Free YouTube Transcribe

Video transcript

Modi कैबिनेट में बड़े बदलाव की तैयारी?, Nitin Gadkari Out, 17 चेहरे को मिली जगह ?

Tilak Chawla Official · 1,545 words · 8 min read

Want to search this transcript, jump the video from any line, or download it as TXT, SRT, or VTT?

Open in the transcript tool

Full transcript

0:00मोदी और गडकरी की क्या वाकई में बन नहीं

0:03रही है और क्या गडकरी का ट्रांसफर होने जा

0:05रहा है और यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि

0:08मोदी जी का खुद का चैनल खबरिया चैनल देखिए

0:11आपके सामने बता रहा है कि गडकरी का

0:13ट्रांसफर होने जा रहा है और अश्विनी

0:15वैष्णव का प्रमोशन 17 नए चेहरों का भी

0:18यहां पर जिक्र किया जा रहा है तो क्या कुछ

0:20बड़ा होने वाला है अगर हां तो फिर कब 17

0:24वो नए चेहरे कौन से हैं जिसकी चर्चा यहां

0:27पर खुद आज तक की हेडलाइंस बता रही

0:30इस वक्त मोदी कैबिनेट में 17 नए चेहरों की

0:33चर्चा के इत मंत्री ऐसे हैं जिनके पास एक

0:37से ज्यादा मंत्रालय हैं। गौर करिएगा

0:40कैबिनेट में 81 मंत्री हो सकते हैं। मगर

0:43मौजूदा वक्त में मोदी कैबिनेट में करीब

0:45करीब 70 मंत्री हैं। 12 मंत्री पद खाली

0:48पड़े हैं। अश्विनी वैष्णव का जिक्र किया

0:51जा रहा है। जिनके पास मौजूदा वक्त में तीन

0:53मंत्रालय हैं। तीन बड़े-बड़े मंत्रालय वो

0:56खुद संभाल रहे हैं। अश्विनी वैष्णव रेलवे

0:58सूचना आईटी मंत्रालय इस इस वक्त उनके पास

1:01है। कुछ मंत्रालय

1:03यहां उनसे लिए जा सकते हैं। लेकिन टॉप

1:05फाइव मंत्रियों में अश्विनी वैष्णव को

1:08शामिल किया जा सकता है। इतना ही नहीं कई

1:11ऐसे मंत्री हैं जिनके पास भारीभरकम

1:13मंत्रालय है। जैसे कि प्रह्लाद जोशी,

1:16शिक्षा मंत्रालय और सीधे-सीधे मंत्रालय वो

1:19जजी से जुड़ा है। वो ज़ैंजी जिसको लेकर इस

1:22वक्त सरकार बेचैन है। अब बड़ा सवाल यह है

1:25कि गडकरी को लेकर जो सवाल खड़ा हो रहा है

1:28क्योंकि मसला यहां पर नीट परीक्षा का नहीं

1:30है। यहां ई20 का भी मुद्दा है जिसको लेकर

1:33बहुत बखेड़ा हुआ। जबकि गडकरी के पास

1:36पेट्रोलियम मंत्रालय है ही नहीं। मगर जिस

1:38तरह से पार्टी के भीतर गडकरी को निशाने पर

1:41लिया गया माना जा रहा है उससे गडकरी आहत

1:45है। इसीलिए संघ भी चाहता है कि हाल फिलहाल

1:48की परिस्थितियों को देख उनका मंत्रालय बदल

1:50दिया जाए। मगर बाद में बवाल शांत होगा या

1:54नहीं इसको लेकर भी सवाल है। वहीं खबर एक

1:57और आ रही है कि राज्यसभा जाने वाले मंत्री

2:00जिन्हें जिम्मेदारी मंत्रिमंडल में मिल

2:03सकती है राज्यसभा। अब जन्माष्टमी या

2:05जन्माष्टमी के आसपास मंत्रिमंडल के

2:07विस्तार की खबरें उड़ रही हैं। लेकिन उसी

2:09भीतर एक पत्र भी वायरल होता है। एक पूर्व

2:12सांसद का पत्र जो सीधे तौर पर मोदी को

2:15लिखा गया कि संभाल लीजिए परिस्थितियां हाथ

2:18से निकल रही है। अब इस पत्र में क्या है?

2:20किसने लिखा? क्यों लिखा? जिसे आप अपनी

2:22स्क्रीन पर देख रहे हैं। उस पत्र को मैं

2:24आपको पढ़ के बताऊंगा। लेकिन खबरें यह है

2:26कि बीजेपी संगठन में बदलाव के बाद अब मोदी

2:29कैबिनेट में बड़े स्तर पर विस्तार की

2:32तैयारी हो रही है। उसी भीतर यह पत्र अपने

2:35आप में सवाल खड़े कर रहा है। मंत्रिमंडल

2:37विस्तार में वो कौन से नए चेहरे आएंगे?

