेस बहुत अच्छे

5:09:17से जो है यूटिलाइज हो पाएंगे लोकल टैक्सेस

5:09:19वगैरह इनफैक्ट इनफैक्ट लोकल टैक्सेस

5:09:22एक्स्ट्रा टैक्सेस यहां पे लगाए जा सकते

5:09:24हैं लवाई करे जा सकते हैं कि हां भाई कुछ

5:09:26टैक्स लगा दो ताकि ताकि इस एरिया का

5:09:29डेवलपमेंट हो सके यहां पे अगर कोई स्कूल

5:09:31चाहिए कॉलेज चाहिए एक्सेट्रा एक्सेट्रा तो

5:09:33बनाया जा सकता है यहां पे कोई रोड चाहिए

5:09:36कोई हॉस्पिटल चाहिए तो बनाया जा सकता है

5:09:38क्योंकि जो लोकल लोग हैं वही सबसे ज्यादा

5:09:40समझते हैं कि उनकी जरूरतें क्या है और उन

5:09:43जरूरतों को उन जरूरतों को जो है यू नो

5:09:45हैंडल करने के लिए एक कलेक्टर से बेटर है

5:09:48कि यहां की सरकार राइट है ना कि हां हमारी

5:09:50अगर अपने लोग हैं और यहां मिलजुल के अगर

5:09:52जो है जो है ध्यान रखें तो हम बेटर गवर्न

5:09:55कर पाएंगे एंड दैट इज द प्रिंसिपल कि हां

5:09:57हम लोग पॉलिटिकली एंपावर्ड भी होंगे हमारी

5:09:59पावर हमारे पास हमारे पैसे भी हमारे पास

5:10:01और हमारे पैसों का बेटर यूटिलाइजेशन होगा

5:10:03हम पैसा दे सेंटर के पास जाए सेंटर

5:10:05कलेक्टर को दे कलेक्टर कुछ कुछ करे इससे

5:10:08बेटर है कि हां हम लोग लोकली अगर इसको

5:10:10एडमिनिस्टर करें तो बेस्ट है ना पॉइंट इज

5:10:13कि अंग्रेज इसमें इंटरेस्टेड क्यों है

5:10:15राइट है ना कि एकदम से अंग्रेजों को क्या

5:10:17सपना आया और अंग्रेजों को लगा कि हां भाई

5:10:20हमें भी लोकल बॉडीज में थोड़ा सा इंटरेस्ट

5:10:22लेना चाहिए लोकल बॉडीज को डेवलप करना

5:10:24चाहिए राइट है ना क्या जरूरत पड़ रही भाई

5:10:26ये तो हमारे भले की बात हो गई थोड़ी सी तो

5:10:29फर्स्ट थिंग वी अंडरस्टैंड कि भाई जो है

5:10:31ऐसा ऐसा अंग्रेजों को सपना क्यों आया

5:10:33अंग्रेजों को क्यों लगा कि हां हमें इस

5:10:35बात में इंटरेस्ट होना चाहिए हमें इस बात

5:10:38में ध्यान देना चाहिए राइट है ना तो पहली

5:10:40बात देखो कि हां एक एक तो इतना

5:10:42सेंट्रलाइजेशन कर चुके हैं पीछे हम लोग

5:10:44पावर सेंट्रलाइज्ड है मनी सेंट्रलाइज है

5:10:47सब कु सेंटर के पास जा रहा है फिर वापस आ

5:10:49रहा है लोग पूछ रहे हैं कि हमारे यहां

5:10:50हॉस्पिटल नहीं है रोड नहीं है स्कूल नहीं

5:10:52है राइट तो दिस ओवर सेंट्रलाइजेशन हैज टू

5:10:54बी डिसेंट्रलाइज तो पहली प्रॉब्लम वाज द

5:10:57ओवर सेंट्रलाइजेशन व्हिच रिक्वायर्स

5:10:58डिसेंट्रलाइजेशन एंड एवरी टाइप ऑफ

5:11:00डिसेंट्रलाइजेशन

5:11:02तो एक हम जो बात कर रहे हैं कि फाइनेंशियल

5:11:03डिसेंट्रलाइजेशन प्रोविंशियल लेवल पे वही

5:11:05फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन वही चीजें

5:11:08यहां भी चाहिए तो टेक्निकली देयर इज अ नीड

5:11:10फॉर डिसेंट्रलाइजेशन देयर इज रिक्वायरमेंट

5:11:13फॉर डिसेंट्रलाइजेशन दूसरी बात यूरोप और

5:11:17मॉडर्नाइज हो रहा है वहां पे सिविक

5:11:18कम्युनिटीज और ज्यादा बढ़ रही हैं और कहीं

5:11:20ना कहीं हमारी जो एजुकेटेड क्लास है या जो

5:11:22मिडिल क्लास है वो कहीं ना कहीं या एलाइड

5:11:24क्लास है वो जा रही है यूरोप में यूरोप से

5:11:26कनेक्ट में है और वो देख रही है कि वहां

5:11:28पे क्या डेवलपमेंट है और फिर सवाल पूछ रही

5:11:30है तुम हमारे क्या कर रहे हो ट हमारे

5:11:32डेवलपमेंट क्यों नहीं करते हो तो वो जो

5:11:33सिविल कम्युनिटीज हैं वो यहां भी देने के

5:11:35लिए इट इज इंपॉर्टेंट कि यहीं के लोगों को

5:11:37डेलीगेट कर दो और ये देखो इसका एक और

5:11:39फायदा भी है कि तुमको पावर दे तो दी थी

5:11:41तुम ही स्कूल खुद ही नहीं बनाते हो तुम ही

5:11:42हॉस्पिटल खुद ही नहीं बनाते तो बेटर है कि

5:11:44डेलीगेट कर दो लेट देम लुक इन टू इट राइट

5:11:47लेट देम हैंडल देन नेशनलिज्म ग्रो कर रहा

5:11:50है राइट 187 1860 का दौर है राइज ऑफ

5:11:54नेशनलिज्म धीरे-धीरे हो रहा है पॉलिटिकल

5:11:56राइजिंग धीरे-धीरे धीरे-धीरे हो रही है

5:11:58राइट और जब पॉलिटिकल अराइजिंग इस तरह से

5:11:59हो रही है या फिर जो है नेशनलिज्म ग्रो कर

5:12:01रहा है तो कहीं ना कहीं इस तरह की

5:12:03पॉलिटिकल डिमांड भी है कि हमको भी इलेक्शन

5:12:05लड़ना है कम से कम लोकल ही दो कम से

5:12:07कम यहीं पे कुछ पावर दे दो तो राइजिंग

5:12:08टाइड ऑफ नेशनलिज्म कहीं ना कहीं इस तरह की

5:12:10डिमांड भी कर रही है कि बेसिक फैसिलिटी

5:12:12बेटर होनी चाहिए हमें यहां पे ये चाहिए

5:12:14हमें यहां पे वो चाहिए और ये भी मांगता है

5:12:16कि हां इन्हीं को दे दो डेलीगेट कर दो देन

5:12:19देन एसोसिएशन ऑफ इंडियंस इज आल्सो

5:12:21इंपोर्टेंट विद दी एडमिनिस्ट्रेशन बिकॉज

5:12:23बिकॉज इससे उनका पॉलिटिकल इंप्रूवमेंट भी

5:12:25होगा और मोस्ट इंपोर्टेंट जो उनका उनका जो

5:12:27जो है ख्वाहिश है या जो उनका जो चैलेंज है

5:12:29या फिर उनकी जो शिकायत है कि हां जो है हम

5:12:31लोग लोग हम लोग कहीं भी यू कैन से

5:12:33एसोसिएटेड नहीं है ये काफी हद तक सॉल्व

5:12:36होगा हमारा बेटर रिलेशनशिप हो पाएगा ऐसा

5:12:38अंग्रेजों को लग रहा है एंड दैट इज आल्सो

5:12:40वन ऑफ द रीजन कि हां थोड़ा थोड़ा सा जो है

5:12:43इसको तवज्जो दी जा रही है इसको इसको ऐसे

5:12:45भी देखो कि कोई पॉलिटिकल लीडर है इसको काम

5:12:48दे दो तो ये क्या करेगा डिमांड कम करेगा

5:12:50समझ रहे हो कि यहां अगर कोई लोकल बॉडी में

5:12:52इसको बिठा दोगे और कहोगे कि ठीक है यहां

5:12:54की रोड बनवाओ तो बैठा रहेगा रोड बनता

5:12:56रहेगा देखता रहेगा तो बारबार बार-बार

5:12:58डिमांड नहीं करेगा तुमने ये नहीं किया

5:12:59तुमने वो नहीं किया एटस वो चुपचाप बैठ के

5:13:01रोड देखेगा फिर तो ये भी एक कहीं ना कहीं

5:13:03रीजन था कि अगर हम ये लोकल बॉडीज लोकल

5:13:05गवर्नमेंट्स अगर लेकर आ जाएंगे तो फिर जो

5:13:07है ये डिमांड्स कहीं ना कहीं हमारी कम हो

5:13:09जाएंगी राइट है ना कहीं ना कहीं हम इस

5:13:11डिमांड को इस पॉलिटिकल अपराइज को थोड़ा सा

5:13:13दबा देंगे प्लस लोकल टैक्सेस का

5:13:15यूटिलाइजेशन जो है अच्छे से होने लगेगा

5:13:18एंड मोस्ट इंपोर्टेंट जो हम सवाल उठाते

5:13:20रहते हैं कि हमारा लोकल टैक्स ठीक से हो

5:13:22नहीं रहा है राइट है ना आप जो है अपर

5:13:24ग्रासेस को ठीक से टैक्स नहीं कर रहे हो

5:13:26राइट है ना आप कुछ जो है डेवलपमेंट हमारे

5:13:28यहां लेकर नहीं आ रहे हो ये सारे सवाल जो

5:13:30है खत्म हो जाएंगे लोकल वेलफेयर अगर आपको

5:13:33जो भी करना है लोकल बॉडी को जो भी करना है

5:13:35अब वोह कर

5:13:37पाएंगे राइट सो दिस इ दिस इज वई कि हां अब

5:13:40ये लोकल बॉडीज अंग्रेजों ने भी कहा कि ठीक

5:13:42है कर लो करके देखो अच्छी बात है राइट

5:13:44हैना तो उन्होंने भी इसको कहीं ना कहीं

5:13:46सपोर्ट किया सो दिस इज वई दिस इज व वी हैव

5:13:49लोकल बॉडीज नाउ लेट्स टॉक अबाउट इवोल्यूशन

5:13:51कि हा ये कैसे शुरू हुआ इवोल्यूशन ऑफ लोकल

5:13:54गवर्नमेंट तो कहानी शुरू होती है 64 68 के

5:13:57दौर में राइट

