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Evolution vs. Islam | Mooroo Ke Khyalaat

Taimoor Salahuddin aka Mooroo · 2,625 words · 12 min read

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0:00कि असलम अली को मृतका के सफर का सिर्फ

0:02साइंस भी नहीं सुलझा पीछे करते हैं मगर

0:04मजबूत सफर को एक खालिक की जूस क्रासिंग पर

0:08के पास आईज इसको किसी के डर से लगाओ नहीं

0:10वह इस प्रकार की दरगाह की एक अवधि के जरिए

0:13इंसान की धागों ज्ञान तक दोनों के साथ ही

0:16नजर अलग है और शायद इसीलिए तारीख में

0:18मजहबी से कर और संचित करके ढूंढ इस तरफ व

0:22अगर आप विश्वकर्मा धनसाक है तो आपके जहन

0:25में भी सवाल उठता और यह थे रिवॉल्यूशन और

0:28दिन में पेश किया गया था का नजरिया यह मार

0:31खड़े हैं क्या यह बता दें कि यह थिअरी आफ

0:34इवोल्यूशन बस एक है इसमें कुछ सच्चाई भी

0:37है और खुदा ना खास्ता अगर हम भी बंदरो से

0:40आए तो क्या आदम अलैहिस्सलाम का जमीन के

0:42पेट से पैदा हो जाना भी मुमकिन है आज के

0:45हालात में हमें इसी तरह के सवाल आपके जवाब

0:47तलाश रहे होंगे तो आइए घोष के बढ़ते हैं

0:50इस टकराव के सेंसिटिव मौजूद थे

0:57कर दो

1:03हुआ है

1:09से पहले यह मैं समझ लेना चाहिए कि इस

1:14सीरियल उसका साइंस में क्या मांगू लाभ

1:17कमाएंगे इस्तमाल करने वाले से समझा जाता

1:19है यानि कि अगर आप किसी दूसरे से जाकर

1:20उर्दू के लाभ कमाने पूछेंगे आप कुछ नहीं

1:22समझ पाए और साइंस में इसको रिलीफ बच्चन

1:26कहा जाता है कि साइंस दोनों के लिए

1:29थ्रिलर्स का वह माननीय रोजमर्रा की बात

1:34साबित की तस्वीर है जिसकी का इंतिहान लेकर

1:39तो जब एक और महायुद्ध के दुनियां पर

1:41बार-बार उसकी प्रति एक सॉफ्ट स्टिल अनदर

1:45थ्री टू स्ट्रांग यह गलत फैमिली है तो

1:48गलतफ़हमी है जिससे हम थ्री को क़यामत

1:51समझकर व्रत करते थे स्नो को सौंपा तथा ए

1:55वर्ड विच टॉक्स अबाउट फैक्ट ऑफ़ नेशन

1:58सेलिब्रेट्स थे कुछ ऐसे बोलने से तुम्हारी

2:01साइज की समझ की कमी नहीं होती है मुझे कि

2:03बार-बार साबित होने पर इसको ही करार दिया

2:06जाता है अब मिसाल के तौर पर मेरा एक

2:08प्रयास है कि आस-पास है

2:09क्वालिटी पंख है 5 से 6 के पंखे को बिजली

2:12देने से हवा आती है और इसको मैं टेस्ट

2:15करता हूं मैं

2:18है तो जबसे देखी तेरी की गति को तीव्र अब

2:21हम इसको सच मानते हैं उनका तेरी अदाओं से

2:23साइंस का यह तरीका है आपके पास करते हैं

2:26और टेस्ट किया जाता है मानसिक ब्राह्मण

2:28होने पर को फ्री करार दिया जाता है इन ठेर

2:30इसके सारे पेशंट कोई भी की जाती है जो

2:32तेरी को और प्रोत्साहित करती है अब मिसाल

2:35के तौर पर मेरी पंखे तेरी बेस्ट एक

