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Rank 8 UPSC CSE 2025 | AI Powered Topper - He Used AI to Build Mains Note. Here's How He Prompted It

Delhi Knowledge Track · 12,179 words · 56 min read

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0:00इन द लेटेस्ट यूपीएससी रिजल्ट 2025, टॉप

0:0310 आउट ऑफ टॉप 10 आर फ्रॉम वेरियस कोर्सेज

0:06ऑफ वाजराम एंड रवि विद ऑल इंडिया रैंक वन

0:09अनुज अग्निहोत्री एंड मेनी मोर। फॉर ओवर अ

0:11डेकेड, द ऑल इंडिया रैंक वन हैज़ इमर्ज्ड

0:15फ्रॉम दिस वेरी इकोसिस्टम। अ जर्नी पावर्ड

0:18बाय 50 प्लस इयर्स ऑफ़ लेगसी जॉइन द जीएस

0:21फाउंडेशन प्रोग्राम इंक्वायर्ड नाउ।

0:24[संगीत]

0:25वेलकम टू दिल्ली नॉलेज ट्रैक। मेरा नाम

0:27पक्षाशाल सेक्रेटरी है। अभी हाल ही में आए

0:29रिजल्ट्स में मेरी यूपीएससी अह सीएससी में

0:32ऑल इंडिया रैंक एथ आई है। मैंने अपना

0:34ग्रेजुएशन आईआईटी कानपुर से करा है। मेरा

0:37इकोनॉमिक्स ऑप्शनल रहा है। उसके साथ में

0:41बाग जो कि धार डिस्ट्रिक्ट में है वहां से

0:43आता हूं। और मैंने बेसिक स्कूलिंग वहीं से

0:47करी थी। और उसी के साथ में 12th भी मैंने

0:50वहां की सरकारी स्कूल से करी थी। अह उसके

0:53बाद में मैं ग्रेजुएशन के लिए आईआईटी

0:54कानपुर आ गया था और वहां पे इकोनॉमिक्स से

0:56ही मैंने ग्रेजुएशन करा है। मैंने 2022 के

0:59मिड में तैयारी चालू करी थी। अह मेनली

1:02तैयारी का मोटिवेशन तो यही रहा है कि सिंस

1:04मैं एक ट्राइबल इलाके से आता हूं तो मैंने

1:07सफरिंग्स को देखा है और ये था मेरे मन में

1:10पहले से ही कि मुझे ट्राइबल लोगों के लिए

1:12काम करना है। उसके साथ में मेरे नाना जी

1:14जो है उनका यह सपना था कि मैं इस लाइन में

1:17जाऊं और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर बनूं। तो

1:20वो भी एक प्रॉमिनेंट रोल उन्होंने भी प्ले

1:22करा मुझे कन्विंस करने में कि मुझे इस

1:24डायरेक्शन में जाना चाहिए। और फिर बाकी जब

1:27मैं अपने कॉलेज में ही बाकी सीनियर्स

1:28वगैरह से इंटरेक्ट करा तो लगा कि दिस इज़

1:32एन करियर अपॉर्चुनिटी जो मुझे पर्स्यू

1:34करना चाहिए। एंड दैट इज़ व्हाई आई

1:36स्टार्टेड प्रिपरेशन प्रिपेयरिंग फॉर अ

1:38सीएससी फ्रॉम द कॉलेज इटसेल्फ। 2022 में

1:41मैं कॉलेज के साथ ही अह लास्ट ईयर में ही

1:44मैंने अपनी प्रिपरेशन चालू कर दी थी।

1:462022 से 23 मैंने फाउंडेशन कोचिंग भी करी।

1:50उसके साथ में ही मैंने अपनी प्रिपरेशन

1:52करी। उसके बाद में फिर जैसे ही मेरा कॉलेज

1:54खत्म हुआ उसके बाद में फिर दिल्ली मूव कर

1:56गया था। 2023 में मैंने अपना पहला

1:59अटेम्प्ट दिया। पहले अटेम्प्ट में मैं

2:01प्रीलिम्स में मेंस में क्वालीफाई कर गया

2:04और इंटरव्यू दिया था मैंने। उसके बाद में

2:06फिर यह हुआ था कि फाइनल लिस्ट में तो मेरा

2:09नाम नहीं आ पाया था पहले अटेम्प्ट में।

2:11फिर सेकंड अटेम्प्ट जो था उसमें मैं

2:14प्रीलिम्स में ही फेल हो गया था। उसके बाद

2:16फिर अब थर्ड अटेम्प्ट में जाके मुझे सफलता

2:19मिली है। मैंने अपना जो फाउंडेशन कोर्स है

2:21वो प्रहार करा है पीडब्ल्यू से। वो एक साल

2:24भर का कोर्स होता है तो मैंने 2022 से

2:26चालू करा था और 2023 वाला जो अटेम्प्ट था

2:29वो प्रहार करके ही मैंने करा था। उसके बाद

2:32मैंने कोई भी फॉर्मल कोचिंग नहीं ली थी।

2:34सिर्फ टेस्ट सीरीज वगैरह थी जैसे श्रीजन

2:36का में पार्ट था। वो अगेन पीडब्ल्यू का ही

2:39था। उसके अलावा बाकी मैं प्रीलिम्स के लिए

2:41तो मेनली यही करता था कि मार्केट में जाता

2:44था। उसके बाद में मुझे जो चारप कोचिंग्स

2:47दिख रही है उनके पेपर मिल जाते हैं

2:49मार्केट में। उनके पेपर कलेक्ट करता था और

2:51एक साथ जितने ज्यादा से ज्यादा पेपर मैं

2:54दे दे सकता हूं उतने पेपर दे देता था। तो

2:57प्रीलिम्स का मेनली यही होता है कि आप

2:59जितने ज्यादा क्वेश्चन सॉल्व करो और जितना

3:01ज्यादा उनको एनालाइज करो। तो दैट इज़ वन

3:04वेरी इंपॉर्टेंट फैक्टर। तो इसीलिए मैं

3:06यही करता था कि जितने ज्यादा कोचिंग्स

3:07वगैरह के मैं पेपर्स सॉल्व करूंगा उतना

3:10अलग पर्सपेक्टिव मुझे मिलेगा। क्योंकि

3:12बहुत सी बार ऐसा होता है कि हम जब एक ही

3:14कोचिंग के पेपर सॉल्व करते रहते हैं

3:16प्रीलिम्स में या एक ही कोचिंग की टेस्ट

3:18सीरीज लगा लेते हैं तो उसमें ये होता है

3:20कि एक कोचिंग में पेपर बनाने का भी एक

3:22पैटर्न होता है कि जैसे आपको पता है कि

3:24कुछ कोचिंग में अगर कुछ नहीं आ रहा तो

3:27डीमार्क कर दो तो आपका आंसर डी हो जाएगा।

3:29बट यूपीएससी ऐसा कोई पैटर्न फॉलो नहीं

3:31करता है। तो वो उन सब बायसेस से बचने के

3:34लिए भी दिस इज अ स्ट्रेटजी व्हिच पीपल कुड

3:36अडॉप। प्रीलिम्स की टेस्ट सीरीज के लिए तो

3:38मेरी यही रिकमेंडेशन रहेगी। रिसोर्सेज फॉर

3:41प्रीलिम्स। प्रीलिम्स में रिसोर्सेज के

3:43लिए एक ही चीज बोलना चाहूंगा कि प्रीलिम्स

3:45इज़ गेम ऑफ़ कंपटीशन। क्योंकि आपके सामने

3:48आपके 5 लाख कॉम्पिटिटर्स हैं जो एग्जाम दे

3:50रहे हैं। आपको सिर्फ उनसे आगे निकलना है।

3:53अह नाउ क्वेश्चन कम्स कि मुझे क्या फॉलो

3:56करना चाहिए? मेरी स्ट्रेटजी और अप्रोच

3:58सिंपल था कि अगर 5 लाख में से 4 लाख बच्चे

4:01लक्ष्मीकांत फॉलो कर रहे हैं और अगर मैं

4:03आउट ऑफ द बॉक्स जाके कोई दूसरा सोर्स फॉलो

4:06करूंगा तो दैट वुड बी काउंटर प्रोडक्टिव

4:08फॉर मी आल्सो क्योंकि मैं कंपटीशन से पीछे

4:10होते जा रहा हूं। अगर कोई क्वेश्चन ऐसा है

4:12जो लक्ष्मीकांत से आया है तो वो 4 लाख

4:15बच्चे सही करेंगे और वो क्वेश्चन मैं अगर

4:17गलत करता हूं तो मैं उस कंपटीशन से थोड़ा

4:19सा पीछे हो जाऊंगा। सो अगर आपको कंपटीशन

4:22को बीट करना है तो आप जो कंपटीशन पढ़ रहा

4:24है वही पढ़ के आपको उसमें एक्सेल करना

4:26पड़ेगा। सो माय स्ट्रेटजी और रिसोर्सेज वर

4:29वेरी सिंपल कि पिटी है तो पॉलिटी के लिए

4:32लक्ष्मीकांत ही पढ़ना है। हिस्ट्री है तो

4:34हिस्ट्री के लिए स्पेक्ट्रम ही पढ़ना है।

4:36उनको आप एनरीच कर सकते हो और उनके साथ एक

4:38साइड सोर्स हो सकता है। बट द प्राइमरी

4:40सोर्स इज़ जो आपकी स्टैंडर्ड बुक्स होती है

4:43वही होती है। जैसे मेरे साथ ऐसा होता था

4:45कि मैंने पढ़ ली स्पेक्ट्रम। बट

4:47स्पेक्ट्रम इज़ अ वेरी बलकी बुक। आप

4:49स्पेक्ट्रम पढ़ोगे बट रिवीज़ इज़ नॉट वेरी

4:51इजी ऑफ़ स्पेक्ट्रम। तो उसके लिए मैं क्या

4:53करता था कि उड़ान की जो बुकलेट आती है मैं

4:56उसमें पॉइंटेड फॉर्मेट में ही दिया होता

4:58है। तो उससे मैं रिवीजन कर देता था। बट द

5:00प्राइमरी सोर्स वो स्टैंडर्ड बुक्स ही

5:02होनी चाहिए। क्योंकि आपकी जितनी कंपटीशन

5:04है वो स्टैंडर्ड बुक्स ही पढ़ रही है। तो

5:06स्टैंडर्ड बुक्स में पॉलिटी के लिए

5:08लक्ष्मीकांत हो गई। हिस्ट्री के लिए

5:10स्पेक्ट्रम हो गई। एनवायरमेंट के लिए अह

5:13जो पीएमएफ आईएस की एक बुकलेट आती है वो आप

5:16फॉलो कर सकते हो। उसके बाद में साइंस एंड

5:18टेक के लिए मैंने तो लेक्चर नोट्स को फॉलो

5:20करा था। तो आप वो देख सकते हो या जो भी

5:22स्टैंडर्ड सोर्स आपको फॉलो करना है वो कर

5:24सकते हो। उसके बाद में इकोनमी सिंस मेरा

5:26ऑप्शनल ही था। तो मैंने रमेश चांद सर की

5:29एक बुक आती है। उसको फॉलो करा था। आप वो

5:31फॉलो कर सकते हो। एक और विवेक सर सिंह की

5:33बुक भी आती है। उनको भी फॉलो कर सकते हो।

5:36वो दोनों में गो थ्रू हो तो वो मैं बोल

5:38सकता हूं कि वो दोनों अच्छे सोर्सेस हैं।

5:39उसके साथ में वही है कि दिस आर द

5:41स्टैंडर्ड सोर्सर्सेस। उसके साथ में आप

5:43रिलाई कर सकते हो बाकी टेंपरेरी चीज़ इस

5:45पे। बट मेन फोकस आपका इन स्टैंडर्ड

5:47सोर्सेस पे ही होना चाहिए। जैसे एंशिएंट

5:49एंड मिडीवल है तो उसकी एनसीईआरटी जो है तो

5:52उन्हीं को आपको बाइबल बना के रखना पड़ेगा

5:54अपना कि कुछ भी हो रहा है तो फर्स्ट थिंग

5:56इज़ दिस आई विल रिलाई ऑन। उसके बाद कोई

5:58सेकंड रिसोर्स पे मैं जाऊंगा। प्रीलिम्स

6:00के लिए तो मेरे ऑनलाइन रिसोर्सेज पे

6:02लिमिटेड ही वो था। मैं स्टैंडर्ड बुक्स को

6:06पढ़ता था। उसके बाद में उड़ान या जो भी एक

6:09समरी टाइप बुक्स है उसका रिवीजन कर लेता

6:12था मैं। उसके साथ में थर्ड स्ट्रेटजी ये

6:14रहती थी कि क्वेश्चंस जितने ज्यादा मैं

6:16सॉल्व कर सकूं मैं क्वेश्चन को सॉल्व कर

6:18रहा हूं। उसके सॉलशंस जो है दैट वर अनदर

6:21काइंड ऑफ नोट्स जो मेरे बन जाते थे कि

6:23उनके सॉलशंस को मैं पढ़ रहा हूं और कुछ

6:25अच्छे पॉइंटर्स लग रहे हैं तो उनको अपने

6:26नोट्स में इंक्लूड कर रहा हूं। तो वही था।

6:28उसके अलावा मैंने प्रीलिम्स के लिए तो कोई

6:30ऑनलाइन सोर्स उसके अलावा फॉलो नहीं करा है

6:32मैम। करंट अफेयर्स के लिए एक अप्रोच ये

6:35होती है कि आप डेली का न्यूज़पेपर पढ़ो और

6:37उससे नोट्स बनाओ। बट आई फील कि वो अप्रोच

6:40प्रीलिम्स के लिए तो हेल्पफुल नहीं है।

6:42जैसे ही आपका प्रीलिम्स होता है उसके बाद

6:44वो न्यूज़पेपर पढ़ना वगैरह बहुत ज्यादा

6:46हेल्पफुल हो सकता है। तो उस करंट के लिए

6:49वही दो स्ट्रेटजीस हो सकती है कि एक तो या

6:51तो आप जो एनालिसिस होता है न्यूज़पेपर का

6:54वो देख सकते हो जिसमें आपको पॉइंटेड नोट्स

6:56भी मिल जाते हैं और साथ में स्ट्रक्चर वग

6:58करी हुई चीजें भी मिल जाती है। फैक्ट्स जो

7:00आपको चाहिए वो सब चीजें मिल जाती है। एंड

7:02सेकंड अप्रोच इज़ कि आप जो करंट अफेयर्स की

7:05बुकलेट्स वगैरह मैगजीनंस वगैरह होती है वो

7:08फॉलो कर सकते हो। तो मैंने करंट अफेयर्स

7:10की लास्ट में जाके मैगज़ीन ही फॉलो करी थी

7:13मेनली एज अ सोर्स। तो मैं एडिटोरियल्स

7:16डिस्कशन वगैरह देखता था बट दे वर नॉट

7:19स्पेसिफिकली फोकस्ड ऑन प्रीलिम्स की

7:21प्रिपरेशन। दे वर मोर ओरिएंटेड ऑन मेंस और

7:24इंटरव्यू की प्रिपरेशन की तरफ। तो

7:25प्रीलिम्स के लिए तो जो मंथली मैगजीनंस

7:28वगैरह आती है। मैंने स्पेसिफिकली पीटी 365

7:31फॉलो करी थी। तो वो फॉलो कर सकते हो आप।

7:33प्रीलिम्स के लिए प्रिपरेशन का जो है पहली

7:37बात तो यह है कि किसी के लिए डिफरेंट नहीं

7:40है। फ्रेशर है या रिपीटर है। सबको सेम ही

7:43पैटर्न को फॉलो करना पड़ेगा। क्योंकि मैं

7:45एक लाइव एग्जांपल हूं जहां पे मैं एक बार

7:48प्रीलिम्स निकाला, एक बार मेंस निकाला।

7:50उसके बाद आई बिकम समवट ओवर कॉन्फिडेंट कि

7:52प्रीलिम्स तो अब मुझसे निकल ही जाएगा। बट

7:54गिवन द कॉम्पिटिटिव नेचर ऑफ दिस एग्जाम।

7:56अह आपको प्रीलिम्स की जितनी मेहनत लगती

7:59है, उतनी मेहनत करनी ही पड़ेगी। मेनली ये

8:02होता है कि प्रिपरेशन जो हम प्रीलिम्स की

8:03चालू करते हैं वो 15th जैन के आसपास से

8:06चालू करना शुरू कर देते हैं। स्टार्टिंग

8:08में मेरा तो फोकस यही होता था कि मैं

8:10सात-सात दिन के हफ्ते में वीक्स डिवाइड कर

8:12देता था। सात दिन में मुझे पिटी रिवाइज

8:15करना है। सातवें दिन मुझे पिटी का टेस्ट

8:17देना है। सात दिन में लक्ष्मीकांत कंप्लीट