5:13:5918646 के दौर में जहां पर हम पहली बार

5:14:03पहली बार सुनते हैं है ना कि 1860 तो अभी

5:14:05181 या 188 में ही कहानी चालू ही हुई है

5:14:08सेकंड हाफ की 181 में एक्ट ही आया है राइट

5:14:12है ना और फिर तुरंत ही बात हो रही है कि

5:14:14हां चलो लोकल बॉडी भी बना दो भाई तुरंत ही

5:14:17बन गई लोकल बॉडी तो पहली बार जो शुरुआत

5:14:20हुई है वह 6468 के दौर में चालू हो चुका

5:14:22है बिटवीन 184 एंड

5:14:24186 बट अभी जो लोकल बॉडीज क्रिएट हो रही

5:14:28है कि हां किसी प्रोविंस में एक

5:14:30डिस्ट्रिक्ट में जो लोकल बॉडी

5:14:33बनी इसमें इसमें जो भी लोग जा रहे हैं दीज

5:14:36आर नॉमिनेटेड

5:14:39नॉमिनेटेड नॉमिनेटेड मेंबर्स है इलेक्शन

5:14:42का कोई कांसेप्ट अभी है नहीं प्लस जो डीएम

5:14:45है डीएम ही लीड कर रहा है तो क्या ही

5:14:46फायदा हुआ अगर इसी को लीड करना था तो यह

5:14:49तो इसी काम के लिए बैठा ही है इसको सैलरी

5:14:51इसी काम के लिए देते हैं तो यह लोकल बॉडी

5:14:53बना के क्या ही कर रहा है राइट है ना कि

5:14:55कुछ लोग जो है को नॉमिनेट कर लिया जिससे

5:14:57उसकी बनती है उनका यह 15-20 लोगों का टीम

5:14:59बना लिया राइटन और फिर उनसे क और पैसे

5:15:02लेके आओ ये कर लेते हैं वो कर लेते हैं तो

5:15:04दिस इज नॉट लोकल यू कैन से लोकल गवर्नमेंट

5:15:06इन द रियल सेंस राइट है ना ये एंप्लॉई है

5:15:09नॉर्मली लोगों के साथ अच्छा नेटवर्क बना

5:15:10के वैसे भी काम करना चाहिए इट इज नॉट प

5:15:13एंपावरिंग यू कैन से एंपावरिंग पीपल इन द

5:15:15राइट सेंस एग्जैक्ट सेंस जिसमें लोकल बॉडी

5:15:18होना चाहिए तो ये 64 68 का इनिशियल

5:15:20डेवलपमेंट क्या ये मैटर करता है नहीं ये

5:15:22मैटर तो देखो नहीं करता है देन देन बात आई

5:15:26मेयो की है ना फिर से वई मेयो आई मोई मोए

5:15:28वाले राइट मेयो तो मेयो इन 187

5:15:32तो 187 में जो बात अभी हमने थोड़ी देर

5:15:34पीछे सीखी ऑफ फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन

5:15:42जिसमें हमने कहा कि हां भाई सेंटर कह रहा

5:15:45है सेंटर कह रहा है प्रोविंसेस से कि

5:15:48तुमको हम कुछ कुछ पैसे

5:15:50देंगे राइट है ना कि हां सेंटर कह रहा है

5:15:53प्रोविंसेस से कि तुमको हम कुछ कुछ पैसे

5:15:55देंगे उसके बदले जो है उसके बदले आप क्या

5:15:57करिए उसके बदले जो है यू नो हम आपको उसके

5:16:00बदले आप कुछ हेड जो हैं यानी रोड पुलिस

5:16:03एजुकेशन हेल्थ ये सारी चीजें क्या कर लो

5:16:05प्रोविंस को दे दो तो प्रोविंस को यहां पे

5:16:08इन्होंने ये सारी चीजें यहां पे पकड़ा दी

5:16:10तो मेयो का जो रेजोल्यूशन है राइट मेयो

5:16:13रेजोल्यूशन

5:16:16राइट तो मेयो रेजोल्यूशन अगर हम देखें

5:16:19मेयो रेजोल्यूशन

5:16:23इसको भी टाइम लाइन प डालते हैं थोड़ा सा

5:16:27इजी हो जाएगा आपके

5:16:29लिए थोड़ा सा पेशेंस

5:16:32आई अंडरस्टैंड कि हां ये काफी लंबी क्लास

5:16:33है लेकिन लेकिन थोड़ा सा पेशेंस बिकॉज आई

5:16:37विल शो यू कि अगर हम खाली एक्ट वाला

5:16:39सिस्टम पकड़े तो भी जो है हर साल सवाल आते

5:16:43हैं यहां से तो 64 68 में अगर हम देखें

5:16:46हमने कहा लोकल बॉडीज बनना चालू हुई

5:16:49है बट इसमें हमने दो प्रॉब्लम समझी एक तो

5:16:52सारे नॉमिनेटेड

5:16:54मेंबर्स और दूसरा डीएम ही लीड कर रहा है

5:16:56तो फायदा ही क्या है पहली बार पहली बार

5:16:59हमने देखा

5:17:02मेयो को मेयो रेजोल्यूशन

5:17:05और हमने देखा कि हां जो है

5:17:08सेंटर ग्रांट दे रहा

5:17:11है प्रोविंस

5:17:15को प्रोविंस को और मे मेयो का रेजोल्यूशन

5:17:18जो है मे जो बात कह रहे हैं लेट मी टेल यू

5:17:20अबाउट जो है मेयो ने क्या कहा तो मेयो का

5:17:23रेजोल्यूशन इज अबाउट लोकल इंटरेस्ट

5:17:25सुपरविजन एंड केयर राइट तो व्ट ही मींस इ

5:17:29ही मीन कि हां भाई लो लोकल इंटरेस्ट जो

5:17:33है लोकल

5:17:36इंटरेस्ट

5:17:39सुपरविजन सुपरविजन केयर यह बहुत जरूरी है

5:17:44राइट है ना यह बहुत जरूरी है फॉर सक्सेस

5:17:46इन द मैनेजमेंट ऑफ द फंड्स डिवोेडली

5:17:49रिलीफ एंड लोकल पब्लिक वर्क्स यहां जो

5:17:52लोकल जो अगर केयर होगी अगर लोकल सुपरविजन

5:17:55होगा लोकल जो है अंडरस्टैंडिंग होगी तो जो

5:17:57भी फंडस डिवॉल्व करे जा रहे हैं फॉर ल दिस

5:18:00पर्पस इनका बेटर यूटिलाइजेशन हो पाएगा अब

5:18:03ऐसा विचार सुनके राइट बहुत सारी जो जो है

5:18:06प्रोविंशियल गवर्नमेंट्स थी है ना बिकॉज

5:18:08ऑफ दिस रेजोल्यूशन अ लॉट ऑफ प्रोविंशियल

5:18:11गवर्नमेंट्स प्रोविंसेस जैसे कि जैसे कि

5:18:14बोले तो

5:18:16बंगाल राइट देन

5:18:18पंजाब तो बंगाल है पंजाब है मद्रास है

5:18:22बंगाल मद्रास पंजाब राइट ठीक है इतना राइट

5:18:27सो व्हाट दे डिसाइडेड कि हां भाई ठीक है

5:18:29जो है हम हम लोग क्या करेंगे हम इस पॉलिसी

5:18:32के लिए मुंसिपल एक्ट्स लेकर आएंगे तो दे

5:18:34स्टार्टेड ब्रिंगिंग मुसिपालिटी

5:18:37एक्ट्स कि हम लोग लोकल गवर्नमेंट क्रिएट

5:18:41करेंगे तो बिकॉज ऑफ दिस स्टार्ट ऑफ

5:18:44डिसेंट्रलाइजेशन एक कम से कम मोहिम छड़ी

5:18:46प्रोविंसेस में कि हां बात आपकी ठीक है कि

5:18:49हां लोकल इंटरेस्ट मेंटेन करना होगा हमें

5:18:51राइट सुपरविजन चाहिए लोकल केयर चाहिए तभी

5:18:53बात बनेगी और ये तभी हो पाएगा जब हमारे

5:18:55पास मुसिपालिटी हो है ना इस तरह की लोकल

5:18:58बॉडीज हो एटलीस्ट शहरों में शहरों में एक

5:19:00मुसिपालिटी

5:19:01पार्टी जनरली शहरों में होती है गांव में

5:19:03होती है पंचायत राइट और उसके ऊपर

5:19:04डिस्ट्रिक्ट प होता है डिस्ट्रिक्ट बोर्ड

5:19:06राइट है ना तो जो है ऐसे समझे बात पढ़ा ही

5:19:08होगा य सब पॉलिटी में है ना तो जो है अगेन

5:19:10डिस्ट्रिक्ट में डिस्ट्रिक्ट बोर्ड होगा

5:19:12शहरों में जो है मुसिपालिटी होगी टाउंस

5:19:14में और विलेजेस में पंचायत होगी राइट तो

5:19:17कह रहे कि हां मुसिपालिटी से तो कम से कम

5:19:19बात शुरू करी जाए लोकल बॉडी से बात शुरू

5:19:21करी जाए तो यह बात यहीं पर अभी खत्म हो गई

5:19:23अभी बात बहुत बढ़ी नहीं बात बढ़ी जब आए

5:19:26रिपन रिपन तो रिपन आते हैं 1880 में और

5:19:3418828 2 के आसपास रिपन भी अपना स्टेटमेंट

5:19:38देते हैं व्हिच इज कॉल्ड एस रिपन

5:19:40रेजोल्यूशन

5:19:42रिपन रेजोल्यूशन तो रिपन भी अपना

5:19:45स्टेटमेंट देते हैं और कहते हैं कि हां जो

5:19:47है जो फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन किसी

5:19:51जमाने में मेयो भैया ने किया था वैसा ही

5:19:54फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन आज हमको करना

5:19:56होगा प्रोविंसेस में फॉर दी फॉर दी लोकल

5:20:00गवर्नमेंट तो सेम फाइनेंशियल

5:20:02डिसेंट्रलाइजेशन ही इज रिकमेंडिंग कि जो

5:20:04फाइनेंशियल डिसेंट्रलाइजेशन हमने

5:20:06प्रोविंसेस के लिए देखा था सेम होना चाहिए

5:20:09प्रोविंसेस द्वारा लोकल गवर्नमेंट में

5:20:11राइट कि प्रोविंसेस को वैसा ही करना चाहिए

5:20:14टू द लोकल गवर्नमेंट जैसा किसी जमाने में