2:37परीक्षण है इस पंखे को कोई भी अगर बिजली

2:40देखना तो यह हवा देगा चाहिए करो

2:47कि भाड़

2:49मैंने कहा था ना ₹3 साइज तरह की गत माह थी

2:53कि क़वानीन की टेक्निक का एल्बम स्टडी

2:56मटीरियल वर्ड इन थिस साइंस के पास वह

2:59गैरमामूली सराय आ जाते हैं कि वह मानसी की

3:01तारीख को पढ़ने के भी काबिल हो जाती है

3:03यही प्रोसेस जिसके जरिए टेक्नोलॉजी युद्ध

3:07में आई जिसके जरिए आप मुझे देख रहे हैं और

3:09मैं आपके पैगाम पहुंचाना पर तेल से तो

3:12सीरियल रिलेटिव 62 फ्री है जिसकी

3:15कैलकुलेशन के जरिए आपका जीपीएस चलता है यह

3:17सेल 353 है जयपुर आया कि आपका अधिक खड़ा

3:21है साइंस में तेरी इलाज में वजन होता है

3:23तो क्या है यह थिअरी आफ इवोल्यूशन यह

3:27नजरिया यह टकराव का कारण सिद्ध मेरा

3:30तुम्हारे उर्दू ऐसे हैं जैसे किसी ने शराब

3:34में पानी मिला दिया हो कोशिश भरपूर थी मगर

3:38तुम्हारे ऑफ मैं अभी तक औसत नहीं है मसलन

3:41है अब आगे बढ़ो अपने पितरजनों स्पीशीज में

3:44चार्ल्स डार्विन ने 1968 में मृतका के कुछ

3:47उसूल में ऑन कीजिए

3:48यह कहते-कहते का अपराधियों में नजदीक

3:51उस्ताद की तस्वीरों को कहते हैं यानी के

3:54वक्त के साथ-साथ नस्लें अपने मोबाइल के

3:57साथ चेंज करती रहती है नस्ल-दर-नस्ल मृतका

3:59बद्रीश कर दी लिए मुझे यह बहुत तक ऐसे

4:03बेसिकली अ ज्यादा मखलूक अपनी कॉपी बनाती

4:06बच्चे पैदा करते हैं अपना जीवनसाथी मादा

4:09अपना डीएनए कोड अगली नस्ल प्रमोटेड करती

4:11है यह मौन व्रत तोड़ होता है आपका और

4:14एक्टिंग आधा काट यूनिकॉर्न पर रखा है

4:16इसलिए आप देखने में फर्क लगते हैं पर

4:19विश्वास नहीं

4:21कि आपके बच्चों का डीएनए कोड आपकी फोटो

4:23कॉपी होती है थोड़ी सदस्यों के साथ यह तक

4:27ढूंढने म्यूटेशन की वजह से आती है जिससे

4:29आपके इस पूरा व्यक्ति हर चीज में तब्दीली

4:33आ सकती है जो तब्दीली माहौल में जीने में

4:36मदद करती है जिंदा रहने में मदद करती है

4:38और जाती है दूसरी रफ्ता रफ्ता खड़े हो

4:41जाती है रफ्ता रफ्ता वो मेरी हस्ती का

4:47सामान हो गए नेचुरल सिलेक्शन कहते हैं और

4:51इसकी में इसको पंचांग या टिशु सेलेक्ट

4:54करते हैं मिसाल के तौर पर पालतू जानवरों

4:56को देख रहे हैं न जाने कब से बिल्लियों का

4:58आर्टिफिशली रीड करके छोटा-मोटा नंगा अपने

5:00हिसाब से बनाते आ रहे हैं पौधों में भी

5:02यही करते आ रहे हैं गाजर को लंबा कर लिया

5:04के लिए को मिटा कर लिया और आम के मामले

5:07में तो अंदर डोलम ने याद किया भाई क्या

5:09बात है आप

5:11हुआ था खाऊंगा आज ऑनलाइन की स्थिति से तेज

5:15सारे साइज जो अपने मुर्शिदाबाद में तड़पते

5:19हैं मतलब कि चीज़े हो रही थी लेकिन उनकी

5:22तेरी सिम समझते कि यह कैसे हो रही थी और