8:19करना है। सातवें दिन पिटी का टेस्ट देना

8:21है। अगले सात दिन में मुझे स्पेक्ट्रम

8:22पढ़ना है। अगले सात सातवें दिन पे मुझे

8:24स्पेक्ट्रम का टेस्ट देना है। दिस वाज़ वन

8:27साइकिल जो आपकी चलनी चाहिए 15 जनवरी से

8:30चालू हो के। सात-सात दिन की आपकी सात

8:32सब्जेक्ट होते हैं। तो सात साइकिल चल

8:34जाएगी। उसके बाद फिर आता है रैपिड रिवीजन

8:36वाला फज़। जहां पे आप पूरी स्टैंडर्ड सोर्स

8:39जो है उसको वापस से बार-बार रेफर नहीं कर

8:41सकते हो। तो उस फज़ में जो है आपको वो

8:43दो-तीन सब्जेक्ट एक साथ चलाने होते हैं।

8:45साथ में जो रिवीजन या पॉइंटेड नोट्स जो

8:47होते हैं जैसे कि मैं उड़ान के फॉलो कर

8:49लेता था या जो पॉइंटेड नोट्स आपको अवेलेबल

8:51मिल जाए उनको आप फॉलो कर सकते हो और

8:53एनश्योर कर सकते हो कि आप मैक्सिमम टाइम

8:55रिवीजन करो। अभी जो स्टार्टिंग के 15

8:58जनवरी से सात हफ्ते हैं उनमें आप एक्सपेंड

9:01करो अपने नॉलेज डोमेन को जितने ज्यादा से

9:03ज्यादा हो सकता हो वो पढ़ो। उसके बाद फिर

9:05जब मिड मार्च वाला समय आ जाता है या एंड

9:08ऑफ़ मार्च के समय आ जाता है। वहां से आपका

9:10फिर कंसोलिडेशन वाला फज़ चालू हो जाना

9:12चाहिए। उस कंसोलिडेशन वाले फज़ में आपको

9:15मैक्सिमम नंबर ऑफ रिवीज़ंस करना है।

9:17रिवीज़ंस आप दो बार करो, तीन बार करो। मैं

9:20मेरा ऐसा फोकस रहता था और मैं टाइम टेबल

9:22भी उसी हिसाब से बनाता था कि मुझे चार बार

9:24मिनिमम रिवीजन करना है। तो हर सब्जेक्ट को

9:26चार बार मुझे रिवाइज करना ही करना है। तो

9:28उस हिसाब से आप करोगे और इस प्रोसेस में

9:31जो टेस्ट है वो बहुत ज्यादा आपकी वैल्यू

9:33एडिशन कर सकते हैं। टेस्ट आपको एक तो ये

9:35हेल्प करते हैं कि आपका नॉलेज टेस्ट हो

9:37गया। उसके साथ-साथ में वैल्यू एडिशन और जो

9:39करंट की चीजें हैं उनको आप टेस्ट के थ्रू

9:42कवर कर सकते हो। साथ ही में उनके नोट्स

9:43वगैरह भी बना सकते हो। जो सॉल्यूशन रहते

9:46हैं वो काफी कॉम्प्रिहेंसिव रहते ही हैं

9:48हर टेस्ट सीरीज के। तो उसके थ्रू आप और

9:50अपना नॉलेज बेस भी इंक्रीस कर सकते हो। तो

9:52जो भी एक्सपेंशन होगा आफ्टर द कंसोलिडेशन

9:55फज़ वो मेरा टेस्ट के थ्रू ही होगा। दिस

9:57वाज़ माय लाइक अ स्ट्रेटजी जो मैं फॉलो

9:59करना चाहता था प्रीलिम्स के लिए और जो

10:01करता था मैं सिलेबस ऐसी चीज है कि कभी भी

10:03खत्म होगा ही नहीं। और गिवन द ऑनलाइन

10:06दुनिया जिसमें हम जी रहे हैं। अब तो

10:08इनफोडेमिक हो गया है। जहां पे आपको

10:10इंफॉर्मेशन ओवरलोड होता जा रहा है और

10:12इंफॉर्मेशन ही इंफॉर्मेशन मिल रही है। और

10:14आप एक्सपेंशन ही एक्सपेंशन में चल जा रहे

10:16हो। जिसके कारण रिवीज़ नहीं हो पाता। आपको

10:18एग्जाम में लगता है कि मैंने ये चीज तो

10:20पढ़ी है बट आप रिकॉल नहीं कर पाते हो कि

10:22मैंने कहां पढ़ी है और किस कॉन्टेक्स्ट

10:24में पढ़ी है। तो उसके लिए सबसे इंपॉर्टेंट

10:26है कि आपको मैक्सिमम नंबर ऑफ रिवीजंस करने

10:28पड़ेंगे और उसके लिए आपको एक जगह पे ब्रेक

10:30लगाना पड़ेगा। आप ऐसे सोचोगे कि अगर मैं

10:33पढ़ा ही जाऊं, एक्स्ट्रा पढ़ते ही जाऊं,

10:35पढ़ते ही जाऊं, तो उसका तो कोई अंत है ही

10:37नहीं। क्योंकि यूपीएससी की प्रिपरेशन इज़

10:38लाइक दैट कि आप जितना पढ़ोगे उतना कम है।

10:41तो मार्च एंड में या अप्रैल मिड में आपको

10:45एक डिसाइड करना पड़ेगा कि दिस इज़ व्हाट आई

10:47एम एंडिंग एट। अब यहां से मैं सिर्फ

10:49कंसोलिडेशन करूंगा। यहां से अब मेरा

10:51एक्सपेंशन नहीं होगा। तो वो एक आपको पहले

10:54से फिक्स करना पड़ेगा। और उसके लिए उतना

10:56एक्सपेंशन भी करना पड़ेगा। वरना ऐसा ना हो

10:58कि आपने बहुत कम चीज पढ़ी और उसी को आप

11:01रिवाइज़ कर रहे हो। तो अगर आप जैसे सिर्फ

11:03कुछ चीजें पढ़ के कुछ ही चीज को रिवाइज़

11:05करोगे तो तो डेफिनेटली नहीं होगा। तो

11:06एक्सपेंशन भी जरूरी है बट उससे इंपॉर्टेंट

11:08कंसोलिडेशन भी है। अब बात करते हैं

11:10एनालिसिस ऑफ़ टेस्ट सीरीज़ की। सबसे पहला

11:12क्वेश्चन हो सकता है कि मैं कितने नंबर ऑफ़

11:14टेस्ट लगाऊं? लाइक देयर आर टू टाइप्स ऑफ़

11:17पीपल जो एक टाइप ऑफ पीपल है कि जो 15-20

11:20टेस्ट लगा के भी खुश है और उनको लगता है

11:22कि मैं 15-20 टेस्ट में भी कॉन्फिडेंस गेन

11:24कर सकता हूं। बट आई एम अ डिफरेंट काइंड ऑफ़

11:26पर्सन जिसको लगता है कि मैं जितना ज्यादा

11:28अटेम्प्ट करूंगा उतना ज्यादा मैं परफेक्शन

11:31की तरफ जाऊंगा। मुझे पता है कि मैं एक

11:33पॉइंट में तो परफेक्शन नहीं हासिल कर

11:35सकता। सो आई कैन जस्ट अटेम्प्ट एंड

11:37इंक्रीस माय चांसेस ऑफ बिकमिंग परफेक्ट।

11:40तो इसीलिए मेरी अप्रोच और स्ट्रेटजी सिंपल

11:42रहती थी कि आई हैव टू गिव मैक्सिमम नंबर

11:44ऑफ टेस्ट। लाइक यू विल बिलीव ऑर नॉट बट

11:47मैंने इस वाले प्रीलिम्स के लिए अराउंड 60

11:49टेस्ट दिए थे। जिसमें हाफ लेंथ टेस्ट भी

11:52इंक्लूड हाफ लैंड टेस्ट और जो सिलेबस वाले

11:55टेस्ट होते हैं वो 15-20 वो टेस्ट है और

11:57बाकी जो जितने भी थे 45 के आसपास टेस्ट वो

11:59फुल लेंथ टेस्ट थे। मैं यही कहता था कि

12:01मार्केट में जाता था जितनी कोचिंग्स की

12:04टेस्ट सीरीज है उनके जो रैंडमली पेपर पेपर

12:07उठा लिए। अब मुझे रैंडमली पेपर उठा के 45

12:10टेस्ट कैसे भी करके देना है। तो माय

12:12प्रायोरिटी वाज़ कि मैं टेस्ट दूंगा उसके

12:14सॉल्यूशन पढूंगा और उसका एनालिसिस करूंगा।

12:17उसके साथ-साथ में इस पीवाईक्यू का भी अपना

12:19एकेंस है ही। क्योंकि बहुत सी बार हम

12:21देखते हैं कि पीवाईक्यू से सीधे रिपीटेड

12:23क्वेश्चन आ जाते हैं। जैसे कि इस साल भी

12:25बहुत सारे क्वेश्चन ऐसे थे जहां पे अगर

12:27आपने पीवाईक्यू के ऑप्शंस का एनालिसिस करा

12:29होगा तो वो क्वेश्चंस आपके डायरेक्टली ही

12:31सॉल्व हो जाते हैं। तो इसलिए पीवाईक्यू

12:34में मेरी अप्रोच ये रहती थी कि लास्ट का

12:36जो टाइम है बहुत सी बार ये होता है कि

12:38आपका माइंडसेट जो है वो कोचिंग कोचिंग के

12:40अकॉर्डिंग सेट हो जाता है। जिसके कारण आप

12:43यूपीएससी का पेपर सॉल्व करने के लिए वो

12:46नहीं हो पाते हो। कंडीशन नहीं हो पाते हो।

12:49तो मेरे स्ट्रेटजी ये होती थी कि आई विल

12:51सॉल्व पेपर फ्रॉम जनवरी टू अप्रैल एंड बट

12:55मई का जो समय है जो कि मेरा यूपीएससी का

12:58समय है जहां पे मुझे एग्जाम देना है वहां

13:00पे मैं सिर्फ पीवाईक्यू ही सॉल्व करूंगा।

13:02मेरा एक यही रहता था कि हर दूसरे दिन मुझे

13:04पीवाईक्यू सॉल्व करना है। सेम टाइमिंग और

13:08सेम चीजों के साथ मैं वही 9:30 से 11:30

13:12प्रीलिम्स का करूंगा। उसके बाद में सीसेट

13:13का पेपर सॉल्व करूंगा। और मैं ऐसा करता था

13:16कि 2011 से लेके जो लास्ट

13:19लास्ट पेपर है वैसे ही प्लान करता था कि

13:21मेरा लास्ट दो दिन पहले तक एक पेपर होता

13:24था कि जो लास्ट ईयर का पेपर है वो मैं दो

13:26दिन पहले दे रहा हूं और उसका साथ ही साथ

13:28एनालिसिस भी मैं करता जाता था और मेनली तो

13:30इंपॉर्टेंट यही है कि आप पीवाईक्यू उसका

13:32जितना ज्यादा एनालिसिस करोगे एक-एक ऑप्शंस

13:34का जितना ज्यादा करोगे उतना ज्यादा वो

13:36आपको हेल्पफुल होगा और मेरा लास्ट में

13:38सॉल्व करने का पीछे का मोटिव यही रहता था

13:40कि मैं अपने आपको कंडीशन करना चाहता हूं

13:42ऑन टाइप कि यूपीएससी किस टाइप से क्वेश्चन

13:45फ्रेम करता है। किस टाइप से वो आंसर फ्रेम

13:47करता है। किस टाइप से अगर उसने आंसर लिख

13:50रखा है कि उसने अगर कोई एक्सट्रीम सा वर्ड

13:52डाल रखा है तो द आंसर वुड मोस्ट

13:54प्रोबेबबली नॉट दैट। ऐसी जो चीजें हैं जो

13:57हम यूपीएससी डोमेन में टिप्स एंड ट्रिक्स

14:00बोलते हैं वो सब मैं खुद से ऐसे ही फिगर

14:03आउट करने की कोशिश करता था। और ये लाइक जब

14:06लास्ट में आप करते हो यही चीज तो वो आपके

14:08दिमाग में भी अफ्रेश रहती है। बहुत सी बार

14:11क्या होता है कि बच्चे पहले से ही

14:12यूपीएससी के पेपर सॉल्व कर लेते हैं। फब

14:15से अगर प्रिपरेशन कर रहा हूं मैंने अगर

14:17मार्च में यूपीएससी के पेपर्स सॉल्व कर

14:19लिए तो ये होता है कि मैं जो यूपीएससी की

14:21लर्निंग्स है वो कोचिंग के पेपर में

14:23इंप्लीमेंट करने की कोशिश करता हूं। मैंने

14:26सुना कि लाइक या मैंने एनालाइज करा कि जो

14:30एक्सट्रीम वर्ड्स हैं वो जनरली गलत होते

14:32हैं। अब मैं क्या करूंगा कि मैं जो कोचिंग

14:35के पेपर्स हैं उनमें एक्सट्रीम वर्ड्स को

14:37गलत करने की कोशिश करूंगा। बट दिस इज़ दैट

14:39इज़ वेरी काउंटर प्रोडक्टिव। क्योंकि उसमें

14:41ये होता है कि कोचिंग वाले उस माइंडसेट से

14:43नहीं पता बनाते हैं बहुत सी बार पेपर।

14:45जिसके कारण फिर क्या होता है कि आपका मन

14:47होता है कि यार मैंने कोचिंग वाले पेपर

14:49में दिया था और मैंने इसका ये आंसर करा

14:51था। बट ये गलत लगा था। तो उसकी वजह से आप

14:53क्या करते हो कि आप फिर एक्चुअल यूपीएससी

14:55में भी उसको इंप्लीमेंट नहीं कर पाते हो।

14:57तो मेरा सजेशन यही रहेगा कि लास्ट के टाइम

14:59पे बाकी कोचिंग के पेपर्स ना या कोई सा

15:02दूसरा पेपर ना लगाते हुए सिर्फ यूपीएससी

15:04के ही पेपर्स बार-बार लगाओ आप। सीसेट के

15:06लिए यही है कि बहुत से लोग मैथ्स को

15:09इग्नोर कर देते हैं। बट मैं उन लोगों को

15:12यही कहना चाहता हूं कि आप कॉम्प्रिहेंशन

15:14में या लॉजिकल रीजनिंग में कितना भी अच्छा

15:17कर लो। बट मैथ्स इज़ वन थिंग जो आपको श्योर

15:19श्योर शॉट रिजल्ट देगा। अगर मैथ्स में

15:22आपने कोई सा क्वेश्चन सॉल्व करा है उसका

15:24आंसर आ गया तो देयर आर वेरी माइन्यूट

15:26चांसेस कि वो आंसर गलत हो। तो इसीलिए

15:28इंपॉर्टेंट है कि मैथ्स को भी उतना ही

15:30ज्यादा फोकस करो आप। मेरी स्ट्रेटजी सिंपल

15:32सी होती थी। 2 घंटे का पेपर है। मुझे

15:34स्टार्टिंग के 1 घंटे 10 मिनट मैथ्स के

15:36सवाल सॉल्व करना है और उसके बाद ही मैं

15:39कॉम्प्रिहेंशन कॉम्प्रिहेंशन और लॉजिकल

15:41रीजनिंग पे जाता था। तो वही है कि 1 घंटे

15:4310 मिनट में मैं अपना सिलेक्शन तो इंश्योर

15:45कर ही लेता था क्योंकि मैथ्स के क्वेश्चन

15:46मुझे पता है कि मैं जितने अटेम्प्ट करूंगा

15:49उसमें से 95% क्वेश्चंस सही होंगे। तो दैट

15:52कुड बी वन स्ट्रेटजी जो आप देख सकते हो।

15:54प्रीलिम्स में बहुत सी बार ऐसा होता है कि

15:56हम जो मेन कोर्स सब्जेक्ट है मेन कोर्स

15:59सब्जेक्ट जैसे कि पिटी हो गया जैसे कि

16:01इकोनॉमिक्स हो गया जैसे कि ज्योग्राफी हो

16:03गया। हम उन पे बहुत ज्यादा फोकस कर देते

16:06हैं। हम कर रहे हैं कि 10 दिन उन

16:08सब्जेक्ट्स को दे रहे हैं, 12 दिन उन

16:09सब्जेक्ट्स को दे रहे हैं। बट देयर आर सम

16:11सब्जेक्ट जो कि हाई रिवॉर्डिंग है। जैसे

16:13कि साइंस एंड टेक हो गया, जैसे कि

16:15एनवायरमेंट हो गया, जैसे कि इंटरनेशनल

16:17रिलेशन हो गया, मैपिंग हो गया। इनमें आपके

16:19एफर्ट्स बहुत कम लगेंगे। बट आपको उसमें

16:22रिवॉर्ड्स बहुत ज्यादा मिलेंगे। और उनमें