5:20:17सेंटर ने प्रोविंस को किया था सेंटर ने

5:20:19प्रोविंसेस को कहा था कि हां एक हम

5:20:21फिक्स्ड ग्रांट देंगे पैसा देंगे वैसा ही

5:20:24आज प्रोविंसेस को लोकल गवर्नमेंट के लिए

5:20:27करना चाहिए लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के लिए

5:20:29करना चाहिए एंड एंड यही रीजन है कि रिपन

5:20:32को फादर ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट कहा गया

5:20:36है क्योंकि एक्चुअली कहानी यहां से शुरू

5:20:44हुई या तो सेम सेम इन्होंने कहा कि सेम

5:20:47कांसेप्ट आप लोग लगाइए जैसा कभी सेंटर ने

5:20:49प्रोविंस को पैसा दिया है और बोला ये ये

5:20:50हेड मैनेज करो ऐसा ही ऐसा ही प्रोविंसेस

5:20:53को करना चाहिए विद देर लोकल गवर्नमेंट्स

5:20:55और उनको पैसे भी दे देने चाहिए और बोलना

5:20:57चाहिए कि ये चीजें मैनेज करो दिस इज हाउ

5:20:59यू शुड गो अहेड तो रिपन लशन ऑफ

5:21:0918828 है ना कि अगर डेवलपमेंट ऑफ द लोकल

5:21:12बॉडीज हो रही है तब फिर आपकी पॉलिटिकल और

5:21:15पॉपुलर एजुकेशन होगी यस लोग सीखेंगे

5:21:17पॉलिटिकल एंपावरमेंट होगा पॉलिटिकल

5:21:19एजुकेशन होगी वहीं फिर आगे जाके वहां पे

5:21:22ग्रोथ डेवलपमेंट हो सकता है प्लस प्लस जो

5:21:25लोकल अफेयर्स हैं क्या वो बेटर मैनेज हो

5:21:27सकते हैं अगर अर्बन और लोकल बॉडीज रूरल

5:21:30लोकल बॉडीज मुसिपालिटी और पंचायत वगैरह जो

5:21:32है हो जाएंगी और इनको डेफिनेट ड्यूटीज दे

5:21:35दिया जाएगा राइट और प्लस रेवेन्यू भी दे

5:21:38दिया जाएगा देखो दोनों बातें इंपॉर्टेंट

5:21:40है राइट है ना खाली लोकल बॉडी बना के कुछ

5:21:43नहीं होगा नाउ अगेन सिंपल

5:21:46फंडा कि आप कहे कि हां सर जो है यहां पे

5:21:49एक डिस्ट्रिक्ट में राइट एक डिस्ट्रिक्ट

5:21:51है और हम लोगों ने उसका एक लोकल सेल्फ

5:21:53गवर्नमेंट बना दिया लोकल सेल्फ

5:21:57गवर्नमेंट और इसमें इसमें लेट्स से लेट्स

5:22:00से जो है

5:22:02इलेक्टेड मेंबर्स ले आया है ना इलेक्टेड

5:22:04मेंबर्स भी ले आया बन गई बॉडी अब इसमें दो

5:22:08बातें इंपॉर्टेंट है एक तो इनको बताना

5:22:10पड़ेगा कि इनको काम क्या करना है इनको

5:22:12टास्क असाइन करने पड़ेंगे कि कौन-कौन से

5:22:14हेड में ये काम कर सकते हैं दिस इज वन

5:22:16थिंग बट उससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है

5:22:19कि दे शुड हैव इनफ फाइनेंस अगर फाइनेंस

5:22:23नहीं है पैसा नहीं है तो यह कोई टास्क

5:22:26नहीं कर सकते बाकी फिर सब पेपर प है राइट

5:22:29है ना कागजा जो है कागजी कुछ भी ख्याल

5:22:31बनाते रहो ख्याली पुलाव पकाते रहो उससे

5:22:33कोई फायदा नहीं होगा

5:22:35अंट्स ऑफ फाइनेंस नाउ दिस फाइनेंस कैन बी

5:22:39गिवन बाय प्रोविंस दिस इज वन थिंग कि

5:22:41प्रोविंस उनको कुछ पैसा दे दे या फिर दे

5:22:44शुड अरेंज

5:22:50लोकली है ना कि या तो लोकली अरेंज करो या

5:22:53फिर जो है या फिर जो है सेंटर प्रोविंसेस

5:22:55से पैसे मांगो दोनों में से एक चीज तो

5:22:57करनी पड़ेगी ना लोकली अरेंज करने के भी

5:22:59लिमिटेशन है सेंटर से प्रोविंसेस से पैसा

5:23:01लेने में भी लिमिटेशन प्रोविंस चाहेगा कि

5:23:04हां ये जो लोकल गवर्नमेंट है ये हमारे

5:23:05कंट्रोल में रहे राइट ज्यादा हाथ से निकल

5:23:07ना जाए कुछ भी ना करने लगे पैसा पता नहीं

5:23:09इधर उधर बहाने ना लग जाए क्योंकि जैसे ही

5:23:11आप कहेंगे कि हां करना है तो कुछ भी कहने

5:23:13लगेंगे कहेंगे कि हां हमको स्टेट ऑफ आर्ट

5:23:15स्कूल क्रिएट करना है इंटरनेशनल स्कूल

5:23:17क्रिएट करना है ऐसे 1200 स्कूल क्रिएट

5:23:18करने हैं घर-घर के सामने स्कूल होना चाहिए

5:23:21ऐसे कुछ भी क्रिएट करने लग जाएंगे राइट है

5:23:23ना तो ऐसा कहीं हाथ से निकल ना जाए राइट

5:23:25कुछ भी ना मांगने लग जाए कह रहे कि हमारे

5:23:26यहां जो है गांव में ऐसा यू नो सिक्स लेन

5:23:29रोड बनाना है गांव में क्यों क्योंकि लेके

5:23:31जाना है अरे क्यों भाई है ना तो मे बी इट

5:23:33विल नॉट मेक सेंस तो इट इज इंपोर्टेंट टू

5:23:35हैव प्रॉपर कंट्रोल तो प्रोविंस इज वड

5:23:37अबाउट कंट्रोल तो वो पैसा पूरा देगा नहीं

5:23:41दूसरा उसके पास खुद भी फाइनेंशियल क्रंच

5:23:43होता है ऐसा भी नहीं कि उसके पास पैसे

5:23:44कॉफर्स भरे हुए हैं और बस बांटने की देर

5:23:46है राइट वो भी दिक्कत है वो सेंटर से खुद

5:23:48ही पैसा मांग रहा है तो एक तो फाइनेंशियल

5:23:50क्रंच ऊपर से है लोकली लोकली एक तो ऑलरेडी

5:23:54लोग टैक्स दे रहे हैं इनकम टैक्स एट्स

5:23:56एट्स दे रहे हैं अब आप कहिए कि हम एक लोकल

5:23:58टैक्स और लगा लेंगे आपकी प्रॉपर्टी के ऊपर

5:24:01टोल के ऊपर कि आप नाला क्रॉस कर रहे हैं

5:24:03नाले के ऊपर बीच में खड़े हो गए क ₹10

5:24:05निकालो राइट क्यों क्योंकि हां लोकल लोकल

5:24:07जो है हमको अरेंजमेंट करना है राइट या फिर

5:24:09जो है आप कहीं यू नो पानीपुरी खाने गए

5:24:11आपको बोला एक पानीपुरी का पैसा आपको देना

5:24:13पड़ेगा लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के लिए लोग

5:24:15बुरा मानने लगेंगे कहेंगे दोबारा इस आदमी

5:24:17को वोट मत देना तो ये आदमी इलेक्ट दोबारा

5:24:19नहीं हो पाएगा अगर उसने ये काम शुरू किया

5:24:21तो लोकली पैसा मांगना भी आसान नहीं है

5:24:23राइट ये सोचो कि हां ठीक है हम अपना खुद

5:24:25ही अपने हिसाब से क्रिएट कर लेंगे फंड इट

5:24:27इज आल्सो नॉट एन इजी टास्क कि लोग आपको

5:24:29सपोर्ट नहीं करेंगे तो ऊपर से भी पूरा

5:24:31सपोर्ट नहीं मिल रहा लोग भी प्रॉपर सपोर्ट

5:24:33नहीं देंगे जैसे ही आप एक्स्ट्रा पैसा

5:24:35मांगे तो दिक्कत तो देखो है तो फाइनेंशियल

5:24:37इशू हमेशा रहेगा आज भी रहता है राइट है ना

5:24:39आज भी सेम ही प्रॉब्लम है एनीवे तो व्ट

5:24:42व्हाट ही सेइंग कि हां भाई ठीक है जितना

5:24:44पैसा दे सकते हो ऐसा भर भर के पैसा मत दो

5:24:46बट जितना दे सकते हो उतना तो देने की

5:24:48कोशिश करो तो रेवेन्यू थोड़ा सा इनको दो

5:24:50जितना जरूरी है उतना तो देना चाहिए प्लस

5:24:53नॉन ऑफिशल्स जो हैं नॉन ऑफिशल्स मेजॉरिटी

5:24:56में होने चाहिए अब ब्रिटिश सरकार के तरफ

5:24:58से देखो कि अगर ये इलेक्टेड मेंबर्स

5:25:01इलेक्टेड मेंबर है चार और इसमें कुछ कुछ

5:25:05ऑफिशियल मेंबर बिठा दिए गए अब आप कहेंगे

5:25:07सर ऑफिशियल मेंबर्स की क्या जरूरत है भाई

5:25:09देखो जरूरत है ऑफिशियल मेंबर्स की भी

5:25:12जरूरत है क्यों क्योंकि प्रोविंस से पैसा

5:25:14लेकर आना है उस सरकार से कोऑर्डिनेट करना

5:25:16है उस सरकार का एक्सपीरियंस यूज करना है

5:25:18तो अगर कोई ऑफिशियल मेंबर भी होगा डीएम

5:25:20होगा मे भी डीएम का कोई एंप्लॉई होगा डीएम

5:25:22का सेक्रेटरी होगा तो बगल में बैठेगा तो

5:25:24उससे बात करेंगे कि ये वाली पॉलिसी कराओ

5:25:26राइट एक रोड सैंक्शन कराओ राइट है ना यहां

5:25:28पे एक रोड होनी चाहिए यहां या फिर जो है

5:25:29उधर से फंड का जुगाड़ करो फंड बढ़वार

5:25:32मेंबर्स का होना जरूरी तो है यह तो नहीं