5:24यह क्यों और थी साइंस ने मुतालिक किया और

5:27हिस्सा फाल इंसान की भी काफी तारीफ की यह

5:30कहानी पर इंस्टोल जिसने प्रोसेस में देखिए

5:33चीनी कॉलेजेस एंड एथेनिक और में पाई यह

5:36कहानी मैं आपको अपने ईमान की अदालत के

5:38बगैर पहले क्लियर जरूर ड्रॉप साइंस बनाता

5:41हूं फिर इसके बाद इसके ऊपर इलास्टिसिटी

5:43ट्वीट बात करते हैं प्रेशर कितना 60 लाख

5:47साल पहले बंदरों से टूटकर पहले इंसान जीनस

5:50आफ होम मजबूत में क्यों

5:53में वृद्धि नुस्खा होता है और जिससे कौन

5:57है नाम है टाइटल है इसके नीचे एक

5:59इंस्पिरेशनल स्पीशीज इकट्ठी की जा सकती

6:02हैं मिसाल के तौर पर घोड़ा होता और तीव्र

6:04एक ही चीज एसेक्स के बुकहर्स्ट पीछे और

6:07पीछे दोनों हाथों से कोई दूसरे के साथ

6:09बच्चे पैदा कर सके फटल बचें क्वेश्चन वाला

6:13पसीने से जुड़े होते कोई दूसरे में खुद तो

6:16यह जिनसे चाहिए थी मगर इनको अगर आप आमादा

6:19है तो यह कर लेते हैं इसको मेघना कहती

6:23मुझे पैदा होता है वह कुछ खास नहीं कर

6:25पाता पाती पाता फ्रेंड्स के वक्त एक बोल्ड

6:28ऑफ और पैनल देखें हैं मतलब रखते होंगे मगर

6:32एक हिस स्पीशीज है एक ही चिंता थी कि आपके

6:35मतलब इनके बच्चे भी होते हैं उनके बच्चों

6:38के बच्चे भी होते हैं खैर हम जीनियस कोमो

6:40के स्पेसिफिक इसके बारे में बात करेंगे

6:43फिर वह आपसे ही वॉल्यूम नहीं आ

6:48का अर्थ जब हम उसे फ़्रिज में आए कुछ ढोलक

6:51साल पहले तब कम से कम छह और हो मौजूद थे

6:53कर्सर हमारे जैसे गुणों है ना पैनल का बस

6:57ऐसे ही जाएंगे और सहित मिर्च और हमारे

6:59मुकाबले के थे मगर यह हार्मोंस

7:03कि वो थोड़ा सीरियस हो जाओ गौतम और यह अ

7:11कि बाकि सारे हार्मोस होमो

7:18अच्छा ठीक है बाकी सारे कामों स्कूटर चार

7:22साल पहले खाए होंगे वह मैंने पता किया तो

7:25हम कुछ हद तक हिसाब बिजनेस कोट जितना शेयर

7:27करते हैं जितना इस नाट्य के डीएनए टेस्ट

7:30मैच में कुछ हद तक नियंत्रण कॉल पाया तो

7:33स्पीशीज कैन इंटरप्रेट साइंस के मुताबिक

7:35ही एक चार्ट बनता है तो इंसान की है तथा

7:37जिस में एक्टर्स तो दूसरा साथ जिंदा रहा

7:40एक ट्रक और उसमें सेट किया जो उनके नाम ना

7:42तड़पाओ डायरेक्टर्स सबसे पहली बार वाला था

7:46वह शटअप अभी 2010 में साइबेरिया के घर में

7:50हमें एक और कसम की उंगली मिली कि कोई

7:53अजनबी होम ओं थे जिनका निगार के बीच नाम

7:56रख दिया होम मेड इन इट्स शोभा न जाने

7:59कितनी और फसल जिस तरह मेरे रिश्तेदारों कि

8:01हमारे उन तक पहुंचने के इंतजार में बैठे

8:03हैं कुछ इनमें से लंबे थे कुछ थे कुछ

8:07हफ्तों किस्म की शिकारी थे कुछ ताकि किसान

8:10थे कुछ जीरो पर रहेगा कुछ बड़े नामों में

