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0:00जिनका विश्व में डंका बजता था उनकी
0:02अजीब-अजीब तस्वीरें उसी विश्व से कैसे आ
0:05रही हैं? जिनका डंका गोदी मीडिया पे तो
0:07सुनाई देता है लेकिन सोशल मीडिया पर उसी
0:10डंके में सैकड़ों छेद क्यों हो जाते हैं?
0:13पहले तस्वीर आई थी कि एसइओ समिट में
0:16प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आखिरी से
0:19तीसरे नंबर पर खड़ा कर दिया गया था और लोग
0:22कंपेयर कर रहे थे। साल 2009 की मनमोहन
0:25सिंह की तस्वीर से जहां पर मनमोहन सिंह
0:27केंद्र में खड़े हैं और उनके आसपास तमाम
0:30वर्ल्ड के लीडर खड़े हुए हैं। उसके बाद
0:32तस्वीर आई जब व्लादमीर पुतिन से बात कर
0:35रहे हैं। सामान्य हिंदी में बात कर रहे
0:37हैं तब भी पर्ची में से देख के बात करनी
0:40पड़ रही है। और अब एक तस्वीर आई है। जहां
0:43पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोटो
0:46खिंचवाने के बाद तुरंत जाने का इशारा कर
0:49दिया गया और व्लादमीर पुतिन को खुद लिफ्ट
0:52तक छोड़ने आए किरगिस्तान के राष्ट्रपति।
0:56यह तस्वीर आखिर क्यों आ रही हैं और मीडिया
1:00के डंके से अलग तस्वीरें सोशल मीडिया पे
1:03कैसे तैर जा रही हैं? थोड़ा एक-एक करके
1:05विस्तार से आपको दिखाने की कोशिश करता
1:07हूं। फिलहाल के लिए एसइओ समिट चल रहा है।
1:10शघाई सहयोग सम्मेलन चल रहा है। उसके 25वें
1:16वर्षगांठ पर यह समिट बुलाया गया है।
1:18दुनिया की आधी से ज्यादा पॉपुलेशन के
1:21रिप्रेजेंटेटिव इस समिट में पहुंचे हैं।
1:24किरगिस्तान पहुंचे हैं। किरगिस्तान में एक
1:27जॉइंट स्टेटमेंट भी दिया गया जिसमें
1:30आतंकवाद की भसना की गई। जिसमें ईरान पर
1:33हमले की भसना की गई। सीधे तौर पर अमेरिका
1:36को निशाना बनाया गया। जहां पर वो देश
1:39शामिल थे जो कि ज्यादातर ज्यादातर अमेरिका
1:43के खिलाफ वाले देश थे। पाकिस्तान को
1:45छोड़कर पाकिस्तान किस थाली का बैंगन है ये
1:48बात तो खुद पाकिस्तान की जनता को नहीं पता
1:50तो फिर हम क्या जानेंगे? चलिए थोड़ा और
1:53डिटेल में चलते हैं। इस समिट से पहले
1:55थोड़ी औपचारिकताएं होती है। अलग-अलग देश
1:57के राष्ट्रीय अध्यक्ष आपस में बैठकर बात
1:59करते हैं। अपनी-अपनी बातें समझाते हैं,
2:02बुझाते हैं। फिर एक बड़ी मीटिंग होती है।
2:04बड़ी मीटिंग में सभी अपने-अपने विचार रखते
2:07हैं। उन छोटी-छोटी मीटिंग्स में कुछ
2:10तस्वीरें ऐसी आई जो भारत को अनकंफर्टेबल
2:13कर रही थी। सबसे पहली तस्वीर जो इस वक्त
2:15आपकी स्क्रीन पर दिखाई दे रही है।
2:17प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के
2:19राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के साथ बैठे
2:21हैं और पर्ची में से देख कर के पढ़ रहे
2:23हैं। ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री जी
2:26अंग्रेजी में बात कर रहे हैं। अगर
2:28अंग्रेजी में बात कर रहे होते तो हम मान
2:29लेते। चलिए कोई बात नहीं। भारत की पहली
2:32भाषा अंग्रेजी नहीं है। हिंदी है या
2:34प्रधानमंत्री जी की पहली भाषा तो गुजराती
2:36है। तो समझ में आता है। कोई बात नहीं।