5:25:34कह सकते कि जरूरी नहीं राइट जरूरी है बट

5:25:37ऐसा हो कि इलेक्टेड मेंबर चार हो ऑफिशियल

5:25:39नंबर 40 हो तो फिर क्या ही फायदा क्यों

5:25:41बैठा है यह जो है इलेक्टेड वाला तब तो

5:25:43वैसे ही बात खत्म हो जाएगी तो नॉन ऑफिशियल

5:25:46मेजॉरिटी होना चाहिए देन एंड ओनली देन जो

5:25:48है इट मेक्स सेंस और अगर पॉसिबल है तो नॉन

5:25:52ऑफिशियल के साथ-साथ इलेक्टेड होना

5:25:55चाहिए राइट है ना खाली ये जो नॉन ऑफिशियल

5:25:58हम देख रहे हैं यह नॉन ऑफिशियल हो सकता है

5:26:01नॉमिनेटेड

5:26:02हो कि हां भाई गवर्नमेंट का एंप्लॉई नहीं

5:26:05है बट बट गवर्नर ने नॉमिनेट कर रखा है देन

5:26:08आल्सो इट विल नॉट मेक सेंस तो नॉमिनेटेड

5:26:10से भी ज्यादा अच्छा होता है बेस्ट जो होता

5:26:12है वो

5:26:13इलेक्टेड बट इलेक्टेड के लिए जो गवर्नर है

5:26:17जो डीएम है उनकी उनकी रजामंदी भी चाहिए कि

5:26:19हां भाई इलेक्शन कराना है पॉसिबल है नहीं

5:26:21है फीजिबल है राइट इलेक्शन में अपने आप

5:26:23खर्चा लगता है तो अगेन इलेक्टेड की अपनी

5:26:26जो है रिस्ट्रिक्शन है नॉमिनेशन आसान है

5:26:28पसंद के पांच लोग कह दो कि बैठो बस बात

5:26:30खत्म हो गई तो डेफिनेटली ये जो नॉन

5:26:33ऑफिशियल मेंबर्स हैं नॉन ऑफिशियल मेंबर्स

5:26:35में अगर पॉसिबल हो तो पहली बात तो नॉन

5:26:38ऑफिशियल ज्यादा होने चाहिए और दूसरी बात

5:26:41अगर पॉसिबल हो तो इलेक्शन पे रिलाई करो

5:26:44नॉमिनेशन पे कम रिलाई करो राइट दिस इज वन

5:26:47थिंग व्हिच ये सारी बातें बाय द वे जो है

5:26:48मैं नहीं कह रहा हूं ये सारी बातें रिपन

5:26:51कह रहे हैं ध्यान रखना रिपन की बातों का

5:26:52डिस्कशन कर रहे हैं प्लस कह रहे हैं कि जो

5:26:55चेयर पर्सन है ये भी नॉन ऑफिशियल आदमी

5:26:57वाला होना चाहिए ये नहीं कि डीएम का आदमी

5:26:59चेयरमैन बन के बैठा हुआ है जहां तक पॉसिबल

5:27:03हो ऑफिशियल इंटरफरेंशियल

5:27:05रखिए कम रखिए ताकि ये जो नॉन ऑफिशियल

5:27:08मेंबर्स हैं ये जो है अपनी पॉलिसी अपनी

5:27:10बातें आगे रख सके और जो है इसको

5:27:12एग्जीक्यूट कर सके राइट गवर्नमेंट का

5:27:15पर्पस सिर्फ और सिर्फ उनको चेक करना है कि

5:27:17कहीं वो हाथ से निकल ना जाए कुछ ऐसा ना

5:27:19करने लगे जो कि उन्हें नहीं करना चाहिए

5:27:21राइट तो सिर्फ और सिर्फ चेक करने के लिए

5:27:23आप लोग वहां पे हैं अदर वाइज एंपावर देम

5:27:25लेट देम नो लेट देम फील कि हां जो है वो

5:27:28खुद ही इनिशिएटिव ले रहे हैं और फिर वो

5:27:30खुद इनिशिएटिव लेंगे कई बार ऐसा होता है

5:27:32कि हां अगर वो एंपावर्ड है तो लोगों से

5:27:34जाके चंदा इकट्ठा करके खुद ही कंट्रीब्यूट

5:27:37करके दे विल डू समथिंग एंड इंश्योर कि हां

5:27:39प्रोजेक्ट्स वगैरह रोड्स वगैरह कंप्लीट हो

5:27:42जाए राइट देन कुछ चीजों में ऑफिशियल

5:27:44सैंक्शन चाहिए होगा जैसा कि आपने समझा कि

5:27:47हां ऐसा हाथ से निकल नहीं आना चाहिए तो

5:27:49कुछ चीजों में जैसे फॉर एग्जांपल नया

5:27:51टैक्स लगाना है राइट है ना आर्बिट्रेरी

5:27:53कुछ नहीं कि हां जो है लोकल बॉडी को लगा

5:27:55कि नहीं अब जो है इस रोड पर चलने के लिए

5:27:57आपको 000 देने पड़ेंगे है ना हर कोई 2000

5:28:00ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए तो इट इज

5:28:01इंपोर्टेंट कि अगर कोई नया टैक्स लगाने जा

5:28:03रहा है क्योंकि उसके रिपर कशन है लोग

5:28:05कहेंगे क्यों राइट तो न्यू टैक्सेस लगाने

5:28:07से पहले सवाल उठना चाहिए गवर्नमेंट की

5:28:10गवर्नमेंट की परमिशन चाहिए कोई नया काम ले

5:28:12रहे हैं जिसका जिसका जो खर्चा है वो बहुत

5:28:15ज्यादा है है ना तो डिस्कशन होना चाहिए कि

5:28:17भाई इतना खर्चा क्यों करना है कोई नया रूल

5:28:19कोई नया बाय लॉ एट सेक्ट कु बना रहे हैं

5:28:22उसके लिए उसके लिए जो है पहले परमिशन भी

5:28:25चाहिए तो ऐसा ऐसी सारी बातें किसने कही

5:28:28रिपन ने कही कि वी शुड गो फॉर सच लोकल

5:28:31बॉडीज व्हिच आर एंपावर्ड जिसमें नॉमिनेटेड

5:28:33मेंब ज्यादा हैं जो हेड है वो भी

5:28:35नॉमिनेटेड मेंबर है राइट इलेक्टेड इलेक्शन

5:28:37हो सकता है तो देयर शुड बी इलेक्टेड

5:28:39मेंबर्स राइट है ना प्लस प्लस दे शुड बी

5:28:41एंपावर्ड एसा ऑफिशियल इंटरफेरेंस मिनिमम

5:28:43होना चाहिए बट रिक्वायर्ड है ऑफिशियल

5:28:45इंटरफेरेंस कि कोई हाथ से बाहर ना निकल

5:28:47जाए नाउ नाउ तो नाउ जो है नाउ द एसिस्टिंग

5:28:51लोकल बॉडीज वी सी कि यहां इनके टाइम में

5:28:53जो लोकल बॉडीज हैं उनके बहुत सारे

5:28:54ड्रॉबैक्स भी है तो एक दूसरा डिस्कशन कि

5:28:57ड्रॉबैक्स क्या-क्या है राइट है ना

5:28:59दिक्कतें कहां-कहां फेस हो रही है ये

5:29:01समझते हैं कि हां ये तो रिपन कह के चले गए

5:29:03लेकिन हां फिर इशू कहां-कहां आ रहे हैं

5:29:05कहां-कहां हम लोग नहीं सरवाइव कर पाए या

5:29:07लोकल बॉडीज क्यों अच्छा परफॉर्म नहीं करती

5:29:09लेट अस अंडरस्टैंड दैट तो फर्स्ट पॉइंट इज

5:29:12कि यहां जो इलेक्टेड मेंबर्स हैं वो हमेशा

5:29:14माइनॉरिटी में रहे अब आप समझ गए कि हां

5:29:16भाई क्यों क्या फर्क पड़ता है तो इलेक्टेड

5:29:18मेंबर्स आगे की जो बॉडीज बनी राइट है ना

5:29:21कि रिपन के हिसाब से तो विजन था ये क ऐसे

5:29:23लोकल बॉडीज बननी चाहिए ऐसा होना चाहिए

5:29:25वैसा होना चाहिए बट एक्चुअली हुआ क्या और

5:29:27प्रॉब्लम क्या है तो वी विल सी कि जो

5:29:29एक्चुअल इंप्लीमेंट टेशन हुआ आफ्टर रिपन

5:29:31वी विल फाइंड कि यहां जो लोकल बॉडीज

5:29:33क्रिएट हो रही है उसमें इलेक्टेड मेंबर्स

5:29:35खुद ही माइनॉरिटी में है राइट है ना तो जो

5:29:38है क्या ही करेंगे प्लस फ्रेंचाइजी भी

5:29:40बहुत लिमिटेड है अगर इलेक्शन हो भी रहा है

5:29:41तो कुछ ही लोग अमीर लोग ही वोट कर रहे हैं

5:29:43उससे भी कोई फायदा नहीं है प्लस

5:29:45डिस्ट्रिक्ट बोर्ड जो है उसमें अभी भी

5:29:47डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर ही हेड कर रहा

5:29:49है डिस्ट्रिक्ट के ऑफिशियल जो ऑफिशियल

5:29:52मेंबर्स है वही हेड करते हैं नॉन ऑफिशियल

5:29:54मेंबर्स जो है हैं लेकिन जो है यू नो वही

5:29:56डिस्ट्रिक्ट ऑफिशल्स का हेडिंग है राइट

5:29:58वही प्रोसाइट कर रहे हैं प्लस गवर्नमेंट

5:30:00जो है ओवरऑल स्ट्रिक्ट कंट्रोल लेके बैठी

5:30:02हुई है बिल्कुल फ्री हैंड दे ही नहीं रही

5:30:04है कभी-कभी जरूरत पड़ने पे लोकल बॉडी को

5:30:06सस्पेंड करने दे रही है ऐसा रियल

5:30:08एंपावरमेंट नहीं आया ऐसा रिपन का सपना था

5:30:11रिपन इज अ इज अ जो है यू कैन से डेमोक्रेट

5:30:14वो मा मानते हैं कि हां जो है मैं

5:30:15डेमोक्रेसी में विश्वास करता हूं और

5:30:17डेमोक्रेसी होनी चाहिए और उसी का एक एक जो

5:30:19है यू कैन से रिजल्ट है कि ही वांटेड कि

5:30:21लोकल सेल्फ गवर्नमेंट होना चाहिए राइट

5:30:23सारे गवर्नर जनरल से मैं कहता हूं अगर कोई

5:30:26भगवान है तो वो रिपन ही है बाकी ऐसे बाकी

5:30:28ऐसे हैं कि उसके आगे भगवान ही लगता हो

5:30:30राइट है ना कि हां भाई वो ऐसा सोच रहा है