8:13गोमेज मगर सब जीनस आफ हार्मोस एंड सिलेक्ट

8:16थे जिसको साइंस

8:18कि ह्यूमन करा देती है इंसान कहती है कि

8:22साइंस की पुष्टि हुई इंसान की तस्वीर अब

8:26तक मौजूद है जिसको बयान करने से पहले मैं

8:29बताता हूं कि धार्मिक संस्थान नाम है को

8:32मजहबी स्कॉलर मैं 41 फिल्म की हैसियत से

8:35बातें कर रहा हूं और इसीलिए सारी सोर्स इस

8:37वीडियो के डिस्क्रिप्शन में दे दिए

8:38इस्लामी नजरिए के लिए मेरे वॉइस वॉल्यूम

8:40को सुना जैसे कि डॉक्टर साहब उनके सिगरेट

8:43मोहम्मद अली मिर्जा साहब जावेद अहमद मोदी

8:46साहब शैख यह सिरका दी साहब शब्बीर अली

8:48जस्ट मेंशन ए फ़्यू सब की राय मुझे कब

8:51लेकर महसूस हुई जहां बात समझ आई तस्लीम कर

8:55ली अचानक उस तथा महसूस हुआ खुद कराने में

8:57भी तो बता करके अपनी राय इस लिहाज करते

9:00हैं मेरा पर्सनल ऑपिनियन है यह मेरी

9:02इंफिरादी रहा है और भी वॉइस कर रही है अगर

9:06कहीं गलती हो गई तो कमेंट मिश्रा कर

9:08दीजिएगा अगर आपके पास तुरंत लगी तो सभी

9:10तस्लीम खान अब रोड कांटेक्ट यह समझ आ रहा

9:13है कि जब हम जमीन से पैदा होने वाली चीजें

9:15खाते हैं तो हमारे अंदर की फैक्ट्री उसको

9:18शुक्रवार प्रोसेस में से जिस तरह पूर्ण

9:21उपभोक्ता जो हमारी नजमा करता है उसी तरह

9:24एक पानी का खतरा को और एक अंडा भी बनता है

9:28वह हम और के मिलाप से इंसान के बनने का

9:32प्रोसेस शुरू हो जाता है मतलब कि जो आज हम

9:34और लेवल पहले जिम में बढ़ते हैं वह

9:36क़ुरआने मजीद में 14 साल पहले बयान कर

9:39दिया गया है फिर 9 से 10 महीने में मां के

9:42पेट में मूर्ति फिलहाल से गुजर के आपके

9:45सामने एक इंसान जाता है माइक्रोवेव भूषण

9:48बयान कर दी गई है इंसान की पैदाइश की सूरत

9:51सज्जा में कहा गया है कि अल्लाह मियां है

9:53समुद्र के किनारे दलदली ज़मीन में वही

9:55प्रोसेस शुरू कर दिया जो मां के पेट में

9:57होता है यानि कि तकलीफ ही प्रॉसेस और इस

10:01प्रोसेस के नतीजे वह जमीन सूखे और फिर एक

10:05अंडे की सूरत प्यार करती

10:07मैं अपना जब अंडे के अंदर तक लिखी प्रॉसेस

10:09मुकम्मल हुआ तुझे सब मुर्गी के अंडे में

10:11से बच्चा निकलते हैं इस अंडे में से एक

10:13मानी इंसान निकल आया कि इंसान के अंदर भी

10:16इंसानी शख्सियत नहीं थी और इसको सिलाई दी

10:19गई कि अपने नस्ल खुद पैदा कर सके वाह यानि

10:22कि जिनेटिक कंपैटिबिलिटी बिटवीन स्पीशीज

10:24भी अलार्म यह नहीं दी फिर इनकी ब्रीडिंग

10:27जैसा कि हम करते हैं और जानवरों की और

10:30पौधों की अप्रेल वक्त है जब लोग बिल्कुल

10:33इंसानी मुद्रित हो गई तो अल्लाह मियां ने

10:36इनको इंसानी शक्सियत दी और दो कांत खराब

10:39किया दैनिक आदम और हव्वा तो मैक्रो भूषण