16:24ऐसा होता है कि नंबर्स भी आपको अच्छे मिल

16:26सकते हैं। और मैंने जैसे कि बोला था कि

16:29यूपीएससी प्रीलिम्स इज़ गेम ऑफ़ कंपटीशन।

16:31आपके जो 5 लाख लोग हैं आपको उनसे आगे

16:34निकलना है। वो जो लोग हैं वो पिटी

16:37हिस्ट्री उन पे ज्यादा फोकस कर रहे हैं।

16:38तो आई एम नॉट सेइंग कि आप उनको इग्नोर कर

16:40सकते हो। क्योंकि अगर आपने उनको इग्नोर कर

16:42दिया तो आप तो कंपटीशन के पीछे हो गया। तो

16:44वो तो नहीं करना है। बट इन चीजों पे

16:47ज्यादा फोकस करके हम कंपटीशन के आगे भी

16:49निकल सकते हैं। तो दिस आर समथिंग दैट वी

16:52कैन डू। अब जैसे कि हम देखें तो 80 दिन रह

16:54गए हैं। अह मेरे एस्पिरेंट्स को यही

16:57एडवाइस होगा कि मार्च के एंड तक अपना जो

17:00एक्सपेंशन वाला फज़ है उसको आप खत्म करो।

17:02एक्सपेंशन वाला फज़ खत्म करने का मतलब यह

17:05है कि आपके सारे स्टैंडर्ड सोर्सर्सेस कवर

17:07हो जाने चाहिए। और अब आपको उसके बाद यह

17:09प्लान रखना है कि मार्च के बाद मैं कोई भी

17:11नया सोर्स नहीं पढ़ पकडूंगा। और उसके बाद

17:14फिर आपको यही करना है कि अप्रैल से चालू

17:16करो अपना रिवीजन वाला फज़। तीन या चार

17:18जितने भी आप करना चाहो उतने रिवीजन के फेस

17:21बांटो और रिवाइज रिवाइज एंड रिवाइज एक

17:23क्वेश्चंस में तो यही रहता था कि मैं

17:25जितने मैक्सिमम नंबर ऑफ क्वेश्चंस कर पाऊं

17:28हमेशा यूपीएससी में ऐसा होता है कि कुछ

17:29क्वेश्चंस आपको डेफिनेटली आते हैं। कुछ आप

17:32इनफॉर्म्ड गेस लेते हो और कुछ आप ट्राई टू

17:35डिसाइफर करते हो। तो मेरा यही था कि कैसे

17:38भी करके मुझे मैक्सिमम नंबर ऑफ क्वेश्चंस

17:40पर पहुंचना है। तो जैसे इस ईयर इस साल की

17:44अगर मैं बात करूं तो अराउंड 94 के आसपास

17:46क्वेश्चंस मैंने अटेम्प्ट करे हैं। इस बार

17:48आई एम एक्सपेक्टिंग अ स्कोर अराउंड 130 टू

17:51150 इन प्रीलिम्स। तो उस रेंज में आना

17:53चाहिए। देखते हैं क्या स्कोर आता है। हर

17:56बार की मेरी स्ट्रेटजी एक तो क्लियर रही

17:58है कि मुझे मैक्सिमम नंबर ऑफ क्वेश्चन

18:00करना है क्योंकि मुझे पता है कि रिस्क इज़

18:02टू रिवॉर्ड जब मैं करता हूं तो मेरे फेवर

18:06में होता है। वो आपको कांस्टेंट टेस्ट

18:08देके अपना रिस्क इज़ टू रिवॉर्ड कैलकुलेट

18:11करना पड़ेगा। मेरे साथ ऐसा होता है कि आई

18:13एम नॉट अ पर्सन जो सिर्फ 75 क्वेश्चन या

18:1680 क्वेश्चन करके कट ऑफ पार कर ले। बट

18:18इंस्टेड अगर मैं ज्यादा क्वेश्चंस

18:19अटेम्प्ट करता हूं तो नेट मेरा पॉजिटिव ही

18:22रहता है। ये मैंने जो अपने मॉक टेस्ट है

18:24उनसे करके और उनको एनालाइज करके ये मैंने

18:27फाइंड आउट करा है। तो सभी बच्चों को अपना

18:29एक मॉक टेस्ट के समय पे मैक्सिमम

18:31क्वेश्चंस भी अटेम्प्ट करके देखो। कम

18:33क्वेश्चंस भी अटेम्प्ट करके देखो। दिस इज़

18:35योर टाइम टू ट्राई एंड टेस्ट। तो उससे

18:38आपको पता चल जाएगा कि आपको किस रेंज में

18:39क्वेश्चंस अटेम्प्ट करने हैं। कहां पे

18:41आपका मैक्सिमा आ रहा है। सेकंड टाइम्स में

18:43सेकंड टाइम में मेरा प्रीलिम्स मेनली

18:45थोड़ा सा ओवर कॉम्प्लिकेंसी की वजह से

18:48नहीं हुआ था। अह सिंस मेरा इंटरव्यू तक

18:50हुआ था तो मुझे लग रहा था कि अ प्रीलिम्स

18:52इज़ अ कप ऑफ टी। अह उसके साथ में 2023 के

18:55प्रीलिम्स में मेरे कट ऑफ से 40 45 नंबर

18:58ऊपर भी थे। तो और ज्यादा लग रहा था कि

19:00सिंस मैंने कट ऑफ को इतने बड़े मार्जिन से

19:02बीट करा है। तो अब प्रीलिम्स के कट ऑफ को

19:05तो क्रॉस कर ही लूंगा। तो अराउंड अप्रैल

19:07में भी मैं मेंस की तैयारी करने का सोच

19:09रहा था। और इसीलिए मैं बोल रहा हूं कि दिस

19:12प्रोसेस इज़ इटसेल्फ वेरीेंट कि आपको जैन

19:15के बाद से प्रीलिम्स मोड में शिफ्ट होना

19:18ही पड़ेगा। वरना आप कितने भी बड़े टॉप तोप

19:20हो या कितने भी बड़े 30 मार्क खान हो

19:22यूपीएससी विल शो यू कि आपका क्यों नहीं

19:25होगा या क्यों होगा। 2023 का जब प्रीलिम्स

19:28था वो काफी टफ आया था और उस समय जब टफ

19:32पेपर आया था मैंने अपने आप से ये पूछा था

19:35कि क्या ये पेपर सबके लिए टफ है क्योंकि

19:37मैंने अच्छे से पढ़ा था इसलिए मेरे अंदर

19:39से आवाज निकली कि ये पेपर सबके लिए टफ है।

19:41सिंस ये पेपर सबके लिए टफ है तो अब मेरा

19:44चांस बनता है। मेरा चांस इसलिए बनता है

19:46क्योंकि इस टफ पेपर में कोई ऐसा वैसा

19:48इंसान क्वालीफाई नहीं करेगा जो डिर्व करता

19:51है वही क्वालीफाई करेगा। और फिर मुझे लगा

19:53कि ऐसे पेपर में तो मेरे चांसेस और ज्यादा

19:56बढ़ गए हैं क्वालीफाई करने के। उस समय ये

19:59था कि यूपीएससी ने नया पैटर्न भी

20:01इंट्रोड्यूस करा था। तो वो भी था कि मुझे

20:04पहले तो अपन ये सोच के जाते कि मैक्सिमम

20:06नंबर ऑफ क्वेश्चन करना है। बट वहां पे

20:08मुझे पता नहीं था कि अगर मैं ज्यादा

20:09क्वेश्चन अटेम्प्ट करता हूं तो इस नए

20:11पैटर्न में गलत भी हो सकते हैं। बट मैंने

20:14अपनी जो बेसिक्स थी या मैंने जो सर्वाइवल

20:16स्किल्स सीखी थी मॉक टेस्ट दे दे के मैंने

20:18उन्हीं को फॉलो करा और यही स्ट्रेटजी रखी

20:21कि मेरे लिए ये चीज वर्क करी है। मेरे लिए

20:23मैक्सिमम क्वेश्चंस अटेम्प्ट करना वर्क

20:25करे हैं अभी तक तो आगे भी करेंगे। यही सब

20:28सोच के मैंने उस टफ पेपर को भी अप्रोच

20:30करने की कोशिश करी थी। प्रीलिम्स के पहले

20:33बहुत ए्जायटी रहती है। ये तो बहुत नॉर्मल

20:35सी चीज है क्योंकि इट इज अ वेरी बिग इवेंट

20:37ऑफ योर लाइफ। तो एंजायटी होना नॉर्मल है।

20:40अह बट मैं यह कहना चाहूंगा कि 2 दिन पहले

20:42आप थोड़ा सा यह करिए कि सिर्फ जो फ़ शीट

20:46वगैरह होती है या फिर जो बहुत ही फ़क्चुअल

20:49चीजें हैं जैसे कि हिस्ट्री में कुछ

20:51इवेंट्स वगैरह है या फिर हिस्ट्री की कुछ

20:54फैक्ट्स वगैरह है वो आपको याद करने की

20:56जरूरत होती है। तो मैं क्या करता था? अपनी

20:58एक फैक्ट शीट बना लेता था। तो लास्ट के

21:00दो-तीन दिन मुझे कुछ भी पढ़ना नहीं है।

21:02मुझे सिर्फ उस फ्रेक शीट को बार-बार

21:03रिवाइज करना है। जैसे कि नेशनल पार्कक्स

21:05वगैरह हो गए या फिर बायोडायवर्सिटी

21:07हॉटस्पॉट्स वगैरह हो गए जिनके बारे में

21:09बहुत सी बार यूपीएससी पूछ लेता है और वो

21:11बहुत फ़क्चुअल चीज़ है। आप उसको डिसाइफर

21:13नहीं कर सकते या उसको रिप्रोड्यूस नहीं कर

21:15सकता। आपको पता है तो पता है। तो उन चीजों

21:17को आप रिवाइज़ कर सकते हो आखिरी के समय में

21:20प्रीलिम्स के लिए। अ मेरा दो बार मेंस

21:23निकला है। एक बार 2023 में निकला था और इस

21:25बार वापस से मेंस निकला है। मेंस के लिए

21:28मेरी स्ट्रेटजी सिंपल सी है क्योंकि मुझे

21:30पता है कि आपको दो चीज चाहिए। एक बेसिक

21:33फाउंडेशन चाहिए जो पॉइंट्स आप लिखोगे और

21:35साथ में उसका वैल्यू एडिशन चाहिए। जहां पे

21:38आप सब्सटैंशिएट करोगे चीजों को एग्जांपल्स

21:40दोगे, डाटा दोगे, पॉइंट्स दोगे। तो मेरी

21:43थोड़ी सी इसमें स्ट्रेटजी अलग सी रही है

21:46क्योंकि आई हैव यूज़्ड एआई

21:48कॉम्प्रिहेंसिवली इन दिस प्रोसेस। अह मुझे

21:51पता था कि यूपीएससी में लिमिटेड टॉपिक्स

21:53हैं जो मेंस में हैं। प्रीलिम्स इज़ वेरी

21:55डिफरेंट गेम और मेंस बहुत ज्यादा डिफरेंट

21:56गेम्स हैं। गेम है। अह मेंस में आपका फोकस

21:59होना चाहिए जो रिपीटेड थीम्स हैं और जो

22:02रिपीटेड टॉपिक्स हैं यूपीएससी की आप जब

22:05सिलेबस भी देखते हो या फिर पीवाईक्यू

22:07देखते हो। इन दोनों चीज को जब आप एनालाइज

22:09करते हो तो आपको कंसिस्टेंट थीम्स मिलती

22:11है कि इन्हीं थीम्स पे क्वेश्चंस पूछे जा

22:13रहे हैं। जैसे एग्रीकल्चर है, फूड

22:15प्रोसेसिंग है। तो आपको पता है कि हर

22:17दूसरे तीसरे साल इनसे सवाल तो आना ही आना

22:20है। तो मेरी स्ट्रेटजी वही होती थी कि

22:22मैंने लिस्ट ऑफ थिंग्स बना दी। साथ में

22:25सिलेबस के पॉइंटर्स ले लिए। सिलेबस के

22:27पॉइंटर्स के हिसाब से जैसे कि एग्रीकल्चर

22:30है। एग्रीकल्चर में फ़ूड प्रोसेसिंग सेक्टर

22:32एक पॉइंटर है। तो मैंने उस पॉइंटर लिया।

22:34उस पॉइंटर के मुझे दो पेज के नोट्स बनाने

22:36हैं। अब दो पेज के नोट्स कैसे बनेंगे? तो

22:39मैंने तो एक ही चीज करी है कि थोड़ा सा

22:42कोचिंग मटेरियल वगैरह से आपको बेस मिल

22:44सकता है। बट जो आपका मेन वैल्यू एडिशन

22:46वगैरह वो है वो मैंने थोड़ा सा एआई यूज़

22:49करने की कोशिश करी। यहां पे मैं एआई को

22:51प्र्प देता था कि इस टॉपिक से रिलेटेड

22:54मैंने तो यह कर रखा था कि हर टॉपिक जो जो

22:56सिलेबस में मेंशंड है या पीवाईक्यू में

22:58पूछा हुआ है उससे रिलेटेड मैंने हर टॉपिक

23:01से रिलेटेड दो इंट्रोडक्शन दो कंक्लूजन

23:04कीवर्ड्स जो इंपॉर्टेंट पॉइंट्स हैं जो

23:06इंपॉर्टेंट डाटा है जो इंपॉर्टेंट फैक्ट्स

23:08हैं जो इंपॉर्टेंट एग्जांपल्स वगैरह है जो

23:11मुझे कोट करना है उससे रिलेटेड वेरियस

23:13डायमेंशंस होते हैं चैलेंजेस क्या है

23:15उसमें वे फॉरवर्ड क्या है अपॉर्चुनिटीज़

23:17क्या है वही कुछ चीजें होती है और हर चीज

23:20में सात-सात पॉइंट्स में लिख देता था कि

23:22अगर वे फॉरवर्ड है तो मेरे पास सात वे

23:24फॉरवर्ड लिखे हुए हैं। अब मुझे क्या करना

23:26है? इस चीज को मुझे ढाई पेज के अंदर

23:29कंसोलिडेट करना है। दो से ढाई पेज ये

23:31मैक्सिमम एक टॉपिक को आप उतना दे सकते हो।

23:33तो उस चीज को आप दो से ढाई पेज में

23:35कंसोलिडेट करोगे। तो मैं यही करता था कि

23:38एआई के पास जाता था। ये टॉपिक है। इससे

23:41रिलेटेड तुझे मुझे ये सब चीजें बतानी है।

23:43उसके साथ में फिर मैं करता था टॉपर्स के

23:45जो नोट्स वगैरह है उनसे वैल्यू एडिशन।

23:48टॉपर्स के नोट्स और टॉपर्स की जो कॉपीज

23:50हैं उनसे वैल्यू एडिशन होता था। कैसे

23:53वैल्यू एडिशन होगा ये मैं जाऊंगा। अ सेम

23:56क्वेश्चन जैसे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की

23:58हम बात कर रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर

24:00पे किसी टॉपर ने आंसर लिखा हुआ है। किसी

24:02टॉपर ने आंसर लिखा हुआ है तो उसने

24:03इंट्रोडक्शन बहुत बढ़िया सा लिखा है। तो

24:05मैं क्या करूंगा? उस इंट्रोडक्शन को बहुत

24:07अच्छा लगा है मुझे। मैं कॉपी करूंगा। उसको

24:09अपने नोट्स के साथ में ऐड कर लूंगा। मैंने

24:11जितने भी अपने नोट्स थे वो ऑनलाइन फॉर्मेट

24:14में बनाए हैं। तो दिस वाज़ वेरी इजी फॉर मी

24:16टू डू सो। क्योंकि जहां पे भी मुझे दिख

24:18रहा है कि यार ये तो एग्जांपल ऐसा है कि

24:20मैं नहीं सोच सकता और इसने लिखा है यहां

24:22पे तो ये एग्जांपल मैं अपने नोट्स में ऐड

24:24कर देता हूं। जैसे कि बहुत सी बार ये होता

24:26था कि जीएस वन का अगर हिस्ट्री का कोई

24:28क्वेश्चन है उसमें मैं कोई सी बुक कोट कर

24:30देता था। जैसे मुझे दिख रहा है कि अगर

24:32आर्ट एंड कल्चर के ऊपर कोई क्वेश्चन है तो

24:34मैं डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया को कोट कर देता था