5:30:31कि ऐसा होना चाहिए बट ऐसा हुआ नहीं राइट

5:30:33रियल इंप्लीमेंटेशन इफ यू सी रियल

5:30:35इंप्लीमेंटेशन इज नॉट एगजैक्टली क्लोज टू

5:30:38व्हाट रिपन हैड

5:30:40थॉट नाउ आफ्टर दिस देयर वाज रॉयल कमीशन ऑन

5:30:43डिसेंट्रलाइजेशन तो आफ्टर आफ्टर कर्जन

5:30:46कर्जन ने भी बाय द वे एक स्टेप लिया था हम

5:30:48याद आ रहा है तो कर्जन ने क्या किया था

5:30:50कर्जन ने कलक काउंसिल में राइट है ना

5:30:53कलकता काउंसिल में जो कलकाता की

5:30:54मुसिपालिटी बॉडी थी उसमें इलेक्टेड

5:30:57मेंबर्स घटा दिए थे तो आप समझ सकते हैं कि

5:30:59जब कर्जन जो गवर्नर जनरल है वो ऐसी हरकतें

5:31:02कर रहा है तो बाकी जगह क्या ही हो रहा

5:31:04होगा एनीवे तो 1908 में एक और रॉयल कमीशन

5:31:09आया 1908 रॉयल कमीशन इन्होंने थोड़ी सी और

5:31:13राय दी है ना राय है खाली कि हां देखो

5:31:15ऐसे-ऐसे कर लो ऐसा क्यों नहीं कर लेते कुछ

5:31:17लोग देते हैं ना यूपीएससी प्रिपरेशन में

5:31:18राय कि जो है 12 घंटे क्यों नहीं पढ़ लेते

5:31:21हो राइट सोते क्यों हो जगते ही क्यों हो

5:31:23है ना तो राय वैसी ही राय है ये राइट है

5:31:26ना तो 1908 की एक राय है व्हिच इज रॉयल

5:31:28कमीशन ऑन डिसेंट्रलाइजेशन

5:31:34दिस इज

5:31:36रॉयल

5:31:40कमीशन

5:31:41ऑन डिसेंट्रलाइजेशन मुद्दा उठा के क्यों

5:31:46नहीं कर पा रहे हम लोग क्यों यह लोकल

5:31:48बॉडीज जो है यह अच्छा परफॉर्म नहीं कर रही

5:31:51राइट है ना इसको जरा समझते हैं तो अगेन

5:31:55मुद्दे वही के वही है है ना एक बार इसको

5:31:57भी जट डाउन करते हैं समझते हैं कि हा

5:31:59क्यों नहीं जो है हो पा रहा है इन्होने

5:32:01कहा कि देखो दिक्कत है कुछ कुछ है नाय

5:32:03समझिए तो कह रहे जो गांव की पंचायत है

5:32:06राइट इनको आपको और और पावर रिकमेंडेशन है

5:32:10राइट इशू नहीं सॉरी ट आर नॉट इशू आर

5:32:13रिकमेंडेशन की हा क्या क्या करना

5:32:16चाहिए सो सो तो इनका इनका जो रॉयल कमीशन

5:32:20जो है रॉयल कमीशन रॉयल

5:32:23कमीशन इसने जो इशू ढूंढा है देखो कितना

5:32:27यूनिक सा इशू ढूंढा है हमें पता ही नहीं

5:32:28थी बात कह रहे हैं कि फाइनेंशियल

5:32:31रिसोर्सेस नहीं है फाइनेंशियल

5:32:35रिसोर्सेस रिसोर्सेस का क्रंच जो है यही

5:32:39मेन इशू है क्या बात बताई इन्होने राइट है

5:32:41ना अरे पता था हमको यही दिक्कत थी राट

5:32:43फाइनेंशियल रिसोर्सेस बट इन्होंने कहा हां

5:32:44भाई रिकॉग्नाइज कर रहे हैं हम यहां

5:32:46फाइनेंशियल रिसोर्सेस एक इशू है अब इसका

5:32:49सलूशन क्या है तो ये रिकमेंडेशन कुछ कुछ

5:32:51दे रहे हैं तो लेट्स अंडरस्टैंड देर

5:32:53रिकमेंडेशंस

5:33:00तो इन्होंने कहा पहली बात पहली बात

5:33:02इन्होंने कही कि जो विलेज पंचायत है विलेज

5:33:07पंचायत देखो ऐसी कोई नायाब सी बात नहीं

5:33:09होने वाली है ना वही उन्हीं लाइंस पे है

5:33:11बट वी जस्ट नीड टू अंडरस्टैंड कि इन्होंने

5:33:13भी कहा था तो विलेज पंचायत उन्होंने कहा

5:33:15कि विलेज पंचायत की पावर बढ़ा दीजिए सारे

5:33:17लोग अच्छे अच्छे अच्छी-अच्छी बातें करते

5:33:19हैं राइट पावर बढ़ा दीजिए राइट प्लस

5:33:21इनफैक्ट उनको जो जुडिशल पावर होती है

5:33:23छोटा-मोटा कुछ झगड़ा हो गया वो इन्हीं को

5:33:25दे दीजिए तो इनफैक्ट उनको जुडिशियस भी दे

5:33:27दीजिए फॉर पेटी केसेस ऐसा नहीं कि जो है

5:33:31क्रिमिनल केसेस के लिए पेटी केसेस की हां

5:33:34भाई जो है तुमने मेरे आम तोड़ लिया तुम

5:33:35मेरा अमरूद र गए राइट ऐसे केसेस के लिए

5:33:38इनको जुडिशल पावर दे दीजिए प्लस प्लस जो

5:33:41है व्ट दे नीड इ माइनर विलेज वर्क भी इन्

5:33:43को दे दीजिए इन्हीं को करने दीजिए माइनर

5:33:47विलेज वर्क य छोटा मोटा मेड़ बनवाना है जो

5:33:50है नहर नहर में कुछ टूट गया है पानी बाहर

5:33:53आ रहा है तो सही कर लो है ना तो ये सारा

5:33:55काम इन्हीं को दे दिए प्लस प्लस दे शुड

5:33:58हैव

5:33:58एडिक्ट

5:34:00एडिक्ट फाइनेंशियल रिसोर्सेस या फिर

5:34:06फाइनेंस हा कि फाइनेंसियल रिसोर्स दीजिए

5:34:08तभी तो ऑपरेट कर पाएंगे ना क्या ही ऑपरेट

5:34:10करेंगे देन

5:34:13नेक्स्ट नेक्स्ट इनका जो रिकमेंडेशन है इज

5:34:16अबाउट तो ये देखो ये एक नई बात है जो आपका

5:34:19बन सकता है एमसीक्यू ये कह रहे हैं कि देर

5:34:22इ कांसेप्ट ऑफ सब डिस्ट्रिक्ट बोर्ड्स अब

5:34:25एक होता है डिस्ट्रिक्ट बॉडी एक होता है

5:34:27पंचायत क रहा बीच में तो सब डिस्ट्रिक्ट

5:34:29बोर्ड आप एब्लिश करिए जिसके अंदर मे बी एक

5:34:33चौथाई डिस्ट्रिक्ट एक तिहाई डिस्ट्रिक्ट

5:34:34आती हो जैसे कुछ डिस्ट्रिक्ट के अंदर सब

5:34:36डिस्ट्रिक्ट बोर्ड भी होने चाहिए हर

5:34:38तालूका हर

5:34:39तहसील तो हर तालूका या फिर तहसील पर य शुड

5:34:44हैव वन डिस्ट्रिक्ट बोर्ड जो कि और अच्छा

5:34:47है हा एक बीच में सब बॉडी भी आ गई

5:34:49डिस्ट्रिक्ट के बीच में राट है ना इनका

5:34:51इनका अपना सेपरेट ड्यूटी होना

5:34:53चाहिए सेपरेट ड्यूटी होना चाहिए और इनकी

5:34:57अपना सेपरेट रेवेन्यू भी होना चाहिए

5:35:00तो ये एक इन्होंने अलग कांसेप्ट दिया ये

5:35:02एक अच्छा एमसीक्यू बन सकता है हां सब

5:35:04डिस्ट्रिक्ट बोर्ड की इन्होंने बात करी कि

5:35:05ऐसा करवाइए

5:35:06प्लस प्लस एक बात इन्होंने और कही कि देयर

5:35:10शुड बी रिस्ट्रिक्शन ऑन पावर ऑफ

5:35:12टैक्सिंग ऐसा नहीं कि आप कुछ भी लगा सकते

5:35:17हैं पावर ऑफ टैक्सेशन पे रिस्ट्रिक्शन

5:35:20होना चाहिए यह नहीं कि आप कहीं कुछ भी

5:35:22टैक्स का जो है चार्ज करने लगे ये नहीं हो

5:35:25सकता राइट इनफैक्ट इनफैक्ट सॉरी जो है लेट

5:35:27मी रिफ्रेश कह रहे है कि जो रिस्ट्रिक्शन

5:35:29है राट न पावर ऑफ टैक्सेशन य कम कर देना

5:35:31चाहिए य हटा देना चाहिए तभी तो उल्टी बात

5:35:34कह द थी तभी तो फाइनेंसियल रिसोर्स बनेगा

5:35:36ना राट तो कह रहे जो रिस्ट्रिक्शन पावर ऑफ

5:35:38टैक्सेशन इसको आप हटा दीजिए राइट ये जो है

5:35:41कहीं ना कहीं फाइनेंशियल रिसोर्सेस को

5:35:43क्रंच कर रहा है कर्व कर रहा है तो ऐसा

5:35:45रिस्ट्रिक्शन मत लगाने दीजिए वो लोग खुद

5:35:46अपने हिसाब से जो जरूरी होगा सही होगा वही

5:35:49लगाएंगे प्लस इनको कुछ कुछ रिलीफ प्रोवाइड

5:35:52कर दीजिए जैसे कि फॉर

5:35:55एग्जांपल प्राइमरी एजुकेशन अगर लोकल लेवल

5:36:00पे हैंडल होता है तो ठीक मे

5:36:03बी बट बाकी चीजें मे बी रिलीव्ड जैसे कि

5:36:07सेकेंडरी

5:36:09एजुकेशन

5:36:11हॉस्पिटल एटस एटस तो कहने का इस पॉइंट का

5:36:16मतलब समझो कि देखो उतना ही काम दो जितना

5:36:18जितना तुम फाइनेंशियल रिसोर्सेस उनको दे

5:36:20रहे हो जितना वो एक्चुअली चव कर पाए इतना

5:36:23काम मत दे दो कि हां उनके पास ना ही उतना

5:36:25फाइनेंस है और उनसे सारी उम्मीद लेके बैठे

5:36:27हुए कि तुम करते क्यों नहीं हो है ना कि

5:36:29हां जो है आप कह रहे हैं कि हां

5:36:30वैक्सीनेशन ड्राइव क्यों नहीं करी परट ना

5:36:32ही वैक्सीन है ना ही पैसा है तो क्या ही

5:36:34क्या ही सेंस बनता है तो देखो प्राइमरी