10:42के मामले में भी यह स्पष्ट मंजर थे रिवर

10:44पोलूशन के साथ एक साथ खड़ा है यानी के

10:46ख्वानी इंसान था जिसकी नस्ल-दर-नस्ल मृतका

10:49होने के बाद उसमें रूपों के उसको इंसान

10:52बना दिया क्यों शायद मसला सिर्फ नेमिंग का

10:55है जिस चीज को मजबूती से कर में हम है वह

10:57इंसान कहते हैं उसको साइंस में बंदर क्या

11:00करेगा हमारे जज्बात हट की जा रहे हैं

11:03हम तुम एक कमरे में साइंस विषय फिर यानी

11:06कि अभी फटा रहा है कि Star Plus कहती है

11:08कि जमीन फिर नहीं हरकत में है और यह साबित

11:12करता थे और यह कि सूरज जमीन के गिर नहीं

11:14होता जमीन सूरज के गिर्द घूमती है मगर इस

11:18सच को बयान करने पर चर्च ने गैर मामूली

11:20बदलाव मारा साइंटिस्ट महान पहले रोकने

11:2415वीं सदी में यह वर्ड शुरू हुआ और अभी तक

11:27चैप्टर साइंस के दिन यह पता चलता है मजे

11:30की बात यह है कि अभी तक डेट भी जा रही है

11:33कि क्या इन जिसमें बाकी का गया है कि जमीन

11:36के गिफ्ट सूरज डूबता है और प्राथमिकता हां

11:38आपको अधिकतर ना यहां तक कि हमारे भी कुछ

11:41उलेमा भी तक कहते आ रहे हैं कि नींद

11:44साइकिल किताब लिखी सिर्फ सलमान ही नहीं

11:47कहा किताब का नाम अल्फाज़ ओल्ड मूवी इन

11:50105 दलीलें दी हैं उसमें कि जमीन हरकत

11:54नहीं करती हैं

11:56कि कितनी और मौलवी मिठाई के साथ किताब का

11:59हवाला देते और फिर कहते हैं आज तक शहद

12:01परेशान है कि जो पहली सर्विस की ड्यूटी है

12:09कि के जवाब दिए मे ज़रूर कम से कम 40 में

12:13आप मुझे माफ है जो मारी हुई होंगी को

12:15पकड़कर उसको दुरुस्त कर रहे हैं शुक्रिया

12:17बात यह कि शाम हर ज़माने का दिन है और

12:20हमें अपनी सोच को ज़माने के साथ लाइन करना

12:22है इसके अलावा सामने आसन आपने कि फिजी

12:25कंस्ट्रक्शन फिजिक्स नोट्स में जल्दी

12:27ज़माने के साथ यह प्रदीप शर्मा ने के ATM

12:29से प्रसाद हो तो फिर बस सॉफ्टवेयर अपडेट

12:32करने की जरूरत होती है यानि कि नए दौर के

12:34सच के साथ अपनी स्पिरिचुअलिटी स्ट्रेस को

12:37अ लाइन करना इस पर जावे में गांधी सा बड़ा

12:39जबरदस्त काम पर है और की मजबूत पकड़ को

12:42मजबूत करने का तरीका है तू भी इन्फॉर्म

12:45रिकंस्ट्रक्टिव रिलिजियस थॉट निकले

12:48कंस्ट्रक्शन के बाद जब भी हो सकती है

12:50प्राणी को शिमला में मुझे भी है कि अगर

12:53तस्वीर के मुताबिक इंसान की तकलीफ के वक्त

12:56उसको दुरुस्त कर दिया था अगस्त को फैक्स

12:58कर दिया था

12:59है तो फिर इस जब मैंने नफरत क्यों है इस

13:02फंक्शन का मकसद हमारे जिसमें या स्टील फोन

13:05का प्रसिद्ध तो हमारी आई

13:07कि मैं सोचता हूं और जवाब ढूंढता हूं कि

13:10मैं क्या जानता हूं और उसको किस तरह जानता