24:36जवाहरलाल नेहरू की या फिर कुछ एंपायर्स के

24:39ऊपर बुक्स वगैरह लिखी हुई है तो उनको कोट

24:41कर देता था इन द इंट्रोडक्शन इटसेल्फ। तो

24:43आप अगर एग्जाम में सोचोगे कि मैं ये सब

24:46चीजें करूंगा तो एग्जाम में वो सब चीजें

24:48पॉसिबल नहीं होगी। इसके लिए इंपॉर्टेंट है

24:50कि आपके पहले से उन चीजों के नोट्स बने

24:53हुए हो और आप उन्हीं चीजों को रेप्लिकेट

24:55कर पाओगे जो आपके नोट्स में होगी। तो आपको

24:57डायग्राम्स भी अगर बनाने हैं या फिर कोड्स

24:59वगैरह कुछ लिखना है। आप मेरे जैसे आंसर

25:01कॉपीज़ वगैरह देखोगे उसमें आपको एक्सटेंसिव

25:04यूज़ ऑफ़ कोड्स मिलेगा। मतलब हर दूसरे

25:06क्वेश्चन में मैंने कोड से या तो शुरू करा

25:08है या एंड करा है। तो वो वैसे ही होगा जब

25:11आप टॉपिक वाइज जाओगे और सब्जेक्ट को वैसे

25:14बिल्ड करोगे और जिस क्वेश्चन में जिस टोन

25:18में क्वेश्चन पूछा गया है उस टोन में आपको

25:21आंसर देना है। मान लो आप ऐसा हो सकता है

25:23कि आपने इंट्रोडक्शन के लिए जो कोड तैयार

25:25करा हो जिससे आपको इंट्रोड्यूस करने का मन

25:27हो वो बहुत पॉजिटिव सेंस में है। बट

25:29क्वेश्चन की टोन बहुत नेगेटिव सेंस में

25:31है। तो मैं फिर वो वाला इंट्रोडक्शन यूज़

25:33नहीं करूंगा। उस समय मैं फिर अपना जो भी

25:36दूसरा इंट्रोडक्शन बना सकूंगा या फिर जो

25:39मुझे दूसरा याद आएगा वो करूंगा। तो उसका

25:41भी जो आप मटेरियल कलेक्ट कर रहे हो उसका

25:43भी बहुत अच्छे से यूज़ करना दैट इज़ वनेंट

25:46पॉइंट। और सिंस मैं एआई का बोल रहा हूं तो

25:49यहां पे मैं एक डिस्क्लेमर भी लगा रहा हूं

25:50कि बहुत सी बार ऐसा होता है कि हम ओवरडू

25:53कर जाते हैं एआई में भी। और ओवरडू ना हो

25:56इसके लिए अगेन यही है कि हम जितना सिलेबस

25:59से क्लोज रहेंगे। सिलेबस के जो पॉइंट्स

26:01हैं उनके मुझे दो से ढाई पेज के नोट्स

26:03बनाने हैं। दैट इज माय टारगेट। खेल खत्म।

26:05मैंने मेनली एआई में चैट जीपीटी और क्लाउड

26:08का यूज़ करा था। चैट जीपीटी में ऐसा होता

26:11है कि आप जैसे कि मुझे चाहिए हां अपन अगर

26:14एक टॉपिक की बात करें तो जैसे मुझे फूड

26:16प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज पे नोट चाहिए नोट्स

26:19चाहिए। ठीक है? पहले तो कुछ टॉपर्स के

26:22नोट्स अवेलेबल है। दो-दो पेज के टॉपर्स के

26:24भी बहुत से उन्होंने शॉर्ट नोट्स वगैरह

26:26बनाए हुए हैं। तो वो आपको मिल जाते हैं।

26:28तो मैंने तीनचार टॉपर्स के डाउनलोड करके

26:31रखे थे कि कोई सा भी टॉपिक है तो उसके

26:33टॉपिक के मेरे पास तीन-चार टॉपर के नोट्स

26:34हैं। तो उनसे एक बेस बन जाएगा। और मैं चैट

26:37जीपीटी पे वो तीनों चारों फाइल्स भी अपलोड

26:39कर दूंगा कि इस तरह से तुझे सोचना है। एंड

26:42आई वुड देन आस्क मेरा एक मैंने प्रॉमिस

26:44बना रखा था कि यू हैव टू बी वेरी रिलेटेड

26:48टू यूपीएससी। एग्जांपल्स आपको ऐसे देना है

26:50अह जो वो है प्र्प्ट मैंने वैसा बना रखा

26:53था। उस प्र्ट के साथ में वो टॉपिक डाल

26:55देता था। सो आई यूज़्ड टू गेट ऑल द थिंग्स

26:57उसके रिलेटेड और उसके बाद फिर मुझे अगर लग

26:59रहा है कि कुछ चीज नहीं है तो वो मैं

27:01टॉपर्स के नोट्स से या टॉपर्स के पेपर से

27:03उसको चेंज कर लेता था। मैम पर्सनलाइज़ टच

27:06यही होता है कि आप ओपन एआई या मतलब चैट

27:09जीपीटी से कुछ भी चीज पूछ रहे हो तो वो

27:11किसी कॉन्टेक्स्ट में आंसर कर रहा है।

27:13जैसे अगर वो पॉजिटिव टोन में आंसर कर रहा

27:16है तो बहुत सी बार एस्पिरेंट्स के साथ

27:18क्या होता है कि उन्होंने ये सात पॉइंट्स

27:20याद कर रखे हैं। बट उन सात पॉइंट्स को उस

27:22क्वेश्चन से भी लिंक करना है। मैंने अगर

27:25जैसे फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री पे

27:27क्वेश्चन है। तो आई वुड हैव गॉट पॉइंट्स

27:29कि ये जॉब क्रिएट कर सकता है। इससे रूरल

27:32अर्बन लिंकेजेस इंप्रूव हो सकते हैं।

27:34माइग्रेशन का प्रॉब्लम सॉल्व हो सकता है।

27:36ये कुछ आपको पॉइंट्स मिलेंगे। बट वहां पे

27:38जब यूपीएससी में क्वेश्चन आएगा तो

27:41यूपीएससी में जब क्वेश्चन आएगा तो इट वुड

27:43बी वन एस्पेक्ट ऑफ़ फूड प्रोसेसिंग

27:44इंडस्ट्री। वो उससे पूछेगा कि इस सेकंड

27:47चीज से लिंक करो। तो आपको हर पॉइंट को

27:49लिंक करना आना चाहिए। जैसे कि क्वेश्चन

27:52अगर आया कि हाउ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री

27:54कैन सॉल्व द प्रॉब्लम ऑफ़ माइग्रेशन? तो

27:56आपको हर चीज को उसको लिंक करना पड़ेगा।

27:58जैसे कि मैं बोल रहा हूं कि रूरल

28:00इंडस्ट्रियलाइजेशन हो जाएगा। तो आपको रूरल

28:02इंडस्ट्रियलाइजेशन को माइग्रेशन से लिंक

28:04करना पड़ेगा। दैट इज़ वन थिंग जो आप डेवलप

28:06करते हो जो इसमें आपके चैट डीपीटी हेल्प

28:09नहीं करेगा। वो प्रैक्टिस से आएगा। वो

28:10ज्यादा से ज्यादा पेपर लगाने से आएगा।

28:12मेंस के जितने भी चीजें थी उसमें एक

28:16फाउंडेशन मैंने करा था। तो फाउंडेशन के

28:18कुछ नोट्स थे। बट दे वर ओनली बेसिक के जो

28:21मेरे बैक में रहते थे। अह बट मेनली तो

28:24मेरे नोट्स बनाने का यही रहता था कि

28:26टॉपर्स के नोट्स लिए हैं, चैट जीपीटी लिए

28:29हैं और मैंने दो-ढाई पेज के अपने खुद के

28:31नोट्स बना लिए हैं। हर पेपर में मैंने ऐसा

28:33ही करा है। हर पेपर के जो टॉपिक्स लिस्टेड

28:35है जो जैसे जीएस टू में है पॉलिटी या

28:39पॉलिटी में जुडिशरी है। तो जुडिशरी के मैं

28:41सारे पीवाईक्यूस निकाल लूंगा। जुडिशरी की

28:43जो लाइंस लिखी हुई है सिलेबस में वो निकाल

28:45लूंगा मैं और उनसे रिलेटेड जितना मैं

28:47रिसर्च कर सकता हूं और जितना मैं एआई

28:49वगैरह का यूज़ करके अपने नोट्स बना सकता

28:51हूं। वैसे मैंने नोट्स बना लिए अपने वैसे

28:53ही हर सब्जेक्ट के हर टॉपिक के अपने नोट्स

28:55बना के एज सच कोई अलग से सोर्स फॉलो करने

28:58का मेरा नहीं रहा था ना ऑनलाइन ना ऑफलाइन

29:01बस यही अप्रोच रही थी एक और हमारे

29:02एस्पिरेंट्स के साथ ये चीज होती है कि हम

29:05सिंस इंफॉर्मेशन ओवरलोड वाली दुनिया में

29:08रहते हैं तो हम कंटेंट के पीछे भागने की

29:10कोशिश करते हैं कि हमारे पास चार एग्जांपल

29:13होते हुए भी हमारा मन कहता है कि यार

29:14दो-तीन और एग्जांपल मिल जाते तो और अच्छा

29:17लगता। बट दैट इज़ दैट इज़ वेयर जहां आपको

29:19रेजिस्ट करना पड़ेगा अपने आपको। जब तक आप

29:22कंसोलिडेट नहीं करोगे तब तक आपका रिवीजन

29:24नहीं होगा। जब तक आपका रिवीजन नहीं होगा

29:26तब तक आपका यूपीएससी क्लियर नहीं होगा। तो

29:28इसीलिए अपने सोर्स को लिमिट करना अपने आप

29:31में बहुत इंपॉर्टेंट चीज हो जाती है।

29:32इसीलिए मेरी यही अप्रोच रही कि मैं किसी

29:35भी सोर्स के पीछे नहीं भागा। मेरे जो एक

29:37फाउंडेशन वाले चीज थी जहां से मेरा

29:40फाउंडेशन ब्रेकअप बन गया। उसके बाद मेरे

29:42जो नोट्स थे मैंने कंप्लीटली उन्हीं पे

29:44रिलाई करा। मेरे जो नोट्स हैं उन्हीं को

29:46बार-बार रिवाइज करा। ये हो सकता है कि

29:48सेल्फ डाउट आपको आ सकता है कि नोट्स सही

29:50है या गलत है। अच्छे तो बनाए हैं या नहीं।

29:53इसके लिए मैं बोलूंगा कि जो आपके टॉपर्स

29:54के नोट्स हैं बाकी टॉपर्स ने जो डाल रखे

29:57हैं अपने Telegram पे या बाकी टॉपर्स ने

29:59जो शेयर कर रखे हैं आप उनसे अपने नोट्स

30:01कंपेयर कर सकते हो। अगर आपके इन द लाइन ही

30:04है कि उसने भी ऐसे ही चारप पॉइंट लिखे हैं

30:06और मैंने भी ऐसे चारप पॉइंट ही लिखे हैं

30:08तो वो आप सही डायरेक्शन में जा रहे हो और

30:10सिर्फ वही नोट्स ही काम में आए थे मेरे और

30:12वही काम में आ रहे हैं। ऐसे की मेरी

30:14स्ट्रेटजी सिंपल सी रही कि ऐसे में मेरे

30:17पहले ईयर में 96 नंबर ही थे। तो मुझे ये

30:20रियलाइज़ हो गया था कि ऐसे मुझे बहुत

30:22ज्यादा इंप्रूव करना है। तो उसके लिए मेरा

30:25सिंपल सा स्ट्रेटजी यही था कि पहले तो मैं

30:28टॉपर्स के ऐसे के थ्रू गया। फिर मुझे एक

30:30कंसिस्टेंट थोड़ी सी थीम समझ में आई कि

30:33मैं जो ऐसे अटेम्प्ट कर रहा हूं वो थोड़ा

30:36सा गलत हो रहा है। एक प्रॉपर फॉर्मेट होता

30:38है एस्स का कि आप पहले इंट्रोडक्शन देते

30:40हो। इंट्रोडक्शन के पहले आप एक कोई सा

30:42एनेकडोट या कोई स्टोरी के थ्रू

30:44इंट्रोड्यूस करते हो। उसके बाद आप धीरे से

30:46ट्रांजिशन करते हो। ट्रांजिशन के बीच में

30:48वर्ड्स होने चाहिए। एड्रप्ट एंडिंग नहीं

30:50होनी चाहिए। इन सब चीजों को जब मैंने

30:52धीरे-धीरे टॉपर्स वगैरह की कॉपी में नोटिस

30:55करा चीजें। उसके बाद में दो-तीन ब्लॉग्स

30:57हैं पुराने टॉपर्स के एसएस से रिलेटेड आप

31:00उनको फॉलो कर सकते हो। एक सिमरन मैम का

31:02ब्लॉग है उसको आप डेफिनेटली रीड कर सकते

31:04हो क्योंकि वो आपको स्पेसिफिकली बताएगा

31:07क्योंकि आजकल क्या हो रहा है कि हम