2:39कौन जाएंगे? यह मुद्दा सियासी गलियारों

2:42में चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन सबसे

2:45ज्यादा चर्चा उन दो चेहरों की हो रही है

2:47जिसमें गडकरी के प्रमोशन नहीं डिमोशन की

2:50खबरें हैं। अश्विनी वैष्णव को प्रमोशन मिल

2:52सकता है। तो क्या नितिन गडकरी को हटाकर

2:54संघ से चुनौती लेने के लिए मोदी शाह की

2:57जोड़ी तैयार है? यह एक बड़ा सवाल है। या

3:00फिर देवेंद्र फडनवीस को किसी भी हाल में

3:03शामिल किया जाएगा। उस जगह पर जहां पर अब

3:06तक कोई सीएम नहीं है। लेकिन यहां पर बात

3:10नई टीम की है। 2027 के चुनाव में यहां पर

3:14यूपी में जाना है और यूपी से जो खबरें आ

3:16रही हैं वो बताती हैं कि इस वक्त स्वर्ण

3:19समाज के वोटर नाराज हैं। तो क्या

3:21मंत्रिमंडल के बदलाव में उसका भी संकेत और

3:24संदेश छिपा होगा? बीजेपी चुनाव जीतना चाह

3:27रही है। लेकिन ग्राउंड से रिपोर्ट आ रही

3:30है कि यहां सर्वे बता रहे हैं, तस्दीक कर

3:33रहे हैं कि भाई चुनाव में दिक्कतें बढ़

3:35चुकी है। इसलिए मंत्रिमंडल में बदलाव के

3:38जरिए माहौल को बनाने की कोशिश की जाएगी।

3:41जातीय समीकरण के लिहाज से नितिन नवीन की

3:44नई टीम के संदर्भ में भी यहां पर कुछ

3:47बातें कही जा रही हैं। कैबिनेट विस्तार

3:49में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कई

3:52सारे नए चेहरों को देखने को मिल सकते हैं।

3:54बीजेपी के सहयोगी दल यहां पर कैबिनेट में

3:57शामिल हो सकते हैं। लेकिन क्या टीएमसी के

3:59वो चेहरे भी शामिल होंगे जो बागी होकर

4:02मोदी के साथ खड़े हुए उसी परिसीमत बिल को

4:05लेकर जो सदन के भीतर अब तक पास नहीं करवा

4:08पाए। मोदी कैबिनेट में टॉप फाइव मंत्रालय

4:10में किसी एक मिनिस्टर के अंदर भी बदलाव

4:13देखने को मिल सकता है। तो क्या वो चेहरा

4:16निर्मला सीतारमण का होगा या राजनाथ सिंह

4:18का जिन्हें राष्ट्रपति बनाए जाने की खबरें

4:21उड़ रही हैं। लेकिन खबरों के भीतर असल खबर

4:24क्या है? धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

4:26हुआ। प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का

4:28अतिरिक्त प्रभार मिल गया और इससे बड़ी

4:31मिनिस्ट्री और क्या हो सकती है? आपको अब

4:34कहां बदलाव देखने को मिल सकता है? इसके

4:37साथ-साथ कई मंत्री ऐसे हैं जिनके पास तीन

4:39से चार मंत्रालयों का जिम्मा है। इसीलिए

4:42उनसे कुछ मंत्रालय विभाग लेकर दूसरे

4:45मंत्रियों को बांटे जा सकते हैं। मगर यहां

4:48बात खत्म नहीं शुरू होती है। क्योंकि एक

4:51पूर्व सांसद की चिट्ठी बताती है कि इस

4:53वक्त हड़कंप जमीन पर मचा हुआ है। खुद मोदी

4:57जी के अपने वोटर इस वक्त सरकार की छाती पर

5:00चढ़ गए हैं। मसला स्वर्ण वोटरों का है।

5:03देखिए यह चिट्ठी। यह चिट्ठी आपके सामने है

5:06और इसी चिट्ठी में लबो लबाब लिखा है

5:09सत्यदेव परचोरी का जो कभी खुद मोदी जी के

5:13सांसद हुआ करते थे। अब पूर्व सांसद है

5:15लेकिन बीजेपी के सबसे अनुभवी चेहरों में

5:18कभी पंत इनका भी नाम सामने आता था और

5:21पचोरी जो बात सत्यदेव पचोरी जो लिख रहे

5:24हैं वो चिट्ठी को ध्यान से देखिए क्योंकि

5:26इस चिट्ठी में बहुत बड़ी बात लिखी है। वो

5:28लिख रहे हैं कि यूजीसी के नए प्रावधान

5:30वापस लिए जाने के संदर्भ में एक-एक लाइन

5:33को जरा ध्यान से पढ़िएगा आपको समझ में आ

5:35जाएगा कि बीजेपी में कैसे भूचाल आ रखा है।

5:37वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखते

5:40हैं कि यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर

5:42स्वर्ण समाज में भारी आक्रोश है। चिट्ठी

5:44में लिखा गया कि मैंने विगत दिनों