2:38अंग्रेजी पढ़कर बोल सकते हैं। लेकिन हिंदी
2:41हिंदी में भी प्रधानमंत्री जी को पर्ची
2:44में से पढ़ के बोलना पड़ रहा है। और ऐसा
2:46भी नहीं है कि कोई जटिल डाटा समझाने की
2:49कोशिश कर रहे हैं। कुछ नंबर्स की बात है
2:51जिनको सटीक होना बेहद ज्यादा जरूरी है। ये
2:53बात भी नहीं है। वॉर की बात थी, पीस की
2:56बात थी। प्रधानमंत्री जी यह बात रोजाना के
2:59तौर पर अपनी भाषा में बोल सकते थे। लेकिन
3:01तब भी पर्ची की जरूरत पड़ रही है। कुछ लोग
3:04कहने लगे कि क्या प्रधानमंत्री जी की
3:06तबीयत खराब है कि वे अटक जाते हैं बोलते
3:09हुए तो वो अब वे पर्ची में से पढ़कर के
3:11बोलना ज्यादा प्रेफर करते हैं या फिर उनकी
3:14याददाश्त पर उम्र का कोई असर हो रहा है।
3:16खैर उनकी उनके स्वास्थ्य के लिए हम अच्छी
3:18कामना करते हैं। होपफुली ये बात झूठ निकले
3:21या फिर ये बात कभी हो ही ना कि हमारे
3:24प्रधानमंत्री जी की तबीयत खराब हो और उसी
3:28शाम के दिन एक और तस्वीर आती है जिसमें
3:31तमाम एसइओ समिट में भाग लेने वाले नेता एक
3:34ग्रुप फोटो खिंचवा रहे होते हैं। एक
3:35औपचारिकता होती है कि किसी भी समिट में
3:38जाने वाले सभी नेता एक साथ खड़े होकर के
3:41एक हार्मोनी का मैसेज देते हैं और सभी
3:43फोटो खिंचवाते हैं। उसमें प्रधानमंत्री जी
3:46की प्लेसमेंट पे लोग सवाल उठा रहे हैं कि
3:49प्रधानमंत्री जी जिस जगह खड़े हैं उस जगह
3:51उनको नहीं होना चाहिए था। उन्हें कुछ
3:53केंद्र की तरफ होना चाहिए था। जहां पर शी
3:55जिंगपिंग खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
3:57व्लादमीर पुतिन खड़े हुए दिखाई दे रहे
3:58हैं। उन्हें उनके करीब खड़ा होना चाहिए
4:01था। जैसे कि पुराने एसइओ समिट्स में
4:04प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह खड़े हुआ करते
4:07थे। ये साल 2009 की तस्वीर है। जब
4:10जोहानिसबर्ग में एसइओ समिट बुलाया गया था
4:12और उसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह लगभग
4:15केंद्र में खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। ये
4:19दो तस्वीरों का कंपैरिजन लगातार चल रहा है
4:22कि जिनका डंका बजता था वो तो कोने में
4:25खड़े हैं। और जिनका डंका नहीं बजता था जो
4:28मौन मोहन थे, म्यूट मोहन थे।
4:31कांग्रेस के बिठाए हुए प्रधानमंत्री थे और
4:34तमाम तरीके की भद्दी बातें कही जाती थी।
4:36वो केंद्र में खड़े हुए हैं अंतरराष्ट्रीय
4:38स्तर पर। यह कंपैरिजन भी किया जा रहा है
4:41और आखिरी में आखिरी में जब प्रधानमंत्री
4:46नरेंद्र मोदी और रशिया के राष्ट्रपति
4:48व्लादमीर पुतिन वर्ल्ड नोमैड डे के ओपनिंग
4:52सेरेमनी में पहुंचते हैं तो वह दोनों एक
4:54साथ पहुंच रहे होते हैं। तो प्रधानमंत्री
4:56जी को आगे जाने दिया जाता है नरेंद्र मोदी
4:58जी को। वहां पर वे किरगिस्तान के
5:01प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी के साथ फोटो
5:03खिंचवाते हैं और किरगिस्तान के
5:05प्रधानमंत्री फोटो खींचते ही तुरंत मोदी
5:09जी को आगे का रास्ता दिखा देते हैं कि आप