31:08आर्टिफिशियल एसज़ की तरफ जा रहे हैं। बट

31:10एस्स इज़ समथिंग जो थोड़ा नेचुरल होना ही

31:13चाहिए। तो आप एक स्ट्रक्चर जरूर बना सकते

31:15हो बट अंदर का कंटेंट नहीं बना सकते एस्स

31:18का। आप स्टोरीज़ वगैरह जरूर कलेक्ट कर सकते

31:20हो और उनको रिप्रोड्यूस या रीयूज़ कर सकते

31:22हो। दैट इज़ वन थिंग जो आपको वैल्यू एडिशन

31:24में करना ही करना है। बट जो एसरे का

31:27नेचुरल फ्लो है वो आपको नेचुरली नेचुरली

31:29ही लाना पड़ेगा। और स्ट्रक्चर वगैरह कैसे

31:32करना है ये आप थोड़ा सा उस ब्लॉग को पढ़

31:34लोगे तो उससे आपको थोड़ा सा आईडिया लग सकता

31:36है। मैं खुद एक हंबल बैकग्राउंड से आया

31:39हूं। मैंने सरकारी स्कूल से हिंदी मीडियम

31:41में ही अपनी

31:4312th करी है। तो इंग्लिश वाज़ अ बिग फियर

31:46फॉर मी आल्सो। बट सिंस मैंने दो बार ऐसे

31:49के पेपर लिखा है। एक चीज मेरे मन में

31:52बिल्कुल क्लियर है कि यूपीएससी फ्लारी

31:55इंग्लिश नहीं देख रहा है। एक डिसेंट लेवल

31:57ऑफ इंग्लिश जरूर देख रहा है यूपीएससी कि

31:59आपके वर्ड्स जो है सेंटेंसेस प्रॉपर्ली

32:02फॉर्म्ड है कि नहीं है। ग्रामर आपकी सही

32:03है कि नहीं है वो जरूर देख रहा है। बट जो

32:06आजकल ट्रेंड चल रहा है कि मैं फैंसी

32:08वर्ड्स लिख दूंगा तो मुझे ज्यादा नंबर मिल

32:09जाएंगे या मैं कीवर्ड्स बहुत ज्यादा डाल

32:11दूंगा तो उससे ज्यादा नंबर मिल जाएंगे। वो

32:13चीज काम नहीं करती है। इंस्टेड आप जितना

32:16सिंपल रखते हो ऐसे को जितनी सिंपल

32:18लैंग्वेज का यूज करते हो उतनी ज्यादा वो

32:20हेल्पफुल होती है। जीएस वन के वही डिफरेंट

32:22सब्जेक्ट्स हैं। और सिंस बहुत ज्यादा ही

32:25सब्जेक्ट्स हैं। जीएस वन में मॉडर्न

32:27हिस्ट्री है। उसके बाद वर्ल्ड हिस्ट्री भी

32:29है, पोस्ट इंडिपेंडेंस भी है, एंशिएंट एंड

32:31मिडिवल भी है, आर्ट एंड कल्चर भी है, पांच

32:33तो हिस्ट्री के ही सब्जेक्ट हो गए।

32:34ज्योग्राफी है, सोसाइटी है। तो, इसके लिए

32:37थोड़ा सा यह है कि आपको फोकस करना पड़ेगा

32:40चीजों को। मेरे मन में ये क्लियर था कि

32:43पोस्ट इंडिपेंडेंस वर्ल्ड हिस्ट्री इनसे

32:45मैक्सिमम आएगा तो एक सवाल आएगा। तो मुझे

32:48क्लियर था कि इन पे मुझे ज्यादा टाइम

32:50वेस्ट नहीं करना है। बट प्रिपरेशन तो करना

32:53है। ऐसा तो नहीं कर सकता कि एक सवाल मैं

32:55वहां पे छोड़ के ही आ जाऊं। तो मैंने क्या

32:57करा था कि इनके बहुत ही छोटे और बहुत ही

33:00टॉपिक्स स्पेसिफिक। अगर आप जैसे वर्ल्ड

33:02हिस्ट्री में देखोगे तो कुछ ही टॉपिक्स

33:04हैं जो बार-बार यूपीएससी पूछता रहता है।

33:06वर्ल्ड हिस्ट्री ऐसे आप पढ़ने जाओगे तो

33:08आपको 10 दिन लग जाएंगे। आप जितने लेक्चर्स

33:10देखो उतने कम है क्योंकि वर्ल्ड हिस्ट्री

33:11इज़ अ टॉपिक जहां पे वर्ल्ड की हिस्ट्री

33:13कभी खत्म होती ही नहीं है। तो इसलिए कुछ

33:15स्पेसिफिक टॉपिक्स हैं जैसे कि

33:17इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन हो गया, फर्स्ट

33:19वर्ल्ड वॉर हो गई, सेकंड वर्ल्ड वॉर हो

33:20गई, फ्रेंच रिवॉल्यूशन हो गया जिनसे

33:22बार-बार क्वेश्चन पूछता रहता है। तो मेरा

33:24स्ट्रेटजी सिंपल सा था कि मैं सिर्फ उनके

33:26ही नोट्स बनाऊंगा। उसके अलावा मुझे कुछ

33:28पढ़ने की जरूरत नहीं है। सेम वाज़ विद

33:30पोस्ट इंडिपेंडेंस। मैंने मेनली तो स्किप

33:33ही करा था। बस थोड़ी बहुत चीजों के

33:34छोटे-मोटे नोट्स जैसे इमरजेंसी के 50

33:36इयर्स हुए थे। तो मुझे लग रहा था कि

33:38क्वेश्चन आ सकता है उससे। तो मैंने उसके

33:40दो पेज के नोट्स बना लिए। दिस इज समथिंग

33:42जो आपको डिसाइड करना पड़ेगा जिससे आपकी

33:44प्रायोरिटीज भी खराब ना हो। क्योंकि जिन

33:47एरियाज से क्वेश्चन पूछे जा रहे हैं। जैसे

33:49ज्योग्राफी से आपसे तीन से चार क्वेश्चन

33:52हर पार्ट में 10 मार्कर्स में भी और 15

33:55मार्कर्स में भी पूछेगा ही। तो एक

33:57क्वेश्चन आपको अटेम्प्ट अच्छे से करना है

33:59या तीन-चार क्वेश्चन में ज्यादा नंबर लाना

34:01है। वो आपको प्रायोरिटाइज करना पड़ेगा

34:03चीजों को। और वही मेरी स्ट्रेटजी थी। और

34:06हर सब्जेक्ट वाइज अगर मैं बोलूं तो मेन

34:08सब्जेक्ट्स के लिए तो एक ही स्ट्रेटजी थी।

34:09मैं कीवर्ड्स पे जाता था। उनके वर्ड्स

34:12कीवर्ड्स जो लिखे हैं उन पे नोट्स बनाने

34:14की कोशिश करता था। पीवाईक्यूस एनालिस

34:16एनालाइज करता था कि इस टॉपिक से क्या-क्या

34:18पीवाईक्यूस पूछे गए और उनके आंसर्स बनाने

34:20की या फिर उन पे मटेरियल दो पेज का जो मैं

34:22बनाता हूं वो बनाने की कोशिश करता था।

34:24वैसे ही मैंने हर सब्जेक्ट का करने की

34:26कोशिश करी है जीएस वन में। तो एक बच्चे

34:28बहुत ज्यादा गलती ये करते हैं कि

34:31ज्योग्राफी के लिए मेंस में स्पेसिफिकली

34:34सिर्फ एनसीआरटी पर रिलाई करते हैं। अह

34:36ज्योग्राफी के लिए दो चीज़ है। प्रीलिम्स

34:38के लिए आपको सिर्फ एनसीईआरटी पर रिलाई

34:39करना है। ये तो मैं बी एग्री करता हूं।

34:41उसके अलावा कोई सोर्स की जरूरत ही नहीं है

34:43आपको एनसीईआरटी के अलावा प्रीलिम्स में।

34:45बट जब मेंस की बात आती है तो मेंस में

34:47ज्योग्राफी में बहुत सी बार बच्चे इग्नोर

34:49करके सिर्फ एनसीआरटी पढ़ के चल चल जाते

34:52हैं। बट जो डिफरेंट टॉपिक्स यूपीएससी पूछ

34:54रहा है ह्यूमन ज्योग्राफी से रिलेटेड या

34:56पॉपुलेशन से रिलेटेड इस साल जैसे सोलर

34:58वगैरह के क्वेश्चन पूछे गए तो इसके लिए इट

35:02इज़ वेरीेंट कि आप ज्योग्राफी के भी टॉपिक

35:05वाइज़ नोट्स बनाएं। जैसे कि मैंने क्या करा

35:07था कि एनर्जी रिसोर्सेज है उनसे रिलेटेड

35:10एक नोट्स बना दिया। अब ह्यूमन रिसोर्स में

35:12कुछ भी पूछ सकता है। कोई सी भी इंडस्ट्री

35:13वो पूछ सकता है। तो इसके लिए मैंने क्या

35:15करा कि एक इंडस्ट्री रिलेटेड कॉमन सी

35:17चीजें पूछ बना ली क्या कि कोई सी भी

35:19इंडस्ट्री कहां पे क्यों लोकेटेड होगी? तो

35:21जैसे रॉ मटेरियल अवेलेबल होगा या लोकेशन

35:23की प्रॉक्सिमिटी होगी, कैपिटल अवेलेबल

35:25होगा। वैसी कुछ जनरल चीजें आप ये

35:28टेंपलेट्स बना सकते हो। दैट कुड बी वेरी

35:30हेल्पफुल इन ज्योग्राफी। अब हम अगर जीएस

35:32टू पे आए तो जीएस टू में अगेन वी हैव थ्री

35:34सब्जेक्ट्स पॉलिटी, गवर्नेंस एंड आईआर। अह

35:38पिटी और गवर्नेंस का मेरा वही फंडा रहा

35:42है। एक तो लक्ष्मीकांत अपन पढ़ते ही हैं।

35:44तो प्रीलिम्स के समय ऐसा होता है कि

35:45लक्ष्मीकांत का अपना बहुत बार रिवीजन भी

35:47हो जाता है और चीजें लक्ष्मीकांत से याद

35:49हो जाती है। तो मेंस के लिए मेनली

35:51लक्ष्मीकांत प्लस जो मैं बोल रहा हूं कि

35:53दो पेज के नोट्स जो आप हर सब्जेक्ट के लिए

35:56बनाओगे वैसे ही पॉलिटी के लिए भी बनाओगे।

35:58उसमें आपको इंपॉर्टेंट पिटी में ये करना

36:00है कि आर्टिकल्स वगैरह जो है

36:02कॉन्स्टिट्यूशनल केसेस वगैरह है वो हर

36:04टॉपिक के साथ में आपको कलेक्ट करना है और

36:06हर टॉपिक के साथ में आपको यूज़ करते रहना

36:08है उन सब चीजों को कॉन्स्टिट्यूशनल केसेस

36:10हो गए एग्जांपल्स हो गए बहुत सी बार कोई

36:13प्रेसिडेंट स्टेट हो जाता है कुछ

36:14इंपॉर्टेंट जजमेंट्स वगैरह है उन सब चीजों

36:17का आपको ध्यान रखना पड़ेगा उसके साथ में

36:19बहुत सी बार मैं ये चीज स्पेसिफिकली करता

36:21था कि मैं जो कॉन्स्टिट्यूशनल जरिस्ट

36:24वगैरह है उनकी बुक्स वगैरह कोट कर देता

36:26सोलियस सारब जी हो गए गए या फिर

36:30फली नरिमन जी हो गए उनको कोट कर देता था।

36:33तो दिस आर सम थिंग्स दैट कैन हेल्प ऐड

36:35वैल्यू टू योर आंसर्स। तो आप इन चीजों पे

36:38भी वर्क कर सकते हो। उसके बाद में जब

36:40इंटरनेशनल रिलेशंस की बात आई तो इंटरनेशनल

36:42रिलेशंस के लिए मैं करंट पे ही रिलाई करता

36:45था। मेनली जो

36:47मैगजीनंस आती है उसमें आईआर का जो पार्ट

36:50कवर होता है उससे मैं करने की कोशिश करता

36:53था। और दूसरा जो कावा के नोट्स आते हैं

36:58दीपिन सर का कोर्स है उसमें आईआर कवर होता

37:00है। उससे करने की कोशिश करता था। दीपिन सर

37:03का नेक्स्ट आईएस का जो कावा कोर्स होता है

37:06करंट अफेयर्स वैल्यू एडिशन का उसका मेनली

37:08इंटरनेशनल रिलेशंस में मेरे नोट्स उसी पे

37:11बेस्ड थे। इंटरनेशनल रिलेशंस और

37:13एग्रीकल्चर वो मेनली बेस्ड है वहां से। एक

37:16और चीज जीएस2 में गलती बच्चों से यह होती

37:18है कि सिंस बहुत सारे बच्चे पीएसआईआर

37:21ऑप्शनल के साथ करते हैं तो बहुत सी बार यह

37:23होता है कि आप बहुत ज्यादा टेक्निकल हो

37:25जाते हो जीएस टू के आंसर में बट आपको ये

37:28याद रखना है कि थोड़े बहुत स्पेसिफिकेशन

37:31इज़ नेसेसरी वो आपको करना पड़ेगा बट

37:34टेक्निकिटी इज़ समथिंग दैट आपको इग्नोर

37:36करना पड़ेगा क्योंकि जब आप टेक्निकल हो

37:38जाते हो तो वो जनरल स्टडीज का जो एसेंस है

37:40वो खत्म हो जाता है। जीएसटी में मेरे लिए