13:12हूं मुझसे कितना पढ़ते हैं उतना आपको इस

13:15खास होता है कि आप कुछ नहीं जानती और

13:17जितना साइंस करते हैं उतनी ही और आपको

13:19खुदा की निशानियां नजर आने लगती है यह तो

13:21हमारी बदकिस्मती है कि साइंस मुसलमान पीछे

13:24रहे और मैं अब तक हम यह भी साबित करके

13:26होते कि एब्ल्यूशन के हक के पीछे भी खुदा

13:29कई हाथ है यह कम से कम यह मेरा हेल्प से

13:32है और इसको मुझे आगे भी सच साबित करते

13:35जाना मगर मैं स्कूलों में साइंस के नाम पर

13:37पढ़ाया जाता था कि हम बिना किसी हालत पैदा

13:39हुए इनके एक सिंगल फोल्ड करके देख लिया कि

13:42झूठ है और हम सब उसके इतने की अदरक की बस

13:45एक ही शांत हर यह बेतरतीब प्रोसेस जिसके

13:48पीछे कोई जन्नत नहीं को इंटेलिजेंस नहीं

13:50हम डिजाइन नहीं है और ना हमारा कोई

13:52डिजाइनर अगर आप साइंस इस काल को खुद

13:55रिचार्ज कर रही है हमारे डीएनए की मिसाल

13:58दे तो यह जंजीरनुमा केमिकल जिसके अंदर

14:00हमारी सारी-की-सारी प्रोग्राम इंस्टोल है

14:02बिल गेट्स का कहना है कि डीएनए कोड एक

14:05कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह है बस इंसां

14:07क्वेश्चन रिलेटेड कोर्स से अनगिनत तरह

14:10ज्यादा कंपलेक्स ढक है और उसका हम इफेक्ट

14:14है और आशीर्वाद की वजह जानना यह तो वहीं

14:16साइंटिफिक काम है तो सवाल यह पैदा होता है

14:19कि जिन्हें थी मालूमात आई कहां से मुस्लिम

14:22इन्फॉर्मेशन है और इंफार्मेशन के पीछे

14:24हमेशा कोई न कोई ज्वाइन होता है बल्कि

14:28कंप्यूटर प्रोग्राम किसी ने लिखा होता है

14:29लाइब्रेरी में जाकर किसने किताब रखी होती

14:32है चाहे वह हीरोग्लिफिक्स क्वेश्चंस हूं

14:35या वरीय सिग्नल हो उसके पीछे हमेशा कोई ना

14:38कोई ज्वाइन होता है यह रिकॉर्ड जो हमारे

14:40अंतर डिजिटल स्टोर इन्फॉर्मेशन है अब तक

14:43राजा करती है उसके पीछे भी कोई सहता होगा

14:46यह जहर होता है

14:49[संगीत]

14:55यह देखिए हम जानते हैं कि एप्लीकेशन है

14:57जिसकी वजह से चीजों का जिंदा होना मुमकिन

15:00थी है मतलब कि इसी से और ग्लेंस अट कर

15:03पाते अपने मौज के साथ और बेशुमार मुक्त व

15:06धूप में आती हैं हैरतअंगेज मखलूकात

15:08खूबसूरत मखलूकात ऑफ पतलू का पीए अरब के

15:14भूषण ने हम सबको फर्क बनाया यह सिखाती है

15:17कि हम सब सेम है जादू इज अरे इस मैदान में

15:20किसी बुलंदी की तलाश में रवा और साइंस

15:24श्याम अब दोनों में उसी हक की तलाश होती

15:26है जिसने हमें बनाया और यही तलाश हमें उस

15:30आपके थोड़ा और करीबी लिए आती

15:33है तो इसी बात पर निकलता हूं खुदा हाफिज

15:37वक्त

15:38[संगीत]

15:47कर दो

15:47[संगीत]

15:59हुआ था

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