5:11वहां जाइए और पीछे प्रधानमंत्री जी लिफ्ट
5:14में अकेले एंटर करते हुए दिखाई देते हैं।
5:16फिर व्लादमीर पुतिन आते हैं। व्लादमीर
5:19पुतिन बकायदा एक फूलों का गुलदस्ता
5:23किरगिस्तान के राष्ट्रपति की पत्नी के लिए
5:25लेकर के आते हैं जो कि एक जेंटलमैन की
5:27निशानी है। महिलाओं को थोड़ा सिविलरसली
5:29अप्रोच किया जाना चाहिए। उनकी पत्नी
5:32गुलदस्ता एक्सेप्ट करती हैं। अपने
5:34असिस्टेंट को दे देती हैं। फिर फोटो
5:36खिंचवाई जाती है। फोटो खिंचवाने के बाद
5:38किरगिस्तान के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन
5:41को लिफ्ट तक छोड़ने जाते हैं जो कि
5:44उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
5:46साथ नहीं किया। चार कदम लगते। चार कदम
5:49लगते कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
5:52साथ भी लिफ्ट तक जा सकते थे उनके सम्मान
5:55के लिए। लेकिन उन्होंने ऐसा करना चूज़ नहीं
5:58किया। जबकि रशिया के राष्ट्रपति व्लादमीर
6:01पुतिन के लिए वो चूज़ करते हैं कि वे
6:04उन्हें एस्कॉट करते हैं उस लिफ्ट तक और
6:08एएनआई यहीं पर वीडियो काट देता है और
6:10एएनआई भी चालाक आदमी। एएनआई ने ये पूरा
6:13क्लिप चलाया। यहीं पर वीडियो खत्म हो सकती
6:16थी जहां पर प्रधानमंत्री के साथ फोटो
6:18खिंचवाई गई। पूरा वीडियो चलाया गया जहां
6:20पर व्लादमीर पुतिन के साथ भी फोटो खिंचवाई
6:23गई। तो फिर हम जैसे लोगों के मन में एक
6:26सवाल आता है। वही सवाल जो सोशल मीडिया पर
6:29लोग पूछ रहे हैं। जीके गौरव ने यह वीडियो
6:31साझा किया है और क्या लिखा है? बिस्केटक
6:34में बड़ी तस्वीर सामने आई है।
6:36प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के
6:38राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन छठे
6:40[नाक से की जाने वाली आवाज़] वर्ल्ड नोमैड
6:41गेम
6:43के उद्घाटन समारोह के लिए बिश्केत एरीना
6:47एक साथ पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने एसइओ
6:50समिट के दौरान द्विपक्षीय बातचीत की थी।
6:53उसके बाद एक ही गाड़ी में सवार होकर के वे
6:59उद्घाटन समारोह में पहुंचे। यह गेम 31
7:02अगस्त से लेकर 7 सितंबर तक चलने हैं। असल
7:06बात यह है कि मोदी और पुतिन का इस तरह साथ
7:09नजर आना भारत और रूस की संबंधों की
7:13गर्मजशी को साफ दिखाता है। लेकिन गर्मजशी
7:16जो है वो किरगिस्तान के राष्ट्रपति नहीं
7:18दिखा पाए। यहां पर सवाल सारे पैदा होने
7:21लगते हैं। खैर जो तस्वीर हमारे यहां बनाई
7:24जाती है, जो तस्वीर हमारे यहां हमारा
7:26मीडिया बनाता है कि देखिए प्रधानमंत्री
7:28नरेंद्र मोदी का ओरा इतना प्रोमैक्स है कि
7:32पूरी दुनिया उनके आसपास खड़ी रहती है और
7:35उनसे पूछती है, सलाह लेती है। ऐसा कुछ
7:38होता तो नजर नहीं आ रहा है। खैर, हमारे
7:41यहां के विषय पहले सुलझा लीजिए।
7:42अंतरराष्ट्रीय विषयों के पास समय है, वे
7:45इंतजार कर सकते हैं। इस पूरी खबर के बारे
7:47में आपके क्या विचार है? कमेंट सेक्शन में
7:48बताइएगा जरूर। इस तरीके की और भी खबरों को
7:50देखते रहने के लिए बोलता हिंदुस्तान को
7:52सब्सक्राइब ज़रूर कीजिएगा।