37:43एक एडेड एडवांटेज था। सिंस मेरा

37:45बैकग्राउंड ही इकोनॉमिक्स है। उसके साथ

37:47में मेरा ऑप्शनल भी इकोनॉमिक्स है। तो

37:49इकोनॉमिक्स और एग्रीकल्चर की मेरे को एस

37:52सच अलग से तैयारी करने की कोशिश जरूरत

37:54नहीं पड़ी। उसको मैंने अपने जो पेपर टू के

37:57कोर्सेज हैं उसके थ्रू ही मैंने उनको

37:59अप्रोच करने की कोशिश करी। उसके बाद में

38:02जो बाकी के टॉपिक्स हैं इंटरनल सिक्योरिटी

38:04हो गया, डिजास्टर मैनेजमेंट हो गया, साइंस

38:07एंड टेक हो गया, एनवायरमेंट हो गया। इनमें

38:09अगर आप एनालाइज करोगे पीवाईक्यूस को और

38:12टॉपिक्स को तो आपको पता चलेगा कि सिर्फ

38:15लिमिटेड एरियाज और डोमेनस है जहां से

38:17यूपीएससी क्वेश्चंस पूछ रहा है। अगर आप

38:19देखोगे तो यूपीएससी साइंस एंड टेक में

38:22कभी-कभी रैंडम सवाल पूछ लेता है। वो तो

38:24हमारे हाथ में है ही नहीं। बट जो

38:25प्रेडिक्टेबल क्वेश्चंस हैं वो आपको या तो

38:27बायोटेक से मिलेंगे या नैनोटेक से मिलेंगे

38:30या तो एआई से पूछ लेगा वो। सो दिस आर सम

38:32लिमिटेड एरियाज जहां से आपको प्रिपेयर

38:34करना है। तो साइंस एंड टेक एनवायरमेंट दिस

38:37आर वेरी ब्रॉड फील्ड्स। तो यहां पे आपको

38:38लिमिट करना पड़ेगा अपने आपको अप टू

38:41पीवाईक्यूस। हो सकता है कि वह कुछ ऐसे

38:44रैंडम सा सवाल पूछ ले जैसे कि एक्सरे का

38:46सवाल 202 में पूछ लिया था या कुछ वैसा

38:49सवाल पूछ ले। बट उन सब चीजों से आपको बह

38:52नहीं जाना है। क्योंकि वही है कि आप आपके

38:55हाथ में यही है कि आप पीवाईक्यूस कर सकते

38:57हो। आप अपने टॉपिक्स कर सकते हो जिससे आप

38:59ये एनश्योर करोगे कि मेरी प्लानिंग फुल

39:01प्रूफ है। आप कुछ एक्स्ट्रा हुआ तो मैं

39:03वहां एग्जाम कंडीशन में ही सोच के उसको

39:04आंसर करने की कोशिश करूंगा। जीएसटी के लिए

39:07मेरे दो-तीन क्वेश्चन पॉइंट्स हैं। फर्स्ट

39:10इज़ कि जीएसटी इज़ अनलिमिटेड क्योंकि बहुत

39:13ही ज्यादा डायनेमिक है। हर चीज़ है। जैसे

39:15मैं साइंस एंड टेक बोलूंगा तो हर रोज नए

39:17इनोवेशन हो रहे हैं। या हर रोज कुछ ना कुछ

39:19साइंस एंड टेक के फील्ड में हो ही रहा है।

39:21तो आप हर चीज के पीछे भागते नहीं फिर सकते

39:23हो। तो उसके लिए आपको इंश्योर करना पड़ेगा

39:25कि आपके पास जो पीवाईक्यू का एनालिसिस

39:28करके जो कंसिस्टेंट थीम्स आ रही है जहां

39:30से यूपीएससी हर बार सवाल पूछता ही पूछता

39:32है। आप उनके लिए प्रिपयर्ड हो और बाकी जो

39:36अ करंट के लिए है तो आप कोई सी मैगजीन

39:38वगैरह फॉलो करके उन करंट की चीजों को कवर

39:40कर सकते हो। अ दिस इज़ वन थिंग मैं बोलना

39:42चाहूंगा। और सेकंड चीज इज़ कि जीएसटी में

39:46बहुत सी बार होता है कि हमारे पास कंटेंट

39:49की कमी होती है। बट जब आप टॉपर्स की कॉपीज़

39:52का एनालिसिस करोगे तो आपको टॉपर्स की

39:54कॉपीज़ में मिलेगा कि जीएसटी में पीपल आर

39:56राइटिंग मोर एंड मोर नंबर ऑफ़ पॉइंट्स। तो

39:58इंपॉर्टेंट है कि आप डिफरेंट-डिफरेंट

40:00डायमेंशंस में साइंस एंड टेक का क्वेश्चन

40:02भी है तो उसमें इकोनॉमिक डायमेंशन, सोशल

40:04डायमेंशन ऐसे करके नंबर ऑफ पॉइंट्स ज्यादा

40:07जनरेट करने की कोशिश करो। आप इसके लिए

40:09टॉपर्स काफी थोड़ी सी अगर रेफर करते हो तो

40:11आप देखोगे कि 10 मार्कर्स में टॉपर्स आर

40:14राइटिंग अराउंड 13 टू 14 पॉइंट्स इन अ 10

40:16मार्कर क्वेश्चन। तो इसलिए इंपॉर्टेंट हो

40:18जाता है कि आपको छोटे-छोटे पॉइंट्स विद

40:20एग्जांपल सब्सटेंशिएशन डाटा के साथ याद

40:23बनाने की प्रैक्टिस भी चाहिए और साथ में

40:25हर पॉइंट को जितना से ज्यादा से ज्यादा

40:27सब्सटैंशिएट कर सको विद डाटा फैक्ट्स जैसे

40:30मैं खुद एक एक इकोनॉमिस्ट हूं तो वी

40:32इकोनॉमिक्स इकोनॉमिस्ट आर फैसिनेटेड बाय

40:35फैक्ट्स एंड डाटा तो वो एक बहुत

40:36इंपॉर्टेंट चीज हो सकती है। जीएसटी में

40:39टॉपर्स की कॉपीज से रिलेटेड मैं दो कॉपीज़

40:42सजेस्ट करना चाहूंगा। एक तो माधव अग्रवाल

40:45सर जो है जिनकी एआईआर 16 आई थी लास्ट ईयर

40:48उनकी कॉपी आप देख सकते हो। उसके साथ में

40:50विक्रम सर है। विक्रम अग्रवाल सर एआईआर न

40:52जिसकी लास्ट ईयर आई थी उनकी कॉपी भी आप

40:55देख सकते हो क्योंकि उनकी कॉपी में जब आप

40:57एनालाइज़ करोगे मैंने जैसे एनालाइज़ करा तो

40:59मुझे ये दिखा कि उनकी मैंने जीएस2 की कॉपी

41:02देखी और उनकी जीएसटी की कॉपी देखी। जीएस

41:05टू की कॉपी में आप देखोगे कि उन्होंने हर

41:06पॉइंट को अच्छे से एक्सप्लेन करा है। लाइक

41:09कोई भी पॉइंट लिख रहे हैं उसको अच्छे से

41:10एक्सप्लेन कर रहे हैं। उसको सब्सटैंशिएट

41:12कर रहे हैं। तो आप जब जीएस टू की कॉपी

41:14देखोगे तो उसमें 10 नंबर में आपको आठ

41:16पॉइंट्स ही मिलेंगे उनकी कॉपीज़ में। आठ

41:18पॉइंट्स नौ पॉइंट्स उनको अच्छे से

41:20एक्सप्लेन करा हुआ है। थोड़े बड़े

41:21पैराग्राफ भी लिख रखे हैं। कुछ-कुछ चीजों

41:23में कंक्लूजन थोड़ा सा बड़ा लिख रखा है।

41:25बट उन्हीं की कॉपी जब आप जीएस थ्री की

41:27देखोगे। उसमें आप देखोगे कि वही 8 पॉइंट

41:3014 पॉइंट 13 पॉइंट हो गए हैं। नेक्स्ट में

41:32सीधे पॉइंट लिख रहे हैं। डाटा स्पेसिफाई

41:35कर रहे हैं। उसके बाद में इंट्रोडक्शन का

41:36साइज कम हो गया। कंक्लूजन का साइज कम

41:38होगा। दिस आर सम थिंग्स जो आपको एनालाइज

41:40खुद से करना पड़ेगा और खुद से जब आप करोगे

41:42तो आपको समझ में आएगा कि एग्जाम की डिमांड

41:44क्या है? जीएस टू में मुझे किस तरीके से

41:46अप्रोच करना है पेपर को। जीएस थ्री में

41:48मुझे किस तरीके से अप्रोच करना है पेपर

41:50को। जीएस फोर में अह जैसे कि एमैथी की मैं

41:54बात कर रहा था। एमैथी में ऐसा होता है कि

41:56मैंने एक टॉपिक सिलेक्ट कर लिया। जैसे कि

41:57मुझे एंपैथी पे अपने नोट्स बनाने हैं। तो

41:59मैं क्या करूंगा? वही चीज कि एआई के पास

42:02जाऊंगा। एंपैथी से रिलेटेड कोर्ट्स सर्च

42:04करूंगा। कुछ फिलॉसोफर्स वगैरह या कुछ

42:06इंपॉर्टेंट पर्सनालिटी ने एंपैथी के बारे

42:08में कुछ कहा होगा। जैसे कि विवेकानंद जी

42:12ने कहा है कि सर्विस ऑफ़ जीवा इज़ सर्विस ऑफ़

42:14शिवा। वैसी कुछ चीजें मैं कलेक्ट कर

42:16लूंगा। उसके साथ में एग्जांपल्स जो है

42:18रियल लाइफ के जैसे कि सुधामूर्ति मैम का

42:20कोविड-19 का एग्जांपल है या फिर एंपैथी से

42:24रिलेटेड मदर टेरेसा का जो एग्जांपल हम

42:26पढ़ते हैं या हम सुनते हैं वैसे कुछ

42:28स्पेसिफिक एग्जांपल्स वगैरह मैं उससे

42:30रिलेटेड कवर कर लूंगा। तो मेरा अप्रोच

42:32सिंपल सा था कि जो टॉपिक्स मेंशंड है

42:34सिलेबस में उनसे रिलेटेड मुझे अगेन

42:37एक्सटेंसिवली रिसर्च करना है। अब हर पेपर

42:40की एक इंपॉर्टेंट चीज होती है। जैसे कि

42:42मैंने बोला था कि पिटी में आपको आर्टिकल,

42:44कॉन्स्टिट्यूशनल स्टडीज इन पे फोकस करना

42:46पड़ेगा। कॉन्स्टिट्यूशनल स्कॉलर्स पे फोकस

42:48करना पड़ेगा। वैसे ही जब आप एथिक्स पे आते

42:50हो तो एथिक्स पेेंस आ जाता है एग्जांपल्स

42:53का। एथिक्स मेंेंस आता है कि कोर्ट्स आप

42:55कितने अच्छे कर सकते हो या फिर आप किसी

42:58चीज को इतने अच्छे से एक्सप्लेन कर सकते

43:00हो। कुछ थ्योरीज होती है एथिक्स में। उनका

43:03आप कितने अच्छे से कोट कर सकते हो। जैसे

43:05कांट की थ्योरी आप कितने अच्छे से एक

43:07क्वेश्चन के अंदर ही इंक्लूड कर सकते हो।

43:10आप कोई ऐसा पॉइंट लिख रहे हो। उसके साथ

43:11में आप बता सकते हो कि दिस इज़ रिलेटेड टू

43:13कांटियन प्रिंसिपल। या फिर आप उसी में बता

43:16सकते हो कि दिस इज़ रिलेटेड टू डऑंटोलॉजी।

43:18ये सब चीजें जो है वो बहुत ज्यादा

43:20इंपॉर्टेंट होती है। तो आपको इन सब चीजों

43:22को कलेक्ट करना पड़ेगा। तो मैं अगर एंपैथी

43:25पे कोई क्वेश्चन आया तो मुझे एंपैथी

43:27से रिलेटेड वही दो पेज के नोट्स बनाने हैं

43:30और उनसे रिलेटेड टॉपिक्स को इकट्ठा करना

43:33है। एथिक्स में टाइम मैनेजमेंट इज एन इशू

43:36और सभी को दिक्कत होती है। ऐसा नहीं है कि

43:39कोई टॉपर है या कुछ है तो उसका पहले पेपर

43:42कंप्लीट हो जाता है। हम भी मरमर के ही

43:44पेपर कंप्लीट करते हैं। तो पॉइंट यह है कि

43:46आपको प्रायोरिटाइज़ करना पड़ेगा। मेरा

43:48स्ट्रेटजी एकदम सिंपल सी थी कि मैं क्या

43:51करूंगा कि आधे घंटे पहले के जो आधे घंटे

43:53हैं उसमें जीएस के जो 10 मार्कर क्वेश्चंस

43:56हैं उनको फोकस करूंगा एथिक्स के। उसके बाद

43:59जितनी भी केस स्टडीज हैं वो सारी एक बार

44:01में मैं कंप्लीट करूंगा और फिर जो लास्ट

44:03का टाइम बचेगा 1 घंटे के आसपास का जो टाइम

44:06बचेगा उसमें मैं अगेन जाऊंगा वापस से जो

44:0810 मार्कर क्वेश्चंस बचे हुए हैं उन उनके

44:11पीछे। तो मेरी मेनली स्ट्रेटजी यही रहती

44:14थी कि केस स्टडीज में जब आप आंसर कर रहे

44:17हो तो जो क्वेश्चंस पूछे गए उनको आंसर