5:36:36एजुकेशन बहुत ज्यादा डिसेंट्रलाइज होता है

5:36:38गांव-गांव में एक पाठशाला चाहिए स्कूल

5:36:40चाहिए एंड मे बी वहां पे लोकल लोकल जो जो

5:36:42है यू कैन से एक्सपर्टीज है या जो लोकल

5:36:44लोकल गवर्नमेंट है वेरी मच रिक्वायर्ड कि

5:36:46वो लोग इसको टेक अप करें बट अगर कर सकते

5:36:48हैं तभी अगर वो खुद ही हाथ खड़ा कर द भाई

5:36:51हमसे नहीं हो पाएगा इतना पैसा ही नहीं है

5:36:53तो फिर उनसे जबरदस्ती मत करो सिमिलरली

5:36:55बाकी चीजें रिलीव कर दो जो चीज वो कर सकते

5:36:57हैं उतना ही करने दीजिए ताकि कि वो लोग

5:37:00एफिशिएंटली परफॉर्म कर सके ऐसा ना हो कि

5:37:02आप सारी उम्मीदें उनको दे दें कि हां जो

5:37:04है उम्मीदें उन्हीं से रखें ये सब क्यों

5:37:06नहीं करते हो राइट य इस हॉस्पिटल क्यों

5:37:08नहीं बनवाया पर पैसे दे नहीं रहे हो ऐसा

5:37:10नहीं होना चाहिए तो दिस वाज सम रिकमेंडेशन

5:37:12फ्रॉम द रॉयल कमीशन ऑफ

5:37:151908 तो रॉयल कमीशन ऑफ 1908 ने जो है

5:37:19रिकमेंडेशन कुछ दिए यस राइट तो हमने बात

5:37:22करी कि हां इन्होंने क्या रिकमेंडेशन

5:37:25

5:37:28नाउ या हमने बात करी कि उन्होंने क्या

5:37:31रिकमेंडेशन

5:37:32दिए हमने समझा इसमें सबसे इंपोर्टेंट

5:37:35पॉइंट जो है वो सब डिस्ट्रिक्ट बोर्ड है

5:37:38सब डिस्ट्रिक्ट बोर्ड राइट है ना कि आपको

5:37:40ये एस्टेब्लिश करना दिस इज अ न्यू पॉइंट

5:37:42बाकी ठीक है बाकी बेसिक था चलिए तो अब

5:37:44इसका सरकार प क्या फर्क पड़ा तो एक

5:37:46गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का रेजोल्यूशन आया

5:37:481915 में तो 1915

5:37:52में 1915

5:37:57में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने कहा कि हां हम

5:38:00रुको एक मिनट बता रहे हैं क्या करें तो

5:38:03इन्होंने बताया कि हम कुछ नहीं करें राइट

5:38:06है ना तो टेक्निकली इसके बाद जो ये

The Govt. of India Resolution

5:38:09रेजोल्यूशन आया गवर्नमेंट ऑफ इंडिया

5:38:10रेजोल्यूशन आप 1915 देखेंगे तो जो रॉयल

5:38:13कमीशन भेजा गया था रॉयल कमीशन एक्चुअली

5:38:15ब्रिटेन से आएगा रॉयल कमीशन तो रॉयल कमीशन

5:38:17का जो रिकमेंडेशन था उस पे ऑफिशियल

5:38:20रिकमेंडेशन आए कि हां ये सारी चीजें ये

5:38:22सारी चीजें होनी चाहिए बट दिस वाज ऑल ऑन द

5:38:24पेपर नथिंग एक्चुअली हैपेंड राइट देखो

5:38:26लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इंप्रूव करने के लिए

5:38:29बहुत सारी चीजों की जरूरत है ऊपर से नीचे

5:38:31तक काफी अलाइन मेंट चाहिए राइट इतना अलाइन

5:38:33मेंट अभी था ही नहीं 10 1915 में वर्ल्ड

5:38:35वॉर वर्ल्ड वॉर चल रहा था राइट कहां पे जो

5:38:37है आपका य लोकल स गवर्नमेंट होने वाला था

5:38:39इट वाज नॉट एट ऑल पॉसिबल तो यहां तो कुछ

5:38:41भी नहीं हुआ बट देन बट देन हुआ साइड में

5:38:45चल रहा है होम रूल लीग राइट होम रूल लीक

5:38:47के बाद हमें याद आया कि एक अगस्त

5:38:48डिक्लेरेशन आया था जो बार-बार हम बात करते

5:38:51हैं कि हां भा जो है उन्होंने कहा कि आपको

5:38:53हम रिस्पांसिबल गवर्नमेंट देंगे सब्जेक्ट

5:38:55टू प्रोग्रेसिव रिलाइजेशन और आप इंटीग्रल

5:38:57पार्ट ऑफ द इंडिया रहेंगे अब इसी बेसिस पे

5:39:00यही मोड फोर डिस्कशन या फिर अगस्त

5:39:02डिक्लेरेशन के ऊपर एक रेजोल्यूशन आया 1918

5:39:05में राइट है ना 1918 में जो है रेजोल्यूशन

5:39:08आया राइट और यहां पे ये रेजोल्यूशन कहता

5:39:11है कि लोकल बॉडीज बी मेड एज

5:39:13रिप्रेजेंटेटिव एज पॉसिबल राइट है ना कि

5:39:17इनमें रिप्रेजेंटेशन लोगों का नॉर्मल यू

5:39:19कैन से इलेक्शन द्वारा होना राइट है ना

5:39:21खाली नॉमिनल अथॉरिटी नहीं होनी चाहिए रियल

5:39:24रिप्रेजेंटेशन होना चाहिए तो ये और

5:39:26एंपावर्ड करने की बात उठी तो एस पर ये

5:39:291918 वाला डिस्कशन रेजोल्यूशन ऑफ

5:39:361918 देन अगेन इन 1918 देयर इज अ

5:39:39रेजोल्यूशन

5:39:40देयर इज वन मोर रेजोल्यूशन

5:39:47राइट और इसमें हुआ कि हां लोकल

5:39:51बॉडीज लोकल बॉडीज को और और ज्यादा

5:39:55एंपावर्ड करेंगे पावरफुल बनेंगे पावरफुल

5:39:58बनाएंगे यस राइट ऐसी बात यहां पे कही गई

5:40:01यहां द रेजोल्यूशन सजेस्टेड दैट द लोकल

5:40:03बॉडी बी मेड एज रिप्रेजेंटेटिव एज पॉसिबल

5:40:05टू द पीपल यहां उसमें इलेक्शन नॉमिनेशन जो

5:40:08भी है बट हां इलेक्शन ज्यादा होना चाहिए

5:40:10जितना रिस्पांस रिप्रेजेंटेटिव हो सकता है

5:40:12लोगों का उतना होना चाहिए ऐसा इन्होंने

5:40:14बात कही तो कहीं ना कहीं 1918 में या

5:40:17मोंटेग रिफॉर्म में हमको ऐसा लगता है कि

5:40:19अब लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के दिन सुधरने

5:40:21वाले हैं अब तो कुछ बेटर होगा हमें याद

5:40:24आया कि हां जो जो 1918 का जो जो है 1919

5:40:28का जो एक्ट था

5:40:291919 का एक्ट उसमें एक बार फिर से याद

5:40:33करें कि प्रोविंसेस में हम लोग ऑब्जर्व कर

5:40:35रहे थे याद आया कि गवर्नर और गवर्नर के

5:40:38होंगे काउंसलर्स

5:40:40और होंगे कुछ

5:40:44मिनिस्टर्स ये क्या है ये एक्चुअली

5:40:46एग्जीक्यूटिव है है ना पूरी बात याद करते

5:40:49हैं पूरी बात याद आई कि हां भा कुछ

5:40:51प्रोविंशियल लिस्ट बनाई गई थी प्रोविंशियल

5:40:55लिस्ट लिस्ट और प्रोविंशियल लिस्ट में थे

5:40:57कुछ रिजर्व सब्जेक्ट

5:41:00और कुछ थे ट्रांसफर्ड सब्जेक्ट

5:41:05ट्रांसफर्ड है ना ट्रांसफर सब्जेक्ट तो

5:41:08मिनिस्टर जो थे वो ट्रांसफर सब्जेक्ट देख

5:41:10रहे थे काउंसलर रिस्टड रिजर्व सब्जेक्ट

5:41:12देख रहे थे राट मिनिस्टर रेसिल टू द

5:41:14पार्लियामेंट लेचर याद आया लेचर भी तो है

5:41:17इधर है ना य पढ़ा हमने ना ना तो यह हमने

5:41:22कहा था कि दिस इ नथिंग बट व्ट दयाल की दिस

5:41:26इ दयार

5:41:28की नाउ अगेन अगेन तो अंडर दयार की देखें

5:41:31कि अब क्या दिन सुधरे राइट है ना अब क्या

5:41:35दिन सुधरे हमको लगा कि भाई अभी तो वादा

5:41:37किया था अभी रेजोल्यूशन आया कि लोकल सेल्फ

5:41:39गवर्नमेंट को हम लोग जो है क्या कर देंगे

5:41:41हम लोग और रिप्रेजेंटेटिव बना देंगे ऐसा

5:41:43हमको अभी दिखाया सपना नाउ रिलाइज

5:41:47कि करा क्या गया तो लोकल सेल्फ गवर्नमेंट

5:41:50एक्चुअली अ ट्रांसफर्ड सब्जेक्ट व्हिच

5:41:52मेक्स सेंस कि हां जो कुछ आपके काम का

5:41:55नहीं है सब ट्रांसफर कर दो तो लोकल सेल्फ

5:41:57गवर्नमेंट जो है इन्होंने कहा कि अब जो है

5:42:00जो मिनिस्टर है मिनिस्टर लोग देखेंगे अपना

5:42:02लोकल सेल्फ गवर्नमेंट होल जाओ एंपावर्ड

5:42:04जाके जितना रिप्रेजेंटेटिव बनाना है बना

5:42:07लो बट बट यही हमें समझ में आया कि मुद्दा

5:42:11रिजर्व सब्जेक्ट के पास है

5:42:13फाइनेंस और ये जितनी दूरी इन दोनों में है

5:42:17इसका कुछ हो नहीं सकता तो दयार की के अंदर

5:42:20भी क्या इसका कुछ होने वाला है दो

5:42:22प्रोविंसेस में दयार की आ चुकी है देयर इज

5:42:24अ कांसेप्ट ऑफ ट्रांसफर्ड एंड रिजर्व

5:42:26ट्रांसफर्ड में लोकल सेल्फ गवर्नमेंट आ