5:46राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का

5:48व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान समाज के

5:51विभिन्न तबकों से मेरे व्यक्तिगत

5:53सार्वजनिक रूप से संवाद हुआ। मैंने महसूस

5:56किया स्वर्ण समाज खासतौर पर युवा और

5:58विद्यार्थियों में यूजीसी के नए प्रावधान

6:01पर बेहद गुस्सा है। वो इसे भविष्य के

6:04बर्बाद करने के कारण मानते हैं। यानी वह

6:07बता रहे हैं कि भाई देख लीजिए मैंने

6:09तीन-तीन राज्यों का दौरा किया है और वहां

6:11पर युवा नाराज हैं यूजीसी को लेकर। आगे

6:14देखिए उन्होंने क्या लिखा। राजस्थान में

6:16करणी सेना ने आंदोलन का ऐलान किया है। कई

6:19जिलों में कानपुर सहित इस मुद्दे को लेकर

6:21स्वर्ण समाज इससे जुड़े संगठनों को

6:24आक्रोशित रैली निकालकर विरोध जता रहा है।

6:26यह भाजपा एनडीए सरकार के लिए विपरीत

6:28प्रभाव पैदा कर रहा है। भविष्य में पार्टी

6:31को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। यानी कि

6:33सीधे तौर पर पूर्व सांसद कह रहे हैं कि

6:36नुकसान होगा और इस नुकसान से बचने के लिए

6:39आपको यूजीसी को लेकर कदम पीछे खींचने

6:41पड़ेंगे। यानी कि पार्टी के भीतर इस कदर

6:44भूचाल आ रखा है और याद करिए चंद घंटे पहले

6:47एक खबर तैर रही थी कि स्वर्ण आयोग बनाने

6:49की तैयारी की जा रही है और बकायदा कैबिनेट

6:53मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं बीजेपी

6:55के सांसद और बकायदा न्यूज़ चैनलों पर ये

6:58खबरें चली अब यह चली या चलवाई गई यह आप

7:01खुद तय करिए तो क्या कैबिनेट में बदलाव

7:04करके सारी परिस्थितियों को सारे हालात को

7:07टटोल लिया जाएगा सारे हथियार इस्तेमाल कर

7:10लिए जाएंगे कि भाई हां ठीक है। सब कुछ ऑल

7:13इज वेल हो चुका है। मंत्री बदल लिए गए

7:16लेकिन या जमीन पर जैसे कि राम मंदिर का

7:18मुद्दा आप किसे भी जिम्मेदारी दे दीजिए।

7:22लेकिन चोरी तो हुई। क्या आप उसे भुला

7:25देंगे जिसमें चंपत राय नपेंद्र मिश्रा का

7:27नाम लेते हैं। इसीलिए यह मुद्दा आकर वहीं

7:30खड़ा हो जाता है कि गडकरी को बदला जाएगा

7:33या नहीं बदला जाएगा। राजनाथ सिंह बदले

7:35जाएंगे या नहीं बदले जाएंगे। एप्सिन

7:37मंत्री जिन्हें कहा गया हरदीप पुरी जिनके

7:40पास पेट्रोलियम मंत्रालय है वो बदले

7:42जाएंगे या नहीं बदले जाएंगे निर्मला

7:44सीतारमण को हटाया जाएगा या नहीं हटाया

7:46जाएगा क्योंकि जीडीपी के जादुई आंकड़े खुद

7:49सवाल खड़े कर रहे हैं और उसी भीतर पीयूष

7:52गोयल की भी चर्चा है कि कोषाध्यक्ष बना

7:54दिया गया तो फिर सवाल यह है कि कैसा

7:57मंत्रिमंडल होगा जिसमें शाह क्या वाकई में

8:00डिप्टी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर होंगे

8:02और वह भी उस हालात में जब उनको लेकर कई

8:05सवाल खड़े हुए और बैलेट कन के मसले पर

8:07राहुल गांधी किसी भी हाल में अमित शाह के

8:10इस्तीफे से कम मानने को तैयार नहीं है।

8:12सवाल बहुत हैं लेकिन इन्हीं सवालों के

8:14भीतर कैबिनेट के विस्तार में छिपे उन

8:18चेहरों के किस्से हैं जो इस वक्त बादलों

8:21में दिखाई देते हैं और मोदी के सिवा शाह

8:24के सिवा कोई नहीं जानता कि किसका नंबर आने

8:27वाला है और किसका विकेट गिरने वाला है।

8:29खैर इस पूरे मसले को लेकर अपनी राय कमेंट

8:31बॉक्स में जरूर दीजिएगा। मुझे तिलक चावला

8:33को दीजिए इजाजत। बेल आइकॉन दबा लीजिए। मंच

8:35आप ही का है जहां कलम गुलाम नहीं। नमस्कार

8:38जय हिंद जय भारत।

This transcript was generated from the captions YouTube publishes for this video. Get the transcript of any YouTube video atfreeyoutubetranscribe.com: free, unlimited, no sign-up.