44:19करो। बहुत सी बार ये होता है कि हम टॉपर्स

44:23की या किसी की कॉपी देख के या कोई हमको

44:25बोल देता है कि एक्स्ट्रा चीज जो होती है

44:28जैसे कि स्टेक होल्डर्स हो गया या फिर

44:30दूसरी जो एडिशंस हम करते हैं। हम

44:33क्वेश्चंस को एड्रेस ना करते हुए उन

44:35एडिशंस पे फोकस कर देते हैं। बट

44:37इंपॉर्टेंट इज़ कि आप उस क्वेश्चन को

44:38एड्रेस करो। जब एथिकल वैल्यूज़ पूछी पूछी

44:41गई है तो आप एथिकल वैल्यूज़ ही बताओ।

44:43नॉर्मल चीजें मत बताओ। नॉर्मल वैल्यूज़ या

44:45कुछ मत बताओ। या फिर अगर एथिकल इशूज़ पूछे

44:48गए हैं तो आप अगर नॉर्मल इशूज़ बता रहे हो

44:50तो उसके नंबर नहीं मिलेंगे। आपको एथिकल

44:52इशूज़ ही बताना है। एंपैथी इज़ एन एथिकल

44:55इशू। वैसे ही अगर किसी को प्रॉब्लम हो रही

44:58है तो उसमें आप बता सकते हो कि एंपैथिक का

45:00इशू एंपैथी का इशू है। बट अगर आप सिर्फ

45:03नॉर्मल लिख के आ जा रहे हो कि ये ये इशूज़

45:05है कि कमिश्नर को यह नहीं करना चाहिए या

45:07डीएम को वो नहीं करना चाहिए। केस स्टडी

45:09में तो वो गलत अप्रोच हो जाएगी। जो

45:11क्वेश्चन पूछा है उसने उसी को आंसर करने

45:14की कोशिश करना केस स्टडी में। मेरा तो केस

45:16स्टडी में अप्रोच सिंपल सी होती थी। मैं

45:18एक छोटा सा तीन-चार लाइन का इंट्रोडक्शन

45:21लिखूंगा केस स्टडी में और फिर डिपेंड

45:23करेगा कि नंबर ऑफ क्वेश्चन आस्क्ड। अगर

45:25चार क्वेश्चन पूछे हैं उस केस स्टडी में।

45:27तो मैं सीधे आ जाऊंगा आंसर करने के लिए।

45:29और सिंस टाइम का अपने आप में ट्रंच रहता

45:31ही है। तो हर क्वेश्चन में मैं आधा पेज के

45:33आसपास तो छोड़ने की कोशिश करता ही था।

45:35जिससे ये हो जाए कि लास्ट में पूरे में

45:37मेरा टाइम अच्छे से मैनेज हो जाए। अगर

45:40मेरे में तीन क्वेश्चन या दो क्वेश्चन ही

45:42पूछे, कुछ-कुछ केस स्टडीज ऐसी भी आ जाती

45:44है जहां पे सिर्फ दो क्वेश्चन पूछे हैं।

45:45बट आपको पेजेस तो भरने हैं तो उसके लिए

45:47फिर आप ये सब चीजें एडिशंस का हेल्प

45:49करोगे। वहां पे आप डायग्राम बना सकते हो।

45:51वहां पे आप स्टेक होल्डर्स यूज़ कर सकते

45:53हो। बट जहां पे क्वेश्चंस अपने आप में

45:55बहुत ज्यादा जैसे इस साल की जो भी केस

45:57स्टडीज आई है या उसके पिछले साल की केस

45:59स्टडीज आई थी उनमें अपने आप में क्वेश्चंस

46:01चार आ रहे हैं। तो उसमें आपके पास स्पेस

46:04ही नहीं बचता है कि आप कुछ एक्स्ट्रा ऐड

46:06कर सको। तो वो जो क्वेश्चंस पूछता है

46:08उन्हीं को आप एड्रेस कर दो। उसी में आपको

46:10नंबर मिल जाएंगे। मेरा थोड़ा सा यूनिक

46:12ऑप्शनल है। इकोनॉमिक्स से इकोनॉमिक्स से

46:14रिलेटेड गाइडेंस भी बहुत कम अवेलेबल है और

46:17इकोनॉमिक्स से रिलेटेड मटेरियल भी बहुत कम

46:19अवेलेबल है। तो दैट वाज़ अ प्रॉब्लम जो

46:21मुझे भी बहुत ज्यादा हुई। मेरी एक कॉलेज

46:24की सीनियर है श्रेयाश नाम से। उनकी आईआर

46:2771 आई थी। उनके जो नोट्स वगैरह है उनको

46:30मैंने एक्सटेंसिवली फॉलो करा है। उसके बाद

46:32में मेनली तो ये होता है कि स्टैंडर्ड

46:35बुक्स होती है जैसे कि एच ए लहूजा हो गई

46:37है। उमा कपीला हो गई है। मैक की अगेन एचए

46:40लहूजा हो गई है। सेल्वेटोर हो गई है

46:42इंटरनेशनल

46:44इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स की या तो फिर पब्लिक

46:46इकोनॉमिक्स के लिए एचएल भाटिया हो गई है

46:48एक्सट्रा। तो आपकी जो सोर्स हैं वो यही

46:51रहेंगे। तो इसमें मेरा फोकस यही होता था

46:53कि इन बुक्स के मुझे शॉर्ट नोट्स बनाने

46:55हैं। क्योंकि अगर आप जैसे एच एल अहूजा

46:57देखोगे तो 110010 पेज की बुक है। आप उसको

47:00रिवाइज तो कर नहीं सकते हो। तो उसके शॉर्ट

47:02नोट्स इसके लिए मैं स्पेसिफिकली बोलूंगा

47:04कि श्रेयाश मैम ने उन्हीं के नोट्स बना

47:06रखे हैं। तो आप जब उनके नोट्स पढ़ोगे तो

47:09आपको पता चलेगा कि आपको नोट्स कैसे बनाने

47:11हैं। मैं आई एम नॉट सेइंग कि आप उनके

47:13नोट्स कॉपी कर लो। बट आपको स्ट्रक्चर और

47:15वे पता चलेगा कि ऐसे मुझे नोट्स बनाने

47:18हैं। और दिस वुड बी हेल्पफुल इन

47:19रिप्रोड्यूसिंग। तो एक और चीज जो मैंने

47:22ऑप्शनल में फॉलो करी थी जो बच्चे नहीं

47:24करते और जो मैंने यूनिक लगी थी मैंने

47:27ऑप्शनल में लिमिटेड टॉपिक्स होते हैं।

47:29जैसे मैकोनॉमिक्स है तो कैंशियन मॉडल है,

47:31क्लासिकल मॉडल है। यही कुछ टॉपिक्स हैं।

47:33न्यू कैं है, न्यू क्लासिकल है, न्यू कैं

47:35है, न्यू क्लासिकल है। तो मैंने क्या करा

47:37था? इनसे रिलेटेड इंट्रोडक्शंस और

47:39कंक्लूजन तैयार कर लिए थे। और उसके साथ

47:42में ही कुछ स्पेसिफिक पेपर्स तैयार कर लिए

47:45थे। जो इकोनॉमिक लिटरेचर के जो पेपर्स

47:47होते हैं। जैसे कि मुझे अगर कैंशियन

47:48इकोनॉमिक्स पे कोई ऐसा सवाल आया जो कि आना

47:51ही आना है माइक्रोइकोनॉमिक्स के पेपर में।

47:52सो आई वुड कोट द ओरिजिनल पेपर ऑफ़ केंस। अह

47:56केंस का 1936 का ओरिजिनल पेपर है पेपर है

47:59अराउंड मनी वाला। तो मैं स्पेसिफिकली

48:01इंट्रोडक्शन में ही उस पेपर को ही कोट कर

48:02दूंगा कि केस इन हज़ दिस पेपर सेड दिस

48:05अबाउट दिस। उसके बाद फिर ये होता है कि आप

48:07एजम्पशनंस वगैरह अच्छे से बता दो। उसके

48:09बाद में फिर वैल्यू एडिशन वाला जो पार्ट

48:11है वो मैं कंक्लूजन वगैरह में कर देता था

48:14कि माइक्रोइकोनॉमिक्स का अगर कोई क्वेश्चन

48:16है तो माइक्रोइकोनॉमिक्स का आपने क्वेश्चन

48:18आंसर करा कोई मान लो ओलगोपली पे क्वेश्चन

48:20है या डओपोली पे क्वेश्चन है। सो आई वुड

48:23एंड इट बाय सेइंग कि डओपोली का तो हमारे

48:26यहां पे रियल वर्ल्ड में कोका कोला पेप्सी

48:28कैन बी एन एग्जांपल जहां पे सेम प्रॉब्लम

48:30हो सकती है। उसको मैं रियल लाइफ से या फिर

48:33जो गुड एग्जांपल्स हमारे डे टू डे लाइफ

48:35में हम देख सकते हैं। उस ऑप्शनल के

48:38टेक्निकल पेपर को भी आप जितना ज्यादा

48:39रियलिस्टिक बना सकते हैं, दैट वाज़ वन

48:41अप्रोच आई ट्राइड टू इनकरपोरेट। तो मेरे

48:44जितने भी कंक्लूजंस वगैरह होते थे, उनमें

48:46मैं यही ट्राई करता था कि यार इसको जो

48:48पेपर टू है उससे कहीं ना कहीं रिलेट कर

48:50दूं या रियल लाइफ का कोई एग्जांपल है उससे

48:52रिलेट कर दूं। तो दिस इज़ वन थिंग। जैसे कि

48:55इस साल का मुझे एक क्वेश्चन अच्छे से याद

48:56है कि जेक कर पे क्वेश्चन आया था एक। तो

48:58मैंने क्या करा? अरविंद विरमनी सर का एक

49:01पेपर है जेक कर्व से रिलेटेड जिसमें वो

49:03इंडिया के कॉन्टेक्स्ट में 1991 के बाद

49:05में जेक कर्व का कांसेप्ट बताते हैं। तो

49:08मैंने क्या करा कि पेपर वन में क्वेश्चन

49:10था। पेपर वन में इट इज़ नॉट रिक्वायर्ड कि

49:11आप पेपर टू के ऑथर्स वगैरह को कोट करो।

49:15मैंने क्या करा? पेपर वन में पेपर टू के

49:17ऑथर को कोट कर दिया कि अरविंद बिरबोनी सर

49:20ने इंडियन कॉन्टेक्स्ट में जे कर्व को

49:22प्रूव करा था। वह बताता है वर्थ क्या है

49:24जे कर्व की इन स्टडिंग ऑफ़ इकोनॉमिक्स।

49:27वैसे करके आप कर सकते हो। तो वो

49:28इंटरलिंकेजेस इट इज़ वेरीेंट पार्ट ऑफ़ योर

49:31ऑप्शनल प्रिपरेशन। आंसर राइटिंग के लिए एक

49:34सिंपल सा फंडा है। आप जितनी जल्दी शुरू

49:36करोगे उतना बेटर वो है क्योंकि आंसर

49:39राइटिंग इज़ अ प्रोसेस। वो धीरे-धीरे बिल्ड

49:41अप होती है। मेरे आप पहले आंसर देखोगे तो

49:44मैंने चार-चार पैराग्राफ के आंसर लिखे हुए

49:46हैं। 10 मार्कर का क्वेश्चन है तो एक

49:48पैराग्राफ, दो पैराग्राफ, तीन पैराग्राफ,

49:50चार पैराग्राफ। इतने मोटे-मोटे और दो

49:51पॉइंट मिलेंगे आपको उन क्वेश्चंस में। एक

49:53इंट्रोडक्शन में चल गए कंक्लूजन में। एक

49:55पैराग्राफ में एक पॉइंट, दूसरे पैराग्राफ

49:57में दूसरा पॉइंट। तो वो धीरे-धीरे आप

49:59बिल्ड अप करते हो जब आप लिखते हो आंसर्स

50:02और जैसे कि अगर बहुत से बच्चे ऐसे भी हो

50:04सकते हैं जो किसी टेस्ट सीरीज से जुड़े

50:06हुए नहीं है या किसी गाइडेंस के अंदर नहीं

50:08है तो उनके लिए मैं स्पेसिफिकली एक चीज

50:10बता सकता हूं कि आपके पास टेस्ट सीरीज

50:13क्वेश्चंस अवेलेबल है। या तो आप किसी टॉपर

50:16की आंसर कॉपी को डाउनलोड करो। उसने जिस

50:18क्वेश्चन का आंसर दिया है, आप उसी

50:20क्वेश्चन का आंसर दो। अब फिर क्या होता

50:22है? आपको यहां पे कंपैरिजन करना है। इस

50:24टॉपर ने इस क्वेश्चन को ऐसे लिखा था और

50:26मैंने इस क्वेश्चन को ऐसे लिखा था। मैं इस

50:28चीज में यहां पे ये चीज इंप्रूव कर सकता

50:30हूं। जैसे मैं अभी जीएस टू और जीएस थ्री

50:32के बारे में बता रहा था। जब मैंने वहां पे

50:34देखा कि जीएस थ्री में जो भी टॉपर है वो

50:36ज्यादा नंबर ऑफ पॉइंट्स लिख रहे हैं। तो

50:37अब मेरे दिमाग में है कि अब जीएस थ्री का

50:39जब भी क्वेश्चन आएगा तो मुझे 13 से 14

50:41पॉइंट्स लिखना है। अब मैं क्या करूंगा?