5:42:28चुका था अब हमें लगा था छे दिन आ गए लोकल

5:42:30से गवर्नमेंट में बहुत ध्यान देने लगेंगे

5:42:32कुछ भी नहीं हुआ राइट क्यों क्योंकि

5:42:34फाइनेंस बहुत ज्यादा दूर है राइट अभी भी

5:42:36यह प्रॉब्लम सॉल्व हो नहीं रही राइट तो

5:42:38अंडर दया अंडर दयार की अगर हम

5:42:44देखें

5:42:461990 के बाद अंडर दयार

5:42:53की अंडर दयार की तो इसमें बस इतनी सी बात

5:42:56बना लो कि हां जो ट्रांसफर्ड है उसमें

5:42:59लोकल सेल्फ गवर्नमेंट है और जो रिजर्व्ड

5:43:01है उसमें फाइनेंस है बाकी बातें याद आ

5:43:06जाएंगी नाउ आफ्टर दिस तो दरकी दरकी को

5:43:09रिव्यू करने आए थे साइमन कमीशन साइमन

5:43:11कमीशन ने भी सेम देखो ऑब्जर्व किया है तो

5:43:13साइमन कमीशन जब आया तो साइमन कमीशन ने भी

5:43:15यही ऑब्जर्व किया कि जो दयार की हम लोग

5:43:17रिव्यू करने आए हैं ये तो बहुत ही वाहियात

5:43:19कांसेप्ट है राइट कह रहे हैं कि हां जो

5:43:21लोकल बॉडीज है राइट अगर हम रिलाइज करें कि

5:43:24जो विलेज पंचायत है वो ग्रो ही नहीं हुई

5:43:26है राइट है ना कोई डेवलपमेंट छुआ ही नहीं

5:43:29हम सोच रहे थे ट्रांसफर को दिया गया कुछ

5:43:31डेवलप करेंगे उन्होंने सारा एजाम लगा दिया

5:43:32किस पे मिनिस्टर पे कि मिनिस्टर क्या ही

5:43:34कर पाए कुछ नहीं कर पाए तो कह रहे कोई

5:43:36डेवलपमेंट नहीं हुआ है एक्सेप्ट फॉर बंगाल

5:43:38एंड मद्रास बाकी ऐसा कोई डेवलपमेंट नहीं

5:43:40हुआ इनफैक्ट ये कह रहे हैं कि लोकल सेल्फ

5:43:43गवर्नमेंट को ऐसा फ्री मत छोड़ो

5:43:45प्रोविंशियल कंट्रोल बढ़ा

5:43:46दो प्रोविंस प्रोविंशियल गवर्नमेंट का

5:43:49लोकल सेल बॉडी प और कंट्रोल होना चाहिए यह

5:43:52ऐसा ऐसा सजेस्ट कर रहे हैं यहां पे राइट

5:43:55प्लस प्लस कह रहे हैं कि हां जो इलेक्टेड

5:43:56मेंबर्स हैं ये लोग टैक्स नहीं लगा रहे

5:43:59हैं राइट है ना इनको टैक्स लगाना चाहिए वो

5:44:02क्या ही इलेक्टेड मेंबर टैक्स लगाएगा हमने

5:44:03समझा था दिक्कत टैक्स लगाने में भी है वो

5:44:06इलेक्टेड मेंबर टैक्स लगाएगा तो अगली बार

5:44:08इलेक्टेड नहीं हो पाएगा राइट तो टैक्स भी

5:44:10नहीं लगा रहा तो ओवरऑल ही हैज रिलाइज

5:44:12साइमन कमीशन हैज रिलाइज्ड कि दयार की में

5:44:15ये सिचुएशन और खराब ही हुई है तो उन्होंने

5:44:17भी यही सेम रिलाइजेशन किया है कि ना ऊपर

5:44:19से फाइनेंस आ रहा है और ना ही जो मिनिस्टर

5:44:21है वो टैक्स लगा रहा है तो कहीं से पैसा

5:44:23इकट्ठा नहीं हो रहा तो कुछ भी यहां पे एज

5:44:25सच नहीं हुआ तो कोई फायदा हुआ दयार की में

5:44:28कोई फायदा नहीं हुआ

5:44:29नाउ आखरी मुद्दा था व्हिच वाज गवर्नमेंट

5:44:31ऑफ इंडिया एक्ट

5:44:341935 गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 लास्ट

5:44:38जो

5:44:39है

5:44:43थ 1935 में

5:44:47आया गवर्नमेंट ऑफ

5:44:50इंडिया राइट है ना एक बार फिर से उम्मीद

5:44:53देखते हैं गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट में

5:44:54तो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 हमें

5:44:57याद आया कि नाउ नाउ

5:44:59अब एक गवर्नर होगा और सिर्फ और सिर्फ

5:45:02मिनिस्टर्स

5:45:03होंगे वो ट्रांसफर्ड ट्रांसफर्ड और रिजर्व

5:45:07कांसेप्ट खत्म हो चुका है अब इसी मिनिस्टर

5:45:09के पास फाइनेंस है और इसी मिनिस्टर के पास

5:45:13लोकल सेल्फ गवर्नमेंट

5:45:15है क्यों क्यों भाई क्यों भाई क्यों

5:45:18क्योंकि हमें याद आया कि हां दिस दिस इज द

5:45:20एरा ऑफ प्रोविंशियल

5:45:23ऑटोनॉमी है ना ऑटोनॉमी आ चुकी है दोस्त अब

5:45:26तो कुछ कर लो राइट है ना अब तो कुछ उम्मीद

5:45:29बनती है कि पॉपुलर मिनिस्ट्री है लोगों ने

5:45:32सेलेक्ट किया हुआ है इलेक्ट करके भेजा हुआ

5:45:34है राइट है ना तो अब तो उम्मीद बनती है कि

5:45:36अब यहां पे कुछ होगा तो गवर्नमेंट ऑफ

5:45:38इंडिया 1935 नाउ वी विल सी कि हां जो है

5:45:42अगर हम समझे तो तो पोर्टफोलियो फाइनेंस या

5:45:45फिर पॉपुलर मिनिस्ट्री आ चुकी है राइट एंड

5:45:47नाउ नाउ फंड्स आर अवेलेबल या फिर एटलीस्ट

5:45:51रीच में तो है कितना खर्च कर सकते हो अलग

5:45:53की बात प्लस डी मार्केन ऑफ टैक्सेशन

5:45:55बिटवीन प्रोविंशियल एंड एंड लोकल फाइनेंस

5:45:59प्रीवेल्ड सिंस द रिफॉर्म्स ऑफ 1919 वाज

5:46:01स्क्रैप्ड यहां अब ऐसा कोई रिस्ट्रिक्शन

5:46:03ऐसा कोई टैक्सेशन का रिस्ट्रिक्शन सब हटा

5:46:05दिया गया है नए एक्ट भी आ गए हैं इन द

5:46:07प्रोविंसेस गिविंग मोर अथॉरिटी तो अथॉरिटी

5:46:10टू द लोकल बॉडीज बढ़ा दी गई है तो

5:46:12टेक्निकली ऑन पेपर फिर से ये सारे काम हुए

5:46:15हैं जो अच्छे लग रहे हैं कि हां भाई

5:46:17पावरफुल भी हो गया है ऐसा लग रहा है कि

5:46:19फाइनेंस का भी जुगाड़ हो गया है राइट पहले

5:46:21ऐसा कुछ फंड का डिमार्केट था कि तुम य

5:46:23नहीं यूज कर सकते हो कर सकते हो वो सारी

5:46:25बातें भी अब थोड़ा सा जो है धूमिल सी हो

5:46:26गई राइट तो नाउ ऐसा लग रहा है उम्मीद बन

5:46:29रही है कि हां अब बात बनेगी बस बट आफ्टर

5:46:331935 अभी भी हम देखेंगे कि हां देयर आर सम

5:46:36न्यू रिस्ट्रिक्शंस ऑन द लोकल बॉडीज कि आप

5:46:40अभी भी कुछ टैक्सेस लगा सकते हैं आप ऐसा

5:46:42कुछ भी टैक्सेस अभी भी नहीं लगा सकते

5:46:44ट्रेड एट सेक्ट्रा पे प्रोफेशन पे मुंसिपल

5:46:46पटी पार्टी पे अभी भी कोई आप बहुत

5:46:48टैक्सिंग नहीं कर सकते तो टैक्सेशन पर

5:46:50रिस्ट्रिक्शन जारी जारी है यस प्लस प्लस

5:46:53जो है ये टैक्सेशन जो लोकल इंस्टिट्यूशन

5:46:56को मिलने वाला था बाय डिसेंट्रलाइजेशन

5:46:58तो वो टैक्सेशन जो है मतलब जो टैक्सिंग

5:47:00पावर थी टेक्निकली वो टैक्सिंग पावर यहां

5:47:02पे मिली नहीं जो पहले डिसेंट्रलाइजेशन

5:47:05कमीशन रॉयल कमीशन ने जो बोला था तो मोस्ट

5:47:07इंपोर्टेंट थिंग इज कि अभी अभी भी क्या

5:47:09लोकल टैक्सेस इनको मिलेंगे लोकल टैक्सेस

5:47:11अभी भी इनको नहीं मिलेंगे रीजन अगेन

5:47:14पॉपुलर मिनिस्ट्री नहीं चाहती कि लोग

5:47:15नाराज हो अगर इस तरह का टैक्स लगाने लग

5:47:18जाएंगे तो ये पॉपुलर मिनिस्ट्री दोबारा

5:47:19पॉपुलर नहीं रहेगी राइट है ना कि ये जो है

5:47:21फिर अनपॉज गी दैट इज द रीजन कि ये फंड

5:47:24थोड़ा बहुत फंड मिलेगा सिचुएशन पहले से

5:47:26बेटर हुई है बट स्टिल इट इज नॉट कि हां सब

5:47:29कुछ बढ़िया ही हो गया है वी विल हैव टू

5:47:31वेट फॉर रियल यू कैन से जो है

5:47:33कॉन्स्टिट्यूशन या फिर आजादी उसी के बाद

5:47:35हम यहां पे लेटर डेवलपमेंट फील कर सकते

5:47:37हैं नाउ लेटर डेवलपमेंट अगेन आप पॉलिटी

5:47:39में पढ़ेंगे यू विल रिलाइज कि ऐसा नहीं कि

5:47:41अभी भी कोई बहुत अच्छा जो है डेवलपमेंट हो

5:47:42गया है वी आर स्टिल स्ट्रगलिंग वी आर

5:47:44स्टिल जो है फाइन ट्यूनिंग कि हां कैसे

5:47:46फाइनेंस और ये सारी चीजें इलेक्शन एंड ऑल

5:47:48मैनेज करें और इंप्रूव कर सके तो दिस वाज

5:47:51द स्टोरी ऑफ़ सेंट्रल प्रोविंशियल एंड

5:47:52लोकल जो है ये कहानी हमने खत्म करी लंबा

5:47:55चैप्टर था थोड़ा पी वाई क्यूज देखते हैं

5:47:57पी वाई क्यूज मैंने कहा था कि इस एरिया से

5:47:58बहुत पी वाई क्यूज आते हैं बाकी मेंस के

5:48:01लिए भी इंपोर्टेंट है बट यू कैन एक्सपेक्ट

5:48:03मोर जो है यू नो जो है क्वेश्चंस लेटर ऑन

5:48:07तो फिलहाल तो एक सवाल देखते हैं ये 2012

5:48:09का सवाल तुम देखोगे हर साल हर साल सवाल

5:48:11आएगा तो पहला सवाल है कि भाई गवर्नमेंट ऑफ

5:48:14इंडिया 1919 के फीचर्स आपको बताने हैं दिस

5:48:16इज फर्स्ट क्वेश्चन कमेंट में आपको एकएक

5:48:18जवाब देना है हो सकता है जरूरत जरूरी हो

5:48:20तो एक्सप्लेन भी करो राइट है ना कि आपको

5:48:2219 नेस बताना है कि कौन-कौन से फीचर है

5:48:24दूसरा सवाल 2012 का ही है कि हां

5:48:25डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ पावर बिटवीन सेंटर एंड

5:48:27स्टेट इन द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन

5:48:29किस स्कीम के ऊपर बेस है 2012 का सवाल है

5:48:31देन क्वेश्चन नंबर थी व्ट द मेन

5:48:33ऑब्जेक्टिव ऑफ क्वीन विक्टोरिया

5:48:35प्रोक्लेमेशन 20144 का सवाल है 2013 छूट

5:48:38गया लेकिन हा 201 2012 में दो दे दिए थे

5:48:40तो उसके बाद सीधे 2014 में एक सवाल दे

5:48:42दिया फिर अगला 2015 में सवाल गवर्नमेंट ऑफ

5:48:44इंडिया 19 क्ली डिफाइन क्या डिफाइन किया

5:48:47भाई देन पांचवा सवाल आपका फिर 2016 में तो

5:48:512015 फिर 2016 मोंटे रिफॉर्म र रिलेटेड टू

5:48:54किस बारे में सिंपल सा बहुत इी सवाल फिर

5:48:562017 में देखिए 17 2017 में पूछा है कि इन

5:49:00द कांटेक्ट ऑफ इंडियन हिस्ट्री प्रिंसिपल

5:49:01ऑफ दर की किस चीज से रिलेटेड है बहुत इजी

5:49:03सवाल बट ठीक है 2017 में फिर 2018 में

5:49:06सातवा सवाल फेडरेशन एस्टेब्लिश बाय द

5:49:08गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट ऑफ 1935 रेडली

5:49:10पावर्स आर गिवन टू द रेजिडोर पावर किसको

5:49:12दिए गए हैं 2018 का सवाल राट साथ आठवा

5:49:15सवाल है कि भाई जो है चार्टर एक्ट ऑफ 1813

5:49:17के हिसाब से क्या-क्या होगा ये आपको बताना

5:49:19है दिस इज 2019 देन 2020 में नहीं आया है

5:49:22कुछ या हो सकता है मैंने मिस कर दिया हो

5:49:24नहीं आया वैसे 2021 में हम देखेंगे तो मन

5:49:26फोल्ड रिफॉर्म में पूछा है कि हां ग

5:49:29ग्रांटिंग वोटिंग राइट टू ल द वुमन तो

5:49:31वुमन की बात कह रहा था कि वमन वाला सवाल

5:49:33आया हुआ है तो हा तो में जो है वोटिंग

5:49:35राइट की बात है कि है कि नहीं है

5:49:37गवर्नमेंट ऑफ इंडिया 1935 गव वमन रिजर्व

5:49:39स्ट इन द

5:49:46लेजिसलेट है ना आप देखेंगे कि हां जो है

5:49:48दिस आर एक्चुअली मिसिंग है ना मैंने कहा

5:49:50था कि यह जो चैप्टर है थोड़ा लंबा चैप्टर

5:49:52बनाया मैंने बट हमने बहुत सारी बुक्स और

5:49:54भी रिफर करी है इंक्लूडिंग बीएल ग्र राइट

5:49:57य तो ये 2021 का सवाल था देन 2022 में

5:50:01नहीं आया है सवाल 2022 में नहीं है राइट

5:50:04नहीं 2022 में भी तो है 2021 23 23 का ही

5:50:07सवाल है कि भाई ये तो अभी 23 का सवाल है

5:50:10गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया 22 कहां गया हां ये

5:50:13रहा 2022 ये थोड़ा ऊपर नीचे हो गया 11 9 न

5:50:16अच्छा 99 11 हो गया ये नौ है ये वाला 10

5:50:19कर देते हैं राट दिस इज 10थ क्वेश्चन राइट

5:50:22और 2022 में भी आया था भाई ईयर छूटा नहीं

5:50:24था यही पूछा था रिजर्व और ट्रांसफर्ड पूछा

5:50:26और देखो ये डिस्कशन क्या है राइट

5:50:28क्या-क्या दिया है एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ

5:50:30जस्टिस लोकल सेल्फ गवर्नमेंट लैंड

5:50:31रेवेन्यू पुलिस ऐसा करके यहां पे पूछा है

5:50:34ट्रांसफर ड रिजर्व में ये 2022 का था तो

5:50:37पिछले 20122 से 2023 के बीच में शायद एक

5:50:40एक ही साल है जो छूटा है राइट है ना बाकी

5:50:43हर साल एक सवाल आता ही आता है आगे भी आता

5:50:46रहेगा क्योंकि दीज आर रिटन प्रोविजंस इस

5:50:49पे सवाल बनाना बहुत आसान है राइट है ना ये

5:50:51लिखा हुआ है कोई चैलेंज नहीं कर सकता कोई

5:50:53जो है यू कैन से पर्सपेक्टिव की बात नहीं

5:50:55है लिखा हुआ है तो लिखा हुआ है सिंपल सी

5:50:56बात है तो इसीलिए यूपीएससी पूछता है प्लस

5:50:59तुम देखोगे जो है ऑब्जर्व करोगे कि हमारी

5:51:01कहानी में कहानियां यहां से बहुत डेवलप

5:51:03होती हैं राट हैना कि एक्ट आया तो फिर

5:51:05स्टोरी चेंज हुई एक्ट आए तो फिर स्टोरी

5:51:07चेंज हुई काफी स्टोरीज इसके ऊपर डिपेंडेंट

5:51:09है इस एक्ट के ऊपर इसीलिए इतना सवाल पूछते

5:51:11हैं एक्टस के

5:51:12ऊपर चलिए खैर तो इसके अलावा देखो मिलिट्री

5:51:15वाला सवाल एक पूछा है व्हाई डिड द आर्मीज

5:51:17ऑफ़ द ईस्ट इंडिया कंपनी मोस्टली कंप्रा

5:51:19इजिंग ऑफ़ द इंडियन सोल्जर्स विन

5:51:20कंसिस्टेंटली अगेंस्ट द मोर न्यूमरस एंड

5:51:22बेटर इक्विप्ड आर्मीज ऑफ दी इंडियन

5:51:24रूलरसोंग्स

5:51:28अगर आप 24 दे रहे हो तब भी लिख सकते हो और

5:51:30अगर आप 25 26 वगैरह दे रहे हो जरूर लिखो

5:51:32एंड एटलीस्ट टेल द ब्रेनस्टॉर्मिंग इन द

5:51:33कमेंट सेक्शन कि क्या इसमें हेडिंग होनी

5:51:35क्या पॉइंट्स होने चाहिए एटलीस्ट टेल दैट

5:51:38मच राइट दूसरा जो है इट वुड हैव बीन

5:51:40डिफिकल्ट फॉर द कंसीट असेंबली टू कंप्लीट

5:51:42द हिस्टोरिक टास्क ऑफ द ड्राफ्टिंग द

5:51:43कॉन्स्टिट्यूशन फॉर इंडिपेंडेंट इंडिया इन

5:51:45जस्ट थ्री इयर्स बट फॉर द एक्सपीरियंस गेन

5:51:48विद द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एकट 1935

5:51:50डिस्कस राइट है ना तो ये बताना है आपको

5:51:52सेम कमेंट बताइए 2015 का सवाल था ये 2016

5:51:55में पूछा एक्सप्लेन हाउ द प्राइजिंग ऑफ़

5:51:561857 कांस्टीट्यूट्स एन इंपोर्टेंट वाटर

5:51:59शेट इन द एवोल्यूशन ऑफ ब्रिटिश पॉलिसीज

5:52:01टुवर्ड्स कॉलोनियल इंडिया कि यहां 1857 के

5:52:04बाद जो पॉलिसीज डेवलप हुई वो कैसे डेवलप

5:52:06हो रही है 1857 के बाद ये एवोल्यूशन कैसे

5:52:08हुआ है दिस इज अ वेरी गुड क्वेश्चन 2016

5:52:11आप पूरी तरह से परिपक्व हैं इस तरह के

5:52:13सवाल को अटेंड करने के लिए राइट है ना कर

5:52:16सकते हैं आप आराम से और इसी के साथ हम

5:52:18मिलेंगे अब नेक्स्ट चैप्टर में ज है

5:52:20थैंक्स अ लॉट बने रहने के लिए यहां तक

5:52:22वीडियो देखने के लिए और जो है इस पूरे

5:52:24चैप्टर को समझने के लिए बट बट जो है

5:52:26कांग्रेचुलेशन आप उन कुछ सीरियस बच्चों

5:52:28में से है जो पढ़ रहे हैं राइट youtube0

5:52:31है कि

5:52:38youtube2 बच्चे देखते हैं राइट पढ़ते हैं

5:52:40बोलते हैं कि हां सर ऐसे कर ले वैसे करले

5:52:42समथिंग है ना

Thankyou bachhon

5:52:58इन द नेक्स्ट वीडियो पढ़ते रहिए बा बाय

5:52:59टेक केयर एंड द बेस्ट ऑफ

This transcript was generated from the captions YouTube publishes for this video. Get the transcript of any YouTube video atfreeyoutubetranscribe.com: free, unlimited, no sign-up.