50:43उसने जो क्वेश्चन लिखा है उसी क्वेश्चन को

50:45मैं बीबी लिखने की कोशिश करूंगा। जब मैंने

50:47लिखे अब उसने 13 पॉइंट लिखे होंगे। मैंने

50:49भी 13 पॉइंट लिखे। अब मैं कंपैरिजन करूंगा

50:51कि मैंने ये ये तीन पॉइंट लिखे थे। बट

50:53मैंने ये चीज मिस कर दी जो कि इसने लिखी

50:55थी। इसने यहां पे ये तीन-चार डाटा भी डाले

50:57थे। इसका इंट्रोडक्शन देखो यहां पे कितना

50:59अच्छा था। तो दिस इज़ समथिंग जो आपको

51:01रेगुलर बेसिस पे कंपेयर खुद को ही करना

51:03पड़ेगा और खुद से ही आप धीरे-धीरे

51:05इंप्रूवमेंट ही होगा। आप ये सोचोगे कि कल

51:07मैं टॉपर की कॉपी पढ़ लूंगा और कल मेरे

51:09बहुत अच्छे आंसर हो जाएंगे। तो वो नहीं

51:11होगा। वो प्रोसेस जो है वो ग्रेजुअल

51:13प्रोसेस है और धीरे-धीरे ही आपको फॉलो

51:15करना पड़ेगा। जैसे कि मैंने बताया था कि

51:17मैंने जीएस टू और जीएसटी की अपनी कॉपीज़ को

51:19एनालाइज अह टॉपर्स की कॉपीज़ को एनालाइज़

51:21करा। तब मेरे दिमाग में ये चीज़ इंप्रिंट

51:23हो गई थी कि यार जीएसटी में मैं देखूंगा

51:25तो टॉपर ने ऐसे 14 पॉइंट लिखे हैं। तो अब

51:28मैं क्या करूंगा? मैं भी उस चीज को

51:29रेप्लिकेट करने की कोशिश करूंगा कि मैं भी

51:31अब 14 पॉइंट लिखूंगा। उसके बाद फिर आएगा

51:33कंपैरेटिव एनालिसिस। कंपैरेटिव एनालिसिस

51:35कैसे करूंगा कि टॉपर ने चार डायमेंशन में

51:38पॉइंट बताया। और मैंने क्या करा है कि दो

51:40ही डायमेंशन के पॉइंट को इलेबोरेट करा है

51:42कि दो ही डायमेंशन के चार पॉइंट को बताया।

51:44अब मैं उसको एनालाइज करूंगा कि यहां यहां

51:46पे मैं दो डायमेंशन और ये ज्यादा दे सकता

51:48था। यहां पे मैं ये डाटा और दे सकता था।

51:50यहां पे इंट्रोडक्शन मेरा और ज्यादा बेटर

51:52हो सकता था। क्योंकि आंसर राइटिंग एक

51:54प्रोसेस है और वो धीरे-धीरे ही बिल्ड अप

51:56होगी। आप चाहोगे कि अगर मैं एक दिन में ही

51:59पूरी आंसर राइटिंग सीख जाऊं या मैं किसी

52:01टॉपर की कॉपी पढ़ के या किसी टॉपर के

52:03नोट्स देख के मैं आंसर राइटिंग आ जाए तो

52:05वो नहीं होगा। वो आपको धीरे-धीरे

52:06प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। डेली इंप्रूव करना

52:08पड़ेगा। वैसे ही आपकी इंप्रूव होगी। इस

52:11बार मैंने जैसे बताया था कि पिछले बार

52:13मेरा प्रीलिम्स नहीं हुआ था। अह प्रीलिम्स

52:15नहीं होने के बाद भी मेरी स्ट्रेटजी

52:17बिल्कुल क्लियर थी। मुझे पता था कि मुझे

52:19मेंस पे ही फोकस करना है क्योंकि नंबर और

52:22रैंक जो है वो मेंस ही आपको दिला सकता है।

52:24तो मैंने इस बार जो बेसिक्स होते हैं बहुत

52:27पिछले वाले अटेम्प्ट में मेरे साथ ये था

52:29कि बहुत सारे टॉपिक्स ऐसे थे जिनके नोट्स

52:31अवेलेबल नहीं थे मेरे पास। मैंने उनके

52:33नोट्स नहीं बनाए थे। आंसर राइटिंग

52:34प्रैक्टिस नहीं करी थी। तो इस बार मेरा

52:36कांसेप्ट बिल्कुल क्लियर था कि मुझे आंसर

52:38राइटिंग अच्छे से करना है। जितने भी

52:40टॉपिक्स हैं सब पे मुझे नोट्स चाहिए और

52:42एंड वाला जो फज़ है ये वाला जो नोट्स वाला

52:44काम जो आपको करना है वो जुलाई से दिसंबर

52:47के बीच में ही कंप्लीट करना पड़ेगा। तभी

52:49जाके आप जो 80 दिन की विंडो जो प्री के

52:52बाद मिल रही है आपको उसमें आप वो चीज

52:54रिवाइज़ कर पाओगे और वो चीज को रेप्लिकेट

52:56कर पाओगे। तो अगर आपको बार-बार रिवीज़ करना

52:58है क्योंकि 80 दिन में आप एक चीज़ कर सकते

53:01हो। या तो आप नोट्स बना सकते हो या उनको

53:03रिवाइज़ कर सकते हो। तो इट इज वेरीेंट कि

53:05आप दिसंबर के पहले मेंस की प्रिपरेशन भी

53:07खत्म कर दें अपनी। सबसे बड़ी लर्निंग तो

53:09यही है कि मेहनत का कोई अल्टरनेटिव नहीं

53:11होता है। आप जितनी ज्यादा से ज्यादा मेहनत

53:13करोगे उतना ज्यादा से ज्यादा आपको रिजल्ट

53:16मिलेगा। और दिस हैज़ बीन माय बिलीफ कि बाकी

53:20सब चीजें सेकेंडरी होती है। आपका लक, आपकी

53:23बिली, आपकी ब्लेसिंग्स, आपकी बिलीफ,

53:26एक्सट्रा जो भी है वो सब सेकेंडरी है। बट

53:28आपकी मेहनत जो एक चीज़ है जो आपके हाथ में

53:30भी और आप कर भी सकते हो। और आई एम अ जीता

53:32जागता एग्जांपल कि यार मेहनत करोगे ना तो

53:35होगा। तो इसीलिए फर्स्ट लर्निंग तो यही कि

53:37मेहनत जब करोगे तो मेहनत कभी भी वेस्ट

53:39नहीं जाती है। सेकंड लर्निंग यही है कि

53:42सिंस हम इंफॉर्मेशन पेंडेमिक में जी रहे

53:45हैं तो उसको सॉर्ट और फिल्टर करना अपने आप

53:48में बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। हमें

53:50कैरिड अवे नहीं होना है किसी भी चीज से।

53:52तो ये एक बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज है और

53:54थर्ड और सबसे इंपॉर्टेंट चीज है और इसी पे

53:56मैं एंड करना चाहूंगा कि मेंटल हेल्थ जो

53:59है वो अपने आप में बहुत इंपॉर्टेंट है।

54:02मेरा कितना भी हो बट मैं 15 मिनट 20 मिनट

54:04मेडिटेशन करने की कोशिश करता ही था। मैं

54:07भले ही किसी दिन नहाऊंगा नहीं बट मैं

54:09मेडिटेशन के 15-20 मिनट जो है वो तो

54:12बिल्कुल निकालता ही था क्योंकि वो एक टाइम

54:14होगा जहां पे आप सेल्फ एनालाइज करोगे जहां

54:16आपकी मेंटल स्टेबिलिटी आएगी और आप इमोशनली

54:18प्रिपयर्ड होगे कि मुझे जो अगले दिन की

54:21मेहनत करनी है वो प्रिपयर्डनेस वहीं से

54:23आएगी जहां पे आप अपने लिए भी 15 20 मिनट

54:2530 मिनट योगा करके एक्सरसाइज करके या

54:28मेडिटेशन करके निकालोगे यूपीएससी की एक

54:31टेंडेंसी है कि आप कितने भी बड़े 30 मार्क

54:34खानो वो आपको हंबल कर देगा अह तो कभी भी

54:37ओवर कॉन्फिडेंस में मत रहिएगा इस

54:39प्रिपरेशन की जर्नी में क्योंकि दिस इज़ एन

54:42एग्जाम जो आपको एंड तक टेस्ट करेगा और इस

54:45एग्जाम में सैक्रिफाइसेस चाहिए और

54:47सैक्रिफाइसेस मांगती है ये एग्जाम तो

54:49इसीलिए आप मेहनत भी करिए, सैक्रिफाइस भी

54:51करिए और किसी भी चीज को लाइटली मत लीजिए।

54:54और मेरे केस में मैं जो बोल रहा हूं वो

54:56अपने एक्सपीरियंस से ही बोल रहा हूं। मुझे

54:58एक बार सबक मिल गया है। सबक ऐसे मिला था

55:00कि मैं थोड़ा सा ओवर कॉन्फिडेंट हो गया था

55:02अपने प्रीलिम्स में सेकंड अटेम्प्ट में।

55:04सिंस मैंने ऑलरेडी प्रीलिम्स निकाला था

55:0635-40 नंबर के मार्जिन से। तो ये लग ही

55:08जाता है कि यार अगली बार प्रीलिम्स तो

55:10निकाल ही दूंगा मैं। इंटरव्यू भी इंटरव्यू

55:12तक पहुंच गया था। तो प्रीलिम्स वाज़ अ कप

55:14ऑफ टी। ऐसा मुझे लगता था उस समय ही। तो

55:17उसी के लिए यूपीएससी हैड हंबल्ड मी और उस

55:20अटेम्प्ट में मेरा प्रीलिम्स भी नहीं हुआ।

55:22तो दिस इज़ अ वेरी बिग लर्निंग जो मुझे इस

55:24प्रोसेस से पता चली। मेरी इस जर्नी का

55:26स्ट्रांगेस्ट पॉइंट मैं यही बोलूंगा कि

55:28अपना ऑप्शनल रहा है। मैम पहले अटेम्प्ट

55:30में मेरे ऑप्शनल में बहुत कम नंबर आए थे।

55:32तो इस साल मैंने स्पेसिफिकली फोकस करा है

55:34कि मैं अपने ऑप्शनल में नंबर बढ़ा सकूं।

55:36मैम टर्निंग पॉइंट मेरी जर्नी में यही रहा

55:38कि जहां पे मेरा प्रीलिम्स भी नहीं हुआ उस

55:40समय दो चीज हो सकती थी कि या तो मैं होप

55:42हार जाता और उस प्रिपरेशन को ही छोड़ देता

55:45और दूसरी ये चीज थी कि मैंने सोचा कि अब

55:48तो मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। तो

55:50अब मैं जो भी करूंगा वो मैं पाऊंगा ही

55:52पाऊंगा। तो इसीलिए मैंने अपनी मेहनत भी और

55:54ज्यादा बढ़ा दी उस फेलियर के बाद। मैम

55:56मेरा टाइम टेबल सिंपल सा था कि मुझे सिर्फ

55:58पढ़ाई करनी थी। अ तो फेजेस होते हैं

56:02यूपीएससी के प्रिपरेशन में। जब इनिशियल

56:04फेज में आप हो तो आप बाकी चीजें भी कर

56:06सकते हो। बट जैसे अब का जो समय है आप जैसे

56:08एस्पिरेंट जिस फेज में जा रहे हैं मार्च

56:10का जो टाइम है, अप्रैल का जो टाइम है यहां

56:12पे आप बाकी चीजों के लिए समय निकाल ही

56:14नहीं सकते हो। जो आपका मेडिटेशन का आधा

56:17घंटा हो सकता है। खाने का आपका एक-ए घंटा

56:19हो सकता है। उसके साथ में आप जो सो रहे हो

56:22लाइफस्टाइल की जो टाइम है उसका छह-सात

56:24घंटे आप निकाल सकते हो। उसके अलावा आपको

56:26सिर्फ पढ़ना पढ़ना पढ़ना है। मैं रात में

56:29जागता था तो मेरा यही होता था कि सुबह 7

56:318:00 बजे मैं नाश्ता करने के बाद सोता था

56:33और फिर दिन में 2:00 बजे उठ रहा हूं। किसी

56:36दिन 12:00 बजे उठ रहा हूं। ऐसे चल रहा है।

56:38उसके बाद में फिर वापस दिन भर पढ़ना ही

56:40पढ़ना है आपको। हार नहीं मानूंगा। राय

56:42नहीं ठानूंगा। काल के कपाल पर लिखता

56:44मिटाता हूं। गीत नया गाता हूं। गीत नया

56:47गाता हूं। ये जो लाइन रही है ये काफी

56:49इंस्पायरिंग रही है और हमेशा जबजब ऐसा

56:52लगता था कि आप डाउनफॉल में जा रहे हो या

56:53जब लग रहा है कि बिल्कुल सब कुछ खत्म सा

56:57हो गया है तो दिस वाज़ अ लाइन दैट केप्ट

56:59मोटिवेटिंग मी। लास्ट मैसेज यही रहेगा कि

57:01मेहनत करते रहो। मेहनत का कोई अल्टरनेटिव

57:03नहीं है। और आप जितनी मेहनत करोगे आई एम अ

57:06जीता जागता एग्जांपल। आप जितनी मेहनत

57:08करोगे उतना आपको रिजल्ट मिलेगा। और मेनली

57:12तो मैं यही बोलूंगा अपनी सक्सेस का बाकी

57:14लोगों का सबका सपोर्टिंग रोल रहा है और

57:16सबने हेल्प करी है। सबकी ब्लेसिंग्स रही

57:18है। सबका आशीर्वाद रहा है। बट एक मेहनत एक

57:21चीज थी जिस पे मेरा कंट्रोल था और मैंने

57:24उस चीज को करने की पूरी कोशिश करी है।

57:26थैंक यू सो मच फॉर वाच वाचिंग दिस ऑन

57:28डीकेटी। डीकेटी में भी YouTube पे आपके

57:31जैसे स्क्रॉल करते-करते ही इस पे जुड़ा

57:34हूं। और इस पे एक इंपॉर्टेंट चीज ये रहती

57:36है कि बाकी सब चीजें फिल्टर्ड आउट हो जाती

57:38है। आप किसी से एसोसिएशन में नहीं रहते हो

57:41या कुछ नहीं रहते हो। तो जो रियल चीजें

57:43होती है आपके जो रियल सोर्सेस होते हैं जो

57:45आपकी रियल थिंकिंग होती है आप जो चीजें

57:49किसी एस्पिरेंट ने करी है एक्चुअल में वो

57:51बता पाते हो। थैंक यू सो मच।

57:56[संगीत]

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